Category: राज्य

  • योगी सरकार में ग्रामीण सड़कों की मरम्मत को रफ्तार, 1 से 10 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान

    योगी सरकार में ग्रामीण सड़कों की मरम्मत को रफ्तार, 1 से 10 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान

    लखनऊ

     ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत को लेकर योगी सरकार ने विशेष अभियान की तैयारी की है। एक अक्टूबर से 10 नवंबर 2026 तक सड़क मरम्मत का अभियान चलाया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों को सड़क की स्थिति से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने के लिए जल सारथी ऐप पर विशेष सुविधा दी गई है। अब ग्रामीण मौके की फोटो और वीडियो अपलोड कर सड़क से संबंधित शिकायत सीधे दर्ज करा सकेंगे। इससे सड़क बहाली के कार्यों की निगरानी और शिकायतों के निस्तारण में डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल होगा।

    जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सोमवार को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न पेयजल योजनाओं की मंडलवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों को अभियान के दौरान प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित मानकों के अनुरूप दुरुस्त कराया जाए। अभियान के दौरान कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

    जल सारथी ऐप पर फोटो-वीडियो से शिकायत

    बताया गया कि सड़क मरम्मत अभियान के तहत जल सारथी ऐप पर ग्रामीणों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। सड़क की स्थिति खराब होने पर नागरिक मौके की फोटो और वीडियो अपलोड कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित अधिकारी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

    10 नवंबर के बाद शिकायत पर तय होगी जवाबदेही

    जलशक्ति मंत्री ने स्पष्ट किया कि 10 नवंबर के बाद सड़क मरम्मत से जुड़ी शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के साथ जिम्मेदार अभियंता की जवाबदेही भी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि पेयजल योजनाओं के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

    लंबित पेयजल कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश

    समीक्षा बैठक में उन गांवों में लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए, जहां अभी पेयजल सुविधा नहीं पहुंची है। योजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों को भी सख्त चेतावनी दी गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

  • अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज, प्रमुख सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश

    अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज, प्रमुख सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश

    लखनऊ

    प्रदेश में लगातार हुई अतिवृष्टि के बाद जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने और आगामी त्योहारों के मद्देनजर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए योगी सरकार ने राहत एवं निगरानी कार्य तेज कर दिए हैं। नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता से जल निकासी कराने और पानी निकलने के बाद तत्काल सफाई व सैनिटाइजेशन कराने को कहा गया है, ताकि संचारी रोगों की आशंका को रोका जा सके। साथ ही प्रमुख सड़कों एवं मार्गों को गड्ढामुक्त करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

    बैठक में मंत्री एके शर्मा ने विभिन्न नगरीय क्षेत्रों में जलभराव, जल निकासी, साफ-सफाई और रोगों से बचाव के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी त्योहारों को देखते हुए नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता और जनसुविधाओं को और बेहतर किया जाए। प्रमुख सड़कों और मार्गों को गड्ढामुक्त करने के साथ धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रमुख मार्गों पर आवश्यकतानुसार सुशोभन, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं को भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

    ऊर्जा विभाग की समीक्षा में मंत्री शर्मा ने शासन और सभी डिस्कॉम के उच्च अधिकारियों के साथ मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता स्तर तक के अधिकारियों से वर्चुअल बैठक कर अतिवृष्टि एवं प्राकृतिक आपदा से प्रभावित विद्युत अवसंरचना की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति जल्द सामान्य करने के लिए अतिरिक्त मशीनरी, उपकरण और मैनपावर लगाने के निर्देश दिए।

    मंत्री ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुचारु है, लेकिन जहां जलभराव या अन्य कारणों से आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां बहाली में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। फील्ड स्तर पर लगातार निगरानी रखते हुए स्थानीय परिस्थितियों का आकलन किया जाए। क्षतिग्रस्त लाइनों, ट्रांसफार्मरों और अन्य विद्युत अवसंरचना की मरम्मत का कार्य तेजी से पूरा किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

  • योगी सरकार में नौनिहालों की सीखने की दुनिया होगी और रोचक, 1,235 पीएम श्री विद्यालयों में मिलेंगे ब्लूटूथ स्पीकर, ₹61.75 स्वीकृत

    योगी सरकार में नौनिहालों की सीखने की दुनिया होगी और रोचक, 1,235 पीएम श्री विद्यालयों में मिलेंगे ब्लूटूथ स्पीकर, ₹61.75 स्वीकृत

    लखनऊ

    योगी सरकार प्रदेश के नौनिहालों की प्रारंभिक शिक्षा को अधिक रोचक, सहज और गतिविधि आधारित बनाने की दिशा में एक और पहल करने जा रही है। 1,235 पीएम श्री विद्यालयों में स्थित को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों/ बालवाटिकाओं के लिए ब्लूटूथ स्पीकर उपलब्ध कराने हेतु ₹61.75 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। 

    प्रत्येक विद्यालय को अधिकतम ₹5,000 की सीमा में ब्लूटूथ स्पीकर उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उपयोग विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के साथ कहानी, कविता, गीत, पहेली आदि गतिविधियों में किया जाएगा, ताकि बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति, सुनने और सीखने की प्रवृत्ति को गतिविधियों के माध्यम से विकसित किया जा सके। इसकी गुणवत्ता और उपयोगिता की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गये हैं।

    खेल, कहानी और गीत से मजबूत होगी सीखने की बुनियाद

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा को विशेष महत्व दिया गया है। इसी दृष्टि से 3-6 वर्ष के बच्चों में मौखिक भाषा विकास, पर्यावरण से जुड़ाव, संवेदनात्मक एवं सामाजिक विकास के लिए कहानी, कविता, गीत और पहेली जैसी गतिविधियों को उपयोगी माध्यम के रूप में अपनाया जा रहा है। पीएम श्री विद्यालय परिसरों में संचालित को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में ब्लूटूथ स्पीकर उपलब्ध होने से इन गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा। आदेश के अनुसार स्पीकर का उपयोग बच्चों के साथ ऐसी गतिविधियों में किया जाएगा, जिससे उनमें सुनने, बोलने और अपनी भावनाओं को व्यक्त करने की प्रवृत्ति का विकास हो। 

    1,235 पीएम श्री विद्यालयों को ₹5 हजार तक की सुविधा

    प्रदेश के 1,235 पीएम श्री विद्यालयों में स्थित को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों/ बालवाटिकाओं में एक-एक ब्लूटूथ स्पीकर की खरीद के लिए प्रति विद्यालय अधिकतम ₹5,000 की धनराशि अनुमन्य की गई है। इसके लिए कुल ₹61.75 लाख की धनराशि एसएनए स्पर्श के अंतर्गत जारी की गई है। 

    ब्लूटूथ स्पीकर में होंगे उपयोगी तकनीकी फीचर

    स्पीकर की खरीद के लिए निर्धारित नमूना विनिर्देशों में 30 वाट या उससे अधिक पावर, ब्लूटूथ 5.3 या उच्चतर, कम से कम 10 मीटर कनेक्टिविटी रेंज, डुअल 5.2 या उच्चतर ड्राइवर और रिचार्जेबल बैटरी का प्रावधान है। बैटरी बैकअप कम से कम तीन घंटे तथा बैटरी क्षमता 2,000 mAh या अधिक निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त टाइप-C चार्जिंग पोर्ट, चार घंटे या उससे कम में चार्जिंग सपोर्ट, वायरलेस अथवा वायर्ड माइक्रोफोन इनपुट, वॉल्यूम कंट्रोल एवं प्लेबैक कंट्रोल जैसी सुविधाएं भी निर्धारित विनिर्देशों में शामिल हैं। 

    हर शनिवार बच्चों के साथ गतिविधियों में होगा उपयोग

    शासन के निर्देशों के अनुसार ब्लूटूथ स्पीकर का उपयोग प्रत्येक शनिवार को को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्र/बालवाटिका में 3-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के साथ किया जाएगा। इसके माध्यम से मॉडल शिक्षक/ आंगनवाड़ी कार्यकत्री/ ईसीसीई एजुकेटर बच्चों को कहानी, कविता, 
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    बच्चों की शुरुआती सीखने की प्रक्रिया जितनी सहज, रोचक और गतिविधि आधारित होगी, उनकी सीखने की नींव उतनी ही मजबूत होगी। पीएम श्री विद्यालयों के को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में ब्लूटूथ स्पीकर की सुविधा से कहानी, कविता, गीत और पहेली जैसी गतिविधियों को और प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी। हमारा प्रयास है कि नौनिहाल सीखने को आनंद के साथ अनुभव करें और अपनी अभिव्यक्ति की क्षमता को विकसित करें।
    संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

    ब्लूटूथ स्पीकर के माध्यम से निर्धारित गतिविधियों का नियमित संचालन बच्चों के लिए सीखने को अधिक संवादात्मक और आनंददायक बनाएगा। सामग्री की गुणवत्ता, उपलब्धता और प्रभावी उपयोग की निगरानी के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर स्पष्ट व्यवस्था की गई है।
    मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

  • योगी सरकार 17,519 आंगनवाड़ी केंद्रों को देगी आधुनिक खेल सुविधाओं की सौगात, ₹87.60 करोड़ रुपये स्वीकृत

    योगी सरकार 17,519 आंगनवाड़ी केंद्रों को देगी आधुनिक खेल सुविधाओं की सौगात, ₹87.60 करोड़ रुपये स्वीकृत

    लखनऊ

    योगी सरकार ने प्रदेश के नौनिहालों के भविष्य की नींव को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में बच्चों के लिए खेल, सीखने और शारीरिक विकास का आधुनिक वातावरण तैयार होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 40 जनपदों के 17,519 को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों/ बालवाटिकाओं में आधुनिक आउटडोर प्ले मैटेरियल स्थापित करने के लिए ₹87.60 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसकी खरीद जेम पोर्टल से पारदर्शी तरीके से होगी। इतना ही नहीं, इसके लिए जिला स्तर की क्रय समिति से लेकर ब्लॉक स्तरीय टास्क फोर्स तक निगरानी का मजबूत तंत्र होगा।

    स्लाइड, सी-सॉ, झूले, राउंड अबाउट और रॉकिंग बोट जैसे उपकरण नौनिहालों को खेल के साथ गतिविधि आधारित सीखने से जोड़ेंगे। यह कदम प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को अधिक गतिविधि-आधारित, आनंददायक और बाल-केंद्रित बनाने के साथ बच्चों के शारीरिक विकास और सक्रियता को बढ़ावा देगा। योगी सरकार का मानना है कि बच्चों के भविष्य की नींव जितनी मजबूत होगी, उत्तर प्रदेश का भविष्य उतना ही सशक्त होगा।

    40 जनपदों के 17,519 केंद्रों में पांच आधुनिक खेल उपकरण

    इस व्यापक पहल के अन्तर्गत 40 जनपदों के 17,519 को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों/ बालवाटिकाओं में पांच प्रकार के आधुनिक आउटडोर खेल उपकरण लगाए जाएंगे। इनमें स्लाइड, सी-सॉ, स्विग, राउंड अबाउट (स्टैंडिंग एमजीआर) और रॉकिंग बोट (टू सीटर) शामिल हैं। इन उपकरणों के माध्यम से बच्चों को विभिन्न प्रकार की शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ उनके लिए आकर्षक और आनंददायक खेल वातावरण तैयार किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि बालवाटिका में सीखना बच्चों के लिए बोझ नहीं, बल्कि खेल और अनुभव से जुड़ा सहज अवसर बने।

    अब आंगनवाड़ी केंद्रों में खेल के साथ गढ़े जाएंगे भविष्य के सपने

    योगी सरकार का जोर बच्चों के शुरुआती वर्षों को मजबूत बनाने पर है। सरकार की दृष्टि में बाल्यावस्था केवल देखभाल का चरण नहीं, बल्कि बच्चे के व्यक्तित्व और क्षमताओं की नींव रखने का निर्णायक समय है। इसी सोच के साथ आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में ऐसे संसाधन विकसित किए जा रहे हैं, जहां बच्चे खेलते हुए सीखें, सक्रिय रहते हुए विकसित हों और गतिविधियों के माध्यम से अपनी क्षमताओं को निखारें। आउटडोर प्ले मैटेरियल उपलब्ध होने से बच्चों को खुले वातावरण में नियमित शारीरिक गतिविधियों के अवसर मिलेंगे और बालवाटिका का वातावरण अधिक जीवंत एवं सीखने के अनुकूल बनेगा।

    बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं, तीन साल की वारंटी भी अनिवार्य
    योगी सरकार ने खेल संसाधनों की उपलब्धता के साथ उनकी गुणवत्ता और बच्चों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है। प्ले मैटेरियल के निर्माण, पेंटिंग, प्ले एरिया और स्थापना के लिए निर्धारित गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा। प्रत्येक उपकरण पर कम से कम तीन वर्ष की वारंटी सुनिश्चित की जाएगी। टूट-फूट या तकनीकी समस्या की स्थिति में आपूर्तिकर्ता को ऑन-साइट वारंटी, प्रतिस्थापन अथवा आवश्यक रख-रखाव की जिम्मेदारी निभानी होगी। यानी बच्चों के लिए सुविधा के साथ संसाधनों की गुणवत्ता और निरंतर उपयोगिता पर भी सरकार की नजर रहेगी।

    योगी सरकार आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए बच्चों के लिए ऐसा वातावरण तैयार कर रही है, जहां खेल, गतिविधि और सीखना एक-दूसरे के पूरक बनें। 17,519 केंद्रों में आधुनिक आउटडोर प्ले मैटेरियल की उपलब्धता से नौनिहालों को सुरक्षित, आनंददायक और गतिविधि-आधारित वातावरण मिलेगा। 

    संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा 

    17,519 आंगनवाड़ी केंद्रों में आधुनिक आउटडोर प्ले मैटेरियल की स्थापना से बच्चों को खेल और गतिविधियों के माध्यम से सीखने का बेहतर अवसर मिलेगा। उपकरणों की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए खरीद से लेकर स्थापना एवं अनुश्रवण तक स्पष्ट व्यवस्था निर्धारित की गई है।
    मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

  • मेहनत और प्रतिभा को मिला सम्मान, उप मुख्यमंत्री ने विजेता विद्यार्थियों को किया पुरस्कृत

    मेहनत और प्रतिभा को मिला सम्मान, उप मुख्यमंत्री ने विजेता विद्यार्थियों को किया पुरस्कृत

    भोपाल 

    सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के स्कूलों में मेरे सपनों का भारत विषय पर भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिला स्तरीय प्रतियोगिता कृष्णा राज कपूर आडिटोरियम में आयोजित की गई। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के बनाए चित्र देखकर और भाषण प्रतियोगिता में उनके उत्कृष्ट विचार सुनकर हम सबको विश्वास हो गया है कि बच्चे विकसित भारत का सपना सच करेंगे। भारत 2047 तक विश्वगुरू बनेगा और लंबे समय तक विश्व का नेतृत्व करेगा, जिससे विश्व में शांति और समृद्धि होगी। वर्षों की पराधीनता में जकड़ा हमारा देश विकास की दौड़ में पीछे रह गया था। आजादी के बाद देश के विकास के प्रयास शुरू हुए। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश के विकास को गति मिली। हमारा देश 2014 के पहले विश्व की 11वीं अर्थव्यवस्था था, आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। देश के साथ मध्यप्रदेश और रीवा में भी विकास के कई बड़े कार्य हुए हैं। मुझे इस बात की खुशी है कि बच्चों को रीवा प्रदेश और देश के अच्छे कार्यों की पूरी जानकारी है।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विकास का वास्तविक और पूरा लाभ बच्चों को ही मिलेगा। 2047 में आप सब बच्चे देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे होंगे। भारत के तेजी से विकास की राह में कदम आगे बढ़ता देखकर कई देश के दुश्मन इसमें बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए युवाओं को भ्रमित किया जा रहा है। बच्चे अपने मन और मस्तिष्क को खुला रखकर देश के विकास की चिंता करने वालों का साथ दें और देश के दुश्मनों के जाल में न फंसे। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस प्रतियोगिता ने बच्चों की ब्रेन स्टार्मिंग की है। इसके लिए मैं शिक्षा विभाग को बधाई देता हूँ। उप मुख्यमंत्री ने भाषण प्रतियोगिता के बच्चों को पुष्पगुच्छ और स्नेह देकर सम्मानित किया।

    समारोह में विन्ध्य विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ.अजय सिंह ने कहा कि आज विद्यार्थियों की प्रतिभा देखकर मैं अभिभूत हूँ। आज के विजेता विद्यार्थी प्रदेश स्तर पर भी रीवा का नाम रोशन करेंगे। प्रतियोगिता में बड़े स्कूलों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों के विद्यार्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है।

    समारोह में उप मुख्यमंत्री ने विजेताओं को सम्मानित किया। भाषण प्रतियोगिता में वैशाली शुक्ला तथा ऋषिका सोनी को संयुक्त रूप से प्रथम स्थान, शगुन सिंह को द्वितीय स्थान तथा प्रवीणा पटेल को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इसमें देश शुक्ला को चौथा तथा गौरी तिवरी को पांचवा स्थान प्राप्त हुआ। चित्रकला प्रतियोगिता में कुमारी आद्या सोनी को प्रथम, तृप्ति द्विवेदी को दूसरा, नेहा ठकुरिया को तीसरा तथा आयुषी गुप्ता को चौथा स्थान प्राप्त हुआ। समारोह में उप मुख्यमंत्री ने बच्चों द्वारा बनाए गए चित्रों का अवलोकन किया। समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष मती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम  व्यंकटेश पाण्डेय, पार्षदगण, प्रभारी अपर कलेक्टर सुधीर बेक, एसडीएम हुजूर जितेन्द्र तिवारी, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी राजेश मिश्रा, शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी, शिक्षक तथा तीन सौ से अधिक प्रतिभागी बच्चे उपस्थित रहे।

     

  • इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखाई दे रही उत्तर प्रदेश की ताकत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखाई दे रही उत्तर प्रदेश की ताकत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    गोरखपुर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस-2026) में उत्तर प्रदेश की ताकत दिखाई दे रही है। यहां उत्तर प्रदेश में निर्मित तमाम उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है, जिसमें गोरखपुर के टेराकोट उत्पाद भी शामिल हैं। रविवार को वहां 1.5 लाख से अधिक लोग आए, सोमवार को भी भारी भीड़ उमड़ी है। इस ट्रेड शो में 90 देशों के खरीदार पहुंचे हैं, जो यूपी की सामर्थ्य दिखाता है। शो में शिल्पकारों के उत्पादों की बिक्री और उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    सीएम योगी सोमवार को गोरखपुर में एक मीडिया समूह द्वारा आयोजित बाल मेला सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले भी उत्तर प्रदेश के पास सामर्थ्य था, लेकिन नेतृत्व के पास इच्छाशक्ति नहीं थी। इसके परिणामस्वरूप यूपी बीमारू और बदनाम प्रदेश बनकर रह गया था। इसे देश के सबसे पिछड़े राज्यों में गिना जाता था। किंतु, बीते साढ़े नौ सालों में सम-विषम परिस्थितियों में नेतृत्व के जूझने और अनथक प्रयास का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज बीमारू की छवि से उबरकर देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है।

    चुनौतियों से जूझकर किए हर क्षेत्र में रिफॉर्म

    मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े नौ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश में कई चुनैतियां थीं। बाहर के लोग यूपी का नाम सुनकर चौंकते थे। पहचान का संकट ऐसा था कि युवाओं के लिए राज्य, देश या विदेश में नौकरी नहीं थी। कर्फ्यू-दंगे प्रदेश की नियति बन गए थे। पुलिस में दो लाख पद खाली थे तो कानून व्यवस्था कैसे ठीक रहती। सरकार में आने के बाद हमने हर क्षेत्र में रिफॉर्म किए। युवाओं के हित में सरकार ने न केवल भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया, बल्कि प्रशिक्षण और इससे जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी आगे बढ़ाया। साढ़े नौ सालों में प्रदेश सरकार ने शुचिता व पारदर्शिता के साथ 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। इसमें अकेले यूपी पुलिस में 2 लाख 30 हजार नौकरियां दी गईं। 

    कर्फ्यू-दंगे से मुक्त होकर तेजी से बढ़ी अर्थव्यवस्था

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी है। प्रति व्यक्ति आय में भी तीन गुना वृद्धि हुई है। कभी बीमारू के तमगे वाला प्रदेश अब देश की टॉप-थ्री इकॉनमी में है। कर्फ्यू-दंगे से मुक्त होने के बाद यूपी तेज प्रगति की वजह से देश की अर्थव्यवस्था और प्रगति का ग्रोथ इंजन कहला रहा है। यूपी वही है, लेकिन प्रयास से परिणाम की यात्रा में बदलाव हर क्षेत्र में देखने को मिल रहा। 2017  से पहले राज्य में सिर्फ 130 स्टार्टअप थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 24 हजार से अधिक हो चुकी है। 

    कविता सुनाकर बोले सीएम- प्रयास से ही मिलेगी मंजिल
    समारोह में विद्यार्थियों को शिक्षक व अभिभावक की तरह समझाते हुए सीएम योगी ने कहा कि किसी प्रतियोगिता में पदक जीतने से पहले सबसे महत्वपूर्ण प्रतिभाग करना है। उन्होंने महान कवि सोहनलाल द्विवेदी की कविता, ‘कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती’ सुनाते हुए कहा कि सबसे जरूरी है प्रयास करना, क्योंकि प्रयास ही मंजिल तक पहुंचाएगा। मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रेरित करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का भी उदाहरण दिया। कहा कि डॉ. कलाम फाइटर पायलट बनना चाहते थे, लेकिन फेल होने पर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। परिवार में कम साधन होने के बावजूद वह भारत के मिसाइल मैन बने। राष्ट्रपति बनने के पहले उन्हें देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न मिला। सीएम ने विद्यार्थियों को सीख दी कि वे अपने हौसलों को कभी कमजोर न होने दें। जो ठान लेता है, वही करके भी दिखाता है। इसलिए जीवन में कभी हिम्मत नहीं हारना है। 

    500 खिलाड़ियों के लिए सीधी भर्ती अगले सप्ताह से

    मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को खेल क्षेत्र में भी बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा, तकनीक, स्टार्टअप के साथ ही खेलों को भी बढ़ावा दे रही है। ओलंपिक, एशियाड, कामनवेल्थ गेम्स में पदक विजेता को खूब नकद पुरस्कार देने साथ ही उन्हें सीधे सरकारी नौकरी दी जा रही है। अब तक 550 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी गई है। अगले सप्ताह 500 और खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी की सीधी भर्ती शुरू होगी।

    प्रश्न करना नहीं सिखा सकता एआई 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हर तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की खूब चर्चा है। एआई कार्य को सरल बना सकता है, उत्तर दे सकता है, लेकिन प्रश्न करना नहीं सिखा सकता। तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है, लेकिन इसकी सीमा वहीं तक होनी चाहिए जहां तक इसके प्रयोग से लोक और राष्ट्र कल्याण होता हो। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बनने और मंजिल पाने के लिए मजबूत जज्बा रखने की शिक्षा दी। सीएम ने विद्यार्थियों को खूब मन लगाकर पढ़ने की नसीहत देते हुए कहा कि खेलना और भ्रमण करना भी आवश्यक है। जब मौका मिले तो किसी स्थान का भ्रमण कर अपनी प्रकृति, संस्कृति और विरासत को जानने व समझने का प्रयास करना चाहिए।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थितजन को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, यातायात नियमों के पालन और नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा शर्मा कौशिक, दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओपी सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

  • बिल्ड फॉर यूपी पिच प्रतियोगिता में 13 छात्र टीमों ने पेश किए नवाचार आधारित समाधान

    बिल्ड फॉर यूपी पिच प्रतियोगिता में 13 छात्र टीमों ने पेश किए नवाचार आधारित समाधान

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन को युवाओं के नवाचार, उद्यमिता और करियर अवसरों से जोड़ने की दिशा में राजा महेंद्र प्रताप सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ में यूपी राइज 2026 का आयोजन किया गया। प्रदेश सरकार के इस प्रमुख कैंपस इनोवेशन और करियर अभियान का आयोजन टाइम्स नेटवर्क और जूम के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर अपने नए विचारों और समाधान को मंच प्रदान किया।

    अलीगढ़ में 2300 से अधिक छात्रों की भागीदारी

    अलीगढ़ चरण में पंजीकरण, सीएम-युवा योजना से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम और सभागार सत्र समेत 2,300 से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की डिजिटल पहुंच 50 हजार से अधिक रही, जबकि ऑफलाइन पहुंच भी 5 हजार से अधिक दर्ज की गई। विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने युवाओं के बीच नवाचार और उद्यमिता को लेकर उत्साह को सामने रखा। आरएमपीएसयू स्वयं रचनात्मक प्रतिभा, वैज्ञानिक सोच और विद्यार्थियों के करियर विकास को बढ़ावा देने पर जोर देता है।

    बिल्ड फॉर यूपी पिच फाइनल में दिखी प्रतिभा

    यूपी राइज 2026 के तहत परिसर में सीएम-युवा योजना जागरूकता स्टॉल, स्पिन द व्हील गतिविधि और ऑक्टोनॉर्म मेंटरशिप जोन लगाए गए। लॉबी और गलियारों में आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को योजनाओं, करियर विकल्पों और अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने के अवसरों से परिचित कराया गया। इसके बाद सभागार में बिल्ड फॉर यूपी पिच प्रतियोगिता का फाइनल आयोजित हुआ।

    13 छात्र टीमों ने पेश किए नवाचार आधारित समाधान

    प्रतियोगिता में चयनित 13 छात्र टीमों ने निर्णायकों और उपस्थित विद्यार्थियों के सामने अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने स्थानीय समस्याओं के व्यावहारिक समाधान, नए व्यवसाय मॉडल और सामाजिक उपयोगिता से जुड़े प्रस्ताव रखे। प्रतियोगिता का विजेता प्रस्ताव तेज रोशनी वाली हेडलाइट्स के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से तैयार सुरक्षा-केंद्रित समाधान पर आधारित रहा। विजेता टीम को मंच पर 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि फिक्सेज ग्रुप को उपविजेता घोषित किया गया। यूपी राइज के पहले के चरणों में भी विद्यार्थियों के स्टार्टअप विचारों को पिचिंग और पुरस्कार के माध्यम से प्रोत्साहित किया गया है।

    सात शहरों के बाद अलीगढ़ पहुंचा यूपी राइज

    कार्यक्रम में भाजपा उत्तर प्रदेश के मंत्री एवं राज्य मीडिया प्रभारी यतेंद्र शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के नवाचार, रचनात्मक सोच और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित किया। अलीगढ़ चरण के साथ यूपी राइज 2026 का विश्वविद्यालय दौरा कानपुर, आगरा, लखनऊ, रायबरेली, मथुरा, बरेली और सहारनपुर तक पहुंच चुका है।

  • घर की रसोई से ट्रेड शो तक पहुंचा गाजियाबाद की महिलाओं के अचार का स्वाद

    घर की रसोई से ट्रेड शो तक पहुंचा गाजियाबाद की महिलाओं के अचार का स्वाद

    ग्रेटर नोएडा

    योगी सरकार की महिला उद्यमिता को बाजार से जोड़ने की पहल अब घर की रसोई में तैयार होने वाले उत्पादों को भी नई पहचान दे रही है। ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में चल रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में गाजियाबाद की महिलाओं के हाथों तैयार अचार, मुरब्बा और जवे लोगों की पसंद बन रहे हैं। स्टॉल पर पहुंच रहे खरीदार उत्पादों का स्वाद लेने के साथ ऑर्डर भी दे रहे हैं। कई ग्राहकों ने ऑनलाइन भुगतान कर उत्पादों की बुकिंग की है। बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीद से महिला उद्यमियों में उत्साह है।

    खेत की सरसों के तेल से तैयार हो रहा अचार

    खंजरपुर गांव की रीना धतरवाल पहली बार अपने उत्पादों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के एक्सपो में पहुंची हैं। उन्होंने कुछ समय पहले दीपराज ऑर्गेनिक पिकल्स नाम से फर्म शुरू की। रीना घर पर तैयार किए गए मसालों और अपने खेत में उगाई सरसों से निकाले गए तेल का इस्तेमाल कर अचार की अलग-अलग किस्में तैयार करती हैं।
    रीना ने बताया कि ट्रेड शो में आने के बाद उनके उत्पादों को व्यापक स्तर पर पहचान मिली है। पहले दिन ही कई लोगों ने उनके उत्पाद पसंद किए और ऑनलाइन भुगतान कर अचार, मुरब्बा और जवे के ऑर्डर दिए। उनका कहना है कि एक्सपो से बड़े खरीदारों तक पहुंच बनने की उम्मीद है।

    नए कारोबार को मिला बड़ा मंच

    मोदीनगर की ई नारी शक्ति वूमेन एंपावर संस्था ने ट्रेड शो में नींबू, आम और मिर्च के अचार समेत कई घरेलू उत्पादों का स्टॉल लगाया है। संस्था से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि उन्होंने हाल ही में कारोबार शुरू किया है। ऐसे बड़े मंच पर अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों और खरीदारों के सामने रखने का अवसर उनके लिए नया अनुभव है।
    महिलाओं के मुताबिक, ट्रेड शो में मिली पहचान उनके लिए नए बाजार की शुरुआत बन सकती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का अवसर देकर प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से मजबूत होने का रास्ता तैयार किया है।

    दूसरी महिलाओं को भी दिया रोजगार

    गाजियाबाद की पूनम ने पूनम पिकल्स नाम से अपना ब्रांड तैयार किया है। वह घर पर तैयार किए गए मसालों से अचार बनाती हैं। अचार और जवे तैयार करने के काम में उन्होंने दूसरी महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा है।
    पूनम ने बताया कि पहली बार इतने बड़े एक्सपो में आने को लेकर शुरुआत में झिझक थी, लेकिन यहां ग्राहकों की प्रतिक्रिया ने आत्मविश्वास बढ़ाया। उनके मुताबिक, ट्रेड शो से मिले संपर्क और ऑर्डर कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे। घरेलू स्तर पर शुरू किए गए इन छोटे कारोबारों को बड़े बाजार से जोड़ने का यह मंच गाजियाबाद की महिलाओं के लिए नए अवसर लेकर आया है।

  • योगी के मुख्यमंत्री बनते ही लागू हुआ ‘रूल ऑफ लॉ’, यूपी का पूरा परिदृश्य 360 डिग्री बदला : सुरेश खन्ना

    योगी के मुख्यमंत्री बनते ही लागू हुआ ‘रूल ऑफ लॉ’, यूपी का पूरा परिदृश्य 360 डिग्री बदला : सुरेश खन्ना

    ग्रेटर नोएडा

    : उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश में बड़ा बदलाव आया है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही प्रदेश में ‘रूल ऑफ लॉ’ लागू हुआ और कानून-व्यवस्था बेहतर होने से पूरा परिदृश्य 360 डिग्री बदल गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘रिफॉर्म, परफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र पर काम करते हुए कृषि, उद्योग, सर्विस सेक्टर और वित्तीय प्रबंधन में सुधार किया है।

    ‘फ्रॉम फाइनेंशियल डिसिप्लिन टू ट्रांसपेरेंट सर्विस डिलीवरी’ कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को कभी विकास के पैमाने पर पिछड़े राज्यों में गिना जाता था, लेकिन आज प्रदेश देश की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य की जीएसडीपी में बढ़ोतरी के साथ कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में भी प्रगति हुई है।

    खन्ना ने कहा कि सरकार ने 50-50 वर्षों से ठंडी पड़ी योजनाओं पर काम किया। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ और इसका बड़ा असर बुंदेलखंड में दिखाई दे रहा है। जहां कभी पीने के पानी तक का संकट था, वहां अब खेती की स्थिति बदली है और तीन-तीन फसलें तक हो रही हैं। उन्होंने इसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया।

    वित्त मंत्री ने कहा कि किसानों की उपज की खरीद से पैसा सीधे उनकी जेब तक पहुंचा, जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ी और अर्थव्यवस्था को भी गति मिली। किसान क्रेडिट कार्ड का बड़े पैमाने पर वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार की सहायता से पात्र लोगों को छह लाख रुपये तक का कर्ज छह प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश बढ़ा है और ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के जरिए बड़े निवेश को धरातल पर उतारा गया। मैन्युफैक्चरिंग के साथ सर्विस और पर्यटन क्षेत्र में भी विस्तार हुआ है। सरकार ने गैर-जरूरी खर्च रोककर वित्तीय प्रबंधन को बेहतर करने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने हाल में विभागों को बजट के समयबद्ध इस्तेमाल और वित्तीय स्वीकृतियों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए हैं।

    रोजगार का जिक्र करते हुए सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रदेश में अब तक 9.5 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी गई है और नियुक्तियों में योग्यता व क्षमता को आधार बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने एक लाख और सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि हुनरमंद युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर नए उद्यमियों तक को वित्तीय मदद देकर आर्थिक गतिविधियों का दायरा बढ़ाया गया है।

    डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ने के साथ साइबर फ्रॉड से बचाव की जानकारी बेहद जरूरी

    साइबर अपराध पर सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ने के साथ लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाव की जानकारी होना बेहद जरूरी है। यदि किसी के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है तो उसे यह पता होना चाहिए कि तत्काल क्या कदम उठाने हैं और पैसा वापस पाने के लिए किस प्रक्रिया का पालन करना है। उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन, बेहतर कानून-व्यवस्था, निवेश और रोजगार के जरिए उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है।

    साइबर फ्रॉड में पहला घंटा सबसे महत्वपूर्ण

    एसपी साइबर क्राइम राजेश यादव ने साइबर अपराध की चुनौतियों और उनसे बचाव के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि फिशिंग, फर्जी वेबसाइट, डेटा चोरी, फर्जी अप्रूवल और अन्य तरीकों से साइबर अपराधी लोगों को निशाना बनाते हैं। ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय उसकी प्रामाणिकता की जांच और सतर्कता बेहद जरूरी है। साइबर फ्रॉड में समय सबसे महत्वपूर्ण है। पहले एक घंटे के भीतर शिकायत करने से रकम को होल्ड या फ्रीज कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

    उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में साइबर अपराध से निपटने के लिए प्रदेश में मजबूत व्यवस्था की गई है। प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क है, जबकि लखनऊ में 1930 कॉल सेंटर के साथ साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर संचालित किया जा रहा है। शिकायत मिलते ही संबंधित बैंक के माध्यम से रकम रोकने की कार्रवाई की जाती है। राजेश यादव ने कहा कि साइबर अपराध सीमाओं से परे होने वाला अपराध है, इसलिए पुलिस और बैंकों के साथ स्कूल-कॉलेज, ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, यूथ एवं स्पोर्ट्स क्लबों तथा स्थानीय संगठनों की भागीदारी भी जरूरी है।

    इस दौरान सचिव वित्त संदीप कौर, विशेष सचिव वित्त मनोज कुमार तिवारी, साइबर क्राइम के पुलिस अधीक्षक राजेश यादव, एसबीआई नई दिल्ली के उप महाप्रबंधक राजीव कुमार मिश्रा, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, प्रधान कार्यालय मुंबई संजीव डी. रोहिल्ला, उप महाप्रबंधक, केनरा बैंक, नई दिल्ली संदीप सक्सेना आदि मौजूद थे।

  • 30 एमओयू से बाजार तक पहुंचेंगी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं*

    30 एमओयू से बाजार तक पहुंचेंगी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं*

    ग्रेटर नोएडा

    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में सोमवार को स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से आयोजित बायर-सेलर बैठक में महिला समूहों और नामी कंपनियों के बीच करीब 30 एमओयू हुए। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में हुए इन समझौतों को महिलाओं के कारोबार को बाजार और बड़े खरीदारों से जोड़ने की पहल के रूप में देखा गया। मौर्य ने अधिकारियों से कहा कि ट्रेड शो में हुए समझौतों की लगातार निगरानी की जाए और सभी एमओयू धरातल पर उतरने चाहिए।

    डेढ़ करोड़ बच्चों की ड्रेस से मिलेगा बड़ा बाजार

    केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अगले सत्र से प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब डेढ़ करोड़ बच्चों की ड्रेस तैयार कराने की व्यवस्था में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की ड्रेस तैयार करने का काम मिलने से महिला समूहों के लिए रोजगार और कारोबार का नया अवसर तैयार होगा। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को लखपति दीदी से आगे करोड़पति दीदी बनाने का है।
    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास चल रहे हैं। योगी सरकार में महिलाएं सुरक्षित होने के साथ आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रही हैं। महिला समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए ऐसे मंच महत्वपूर्ण हैं, जहां वे सीधे कंपनियों से कारोबारी संबंध स्थापित कर सकें।

    खरीदारों से सीधे जुड़ीं महिलाएं

    बायर-सेलर सत्र में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपने उत्पाद कंपनियों के प्रतिनिधियों के सामने रखे। इसका उद्देश्य उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं और बड़े खरीदारों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना था। कार्यक्रम में लघु फिल्म के जरिए प्रदेश की महिलाओं की सफलता की कहानियां भी दिखाई गईं। प्रेरणा कैंटीन और सरस हाट के माध्यम से आगे बढ़ीं महिलाओं के अनुभवों को भी सामने रखा गया।
    उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक अरुण कुमार ने कहा कि लाखों महिलाएं आजीविका मिशन से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों में आगे बढ़ रही हैं। ट्रेड शो उनके उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मंच और संभावित खरीदारों से जोड़ने का अवसर दे रहा है।

    पांच लाख के ऋण से शुरू किया कारोबार

    सिद्धार्थनगर के आजाद स्वयं सहायता समूह की सरोज देवी ने बताया कि उन्होंने पांच लाख रुपये का ऋण लेकर कारोबार शुरू किया था। सरकारी सहयोग से ऋण चुकाने के बाद अब उनका सालाना कारोबार छह लाख रुपये तक पहुंच गया है। अमरोहा की प्रियांशी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी कौशल्या ने तीन लाख रुपये के ऋण से मसाला कारोबार शुरू किया। उनका वार्षिक कारोबार भी छह लाख रुपये से अधिक हो चुका है। नवी प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की शफीका ने बताया कि उनका कारोबार 10 लाख रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है।
    ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू ने कहा कि महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए खरीदार कंपनियों के साथ एमओयू की सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सार्थक पहल है। इससे महिलाओं को उत्पादन के साथ बाजार भी मिल सकेगा।

    कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप, एमएसएमई राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक अरुण कुमार, संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणानंद और चंद्रशेखर मौजूद रहे।