Category: राज्य

  • योगी सरकार में बालवाटिकाओं को मिलेगा ‘लर्निंग कॉर्नर’ का नया संसार, 966 पीएम श्री विद्यालयों में होगी आधुनिक व्यवस्था, ₹193 लाख की मंजू

    योगी सरकार में बालवाटिकाओं को मिलेगा ‘लर्निंग कॉर्नर’ का नया संसार, 966 पीएम श्री विद्यालयों में होगी आधुनिक व्यवस्था, ₹193 लाख की मंजू

    लखनऊ

    योगी सरकार ने नौनिहालों की प्रारंभिक शिक्षा को और अधिक रोचक, गतिविधि आधारित एवं बाल-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पीएम श्री योजना के अन्तर्गत वर्ष 2026-27 में 966 पीएम श्री विद्यालयों में स्थित को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों/बालवाटिकाओं में लर्निंग कॉर्नर विकसित किए जाएंगे। इसके लिए ₹193 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। प्रत्येक चयनित विद्यालय के लिए ₹20,000 की दर से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। 

    इन केंद्रों में बच्चों की आयु और सीखने की जरूरतों के अनुरूप रीडिंग कॉर्नर, ब्लॉक कॉर्नर, परफॉर्मेंस कॉर्नर और आर्ट कॉर्नर विकसित किए जाएंगे। 966 पीएम श्री विद्यालयों में लर्निंग कॉर्नर की स्थापना से बालवाटिकाओं में बच्चों के लिए ऐसा वातावरण तैयार होगा, जहां किताब, खिलौना, कला, अभिनय और गतिविधि सीखने के माध्यम बनेंगे। योगी सरकार की यह पहल प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को अधिक जीवंत, अनुभवपरक और बच्चों की स्वाभाविक जिज्ञासा के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    खेल और गतिविधियों से सीखेंगे बच्चे, बालवाटिका बनेगी सीखने की प्रयोगशाला

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप प्रारंभिक बाल्यावस्था में बच्चों को गतिविधि आधारित शिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। शासन के निर्देशों के अनुसार चारों लर्निंग कॉर्नर बच्चों के सामाजिक एवं संवेदनात्मक विकास, संज्ञानात्मक विकास, शारीरिक विकास तथा सूक्ष्म मांसपेशियों के विकास में सहायक होंगे। 3-5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए तैयार किए जाने वाले लर्निंग कॉर्नर में रीडिंग, ब्लॉक, परफॉर्मेंस और आर्ट गतिविधियों के लिए आयुवर्ग के अनुरूप सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। 

    कहानी की किताबों से लेकर पजल और ब्लॉक्स तक, सीखने के लिए समृद्ध सामग्री

    रीडिंग कॉर्नर में हिंदी वर्णमाला मैट, चित्रात्मक कहानी की पुस्तकें, ओपन बुक शेल्फ, चित्र एवं संख्या चार्ट और लेखन/चित्रकारी के लिए क्लिप बोर्ड जैसी सामग्री शामिल है। इसका उद्देश्य बच्चों में शब्दावली, सुनने और शुरुआती साक्षरता से जुड़ी क्षमताओं को बढ़ावा देना है। ब्लॉक कॉर्नर में बड़े फोम ब्लॉक्स, लकड़ी के ब्लॉक्स, शेप सॉर्टर, पिक्चर पजल, अल्फाबेट एवं नंबर ब्लॉक्स, स्टैकिंग टॉयज और लेसिंग बोर्ड जैसी सामग्री निर्धारित की गई है। इससे बच्चों में आकार पहचान, समस्या समाधान, स्थानिक समझ, शुरुआती साक्षरता एवं संख्याज्ञान जैसी क्षमताओं के विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। 

    परफॉर्मेंस और आर्ट कॉर्नर से निखरेगी रचनात्मकता

    परफॉर्मेंस कॉर्नर में बच्चों के लिए विभिन्न भूमिका-आधारित गतिविधियों से जुड़ी सामग्री रखी जाएगी। इनमें ड्रेस-अप कॉस्ट्यूम, फिंगर स्टिक पपेट, किचन प्ले सेट, सॉफ्ट डॉल, इमोशन मास्क, स्मॉल ड्रम, हैट्स एवं स्कार्फ और टॉय टेलीफोन जैसी सामग्री शामिल है। इनका उद्देश्य कल्पनाशील भूमिका-अभिनय, कहानी कहने, संवाद, सामाजिक सहभागिता और भावनात्मक विकास को बढ़ावा देना है। आर्ट कॉर्नर में नॉन-टॉक्सिक फिंगर पेंट, क्रेयॉन, चाइल्ड-सेफ ग्लू स्टिक, आर्ट शीट एवं कलर पेपर जैसी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके माध्यम से बच्चों को रचनात्मक अभिव्यक्ति और सूक्ष्म मोटर कौशल विकसित करने के अवसर मिलेंगे। 

    3-5 और 5-6 वर्ष के बच्चों की जरूरत के अनुसार अलग व्यवस्था

    लर्निंग कॉर्नर की सामग्री आयु वर्ग के अनुरूप निर्धारित की गई है। 3-5 वर्ष और 5-6 वर्ष के बच्चों के लिए अलग-अलग सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि बच्चों की उम्र और विकासात्मक जरूरतों के अनुरूप गतिविधियां संचालित की जा सकें। 5-6 वर्ष के बच्चों के लिए रीडिंग कॉर्नर में शुरुआती पठन कौशल को ध्यान में रखते हुए अर्ली रीडर्स एवं द्विभाषी पुस्तकों जैसी सामग्री का प्रावधान किया गया है। 
     

    “लर्निंग कॉर्नर से बच्चों की जिज्ञासा को मिलेगा सीखने का नया मंच”

    “बालवाटिका में सीखना बच्चों के लिए जितना सहज और आनंददायक होगा, उनकी बुनियाद उतनी ही मजबूत होगी। 966 पीएम श्री विद्यालयों में लर्निंग कॉर्नर विकसित होने से नौनिहालों को पढ़ने, खेलने, कला, अभिनय और गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा। हमारा प्रयास है कि बच्चे अपनी स्वाभाविक जिज्ञासा के साथ सीखें और शुरुआती वर्षों में ही उनकी क्षमताओं को सही दिशा मिले।”

    संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

    “गतिविधि आधारित वातावरण से निखरेंगी बच्चों की सीखने की क्षमताएं”

    “लर्निंग कॉर्नर में आयु वर्ग के अनुरूप निर्धारित सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि बच्चों को उनकी विकासात्मक जरूरतों के अनुसार सीखने के अवसर मिलें। रीडिंग, ब्लॉक, परफॉर्मेंस और आर्ट कॉर्नर के प्रभावी उपयोग के साथ सामग्री की उपलब्धता और गुणवत्ता की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी।”
     मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

  • जीबीसी 5.0 के लक्ष्य के करीब पहुंचा सोनभद्र, 14,612 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू

    जीबीसी 5.0 के लक्ष्य के करीब पहुंचा सोनभद्र, 14,612 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू

    सोनभद्र

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने की नीति के तहत सोनभद्र अब बड़े निवेश की नई मंजिल की ओर बढ़ रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) 5.0 के लिए शासन की ओर से निर्धारित 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य के करीब जिला तेजी से पहुंच रहा है। अब तक जिले में 33 परियोजनाओं के लिए 14,612 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हो चुके हैं। शेष 5,388 करोड़ रुपये के लक्ष्य को भी जल्द हासिल करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

    पनौरा में 7,400 करोड़ का पीएसपी प्लांट

    जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि प्रमुख निवेश परियोजनाओं में अदानी समूह का 7,400 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। समूह की ओर से पनौरा में पीएसपी (पंप्ड स्टोरेज पावर) प्लांट स्थापित किया जाएगा। ऊर्जा भंडारण और विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में यह परियोजना सोनभद्र की ऊर्जा क्षमता को और मजबूत करने वाली होगी। वहीं, टिहरी हाइड्रो पावर कॉरपोरेशन (टीएचडीसी) ने बसुधारी में करीब 6,400 करोड़ रुपये के निवेश से परियोजना स्थापित करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। बड़े ऊर्जा निवेश से सोनभद्र की पहचान देश के प्रमुख ऊर्जा एवं औद्योगिक केंद्रों में और मजबूत होने की संभावना है।

    33 परियोजनाओं के लिए 14,612 करोड़ के एमओयू

    जिलाधिकारी ने बताया कि शासन से जिले को 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। इसके सापेक्ष अब तक 33 परियोजनाओं के लिए 14,612 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि शेष 5,388 करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य को भी जल्द प्राप्त करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवेश परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है। परियोजनाओं के क्रियान्वयन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय कारोबार, परिवहन, निर्माण तथा सेवा क्षेत्र को भी गति मिलेगी।

    बड़े निवेश से बदलेगी सोनांचल की तस्वीर

    सोनभद्र में प्रस्तावित बड़े निवेश से जिले के औद्योगिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव की उम्मीद है। ऊर्जा क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजनाएं न केवल औद्योगिक गतिविधियों को गति देंगी, बल्कि रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी नए अवसर पैदा करेंगी।

    निवेश से रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार

    सोनभद्र में लगातार बढ़ते औद्योगिक निवेश से जिले में रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। बड़े उद्योगों के साथ सहायक उद्योगों और सेवा क्षेत्र के विस्तार से स्थानीय युवाओं, कारोबारियों और उद्यमियों को भी लाभ मिल सकता है। शासन के निवेश लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में तेजी से बढ़ते कदमों से सोनभद्र के औद्योगिक हब के रूप में उभरने की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।

  • यूपीआईटीएस में छाया यूपीएसडीएम के हुनर का जादू

    यूपीआईटीएस में छाया यूपीएसडीएम के हुनर का जादू

    ग्रेटर नोएडा

    जब हुनर को मंच मिलता है तो उत्साह खुद-ब-खुद उमड़ पड़ता है। यही नजारा सोमवार को उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी-2026 में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के पवेलियन में देखने को मिला। प्रदर्शनी के चौथे दिन उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन का पवेलियन सुबह से ही हुनर, उत्साह और उमंग से गुलजार रहा।

    दिन की शुरुआत जोश और गर्व से भरे माहौल में हुई। पीएसी की 32वीं वाहिनी के जवानों ने बैंड की शानदार प्रस्तुति देकर पूरे प्रदर्शनी परिसर में देशभक्ति की लहर दौड़ा दी। उनकी एक-एक धुन पर कदम थिरक उठे और इसी जोश ने युवाओं में नई ऊर्जा भर दी। देखते ही देखते युवा खुद मंच की ओर खिंचे चले आए और ‘कौशल मंच’ पर एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियां दीं। युवाओं के इस जुनून को देखकर उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल के अधिकारी भी खुद को रोक नहीं पाए और मंच पर आकर उन्होंने भी अपने हुनर का प्रदर्शन किया।

    ‘कौशल मंच’ जहां प्रतिभाओं से जगमगा रहा था, वहीं पवेलियन के 16 प्रत्यक्ष कौशल प्रदर्शन केंद्रों पर सीखने-सिखाने का दौर भी पूरे दिन चलता रहा। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विभिन्न कौशलों को करीब से जाना।

    शाम ढलते ही उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन का पवेलियन सुरों के रंग में रंग गया। दिल्ली घराने के उस्ताद अलीम खान एवं समूह ने अपनी शानदार प्रस्तुति से महफिल लूट ली। उस्ताद अलीम खान और उनके बेटे अरीम खान ने वायलिन पर जब मधुर धुनें छेड़ीं तो पूरा पंडाल झूम उठा। तबले पर समीर खान की थाप ने इस शाम को और भी यादगार बना दिया।

  • 5.48 लाख से अधिक फुटफॉल के साथ यूपीआईटीएस ने रचा नया रिकॉर्ड

    5.48 लाख से अधिक फुटफॉल के साथ यूपीआईटीएस ने रचा नया रिकॉर्ड

    ग्रेटर नोएडा

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘लोकल से ग्लोबल’ विजन के अनुरूप आयोजित चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) ने व्यापारिक गतिविधियों के साथ जनभागीदारी के मामले में भी नया रिकॉर्ड बनाया है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित पांच दिवसीय ट्रेड शो में 28 सितंबर तक कुल 5,48,881 फुटफॉल दर्ज की गई। इसमें 1,56,523 घरेलू कारोबारी खरीदार और 3,92,358 सामान्य आगंतुक शामिल हैं। ट्रेड शो मंगलवार को संपन्न होगा, जिससे फुटफॉल का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।

    यूपीआईटीएस में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी इस बात को दर्शाती है कि यह आयोजन अब केवल कारोबारियों और उद्योग जगत तक सीमित नहीं रह गया है। प्रदेश के उत्पादों, हस्तशिल्प, हथकरघा, ओडीओपी उत्पादों, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि उत्पादों और आधुनिक विनिर्माण की झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में आम लोग भी ट्रेड शो में पहुंच रहे हैं। वहीं, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की मौजूदगी ने प्रदर्शनी को वास्तविक कारोबारी गतिविधियों का मंच बना दिया है।

    कारोबार और जनभागीदारी का संगम

    यूपीआईटीएस-4.0 की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यहां कारोबार और जनभागीदारी एक साथ दिखाई दी। जहां एक ओर कारोबारी खरीदार प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, कीमत, उत्पादन क्षमता और निर्यात संभावनाओं को समझने के लिए विभिन्न स्टॉल पर पहुंचे, वहीं दूसरी ओर सामान्य आगंतुकों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के स्थानीय उत्पादों और शिल्प की जानकारी ली। 1,56,523 घरेलू कारोबारी खरीदारों की मौजूदगी ने प्रदेश के उद्यमियों को देश के अलग-अलग हिस्सों के व्यापारियों और संभावित कारोबारी साझेदारों से सीधे जुड़ने का अवसर दिया। इससे स्थानीय उत्पादों के लिए नए बाजार तलाशने और व्यापारिक नेटवर्क को विस्तार देने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

    ‘लोकल से ग्लोबल’ विजन को मिल रही मजबूती

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘लोकल से ग्लोबल’ विजन के तहत उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यूपीआईटीएस इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में सामने आया है। यहां प्रदेश के अलग-अलग जिलों के उत्पाद एक ही छत के नीचे प्रदर्शित किए जा रहे हैं। एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत तैयार किए जा रहे उत्पादों के साथ हथकरघा, हस्तशिल्प, कृषि आधारित उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा, कालीन, पीतल, कांच, लकड़ी के उत्पाद और अन्य पारंपरिक एवं आधुनिक उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में ट्रेड शो महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बड़ी संख्या में सामान्य आगंतुकों की मौजूदगी ने इन उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का अवसर भी दिया है। इससे उत्पादों की पहचान बढ़ाने, ब्रांडिंग को मजबूत करने और स्थानीय उद्यमियों को नए ग्राहक वर्ग से जोड़ने में मदद मिल रही है।

    3.92 लाख सामान्य आगंतुकों ने बढ़ाई रौनक

    28 सितंबर तक ट्रेड शो में पहुंचे 3,92,358 सामान्य आगंतुकों ने यूपीआईटीएस को व्यापक जनभागीदारी वाला आयोजन बना दिया है। अलग-अलग हॉल में लगे स्टॉल्स पर लोगों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। आगंतुक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए उत्पादों को करीब से देख रहे हैं और उनकी निर्माण प्रक्रिया, विशेषताओं तथा उपयोगिता की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। ट्रेड शो में व्यापारिक गतिविधियों के साथ उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला-संस्कृति, खानपान और पारंपरिक उत्पादों को भी प्रदर्शित किया जा रहा है। इससे प्रदेश की विविधता को एक ही मंच पर देखने का अवसर मिल रहा है।

    प्रदर्शनी हॉलों में लगातार बढ़ी कारोबारी गतिविधियां

    विभिन्न प्रदर्शनी हॉलों में खरीदारों और आगंतुकों की निरंतर आवाजाही से कारोबारी गतिविधियों को गति मिली है। कारोबारी खरीदार उत्पादों की जानकारी लेने के साथ संभावित आपूर्तिकर्ताओं और निर्माताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं। ट्रेड शो में घरेलू खरीदारों के साथ विदेशी खरीदारों की भागीदारी ने प्रदेश के उद्यमियों के लिए निर्यात बाजार के नए अवसर भी खोले हैं। इससे छोटे और मध्यम उद्यमों को अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने तथा संभावित व्यापारिक साझेदारों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला है।

  • खेत से बाजार तक बदलेगा किसानों का सफर, ट्रेड शो में ब्रांडिंग और डिजिटल बिक्री का मंत्र

    खेत से बाजार तक बदलेगा किसानों का सफर, ट्रेड शो में ब्रांडिंग और डिजिटल बिक्री का मंत्र

    ग्रेटर नोएडा

    फसल तैयार करने के बाद किसान को बाजार में उसका सही मूल्य मिले, इसके लिए अब खेती के साथ ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल बिक्री पर भी जोर दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में सोमवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को इसी बदलते बाजार की तस्वीर दिखाई गई। एक्सपो मार्ट में आयोजित पश्चिम मैदानी कृषि जलवायु क्षेत्र के किसान मेले में मेरठ मंडल समेत पश्चिमी यूपी के सात जिलों के प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने एफपीओ को किसानों की सामूहिक शक्ति के रूप में विकसित कर उत्पादन लागत घटाने, उपज का बेहतर मूल्य हासिल करने और बड़े बाजार तक सीधी पहुंच बनाने के उपाय बताए।

    एक साथ खरीदेंगे तो घटेगी लागत, साथ बेचेंगे तो बढ़ेगी ताकत

    कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के तहत आयोजित किसान मेले का शुभारंभ संयुक्त कृषि निदेशक (गुणवत्ता नियंत्रण) एवं एफपीओ के नोडल अधिकारी संतोष राय और संयुक्त कृषि निदेशक मेरठ मंडल स्मिता वर्मा ने किया। दोनों अधिकारियों ने कृषि गोष्ठी के साथ मेले में लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर के प्रगतिशील एवं उपलब्धि हासिल करने वाले किसान शामिल हुए।

    परियोजना निदेशक (तकनीकी) नीरज सुव्रत ने एफपीओ के जरिए किसानों को बाजार से जोड़ने की संभावनाओं पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसान समूह बनाकर अपनी उपज को एकत्र करने के साथ उसकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग कर सकते हैं। इससे उत्पाद को बड़े खरीदारों और बाजार तक पहुंचाने का रास्ता आसान हो सकता है।

    किसानों को एफपीओ के जरिए बीज, खाद, कीटनाशक और कृषि यंत्रों की सामूहिक खरीद के फायदे भी बताए गए। थोक खरीद से लागत कम करने और सामूहिक बिक्री से बाजार में सौदेबाजी की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया। एफपीओ के कारोबार से होने वाले लाभ में संगठन के विकास के लिए हिस्सा रखने और सदस्यों को लाभांश देने की व्यवस्था की भी जानकारी दी गई।

    दुकान से आगे ऑनलाइन बाजार में पहुंचेगी किसान की उपज*

    किसान मेले में डिजिटल कारोबार को लेकर भी किसानों को जानकारी दी गई। ओएनडीसी के उपाध्यक्ष प्रवीन चौधरी ने बताया कि एफपीओ ई-कॉमर्स के माध्यम से अपने उत्पादों को ऑनलाइन स्टोरफ्रंट पर सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकते हैं। डिजिटल भुगतान, प्रचार और आपूर्ति व्यवस्था जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर किसान समूह अपने उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ा सकते हैं। सिद्धार्थ गौतम ने किसानों को उपज का बेहतर मूल्य हासिल करने और उत्पादन लागत कम करने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि बीज, खाद, कीटनाशक और कृषि यंत्रों की सामूहिक खरीद तथा उपज की सामूहिक बिक्री किसानों की बाजार क्षमता को मजबूत कर सकती है।
    उप कृषि निदेशक गौतमबुद्धनगर विवेक दुबे ने जिले में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं और कृषक हित में कराए गए कार्यों की प्रगति प्रस्तुत की। उन्होंने विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसानों का आभार जताते हुए कृषि की तकनीकी जानकारी के साथ बाजार की नई व्यवस्थाओं को समझने और अपनाने पर जोर दिया।

    पश्चिमी यूपी के किसानों के लिए ट्रेड शो का यह मंच खेती से आगे बढ़कर उपज के कारोबार की पूरी श्रृंखला को समझने का अवसर बना। प्रदेश सरकार की कृषि नीति में किसानों को उत्पादन के साथ बाजार, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। किसान मेले में एफपीओ को इसी बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने रखा गया।

  • योगी सरकार में ग्रामीण सड़कों की मरम्मत को रफ्तार, 1 से 10 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान

    योगी सरकार में ग्रामीण सड़कों की मरम्मत को रफ्तार, 1 से 10 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान

    लखनऊ

     ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत को लेकर योगी सरकार ने विशेष अभियान की तैयारी की है। एक अक्टूबर से 10 नवंबर 2026 तक सड़क मरम्मत का अभियान चलाया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों को सड़क की स्थिति से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने के लिए जल सारथी ऐप पर विशेष सुविधा दी गई है। अब ग्रामीण मौके की फोटो और वीडियो अपलोड कर सड़क से संबंधित शिकायत सीधे दर्ज करा सकेंगे। इससे सड़क बहाली के कार्यों की निगरानी और शिकायतों के निस्तारण में डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल होगा।

    जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सोमवार को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न पेयजल योजनाओं की मंडलवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों को अभियान के दौरान प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित मानकों के अनुरूप दुरुस्त कराया जाए। अभियान के दौरान कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

    जल सारथी ऐप पर फोटो-वीडियो से शिकायत

    बताया गया कि सड़क मरम्मत अभियान के तहत जल सारथी ऐप पर ग्रामीणों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। सड़क की स्थिति खराब होने पर नागरिक मौके की फोटो और वीडियो अपलोड कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित अधिकारी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

    10 नवंबर के बाद शिकायत पर तय होगी जवाबदेही

    जलशक्ति मंत्री ने स्पष्ट किया कि 10 नवंबर के बाद सड़क मरम्मत से जुड़ी शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के साथ जिम्मेदार अभियंता की जवाबदेही भी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि पेयजल योजनाओं के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

    लंबित पेयजल कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश

    समीक्षा बैठक में उन गांवों में लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए, जहां अभी पेयजल सुविधा नहीं पहुंची है। योजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों को भी सख्त चेतावनी दी गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

  • अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज, प्रमुख सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश

    अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज, प्रमुख सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश

    लखनऊ

    प्रदेश में लगातार हुई अतिवृष्टि के बाद जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने और आगामी त्योहारों के मद्देनजर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए योगी सरकार ने राहत एवं निगरानी कार्य तेज कर दिए हैं। नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता से जल निकासी कराने और पानी निकलने के बाद तत्काल सफाई व सैनिटाइजेशन कराने को कहा गया है, ताकि संचारी रोगों की आशंका को रोका जा सके। साथ ही प्रमुख सड़कों एवं मार्गों को गड्ढामुक्त करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

    बैठक में मंत्री एके शर्मा ने विभिन्न नगरीय क्षेत्रों में जलभराव, जल निकासी, साफ-सफाई और रोगों से बचाव के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी त्योहारों को देखते हुए नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता और जनसुविधाओं को और बेहतर किया जाए। प्रमुख सड़कों और मार्गों को गड्ढामुक्त करने के साथ धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रमुख मार्गों पर आवश्यकतानुसार सुशोभन, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं को भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

    ऊर्जा विभाग की समीक्षा में मंत्री शर्मा ने शासन और सभी डिस्कॉम के उच्च अधिकारियों के साथ मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता स्तर तक के अधिकारियों से वर्चुअल बैठक कर अतिवृष्टि एवं प्राकृतिक आपदा से प्रभावित विद्युत अवसंरचना की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति जल्द सामान्य करने के लिए अतिरिक्त मशीनरी, उपकरण और मैनपावर लगाने के निर्देश दिए।

    मंत्री ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुचारु है, लेकिन जहां जलभराव या अन्य कारणों से आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां बहाली में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। फील्ड स्तर पर लगातार निगरानी रखते हुए स्थानीय परिस्थितियों का आकलन किया जाए। क्षतिग्रस्त लाइनों, ट्रांसफार्मरों और अन्य विद्युत अवसंरचना की मरम्मत का कार्य तेजी से पूरा किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

  • योगी सरकार में नौनिहालों की सीखने की दुनिया होगी और रोचक, 1,235 पीएम श्री विद्यालयों में मिलेंगे ब्लूटूथ स्पीकर, ₹61.75 स्वीकृत

    योगी सरकार में नौनिहालों की सीखने की दुनिया होगी और रोचक, 1,235 पीएम श्री विद्यालयों में मिलेंगे ब्लूटूथ स्पीकर, ₹61.75 स्वीकृत

    लखनऊ

    योगी सरकार प्रदेश के नौनिहालों की प्रारंभिक शिक्षा को अधिक रोचक, सहज और गतिविधि आधारित बनाने की दिशा में एक और पहल करने जा रही है। 1,235 पीएम श्री विद्यालयों में स्थित को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों/ बालवाटिकाओं के लिए ब्लूटूथ स्पीकर उपलब्ध कराने हेतु ₹61.75 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। 

    प्रत्येक विद्यालय को अधिकतम ₹5,000 की सीमा में ब्लूटूथ स्पीकर उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उपयोग विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के साथ कहानी, कविता, गीत, पहेली आदि गतिविधियों में किया जाएगा, ताकि बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति, सुनने और सीखने की प्रवृत्ति को गतिविधियों के माध्यम से विकसित किया जा सके। इसकी गुणवत्ता और उपयोगिता की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गये हैं।

    खेल, कहानी और गीत से मजबूत होगी सीखने की बुनियाद

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा को विशेष महत्व दिया गया है। इसी दृष्टि से 3-6 वर्ष के बच्चों में मौखिक भाषा विकास, पर्यावरण से जुड़ाव, संवेदनात्मक एवं सामाजिक विकास के लिए कहानी, कविता, गीत और पहेली जैसी गतिविधियों को उपयोगी माध्यम के रूप में अपनाया जा रहा है। पीएम श्री विद्यालय परिसरों में संचालित को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में ब्लूटूथ स्पीकर उपलब्ध होने से इन गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा। आदेश के अनुसार स्पीकर का उपयोग बच्चों के साथ ऐसी गतिविधियों में किया जाएगा, जिससे उनमें सुनने, बोलने और अपनी भावनाओं को व्यक्त करने की प्रवृत्ति का विकास हो। 

    1,235 पीएम श्री विद्यालयों को ₹5 हजार तक की सुविधा

    प्रदेश के 1,235 पीएम श्री विद्यालयों में स्थित को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों/ बालवाटिकाओं में एक-एक ब्लूटूथ स्पीकर की खरीद के लिए प्रति विद्यालय अधिकतम ₹5,000 की धनराशि अनुमन्य की गई है। इसके लिए कुल ₹61.75 लाख की धनराशि एसएनए स्पर्श के अंतर्गत जारी की गई है। 

    ब्लूटूथ स्पीकर में होंगे उपयोगी तकनीकी फीचर

    स्पीकर की खरीद के लिए निर्धारित नमूना विनिर्देशों में 30 वाट या उससे अधिक पावर, ब्लूटूथ 5.3 या उच्चतर, कम से कम 10 मीटर कनेक्टिविटी रेंज, डुअल 5.2 या उच्चतर ड्राइवर और रिचार्जेबल बैटरी का प्रावधान है। बैटरी बैकअप कम से कम तीन घंटे तथा बैटरी क्षमता 2,000 mAh या अधिक निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त टाइप-C चार्जिंग पोर्ट, चार घंटे या उससे कम में चार्जिंग सपोर्ट, वायरलेस अथवा वायर्ड माइक्रोफोन इनपुट, वॉल्यूम कंट्रोल एवं प्लेबैक कंट्रोल जैसी सुविधाएं भी निर्धारित विनिर्देशों में शामिल हैं। 

    हर शनिवार बच्चों के साथ गतिविधियों में होगा उपयोग

    शासन के निर्देशों के अनुसार ब्लूटूथ स्पीकर का उपयोग प्रत्येक शनिवार को को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्र/बालवाटिका में 3-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के साथ किया जाएगा। इसके माध्यम से मॉडल शिक्षक/ आंगनवाड़ी कार्यकत्री/ ईसीसीई एजुकेटर बच्चों को कहानी, कविता, 
    “

    बच्चों की शुरुआती सीखने की प्रक्रिया जितनी सहज, रोचक और गतिविधि आधारित होगी, उनकी सीखने की नींव उतनी ही मजबूत होगी। पीएम श्री विद्यालयों के को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में ब्लूटूथ स्पीकर की सुविधा से कहानी, कविता, गीत और पहेली जैसी गतिविधियों को और प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी। हमारा प्रयास है कि नौनिहाल सीखने को आनंद के साथ अनुभव करें और अपनी अभिव्यक्ति की क्षमता को विकसित करें।
    संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

    ब्लूटूथ स्पीकर के माध्यम से निर्धारित गतिविधियों का नियमित संचालन बच्चों के लिए सीखने को अधिक संवादात्मक और आनंददायक बनाएगा। सामग्री की गुणवत्ता, उपलब्धता और प्रभावी उपयोग की निगरानी के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर स्पष्ट व्यवस्था की गई है।
    मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

  • योगी सरकार 17,519 आंगनवाड़ी केंद्रों को देगी आधुनिक खेल सुविधाओं की सौगात, ₹87.60 करोड़ रुपये स्वीकृत

    योगी सरकार 17,519 आंगनवाड़ी केंद्रों को देगी आधुनिक खेल सुविधाओं की सौगात, ₹87.60 करोड़ रुपये स्वीकृत

    लखनऊ

    योगी सरकार ने प्रदेश के नौनिहालों के भविष्य की नींव को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में बच्चों के लिए खेल, सीखने और शारीरिक विकास का आधुनिक वातावरण तैयार होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 40 जनपदों के 17,519 को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों/ बालवाटिकाओं में आधुनिक आउटडोर प्ले मैटेरियल स्थापित करने के लिए ₹87.60 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसकी खरीद जेम पोर्टल से पारदर्शी तरीके से होगी। इतना ही नहीं, इसके लिए जिला स्तर की क्रय समिति से लेकर ब्लॉक स्तरीय टास्क फोर्स तक निगरानी का मजबूत तंत्र होगा।

    स्लाइड, सी-सॉ, झूले, राउंड अबाउट और रॉकिंग बोट जैसे उपकरण नौनिहालों को खेल के साथ गतिविधि आधारित सीखने से जोड़ेंगे। यह कदम प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को अधिक गतिविधि-आधारित, आनंददायक और बाल-केंद्रित बनाने के साथ बच्चों के शारीरिक विकास और सक्रियता को बढ़ावा देगा। योगी सरकार का मानना है कि बच्चों के भविष्य की नींव जितनी मजबूत होगी, उत्तर प्रदेश का भविष्य उतना ही सशक्त होगा।

    40 जनपदों के 17,519 केंद्रों में पांच आधुनिक खेल उपकरण

    इस व्यापक पहल के अन्तर्गत 40 जनपदों के 17,519 को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों/ बालवाटिकाओं में पांच प्रकार के आधुनिक आउटडोर खेल उपकरण लगाए जाएंगे। इनमें स्लाइड, सी-सॉ, स्विग, राउंड अबाउट (स्टैंडिंग एमजीआर) और रॉकिंग बोट (टू सीटर) शामिल हैं। इन उपकरणों के माध्यम से बच्चों को विभिन्न प्रकार की शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ उनके लिए आकर्षक और आनंददायक खेल वातावरण तैयार किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि बालवाटिका में सीखना बच्चों के लिए बोझ नहीं, बल्कि खेल और अनुभव से जुड़ा सहज अवसर बने।

    अब आंगनवाड़ी केंद्रों में खेल के साथ गढ़े जाएंगे भविष्य के सपने

    योगी सरकार का जोर बच्चों के शुरुआती वर्षों को मजबूत बनाने पर है। सरकार की दृष्टि में बाल्यावस्था केवल देखभाल का चरण नहीं, बल्कि बच्चे के व्यक्तित्व और क्षमताओं की नींव रखने का निर्णायक समय है। इसी सोच के साथ आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में ऐसे संसाधन विकसित किए जा रहे हैं, जहां बच्चे खेलते हुए सीखें, सक्रिय रहते हुए विकसित हों और गतिविधियों के माध्यम से अपनी क्षमताओं को निखारें। आउटडोर प्ले मैटेरियल उपलब्ध होने से बच्चों को खुले वातावरण में नियमित शारीरिक गतिविधियों के अवसर मिलेंगे और बालवाटिका का वातावरण अधिक जीवंत एवं सीखने के अनुकूल बनेगा।

    बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं, तीन साल की वारंटी भी अनिवार्य
    योगी सरकार ने खेल संसाधनों की उपलब्धता के साथ उनकी गुणवत्ता और बच्चों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है। प्ले मैटेरियल के निर्माण, पेंटिंग, प्ले एरिया और स्थापना के लिए निर्धारित गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा। प्रत्येक उपकरण पर कम से कम तीन वर्ष की वारंटी सुनिश्चित की जाएगी। टूट-फूट या तकनीकी समस्या की स्थिति में आपूर्तिकर्ता को ऑन-साइट वारंटी, प्रतिस्थापन अथवा आवश्यक रख-रखाव की जिम्मेदारी निभानी होगी। यानी बच्चों के लिए सुविधा के साथ संसाधनों की गुणवत्ता और निरंतर उपयोगिता पर भी सरकार की नजर रहेगी।

    योगी सरकार आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए बच्चों के लिए ऐसा वातावरण तैयार कर रही है, जहां खेल, गतिविधि और सीखना एक-दूसरे के पूरक बनें। 17,519 केंद्रों में आधुनिक आउटडोर प्ले मैटेरियल की उपलब्धता से नौनिहालों को सुरक्षित, आनंददायक और गतिविधि-आधारित वातावरण मिलेगा। 

    संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा 

    17,519 आंगनवाड़ी केंद्रों में आधुनिक आउटडोर प्ले मैटेरियल की स्थापना से बच्चों को खेल और गतिविधियों के माध्यम से सीखने का बेहतर अवसर मिलेगा। उपकरणों की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए खरीद से लेकर स्थापना एवं अनुश्रवण तक स्पष्ट व्यवस्था निर्धारित की गई है।
    मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

  • मेहनत और प्रतिभा को मिला सम्मान, उप मुख्यमंत्री ने विजेता विद्यार्थियों को किया पुरस्कृत

    मेहनत और प्रतिभा को मिला सम्मान, उप मुख्यमंत्री ने विजेता विद्यार्थियों को किया पुरस्कृत

    भोपाल 

    सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के स्कूलों में मेरे सपनों का भारत विषय पर भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिला स्तरीय प्रतियोगिता कृष्णा राज कपूर आडिटोरियम में आयोजित की गई। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के बनाए चित्र देखकर और भाषण प्रतियोगिता में उनके उत्कृष्ट विचार सुनकर हम सबको विश्वास हो गया है कि बच्चे विकसित भारत का सपना सच करेंगे। भारत 2047 तक विश्वगुरू बनेगा और लंबे समय तक विश्व का नेतृत्व करेगा, जिससे विश्व में शांति और समृद्धि होगी। वर्षों की पराधीनता में जकड़ा हमारा देश विकास की दौड़ में पीछे रह गया था। आजादी के बाद देश के विकास के प्रयास शुरू हुए। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश के विकास को गति मिली। हमारा देश 2014 के पहले विश्व की 11वीं अर्थव्यवस्था था, आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। देश के साथ मध्यप्रदेश और रीवा में भी विकास के कई बड़े कार्य हुए हैं। मुझे इस बात की खुशी है कि बच्चों को रीवा प्रदेश और देश के अच्छे कार्यों की पूरी जानकारी है।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विकास का वास्तविक और पूरा लाभ बच्चों को ही मिलेगा। 2047 में आप सब बच्चे देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे होंगे। भारत के तेजी से विकास की राह में कदम आगे बढ़ता देखकर कई देश के दुश्मन इसमें बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए युवाओं को भ्रमित किया जा रहा है। बच्चे अपने मन और मस्तिष्क को खुला रखकर देश के विकास की चिंता करने वालों का साथ दें और देश के दुश्मनों के जाल में न फंसे। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस प्रतियोगिता ने बच्चों की ब्रेन स्टार्मिंग की है। इसके लिए मैं शिक्षा विभाग को बधाई देता हूँ। उप मुख्यमंत्री ने भाषण प्रतियोगिता के बच्चों को पुष्पगुच्छ और स्नेह देकर सम्मानित किया।

    समारोह में विन्ध्य विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ.अजय सिंह ने कहा कि आज विद्यार्थियों की प्रतिभा देखकर मैं अभिभूत हूँ। आज के विजेता विद्यार्थी प्रदेश स्तर पर भी रीवा का नाम रोशन करेंगे। प्रतियोगिता में बड़े स्कूलों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों के विद्यार्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है।

    समारोह में उप मुख्यमंत्री ने विजेताओं को सम्मानित किया। भाषण प्रतियोगिता में वैशाली शुक्ला तथा ऋषिका सोनी को संयुक्त रूप से प्रथम स्थान, शगुन सिंह को द्वितीय स्थान तथा प्रवीणा पटेल को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इसमें देश शुक्ला को चौथा तथा गौरी तिवरी को पांचवा स्थान प्राप्त हुआ। चित्रकला प्रतियोगिता में कुमारी आद्या सोनी को प्रथम, तृप्ति द्विवेदी को दूसरा, नेहा ठकुरिया को तीसरा तथा आयुषी गुप्ता को चौथा स्थान प्राप्त हुआ। समारोह में उप मुख्यमंत्री ने बच्चों द्वारा बनाए गए चित्रों का अवलोकन किया। समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष मती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम  व्यंकटेश पाण्डेय, पार्षदगण, प्रभारी अपर कलेक्टर सुधीर बेक, एसडीएम हुजूर जितेन्द्र तिवारी, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी राजेश मिश्रा, शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी, शिक्षक तथा तीन सौ से अधिक प्रतिभागी बच्चे उपस्थित रहे।