Category: राज्य

  • दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के सभागार में बाल मेला सम्मान समारोह, मुख्यमंत्री योगी ने करीब 70 प्रतिभावान बच्चों को किया सम्मानित

    दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के सभागार में बाल मेला सम्मान समारोह, मुख्यमंत्री योगी ने करीब 70 प्रतिभावान बच्चों को किया सम्मानित

     गोरखपुर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सवालों के जवाब दे सकता है और काम आसान कर सकता है, लेकिन सवाल करना अच्छी किताब ही सिखाएगी। तकनीक का उपयोग करें, लेकिन उस पर पूरी तरह निर्भर न हों। अच्छी पुस्तकें और समाचार पत्र पढ़ें और नई चीजों को जानने की जिज्ञासा बनाए रखें।

    मुख्यमंत्री योगी दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के सभागार में एक मीडिया हाउस की ओर से आयोजित बाल मेला सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विज्ञान मॉडल, चित्रकला, निबंध समेत विभिन्न प्रतियोगिताओं के करीब 70 विजेता छात्र-छात्राओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में करीब 500 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।

    साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि साढ़े नौ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश बदनाम प्रदेश था। यूपी के नाम से लोग चौंकते थे और युवाओं के सामने पहचान का संकट था। अकेले यूपी पुलिस में दो लाख से अधिक पद खाली थे। सरकार बनने के बाद भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया और प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाई गई।

    उन्होंने कहा कि साढ़े नौ वर्षों में विभिन्न विभागों में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई। अकेले यूपी पुलिस में 2.30 लाख से अधिक भर्तियां हुई हैं। इन भर्तियों की पारदर्शिता पर कोई सवाल नहीं उठा सकता।

    पहले दंगे और कर्फ्यू, अब सुरक्षित प्रदेश

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले हर दूसरे दिन दंगे होते थे और महीनों कर्फ्यू रहता था। आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू, दंगा और उपद्रव से मुक्त सुरक्षित प्रदेश है। सामर्थ्य पहले भी थी, लेकिन करने की इच्छाशक्ति नहीं थी। आज प्रयास हो रहा है तो परिणाम सामने आ रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश देश के पिछड़े राज्यों में गिना जाता था। आज यह शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हुई है।

    120 से बढ़कर 24 हजार से अधिक स्टार्टअप

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप थे। आज इनकी संख्या 24 हजार से अधिक है। अब यूपी का युवा केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि स्टार्टअप के जरिए दूसरों को नौकरी देने वाला भी बन रहा है।

    गोरखपुर के टेराकोटा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट से कारीगरों को बाजार मिला है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 2,400 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं और 90 देशों से 650 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे हैं।

    550 खिलाड़ियों को नौकरी, अगले सप्ताह 500 और

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार खेलों में करियर बनाने वाले युवाओं को भी सहयोग दे रही है। ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रदेश के खिलाड़ी को छह करोड़ रुपये के साथ सरकारी नौकरी दी जाती है। अब तक 550 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है और अगले सप्ताह 500 से अधिक खिलाड़ियों को फिर नौकरी दी जाएगी।

    उन्होंने हॉकी खिलाड़ी ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल का उदाहरण देते हुए कहा कि पदक जीतने के बाद दोनों को सीधे पुलिस उपाधीक्षक बनाया गया।

    अंकों के दबाव में बच्चों का खेलना न हो बंद
    मुख्यमंत्री योगी ने अभिभावकों से बच्चों पर अंकों का अनावश्यक दबाव नहीं बनाने को कहा। बोले कि अंकों के पीछे उतना ही भागें, जितना मानसिक संतुष्टि दे सके। दबाव ऐसा नहीं होना चाहिए कि बच्चे का खेलना, सोना और खाना-पीना प्रभावित हो जाए।

    उन्होंने स्कूल-कॉलेजों में समाचार पत्र मंगवाने पर जोर दिया। कहा कि हिंदी और अंग्रेजी के समाचार पत्र पढ़ने से भाषा और व्याकरण सुधारने के साथ नई चीजों को जानने का अवसर मिलता है।

    असफलता से सीखें, प्रयास नहीं छोड़ें

    मुख्यमंत्री योगी ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि वह वायुसेना के फाइटर पायलट बनना चाहते थे, लेकिन सफल नहीं हुए। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आगे चलकर मिसाइल मैन तथा देश के राष्ट्रपति बने। कवि सोहनलाल द्विवेदी की रचना कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती का उल्लेख करते हुए बच्चों से लगातार प्रयास करने को कहा।

    मुख्यमंत्री ने बच्चों से अपने शहर की विरासत को जानने को भी कहा। गोरखनाथ मंदिर, गीता प्रेस, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और रामगढ़ताल का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चे वहां की व्यवस्था और इतिहास को समझें।

    सम्मान पाने में बेटियां आगे

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सम्मान पाने वाले बच्चों में बेटियों की संख्या अधिक है। बेटियों को अवसर मिले तो वे अपनी प्रतिभा के बल पर सब कुछ कर सकती हैं। उन्होंने सांसद रवि किशन से बच्चों को शूटिंग स्थल पर ले जाकर फिल्म निर्माण की प्रक्रिया दिखाने को भी कहा।

    सांसद रवि किशन ने कहा कि सम्मान के लिए ऐसे बच्चों को चुना गया है, जिन्होंने कुछ अलग किया है। गोरखपुर में बच्चों को आगे बढ़ने के लिए हर तरह की सुविधा उपलब्ध है।

    कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

    कार्यक्रम में सांसद रवि किशन शुक्ला, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा समेत शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

  • अमेरिकी राजदूत के दौरे के दौरान दरबार साहिब के बाहर दिखे खालिस्तानी झंडे

    अमेरिकी राजदूत के दौरे के दौरान दरबार साहिब के बाहर दिखे खालिस्तानी झंडे

    अमृतसर.

    भारत में अमेरिकी राजदूत सरजियो गोर के आज (सोमवार) श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचते ही शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के कार्यकर्ताओं ने खालिस्तान के झंडे दिखाए। खालिस्तान झंडे दिखाए जाने के बाद माहौल गरमा गया है।

    इस दौरान वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने राजदूत सरिजयो गोर को ज्ञापन देने का भी प्रयास किया, लेकिन वे विफल रहे। इस पूरी घटना के बाद पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष इमान सिंह मान ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वे अमेरिकी राजदूत को सिख समुदाय से जुड़े कई बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक ज्ञापन सौंपना चाहते थे।

    जलियांवाला बाग का भी करेंगे दौरा
    अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने आज यानी सोमवार को एक दिवसीय अमृतसर दौरे पर पहुंचे। अपने दौरे के दौरान उन्होंने श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होकर गुरुघर का आशीर्वाद लिया। इसके अलावा उनके जलियांवाला बाग और पार्टिशन म्यूजियम जाने का भी कार्यक्रम निर्धारित है। राजदूत के अमृतसर दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उनके निर्धारित कार्यक्रम वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से विशेष प्रबंध किए गए हैं। सर्जियो गोर के दौरे का प्रमुख केंद्र श्री हरिमंदिर साहिब रहेगा। यहां वह माथा टेकने के साथ गुरुघर की मर्यादा के अनुसार दर्शन करेंगे। इसके बाद उनके जलियांवाला बाग और पार्टिशन म्यूजियम जाने का कार्यक्रम है। दोनों स्थानों पर भी सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर संबंधित विभागों की ओर से आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।

  • 100 टन कृषि कचरे से बनाया टेक्सटाइल फाइबर, अब अमेरिका-कोरिया पहुंचेगा यूपी का हेम्प

    100 टन कृषि कचरे से बनाया टेक्सटाइल फाइबर, अब अमेरिका-कोरिया पहुंचेगा यूपी का हेम्प

    ग्रेटर नोएडा

     यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश के कारोबारियों को वैश्विक बाजार से जुड़ने का अवसर दे रहा है। संभल की भारत हेम्प एग्रो ने करीब 100 टन भांग (हेम्प) के कृषि अवशेष को हाई-ग्रेड टेक्सटाइल फाइबर में बदलकर नया बाजार तैयार किया है। कंपनी ने अब अमेरिका और दक्षिण कोरिया में हेम्प फाइबर के निर्यात के लिए एमओयू भी किया है।

    भारत हेम्प एग्रो के फाउंडर आयुष सिंह ने बताया कि वर्ष 2021 में इसकी शुरुआत हुई थी। हेम्प का कृषि अवशेष पहले जलाया या फेंक दिया जाता था। कंपनी ने इसी कचरे को टेक्सटाइल फाइबर में बदलना शुरू किया। उन्होंने बताया कि हेम्प फाइबर प्राकृतिक रूप से एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल होता है और कॉटन के मुकाबले इसके उत्पादन में काफी कम पानी खर्च होता है।

    एक हजार किसानों की आय दोगुनी

    आयुष सिंह के मुताबिक, इस पहल से करीब एक हजार किसानों की आय दोगुनी हुई है, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से करीब तीन हजार ग्रामीण परिवारों को रोजगार और सहयोग मिला है। कंपनी को उत्तर प्रदेश सरकार की प्रोटोटाइप डेवलपमेंट ग्रांट और केंद्र सरकार की नेशनल एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर स्कीम से भी सहयोग मिला है। विशेष रूप से योगी सरकार की सकारात्मक नीतियों के चलते कारोबार की संभावनाएं पहले से काफी बढ़ गई हैं।

    उन्होंने बताया कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के पिछले तीन संस्करणों में काफी बड़े अवसर मिले हैं। अब अमेरिका और दक्षिण कोरिया में निर्यात के लिए एमओयू होने से कारोबार को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का रास्ता खुला है।

    आयुष सिंह ने बताया कि केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की न्यू एज फाइबर पॉलिसी में हेम्प को एलाइड फाइबर के रूप में शामिल किए जाने से इस क्षेत्र में नई संभावनाएं बनी हैं। उन्होंने बताया कि भारत में हेम्प की संभावनाओं के बावजूद इससे जुड़े उत्पाद पहले चीन से आयात किए जा रहे थे। इसी को देखते हुए देश में ही हेम्प फाइबर तैयार करने की क्षमता विकसित करने की शुरुआत की गई।

  • वित्त मंत्री की बीमा एजेंटों से अपील- पॉलिसी की शर्तों और क्लेम की प्रक्रिया की पूरी जानकारी लोगों तक पहुंचाएं

    वित्त मंत्री की बीमा एजेंटों से अपील- पॉलिसी की शर्तों और क्लेम की प्रक्रिया की पूरी जानकारी लोगों तक पहुंचाएं

    कमजोर और ग्रामीण वर्ग तक बीमा पहुंचाना सबसे जरूरी : सुरेश खन्ना

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में ‘वित्तीय समावेशन-बीमा जरूरी है’ कार्यक्रम में बोले वित्त मंत्री

    बोले- योगी सरकार के प्रयास से बीमा के बारे में जागरूकता बढ़ी है, दुर्घटना और बीमारी के समय आर्थिक नुकसान कम करने में बीमा बड़ी सुरक्षा

    बीमा एजेंटों से अपील- पॉलिसी की शर्तों और क्लेम की प्रक्रिया की पूरी जानकारी लोगों तक पहुंचाएं

    ग्रेटर नोएडा
     उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि योगी सरकार के प्रयास से बीमा के बारे में शहरी और आर्थिक रूप से सक्षम वर्ग में जागरूकता बढ़ी है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों और कमजोर वर्ग तक इसकी पहुंच बढ़ाने की अभी बहुत जरूरत है। बीमारी, दुर्घटना या किसी दूसरी विपरीत परिस्थिति में सबसे ज्यादा आर्थिक संकट कमजोर परिवारों के सामने आता है। ऐसे में बीमा उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने और नुकसान कम करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।

    वित्त मंत्री यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में आयोजित ‘वित्तीय समावेशन-बीमा जरूरी है’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। कार्यक्रम में बीमा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने हेल्थ इंश्योरेंस, मोटर इंश्योरेंस, क्लेम, सरकारी बीमा योजनाओं और वित्तीय समावेशन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी।

    जितना अधिक प्रचार-प्रसार होगा, उतना ही ज्यादा लोगों को लाभ मिलेगा

    वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य स्तर पर ऐसी कई योजनाएं चल रही हैं, जिनके बारे में लोगों को जानकारी भी है। इसके बावजूद इनका जितना अधिक प्रचार-प्रसार होगा, उतना ही ज्यादा लोगों को लाभ मिलेगा। खासतौर पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तक बीमा की जानकारी पहुंचाना जरूरी है।
    उन्होंने कहा कि सक्षम और शहरी वर्ग को बीमा के बारे में अपेक्षाकृत अधिक जानकारी होती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। दुर्घटना या दूसरी विपरीत परिस्थिति में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पर बड़ा बोझ पड़ सकता है। बीमा के जरिए इस नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    लोगों को पॉलिसी की पूरी शर्तें बताएं  एजेंट

    सुरेश खन्ना ने बीमा एजेंटों और कंपनियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि एजेंट केवल पॉलिसी कराने तक सीमित न रहें, बल्कि बीमाधारक को प्रीमियम, नवीनीकरण, क्लेम और दूसरी जरूरी शर्तों की पूरी जानकारी दें। इससे जरूरत के समय लोगों को क्लेम लेने में परेशानी नहीं होगी।

    उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय स्तर पर लोगों से सीधे जुड़े व्यक्तियों तक भी बीमा की जानकारी पहुंचनी चाहिए। इनके माध्यम से गांवों में ज्यादा लोगों को जागरूक किया जा सकता है।

    थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की अनदेखी पड़ सकती है भारी

    वित्त मंत्री ने वाहनों के थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का उदाहरण देते हुए कहा कि इसकी अहमियत अक्सर दुर्घटना होने के बाद समझ में आती है। गांवों में कई बार लोग लापरवाही या जानकारी के अभाव में वाहनों का जरूरी बीमा नहीं कराते। दुर्घटना होने और किसी तीसरे व्यक्ति को नुकसान पहुंचने की स्थिति में यह बड़ी आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है।

    उन्होंने कहा कि थर्ड पार्टी इंश्योरेंस इस तरह के जोखिम को कवर करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए वाहन मालिकों को इसके प्रति जागरूक करने की जरूरत है।

    हेल्थ इंश्योरेंस के क्लेम को लेकर दूर हुईं कई भ्रांतियां

    कार्यशाला में हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि कुछ परिस्थितियों में पॉलिसी की शर्तों के अनुसार नेटवर्क या इम्पैनल्ड अस्पताल से बाहर इलाज कराने पर भी जरूरी दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी होने पर रीइम्बर्समेंट क्लेम किया जा सकता है।

    वित्त मंत्री ने कहा कि इस तरह की जानकारी आम लोगों तक पहुंचना जरूरी है। कई बार पॉलिसीधारक को अपनी पॉलिसी में उपलब्ध सुविधाओं और क्लेम की प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होती। इस कारण वह जरूरत के समय बीमा का पूरा लाभ नहीं उठा पाता।

    गंभीर बीमारी कभी परिवार के सामने खड़ा कर देती थी आर्थिक संकट

    कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पहले परिवार में किसी व्यक्ति को लिवर सिरोसिस, किडनी की गंभीर बीमारी, कैंसर या हृदय रोग जैसी बीमारी होने पर इलाज का खर्च उठाना बड़ी चुनौती बन जाता था। कई परिवारों की जमा पूंजी खत्म हो जाती थी और जमीन-जायदाद तक बेचने या गिरवी रखने की नौबत आ जाती थी।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली है। योजना के तहत पात्र परिवारों को द्वितीयक और तृतीयक स्तर के अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज कराने के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है।

    पांच लाख तक कैशलेस इलाज, दूसरे राज्य में भी उपचार की सुविधा

    कार्यक्रम में बताया गया कि योजना के तहत सरकारी और इम्पैनल्ड निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसमें देशभर में पोर्टेबिलिटी का प्रावधान भी है। यानी पात्र लाभार्थी दूसरे राज्य में भी योजना से जुड़े अस्पताल में उपचार करा सकता है।

    उत्तर प्रदेश में योजना के वित्तपोषण में केंद्र और राज्य सरकार दोनों की भागीदारी है। इसमें केंद्र सरकार की 60 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश सरकार की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

    बीमा को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर

    वित्त मंत्री ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे मंच पर वित्तीय समावेशन और बीमा पर चर्चा का उद्देश्य केवल योजनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि बीमा को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना भी है। इसके लिए बीमा कंपनियों, एजेंटों और स्थानीय प्रतिनिधियों को मिलकर काम करना होगा।

    उन्होंने कहा कि विशेष ध्यान उन लोगों पर होना चाहिए जो गरीबी रेखा के नीचे हैं, आर्थिक रूप से कमजोर हैं या जिनके लिए किसी दुर्घटना अथवा गंभीर बीमारी का खर्च पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति बिगाड़ सकता है।

    कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश शासन की सचिव वित्त संदीप कौर, आईआरडीएआई के जीएम पंकज तिवारी, एक्सिस मैक्स के वीपी सुमित सत्यन, बजाज जनरल इंश्योरेंस के वीपी एजाज खान और केयर हेल्थ  रूरल के सीडीओ अतुल सबरवाल समेत बीमा एवं वित्तीय क्षेत्र से जुड़े अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे।

  • पहले सेल्फी, फिर सात फेरे… ट्रेड शो में योजनाओं को बताने का मनभावन अंदाज

    पहले सेल्फी, फिर सात फेरे… ट्रेड शो में योजनाओं को बताने का मनभावन अंदाज

    ग्रेटर नोएडा

    इंटरनेशनल ट्रेड शो घूमने पहुंचे लोग जब समाज कल्याण विभाग के आउटलेट में कदम रखते हैं तो एक-एक कर अलग-अलग दृश्य उनका ध्यान खींचते हैं। सामने डिजिटल सेल्फी प्वाइंट है, कुछ कदम आगे विवाह मंडप में दूल्हा-दुल्हन फेरे लेते नजर आते हैं। आगे बढ़ने पर सिलाई केंद्र और किराना स्टोर के मॉडल ग्रामीण परिवारों की बदलती तस्वीर दिखाते हैं। यानी सरकारी योजनाओं की जानकारी यहां पढ़ने के बजाय देखने और महसूस करने का अनुभव देती है।

    क्लिक होते ही खुद मोबाइल तक पहुंच रही सेल्फी

    आउटलेट के प्रवेश हिस्से में बनाया गया डिजिटल सेल्फी प्वाइंट युवाओं और परिवारों को रोक रहा है। यहां क्यूसेक मशीन के माध्यम से सेल्फी लेने की सुविधा है। फोटो लेने के बाद तस्वीर सीधे संबंधित व्यक्ति के मोबाइल फोन पर पहुंच जाती है। सेल्फी लेने के बाद लोग आसपास लगी योजनाओं की प्रदर्शनी देखने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। इसके बाद कन्या विवाह योजना का मॉडल सामने आता है। दो सजे विवाह मंडपों में कटआउट के जरिए दूल्हा-दुल्हन को फेरे लेते हुए दिखाया गया है। मंडप में इलेक्ट्रॉनिक हवन कुंड भी लगाया गया है। पूरा दृश्य विवाह समारोह का आभास कराता है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए संचालित योजना को आसानी से समझने का माध्यम बनता है।

    कुछ कदम आगे अभ्युदय कोचिंग योजना का प्रदर्शन है। कटआउट और डिस्प्ले के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई है। समाज कल्याण विभाग की दूसरी कल्याणकारी योजनाओं को भी अलग-अलग मॉडल के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।

    ज्योति टेलर से दीपक किराना स्टोर तक दिखा आत्मनिर्भरता का रास्ता

    महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की पहल 'ज्योति टेलर' काउंटर पर दिखाई देती है। ग्रामीण परिवेश की महिला को घर से सिलाई का काम करते हुए दिखाकर यह समझाने का प्रयास किया गया है कि सरकारी योजनाओं से जुड़कर महिलाएं अपने हुनर को आय के साधन में बदल सकती हैं। पास ही दीपक किराना स्टोर का मॉडल छोटे कारोबार के जरिए परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की तस्वीर सामने रखता है। आउटलेट में ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों की भी प्रदर्शनी लगाई गई है। उत्पादों की जानकारी लेने के साथ ट्रेड शो में आने वाले लोग उनकी खरीदारी भी कर रहे हैं। मंच की ओर बढ़ते ही दृश्य बदल जाता है। यहां अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों की लोककलाओं और लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां हो रही हैं। कलाकारों की प्रस्तुतियों के दौरान दर्शकों की भीड़ जुटती है और मोबाइल कैमरे निकल आते हैं। कोई वीडियो बनाता है तो कोई कलाकारों के साथ सेल्फी लेता है।

    योगी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए तैयार किया गया यह आउटलेट सहायता से लेकर शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, रोजगार और संस्कृति तक की तस्वीर एक ही परिसर में पेश कर रहा है। योजनाओं को मॉडल और प्रत्यक्ष प्रदर्शन से जोड़ने के कारण यह आउटलेट ट्रेड शो में महज सूचना केंद्र न रहकर लोगों के लिए अनुभव और संवाद का केंद्र बन गया है।

  • नवरात्र-दीपावली से पहले चिल्लर का संकट, बड़े नोटों से भरे गल्ले पर छुट्टे लौटाना मुश्किल

    नवरात्र-दीपावली से पहले चिल्लर का संकट, बड़े नोटों से भरे गल्ले पर छुट्टे लौटाना मुश्किल

    निम्बाहेड़ा
     पितृपक्ष के बाद अब नवरात्र और दीपावली का त्योहारी सीजन सिर पर है। आम तौर पर इन दिनों बाजारों में चहल-पहल बढ़ जाती है, लेकिन निम्बाहेड़ा के छोटे बाजारों से लेकर मुख्य किराना और फल-सब्जी मंडियों तक इस समय एक अजीब सी माथापच्ची चल रही है।

    ग्राहक की जेब में 200 या 500 का नोट है, उसे 20 या 30 रुपए का सामान चाहिए, लेकिन दुकान पर पहुंचते ही सबसे पहला और बड़ा सवाल यही गूंज रहा है भाई साहब, 10 का छुट्टे देना; छुट्टे हैं क्या? त्योहारी सीजन के मुहाने पर खड़े इस दौर में छोटे नोटों और सिक्कों की किल्लत ने रोजमर्रा के लेन-देन को बड़ा सिरदर्द बना दिया है।

    डिजिटल दौर की अपनी मजबूरियां और यूपीआई का भ्रम
    आज के समय में डिजिटल भुगतान (यूपीआई) को नकदी का सबसे बड़ा विकल्प माना जाता है, लेकिन निम्बाहेड़ा के स्थानीय बाजारों की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कहती है।

    हर ग्राहक डिजिटल नहीं: बुजुर्ग, छोटे बच्चे, ग्रामीण इलाकों से आने वाले खरीदार और ठेले-पटरियों से रोजमर्रा की जरूरत का सामान खरीदने वाले लोग आज भी पूरी तरह कैश पर निर्भर हैं।
        यूपीआई चार्ज का डर: हाल ही में यूपीआई ट्रांजैक्शन पर संभावित शुल्क लगने की चर्चाओं और भ्रम ने आम जनता के मन में एक मनोवैज्ञानिक डर पैदा कर दिया है। इसके चलते लोग अपने पास मौजूद छोटे नोटों को खर्च करने के बजाय होल्ड (संचित) करने लगे हैं।
        तकनीकी अड़चनें: त्योहारों के सीजन में लोड बढ़ने पर सर्वर डाउन होना या नेटवर्क फेल होना आम बात है। ऐसे में इंटरनेट या स्कैनर धोखा दे जाते हैं और मौके पर केवल छुल्ले पैसे ही काम आते हैं।

    आपसी जुगाड़ से चल रहा काम, आगे और बिगड़ेगी स्थिति
    जब आधिकारिक बैंकिंग व्यवस्था से कोई ठोस समाधान नहीं मिल रहा, तो निम्बाहेड़ा के छोटे व्यापारियों ने खुद ही इसका तोड़ निकाल लिया है। व्यापारी आपस में ही एक-दूसरे को बड़े नोट देकर चिल्लर और छोटे नोटों का जुगाड़ कर रहे हैं। लेकिन यह कोई स्थायी समाधान नहीं है। अब सबसे बड़ा सवाल आने वाले नवरात्र और दीपावली के पीक सीजन को लेकर है।

    जब त्योहारी खरीदारी का दौर परवान चढ़ेगा, तब छोटे मूल्यवर्ग की जरूरत सामान्य दिनों के मुकाबले कई गुना बढ़ जाएगी। यदि समय रहते बैंकों और स्थानीय स्तर पर छोटे नोटों की यह किल्लत दूर नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में छुट्टा है क्या? सिर्फ एक दुकानदार का सवाल नहीं, बल्कि पूरे बाजार की सबसे बड़ी रुकावट बन जाएगा।

    गल्ले में 500 के नोट, पर चिल्लर के लाले
    दुकानदारों की परेशानी यह है कि दिनभर की बिक्री में बड़े नोट तो धड़ल्ले से आ रहे हैं और गल्ले में जमा होते जा रहे हैं, लेकिन ग्राहकों को खुले पैसे या खुल्ले लौटाने के लिए 5, 10, 20 और 50 रुपए के नोट या सिक्के ढूंढे नहीं मिल रहे। बाजार की तस्वीर यह है कि एक दुकानदार के पास यदि गलती से सिक्के आ गए, तो आस-पास के दूसरे दुकानदार उससे चिल्लर मांगने पहुंच जाते हैं। यानी बाजार में कुल नकदी तो घूम रही है, लेकिन वह उस छोटे मूल्यवर्ग में नहीं है जिसकी रोजमर्रा के खुदरा कारोबार को सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

  • झारखंड में 125 दिन रोजगार योजना की निगरानी होगी मजबूत, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनेगी संचालन समिति

    झारखंड में 125 दिन रोजगार योजना की निगरानी होगी मजबूत, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनेगी संचालन समिति

    रांची
     राज्य में वीबी-जी राम जी योजना के बेहतर क्रियान्वयन और प्रभावी निगरानी के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद का गठन किया जाएगा. ग्रामीण विकास विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है. जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी होने की संभावना है. परिषद में अधिकारियों के साथ 15 गैर सरकारी सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा. इसका उद्देश्य योजना के संचालन, निगरानी, मूल्यांकन और शिकायत निवारण व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है. वीबी-जी राम जी अधिनियम 1 जुलाई 2026 से देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू है और इसके तहत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी का प्रावधान है.

    मुख्यमंत्री होंगे परिषद के अध्यक्ष
    राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, जबकि ग्रामीण विकास मंत्री इसके उपाध्यक्ष होंगे. राज्य स्तरीय सामान्य सभा में पंचायती राज, वित्त, वन एवं पर्यावरण, जल संसाधन, राजस्व एवं भूमि सुधार, भवन निर्माण, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता, कल्याण तथा श्रम एवं कौशल विकास सहित संबंधित विभागों के मंत्री सदस्य होंगे. परिषद में मुख्य सचिव और संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव भी शामिल होंगे. योजना आयुक्त को सदस्य सचिव बनाया जायेगा. इसके अलावा राज्य सरकार कम से कम 15 गैर सरकारी सदस्यों को नामित करेगी.

    योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन करेगी परिषद
    परिषद का मुख्य काम योजनाओं के प्रभावी संचालन और निगरानी को सुनिश्चित करना होगा. इसके अलावा योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन किया जाएगा तथा राज्य सरकार को योजना से जुड़े विभिन्न मामलों में सुझाव भी दिए जाएगे. परिषद वार्षिक रिपोर्ट तैयार करने के साथ निगरानी और शिकायत निवारण व्यवस्था की भी समीक्षा करेगी. जरूरत के अनुसार इसमें सुधार के लिए सिफारिश की जाएगी.

    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होगी संचालन समिति
    योजना के परिचालन संबंधी मार्गदर्शन, समन्वय और निगरानी के लिए राज्य स्तरीय संचालन समिति का भी गठन किया जाएगा. इसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे या राज्य सरकार द्वारा नामित अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे. संचालन समिति का खाका भी तैयार किया गया है. समिति राज्य में योजना की तकनीकी और परिचालन जरूरतों के साथ डिजिटल प्रणालियों, निगरानी व्यवस्था और प्रक्रियाओं में सुधार को लेकर मार्गदर्शन देगी.

  • पुलिस आधुनिकीकरण पर ₹1,300 करोड़ खर्च करेगा हरियाणा, नवंबर में 4 हजार भर्तियां

    पुलिस आधुनिकीकरण पर ₹1,300 करोड़ खर्च करेगा हरियाणा, नवंबर में 4 हजार भर्तियां

     गुरुग्राम
     हरियाणा पुलिस अगले दो साल में अपने आधुनिकीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 1300 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है।

    इस साल अब तक 5500 भर्तियां हो चुकी हैं और नवंबर में 4000 जवानों की और भर्ती होगी। अगले साल 20 हजार पुलिस भर्ती करने का लक्ष्य है।

    यह बात हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने सोमवार को गुरुग्राम में कही। वे सेक्टर 17-सी में नवनिर्मित सेक्टर 17-18 थाने की नई बिल्डिंग के उद्घाटन के मौके पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

    साढ़े चार करोड़ में बना नया थाना
    डीजीपी ने बताया कि साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से बने इस नए थाने का निर्माण पुलिस हाउसिंग बोर्ड ने किया है। अब तक थाना पुरानी बिल्डिंग से संचालित हो रहा था।

    इस साल पूरे प्रदेश में 8 नए पुलिस थाने, 3 पुलिस चौकियां, 9 पुलिस बिल्डिंग और 313 पुलिस आवासों का निर्माण किया गया है। इस साल पुलिस मॉडर्नाइजेशन पर साढ़े छह सौ करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

    ANTF, महिला सुरक्षा के लिए 33 थाने
    नशे पर उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य पंजाब से सबसे अधिक तस्करी हो रही है, रोकने के लिए (एएनटीएफ) एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है। गृह मंत्रालय भी इस पर गंभीर है।

    कहा कि महिला सुरक्षा के लिए प्रदेश में 33 महिला थाने, सीसीटीवी नेटवर्क, 112 ऐप और स्कूल-कॉलेज के पास दुर्गा शक्ति वाहन तैनात किए गए हैं।

    इसके साथ ही महिलाओं के लिए एक ऐप भी शुरू किया जा रहा है, जो कामकाजी महिलाओं को ट्रिपिंग सुविधा देगा। साइबर क्राइम पर उन्होंने कहा कि यह नया चैलेंज है, लेकिन पिछले दो सालों में इसमें कमी लाई गई है।

    आतंक फैलाने वालों से आतंकी जैसा सलूक
    बढ़ते एक्सटॉर्शन के मामलों पर डीजीपी ने सख्त लहजे में कहा कि जो व्यक्ति जनता में भय फैलाएगा, पुलिस उसके साथ वैसा ही सलूक करेगी। जो आतंक फैलाएगा, उसके साथ आतंकी जैसा ही व्यवहार होगा।

    विदेश में बैठे गैंगस्टरों पर भी लगाम लगाई जा रही है, पिछले दो सालों में 25 गैंगस्टरों को विदेश से डिपोर्ट कर भारत लाया गया है और आगे भी प्रक्रिया जारी है।

    गुरुग्राम में रोडरेज पर उन्होंने कहा कि महिला बाइकर के साथ हुई घटना में आरोपी को राजस्थान से पकड़कर लाया गया है। रोडरेज की घटनाओं पर भी पुलिस गंभीर है

    युवराज मनचंदा मामले में पुलिस चूक की जांच
    दिल्ली के युवक युवराज मनचंदा की गुरुग्राम में मौत के मामले में पूछे गए सवाल पर डीजीपी ने माना कि गुरुग्राम पुलिस से चूक हुई है।

    उन्होंने कहा कि एसओपी के अनुसार किसी भी शव का अंतिम संस्कार तीन दिन बाद कर दिया जाता है। इस मामले में कोर्ट ने संज्ञान लिया है। कहां-कहां लैप्स हुए हैं, इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

  • राजस्थान की प्राचीन ज्ञान-धरोहर को मिलेगा डिजिटल रूप, पांडुलिपियों के संरक्षण पर जयपुर में कार्यशाला

    राजस्थान की प्राचीन ज्ञान-धरोहर को मिलेगा डिजिटल रूप, पांडुलिपियों के संरक्षण पर जयपुर में कार्यशाला

    जयपुर
    संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित "ज्ञान भारतम मिशन" के तहत राजस्थान राज्य में "पाण्डुलिपि डिजिटलीकरण कार्यशाला" का आयोजन सोमवार को जयपुर के झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन तथा कला एवं संस्कृति मंत्री  दिया कुमारी के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव वी.निवास उपस्थित रहे।

    उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि पांडुलिपियां केवल पुराने कागज या ग्रन्थ नहीं हैं, ये भारत के हजारों वर्षों के साहित्य, परम्परा, इतिहास और दर्शन की धरोहर हैं। इनमें हमारे पूर्वजों के अनुभव, शोध और ज्ञान का भण्डार सुरक्षित है। एक पाण्डुलिपि केवल अतीत की कहानी नहीं कहती, बल्कि वह आने वाली पीढ़ियों के लिए नए मार्ग खोलती है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में "ज्ञान भारतम मिशन" इसी संकल्प को नई तकनीक से जोड़ रहा है। मोदी जी का विजन है कि हमारा प्राचीन ज्ञान अलमारियों में बंद न रहे, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से दुनिया तक पहुंचे और विकसित भारत की शक्ति बने। प्रधानमंत्री जी की सोच को केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत जी के मार्गदर्शन में साकार किया जा रहा है।

    उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी के मार्गदर्शन में राजस्थान में पाण्डुलिपियों को संरक्षित करने के लिए निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान के तहत राजकीय व निजी संग्रह, पुस्तकालयों, मंदिर, मठों आदि से लगभग 23 लाख पांडुलिपियों का सर्वे किया गया है, जिसमें से लगभग एक लाख चौबीस हजार को डिजिटाइज्ड किया जा चुका है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि राजस्थान की प्रत्येक पाण्डुलिपि को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाए ताकि युवा शोधार्थी, विद्यार्थी और आम जन भी हमारे शास्त्रों, आयुर्वेद, ज्योतिष और साहित्य के ज्ञान से जुड़ सकें। इसके लिए जिला स्तर पर भी संरक्षण केन्द्र विकसित किए जाएंगे और निजी संग्रहकर्ताओं को भी इस मिशन से जोड़ा जाएगा।

    प्राचीन ग्रंथ और दस्तावेज देश की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर -मुख्य सचिव
     मुख्य सचिव वी.निवास ने कहा कि प्राचीन ग्रंथ और दस्तावेज देश की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर हैं और ज्ञान भारतम मिशन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। राजस्थान का इतिहास और सभ्यता बहुत समृद्ध है। मिशन को और सफल बनाने के लिए सभी विश्वविद्यालयों के संस्कृत विभागों को साथ लेकर तालपत्रों के संरक्षण और संस्कृत शब्दावली तैयार करने की दिशा में काम किया जाना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि इस कार्य में सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए और युवाओं को इस क्षेत्र में शोध के लिए प्रेरित किया जाए। पाण्डुलिपियों में छिपा ज्ञान यदि तकनीक के माध्यम से सहज रूप से उपलब्ध होगा तो यह न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश की ज्ञान परम्परा को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।

    उक्त कार्यशाला में संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली से संयुक्त सचिव समीर नंदा, निदेशक इंद्रजीत सिंह , आयुक्त पर्यटन विभागमती रुक्मणी रियार, शासनउप सचिव, कला एवं संस्कृति विभाग, अनुपम कायल, निदेशक राजस्थान संस्कृत अकादमी, डॉ. लतामाली, सयुंक्त निदेशक, पुरातत्व संग्रहालय विभाग,मती कृष्णकांता शर्मा, प्रबंधक रविन्द्र मंच, कविता गोदारा, सहायक नोडल अधिकारी ज्ञानभारतम, रजनीश हर्ष एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

    ज्ञानभारतम मिशन के राजस्थान समन्वयक डॉ. सुरेन्द्र शर्मा ने राजस्थान का प्रजेंटेशन दिया और सभी राज्य से आये हुए अधिकारीगणों को अवगत कराया कि राजस्थान किस प्रकार इस मिशन में रोल मॉडल बनकर उभरा है।

  • LPU में पुलिस का सख्त पहरा, सीनियर अधिकारियों ने संभाली कमान; DGP ने चेताया

    LPU में पुलिस का सख्त पहरा, सीनियर अधिकारियों ने संभाली कमान; DGP ने चेताया

    जालंधर.

    फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में रातभर हुए हंगामे के बाद सोमवार सुबह पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली। कैंपस में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। डीजीपी गौरव यादव, स्पेशल डीजीपी प्रवीण कुमार सिन्हा और डीआइजी नवीन सिंगला समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।

    किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन भी कैंपस में तैनात की गई। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि घटनाक्रम की जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति हिंसा, तोड़फोड़ या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पंजाब के DGP गौरव यादव ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) कैंपस में हुए घटनाक्रम को लेकर बयान दिया है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने बताया कि 26-27 सितंबर की दरम्यानी रात कैंपस के अंदर कुछ घटनाओं को लेकर देर रात अफवाहें फैलने लगी थीं. इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में बाहर आ गये. इस दौरान तोड़फोड़ की कुछ घटनाएं हुईं और गेट के एक हिस्से में आग भी लगा दी गयी.

    रात 1:30 बजे मौके पर पहुंचे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी
    DGP के मुताबिक, पुलिस को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, करीब रात 1:30 बजे जालंधर रेंज के डीआइजी नवीन सिंगला, कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा, होशियारपुर के एसएसपी, जालंधर ग्रामीण के एसएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गये. पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया और छात्रों के साथ बातचीत शुरू की.

    छात्रों की शिकायतों को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन से कराया संवाद
    गौरव यादव ने कहा कि छात्रों की यूनिवर्सिटी प्रशासन से कुछ शिकायतें थीं. पुलिस ने छात्रों और प्रशासन के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए बातचीत करायी. अधिकारियों ने पूरे दिन छात्रों के साथ संवाद जारी रखा, ताकि विवाद को बातचीत के जरिये सुलझाया जा सके.

    पुलिस ने छात्रों पर बल प्रयोग नहीं करने का लिया फैसला
    DGP गौरव यादव ने कहा कि स्थिति में कुछ उकसावे और कार्रवाई की घटनाएं हुईं, लेकिन पुलिस ने छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं करने का सचेत फैसला लिया. उन्होंने कहा कि छात्रों की शिकायतें यूनिवर्सिटी प्रशासन से जुड़ी थीं, इसलिए पुलिस ने बातचीत से समाधान निकालने पर जोर दिया.

    महिला स्टाफ की मांग समेत कई मुद्दों पर बनी सहमति
    पंजाब DGP गौरव यादव के अनुसार, छात्रों की प्रमुख मांगों में लड़कियों के हॉस्टल में केवल महिला स्टाफ की तैनाती शामिल थी. इसके अलावा भी कुछ अन्य मुद्दे थे. पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराकर शिकायतों के समाधान की दिशा में काम किया. उन्होंने कहा कि बुधवार को इस मुद्दे को सुलझा लिया गया और बैठकें भी हुईं. एक और बैठक आज होने की बात कही गयी है.

    हिंसा की घटना पर FIR, SIT करेगी विस्तृत जांच
    DGP गौरव यादव ने बताया कि घटना के संबंध में एफआइआर दर्ज कर ली गयी है. मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गयी है. टीम पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करेगी और सभी पहलुओं की पड़ताल की जायेगी.

    पुलिस वाहन पर पथराव का भी जिक्र
    DGP गौरव यादव ने कहा कि पिछले रात एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई. कुछ तत्वों ने कथित उकसावे के बीच माहौल खराब करने की कोशिश की और पुलिस के वाहन पर पथराव किया. पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की पहचान कर रही है.

    CCTV फुटेज से होगी उपद्रवियों की पहचान
    पंजाब पुलिस प्रमुख ने कहा कि हिंसा और कानून हाथ में लेने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने बताया कि CCTV फुटेज समेत तकनीकी और वैज्ञानिक तरीकों से घटनाओं का विश्लेषण किया जा रहा है. जांच के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.