Category: हरियाणा

  • पिंक कैब स्कीम से बदलेंगे हालात, महिलाएं बनेंगी ई-कैब ड्राइवर

    पिंक कैब स्कीम से बदलेंगे हालात, महिलाएं बनेंगी ई-कैब ड्राइवर

    गुरुग्राम

    अपने खुद के रोजगार का सपना देख रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। गुरुग्राम जिले में पिंक कैब योजना से दस हजार गरीब-शिक्षित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। योजना के तहत महिलाओं को इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चलाने का विशेष प्रशिक्षण मिलेगा।

    प्रशिक्षण के बाद ई-कैब खरीदने के लिए उन्हें 10 लाख रुपये तक के ब्याज मुक्त ऋण दिए जाएंगे। इससे महिलाएं न केवल स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी, बल्कि परिवहन क्षेत्र में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकेंगी।

    पिंक कैब योजना को लखपति दीदी से जोड़ा गया
    गुरुग्राम में जल्द ही पिंक कैब योजना शुरू कर महिलाओं को वाहन चलाने का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा, जिससे उनमें आत्मनिर्भरता और सुरक्षा की भावना बढ़ सके। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को न सिर्फ रोजगार देना है, बल्कि उन्हें सुरक्षित और सम्मान जनक आजीविका उपलब्ध कराना भी है। महिलाओं को इलेक्ट्रिक वाहन चलाने के लिए बैंकों से ऋण मिलेंगे। ऋण पर पांच लाख तक क्रेडिट गारंटी और तीन लाख पर ब्याज में छूट होगी। पिंक कैब योजना को केंद्र सरकार की लखपति दीदी से जोड़ा गया है, ताकि महिलाएं नियमित आय स्रोत से जुड़ सकेंगी। गुरुग्राम में दस हजार से अधिक महिलाएं योजना से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है

    बैंकों को दिए गए निर्देश
    एडीसी सोनू भट्ट की ओर से सभी बैंकों को इस योजना को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए है। पिंक कैब योजना के तहत महिलाएं स्वयं वाहन चलाकर आय अर्जित कर सकेंगी। इसमें वाहन चलाने का प्रशिक्षण, इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए दस लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण, सुरक्षित परिवहन सेवाओं से जोड़ने की व्यवस्था होगी।

    ऋण मुहैया कराने में बैंक से मदद मिलेगी
    जिला अग्रणी प्रबंधन विनोद कुमार बजाज ने कहा कि पिंक कैब योजना के तहत महिलाएं स्वयं वाहन चलाकर आय अर्जित कर सकेंगी और परिवहन क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ा सकेंगी। इसमें वाहन चलाने का प्रशिक्षण, इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए दस लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण, स्वरोजगार के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता, सुरक्षित परिवहन सेवाओं से जोड़ने की व्यवस्था होगी। इसमें बैंकों की ओर से ऋण मुहैया कराकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग रहेगा। एक साल में दस हजार महिलाओं को जोड़ा जाएगा। इसमें स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जोड़ने की योजना है।

    रोजगार को बढ़ावा
    योजना के अंतर्गत महिलाओं को वाहन चलाने का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। इससे उनमें आत्मनिर्भरता की भावना बढ़ सके। इसका उद्देश्य महिलाओं को न सिर्फ रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा। बल्कि उन्हें सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना भी है।

  • नायब सैनी की पत्नी के बयान ने बढ़ाई गर्मी: ‘जंगल में शेर एक ही होता है’ पर सियासत गरम

    नायब सैनी की पत्नी के बयान ने बढ़ाई गर्मी: ‘जंगल में शेर एक ही होता है’ पर सियासत गरम

    करनाल.

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पत्नी सुमन सैनी ने बुधवार को करनाल में आयोजित नारी शक्ति वंदन पदयात्रा कार्यक्रम के दौरान अपने हल्के-फुल्के लेकिन चर्चित बयान से माहौल को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं सुमन सैनी से मंच संचालक ने अनौपचारिक अंदाज में सवाल किया कि घर में किसकी चलती है?

    इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया जहां चलाने की बात होती है, वहां 100 प्रतिशत चलती है और जहां चलानी नहीं होती, वहां चुप भी रहना पड़ता है, क्योंकि जंगल में शेर एक ही होता है। नारी शक्ति वंदन पदयात्रा में बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष सुमन सैनी ने पैदल चलकर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया। जबकि कुछ देर के लिए उन्होंने हेलमेट पहनकर स्कूटी भी चलाई।

    हरियाणा बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष सुमन सैनी ने कहा नारी शक्ति वंदन पदयात्रा सिर्फ एक पद यात्रा नहीं है बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, अधिकार और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए एक जन आंदोलन है। यह सिर्फ एक कानून नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को नीति की लाभार्थी से नीति की निर्माता बनाने की ओर एक मजबूत कदम है।

  • हिसार एयरपोर्ट हुआ एक्टिव: अयोध्या-Delhi रूट पर नियमित फ्लाइट सेवाओं का शुभारंभ

    हिसार एयरपोर्ट हुआ एक्टिव: अयोध्या-Delhi रूट पर नियमित फ्लाइट सेवाओं का शुभारंभ

    हिसार.

    हिसार स्थित महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से वीरवार को नए शेड्यूल के साथ विमान उड़ान भरेंगे। 16 अप्रैल से सप्ताह में छह दिन अलग- अलग रूटों पर जयपुर सहित दिल्ली, चंडीगढ़ व अयोध्या के लिए उड़ानें संचालित होंगी। एयरपोर्ट अथारिटी की ओर से जारी इस शेड्यूल के अनुसार, गुरुवार को जयपुर से हिसार के लिए विमान दोपहर 1:40 बजे पहुंचेगा, जबकि हिसार से जयपुर के लिए उड़ान दोपहर 3:05 बजे रवाना होगी।

    यह शेड्यूल 30 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा। इस नए शेड्यूल में सप्ताह में छह दिन हिसार से दिल्ली, अयोध्या, चंडीगढ़ और जयपुर की विमानों की सेवाएं यात्रियों को मिलेंगी। हर शहर के लिए सप्ताह में दो बार निर्धारित दिन पर विमान सेवाएं उपलब्ध होंगी।

    उड़ानों की बहाली से यात्रियों को राहत
    पिछले कुछ समय से मौसम व अन्य कारण के चलते जयपुर, दिल्ली और अयोध्या के लिए हवाई सेवाएं बीच-बीच में बाधित हो रही थी। खासतौर पर जयपुर रूट की उड़ानें कुछ समय के लिए बंद कर दी गई थी। अब नए शेड्यूल के लागू होने के साथ ही हिसार से दिल्ली, अयोध्या, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार उड़ान सेवाएं जारी रहेंगी। यात्रियों को सप्ताह में छह दिन इन सेवाओं का लाभ मिलेगा।

                रूटवार उड़ानों की समय-सारिणी
    दिल्ली-अयोध्या रूट (शुक्रवार व रविवार)

    • दिल्ली से हिसार : प्रस्थान सुबह 10:55 बजे, आगमन 11:40 बजे
    • हिसार से अयोध्या : प्रस्थान दोपहर 12:05 बजे, आगमन 02:05 बजे
    • अयोध्या से हिसार : प्रस्थान 02:30 बजे, आगमन 04:30 बजे
    • हिसार से दिल्ली : प्रस्थान 04:55 बजे, आगमन 05:40 बजे

    चंडीगढ़ रूट (सोमवार व बुधवार)

    • दिल्ली से चंडीगढ़ होते हुए हिसार : प्रस्थान 01:50 बजे, आगमन 04:05 बजे
    • हिसार से चंडीगढ़ : प्रस्थान 04:30 बजे, आगमन 05:15 बजे
    • जयपुर-कुल्लू रूट (मंगलवार व वीरवार)
    • जयपुर (कुल्लू होकर) से हिसार : प्रस्थान 01:40 बजे, आगमन 02:40 बजे
    • हिसार से जयपुर : प्रस्थान 03:05 बजे, आगमन 04:05 बजे

    इन विमानों से भरी जाएंगी उड़ानें
    नए शेड्यूल के तहत एलायंस एयर द्वारा एटीआर-72 और एटीआर-42 विमानों का उपयोग किया जाएगा, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए उपयुक्त माने जाते हैं।

    कितने समय में तय होगी दूरी

    • हिसार से दिल्ली : 45 मिनट
    • हिसार से अयोध्या : 2 घंटे
    • हिसार से चंडीगढ़ : 1 घंटा 05 मिनट
    • हिसार से जयपुर : 1 घंटा
  • नए परिसीमन से शहरी इलाकों का बढ़ेगा दबदबा, ग्रामीण राजनीति पर असर की आशंका

    नए परिसीमन से शहरी इलाकों का बढ़ेगा दबदबा, ग्रामीण राजनीति पर असर की आशंका

    चंडीगढ़

    केंद्र सरकार ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को एक तिहाई यानी 33 फीसदी आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए एक साथ तीन विधेयक लाए जा रहे हैं। इसमें एक विधेयक परिसीमन आयोग के गठन से जुड़ा है। जिसका उद्देश्य सीटों व चुनावी क्षेत्र की सीमाओं का नए सिरे से निर्धारण करना है।

    परिसीमन के बाद ही महिला आरक्षण को लागू किया जा सकेगा। नए परिसीमन के तहत राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 850 हो जाएगी। इनमें से 815 सीटें राज्यों में और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों में होंगी। अभी लोकसभा में 543 सीटें हैं। हरियाणा की भी लोकसभा की सीटें 10 से बढ़कर 15 हो जाएंगी।

     
    अभी लोकसभा की हैं 10 सीटें
    सीटों के मौजूदा बंटवारे को देखें तो हरियाणा के पास लोकसभा की कुल 543 में से 1.89 फीसदी यानी 10 सीटें हैं। अगर 815 सदस्यों वाली लोकसभा में भी यह अनुपात बरकरार रखा जाता है, तो हरियाणा के पास 15 सीटें होंगी, जिनमें से 5 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। वहीं, विधानसभा में अभी 90 सीटें हैं, नए परिसीमन के हिसाब से बढ़कर 119 या 120 सीटें हो जाएंगी। इनमें से 40 सीटें सिर्फ महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यानी लोकसभा हो या विधानसभा में हर तीसरी सीट महिला प्रतिनिधि की होगी। नए परिसीमन व लोकसभा व विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण लागू होने की कार्यवाही को आगे बढ़ाने की बात से पूरे हरियाणा में हलचल तेज हो गई है।

    हरियाणा को विधानसभा का नया भवन जरूरी होगा
    विधानसभा की सीटें बढ़ने से 2029 से पहले हरियाणा को नए विधानसभा की भी आवश्यकता पड़ेगी। वर्तमान विधानसभा भवन नए परिसीमन के हिसाब से छोटा पड़ेगा। इसमें विधायकों, अधिकारियों और मीडिया के लिए पर्याप्त स्थान और सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे कार्य संचालन में कई बार कठिनाई आती है। पिछले कई वर्षों से हरियाणा सरकार इस दिशा में नए भवन के निर्माण या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर प्रयासरत रहे हैं।

    पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता के कार्यकाल के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन के साथ नई जमीन के लिए भूमि आदान-प्रदान को लेकर बातचीत लगभग अंतिम चरण तक पहुंच चुकी थी। हालांकि, यह प्रक्रिया पूरी तरह आगे नहीं बढ़ पाई।

    फरीदाबाद, गुरुग्राम व सोनीपत में सबसे ज्यादा सीटें बढ़ेगी
    नए परिसीमन के हिसाब से गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत व करनाल जिले में विधानसभा की सबसे ज्यादा सीटें बढ़ेंगी। 2011 के जनसंख्या के अनुसार फरीदाबाद जिले की आबादी 18 लाख से ज्यादा है। वहीं, गुरुग्राम की 15 लाख, करनाल की 15 लाख और सोनीपत की साढ़े 14 लाख आबादी है। ये सारे शहर शहरी इलाके हैं। ऐसे में अब हरियाणा में शहरी विधानसभा क्षेत्र ज्यादा होंगे।

    यानी हरियाणा में राजनीति जो अभी ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित है, अब वह शहरी केंद्रित हो सकती है। इससे खासकर क्षेत्रीय दलों के सामने नया संकट आ सकता है। क्षेत्रीय दलों की राजनीति मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों पर ही केंद्रित रहती है।

     

  • महावीर चौक पर एसीबी की कार्रवाई, साइबर क्राइम के नाम पर ठगी का खुलासा

    महावीर चौक पर एसीबी की कार्रवाई, साइबर क्राइम के नाम पर ठगी का खुलासा

    सतनाली

    साइबर क्राइम के नाम पर ठगी और रिश्वतखोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बैंक खाता अनफ्रीज कराने के बदले पैसे मांगने वाले दो आरोपियों को मंगलवार देर शाम एंटी करप्शन ब्यूरो ने महावीर चौक से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 10 हजार रुपये की रिश्वत राशि भी बरामद की गई है।

    सतनाली क्षेत्र के जवाहर नगर निवासी नीरज ने बताया कि उसका बैंक खाता फ्रीज हो गया था। इसी दौरान उसे उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित साइबर क्राइम शाखा से कॉल आई जिसमें खाता अनफ्रीज कराने के बदले 10 हजार रुपये की मांग की गई। नीरज ने इसकी शिकायत एसीबी को दी, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाया।

    योजना के तहत नीरज ने आरोपियों को पैसे देने के लिए महावीर चौक बुलाया। जैसे ही उसने 10 हजार रुपये दिए टीम ने मौके पर पहुंचकर गौरव नामक युवक को रंगे हाथों पकड़ लिया। उसके पास से 500-500 रुपये के 20 नोट बरामद किए गए।

    पूछताछ के दौरान गौरव की निशानदेही पर एसीबी ने जितेंद्र नाम के दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि जितेंद्र, सुल्तानपुर साइबर ब्रांच के आईओ सत्येंद्र का भाई है। तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि उन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। उनकी मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की गई । इस दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

     

  • निकाय चुनाव के नए नियम: NOTA नहीं करेगा खेल खराब, दूसरे स्थान वाले को मिलेगा मौका

    निकाय चुनाव के नए नियम: NOTA नहीं करेगा खेल खराब, दूसरे स्थान वाले को मिलेगा मौका

    चंडीगढ़.

    स्थानीय निकायों के चुनाव में अगर नोटा (उपरोक्त में से कोई नहीं) सर्वाधिक वोट लेता है तो भी जीत नहीं पाएगा। ऐसी स्थिति में दूसरे स्थान पर रहने वाले प्रत्याशी को विजेता घोषित कर दिया जाएगा। नवंबर 2018 में जारी व्यवस्था को राज्य निर्वाचन आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण ने निरस्त कर दिया है।

    निकाय चुनाव में पिछली बार की तरह ईवीएम (इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन) पर सबसे अंत में नोटा का बटन रहेगा। लेकिन नोटा के पास इस बार चुनाव रद कराने की क्षमता नहीं होगी। राज्य चुनाव आयुक्त देवेन्द्र सिंह कल्याण ने विगत 7 अप्रैल को नया आदेश जारी कर 2018 में तत्कालीन राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. दलीप सिंह द्वारा जारी पिछले आदेश को निरस्त कर दिया है। तब व्यवस्था की गई थी कि चुनावों में नोटा को कल्पित चुनावी प्रत्याशी माना जाएगा और उसके पक्ष में पड़े सभी वोट को रिकार्ड पर लिया जाएगा।

    अगर नोटा के पक्ष में डाले गए वोट अन्य प्रत्याशियों से अधिक हैं तो किसी भी प्रत्याशी को उस वार्ड से निर्वाचित घोषित नहीं किया जाएगा। आयोग द्वारा उस चुनावी क्षेत्र में वह चुनाव रद कर दोबारा चुनाव करवाया जाएगा जिसमें पिछला चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को शामिल होने नहीं दिया जाएगा। यानी कि केवल नए प्रत्याशी ही चुनाव लड़ सकते थे। हालांकि दूसरी बार के चुनाव में भी नोटा को सर्वाधिक वोट मिलने की स्थिति में दूसरे नंबर के प्रत्याशी को विजयी घोषित करने की व्यवस्था की गई थी।

    पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अब अगर किसी स्थानीय चुनाव में नोटा को सर्वाधिक वोट मिलते हैं, तो भी चुनाव रद नहीं होगा। नोटा के बाद दूसरे नंबर पर सर्वाधिक वोट लेने वाले उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा। नोटा को डाले गए वोटों को चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों द्वारा जमानत राशि बचाने के लिए जरूरी न्यूनतम 12.5 प्रतिशत वोटों की गणना में भी शामिल नहीं किया जाएगा।

    सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच द्वारा सितंबर 2013 में दिए गए एक निर्णय पीयूसीएल बनाम भारत सरकार में चुनावों में नोटा के विकल्प का प्रविधान डालने बारे भारतीय चुनाव आयोग को निर्देश तो दिया था, परंतु उसमें ऐसा कुछ नही था जैसा कि हरियाणा निर्वाचन आयोग ने नवंबर 2018 से व्यवस्था लागू कर रखी थी।

  • समता रन मैराथन का आयोजन अंबेडकर जयंती पर, सीएम सैनी ने झंडी दिखाकर किया शुभारंभ

    समता रन मैराथन का आयोजन अंबेडकर जयंती पर, सीएम सैनी ने झंडी दिखाकर किया शुभारंभ

    पंचकूला
    बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर हरियाणा के पंचकूला में मंगलवार को 'समता रन' मैराथन का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मैराथन को झंडी दिखाई। इस कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के कई मंत्री और विधायकों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री सैनी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहेब शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार मानते थे। उन्होंने हमें यह संदेश दिया और कहा कि 'शिक्षित बनो, संगठित बनो और संघर्ष करो।' हमें इन शब्दों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा, जागरुकता और एकता के माध्यम से समाज में सकारात्मकता और परिवर्तन लाया जा सकता है।

    उन्होंने कहा कि मैराथन में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देता हूं। आप इस मैराथन में पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ दौड़े। सीएम सैनी ने कहा, "समाज में समानता और न्याय के संदेश के फैलाने का एक संदेश हमें देना चाहिए। यह दौड़ सिर्फ आपके पैरों की गति नहीं, बल्कि आपके विचारों की शक्ति को भी प्रदर्शित करेगी।"
    मुख्यमंत्री सैनी ने आगे कहा, "मैं एक बार फिर बाबासाहेब को नमन करता हूं। सभी से आह्वान करता हूं कि उनके दिखाए हुए मार्ग पर हम निरंतर आगे बढ़ते रहें। हम सभी मिलकर एक ऐसे भारत का निर्माण करें, जो समता, न्याय और बंधुत्व के मूल्यों पर आधारित हो। इसी विश्वास और संकल्प के साथ हम सभी मिलकर समता मैराथन को सफल बनाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव की एक नई शुरुआत करें।

    इससे पहले, मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट के जरिए भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, "भारतीय संविधान निर्माता एवं सामाजिक समरसता के प्रतीक भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। बाबासाहेब की ओर से स्थापित सामाजिक न्याय और समानता की सुदृढ़ नींव आज भी राष्ट्र को एकजुट, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हमारा मार्गदर्शन कर रही है।"

  • हरियाणा में इंसानियत की मिसाल: कुलदीप के अंगदान से 5 लोगों को जीवनदान, रोहतक PGI में बना ग्रीन कॉरिडोर

    हरियाणा में इंसानियत की मिसाल: कुलदीप के अंगदान से 5 लोगों को जीवनदान, रोहतक PGI में बना ग्रीन कॉरिडोर

    रोहतक.

    पंडित भगवत दयाल शर्मा पीजीआइएमएस में अंगदान की एक और प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। तीन दिन में दूसरी बार ग्रीन कोरिडोर बनाया गया है। सोनीपत के गोहाना क्षेत्र के 51 वर्षीय सिपाही कुलदीप के दिमागी रूप से मृत घोषित होने के बाद उनके परिजनों ने मानवता का परिचय देते हुए सभी अंग दान करने का निर्णय लिया। इस अंगदान से पांच जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिला है।

    सोमवार सुबह करीब 4 बजे आपरेशन शुरू किया गया और कुछ ही समय बाद अंग निकालने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई।विभिन्न राज्यों के अस्पतालों की टीमें पहले ही पीजीआइएमएस पहुंच चुकी थीं। अंगों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए रोहतक से दिल्ली तक ग्रीन कोरिडोर बनाया गया, जिसके जरिए 81 किलोमीटर की दूरी महज 50 मिनट में तय की गई। इस दौरान करीब 100 पुलिसकर्मी तैनात रहे। सुबह 7:30 बजे पहला अंग लीवर दिल्ली के आइएलबीएस अस्पताल भेजा गया। इसके बाद किडनी, दोनों आंखों के कार्निया और पैंक्रियाज भी विभिन्न अस्पतालों में भेजे गए। इस प्रक्रिया से कुल पांच मरीजों को जीवनदान मिला। मृतक की पत्नी प्रमिला ने बताया कि उनके पति सुनारिया जेल में वार्डन थे और पिछले 11 महीनों से ब्रेन ट्यूमर से जूझ रहे थे।

    इलाज के लिए उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने समाज के हित में अंगदान का फैसला लिया। हेल्थ विवि के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने कहा कि जागरूकता अभियान के चलते लोग अब अंगदान के प्रति आगे आ रहे हैं। तीन दिनों में यह दूसरा मामला है, जो समाज के लिए प्रेरणा है।

  • Ward Restructuring Impact: पंचकूला में आज से चुनावी जंग, बदले समीकरणों में दिग्गजों की परीक्षा

    Ward Restructuring Impact: पंचकूला में आज से चुनावी जंग, बदले समीकरणों में दिग्गजों की परीक्षा

    पंचकूला.

    पंचकूला नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी पारा अब चरम पर पहुंच चुका है। शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सोमवार को जैसे ही चुनाव की तारीखों का ऐलान होगा, राजनीतिक दल पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर जाएंगे।
    इस बार मुकाबला सीधा और बेहद दिलचस्प रहने वाला है।

    राज्य चुनाव आयोग द्वारा तारीखों की घोषणा से पहले ही दोनों प्रमुख दलों ने अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। वार्डबंदी पूरी होने के बाद पंचकूला की राजनीतिक बिसात पूरी तरह बदल चुकी है। कई दिग्गज पार्षदों के लिए अपने पुराने वार्ड से चुनाव लड़ना अब संभव नहीं रहा, जिससे अंदरखाने असंतोष भी देखने को मिल रहा है। कई मौजूदा पार्षदों के वार्ड महिला या एससी/बीसी में आरक्षित हो गए हैं , कुछ वार्ड, जो पहले आरक्षित थे, अब जनरल कैटेगरी में आ गए हैं , पुराने नेताओं को अब नए क्षेत्रों में “जमीन तलाशनी” पड़ रही है।

    मेयर पद पर भी जबरदस्त घमासान तय
    सिर्फ पार्षद ही नहीं, मेयर पद को लेकर भी दोनों दलों में जबरदस्त खींचतान है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही उम्मीदवारों के चयन में “सर्वे फार्मूला” अपना रही हैं, ताकि जीत की संभावना अधिकतम की जा सके।

    11 वार्ड सामान्य के लिए
    नगर निगम पंचकूला के कुल 20 वार्डों में से 9 वार्ड महिला, एससी और बीसी कैटेगरी के लिए आरक्षित हैं, जबकि 11 वार्ड सामान्य श्रेणी में रखे गए हैं, जहां महिला व पुरुष दोनों चुनाव लड़ सकेंगे।

    कई पुराने पार्षदों की हिल चुकी है सीट
    वार्ड नंबर 1 से भाजपा पार्षद रहे नरेंद्र लुबाना और वार्ड नंबर 2 से भाजपा के ही सुरेश कुमार वर्मा का वार्ड महिला आरक्षित है। वहीं पहले महिला आरक्षित रहे वार्ड नंबर 3 और 4 अब सामान्य (जनरल) श्रेणी में आ गए हैं। इन दोनों वार्डों से भाजपा की महिला पार्षद रितु गोयल और सोनिया सूद निर्वाचित थीं। सेक्टर 16, 17 और 18 को मिलाकर बना वार्ड नंबर 6 भी सामान्य श्रेणी में आ गया है। वार्ड नंबर 8 को अनुसूचित जाति का आरक्षण समाप्त कर जनरल कैटेगरी में डाल दिया गया है। वार्ड 12 जोकि पहले महिला आरक्षित था, यहां से ओमवती पूनिया जोकि पहले निर्दलीय और भाजपा में हैं, का वार्ड अब ओपन कैटेगरी में आ चुका है।

    वार्ड नंबर 15, जहां से पहले कांग्रेस के गौतम प्रसाद पार्षद थे, वह इस बार महिला आरक्षित है। वार्ड नंबर 16, जहां भाजपा के राकेश कुमार वाल्मीकि पार्षद थे, अब अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है। वार्ड नंबर 17, जहां से कांग्रेस के अक्षयदीप चौधरी पार्षद थे, अब अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो चुका है। वार्ड नंबर 18, कांग्रेस के पूर्व पार्षद संदीप सिंह सोही का वार्ड, अब पिछड़ा वर्ग बी के लिए आरक्षित हो चुका है। जबकि वार्ड नंबर 19, अब कांग्रेस की पूर्व पार्षद परमजीत कौर का वार्ड, पिछड़ा वर्ग ए के लिए और वहीं वार्ड नंबर 20, जहां से कांग्रेस के सलीम खान पार्षद हैं, को जनरल कैटेगरी में ही रखा गया है।

    जमीनी स्तर पर शुरू हुआ समीकरणों का खेल
    वार्डों के नए स्वरूप के साथ ही हर क्षेत्र में जातीय, सामाजिक और स्थानीय मुद्दों के आधार पर समीकरण जोड़े जा रहे हैं।
    – गांव और शहरी क्षेत्रों का मिश्रण कई वार्डों में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
    – सेक्टर बनाम कालोनी का समीकरण भी चुनावी नतीजों को प्रभावित करेगा।
    – नए मतदाताओं को साधने के लिए प्रचार की रणनीति बदली जा रही है।

    पंचकूला नगर निगम के वार्डों का विवरण
        वार्ड नंबर 1: सकेतड़ी, भैंसा टिब्बा, एमडीसी सेक्टर-6, सेक्टर-4
        वार्ड नंबर 2: एमडीसी सेक्टर-5, सेक्टर-2, 6 (माजरी क्षेत्र)
        वार्ड नंबर 3: सेक्टर-7, सेक्टर-8
        वार्ड नंबर 4: सेक्टर-9, सेक्टर-10
        वार्ड नंबर 5: सेक्टर-15
        वार्ड नंबर 6: सेक्टर-16, 17, 18
        वार्ड नंबर 7: राजीव कालोनी
        वार्ड नंबर 8: इंदिरा कालोनी, बुढनपुर
        वार्ड नंबर 9: सेक्टर-19, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2
        वार्ड नंबर 10: अभयपुर, सेक्टर-14, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1
        वार्ड नंबर 11: सेक्टर-12, 12ए, रैली, रैला गांव
        वार्ड नंबर 12: सेक्टर-11, सेक्टर-4, हरिपुर
        वार्ड नंबर 13: सेक्टर-4, आधा सेक्टर-21, देवीनगर
        वार्ड नंबर 14: महेशपुर, मद्रासी कालोनी, फतेहपुर के पास की सोसायटी, आधा सेक्टर-21
        वार्ड नंबर 15: कुंडली, आधा फतेहपुर, आधा सेक्टर-20
        वार्ड नंबर 16: चंडी कोटला, बीड़ घग्गर, खड़क मंगौली
        वार्ड नंबर 17: आधा खड़ग मंगौली, चैंकी, सेक्टर-23, 24, 25, नग्गल मोगीनंद, नाडा
        वार्ड नंबर 18: बाना, मदनपुर, सेक्टर-26, 27, 28
        वार्ड नंबर 19: रामगढ़, बिल्ला, जसवंतगढ़, दबकौरी, माणक्या, भानू
        वार्ड नंबर 20: कोट, खंगेसरा, टोका, अलीपुर, सुखदर्शनपुर, नग्गल, जलौली, खटौली

  • शीतला माता मेडिकल कॉलेज की समीक्षा, आयुष्मान लाभार्थियों को मिलेगी प्राथमिकता

    शीतला माता मेडिकल कॉलेज की समीक्षा, आयुष्मान लाभार्थियों को मिलेगी प्राथमिकता

     गुरुग्राम

    दिल्ली से सटे गुरुग्राम में बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गुरुग्राम में विभिन्न स्थानों पर 100 से 150 बेड की क्षमता वाले चार अतिरिक्त अस्पताल इसी तर्ज पर खोलने के प्रस्ताव तैयार किए जाएं। मुख्यमंत्री का यह निर्देश न केवल शहर के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा।

    मुख्यमंत्री सैनी ने यह महत्वपूर्ण निर्देश गुरुग्राम में निर्माणाधीन शीतला माता देवी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक के दौरान दिए। यह परियोजना सहकारी संघवाद और स्थानीय निकायों के आपसी सहयोग का अनूठा उदाहरण है। इसका इंफ्रास्ट्रक्चर जीएमडीए का 50 फीसदी, नगर निगम गुरुग्राम का 45 फीसदी और श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड पांच फीसदी के वित्तीय सहयोग से तैयार हो रहा है।

    आयुष्मान के लाभार्थियों को प्राथमिकता
    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल के आरक्षित बेड पर आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य केवल बिल्डिंग खड़ी करना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ऐसी सेवाएं देना है जो गुरुग्राम को वैश्विक स्वास्थ्य मानचित्र पर स्थापित करें। मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बैठक में प्रोजेक्ट की बारीकियों को साझा किया।

    आरक्षण और किफायती शिक्षा पर जोर
    मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्णय लेते हुए निर्देश दिए कि गुरुग्राम के सेक्टर-102ए खेड़की माजरा में बन रहे इस अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज की 150 एमबीबीएस सीटों और 850 बेडों में से 33-33 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा के विद्यार्थियों और स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित किया जाए। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि आरक्षित सीटों पर फीस अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों के समान ही रखी जाएगी, जिससे राज्य के मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से सामान्य परिवारों के छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के लिए भारी-भरकम फीस नहीं भरनी होगी।