Category: हरियाणा

  • Haryana में शहरी क्रांति: 5 नए शहरों का खाका तैयार, सिंगापुर जैसा इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा

    Haryana में शहरी क्रांति: 5 नए शहरों का खाका तैयार, सिंगापुर जैसा इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा

    चंडीगढ़.

    प्रदेश सरकार कुंडली-मानेसर- पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे के किनारे 135 किलोमीटर क्षेत्र में पांच नए शहर विकसित करने का प्लान तैयार कर लिया है। सरकार का दावा है कि इन शहरों में औद्योगिक विकास का ढ़ांचा सिंगापुर की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। जो विकसित भारत 2047 विजन के लिए देश का गेटवे बनेगा।

    वर्ष 2031 तक की संभावित जनसंख्या काे आधार बना पांच नए शहर विकसित करने के लिए पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन सरकार की ओर से कर दिया गया है। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने योजना को लेकर हुई चर्चा में बताया कि केएमपी की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, एक्सप्रेस वे इस दिशा में मजबूत कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराएगा।

    औद्योगिक नीति में किए आवश्यक संशोधन
    इसी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने अपनी औद्योगिक नीति में आवश्यक संशोधन किए हैं, ताकि निवेश, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति मिल सके। उन्होंने कहा हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआइआइडीसी) का उद्देश्य केवल राजस्व अर्जित करना नहीं, बल्कि उद्योगपतियों को बेहतर सुविधाएं, त्वरित सेवाएं और अनुकूल माहौल उपलब्ध कराना होना चाहिए। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 10 नई इंडस्ट्रियल माडल टाउनशिप (आइएमटी) स्थापित करने की घोषणा की थी। इनमें से पांच आईएमटी को स्वीकृति मिल चुकी है और उनके विकास की प्रक्रिया जारी है।

    उद्योग विभाग के बजट में 125 फीसदी इजाफा
    इनमें से तीन राजधानी क्षेत्र में बननी हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष उद्योग विभाग के बजट में 125 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी और आगामी बजट में इसे और बढ़ाने की योजना है, ताकि प्रदेश में औद्योगिक विस्तार को निरंतर मजबूती मिलती रहे। आने वाले समय में जब नई आईएमटी विकसित होंगी, तो हरियाणा देश की औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि भौगोलिक रूप से हरियाणा दिल्ली से तीन ओर से जुड़ा है और दिल्ली स्थित आइजीआइ एयरपोर्ट तथा नोएडा के जेवर बने एयरपोर्ट की पहुंच करीब 30 मिनट में होने के कारण देश-विदेश के निवेशकों के लिए क्षेत्र अत्यंत आकर्षक बन गया है।

  • ‘प्रिंस’ की नई झलक: 20 साल पहले बोरवेल में गिरा बच्चा अब पोलो मैच में नजर आया, वीडियो वायरल

    ‘प्रिंस’ की नई झलक: 20 साल पहले बोरवेल में गिरा बच्चा अब पोलो मैच में नजर आया, वीडियो वायरल

    कुरुक्षेत्र.

    सांसद नवीन जिंदल के सांवला फार्म हाउस पर रविवार को कुरुक्षेत्र-कैथल की टीमों के बीच पोलो मैच खेला गया। इस मैच से पहले सांसद ने एक वीडियाे बनाई और उसे अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा किया। इस वीडियो में सांसद प्रिंस से परिचय करा रहे हैं। प्रिंस जो हल्देहेड़ी गांव का रहने वाला है और वर्ष 2006 में चार साल की उम्र में 50 फुट गहरे बोलवेल में गिर गया था।

    सांसद वीडियो में बता रहे हैं कि 20 साल पहले प्रिंस नाम का छोटा बच्चा बोरवेल में गिर गया था, जिसे तीन दिन के सेना के अथक प्रयासों से सुरक्षित बाहर निकाला गया था। वे आगे बता रहे हैं कि प्रिंस अब आईटीआई करके अप्रेंटिस कर रहा है। वे उसकी मसल्स भी दिखाते हैं और युवाओं को संदेश देते हैं कि नशे से दूर रहें तो प्रिंस जैसी मसल्स हासिल कर सकते हैं। फिर प्रिंस से बात करते हैं कि जब वह बोरवेल के अंदर था तो पूरा देश उसके लिए चिंतित था और दुआ कर रहा था तुम ठीक-ठाक बाहर निकल आओ।

    साथ ही कहते हैं कि हमने बिस्कुट भी भिजवाए थे और कुछ खाने-पीने का सामान भिजवाया था। फिर प्रिंस बीच में बोलता है कि चाकलेट भी भिजवाई थी। वीडियो में सांसद के पूछने पर प्रिंस ने बताया कि वह अंबाला से आईटीआई करके अब अप्रेंटिस कर रहा है। वह पोलो मैच पहली बार देखेगा। 3 मिनट 7 सेकंड की वीडियो में सांसद कहते हैं – उस समय छोटा था और कमजोर था और हमने गोदी में भी लिया था।

    युवाओं को नशे से दूर रहने का दिया संदेश
    दरअसल सांसद नवीन जिंदल इस वीडियो के जरिए वह युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देना चाहते थे और पोलो मैच खेलने का भी उनका यही उद्देश्य था कि युवा खेलों को अपनाएं ताकि वे नशे से दूर रहें और खेलों में अपना भविष्य बना सकें। वीडियो के अंत में सांसद पोलो मैच के बारे में बताते हुए कहते हैं कि कुरुक्षेत्र की धरती पर आज पोलो की छोटी सी महाभारत होगी। 21 जुलाई 2006 में कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद कस्बे के गांव हल्देहेड़ी में रहने वाला चार वर्ष का प्रिंस खेलते-खेलते 50 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। उसी दिन उसका 5वां जन्मदिन भी था। तीन दिन तक दिन-रात चले अभियान में सेना ने बोरवेल के साथ सुरंग बनाकर 23 जुलाई को प्रिंस को सुरक्षित निकाल लिया था।

    ""हरियाणा के कुरुक्षेत्र के हल्दाहेड़ी गांव में प्रिंस नाम का 5 वर्षीय बच्चा 21 जुलाई 2006 को खेलते समय 50-60 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था।
    50 घंटे से अधिक चले भारतीय सेना के व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे 23 जुलाई 2006 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जिसे देश में काफी…""
    – Anku Chahar (@anku_chahar) April 19, 2026 

  • फर्जी क्लेम्स पर एक्शन: आयुष्मान-चिरायु योजनाओं में पारदर्शिता लाने थर्ड पार्टी ऑडिट लागू

    फर्जी क्लेम्स पर एक्शन: आयुष्मान-चिरायु योजनाओं में पारदर्शिता लाने थर्ड पार्टी ऑडिट लागू

    चंडीगढ़.

    आयुष्मान भारत और चिरायु योजना के तहत किए जा रहे दावों (क्लेम) का थर्ड पार्टी आडिट कराया जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा ने हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन लिमिटेड को आडिट और क्लेम प्रक्रिया के लिए थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर को निर्देशित किया है।

    स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि योजना के कामकाज में थर्ड-पार्टी आडिट अनिवार्य किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आयुष्मान भारत प्रक्रिया में कोई धोखाधड़ी न हो। आयुष्मान भारत के तहत सरकारी कालेजों और मेडिकल संस्थानों से क्लेम को कैसे बढ़ाया जा सकता है, इसकी जांच के लिए रणनीति बनाई जाए। उन्होंने कहा कि किडनी मरीजों के लिए क्रोनिक हीमोडायलिसिस, जो एक जरूरी और बार-बार होने वाला इलाज है, उसके लिए आयुष्मान भारत स्कीम के तहत सक्रिय दावा किया जाना चाहिए, ताकि यह पक्का हो सके कि रेगुलर डायलिसिस की जरूरत वाले मरीजों को बिना किसी पैसे की परेशानी के पूरा कवरेज मिले।

    समीक्षा बैठक में बताया गया कि हरियाणा ने आयुष्मान भारत और चिरायु स्कीम के तहत लगभग 28 लाख क्लेम निपटाए हैं। लाभार्थियों को 3900 करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक सहायता दी गई है। राज्य में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए क्लेम 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गए हैं, जो लोगों में स्कीम के बारे में बढ़ती जागरूकता और उपयोग को दिखाता है। राज्य में 1363 पैनल वाले अस्पतालों (प्राइवेट -777, पब्लिक -586) का नेटवर्क है, जिसमें सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के संस्थान शामिल हैं। डा. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा ने चिरायु योजना और इसके एक्सटेंशन को लागू करके राष्ट्रीय आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई रूपरेखा से आगे बढ़कर काम किया है।

    इसमें तीन लाख रुपये तक की सालाना इनकम वाले परिवार शामिल हैं। इससे राष्ट्रीय पात्रता मानदंडों से परे स्वास्थ्य सेवा सुरक्षा नेट से भी ज्यादा बढ़ गया है और राज्य की आबादी का एक बड़ा हिस्सा सुनिश्चित स्वास्थ्य कवरेज के तहत आ गया है। पात्र लाभार्थियों के लगभग 1.38 करोड़ कार्ड बनाए गए हैं।

  • छोटे शहरों के लिए बड़ा दांव: 1 लाख करोड़ का शहरी कायाकल्प प्लान, विकास को मिलेगी नई उड़ान

    छोटे शहरों के लिए बड़ा दांव: 1 लाख करोड़ का शहरी कायाकल्प प्लान, विकास को मिलेगी नई उड़ान

    चंडीगढ़.

    हरियाणा समेत देश के समस्त राज्यों में शहरी विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्रीय ऊर्जा, शहरी विकास एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल ने शहरी चुनौती कोष (अर्बन चैलेंज फंड) और क्रेडिट रिपमेंट गारंटी सब-स्कीम (सीआरजीएसएस) की शुरुआत की है।

    एक लाख करोड़ रुपये के शहरी चुनौती कोष के साथ चार लाख करोड़ रुपये के निवेश का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें विशेष फोकस टियर-2 और टियर-3 शहरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की योजना है। केंद्रीय शहरी, ऊर्जा एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल द्वारा लांच किए गए शहरी चुनौती कोष को शहरों के बुनियादी ढांचे के वित्त पोषण में बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कोष के जरिये नगर निकायों को म्युनिसिपल बांड, बैंक ऋण और पीपीपी के माध्यम से संसाधन जुटाने का अवसर मिलेगा। साथ ही, सीआरजीएसएस के माध्यम से छोटे शहरों को क्रेडिट गारंटी का सहारा मिलेगा, जिससे वे भी बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में भागीदारी कर सकेंगे। कार्यक्रम में कई राज्यों के मुख्यमंत्री और प्रतिनिधि जुड़े।

    केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि एक लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता वाले इस फंड के माध्यम से केंद्र सरकार चार लाख करोड़ तक के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। यह फंड पारंपरिक अनुदान प्रणाली से आगे बढ़कर निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण होगा। अब शहरों को केवल फंड देने की बजाय उन्हें वित्तीय रूप से मजबूत, जवाबदेह और निवेश के लिए तैयार बनाना केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार ‘विकसित भारत 2047’ का सपना इन्हीं शहरों की मजबूती पर निर्भर करता है। कोष की खास बात यह है कि इसमें केंद्रीय सहायता परियोजना लागत के अधिकतम 25 प्रतिशत तक सीमित रहेगी, जबकि कम से कम 50 प्रतिशत फंड म्युनिसिपल बांड, बैंक ऋण और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के जरिए जुटाया जाएगा।

    इससे न केवल वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित होगा बल्कि निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। कुल आवंटन में से 90 हजार करोड़ रुपये परियोजनाओं के लिए, पांच हजार करोड़ रुपये परियोजना की तैयारी और क्षमता निर्माण के लिए और पांच हजार करोड़ रुपये क्रेडिट पुनर्भुगतान गारंटी उप-योजना के लिए निर्धारित किए गए हैं। शहरी चुनौती कोष शहरों में परिवर्तनकारी परियोजनाओं को बढ़ावा देगा, जिनमें पुराने शहरों और बाजारों का पुनर्विकास, शहरी परिवहन और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी, गैर-मोटर चालित परिवहन, जल और स्वच्छता ढांचा तथा जलवायु-लचीला विकास शामिल हैं।

    इस योजना के तहत केवल वही परियोजनाएं प्राथमिकता में होंगी जो स्केलेबल, प्रभावशाली और वित्तीय रूप से व्यवहार्य (बैंक योग्य) हों, ताकि उनका दीर्घकालिक असर दिखाई दे। इस योजना का प्रमुख स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि निकायों को अपनी वित्तीय क्षमता मजबूत करने, सुधार लागू करने और बाजार आधारित फंडिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
    यह महत्वाकांक्षी ‘शहरी चुनौती कोष’ वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगा, जिसका उद्देश्य भारत के शहरों को नए आर्थिक विकास केंद्रों और भविष्य के ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित करना है।

  • हरियाणा पुलिस भर्ती में बड़ा बदलाव: गर्भवती महिलाओं को छूट नहीं, चश्मा लगाने वाले उम्मीदवार भी होंगे पात्र

    हरियाणा पुलिस भर्ती में बड़ा बदलाव: गर्भवती महिलाओं को छूट नहीं, चश्मा लगाने वाले उम्मीदवार भी होंगे पात्र

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में साढ़े पांच हजार पुलिस कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ चुकी है। पुलिस कॉन्स्टेबल बनने के लिए 3.24 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। सोमवार से पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में शारीरिक मापदंड परीक्षा (पीएमटी) की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी।

    इस दौरान अभ्यर्थियों में भर्ती के नियमों को लेकर कुछ संशय है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने गूगल फार्म के माध्यम से अभ्यर्थियों से सवाल पूछे हैं, जिनमें से कुछ ऐसे चुनींदा सवालों के जवाब दिए गए हैं, जो समस्त अभ्यर्थियों को दिशा देने का काम करेंगे। आयोग के चेयरमैन ने कहा है कि पुलिस की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित होगी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने सिरसा की सुनीता व लक्ष्मी, भिवानी की मालती देवी, कुरुक्षेत्र की काजल, महेंद्रगढ़ की पिंकी और जींद की मीना के एक सवाल का जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि शारीरिक मापदंड परीक्षा में किसी भी गर्भवती महिला को कोई छूट नहीं दी जाएगी।

    विशेष परिस्थितियों में केवल पीएसटी (फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट-शारीरिक जांच परीक्षा) में ही छूट दी जा सकती है। गर्भवती महिला अभ्यर्थियों को मेडिकल प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य होगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के साथ एक अलग सार्वजनिक सूचना पीएसटी से पहले जारी कर दी जाएगी। पीएमटी में उम्मीदवार की लंबाई व छाती (पुरुषों के लिए) समेत विभिन्न शारीरिक मापदंड चेक किए जाते हैं। पीएसटी में उम्मीदवार की दौड़ और शारीरिक क्षमता (फिटनेस टेस्ट) लिया जाता है। पीएमटी की प्रक्रिया 31 मई तक पूरी हो सकेगी, जबकि पीएसटी की प्रक्रिया अगले एक पखवाड़े के भीतर किसी भी समय आरंभ हो सकती है।

    पीएसटी की विस्तृत समय सारणी जल्द होगी जारी
    रेवाड़ी की प्रियांशु यादव, नूंह के लक्षित व ओमप्रकाश, सोनीपत की एकता, कैथल के विशाल और चुलियाना के अक्षत ने कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन से पूछा है कि क्या पीएमटी और पीएसटी एक साथ होंगे। यदि नहीं तो इनके बीच में कितने समय का अंतर होगा। क्या 85 दिनों की अवधि में पूरी प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा।
    इस सवाल के जवाब में हिम्मत सिंह ने बताया कि पीएमटी का नोटिस जारी किया जा चुका है। पीएसटी इसके बाद आयोजित होगा, जिसकी विस्तृत समय सारणी अलग से जारी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जरूरी नहीं है कि पीएमटी खत्म होने के बाद ही पीएसटी आरंभ होगा। पीएसटी की प्रक्रिया पीएमटी के चलते-चलते भी शुरू की जा सकेगी।

    एडमिट कार्ड और एक फोटो पहचान पत्र जरूरी
    नूंह के ओमप्रकाश, महेंद्रगढ़ की पूजा और जहांगीरपुर की रेणु ने सवाल पूछा है कि पीएमटी और पीएसटी के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं। इस सवाल के जवाब में आयोग ने कहा है कि पीएमटी-पीएसटी का एडमिट कार्ड और एक फोटो पहचान पत्र साथ लाने होंगे। इन दस्तावेजों के बिना प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

    दौड़ के दौरान नहीं मिलेगी स्टाप वाच, स्क्रीन लगेगी
    हिसार के सुनील, बोलन (हिसार) की दिक्षा, कापड़ो के प्रवीण, महेंद्रगढ़ के रविंद्र और बहादुरगढ़ के प्रदीप कुमार ने सवाल किया कि क्या दौड़ के दौरान स्टाप वाच उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके जवाब में कर्मचारी चयन आयोग के चेयमरैन हिम्मत सिंह ने कहा कि पीएसटी के दौरान समय रिकॉर्ड आरएफआईडी आधारित प्रणाली से किया जाएगा, जो कि जर्मन की मशीनों से होगा। अलग से स्टॉप वाच उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। कर्मचारी चयन आयोग डिस्पले स्क्रीन लगवाने की कोशिश कर रहा है, जिस पर दौड़ के समय को लाइव देखा जा सकेगा।

    कोई शिकायत है तो मौके पर मौजूद मिलेगी समिति
    नरवाना के दर्शन और रेवाड़ी के हरिपाल ने तकनीकी गड़बड़ी होने पर क्या होगा यानी पीएमटी मशीनों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आयोग के पास क्या फार्मूला है। इस सवाल के जवाब में चेयरमैन ने कहा कि सभी केंद्रों पर पूरी तकनीकी व्यवस्था रहेगी। किसी भी समस्या के लिए मौके पर शिकायत समिति मौजूद रहेगी, जिसके पास अभ्यर्थी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। लेकिन हमें उम्मीद है कि कोई तकनीकी समस्या नहीं आने वाली है।

    मेडिकल प्रक्रिया में पास होना जरूरी
    नूंह के मोहम्मद कैफ और सोनीपत के सरोहा ने पूछा कि क्या चश्मा पहनने वाले अभ्यर्थी दौड़ में भाग ले सकते हैं। इस सवाल पर चेयरमैन हिम्मत सिंह ने कहा कि पीएमटी-पीएसटी में चश्मे को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं है, परंतु पुलिस के भर्ती नियमों के मुताबिक मेडिकल प्रक्रिया से आपको गुजरना होगा। यदि मेडिकल प्रक्रिया से गुजरने के दौरान किसी तरह की कोई समस्या आती है तो अलग बात है।

    पीएमटी-पीएसटी के लिए जारी हो चुके निर्देश
    रोहतक की प्रीति व नितेश, भिवानी के राहुल तंवर व कपिल, नरवाना के मनकीत, कालां के अंकित और हांसी के मनु ने पीएमटी-पीएसटी के लिए ऊंचाई एवं छाती की माप के संबंध में आयोग से स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है। इस पर आयोग ने कहा कि इस बारे में विस्तृत दिशा निर्देश अलग से जारी हो चुके हैं। इसके बावजूद पुरुष कॉन्स्टेबल के लिए ऊंचाई 170 सेंटीमीटर (आरक्षित 168) और छाती 83 से 87 सेंटीमीटर का प्रविधान है। महिला कॉन्स्टेबल के लिए ऊंचाई 158 सेंटीमीटर और आरक्षित वर्ग के लिए 156 सेंटीमीटर है। अब उम्मीदवारों के लिए अगला फोकस पीएमटी पास कर पीएसटी की तैयारी करना है। कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह का दावा है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जल्द पूरी की जाएगी।

    सिख अभ्यर्थियों के लिए धार्मिक मर्यादाओं का अनुपालन
    लंबाई, वजन और छाती के मापन से यदि कोई अभ्यर्थी संतुष्ट नहीं होगा तो वह अपील काउंटर पर आवेदन कर दोबारा माप करा सकता है।अभ्यर्थियों के लिए बैगेज जमा करने और विश्राम क्षेत्र की व्यवस्था की गई है। जीरकपुर से सुबह पांच बजे से 10 बसों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसी भी अभ्यर्थी को एनर्जी बूस्टर का सेवन नहीं करना चाहिए। सिख अभ्यर्थियों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। उनके मापन के लिए धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप अलग व्यवस्था और सिख कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

  • India Proud Moment: Preeti Pawar ने एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण, देश का नाम रोशन

    India Proud Moment: Preeti Pawar ने एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण, देश का नाम रोशन

    भिवानी.

    मुक्केबाजी के रिंग में भिवानी की बेटी 54 किलोग्राम भार वर्ग में प्रीति पंवार ने ऐसा पंच लगाया, जिसकी गूंज एशिया तक सुनाई दी। भारतीय सेना में नायब सूबेदार बनने के बाद पहली ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।

    यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि सेना में भर्ती के बाद इतना बड़ा मुकाम हासिल करना हर खिलाड़ी के लिए सपना होता है। प्रीति ने न सिर्फ उस सपने को पूरा किया, बल्कि देश का मान भी बढ़ाया। भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अप्रैल 2026 में मंगोलिया में आयोजित एशियन बाक्सिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय सेना के मुक्केबाजों को सम्मानित किया। टीम के कोच सूबेदार मोहम्मद ऐतेशामुद्दीन को भी खिलाड़ियों के उत्कृष्ट मार्गदर्शन और अहम योगदान के लिए सम्मानित किया गया। पदक विजेता को 75 हजार रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान की गई।

    परिवार का साथ, चाचा से मिली राह
    गांव बड़ेसरा की रहने वाली प्रीति की सफलता के पीछे परिवार का बड़ा योगदान है। पिता सोमबीर सिंह हरियाणा पुलिस में एएसआइ हैं और मां सलीन देवी गृहिणी हैं। 2017 में आठवीं कक्षा के दौरान चाचा व कोच विनोद पंवार से प्रेरित होकर उन्होंने बाक्सिंग शुरू की। बेटी के सपनों को उड़ान देने के लिए परिवार महम शिफ्ट हो गया। यही समर्पण आज उनकी सफलता की मजबूत नींव बना। प्रीति रोजाना करीब पांच घंटे कड़ी ट्रेनिंग करती हैं। सुबह और शाम दोनों समय रिंग में अभ्यास करते हुए वे अपनी तकनीक को निखारती हैं। हर दिन अपनी कमजोरियों को दूर करना और बेहतर बनना ही उनका लक्ष्य रहता है। यही मेहनत और अनुशासन उन्हें दूसरों से अलग बनाता है और इंटरनेशनल स्तर पर जीत दिलाता है।

    जुलाई में कामनवेल्थ और बाद में एशियन गेम्स
    प्रीति अब जुलाई में स्काटलैंड के ग्लासगो में होने वाले कामनवेल्थ गेम्स और इसके बाद जापान में एशियन गेम्स की तैयारी में जुटी हैं। उनका लक्ष्य साफ है कि हर बड़े मंच पर गोल्ड जीतना। उनकी इस उपलब्धि से भिवानी के युवा खिलाड़ियों में नई ऊर्जा आई है और खेलों के प्रति उत्साह बढ़ा है। खेल प्रेरक व अधिवक्ता राजनारायण पंघाल ने कहा कि प्रीति पंवार ने दिखा दिया कि अगर जुनून और मेहनत हो तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं। उनकी जीत पूरे भिवानी और हरियाणा के लिए गर्व की बात है। वे आने वाले समय में देश के लिए और बड़े पदक जीतेंगी।

  • Panipat ESI Scam: CM सैनी सख्त, ACB जांच के आदेश; 3 कर्मचारी निलंबित

    Panipat ESI Scam: CM सैनी सख्त, ACB जांच के आदेश; 3 कर्मचारी निलंबित

    चंडीगढ़.

    पानीपत के ईएसआइ अस्पताल से मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर करने का खेल उजागर होने के बाद प्रदेश सरकार सख्त हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूरे मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सौंपने का निर्देश दिया है।
    अनियमितताओं में संलिप्त पानीपत ईएसआइ अस्पताल के तीन कर्मचारियों को निलंबित करते हुए पांच चिकित्सा अधीक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    साथ ही छह निजी अस्पतालों को तुरंत पैनल से बाहर करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को समीक्षा बैठक में ईएसआइ हेल्थ केयर सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी करते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाएगा। इन अस्पतालों ने वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान अत्यधिक रेफरल किए थे और रेफरल प्रपत्रों पर चिकित्सकों के हस्ताक्षरों में गड़बड़ी पाई गई। इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रदेश भर में ईएसआइ के पैनल पर शामिल अन्य 133 निजी अस्पतालों के रिकार्ड की भी एसीबी द्वारा जांच कराई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता का समय रहते पता लगाया जा सके।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पानीपत ईएसआइ अस्पताल की क्षमता को 75 बेड से बढ़ाकर 100 बेड किया जाए तथा वहां आपरेशन थिएटर का विस्तार किया जाए। इसी प्रकार जगाधरी ईएसआइ अस्पताल को 80 से 100 बेड और हिसार ईएसआइ डिस्पेंसरी को 12 से बढ़ाकर 50 बेड करने के निर्देश दिए गए। सभी अस्पतालों में आधुनिक तकनीक से युक्त उपकरण भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा बावल और बहादुरगढ़ में निर्माणाधीन 100-100 बेड के ईएसआइ अस्पतालों का कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के श्रमिकों और आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि ईएसआइ हेल्थ केयर में डाक्टरों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। आवश्यकतानुसार स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है, और इस दिशा में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने भी अपनी बात रखी।

  • HCS प्रिलिम्स पर सख्त निगरानी: 337 परीक्षा केंद्रों पर 93,696 अभ्यर्थी देंगे एग्जाम

    HCS प्रिलिम्स पर सख्त निगरानी: 337 परीक्षा केंद्रों पर 93,696 अभ्यर्थी देंगे एग्जाम

    चंडीगढ़.

    हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने 26 अप्रैल को होने वाली हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) एवं संबद्ध सेवाओं की प्रारंभिक परीक्षा 2025 के लिए तैयारियों की समीक्षा की। यह परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जाएगी। पहला सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक (सामान्य अध्ययन) तथा दूसरा सत्र दोपहर बाद तीन बजे से शाम पांच बजे तक (सीसैट) होगा।

    इस परीक्षा के लिए कुल 93 हजार 696 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं, जो राज्य के आठ जिलों में बनाए गए 337 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्र अंबाला (31 केंद्र), फरीदाबाद (80 केंद्र), गुरुग्राम (56 केंद्र), करनाल (48 केंद्र), कुरुक्षेत्र (37 केंद्र), पानीपत (19 केंद्र), यमुनानगर (23 केंद्र) और पंचकूला (43 केंद्र) में बनाए गए हैं। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी आठ जिलों के उपायुक्तों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात करने तथा स्ट्रांग रूम और परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही, किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर एंबुलेंस रखने को कहा गया है।

    IAS और HCS अधिकारी करेंगे निगरानी
    प्रत्येक जिले में स्ट्रांग रूम प्रबंधन, प्रश्न पत्र वितरण तथा परीक्षा के बाद सामग्री को हरियाणा लोक सेवा आयोग पंचकूला भेजने की निगरानी के लिए आइएएस और एचसीएस कैडर के नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करने की बात कही गई है। पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को 24 अप्रैल से स्ट्रांग रूम पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, होटलों, कोचिंग संस्थानों और फोटो स्टेट की दुकानों की जांच करने तथा परीक्षा ड्यूटी में लगे निजी एजेंसियों के कर्मचारियों का सत्यापन करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

    बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की की गई व्यवस्था
    परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की कड़ी तलाशी, सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निरंतर निगरानी और आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की व्यवस्था की गई है। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने तीन मई रविवार को होने वाली नीट परीक्षा की तैयारियों की भी समीक्षा की और सभी उपायुक्तों को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परीक्षा के लिए भी पुख्ता प्रबन्ध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह, हरियाणा लोक सेवा आयोग के सचिव एमके आहूजा, उप सचिव सतीश कुमार शामिल हुए।

  • भर्ती में अनोखा ट्रेंड: हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा में EWS 71, जनरल 52

    भर्ती में अनोखा ट्रेंड: हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा में EWS 71, जनरल 52

    चंडीगढ़.

    हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) ने पुलिस कॉन्स्टेबल के 5500 पदों के लिए चल रही भर्ती परीक्षा की कटऑफ लिस्ट जारी कर दी है। विशेष बात यह कि अनारक्षित वर्ग से आरक्षित वर्गों में कटऑफ ज्यादा है। पंचकूला में 20 अप्रैल से शुरू हो रहे शारीरिक माप परीक्षण (पीएमटी) के लिए आयोग ने शुक्रवार को प्रवेश पत्र जारी कर दिए, जिन्हें अधिकृत वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है।

    निर्धारित पदों की तुलना में 15 गुणा अभ्यर्थियों को शार्टलिस्ट किया गया है। सामान्य ड्यूटी के पदों के लिए सबसे कम कटऑफ 52.17 अनारक्षित वर्ग में रहा, जबकि ईडब्ल्यूएस कोटे में यह सबसे ज्यादा 71.93 रहा। इसी तरह रेलवे पुलिस के पदों के लिए वंचित अनुसूचित वर्ग में कटऑफ 72.97 रहा है, जबकि अनारक्षित श्रेणी का कटऑफ 75.04 और ईडब्ल्यूएस में 81.31 रहा।

    हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने इंटरनेट मीडिया पर पीएमटी के लिए लिंक जारी करते हुए कहा कि इसके माध्यम से युवा अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही पीएमटी के लिए साइट प्लान साझा करते हुए आह्वान किया कि स्टेडियम में आने से पहले इसे ध्यानपूर्वक देखें और एंट्री गेट, बायोमेट्रिक प्वाइंट, पीएमटी हाल और एक्जिट रूट की पूरी जानकारी प्राप्त करें।

    साइट प्लान के अनुसार प्रवेश एवं बाहर निकलने के लिए लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। बायोमेट्रिक के लिए विशेष काउंटर बनाए गए हैं। बैग रखने सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिन अभ्यर्थियों का सीईटी के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हुआ था, उनका बायोमेट्रिक सत्यापन गेट नंबर तीन पर किया जाएगा।

    यह रहा कटऑफ
    पुलिस कॉन्स्टेबल सामान्य ड्यूटी
    अनारक्षित – 52.17
    ईडब्ल्यूएस – 71.93
    बीसी-ए – 65.06
    बीसी-बी – 69.90
    ओएससी – 64.04
    डीएससी – 57.85

    रेलवे पुलिस कटऑफ
    अनारक्षित – 75.04
    ईडब्ल्यूएस- 81.31
    बीसी-ए- 78.23
    बीसी-बी- 80.32
    ओएससी – 76.08
    डीएससी – 72.97

  • जलभराव से राहत की तैयारी, नूंह में नई ड्रेनेज योजना लागू

    जलभराव से राहत की तैयारी, नूंह में नई ड्रेनेज योजना लागू

    नूंह

    हरियाणा के नूंह जिले को अब विकास के पंख लगेंगे। जिले की चार विकास परियोजनाओं के लिए बजट मंजूर किया गया है। करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से ये योजनाएं लागू होंगी। इनमें स्टेडियम निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।

    जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र में जिन योजनाओं को स्वीकृति मिली है, उनमें एक भव्य सभागार और संग्रहालय परिसर का निर्माण प्रमुख है। यह परिसर पुराने कार्यालयों वाली सड़क पर विकसित किया जाएगा, जिससे सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को एक आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी।

    खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पलवल टी-पॉइंट के पास मेवात मॉडल स्कूल के नजदीक उपलब्ध भूमि पर स्टेडियम बनाया जाएगा। इससे युवाओं को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा। शहर की सड़कों के सौंदर्यीकरण के तहत पलवल टी-पॉइंट से झंडा चौक तक बीच की पट्टी को विकसित किया जाएगा।

    नगर परिषद कार्यालय भवन के विस्तार की योजना भी शामिल है। मौजूदा भवन के साथ नई इमारत बनाई जाएगी, जिससे प्रशासनिक कामकाज को अधिक सुचारु ढंग से संचालित किया जा सकेगा और लोगों को सेवाएं आसानी से मिलेंगी।

    सोहना में जलभराव से राहत मिलेगी
    नगर परिषद ने शहर में बरसात के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नई योजना लागू करनी शुरू कर दी है। नई योजना के तहत अब विकास कार्यों के दौरान सड़कों को पक्का करने या दोबारा कंक्रीट डालने के साथ-साथ बरसाती पानी की निकासी के लिए अलग से लाइन बिछाई जा रही है।

    यह लाइन सीवर सिस्टम की तर्ज पर गटर के रूप में तैयार की जा रही है, जिससे बारिश के पानी के साथ बहकर आने वाला कूड़ा-कचरा भी आसानी से निकल सके। इस व्यवस्था से पानी बिना रुके ढाल की दिशा में बह सकेगा और सड़कों पर जमा नहीं होगा।

    वार्ड-16 के पार्षद हरिश नंदा का कहना है कि इस योजना से भविष्य में जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। वहीं वार्ड-6 के पार्षद राकेश रोहिल्ला ने बताया कि नई निकासी लाइन बनने से सीवर पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा और पानी की निकासी तेजी से हो सकेगी।

    अधिकारियों के अनुसार, अभी तक बारिश के बाद जलभराव कम होने में एक से डेढ़ घंटे का समय लग जाता था। एसडीओ राजपाल खटाना ने कहा कि नई व्यवस्था के बाद बारिश रुकने के कुछ ही मिनटों में पानी की निकासी हो जाएगी।