Category: हरियाणा

  • क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 पेश, कर्मचारियों को प्रमोशन में बड़ा लाभ

    क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 पेश, कर्मचारियों को प्रमोशन में बड़ा लाभ

    चंडीगड़

    हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शोक प्रस्ताव पढ़ रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने सदन का बहिष्कार कर दिया है।  नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई। हुड्डा साढ़े 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

    भाजपा नारी शक्ति वंदन विधेयक पर कांग्रेस की भूमिका के खिलाफ सदन में निंदा प्रस्ताव लेकर आएगी। कांग्रेस ने इसे नियमानुसार गलत बताते हुए विरोध करने का फैसला किया है। इस मुद्दे पर सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच हंगामा तय है।

    कांग्रेस विधायक आफताब अहमद के मुताबिक पार्टी देशभर में लोकसभा की 543 सीटों में से 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने और यही व्यवस्था सभी राज्यों की विधानसभाओं में भी लागू करने का प्रस्ताव लाएगी। भाजपा सरकार कांग्रेस की इसी भूमिका को लेकर निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। सरकार का तर्क है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पहले ही महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का रास्ता साफ कर चुका है इसलिए कांग्रेस का रुख विरोधाभासी है।

    सत्र में एक अहम विधेयक भी पेश किया जाएगा। हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 को कैबिनेट पहले ही मंजूरी दे चुकी है। इसके तहत ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए क्लर्क पद पर प्रमोशन का कोटा 20 फीसदी से बढ़ाकर 30 फीसदी किया जाएगा। साथ ही 5 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को पदोन्नति का पात्र माना जाएगा और 5 फीसदी एक्स-ग्रेशिया पद भी अनिवार्य होंगे।

    निलंबित विधायकों पर नजर
    राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोप में निलंबित पांचों विधायक शैली चौधरी, रेनू बाला, मोहम्मद इसराइल, मोहम्मद इलियास और जरनैल सिंह को भी विधायक दल की बैठक में शामिल होने का संदेश भेजा गया है। इन पांचों विधायकों पर बैठक में शामिल होने से लेकर सदन तक में सभी नजर रहेंगी।

     

  • गुरुग्राम में विश्व रिकॉर्ड कायम: सीएम नायब सैनी और पुष्कर सिंह धामी ने हजारों युवाओं के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया

    गुरुग्राम में विश्व रिकॉर्ड कायम: सीएम नायब सैनी और पुष्कर सिंह धामी ने हजारों युवाओं के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया

    गुरुग्राम
    हरियाणा की साइबर सिटी गुरुग्राम रविवार को "विजय पर्व" के अवसर पर भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आई। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक साथ शिरकत की। आयोजन का मुख्य आकर्षण हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ रहा, जिसने आस्था के एक नए विश्व रिकॉर्ड को जन्म दिया। गुरुग्राम में आयोजित इस "विजय पर्व" में देश के विभिन्न कोनों से आए हजारों युवाओं और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि सामूहिक पाठ के दौरान पूरा वातावरण ऊर्जा और सकारात्मकता से ओतप्रोत था। उन्होंने इस अवसर पर देश के कोने-कोने से आए युवाओं का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री सैनी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा:

    "आदरणीय प्रधानमंत्री जी के सशक्त नेतृत्व में आज विश्वभर में भारतीय संस्कृति की गूंज सुनाई दे रही है। यह आयोजन भारत के बदलते स्वरूप, आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों और हमारे युवाओं के भीतर बढ़ते आत्मविश्वास का एक भव्य उत्सव है।"
    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नायब सैनी ने इस कार्यक्रम को भारतीय जड़ों से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम बताया। सामूहिक पाठ के माध्यम से न केवल विश्व रिकॉर्ड बना, बल्कि यह संदेश भी दिया गया कि आधुनिकता के दौर में भी भारत का युवा अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत पर गर्व करता है।

    कार्यक्रम के अंत में दोनों मुख्यमंत्रियों ने उपस्थित जनसमूह के साथ 'विजय पर्व' की खुशियाँ साझा कीं। मुख्यमंत्री सैनी ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस गौरवशाली पल को साझा करते हुए इसे युवाओं के आत्मविश्वास का प्रतीक बताया। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि इतने बड़े जनसमूह के बीच सामूहिक पाठ को सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके।

  • किसानों को जे-फॉर्म और भुगतान अब व्हाट्सएप व ऐप पर मिलेगा

    किसानों को जे-फॉर्म और भुगतान अब व्हाट्सएप व ऐप पर मिलेगा

    चंडीगड़

    हरियाणा के किसानों को अगले सीजन से अपनी फसल बेचने के लिए मंडी में बैठकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हरियाणा सरकार जल्द ही किसान ई-खरीद एप लॉन्च करेगी। इस एप की मदद से किसानों को जे-फॉर्म, भुगतान की स्थिति, भूमि बुवाई एवं उपज सत्यापन की स्थिति, गेट पास शेड्यूलिंग (अगली सरसों फसल से प्रारंभ), भूमि सत्यापन की स्थिति व सभी सूचनाएं किसान ई-खरीद एप पर ही उपलब्ध होंगी। इससे खरीद कार्य में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी। वहीं, अगले सप्ताह से सभी किसानों को व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड आधारित जे फार्म भेजा जाएगा ताकि उन्हें ऋण या अन्य सुविधाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ें।

    यह एलान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता में किए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में अब तक हुई गेहूं खरीद का ब्योरा देते हुए कहा कि रबी सीजन 2026-27 में प्रदेश की मंडियों में गेहूं की बंपर आवक हुई है। इसने पिछले चार साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सरकार ने खरीद प्रबंधों को लेकर पुख्ता इंतजाम किए जिसके चलते प्रदेश में गेहूं खरीद का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और किसानों को समय पर भुगतान भी किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा अब तक प्रदेश की मंडियों में 21 हजार 44 करोड़ रुपये मूल्य की 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले 4 वर्षों में सर्वाधिक है। अकेले 11 अप्रैल को एक ही दिन में 7 लाख 71 हजार मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड आवक हुई। उन्होंने कहा कि अब तक 5 लाख 80 हजार किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंच चुके हैं। हर किसान की पहचान डिजिटल गेट पास के माध्यम से की जा रही है। इसके साथ ही 79 लाख 14 हजार मीट्रिक टन गेहूं का बायोमेट्रिक सत्यापन हो चुका है, जो लगभग 97 प्रतिशत है। प्रदेश की मंडियों में 70 लाख 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है, साथ ही प्रदेश की मंडियों से 34 लाख 56 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है।

    पहले ढाई महीने का सीजन होता था, अब 15 दिन का
    मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि पहले गेहूं की कटाई और फसल बेचने का सीजन ढाई महीने का होता था। अब यह सीजन सिमटकर 15 दिन में आ गया है। इससे थोड़ी बहुत परेशानी आती है। उन्होंने कहा कि 18 अप्रैल से उठान प्रक्रिया में और तेजी आई है। अब प्रतिदिन साढ़े 3 लाख मीट्रिक टन का उठान हो रहा है। पिछले वर्ष से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि रबी सत्र 2025-26 में जहां कुल 72 लाख 89 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। वहीं, इस वर्ष अब तक 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन की आवक हो चुकी है।

    किसानों को नहीं, सिर्फ विपक्ष को दिक्कत
    विपक्ष पर निशाना साधते हुए सैनी ने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय न डिजिटल व्यवस्था थी, न पारदर्शिता थी, न समय पर भुगतान होता था। किसानों को मंडियों में लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था। कागजी टोकन बनते थे और भुगतान के लिए हफ्तों, कभी-कभी महीनों का इंतजार करना पड़ता था। बोले-मंडियों में सब व्यवस्थाएं ठीक हैं। किसी भी किसान को दिक्कत नहीं है, सिवाय विपक्ष को।

     

  • उच्च न्यायालय का स्पष्ट आदेश,दूसरी पत्नी को पारिवारिक पेंशन नहीं दी जाएगी

    उच्च न्यायालय का स्पष्ट आदेश,दूसरी पत्नी को पारिवारिक पेंशन नहीं दी जाएगी

    चंडीगढ़

     पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने परिवारिक पेंशन (फैमिली पेंशन) को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि सिर्फ वैध (कानूनी रूप से मान्य) पत्नी ही पेंशन की हकदार होती है। अवैध विवाह से किसी महिला को न तो पत्नी का दर्जा मिलता है और न ही विधवा होने के दावे से फैमिली पेंशन का अधिकार।

    महिला ने मृत सेना अधिकारी की दूसरी पत्नी होने का दावा करते हुए फैमिली पेंशन देने की मांग की थी। याची ने कहा था कि उसका विवाह उस समय हुआ था जब अधिकारी की पहली शादी वैध थी और पहली पत्नी जिंदा थी। बाद में पहली पत्नी की मृत्यु हो गई और ऐसे में अब वह अधिकारी की विधवा होने के नाते फैमिली पेंशन की हकदार है।

    इस पर कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि पेंशन का अधिकार मृत कर्मचारी की मृत्यु के समय मौजूद वैध वैवाहिक स्थिति पर निर्भर करता है। बाद की परिस्थितियों से यह अधिकार पैदा नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दूसरी शादी, यदि पहली शादी के दौरान हुई है, तो वह स्वतः अवैध है। पहली पत्नी की मृत्यु से इस अवैध विवाह को बाद में वैध नहीं बनाया जा सकता।

    पहली शादी वैध रहते दूसरी शादी कानूनन शून्य होती है। ऐसी शादी से महिला को पत्नी या विधवा का कानूनी दर्जा नहीं मिलता। इन परिस्थितियों में पहली पत्नी की मृत्यु के बाद भी दूसरी शादी को वैध नहीं माना जा सकता, इसलिए पेंशन का अधिकार बाद में भी उत्पन्न नहीं हो सकता।  – जस्टिस संदीप मौदगिल, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट

     

  • हाइपरसोनिक रेस में भारत की बड़ी छलांग: मिसाइल सिस्टम अपग्रेड पर काम जारी, Prahlada Ramarao हिसार में मौजूद

    हाइपरसोनिक रेस में भारत की बड़ी छलांग: मिसाइल सिस्टम अपग्रेड पर काम जारी, Prahlada Ramarao हिसार में मौजूद

    हिसार.

    अगर युद्ध के मैदान में भारत का वर्चस्व कायम रखना है तो हमें अमेरिका, ब्रिटेन, इटली व फ्रांस जैसे देशों की सुपर हाइपरसोनिक मिसाइलों को चकमा दे नष्ट करने वाली एंटी-बैलिस्टिक राकेट की जरूरत है। इसके लिए भारतीय वैज्ञानिक मिसाइलों को अपग्रेड करने के लिए 3 बिंदुओं पर काम कर रहे हैं, जिनमें रफ्तार-घुमावदार व ब्रेन सिस्टम शामिल है।

    ये बात पद्मश्री वैज्ञानिक डा. प्रह्लादा रामाराओ ने कही। वे शुक्रवार को गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय स्थित चौधरी रणबीर सिंह आडिटोरियम में आयोजित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। दैनिक जागरण के संवाददाता ने उनसे बातचीत की, जिसमें उन्होंने ब्राह्मोस व आकाश मिसाइलों के परीक्षण से लेकर भविष्य की तैयारियों को लेकर कई जानकारियां साझा भी की।

    सेना ने की एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों की डिमांड
    मुख्यातिथि एवं पद्मश्री वैज्ञानिक डा. प्रह्लादा रामाराओ ने बताया कि 1985 में भारत का बांग्लादेश के साथ विवाद चल रहा था। जिसमें बांग्लादेश ने कुछ मिसाइलों से भारत में अटैक किए। जिसको रोकने के लिए भारतीय सेना ने सरकार से एडवांस एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों की डिमांड की थी। तब सरकार ने हाई लेवल की मीटिंग बुलाई, जिसमें सेना, वैज्ञानिक, नीति आयोग सहित अन्य क्षेत्रों के टाप अधिकारी मौजूद रहे। जिसमें थल व वायु सेना के टाप अधिकारियों ने मिसाइलों का ड्राफ्ट तैयार कर वैज्ञानिकों की टीम को दिया। इस दौरान टीम में डा. एपीजे अब्दुल कलाम भी मौजूद रहे।

    ब्राह्मोस व आकाश मिसाइलों ने एकसाथ हिट किए थे तीन टारगेट
    मुख्यातिथि ने बताया कि ब्राह्मोस व आकाश मिसाइल बनाने में करीब 10 साल लगे। 1995 में ब्राह्मोस व आकाश मिसाइल का पहला परीक्षण किया गया। इस दौरान थल व वायु सेना के टाप अधिकारी मौजूद थे। दोनों मिसाइलों ने मात्र 5 सेकेंड के अंदर एकसाथ तीन टारगेट को हिट किया।

    रूस के साथ तैयार की मिसाइल
    पद्मश्री वैज्ञानिक डा. प्रह्लादा ने बताया कि ब्राह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाने के लिए 15 साल का समय मांगा गया था। लेकिन रूस ने भारत के साथ मिलकर जेवी टीम बनाई, जिसमें दोनों देशों के वैज्ञानिकों ने मिलकर 5 साल के अंदर ही ब्राह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तैयार की।

  • हिसार घटना जांच तेज: दोनों पक्षों को तलब कर साक्ष्य जुटा रही SIT

    हिसार घटना जांच तेज: दोनों पक्षों को तलब कर साक्ष्य जुटा रही SIT

    हिसार

    हिसार में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला-सीआईए इंचार्ज पवन कुमार के विवाद के मामले में एसआईटी इंचार्ज डीएसपी कमलजीत ने पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला को नोटिस जारी कर अपना जवाब देने के लिए बुलाया है। डीएसपी कमलजीत ने इस मामले सीआईए इंचार्ज पवन सहित सभी 6 पुलिस कर्मियों को भी नोटिस दिया है। अभी दुष्यंत चौटाला-दिग्विजय चौटाला ने जांच में शामिल होने के लिए कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

    जजपा प्रवक्ता एडवोकेट मनदीप बिश्नोई का कहना है कि पुलिस ने अभी तक शिकायत व एफआईआर की कॉपी उपलब्ध नहीं करवाई है। उसे देखने के बाद ही जवाब दिया जा सकता है। आज दुष्यंत चौटाल कार्यकर्ताओं की बैठक लेने आएंगे। जिसके बाद इस विषय पर भी विमर्श किया जाएगा। एसआईटी इंचार्ज कमलजीत ने कहा कि अभी इस मामले में निष्पक्ष जांच होगी। हमने दोनों पक्षों से साक्ष्य मांगे हैं। उनके बयान भी लेंगे। इसके बाद मौके से जुटाए गए अन्य वीडियो का भी विश्लेषण करेंगे। पूरी जांच के बाद एसपी सिद्धांत जैन को रिपोर्ट सौंपेंगे।

    यह था मामला
    गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन के बाद जजपा व इनसो नेताओं पर एफआईआर दर्ज होने के बाद 17 अप्रैल को दुष्यंत चौटाला और उनके भाई दिग्विजय चौटाला मामले के विरोध में गिरफ्तारी देने सिटी थाना पहुंचे थे। इसके बाद एसपी ऑफिस जा रहे थे तो रास्ते में सब्जी मंडी पुल पर सीआईए इंचार्ज पवन कुमार के साथ पुलिस कर्मियों से काफी बहस हुई थी।

    पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया था कि सीआईए इंचार्ज पवन कुमार की गाड़ी से उन्हें सब्जी मंडी पुल पर कुचलने का प्रयास किया। पवन कुमार ने उन्हें हथियार दिखाया। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दी ई है। जिसकी जांच के लिए एसपी ने डीएसपी कमलजीत के नेतृत्व में एसआईटी बनाई थी।

     

  • हरियाणा कार्रवाई: निकाय चुनाव से पहले 115 उम्मीदवार डिसक्वालिफाई

    हरियाणा कार्रवाई: निकाय चुनाव से पहले 115 उम्मीदवार डिसक्वालिफाई

    चंडीगढ़

    हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने निकाय चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए 115 उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर दिया है। आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार ये सभी उम्मीदवार अगले पांच वर्षों तक कोई चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।

    यह कदम उन प्रत्याशियों के खिलाफ उठाया गया है जिन्होंने चुनाव खर्च का अनिवार्य विवरण समय पर जमा नहीं कराया। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए खर्च का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह और निष्पक्ष बनाना है।

    नियमों के अनुसार प्रत्येक उम्मीदवार को चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर अपने चुनावी खर्च का पूरा विवरण जमा कराना अनिवार्य होता है। तय समय सीमा में यह जानकारी उपलब्ध न कराने पर उम्मीदवार को आगामी चुनावों के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। इसी क्रम में राज्य चुनाव आयोग ने हाल ही में अयोग्य उम्मीदवारों की सूची अपडेट करते हुए 115 प्रत्याशियों को पांच वर्ष के लिए चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया है।

    आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार भी नियमों के पालन को लेकर सख्ती बरती जाएगी। उम्मीदवारों को अपने चुनावी खर्च का विधिवत रजिस्टर बनाए रखने और हर विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर वे इस संबंध में पर्यवेक्षकों से मार्गदर्शन भी ले सकते हैं, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके।

    निकाय उम्मीदवार कितना पैसा खर्च कर सकते हैं
    आयोग समय-समय पर उम्मीदवारों के लिए खर्च की सीमा तय करता आया है। चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवार तय सीमा से ज्यादा खर्च नहीं कर सकते। नगर निगम महापौर के लिए उम्मीदवार अधिकतम 30 लाख रुपये खर्च कर सकते हैं। निगम में पार्षद के उम्मीदवार साढ़े 7 लाख रुपए खर्च कर सकते हैं। वहीं नगर काउंसिल के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार 20 लाख रुपये, नगर काउंसिल के मेंबर की खर्च सीमा चार लाख रुपये तय की गई है।

    पंचायती राज में सरपंच के लिए यह सीमा 2 लाख रुपये और जिला परिषद सदस्य के लिए 6 लाख रुपये रखी गई है। चुनाव परिणाम आने के 30 दिनों के भीतर यदि उम्मीदवार खर्च का ब्योरा जमा नहीं करते हैं तो जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से नोटिस जारी किया जाता है। उसके बाद भी खर्च का ब्यौरा नहीं देते हैं तो जिला अधिकारी उन्हें अयोग्य घोषित कर देते हैं और इसकी जानकारी राज्य चुनाव आयोग को भिजवाई जाती है।

    कहां कितने उम्मीदवार अयोग्य घोषित किए गए
    चुनाव आयोग के मुताबिक सोनीपत नगर निगम के 18 उम्मीदवार, नगर परिषद झज्जर के 5, नूंह नगर परिषद के 14, पुन्हाना नगर पालिका के 17, नगर पालिका फिरोजपुर झिरका के पांच, नगर परिषद नारनौल के 41, नगर पालिका राजौंद के 13, नगर पालिका टोहाना के एक उम्मीदवार को अयोग्य घोषित किया गया है।

     

  • नगर निगम चुनाव में Panchkula पर फोकस: Bharatiya Janata Party की सूची जारी, Gyan Chand Gupta का प्रभाव कायम

    नगर निगम चुनाव में Panchkula पर फोकस: Bharatiya Janata Party की सूची जारी, Gyan Chand Gupta का प्रभाव कायम

    पंचकूला.

    भाजपा ने नगर निकाय चुनाव 2026 के तहत पंचकूला नगर निगम के लिए पार्षद उम्मीदवारों की वार्डवार आधिकारिक सूची जारी कर दी है। अधिकांश उम्मीदवारों को पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता का समर्थक माना जा रहा है। खास तौर पर उनके पौते पार्थ गुप्ता को वार्ड-6 से टिकट दिए जाने को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

    यह सूची केंद्रीय नेतृत्व से विचार-विमर्श के बाद जारी की गई है। वार्ड नंबर 1 से 20 तक उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं। पार्टी ने इस बार महिला उम्मीदवारों को भी संतुलित प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। पूर्व पार्षद रितु गोयल, ओमवती पूनिया, सोनिया सूद और सुशील गर्ग नरवाना को टिकट दिया गया है। सूची जारी होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। सभी उम्मीदवारों ने अपने-अपने वार्डों में जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। पार्टी अब बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करते हुए चुनाव जीत सुनिश्चित करने की रणनीति पर काम कर रही है।
    वार्डवार उम्मीदवारों की सूची
    वार्ड नंबर     उम्मीदवार का नाम

    1     परमजीत कौर
    2     पमरजीत कौर
    3     सुरेश वर्मा
    4     भारत हितैषी
    5     जय कौशिक
    6     पार्थ गुप्ता
    7     ज्योति प्रसाद
    8     राजकुमार जैन
    9     हरेंद्र मलिक
    10     शेखर पांडेय
    11     अनुराधा पुरी
    12     राकेश जगोता
    13     दीपक गर्ग
    14     राकेश गोयल
    15     प्रियंका
    16     निर्मल देवी
    17     सुदेश बिडला
    18     पूजा देवी
    19     मनीषा रानी
    20     गौतम राणा

  • हरियाणा हाई अलर्ट: Ambala से Delhi तक धमकी, स्कूलों को भी मिले बम धमाके के मेल

    हरियाणा हाई अलर्ट: Ambala से Delhi तक धमकी, स्कूलों को भी मिले बम धमाके के मेल

    अंबाला.

    पंजाब और हरियाणा में रेलवे ट्रैकों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। 24 अप्रैल को 8:11 मिनट पर अंबाला से लेकर दिल्ली तक रेलवे ट्रैक पर धमाके करने की धमकी दी गई है। इसके अलावा पंजाब में भी लुधियाना अमृतसर बठिंडा फिरोजपुर में रेलवे ट्रैक उड़ाने की धमकी दी गई है।

    ईमेल के माध्यम से भेजी गई इस धमकी में हरियाणा के मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और पंजाब के मुख्यमंत्री को भी जान से मारने की धमकी दी गई है। ईमेल में कहा गया है कि 24 अप्रैल को अपने बच्चों को स्कूल में मत भेजो और रेल से सफर मत करो। लुधियाना के स्कूलों को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल जारी हुआ है। फिलहाल चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इनमें स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल, पौदार इंटरनेशनल स्कूल, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल, बीआरएस नगर का डीएवी पब्लिक स्कूल शामिल है।

    धमकी भरा ई-मेल जारी होने के बाद स्कूलों ने अभिभावकों के ग्रुपस में जानकारी शेयर की और पुलिस प्रशासन को भी सूचित कर दिया। स्प्रिंग डेल स्कूल ने तो बच्चों की छुट्टी कर दी। फिलहाल स्कूल में पुलिस की ओर से चैकिंग चल रही है।
    वहीं आज ही बठिंडा के दो प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों—सेंट जेवियर स्कूल और मिलेनियम स्कूल— को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके साथ ही बठिंडा रेलवे स्टेशन को भी निशाना बनाने की चेतावनी भरा ईमेल सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों के बीच हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया और पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।

  • प्रशासनिक बदलाव: Haryana Police में 46 HPS अफसरों का तबादला, जारी हुई सूची

    प्रशासनिक बदलाव: Haryana Police में 46 HPS अफसरों का तबादला, जारी हुई सूची

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार ने मंगलवार देर रात पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव करते हुए 46 हरियाणा पुलिस सेवा के अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां कर दीं। इस फेरबदल के तहत राज्य के कई जिलों में डीएसपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों को इधर-उधर किया गया है।

    गौरतलब है कि डीएसपी पानीपत, सिरसा, रोहतक और गुरुग्राम (ACP) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नए अधिकारियों को तैनात किया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो में भी कई अधिकारियों की अदला-बदली की गई है।  गुरुग्राम और फरीदाबाद के कई एसीपी (ACP) को बदला गया है। इसके अलावा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), सीआइडी, एचएसएनसीबी और आइआरबी जैसी विशेष इकाइयों में भी फेरबदल किया गया है। इस प्रशासनिक बदलाव में कई अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग से हटाकर स्पेशल यूनिट्स में भेजा गया है, वहीं कुछ अधिकारियों को अहम जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि आगामी चुनौतियों और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। 

    प्रशासनिक स्तर पर भी हुआ तबादला
    गौरतलब है कि पिछले शुक्रवार को हरियाणा सरकार पांच आइएएस और 15 एचसीएस अधिकारियों के तबादले किए थे। आइएएस अधिकारी विजय कुमार सिद्धप्पा भाविकट्टी को राज्यपाल का सचिव, श्रम आयुक्त तथा श्रम विभाग का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। वर्तमान में विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक तथा विशेष सचिव अनीश यादव को हैफेड तथा हरियाणा इंटरनेशनल हार्टिकल्चरल मार्केटिंग कारपोरेशन गन्नौर के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। आइएएस अधिकारी डा. सुभिता ढाका को रजिस्ट्रार सहकारी समितियां नियुक्त किया गया है।