Category: हरियाणा

  • 12 साल का जश्न: हरियाणा में भाजपा करेगी जनसंपर्क और विकास कार्यक्रमों की श्रृंखला

    12 साल का जश्न: हरियाणा में भाजपा करेगी जनसंपर्क और विकास कार्यक्रमों की श्रृंखला

    चंडीगढ़

     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हरियाणा भाजपा ने प्रदेशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में भाजपा हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बडोली ने “बारह साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम को लेकर प्रदेश समिति का गठन किया है।

    प्रदेश कार्यालय ‘पंचकमल’ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह समिति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। कार्यक्रमों के माध्यम से केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक ले जाने की रणनीति पर काम किया जाएगा।

    गठित समिति में प्रदेश सचिव राहुल राणा को संयोजक बनाया गया है, जबकि पूर्व प्रदेश सचिव मनीष यादव को सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय बंसल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य ओबीसी मोर्चा अवनीत कौर तथा युवा मोर्चा कार्यकारिणी सदस्य विकास दहिया को सदस्य बनाया गया है।

    भाजपा संगठन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह समिति प्रदेशभर में विभिन्न जनसंपर्क, संवाद और उपलब्धि आधारित कार्यक्रम आयोजित कर सकती है, ताकि प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को जनकल्याण और विकास के दृष्टिकोण से जनता के बीच प्रस्तुत किया जा सके।

  • मिड-डे मील स्टॉक को लेकर शिक्षा विभाग सख्त, राशन खराब होने पर तय होगी जवाबदेही

    मिड-डे मील स्टॉक को लेकर शिक्षा विभाग सख्त, राशन खराब होने पर तय होगी जवाबदेही

    फतेहाबाद/लुधियाना.

    भीषण गर्मी के बीच शिक्षा विभाग ने 25 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है। छुट्टियों के साथ ही विभाग ने सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील के स्टाक को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। विभाग ने सभी स्कूलों से मिड-डे मील में उपयोग होने वाले गेहूं, चावल, दाल, तेल सहित अन्य सामग्री का पूरा ब्योरा मांगा है।

    साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि लापरवाही के कारण यदि कोई खाद्यान्न खराब हुआ तो संबंधित स्कूल स्टाफ जिम्मेदार माना जाएगा। शिक्षा विभाग के अनुसार अवकाश के दौरान स्कूल बंद रहेंगे, ऐसे में खाद्यान्न की सुरक्षित स्टोरेज सुनिश्चित करना जरूरी होगा। जिन स्कूलों में राशन अधिक मात्रा में बचा हुआ है या खराब होने की आशंका है, वहां से स्टाक तुरंत वापस करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने सभी स्कूल मुखियाओं से स्टाक का रिकॉर्ड निर्धारित समय में उपलब्ध करवाने को कहा है। अधिकारियों का मानना है कि गर्मी के मौसम में खाद्यान्न खराब होने का खतरा अधिक रहता है। बता दें कि पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिड-डे मील योजना के तहत भोजन दिया जाता है।

  • हरियाणा में विलुप्त होती कलाओं को मिलेगा सहारा, स्कॉलरशिप योजना का ऐलान

    हरियाणा में विलुप्त होती कलाओं को मिलेगा सहारा, स्कॉलरशिप योजना का ऐलान

    फरीदाबाद.

    गुरु शिष्य परंपरा प्रशिक्षण योजना के तहत गुरु, संगतकार और शिष्यों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इस योजना का लाभ पाने के लिए लुप्त होती विधाओं का प्रशिक्षण देने वाले गुरुओं और शिष्यों की जानकारी कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग को भेजी जाए। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज द्वारा प्रदेश में लुप्त होती विधाओं का प्रशिक्षण देने वालों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    क्या होगी छात्रवृत्ति की राशि?
    गुरु शिष्य परंपरा प्रशिक्षण योजना के तहत गुरु को प्रति माह 7500 रुपये, प्रति संगतकार को प्रति माह 3750 रुपये और प्रत्येक शिष्य को प्रति माह 1500 रुपये की राशि छात्रवृत्ति के तौर पर प्रदान की जाएगी। इस योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र नागरिकों तक पहुंचाने के लिए गुरुओं तथा शिष्यों के नामों की सूची कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा को भेजी जाए, ताकि भारत सरकार की इस नीति के प्रति जागरूक होकर अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। इस योजना के बारे में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सेक्टर-सात, एससीओ नंबर-29, दूसरा तल स्थित कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

  • अवैध खनन के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई, यमुना नगर में सैकड़ों वाहनों पर शिकंजा

    अवैध खनन के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई, यमुना नगर में सैकड़ों वाहनों पर शिकंजा

    यमुना नगर.

    यमुनानगर में लगातार उजागर हो रहे अवैध खनन के नेटवर्क पर आखिरकार बड़ी कार्रवाई हुई है। दैनिक जागरण द्वारा लगातार प्रकाशित खबरों के बाद करनाल स्पेशल टास्क फोर्स और माइनिंग विभाग की संयुक्त टीम ने इंद्री और लाडवा क्षेत्र में अवैध खनन सामग्री से भरे 100 से अधिक वाहनों को पकड़कर खनन माफिया पर बड़ा शिकंजा कसा है।

    जांच में अब तक 25 से अधिक वाहनों के पास ई-रवन्ना, रॉयल्टी और परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज नहीं मिले हैं। कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई चालक हाईवे और ढाबों पर वाहन छोड़कर फरार हो गए। बेलगढ़ क्षेत्र, यमुना नदी और आसपास के इलाकों में अवैध खनन नेटवर्क चल रहे है। खबरों में बार-बार सामने लाया गया कि किस प्रकार यमुनानगर से प्रतिदिन भारी संख्या में खनन सामग्री से भरे वाहन प्रदेश के विभिन्न जिलों तक पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक दावे केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रहे थे। सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि जिले में 20 से अधिक माइनिंग नाके होने के बावजूद अवैध खनन सामग्री से भरे वाहन यमुनानगर से निकलकर करनाल तक कैसे पहुंच गए। यदि सीमाओं पर निगरानी और जांच व्यवस्था सक्रिय थी तो इतने बड़े स्तर पर वाहन पकड़े जाने से पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

    खनन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए अधिकांश वाहनों के पास वैध दस्तावेज नहीं मिले। कई वाहनों के नंबर, रजिस्ट्रेशन और परिवहन रिकॉर्ड की जांच भी की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि अवैध खनन का यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है और इसमें बड़े स्तर पर मिलीभगत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वैध खनन कारोबारियों का कहना है कि एक ओर वे करोड़ों रुपये खर्च कर सरकार से खनन ब्लॉक लेते हैं और नियमित राजस्व जमा करते हैं, वहीं दूसरी ओर अवैध खनन माफिया सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे हैं। कारोबारियों के अनुसार अवैध खनन के कारण वैध एजेंसियों का कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार जिले में 30 के करीब माइनिंग ब्लॉक समय पर भुगतान न होने और अन्य कारण से पहले ही बंद हो चुके हैं, जबकि कई अन्य ब्लॉक भी बंद होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। कारोबारियों का कहना है कि यदि अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लगी तो वैध खनन उद्योग गंभीर संकट में आ सकता है। जिले में केवल दो ही साइट चल रही है। यमुना सेवा समिति के प्रधान किरण पाल राणा का कहना है कि करनाल में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि यमुनानगर से संचालित अवैध खनन का नेटवर्क केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा दूसरे जिलों तक फैला हुआ है। मामले की जांच होनी चाहिए। जिन नाको से वाहन निकले उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।

  • धमकी की शिकायत पर हरकत में सरकार, जनसंवाद में CM ने दिए तुरंत कार्रवाई के निर्देश

    धमकी की शिकायत पर हरकत में सरकार, जनसंवाद में CM ने दिए तुरंत कार्रवाई के निर्देश

     चंडीगढ़

    जनसंवाद के मंच पर जब एक किसान अपनी शिकायत लेकर पहुंचा तो मामला सिर्फ रास्ता बंद होने तक सीमित नहीं रहा। शिकायत में आरोप था कि खेत तक जाने वाले रास्ते के बीच बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर लगवा दिए गए, जिससे आने-जाने में परेशानी खड़ी हो गई। इतना ही नहीं, विरोध करने पर धमकियां मिलने की बात भी सामने आई। शिकायत सुनते ही मुख्यमंत्री ने मंच से ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दे दिए।

    दरअसल, हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini गुरुवार को कुरुक्षेत्र के लाडवा स्थित शिवाला रामकुंडी में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में आमजन की समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान गांव बकाली के एक शिकायतकर्ता ने बताया कि कई वर्ष पहले खरीदी गई करीब 7 एकड़ जमीन के रास्ते में बिजली विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से खंभे और ट्रांसफार्मर लगा दिए गए। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि अब उसे जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।

    मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिस एसडीओ ने खेत के रास्ते के बीच में खंभे और ट्रांसफार्मर लगवाए, उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए। साथ ही पूरे मामले की जांच एसडीएम लाडवा को सौंपने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को भी शिकायतकर्ता को धमकी देने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए।

    जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि आम नागरिकों को दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगवाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश का विकास और हर नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 338 शिकायतें सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। स्कूल अपग्रेड करने, ग्रामीण सड़कों के निर्माण, ट्रांसफार्मर बदलने और आरटीई के तहत बच्चों के दाखिले जैसे मामलों पर भी संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के आदेश दिए गए।

    मुख्यमंत्री ने लाडवा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि पेयजल, सड़क, आवास और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि लाडवा विधानसभा क्षेत्र में बीते वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं और बाकी परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी है।

  • पंजाब की राजनीति पर CM सैनी का हमला, बोले- जनता AAP को करेगी बाहर

    पंजाब की राजनीति पर CM सैनी का हमला, बोले- जनता AAP को करेगी बाहर

     चंडीगढ़

    हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने पंजाब और हरियाणा के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दोनों राज्यों के संबंध को सिर्फ पड़ोसी राज्यों का रिश्ता नहीं, बल्कि “नाखून और उंगली” जैसा बताया। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पंजाब की राजनीति को लेकर भी लगातार चर्चा तेज है।

    एक इंटरव्यू के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पंजाब को करीब से समझने और देखने का मौका मिला है। उन्होंने बताया कि पंजाब ओबीसी मोर्चा का प्रभारी रहते हुए उन्होंने पूरे प्रदेश का दौरा किया और शायद ही कोई ऐसा चुनाव रहा हो, जहां उन्हें जाने का अवसर न मिला हो। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने पंजाब और हरियाणा के सामाजिक व सांस्कृतिक जुड़ाव को बेहद मजबूत बताया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब और हरियाणा की जमीन एक है, छत एक है और दोनों का सफर भी एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, “पंजाब-हरियाणा का रिश्ता सामान्य नहीं है, यह नाखून और उंगली का रिश्ता है।” उनके इस बयान को दोनों राज्यों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

    हालांकि, मुख्यमंत्री ने राजनीतिक स्तर पर पंजाब की मौजूदा सरकार पर निशाना साधने से भी परहेज नहीं किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की सोच आम आदमी पार्टी से अलग है। मुख्यमंत्री का आरोप था कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने आम लोगों को अपमानित करने का काम किया है।

    उन्होंने दावा किया कि पंजाब की जागरूक जनता भ्रष्टाचार में लिप्त आम आदमी पार्टी को बाहर का रास्ता दिखाएगी। साथ ही कहा कि अगर पंजाब में भाजपा की सरकार बनती है तो सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान हरियाणा की उपलब्धियों का भी जिक्र किया और कहा कि प्रदेश ने खेल, कृषि, उद्योग और विकास के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। वहीं, पंजाब और हरियाणा के रिश्ते पर दिया गया उनका “नाखून और उंगली” वाला बयान अब राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • झज्जर के युवक का अनोखा प्रोडक्ट बना आकर्षण, CM सैनी ने खरीदा शहद का सिरका

    झज्जर के युवक का अनोखा प्रोडक्ट बना आकर्षण, CM सैनी ने खरीदा शहद का सिरका

    झज्जर.

    विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर बीते बुधवार को पंचकूला में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उस समय बेहद दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी झज्जर के प्रगतिशील मधुमक्खी पालक विनय फोगाट के स्टाल पर पहुंचे। वहां प्रदर्शित अनूठे उत्पादों को देखकर मुख्यमंत्री भी हैरान रह गए और उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, शहद का सिरका… यह तो मैंने पहले कभी सुना ही नहीं!

    कन्वेंशन सेंटर, रेड बिशप, सेक्टर-1 में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को विनय फोगाट द्वारा तैयार किया गया ''शहद का सिरका'' (हनी विनेगर) और ''बी प्रोबायोटिक'' इतना पसंद आया कि वे इसे विशेष रूप से अपने साथ लेकर गए।

    क्या खास है शहद के सिरके और बी प्रोबायोटिक में?
    प्रदर्शनी से वापिस लौटे विनय फोगाट ने बातचीत के दौरान उत्पादों की खासियत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शहद का सिरका (हनी विनेगर): यह आम सिरके की तरह तीखा नहीं होता। इसे शुद्ध शहद को लंबे समय तक प्राकृतिक रूप से फरमेंट (किण्वित) करके तैयार किया जाता है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, वजन नियंत्रित करने और शरीर को डिटाक्सिफाई करने में बेहद असरदार माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीआक्सीडेंट्स होते हैं।

    बी प्रोबायोटिक: यह मधुमक्खियों के प्राकृतिक स्लाइवा (लार) और शहद के कॉम्बिनेशन से तैयार ऐसा अनूठा उत्पाद है, जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करने में गेम-चेंजर साबित हो रहा है।

    5 राज्यों का सफर और 18 तरह का शहद 
    दरअसल, झज्जर जिले के मलिकपुर गांव के रहने वाले शहद उत्पादक विनय फोगाट आज क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुके हैं। उनके पास मौजूदा समय में करीब 1,100 मधुमक्खी कालोनियां हैं, जिनसे वे सालाना लगभग 38 से 40 टन शहद का रिकार्ड उत्पादन करते हैं। विनय फोगाट ने बताया कि वे केवल एक या दो नहीं, बल्कि 18 अलग-अलग तरह के शहद और उत्पाद तैयार करते हैं। इसके लिए वे मौसम और फूलों के खिलने के चक्र के हिसाब से अपने बी-फार्म को हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के इलाकों में शिफ्ट करते हैं। उनके पिटारे में सरसों, नीम, शीशम, कीकर, हिमाचल व कश्मीर का पहाड़ी शहद, कश्मीर का एकेशिया, सूरजमुखी, सौंफ और जामुन का शहद प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा वे शहद से गुलकंद, हनी अर्क, बी प्रोपोलिस टिंक्चर और घुटनों के दर्द की विशेष जेल भी तैयार करते हैं।

    फसलों की सच्ची मित्र हैं मधुमक्खियां
    स्टाल के दौरे के दौरान विनय फोगाट ने मुख्यमंत्री के सामने किसानों से रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा केमिकल और पेस्टीसाइड्स के अंधाधुंध इस्तेमाल से हमारी सबसे अच्छी मित्र कीट मधुमक्खियां बहुत तेजी से मर रही हैं। जबकि सच्चाई यह है कि जहां भी मधुमक्खी के बाक्स रखे जाते हैं, उसके 3 से 4 किलोमीटर के दायरे में क्रास-पालिनेशन (परागण) के जरिए फसलों की पैदावार ढाई से तीन क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बढ़ जाती है। वैज्ञानिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि मधुमक्खियों के पॉलिनेशन से तिलहनी फसलों में तेल के भीतर सल्फर कंटेंट 10 से 15% तक बढ़ जाता है। साथ ही, मधुमक्खियां अपने स्लाइवा (लार) से फूलों के अंदर जो यीस्ट छोड़ती हैं, उससे फसलों में प्राकृतिक मिनरल्स की मात्रा में भारी इजाफा होता है।

  • हरियाणा शिक्षा विभाग का नया फैसला, स्कूलों में मोबाइल पर रोक और छात्रों के लिए श्रमदान अनिवार्य

    हरियाणा शिक्षा विभाग का नया फैसला, स्कूलों में मोबाइल पर रोक और छात्रों के लिए श्रमदान अनिवार्य

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार ने राज्य में बढ़ती गर्मी को देखते हुए छह दिन पहले स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया है। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी विद्यालयों के पाठ्यक्रम में श्रमदान को अनिवार्य घोषित कर दिया।

    इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों में अनुशासन, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके। चंडीगढ़ में शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा राज्य के विभिन्न स्कूलों के दौरे पर गए थे। वहां से लौटने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की। महीपाल ढांडा के सुझाव पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निर्देश दिए कि शिक्षक कक्षा में मोबाइल फोन लेकर नहीं जाएंगे।

    शिक्षकों के मोबाइल विद्यालय में प्रधानाचार्य कक्ष में जमा रहेंगे
    शिक्षकों के मोबाइल विद्यालय में प्रधानाचार्य कक्ष में जमा रहेंगे तथा शिक्षण कार्य के दौरान मोबाइल के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। विद्यालयों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने खेल अवधि को अनिवार्य रूप से प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा उसकी समुचित योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय ऐसा वातावरण विकसित करें, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को प्रत्येक कक्षा बेहतर सीखने का अनुभव प्रदान करती हुई महसूस हो।

    मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसरों में बागवानी और पौधारोपण कार्य का सर्वेक्षण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण और रखरखाव को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और बेहतर शैक्षणिक परिणामों पर विशेष ध्यान देने को कहा है।

  • हिसार के मंदिरों में बदला पूजा का अंदाज, भगवान के लिए AC-कूलर और आइसक्रीम भोग की व्यवस्था

    हिसार के मंदिरों में बदला पूजा का अंदाज, भगवान के लिए AC-कूलर और आइसक्रीम भोग की व्यवस्था

    हिसार.

    शहर में लगातार बढ़ रही गर्मी का असर अब मंदिरों की दैनिक सेवा-पूजा और व्यवस्थाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान की सेवा बदली गई है। कहीं देवी-देवताओं को ठंडे पेय और शीतल भोग अर्पित किए जा रहे हैं तो कहीं गर्भगृह में एसी और कूलर की व्यवस्था कर ठंडा रखा जा रहा है।

    साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसरों में ठंडे पानी की छबील और वाटर कूलर लगाए गये हैं। सेक्टर 9-11 स्थित श्री शिव मंदिर में पुजारियों और श्रद्धालुओं द्वारा देवी-देवताओं को ठंडे पेयजल का भोग लगाया गया। मंदिर में श्रद्धालुओं ने भीषण गर्मी से राहत की कामना करते हुए विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिरों में अब शिकंजी, ठंडाई, रसमलाई, मठा, दूध, फल-फ्रूट, खीर और आइसक्रीम जैसे शीतल व्यंजनों का विशेष भोग लगाया जा रहा है। श्री देवी भवन मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित सुरेश ने बताया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए गर्भगृह में एयर कंडीशनर लगाए गए हैं, ताकि भगवान की प्रतिमाओं के आसपास का वातावरण शीतल बना रहे। उन्होंने बताया कि देवी-देवताओं को अब सूती और हल्के वस्त्र धारण कराए गये हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए भी मंदिर परिसर में ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है।

    गर्मी के अनुरूप विशेष व्यवस्था: त्रिलोक
    सेक्टर 16-17 स्थित श्री श्याम मंदिर में भी गर्मी के अनुरूप विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर के उपप्रधान त्रिलोक बंसल ने बताया कि श्री श्याम बाबा को ठंडाई, फल और हल्के भोग अर्पित किए जा रहे हैं। मंदिर में आरती के समय में भी बदलाव किया गया है ताकि श्रद्धालु सुबह और शाम के अपेक्षाकृत ठंडे समय में दर्शन कर सकें। शहर के एमसी कालोनी शिव मंदिर, राधा-कृष्ण बड़ा मंदिर, जवाहर नगर हनुमान मंदिर, पटेल नगर शिव मंदिर, मोती बाजार हनुमान मंदिर और बुधला संत हनुमान मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों पर भी विशेष शीतल भोग लगाए जा रहे हैं। मंदिर पुजारी रविकांत शर्मा ने बताया कि गर्मी के मौसम में भगवान की सेवा भी ऋतु के अनुसार की जाती है। सर्दियों में जहां गरम भोग और ऊनी वस्त्र अर्पित किए जाते हैं, वहीं गर्मियों में ठंडे भोग और हल्के वस्त्रों का प्रयोग किया जाता है।

  • सूचना आयुक्त नियुक्ति पर हरियाणा सरकार ने खोले पत्ते, कई दिग्गज अफसरों को पछाड़कर आगे निकले अजय सूरा

    सूचना आयुक्त नियुक्ति पर हरियाणा सरकार ने खोले पत्ते, कई दिग्गज अफसरों को पछाड़कर आगे निकले अजय सूरा

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में नये राज्य सूचना आयुक्त अजय सूरा की नियुक्ति के बाद प्रदेश सरकार ने पद की दौड़ में शामिल लोगों के नाम सार्वजनिक कर दिए हैं। राज्य सूचना आयोग में सदस्य बनने के लिए 349 हस्तियों ने ताल ठोकी थी, जिनमें 18 सेवानिवृत्त आइएएस, चार आइपीएस, एक आइआरएस और पांच सेवानिवृत्त एचसीएस अधिकारियों सहित कई पत्रकार, नौकरशाह, समाजसेवी, वकील और विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत लोग शामिल रहे।

    हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी और हरियाणा लोकसेवा आयोग की सदस्य रह चुकी डॉ. वंदना शर्मा भी सूचना आयुक्त बनने की दौड़ में शामिल थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की छोटी बहन वंदना शर्मा भाजपा के टिकट पर सफीदों विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुकी हैं। वहीं, विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 39 लोगों ने निर्धारित समय सीमा के बाद आवेदन किया था, जिस कारण उनके नामों पर विचार नहीं किया गया। आवेदन की सीमा 21 मार्च 2025 निर्धारित की गई थी। अब फिर से सूचना आयोग में नियुक्ति के लिए नए सिरे से आवेदन मांगे जा सकते हैं।

    पुराने आवेदनों में शामिल नामों पर ही विचार संभव
    यह भी संभव है कि पुराने आवेदनों में शामिल नामों पर ही विचार किया जाए। नये सूचना आयुक्त अजय सूरा के पदभार संभालने के बावजूद राज्य सूचना आयोग में सदस्यों के पांच पद अभी भी रिक्त हैं। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत राज्य स्तर पर एक मुख्य सूचना आयुक्त और अधिकतम 10 सूचना आयुक्तों की नियुक्ति का प्रविधान है, लेकिन वर्तमान में मुख्य सूचना आयुक्त टीवीएसएन प्रसाद के साथ आयोग में पांच सदस्य सेवाएं दे रहे हैं।

    पिछले साल मार्च में हरियाणा सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्य सूचना आयुक्त के एक और सात सूचना आयुक्तों के पदों के लिए आवेदन मांगे थे। इसके बाद मई 2025 में पूर्व मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद को मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया, जबकि उनके साथ सेवानिवृत्त एचसीएस अधिकारी अमरजीत सिंह, कर्मवीर सैनी, नीता खेड़ा, संजय मदान और प्रियंका धूपड़ को राज्य सूचना आयुक्त बनाया गया। हालांकि, प्रियंका धूपड़ की नियुक्ति विवादों में आ गई थी, जिस कारण उन्होंने पदभार नहीं संभाला। बाकी सभी सदस्यों का कार्यकाल मई 2028 तक निर्धारित है। अप्रैल में दो राज्य सूचना आयुक्तों डॉ. कुलबीर छिकारा और डा. जगबीर सिंह का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो गया।

    यह अधिकारी थे दौड़ में
    यहाँ दी गई जानकारी के आधार पर सेवानिवृत्त अधिकारियों की एक सुव्यवस्थित तालिका (Table) दी गई है:-
    श्रेणी                   सेवानिवृत्त अधिकारियों के नाम                                                                       विशेष टिप्पणी
    सेवानिवृत्त IAS     रेणु एस फुलिया, ज्योति अरोड़ा, भूपिंद्र सिंह, अमरजीत सिंह मान, महेश्वर शर्मा, डा. अंकुर गुप्ता,
                             महावीर कौशिक, चोखा राम गर्ग, सुनील कुमार गुलाटी, अश्विनी कुमार, सुरजीत कौर, ललित के
                             सिवाच, नरेश कुमार, धर्मवीर सिंह, राम सरूप वर्मा, आलोक निगम, अरुण कुमार मित्तल,
                             शामलाल                                    (ज्योति अरोड़ा पूर्व में भी सूचना आयुक्त के पद पर रह चुकी हैं।)
    सेवानिवृत्त IPS     शिवचरण, डा. एलआर बिश्नोई, अरुण कुमार मित्तल, रमेश चंद्र      
    सेवानिवृत्त HCS     अमरजीत सिंह, अशोक कुमार, सतीश यादव, रामेश्वर मेहरा, चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी      
    सेवानिवृत्त IRS     रणजीत कुमा