Category: हरियाणा

  • कई दिनों बाद खत्म हुआ सफाई कर्मियों का आंदोलन, हरियाणा सरकार से 17 मांगों पर समझौता

    कई दिनों बाद खत्म हुआ सफाई कर्मियों का आंदोलन, हरियाणा सरकार से 17 मांगों पर समझौता

    पंचकूला.

    ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा के बैनर तले 15 मई से चल रही ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार रात को खत्म हो गई। यूनियन प्रधान व अन्य पदाधिकारी ने हड़ताल खत्म होने की घोषणा की। साथ ही प्रदेश सरकार के मंत्री कृष्ण लाल पंवार और मंत्री कृष्ण बेदी ने यूनियन की 17 मांगों पर सहमति बनने की जानकारी दी।

    इससे पहले जीटी रोड स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में मंत्री कृष्ण बेदी और मंत्री कृष्ण लाल पवार के साथ कर्मचारी यूनियन पदाधिकारी की बैठक हुई। करीब 2 घंटे तक चली बैठक में 17 मांगों पर सहमति बनी। इसके बाद हड़ताल खत्म होने की घोषणा की गई। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि प्रदेश सरकार कर्मचारी हितकारी है और यूनियन की सभी जायज मांगे मान ली गई है यूनियन प्रधान ने कहा कि हड़ताल में प्रदेश भर के 10500 कर्मचारी शामिल हुए थे। पूरे प्रदेश में गांव में सफाई का काम 15 में से बंद था हम मांगे मान ली गई है। इसलिए सभी कर्मचारी सुबह काम पर लौट आएंगे। इसकी सूचना कर्मचारी तक पहुंचा दी गई है।

  • NEET एग्जाम में गड़बड़ी रोकने बड़ा एक्शन, हरियाणा पुलिस सतर्क; CM सैनी की सीधी नजर

    NEET एग्जाम में गड़बड़ी रोकने बड़ा एक्शन, हरियाणा पुलिस सतर्क; CM सैनी की सीधी नजर

    पंचकूला.

    21 जून को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न करवाना हरियाणा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। खुफिया तंत्र सक्रिय रहेगा और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद पूरे मामले को मॉनिटर कर रहे हैं।

    इसी संबंध में शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। प्रदेश में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नीट परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था तथा नशामुक्त हरियाणा अभियान की भी समीक्षा की गई।  बैठक में प्रदेशभर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। डीजीपी ने सभी अधिकारियों को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप गंभीरता, सतर्कता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए।

    डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों का समय रहते निरीक्षण किया जाए तथा सुरक्षा, निगरानी एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को पहले से सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश देते हुए कहा कि पेपर लीक अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर हरियाणा पुलिस की नजर रहनी चाहिए। बैठक में नशामुक्त हरियाणा अभियान को लेकर भी व्यापक चर्चा की गई। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो संजय कुमार ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार नशामुक्त अभियान को लेकर काफी संवेदनशील है तथा उच्च स्तर पर निगरानी की जा रही है।

    नशा तस्करी के नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
    एडीजीपी संजय कुमार ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में बढ़ती नशा तस्करी का सीधा प्रभाव हरियाणा पर पड़ता है। ऐसे में डिमांड और सप्लाई दोनों स्तरों पर रणनीतिक कार्रवाई करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा बिक्री अथवा स्टोरेज की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाए। मेडिकल स्टोर एवं केमिस्ट एसोसिएशनों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएं तथा केमिस्ट शाप्स के स्टाक, सीसीटीवी सिस्टम और रिकार्ड की लगातार निगरानी की जाए।

    डीजीपी ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन हर परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस बल को सदैव तैयार रहना होगा। प्रत्येक जिले में गठित कानून एवं व्यवस्था कंपनियों का नियमित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके।

  • रोहतक में लाखों की बिजली तार चोरी, 3700 मीटर केबल गायब होने से निगम में हड़कंप

    रोहतक में लाखों की बिजली तार चोरी, 3700 मीटर केबल गायब होने से निगम में हड़कंप

    महम/रोहतक.

    जिले के महम क्षेत्र में बिजली निगम की 11 केवी लाइन से हजारों मीटर तार चोरी होने का मामला सामने आया है। इस घटना से बिजली निगम को करीब तीन लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। मामले में थाना लाखनमाजरा पुलिस ने बिजली निगम की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    बिजली निगम के उपमंडल अधिकारी संजीत कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 24 मई की रात को सब स्टेशन से सूचना मिली थी कि 11 केवी बैंसी एपी लाइन में ब्रेकडाउन हो गया है। सूचना मिलते ही लाइन स्टाफ मौके पर पहुंचा और लाइन की जांच की गई। जांच के दौरान पता चला कि बैंसी से खरैंटी रोड की तरफ जाने वाली लाइन से एससीआर कंडक्टर चोरी कर लिया गया है। निगम के अनुसार मौके से करीब 3700 मीटर एससीआर कंडक्टर 50 एमएम2 गायब मिला। चोरी की घटना की सूचना तुरंत डायल-112 के माध्यम से पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

    बिजली निगम ने अपनी शिकायत में बताया कि चोरी हुए तार की कीमत करीब 3 लाख 2 हजार 475 रुपये है। निगम ने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और चोरी हुआ सामान बरामद करवाने की मांग की है। साथ ही निगम को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करवाने की भी अपील की गई है। शिकायत के आधार पर थाना लाखनमाजरा पुलिस ने बिजली अधिनियम की धारा 136 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में जांच कर रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

  • नायब सैनी सरकार का बड़ा फैसला, किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ेंगे 14 नए विज्ञान केंद्र

    नायब सैनी सरकार का बड़ा फैसला, किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ेंगे 14 नए विज्ञान केंद्र

    करनाल.

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश आज बागवानी क्षेत्र में देश के लिए एक माडल के रूप में उभर रहा है। महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय में अब पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन, पौध कीट नियंत्रण और रोगों के नए विषयों पर भी मास्टर डिग्री और पीएचडी की शुरुआत की जाएगी।

    वर्तमान में विश्वविद्यालय की ओर से केवल फलों, सब्जियों और पुष्प उत्पादन में ही उच्च शिक्षा प्रदान की जा रही है। सरकार की ओर से 14 बागवानी विज्ञान केंद्र महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय को समर्पित किए जा रहे हैं, जो किसानों तक नवीनतम तकनीक, वैज्ञानिक परामर्श और गुणवत्तायुक्त पौध पहुंचाने में एक मजबूत सेतु का काम करेंगे। वह वीरवार को सीएसएसआरआइ में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय व लेफ्टिनेंट अमित मेमोरियल फाउंडेशन के सौजन्य से चार दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

    सम्मेलन 'अमृतकाल में बागवानी फसलों के लिए गुणवत्ता युक्त बीज एवं रोपण सामग्री का रणनीतिक प्रतिमान' विषय पर आधारित रहा। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम शुरू किया। शहीद लेफ्टिनेंट अमित के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और देश भर से आए बागवानी विज्ञानियों और प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने चालू वित्त वर्ष के बजट प्रविधानों और आगामी योजनाओं का खाका खींचा। स्मार्ट बागवानी से एरोपोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीन हाउस और वर्टिकल फार्मिंग के तहत 1,000 एकड़ क्षेत्र को लाया जाएगा। प्रदेश में ग्रामीण हाट मंडियां बनेंगी, जिन्हें एफपीओ के पैक हाउस से जोड़ा जाएगा। पहली मंडी का उद्घाटन 23 दिसम्बर किसान दिवस को होगा। वर्ष 2026-27 से बागवानी फसलों के पंजीकरण के लिए यह पोर्टल पूरे वर्ष खुला रहेगा। इसके साथ ही एक कोल्ड चेन नीति लागू की जाएगी।

    हरियाणा आलू बीज अधिनियम
    मुख्यमंत्री ने कहा कि टिश्यू कल्चर से आलू बीज शृंखला के प्रमाणीकरण के लिए यह कानून लाया जाएगा, इससे प्रतिवर्ष 7.5 लाख क्विंटल उच्च गुणवत्ता युक्त बीज आलू उत्पादन होगा। अंबाला के चाणसौली में एमएचयू से संबंद्ध रीजनल रिसर्च सेंटर स्थापित होगा। मशरूम उत्पादन में अग्रणी जिलों (सोनीपत, पानीपत, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र) के लिए विशेष कार्यक्रम चलेंगे।

    नकली बीज-खाद पर पांच साल की सजा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए सरकार ने नया कानून बनाया है। नकली खाद, बीज या कीटनाशक बेचने वालों को पांच साल की सजा का प्रविधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बदलते दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मेसी सेंसर टेक्नोलाजी, बायो-टेक्नोलाजी और क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर को अपनाने तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने पर बल दिया।

    कृषि विज्ञानियों व प्रगतिशील किसानों का सम्मान

    • 1. लाइफ टाइम रिकग्निशन अवार्ड-2026- प्रो. इंद्र मणि मिश्रा कुलपति, वीएनएमकेवी परभणी, महाराष्ट्र
    • 2. अमित कृषि ऋषि पुरस्कार-2026: प्रो. वी प्रवीन राव कुलपति, कावेरी विश्वविद्यालय, तेलंगाना
    • 3. अमित प्रबुद्ध मनीषी पुरस्कार-2026: डा. संजय कुमार चेयरमैन, एएसआरबी

    उद्यान रत्न पुरस्कार-2026

    • 1. नितिन ललित : इनोवेटिव सजावटी बागवानी उद्यमी, करनाल
    • 2. नवीन कुमार, प्रगतिशील सब्जी उत्पादक, दलवा, झज्जर
    • 3. वीरेंद्र बाजवान, इनोवेटिव मशरूम उत्पादक, बाजवान, बडियाल, पंचकूला
    • 4. कुलदीप आर्य प्रगतिशील फल एवं सब्जी उत्पादक, नारनौद, हांसी
  • हरियाणा सरकार ने बनाया सफाई कर्मचारी आयोग, चेयरमैन नियुक्त हुए ईश्वर सिंह पलाका

    हरियाणा सरकार ने बनाया सफाई कर्मचारी आयोग, चेयरमैन नियुक्त हुए ईश्वर सिंह पलाका

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में बोर्ड एवं निगमों के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सदस्य बनाने की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। सबसे पहले नियुक्ति हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी चयन आयोग में हुई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का गठन करते हुए चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति कर दी है।

    सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार पूर्व विधायक ईश्वर सिंह पलाका को आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। सरकार द्वारा जारी आदेशों में भारत भूषण टाक को वाइस-चेयरमैन बनाया गया है। इसके अलावा आयोग में मोहित वाल्मीकि, जितेंद्र वाल्मीकि, रेखा रानी, संजीव घरू और चंदर प्रकाश बोस्ती को सदस्य नियुक्त किया गया है।

    अधिसूचना के मुताबिक यह आयोग वर्ष 2017 में गठित हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के तहत कार्य करेगा। सरकार ने कहा है कि नियुक्त सदस्यों की सेवा शर्तें और अन्य नियम अलग से जारी किए जाएंगे। यह नियुक्तियां सामाजिक न्याय एवं सफाई कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने और उनकी समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से की गई हैं। आदेश 27 मई 2026 से प्रभावी माने जाएंगे। हरियाणा सरकार की ओर से जल्दी ही कई बोर्ड एवं निगमों के अध्यक्ष घोषित किया जा सकते हैं।

  • HBSE में बड़ा बदलाव, नए चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने गिनाईं अपनी प्राथमिकताएं

    HBSE में बड़ा बदलाव, नए चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने गिनाईं अपनी प्राथमिकताएं

    भिवानी.

    वरिष्ठ भाजपा नेता शंकर लाल धूपड़ को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। मंगलवार देर रात उनकी नियुक्ति और डा. पवन कुमार को रिलीव करने के आदेश जारी किए गए। जिसके बाद बुधवार को नवनियुक्त चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने स्वजन और भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं के बीच हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड चेयरमैन का कार्यभार संभाला।

    कार्यभार संभालते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार की नई शिक्षा नीति को पूर्णरूपेण लागू करना मेरी प्राथमिकता होगी। इससे पूर्व उन्होंने बोर्ड की लाबी में स्थापित मां सरस्वती की पूजा की। बोर्ड अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ का पूर्व बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार, बोर्ड अधिकारियों/कर्मचारियों, बीजेपी कार्यकर्ताओं व समाजसेवियों ने फूलों के गुलदस्ते देकर स्वागत किया गया। कार्यग्रहण उपरांत धूपड़ ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

    बोर्ड की कार्यप्रणाली को अधिकाधिक सुदृढ़ किया जाएगा
    शिक्षा-परीक्षा को सुधारवादी कदमों को और अधिक गति देते हुए बोर्ड की कार्यप्रणाली को अधिकाधिक सुदृढ़ किया जाएगा। वे शिक्षा बोर्ड के उन सभी क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव के हिमायती व पैरोकार रहे हैं, जिनसे शिक्षा जगत का बहुआयामी विकास हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा-परीक्षा में गुणात्मक सुधार, परीक्षाओं में नकल पर अंकुश लगाने तथा शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली को और अधिक उत्तरदायी, त्वरित, पारदर्शी व विद्यार्थियों/शिक्षकों के लिए संतुष्टिपूर्ण बनाने के लिए सत्त व सार्थक प्रयास किए जाएंगे। उनका मानना है कि शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति को गुणवान, सुशील, ज्ञानवान, समाज व देश के प्रति समर्पित बनाया जा सकता है। शंकर लाल धूपड़ ने अपनी नियुक्ति के लिए केन्द्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, शिक्षा मंत्री महीपाल सिंह ढांडा, प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन पर जो विश्वास जताया है वह उसे सार्थक सिद्ध करेंगे तथा बोर्ड सचिव व अधिकारियों के साथ मिलकर बोर्ड को उच्च मुकाम पर ले जाएंगे। शंकर लाल धूपड़ मूल रूप से जिला भिवानी के रहने वाले है जो कि पेशे से वकील है। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा भिवानी में पूरी करने के बाद जयपुर विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की। उनकी राजनीतिक शुरूआत 1975 में हुई तथा वे लगभग 04 वर्षों तक जिला भिवानी के बीजेपी के जिलाध्यक्ष भी रहे हैं।

  • स्वामित्व योजना में बदलाव: हरियाणा सरकार ने शिकायत निपटान प्रक्रिया को बनाया आसान

    स्वामित्व योजना में बदलाव: हरियाणा सरकार ने शिकायत निपटान प्रक्रिया को बनाया आसान

    रोहतक

     हरियाणा सरकार ने लाल डोरा और स्वामित्व योजना से संबंधित शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए नई व्यवस्था लागू की है। विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा सभी जिला उपायुक्तों को जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि अब हरियाणा आबादी देह (स्वामित्व अधिकारों का निहितकरण, अभिलेखीकरण एवं समाधान) अधिनियम-2025 के तहत आने वाली शिकायतों का निपटारा केवल अधिकृत राजस्व अधिकारी ही करेंगे।

    सरकार के इस फैसले को ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि स्वामित्व संबंधी विवादों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आमजन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था का लाभ मिलेगा।

    विकास एवं पंचायत विभाग, चंडीगढ़ की ओर से जारी पत्र के अनुसार यह अधिनियम 19 जनवरी 2026 को अधिसूचित किया गया था, जबकि इसे 26 नवंबर 2025 से प्रभावी माना गया है। विभाग के संज्ञान में आया था कि लाल डोरा और स्वामित्व योजना से जुड़ी शिकायतें अब तक कई स्थानों पर बीडीपीओ (खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी) तथा डीडीपीओ (जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी) कार्यालयों को भेजी जा रही थीं, जबकि अधिनियम में इन अधिकारियों की कोई निर्धारित भूमिका नहीं है।

    इससे शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी और फाइलों की आवाजाही बढ़ रही थी। नए निर्देशों के तहत अब ऐसे सभी मामलों का निस्तारण केवल अधिनियम के तहत नियुक्त नायब तहसीलदार (एसी द्वितीय श्रेणी) और तहसीलदार (एसी प्रथम श्रेणी) जैसे राजस्व अधिकारियों की ओर से किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों का समाधान अधिनियम की धारा 15 और 16 के प्रावधानों के अनुरूप किया जाना अनिवार्य होगा

    जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल ने कहा कि विभागीय निर्देशों के अनुसार अब लाल डोरा व स्वामित्व योजना से संबंधित मामलों को बीडीपीओ या डीडीपीओ कार्यालयों में नहीं भेजा जाएगा, बल्कि शिकायतकर्ता सीधे संबंधित राजस्व अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत प्रस्तुत कर सकेंगे। इससे न केवल प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि शिकायतों के समाधान में तेजी आएगी और लोगों को समय पर राहत मिल सकेगी।

  • गेस्ट फैकल्टी शिक्षकों को मिली बड़ी राहत, 20 साल की सेवा पर हाईकोर्ट ने मांगी नियमित नियुक्ति

    गेस्ट फैकल्टी शिक्षकों को मिली बड़ी राहत, 20 साल की सेवा पर हाईकोर्ट ने मांगी नियमित नियुक्ति

    चंडीगढ़.

    हरियाणा के सरकारी स्कूलों में करीब दो दशक से गेस्ट फैकल्टी शिक्षक और व्याख्याता के तौर पर सेवाएं दे रहे शिक्षकों को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस संदीप मोदगिल की पीठ ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वर्ष 2014 की नियमितीकरण नीति के तहत याचिकाकर्ताओं की सेवाओं को नियमित किया जाए और उन्हें सभी परिणामी सेवा एवं सेवानिवृत्ति लाभ दिए जाएं।

    मामला सुखविंदर सिंह एवं अन्य द्वारा दायर याचिका से जुड़ा था, जिसमें उन्होंने हरियाणा सरकार की 18 जून 2014 की नियमितीकरण नीति के आधार पर अपनी सेवाएं नियमित करने की मांग की थी।

    याचिकाकर्ताओं ने क्या कहा?
    याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्हें वर्ष 2005-06 में सरकारी स्कूलों में रिक्त पदों के विरुद्ध गेस्ट फैकल्टी शिक्षक और व्याख्याता के रूप में नियुक्त किया गया था। नियुक्ति प्रक्रिया विज्ञापन जारी करने, चयन समितियों के गठन, आवेदनों की जांच और मेरिट सूची तैयार करने के बाद पूरी की गई थी। राज्य सरकार ने अदालत में दलील दी कि याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति केवल अस्थायी व्यवस्था के तौर पर की गई थी और वे नियमित भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्त नहीं हुए थे, इसलिए वे नियमितीकरण के पात्र नहीं हैं। हालांकि हाई कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि यदि सरकार की दलील स्वीकार कर ली जाए तो नियमितीकरण नीति का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा, क्योंकि संविदा कर्मचारी स्वाभाविक रूप से नियमित भर्ती प्रक्रिया से बाहर ही नियुक्त होते हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं की नियुक्तियां “बैकडोर एंट्री” या गुप्त तरीके से नहीं हुई थीं, बल्कि सार्वजनिक प्रक्रिया के तहत योग्य उम्मीदवारों का चयन किया गया था।

    हाई कोर्ट ने क्या कहा?
    हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार स्वयं मान चुकी है कि स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी के कारण इन शिक्षकों को नियुक्त किया गया था और लगभग 20 वर्षों तक उनकी सेवाएं लगातार ली जाती रहीं। अदालत ने टिप्पणी की कि यदि इतने लंबे समय तक शिक्षकों की सेवाएं ली गईं तो उन्हें केवल “स्टॉप गैप अरेंजमेंट” बताना पूरी तरह आत्मविरोधी और अनुचित है। कोर्ट ने अपने फैसले में शिक्षकों की भूमिका पर भी विस्तृत टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं तथा उन्हें मनमाने ढंग से “स्पेयर” की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने कहा कि लगातार 20 वर्षों तक संविदा पर कार्य लेने के बाद राज्य अब यह नहीं कह सकता कि ये केवल अस्थायी कर्मचारी थे।

    फैसले में सुप्रीम कोर्ट के “मदन सिंह बनाम हरियाणा राज्य” मामले का भी उल्लेख किया गया, जिसमें सर्वोच्च अदालत ने 2014 की नियमितीकरण नीतियों की वैधता को बरकरार रखा था। हाई कोर्ट ने कहा कि अब नीति की वैधता पर विवाद समाप्त हो चुका है और याचिकाकर्ता नीति की शर्तों को पर्याप्त रूप से पूरा करते हैं। अंततः हाई कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए हरियाणा सरकार को निर्देश दिया कि दो महीने के भीतर याचिकाकर्ताओं की सेवाओं को नियमित किया जाए और उन्हें सभी सेवा एवं रिटायरल लाभ प्रदान किए जाएं। गेस्ट टीचर एसोसिएशन के नेता रघु वत्स ने बताया कि राज्य में इस समय 12,700 के करीब गेस्ट टीचर लगभग 20 साल से सेवा दे रहे है। कोर्ट के इस फैसले से उनकी वर्षों की लड़ाई सफल रही है और उनको एक टीचर के तौर पर सम्मान मिला है।

     

  • खेल जगत में गौरव का पल, कोच बलदेव सिंह को मिला ‘पद्मश्री’ सम्मान

    खेल जगत में गौरव का पल, कोच बलदेव सिंह को मिला ‘पद्मश्री’ सम्मान

    शाहाबाद/चंडीगढ़.

    हरियाणा की खेल नगरी शाहाबाद के लिए आज गर्व का ऐतिहासिक पल रहा, जब द्रोणाचार्य अवार्डी हाकी कोच बलदेव सिंह को राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया। जैसे ही यह सम्मान उन्हें मिला, पूरे शाहाबाद और खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई।

    भारतीय महिला हाकी को नई पहचान दिलाने वाले बलदेव सिंह को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मश्री से नवाजा जाना हरियाणा के लिए भी गौरव की बात है। गौरतलब है कि बलदेव सिंह ने उस दौर में शाहाबाद में महिला हाकी की नींव मजबूत की, जब बेटियों का खेलों में आगे बढ़ना आसान नहीं था। सीमित संसाधनों और तमाम सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने गांव-गांव से प्रतिभाएं खोजीं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाया।

    उनकी मेहनत और समर्पण ने शाहाबाद को भारतीय महिला हाकी की सबसे बड़ी नर्सरी बना दिया। उनकी कोचिंग में तैयार हुई रानी रामपाल, नवनीत कौर, जसजीत कौर, राजवींदर कौर, जायदीप कौर, रितु रानी, सुमन बाला जैसी खिलाड़ियों ने भारतीय टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इनमें से कई खिलाड़ियों ने भारतीय टीम की कप्तानी भी संभाली। उनके द्वारा तैयार खिलाड़ियों ने ओलंपिक, एशियन गेम्स, कामनवेल्थ गेम्स और विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

    मिठाई बांट कर मनाई खुशी
    शाहाबाद में खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई। खिलाड़ियों ने कहा कि यह सम्मान केवल बलदेव सिंह का नहीं, बल्कि उन सभी बेटियों की मेहनत का सम्मान है, जिन्हें उन्होंने तराश कर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनाया। पद्मश्री से सम्मानित होने के बाद बलदेव सिंह एक बार फिर साबित कर चुके हैं कि सच्चा गुरु वही होता है, जो अपनी मेहनत से साधारण प्रतिभाओं को असाधारण पहचान दिला दे। शाहाबाद की मिट्टी से निकले इस महान कोच ने भारतीय हाकी को जो विरासत दी है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बनी रहेगी।

  • प्रदूषण रोकने के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, बिना PUCC वाले वाहनों पर फ्यूल बैन

    प्रदूषण रोकने के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, बिना PUCC वाले वाहनों पर फ्यूल बैन

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार ने एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नई तकनीक आधारित कार्ययोजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है. सरकार ने फैसला लिया है कि 1 अक्टूबर 2026 से जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र (PUC) नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा. यह नियम एनसीआर क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंपों पर लागू किया जाएगा.

    हरियाणा में प्रदूषण कम करने के लिए ​ पर जोर
    प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बताया कि सरकार प्रदूषण कम करने के लिए कई बड़े कदम उठा रही है. इसके तहत सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.

    सरकार ईवी नीति के तहत करेगी काम
    सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 तक एनसीआर के प्रमुख शहरों में 925 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का है. इनमें से 575 बसों के खरीद आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं. गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, करनाल, रोहतक और सोनीपत में इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. सरकार ईवी नीति के तहत लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रोत्साहन भी दे रही है.

    बिना PUC वाले वाहनो की जाएगी पहचान
    प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों पर भी सख्ती बढ़ाई जाएगी. सरकार ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम लागू कर रही है, जिससे बिना PUC वाले वाहनों की पहचान की जा सकेगी. परिवहन विभाग ने पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ रोजाना कार्रवाई करने का लक्ष्य तय किया है.

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नेटवर्क से कनेक्ट
    उद्योगों की निगरानी भी अब पहले से ज्यादा सख्त होगी. हरियाणा में 1349 उद्योगों को ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जा रहा है. इनमें से अधिकतर इकाइयों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नेटवर्क से कनेक्ट किया जा चुका है . सरकार सितंबर 2026 तक नए उत्सर्जन मानकों को पूरी तरह लागू करने की तैयारी कर रही है . अवैध और प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों की पहचान के लिए नया सर्वे भी कराया जाएगा.

    सरकार का लक्ष्य
    वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए राज्य में नए एयर मॉनिटरिंग स्टेशन भी लगाए जा रहे हैं. सरकार का लक्ष्य 30 सितंबर 2026 तक सभी जरूरी स्टेशन चालू करने का है, ताकि प्रदूषण वाले क्षेत्रों की समय पर पहचान की जा सके.

    जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और जियो टैगिंग व्यवस्था लागू
    इसके अलावा एनसीआर क्षेत्र में सड़कों के पुनर्विकास, निर्माण सामग्री और कचरा प्रबंधन पर भी काम तेज किया गया है. सरकार ने जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और जियो टैगिंग व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं . अधिकारियों का कहना है कि सर्दियों से पहले प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े अधिकतर काम पूरे कर लिए जाएंगे, जिससे आने वाले समय में एनसीआर के लोगों को प्रदूषण से राहत मिल सके.