Category: दिल्ली

  • Delhi EV Policy 2.0: 2030 तक रोड टैक्स फ्री, कार पर 1 लाख की छूट! दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी के प्रमुख लाभ

    Delhi EV Policy 2.0: 2030 तक रोड टैक्स फ्री, कार पर 1 लाख की छूट! दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी के प्रमुख लाभ

     नई दिल्ली

    Delhi EV Policy 2.0 Explained: दिल्ली की हवा में अब सिर्फ ठंडक नहीं, एक बेचैनी भी घुली है. सुबह का आसमान कई बार धुंध नहीं, धुएं की चादर ओढ़े मिलता है. सड़क पर भागती पुरानी गाड़ियां सिर्फ एक रास्ता नहीं तय कर रहीं, शहर की सांसें भी भारी कर रही हैं. ऐसे में सरकार ने नया दांव चला है. नाम है EV Policy 2.0. सीधी सब्सिडी की जगह अब फोकस है पुरानी, धुआं छोड़ती गाड़ियों को हटाने पर. मतलब साफ है. जो गाड़ी जितनी पुरानी, उस पर उतनी सख्ती. और जो इलेक्ट्रिक अपनाएगा, उसके लिए रास्ता उतना आसान होगा। 

    पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 2020 की इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी की दोबारा समीक्षा कर उसे अपडेट करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि पिछले पांच सालों में टेक्नोलॉजी और नीतियों में बड़े बदलाव हुए हैं, इसलिए अब एक नई और फ्रेश पॉलिसी की जरूरत है. सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार PM E-DRIVE स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (स्कूटर-बाइक) और थ्री-व्हीलर (ऑटो-ई-रिक्शा) पर मिलने वाली सब्सिडी को 31 मार्च 2026 के बाद भी बढ़ाने पर विचार कर रही है. रिपोर्ट के अनुसार इस हफ्ते की शुरुआत में इस मामले की समीक्षा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में की गई है। 

    बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक हैवी इंडस्ट्री मिनिस्ट्री (MHI) की ओर से शुरू किया गया यह प्रस्ताव अब फाइनेंस मिनिस्ट्री के पास भेजा गया है. सोमवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में हुई समीक्षा बैठक के बाद इस पर आगे कार्रवाई की गई, जहां फंड के इस्तेमाल और इलेक्ट्रिक वाहनों के अलग-अलग सेगमेंट में अपनाने की रफ्तार पर चर्चा हुई। 

    इसी बीच दिल्ली बजट 2026 में रेखा गुप्ता सरकार ने राज्य के लिए नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी (EV Policy 2.0) का खाका पेश किया है. जिसमें इन्सेंटिव से लेकर टैक्स छूट तक कुछ नए नियम प्रस्तावित हैं. तो आइये जानें क्या है दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी –

    क्या है दिल्ली की नई EV Policy

    दिल्ली सरकार द्वारा पेश की गई नई EV Policy 2.0 में अब सीधे सब्सिडी देने के बजाय पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने पर ज्यादा जोर दिया गया है. ताकि राजधानी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा मिल सके. दिल्ली सरकार ने नई पॉलिसी में पुरानी और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को हटाने पर फोकस किया गया है. 2026 के बजट में इसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इस नई पॉलिसी का मकसद दिल्ली की सड़कों से पुरानी गाड़ियों को हटाकर प्रदूषण कम करना और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। 

    नई पॉलिसी में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब सबसे ज्यादा फायदा उन्हीं लोगों को मिलेगा जो अपनी पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराएंगे. इसके लिए खरीदार को यह प्रमाण देना होगा कि उसने दिल्ली में रजिस्टर BS-IV या उससे पुरानी पेट्रोल या डीजल गाड़ी को स्क्रैप कराया है. इसके बाद ही उसे ज्यादा इंसेंटिव मिलेगा। 

    नई पॉलिसी में कितनी मिलेगी सब्सिडी
    सरकार ने वाहनों के हर सेगमेंट के लिहाज से नई सब्सिडी तय की है. पहले साल के लिए सरकार ने इंसेंटिव को आसान बना दिया है. 15 लाख रुपये तक की कीमत वाली प्राइवेट इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी, जो पहले 1 लाख ग्राहकों तक सीमित होगी. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर अब बैटरी के आधार पर नहीं बल्कि सीधे 10,000 रुपये की छूट मिलेगी. पहले अलग-अलग बैटरी कैपेसिटी के बेस पर सब्सिडी तय की गई है. हालांकि उसमें भी अधिकतम रकम तय थी. वहीं इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (L5M) पर 25,000 रुपये का फायदा मिलेगा। 

    सरकार ने इस पॉलिसी में एक नया विकल्प भी शामिल किया है, जिसमें अगर कोई अपनी पुरानी पेट्रोल या डीजल कार को इलेक्ट्रिक में बदलता है, तो उसे 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। 

    रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन
    दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस की 100 प्रतिशत छूट मार्च 2030 तक दी जाएगी. लेकिन अब इसमें एक सीमा तय कर दी गई है. 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक गाड़ियां पूरी तरह टैक्स फ्री रहेंगी, जबकि इससे महंगी गाड़ियों पर रेगुलर टैक्स लागू होगा। 

    पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर फोकस
    सरकार ने प्राइवेट व्हीकल्स के अलावा पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी इलेक्ट्रिफाइड करने पर जोर दिया है. नई पॉलिसी के अनुसार साल 2026-27 में 6,130 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी. मार्च 2027 तक कुल 7,500 बसों का टार्गेट रखा गया है, जिसमें 5,800 इलेक्ट्रिक बसें होंगी. वहीं 2029 तक 12,000 इलेक्ट्रिक बसों का बड़ा टार्गेट तय किया गया है। 

    सरकार का कहना है कि, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी तेजी से बढ़ाया जाएगा. दिल्ली में हर व्हीकल डीलरशिप पर कम से कम एक पब्लिक चार्जिंग पॉइंट लगाना अनिवार्य होगा. सरकार का लक्ष्य 2026 के अंत तक 18,000 चार्जिंग स्टेशन तैयार करना है। 

    इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बैटरी के रिसाइकल (दोबारा इस्तेमाल करने के लिए) भी सिस्टम तैयार किया जा रहा है. इसके लिए दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी निगरानी करेगी. बस डिपो को इलेक्ट्रिक बनाने और अन्य सुविधाओं के लिए 320 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी की गई है. साथ ही DTC डिपो में 50 करोड़ रुपये की लागत से पांच नए ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। 

    यह नई EV नीति एक बड़े ट्रांसपोर्ट प्लान का हिस्सा है. नई नीति में DBT और आधार बेस्ड e-KYC को जोड़ा गया है, जिससे सब्सिडी मिलने में लगने वाला समय 40 दिन से घटकर एक हफ्ते से भी कम हो जाएगा. इससे लोगों को जल्दी फायदा मिलेगा और प्रोसेस भी आसान होगा. इस तरह दिल्ली की EV Policy 2.0 न सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देगी, बल्कि प्रदूषण कम करने और शहर को साफ-सुथरा बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है। 

  • 26 मार्च को बनेगा इतिहास: अक्षरधाम में दुनिया की सबसे ऊंची ‘एक पैर’ पर खड़ी प्रतिमा का अनावरण

    26 मार्च को बनेगा इतिहास: अक्षरधाम में दुनिया की सबसे ऊंची ‘एक पैर’ पर खड़ी प्रतिमा का अनावरण

    दिल्ली

    दिल्ली का स्वामि‍नारायण अक्षरधाम 26 मार्च को एक ऐसे ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है, जो विश्व रिकॉर्ड के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना का नया केंद्र बनेगा। वैश्विक आध्यात्मिक संस्था BAPS के वर्तमान प्रमुख महंतस्वामी महाराज के सान्निध्य में भगवान स्वामिनारायण (तपोमूर्ति श्रीनीलकंठवर्णी) की 108 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी।

    विश्व की पहली 'एक चरण' पर टिकी 108 फीट की प्रतिमा

    पंचधातु (मुख्य रूप से कांस्य) से निर्मित यह प्रतिमा कला और इंजीनियरिंग का अद्भुत संगम है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी प्रतिमा 'एक पैर' पर खड़ी है, जो भगवान नीलकंठवर्णी की कठिन तपस्या का प्रतीक है।

     ऊंचाई: 108 फीट (8 फीट ऊंचे बेस पर स्थापित)।

    निर्माण: अक्षरधाम के शिल्पी संतों और करीब 50 कुशल कारीगरों ने एक वर्ष के कड़े पुरुषार्थ से इसे तैयार किया है।
    महत्व: यह प्रतिमा मुक्तिनाथ (नेपाल) में भगवान द्वारा की गई चार महीने की उस कठोर तपस्या को जीवंत करती है, जो उन्होंने लोक-कल्याण के लिए की थी।

    महंतस्वामी महाराज का दिल्ली आगमन और उत्सव की धूम

    ब्रह्मस्वरूप महंतस्वामी महाराज 19 मार्च को दिल्ली पधारे, जिसके बाद से ही अक्षरधाम में उत्सव का माहौल है।

    21 मार्च: भव्य स्वागत सभा का आयोजन किया गया।
    22 मार्च: पंचकुला और कुरुक्षेत्र के नवनिर्मित मंदिरों की मूर्ति प्रतिष्ठा के साथ संतों-भक्तों ने 'फूलों की होली' का आनंद लिया।
    23 मार्च: आगामी सितंबर में पेरिस (फ्रांस) में स्थापित होने वाली प्रतिमा का विशेष पूजन किया गया।

    नीलकंठवर्णी: 11 वर्ष की आयु में 12,000 KM की पदयात्रा

    भगवान स्वामिनारायण ने मात्र 11 वर्ष की अल्पायु में गृह त्याग कर 'नीलकंठवर्णी' के रूप में संपूर्ण भारत की यात्रा की थी। हिमालय से रामेश्वरम और जगन्नाथ पुरी से द्वारका तक, उन्होंने 7 वर्षों में 12,000 किलोमीटर से अधिक की पैदल यात्रा कर तप, त्याग और करुणा का संदेश फैलाया। यह तपोमूर्ति उन्हीं वैश्विक मूल्यों (मैत्री, सुहृद्भाव और मानव सेवा) को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।

    विश्व शांति महायज्ञ और लोकार्पण का समय

    महोत्सव का शुभारंभ 25 मार्च की सुबह ‘श्रीनीलकंठवर्णी विश्व शांति महायज्ञ’ के साथ हुआ। इस वैदिक अनुष्ठान में भाग लेने के लिए अमेरिका, यूके, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया सहित दुनिया भर से 300 से अधिक संत दिल्ली पहुंचे हैं। महंतस्वामी महाराज ने आकाश में श्वेत कबूतर उड़ाकर विश्व शांति और युद्धों की समाप्ति की प्रार्थना की।

     

  • अलविदा हरीश राणा: पिता के निधन के तुरंत बाद का वो आखिरी संदेश, जिसने सबका दिल तोड़ दिया

    अलविदा हरीश राणा: पिता के निधन के तुरंत बाद का वो आखिरी संदेश, जिसने सबका दिल तोड़ दिया

      गाजियाबाद

    कभी जिंदगी से भरे सपनों के साथ इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने निकले हरीश राणा की सांसें मंगलवार को गहरे सन्नाटे में बदल गई. 13 साल तक कोमा में रहने के बाद हरीश ने आखिरकार दुनिया को अलविदा कह दिया. आज सुबह उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया. उनके जाने की खबर पिता अशोक राणा ने जैसे सोसाइटी के व्हाट्सऐप ग्रुप में जैसे ही दी लोगों की आंखें भर आईं. उन्होंने लिखा- सुबह 9 बजे पार्थिव शरीर (हरीश राणा जी) का अंतिम संस्कार ग्रीन पार्क, साउथ दिल्ली में किया जाएगा… ॐ शांति ॐ…

     उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के राजनगर एक्शटेंशन निवासी हरीश राणा का 13 सालों का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। जीवन-मृत्यु के बीच झूल रहे 32 वर्षीय युवक ने मंगलवार शाम दिल्ली एम्स में आखिरी सांस ली। सुप्रीम कोर्ट की ओर से 11 मार्च को इच्छामृत्यु की अनुमति दिए जाने के बाद हरीश को एम्स में भर्ती कराया गया था। वहां पर दर्दरहित मृत्यु की प्रक्रिया को पूरा कराया गया। जीवनरक्षक उपकरणों को हटाए जाने के बाद उन्होंने आखिरी सांस ली। बुधवार सुबह दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित श्मशान घाट में हरीश राणा का पार्थिव शरीर पहुंचा। हिंदू रीति रिवाज और ब्रह्माकुमारी के रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई है।

    राज एम्पायर सोसायटी में रहते थे हरीश
    हरीश राणा गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज एम्पायर सोसाइटी में रहने थे। हरीश राणा की मंगलवार को एम्स में इच्छामृत्यु के बाद सोसायटी में गमगीन माहौल रहा। सोसायटी में रहने वाले लोगों को जैसे ही हरीश की मृत्यु की सूचना मिली, सभी भावुक हो गए। सोसायटी के लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई। सोसायटी के वॉट्सऐप ग्रुप में सुबह 9 बजे अंतिम संस्कार की सूचना में बाद मंगलवार की शाम ही लोगों ने तैयारियां कीं। हरीश के अंतिम संस्कार में सोसायटी से बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंचीं।

    हिमाचल के रहने वाले थे हरीश
    हरीश राणा का परिवार मूल रूप से हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है। हरीश राणा के पिता अशोक राणा मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के प्लेटा गांव के रहने वाले हैं। अशोक राणा वर्ष 1989 में दिल्ली आए। वह मुंबई के एक नामी होटल में शेफ का काम किया। 2013 में बेटे हरीश के साथ चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में दुर्घटना के बाद उन्होंने दिल्ली आकर परिवार की जिम्मेदारी संभाली। चंडीगढ़ में हादसे के बाद से हरीश कोमा में चले गए।

    वेजिटेटिव स्टेट में गए हरीश के इलाज की काफी कोशिश की गई, लेकिन वे ठीक नहीं हुए। हरीश के इलाज में अशोक राणा ने दिल्ली वाला घर बेच दिया। राज एम्पायर सोसायटी में आकर रहने लगे। घर चलाने के लिए अशोक राणा ने आसपास के इलाकों में सैंडविच बनाकर बेचना शुरू किया।

    11 को आया फैसला
    13 सालों के अथक इंतजार के बाद भी हरीश के ठीक नहीं होने पर अशोक राणा ने सुप्रीम कोर्ट में बेटे के लिए इच्छामृत्यु की मांग वाली याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को हरीश को इच्छा मृत्यु की अनुमति दी। 14 मार्च को एम्स में इच्छा मृत्यु की आगे की प्रक्रिया के लिए भर्ती कराया गया था। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया हुई। मंगलवार दोपहर को कोमा में चल रहे हरीश राणा ने अंतिम सांस ली।

  • रेखा गुप्ता का दिल्ली बजट: मुफ्त बिजली समेत इन सेक्टर्स को मिला खास तोहफा

    रेखा गुप्ता का दिल्ली बजट: मुफ्त बिजली समेत इन सेक्टर्स को मिला खास तोहफा

    नई दिल्ली
    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को अपना दूसरा बजट पेश करते हुए कई बड़े ऐलान किए। लगातार दूसरे साल एक लाख करोड़ से अधिक का बजट अनुमान पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने मुफ्त बिजली को लेकर भी दिल्लीवासियों को बड़ी राहत की खबर दी। रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने मुफ्त बिजली योजना को पहले की तरह जारी रखने का फैसला किया है। इसके अलावा दिल्ली में बेटियों को मुफ्त साइकिल तो मेधावी छात्रों को लैपटॉप बांटने का महत्वपूर्ण ऐलान भी किया गया है।

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि 'ट्रिपल इंजन' सरकार के साथ राष्ट्रीय राजधानी में तेजी से प्रगति हो रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दिल्ली सरकार का 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया।। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बजट में पर्यावरण संरक्षण के लिए 21 प्रतिशत आवंटन होगा और इसलिए बजट को 'ग्रीन बजट' का नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, यमुना सफाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण ऐलान किए।

    मुफ्त बिजली की स्कीम जारी रहेगी
    दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए ऐलान किया कि उनकी सरकार आगामी वित्त वर्ष में भी मुफ्त बिजली की स्कीम को जारी रखेगी। दिल्ली को 24 घंटे मुफ्त बिजली सुनिश्चित करने के लिए 3942 करोड़ का बजट रखा गया है।

    महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 450 करोड़ करोड़ मुफ्त बस यात्रा के लिए रखे हैं। लेकिन भ्रष्टाचार के लिए एक रुपया नहीं रखा है। इसलिए पिंक कार्ड बनवाए हैं। जितनी बहनें यात्रा करेंगी उनके बदले ही पैसा दिया जाएगा। इसलिए पिंक सहेली कार्ड बनवाए हैं। इनमें सिर्फ महिलाएं नहीं बल्कि ट्रांसजेंडर वर्ग को भी मुफ्त यात्रा का सौगात दिया गया है।

    महिला समृद्धि योजना के लिए कितना पैसा
    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए भरोसा दिलाया कि दिल्ली में जल्द ही महिला समृद्धि योजना के तहत पैसा मिलने की शुरुआत हो जाएगी। महिला समृद्धि योजना के तहत पात्र महिलाओं को मासिक 2500 रुपये देने के लिए 5100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम ने कहा कि इस योजना में लाभार्थी तय करने के लिए कमेटी बनाई गई है। उस पर काम हो रहा है। जल्द सरकार पोर्टल खोलेगी जिसमे बहनें आवेदन कर सकेंगी।

    मुफ्त खाना और सिलेंडर
    दिल्ली की सीएम ने कहा कि झुग्गी बस्तियों के लिए और अटल कैंटीन के लिए 634 करोड़ का फंड रखा गया है। मुफ्त सिलेंडर के लिए 260 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है। सीएम ने कहा कि होली में मुफ्त सिलेंडर का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजा गया है और दिवाली में भी ऐसा किया जाएगा।

    शिक्षा के लिए बड़ा बजट, साइकिल से लैपटॉप तक
    दिल्ली सरकार ने शिक्षा के लिए 19 हजार करोड़ का बजट रखा है। स्कूलों के विस्तार और निर्माण के लिए 470 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 9वीं क्लास में पढ़ने वाली एक लाख से ज्यादा बेटियों को मुफ्त साइकिल तो 10वीं क्लास के मेधावी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने का ऐलान भी किया गया है।

    ड्रेनेज के लिए बड़ी रकम
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नया ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया। कई ड्रेनेज को मंजूरी दी गई ताकि जलभराव को खत्म किया जा सके। इसके लिए 610 करोड़ का फंड बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई विभाग को दिया गया है।

    बस और मेट्रो के लिए क्या
    सीएम ने कहा कि परिवहन के लिए 8374 करोड़ का बजट रखा गया है। हर महीने बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। दिल्ली में अगले वर्ष मार्च तक 5800 इलेक्टिक बेस होंगी और कुल बसों की संख्या 7500 हो जाएंगी। मेट्रो के लिए 2885 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया है। नमो ट्रेन के लिए 568 करोड़ का बजट रखा है।

    स्वास्थ्य के लिए बजट में कितना पैसा, आरोग्य मंदिर पर बड़ा ऐलान
    रेखा गुप्ता ने कहा कि उपचार अधिकार है, उपकार नहीं। इसलिए उनकी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को 12,645 करोड़ का बजट आवंटित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले एक साल में दिल्ली में 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले हैं। इस साल 750 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जाएंगे।

    ग्रीन बजट दिया गया नाम
    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के इस बजट को ग्रीन बजट के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा, 'हर योजना को हमने ग्रीन लेंस से देखा है। इस बजट की हर नीति में पर्यावरण और हर योजना में प्रकृति और हर निर्णय में भविष्य की पीढ़ियों की चिंता समाहित है। इसलिए हमने पूरे बजट का 21 फीसदी हिस्सा ग्रीन बजट के लिए आवंटित किया है।'

  • दिल्ली विधानसभा और मेट्रो को बम से उड़ाने की धमकी, स्पीकर विजेंद्र गुप्ता भी निशाने पर

    दिल्ली विधानसभा और मेट्रो को बम से उड़ाने की धमकी, स्पीकर विजेंद्र गुप्ता भी निशाने पर

    नई दिल्ली

     दिल्ली का बजट आज यानी मंगलवार को पेश होना है. ऐसे में विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी ने खलबली मचा दी है. जी हां, दिल्ली विधानसभा, दिल्ली विधानसभा मेट्रो और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. एक अनोन ईमेल के जरिए दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. इस धमकी के बाद हलचल बढ़ गई है. पूरे विधानसभा की सिक्योरिटी चेक कराई जा रही है. अभी तक कोई बम नहीं मिला है। 

    दरअसल, आज यानी मंगलवार की सुबह 7:49 AM पर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की ईमेल पर एक ईमेल आया. इससे पहले 7:28 AM पर विधानसभा की ईमेल पर धमकी भरा मेल आया. ईमेल में LG तरनजीत संधू, प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, फॉरेन मिनिस्टर जयशंकर, और साथ में दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का भी नाम है. इस धमकी के बाद बजट का समय आधा घंटे बढ़ा दिया गया है। 

    बम की धमकी मिलने के तुरंत बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू कर दी. एक पुलिस सूत्र ने बताया कि हमने परिसर के अंदर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. सूत्र ने आगे बताया कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है, जबकि तोड़फोड़-रोधी गहन जांच भी जारी है। 

    बजट सत्र के माहौल में यह धमकी और गंभीर हो गई. सदन में बजट पेश करने की तैयारी चल रही थी, लेकिन धमकी के कारण कार्यवाही में देरी हुई. स्पीकर कार्यालय ने सत्र का समय आधे घंटे बढ़ा दिया ताकि सुरक्षा जांच पूरी हो सके और सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. विधानसभा परिसर में हलचल मची रही. कई विधायकों ने सदन में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। 

    बजट सत्र से ठीक पहले आई धमकी ने पूरे प्रशासन को चौकस कर दिया है. दिल्ली विधानसभा के इतिहास में ऐसी धमकियां पहले भी आई हैं, लेकिन इस बार बजट सत्र के संवेदनशील समय पर आने से माहौल और तनावपूर्ण हो गया है. आम जनता और मेट्रो यात्री भी सतर्क हैं. प्रशासन का दावा है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। 

  • डेटा वैलिडिटी पर घमासान: आधी रात को खत्म हो जाता है अनयूज्ड डेटा, राघव चड्ढा ने मांगा जवाब

    डेटा वैलिडिटी पर घमासान: आधी रात को खत्म हो जाता है अनयूज्ड डेटा, राघव चड्ढा ने मांगा जवाब

    नई दिल्ली
    राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने टेलीकॉम कंपनियों की विवादास्पद नीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि मोबाइल रिचार्ज प्लान में डेली डेटा लिमिट जैसे 1.5 जीबी, 2 जीबी या 3 जीबी प्रतिदिन दिए जाते हैं, जो हर 24 घंटे में रीसेट हो जाते हैं। उपयोग न होने वाला डेटा आधी रात को समाप्त हो जाता है, भले ही उपभोक्ता ने उसके लिए पूरा पेमेंट कर दिया हो। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति 2 जीबी का प्लान लेता है और सिर्फ 1.5 जीबी इस्तेमाल करता है, तो बाकी 0.5 जीबी बिना किसी रिफंड या रोलओवर के खत्म हो जाता है।

    राघव चड्ढा ने इसे संयोग नहीं, बल्कि सोची-समझी नीति करार दिया, जिसमें उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से डेटा इस्तेमाल करने के लिए मजबूर किया जाता है, नहीं तो वह बर्बाद हो जाता है। यह मुद्दा करोड़ों भारतीय उपभोक्ताओं से जुड़ा है, क्योंकि ज्यादातर लोग प्रीपेड प्लान पर निर्भर हैं। टेलीकॉम कंपनियां जैसे जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया दैनिक डेटा कोटा लागू करती हैं, जो मध्यरात्रि पर रीसेट होता है। इससे कई बार छात्र, कामकाजी लोग और ग्रामीण क्षेत्रों के उपयोगकर्ता प्रभावित होते हैं, जो कम डेटा इस्तेमाल करते हैं लेकिन पूरा भुगतान करते हैं।

    राघव चड्ढा ने संसद में इस मुद्दे को उठाया और सवाल किया कि भुगतान किया हुआ डेटा क्यों जब्त किया जाता है? उन्होंने मांग की कि बचे डेटा को अगले चक्र में ट्रांसफर किया जाना चाहिए, ताकि उपभोक्ता अपनी मेहनत की कमाई से की गई खरीद का पूरा लाभ उठा सकें। चड्ढा का यह बयान उपभोक्ता अधिकारों की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। उन्होंने इसे डिजिटल लूट जैसा बताया, जहां कंपनियां जानबूझकर ऐसे नियम बनाती हैं जो उनके मुनाफे को बढ़ाते हैं लेकिन आम आदमी को नुकसान पहुंचाते हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा रोलओवर की सुविधा लागू करने से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और कंपनियों पर भी ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा, क्योंकि औसत उपयोग से कम डेटा ही बचेगा। यह नीति विदेशों में कई देशों में पहले से लागू है, जहां अप्रयुक्त डेटा अगले महीने या साल में कैरी फॉरवर्ड होता है। इस मुद्दे पर अब बहस तेज हो गई है। राघव चड्ढा की मांग है कि सरकार और ट्राई इस पर विचार करें और उपभोक्ता हित में नियमों में बदलाव लाएं। अगर डेली डेटा रोलओवर लागू होता है, तो लाखों-करोड़ों रुपये उपभोक्ताओं की जेब में बच सकते हैं।

     

  • दिल्ली की अर्थव्यवस्था मजबूत! प्रति व्यक्ति आय 5.31 लाख पार होने का अनुमान, सरकार ने जारी किया सर्वे

    दिल्ली की अर्थव्यवस्था मजबूत! प्रति व्यक्ति आय 5.31 लाख पार होने का अनुमान, सरकार ने जारी किया सर्वे

    नई दिल्ली
    दिल्ली सरकार ने सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 जारी किया है, जो इस शृंखला का 17वां संस्करण है। यह सर्वेक्षण दिल्ली को विश्व स्तरीय, समावेशी, न्यायपूर्ण और रहने योग्य शहर बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को रेखांकित करता है, जहां नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने पर जोर दिया गया है। अग्रिम अनुमानों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) मौजूदा कीमतों पर करीब 13 लाख 27 हजार करोड़ रुपए पहुंचने की उम्मीद है। यह 2024-25 की तुलना में 9.42 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्शाता है।

     इसी तरह प्रति व्यक्ति आय मौजूदा कीमतों पर लगभग 5 लाख 31 हजार 610 रुपए अनुमानित है, जो पिछले साल से 7.92 प्रतिशत अधिक है। दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से करीब 2.5 गुना ज्यादा रहने का अनुमान है, जो शहर की मजबूत आर्थिक स्थिति को दिखाता है। दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का दबदबा बना हुआ है। सकल राज्य मूल्य वर्धन (जीएसवीए) में इसका योगदान 86.32 प्रतिशत है। इसके बाद द्वितीयक क्षेत्र (उद्योग आदि) का 12.88 प्रतिशत और प्राथमिक क्षेत्र (कृषि आदि) का महज 0.80 प्रतिशत योगदान है। सेवा क्षेत्र की वजह से दिल्ली की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है।

    सरकार ने राजस्व अधिशेष की परंपरा बरकरार रखी है। 2025-26 के बजट अनुमान (बीई) में राजस्व अधिशेष 9,661.31 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो जीएसडीपी का 0.73 प्रतिशत है। कर संग्रह में पिछले साल की तुलना में 15.54 प्रतिशत की बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है। 2025-26 का कुल बजट 1 लाख करोड़ रुपए का था, जिसमें से 59,300 करोड़ रुपए सरकार की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए। यह 2024-25 के बजट अनुमान (39,000 करोड़) से 20,300 करोड़ रुपए अधिक है। बजट आवंटन में परिवहन क्षेत्र को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है, जिसे कुल आवंटन का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा मिला। इसके बाद सामाजिक सुरक्षा और कल्याण (17 प्रतिशत), जल आपूर्ति एवं स्वच्छता (15 प्रतिशत), शिक्षा (13 प्रतिशत) और स्वास्थ्य (12 प्रतिशत) क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।

    महंगाई के मोर्चे पर भी दिल्ली में दबाव दिखा है। औद्योगिक श्रमिकों के लिए वार्षिक औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2024 में 132.5 से बढ़कर 2025 में 139.4 हो गया, जो 4.9 प्रतिशत की वृद्धि है। कुल मिलाकर दिल्ली की अर्थव्यवस्था मजबूत गति से आगे बढ़ रही है। सेवा क्षेत्र की अगुवाई, राजस्व अधिशेष और विकास परियोजनाओं पर फोकस से शहर की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है। सरकार का लक्ष्य दिल्ली को और अधिक समृद्ध, समावेशी और वैश्विक स्तर का शहर बनाना है।

  • टेक्नोलॉजी से निगरानी: PWD की पहल से सड़क निर्माण पर QR कोड, आमजन कर सकेंगे शिकायत

    टेक्नोलॉजी से निगरानी: PWD की पहल से सड़क निर्माण पर QR कोड, आमजन कर सकेंगे शिकायत

    नई दिल्ली

    पारदर्शिता, जवाबदेही और जन-भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक कदम उठाते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने दिल्ली की उन सभी सड़कों पर क्यूआर/बार कोड युक्त डिस्प्ले बोर्ड लगाने की शुरुआत करने जा रही है, जहां पर सड़कों को फिर से बनाने यानी सड़कों की स्ट्रेंथनिंग और री-कार्पेटिंग का कार्य किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से अब नागरिकों को सिर्फ जानकारी ही नहीं मिलेगी, बल्कि सीधे अपनी प्रतिक्रिया देने का अवसर भी मिलेगा।

    क्यूआर कोड से मिलेंगी कैसी जानकारियां?

    नए निर्देशों के अनुसार किसी भी सड़क कार्य के पूरा होने के सात दिनों के भीतर बस क्यू शेल्टर व प्रमुख चौराहों और अधिक भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर ये डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि अधिकतम लोगों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित हो सके। इन क्यूआर/बार कोड को स्कैन करने पर नागरिकों को संबंधित परिियोजना की पूरी जानकारी मिलेगी, जिसमें सड़क का नाम और लंबाई, अंतिम स्ट्रेंथनिंग की तारीख, ठेकेदार/एजेंसी का विवरण, स्वीकृत लागत जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होंगी।

    600 किलोमीटर सड़कें बनेंगी नई स्कीम से

    इसके साथ ही क्यूआर सिस्टम में एक इंटीग्रेटेड फीडबैक मैकेनिज्म भी जोड़ा गया है, जिसके माध्यम से नागरिक सड़क कार्य की गुणवत्ता को लेकर अपनी शिकायत, सुझाव या अनुभव सीधे विभाग तक पहुंचा सकेंगे। यहां बता दें कि दिल्ली सरकार ने इस योजना के बारे में कुछ माह पहले घोषणा की थी, जिस पर अब काम शुरू होने जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के पास 1440 किलोमीटर लंबी सड़कों हैं, जिनमें से 600 किलोमीटर सड़कों को नई स्कीम के तहत बनाया जाना है।

    यह पहल जन-भागीदारी की दिशा में अहम कदम-प्रवेश वर्मा

    "पारदर्शिता का मतलब सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों की बात सुनना भी है। इस पहल के माध्यम से नागरिक न केवल सड़क कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, बल्कि अपनी प्रतिक्रिया भी सीधे दे सकेंगे। इससे व्यवस्था अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनेगी। सभी डिस्प्ले बोर्ड के लिए एक समान डिजाइन और सख्त मेंटेनेंस प्रोटोकाल तय किए हैं। सभी डिवीजनों को निर्देश दिए गए हैं कि बोर्ड स्पष्ट रूप से दिखाई दें, क्यूआर कोड हर समय कार्यरत रहें और किसी भी नए कार्य के बाद जानकारी तुरंत अपडेट की जाए।"

     

  • केजरीवाल केस में बड़ा मोड़: जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अपील मानी, सुनवाई पर कही अहम बात

    केजरीवाल केस में बड़ा मोड़: जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अपील मानी, सुनवाई पर कही अहम बात

    नई दिल्ली
    दिल्ली हाई कोर्ट ने कथित शराब घोटाले से जुड़े केस में अरविंद केजरीवाल समेत अन्य आरोपियों की उस मांग को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका के खिलाफ जवाब दाखिल करने की मांग की है। ईडी की ओर से इसका विरोध किया गया, लेकिन जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने आरोपियों को समय देते हुए कहा कि 2 अप्रैल तक जवाब आने दीजिए।

    दरअसल, ट्रायल कोर्ट ने कथित शराब घोटाले से जुड़े सीबीआई केस में पिछले दिनों अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया था। अदालत ने जांच को लेकर कई तीखी टिप्पणियां भी की थीं। इन टिप्पणियों पर रोक की मांग करते हुए सीबीआई के बाद ईडी ने भी हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में ईडी की तरफ से एएसजी एसवी राजू पेश हुए। आरोपियों की ओर से पेश हुए कुछ वकीलों ने जवाब दाखिल करने के लिए और समय की मांग की जबकि ईडी ने कहा कि इसकी आवश्यकता नहीं है।

    अदालत ने और क्या कहा?
    अदालत ने प्रतिवादियों के वकीलों से कहा, ‘मुझे समझ नहीं आ रहा है। यहां एक एजेंसी है जो कहती है कि जज ने क्षेत्राधिकार को पार किया। मैंने उन्हें कहा कि मैं भी इस तरह टिप्पणियां करती हूं। मेरा विचार था कि मुझे यह तय करना है कि उन्होंने क्षेत्राधिकार का उल्लंघन किया या नहीं। आप कह रहे हैं कि आप जवाब देंगे। अब आप कहते हैं कि आपको 600 पन्ने पढ़ने के लिए समय चाहिए। आपको एक सप्ताह और चाहिए, आप एक सप्ताह और लीजिए।’

    2 अप्रैल तक टल गई सुनवाई
    ईडी ने कहा कि वे केवल सुनवाई में देरी करना चाहते हैं। इस पर अदालत ने सभी को एक कॉपी देने का आदेश देकर लंच के बाद दोबारा सुनवाई की बात कही। बाद में जब दोबारा सुनवाई हुई तो एसवी राजू ने कहा कि उनकी प्रार्थना का प्रतिवादियों से कोई लेनादेना नहीं है। बेंच ने ईडी के विरोध को दरकिनार करते हुए कहा, 'हम 2 अप्रैल को इसकी सुनवाई करेंगे। यह बहुत कम समय है, उन्हें जवाब दाखिल करने दीजिए। 2 अप्रैल तक कुछ नहीं होगा, कोई बात नहीं जवाब आने दीजिए।'

  • मौसम ने ली करवट, दिल्ली-NCR में तेज हवाओं के साथ बारिश; रेवाड़ी में ओलावृष्टि

    मौसम ने ली करवट, दिल्ली-NCR में तेज हवाओं के साथ बारिश; रेवाड़ी में ओलावृष्टि

    नई दिल्ली

    दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम सहित एनसीआर क्षेत्र में बुधवार शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आंधी और गरज के साथ बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया। जानकारी के मुताबिक, 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चल रही है और बिजली कड़क रही है। इससे सड़कों पर वाहनों के पहिए थम गए और मेट्रो भी लेट चल रही है। 

    इससे शाम को दफ्तर से घर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  

    • रेवाड़ी शहर में तेज वर्षा के साथ ओलावृष्टि हुई। 
    • पूर्वी दिल्ली की पटपड़गंज रोड पर लक्ष्मी मार्केट के पास होती वर्षा।
    • गुरुग्राम में सुबह कोहरा, शाम को धूलभरी हवा के साथ हुई बूंदाबांदी

    साइबर सिटी में बुधवार को मौसम ने दिनभर कई रंग बदले। हवा में नमी के कारण सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता पर मामूली असर पड़ा और लोगों को ठंडक का अहसास हुआ। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, दोपहर तक आसमान में बादल छाने लगे, हालांकि बीच-बीच में धूप भी निकलती रही।

    बदलते मौसम के बीच अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 15.0 डिग्री सेल्सियस रहा। पूरे जिले में मौसम बदल गया। कहीं पर बूंदाबांदी तो कहीं पर तेज हवा चलने से किसानों की भी चिंता बढ़ गई। इन दिनों खेतों में फसल कटाई का सीजन है।

    शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट ली। शाम करीब 6:30 बजे तेज धूलभरी हवा चलने लगी, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे वातावरण में ठंडक और बढ़ गई। दिनभर की गर्माहट के बाद आई इस बूंदाबांदी ने मौसम को सुहावना बना दिया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
    दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम?

    मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। सुबह और शाम के समय हल्की बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है। साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंकेदार हवा की संभावना है। 

    इसके चलते तापमान में और गिरावट आ सकती है तथा मौसम ठंडा बना रह सकता है। मौसम के इस बदलाव ने एक ओर जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं तेज हवाओं और धूलभरी आंधी ने कुछ देर के लिए जनजीवन को प्रभावित भी किया। बूंदाबांदी के बाद मौसम सुहाना हो गया और लोगों ने राहत महसूस की।