Category: दिल्ली

  • केजरीवाल की मांग पर हाई कोर्ट सख्त, जज स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने से किया इनकार

    केजरीवाल की मांग पर हाई कोर्ट सख्त, जज स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने से किया इनकार

    नई दिल्ली
    दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब घोटाला मामले में जज बदलने वाली अरविंद केजरीवाल की मांग ठुकरा दी। केजरीवाल ने मामले में सुनवाई कर रहीं जज स्वर्ण कांता शर्मा पर पक्षपात का आरोप लगाकर मामले को किसी अन्य पीठ को स्थानांतरित करने की मांग की थी। चीफ जस्टिस ने मामले में टिप्पणी भी की।

    दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने कहा कि याचिका वर्तमान रोस्टर के अनुसार न्यायमूर्ति शर्मा को सौंपी गई है और प्रशासनिक पक्ष पर आदेश पारित करके इसे स्थानांतरित करने का कोई कारण नहीं पाया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि अगर न्यायमूर्ति शर्मा खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग करना चाहें तो यह निर्णय उन्हें लेना है।

    बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से 13 मार्च को एक पत्र की जानकारी दी गई थी। यह पत्र उन आठ लोगों को भेजा गया था, जिन्होंने मामले को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की मांग की थी, जिनमें केजरीवाल भी शामिल थे। चीफ जस्टिस ने मामले में कहा कि प्रशासनिक स्तर पर इस याचिका को किसी अन्य बेंच में ट्रांसफर करने का कोई कारण नहीं दिखता।

    केजरीवाल के आरोप
    दरअसल, 11 मार्च को लिखे अपने पत्र में केजरीवाल ने आशंका जताई थी कि यदि मामला जस्टिस स्वर्णा कांत शर्मा के पास ही रहा तो सुनवाई निष्पक्ष और तटस्थ तरीके से नहीं हो पाएगी। इससे पहले 27 फरवरी को एक ट्रायल कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को राहत देते हुए उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया था। इसके खिलाफ सीबीआई ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसकी सुनवाई फिलहाल जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा की बेंच में चल रही है।

    ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर जस्टिस शर्मा की रोक
    9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने मामले में नोटिस जारी किया था और ट्रायल कोर्ट के उस निर्देश पर रोक लगा दी थी, जिसमें मामले की जांच करने वाले सीबीआई अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने को कहा गया था। साथ ही उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश की कुछ टिप्पणियों को गलत बताया और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की कार्यवाही को फिलहाल टालने का निर्देश भी दिया।

    केजरीवाल ने पत्र में क्या मांग की थी
    केजरीवाल ने अपने पत्र में कहा था कि 9 मार्च के आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किस गंभीर त्रुटि के आधार पर बिना दूसरी पक्ष की सुनवाई के ऐसा अंतरिम आदेश दिया गया। उन्होंने यह भी आपत्ति जताई कि हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की कार्यवाही टालने का निर्देश दिया, जबकि उस समय अदालत में ईडी पक्षकार भी नहीं थी। आप नेता ने यह भी कहा कि आमतौर पर इस तरह की रिविजन याचिकाओं में पक्षों को जवाब दाखिल करने के लिए चार से पांच सप्ताह का समय दिया जाता है, लेकिन इस मामले में अदालत का रुख जल्दबाजी वाला प्रतीत हुआ, जिससे उन्हें पूर्वाग्रह की आशंका हुई।

  • फर्जी मेडिकल वीजा का खुलासा, दिल्ली में रह रहे 10 बांग्लादेशी पकड़े गए

    फर्जी मेडिकल वीजा का खुलासा, दिल्ली में रह रहे 10 बांग्लादेशी पकड़े गए

     नई दिल्ली

    दिल्ली पुलिस के बाहरी जिले की 'फॉरेनर सेल' ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है. इस विशेष अभियान के तहत पुलिस ने 10 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है, जो फर्जी मेडिकल वीजा के सहारे भारत में रह रहे थे और यहां से यूरोप जाने की योजना बना रहे थे।

    पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ विदेशी नागरिक अपने भारतीय वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से इलाके में छिपे हुए हैं. सूचना के आधार पर 6 मार्च, 2026 को फॉरेनर सेल की टीम ने पीरागढ़ी चौक के पास स्थित डीडीए पार्क की घेराबंदी की।

    पुलिस की मौजूदगी भांपते ही संदिग्धों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद टीम ने उन्हें चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया. तलाशी के दौरान इनमें से कोई भी व्यक्ति वैध पहचान पत्र या भारत में रहने के जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सका।

    बुल्गारिया जाने का था इरादा
    पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये सभी 10 बांग्लादेशी नागरिक भारत का इस्तेमाल एक 'ट्रांजिट पॉइंट' के रूप में कर रहे थे. इनका असल मकसद भारत में रहते हुए बुल्गारिया के लिए मेडिकल वीजा हासिल करना था. जांच में पता चला कि इनके पासपोर्ट और वीजा काफी समय पहले ही एक्सपायर हो चुके थे, जिसके बाद से ये दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे थे।

    गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान
    पकड़े गए लोगों में फारुक (39), मोहम्मद सोजिब फकीर (29), शोहाग मिया (26), शहाबुद्दीन (36), मोहम्मद शराजुल इस्लाम शाहिदुल (37), गुलाम रब्बानी (29), सजीब मिया (26), मोहम्मद जहिरुल (33), मोहम्मद आलमगीर होसिन (30) और मोहम्मद अब्दुल कुद्दुस (38) शामिल हैं।

    देश निकाला की प्रक्रिया शुरू
    पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सभी 10 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी के खिलाफ FRRO के समन्वय से निर्वासन की कार्यवाही शुरू कर दी गई है. बाहरी जिला पुलिस का कहना है कि उनके अधिकार क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों की पहचान के लिए इस तरह के वेरिफिकेशन अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

  • कोर्ट में भरोसे का संकट! केजरीवाल ने जज बदलने की मांग करते हुए CJI को लिखा लेटर

    कोर्ट में भरोसे का संकट! केजरीवाल ने जज बदलने की मांग करते हुए CJI को लिखा लेटर

    नई दिल्ली
    दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल को हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर भरोसा नहीं है, जो उनसे जुड़े केस की सुनवाई कर रही हैं। केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य ने हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस को लेटर लिखकर शराब घोटाले वाले केस को किसी और 'निष्पक्ष' बेंच के सामने ट्रांसफर करने की मांग की है। ट्रायल कोर्ट से केजरीवाल समेत 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किए जाने के आदेश को सीबीआई ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

    एक दिन पहले ही आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने जस्टिस स्वर्ण कांता की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए थे और पूछा था कि उनका भारतीय जनता पार्टी से क्या रिश्ता है। अब खुद अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखे लेटर में जज के पक्षपाती होने के आरोप लगा दिए हैं। गौरतलब है कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में शराब घोटाले से जुड़े कुछ मामलों की पहले भी सुनवाई हो चुकी है और आरोपियों को झटका लगा था। उन्होंने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को भी उचित करार दिया था।

    अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य की ओर से चीफ जस्टिस को भेजे गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि सीबीआई द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका को 'निष्पक्ष बेंच' के पास स्थानांतरित कर दिया जाए। इनकी ओर से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर 'पक्षपात' के आरोप लगाए गए हैं और कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उनके हर आदेश को पलट दिया था। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को होनी है।

  • दिल्ली में तरुण हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन, भीड़ बोली—4-5 का एनकाउंटर करो

    दिल्ली में तरुण हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन, भीड़ बोली—4-5 का एनकाउंटर करो

    दिल्ली 

    प्रदर्शन में शामिल एक प्रदर्शनकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा- सरकार से मेरी यही मांग है कि दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। वहीं अन्य ने कहा- चार-पांच बंदों का एनकाउंटर कर दें, उसमें हमें तसल्ली हो जाएगी।

    4-5 बंदों का एनकाउंटर कर दें, तसल्ली हो जाएगी…; दिल्ली के तरुण हत्याकांड पर प्रदर्शनकारी

    दिल्ली के तरुण हत्याकांड को लेकर बवाल बढ़ गया है। हिंदू संगठन से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने दोषियों को फांसी और उनके एनकाउंट करने की मांग की है। प्रदर्शन में शामिल एक प्रदर्शनकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा- सरकार से मेरी यही मांग है कि दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। वहीं अन्य ने कहा- चार-पांच बंदों का एनकाउंटर कर दें, उसमें हमें तसल्ली हो जाएगी।

    हिंदू संगठन ने किया मार्च और विरोध प्रदर्शन

    तरुण हत्याकांड में दोषियों के एनकाउंट की मांग जोर पकड़ रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सिर्फ बुलडोजर एक्शन काफी नहीं है। दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। इस मामले में 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें 3 महिलाएं भी शामिल हैं। उत्तम नगर में हिंदू संगठन द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन और मार्च किया जा रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

    दोषियों का घर टूटना चाहिए

    इस मामले में प्रदर्शन कर रहे एक प्रदर्शनकारी ने कहा- दोषियों का घर टूटना चाहिए। समाज से आवाज आ रही है कि बुलडोजर से केवल छज्जे-छज्जे गिरे हैं। हम चाहते थे कि आरोपी का पूरा घर गिराया जाना चाहिए। ताकि वो भविष्य में फिर से अपना सिर न उठा सकें और ऐसी बर्बरता दोबारा न कर सकें।

    4-5 बंदों का एनकाउंटर कर दें

    विरोध प्रदर्शन कर रहे एक अन्य हिंदू प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया- वो 25-30 लोग थे। अभी तक उन जिहादियों को पकड़ा नहीं गया है। हमारी मांग उनका एनकाउंटर करवाना है। अभी तक एनकाउंटर नहीं हुआ है। हम आखिरी सांस तक अपने भाई के लिए लड़ते रहेंगे। चार-पांच बंदों का एनकाउंटर कर दें, उसमें हमें तसल्ली हो जाएगी। बस हम यही चाहते हैं।

    अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार किए गए

    दिल्ली पुलिस ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के उत्तम नगर में चार मार्च को होली के दिन तरुण बुटोलिया की हत्या के मामले में तीन महिलाओं सहित सात और लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है।

    पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल आठवां शख्स इमाम उर्फ बंटी रविवार को उत्तम नगर में अपने घर से गिरफ्तार कर लिया गया था। अब तक मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है।

  • ईडी की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, केजरीवाल से जुड़े मामले में जज की टिप्पणी पर सबकी नजर

    ईडी की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, केजरीवाल से जुड़े मामले में जज की टिप्पणी पर सबकी नजर

    नई दिल्ली

    दिल्ली हाईकोर्ट ने आबकारी नीति मामले में ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों को हटाने की मांग को लेकर दायर ईडी की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि जज की टिप्पणियां संभवतः मामले से सीधे जुड़ी नहीं हो सकतीं और वे सामान्य प्रकृति की भी हो सकती हैं। हाई कोर्ट ने कहा, “जज ने जो कहा है, वह जरूरी नहीं कि इसी मामले के संदर्भ में हो। कई बार जज इस तरह की सामान्य टिप्पणियां करते हैं।”

    हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले में हमारा सवाल यह है कि ये जो टिप्पणियां की गई हैं, वे सामान्य प्रकृति की हैं और इनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। आगे कहा कि वह आदेश के संबंधित हिस्सों को देखकर यह तय करेगी कि वे सामान्य टिप्पणियां हैं या फिर इस मामले से जुड़ी हुई हैं।

    हाई कोर्ट ने क्या कहा

    बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, “आप कह रहे हैं कि आदेश के कुछ पैराग्राफ इस फैसले के संदर्भ में हो सकते हैं? पूरा फैसला वैसे भी चुनौती के दायरे में है, इसलिए जब हम सीबीआई मामले पर सुनवाई करेंगे तो इस निर्णय को भी पढ़ेंगे। इस मामले में नोटिस जारी करेंगे और इसे उसी दिन सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा रहा है, जिस दिन ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सुनवाई होगी।”

    दरअसल, ईडी ने हाल ही में सीबीआई द्वारा जांच किए जा रहे आबकारी नीति मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य को आरोपमुक्त करते हुए निचली अदालत द्वारा धनशोधन जांच के संबंध में की गई टिप्पणी को हटाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। ईडी का कहना था कि 27 फरवरी का आदेश "न्यायिक अधिकार क्षेत्र का स्पष्ट उल्लंघन" था क्योंकि अदालत ने एजेंसी के खिलाफ कड़ी टिप्पणी करते हुए उसके साक्ष्यों पर ना तो गौर किया और ना ही उसकी बात सुनी।

    अदालत ने क्या कहा था

    विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह की अदालत ने पीएमएलए और ईडी जांच के संबंध में कई टिप्पणियां की थीं। आदेश में विशेष रूप से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने 2022 के विजय मदनलाल चौधरी मामले में कहा था कि एक बार मूल मामला (सीबीआई मामला) समाप्त होने पर ईडी मामला भी अनिवार्य रूप से खत्म हो जाएगा।

    ईडी की आपत्ति

    ईडी ने 7 मार्च को दायर अपनी याचिका में आदेश के कई पैराग्राफ का हवाला देते हुए कहा कि अदालत की उसके खिलाफ की गई टिप्पणियां "प्रतिकूल, व्यापक और अवांछित" थीं क्योंकि सुनवाई में ईडी पक्षकार नहीं थी और अदालत के समक्ष केवल सीबीआई की जांच के गुण-दोष पर ही विचार किया जा रहा था।

    एजेंसी ने यह भी कहा कि यदि इस प्रकार की व्यापक और निराधार टिप्पणियों को बरकरार रहने दिया गया, जिनका आधार ईडी द्वारा एकत्रित किसी भी सामग्री या साक्ष्य पर नहीं है तो इससे सार्वजनिक हित के साथ-साथ ईडी को भी गंभीर और अपूरणीय क्षति पहुंचेगी।

  • दिल्ली में डीटीसी बस का तांडव, दो लोगों की मौत और कई घायल

    दिल्ली में डीटीसी बस का तांडव, दो लोगों की मौत और कई घायल

    नई दिल्ली
     बाहरी दिल्ली के नांगलोई इलाके में सोमवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। नांगलोई–नजफगढ़ रोड पर थाना निहाल विहार क्षेत्र के कमरुद्दीन नगर गांव मोड़ के पास डीटीसी की एक बस ने कई लोगों को टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। डीटीसी बस तेज रफ्तार में आ रही थी। इस दौरान बस ने पहले एक स्कूटर सवार युवक को कुचल दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बस आगे बढ़ते हुए एक ई-रिक्शा और सड़क किनारे मौजूद कुछ लोगों को भी अपनी चपेट में लेती चली गई। हादसे में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग और स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में वहां जमा हो गए। हादसे से नाराज लोगों ने बस में तोड़फोड़ शुरू कर दी और गुस्से में बस में आग भी लगा दी। स्थिति को काबू में करने के लिए दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया।

    हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। डीसीपी विक्रम सिंह और ज्वाइंट सीपी जतिन नरवाल ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और पुलिस टीम को जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा किस वजह से हुआ और बस चालक की क्या भूमिका रही। फिलहाल घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। इस हादसे के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बन गई थी, लेकिन फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

  • केजरीवाल-सिसोदिया की बढ़ी मुश्किलें, CBI की अपील पर हाईकोर्ट ने 23 लोगों को भेजा नोटिस

    केजरीवाल-सिसोदिया की बढ़ी मुश्किलें, CBI की अपील पर हाईकोर्ट ने 23 लोगों को भेजा नोटिस

    नई दिल्ली
    राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कुल 23 लोगों को शराब घोटाले में बरी कर दिया था। सीबीआई ने राउज एवेन्यू कोर्ट के इस फैसले को चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने सभी 23 पक्षों को नोटिस जारी कर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है।
     
    दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई हुई। दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने राउज एवेन्यू कोर्ट के उस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तथा कुल 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किया था। सीबीआई की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पक्ष रखा।
     
    केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 को नोटिस, ED केस में सुनवाई पर रोक
    दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़े केस की सुनवाई से रोक दिया है। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ट्रायल कोर्ट में चल रही ईडी मामले की कार्यवाही को तब तक के लिए टाल दिया जाए, जब तक कि सीबीआई की इस याचिका पर फैसला नहीं हो जाता। वहीं, अदालत ने ट्रायल कोर्ट के फैसले में जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के स्टेटमेंट पर भी रोक लगाई। मामले में सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। आज सुनवाई के दौरान केजरीवाल मनीष सिसोदिया या अन्य किसी भी आरोपी के तरफ से कोई भी पेश नहीं हुआ था। अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।

    एसजी तुषार मेहता ने हाई कोर्ट में कहा कि यह मामला पूरी तरह से भ्रष्टाचार का है, इस मामले में आरोपियों द्वारा कुल 170 फोन नष्ट किए गए हैं। कोरोना महामारी के दौरान जिस समय पूरा देश लॉकडाउन में था और आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंध था उस समय रिश्वत लेने देने के लिए प्राइवेट जेट तक का इस्तेमाल किया गया। ट्रायल कोर्ट के आदेश में अप्रूवर दिनेश अरोड़ा के बयानों को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया। दिनेश अरोड़ा इस मामले में महत्वपूर्ण गवाह है। उन्होंने बताया है कि मीटिंग्स में क्या हुआ। दिनेश अरोड़ा के बयानों को आरोप तय करने के स्टेज पर स्वीकार किए जाने चाहिए।

    सीबीआई ने अपनी 974 पेज की लंबी याचिका में निचली अदालत के फैसले को चौंकाने वाला और गैरकानूनी करार दिया है। एजेंसी का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज किया और जांच में सामने आए तथ्यों पर सही से विचार नहीं किया। याचिका में दावा किया गया है कि आबकारी नीति में साजिश रचकर कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का मामला स्पष्ट था, लेकिन निचली अदालत ने इसे नजरअंदाज कर दिया।

    मामला 2021-22 की दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति से जुड़ा है, जिसे आप सरकार ने लागू किया था, लेकिन भ्रष्टाचार, रिश्वत और कार्टेलाइजेशन के आरोपों के बीच जुलाई 2022 में ही रद्द कर दिया गया था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि नीति को जानबूझकर इस तरह तैयार किया गया, ताकि शराब कारोबार में कुछ लोगों को एकाधिकार मिले और करोड़ों रुपये की रिश्वत का लेन-देन हुआ। 27 फरवरी 2026 को स्पेशल जज जितेंद्र सिंह की अदालत ने 598 पेज के आदेश में सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया था। अदालत ने कहा था कि सीबीआई का केस पूर्व नियोजित और बनावटी है। केवल बयानों पर केस बनाया गया। अदालत ने जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए थे। सीबीआई की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में 9 मार्च यानी आज सुनवाई हुई। यह मामला हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की एकल पीठ के समक्ष सूचीबद्ध है।

  • रायसीना डायलॉग में जयशंकर की दो टूक, भारत में सभी देशों को साथ लाने की काबिलियत

    रायसीना डायलॉग में जयशंकर की दो टूक, भारत में सभी देशों को साथ लाने की काबिलियत

    नई दिल्ली. 
    भारत की राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग 2026 के 11वें संस्करण का आज आखिरी दिन है। इस मौके पर भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कार्यक्रम को संबोधित किया और हिंद महासागर में भारत की कूटनीति की सराहना की। ईएएम जयशंकर ने बताया कि भारत के पास सभी देशों को एक प्लेटफॉर्म पर साथ लाने की काबिलियत है, क्योंकि वे हम पर ज्यादा भरोसा करते हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, "जब हिंद महासागर की बात आती है तो भारत की एक खास अहमियत है और इसलिए एक खास जिम्मेदारी और एक खास योगदान है। यह सिर्फ इसलिए नहीं है कि हम बड़े और सेंट्रल हैं, बल्कि इसलिए भी है क्योंकि हमारे पास सच में बहुत सारे देशों को टेबल पर या प्लेटफॉर्म पर साथ लाने की क्षमता है क्योंकि हमारे उनके साथ अच्छे संबंध हैं। शायद वे हम पर ज्यादा भरोसा करते हैं या वे हमारे साथ ज्यादा कम्फर्टेबल हैं, इसे आप जो चाहें कह सकते हैं।" 

    जयशंकर ने आगे कहा, "मेरे लिए इसका मतलब यह है कि गुरुग्राम के फ्यूजन सेंटर में इतने सारे लोग, इतने सारे देश, इतने सारे प्रतिनिधि हैं जो इस समय यहां एक साथ काम करने को तैयार हैं, साझा करने को तैयार हैं, एक समग्र तस्वीर बनाने को तैयार हैं। यह न केवल हिंद महासागर की महत्ता को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को भी रेखांकित करता है। हम निरंतर ऐसे संस्थानों का निर्माण कर रहे हैं, जिनमें आईओआर, कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन और बिम्सटेक जैसे मंच शामिल हैं। यद्यपि हम जीसीसी जैसे कुछ समूहों का हिस्सा नहीं हैं, फिर भी ये सभी प्रयास एक वृहद हिंद महासागर की आधारशिला हैं। दूसरी ओर, प्रशांत क्षेत्र के देश भी इस व्यापक संरचना का आधार बन रहे हैं। ये एक बड़े प्रकार की समग्र तस्वीर की नींव हैं। अब इसके अलावा, यह द्विपक्षीय भी है।"

    भारत और इसके सहयोगियों के बारे में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "जब मैं वहां अपने तीन सहयोगियों, सेशेल्स, मॉरीशस और श्रीलंका को उनकी नौसेनाओं और उनके तट रक्षकों के साथ देखता हूं, तो हमारा साथ मिलकर काम करने का एक लंबा इतिहास रहा है। उनमें से कई के पास भारतीय मूल के जहाज या शिल्प हैं। हमने एक साथ प्रशिक्षण किया है, हमने एक साथ अभ्यास किया है और सिर्फ उनके साथ ही नहीं, अगर आप वास्तव में हिंद महासागर या भारत-प्रशांत में बड़े अभ्यासों को देखें, तो ऑस्ट्रेलिया फिर से एक बहुत ही महत्वपूर्ण अभ्यास भागीदार है।"

    उन्होंने कहा कि आप भारतीय नौसेना या भारतीय तट रक्षक को देखें, वास्तव में उनमें से प्रत्येक में यह एक सामान्य तत्व है। मेरा मतलब है कि यदि आप समुद्री गतिविधियों की समग्रता को लेते हैं और कहते हैं कि किस देश में सबसे अधिक विशेषताएं हैं, तो हम वहां हैं। हम सिंगापुर में समुद्री डकैती का मुकाबला करने के लिए आधारित संगठन के सदस्य हैं, लेकिन इसका एक हिस्सा उपस्थिति है, एक साथ काम करना है। लेकिन हम वास्तव में व्यावहारिक रूप से मदद करते हैं; हम ड्रग्स नेटवर्क का मुकाबला करने के मामले में मदद करते हैं, हम आईयूयू मछली पकड़ने से निपटते हैं। हम एचएडीआर की स्थिति से निपटते हैं, हम ऑयल स्पिल से डील करते हैं। श्रीलंका में एक बड़ा ऑयल स्पिल हुआ था, मॉरीशस में एक बड़ा ऑयल स्पिल हुआ था। असल में इंडियन वेसल ही थे जो सबसे पहले वहां गए और सफाई में मदद की। मेरे कहने का मतलब यह है कि जब आपने "नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर" शब्द का इस्तेमाल किया, तो हां, हम एक नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर हैं।

  • 6 साल कैंसर से जंग और तीन बार की मेहनत रंग लाई, दृष्टिबाधित संजय दहरिया बने UPSC टॉपरों में शामिल

    6 साल कैंसर से जंग और तीन बार की मेहनत रंग लाई, दृष्टिबाधित संजय दहरिया बने UPSC टॉपरों में शामिल

    नई दिल्ली. जुनून, लगन और हार न मानने की जिद। इन सबका जीता जागता उदाहरण हैं संजय दहरिया। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के संजय दहरिया ने छह साल तक कैंसर से जूझने और तीन नौकरियां छोड़ने के बाद अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 946वीं रैंक हासिल की है। बेलटुकरी के एक किसान के 38 साल के इस पुत्र ने अपने परिवार और गांव के लोगों को अपार गर्व और खुशी दी है।

    दहरिया की शैक्षणिक यात्रा एक स्थानीय सरकारी स्कूल से शुरू हुई। कक्षा 5 में जवाहर नवोदय विद्यालय, माना (रायपुर) में चयन होने के बाद इसमें एक महत्वपूर्ण मोड़ आया। दहरिया के लिए सिविल सेवाओं तक का सफर पेशेवर और व्यक्तिगत दोनों ही दृष्टि से चुनौतियों से भरा था।

    पश्चिम बंगाल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 2009 से 2011 तक काम करने के बाद उन्होंने उच्च लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए इस्तीफा दे दिया। हालांकि, 2012 में उन्हें लार ग्रंथियों के कैंसर का पता चला, जिसके कारण छह साल तक उनका कठिन इलाज चला।

    दृष्टिबाधित होने के बावजूद दहरिया ने हार नहीं मानी और सिविल सेवाओं में अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार प्रयास जारी रखा। उन्होंने रायपुर के एक बैंक और महासमुंद डाकघर में काम करते हुए अपने करियर को आगे बढ़ाया। उन्होंने 2022 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में भाग लेना शुरू किया और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित होकर 2025 में तीसरे प्रयास में सफलता प्राप्त की।

    दहरिया ने अपनी सफलता का श्रेय बीमारी के दौरान अपने परिवार और मार्गदर्शकों के अटूट समर्थन को दिया। उन्होंने कहा कि मैं सिविल सेवाओं के माध्यम से देश की सेवा करने की आशा रखता हूं। चाहे मुझे आईएएस कैडर मिले या कोई अन्य सेवा, लोक सेवा के प्रति मेरी प्रतिबद्धता दृढ़ रहेगी।

    महासमुंद के कलेक्टर विनय कुमार लांगेह और जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे ने दहरिया को बधाई देते हुए उनकी उपलब्धि की सराहना की, जो साहस और दृढ़ता का एक उदाहरण है।

  • दिल्ली-एनसीआर में रहना बन सकता है दिमाग के लिए नुकसानदेह, कहीं आपकी याददाश्त तो नहीं हो रही कमजोर?

    दिल्ली-एनसीआर में रहना बन सकता है दिमाग के लिए नुकसानदेह, कहीं आपकी याददाश्त तो नहीं हो रही कमजोर?

    लाइफस्टाइल और खान-पान में गड़बड़ी के साथ बढ़ती पर्यावरणीय समस्याएं कई तरह की बीमारियां बढ़ाती जा रही हैं। कम उम्र में ही दिल की बीमारी-हार्ट अटैक का खतरा हो या बढ़ते डायबिटीज और कैंसर के मामले, ये सभी स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता का कारण बने हुए हैं।

    आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि हाल के वर्षों में याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता को कमजोर करने वाली बीमारियों जैसे अल्जाइमर रोग-डिमेंशिया के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। आमतौर पर ये समस्याएं उम्रदराज लोगों, विशेषकर 60 साल के बाद वालों में अधिक देखी जाती रही हैं। हालांकि कई रिपोर्ट्स अलर्ट करते हैं कि अब 50 की उम्र में भी लोगों में अल्जाइमर के लक्षण देखे जा रहे हैं।

    कहीं आपकी भी  याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता कमजोर न हो जाए? दिल्ली जैसे शहरों में रहने वाले लोगों में इसका खतरा और भी देखा जा रहा है, आखिर इसके पीछे की वजह क्या है? आइए जान लेते हैं।

    वायु प्रदूषण के कारण अल्जाइमर रोग का खतरा
    अध्ययनकर्ताओं की एक टीम ने अलर्ट किया है कि जो लोग वायु प्रदूषण के अधिक संपर्क में रहते हैं, उनमें अल्जाइमर रोग होने का खतरा भी अधिक हो सकता है।

    अल्जाइमर एक गंभीर मस्तिष्क विकार है जो याददाश्त, सोचने की क्षमता और व्यवहार के तरीके को प्रभावित करती है। ऐसे लोगों में डिमेंशिया होने का जोखिम भी अधिक देखा जाता रहा है। यह मस्तिष्क कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाली बीमारी है, जिससे सोचने-समझने में कठिनाई, दैनिक कार्यों में असमर्थता और व्यवहार में बदलाव जैसे गुस्सा या उलझन जैसे लक्षण होते हैं।

    यूएस में 27.8 मिलियन (2.78 करोड़) से अधिक लोगों पर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से सीधे तौर पर अल्जाइमर रोग का खतरा बढ़ सकता है।
     
        हाइपरटेंशन और स्ट्रोक जैसी पुरानी बीमारियों की तुलना में वायु प्रदूषण के संपर्क को इस बीमारी के लिए ज्यादा खतरनाक माना गया है।
         जिन लोगों को पहले से ब्रेन स्ट्रोक की समस्या रही है, ऐसे लोगों में  एयर पॉल्यूशन का असर और भी गंभीर हो सकता है।
        भारत में बढ़ता वायु प्रदूषण, विशेषतौर पर दिल्ली जैसे शहरों में देखा जा रहा प्रदूषण का खतरा इस बीमारी की चिंता को और बढ़ाने वाला हो सकता है।

    अध्ययन में क्या पता चला?
    प्लस वन मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में प्रकाशित रिपोर्ट से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग के खतरे कम को करने के लिए वायु प्रदूषण से बचाव जरूरी है।

    जॉर्जिया स्थित एमोरी यूनिवर्सिटी की टीम ने कहा कि एयर क्वालिटी में सुधार डिमेंशिया को रोकने का एक जरूरी तरीका हो सकता है। इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने साल 2000-2018 के दौरान 65 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोगों को शामिल किया।
     
        शोधकर्ताओं ने कहा, इस दौरान लगभग 30 लाख अल्जाइमर रोग के मामलों की पहचान की गई।
        लेखकों ने कहा कि पीएम 2.5 के अधिक संपर्क वाली आबादी में अल्जाइर रोग और डिमेंशिया का खतरा ज्यादा देखा गया।
        पीएम 2.5 जैसे प्रदूषकों के प्रति 3.8 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की बढ़ोतरी से दिमाग की बीमारियों का खतरा और भी बढ़ता देखा गया है।

    क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
    स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वायु प्रदूषण (पीएम2.5) के अधिक संपर्क में रहने से हाइपरटेंशन, डिप्रेशन और स्ट्रोक होने का खतरा भी समय के साथ बढ़ता जाता है। ऐसे लोगों में मेंटल हेल्थ की समस्या जैसे स्ट्रेस और डिप्रेशन होने का जोखिम भी ज्यादा देखा जा रहा है।

    विशेषज्ञों ने कहा, ब्रेन की सेहत पर प्रदूषक तत्वों का गहरा असर होता है। अगर व्यापक उपाय अपनाकर प्रदूषण को कम कर लिया जाए तो इससे कई तरह की बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।