Category: बिहार

  • रक्षाबंधन से पहले बिहार की बहनों पर मेहरबान सरकार, 3 तोहफों के साथ 2 लाख रुपये तक सहायता

    रक्षाबंधन से पहले बिहार की बहनों पर मेहरबान सरकार, 3 तोहफों के साथ 2 लाख रुपये तक सहायता

     पटना

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बिहार की बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा, सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता के लिए तीन बड़ी योजनाओं की सौगात दी है। उन्होंने ज्ञान भवन में  आयोजित कार्यक्रम में स्टार्टअप चैलेंज, बालिका पीएचडी फेलोशिप और स्कूल-कॉलेज के पास पुलिस दीदी की तैनाती का शुभारंभ किया।

    स्कूल-कॉलेज के पास तैनात रहेंगी पुलिस दीदी
    मुख्यमंत्री ने पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड) के लिए 4,700 दोपहिया वाहनों का लोकार्पण एवं फ्लैग ऑफ किया। अब स्कूल-कॉलेजों के पास पुलिस दीदी तैनात रहेंगी। सीएम ने कहा, इन वाहनों से महिला पुलिसकर्मी छात्राओं को सुरक्षा एवं संरक्षण प्रदान करेगी।

    स्टार्टअप चैलेंज योजना में 50 हजार से दो लाख तक
    बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना के अंतर्गत महिला उद्यमियों को अपने नवाचार एवं उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए 50 हजार से दो लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2100 महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। इससे बेटियों में उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की उन्नति ही बिहार की प्रगति है। बेटियों और बहनों की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। सरकार महिलाओं को सुरक्षित एवं सक्षम वातावरण उपलब्ध कराने तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा में और अधिक मजबूती से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

    बालिका पीएचडी फेलोशिप में हर महीने मिलेंगे ₹10 हजार
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बेटियों को उच्च शिक्षा और शोध के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की बेटियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर देना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। सरकार की इन पहलों से बेटियों को सुरक्षा के साथ-साथ उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का नया अवसर मिलेगा। बिहार की महिलाएं अपनी प्रतिभा और क्षमता के बल पर राज्य की तकदीर बदलेंगी।

    एक हजार छात्राओं को चार वर्षों तक रााशि दी जाएगी
    मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना के तहत एक हजार छात्राओं को चार वर्षों तक दस हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

  • बेटियों के लिए बिहार सरकार की 3 योजनाएं शुरू, 2100 महिला उद्यमियों और 1000 छात्राओं को मिलेगा लाभ

    बेटियों के लिए बिहार सरकार की 3 योजनाएं शुरू, 2100 महिला उद्यमियों और 1000 छात्राओं को मिलेगा लाभ

    पटना 
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बिहार की बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा, सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता के लिए तीन बड़ी योजनाओं की सौगात दी है। उन्होंने ज्ञान भवन में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में स्टार्टअप चैलेंज, बालिका पीएचडी फेलोशिप और स्कूल-कॉलेज के पास पुलिस दीदी की तैनाती का शुभारंभ किया।

    स्कूल-कॉलेज के पास तैनात रहेंगी पुलिस दीदी
    मुख्यमंत्री ने पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड) के लिए 4,700 दोपहिया वाहनों का लोकार्पण एवं फ्लैग ऑफ किया। अब स्कूल-कॉलेजों के पास पुलिस दीदी तैनात रहेंगी। सीएम ने कहा, इन वाहनों से महिला पुलिसकर्मी छात्राओं को सुरक्षा एवं संरक्षण प्रदान करेगी।

    स्टार्टअप चैलेंज योजना में 50 हजार से दो लाख तक
    बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना के अंतर्गत महिला उद्यमियों को अपने नवाचार एवं उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए 50 हजार से दो लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2100 महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। इससे बेटियों में उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की उन्नति ही बिहार की प्रगति है। बेटियों और बहनों की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। सरकार महिलाओं को सुरक्षित एवं सक्षम वातावरण उपलब्ध कराने तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा में और अधिक मजबूती से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

    बालिका पीएचडी फेलोशिप में हर महीने मिलेंगे ₹10 हजार
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बेटियों को उच्च शिक्षा और शोध के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की बेटियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर देना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। सरकार की इन पहलों से बेटियों को सुरक्षा के साथ-साथ उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का नया अवसर मिलेगा। बिहार की महिलाएं अपनी प्रतिभा और क्षमता के बल पर राज्य की तकदीर बदलेंगी।

    एक हजार छात्राओं को चार वर्षों तक रााशि दी जाएगी
    मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना के तहत एक हजार छात्राओं को चार वर्षों तक दस हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

  • पीएचडी करने वाली छात्राओं को आर्थिक सहारा, 4 साल तक हर माह मिलेंगे 10 हजार रुपये

    पीएचडी करने वाली छात्राओं को आर्थिक सहारा, 4 साल तक हर माह मिलेंगे 10 हजार रुपये

    पटना 

    बिहार में मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप का शुभारंभ आज बुधवार को किया जाएगा। इसके तहत लगभग 1,000 छात्राओं को चार वर्षों तक 10,000 रुपये प्रतिमाह की सहायता मिलेगी। साथ ही “बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना” का शुभारंभ होगा, जिसके अंतर्गत बेटियों को ₹50,000 से दो लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। सीएम ने मंगलवार को एक्स पर पोस्ट कर यह जानकारी दी है। सीएम ने बताया है कि पुलिस दीदी के लिए 4,700 स्कूटर एवं मोटरसाइकिल का लोकार्पण एवं फ्लैग-ऑफ समारोह भी होगा। पुलिस दीदी के माध्यम से स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाली हमारी बहनों की उचित सुरक्षा एवं संरक्षण को सुनिश्चित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा है कि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बिहार की बेटियों और बहनों के सम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण की दिशा में यह नई शुरुआत की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की उन्नति ही बिहार की प्रगति है। बेटियों और बहनों की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए हमारी सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।

    पीएचडी पंजीकरण के लिए आज से खुलेगा पोर्टल
    पीपीयू ने पीएचडी 2024-25 की पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर शोधार्थियों को एक मौका दिया है। विश्वविद्यालय ने उन छात्रों को आखिरी मौका दिया है जो अब तक पंजीकरण नहीं करा पाए हैं। पंजीकरण पोर्टल 26 अगस्त से 29 अगस्त तक खुला रहेगा। डीएसडब्ल्यू प्रो. राजीव रंजन ने बताया कि सभी पीएचडी विद्यार्थी निर्धारित अवधि में अपना पंजीकरण पूरा कर लें। नए छात्र पीएचडी पोर्टल पर लॉगिन कर अपनी रजिस्ट्रेशन स्लिप डाउनलोड कर सकते हैं। जो छात्र पहले से पंजीकृत हैं, उन्हें नई स्लिप डाउनलोड कर अपने पुराने रजिस्ट्रेशन नंबर से मिलान करना होगा। यदि कोई विसंगति पाई जाती है, तो पीएचडी सेक्शन में आवेदन देना होगा।

    पीटी पास छात्राओं को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
    मुख्यमंत्री नारी शक्ति के तहत सिविल सेवा प्रोत्साहन राशि योजना का राज्य सरकार विस्तार करने जा रही है। अबतक बीपीएससी और यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर बिहार की बेटियों को मेंस की तैयारी के लिए क्रमश: 50 हजार तथा 1 लाख की सहायता दी जाती है ताकि वे मुख्य परीक्षा की अच्छे से तैयारी कर उसमें सफल हो सकें। समाज कल्याण विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

    नए प्रावधान के तहत मिलने वाली राशि

    ● आईईएस, भारतीय आर्थिक सेवा, आईएसएस, कंबाइंड जियो साइंटिस्ट एवं अन्य निर्धारित यूपीएससी परीक्षाओं में: 75 हजार रुपये

    ● सीडीएस, एनडीए, सीबीआई एवं अन्य राज्यों की राज्य सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षाओं में: 50 हजार रुपये

    ● रिजर्व बैंक ग्रेड – बी, एसबीआई सीजीएल एवं निर्धारित रेलवे भर्ती परीक्षाओं में : 30 हजार रुपये

    ● समाज कल्याण सचिव ने कहा, सभी वर्ग की महिलाओं को मिलेगा लाभ

  • झारखंड में सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए नई पहल, स्टूडेंट डायरी से शिक्षा और छात्रवृत्ति पर फोकस

    झारखंड में सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए नई पहल, स्टूडेंट डायरी से शिक्षा और छात्रवृत्ति पर फोकस

    रांची.

    अब निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों के बच्चों को अब स्टूडेंट डायरी दी जाएगी। इसमें पूरे साल के अवकाश से छात्रों-अभिभावकों से सीधा संवाद किया जा सकेगा। ज्ञानोदय योजना के तहत सरकारी व गैर सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में छठी से आठवीं के छात्र-छात्राओं को स्टूडेंट डायरी दी जाएगी।

    वहीं, पहली से पांचवीं तक के बच्चों के लिए हिन्दी-अंग्रेजी में पैरेंटल कैलेंडर दिया जाएगा। इसके माध्यम से अभिभावक व बच्चों के बीच सूचना का आदान-प्रदान होगा। अभिभावक घर पर भी अपनी संस्कृति-परिवेश के बारे में बच्चों को जानकारी देंगे। साथ ही, बच्चों के लिखने-पढ़ने में आसानी होगी। कैबिनेट ने राज्य के सरकारी अस्पताल/स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सक एवं विशेषज्ञ चिकित्सक के रिक्त पद पर संविदा आधारित नियुक्ति नियमावली, 2026 के गठन की भी स्वीकृति दी है। चिकित्सकों की कमी तथा स्थायी नियुक्ति में होनेवाली देरी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

    दो मेडिकल कालेजों में बढ़ाई जाएंगी सीटें
    झारखंड के मेडिकल कालेजों में सीटें बढ़ाई जाएगी। इसके लिए प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। सत्र 2026-27 से 2029-30 के लिए एमजीएम मेडिकल कालेज, जमशेदपुर और शहीद निर्मल महतो मेडिकल कालेज, धनबाद में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ स्नातकोत्तर में नये विषय जोड़ने और स्नातकोत्तर की भी सीटें बढ़ाने की स्वीकृति दी गई है। एमजीएम में इस कार्य के लिए 393 करोड़ और निर्मल महतो मेडिकल कालेज के लिए 495 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।

    आसान हुआ गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ लेना
    राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बड़ी राहत देते हुए सरकार ने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की मार्गदर्शिका में व्यावहारिक संशोधन किए हैं। अब प्रवेश के समय छात्रों द्वारा स्वयं जमा की गई प्रथम सेमेस्टर या वर्ष की फीस की वेब पोर्टल के माध्यम से एकमुश्त प्रतिपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा, छात्रों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए 15 लाख रुपए तक के सभी ऋणों पर पांच प्रतिशत मार्जिन मनी को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। योजना के तहत अब तक 3,434 विद्यार्थियों को 291 करोड़ का ऋण स्वीकृत और 65 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं। क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए नालंदा यूनिवर्सिटी और साउथशियन यूनिवर्सिटी समेत भारत सरकार के सभीअधिसूचित केंद्रीय विश्वविद्यालयों को भी योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया है। इन संशोधनों से योजना अधिक छात्र-केंद्रित बनेगी और राष्ट्रीय संस्थानों में पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों की पहुंच आसान होगी।

    पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देगी ग्रासरूट इनोवेशन इंटर्नशिप योजना
    उच्च शिक्षा में पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए 'झारखंड ग्रासरूट्स इनोवेशन इंटर्नशिप योजना' के नए स्वरूप का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत राज्य के 10,000 स्नातक विद्यार्थियों को आठ सप्ताह की सवेतन इंटर्नशिप दी जाएगी, जिसमें स्टाइपेंड ₹10,000 से बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया गया है। पायलट चरण की सफलता के बाद अब इसे राज्य की सभी 4,345 पंचायतों तक विस्तारित किया जाएगा। योजना के तहत छात्र गांवों का भ्रमण कर पारंपरिक ज्ञान और ग्रामीण नवाचारों का डिजिटल दस्तावेज तैयार करेंगे। इसके संचालन पर प्रतिवर्ष 19.33 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा। इसमें मेंटर्स का मानदेय बढ़ाकर 30 हजार और समन्वयकों का 80 हजार रुपये किया गया है, जबकि उत्कृष्ट टीमों को राष्ट्रीय संस्थानों में एक्सपोजर विजिट का मौका मिलेगा।

    कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय –

    • डाॅ. शशिभूषण वर्मा, बर्खास्त भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, लोहरदगा को हाईकोर्ट के निर्णय के आलोक में संशोधित करने का निर्णय।
    • वज्रपात एवं हीटवेव को केंद्रीय सूची में शामिल किए जाने के फलस्वरूप झारखंड की सूची से विलाेपित करने का निर्णय। प्राकृतिक एवं विशेष विशिष्ट स्थानीय आपदाओं से संबंधित विभागीय संकल्प में भौगोलिक क्षेत्र से संबंधित प्रविधान को संशोधित करने की स्वीकृति दी गई है।
    • धनबाद के बलियापुर में मौजा आसनबनी स्थित 3.43 एकड़ गैर आबाद खास और विभिन्न किस्म की भूमि कुल देय राशि 5.39 करोड़ की अदायगी पर तसरा ओपन कास्ट कोयला खनन परियोजना में अर्जनाधीन भूमि से विस्थापित होने वाले परिवारों के पुनर्स्थापन एवं पुनर्विकास के लिए दिया जाएगा।
    • खाद्य सामग्री के विक्रेताओं को मीट एवं इसके उत्पादों की प्रोसेसिंग, स्टोर करने और बिक्री के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है।
    • झारखंड प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी मुकेश कुमार और सीमा कुमारी को हाई कोर्ट के आदेश के आलोक में भूतलक्षी प्रभाव से प्रोन्नति दी गई है।
    • अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य हेतु तत्कालिक व्यवस्था के तहत अंशकालीन शिक्षकों से कार्य लिए जाने हेतु अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई।
    • राज्य योजना से संपोषित जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति अंतर्गत संचालित मोहरदा (बिरसानगर बागुनहातु) जलापूर्ति योजना फेज-॥ हेतु तकनीकी स्वीकृति प्राप्त प्राक्कलित राशि कुल 67.36 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
    • रातू अंचल के बेलांगी मौजा में कुल 21.63 एकड़ गैरमजरूआ खास भूमि के एवज में 6.51 लाख रुपये की अदायगी पर कार्तिक उरांव महाविद्यालय, बेलांगी के नाम से दिनांक-12. 11.2016 से दिनांक-11.11.2046 तक 30 (तीस) वर्षों के लिए लीज नवीकरण की स्वीकृति दी गई।
  • बाढ़ ने मचाई तबाही, मुजफ्फरपुर में 19 पुल क्षतिग्रस्त; 40 किमी सड़क का नामोनिशान मिटा

    बाढ़ ने मचाई तबाही, मुजफ्फरपुर में 19 पुल क्षतिग्रस्त; 40 किमी सड़क का नामोनिशान मिटा

    मुजफ्फरपुर.

    नेपाल में भोटेकोशी नदी ने बुधवार सुबह अचानक ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि सीमावर्ती क्षेत्र में कुछ ही घंटों में तबाही का मंजर दिखने लगा। तेज बहाव में पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, रसुवागढ़ी सीमा शुल्क कार्यालय के 14 कर्मचारी लापता हो गए और कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ।

    बाढ़ के असामान्य रूप से बढ़े जलस्तर के कारणों को लेकर अब नेपाल सरकार ने चीन के साथ समन्वय शुरू कर दिया है।

    19 पुल और 40 किमी सड़क क्षतिग्रस्त
    भोटेकोशी में आई बाढ़ का सबसे बड़ा असर बुनियादी ढांचे पर पड़ा है। त्रिशूली नदी पर बने 19 पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। करीब 40 किलोमीटर सड़क को भी नुकसान पहुंचा है। सड़क विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त हिस्सों का आकलन करने में जुटी हैं। प्रभावित मार्गों पर मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है। पुलों और सड़कों के टूटने से कई क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है।

    सीमा शुल्क कार्यालय में मची अफरातफरी
    रसुवागढ़ी सीमा शुल्क कार्यालय के 14 कर्मचारी बाढ़ के बाद लापता बताए गए हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार, कार्यालय में 36 स्थायी कर्मचारी कार्यरत थे। इनमें 11 लापता हैं, जबकि 25 से संपर्क हो गया है। चार संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों में से तीन लापता हैं और एक से संपर्क हो चुका है। लापता कर्मचारियों की तलाश जारी है।

    12 हेलीकाप्टर राहत-बचाव में
    बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाल सरकार ने 12 हेलीकाप्टर लगाए हैं। इनमें नेपाली सेना के चार और निजी क्षेत्र के आठ हेलीकाप्टर शामिल हैं। धादिङ, नुवाकोट, रसुवा और चितवन के सुरक्षा निकायों को भी राहत एवं बचाव अभियान में लगाया गया है।

    तिब्बत से आया पानी तो नहीं?
    बाढ़ की भयावहता के बीच सबसे बड़ा सवाल इसके अचानक आने को लेकर है। नेपाल के मौसम विभाग के अनुसार रसुवा क्षेत्र में मंगलवार शाम से अत्यधिक भारी बारिश नहीं हुई थी। ऐसे में सामान्य बारिश के बावजूद भोटेकोशी का जलस्तर अचानक इतना बढ़ने की वजह तलाशने में प्रशासन जुटा है।

    सैटेलाइट तस्वीरों से होगी जांच
    नेपाल राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बाढ़ का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। आशंका है कि नदी का जलग्रहण क्षेत्र चीन के तिब्बत तक फैला होने के कारण वहां हिमस्खलन, हिमताल फटने या किसी अन्य प्राकृतिक अथवा संरचनात्मक घटना से अचानक पानी बढ़ा हो। नेपाल सरकार सैटेलाइट तस्वीरों के माध्यम से इसकी जांच कराएगी। चीन और अंतरराष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केंद्र (इसिमोड) से भी सहयोग लिया जा रहा है।

    कारण स्पष्ट होने तक किसी निष्कर्ष से बचने की सलाह
    प्राधिकरण की उपसचिव गोमादेवी चेम्जोंग ने कहा कि बाढ़ का कारण अभी निश्चित नहीं है। चीन के भू-भाग से भी इसका संबंध हो सकता है। इसलिए जांच पूरी होने तक किसी एक कारण को जिम्मेदार बताना उचित नहीं होगा। मौसम विज्ञानी मिन कुमार अर्याल ने भी तिब्बत क्षेत्र में हिमस्खलन या हिमताल फटने की संभावना से इनकार नहीं किया है।

     

  • ‘मैं राम का वंशज, भरोसा रखिए’, CM सम्राट ने 1 करोड़ नौकरियां देने का किया दावा

    ‘मैं राम का वंशज, भरोसा रखिए’, CM सम्राट ने 1 करोड़ नौकरियां देने का किया दावा

    पटना.

    मुख्यमंत्री ने पटना में आयोजित 'तुलसी के राम' कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम, सनातन संस्कृति, नदी जोड़ो परियोजना और धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर कई बड़े एलान किए। उन्होंने कहा कि फल्गु नदी में अब सालभर पानी रहेगा।

    सोन नदी से फल्गु को जोड़ा जाएगा और नदियों को जोड़ने का काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैं लवकुश हूं। लवकुश समाज से आता हूं। भगवान श्रीराम का वंशज हूं। आश्‍वस्‍त करता हूं क‍ि  फल्गु नदी को सोन नदी से जोड़कर गया में पानी की कमी दूर की जाएगी। सोन कोइलवर से भागलपुर तक पीपीपी मोड में मरीन ड्राइव बनाने की बात भी कही। उन्‍होंने नद‍ियों को जोड़ने की योजना की चर्चा की। कहा क‍ि आचार्य चाणक्य के नाम पर पटना में शोध संस्थान खुलेगा। 

    भगवान राम ने समाज को मर्यादा का संदेश दिया
    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम के प्रतीक हैं। 14 वर्ष के वनवास के दौरान उन्होंने भारत भ्रमण किया और समाज में मर्यादा एवं संस्कृति की स्थापना का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्रीराम ने समाज पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और मर्यादा को आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है।  

    राम मंदिर आंदोलन और कामेश्वर चौपाल का किया जिक्र
    मुख्यमंत्री ने राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण के लिए कई लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। बिहार के बेटे कामेश्वर चौपाल से शिलापूजन कराया गया था। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम को वर्षों तक टेंट में रखा गया और भक्तों ने संघर्ष कर उन्हें भव्य मंदिर में स्थापित कराया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि देश में 'दो विधान, दो प्रधान और दो निशान' की व्यवस्था को समाप्त किया गया। उन्होंने कहा कि लंबे इंतजार और कई गठबंधन के बाद 2014 में भाजपा की सरकार बनी और अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि वीपी सिंह की सरकार के समय भाजपा ने समर्थन देकर ओबीसी आरक्षण लागू कराने में भूमिका निभाई। बाद में पहली बार अति पिछड़ा समाज के बेटे के प्रधानमंत्री बनने के बाद सवर्ण समाज को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया।

    2030 से पहले एक करोड़ लोगों को नौकरी का दावा
    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान रोजगार को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 2030 से पहले एक करोड़ लोगों को नौकरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बक्सर जेल में रखी भगवान वामन की प्रतिमा को वहां से मुक्त कराकर बक्सर में वामन मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर कई योजनाओं का भी उल्लेख किया। गया के विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर के निर्माण पर करीब 2000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं बाबा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर के लिए 680 करोड़ रुपये की योजना का जिक्र किया गया। सीता मंदिर के निर्माण पर करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात कही गई।

    फल्गु में पानी लाने के लिए नदियों को जोड़ने की योजना
    मुख्यमंत्री ने कहा कि मां सीता ने फल्गु नदी को शाप दिया था। अब सोन नदी का पानी फल्गु में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि फल्गु को सोन से जोड़ने के साथ अन्य नदियों को भी आपस में जोड़ने का काम किया जाएगा! ताकि बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की समस्या दूर हो सके। उन्होंने कहा कि फल्गु नदी में सालभर पानी उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि घर की दीवार का रंग भगवा हो जाने पर कुछ लोग चिढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवा सनातन संस्कृति का प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।

    धार्मिक पर्यटन और विकास को मिलेगी गति
    मुख्यमंत्री की घोषणाओं में धार्मिक स्थलों के विकास के साथ जल संसाधन और आधारभूत संरचना पर भी जोर दिया गया। विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर, बाबा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर और सीता मंदिर के निर्माण से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वहीं फल्गु और सोन नदी को जोड़ने की योजना से गया में जल संकट दूर करने और नदी आधारित विकास को गति देने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सनातन संस्कृति, धार्मिक स्थलों के विकास और बिहार की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।

  • बिहार के 3 लाख छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन पढ़ाई, ‘विद्या साथी’ ऐप में JEE-NEET की तैयारी और AI टूल्स की सुविधा

    बिहार के 3 लाख छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन पढ़ाई, ‘विद्या साथी’ ऐप में JEE-NEET की तैयारी और AI टूल्स की सुविधा

     पटना
    सम्राट सरकार ने 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए 'बिहार विद्या साथी' ऐप लॉन्च (Bihar Vidya Sathi App) किया है। 24 अगस्त को सीएम सम्राट चौधरी (Bihar CM Samrat Choudhary) ने पटना से इस ऐप का शुभारंभ किया और छात्रों ने ऐप का ट्रायल भी लिया।

    इस ऐप की सबसे खास बात यह है कि छात्र अब फ्री में जेईई-नीट तक की तैयारी घर बैठे कर सकेंगे।

    चलिए अब इस ऐप के फीचर्स के बारे में आपको बताते हैं। इसी के साथ हम 'बिहार विद्या साथी' ऐप (Bihar Student Education App) को लेकर पूछे जा रहे तमाम सवालों के जवाब भी देंगे।

    1. इस ऐप से किन छात्रों को मिलेगा लाभ?
    बिहार के 9वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए यह ऐप (Vidya Sathi App) लॉन्च किया गया है। कक्षा 9वीं-10वीं के विद्यार्थियों के लिए सभी विषयों में तथा कक्षा 11वीं-12वीं के विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों के लिए लाइव ट्यूटर सपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा।

    2- कितने छात्रों को मिलेगा लाभ?
    सरकार की इस योजना से राज्य के सभी 38 जिलों के लगभग 3 लाख छात्रों को सीधा फायदा होगा।

    3- कैसे मिलेगा लाभ?
        इस इंटरैक्टिव लर्निंग प्लेटफॉर्म (ऐप) पर छात्रों को डिजिटल स्टडी मटेरियल और AI-पावर्ड टूल्स मिलेंगे।
        छात्र अपनी सुविधानुसार शिक्षकों का चुनाव कर सकेंगे और उनसे 'वन-ऑन-वन' (डायरेक्ट) सवाल पूछ सकेंगे।

    4- क्या ऐप के लिए कोई शुल्क लगेगा?
    यह बिहार सरकार की एक पहल है, इसलिए छात्रों के लिए यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क (फ्री) होगी। इसका कोई भी चार्ज नहीं लगेगा।

    5- क्या सभी सरकारी स्कूलों के छात्रों को ऐप का एक्सेस मिलेगा?
        शुरुआत में नहीं। अभी इसे राज्य के 700 'सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों' के लिए लॉन्च किया गया है।
        मुख्यमंत्री के अनुसार, भविष्य में इसका विस्तार राज्य के अन्य स्कूलों में भी किया जाएगा।

    6- छात्र JEE-NEET की तैयारी भी कर सकेंगे
    इस ऐप पर सिर्फ बिहार बोर्ड का सिलेबस ही नहीं, बल्कि JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exam) की तैयारी के लिए भी डिजिटल मटेरियल और अनलिमिटेड प्रैक्टिस सेट उपलब्ध होंगे।

    7. शिक्षक 24×7 ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे
        छात्रों के डाउट सॉल्व करने के लिए लगभग 75,000 शिक्षक 24×7 (चौबीसों घंटे) उपलब्ध रहेंगे।
        छात्र कहीं से भी और कभी भी ऑनलाइन आकर अपने सवालों के जवाब पा सकेंगे।

    ऐप को लॉन्च करने का उद्देश्य
    बिहार सरकार के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसाधनों की कमी के कारण किसी भी बच्चे की पढ़ाई न रुके और उन्हें घर बैठे ही बेहतरीन शिक्षकों का मार्गदर्शन मिल सके।

    'बिहार विद्या साथी' ऐप का मूल मकसद है कि मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को विद्यालय की पढ़ाई के अतिरिक्त 24 घंटे सातों दिन ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा मिले। इसके माध्यम से छात्र/छात्राएं मेडिकल, इंजीनियरिंग समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की आसानी से तैयारी कर सकते हैं। – सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री

     

  • JPSC परीक्षा घोटाले में बड़ा एक्शन! तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता निलंबित, जांच का दायरा बढ़ा

    JPSC परीक्षा घोटाले में बड़ा एक्शन! तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता निलंबित, जांच का दायरा बढ़ा

    रांची.

    झारखंड लोक सेवा आयोग की तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के निलंबन का आदेश कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने जारी कर दिया है। उन्हें विगत 22 जुलाई को अपराध अनुसंधान विभाग की ओर से गिरफ्तार किया गया था।

    कांड संख्या-16/2026 की प्राथमिक अभियुक्त श्वेता कुमारी गुप्ता, उप परीक्षा नियंत्रक, झारखंड लोक सेवा आयोग गिरफ्तारी के बाद से ही हिरासत में हैं। उन्हें झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के तहत हिरासत में लिए जाने की तिथि यानि की 22 जुलाई के प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। श्वेता कुमारी गुप्ता को निलंबन अवधि के दौरान जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान उसी स्थापना द्वारा किया जाएगा, जहां वह कारावास में जाते समय पदस्थापित थीं। जारी आदेश के अनुसार हिरासत से मुक्त होने के बाद श्वेता गुप्ता कार्मिक, प्रसासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग में योगदान देंगी। श्वेता गुप्ता की ओर से जमानत याचिका भी सीआईडी कोर्ट में दाखिल की गई है।

    टीडीपीएल की कार्यप्रणाली और जांच के दायरे में आई अन्य नियुक्तियां
    झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) नियुक्ति घोटाले में सामने आ रहे नए तथ्य यह बताते हैं कि गड़बड़ी का यह दायरा सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार गहरी प्रशासनिक और संस्थागत व्यवस्थाओं से जुड़े हुए हैं। सीआईडी की अब तक की तफ्तीश में यह बात प्रमुखता से उभरी है कि परीक्षा आयोजन से जुड़े निजी और गोपनीय अनुबंधों में किस तरह से सेंध लगाई गई थी। इस पूरे प्रकरण में टीडीपीएल ्नामक एजेंसी की भूमिका सबसे ज्यादा संदेह के घेरे में है। एजेंसी द्वारा जितनी भी परीक्षाओं के संचालन का जिम्मा लिया गया था, उनमें प्रश्न पत्र लीक होने से लेकर ओएमआर शीट में हेरफेर करने तक के गंभीर संकेत मिले हैं। बिचौलियों और परीक्षा से जुड़े जिम्मेदारों की मिलीभगत से एक संगठित गिरोह संचालित हो रहा था, जो हर पद के लिए एक निश्चित सौदा तय करता था। इस हाई-प्रोफाइल जांच के अब उन अन्य कड़ियों तक भी पहुंचने की उम्मीद है, जो इस पूरे सिस्टम में पर्दे के पीछे रहकर फायदा उठा रहे थे। सीआईडी द्वारा अदालत में 6 बैगों में पेश किए गए दस्तावेज इस बात का प्रमाण हैं कि जांच का दायरा अब डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन और कॉल डिटेल्स के आधार पर आगे बढ़ चुका है, जिससे आनेवाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

    कार्मिक ने तत्कालीन बीडीओ को आरोप मुक्त किया
    कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने मांडू के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी जागो महतो को निलंबन मुक्त करने का आदेश देते हुए इससे संबंधित संकल्प जारी कर दिया है। संकल्प के अनुसार लोकायुक्त के पास की गई शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी लेकिन विभागीय जांच में उनपर लगे आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बाद विभाग ने आरोप वापस लेते हुए उन्हें निलंबन मुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है।

  • झारखंड पुलिस के जवानों को आतंकवाद विरोधी प्रशिक्षण, साइबर इंटेलिजेंस से ड्रोन तकनीक तक

    झारखंड पुलिस के जवानों को आतंकवाद विरोधी प्रशिक्षण, साइबर इंटेलिजेंस से ड्रोन तकनीक तक

    रांची
     झारखंड पुलिस अपने कनीय पुलिस पदाधिकारियों, जवानों को सीमा पार आतंकवाद (क्रॉस बार्डर टेररिज्म) के विरुद्ध कार्रवाई व उसके विरुद्ध तकनीकी अनुसंधान के गुर सीखा रही है। ऐसे आतंकवाद, उग्रवाद के विरुद्ध कैसे कार्रवाई की जानी चाहिए, अनुसंधान के तकनीकी पहलू क्या होंगे, कौन-कौन सी विधि अपनाई जा सकती है, सहित विभिन्न बिंदुओं से झारखंड पुलिस के जवान व पदाधिकारी अवगत हो रहे हैं। राज्य के भीतर व राज्य के बाहर अब तक पांच हजार पुलिस पदाधिकारी व जवान अब तक प्रशिक्षित हो चुके हैं।

    जब एक देश या राज्य के आतंकवादी या उग्रवादी दूसरे देश या राज्य की सीमा पार करके हमला करते हैं तो उसे सीमा पार आतंकवाद कहते हैं। झारखंड हो या पूरा देश इस तरह के आतंकवाद या उग्रवाद से लंबे समय से पीड़ित रहा है।

    इसके लिए प्रशिक्षु पदाधिकारियों को सीमा प्रबंधन बताया जाता है, जैसे स्क्रीनिंग तकनीक, यात्रा दस्तावेज की सुरक्षा व बायोमीट्रिक डेटा जुटाना, साइबर खुफिया जानकारी, डेटा विश्लेषण, मानव खुफिया जानकारी, वित्तीय निगरानी, कानूनी व रणनीतिक ढांचा आदि समझाया जाता है।

    राज्य के भीतर ऑनलाइन, ऑनलाइन 28 प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षित हुए 4794 पदाधिकारी जवान
    राज्य के भीतर इस वर्ष जनवरी से जुलाई तक यानी सात महीने में ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से विभिन्न प्रकार के कुल 28 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इस कार्यक्रम में कुल 4794 पुलिस पदाधिकारी व कर्मी प्रशिक्षित हुए हैं। इनमें दारोगा से इंस्पेक्टर रैंक तक के लिए इंडक्शन प्रशिक्षण कोर्स कराया गया।

    पुलिस के कार्य से संबंधित तकनीकी जानकारी दी गई। नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम आदि से प्रशिक्षुओं को अवगत कराया गया। इसके अलावा बुजुर्ग माता-पिता, वरिष्ठ नागरिकों आदि की देखभाल, उनकी कल्याणकारी योजनाओं से भी उन्हें अवगत कराया गया है।

    ड्रोन तकनीक व इसके एप तथा सीमा पार आतंकवाद पर भी हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम
    राज्य के बाहर भी आनलाइन व आफलाइन माध्यम से विभिन्न प्रकार के कुल 68 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इसके तहत इस वर्ष सात महीने में राज्य के कुल 222 पुलिस पदाधिकारियों-कर्मियों को विभिन्न तरह से प्रशिक्षित किए गए हैं।

    इनमें ड्रोन तकनीक व इसके एप से संबंधित कोर्स, सीमा पार आतंकवाद से संबंधित कोर्स आदि का प्रशिक्षण दिया गया है। आने वाले समय में अभी और पदाधिकारियों-जवानों को प्रशिक्षित किया जाना है।

  • JPSC केस में पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते समेत 5 की बेल पर सुनवाई, CID की 1000 पन्नों की केस डायरी पेश

    JPSC केस में पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते समेत 5 की बेल पर सुनवाई, CID की 1000 पन्नों की केस डायरी पेश

    रांची
    झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली के मामले में मंगलवार को पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते, श्वेता गुप्ता, अभय तिवारी, सुमन सौरव और उमेश कुमार की ओर से दाखिल बेल पिटिशन पर सुनवाई की गई l

    सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी CID की ओर से मामले से जुड़ी केस डायरी अदालत में पेश की गई. जानकारी के मुताबिक, CID ने करीब 1000 पन्नों की केस डायरी कोर्ट में समर्पित की है. केस डायरी में जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेज, आरोपियों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों से जुड़ी जानकारियां शामिल होने की बात कही जा रही है l

    2 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
    मामले में मंगलवार की सुनवाई के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 2 सितंबर की तारीख निर्धारित की है. अब उस दिन आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर आगे की सुनवाई होगी. फिलहाल आरोपियों की ओर से जमानत के लिए अदालत में दलीलें रखी जा रही हैं, जबकि जांच एजेंसी की ओर से केस डायरी के आधार पर अपना पक्ष रखा जा रहा है l

    JPSC परीक्षा में गड़बड़ी की जांच कर रही CID
    दरअसल, 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा समेत आयोग की अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितता सामने आने के बाद मामले की जांच CID को सौंपी गई थी. जांच के दौरान JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और TDPL से जुड़े अभय तिवारी समेत कई लोगों की भूमिका जांच के दायरे में आई है l

    एल. ख्यांगते से CID कई दौर में पूछताछ भी कर चुकी है
    जांच में परीक्षा प्रक्रिया, OMR शीट की स्कैनिंग और डेटा प्रोसेसिंग समेत परीक्षा संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CID की जांच में अभ्यर्थियों से कथित तौर पर पैसे लेकर परीक्षा में सेटिंग और OMR में छेड़छाड़ जैसे आरोपों की भी जांच की जा रही हैl

    श्वेता गुप्ता और अभय तिवारी से जुड़े आरोप
    जांच के दौरान उप परीक्षा नियंत्रक रहीं श्वेता गुप्ता से भी CID ने पूछताछ की है. सूत्रों की माने तो परीक्षा परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया और तत्कालीन अध्यक्ष के कथित दबाव से जुड़ी बातें सामने आई हैं. हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगी. वहीं, अभय तिवारी की पूछताछ के आधार पर कथित परीक्षा सेटिंग और अभ्यर्थियों से पैसे लेने के नेटवर्क को लेकर भी जांच आगे बढ़ी है. CID की जांच में एजेंटों के जरिए अभ्यर्थियों से संपर्क और कथित तौर पर OMR में टेंपरिंग के आरोपों की पड़ताल की जा रही है l

    अब 2 सितंबर पर टिकी नजर
    फिलहाल पांचों आरोपियों की बेल याचिका पर सुनवाई आगे बढ़ गई है. करीब 1000 पन्नों की केस डायरी अदालत में पेश किए जाने के बाद अब 2 सितंबर को होने वाली सुनवाई अहम मानी जा रही है. उस दिन अदालत केस डायरी में दर्ज तथ्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर आगे विचार करेगी. इसके बाद ही आरोपियों को जमानत मिलती है या नहीं, इस पर स्थिति स्पष्ट होगी l