Category: बिहार

  • पीड़िता के परिवार से मिले CM सम्राट चौधरी, दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा

    पीड़िता के परिवार से मिले CM सम्राट चौधरी, दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा

    जमुई
    जमुई कांड की पीड़िता ने अपने माता-पिता और परिवार के लोगों के साथ गुरुवार को लोकसेवक आवास में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने लोक सेवक आवास में पीड़िता और उसके परिवार से बात की। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने उक्त घट की पूरी जानकारी ली और दुख व्यक्त किया और परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा जताया। साथ ही दोषियों को जल्द कानूनी दंड दिलाने का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि जमुई में छात्रा के साथ हुई घटना के मामले में दोषियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल के माध्यम से सुनवाई करा एक माह में सजा दिलाई जायेगी।

    मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद पीड़िता के माता-पिता ने पत्रकारों से बातचीत में सरकार की कार्रवाई पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के साथ बहुत गलत व्यवहार किया गया लेकिन, सरकार और प्रशासन ने काफी तेजी से कार्रवाई की। जिन लोगों ने बेटी को प्रताड़ित किया उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है। मुख्य आरोपी नंदन यादव के एनकाउंटर पर उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी मिली तो खुशी मिली कि बदमाशों को सीख मिलेगी जो बेटियों पर बुरी नजर रखते हैं। किसी की बेटी के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। कार्रवाई होने के बाद अब डर नहीं लगता है। सीएम बुलाए थे। उनसे मिलकर काफी अच्छा लगा।

    सीएम ने मेरी बेटी को अपनी बेटी कहा
    पीड़िता की मां ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मेरी बेटी को अपनी बेटी कहा। उन्होंने बिना डर भय के पढ़ाई करने और आगे बढ़ने की सीख दी है। इससे बेटी का मनोबल बढ़ा और वह पहले से ठीक हुई। परिजनों को सीएम ने आश्वासन दिया है कि कोई भी दिक्कत होगी तो सरकार उनके साथ है। बच्ची के पिता ने कहा कि जो भी आरोपी गिरफ्तार हुए हैं उन्हें कठोर सजा मिलना चाहिए। मामला सामने आने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की जिससे कानून व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है।

    सीएम पर विश्वास करें
    परिजनों ने यह भी कहा कि सरकार सबकी सुनती है और कार्रवाई करती है। सम्राट चौधरी ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो गलत करने वालों को सजा देते हैं। आमजनों को भी उनपर भरोसा करना चाहिए। वे सबकी बात अच्छे से सुनते हैं और समाधान करते हैं।

    225 आईडी पर केस दर्ज
    जमुई छात्रा से छेड़खानी मामले में कुल 225 सोशल मीडिया आईडी पर भी मामला दर्ज किया है। साथ ही तीन लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। जमुई के एसपी और डीएम ने कहा कि स्पीडी ट्रायल के लिए कोर्ट से समन्वय करने को एसडीपीओ और डीडीसी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इस केस में स्पीडी ट्रायल से सजा दिलाने की बात जमुई डीएम नवीन ने कही है। इसके लिए एक महिला आईएएस और महिला आईपीएस को जिम्मा दिया गया है कि कोर्ट से आग्रह करके 15 से 20 दिनों में सजा दिलाने का प्रयास करें।

  • चार बार टेंडर फिर भी नहीं लगे CCTV, झारखंड HC ने अधिकारियों को दी अवमानना की चेतावनी

    चार बार टेंडर फिर भी नहीं लगे CCTV, झारखंड HC ने अधिकारियों को दी अवमानना की चेतावनी

    रांची
    झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सभी पुलिस थानों में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जाने को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी को शो कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है. चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि रिकॉर्ड से ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार अदालत के आदेशों का पालन करने के बजाय वास्तविक स्थिति छुपाकर टालमटोल का रवैया अपना रही है. मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी.

    स्वत: संज्ञान से दर्ज हुई थी जनहित याचिका
    यह मामला ईचागढ़ पुलिस हिरासत में गिरफ्तार व्यक्ति को प्रताड़ित किए जाने की घटना से जुड़ा है, जिसे झारखंड हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका में तब्दील किया था. इसके बाद अदालत राज्यभर के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देशों के अनुपालन की लगातार निगरानी कर रही है.

    कोर्ट ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
    सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राज्य सरकार अपेक्षित कदम नहीं उठा सकी है. अदालत ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार सीसीटीवी लगाने के मामले में आदेशों का पालन नहीं करना चाहती और अपने शपथ पत्रों में वास्तविक स्थिति छुपाकर मामले को टालने की कोशिश कर रही है.

    450 से अधिक हिरासत मौतों का किया जिक्र
    खंडपीठ ने कहा कि वर्ष 2018 के बाद से अब तक पुलिस हिरासत में मौत के 450 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. इसके बावजूद पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. अदालत ने माना कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी व्यवस्था बेहद जरूरी है.

    चार बार टेंडर, फिर भी नहीं निकला समाधान
    अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस थानों में सीसीटीवी लगाने के लिए चार बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया. खंडपीठ ने डीजीपी द्वारा इस मामले की जिम्मेदारी गृह विभाग पर डालने को भी गैर-जिम्मेदाराना करार दिया.

    अवमानना की कार्रवाई का संकेत
    सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करना ही एक विकल्प नजर आता है. हालांकि, अदालत ने पहले तीनों वरिष्ठ अधिकारियों को अपना जवाब दाखिल करने का अवसर दिया है.

    पिछली सुनवाई में भी मिली थी चेतावनी
    इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने डीजीपी को नोटिस जारी कर पूछा था कि अदालत के आदेशों का पालन नहीं होने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाए. मौजूदा सुनवाई में डीजीपी स्वयं अदालत में उपस्थित रहीं. अब 15 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई में हाईकोर्ट अधिकारियों के जवाब और सीसीटीवी स्थापना की वास्तविक प्रगति की समीक्षा करेगा

  • बिहार के दो वायरल वीडियो पर पुलिस मुख्यालय का खुलासा, समस्तीपुर में केस दर्ज; मधेपुरा में विवाद था

    बिहार के दो वायरल वीडियो पर पुलिस मुख्यालय का खुलासा, समस्तीपुर में केस दर्ज; मधेपुरा में विवाद था

     समस्तीपुर
    बिहार में जमुई जिले के बाद समस्तीपुर में लड़की से हैवानियत का वीडियो सामने आने के बाद अब राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सवालों के कटघरे में है। अब समस्तीपुर और मधेपुरा में छात्रा से छेड़खानी के वायरल वीडियो के मामले में बिहार पुलिस मुख्यालय ने अपनी सफाई दी है। पुलिस मुख्यालय की तरफ से बताया गया है कि समस्तीपुर का वायरल वीडियो करीब एक सप्ताह पुराना है। तत्काल पीड़िता की पहचान स्थापित नहीं हो पाने तथा घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पदाधिकारी के बयान के आधार पर ही बीएनएस, पॉक्सो एवं आईटी एक्ट की सुसंगत धाराओं में 24 सितंबर को कर्पूरीग्राम थाना में केस दर्ज किया गया है। कांड में संलिप्त सभी अभियुक्तों की पहचान करते हुए सूचना मिलने के छह घंटे के भीतर ही कांड में सम्मिलित सभी चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    इनकी पहचान समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना अंतर्गत जगतसिंहपुर गांव के विकास कुमार, राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और बिजौलिया गांव के अवधेश पासवान के रूप में हुई है। पीड़िता प्रथम दृष्टया नाबालिग बताई जा रही है। समस्तीपुर पुलिस ने पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले अथवा पीड़िता के लिए मानसिक एवं सामाजिक क्षति पहुंचाने वाले पोस्ट और कंटेंट सोशल मीडिया पर शेयर करने से बचने की अपील की है।

    मधेपुरा में क्या हुआ था, पुलिस ने बताया
    वहीं, मधेपुरा के उदाकिशुनगंज में उदा स्कूल के बाहर वायरल वीडियो पर भी पुलिस मुख्यालय ने स्थिति स्पष्ट की है। सत्यापन में पता चला है कि वायरल वीडियो 22 सितंबर का उदा उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, उदाकिशुनगंज के बाहर का है। उक्त विद्यालय में अर्द्धवार्षिक परीक्षा का संचालन हो रहा था। प्रथम पाली की परीक्षा समाप्ति के बाद जब छात्र-छात्राएं स्कूल से बाहर निकलकर अपने घर जा रहे थे तो रास्ते में स्कूल के बाहर सड़क पर एक लड़का मोटरसाइकिल लगाकर खड़ा था।

    स्कूल के किसी छात्रा से मिलने आने के संदेह होने पर स्कूल के नाबालिग छात्रों के द्वारा पूछताछ किया जा रहा था। इसी क्रम में स्कूल के अन्य छात्र-छात्राएं वहां पर आ गये और आपस में बहस करते हुए विवाद करने लगे। इस बात की सूचना पर स्कूल के शिक्षक भी वहां आ गये और सभी छात्र-छात्राओं को समझा-बुझाकर वहां से हटा दिये। इस बहसा-बहसी के दौरान छेड़खानी या कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हुई है। वीडियो में दिख रहे सभी नाबालिग बच्चे को चिन्हित कर लिया गया है एवं उनके परिजनों को नोटिस दिया गया है। जेजे एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

  • सहकारी बैंकों का होगा विस्तार, 7 जिलों में खुलेंगी नई शाखाएं; थंब इम्प्रेशन से भुगतान

    सहकारी बैंकों का होगा विस्तार, 7 जिलों में खुलेंगी नई शाखाएं; थंब इम्प्रेशन से भुगतान

    पटना
     भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से बिहार राज्य सहकारी बैंक और भभुआ जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों को मोबाइल बैंकिंग सेवा शुरू करने का लाइसेंस जल्द मिलेगा। साथ ही, सहकारी बैंकों की शाखाओं का विस्तार करने पर भी सहमति बनी है।

    पहले चरण में पटना एम्स की बैंक शाखा के अलावा मगध, आरा, सासाराम, मुंगेर-जमुई, बेगूसराय एवं सुपौल जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में नई शाखाएं खोलने का निर्देश दिया गया। बुधवार को सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने सहकारी बैंकों के कार्यों एवं आगामी कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान यह जानकारी दी।

    थम्ब इम्प्रेशन से ग्राहकों को भुगतान की सुविधा
    उन्होंने सहकारी बैंकों को पारंपरिक बैंकिंग व्यवस्था से आगे बढ़कर आधुनिक, डिजिटल एवं ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग सेवा प्रदाता के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया। साथ ही एक माह में व्हाट्सएप बैंकिंग, तीन माह में मोबाइल बैंकिंग और नवंबर तक थम्ब इम्प्रेशन से ग्राहकों को भुगतान की सुविधा देने को कहा।

    उन्होंने निर्देश दिया कि सहकारी बैंकों में नए खाताधारकों को जोड़ने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए तथा विशेष कैंप एवं जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों के खाते खोले जाएं। बैठक में 4477 पैक्सों का पूरी तरह डिजिटल करने का भी निर्णय लिया गया।

    यूवी लैंप एवं बीआईएस मानक के अनुरूप नोर्ट शार्टिंग मशीन
    नकली भारतीय कैरेंसी की रोकथाम के लिए सीमावर्ती जिलों के सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों तथा बिहार राज्य सहकारी बैंक की सभी संबंधित शाखाओं में यूवी लैंप एवं बीआईएस मानक के अनुरूप नोर्ट शार्टिंग मशीन तत्काल स्थापित करने का निर्देश दिया गया।

    बैठक में सचिव धर्मेन्द्र सिंह, संयुक्त निबंधक कामेश्वर ठाकुर, बिहार राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक अरविन्द कुमार पासवान समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

  • दोमुहानी के पास दर्दनाक हादसा, कार के उड़े परखच्चे; मंत्री की बेटी समेत 4 की मौत

    दोमुहानी के पास दर्दनाक हादसा, कार के उड़े परखच्चे; मंत्री की बेटी समेत 4 की मौत

    जमशेदपुर
    सोनारी मरीन ड्राइव स्थित दोमुहानी के समीप गुरुवार की अलसुबह एक भीषण सड़क दुर्घटना में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पुत्री युविका सिंह समेत चार युवाओं की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गयी. हादसा इतना भीषण था कि तेज रफ्तार कार सड़क पर खड़ी ट्रक में जा घुसी, जिससे कार के परखच्चे उड़ गये.

    तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
    जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार तड़के की है. कार ( जेएच05 डीएस 6450) अत्यधिक तेज गति में मरीन ड्राइव से गुजर रही थी. दोमुहानी के पास सड़क किनारे खड़ी एक ट्रक (जेएच02टी 3971) को कार चालक देख नहीं सका और बेकाबू वाहन सीधे ट्रक के पिछले हिस्से में जा टकराया. टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गयी और सोए हुए लोगों की नींद खुल गयी.

    घटनास्थल पर ही तोड़ा दम
    टक्कर के बाद स्थानीय लोग राहत और बचाव के लिए दौड़े, लेकिन कार के अंदर सवार चारों युवकों की स्थिति अत्यंत नाजुक थी. हादसे में मंत्री की पुत्री युविका सिंह के अलावा नमन गुप्ता, सार्थक अग्रवाल और वंशिका खंडेलवाल की मौके पर ही मौत हो चुकी थी.

    एमजीएम में पसरा मातम
    घटना की सूचना मिलते ही सोनारी थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त कार से शवों को बाहर निकाला और एमजीएम भेजा. पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और ट्रक को जब्त कर लिया है. उल्लेखनीय है कि ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का आवास कदमा स्थित दिंदली एनक्लेव में है. घटना की खबर फैलते ही मंत्री के परिजनों के अलावा अन्य मृतकों के रोते-बिलखते परिजन टीएमएच और घटनास्थल पर पहुंचने लगे.

    अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया. शहर के कई गणमान्य लोग भी सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे और शोक-संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाया. सड़क पर खड़े वाहनों पर उठे सवाल सोनारी पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. शुरुआती जांच में हादसे का कारण कार की तेज रफ्तार और मरीन ड्राइव पर अवैध रूप से खड़े ट्रक को माना जा रहा है. स्थानीय निवासियों ने मरीन ड्राइव पर बिना इंडिकेटर और रिफ्लेक्टर के खड़े रहने वाले भारी वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

  • रांची के स्कूल में चौंकाने वाला मामला, 4-5 साल से तंबाकू खा रहे बच्चों के मुंह में मिले खतरनाक लक्षण

    रांची के स्कूल में चौंकाने वाला मामला, 4-5 साल से तंबाकू खा रहे बच्चों के मुंह में मिले खतरनाक लक्षण

     रांची
    राजधानी के जगन्नाथपुर स्थित राजकीयकृत उच्च विद्यालय में बच्चों के बीच तंबाकू सेवन के खतरनाक असर का मामला सामने आया है। स्कूल में आयोजित दंत एवं मुख स्वास्थ्य जांच शिविर में करीब 200 छात्र-छात्राओं की जांच की गई। जांच के दौरान 10 से अधिक बच्चों के गाल और मसूड़ों के अंदर सफेद धब्बे पाए गए।

    चिकित्सकों ने बताया कि ये सारे बच्चे वर्षों से तंबाकू सेवन कर रहे हैं जिससे ल्यूकोप्लाकिया जैसे कैंसर-पूर्व बदलाव के लक्षण मिले हैं। संबंधित बच्चों को आगे की विस्तृत जांच और चिकित्सकीय परामर्श के लिए रिम्स डेंटल इंस्टीट्यूट बुलाया गया है। शिविर का आयोजन रिम्स के दंत चिकित्सा संस्थान और इंडियन एकेडमी आफ ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलाजी के द्वारा किया गया।

    रिम्स डेंटल कालेज के ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलजी विभाग की एडिशनल प्रोफेसर डॉ. शांताला के नेतृत्व में चार इंटर्न डाक्टरों की टीम ने विद्यार्थियों की जांच की। टीम में अनामिका कुमारी, आंचल कच्छप, अक्षिता कुमारी और सेजल खंडेलवाल शामिल थीं।
    यह वीडियो भी देखें

    सफेद धब्बे दिखे तो न करें नजरअंदाज
    डॉ. शांताला ने बताया कि कुछ बच्चों के गाल और मसूड़ों में सफेद रंग के धब्बे मिले। जांच में इन बच्चों में तंबाकू सेवन की जानकारी भी सामने आई। ऐसे सफेद धब्बों को चिकित्सकीय रूप से ल्यूकोप्लाकिया कहा जा सकता है।

    अधिकतर स्थितियों में यह कैंसर से पहले होने वाला बदलाव का बड़ा रूप है, जो इतने छोटे बच्चों में पाया जाना आश्चर्य करने वाला है। लेकिन प्रारंभिक चरण में यह जानकारी मिली है, जिसका उपचार शत प्रतिशत संभव है। इसलिए अब इनकी आगे के इलाज को लेकर तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि समय रहते इसकी जांच हुई जिससे यह तथ्य सामने आया है।

    उन्होंने बताया कि यदि शुरुआती स्तर पर ही तंबाकू का सेवन पूरी तरह बंद कर दिया जाए और चिकित्सकीय सलाह ली जाए तो आगे होने वाले नुकसान को रोकने में मदद मिल सकती है। संबंधित बच्चों को रिम्स डेंटल इंस्टीट्यूट में आगे की जांच के लिए बुलाया गया है।

    बच्चों को बताया तंबाकू से होने वाला नुकसान
    जांच के बाद स्कूल के सभी बच्चों के लिए जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इसमें बीड़ी, सिगरेट, गुटखा और खैनी समेत तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले नुकसान की जानकारी दी गई। डाक्टरों ने बताया कि तंबाकू का सेवन मुंह की अंदरूनी सतह को प्रभावित कर सकता है और लंबे समय तक सेवन से गंभीर मुख रोगों का खतरा बढ़ सकता है।

    विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने, संतुलित आहार लेने और नियमित रूप से दांतों एवं मुंह की सफाई करने की सलाह दी गई। बच्चों में तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता पैदा करना और उन्हें शुरुआती उम्र से ही तंबाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।

    बच्चों ने खुल कर कहा वे तंबाकू का सेवन करते हैं
    स्कूल के इन छोटे बच्चों ने बिना संकोच के तंबाकू का सेवन करने की बात स्वीकारी। इनकी मासूमियत इतनी थी कि इन्हें यह तक पता नहीं है कि तंबाकू के नुकसान क्या है, जबकि वे इसे हर दिन आम खाने की चीजों में शामिल किए हुए हैं।

    डॉक्टरों ने बताया कि ये बच्चे पिछले चार-पांच वर्षों से तंबाकू का सेवन करते आ रहे हैं जिससे इन्हें परेशानी हुई है। स्कूल प्रबंधन की ओर से इन बच्चों की जांच कराने का आग्रह किया गया था, जिसमें इन बच्चों के गलत खानपान और मुंह से बदबू आने की शिकायत मिली थी।

    महत्वपूर्ण बिंदु :
        मुंह में सफेद या लाल धब्बा, घाव या जलन दो सप्ताह से अधिक रहे तो दंत चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।
        बच्चों और किशोरों में तंबाकू की शुरुआत रोक भविष्य में मुंह के कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।
        नियमित दंत एवं मुख जांच से मुंह में होने वाले असामान्य बदलावों की शुरुआती पहचान संभव है।

        बच्चों में इस तरह से कैंसर के लक्षण मिलना चिंताजनक है, बच्चे ही देश का भविष्य हैं। लेकिन यह प्रारंभिक जांच में संकेत मिले है जिसका पूर्ण रूप से इलाज संभव है। सरकार सभी स्कूलों व कालेजों में विशेषज्ञ टीमों द्वारा कैंसर स्क्रीनिंग कैंप लगायेगी और तंबाकू व अन्य नशीले पदार्थ के नुकसान को गंभीरता से बताएगी। अगर कोई भी कैंसर से पीड़ित पाया जाता है तो सरकार की ओर से पूरा इलाज निश्शुल्क किया जाएगा।

    -डॉ. इरफान अंसारी, स्वास्थ्य मंत्री।
        जब स्कूल जाने की उम्र में बच्चों के मुंह में कैंसर-पूर्व बदलाव दिखने लगें, तो यह सिर्फ बच्चों की गलती नहीं, बल्कि परिवार, स्कूल और समाज के लिए भी गंभीर चेतावनी है। ये बच्चे घर या आसपास बड़ों को तंबाकू का सेवन करते देख सिखते हैं। गुटखा, पान मसाला आदि की आसानी से उपलब्धता भी एक बड़ी चुनौती है। साथ ही इन्हें तंबाकू के नुकसान की जानकारी का अभाव है।

    -प्रो. डॉ. प्रशांत गुप्ता, एचओडी, ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलाजी विभाग, रिम्स डेंटल कॉलेज।

  • अवैध भवनों को नियमित कराने निकले थे आवेदक, पोर्टल बंद होने से दफ्तरों के चक्कर

    अवैध भवनों को नियमित कराने निकले थे आवेदक, पोर्टल बंद होने से दफ्तरों के चक्कर

    रांची
    राज्य में अवैध भवनों को नियमित करने के लिए शुरू की गई भवन नियमितीकरण योजना राजधानी में आवेदकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। योजना के तहत आवेदन तो ले लिए गए, लेकिन प्रक्रिया आगे बढ़ाने वाला आनलाइन पोर्टल करीब तीन माह से बंद है। इसके कारण राज्यभर से प्राप्त 4500 से अधिक आवेदन अलग अलग नगर निकायों में लंबित हैं।

    आवेदक लगातार नगर निकायों और संबंधित कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें पोर्टल शुरू होने का इंतजार करने को कहा जा रहा है। भवन नियमितीकरण योजना के तहत राज्य सरकार ने अवैध अथवा नियमों के विपरीत बने भवनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नियमित करने का अवसर दिया है।

    इसके लिए लोगों से आवेदन भी लिए गए। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित भवन के दस्तावेज और नक्शे की जांच, आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने और नियमितीकरण की कार्रवाई आनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जानी है। पोर्टल बंद होने से पूरी प्रक्रिया ही ठप पड़ गई है।

    रांची नगर निगम में 1642, आरआरडीए में 539 आवेदन फंसे
    योजना के तहत रांची नगर निगम में 1642 आवेदन जमा हुए हैं। वहीं रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (आरआरडीए) में भी 539 लोगों ने आवेदन किया है। इसके अलावा राज्य के अन्य नगर निकायों में भी बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं। आवेदकों को उम्मीद थी कि आवेदन के बाद जल्द ही उनके भवन के नक्शे की जांच और नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, लेकिन पोर्टल बंद होने से उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है।

    दफ्तरों का चक्कर, अधिकारी भी पोर्टल शुरू होने के इंतजार में
    आवेदक नियमितीकरण की स्थिति जानने के लिए नगर निगम और आरआरडीए कार्यालय पहुंच रहे हैं। वहां उन्हें फिलहाल पोर्टल बंद होने की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, पोर्टल शुरू होने के बाद ही लंबित आवेदनों की जांच और आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।

    इस स्थिति में सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है, जिन्होंने नियमितीकरण की उम्मीद में आवेदन और निर्धारित शुल्क जमा कर दिया है। उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि उनका आवेदन कब जांच के लिए खुलेगा और कब तक भवन को नियमित करने की प्रक्रिया पूरी होगी।

    पोर्टल पर अटकी पूरी प्रक्रिया
    भवन नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह आनलाइन पोर्टल से जुड़ी है। आवेदन के बाद दस्तावेजों की जांच, अधिकारियों द्वारा उसका निस्तारण और नक्शे को नियमित करने की कार्रवाई पोर्टल के माध्यम से ही होनी है। ऐसे में पोर्टल बंद रहने से आवेदन जमा होने के बावजूद फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।

    सरकार ने अवैध भवन नियमित करने का दिया था मौका, अब आवेदक कर रहे इंतजार
    राज्य सरकार की इस योजना का उद्देश्य अवैध भवनों को निर्धारित नियमों के तहत नियमित करना था। योजना शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इसका लाभ लेने के लिए आवेदन किया। लेकिन आवेदन जमा होने के बाद पोर्टल लंबे समय तक बंद रहने से पूरी योजना की गति प्रभावित हो गई है।

     

  • बिहार के मॉडल स्कूलों का 30 सितंबर को निरीक्षण, पढ़ाई से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक होगी जांच

    बिहार के मॉडल स्कूलों का 30 सितंबर को निरीक्षण, पढ़ाई से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक होगी जांच

    पटना
    राज्य में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में संचालित 700 मॉडल स्कूलों के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। ये अधिकारी विद्यालय को गोद लेकर उसकी शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत संरचना और शिक्षण व्यवस्था की निगरानी करेंगे। इस संबंध में शिक्षा सचिव राजीव रौशन ने सभी जिलों को निर्देश दिया।

    उन्होंने बुधवार को वर्चुवल मीटिंग में मॉडल स्कूलों की आधारभूत संरचना, शैक्षणिक गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में सभी जिला शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।

    कोचिंग और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं की समीक्षा
    उन्होंने बताया कि 30 सितंबर को अधिकारियों की टीम मॉडल स्कूलों का निरीक्षण करेगी। अधिकारी स्कूलों की आधारभूत संरचना, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संचालित कोचिंग और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।

    निरीक्षण से संबंधित फोटो एवं वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर प्रसारित किए जाएंगे। निरीक्षण के लिए अधिकारियों की जिलावार सूची तैयार की गइ है।

    हर मंगलवार को विषयवार टेस्ट
    प्रगति जांच के लिए हर मंगलवार को विषयवार टेस्ट, एक माह में चार सचिव ने कहा कि मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों के नियमित मूल्यांकन के लिए हर मंगलवार को विषयवार टेस्ट आयोजित किया जाएगा। हर कक्षा के बोर्ड पर प्रश्न लिखे जाएंगे। इसके लिए अलग से प्रश्नपत्र जारी नहीं किया जाएगा।

    एक माह में चार विषयों का टेस्ट लिया जाएगा। शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर विद्यार्थियों को फीडबैक देंगे, ताकि उनकी प्रगति का पता चल सके और आवश्यक सुधार किया जा सके। मंगलवार को अवकाश होने पर बुधवार को टेस्ट आयोजित किया जाएगा।

  • डेंगू को लेकर पटना में अलर्ट, PMCH-IGIMS में मरीज भर्ती; इन इलाकों में ज्यादा केस

    डेंगू को लेकर पटना में अलर्ट, PMCH-IGIMS में मरीज भर्ती; इन इलाकों में ज्यादा केस

    पटना
    बिहार की राजधानी पटना में डेंगू तेजी से बढ़ने लगा है। सितंबर के 23 दिनों में डेंगू के 140 नए मरीज मिल चुके हैं। डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफे से हड़कंप मचा हुआ है। बुधवार को नौ नए मरीज सामने आए। हर दिन नौ से 12 मरीज डेंगू से संक्रमित पाए जा रहे हैं। इस साल अब तक पटना में डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या 307 हो गई है। इस बार डेंगू में सबसे बड़ी परेशानी यह है कि कुछ मरीजों में बीमारी गंभीर होने पर प्लेटलेट्स तेजी से गिर रहे हैं। ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है।

    पीएमसीएच के अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि इस सीजन में अब तक 55 डेंगू मरीजों को भर्ती किया गया है। डेंगू मरीजों के लिए 20 बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। वहीं, आईजीआईएमएस में डेंगू के 79 मरीजों को भर्ती कराने की जरूरत पड़ी है। आईजीआईएमएस में डेंगू मरीजों के लिए पांच समर्पित बेड रखे गए हैं।

    पटना के सिविल सर्जन डॉ.योगेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा कि यदि लगातार तेज बुखार, शरीर में दर्द, कमजोरी या उल्टी जैसे लक्षण हों तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर डेंगू की जांच कराएं। घर और आसपास हीं भी पानी जमा नहीं होने दें।

    यहां बढ़ रहे डेंगू के मरीज
    कंकड़बाग, हनुमान नगर, भागवत नगर, पोस्टल पार्क, योगीपुर, जक्कनपुर, भूतनाथ रोड, बाजार समिति, मुसल्लहपुर हाट, सुलतानगंज, संदलपुर, कदमकुआं, महेंद्रू, भिखनापहाड़ी, पाटलिपुत्र, बोरिंग रोड, राजाबाजार, इंद्रपुरी, आशियाना, दीघा, एजी कॉलोनी, एसकेपुरी, तारामंडल, सिपारा, मीठापुर, अगमकुआं, बजरंगपुरी, गुलजारबाग, आलमगंज, खाजेकलां, मालसलामी, गर्दनीबाग, राजीवनगर, शास्त्रीनगर, फुलवारीशरीफ, मैनपुरा, महेंद्रू और ट्रांसपोर्ट नगर

  • बिहार की बौद्ध धरोहर से थाईलैंड को जोड़ने की तैयारी, नए ट्रैवल पैकेज और कनेक्टिविटी पर जोर

    बिहार की बौद्ध धरोहर से थाईलैंड को जोड़ने की तैयारी, नए ट्रैवल पैकेज और कनेक्टिविटी पर जोर

    पटना
     बिहार की समृद्ध बौद्ध विरासत अब थाईलैंड और दक्षिण-पूर्व एशिया के पर्यटकों तक नए अंदाज में पहुंचाने की तैयारी है। बिहार पर्यटन विभाग के तत्वावधान में ‘फैम टूर ऑफ लोटस ट्रायंगल-ट्रैवल टू लैंड ऑफ एनलाइटनमेंट’ के तहत थाईलैंड से आए 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बोधगया, राजगीर, नालंदा और वैशाली का भ्रमण किया।

    बिहार यात्रा के अंतिम चरण में पटना पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल ने बिहार सरकार के पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय पर्यटन हित धारकों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।

    बिहार बौद्ध पर्यटकों के स्वागत के लिए हमेशा तैयार
    पर्यटन निदेशालय के संयुक्त निदेशक राजेश रौशन ने कहा कि बिहार बौद्ध पर्यटकों के स्वागत के लिए हमेशा तैयार है। बिहार सरकार सीमा-पार पर्यटन को बढ़ावा देना, बेहतरीन ट्रैवल पैकेज बनाना, सीधी कनेक्टिविटी बेहतर करना और बिहार को थाईलैंड और दक्षिण-पूर्व एशिया के अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन के तौर पर स्थापित करने की दिशा में कार्यरत है।

    थाई प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त रूप से कहा कि बिहार पर्यटन द्वारा किया गया यह प्रयास भारत और विशेषकर बिहार की वैश्विक पर्यटन पहुंच को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। थाईलैंड-बिहार टूरिज्म के इस पहल का हिस्सा बनना खुशी की बात है।

    बैठक में कारोबार और पर्यटन पर चर्चा
    बैठक में बिहार के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न संगठनों ने थाई प्रतिनिधिमंडल ने अन्य व्यवसायी संस्था से वार्ता की। इस दौरान पर्यटन उत्पादों, ट्रैवल पैकेज, व्यावसायिक अवसर और डेस्टिनेशन प्रमोशन को लेकर दोनों पक्षों ने विचार साझा किए।

    हित धारकों ने कहा कि इस पहल से बिहार-थाईलैंड के बीच पर्यटन सहयोग, कारोबारी साझेदारी और प्रचार-प्रसार के नए रास्ते खुलेंगे। थाई प्रतिनिधिमंडल ने बिहार पर्यटन की पहल को भारत और विशेषकर बिहार की वैश्विक पर्यटन पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। यात्रा पूरी करने के बाद 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बिहार से रवाना हो गया।