Category: खेल

  • 52 साल का इंतजार खत्म, वर्ल्ड कप टॉप-5 में टीम इंडिया; महिला हॉकी की नई उड़ान की कहानी

    52 साल का इंतजार खत्म, वर्ल्ड कप टॉप-5 में टीम इंडिया; महिला हॉकी की नई उड़ान की कहानी

     एम्स्टेलवीन

    जर्मनी पर 3-1 की जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने विश्व कप अभियान को पांचवें स्थान पर खत्म किया. कागज पर यह सिर्फ एक क्लासिफिकेशन मैच की जीत और पांचवां स्थान नजर आ सकता है, लेकिन भारतीय हॉकी के नजरिए से इसका महत्व इससे कहीं बड़ा है. 1974 के उद्घाटन विश्व कप में चौथे स्थान के बाद यह भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन है. यानी 52 साल बाद भारतीय महिला टीम फिर विश्व कप के शीर्ष पांच में पहुंची है। 

    और इस उपलब्धि को सिर्फ पांचवें स्थान के आंकड़े से नहीं आंका जाना चाहिए. मौजूदा भारतीय टीम में 11 खिलाड़ी विश्व कप में पहली बार उतरी थीं. इसके बावजूद टीम ने पूरे टूर्नामेंट में केवल एक मुकाबला गंवाया- वह भी मेजबान और ओलंपिक चैम्पियन नीदरलैंड्स के खिलाफ 0-2 से. यह आंकड़ा बताता है कि भारत की चुनौती महज एक अच्छे दिन की कहानी नहीं थी। 

    नतीजों से ज्यादा प्रदर्शन में दिखा बदलाव

    भारत ने अभियान की शुरुआत ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 2-2 से रोककर की और इसके बाद दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया. इंग्लैंड के खिलाफ ड्रॉ और ऑस्ट्रेलिया के साथ दूसरे चरण के आखिरी मैच में गोलरहित बराबरी ने भले ही भारत को सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर कर दिया, लेकिन इन मुकाबलों में टीम की प्रतिस्पर्धात्मकता लगातार दिखाई दी। 

    यही इस अभियान का सबसे सकारात्मक पहलू रहा. भारत ने सिर्फ रक्षात्मक हॉकी खेलकर मैच बचाने की कोशिश नहीं की, बल्कि कई मौकों पर गेंद पर नियंत्रण, पासिंग और आक्रामक हॉकी के जरिए शीर्ष टीमों को चुनौती दी। 

    जर्मनी के खिलाफ पांचवें स्थान के मुकाबले में भी इसका एक दिलचस्प उदाहरण देखने को मिला. 43 मिनट तक दोनों टीमें गोल के लिए संघर्ष करती रहीं. मुकाबला धीमा था और किसी टीम को स्पष्ट बढ़त नहीं मिल रही थी. लेकिन इसके बाद भारत ने अचानक मैच की दिशा बदल दी। 

    आखिरी 17 मिनट में दिखी असली तस्वीर
    43वें मिनट में ईशिका ने रिवर्स हिट से भारत का खाता खोला. इसके बाद नवनीत कौर ने सिर्फ तीन मिनट के भीतर दो गोल करके मुकाबला भारत की मुट्ठी में कर दिया। 

    पहले उन्होंने 'टच एंड स्लैप' तकनीक से पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला और फिर शानदार ड्रिब्लिंग करते हुए जर्मन डिफेंस को छकाकर तीसरा गोल दाग दिया। 

    यानी भारत की जीत सिर्फ गोलों की संख्या से खास नहीं थी. गोल करने का तरीका भी महत्वपूर्ण था. दबाव के बीच धैर्य, सर्कल में बेहतर निर्णय और मौके को गोल में बदलने की क्षमता- ये वे क्षेत्र हैं जिनमें भारतीय टीम को लंबे समय से सुधार की जरूरत महसूस होती रही है। 

    जर्मनी ने छह पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन भारतीय गोलकीपर बिचू देवी और डिफेंस ने उन्हें गोल में बदलने नहीं दिया. यह भी इस अभियान की एक बड़ी तस्वीर है- भारत ने सिर्फ आक्रमण में नहीं, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में रक्षात्मक अनुशासन भी दिखाया। 

    जिस जर्मनी ने अभ्यास मैचों में हराया, उसी को विश्व कप में शिकस्त
    इस जीत का एक और पहलू इसे खास बनाता है. टूर्नामेंट से पहले इसी जर्मन टीम ने भारत को दो अभ्यास मैचों में हराया था. विश्व कप के असली मंच पर कहानी उलट गई। 

    यह बदलाव बताता है कि भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के दौरान सिर्फ मैच नहीं खेले, बल्कि उनसे सीखा भी. दबाव बढ़ने के साथ टीम का प्रदर्शन बेहतर हुआ और आखिरी मुकाबले में उसने अपने मौके का पूरा फायदा उठाया। 

    कोच शोर्ड मारिन के लिए भी यह अभियान विशेष रहा. टोक्यो ओलंपिक में भारत को ऐतिहासिक चौथे स्थान तक पहुंचाने वाले मारिन ने अंतिम हूटर के बाद जिस तरह खुशी मनाई, उससे साफ था कि टीम के लिए यह पांचवां स्थान सामान्य उपलब्धि नहीं है। 

    अब असली परीक्षा एशियाई गेम्स में
    फिर भी इस प्रदर्शन को अंतिम मंजिल मानना जल्दबाजी होगी. अगले महीने एशियाई खेल हैं और वहां भारत से अपेक्षाएं स्वाभाविक रूप से बढ़ेंगी। 

    विश्व कप में पांचवां स्थान भारत को आत्मविश्वास जरूर देगा, लेकिन अब चुनौती इस प्रदर्शन को निरंतरता में बदलने की है. खासकर तब, जब टीम में 11 विश्व कप डेब्यूटेंट हैं. इन खिलाड़ियों के अनुभव में एक बड़ा टूर्नामेंट जुड़ चुका है और अब सवाल यह है कि क्या भारत इस अनुभव को पदक में बदल पाएगा?

    विश्व कप ने भारत को एक परिणाम दिया है, लेकिन उससे ज्यादा एक संकेत दिया है- यह टीम अभी तैयार हो रही है और उसकी कहानी शायद पांचवें स्थान पर खत्म होने वाली नहीं है। 

  • नीरज चोपड़ा का दमदार प्रदर्शन, कम प्रतियोगिताओं के बावजूद डायमंड लीग फाइनल का टिकट पक्का

    नीरज चोपड़ा का दमदार प्रदर्शन, कम प्रतियोगिताओं के बावजूद डायमंड लीग फाइनल का टिकट पक्का

     ब्रुसेल्स

    दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है. नीरज ने सीजन की पांच में से सिर्फ दो मीटिंग में हिस्सा लिया, इसके बावजूद वह छह खिलाड़ियों वाले फाइनल में जगह बनाने में सफल रहे. ज्यूरिख डायमंड लीग में नहीं उतरने के बाद भी उनके 12 अंक उन्हें क्वालिफिकेशन में छठे स्थान पर रखने के लिए पर्याप्त रहे. डायमंड लीग फाइनल 4 और 5 सितंबर को ब्रुसेल्स में आयोजित होगा. नीरज के लिए खिताबी मुकाबला एशियन गेम्स से पहले खुद को परखने का अहम मौका होगा। 

    हर डायमंड लीग मीटिंग के दौरान मेन्स जैवलिन थ्रो स्पर्धा में शीर्ष आठ खिलाड़ियों को अंक दिए जाते हैं. विजेता को आठ अंक मिलते हैं, जबकि आठवें स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को एक अंक मिलता है. क्वालिफिकेशन सीरीज खत्म होने के बाद सबसे ज्यादा अंक हासिल करने वाले छह एथलीट फाइनल के लिए क्वालिफाई करते हैं। 

    नीरज चोपड़ा ने इस सीजन में दो मीटिंग में हिस्सा लिया. उन्होंने दोहा डायमंड लीग में 85.69 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया था. इसके बाद लुसाने में उनका प्रदर्शन और बेहतर रहा, जहां 88.05 मीटर के सीजन बेस्ट थ्रो के साथ नीरज दूसरे स्थान पर रहे। 

    ज्यूरिख डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी के बीच श्रीलंका के रुमेश थरंगा पाथिरगे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 92.07 मीटर का विशाल थ्रो किया. यह उनके करियर का दूसरा सबसे लंबा थ्रो रहा. इससे पहले उन्होंने जून में रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का थ्रो किया था। 

    ज्यूरिख में रुमेश पथिरागे ने दूसरे प्रयास में 88.23 मीटर, तीसरे प्रयास में 89.90 मीटर और आखिरी प्रयास में 92.07 मीटर का थ्रो किया. इस शानदार प्रदर्शन के साथ वह क्वालिफिकेशन तालिका में 39 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहे. एंडरसन पीटर्स ने ज्यूरिख में 86.93 मीटर के सीजन बेस्ट थ्रो के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि पोलैंड के डेविड वेगनर 85.16 मीटर के साथ तीसरे नंबर पर रहे। 

    फाइनल के लिए क्वालिफाई करने वाले जैवलिन थ्रोअर
    रुमेश थरंगा पथिरागे (श्रीलंका)- 39 अंक
    एंडरसन पीटर्स (ग्रेनाडा)- 35 अंक
    केशोर्न वाल्कॉट (त्रिनिदाद एंड टोबैगो)- 23 अंक
    कर्टिस थॉम्पसन (यूएसए)- 20 अंक
    जूलियस येगो (केन्या)- 13 अंक
    नीरज चोपड़ा (भारत)- 12 अंक

    2026 में रुमेश पथिरागे का प्रदर्शन शानदार रहा है. वह इस सीजन में पांच डायमंड लीग मीटिंग में उतरे और चार में जीत दर्ज की. सिर्फ रबात में वह दूसरे स्थान पर रहे थे. उनके नाम इस साल 90 मीटर से ज्यादा के दो थ्रो और 88 मीटर से ज्यादा के सात थ्रो हैं. 23 वर्षीय श्रीलंकाई एथलीट की निरंतरता उन्हें ब्रुसेल्स फाइनल में सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल करती है। 

    इस बीच भारत के रोहित यादव ने भुवनेश्वर में कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट में 87.68 मीटर का थ्रो करके अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. उन्होंने इस साल किसी डायमंड लीग मीटिंग में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन एशियन गेम्स में उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। 

  • न्यूजीलैंड में टीम इंडिया का जलवा! 12 मैचों की सीरीज के लिए 48 घंटे में बिके 26 हजार टिकट

    न्यूजीलैंड में टीम इंडिया का जलवा! 12 मैचों की सीरीज के लिए 48 घंटे में बिके 26 हजार टिकट

    ऑकलैंड

    भारत के आगामी न्यूजीलैंड दौरे को लेकर ऐसा क्रेज देखने को मिल रहा है, जिसकी मेजबान बोर्ड को भी उम्मीद नहीं रही होगी. भारत के 12 मैचों वाले मल्टी-फॉर्मेट दौरे के टिकटों की बिक्री ने शुरुआती 48 घंटों में ही रिकॉर्ड बना दिया है. न्यूजीलैंड क्रिकेट की ‘क्रिकेट नेशन’ प्री-सेल में महज दो दिनों के भीतर 26,000 टिकट बिक चुके हैं। 

    अक्टूबर से शुरू होने वाला यह दौरा न्यूजीलैंड क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा शुरुआती मांग पाने वाले दौरों में शामिल हो गया है. सोमवार को प्री-सेल शुरू होते ही फैन्स ने टिकटों पर टूट पड़ना शुरू कर दिया. खासकर भारत के व्हाइट-बॉल मुकाबलों को लेकर जबरदस्त उत्साह है। 

    ईडन पार्क में सबसे ज्यादा मारामारी
    ऑकलैंड का मशहूर ईडन पार्क टिकट बिक्री के मामले में सबसे आगे चल रहा है. यहां होने वाले व्हाइट-बॉल मुकाबलों को लेकर फैन्स में खासा उत्साह है. इसके अलावा क्राइस्टचर्च और वेलिंगटन से भी टिकटों की मजबूत मांग सामने आई है। 

    क्राइस्टचर्च का हैगली ओवल, जिसकी क्षमता करीब 9,000 दर्शकों की है, भारत और न्यूजीलैंड के बीच 22 और 24 अक्टूबर को होने वाले शुरुआती दो टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों के लिए जल्द ही हाउसफुल हो सकता है. यही मैदान 27 नवंबर से 1 दिसंबर तक होने वाले दूसरे और आखिरी टेस्ट की भी मेजबानी करेगा। 

    वेलिंगटन में भी टिकटों के लिए होड़
    वेलिंगटन भी भारत के मैचों को लेकर पीछे नहीं है. यहां तीसरा टी20 इंटरनेशनल और दूसरा वनडे खेला जाएगा, जबकि ऐतिहासिक बेसिन रिजर्व में 19 नवंबर से सीरीज का पहला टेस्ट शुरू होगा. इन मुकाबलों के टिकटों की बिक्री भी शुरुआती दौर में काफी तेज रही है। 

    न्यूजीलैंड क्रिकेट के चीफ मार्केटिंग एंड कमर्शियल ऑफिसर ग्लेन क्रिचली ने कहा कि फैन्स ने टिकट जल्दी हासिल करने की अपील को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा, 'हमने शुरुआत से ही फैन्स से कहा था कि वे पहले से तैयारी कर लें, ताकि टिकट से चूक न जाएं. पहले दो दिनों में रिकॉर्ड बिक्री बताती है कि बहुत से लोगों ने हमारी बात सुनी है। 

    क्रिचली ने भारत के खिलाफ मुकाबलों को न्यूजीलैंड के फैन्स के लिए खास मौका बताया. उनके मुताबिक, देश में क्रिकेट प्रेमियों को भारत के खिलाफ मैचों के दौरान शानदार माहौल और दुनिया के कुछ सबसे बड़े खिलाड़ियों को करीब से देखने का मौका मिलेगा। 

    टिकटों की कीमत भी रखी गई काबू में
    न्यूजीलैंड क्रिकेट ने इस सीरीज के लिए टिकटों की कीमत पिछले सीजन के बराबर ही रखी है. ‘क्रिकेट नेशन’ एक्सेस कोड के जरिए टिकट 30 न्यूजीलैंड डॉलर से कम में उपलब्ध हैं. प्री-सेल में शामिल फैंस को 15 फीसदी की छूट भी मिल रही है। 

    हालांकि आम दर्शकों के लिए टिकटों की बिक्री अभी शुरू नहीं हुई है. जनरल पब्लिक सेल 7 सितंबर से शुरू होगी, यानी उससे पहले ही 26 हजार टिकट बिक चुके हैं। 

    इससे साफ है कि भारत के न्यूजीलैंड दौरे का रोमांच सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहने वाला. सीरीज शुरू होने में अभी करीब दो महीने का वक्त है, लेकिन स्टेडियमों में जगह पाने की जंग अभी से शुरू हो गई है. अगर शुरुआती रफ्तार बरकरार रही, तो कई मुकाबलों के लिए फैंस को टिकट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। 

  • विश्व कप में शानदार सफर का आखिरी पड़ाव, जर्मनी को हराकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन चाहेगा भारत

    विश्व कप में शानदार सफर का आखिरी पड़ाव, जर्मनी को हराकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन चाहेगा भारत

    एम्सटेलवीन
     पूरे टूर्नामेट में सिर्फ एक मैच हारने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाने के गम को भुलाकर गुरुवार को अपने से ऊंची रैंकिंग वाली जर्मनी को हराते हुए विश्व कप में पांचवें स्थान के साथ विदा लेने के इरादे से उतरेगी और मैच का नतीजा चाहे जो हो, यह पिछले 52 साल में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होगा।

    इस साल शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय महिला टीम ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध दूसरे पूल चरण का आखिरी मैच अगर गोलरहित ड्रॉ नहीं रहता तो भारतीय टीम सेमीफाइनल खेल रही होती। तीन दिन के ब्रेक ने उस हार की मायूसी को भुलाने में मदद की होगी और अब पांचवीं रैंकिंग वाली दो बार की चैंपियन जर्मन टीम की कठिन चुनौती का सामना करना है जो विश्व कप से पहले दो अभ्यास मैचों में उसे हरा चुकी है।

    भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 में
    इससे पहले हुए 15 विश्व कप में से आठ ही खेल सकी भारतीय टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 में फ्रांस में ही पहले टूर्नामेंट में रहा था जब अजिंदर कौर की कप्तानी में टीम चौथे स्थान पर रही थी। एम्सटेलवीन और स्पेन के टेरेसा में खेले गए विश्व कप में भारतीय टीम नौवें स्थान पर रही थी।

    एशियन गेम्स में फॉर्म को बरकरार रखना चाहेगी भारतीय टीम
    पहली बार विश्व कप खेल रही 11 युवा खिलाड़ियों को लेकर उतरे कोच शोर्ड मारिन की टीम ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया है और अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले उसका आत्मविश्वास बढ़ा होगा, जहां स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने का मौका है।

    टीम इंडिया का हॉकी विश्व कप में शानदार प्रदर्शन
    टूर्नामेंट की शुरुआत में ही ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 2 -2 से ड्रॉ पर रोकने वाली भारतीय टीम ने दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका को 6 -1 से हराया और छह अलग अलग खिलाड़ियों ने गोल किए। आखिरी पूल मैच गोलरहित ड्रॉ रहने पर भारत ने पूल डी में दूसरे स्थान पर रहकर दूसरे दौर में जगह बनाई थी।

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ड्रॉ मैच ने तोड़ा सपना
    दूसरे दौर में ओलंपिक और विश्व कप चैंपियन नीदरलैंड्स को भारत ने खुलकर खेलने नहीं दिया और मेजबान टीम पेनल्टी कॉर्नर पर ही दो गोल कर सकी। यह टूर्नामेंट में भारत की एकमात्र हार थी और उसे अगले मैच में हर हालत में ऑस्ट्रेलिया को हराना था लेकिन वह मैच भी गोलरहित ड्रॉ रहा जिससे सेमीफाइनल खेलने का सपना टूट गया।

     

  • तय जीत से चूकी टीम इंडिया, सोनल दिनुषा का शतक बना दीवार; टेस्ट ड्रॉ, सीरीज भारत के नाम

    तय जीत से चूकी टीम इंडिया, सोनल दिनुषा का शतक बना दीवार; टेस्ट ड्रॉ, सीरीज भारत के नाम

    कोलंबो 

    भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच ड्ऱॉ पर खत्म हो गया. मैच के आखिरी दिन टीम इंडिया को जीत का दावा पेश करने के लिए श्रीलंका को दूसरी पारी में ऑल आउट करने की जरूरत थी. श्रीलंका के सिर्फ 4 विकेट बाकी थे, जबकि टीम सिर्फ 16 रन आगे थी. मगर सोनल दिनुषा एक बार फिर भारत की राह में रोड़ा बन गए और सीरीज में तीसरा शतक लगा दिया. उनकी शतकीय पारी ने भारत से जीत का मौका छीन लिया. मगर दिनुषा के अलावा टीम इंडिया को वो 20 ओवर भी भारी पड़ गए, जो उसके दो ऐसे बल्लेबाजों ने खेले, जिनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी। 

    कोलंबो टेस्ट आखिरकार ड्रॉ पर समाप्त हुआ. श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी 9 विकेट पर 429 रन बनाकर घोषित कर दी, जिसके बाद दोनों टीमों ने हाथ मिलाकर मैच खत्म करने पर सहमति जताई. भारत की पहली पारी के 503/9 घोषित के जवाब में श्रीलंका ने शानदार वापसी की और सोनल दिनुषा ने नाबाद 133 रन की जुझारू पारी खेलकर मैच बचाने में अहम भूमिका निभाई, लेकिन मेहमान टीम ने सीरीज 1-0 से जीत ली। 

    भारत ने सीरीज 1-0 से की अपने नाम
    सोनल दिनुषा ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखते हुए इस सीरीज में अपना तीसरा शतक लगाया और गुरुवार को पांचवें और आखिरी दिन भारत के खिलाफ़ दूसरा टेस्ट ड्रॉ कराने में श्रीलंका की मदद की. पिछले हफ़्ते गॉल में पहला टेस्ट बड़ी जीत के साथ जीतने के बाद भारत ने दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली. पहली पारी में 213 रनों की बड़ी बढ़त लेने के बाद भारत को यहां भी जीत की उम्मीद थी, लेकिन दिनुषा (133 नाबाद) फिर से उनके रास्ते में आ गए और कुल बढ़त को 216 रन तक पहुंचाकर घरेलू टीम को मैच ड्रॉ कराने में मदद की। 

    जब दोनों टीमें मैच खत्म करने पर सहमत हुईं, तब श्रीलंका का स्कोर 429/9 था. दिनुषा, जिन्होंने इस मैच की पहली पारी में 103 रन और पिछले हफ़्ते गॉल में सीरीज के पहले मैच में अपना पहला शतक लगाया था, ने केशरा नुवंथा (46) के साथ सातवें विकेट के लिए 112 रनों की साझेदारी की. चौथे दिन फॉलो-ऑन के दबाव के बावजूद उन्होंने दूसरी पारी में घरेलू टीम की ओर से डटकर मुकाबला किय। 

    श्रीलंकाई बल्लेबाजी ने भारत को किया परेशान
    छह विकेट पर 229 रन के स्कोर से आगे खेलते हुए, अच्छी फॉर्म में चल रहे दिनुषा और केशरा नुवंथा ने भारत को बड़ी बढ़त देने के बाद पांचवें दिन की पिच पर अपनी मज़बूत बल्लेबाज़ी से भारतीय टीम को परेशान किया. भारत के लिए मानव सुथार ने 41 ओवर में 3/121 और रवींद्र जडेजा ने 38.3 ओवर में 3/94 के आंकड़े दर्ज किए। 

    टीम इंडिया ने सीरीज 1-0 से की अपने नाम
    कोलंबो टेस्ट आखिरकार ड्रॉ पर समाप्त हुआ. श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी 9 विकेट पर 429 रन बनाकर घोषित कर दी, जिसके बाद दोनों टीमों ने हाथ मिलाकर मैच खत्म करने पर सहमति जताई. भारत की पहली पारी के 503/9 घोषित के जवाब में श्रीलंका ने शानदार वापसी की और सोनल दिनुशा ने नाबाद 133 रन की जुझारू पारी खेलकर मैच बचाने में अहम भूमिका निभाई। 

    श्रीलंका का स्कोर-9 विकेट के नुकसान पर 427 रन
    श्रीलंका ने दूसरी पारी में 9 विकेट के नुकसान पर 427 रन बना लिए हैं और सोनल दिनुशा 131 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं. 152 ओवर का खेल समाप्त होने तक मेजबान टीम की बढ़त लगातार बढ़ रही है, जबकि भारत को आखिरी विकेट की तलाश है. दिलचस्प बात यह रही कि इस ओवर में यशस्वी जायसवाल ने गेंदबाजी की और 9 रन खर्च किए। 

     

  • Aryavir Sehwag and Anvay Dravid return to the U-19 squad; 5-match series against Australia ahead

    Aryavir Sehwag and Anvay Dravid return to the U-19 squad; 5-match series against Australia ahead

    नई दिल्ली
    ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम भारत के दौरे पर आने वाली है। इस दौरे के लिए भारत की अंडर-19 टीम का ऐलान कर दिया गया है। इसमें भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज रहे वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग को जगह मिली है। दो टीमों के बीच तीन वनडे मैच और दो मल्टी-डे मैच खेले जाएंगे। 18 सितंबर को राजकोट में दौरे का पहला मुकाबला खेला जाएगा।

    आर्यवीर को वनडे सीरीज में मौका
    आर्यवीर सहवाग को वनडे टीम में जगह मिली है। अभी वह दिल्ली प्रीमियर लीग में खेल रहे हैं। 19 अक्टूबर 2007 को जन्मे आर्यवीर 18 साल के हैं। आर्यवीर टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज हैं। इस टीम में पूर्व भारतीय कप्तान और हेड कोच रहे राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ को भी जगह मिली हैं। अन्वय विकेटकीपर बल्लेबाज हैं। लक्ष्य रायचंदानी इस टीम की कप्तानी कर रहे हैं।

    अन्यव द्रविड़ ने जुलाई में श्रीलंका दौरे पर भारतीय अंडर-19 टीम के लिए दो वनडे खेले थे। इसमें उन्होंने 87 और 14 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 117 का था। उन्हें एक बार फिर टीम में शामिल किया गया है। मल्टी डे सीरीज के लिए यशबर्धन चौहान को कप्तानी मिली है।

    भारत अंडर-19 वनडे टीम: लक्ष्य रायचंदानी (कप्तान), यशबर्धन चौहान (उपकप्तान), रजत बघेल, आर्यवीर सहवाग, वीके विनीत, कुशाग्र ओझा, अर्जुन राजपूत, मनल चौहान, अन्वय द्रविड़, वी यशवीर, रोहित यादव, शविन विनोद, मोहित उल्वा, चिगुरुपति वेंकट, काव्या पटेल।

    भारत अंडर-19 मल्टी-डे टीम: यशबर्धन चौहान (कप्तान), लक्ष्य रायचंदानी (उपकप्तान), सागर विर्क, कुशाग्र ओझा, मनाल चौहान, कुश पटेल, मानव कृष्णा, अभिप्राय विश्वास, रोहित यादव, ईशान ओम, अयान अकरम, प्रणव राघवेंद्र, प्रियांशु सिंह, मोहित उलवा, आर्यन यादव।

    ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम के भारत दौरे का शेड्यूल
    तारीख                        मैच                समय (IST)            स्थान
    18 सितंबर 2026     पहला वनडे              सुबह 9:00 बजे     राजकोट
    21 सितंबर 2026     दूसरा वनडे               सुबह 9:00 बजे     राजकोट
    23 सितंबर 2026     तीसरा वनडे                 सुबह 9:00 बजे     राजकोट
    27-30 सितंबर 2026     पहला मल्टी-डे मैच     सुबह 9:30 बजे     राजकोट
    5-8 अक्टूबर 2026     दूसरा मल्टी-डे मैच     सुबह 9:30 बजे     अहमदाबाद

  • क्रश से पार्टनर तक का सफर, आंद्रीवा-रुबलेव की जोड़ी भी US Open सेमीफाइनल में

    क्रश से पार्टनर तक का सफर, आंद्रीवा-रुबलेव की जोड़ी भी US Open सेमीफाइनल में

    न्यूयॉर्क
    यूक्रेन की एलिना स्वितोलिना और फ्रांस के गाएल मोंफिल्स की जोड़ी ने यूएस ओपन मिक्स्ड डबल्स के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। साथ खेलने वाली पति पत्नी की जोड़ी सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली पहली जोड़ी है। इन्होंने ब्रिटेन के हेनरी पैटन और चेकिया की कैटेरिना सिनियाकोवा की जोड़ी को 5-4 (6), 4-5 (3) (10-8) से हराया।

    सेमीफाइनल में इनका सामना स्विट्जरलैंड की बेलिंडा बेनकिक और इटली के फ्लावियो कोबोली से होगा। दूसरे सेमीफाइनल में मिरा आंद्रीवा और आंद्रिय रुबलेव का सामना कैरोलिना मुचोवा और याकुब मेंसिक की जोड़ी से होगा। फाइनल में जीतने वाली टीम को 10 लाख अमेरिकी डॉलर (साढ़े नौ करोड़ से ज्यादा भारतीय रुपये) मिलेंगे।

    गाएल मोंफिल्स ने दिया भावुक बयान
    गाएल ने पत्नी के साथ खेलने को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, "अगर सच कहूं, तो पिछले साल पहली और आखिरी बार साथ में खेलना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। ये एक ऐसी चीज है, जो हमेशा हमारे साथ रहेगी। हमारी बेटी के लिए भी ये खास होगा। वो देखेगी कि मम्मी और डैडी ने साथ में खेला था। इस वजह से ये मेरे लिए बहुत ही शानदार बात है।"

    क्रश के साथ खेलकर सेमीफाइनल में पहुंची आंद्रीवा
    रूस की टेनिस स्टार 19 वर्षीय मीरा आंद्रीवा ने यूएस ओपन मिक्स्ड डबल्स के सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद खुलासा किया है कि उनका अपने साथी खिलाड़ी आंद्रिय रुबलेव पर क्रश था। क्वार्टर फाइनल मैच के बाद उन्होंने कहा कि मैंने कभी कुछ नहीं कहा, उन्हें कभी नहीं बताया लेकिन मुझे उन पर थोड़ा सा क्रश था।

    पसंदीदा खिलाड़ी के साथ खेलना सपना पूरा होने जैसा: आंद्रीवा
    फ्रेंच ओपन की महिला चैंपियन आंद्रीवा ने ये भी कहा कि अपने पसंदीदा खिलाड़ी के साथ खेलना उनके लिए एक सपने जैसा था। हालांकि आंद्रीवा ने ये भी कहा कि अब वो क्रश खत्म हो चुका था और यह उस वक्त था जब वह 15 या 16 साल की थीं। क्वार्टर फाइनल में आंद्रीवा और रुबलेव ने इटली की सारा एर्रानी और आंद्रिय वावासोरी को 1-4, 4-1 (11-9) से हराया।

     

  • चार पारियों में 3 शतक, सोनल दिनुषा ने श्रीलंका के लिए बनाया बड़ा रिकॉर्ड

    चार पारियों में 3 शतक, सोनल दिनुषा ने श्रीलंका के लिए बनाया बड़ा रिकॉर्ड

    कोलंबो
    श्रीलंका के युवा बल्लेबाज सोनल दिनुषा ने भारत के खिलाफ कोलंबो टेस्ट की दूसरी पारी में भी शतक ठोक दिया है। मैच की पहली पारी में 103 रन बनाने के बाद सोनल ने दूसरी पारी में भी शतक लगाया। श्रीलंका की टीम मुश्किल परिस्थिति में थी लेकिन सोनल ने 5वें नंबर पर आकर यागदार पारी खेल रहे हैं। 5वां टेस्ट खेल रहे सोनल के करियर का यह तीसरा शतक है।

    चार पारियों में सोनल के तीन शतक
    भारत के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में सोनल दिनुषा का यह तीसरा शतक है। उन्होंने इससे पहले गाले टेस्ट में भी शतक लगाया था। वह 100 रन बनाकर आउट हुए थे। मैच की दूसरी पारी में उनके बल्ले से 84 रन निकले थे। कोलंबो में 103 रन के बाद उन्होंने शतक ठोका। शतक तक पहुंचने में सोनल ने 196 गेंदों का सामना किया। इस दौरान उन्होंने 6 चौके मारे।

    सोनल दिनुषा टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले श्रीलंका के 8वें खिलाड़ी बन गए हैं। दुलीप मेंडिस ने 1982 में भारत के खिलाफ ही श्रीलंका की तरफ से पहली बार दोनों पारियों में शतक लगाया था। अरविंदा डिसिल्वा और कुमार संगकारा ने दो-दो बार टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाया है। वहीं असंका गुरुसिन्हा, तिलकरत्ने दिलशान, धनंजय डी सिल्वा और कामिंदु मेंडिस 1-1 बार ऐसा कर चुके हैं।

    भारत के खिलाफ टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले श्रीलंकाई
    दुलीप मेंडिस – 105 और 105 – चेन्नई, 1982

    अरविंदा डी सिल्वा – 146 और 120 – कोलंबो, 1997

    सोनाल दिनुशा – 103 और 100* – कोलंबो, 2026

    दो मैचों की सीरीज में तीन शतक लगाने वाले सोनल दिनुषा दुनिया के सिर्फ 8वें बल्लेबाज हैं। श्रीलंका की तरफ से अरविंदा डिसिल्वा ने ऐसा दो बार किया है। वहीं कुमार संगकारा भी एक बार दो मैचों की टेस्ट सीरीज में तीन शतक लगा चुके हैं।

    दो मैचों की टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा शतक
    3 – अरविंद डी सिल्वा (SL) बनाम PAK (1997)

    3 – अरविंद डी सिल्वा (SL) बनाम IND (1997)

    3 – जैक्स कैलिस (SA) बनाम PAK (2007)

    3 – हाशिम अमला (SA) बनाम IND (2010)

    3 – कुमार संगकारा (SL) बनाम BAN (2013)

    3 – यूनिस खान (PAK) बनाम AUS (2014)

    3 – मार्नस लाबुशेन (AUS) बनाम WI (2022)

    3 – केन विलियमसन (NZ) बनाम SA (2024)

    3 – सोनल दिनुषा (SL) बनाम IND (2026)

  • कुछ ही दिनों में बदला टी20 का बादशाह! पोलार्ड ने बटलर से छीन लिया ‘रन किंग’ का ताज

    कुछ ही दिनों में बदला टी20 का बादशाह! पोलार्ड ने बटलर से छीन लिया ‘रन किंग’ का ताज

     तारोबा
    वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान कीरोन पोलार्ड ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड फिर से अपने नाम कर लिया है. कैरेबियन प्रीमियर लीग (CPL) 2026 में ट्रिनबागो नाइट राइडर्स की ओर से खेलते हुए पोलार्ड ने सेंट लूसिया किंग्स के खिलाफ 26 गेंदों में 65 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 6 चौके और पांच छक्के शामिल रहे। 

    कीरोन पोलार्ड को रिकॉर्ड अपने नाम करने के लिए 35 रनों की जरूरत थी. अब उनके नाम पर 749 टी20 मैचों में 31.81 की औसत से 14921 रन हो गए हैं. टी20 क्रिकेट में पोलार्ड ने 2 शतक और 71 अर्धशतक लगाए हैं. पोलार्ड से पहले यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जोस बटलर के नाम था। 

    जोस बटलर ने द हंड्रेड 2026 के दौरान पोलार्ड को पीछे छोड़कर टी20 क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज का रिकॉर्ड अपने नाम किया था. बटलर ने अब तक 526 टी20 मैचों में 35.36 के एवरेज से 14890 रन बनाए हैं. उनके नाम पर नौ शतक और 106 अर्धशतक दर्ज हैं. हालांकि पोलार्ड की इस पारी ने बटलर को अब दूसरे नंबर पर धकेल दिया है। 

    15 हजार रनों का आंकड़ा होगा पार
    39 वर्षीय कीरोन पोलार्ड अब टी20 क्रिकेट में 15000 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बनने से सिर्फ 79 रन दूर हैं. ट्रिनबागो नाइट राइडर्स के अभी लीग स्टेज में छह मुकाबले बाकी हैं, ऐसे में पोलार्ड के पास यह ऐतिहासिक आंकड़ा हासिल करने के लिए पर्याप्त मौके हैं. अगर नाइट राइडर्स प्लेऑफ और फाइनल तक पहुंचती है तो पोलार्ड के पास अपना रिकॉर्ड और मजबूत करने का भी मौका होगा. हालांकि जोस बटलर भी ज्यादा पीछे नहीं हैं. इंग्लैंड को श्रीलंका के खिलाफ तीन टी20 मैचों की सीरीज खेलनी है, जहां बटलर इस रेस को और दिलचस्प बनाना चाहेंगे। 

    26 अगस्त को तारोबा के ब्रायन लारा क्रिकेट एकेडमी में आयोजित मुकाबले में सेंट लूसिया किंग्स ने नाइट राइडर्स के सामने 212 रनों का बड़ा लक्ष्य रखा था. जवाब में नाइट राइडर्स ने 10.5 ओवरों में 76 रनों के स्कोर तक चार विकेट गंवा दिए थे, जिसके बाद पोलार्ड क्रीज पर उतरे. उन्होंने 13वें ओवर में जोशुआ बिशप के खिलाफ दो छक्के और दो चौके जड़े। 

    इसके बाद कीरोन पोलार्ड ने पारी के 16वें ओवर में महीश तीक्ष्णा को निशाना बनाते हुए दो चौके और दो छक्के लगाए. पोलार्ड की पारी 17वें ओवर में खत्म हुई, जब मैथ्यू फोर्ड ने उन्हें कॉट एंड बोल्ड किया. पोलार्ड के 65 रनों के बावजूद ट्रिनबागो नाइट राइडर्स 175/6 तक ही पहुंच सकी और 36 रनों से मुकाबला गंवा दिया. चार मैचों में ट्रिनबागो नाइट राइडर्स की यह तीसरी हार है और टीम अंक तालिका में सातवें स्थान पर है। 

  • टेनिस फैंस के लिए बड़ी खबर! US ओपन में विलियम्स सिस्टर्स की जोड़ी करेगी वापसी

    टेनिस फैंस के लिए बड़ी खबर! US ओपन में विलियम्स सिस्टर्स की जोड़ी करेगी वापसी

     न्यूयॉर्क

    टेनिस की दुनिया की सबसे चर्चित बहनों जोड़ियों में शामिल वीनस और सेरेना विलियम्स एक बार फिर साथ कोर्ट पर उतरने जा रही हैं. 46 साल की वीनस और 44 साल की सेरेना को US ओपन महिला डबल्स में वाइल्ड कार्ड मिला है. दोनों बहनें (व‍िल‍ियम्स स‍िस्टर्स) इस टूर्नामेंट में पहले भी दो बार खिताब जीत चुकी हैं। 

    विलियम्स सिस्टर्स की यह वापसी इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों ने अपने करियर में साथ मिलकर टेनिस की दुनिया में जबरदस्त दबदबा बनाया है. अब एक बार फिर फ्लशिंग मीडोज में उनकी जोड़ी को देखने का मौका मिलेगा. फ्लशिंग मीडोज न्यूयॉर्क के क्वींस बोरो में स्थित एक प्रसिद्ध पब्ल‍िक पार्क है, जो मुख्य रूप से लॉन टेनिस और यूएस ओपन (US Open) ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के आयोजन स्थल के रूप में दुनिया भर में जाना जाता है। 

    1999 और 2009 में जीत चुकी हैं US ओपन
    सेरेना और वीनस ने US ओपन महिला डबल्स का खिताब 1999 और 2009 में जीता था. दोनों बहनों ने इस टूर्नामेंट में अब तक नौ बार हिस्सा लिया है और उनका रिकॉर्ड 27 जीत और सात हार का रहा है. इससे पहले दोनों ने आखिरी बार 2022 में US ओपन में साथ खेला था. तब पहले दौर में हार के बाद उनका सफर खत्म हो गया था. उस समय इसे फ्लशिंग मीडोज में सेरेना का आखिरी मुकाबला माना जा रहा था। 

    4 साल बाद टेनिस कोर्ट पर लौटी थीं सेरेना
    सेरेना विलियम्स ने इस साल गर्मियों में करीब चार साल के अंतराल के बाद प्रतिस्पर्धी टेनिस में वापसी की. इसके बाद दोनों बहनों को विंबलडन में भी साथ खेलना था, लेकिन सेरेना को घुटने में चोट लग गई थी। 

    सिंगल्स मुकाबले में हार के दौरान लगी घुटने की चोट के कारण सेरेना को विंबलडन डबल्स से हटना पड़ा. हालांकि इसके बाद दोनों बहनें सिनसिनाटी ओपन में साथ उतरीं, जहां उन्हें पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा। 

    अल्कारेज के साथ भी खेल चुकी हैं सेरेना
    US ओपन में सेरेना महिला डबल्स के अलावा मिक्स्ड डबल्स में भी खेल चुकी हैं. उन्होंने मंगलवार को स्पेन के स्टार खिलाड़ी कार्लोस अल्कारेज के साथ जोड़ी बनाई थी। 

    सेरेना और कार्लोस की जोड़ी ने एक मुकाबला जीता, लेकिन क्वार्टर फाइनल में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई. सेरेना ने US ओपन सिंगल्स में खेलने का फैसला नहीं किया है, लेकिन वह दोनों डबल्स स्पर्धाओं में खेलने के लिए खुद को फिट महसूस कर रही हैं. इसी वजह से उन्होंने दोनों इवेंट में वाइल्ड कार्ड स्वीकार किया।

    14 ग्रैंड स्लैम और 3 ओलंपिक गोल्ड… बहनों का शानदार रिकॉर्ड
    वीनस और सेरेना की जोड़ी ने साथ मिलकर 14 ग्रैंड स्लैम महिला डबल्स खिताब जीते हैं. इसके अलावा दोनों ने 2000, 2008 और 2012 ओलंपिक में गोल्ड मेडल भी अपने नाम किया.महिला डबल्स की वर्ल्ड नंबर-1 रैंकिंग पर भी दोनों बहनों ने साथ आठ सप्ताह तक रहीं. यानी डबल्स टेनिस में भी विलियम्स सिस्टर्स का दबदबा किसी दौर में कम नहीं रहा। 

    एक समय चारों ग्रैंड स्लैम ट्रॉफियां थीं दोनों के पास
    विलियम्स सिस्टर्स ने 1999 में अपना पहला US ओपन डबल्स खिताब जीता था. उसी साल सेरेना ने अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब भी US ओपन में जीता था. करीब एक दशक बाद दोनों बहनों की जोड़ी अपने शिखर पर पहुंची. वीनस और सेरेना ने 2009 में ऑस्ट्रेलियन ओपन और विंबलडन जीता. इसके बाद उसी साल गर्मियों में फ्लशिंग मीडोज में अपना दूसरा US ओपन डबल्स खिताब भी जीता। 

    यह सिलसिला यहीं नहीं रुका. दोनों ने 2010 में फिर ऑस्ट्रेलियन ओपन जीता और इसके बाद फ्रेंच ओपन का खिताब भी अपने नाम किया. एक समय ऐसा आया, जब टेनिस के चारों ग्रैंड स्लैम की महिला डबल्स ट्रॉफियां विलियम्स बहनों के पास थीं। 

    सेरेना ने अपने करियर में कुल 23 ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब जीते, जिनमें से छह US ओपन में आए. वहीं वीनस इस बार US ओपन के महिला सिंगल्स इवेंट में भी हिस्सा लेंगी. महिला डबल्स मुकाबले का पहला दौर 3 सितंबर से शुरू होगा. अब देखना दिलचस्प होगा कि टेनिस इतिहास की यह दिग्गज बहनें एक बार फिर US ओपन में अपने पुराने जादू को दोहरा पाती हैं या नहीं।