Category: राजनीतिक

  • ‘सुबह ट्रंप, दोपहर पुतिन, शाम जिनपिंग…’ राहुल पर निशिकांत दुबे का कटाक्ष, विदेश नीति को लेकर साधा निशाना

    ‘सुबह ट्रंप, दोपहर पुतिन, शाम जिनपिंग…’ राहुल पर निशिकांत दुबे का कटाक्ष, विदेश नीति को लेकर साधा निशाना

    नई दिल्ली
    भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर एक बार फिर से निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि राहुल चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह, दोपहर और शाम को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को गाली दें। इसी से उनकी आत्मा को शांति मिलेगी। निशिकांत दुबे ने कहा, ''इस देश में समस्या है कि विकसित भारत 2047 कैसे बनेगा, देश का विकास कैसे होगा। प्रधानमंत्री उसी के लिए पूरे देश को मिशन मोड में ले जा रहे हैं। लेकिन गांधी परिवार का जो इतिहास रहा है, श्रीलंका में लड़ाई चल रही थी, उसमें भारतीय सेना को राजीव गांधी जबरदस्ती ले गए और उसका नतीजा यह रहा कि विदेश में पहली बार वहां के सैनिकों ने हमारे प्रधानमंत्री पर हमला किया।''

    उन्होंने आगे कहा, ''राहुल गांधी के पूरे साल दो साल के बयान हैं, उसको सुनिए। वे चाहते हैं कि पीएम मोदी सुबह ट्रंप को गाली दें, दोपहर में पुतिन को गाली दें और शाम को चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग को गाली दें। इन तीनों को गाली देने के बाद उनकी आत्मा को शांति मिल जाएगी। उसके बाद चीन अमेरिका और रूस हमारा बॉयकॉट कर देगा और हमला कर देगा, तब उनके कलेजे को ठंडक मिलेगी। क्योंकि सोरोस का जो एजेंडा है, भारत को तोड़ने का, वह सफल हो जाएंगे।'' एलपीजी की अनुपलब्धता पर चल रही बहस का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि जहां कई पड़ोसी देश इसकी कमी का सामना कर रहे हैं, वहीं भारत कहीं बेहतर स्थिति में है। उन्होंने दावा किया, ''आपको यह समझना चाहिए: पाकिस्तान लगभग चार दिन से एक तरह से बंद है। वहां लगभग 90 प्रतिशत रेस्टोरेंट बंद हैं। बांग्लादेश में लगभग 95 प्रतिशत रेस्तरां बंद हो गए हैं। श्रीलंका में लगभग 98 प्रतिशत रेस्तरां बंद हैं और वहां गाड़ियां भी नहीं चल रही हैं।''

    राहुल गांधी को बताया लीडर ऑफ प्रोपगेंडा
    इससे पहले, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 'लीडर ऑफ अपोजिशन' के बजाय 'लीडर ऑफ प्रोपगेंडा' करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को कहा कि राहुल गांधी को देश और मीडिया गंभीरता से नहीं लेता। लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए विपक्ष के संकल्प पर चर्चा में भाग लेते हुए दुबे ने कहा कि जब भाजपा विपक्ष में थी तो सदन में कई बार ऐसे मौके आए, जब टकराव की स्थिति बनी थी। उन्होंने कहा कि उस समय विपक्षी सदस्यों को परेशान किया गया था, लेकिन भाजपा ने मौजूदा विपक्ष की तरह तुच्छ राजनीति नहीं की।

    उन्होंने नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब कोई 'इग्नोरेंट' (अज्ञानी) आदमी 'ऐरोगेंस' (अहंकार) का शिकार हो जाए तो वह 'लीडर ऑफ अपोजिशन' (एलओपी) के बजाय 'लीडर ऑफ प्रोपगेंडा' हो जाता है। दुबे ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस अब तक 95 चुनाव हार चुकी है और मीडिया तथा देश उन्हें गंभीरता से नहीं ले रहा। उन्होंने कहा कि वे (कांग्रेस) 12 साल से सरकार में नहीं आ पा रहे, अपने हिसाब से संस्थाओं को नहीं चला पा रहे, इसलिए ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव लाया है।

     

  • सदन में शायरी की सियासत: विपक्ष ने ओम बिरला पर कसा तंज

    सदन में शायरी की सियासत: विपक्ष ने ओम बिरला पर कसा तंज

    नई दिल्ली
    संसद में बजट सत्र के दूसरे चरण की कार्यवाही के दौरान बुधवार को लोकसभा में जबरदस्त हंगामा होने के पूरे आसार है। सदन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा जारी है। आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चर्चा में हिस्सा लेंगे।

    इससे पहले मंगलवार को दोनों ओर से आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी रहा। विपक्ष ने जहां ओम बिरला पर सरकार की आवाज बनने जैसे गंभीर आरोप लगा दिए, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने कहा है कि ओम बिरला ने कभी पक्षपातपूर्ण व्यवहार नहीं किया। हंगामे के बाद दोनों सदनों की कार्रवाई बुधवार तक के लिए स्थापित कर दी गई थी।

    ओम बिरला को पद से हटाने पर तुला विपक्ष, चाहिए होंगे कितने वोट?
    बता दें कि ओम बिरला के खिलाफ यह अविश्वास प्रस्ताव बीते फरवरी माह में ही लाया गया था जिस पर लगभग 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे। इस प्रस्ताव पर बहस के लिए 10 घंटे का समय तय किया गया है, जिसके बाद इस पर सांसदों के मत लिए जाएंगे। प्रस्ताव पास कराने के लिए विपक्ष को सिंपल मेजोरिटी यानि साधारण बहुमत की आवश्यकता है।

    तू लाख बेवफा है मगर सर उठा के चल… TMC सांसद का शायराना अंदाज
    टीएमसी संसद सयानी घोष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार सदन में बेरोजगारी, एपस्टीन फाइल्स, SIR जैसे मुद्दों पर चर्चा नहीं होने देती है। वहीं ओम बिरला के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें खेद हैं कि वह पहली बार सांसद बनी हैं लेकिन उन्हें ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करता पड़ा है। इस दौरान उनका शायराना अंदाज देखने भी को मिला। उन्होंने अपना वक्तव्य खत्म करते हुए कहा, "तू लाख बेवफा है मगर सर उठा के चल, दिल रो पड़ेगा तुझको पशेमां देखकर।"

    किसी नेता के अहंकार की संतुष्टि के लिए लाया गया है प्रस्ताव- रविशंकर प्रसाद
    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्ष द्वारा लाया गया प्रस्ताव उनके खिलाफ अविश्वास के लिए नहीं, बल्कि 'किसी' के अहंकार की संतुष्टि के लिए लाया गया है। विपक्ष द्वारा बिरला के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए प्रसाद ने कहा, ''लोकसभा अध्यक्ष के पद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को किसी के अहंकार की संतुष्टि का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।'' प्रसाद ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधते हुए कहा, ''यह प्रस्ताव बिरला के खिलाफ अविश्वास के लिए नहीं, बल्कि किसी के अहं की संतुष्टि के लिए लाया गया है।''

    कांग्रेस ने ओम मोदी की गैरमौजूदगी पर उठाए सवाल
    कांग्रेस सांसद के सी वेणुगोपाल ने लोकसभा में पीएम मोदी की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए हैं।

    अपना नाम लिए जाने पर भड़के राहुल गांधी
    लोकसभा में चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष द्वारा बार बार अपना नाम लिए जाने पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भड़क उठे। उन्होंने कहा है कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब नेता प्रतिपक्ष को सदन में बोलने नहीं दिया गया। और बार बार मेरा नाम लिया जा रहा है।

  • केजरीवाल मामले की जज स्वर्ण कांता शर्मा पर AAP का निशाना, BJP से संबंधों को लेकर उठे सवाल

    केजरीवाल मामले की जज स्वर्ण कांता शर्मा पर AAP का निशाना, BJP से संबंधों को लेकर उठे सवाल

    नई दिल्ली
    कथित शराब घोटाले से जुड़े केस की सुनवाई कर रहीं हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर आम आदमी पार्टी ने सवाल खड़े कर दिए हैं। 'आप' ने सवाल किया है कि भाजपा और जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के बीच क्या रिश्ता है? कथित शराब घोटाले से जुड़े केस की सुनवाई कर रहीं हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर आम आदमी पार्टी ने सवाल खड़े कर दिए हैं। 'आप' ने सवाल किया है कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से क्या रिश्ता है? आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भाजपा नेताओं के बयानों के मायने तलाशते हुए जज को लेकर यह सवाल उठाया है।

    कथित शराब घोटाले के केस में ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को अरविंद केजरीवाल समेत सभी 23 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया था। सीबीआई ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी है और जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच इसकी सुनवाई कर रही है। सोमवार को जस्टिस स्वर्ण कांता ने फौरी तौर पर सीबीआई को राहत दी तो भाजपा नेताओं ने उम्मीद जाहिर की कि ‘पिक्चर अभी बाकी’ है। अब इसी को आधार बनाकर 'आप' ने जज की निष्पक्षता पर सवाल उठा दिए हैं।

    पूर्व मंत्री और आप के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस वीरेंद्र सचदेवा का एक बयान सुनाया और दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा का ट्वीट दिखाया। उन्होंने कहा, ‘जिस तरीके से दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा कह रहे हैं कि निश्चित सजा मिलेगी, इनके मंत्री कपिल मिश्रा कह रहे हैं कि पिक्चर अभी बाकी है। इन्हें कैसे पता कि पिक्चर अभी बाकी है। पिक्चर में क्या बाकी है, यह कपिल मिश्रा को कैसे पता, यह तो अभी हाई कोर्ट की जज साहिबा को भी नहीं पता होगा। अभी वह केस पढ़ेंगी तब पता चलेगा।’

    कपिल मिश्रा की वजह से हो गया था जज का ट्रांसफर: भारद्वाज
    भारद्वाज ने कहा कि वीरेंद्र सचदेवा कैसे कह सकते हैं कि निश्चित तौर पर सजा मिलेगी। क्या ये सीधे तौर पर यह कहने की कोशिश कर रहे हैं कि इन्हें मालूम है कि इस मुकदमे में क्या होगा। इन्हें पता है कि पिक्चर आगे क्या है? क्या ये कहना चाह रहे हैं कि हम जो फैसला चाहेंगे वह जस्टिस स्वर्ण कांता से करा लेंगे? 'आप' नेता ने कपिल मिश्रा का प्रभाव बताते हुए आरोप लगाया कि हाई कोर्ट के एक जज ने उनके खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया और अगले दिन अदालत में तलब किया तो रात को ही उनका ट्रांसफर हो गया।

    जज का पूछ लिया भाजपा से रिश्ता
    सौरभ भारद्वाज ने कई सवालों के बीच जस्टिस का भाजपा से रिश्ता भी पूछ लिया। उन्होंने कहा, 'कपिल मिश्रा का यह कहना कि पिक्चर अभी बाकी है, यह कुछ सवाल पैदा करता है। क्या जस्टिस क्या करेंगी यह इनको मालूम है? इनका क्या सवाल आता है। जस्टिस स्वर्ण कांता का भाजपा से क्या रिश्ता है,यह इन लोगों को बताना चाहिए। वीरेंद्र सचदेवा और कपिल मिश्रा कैसे कह सकते हैं कि पिक्चर अभी बाकी है। मैं आपके सामने गंभीर सवाल रख रहा हूं।'

  • INDIA गठबंधन में खटपट! बैठक में राहुल गांधी पर घिरे सवाल, वाम दलों की कड़ी टिप्पणी

    INDIA गठबंधन में खटपट! बैठक में राहुल गांधी पर घिरे सवाल, वाम दलों की कड़ी टिप्पणी

    नई दिल्ली

    सोमवार को अलायंस की मीटिंग में दिल्ली में थी, जिसमें संसद सत्र को लेकर चर्चा होनी थी। लेकिन इस दौरान लेफ्ट पार्टियों ने सीधे राहुल गांधी पर ही हमला बोल दिया। इन दलों ने ऐतराज जताया कि राहुल गांधी केरल में जिस तरह से लेफ्ट पार्टियों पर हमला बोल रहे हैं, वह ठीक नहीं है।

    केरल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और मुकाबले में लेफ्ट के नेतृत्व में एलडीएफ गठबंधन है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस का यूडीएफ है। चुनाव से पहले बयानबाजी का दौर तेज है, लेकिन इसका असर दिल्ली तक दिख रहा है और INDIA गठबंधन में भी तनाव पैदा हो रहा है। सोमवार को अलायंस की मीटिंग में दिल्ली में थी, जिसमें संसद सत्र को लेकर चर्चा होनी थी। लेकिन इस दौरान लेफ्ट पार्टियों ने सीधे राहुल गांधी पर ही हमला बोल दिया। इन दलों ने ऐतराज जताया कि राहुल गांधी केरल में जिस तरह से लेफ्ट पार्टियों पर हमला बोल रहे हैं, वह ठीक नहीं है। इससे INDIA अलायंस की एकता प्रभावित होगी और संबंध में कड़वाहट आ जाएगी।

    वामपंथी दलों के सांसद जॉन ब्रिट्स और पी. संतोष कुमार ने मीटिंग में आपत्ति जताई कि राहुल गांधी कम्युनिस्ट पार्टी और भाजपा के बीच गठजोड़ की बात कैसे कर सकते हैं। दरअसल राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि केरल में भाजपा और कम्युनिस्ट दलों के बीच तालमेल है। यही नहीं उन्होंने आरोप लगाते हुए एक टर्म भी दी थी- कम्युनिस्ट जनता पार्टी। वामपंथी दलों के नेताओं को सबसे ज्यादा यह टर्म ही चुभी है, जिसमें उन्हें कम्युनिस्ट जनता पार्टी कहा गया। वामपंथी नेताओं ने कहा कि इस तरह सहयोगी दलों पर टिप्पणियां करने से गठबंधन कैसे चल पाएगा।

    वहीं वामपंथी नेताओं की शिकायत पर कुछ और दलों के नेताओं ने दखल दिया। उन्होंने कहा कि यह मीटिंग तो संसद सत्र के एजेंडे को लेकर बुलाई गई है। ऐसे में इस फोरम पर दो दलों के आपसी संबंधों को लेकर बात नहीं करनी चाहिए। यही नहीं कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी मीटिंग के दौरान लेफ्ट सांसदों के रुख पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस मसले पर बाद में बात की जाएगी और हम बताएंगे कि आखिर राहुल गांधी के कहने का क्या मतलब था। उन्होंने कहा कि मीटिंग में इस तरह राहुल गांधी की स्पीच के एक हिस्से को मुद्दा बनाना ठीक नहीं है।
    राहुल गांधी भी बैठक में थे मौजूद, वामपंथी नेताओं की आपत्ति पर क्या बोले

    इस दौरान राहुल गांधी भी मौजूद थे और उन्होंने भी यही कहा कि इस पर बाद में बात की जाएगी। इस दौरान ज्यादातर नेताओं ने यही कहा कि हमें फिलहाल बैठक में संसद के एजेंडे पर फोकस करना चाहिए। गौरतलब है कि अगले कुछ महीनों में ही केरल में इलेक्शन होने वाले हैं। बीते लगातार दो कार्यकाल से वामपंथी नेतृत्व वाली सरकार केरल की सत्ता पर काबिज है। यहां भाजपा तीसरे नंबर की पार्टी है, जबकि कांग्रेस मुकाबले में रही है। ऐसे में कांग्रेस को लगता है कि इस बार वह सत्ता हासिल कर लेगी। केरल की ही वायनाड लोकसभा सीट से राहुल गांधी सांसद रहे हैं। फिलहाल यहां का प्रतिनिधित्व उनकी बहन प्रियंका वाड्रा करती हैं।

  • CM पद को लेकर कर्नाटक में हलचल: दिल्ली पहुंचे डी के शिवकुमार, हाईकमान से मुलाकात की अटकलें

    CM पद को लेकर कर्नाटक में हलचल: दिल्ली पहुंचे डी के शिवकुमार, हाईकमान से मुलाकात की अटकलें

    बेंगलुरु
    मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवकुमार के साथ जारी खींचतान के बीच, सिद्धरमैया ने शनिवार को कहा था कि अगर कांग्रेस आलाकमान उन्हें अवसर देता है तो वह दो और बजट पेश कर सकते हैं। सिद्धरमैया ने शुक्रवार को राज्य के वित्त मंत्री के रूप में अपना रिकॉर्ड 17वां बजट पेश किया। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के नई दिल्ली दौरे ने विधानसभा के बजट सत्र के बाद राज्य में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को फिर से हवा दे दी है। सरकारी और पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार रविवार शाम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कलबुर्गी से राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हुए। इससे पहले दिन में, दोनों नेताओं ने जिले के चित्तपुर में 1,069 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत की थी। मीडिया के साथ साझा किए गए शिवकुमार के यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, वह एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नयी दिल्ली गये हैं और सोमवार सुबह बेंगलुरु लौटेंगे।

    सिद्धारमैया क्या बोले
    मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवकुमार के साथ जारी खींचतान के बीच, सिद्धरमैया ने शनिवार को कहा था कि अगर कांग्रेस आलाकमान उन्हें अवसर देता है तो वह दो और बजट पेश कर सकते हैं। सिद्धरमैया ने शुक्रवार को राज्य के वित्त मंत्री के रूप में अपना रिकॉर्ड 17वां बजट पेश किया।

    कहा जा रहा है कि शिवकुमार के समर्थक कुछ विधायक दिल्ली जाकर पार्टी आलाकमान के सामने अपने नेता को विधानसभा के बजट सत्र के बाद मुख्यमंत्री बनाए जाने की इच्छा व्यक्त चुके हैं। यह बजट सत्र 27 मार्च को समाप्त होगा। इस बीच, शिवकुमार 10 मार्च को सभी मंत्रियों, कांग्रेस विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के लिए रात्रिभोज का आयोजन करेंगे, जो कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष के रूप में उनके छह साल पूरे होने का जश्न होगा।

    पहले भी दे चुके संकेत
    शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि वह 'अत्यंत धैर्य' रखे हुए हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की क्रांति में शामिल होने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उन्हें खुद पर विश्वास है और उम्मीद है। कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के प्रमुख शिवकुमार ने कहा कि उन्हें न तो स्वार्थ के लिए किसी भी तरह की 'ब्लैकमेलिंग' में दिलचस्पी है और न ही कांग्रेस के लिए किसी तरह की परेशानी पैदा करने में। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि वह मैदान में उतरकर लड़ने वाले व्यक्ति हैं, लेकिन उनकी लड़ाई कभी भी पार्टी के भीतर नहीं होती। शिवकुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा था, 'आज तक मैंने मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर कभी कुछ नहीं कहा है। हमारे बीच के मुद्दे, मेरे, मुख्यमंत्री और पार्टी आलाकमान तक ही सीमित हैं। मैंने सिर्फ इतना कहा है कि जो फैसला हुआ है उसमें हम शामिल हैं, इसके अलावा मैंने कभी कुछ नहीं कहा।'

    उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, 'कुछ लोग कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री का पद खाली हो जाएगा, दलितों को यह पद मिलना चाहिए, दूसरों को मिलना चाहिए। ये वही लोग हैं जो मुख्यमंत्री का पद खाली करवाना चाहते हैं, चाहते हैं कि यह पद दलितों और अन्य लोगों को दिया जाए। मैंने इस बारे में कभी कुछ नहीं कहा।'

     

  • Karur Stampede Case: अभिनेता विजय को CBI का समन, जांच एजेंसी मंगलवार को करेगी पूछताछ

    Karur Stampede Case: अभिनेता विजय को CBI का समन, जांच एजेंसी मंगलवार को करेगी पूछताछ

    नई दिल्ली
    करूर भगदड़ मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय को मंगलवार को फिर से पूछताछ के लिए तलब किया है। इससे पहले उनसे 12 और 19 जनवरी को पूछताछ हो चुकी है। 27 सितंबर 2025 को करूर में उनकी रैली के दौरान हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत और 60 से अधिक लोग घायल हुए थे।
     
    करूर भगदड़ मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय को पूछताछ के लिए मंगलवार को फिर से तलब किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इससे पहले अभिनेता से 12 और 19 जनवरी को एजेंसी के मुख्यालय में पूछताछ की जा चुकी है। जांच के दौरान सीबीआई को कुछ नए तथ्यों और दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी मिली है, जिन पर स्पष्टीकरण लेने के लिए विजय को दोबारा बुलाया गया है।

    इसी के मद्देनजर उन्हें एक नया नोटिस जारी किया गया है। यह घटनाक्रम तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर 2025 को हुई उस दुखद भगदड़ से जुड़ा है, जिसमें अभिनेता विजय की एक रैली के दौरान 41 लोगों की जान चली गई थी और 60 से अधिक लोग घायल हुए थे।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने संभाली जांच
    यह मामला मूल रूप से एक विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा संभाला जा रहा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने इसकी कमान अपने हाथों में ले ली। सीबीआई इस मामले से संबंधित सबूतों को एकत्र करने में जुटी हुई है, ताकि घटना के कारणों और जिम्मेदारियों का पता लगाया जा सके।

    न्यायिक निगरानी और निष्पक्ष जांच पर जोर
    पिछले साल अक्तूबर में, शीर्ष अदालत ने सीबीआई निदेशक को इस मामले की जांच के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही, पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश अजय रस्तोगी की अध्यक्षता में एक पर्यवेक्षी समिति का गठन भी किया गया था, जिसका उद्देश्य सीबीआई की जांच की निगरानी करना है।

    जनता के विश्वास को बहाल करने का प्रयास
    सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जे के महेश्वरी और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया शामिल थे, ने इस बात पर जोर दिया था कि करूर भगदड़ ने पूरे देश के नागरिकों के मन पर एक गहरी छाप छोड़ी है। अदालत ने कहा था कि इस घटना का नागरिकों के जीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा है और उन परिवारों के मौलिक अधिकारों को लागू करना अत्यंत महत्वपूर्ण है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। पीठ ने यह भी कहा था कि आपराधिक न्याय प्रणाली में जांच प्रक्रिया में आम जनता के विश्वास और भरोसे को बहाल किया जाना चाहिए। 

  • प्रोटोकॉल विवाद पर ममता का जवाब: ‘बंगाल को बदनाम करने की कोशिश

    प्रोटोकॉल विवाद पर ममता का जवाब: ‘बंगाल को बदनाम करने की कोशिश

    कोलकाता

    पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम में हुई अव्यवस्था के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार नहीं है। कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी निजी आयोजकों और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की थी। इसलिए अगर कहीं कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी जिम्मेदारी भी उन्हीं पर आती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को शनिवार को होने वाले राष्ट्रपति के कार्यक्रम की पूरी जानकारी भी नहीं दी गई थी और न ही सरकार को इस आयोजन में शामिल किया गया था। उनके मुताबिक, जब राज्य सरकार को कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी ही नहीं थी, तो उस पर प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप लगाना सही नहीं है। सीएम ममता ने यह भी कहा कि गंदगी, ग्रीन रूम की समस्या और महिलाओं के टॉयलेट की कमी जैसी शिकायतें भी आयोजकों और एएआई की जिम्मेदारी हैं।

    पीएम मोदी के आरोपों पर पलटवार
    मुख्यमंत्री ने कोलकाता के केंद्रीय धरना स्थल से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीएमसी सरकार पर राष्ट्रपति का अपमान करने का आरोप लगाया, जबकि वास्तविकता अलग है। उन्होंने प्रधानमंत्री की एक तस्वीर दिखाते हुए कहा कि तस्वीर में प्रधानमंत्री बैठे हैं और राष्ट्रपति खड़ी हैं। सीएम ममता ने कहा कि हम कभी ऐसा नहीं करते। यह भाजपा की संस्कृति है, हम कभी राष्ट्रपति का अपमान नहीं करते।

    संविधान का पूरा सम्मान करती हैं बंगाल सरकार- ममता
    ममता बनर्जी ने यह भी स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल सरकार राष्ट्रपति के पद और संविधान का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद है और राज्य सरकार हमेशा उसकी गरिमा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहती है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है।

    राष्ट्रपति का सम्मान हर सरकारी की जिम्मेदारी- ममता
    उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं ताकि राज्य सरकार की छवि खराब की जा सके। ममता बनर्जी ने दोहराया कि राज्य सरकार ने राष्ट्रपति के दौरे के दौरान अपनी तरफ से सभी जरूरी सहयोग दिया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति और संविधान का सम्मान करना हर सरकार और नागरिक की जिम्मेदारी है, और पश्चिम बंगाल सरकार इस जिम्मेदारी को पूरी तरह निभाती है।

    लोगों के अधिकार के लिए धरना पर बैठी हूं- ममता
    ममता बनर्जी ने यह भी बताया कि सिलीगुड़ी के महापौर गौतम देब ने प्रोटोकॉल का पालन करते हुए राष्ट्रपति का बैगडोगरा हवाई अड्डे पर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं धरना पर बैठी हूं ताकि लोगों के अधिकार सुरक्षित रहें। मैं इसे कैसे छोड़ सकती हूं? उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है और सरकार पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। ममता बनर्जी ने दोहराया कि राज्य सरकार हमेशा राष्ट्रपति और संविधान का सम्मान करती है और कार्यक्रम में किसी भी तरह की अव्यवस्था के लिए इसे जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है।

    क्या है पूरा मामला, समझिए
    गौरतलब है कि बंगाल की राजनीति में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोपों के मामले में सियासत सातवें आसमान पर पहुंच गई है। इसकी शुरुआत तब हुई जब राष्ट्रपति मुर्मू ने शनिवार को दार्जिलिंग में 9वें अंतरराष्ट्रीय संताल सम्मेलन के आयोजन को लेकर असंतोष व्यक्त किया था और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अनुपस्थिति पर टिप्पणी की थी। इसके बाद क्या था, भाजपा ने ममता बनर्जी सरकार पर राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोप लगाया और खूब बयानबाजी की। दूसरी ओर जबकि टीएमसी ने प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोप को खारिज किया है।

  • TVK नेता विजय का वादा, आम जनता के लिए सोने और पैसों की गारंटी

    TVK नेता विजय का वादा, आम जनता के लिए सोने और पैसों की गारंटी

    तमिलनाडु
    विजय ने मामल्लापुरम में टीवीके के तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम में कहा कि जब उनकी पार्टी टीवीके सत्ता में आएगी, तो सरकारी कर्मचारियों को छोड़कर 60 वर्ष की आयु तक की सभी महिलाओं को मासिक सहायता प्रदान की जाएगी। अभिनेता-नेता तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के संस्थापक विजय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार शाम को विधानसभा चुनावों से पहले महिलाओं, बच्चों और परिवारों के लिए कई वादों की घोषणा की जिनमें 60 वर्ष से अधिक उम्र की बुजुर्ग महिलाओं के लिए हर महीने 2,500 रुपये, साल में छह एलपीजी सिलेंडर मुफ्त, मैरिज सीर स्कीम के तहत आठ ग्राम सोना और एक सिल्क साड़ी, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करना, शिक्षा सहायता, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में तेज न्याय के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन करना शामिल हैं। व्यापक कल्याण दृष्टिकोण के हिस्से के रूप में विजय ने कहा कि राज्य में जन्मे हर बच्चे को सरकार की ओर से एक सोने की अंगूठी दी जाएगी, जो परिवारों और बच्चों की भलाई के प्रतीक के रूप में होगी।

    विजय ने मामल्लापुरम में टीवीके के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस समारोह में दिए गए अपने भाषण में महिलाओं को सशक्त बनाने, परिवार कल्याण में सुधार तथा सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से महिलाओं पर केंद्रित प्रमुख वादों की झड़ी लगा दी और वादा किया कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो इन्हें लागू किया जाएगा। उनकी एक प्रमुख घोषणा यह थी कि 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिला परिवार प्रमुखों को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि टीवीके के सत्ता में आने के तुरंत बाद यह स्कीम लागू की जाएगी, जिससे घरों में केंद्रीय भूमिका निभाने वाली बुजुर्ग महिलाओं को आर्थिक सहायता और सम्मान मिलेगा। उन्होंने "अन्नापूर्णी सुपर 6" स्कीम की भी घोषणा की, जिसके तहत हर परिवार को साल में छह एलपीजी सिलेंडर मुफ्त दिए जाएंगे। इस स्कीम का उद्देश्य परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करना और खाना पकाने तथा घरेलू जिम्मेदारियों को संभालने वाली महिलाओं को सहायता प्रदान करना है।

    शादी के दौरान महिलाओं को सहायता देने के लिए विजय ने "अन्नन सीर"(पारंपरिक उपहार या दहेज सामग्री जो नई दुल्हन को उसके माता-पिता देते हैं) स्कीम की घोषणा की। इस पहल के तहत सरकार हर योग्य महिला की शादी के लिए सोना और एक सिल्क साड़ी प्रदान करेगी। इस स्कीम का उद्देश्य शादियों के दौरान परिवारों पर आर्थिक दबाव कम करना है। विजय ने आगे महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण पर विशेष ध्यान देने वाला एक समर्पित सरकारी विभाग बनाने का वादा किया। यह विभाग कल्याण कार्यक्रमों को मजबूत करने, सुरक्षा उपाय लागू करने और इन समूहों से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए काम करेगा।

    शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने 'कामराज शिक्षा आश्वासन स्कीम' का वादा किया। इस पहल का उद्देश्य कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों को बिना ड्रॉपआउट के शिक्षा पूरी करने की गारंटी देना है। उन्होंने कहा कि परिवारों को बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु सरकार हर ऐसे छात्र के माता-पिता या अभिभावक को सालाना 15,000 रुपये देगी, जिसकी पढ़ाई बिना रुकावट पूरी हो। एक अन्य पहल "वेत्री पयानम" (विजय यात्रा) स्कीम के तहत उन्होंने प्रदेश भर में सभी सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा का वादा किया। इस उपाय से महिलाओं की गतिशीलता में सुधार, रोजगार के अवसर बढ़ना और यात्रा व्यय कम होना अपेक्षित है। वर्तमान में द्रमुक सरकार की "विदियाल पयानम" योजना केवल लोकल बसों तक सीमित है, लेकिन इंट्रा-स्टेट या इंटर-स्टेट एक्सप्रेस बसों में नहीं।

    पूरे राज्य में महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करने पर ध्यान देते हुए उन्होंने घोषणा की कि महिलाओं से संबंधित मामलों पर त्वरित कार्रवाई के लिए राज्य भर में 500 विशेष सुरक्षा टीमें गठित की जाएंगी। इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन वाहनों में स्मार्ट पैनिक बटन लगाए जाएंगे, जिससे महिला यात्रियों को आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में तेज न्याय सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने कहा कि सरकार "अंजलाई अम्मल फास्ट-ट्रैक अदालत" का गठन करेगी। ये अदालतें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों को संभालेंगे, ताकि तेज ट्रायल और समयबद्ध न्याय मिल सके।

    विजय ने मासिक धर्म स्वच्छता और पहुंच सुधारने के उद्देश्य से एक सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल के तहत राशन दुकानों के माध्यम से महिलाओं को मुफ्त सेनेटरी नैपकिन वितरित करने का भी वादा किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के माध्यम से महिलाओं को उद्यमिता, छोटे व्यवसाय और आर्थिक स्वतंत्रता के लिए 5 लाख रुपये तक ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता देने की घोषणा की।

    इन कल्याण घोषणाओं की लंबी सूची को टीवीके का एक बड़ा राजनीतिक बयान माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी तमिलनाडु में अपनी पहली प्रमुख चुनावी लड़ाई की तैयारी कर रही है। महिलाओं, परिवारों और शिक्षा पर विशेष फोकस करके विजय ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि पार्टी सत्ता में आई तो सामाजिक कल्याण और सशक्तिकरण उसके शासन एजेंडे के मुख्य विषय होंगे।

     

  • MP के इस जिले में BJP का संगठन विस्तार, नई मंडल कार्यकारिणी में 25 पदाधिकारी नियुक्त

    MP के इस जिले में BJP का संगठन विस्तार, नई मंडल कार्यकारिणी में 25 पदाधिकारी नियुक्त

    सुसनेर

    भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से सुसनेर मंडल की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। मंडल अध्यक्ष डॉ. सौरभ जैन ने 25 पदाधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपते हुए संगठन को और सक्रिय बनाने का संदेश दिया है।

    घोषित कार्यकारिणी में कल्याण सिंह, अभय जैन, पीरू सिंह सारखा, जसवंत सिंह पालड़ा, मानसिंह गुराड़ी और कमल भावसार को मंडल उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं लखन सेन और बनास कुंवर कालूसिंह चौहान को मंडल महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    मंडल मंत्री के रूप में गोपाल सिंह, जितेंद्र सिंह राजपूत, हेमराज जाट, कमलसिंह सेमली, सिद्धू सिंह पटपड़ा और दुर्गाबाई विक्रम चौहान को शामिल किया गया है। दिनेश कानुडिया को कोषाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि ईश्वर सिंह पटेल और गोपाल पाटीदार को सह-कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

    संगठन के संचालन के लिए अनिल जैन को कार्यालय मंत्री बनाया गया है। उनके सहयोग के लिए नारायण सिंह कलारिया और मनोज सुमन को सह कार्यालय मंत्री नियुक्त किया गया है।

    मीडिया और आईटी से जुड़े दायित्वों में दीपक जैन को मीडिया प्रभारी, स्नेहा युगल किशोर परमार को सह मीडिया प्रभारी बनाया गया है। वहीं यशवंत बैरागी को सोशल मीडिया प्रभारी, सिया भावसार को सह सोशल मीडिया प्रभारी तथा कार्तिक शर्मा को आईटी सेल प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    मंडल अध्यक्ष ने कहा कि नई टीम संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मिलकर कार्य करेगी।

  • LPG सिलेंडर के बढ़े दाम पर खड़गे का वार, बोले— पर्याप्त तेल-गैस मुहैया कराने में सरकार लाचार

    LPG सिलेंडर के बढ़े दाम पर खड़गे का वार, बोले— पर्याप्त तेल-गैस मुहैया कराने में सरकार लाचार

    नई दिल्ली. 
    कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में इजाफा होने के बाद केंद्र सरकार का निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पर्याप्त तेल-गैस और उर्वरक मुहैया कराने में लाचार है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "घरेलू एलपीजी सिलेंडर में 60 रुपए का इजाफा और कमर्शियल एलपीजी में 115 रुपए का मुनाफा कमाया। पहले कम अंतर्राष्ट्रीय दामों का लाभ जनता से छीना और अब महंगाई के बोझ से जनता का पसीना निकाला।

    जंग होने पर 'सब चंगा सी' वाली दावेबाज मोदी सरकार, पर्याप्त तेल-गैस और उर्वरक मुहैया कराने में लाचार है।" इससे पहले, कांग्रेस ने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट से पोस्ट किया, "सरकार ने जनता को झटका दिया है। सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम सीधे 60 रुपए बढ़ा दिए हैं। वहीं, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के लिए अब आपको 115 रुपए ज्यादा चुकाने होंगे। पिछले 3 महीने में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम 307 रुपए बढ़ गए हैं। सरकार लगातार जनता पर महंगाई का हंटर चला रही है।"

    आम आदमी पार्टी ने भी एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने पर सरकार को घेरा। पार्टी ने 'एक्स' पोस्ट पर लिखा, "सरकार ने जनता को होली गिफ्ट दिया है। देश की जनता बढ़ती महंगाई से पहले ही त्रस्त है और उसके ऊपर से सरकार ने एक और बम फोड़ा है। सरकार ने घरों में इस्तेमाल होने वाले एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपए और बढ़ा दिए हैं।"

    बता दें कि तेल कंपनियों ने शनिवार को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में इजाफा किया। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 114.5 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार, नई दिल्ली में 14.2 किलो के बिना सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपए कर दी गई है, जो पहले 853 रुपए थी। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक साल से भी कम समय में यह दूसरी बार बढ़ोतरी हुई है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी प्रति यूनिट 114.5 रुपए की बढ़ोतरी हुई है।