Category: देश

  • राजौरी में हाई अलर्ट! जंगलों में छिपे लश्कर आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का बड़ा अभियान

    राजौरी में हाई अलर्ट! जंगलों में छिपे लश्कर आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का बड़ा अभियान

     श्रीनगर

    जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सुरक्षाबलों का आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन पिछले छह दिनों से जारी है. सूत्रों के अनुसार, 2 से 3 शीर्ष लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी जंगल के इलाके में छिपे हुए हैं, जिनकी तलाश में सुरक्षाबलों ने गुरुवार सुबह पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।

    अधिकारियों ने बताया कि राजौरी के गंभीर मुगलान इलाके में कुछ आतंकियों को छिपे होने का इनपुट मिला था. इसके आधार पर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा संयुक्त रूस आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है जो छठे दिन भी जारी है. सूत्रों का कहना है कि इस इलाके में 2 से 3 लश्कर के आतंकी छिपे हुए हैं।

    लेफ्टिनेंट जनरल ने किया सैन्य क्षेत्र का दौरा
    आतंकवाद विरोधी इस बड़े ऑपरेशन की गंभीरता को देखते हुए उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने बुधवार को खुद इस सैन्य क्षेत्र का दौरा किया था. उन्होंने अग्रिम चौकियों पर तैनात जवानों से मुलाकात की और कमान संभाल रहे अधिकारियों के साथ जारी काउंटर टेरर ऑपरेशन की रणनीतिक समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।

    उन्होंने बताया कि शनिवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच सुबह करीब साढ़े 11 बजे भीषण मुठभेड़ हुई थी, जिसमें सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घने जंगल वाले इलाके से खदेड़ दिया।

    इस बेहद घने जंगल क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों से निपटने के लिए सेना द्वारा आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है. अत्याधुनिक ड्रोन और सैन्य हेलिकॉप्टरों के जरिए पूरे जंगल के कोने-कोने पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि छिपे हुए आतंकियों को भागने का कोई मौका न मिले।

  • केरल की सियासत में हलचल, पूर्व CM विजयन और उनकी बेटी के घर ED का छापा

    केरल की सियासत में हलचल, पूर्व CM विजयन और उनकी बेटी के घर ED का छापा

    तिरुवनन्तपुरम
     केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ ईडी की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने बुधवार सुबह सुबह चीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पिनाराई विजयन के आवास पर तलाशी अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई चल रही जांच के तहत की गई। इसमें कथित वित्तीय अनियमितताओं और धनशोधन के आरोपों की पड़ताल की जा रही है। बता दें कि केरल में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत लगभग 10 जगहों पर तलाशी ली गई। Pइनमें राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम में विजयन का किराए का आवास भी शामिल था।

    जानें क्या है मामला
    बता दें कि केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पी. विजयन से जुड़ी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) वित्तीय लेनदेन मामले में केरल हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय की जांच को जारी रखने की अनुमति दे दी है। न्यायमूर्ति टीआर रवि ने कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड और उसके चार वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दायर उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें ईडी की जांच और ईसीआईआर को चुनौती दी गई थी। हालांकि यह मामला सीधे तौर पर पी. विजयन से जुड़ा नहीं है, लेकिन तब यह बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया था। जब आरोप लगे कि सीएमआरएल ने एक्सलोगिक सोलूशन्स को संदिग्ध भुगतान किए थे। यह कंपनी उनकी बेटी वीणा थाइकांडियिल की बताई जाती है।

    लगे थे ये आरोप
    आरोपों के अनुसार, सीएमआरएल ने बिना किसी वास्तविक सेवा के वीणा के कंपनी को हर महीने भुगतान किया था, जिसके बाद केरल में राजनीतिक विवाद तेज हो गया था। विपक्ष ने बार-बार विजयन और उनके परिवार पर सवाल उठाए थे। सीएमआरएल और उसके अधिकारियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर ईडी की कार्रवाई को रद्द करने की मांग की थी। उनका कहना था कि इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत कोई अपराध नहीं बनता, इसलिए ईडी को जांच का अधिकार नहीं है।

    कोर्ट के फैसले के बाद जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता मिला
    याचिकाकर्ताओं में सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक एस.एन. ससीधरन कर्था, सीएफओ के.एस. सुरेश कुमार, सीनियर मैनेजर एन.सी. चंद्रशेखरन और सीनियर अधिकारी अनु रैचल कुरुविला शामिल थे। इससे पहले सुनवाई के दौरान कुछ अधिकारियों ने ईडी पर पूछताछ के दौरान अवैध हिरासत का आरोप लगाया था। इसके बाद जून 2024 में हाई कोर्ट ने ईडी को पूछताछ की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था। विजिलेंस अदालतों और हाई कोर्ट द्वारा पहले भी इस मामले में विजिलेंस जांच की मांग खारिज की जा चुकी थी। अब मंगलवार के फैसले के बाद ईडी को इस हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता मिल गया है।

     

  • राफेल डील पर हर विवाद खत्म, भारत ने बढ़ाई हवाई ताकत; पाकिस्तान देखता रह गया

    राफेल डील पर हर विवाद खत्म, भारत ने बढ़ाई हवाई ताकत; पाकिस्तान देखता रह गया

    बेंगलुरु 
     भारत ने मित्र देश फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने की दिशा में निर्णायक कदम उठा लिया है. इसके साथ ही अब इस सौदे को लेकर तमाम तरह की अटकलबाजियों पर फिलहाल विराम लग गया है. भारत ने फ्रांस के साथ 3.25 लाख करोड़ की ऐतिहासिक डिफेंस डील की है. अब इसको लेकर भारत ने लेटर ऑफ रिक्‍वेस्‍ट (Letter of request-LOR) को अंतिम रूप दे दिया है. अब इसे फ्रांस को भेजा जाएगा. दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच जाएगी. इसके तहत भारत को 114 राफेल फाइटर जेट मिलना है. बताया जा रहा है कि इस सौदे के तहत भारत को राफेल का एडांस वर्जन F4 मिलेगा. यह पहले के विमानों के मुकाबले ज्‍यादा एडवांस है. राफेल F4 फाइटर जेट में पहले के मुकाबले पावरफुल सेंसर और रडार सिस्‍टम लगाया गया है. इसके साथ ही राफेल F4 में कटिंग एज टेक्‍नोलॉजी से डेवलप ज्‍यादा घातक वेपन भी इंटीग्रेट किया जा सकेगा. पाकिस्‍तान भी चीन और तुर्की से फाइटर जेट खरीदने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक सिर्फ बतोलेबाजी ही चल रही है. किसी तरह का ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। 

    भारत ने भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद प्रक्रिया में बड़ा कदम उठाते हुए फ्रांस को भेजे जाने वाले लेटर ऑफ रिक्वेस्ट (LoR) को अंतिम रूप दे दिया है. ‘इंडियन एक्‍सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह दस्तावेज अगले कुछ हफ्तों में फ्रांस को भेजा जा सकता है. इस सौदे के तहत करीब 90 राफेल विमान भारत में ही फ्रांसीसी कंपनी Dassault Aviation और एक भारतीय साझेदार कंपनी के सहयोग से बनाए जाएंगे, जबकि बाकी विमान सीधे फ्रांस से तैयार अवस्था में भारत आएंगे. यह खरीद गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट समझौते यानी इंटरगवर्नमेंटल एग्रीमेंट (IGA) के तहत की जा रही है. रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, फ्रांस की ओर से LoR का जवाब मिलने के बाद भारत औपचारिक रूप से रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी करेगा. इसके बाद कीमत, तकनीकी सहायता और लॉजिस्टिक सपोर्ट को लेकर दोनों देशों के बीच विस्तृत बातचीत होगी. अंतिम मंजूरी केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा समिति (CCS) से मिलने के बाद ही समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। 

    प्रस्‍ताव को 3 महीने पहले मिली थी मंजूरी
    इस प्रस्ताव को रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने तीन महीने पहले मंजूरी दी थी. अब भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह अगले महीने की शुरुआत में फ्रांस की यात्रा पर जाने वाले हैं. यह दौरा प्रधानमंत्री Narendra Modi की संभावित फ्रांस यात्रा से पहले हो रहा है, जिससे रक्षा सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है. भारतीय वायुसेना पहले से 36 राफेल विमानों का ऑपरेशन कर रही है, जबकि भारतीय नौसेना भी आने वाले वर्षों में 26 राफेल-M विमानों को अपने विमानवाहक पोतों (Aircraft Carrier) के लिए शामिल करने जा रही है. अतिरिक्त राफेल विमानों की खरीद से प्रशिक्षण, रखरखाव और लॉजिस्टिक लागत कम करने में मदद मिलेगी। 

    क्‍यों अहम है यह डील?
    इस परियोजना में लगभग 50 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री शामिल करने की योजना है. भारत विमान के इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट (ICD) हासिल करने पर भी जोर दे रहा है, ताकि स्वदेशी हथियार प्रणालियों जैसे Astra Missile और BrahMos-NG को राफेल से जोड़ा जा सके. हालांकि, विमान के पूरे सोर्स कोड तक पहुंच मिलने की संभावना कम मानी जा रही है. सरकार का लक्ष्य इस साल के अंत तक बातचीत पूरी कर सौदे पर हस्ताक्षर करना है. रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह सौदा भारतीय वायुसेना की घटती स्क्वाड्रन क्षमता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा. फिलहाल वायुसेना के पास केवल 29 लड़ाकू स्क्वाड्रन हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 42 स्‍क्‍वाड्रन की है। 

    राफेल डील जरूरी क्‍यों?
    राफेल विमानों की नई खेप भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रमों जैसे LCA Mk1A, LCA Mk2 और Advanced Medium Combat Aircraft के पूरी तरह विकसित होने तक कमी के अंतर को भरने में मदद करेगी. AMCA के 2035 के बाद सेवा में आने की संभावना है. इस बीच भारत पांचवीं पीढ़ी के एक अन्य लड़ाकू विमान की खरीद पर भी विचार कर रहा है. रूस ने अपने Sukhoi Su-57 लड़ाकू विमान का प्रस्ताव भारत को दिया है, लेकिन इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। 

  • बेटे की शादी बनी चर्चा का विषय, परिवार ने गांव वालों को दिया 3500 इंश्योरेंस का उपहार

    बेटे की शादी बनी चर्चा का विषय, परिवार ने गांव वालों को दिया 3500 इंश्योरेंस का उपहार

     नांदेड

    महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के कंधार तालुका स्थित बहादरपुरा गांव में एक शादी सामाजिक सरोकार और मानवता की मिसाल बन गई. आमतौर पर शादी समारोहों में लाखों रुपये सजावट, आतिशबाजी और भव्य आयोजनों पर खर्च किए जाते हैं, लेकिन बहादरपुरा के पेठकर परिवार ने अपने बेटे सिद्धेश्वर पेठकर के विवाह को समाज सेवा से जोड़ते हुए एक अनोखी पहल की। 

    पेठकर परिवार ने पूरे गांव का कराया बीमा
    सिद्धेश्वर पेठकर और मंजुषा के विवाह समारोह के अवसर पर परिवार ने पूरे गांव के करीब 3500 लोगों का दुर्घटना बीमा कराने का निर्णय लिया. इस पहल का उद्देश्य गांव के लोगों को भविष्य में किसी भी दुर्घटना या अप्रिय घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है. परिवार का मानना है कि शादी केवल व्यक्तिगत खुशी का अवसर नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी माध्यम होना चाहिए। 

    गांव में जैसे ही इस पहल की जानकारी सामने आई, लोगों में खुशी और गर्व का माहौल बन गया. ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने पहली बार किसी शादी में ऐसा सामाजिक संदेश देखा है. गांव के बुजुर्गों का कहना है कि यह पहल आने वाले समय में अन्य परिवारों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। 

    पेठकर परिवार ने बताया कि आज के समय में अचानक होने वाली दुर्घटनाएं कई परिवारों को आर्थिक संकट में डाल देती हैं. ऐसे में यदि पहले से बीमा जैसी सुविधा उपलब्ध हो तो कठिन समय में लोगों को सहारा मिल सकता है. इसी सोच के साथ विवाह समारोह को सामाजिक सुरक्षा अभियान से जोड़ने का निर्णय लिया गया। 

    चर्चा में बनी ये पहल
    परिवार के इस कदम की इलाके में व्यापक चर्चा हो रही है. सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना की है. लोगों का कहना है कि अगर समाज के सक्षम लोग अपने निजी आयोजनों को सामाजिक हित से जोड़ें, तो कई जरूरतमंदों की मदद की जा सकती है। 

    बहादरपुरा गांव में अब यह शादी केवल एक पारिवारिक आयोजन नहीं रही, बल्कि सामाजिक चेतना और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बन गई है. “वधू का आगमन हुआ और गांव सुरक्षित हो गया”. यह संदेश अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. पेठकर परिवार की इस अनोखी पहल ने यह साबित कर दिया कि खुशियों के अवसर पर समाज के बारे में सोचने से बदलाव की नई शुरुआत की जा सकती है। 

  • ईरान पर बढ़ा दबाव! मार्को रुबियो ने कहा- होर्मुज बंद हुआ तो रूस-चीन पर भी पड़ेगा असर

    ईरान पर बढ़ा दबाव! मार्को रुबियो ने कहा- होर्मुज बंद हुआ तो रूस-चीन पर भी पड़ेगा असर

    नई दिल्ली

    दिल्ली में आज क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक शुरू हो गई. इस बैठक की शुरुआत में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया और कहा कि क्वाड देशों के बीच साझा गतिविधियों और साझा चुनौतियों पर गंभीर चर्चा की जा रही है. उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में कई बड़े मौके और चुनौतियां सामने हैं, जिन पर मिलकर काम करने की जरूरत है। 

    वहीं इस बैठक में शामिल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज हर हाल में खुला रहना चाहिए और रहेगा. उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जो कुछ हो रहा है, वह गैरकानूनी, अस्थिर और दुनिया के लिए अस्वीकार्य है। 

    माना जा रहा है कि बैठक का सबसे बड़ा फोकस चीन के बढ़ते प्रभाव और खासकर क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर में उसके दबदबे को चुनौती देना होगा. दरअसल, पिछले साल क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स पहल शुरू की गई थी. अब इस बैठक में सप्लाई चेन को विविध बनाने और आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई बड़े कदमों का ऐलान हो सकता है. अमेरिका इस पहल की अगुवाई कर रहा है और माना जा रहा है कि QUAD देश मिलकर चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। 

    इस बैठक में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा होगी. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके असर को देखते हुए क्वाड देश ऊर्जा सुरक्षा को लेकर साझा रणनीति बना सकते हैं. इसके अलावा समुद्री सुरक्षा, ट्रांसनेशनल क्राइम, मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं। 

    समुद्र, मिनरल्स और ऊर्जा… QUAD ने खोला नया मोर्चा, जयशंकर बोले- हुई बेहद अहम बैठक
    दिल्ली में हुई QUAD देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि चारों देशों के बीच बेहद ‘उपयोगी और उत्पादक’ चर्चा हुई है. भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कई बड़े फैसलों पर सहमति बनाई है। 

    इंडो-पैसिफिक में क्वाड की नई रणनीति, अमेरिका ने लॉन्च किया सर्विलांस प्लान
    दिल्ली में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह साझेदारी अब सिर्फ चर्चा का मंच नहीं रह गई है, बल्कि ‘फ़ोरम ऑफ एक्शन’ बन चुकी है. उन्होंने भारत को सफल मेज़बानी के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि बैठक में बेहद उपयोगी और सार्थक चर्चा हुई. रुबियो ने कहा कि भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया चारों देश मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों को साझा करते हैं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

    अमेरिकी विदेश मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि QUAD देशों ने इंडो-पैसिफिक सर्विलांस लॉन्च करने का फैसला किया है. उनका कहना था कि इंडो-पैसिफिक दुनिया का सबसे अहम समुद्री क्षेत्र है, जहां से करीब 60 प्रतिशत वैश्विक समुद्री व्यापार गुजरता है. ऐसे में समुद्री सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है। 

    रुबियो ने कहा कि बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क लॉन्च करने का भी फैसला लिया गया है. माना जा रहा है कि इसका मकसद चीन पर निर्भरता कम करना और वैकल्पिक सप्लाई चेन को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि QUAD सिर्फ सदस्य देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और अन्य देशों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। 

    इंडो-पैसिफिक पर क्वाड का फोकस, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर बनी रणनीति
    दिल्ली में आयोजित क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक खत्म होने के बाद भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों ने साझा बयान जारी किया. विदेश मंत्री एस. जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वांग और जापान के विदेश मंत्री मोटेगी ने बैठक को सकारात्मक और उपयोगी बताया। 

    इस बैठक के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि QUAD देशों के बीच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि चारों देशों ने सुरक्षित समुद्री व्यापार और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। 

    जयशंकर ने कहा कि वैश्विक हालात को देखते हुए सप्लाई चेन को मजबूत और भरोसेमंद बनाना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि QUAD देशों ने इस दिशा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है. विदेश मंत्री के मुताबिक बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, फर्टिलाइजर्स और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. माना जा रहा है कि चीन पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक सप्लाई नेटवर्क तैयार करने को लेकर QUAD देशों के बीच रणनीतिक तालमेल और मजबूत हुआ है। 

     

  • 3000 किमी की दूरी भी नहीं बनी बाधा, भारतीय डॉक्टर ने रिमोट सर्जरी से बचाई जान

    3000 किमी की दूरी भी नहीं बनी बाधा, भारतीय डॉक्टर ने रिमोट सर्जरी से बचाई जान

    हैदराबाद

    तकनीक और मेडिकल साइंस ने एक बार फिर ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने दुनियाभर का ध्यान खींच लिया है. चीन के वुहान में मौजूद भारतीय यूरोलॉजिस्ट डॉ. सैयद मोहम्मद गौस ने हैदराबाद में मौजूद एक मरीज की रोबोट की मदद से सफल सर्जरी की. खास बात यह रही कि डॉक्टर और मरीज के बीच करीब 3000 किलोमीटर की दूरी थी। 

    रिपोर्ट के मुताबिक, यह यूरेट्रल रीइम्प्लांटेशन सर्जरी थी, जिसमें यूरेटर (किडनी से यूरिन ब्लैडर तक ले जाने वाली नली) को दोबारा ब्लैडर से जोड़ा गया. यह ऑपरेशन चीन में विकसित रोबोटिक तकनीक और हाई-स्पीड 5G इंटरनेट की मदद से किया गया. पूरा ऑपरेशन करीब 90 मिनट तक चला. इस दौरान वुहान के टोंगजी हॉस्पिटल और हैदराबाद की मेडिकल टीम के बीच लगातार समन्वय बना रहा। 

    इस उपलब्धि को भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया. उन्होंने लिखा कि भारतीय यूरोलॉजिस्ट डॉ. सैयद मोहम्मद गौस ने वुहान में बैठकर हैदराबाद के मरीज की सिर्फ 90 मिनट में रोबोट-असिस्टेड सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की। 

    ऑपरेशन शुरू होने से पहले वुहान और हैदराबाद के डॉक्टरों ने ऑनलाइन मरीज की मेडिकल रिपोर्ट्स की संयुक्त समीक्षा की. इसके बाद रोबोटिक आर्म्स की मूवमेंट को लेकर पूरी योजना तैयार की गई. हैदराबाद में मौजूद मेडिकल स्टाफ ने मरीज को एनेस्थीसिया दिया और ऑपरेशन थिएटर में रोबोटिक सिस्टम को तैयार किया। 

    इस रोबोटिक सिस्टम में बेहद बारीक सर्जिकल उपकरण और हाई-डेफिनिशन 3D कैमरे लगे थे, जो हैदराबाद से लाइव तस्वीरें वुहान भेज रहे थे. डॉ. गौस वुहान के टोंगजी हॉस्पिटल में एक कंट्रोल कंसोल पर बैठे थे, जहां से उन्होंने पूरे ऑपरेशन के दौरान रोबोटिक आर्म्स को नियंत्रित किया। 

     200 मिलीसेकंड यानी 0.2 सेकंड रोबोट ले रहे थे निर्देश
    रिपोर्ट के अनुसार, 5G नेटवर्क की मदद से डॉक्टर के निर्देश सिर्फ 200 मिलीसेकंड यानी 0.2 सेकंड के भीतर हैदराबाद पहुंच रहे थे. इतनी कम देरी की वजह से रोबोटिक आर्म्स लगभग उसी समय डॉक्टर के हाथों की हरकतों को दोहरा पा रहे थे. यही वजह रही कि हजारों किलोमीटर दूर बैठने के बावजूद सर्जरी के दौरान सटीकता और नियंत्रण बनाए रखा जा सका। 

    हैदराबाद में मौजूद डॉक्टरों की टीम भी पूरे समय ऑपरेशन थिएटर में मौजूद रही और किसी भी इमरजेंसी स्थिति में तुरंत मदद के लिए तैयार थी.यह सर्जरी International Hepato-Pancreato-Biliary Association के चीनी चैप्टर की 10वीं कांग्रेस के दौरान दिखाई गई 26 सर्जरी में से एक थी. इनमें भारत, ब्राजील, जॉर्जिया, ग्रीस और उज्बेकिस्तान के विशेषज्ञों के साथ लाइव अंतरराष्ट्रीय रिमोट सर्जरी भी शामिल थीं। 

    टोंगजी हॉस्पिटल में सर्जरी विभाग के निदेशक चेन शियाओपिंग ने कहा कि AI, रोबोटिक्स और अगली पीढ़ी की कम्युनिकेशन तकनीकें दुनिया भर के हेल्थकेयर सिस्टम को तेजी से बदल रही हैं। 

  • महाराष्ट्र में भीषण सड़क हादसा, 800 फीट नीचे गिरी कार; 8 युवकों की मौके पर मौत

    महाराष्ट्र में भीषण सड़क हादसा, 800 फीट नीचे गिरी कार; 8 युवकों की मौके पर मौत

     महाबलेश्वर
    महाराष्ट्र के महाबलेश्वर में रविवार देर रात एक भयावह सड़क हादसे ने आठ लोगों की जिंदगी छीन ली. पोलादपुर-आंबेनळी घाट मार्ग पर एक स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर लगभग 700 से 800 फीट गहरी खाई में जा गिरी. हादसा इतना भीषण था कि वाहन में सवार सभी लोगों की मौत की आशंका ताई जा रही है. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। 

    बताया जा रहा है कि हादसा देर रात करीब 12:30 बजे से 1 बजे के बीच हुआ. रात का अंधेरा और घाट क्षेत्र का दुर्गम रास्ता बचाव कार्य में सबसे बड़ी चुनौती बन गया. सूचना मिलते ही महाबलेश्वर ट्रैकर्स की टीम, स्थानीय पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे. गहरी खाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को बेहद सावधानी के साथ चलाना पड़ा। 

    मृतकों की पहचान सातारा जिले के कोरेगांव तहसील के आसगांव गांव के रहने वाले लोगों के रूप में हुई है. इनमें 25 वर्षीय महेश अनिल पवार, 21 वर्षीय आदित्य अशोक सालुंखे, 25 साल के रितेश राजेंद्र लोखंडे, 20 साल के सुहास जितेंद्र लोखंडे, 18 साल के अंश समीर चव्हाण, 21 साल के उत्कर्ष आनंद शिंगटे, 25 साल के अनिल अभिमन्यू शिंगटे और 35 वर्षीय नितीन किसन नायकोंडे शामिल हैं। 

    कोंकण से लौटते समय तड़के हुआ हादसा
    यह दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो गाड़ी सतारा जिले के कोरेगांव तालुका के आसगांव की है. यह हादसा तब हुआ जब ये सभी लोग कोंकण से वापस सतारा की ओर लौट रहे थे. आंबेनली घाट में तड़के करीब 2:45 बजे यह दर्दनाक हादसा हुआ. यह घटना उसी क्षेत्र में हुई है, जहां साल 2018 में दापोली कृषि विश्वविद्यालय की बस खाई में गिरी थी। 

    खाई अत्यधिक गहरी होने के कारण बचाव दल ने शुरुआत में दूरबीन की मदद से तलाश शुरू की, जिसमें पहला शव दिखाई दिया. बेहद कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू टीम को करीब 500 से 700 फीट की गहराई पर 2 शवों को ढूंढने में सफलता मिल चुकी है. पोलादपुर पुलिस और बचाव दल द्वारा दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी और बाकी शवों को बाहर निकालने के लिए खोजी अभियान लगातार जारी है। 

    सभी मृतक सतारा के रहने वाले
    शुरुआती जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो गाड़ी सतारा जिले की है. गाड़ी में सवार पर्यटक सतारा, आसगांव और कोरेगांव इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं. बचाव दल द्वारा स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार अन्य यात्रियों के शवों को ढूंढने का काम लगातार जारी है। 

    पोलादपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारी आनंद रावड़े ने बताया कि मृतक सतारा के आसगांव के थे. 24 तारीख को तड़के वे हरणे बीच से वापस सतारा की ओर जा रहे थे, तब पोलादपुर मार्ग से आंबेनळी घाट में दाबेली गांव की सीमा में उनकी गाड़ी पर से नियंत्रण छूट गया और गाड़ी गहरी खाई में गिर गई। 

    सुबह करीब छह बजे से चार अलग-अलग रेस्क्यू टीमें युद्धस्तर पर बचाव अभियान में जुटी हुई हैं. अब तक दो शवों को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी शवों को खाई से बाहर लाने की प्रक्रिया जारी है. स्थानीय प्रशासन और पुलिस लगातार घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं। 

    फिलहाल दुर्घटना की असली वजह सामने नहीं आई है. पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि घाट मार्ग के खतरनाक मोड़, रात का समय या वाहन के नियंत्रण खोने जैसी परिस्थितियां हादसे की वजह बन सकती हैं. इस हादसे के बाद मृतकों के गांव में शोक की लहर है और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। 

  • बुन्दिबुग्यो स्ट्रेन का खतरा: WHO अलर्ट के बाद भारत सतर्क

    बुन्दिबुग्यो स्ट्रेन का खतरा: WHO अलर्ट के बाद भारत सतर्क

     नई दिल्ली

     इबोला बीमारी के प्रकोप को देखते हुए, भारत सरकार ने रविवार को उन भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है जो कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में रह रहे हैं या वहां यात्रा कर रहे हैं।

    सरकार ने उन्हें स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।

    अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह
    स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने परामर्श में कहा है कि कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में बदलती स्थिति और विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों को देखते हुए, सभी भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक इन देशों की अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस स्थिति को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।

    बुन्दिबुग्यो स्ट्रेन का प्रकोप और जोखिम
    मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में अभी तक बुन्दिबुग्यो वायरस स्ट्रेन के कारण होने वाली इबोला बीमारी का कोई मामला सामने नहीं आया है। अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने आधिकारिक तौर पर कांगो और युगांडा को प्रभावित करने वाले बुन्दिबुग्यो स्ट्रेन के प्रकोप को महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।

    कांगो और युगांडा की सीमाओं से सटे दक्षिण सूडान जैसे देशों को भी संक्रमण के उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है।

    निगरानी बढ़ाने के निर्देश
    WHO की आपातकालीन समिति ने 22 मई को प्रवेश बिंदुओं पर रोग निगरानी को मजबूत करने के लिए अस्थायी सिफारिशें जारी की हैं।

    इसका उद्देश्य उन यात्रियों का पता लगाना, उनका आकलन करना और उन्हें रिपोर्ट करना है जो ऐसे क्षेत्रों से आ रहे हैं जहाँ बुन्दिबुग्यो वायरस की पुष्टि हुई है और जिनमें अस्पष्ट बुखार के लक्षण हैं।

    इबोला की गंभीर स्थिति
    इबोला बीमारी एक वायरल रक्तस्रावी बुखार है, जो इबोला वायरस के बुन्दिबुग्यो स्ट्रेन के संक्रमण से होता है। यह एक अत्यंत गंभीर बीमारी है जिसकी मृत्यु दर काफी अधिक है।

    बुन्दिबुग्यो वायरस के कारण होने वाली इबोला बीमारी को रोकने या इलाज के लिए कोई वैक्सीन या विशिष्ट उपचार स्वीकृत नहीं है।

  • कश्मीर में आतंक के खिलाफ अभियान जारी, बांदीपोरा-बारामूला में बड़े खुलासे

    कश्मीर में आतंक के खिलाफ अभियान जारी, बांदीपोरा-बारामूला में बड़े खुलासे

    जम्मू कश्मीर

    जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ जारी अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. उत्तरी कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में चलाए गए संयुक्त तलाशी अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के ठिकानों को ढूंढ निकाला और उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया.

    सुरक्षा बलों को उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के क्रीरी इलाके में आतंकियों के छिपे होने की खुफिया जानकारी मिली थी. जिसके बाद सेना और स्थानीय पुलिस ने नीलसर इलाके में एक जॉइंट सर्च ऑपरेशन शुरू किया था.

    आतंकवादी इस जगह का इस्तेमाल दोबारा न कर सकें, इसलिए सुरक्षा बलों ने इस ठिकाने को तुरंत तबाह कर दिया. पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है.

    23 विस्फोटक स्टिक्स बरामद
    इस ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने इलाके में बने एक गुप्त आतंकी ठिकाने का पर्दाफाश किया. सुरक्षा बलों को इन ठिकानों से भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य सामग्री बरामद हुई. ठिकाने की तलाशी लेने पर वहां से करीब 23 विस्फोटक स्टिक्स और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई.

    बांदीपोरा में प्राकृतिक गुफाओं में बना था ठिकाना
    इससे पहले उत्तरी कश्मीर के ही बांदीपोरा जिले से भी ऐसी ही एक कामयाबी की खबर आई थी. सुरक्षा बलों ने बांदीपोरा के अरागम इलाके में स्थित खंजपत्री के जंगलों में एक बड़े आतंकी ठिकाने को ध्वस्त किया था. ये कार्रवाई 14 से 15 मई के बीच एक विशेष 'सर्च एंड डिस्ट्रॉय ऑपरेशन' के तहत की गई थी. इस बड़े ऑपरेशन को सेना की 13 राष्ट्रीय राइफल्स, बांदीपोरा पुलिस और CRPF की तीसरी बटालियन ने मिलकर अंजाम दिया था.

    युद्ध जैसा सामान बरामद
    पहाड़ी इलाके में तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों की नजर वहां बनी प्राकृतिक गुफाओं पर गई. जब इन गुफाओं की तलाशी ली गई त वहां छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में युद्ध जैसा सामान बरामद हुआ. इस ठिकाने से रोजमर्रा के कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स टूल्स, खाने-पीने का राशन, बर्तन जैसी चीजें भी मिली थीं.

  • SAIL की जमीन पर बना था TMC नेता का ऑफिस, प्रशासन ने चलाया बुलडोजर अभियान

    SAIL की जमीन पर बना था TMC नेता का ऑफिस, प्रशासन ने चलाया बुलडोजर अभियान

    कोलकाता

    पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन और शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार बनने के बाद राज्यभर में अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. इसी कड़ी में पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल के बर्नपुर इलाके में एक और तृणमूल कांग्रेस कार्यालय पर बुलडोजर चलाया गया। 

    शनिवार को बर्नपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित टीएमसी पार्षद अशोक रुद्र के पार्टी कार्यालय को ध्वस्त कर दिया गया. बताया जा रहा है कि ये दफ्तर सेल-आईएसपी (इंडियन आयरन एंड स्टील कंपनी) की जमीन पर बना हुआ था। 

    स्थानीय प्रशासन और सेल अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा. पिछले कुछ दिनों में बर्नपुर इलाके में ये चौथा टीएमसी पार्टी दफ्तर है जिसे बुलडोजर चलाकर हटाया गया है। 

    टीएमसी ने लगाया 'टारगेट पॉलिटिक्स' का आरोप
    इस कार्रवाई को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर 'टारगेट पॉलिटिक्स' का आरोप लगाया है. टीएमसी नेताओं का कहना है कि विपक्षी दलों के दफ्तरों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है. हालांकि सेल प्रबंधन ने इन आरोपों को खारिज किया है. अधिकारियों का कहना है कि संबंधित लोगों को पहले कई बार नोटिस दिया गया था, लेकिन अवैध कब्जा नहीं हटाया गया. इसके बाद मजबूरन बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी। 

    सेल अधिकारियों ने ये भी कहा कि अब प्रशासन का सहयोग मिलने से अवैध कब्जों को हटाने का अभियान तेज किया गया है और आगे भी ये कार्रवाई जारी रहेगी. उनका कहना है कि किसी विशेष दल को निशाना नहीं बनाया जा रहा, बल्कि विकास परियोजनाओं के लिए सभी अवैध अतिक्रमण हटाए जाएंगे। 

    इससे पहले मंगलवार को बर्नपुर के त्रिवेणी मोड़ स्थित तृणमूल युवा कांग्रेस के एक पार्टी दफ्तर पर भी बुलडोजर कार्रवाई की गई थी. IISCO प्रबंधन ने आरोप लगाए थे कि ये पार्टी दफ्तर उनकी जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया था और जमीन खाली करने के लिए पहले नोटिस भी जारी किया गया था. हालांकि, नोटिस को अनदेखा कर दिया गया जिसके बाद दफ्तर पर बुलडोजर चलाया गया। 

    आसनसोल में टीएमसी के अवैध ऑफिस को तोड़ा

    पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद कई चीजों में बदलाव देखने को मिल रहा है। शुभेंदु अधिकारी के सीएम बनने के बाद अवैध कब्जा हटाने के लिए लगातार बुलडोजर गरज रहा है। आसनसोल के बर्नपुर में सेल की जमीन से अवैध कब्जा को हटाया गया। यहां कब्जा कर टीएमसी का ऑफिस भी बनाया गया था, जिसे तोड़ दिया गया है।

    टीएमसी यूथ विंग का ऑफिस जमींदोज
    दरअसल, कोलकाता और हावड़ा के बाद आसनसोल के बर्नपुर में बुलडोजर की दहाड़ सुनाई दी है। त्रिवेणी मोड़ के करीब सेल की जमीन पर टीएमसी यूथ विंग का ऑफिस बना हुआ था। इस्को की तरफ से कई बार अवैध ऑफिस को हटाने के लिए नोटिस दिया गया था। टीएमसी सत्ता में थी तो यूथ विंग के लोग जबरदस्ती वहां निर्माण कर लिया। सत्ता बदलते ही भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में उस ऑफिस को तोड़ दिया गया है।

    बदले की भावना से कार्रवाई
    वहीं, बुलडोजर कार्रवाई के बाद टीएमसी के स्थानीय नेता ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि यह राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है। बिना किसी बातचीत के इस ऑफिस को तोड़ दिया गया है। टीएमसी नेता ने यह भी आरोप लगाया है कि सेल की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर कई अन्य लोग भी व्यवसाय चला रहे हैं। मगर कार्रवाई सिर्फ टीएमसी ऑफिस पर की गई है।

    रेलवे की जमीनों से भी हटाया गया अतिक्रमण
    इसके साथ ही आसनसोल रेल मंडल की अतिक्रमित जमीनों से भी कब्जा हटाया गया है। अवैध क्वार्टर और घरों को बुलडोजर से तोड़ा गया है। बुलडोजर कार्रवाई के बाद वहां हड़कंप मच गया।

    पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद शुभेंदु अधिकारी
    गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी के सीएम बनने के बाद पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जिलों में बुलडोजर की कार्रवाई चल रही है। कोलकाता, हावड़ा और नंदीग्राम में भी यह कार्रवाई हो रही है। यह कार्रवाई अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ है।