Category: मध्य प्रदेश

  • स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना आवश्यक : राज्यमंत्रीगौर

    स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना आवश्यक : राज्यमंत्रीगौर

    भोपाल 

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)कृष्णा गौर ने कहा है कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक का स्वास्थ्य के प्रति सजग और जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने रेखांकित किया कि सेवा संकल्प अभियान का मूल ध्येय जनसेवा के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है।गौर शनिवार को मिसरोद स्थित शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत आयोजित स्वास्थ्य शिविर के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

    शिविर में नोबल हॉस्पिटल के विशेषज्ञों द्वारा विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा स्थानीय नागरिकों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं। राज्यमंत्रीगौर ने शिविर का अवलोकन किया और उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य जांच प्रक्रियाओं एवं चिकित्सा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नागरिकों को अपने दैनिक जीवन में स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने तथा नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम में राज्यमंत्रीगौर ने विद्यालय प्रांगण में फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने विद्यालय परिसर में आयोजित स्वच्छता अभियान में सहभागिता कर श्रमदान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संवर्धन और अपने परिवेश की स्वच्छता बनाए रखना हम सभी का सामूहिक एवं नैतिक दायित्व है। सार्वजनिक स्थलों तथा शैक्षणिक संस्थानों को स्वच्छ, निर्मल और हरा-भरा बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सक्रिय योगदान देना चाहिए।

    कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, स्वास्थ्य शिविर के चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ एवं बड़ी संख्या में गणमान्य स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

     

  • केंद्रीय मंत्री  शाह ने राज्यस्तरीय गौपालक सम्मेलन में 100 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन एवं लोकार्पण

    केंद्रीय मंत्री शाह ने राज्यस्तरीय गौपालक सम्मेलन में 100 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन एवं लोकार्पण

    भोपाल 

    राज्यस्तरीय गौ-पालक सम्मेलन

    केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री  अमित शाह ने कहा है कि पशुधन (लाईव स्टॉक) और दुग्ध उत्पादन देश के किसानों और गौवंश पालकों की समृद्धि का प्रमुख आधार है। पशुधन जितना होगा, उतनी ही होगी समृद्धि। देश के किसानों और पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि ही हमारा लक्ष्य है। पशुधन से दुग्ध उत्पादन और दुग्ध उत्पादन से ही गौपालकों के घर समृद्धि आती है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन किसानों और पशुपालकों की आय का बड़ा जरिया है। केंद्र सरकार देश में दुग्ध उत्पादन तेजी से बढ़ाने के लिए पशुपालकों को कई प्रकार की सहायता भी उपलब्ध करा रही है। सहकारिता मंत्री  शाह ने कहा कि भोपाल में हुआ यह विशाल गौपालक सम्मेलन मध्यप्रदेश में हो रही श्वेत क्रांति का एक शुभ संकेत है। सहकारिता मंत्री  शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं एक गौपालक हैं, उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश पूरे देश में दुग्धोत्पादन क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केन्द्रीय मंत्री  शाह ने प्रदेश के सभी गौपालकों से मप्र में प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का बड़ा लक्ष्य लेकर चलने की अपील करते हुए कहा कि सब मिल-जुलकर एक साथ आगे बढ़ेंगे, तभी यह लक्ष्य हासिल होगा। मंत्री  शाह शनिवार को भेल दशहरा मैदान में आयोजित विशाल राज्य स्तरीय गौ-पालक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

    प्रदेश को दीं कई सौगातें

    'सहकार से समृद्धि' की थीम पर केंद्रित राज्य स्तरीय सम्मेलन में केन्द्रीय सहकारिता मंत्री  शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल भूमि-पूजन किया। उन्होंने भोपाल में 16.50 करोड़ रुपये की लागत से नव निर्मित 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के फर्मेटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट, भोपाल में ही 12.42 करोड़ रुपये से नव निर्मित राज्य स्तरीय केंद्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला तथा शिवपुरी जिले में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया। केंद्रीय मंत्री ने सम्मेलन में भोपाल एवं इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालक सदस्यों को 15.10 करोड़ रुपये की लाभांश (बोनस) राशि तथा प्रदेश की गौशालाओं को गौवंश के संरक्षण एवं आहार आदि के लिए 88 करोड़ रुपये की सहायता राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। केंद्रीय गृह मंत्री  शाह ने मंच से 5 गौपालक दीदियों और सर्वश्रेष्ठ दुग्ध उत्पादन करने वाली समिति के सदस्यों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही 2 पशुपालकों को राज्य सरकार की डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति आशय-पत्र भी प्रदान किए।

    एमओयू भी हुआ

    भोपाल में मोरवन प्रोजेक्ट के तहत नगर वन विकसित करने कृभको एवं म.प्र. बॉयोडायवर्सिटी बोर्ड के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर परस्पर आदान-प्रदान किया गया। इसका उद्देश्य भोपाल में हरित क्षेत्र का विस्तार करने के साथ जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और नागरिकों के लिए बेहतर प्राकृतिक वातावरण विकसित करना है। नगर वन के विकास से स्थानीय जैव विविधता को संरक्षण मिलेगा तथा शहर में हरित आवरण को बढ़ावा मिलेगा। सम्मेलन में मप्र में वर्तमान में मनाये जा रहे कृषक कल्याण वर्ष 2026 (बलराम कृषि महोत्सव) पर केंद्रित लघु फिल्म तथा 'मप्र में दुग्ध क्रांति का सूत्रपात' विषयक एक आकर्षक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

    देश को नक्सलवाद से मिली निजात

    केंद्रीय मंत्री  शाह ने कहा कि देश को नक्सलवाद की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल गई है। अब बारी पूरे देश को नशामुक्त बनाने की है। भारत को वर्ष 2029 के अंत तक नशामुक्त बनाना हमारा लक्ष्य है। मंत्री  शाह ने नागरिकों से मध्यप्रदेश को 31 दिसम्बर 2029 तक पूर्णतः नशामुक्त प्रदेश बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ने और इस दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों में सहयोग करने की अपील की। केन्द्रीय मंत्री  शाह ने कहा कि नशामुक्ति के लिए सभी संभव योजनाएं तैयार की जाएंगी। इससे देश-प्रदेश के युवाओं को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने मध्यप्रदेश में करीब 50 एकड़ भूमि में गौवंश एवं भैंसों की नस्ल सुधार का काम प्रारंभ करने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कारगर उपायों से ही मप्र अगले तीन साल में 50 लाख लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन का लक्ष्य हासिल करेगा।

    न्याय संहिता प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

    केंद्रीय मंत्री  शाह ने कहा है कि आज यहां न्याय संहिता प्रदर्शनी का भी शुभारंभ हुआ है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने अंग्रेजी दौर के कई कानूनों को समाप्त कर अपनी न्याय संहिता लागू की है। हमारी न्याय व्यवस्था की पहचान कभी तारीख-पे-तारीख से होती थी, लेकिन अब भारतीय न्याय संहिता में एफआईआर के बाद 3 वर्ष में दोषी को सजा दिलाने का प्रावधान किया गया है। अंग्रेजों ने अपनी सरकार को बचाने के लिए कानून बनाए थे। उन्होंने कहा कि नई न्याय संहिता के मूल में न्याय दिलाना है, दंड नहीं। दंड सिर्फ अपराध रोकने के लिए ही है। इससे हर भारतीय के सम्मान की रक्षा होगी। इस नवीन न्याय संहिता से भारतीय न्यायपालिका शीघ्र ही दुनिया का सबसे आधुनिक न्याय तंत्र बन जाएगी। इसमें ऑनलाइन एफआईआर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, एफएसएल के प्रावधान और कई आधुनिक वैज्ञानिक प्रावधान इसमें जोड़े गए हैं। महिला सुरक्षा, आतंकवाद, लिंचिंग तक से प्रोटेक्शन की व्यवस्था की गई है।

    केंद्रीय मंत्री  शाह ने कहा कि देश में सहकारिता से जुड़े लोग 75 साल से सहकारिता मंत्रालय बनाने की मांग कर रहे थे, लेकिन विपक्षी दल की सरकारों ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया। प्रधानमंत्री  मोदी ने पहली बार देश में प्रथक से सहकारिता मंत्रालय की शुरुआत की। इसका सबसे अधिक लाभ देश के गौपालकों भाई-बहनों को हुआ है। उन्होंने बताया कि बिचौलियों को दूध बेचने से दुग्ध उत्पादकों को केवल 35 रुपए लीटर दाम मिलता है, लेकिन सहकारी समितियों को दूध बेचने पर पहले दिन से 55 रुपए लीटर दाम मिलेगा। हमारी सरकार मिल्क प्रोसेसिंग कर दही, मक्खन, पनीर जैसे उत्पाद करने के लिए इको सिस्टम तैयार कर रही है। आज उज्जैन में 255 करोड़ लागत के दूध प्रसंस्करण संयंत्र का भूमि-पूजन हुआ है। भोपाल में 17 करोड़ की लागत से सांची दुग्ध संघ का संयंत्र बनकर तैयार हो गया है। भोपाल में 12 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक राज्य स्तरीय प्रयोगशाला बनाई गई है। शिवपुरी में साढ़े 6 करोड़ की लागत से मिनी डेयरी यूनिट को भी बनाया जाएगा। भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े पशुपालकों को 12 करोड़ रुपए बोनस की सौगात दी गई है। गौपालक दीदियों का सम्मान भी हुआ है। प्रदेश में 50 एकड़ भूमि पर गाय और भैंस की नस्ल सुधार का कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है इससे गौमाता बीमार नहीं होगी। दूध उत्पादन बढ़ेगा। नई प्रजनन तकनीक से गाय केवल बछिया ही जनेगी। अगले तीन साल में मध्यप्रदेश सरकार दूध उत्पादन क्षमता को 10 लाख लीटर से बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाने के लिए काम कर रही है। यह एक बड़ा लक्ष्य है। गुजरात ने इसे कर दिखाया है।

    भारत कर रहा है दुनिया में सर्वाधिक दूग्ध उत्पादन

    केंद्रीय मंत्री  शाह ने कहा कि देश की आजादी के बाद वर्ष 2013-14 तक देश में कुल दूध उत्पादन 14 करोड़ 7 लाख टन था। प्रधानमंत्री  मोदी के सत्ता संभालने के बाद 10 साल में ही यह 25 करोड़ टन से अधिक हो गया है। केंद्र और हमारी राज्य सरकारों की गौपालकों के लिए प्रतिबद्धता से यह लक्ष्य हासिल होता है। प्रति व्यक्ति दूध उत्पादन में 58 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अब 485 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रति दिन हो गया है। भारत अब दुनिया में सबसे अधिक दुग्ध उत्पादन कर रहा है। देश के दूग्ध उत्पादक अग्रणी 5 राज्यों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं।

    नई डेयरी समितियों के लक्ष्य प्राप्ति में सबसे बड़ा योगदान होगा म.प्र. का

    केन्द्रीय मंत्री  शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में नंबर 1 बनाने का संकल्प लिया है। हमारा निर्यात आज बढ़कर 5000 करोड़ तक पहुंच गया है। यूएई, अमेरिका, बांग्लादेश, सऊदी अरब और भूटान सहित कई देशों में भारत निर्यात करता है। उन्होंने कहा कि हमने अब श्वेत क्रांति 2.0 का शुभारंभ किया है। केंद्र सरकार ने गांवों में 75 हजार डेयरी सहकारी समितियां बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही 46 हजार डेयरियों को और भी मजबूत किया जाएगा। नई डेयरी समितियों के लक्ष्य प्राप्ति में सबसे बड़ा योगदान मध्यप्रदेश का होगा। केंद्र सरकार ने नेट जीरो और चक्रीय अर्थव्यवस्था तैयार करने को गति दी है। पशुओं की नस्ल सुधार, पशु आहार तैयार करने, गोबर से बायोगैस, गोबर से उत्पाद तैयार करने, चारा प्रबंधन, कृत्रिम गर्भधान के लिए सरदार पटेल को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की स्थापना की है। गोबर का वैज्ञानिक संग्रह, स्वच्छ ऊर्जा निर्माण और ग्रामीण रोजगारी के लिए 5 मॉडल बनाए गए हैं। मध्यप्रदेश के प्रत्येक गांव तक गोबर के उत्पाद तैयार करने का मॉडल भी तैयार किया जाएगा। केन्द्रीय मंत्री  शाह ने कहा कि डेयरी आधारित अर्थव्यवस्था से देश की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। इससे ग्रामीण और आर्थिक विकास का मॉडल भी जुड़ता है। देश में कुपोषण से लड़ाई में भी डेयरी अहम भूमिका निभा रही है। केन्द्रीय मंत्री  शाह ने सम्मेलन में आए सभी गौपालकों को देश में नई श्वेत क्रांति 2.0 से जुड़ने की बधाई देने के साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को आश्वस्त किया कि दूध उत्पादन के लिए 50 लाख लीटर प्रतिदिन का लक्ष्य कठिन जरूर है, लेकिन केंद्र सरकार हर कदम पर प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है।

    दूध उत्पादन में अब देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नई दुग्ध क्रांति की ओर बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है कि देश का अधिकतम दुग्ध उत्पादन म.प्र. की धरती पर हो। उन्होंने कहा कि आज स्वयं केंद्रीय सहकारिता मंत्री की उपस्थिति में यहां अद्भुत राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन आयोजित किया गया है। प्रदेश में 80 लाख से अधिक गौपालकों का विशाल समृद्ध परिवार है। राज्य सरकार ने गरीब युवा महिला और नारी शक्ति के कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। किसान कल्याण वर्ष में हमने 17 विभागों को एक साथ जोड़ा है। किसानों की समृद्धि और उनकी आय बढ़ाने के लिए हमारी सरकार ने सभी तरह के प्रयास शुरू किए हैं। प्रदेश के प्रत्येक जिले में कृषि मेले, कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी, उन्नत कृषि के उपाय किसान भाइयों को बताए जा रहे हैं। किसान भाइयों की आय गौपालन, दूध उत्पादन, पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन और मत्स्य पालन से बढ़ाने के प्रयास किया जा रहे हैं। किसानों की सबसे अधिक आय दूध उत्पादन से होती है। मध्यप्रदेश दूध उत्पादन में अब देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश के हर गांव-कस्बे की सभी दुग्ध सहकारी समितियों को और भी सशक्त करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। इस दिशा में प्रदेश में कई नवाचारी कदम उठाये जा रहे हैं।

    गोवर्धन पूजा से पहले सरकार के तीन नए संकल्प, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की तीन घोषणायें

    सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौपालकों और दुग्ध उत्पादकों के हित में चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए अगले माह गोवर्धन पूजा से पहले सरकार के तीन नए संकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने इस संकल्पों की पूर्णता के लिए घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी 313 ब्लॉक्स में स्थित वृंदावन ग्रामों में उत्कृष्ट गौपालकों की प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसमें विजेताओं को नगद पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम विजेता को एक लाख रुपए, द्वितीय को 50 हजार रुपए एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी प्रदेश में 406 गौ-एम्बुलेन्स चल रही हैं। इसमें वृद्धि करते हुए अब प्रदेश में 168 नई गौ-एम्बुलेन्स चलाईं जायेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्नत दुधारू नस्ल के पशु अधिक दूध उत्पादन करते हैं, इसीलिए उन्नत नस्ल पशुपालन के प्रोत्साहन के लिए प्रदेश में जगह-जगह पशुपालकों के वृहद् मेले लगाये जायेंगे।

    म.प्र. देश में सबसे पहले हुआ नक्सल मुक्त

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री  शाह के अटल इरादों से ही देश नक्सलवाद की समस्या से हमेशा के लिए मुक्त हो गया है। मप्र देश में सबसे पहले दशकों पुरानी इस समस्या से मुक्त हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की प्रत्येक केन्द्रीय योजना में शत्-प्रतिशत परिणाम देने के लिए केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। पहले दुग्ध उत्पादकों से बिचौलिए लाभ कमाते थे। लेकिन केंद्रीय सहकारिता मंत्री  शाह के प्रयासों से अब नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ एमओयू हो गया है। केंद्रीय मंत्री  शाह के करकमलों से आज मध्यप्रदेश को दूध उत्पादन और डेयरी क्षेत्र में कई बड़ी सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 330 ग्राम दूध का प्रोडक्शन होता है। यह आंकड़ा भारत में 485 ग्राम है और मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय औसत से अधिक 750 ग्राम है। आज प्रदेश में श्वेत क्रांति 2.0 की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने दुग्ध समितियां की संख्या बढ़कर दूध कलेक्शन को 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा है। जिन गांवों में समितियाँ नहीं बनी है, वहाँ भी समितियाँ गठित की जाएगी। मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन सहित कुल 6 दुग्ध सहकारी संघ संचालित हैं। इनके श्रेष्ठ प्रदर्शन, पारदर्शी नीतियों और डेयरी वैल्यू चेन को बढ़ाते हुए कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक पशुधन हैं। राज्य में गिर, साहीवाल जैसी गायों और दूध देने वाले पशुओं की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। प्रदेश की गौशालाओं में उन्नत नस्ल की गायों से दूध उत्पादन बढ़ेगा। हमारे किसान भाइयों ने सहकारिता और पशुपालन के माध्यम से अपनी जिंदगी बदली है। प्रदेश में 3500 गौशाला है, इनमें 5 लाख से अधिक गौवंश का संरक्षण हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में वृंदावन ग्राम विकसित किए जा रहे हैं। वृंदावन ग्रामों में उन्नत नस्ल के पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    गौपालकों को बनायेंगे समृद्ध

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम गौपालकों को समृद्ध और गौपालन को प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति प्रेम का अनुपम उदाहरण बनाएंगे। दूध उत्पादन को व्यक्तिगत स्तर और गौशालाओं के जरिए भी बढ़ाया जा रहा है। नगर निगम क्षेत्र में स्थित गौशालाओं को भी अनुदान 20 रू. प्रति गाय से बढ़ाकर 40 रू. प्रति गाय कर दिया गया है। राज्य में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत 40 लाख रुपए ऋण लेकर 25 गाय पालने पर सरकार 10 लाख रुपए की सब्सिडी दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेशवासियों को 21 साल बाद मप्र सुगम परिवहन बस सेवा की सौगात मिली है। मध्यप्रदेश में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना के अंतर्गत 50 लाख से अधिक पट्टेधारियों की पक्की रजिस्ट्रियां कराकर उन्हें नि:शुल्क रजिस्ट्रियाँ प्रदान की जा रही हैं।

    वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष  हेमन्त खंडेलवाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री  शाह ने देश में सहकारिता को एक नई दिशा दे दी है। मध्यप्रदेश में नई दुग्ध क्रांति की शुरुआत की गई है। अब तक 1700 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा चुकी हैं। सांची और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के बीच हुए एमओयू के बाद प्रदेश में दूध का कलेक्शन 12 लाख लीटर प्रतिदिन पर पहुंच गया है। प्रदेश के गौपालकों को अब दूध का 8.50 रूपए प्रति लीटर अधिक दाम मिल रहा है। दूध उत्पादन से पशुपालकों की आय बढ़ी है। गोबर से बायोगैस एवं खाद और सहकार से समृद्धि आए, केन्द्रीय मंत्री  शाह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार इसी उद्देश्य से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर मध्यप्रदेश में भी दूध से आय आधारित अर्थव्यवस्था बनाएंगे। इससे युवाओं को बड़ी मात्रा में रोजगार भी मिलेगा।

    खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारिता हमारा धर्म है और हमारी सरकार इसी धर्म के पालन में केन्द्र सरकार के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है।

    सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल, कृषि कल्याण किसान एवं विकास मंत्री  एदल सिंह कंषना, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, भोपाल सांसद  आलोक शर्मा, विधायकगण  रामेश्वर शर्मा,  भगवान दास सबनानी,  विष्णु खत्री, महापौर मती मालती राय, एमडी कृभको  एसएस यादव, अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा भोपाल सहित निकटवर्ती रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम एवं हरदा जिले की सभी दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े हजारों गौपालक सदस्य उपस्थित थे।

    केंद्रीय मंत्री  शाह ने किसान कल्याण वर्ष पर केन्द्रित प्रदर्शनी का किया अवलोकन

    केन्द्रीय मंत्री  अमित शाह ने राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में सहभागिता करने से पहले मौके पर ही राज्य सरकार द्वारा मनाए जा रहे किसान कल्याण वर्ष 2026 पर केन्द्रित विकास प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय सहकारिता मंत्री को वर्तमान में मनाए जा रहे कृषक कल्याण वर्ष और बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से प्रदेश के किसानों की बेहतरी के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। 

  • स्वस्थ समाज की नींव है स्वास्थ्य जागरूकता, राज्यमंत्री गौर ने दिया सजग रहने का संदेश

    स्वस्थ समाज की नींव है स्वास्थ्य जागरूकता, राज्यमंत्री गौर ने दिया सजग रहने का संदेश

    स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना आवश्यक : राज्यमंत्री गौर

    भोपाल 

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक का स्वास्थ्य के प्रति सजग और जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने रेखांकित किया कि सेवा संकल्प अभियान का मूल ध्येय जनसेवा के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है। श्रीमती गौर शनिवार को मिसरोद स्थित शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत आयोजित स्वास्थ्य शिविर के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

    शिविर में नोबल हॉस्पिटल के विशेषज्ञों द्वारा विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा स्थानीय नागरिकों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने शिविर का अवलोकन किया और उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य जांच प्रक्रियाओं एवं चिकित्सा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नागरिकों को अपने दैनिक जीवन में स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने तथा नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने विद्यालय प्रांगण में फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने विद्यालय परिसर में आयोजित स्वच्छता अभियान में सहभागिता कर श्रमदान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संवर्धन और अपने परिवेश की स्वच्छता बनाए रखना हम सभी का सामूहिक एवं नैतिक दायित्व है। सार्वजनिक स्थलों तथा शैक्षणिक संस्थानों को स्वच्छ, निर्मल और हरा-भरा बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सक्रिय योगदान देना चाहिए।

    कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, स्वास्थ्य शिविर के चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ एवं बड़ी संख्या में गणमान्य स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

     

  • मध्य निषेध सप्ताह के तहत् नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति

    मध्य निषेध सप्ताह के तहत् नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति

    मध्य निषेध सप्ताह के तहत् नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति
    मुरैना

         सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग मुरैना द्वारा शासकीय कला पथक दल मुरैना के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे मध्य निषेध सप्ताह अंतर्गत सेवा संकल्प अभियान आज दिनांक 3,10 ,2026 को माधौपुरा की पुलिया मुरैना मैं कार्यक्रम आयोजित किया गया सांस्कृतिक कार्यक्रम में गीत एवं नाटकों की प्रस्तुति की गई जिसमें दर्शकों को नशे से दूर रहने एवं नशे के दुष्प्रभाव से बचने के उपाय बताए गए एवं अपने भविष्य को स्वर्णिम बनाने जीवन में आगे बढ़ने चरित्रवान बनने के लिए नशे से दूर रहना क्यों जरूरी है यह समझाया और जानकारी  प्रदान की गई कार्यक्रम में दर्शक काफी संख्या में उपस्थित रहे प्रमुख कलाकार श्री जाकिर हुसैन एवं शासकीय कला पथक दल के सदस्य उपस्थित रहे और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया तथा नेमीचंद की कला मंडली द्वारा नाटक प्रस्तुत भी किया गया एवं नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। और लोगों को सेवा के लिए दृढ़ संकल्पित किया गया।

  • दूध उत्पादन में भारत का दबदबा, दुनिया में सबसे आगे निकला देश; अमित शाह ने गिनाई उपलब्धि

    दूध उत्पादन में भारत का दबदबा, दुनिया में सबसे आगे निकला देश; अमित शाह ने गिनाई उपलब्धि

    भोपाल 
    भोपाल आए अमित शाह को लेकर शनिवार को हलचल थी। अमित शाह सुबह से शाम तक विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने वाले थे, लेकिन गौपालकों के सम्मेलन में ही हिस्सा लेकर दिल्ली रवाना हो गए। इससे पहले, ताज होटल में ठहरे अमित शाह सुबह नेहरू नगर स्थित करुणाधाम आश्रम में महालक्ष्मी के दर्शन करने जाने वाले थे, लेकिन बाद में उनके कार्यक्रम में बदलाव हुआ और वे सीधे भेल दशहरा मैदान स्थित गोपालकों के सम्मेलन में पहुंच गए थे। यहां प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था।

    ताज होटल से निकलकर सीधे अमित शाह भेल दशहरा मैदान पहुंचे, जहां गौपालकों के कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। इससे पहले अमित शाह ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। अमित शाह के साथ ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद हैं।

    दिसंबर 2029 तक मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाएंगे
    शाह ने कहा कि हम मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाना चाहते हैं। मध्यप्रदेश नारकोटिक्स से मुक्त हो जाए। 31 दिसंबर 2029 से पहले मुक्त हो जाए, इसकी बारीक प्लानिंग करने वाले हैं। 31 2029 दिसंबर के बाद आपके बेटे बेटियों के लिए मध्यप्रदेश में नशे की कोई जगह नहीं होगी। उनका भविष्य उज्वल होने वाला है।

    कांग्रेसियों ने नहीं बनने दिया था सहकारिता मंत्रालय
    कांग्रेसियों ने 75 साल तक सहकारिता मंत्रालय बनने नहीं दिया। नरेंद्र मोदी सरकार में आए तो सहकारिता मंत्रालय बनाया। इसका सबसे अधिक फायदा गौपालकों को होने वाला है। यदि खुले बाजार में गौपालक दूध बेचता है तो शोषण होता है। मलाई बिचौलियां खा जाते हैं। अब 35 की बजाय 55 रुपए मिलना शुरू हो जाएंगे। इसके लिए दूध लेकर इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाया जाना है। आज उज्जैन में 255 करोड़ की लागत से हर रोज तीन लाख लीटर दूध प्रोसेस करने के संयंत्र का भूमिपूजन हो रहा है। शाह ने कहा कि हमने मध्यप्रदेश सरकार से 50 एकड़ भूमि मांगी है। इसमें गायों की नस्लों का सुधार भी होगा। आधुनिक व्यवस्था से बछड़ा नहीं, बछड़ी ही पैदा होगी, ऐसी व्यवस्था कर दी जाएगी। यह कांग्रेसी अलग-अलग मुद्दों पर विरोध करते हैं, मैं उन्हें हिसाब देने आया हूं।

    मिल्क कैपिटल की ओर मध्यप्रदेश के बढ़ते कदम
    केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में प्रदेश को दुग्ध क्षेत्र के लिए कई सौगातें प्रदान कीं। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर हितलाभ वितरण किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शाह ने विभिन्न डेयरी परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ की लागत से प्रतिदिन 3 लाख लीटर क्षमता वाले दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया। भोपाल में 16.5 करोड़ की लागत से प्रतिदिन 40 हजार लीटर क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया। भोपाल में 12.42 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का लोकार्पण हुआ। शिवपुरी में 6.5 करोड़ की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण हुआ। इन परियोजनाओं से प्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण और डेयरी अधोसंरचना को विस्तार मिलेगा। तो वहीं रोजगार व स्वरोजगार के अवसरों का भी सृजन होगा।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव का संबोधन
    मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि इस वर्ष किसान कल्याण के अंतर्गत “बलराम कृषि महोत्सव” के माध्यम से सभी 55 जिलों में उन्नत खेती, पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न माध्यमों से उन्हें प्रोत्साहित किया है। आज मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन 12 लाख लीटर पर पहुंचा है। खेती और पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास हमारी सरकार कर रही है। यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में गाय और भैंस के रूप में 6 करोड़ पशुधन है। किसानों और पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि के लिए राज्य में उन्नत नस्ल के पशुधन के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा बड़ा कदम उठाया जाएगा। राज्य में 2 लाख गोपालक दीदीयों ने डेयरी सहकारिता व पशुपालन के आधार पर अपनी व परिवारजनों की ज़िंदगी बदली है। प्रदेश में 3,214 गोशालाओं में 5 लाख गोवंश का संरक्षण कर रहे हैं। राज्य में 313 ब्लॉक में वृंदावन ग्राम बनाने के लिए सरकार कार्यरत है।

    हेमंत खंडेलवाल का संबोधन
    कार्यक्रम की शुरुआत में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह ने देश में सहकारिता को नई दिशा दी है। अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सहकारिता की दिशा बदली है। प्रदेश में दुग्ध क्रांति की शुरुआत की गई है। अब तक प्रदेश में 1700 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा चुकी हैं। सांची और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के एमओयू के बाद दूध का कलेक्शन 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचा है। प्रदेश के गौपालकों को अब दूध का ₹8.50 प्रति लीटर अधिक दाम मिल रहा है। दूध उत्पादन से कृषकों की आय बढ़ रही है। हमारा उद्देश्य है- दूध से किसानों की आय बढ़े, गोबर से खाद बने और सरकार के सहयोग से समृद्धि आए। अगले कुछ वर्षों में दूध कलेक्शन को 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का संकल्प है। मध्यप्रदेश में दूध से आय आधारित अर्थव्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

  • अमित शाह के कार्यक्रमों में बदलाव, तीन कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद दिल्ली लौटे केंद्रीय गृह मंत्री

    अमित शाह के कार्यक्रमों में बदलाव, तीन कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद दिल्ली लौटे केंद्रीय गृह मंत्री

    भोपाल
    राजधानी भोपाल आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को तीन कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद शाम को दिल्ली रवाना होने वाले हैं।भोपाल आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली रवाना होने वाले हैं। गए। इससे पहले अमित शाह शुक्रवार देर रात को दिल्ली से भोपाल पहुंचे थे। शनिवार को भोपाल में उनके पांच कार्यक्रम थे। सुबह ताज होटल में ठहरने के बाद वे संगठन और सरकार के मंत्रियों से मिले। इसके बाद भेल दशहरा मैदान पर आयोजित गौपालकों के सम्मेलन में गए। इसके बाद कानून व्यवस्था को लेकर एमपी के गृहमंत्री, डीजीपी समेत बड़े अफसरों के साथ बैठक की। थोड़ी देर में 3.30 बजे प्रेस कांफ्रेंस होने वाली थी, लेकिन अमित शाह अचानक दिल्ली रवाना हो गए।

    इससे पहले शनिवार को सुबह अमित शाह ताज होटल में सीएम सहित एमपी के अन्य मंत्रियों के साथ बैठक करने के बाद नेहरू नगर स्थित करुणा धाम आश्रम में महालक्ष्मी मंदिर दर्शन करने आने वाले थे। उनके कार्यक्रम में बदलाव हुआ और वे मंदिर नहीं जाते हुए सीधे भेल दशहरा मैदान चले गए। जहां गौपालकों को संबोधित किया। इसके बाद ही वे ताज होटल वापस आए और एमपी के बड़े अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा की। इसी में वे मध्यप्रदेश को 2029 तक नारकोटिक्स मुक्त बनाने को लेकर बात कर रहे थे। इसके बाद वे प्रेस कांफ्रेंस करने वाले थे, जिसे अचानक कैंसिल कर दिया गया।

    दोपहर बाद के सभी कार्यक्रम रद्द
    भेल दशहरा मैदान में गौपालकों के कार्यक्रम के बाद वे सीधे ताज होटल पहुंचने का कार्यक्रम था। इसके बाद दोपहर 1:30 से 2:15 बजे तक का समय लंच के लिए आरक्षित था। लंच पर भी संगठन और सरकार से चर्चा का समय तय किया गया था। इसके बाद दोपहर 2:15 से शाम 4:15 बजे तक होटल ताज में मध्यप्रदेश सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय के मध्य लंबित विषयों पर बैठक प्रस्तावित थी। इसके बाद शाम 4:15 से 5:15 बजे तक नारकोटिक्स पर प्रेस कांफ्रेंस के लिए समय आरक्षित किया गया था। लंच के बाद अमित शाह के दिल्ली रवाना होने की सूचना दे दी गई। इसके बाद के सभी कार्यक्रम अमित शाह ने निरस्त कर दिए गए। अमित शाह का दिल्ली जाने का समय 7.50 बजे था, लेकिन वे दोपहर में ही रवाना हो गए।

  • मध्य प्रदेश में चीतों का तीसरा घर तैयार, नौरादेही में 7 अक्टूबर को छोड़े जाएंगे 2 चीते

    मध्य प्रदेश में चीतों का तीसरा घर तैयार, नौरादेही में 7 अक्टूबर को छोड़े जाएंगे 2 चीते

    नौरादेही 

    मध्यप्रदेश में चीतों का कुनबा अब बुंदेलखंड तक बढ़ने जा रहा है। चीता स्टीयरिंग कमेटी ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) में 4 चीतों को बसाने की मंजूरी दे दी है। शुरुआत 7 अक्टूबर को 2 चीतों से होगी। कूनो नेशनल पार्क से नर थोलो और मादा CCB-3 को नौरादेही लाया जाएगा। CCB-3 गांधी सागर में छोड़ी गई राधा की बहन है। सीएम डॉ. मोहन यादव दोनों को रिलीज करेंगे। इसी दिन नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 25 साल पूरे हो रहे हैं। नौरादेही के साथ प्रदेश में चीतों के 3 ठिकाने-कूनो, गांधी सागर और नौरादेही हो जाएंगे।

    पहले गुजरात में बसाने की तैयारी थी, अब नौरादेही पर राजी Q. नौरादेही ही क्यों चुना, कितना बड़ा इलाका है? – वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व 2,340 वर्ग किमी में फैला मप्र का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। यहां खुले जंगल और लंबे घास के मैदान हैं। यह नर्मदा, बेतवा और केन नदी प्रणालियों का कैचमेंट भी है। Q. चीते कहां रहेंगे, सुरक्षा की क्या तैयारी है? – पहले 439 हेक्टेयर के सॉफ्ट रिलीज बोमा में रखेंगे। यह भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क जितना बड़ा है। 5 हिस्सों वाले बोमा में पावर फेंसिंग और 24 घंटे ट्रैकिंग की व्यवस्था है। Q. पहले गुजरात के बन्नी भेजने का प्लान था? – गुजरात के बन्नी ग्रासलैंड में भी चीते बसाने की तैयारी चल रही है, लेकिन वहां रिलीज की तारीख तय नहीं है। 7 अक्टूबर को नौरादेही में पहला जोड़ा पहुंच जाएगा।

    गुजरात के बन्नी से पहले नौरादेही चुना
    गुजरात के बन्नी ग्रासलैंड में भी चीतों को बसाने की तैयारी चल रही है। हालांकि बन्नी ग्रासलैंड में चीतों को रिलीज करने की तारीख अभी तय नहीं हुई है। इस बीच मध्यप्रदेश के नौरादेही में 7 अक्तूबर को यहां पहला जोड़ा पहुंच जाएगा। पहले चार चीतों की मंजूरी में से शुरुआती दो चीतों के आने के बाद नौरादेही चीतों का नया प्राकृतिक घर बन जाएगा। वन विभाग ने इसके लिए सभी जरूरी मैदानी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

    वन्यजीव संरक्षण को नई गति
    मध्यप्रदेश में कूनो और गांधी सागर के बाद नौरादेही में चीतों की पुनर्स्थापना से वन्यजीव संरक्षण को नई गति मिलेगी। विशाल घास के मैदानों और समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र से युक्त यह क्षेत्र चीतों के अनुकूल पाया गया है। चीता स्टीयरिंग कमेटी की मंजूरी मिलने के बाद अब 7 अक्तूबर का दिन प्रदेश के वन्यजीव इतिहास में नया अध्याय जोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा चीतों को सॉफ्ट रिलीज बोमा में छोड़े जाने के साथ ही बुंदेलखंड की धरती पर चीतों की चहल-पहल शुरू हो जाएगी।

    नौरादेही और गुजरात भी बनेगा नया ठिकाना
    गांधीसागर के अलावा चीतों को गुजरात के बन्नी सेंचुरी ओर रानी दुर्गावर्ती टाइगर रिजर्व नौरादेही भी भेजे जाने की तैयारी है. इन दोनों ही स्थानों पर चीतों को रखे जाने की प्रारंभिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. बन्नी सेंचुरी में सवाना जैसी परिस्थितियों वाला सॉफ्ट रिलीज एनक्लोजर तैयार किया गया है. यहां के घास के मैदान चीतों को खासे पसंद आ सकते हैं. कच्छ जिले में मौजूद बन्नी ग्रासलैंड एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक घास का मैदान है. यहां 600 हेक्टेयर में बाड़ा तैयार किया गया है और चीतल, सांभर जैसे शाकाहारी जानवरों की संख्या बढ़ाई गई है. उधर, नौरादेही में 35 किलोमीटर चैनलिंग फैसिंग का काम भी अंतिम चरण में है। 

  • MP Weather Update: अक्टूबर में दिखा मौसम का दोहरा रंग, रातें ठंडी और दिन में तपन बढ़ी

    MP Weather Update: अक्टूबर में दिखा मौसम का दोहरा रंग, रातें ठंडी और दिन में तपन बढ़ी

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश में मानसून का दौर खत्म होते ही मौसम ने करवट ले ली है। अक्टूबर की शुरुआत में प्रदेश में दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। रातें ठंडी हो रही हैं, जबकि दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास बढ़ गया है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड हुआ है। बीती रात अमरकंटक में पारा 17.1 डिग्री, शाजापुर में 17.3, धार में 17.5, इंदौर और पचमढ़ी में 17.6 तथा भोपाल और उज्जैन में 18 डिग्री दर्ज हुआ। दूसरी ओर, दिन में बड़वानी, धार, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम में तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच रहा है। यानी प्रदेश में सुबह-रात ठंडक और दोपहर में गर्मी का असर दिखाई देने लगा है।

    अगले तीन दिन तेज धूप, बारिश के आसार नहीं
    मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के मुताबिक, 3, 4 और 5 अक्टूबर को प्रदेश में बारिश के आसार नहीं हैं। इन दिनों अधिकांश हिस्सों में धूप खिली रहेगी। 6 अक्टूबर से पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में बूंदाबांदी का अनुमान है।

    मानसून की विदाई भी शुरू होगी
    30 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य समय पूरा हो चुका है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, फिलहाल मानसून वापसी की रेखा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से गुजर रही है। मध्य प्रदेश में यह ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग के ऊपर बनी हुई है। अगले 2-3 दिन में प्रदेश से मानसून की वापसी शुरू होने के संकेत हैं। पहले उज्जैन और ग्वालियर-चंबल, इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से मानसून विदा हो सकता है। 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून की विदाई संभव है। 

    अक्टूबर में सामान्य से ज्यादा गर्म रह सकते हैं दिन
    मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, अक्टूबर के पहले पखवाड़े में रात के तापमान में गिरावट आती है, जबकि दिन में गर्मी बनी रहती है। इसे मौसम के बदलाव का दौर माना जाता है। इस बार भी इसी तरह का मौसम देखने को मिल रहा है। अक्टूबर में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है।

    मानसून ने छोड़ी 4 फीसदी बारिश की कमी
    इस बार मानसून सीजन में प्रदेश में 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच है। इस हिसाब से प्रदेश में करीब 4 फीसदी कम बारिश हुई। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4 फीसदी ज्यादा, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई। जून में 14 फीसदी कम बारिश इसका बड़ा कारण रही। जुलाई में अच्छी बारिश के बाद भी मानसून के दो ब्रेक आए। सितंबर के आखिरी सप्ताह में बारिश का दौर फिर मजबूत हुआ, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल मिलाकर 4 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। वहीं पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में कमी बनी हुई है। 

  • MP में श्रमिकों को राहत, 50 लाख कामगारों का बढ़ा DA; उद्योगों और सरकारी विभागों में मिलेगा लाभ

    MP में श्रमिकों को राहत, 50 लाख कामगारों का बढ़ा DA; उद्योगों और सरकारी विभागों में मिलेगा लाभ

    भोपाल 

    प्रदेश के सरकारी और निजी सेक्टर में काम करने वाले करीब 50 लाख श्रमिकों को एक अक्टूबर से 6 रुपए प्रतिदिन के मान से बढ़ा हुआ परिवर्तनशील महंगाई भत्ता दिया जाएगा।श्रम विभाग ने प्रदेश के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन दरों में बदलाव कर दिया है। 27 मार्च 2027 तक लागू रहने वाली इन नई दरों में बदलाव में सरकारी क्षेत्रों के 10 लाख और निजी सेक्टर खासतौर पर उद्योगों में काम कने वाले करीब 40 लाख श्रमिकों को न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के अंतर्गत यह लाभ मिलेगा, इसमें परिवर्तनशील महंगाई भत्ता भी शामिल है।

    श्रमायुक्त ने यह बदलाव महंगाई सूचकांक के आधार पर किया है। श्रमायुक्त शीतला पटले द्वारा जारी आदेश में नई न्यूनतम वेतन दरें प्रतिदिन श्रम के आधार पर तय की गई हैं, जिसमें 67 सामान्य नियोजन में काम करने वाले श्रमिकों को 26 दिन के आधार पर न्यूनतम वेतन इस तरह दिया जाएगा।

    इन 67 कैटेगरी में काम करने वालों को इसी आधार पर आने वाले समय में वेतन मिलेगा। अकुशल श्रमिक को महीने में 12575, अर्द्धकुशल श्रमिक को 13571, कुशल श्रमिक को 15294 और उच्च कुशल श्रमिक को 16919 रुपए प्रतिमाह वेतन मिलेगा जो 26 दिन के मान से दिया जाएगा।

    मुद्रणालय (प्रिंटिंग प्रेस) और कृषि सेक्टर में काम करने वालों का वेतन
    लिपिकीय वर्ग में अकुशल श्रमिक को ₹484, श्रेणी 1 को ₹588, श्रेणी 2 को ₹522 रुपए 26 दिन के मान से मासिक वेतन मिलेगा। उच्च कुशल श्रमिक को ₹651 मिलेंगे और इसमें भी श्रेणी एक को 648 रुपए, श्रेणी दो के श्रमिक को 634 और श्रेणी तीन के श्रमिक को 588 रुपए मिलेंगे। अर्द्धकुशल कैटेगरी में श्रेणी एक के श्रमिक को 588 और श्रेणी दो के श्रमिक को 522 रुपए प्रति दिन मिलेंगे।

    अगरबत्ती श्रमिकों के लिए नई दरें:

    अगरबत्ती रोलिंग (1000 अगरबत्ती रोल करने पर)- कुल ₹74.75

    सुगंधित (सेंटेड) स्टिक- कुल ₹75

    छह माह पहले बढ़ाए थे 9 रुपए प्रतिदिन
    श्रम विभाग ने 1 अप्रैल 2026 से नई न्यूनतम वेतन दरें लागू की थीं। इसमें परिवर्तनशील महंगाई भत्ते के कारण श्रमिकों के वेतन में औसतन ₹9 प्रतिदिन यानी करीब ₹234 मासिक की बढ़ोतरी हुई थी। इसका फायदा सरकारी विभागों के करीब 10 लाख और निजी सेक्टर व उद्योगों के लगभग 40 लाख श्रमिकों को हुआ था।

  • भोपाल में बनेंगे वंदे भारत के मोटर, BHEL को 80 ट्रेनों का ऑर्डर; 176 किमी/घंटा होगी स्पीड

    भोपाल में बनेंगे वंदे भारत के मोटर, BHEL को 80 ट्रेनों का ऑर्डर; 176 किमी/घंटा होगी स्पीड

    भोपाल
    देश में अर्ध-तेज गति वाली रेल सेवाओं के विस्तार में भोपाल की भूमिका अब और ज्यादा मजबूत होने जा रही है। भारतीय रेल नेटवर्क पर दौड़ने वाली आधुनिक ट्रेनों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। BHEL-टीटागढ़ वैगन्स लिमिटेड (Titagarh Wagons Ltd) समूह को 80 वंदे भारत ट्रेनसेट के निर्माण के लिए 23,000 करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम ऑर्डर मिला है। इस मेगा प्रोजेक्ट में ट्रेनों के निर्माण के साथ-साथ अगले 35 साल तक उनके रखरखाव की बड़ी जिम्मेदारी भी शामिल है।

    भोपाल यूनिट तैयार करेगी ट्रेनों का मोटर और विद्युत तंत्र
    इस महत्वाकांक्षी परियोजना में BHEL की भोपाल इकाई मुख्य रूप से ट्रेनों के मोटर तैयार करने का काम करेगी। इसके अलावा, कंपनी की भोपाल, बेंगलुरु और झांसी इकाइयां मिलकर इन आधुनिक ट्रेनों के लिए जरूरी प्रणोदन और विद्युत तंत्र का निर्माण करेंगी। ये सभी प्रणालियां ट्रेन के सुचारू संचालन के लिए बेहद जरूरी होती हैं। यही तंत्र ट्रेन में बिजली की आपूर्ति और उसे तेज गति प्रदान करने का काम करते हैं, इसलिए इन्हें तकनीकी रूप से ट्रेन का 'इलेक्ट्रिक हार्ट' भी कहा जा सकता है।

    बड़ा प्रोजेक्ट और लंबी जिम्मेदारी
    BHEL-टीटागढ़ वैगन्स समूह को 80 वंदे भारत ट्रेनसेट के लिए 23,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऑर्डर मिला है। इस अनुबंध में ट्रेनों के निर्माण के साथ-साथ 35 साल तक का लंबा रखरखाव भी शामिल है।

    176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए तैयार होंगी ट्रेनें
    नई पीढ़ी की इन वंदे भारत ट्रेनों को अधिकतम 176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया जाएगा, जबकि इनका नियमित परिचालन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किया जाएगा। इस पूरी परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल ट्रेन डिब्बों का निर्माण ही शामिल नहीं है, बल्कि उनके एकीकरण, परीक्षण और दीर्घकालिक रखरखाव का जिम्मा भी संयुक्त रूप से उठाया जाएगा।

    तीन इकाइयों की विशेषज्ञता का होगा इस्तेमाल
    इस परियोजना के जरिए BHEL अपनी अलग-अलग निर्माण इकाइयों की विशेषज्ञता का पूरा इस्तेमाल करेगा। भोपाल के साथ-साथ बेंगलुरु और झांसी की यूनिट्स भी मिलकर काम करेंगी। ट्रेनसेट पूरी तरह तैयार होने के बाद उनके परीक्षण और मेंटेनेंस का काम दोनों कंपनियां मिलकर संभालेंगी, जिससे रेलवे सफर को और अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाया जा सके।