Category: मध्य प्रदेश

  • इंदौर-दाहोद रेल लाइन से बदलेगी धार की तस्वीर, 28-29 अक्टूबर को CRS जांच के बाद शुरू होगी यात्री ट्रेन

    इंदौर-दाहोद रेल लाइन से बदलेगी धार की तस्वीर, 28-29 अक्टूबर को CRS जांच के बाद शुरू होगी यात्री ट्रेन

     धार 
    प्रदेश के धार वासियों को स्वतंत्रता के बाद पहली बार रेल सेवा मिलने जा रही है। पश्चिम रेलवे की इंदौर-दाहोद रेल लाइन परियोजना अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गई है। रेलवे सूत्रों के अनुसार कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) 28 और 29 अक्तूबर  को इस नए 46 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग का अंतिम निरीक्षण करेंगे। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के तुरंत बाद रूट पर नियमित रूप से यात्री ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी मिल जाएगी। रेलवे प्रशासन ने आने वाले 25 दिनों में धार तक ट्रेन संचालन से जुड़े सभी शेष कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

    चार नए स्टेशनों की तैयारी
    इस नई रेल लाइन के माध्यम से मध्य प्रदेश के चार नए रेलवे स्टेशन भारतीय रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे। इनमें पीथमपुर, सागौर, गुणावद और धार रेलवे स्टेशन शामिल हैं। ये चारों स्टेशन पूरी तरह बनकर तैयार हो चुके हैं और यहां फिनिशिंग तथा सिग्नलिंग से संबंधित काम लगभग 97 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है। टीही से धार के बीच रेल लाइन बिछने के बाद यह सभी स्टेशन आपस में जुड़ जाएंगे। आजादी के बाद पहली बार धार में ट्रेन पहुंचने को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। रेलवे सुरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के उपरांत रेलवे बोर्ड नई ट्रेनों की समय-सारणी घोषित करेगा। 

    भोपाल और मुंबई तक कनेक्टिविटी
    इंदौर-दाहोद रेल लाइन शुरू होने से मालवा का यह पूरा क्षेत्र सीधे राजधानी भोपाल से कनेक्ट हो जाएगा। धार और पीथमपुर के लोग सीधे इंदौर से जुड़ेंगे, साथ ही आने वाले समय में दाहोद लिंक के माध्यम से वे रतलाम, झाबुआ और उज्जैन जैसे धार्मिक एवं व्यावसायिक केंद्रों से आसानी से जुड़ सकेंगे। झाबुआ के रास्ते गुजरात के दाहोद से जुड़ने के कारण मध्य प्रदेश से अहमदाबाद, वडोदरा और मुंबई जाने वाले यात्रियों को एक नया और बहुत छोटा मार्ग मिल जाएगा। इससे यात्रा के समय में करीब दो से तीन घंटे तक की बचत होगी। इसके अलावा मालगाड़ियों को भी आसानी से क्लीयरेंस मिलेगा, जिससे यात्री ट्रेनों की रफ्तार भी सुपरफास्ट हो जाएगी।

    आधुनिक सुरंग और बिना गिट्टी का ट्रैक
    इंदौर से गुजरात के दाहोद को जोड़ने वाली इस संपूर्ण रेल परियोजना की कुल लंबाई लगभग 204.76 किलोमीटर है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत पीथमपुर के निकट तीन किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। टीही टनल की मुख्य विशेषता यह है कि इसका ट्रैक पूरी तरह से बैलास्टलेस बनाया गया है, यानी इसमें गिट्टी का इस्तेमाल नहीं किया गया है। सुरक्षा एवं निगरानी के दृष्टिकोण से इस सुरंग के भीतर 140 हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री  शाह को दी भावभीनी विदाई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री शाह को दी भावभीनी विदाई

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह को दो दिवसीय भोपाल प्रवास के बाद नई दिल्ली रवाना होने पर शनिवार की रात्रि स्टेट हैंगर, भोपाल पर भावभीनी विदाई दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह के आगमन से एक बार फिर मध्यप्रदेश के विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करने के लिए मार्गदर्शन एवं प्रेरणा मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री  शाह द्वारा दी गई महत्वपूर्ण सौगातों के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार माना। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल ,अन्य अनेक जन प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • जनता की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करें अधिकारी : खाद्य मंत्री  राजपूत

    जनता की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करें अधिकारी : खाद्य मंत्री राजपूत

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत सुरखी में एक जन-समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का  निरीक्षण किया और उपस्थित अधिकारियों से जनकल्याणकारी योजनाओं और दी जा रही सेवाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।

    मंत्री  राजपूत ने कहा कि यह आयोजन मात्र भाषण सुनाने का औपचारिक मंच नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और धरातलीय समाधान का शिविर है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर पूरे प्रदेश में जिला स्तरीय, खंड स्तरीय एवं नगरीय निकायों में ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य यह है कि जिला प्रशासन के आला अधिकारी स्वयं जनता के बीच पहुँचकर उनकी समस्याओं का सामना करें और उनका निवारण करें।

    कलेक्टर से लेकर जिले का पूरा प्रशासनिक अमला आपके बीच मौजूद है। सरकार और जिला प्रशासन चलकर आपके घर तक आया है। आमजन को चाहिए कि वे शिविर में आकर अधिकारियों से अपनी समस्याओं पर बात करें, योजनाओं की प्रक्रिया समझें और उनका पूरा लाभ उठाएं। मंत्री  राजपूत ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि नागरिकों से प्राप्त आवेदनों का पूरी गंभीरता से परीक्षण किया जाए और उनका समय-सीमा के भीतर पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

    मंत्री  राजपूत ने राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने संबल कार्ड के बहुआयामी फायदों और इसके तहत संकट के समय मिलने वाली अनुग्रह सहायता राशि की जानकारी दी। ग्रामीण क्षेत्रों में भू-स्वामियों को उनके मकान व जमीन का वास्तविक मालिकाना हक दिलाने में स्वामित्व योजना को क्रांतिकारी बताते हुए उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राही इसकी प्रक्रिया को समझकर लाभ लें, ताकि उन्हें भविष्य में किसी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं, जिनका एकमात्र उद्देश्य सेवा और संकल्प के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना है।

     विभागीय स्टॉलों पर दी गई विस्तृत जानकारी

    शिविर के दौरान विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने मंच व अपने-अपने स्टॉलों के माध्यम से विभागीय योजनाओं, उनकी पात्रता शर्तों तथा आवेदन करने की सरल प्रक्रियाओं से आम नागरिकों को अवगत कराया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अपनी पात्रता के अनुसार विभागीय स्टॉलों पर संपर्क कर योजनाओं का लाभ उठाएं।

    एक पेड़ माँ के नाम और हरित सुरखी का संदेश

    मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  राजपूत ने सुरखी नगर परिषद परिसर में पौधारोपण किया। कलेक्टर मती प्रतिभा पाल एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पौधे रोपकर हरित और स्वच्छ सुरखी का संदेश दिया। सुरखी नगर परिषद भवन आगमन पर मंत्री  राजपूत ने परिसर में फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया।   राजपूत ने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

     

  • 52 एकड़ में विकसित होगा नया परिसर, उन्नत अनुसंधान, नवाचार, शिक्षा और कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा

    52 एकड़ में विकसित होगा नया परिसर, उन्नत अनुसंधान, नवाचार, शिक्षा और कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है  कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में अनुसंधान कार्य को निरंतर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। अनेक क्षेत्रों में नवाचारों से विकास को तेज करने में सहायता मिली है। प्रधानमंत्री  मोदी ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री  मोदी के इस संकल्प को मध्यप्रदेश सरकार साकार करने के प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश में सभी प्रकार के शोध और नवाचार को प्रोत्साहित किया जा  रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईसर भोपाल को  485 करोड़ रुपए लागत के नए कैंपस, आधुनिक लैब, इनोवेशन पार्क की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) भोपाल के विस्तारित परिसर ‘अत्रि’ के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विस्तारित परिसर के लिए चिन्हित भूमि पर शिलापट्ट का अनावरण कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया और बरगद,पीपल के पौधे भी लगाये। इसके बाद आईआईएसईआर के मुख्य परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण कर पुष्प अर्पित किए और संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों एवं अनुसंधान गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में विधायक  रामेश्वर शर्मा, संस्थान के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईआईएसईआर के नए परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में कहा कि मानव कल्याण के लिए वैश्विक स्तर पर सनातन संस्कृति की अनमोल धारा प्रवाहमान है। आधुनिक विज्ञान के युग में शोध और नवाचारों के लिए देश में 7 आईसर संचालित किए जा रहे हैं, जो वर्तमान दौर में हमारे लिए सप्त ऋषियों की तरह हैं। भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से शोध की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे ऋषि पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाहन करते हुए समाज कल्याण के लिए शोध को प्रोत्साहन देते हैं। मुनि आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए तपस्या में लीन रहते हैं। वर्तमान दौर में आईसर भोपाल संस्थान नए-नए शोध करते हुए ऋषि परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद   ने भारत की गौरवशाली संस्कृति को पूरे विश्व में प्रचारित करने का कार्य किया। इस परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा की स्थापना सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह स्वामी विवेकानंद के जीवन की विशेषता थी कि उन्होंने भारतीय संस्कृति के अनेक पहलुओं से विश्व को अवगत करवाया लेकिन स्वयं   को कभी किसी कर्मकांड से नहीं जोड़ा। परमात्मा ने सभी मनुष्यों के लिए जीवन का एक समय निश्चित किया है। हर सांस के साथ हम सभी नया जीवन पाते हैं। प्रत्येक सांस के शरीर में प्रवेश करने और बाहर जाने का काल बाबा महाकाल का है। हम सभी मानव समाज के कल्याण के लिए नए शोध के बल पर आगे बढ़ें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सूर्य हमारे सामने मौजूद देवता हैं, जिनसे हमें प्रकाश और पौधों को प्रकाश संशलेषण के लिए ऊर्जा मिलती है। हमारे जीवन की पंच क्रियाओं के आधार पर ही शोध आगे बढ़ रहा है। अब बायोटेक्नोलॉजी के बीच ईश्वर की कृपा से सदियों से दर्शन के साथ तर्क, ज्ञान के साथ विज्ञान और साधना के साथ अनुसंधान जुड़ा हुआ है।

    नीति आयोग के सदस्य  गोवर्धन दास ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन एवं सहयोग में विस्तारित परिसर का शिलान्यास और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण संस्थान की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण अवसर है। स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा विद्यार्थियों में युवा ऊर्जा, राष्ट्र निर्माण और उत्कृष्टता के लिए प्रेरणा का संचार करेगी।उन्होंने कहा कि आईआईएसईआर भोपाल का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध के साथ बेहतर नागरिक के रूप में विकसित करना है। संस्थान के विद्यार्थी देश-विदेश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

    प्रभारी निदेशक, आईआईएसईआर भोपाल  रघुवीर सिंह तोमर ने कहा कि संस्थान ने शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है। वर्ष 2008 में स्थापित आईआईएसईआर भोपाल ने विगत 18 वर्षों में ज्ञान-विज्ञान, अभियांत्रिकी, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है।

    52 एकड़ भूमि पर विकसित होगा आईआईएसईआर भोपाल का विस्तारित परिसर

    राज्य सरकार ने आईआईएसईआर भोपाल को नए परिसर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च इनोवेशन (अत्रि) के विकास के लिए 52 एकड़ भूमि आवंटित की   है। विस्तारित परिसर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के राष्ट्रीय महत्व के उभरते क्षेत्रों में कार्य किया जाएगा। इनमें क्वांटम एवं एडवांस्ड मैटेरियल, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबल सिस्टम एवं टेक्नोलॉजी, मेडिकल डिवाइसेस एवं डायग्नोस्टिक्स और एआई एवं रोबोटिक्स प्रमुख रूप से शामिल हैं।

    संस्थान में पांच टेक्नोलॉजी वर्टिकल से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नए आयाम होंगे विकसित

    विस्तारित परिसर में प्रस्तावित पांचों टेक्नोलॉजी वर्टिकल से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। इन वर्टिकल में अत्याधुनिक तकनीकों के विकास के साथ उनके व्यावहारिक उपयोग पर भी कार्य किया जाएगा। क्वांटम एवं एडवांस्ड मैटेरियल, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबल सिस्टम एवं टेक्नोलॉजी, मेडिकल डिवाइसेस एवं डायग्नोस्टिक्स और  एआई एवं रोबोटिक्स के क्षेत्र में शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों को नई तकनीकों पर कार्य करने के अवसर मिलेंगे।

    विज्ञान और नवाचार के नए अवसरों का आधार बनेगा ‘अत्रि’

    आईआईएसईआर भोपाल संसद के अधिनियम के तहत स्थापित राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। विस्तारित परिसर के माध्यम से संस्थान में अनुसंधान एवं नवाचार की सुविधाओं का विस्तार होगा तथा विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को उभरती प्रौद्योगिकियों पर कार्य करने के नए अवसर मिलेंगे। 

  • भोपाल में 1 लाख LPG उपभोक्ताओं पर गैस संकट, KYC नहीं कराने पर कनेक्शन ब्लॉक; बुकिंग भी ठप

    भोपाल में 1 लाख LPG उपभोक्ताओं पर गैस संकट, KYC नहीं कराने पर कनेक्शन ब्लॉक; बुकिंग भी ठप

    भोपाल

     शहर में 1 अक्टूबर से उन घरेलू LPG सिलिंडर उपभोक्ताओं की रसोई पर संकट खड़ा हो गया है, जिन्होंने अपने कनेक्शन की e-KYC नहीं करवाई थी। ऑयल कंपनियों ने उनका कनेक्शन ब्लॉक कर दिया है, जिससे बुकिंग सहित अन्य सभी सेवाएं ठप हो गई हैं।

    ऐसे में परेशान उपभोक्ता सिलिंडर के लिए एजेंसी के चक्कर लगाने सहित सभी तरह की मशक्कत कर रहे हैं, लेकिन एजेंसी कर्मचारियों का एक ही जवाब है कि उन्हें पहले e-KYC करवाना होगी तब ही बुकिंग शुरू हो सकेगी।
    शहर में करीब 8 लाख घरेलू LPG सिलिंडर उपभोक्ता

    जानकारी के अनुसार शहर में करीब 8 लाख घरेलू एलीपीजी सिलिंडर उपभोक्ता हैं, इनमें से करीब एक लाख उपभोक्ताओं ने अपने कनेक्शन की e-KYC नहीं करवाई थी। इस वजह से ऑयल कंपनियों ने उनके कनेक्शन ब्लॉक कर दिए हैं, उनको इसका पता तब चला जब वह अपने कनेक्शन पर सिलिंडर की बुकिंग कर रहे थे।

    ऐसे में जब बुकिंग नहीं हो सकी तो उन्होंने एजेंसी पर पहुंचकर जानकारी ली तो कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने e-KYC नहीं करवाई है जिससे अभी सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। अशोका गार्डन स्थित एक गैस एजेंसी पर शनिवार को बड़ी संख्या में उपभोक्ता सिलिंडर लेने पहुंचे थे, जहां देर शाम तक यह स्थिति बनी रही।

    हर एजेंसी पर करीब 8 हजार उपभोक्ता

    सूत्रों के अनुसार शहर में करीब 40 से अधिक इंडेन, भारत, एचपी कंपनियों की गैस एजेंसियां हैं, जिनके द्वारा घरेलू एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति की जाती है। गैस डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएस शर्मा के अनुसार शहर में हर एजेंसी पर करीब आठ हजार ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके कनेक्शन की e-KYC नहीं हुई है। ऐसे में अचानक से सरकार के आदेश पर कंपनियों ने उनके कनेक्शन ब्लॉक कर दिए हैं, जो कि एक तरह से अन्याय है। ऐसे सभी उपभोक्ताओं को समय देना चाहिए।

    शहर के सभी घरेलू एलपीजी सिलिंडर उपभोक्ताओं को e-KYC करवाना अनिवार्य है। जिन्होंने अब तक नहीं करवाई है वह करवा लें, जिससे उनका कनेक्शन और बुकिंग दोनों शुरू हो जाएगी।- चंद्रभान सिंह जादौन, जिला आपूर्ति नियंत्रक

     

  • निजी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने पर राज्य सरकार उद्यमियों को 800 रुपये वर्ग फीट की दर से देगी अनुदान : मंत्री काश्यप

    निजी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने पर राज्य सरकार उद्यमियों को 800 रुपये वर्ग फीट की दर से देगी अनुदान : मंत्री काश्यप

    भोपाल 

    सूक्ष्म, लघु,मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा है कि नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने पर उद्यमी और विकासक को मध्यप्रदेश सरकार 800 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से अनुदान देगी।मंत्री काश्यप इंदौर में शनिवार को लघु उद्योग भारती के उद्यम समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

    मंत्री काश्यप ने कहा कि नवीन लघु उद्योग लगाने के लिए 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी का प्रावधान है। सब्सिडी वितरण में मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहाँ दो माह में सब्सिडी ऑनलाइन दी जा रही है।उन्होंने लघु उद्योग भारती के कार्यो की सराहना भी की। काश्यप ने कहा कि समागम चिंतन के लिए होते हैं ।लघु उद्योगों के विस्तार के लिए जाग्रति आवश्यक है जो लघु उद्योग भारती पूरी शिद्दत से कर रही हैं।

    लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू ने कहा कि 27 राज्यों में हमारे 70 हज़ार सदस्य हैं, छोटे उद्योगों की बात करने के लिए एवं उनके हित में सरकार की नीतियों को बनवाने और उनको क्रियान्वयन करवाने में लघु उद्योग भारती योगदान दे रहा है। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी लघु उद्योग भारती का कार्य उल्लेखनीय है देश में 65 महिला इकाई स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहीं है।

    लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र,प्रदेश अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती की उद्यम समागम स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

    कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समीर मुंदडा, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अतीत अग्रवाल, आरएसएस के मध्य क्षेत्र कार्यवाह अशोक अग्रवाल, छत्तीसगढ़ प्रांत के अध्यक्ष सी पी दुबे, डीआरडीओ एवं डिफेंस क्षेत्र के चीफ एडवाइजर जितेंद्र सिंह सहित लघु उद्योग भारती के देश, प्रदेश और प्रांतों की समस्त जिला इकाइयों के पदाधिकारी एवं उद्यमी शामिल हुए।

     

  • केन्द्रीय गृह मंत्रालय की टीम का राज्यों में आकर मार्गदर्शन और सहयोग देना एक सकारात्मक पहल

    केन्द्रीय गृह मंत्रालय की टीम का राज्यों में आकर मार्गदर्शन और सहयोग देना एक सकारात्मक पहल

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के नशा मुक्त भारत के निर्माण के संकल्पों के अनुरूप प्रदेश में मादक पदार्थों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू की गई है। राज्य सरकार और पुलिस अब मादक पदार्थों, सायबर अपराध, अवैध हथियारों तथा संगठित अपराध के नेटवर्क पर सतत प्रहार कर रही है। मध्यप्रदेश को 'नशा मुक्त' बनाने के लिए पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के आहवान पर मध्यप्रदेश को वर्ष 2029 तक पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिये हर स्तर पर सघन प्रयास किये जायेंगे।     

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय, के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था एवं आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस को अपनी कानून व सुरक्षा व्यवस्था के कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सांप्रदायिक सौहार्दृ बनाए रखना चाहिए और समाज को भी इसके लिए निरंतर प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्रो नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की प्राप्ति में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम का राज्यों में आकर व्यवस्थाओं का बारीकी से अध्ययन करना, मार्गदर्शन देना, सहयोग करना और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना एक अत्यंत सराहनीय व सकारात्मक पहल है। इस व्यवस्था से सही और दूरगामी निर्णय लेने में मदद मिलती है तथा प्रशासनिक व पुलिस तंत्र की त्वरित गति से कार्य करने की दक्षता बढ़ती है। मध्यप्रदेश में देश का एक आदर्श राज्य बनने की पूरी क्षमता है और राज्य सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय के सतत मार्गदर्शन व समन्वय से प्रदेश को हर दृष्टि से एक ‘मॉडल राज्य’ बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार आधुनिक तकनीक और नए-नए प्रयोगों के सफल परीक्षण के बाद राज्यों को उन्हें लागू करने के अवसर उपलब्ध करा रही है और उनकी निरंतर मॉनिटरिंग भी कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कभी असंभव मानी जाने वाली नक्सल समस्या को प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में और गृह मंत्री  शाह के अटल इरादों के कारण निर्धारित समय-सीमा में खत्म करने में मदद मिली। प्रदेश में नक्सलवाद के विरुद्ध कड़ा प्रहार कर नियंत्रण पाया गया है। अब सरकार इस क्षेत्र के विकास के लिये विस्तृत कार्य-योजना के तहत कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं में विश्वास जगाने के लिए वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाया जायेगा। सांदीपनि विद्यालयों के जरिए उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान की जा रही है। भवन विहीन शालाओं के लिए भवन स्वीकृत किए गए है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। नक्सल मुक्त हुए क्षेत्र के विकास के लिए 400 करोड़ रूपये की योजना बनाई गई है। जनजातीय समुदाय में भरोसा बढ़ाने के लिए धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान चलाया जा रहा है। वनाधिकार पत्र जारी करने में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश के नागरिकों के सुलभ और त्वरित आवागमन के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ की गई है। सिंहस्थ 2028 के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही है। कर्मचारियों में विश्वास जगाने के लिए 68 हजार कर्मियों को पदोन्नति दी गई है। अग्निवीरो के लिए यूनिफॉर्म सर्विसेज में आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत दो वर्षों में 16,895 पदों पर भर्ती की गई है। अब पद रिक्त होने पर तत्काल भर्ती की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। वर्ष 2026 में 9,662 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पुलिस बैंड में विगत कई वर्षों से लंबित भर्ती प्रक्रिया को पुन: प्रारंभ कर पुलिस बैंड को नया स्वरूप दिया गया है। पुलिस बैंड में 648 कर्मी भर्ती किए गए हैं। अब प्रत्येक जिले में राष्ट्रीय पर्वों पर पुलिस बैंड द्वारा आकर्षक प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। प्रदेश सरकार ने लगभग 10 वर्षों से लंबित प्रमोशन की प्रक्रिया को प्रारंभ किया। विभिन्न संवर्गों में 27 हजार से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। ई-एचआरएमएस में 1 लाख से अधिक पुलिसकर्मी जोड़े गए है।

    केंद्रीय गृह सचिव  गोविंद मोहन ने केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री  अमित शाह के विजन से सभी को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ से लगी सीमाओं को देखते हुए अपराधियों की अंतर्राज्यीय आवाजाही, हथियारों की तस्करी तथा ड्रग्स कॉरिडोर पर पड़ोसी राज्यों के साथ संयुक्त आसूचना और समन्वित कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने नेटग्रिड के अधिक प्रभावी उपयोग, सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में ‘ड्रग-मुक्त कैंपस’ फ्रेमवर्क लागू करने, एनडीपीएस विशेष न्यायालयों की शीघ्र स्थापना तथा राज्य में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन पर जोर दिया।

    मुख्य सचिव म.प्र. शासन  अशोक बर्णवाल ने केंद्रीय टीम को राज्य में कानून व्यवस्था और सभी वर्गों के सरकार के प्रति विश्वास जगाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास किए गए है। सरकार द्वारा जन विश्वास अभियान चलाया जा रहा है।

    पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने बताया कि राज्य में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में निरंतर नवाचार किये जा रहे हैं। पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के हित में भी निर्णय लिये जा रहे हैं।

    बैठक में बताया गया कि सरकार किसानों में विश्वास बढ़ाने के लिए वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। किसानों को एक लाख करोड़ रूपये की योजनाओं का सीधा लाभ दिया गया है। महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए 1 करोड़ 25 लाख महिलाओं को लाडली बहना योजना के तहत राशि हस्तांतरित की गई है। 18 लाख से अधिक बहनों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ देकर लखपति दीदी बनाया जा चुका है। वन स्टॉप सेंटर से एक लाख महिलाओं से सम्पर्क किया गया है।

    बैठक में बताया गया कि कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये सरकार निरंतर कड़ी कार्रवाई कर रही है। पुलिस महकमे ने ड्रग्स बनाने वाली 17 गुप्त प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया है। आदतन ड्रग अपराधियों के विरुद्ध पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई तेज की गई है तथा राज्य सायबर अपराध समन्वय केन्द्र ( एस4सी) अधिसूचित किया गया है। ई-साक्ष्य का कवरेज पिछले वर्ष के 17 प्रतिशत से बढ़कर 33 प्रतिशत हो गया है तथा सभी जिलों में 57 मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध हैं।

    बैठक में बताया गया कि प्रदेश में "नशे से दूरी है जरूरी 2.0'' अभियान में इस वर्ष 58 करोड़ सोशल मीडिया व्यूज तथा 2 करोड़ 47 लाख नागरिकों की प्रत्यक्ष भागीदारी रही। इसी प्रकार सेफ क्लिक अभियान 2 में डिजिटल अरेस्ट को रोकने में सफलता प्राप्त हुई। पुलिसकर्मियों में तनाव को दूर करने के लिए हार्टफुलनेस के साथ एमओयू किया गया। एक हज़ार से अधिक प्रशिक्षक तैयार किए गए तथा 50 हजार पुलिसकर्मियों ने हार्टफुलनेस में भागीदारी की।

    बैठक में बताया गया कि तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य में 90 दिनों के भीतर आरोप-पत्र दाखिल करने की दर 69 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत (59 प्रतिशत) से अधिक है, तथा ई-समन की सीधी डिलीवरी में राज्य देश में सबसे आगे है।

    बैठक में कानून-व्यवस्था, तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, मादक पदार्थ नियंत्रण, सायबर अपराध, आतंकवाद प्रतिरोध, विदेशियों से संबंधित विषयों, भगोड़ों के विरुद्ध कार्रवाई, पुलिस आधुनिकीकरण, पड़ोसी राज्यों के साथ सुरक्षा समन्वय, आपदा प्रबंधन तथा शत्रु संपत्ति के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई।

    बैठक में निदेशक आईबी, विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा)  आनंद स्वरूप, अपर सचिव (आपदा प्रबंधन)  अनुज्ञ शर्मा, महानिदेशक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो  अनुराग गर्ग और राज्य की ओर से अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह  संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा एवं संसदीय कार्य  अनुपम राजन, पुलिस महानिदेशक  वरुण कपूर, महानिदेशक होमगार्ड मती प्रज्ञा ऋचा वास्तव, विशेष पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान  पंकज कुमार वास्तव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्स  डी. निवास वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

  • प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के राष्ट्रसेवा के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का किया आह्वान

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के राष्ट्रसेवा के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का किया आह्वान

    भोपाल

    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री  संपतिया उईके ने सेवा संकल्प अभियान के तहत वडनगर से वाराणसी की सेवा संकल्प यात्रा पर निकले सेवा यात्रियों के सिंगरौली जिले के निगरी पहुंचने पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने सेवायात्रियों का उत्साहवर्धन करते हुए सेवा, समर्पण, स्वच्छता और जनभागीदारी के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

    प्रभारी मंत्री  उईके ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा, सुशासन, जनभागीदारी और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की यात्रा के रूप में महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने, स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य किया है। सेवा संकल्प अभियान इसी सेवा भावना और सामाजिक दायित्व के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, सेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सेवायात्रियों से उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं तथा नागरिकों को अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करें।

    प्रभारी मंत्री   उईके ने स्वच्छताकर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सेवा और स्वच्छता के कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

    निगरी में सेवा यात्रियों के स्वागत के लिए सांसद सीधी-सिंगरौली डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक धौहनी  कुंवर सिंह टेकाम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने सेवा यात्रियों का स्वागत किया और सेवा, स्वच्छता तथा जनभागीदारी की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। 

  • “वन विहार की आवाजें कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों ने की सहभागिता

    “वन विहार की आवाजें कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों ने की सहभागिता

    भोपाल

    वन्य-जीव सप्ताह-2026

    वन्य-जीव सप्ताह-2026 की थीम "जुड़े आवास, वन्य-जीवन का विकास" के अनुरूप 3 अक्टूबर 2026 को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वन्य-जीव संरक्षण, जैव-विविधता एवं पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा विद्यार्थियों, युवाओं एवं आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

    इस अवसर पर दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए प्रातः 8 से 9:30 बजे तक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में "वन विहार की आवाजें" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 81 दिव्यांग विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विषय विशेषज्ञ के रूप में श्री सुनील सिन्हा, सेवानिवृत उप वन संरक्षक, डॉ. संगीता राजगीर, मो. खालिक एवं श्री संकल्प किसनानी द्वारा विद्यार्थियों को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के प्राकृतिक परिवेश एवं वन्य-जीवों से परिचित कराने के उद्देश्य से प्रकृति भ्रमण कराया गया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को वन क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों, पक्षियों तथा वन्य-जीवों के प्राकृतिक आवास के संबंध में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को प्रकृति को नजदीक से देखने, वन्य-जीवों की गतिविधियों को समझने तथा प्राकृतिक वातावरण का अनुभव करने का अवसर प्राप्त हुआ।

    कार्यक्रम की विशेषता अनुभवात्मक एवं समावेशी सहभागिता रही। विद्यार्थियों को वन क्षेत्र में दिखाई देने वाले पक्षियों की आवाजों, प्राकृतिक ध्वनियों एवं आसपास के जैव-विविधतापूर्ण वातावरण से परिचित कराया गया तथा भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को वन्य-जीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, प्रकृति के संरक्षण तथा वन क्षेत्रों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम का संचालन सहायक संचालक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान डॉ. रूही हक द्वारा किया गया।

    अन्य प्रतियोगिता के रूप में विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए प्रातः 10:30 से दोपहर 1:30 बजे तक "जुड़े आवास, वन्य-जीवन का विकास' विषय पर "युवा संसद" का आयोजन किया गया। इसमें 90 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनके 6 ग्रुप बनाये गये। युवा संसद के माध्यम से विद्यार्थियों को वन्य-जीव संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवासों तथा जैव-विविधता के संरक्षण से जुड़े विषयों पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर प्राप्त हुआ।

    इस अवसर पर प्रातः 9:30 से 11:30 बजे तक 'स्टैण्ड फॉर वाइल्ड लाइफ' (खुला वर्ग) प्रतियोगिता का आयोजन विश्व प्रकृति निधि भारत के सहयोग से किया गया। प्रतियोगिता को लेकर प्रतिभागियों एवं वन्य-जीव प्रेमियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रतियोगिता में 150 से अधिक वन्य-जीव प्रेमियों ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य-जीव अभिरक्षक डॉ. समीता राजोरा, संचालक वन विहार श्री विजय कुमार, संचालक विश्व प्रकृति निधि भारत डॉ. स्वाती मोघे, सहायक संचालक वन विहार डॉ. रूही हक एवं वन विहार के अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

    प्रतियोगिता का उद्देश्य आमजन, विशेषकर युवाओं एवं वन्य-जीव प्रेमियों में वन्य-जीवों, प्राकृतिक संसाधनों तथा जैव-विविधता के संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता विकसित करना था। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक अपनी भागीदारी दर्ज कराई तथा वन्य-जीव संरक्षण के प्रति अपनी रुचि एवं प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। कार्यक्रम के माध्यम से वन्य-जीवों के महत्व और उनके संरक्षण में जन-भागीदारी की आवश्यकता का संदेश भी प्रभावी रूप से प्रसारित किया गया।

    वन्य-जीव सप्ताह-2026 के 'तृतीय दिन इस पहल को उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली, जब कुल 243 आगंतुकों ने वन्य-जीव पासपोर्ट गतिविधि के लिए पंजीकरण' कराया। इनमें से 16 'वन्य-जीव संरक्षण राजदूत' बने, जबकि 17 को 'वन्य-जीव चैंपियन' के रूप में मान्यता दी गई।

    4 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले कार्यक्रम

    वन्य-जीव सप्ताह 2026 के अंतर्गत दिनांक 04 अक्टूबर 2026 को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वनकर्मियों एवं उनके परिवारों के लिए प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक "फैमिली वाइल्डलाइफ डे" का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से वनकर्मियों एवं उनके परिवारों को वन्य-जीव एवं प्रकृति संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सहभागी बनाया जाएगा। इसी क्रम में "मध्यप्रदेश के वन्य-जीव' विषय पर विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए "मेहंदी प्रतियोगिता" एवं "पाम पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन प्रातः 10:00 बजे से 11:00 बजे तक वन विहार स्थित विहार वीथिका में किया जाएगा।

    इन प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा एवं अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ मध्यप्रदेश की समृद्ध वन्य-जीव संपदा एवं जैव-विविधता के महत्व को समझने तथा वन्य-जीव एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक, संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनने का अवसर प्राप्त होगा।

     

  • अपराध की सूचना से अंतिम न्याय तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया को सजीव प्रस्तुत किया गया प्रदर्शनी में

    अपराध की सूचना से अंतिम न्याय तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया को सजीव प्रस्तुत किया गया प्रदर्शनी में

    भोपाल 

    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का भेल दशहरा मैदान पर शुभारंभ कर प्रदर्शनी के विभिन्न ज़ोन का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में भारतीय न्याय व्यवस्था में हुए महत्वपूर्ण बदलावों, नवीन न्याय संहिताओं के प्रावधानों तथा अपराध की सूचना प्राप्त होने से लेकर विवेचना, फॉरेंसिक जाँच, अभियोजन, न्यायालयीन कार्यवाही और अंतिम न्याय तक की संपूर्ण प्रक्रिया को 14 अलग-अलग ज़ोन में सजीव मॉडल, डिजिटल तकनीक, वीडियो, चार्ट एवं लाइव प्रदर्शन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। सात अक्टूबर तक चलने वाली यह पांच दिवसीय प्रदर्शनी, नवीन न्याय संहिताओं के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित की गई है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री  शाह को प्रदेश में नवीन न्‍याय संहिताओं के क्रियान्‍वयन की दिशा में संचालित गतिविधियों, सायबर सुरक्षा एवं जागरूकता, मध्‍यप्रदेश पुलिस के सामाजिक अभियानों और नवाचारों से अवगत कराया। उद्घाटन अवसर पर वरिष्ठ विधायक एवं अध्‍यक्ष  हेमंत खंडेलवाल, अपर मुख्य सचिव गृह  संजय शुक्ला और पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना उपस्थित थे।

    आपातकालीन नंबर डायल-112 की कार्यप्रणाली का किया गया सजीव प्रदर्शन

    प्रदर्शनी का जोन एक नवीन न्याय संहिताओं के परिचय पर केंद्रित है। भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA), 2023 के प्रमुख प्रावधानों तथा उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी गई है। आपातकालीन सेवाओं एवं कंट्रोल रूम पर केंद्रित जोन दो में ‘एक देश, एक आपातकालीन नंबर’ की अवधारणा के अंतर्गत डायल-112 प्रणाली के एकीकरण तथा आधुनिक स्टेट कमांड सेंटर की तकनीकी क्षमताओं का सजीव प्रदर्शन किया गया है। क्राइम सीन और फॉरेंसिक जाँच से संबंधित ज़ोन-3 में अपराध स्थल के वास्तविक 3D मॉडल के माध्यम से घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम की भूमिका, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन तथा साक्ष्यों की अनिवार्य वीडियो रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया प्रदर्शित है। जोन-4 थाना प्रणाली एवं प्रारंभिक जाँच पर केंद्रित है। इसमें पुलिस थाने के मॉडल के माध्यम से विवेचना के प्रारंभिक चरण, ई-एफआईआर, जीरो एफआईआर एवं CCTNS से संबंधित सेवाओं और प्रक्रियाओं की जानकारी इस जोन में दी गई है। चिकित्सा सेवाओं एवं मेडिकल साक्ष्य को समर्पित जोन-5 में पीड़ितों के उपचार, मेडिकल परीक्षण, पोस्टमार्टम तथा समयबद्ध मेडिकल रिपोर्ट के माध्यम से आपराधिक न्याय प्रणाली में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका को दर्शाया गया है।

    चार्जशीट तैयार करने से लेकर न्यायालय में प्रभावी पैरवी तक की दी गई है जानकारी

    न्याय प्रक्रिया में फॉरेंसिक साइंस लैब के महत्व को जोन 6 में प्रदर्शित किया गया है। इस जोन में DNA, फिंगरप्रिंट, बैलिस्टिक एवं डिजिटल फॉरेंसिक जैसी वैज्ञानिक जाँच तकनीकों के माध्यम से अपराध के वैज्ञानिक अनुसंधान और साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ाने की प्रक्रिया दिखाई गई है। जोन-7 में अभियोजन की भूमिका पर केंद्रित है।विवेचना के बाद चार्जशीट तैयार करने से लेकर न्यायालय में प्रभावी पैरवी तक अभियोजन की भूमिका और कार्यप्रणाली को यहां प्रदर्शित किया गया है। जोन-8 में जिला न्यायालय पर केंद्रित है। इस जोन में जिला न्यायालय का मॉडल एवं न्यायालयीन कार्यवाही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग का प्रदर्शन किया गया है। ज़ोन-9 जेल सुधार एवं ई-प्रिजन व्यवस्था को समर्पित है।यहां जेल सुधार, जेल मैनुअल में हुए बदलाव, पैरोल, बंदियों के पुनर्वास कार्यक्रम तथा ई-प्रिजन प्रणाली की कार्यप्रणाली का लाइव डिस्प्ले किया है। ज़ोन-10 उच्च न्यायालय की गरिमापूर्ण पीठ को दर्शाता है।यहां मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के मुख्य कोर्ट रूम का स्वरूप प्रदर्शित किया गया है। यह ज़ोन पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर से लेकर उच्चतर न्यायपालिका के स्तर पर न्याय की प्रक्रिया तक की संपूर्ण यात्रा प्रदर्शित है।

    ऑनलाइन ई-जीरो एफआईआर की प्रक्रिया की जानकारी नागरिकों को उपलब्ध कराई गई

    इसी क्रम में ज़ोन-11 में नक्सल उन्मूलन में उपलब्धियाँ प्रदर्शित हैं। यहां प्रदेश में नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा पुलिस की उपलब्धियों को फोटोग्राफिक एवं डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। ज़ोन-12 साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता से संबंधित है। यह जोनसाइबर अपराधों से बचाव के लिए संचालित ‘सेफ क्लिक अभियान’ तथा ऑनलाइन ई-जीरो एफआईआर की प्रक्रिया की जानकारी नागरिकों को उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। नवीन संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन में राज्य की उपलब्धियाँ जोन तेरह में प्रदर्शित है।यहां नवीन न्याय संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन, आवश्यक ढांचागत सुधारों तथा राज्य में अब तक हुई प्रगति को डिजिटल चार्ट और डिस्प्ले के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। ज़ोन-14 में सामाजिक पहल के प्रदर्शन के साथ ही लाइव क्विज़ रखा गया है। इस ज़ोन में ऑपरेशन मुस्कान, महिला हेल्प डेस्क एवं ‘Say No to Drugs’ जैसे सामाजिक अभियानों की जानकारी के साथ नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित लाइव डिजिटल क्विज़ काउंटर आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

    त्वरित, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

    प्रदर्शनी आम नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और कानून के प्रति रुचि रखने वालों के लिए उपयोगी है। यहां लोगों को नवीन न्याय संहिताओं की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य नागरिकों को भारतीय न्याय व्यवस्था में हुए महत्वपूर्ण बदलावों से परिचित कराना तथा यह बताना है कि नवीन न्याय संहिताओं के माध्यम से त्वरित, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम एवं पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रदर्शनी के उद्घाटन में सचिव गृह मती शिल्पा गुप्ता, केंद्र सरकार के अधिकारी तथा प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।