Category: मध्य प्रदेश

  • चीतों के लिए बड़ी खुशखबरी! कूनो में जन्मे 5 नन्हे शावक, देश में बढ़कर 60 हुई चीतों की संख्या

    चीतों के लिए बड़ी खुशखबरी! कूनो में जन्मे 5 नन्हे शावक, देश में बढ़कर 60 हुई चीतों की संख्या

    कूनो में गूंजी चीतों की नई पीढ़ी की किलकारी

    भारतीय धरा पर जन्मे शावकों की पीढ़ी ले रही अंगड़ाईयां
    मादा चीता केजेपी-21 ने 5 स्वस्थ शावकों को दिया जन्म
    चीतों की संख्या अब बढ़कर हुई 60
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रोजेक्ट चीते से जुड़ी टीम को दी बधाई

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो राष्ट्रीय उ़़द्यान में चीता प्रोजेक्ट अंतर्गत 5 अक्टूबर सोमवार को एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई। भारतीय धरती पर जन्मी 32 माह की मादा चीता केजेपी-21 ने 5 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही भारत में चीतों की संख्या बढ़कर अब 60 हो गई है, इसमें से 41 भारतीय धरती पर जन्में चीते शामिल है। भारत में जन्मी मादा चीता केजेपी-12 और मुखी के बाद केजेपी-21 तीसरी मादा चीता है, जिसने भारतीय धरती पर शावकों को जन्म दिया। यह उपलब्धि देश में चीता संरक्षण एवं पुनर्स्थापना के प्रयासों की सफलता और चीतों की नई पीढ़ी की विस्तार की दिशा में मील का पत्थर है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रोजेक्ट चीता से जुड़े वन्य अधिकारियों, पशु चिकित्सकों, मैदानी अमले, प्रबंधन टीम तथा सभी सहयोगियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनके समर्पण, प्रतिबद्धता और अथक प्रयासों से भारत में चीता पुनर्स्थापना की यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है। नन्हें मेहमानों के आगमन से कूनो की धरती पर एक बार फिर वन्य जीव संरक्षण की नई उम्मीद ने जन्म लिया है।

    बोत्सवाना की नई जेनेटिक लाइन की शुरुआत
    इन पांच शावकों के जन्म की एक और खासियत है। इनके पिता बोत्सवाना से भारत लाए गए नर चीता हैं। ऐसे में इन शावकों के साथ भारत में बोत्सवाना की जेनेटिक लाइन की भी शुरुआत हुई है। इससे देश में विकसित हो रहे चीता कुनबे में नई आनुवंशिक विविधता जुड़ने की उम्मीद है।

    भारत में जन्मे चीतों का आंकड़ा 40 के पार
    पांच नए शावकों के जन्म के बाद अब भारत में चीतों की कुल संख्या अब 60 हो गई है। खास बात यह है कि इनमें 41 चीते भारत में जन्मे हैं। कूनो में लगातार हो रहे प्रजनन को प्रोजेक्ट चीता की बड़ी उपलब्धियों में गिना जा रहा है।

    केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस उपलब्धि के लिए प्रोजेक्ट चीता से जुड़े पशु चिकित्सकों, फील्ड स्टाफ, प्रबंधन टीम और अन्य कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत की धरती पर जन्मी चीतों की यह नई पीढ़ी देश में चीता पुनर्स्थापना की कहानी में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ रही है।

     

    भारत में बोत्सवाना वंशावली की हुई शुरूआत

    केजेपी-21 के पाँच शावकों का जन्म एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी लेकर आया है। इनके पिता बोत्स्वाना के लाया गया नर चीता है। इन शावकों के जन्म के साथ भारत में बोत्सवाना वंशावली की शुरूआत हुई है। इससे देश में बढ़ती चीता आबादी में एक नई अनुवांशिक वंशावली का समावेश हुआ है।

    चीता पुनर्स्थापना अभियान में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ा

    भारतीय धरती पर चीतों की एक और पीढ़ी का जन्म प्रोजेक्ट चीता की उल्लेखनीय यात्रा में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। यह उपलब्धि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता संरक्षण के लिये निरंतर किये जा रहे वैज्ञानिक प्रबंधन, निगरानी और संरक्षण प्रयासों को भी रेखांकित करती है।

     

  • एशियन गेम्स में भारतीय बेटियों का जलवा, निर्मला भूरिया बोलीं- दुनिया ने देखा नारी शक्ति का दम

    एशियन गेम्स में भारतीय बेटियों का जलवा, निर्मला भूरिया बोलीं- दुनिया ने देखा नारी शक्ति का दम

    एशियन गेम्स में दुनिया ने देखा भारत की नारी शक्ति का दम

     निर्मला भूरिया

    भोपाल

    एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को 85 पदक दिलाए और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारत के खाते में 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक आए। इस उपलब्धि की सबसे गौरवपूर्ण तस्वीर यह है कि महिला खिलाड़ियों ने 38 पदक अपने नाम किए, जो पुरुष खिलाड़ियों के बराबर हैं। इनमें 11 स्वर्ण पदक महिला खिलाड़ियों और महिला टीमों ने जीते।

    भारत की बेटियों का यह प्रदर्शन केवल खेल की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह बदलते भारत और सशक्त होती नारी शक्ति की तस्वीर है। क्रिकेट में भारतीय महिला टीम ने स्वर्ण जीतकर देश का गौरव बढ़ाया, वहीं महिला कबड्डी और महिला हॉकी टीम ने भी स्वर्णिम सफलता हासिल की। महिला हॉकी टीम की स्वर्णिम वापसी विशेष रूप से ऐतिहासिक रही, जिसने 44 वर्ष बाद एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

    एशियन गेम्स में भारतीय बेटियों की सफलता महिला सशक्तिकरण की सबसे प्रभावशाली तस्वीर है। आज हमारी बेटियां केवल खेल के मैदान में पदक नहीं जीत रहीं, बल्कि वे देश की करोड़ों बेटियों के सपनों को भी नई दिशा दे रही हैं। उनकी सफलता यह विश्वास मजबूत करती है कि बेटी को अवसर, प्रोत्साहन और विश्वास दिया जाए तो वह किसी भी क्षेत्र में सर्वोच्च शिखर तक पहुंच सकती है।

    व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी भारतीय बेटियों ने नए इतिहास रचे। कुमकुम मोहोड ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व में भारत के लिए पहला एशियन गेम्स स्वर्ण पदक जीता। महिला रिकर्व टीम ने भी स्वर्ण अपने नाम किया। निशानेबाजी में नीरू धांडा ने स्वर्ण पदक जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा ने स्वर्ण पदक जीते, जबकि गोल्फ में प्रणवी उर्स ने भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक हासिल किया। मीराबाई चानू ने भारोत्तोलन में रजत पदक जीतकर भारत के लिए इस खेल में लंबे अंतराल के बाद पदक दिलाया।

    इस गौरवपूर्ण उपलब्धि में मध्यप्रदेश की बेटियों ने भी अपनी प्रतिभा और मेहनत का परचम लहराया। प्रदेश की क्रिकेटर क्रांति गौड़ भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्वर्ण पदक विजेता टीम का हिस्सा बनीं। छोटे से गांव से निकलकर एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचकर स्वर्ण पदक जीतना उनकी मेहनत और संघर्ष की प्रेरक कहानी है। निशानेबाजी में मध्यप्रदेश की नीरू ढांडा ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही उन्होंने ट्रैप मिक्स्ड टीम में भी स्वर्ण और महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। इस तरह नीरू ने एशियन गेम्स में तीन पदक जीतकर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया। निशानेबाजी में ही मध्यप्रदेश की आशी चौकसे ने महिला 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता, जबकि मनीषा कीर ने महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में रजत पदक हासिल कर देश का मान बढ़ाया। इसी तरह मध्यप्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय सेलर हर्षिता तोमर ने 49er FX महिला स्किफ ईवेंट में कांस्य पदक हासिल किया है।

    भारतीय महिला हॉकी टीम की स्वर्णिम सफलता में भी मध्यप्रदेश की बेटियों की महत्वपूर्ण भागीदारी रही। ईशिका चौधरी, बिच्छू देवी और सुशीला चानू भारतीय महिला हॉकी टीम का हिस्सा रहीं, जिसने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। एक बेटी की सफलता केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, बल्कि वह पूरे परिवार, समाज और देश की सोच को बदलने की ताकत रखती है। एशियन गेम्स में बेटियों की सफलता उन सभी परिवारों के लिए प्रेरणा है, जो अपनी बेटियों को खेल, शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, प्रशासन, उद्यमिता और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ते देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए वातावरण तैयार हुआ है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ से लेकर बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने तक की सोच अब जमीन पर दिखाई दे रही है। मध्यप्रदेश में भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास विभाग महिलाओं और बेटियों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

    एशियन गेम्स की बेटियों की सफलता हमें यह संदेश देती है कि महिला सशक्तिकरण केवल योजनाओं और नारों तक सीमित नहीं है। सच्चा सशक्तिकरण तब है, जब बेटी अपने सपनों का रास्ता स्वयं चुन सके, अपनी प्रतिभा को पहचान सके और अपनी मेहनत के बल पर दुनिया के सामने अपनी पहचान बना सके। आज कुमकुम मोहोड, नीरू धांडा, लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा, प्रणवी उर्स, मीराबाई चानू और भारतीय महिला टीमों की उपलब्धियां देश की हर बेटी को यह संदेश दे रही हैं—आसमान कोई सीमा नहीं है।

    एशियन गेम्स में भारतीय बेटियों ने पदक जीतकर सिर्फ तिरंगा नहीं ऊंचा किया, बल्कि महिला सशक्तिकरण की नई इबारत भी लिखी है। यह उपलब्धियां आने वाली पीढ़ी की बेटियों के लिए प्रेरणा बनेंगी और उन्हें यह विश्वास देंगी कि उनके सपनों को पूरा करने के लिए देश उनके साथ खड़ा है।

     

  • करीब 161 करोड़ की लागत से 40 नए जनजातीय छात्रावास भी बनाये जायेंगे, आश्रम स्कूलों को दिए जाएंगे 143 करोड़ रुपए

    करीब 161 करोड़ की लागत से 40 नए जनजातीय छात्रावास भी बनाये जायेंगे, आश्रम स्कूलों को दिए जाएंगे 143 करोड़ रुपए

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती ने प्रजा के सुख को ही अपना धर्म माना था। उनका शासनकाल कृषि, जल प्रबंधन और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए जाना जाता है। यह रानी दुर्गावती की प्रशासनिक दक्षता का ही कमाल था कि गोंड साम्राज्य के हजारों गांव समृद्धि का केंद्र बन गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती अदम्य साहस, अटल स्वाभिमान और शक्ति की प्रतीक थीं। उन्होंने जीवनकाल में 52 युद्ध लड़े और 51 में विजय प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती के दिखाए मार्ग पर चलकर हमारी सरकार प्रदेश के जनजातीय भाई-बहनों के कल्याण और विकास का एक नया अध्याय लिख रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को खंडवा जिले के हरसूद के ग्राम छनेरा में हुए वीरांगना रानी दुर्गावती की 502वीं जयंती उत्सव एवं तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन एवं रानी दुर्गावती के चित्र पर माल्यार्पण तथा पंच कलश के जरिये गोगोपूजन एवं बड़ादेव का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के इतिहास में पहली बार गोंडवाना साम्राज्य के तत्कालीन 52 गढ़ों के राजशासकों के वर्तमान वंशजों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन राजवंशजों को साफा पहनाकर तथा खड्ग एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां खंडवा जिले के साथ बुरहानपुर, बड़वानी, खरगौन, देवास और हरदा के 3 लाख 54 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को 21 करोड़ 34 लाख रुपए से अधिक की बोनस राशि का वितरण किया। इसमें खंडवा के 32 हजार 846 तेंदूपत्ता संग्राहक भी शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने खंडवा वन मंडल क्षेत्र की 56 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के 26 हजार 400 से अधिक हितग्राहियों को 4 करोड़ 58 लाख रुपए के काष्ठ लाभांश की राशि भी वितरित की। मुख्यमंत्री ने खंडवा जिले में लगभग 143 करोड़ रुपए की लागत से 18 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसमे लगभग 48 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न हाई स्कूल भवनों और छात्रावासों के साथ लगभग 20 करोड़ रूपए की लागत से खालवा में खेल परिसर का भूमिपूजन के साथ ही 68 करोड़ 57 लाख रुपए की लागत से 3 सामुदायिक एवं सांस्कृतिक भवनों की सौगात भी शामिल है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर क्षेत्रीय विकास एवं सुविधा उन्नयन से जुड़ी विभिन्न घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 5 साल में सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। इसी उद्देश्य से हरसूद विधानसभा क्षेत्र में करवानी उद्वहन सिंचाई परियोजना पर तेजी से कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के जनजातीय क्षेत्रों में 25 करोड़ की लागत से बिजली आपूर्ति से जुड़े सभी विकास कार्य पूरे किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि खालवा तहसील क्षेत्र में 6 सांदीपनि विद्यालय बनाए जायेंगे। हरसूद में 490 सीटर नया कन्या छात्रावास बनेगा। इस क्षेत्र के सभी छात्रावासों में 34 करोड़ की लागत से रोटी मेकर मशीनें लगाई जायेंगी। छात्रावासों में वॉटर कूलर लगाए जाएंगे। यहां के छात्रावासों में ई-लाइब्रेरी बनाई जायेगी। करीब 161 करोड़ की लागत से 40 नए जनजातीय छात्रावास बनाये जायेंगे। यहां के आश्रम स्कूलों को विकास कार्यों के लिए 143 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। खंडवा में 10 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से एक हाइटेक नर्सरी बनाई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हरसूद सहित खंडवा जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनाये जायेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार विरासत से विकास के संकल्प से साथ गरीब से गरीब के जीवन में रोशनी लाने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए पंख लगाने का काम किया है। वीरांगना रानी दुर्गावती के जन्मोत्सव में आज 52 गढ़ों के राजवंशजों का सम्मान कर जीवन धन्य हो गया। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती के जीवन से हमें राष्ट्र प्रथम, स्वाभिमान, विषम परिस्थितियों में नेतृत्व कौशल, नारी शक्ति का सम्मान, जल संचय, जंगल और प्रकृति के संरक्षण की सीख मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों की मेहनत को सम्मान देते हुए सरकार ने प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक 750 रुपये से बढ़ाकर 4 हजार रुपये किया है तथा शुद्ध लाभ का 75 प्रतिशत बोनस के रूप में दिया जा रहा है। आज खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, देवास और हरदा सहित कुल 6 जिलों के 3 लाख 54 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि 32 लघुवनोपजों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य तय कर वनवासियों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। मेडिकल की पढ़ाई के लिए गरीब बच्चों की फीस राज्य सरकार भर रही है। मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी और लैपटॉप बांटे गए हैं। शासकीय स्कूलों के बच्चों को नि:शुल्क किताबें और साइकिलें दी गई हैं। प्रदेश के 85 हजार युवाओं को शासकीय पदों पर नौकरी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी साल राज्य में 1 लाख करोड़ रूपए की लागत से जनकल्याण और विकास के काम कराए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश के गांव-गांव तक मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इसकी शुरुआत हो चुकी है। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों को भी सुगम परिवहन की बसों का लाभ मिलेगा। प्रदेश में कानून का राज है। राज्य सरकार ने बालाघाट और मंडला जिले से नक्सलवाद की समस्या को जड़ से खत्म कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी पंचायतों में ग्रामीण आबादी को नि:शुल्क रजिस्ट्री का लाभ दिया जा रहा है। किसानों की समृद्धि के लिए दिन में भी 10 घंटे बिजली देने की शुरुआत की जा रही है। कृषक कल्याण वर्ष में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित कर अन्नदाताओं को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर धाम को पीएम हेली सेवा से जोड़ा गया है। प्रदेश में गरीब जरूरतमंदों को एयर एम्बुलेंस की सुविधा मिल रही है। राहवीर योजना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले को 25 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

    केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री  दुर्गादास ऊइके ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर है। आज वीरांगना रानी दुर्गावती जन्मोत्सव में 52 गढ़ों के राजवंशजों का सम्मान किया गया है। पहली बार हमें इतिहास का सिंहावलोकन करने का अवसर मिला है। देश में 2014 के बाद बड़ा बदलाव आया है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देशवासियों ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना देखा है। मध्यप्रदेश में 2003 से पहले और उसके बाद विकास स्पष्ट रूप से नजर आता है। केंद्रीय मंत्री  ऊइके ने रानी दुर्गावती के जीवन पर केंद्रित एक स्वलिखित गीत भी प्रस्तुत किया।

    जनजातीय कार्य, लोक सम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि जनजातीय राजवंशों के 52 गढ़ केवल मध्यप्रदेश और देश के दूसरे राज्यों में भी थे। आजादी के बाद उन्होंने देश की एकता के लिए अपना राज्य समर्पित कर दिया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में जनजातीय युवाओं के कल्याण के लिए प्रति वर्ष करोड़ों रुपए की राशि विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के रूप में दी जा रही है। जनजातीय युवाओं को डॉक्टर बनाने के लिए राज्य सरकार हर साल 90 लाख रुपए फीस भर रही है। प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी और लैपटॉप बांटे गए हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के मंच पर रानी दुर्गावती, राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह, क्रांतिसूर्य टंट्या मामा, संत सिंगाजी महाराज महापुरुषों के जीवन पर आधारित आकर्षक नृत्य नाटकों का मंचन किया गया।

    वीरांगना रानी दुर्गावती के बारे में

    रानी दुर्गावती का जन्म अब से 502 साल पहले 5 अक्टूबर 1524 को वर्तमान उत्तरप्रदेश के महोबा में हुआ था। वे गढ़ मंडला राज्य की शासक महारानी थीं तथा साहस, शौर्य, पराक्रम और स्वाभिमान की प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने गोंडवाना साम्राज्य और राष्ट्र के आत्मसम्मान की रक्षा के लिए मुगलों से वीरतापूर्वक संघर्ष किया। प्राणांत तक मातृभूमि की अस्मिता की रक्षा करते हुए 24 जून 1564 को वर्तमान मध्यप्रदेश के जबलपुर में वीरगति प्राप्त की।

    52 गढ़ों के इन राजवंशजों का किया सम्मान

    कार्यक्रम में  महेंद्र प्रताप सिंह जूदेव (नर्मदापुरम),  महेंद्र शाह (बरहेटा नरसिंहपुर), डॉ. हेमराज सिंह (जागीरदेवरी रायसेन),  अमरजीत सिंह (उदयपुरा रायसेन),रंजना सिंह (मदनपुर नरसिंहपुर),दमयंती सिंह (दियागढ़ जबलपुर),  यशवंत सिंह जूदेव (बिलोनिया नरसिंहपुर),  विमलेश ठाकुर (दमोह),  राजा वीरेंद्र शाह (देवगढ़ छिंदवाड़ा), डॉ. योगेश्वर सिंह (सिहोरा बघेलगढ़),गरिमा सिंह (मदनपुर),अर्चना सिंह कसदे (उमरिया),  अभिजीत शाह (हरदा),  ठाकुर (गोटेगांव नरसिंहपुर) तथा अन्य गढ़ों से आए राजवंशजों का भी सम्मान हुआ।

    कार्यक्रम में विधायक  नारायण पटेल, सु कंचन तनवे, सु छाया मौरे, जिला पंचायत अध्यक्षपिंकी सुदेश वानखेड़े, महापौर सु अमृत अमर यादव, पूर्व महापौरभावना शाह, कुंवर दिव्यादित्य शाह एवं  अंबाराम कराड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।

     

  • अमरावत खुर्द स्कूल में विद्यार्थियों को मिले स्कूली बैग, राज्यमंत्री गौर ने शिक्षा के महत्व पर दिया जोर

    अमरावत खुर्द स्कूल में विद्यार्थियों को मिले स्कूली बैग, राज्यमंत्री गौर ने शिक्षा के महत्व पर दिया जोर

    शिक्षा से होगी तरक्की की राह प्रशस्त, बच्चों को नियमित रूप से भेजें स्कूल: राज्यमंत्री  गौर

    शासकीय माध्यमिक शाला अमरावत खुर्द में कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों को वितरित किए स्कूली बैग

    भोपाल

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने सोमवार को शासकीय माध्यमिक एकीकृत शाला, अमरावत खुर्द में आयोजित कार्यक्रम में कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों को स्कूली बैग वितरित करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन में सर्वांगीण विकास और प्रगति का मूल आधार है। जो विद्यार्थी निष्ठा एवं लगन से विद्या अध्ययन करता है, वह तरक्की और सफलता के नए शिखरों को स्पर्श करता है। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें नियमित रूप से विद्यालय अवश्य भेजें, शिक्षित एवं गुणी बाल-पीढ़ी ही अपने परिवार के जीवन स्तर को उन्नत बनाने के साथ समाज और राष्ट्र के नवनिर्माण में महती भूमिका निभाती है।

    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने उपस्थित विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद स्थापित कर उन्हें लगनपूर्वक अध्ययन करने तथा जीवन में उच्च लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गुरुजनों का सम्मान करने वाले तथा अनुशासित रहकर शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों को जीवन में सफलता प्राप्त करने से कोई शक्ति नहीं रोक सकती। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने विद्यालय परिसर में मध्याह्न भोजन व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर विद्यालय के संचालन की समयबद्धता, पठन-पाठन का स्तर और भोजन की गुणवत्ता एवं पर्याप्तता के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।

    कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने शिक्षक वर्ग से संवाद करते हुए कहा कि शिक्षकों का पावन कर्तव्य विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण कर उनके जीवन को सही दिशा प्रदान करना है। यदि शिक्षक अपने शिष्यों को सुसंस्कृत और योग्य नागरिक बनाने में सफल होते हैं, तभी उनकी शिक्षण साधना वास्तविक अर्थों में सार्थक सिद्ध होती है। उन्होंने बल देकर कहा कि आने वाली पीढ़ी को शिक्षित, संस्कारवान और उत्तरदायी नागरिक बनाने के लिए परिवार, शिक्षक और समाज को समन्वित प्रयास करने होंगे, जिससे सशक्त समाज और विकसित भारत की सुदृढ़ नींव बाल-मन में रोपे गए एवं सुसंस्कारों पर ही आधारित है।

     

  • युवा मतदाताओं से CM यादव की अपील, लोकतंत्र मजबूत करने के लिए वोटर लिस्ट में नाम जरूर जुड़वाएं

    युवा मतदाताओं से CM यादव की अपील, लोकतंत्र मजबूत करने के लिए वोटर लिस्ट में नाम जरूर जुड़वाएं

    लोकतंत्र की मजबूती में हर जागरूक मतदाता की भागीदारी बेहद जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    18 वर्ष पूरा कर चुके युवा साथी मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य कराएं दर्ज

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह बेहद जरूरी है कि मतदाता सूची भी अद्यतन, पारदर्शी और विश्वसनीय हो। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची का सत्यापन किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह पर ध्यान न दें। फॉर्म 6 और डिक्लेरेशन सहित पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित है। सही जानकारी के लिए सिर्फ निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया पर ही विश्वास करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के युवाओं से अपील की है कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी युवा अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज कराएं और प्रत्येक नागरिक अपने नाम की भी पुष्टि करे। उन्होंने कहा कि "आईए, हम अपनी जिम्मेदारी निभाएं और एक विश्वसनीय मतदाता सूची के निर्माण में सहभागी बनें।"

     

  • शिक्षा से होगी तरक्की की राह प्रशस्त, बच्चों को नियमित रूप से भेजें स्कूल: राज्यमंत्री गौर

    शिक्षा से होगी तरक्की की राह प्रशस्त, बच्चों को नियमित रूप से भेजें स्कूल: राज्यमंत्री गौर

    भोपाल

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने सोमवार को शासकीय माध्यमिक एकीकृत शाला, अमरावत खुर्द में आयोजित कार्यक्रम में कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों को स्कूली बैग वितरित करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन में सर्वांगीण विकास और प्रगति का मूल आधार है। जो विद्यार्थी निष्ठा एवं लगन से विद्या अध्ययन करता है, वह तरक्की और सफलता के नए शिखरों को स्पर्श करता है। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें नियमित रूप से विद्यालय अवश्य भेजें, शिक्षित एवं गुणी बाल-पीढ़ी ही अपने परिवार के जीवन स्तर को उन्नत बनाने के साथ समाज और राष्ट्र के नवनिर्माण में महती भूमिका निभाती है।

    राज्यमंत्री  गौर ने उपस्थित विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद स्थापित कर उन्हें लगनपूर्वक अध्ययन करने तथा जीवन में उच्च लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गुरुजनों का सम्मान करने वाले तथा अनुशासित रहकर शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों को जीवन में सफलता प्राप्त करने से कोई शक्ति नहीं रोक सकती। राज्यमंत्री  गौर ने विद्यालय परिसर में मध्याह्न भोजन व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर विद्यालय के संचालन की समयबद्धता, पठन-पाठन का स्तर और भोजन की गुणवत्ता एवं पर्याप्तता के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।

    कार्यक्रम में राज्यमंत्री  गौर ने शिक्षक वर्ग से संवाद करते हुए कहा कि शिक्षकों का पावन कर्तव्य विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण कर उनके जीवन को सही दिशा प्रदान करना है। यदि शिक्षक अपने शिष्यों को सुसंस्कृत और योग्य नागरिक बनाने में सफल होते हैं, तभी उनकी शिक्षण साधना वास्तविक अर्थों में सार्थक सिद्ध होती है। उन्होंने बल देकर कहा कि आने वाली पीढ़ी को शिक्षित, संस्कारवान और उत्तरदायी नागरिक बनाने के लिए परिवार, शिक्षक और समाज को समन्वित प्रयास करने होंगे, जिससे सशक्त समाज और विकसित भारत की सुदृढ़ नींव बाल-मन में रोपे गए एवं सुसंस्कारों पर ही आधारित है।

     

  • कृषि विभाग ने प्रदेश में किसानों के कल्याण और सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया है

    कृषि विभाग ने प्रदेश में किसानों के कल्याण और सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया है

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि विभाग ने प्रदेश में किसानों के कल्याण और सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया है। कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत, निष्ठा और समर्पण का परिणाम है कि आज मध्यप्रदेश देश की फूड बॉस्केट बन चुका है। परम्परागत खेती से लेकर तकनीकी नवाचार और उद्योग तक विभाग के कर्मचारी-अधिकारी किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। प्रदेश में कृषि विभाग सिर्फ डिपार्टमेंट का नाम नहीं यह, डेवलपमेंट का भी नाम है। कृषि में ही मध्यप्रदेश का विकास छुपा है, इस दृष्टि से मध्यप्रदेश की सुख-समृद्धि का रास्ता कृषि विभाग से होकर जाता है। प्रदेश के माथे से बीमारू राज्य का कलंक हटाने में बड़ी भूमिका कृषि विभाग की रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की ही टीम है जो सरकार की कृषि योजनाओं और नीतियों को फाईलों से निकालकर खेत की मेढ़ों तक पहुंचाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के पदोन्नत शासकीय सेवकों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभिनंदन और उनके आभार प्रदर्शन के लिए आयोजित कार्यक्रम को रवींद्र भवन में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक स्वरूप हल भेंटकर तथा फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर ई-विकास, डिजिटल एग्रीकल्चर, भावांतर भुगतान योजना पर कार्यशाला सह प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया।  

     राज्य सरकार हर कदम पर कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति से उन्हें स्वयं को बहुत संतोष है। यह गर्व की बात है कि पदोन्नति के लिए एक दशक की लंबी प्रतीक्षा के बाद भी विभागीय अमले ने काम के प्रति अपने समर्पण को काम नहीं होने दिया। राज्य सरकार ने एक साथ 3 हजार 357 शासकीय सेवकों को पदोन्नति का लाभ दिया है। इसमें किसान कल्याण और कृषि विभाग के 1 हजार 725, मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के 1 हजार 439, कृषि अभियांत्रिकी के 149, बीज प्रमाणीकरण के 36 और बीज निगम के 8 कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है। इसके साथ ही 44 युवाओं को सहायक वर्ग-3 के रूप में अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। राज्य सरकार हर कदम पर विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ है।

    प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। उन्होंने पिछले 12 वर्ष के कार्यकाल में कठिन से कठिन फैसले लेकर भारत को नए दौर में पहुंचाया है। जापान में कल ही संपन्न हुए एशियन गेम्स 2026 में पदकों की संख्या के आधार पर भारत को चौथा स्थान हासिल हुआ है। हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में दुनिया की दिग्गज टीमों और उनके खिलाड़ियों को परास्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम जियो और जीने दो के भाव पर आगे बढ़ने वाले लोग हैं। कृषि के आधार पर हमारी जीवनशैली शाकाहार को प्रोत्साहित करती है। खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने दुनिया को बताया है कि शाकाहारी रहते हुए भी शरीर को तंदुरुस्त रखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य सरकार की ओर से सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने विभागों के बीच व्यवस्थाओं के संचालन को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाया है। इस वर्ष प्रदेश पौने 14 लाख किसानों से 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन कर देश में प्रथम स्थान पर रहा है।

     अगले वर्ष में 1 लाख से अधिक पदों पर नई भर्ती की जाएगी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निकट भविष्य में अनुकंपा नियुक्ति की कोई पेंडेंसी नहीं रहेगी। सभी विभागों में पदोन्नति के लिए डीपीसी हर साल करवाई जाएगी, पदोन्नति से रिक्त पदों को समय से भरने के लिए नई भर्ती प्रक्रिया भी लगातार चल रही है। इस वर्ष कृषि विभाग के अंतर्गत मंडी बोर्ड में 600 मंडी निरीक्षक, 50 उपयंत्री, 30 सचिव, 100 डाटा एंट्री ऑपरेटर सहित कुल 1500 से अधिक पदों पर नयी भर्ती वर्ष 2026 में पूरी कर ली जाएगी। हमारी सरकार ने अब तक 85 हजार से अधिक शासकीय पदों पर युवाओं को नौकरी दी है। अगले वर्ष में 1 लाख से अधिक पदों पर नई भर्ती करने का लक्ष्य है।

    प्रदेश के अन्नदाता की भावनाओं को भलीभांति समझते हैं किसान पुत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कर्मचारियों की परेशानी को समझा और पदोन्नति देकर उसे दूर भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं किसान पुत्र हैं, वे प्रदेश के अन्नदाता की भावनाओं को भलीभांति समझते हैं। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों की आय दोगुना करने के लिए दृढ़संकल्पित है। मंत्री  कंषाना ने कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों से किसान कल्याण के लिए लागू की गईं योजनाओं को शत-प्रतिशत जमीन पर उतारने का आहवान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अडिगता और स्पष्ट निर्णयों से पदोन्नतियों का रास्ता हुआ साफ

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के सचिव  निशांत वरवड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अडिगता और स्पष्ट निर्णयों के फलस्वरूप 10 वर्ष से अधिक समय से बंद पदोन्नतियों का रास्ता साफ हुआ। कृषि विभाग में पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया जारी है। कृषक कल्याण वर्ष में अन्नदाता की समृद्धि के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारी-कर्मचारियों को भी बड़ी सौगात दी है। कृषि विभाग के सभी कर्मचारी कृषक कल्याण वर्ष को सफल बनाने के लिए संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। कृषि संचालक  उमाशंकर भार्गव ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित सभी अथितियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

  • MP की कृषि ताकत का बढ़ा दबदबा, ‘देश की फूड बास्केट बन चुका मध्यप्रदेश’: CM यादव

    MP की कृषि ताकत का बढ़ा दबदबा, ‘देश की फूड बास्केट बन चुका मध्यप्रदेश’: CM यादव

    मध्यप्रदेश देश की फूड बॉस्केट बन चुका है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    कृषि विभाग की टीम कृषि योजनाओं और नीतियों को फाईलों से निकालकर खेत की मेढ़ तक पहुंचाती है
    कृषि विभाग ने प्रदेश में किसानों के कल्याण और सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया है
    राज्य सरकार ने एक साथ 3 हजार 357 शासकीय सेवकों को पदोन्नति का लाभ दिया
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि विभाग के 44 दिवंगत कर्मचारियों के परिजन को सौंपे अनुकम्पा नियुक्ति के पत्र
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के पदोन्नत अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम को किया संबोधित

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि विभाग ने प्रदेश में किसानों के कल्याण और सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया है। कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत, निष्ठा और समर्पण का परिणाम है कि आज मध्यप्रदेश देश की फूड बॉस्केट बन चुका है। परम्परागत खेती से लेकर तकनीकी नवाचार और उद्योग तक विभाग के कर्मचारी-अधिकारी किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। प्रदेश में कृषि विभाग सिर्फ डिपार्टमेंट का नाम नहीं यह, डेवलपमेंट का भी नाम है। कृषि में ही मध्यप्रदेश का विकास छुपा है, इस दृष्टि से मध्यप्रदेश की सुख-समृद्धि का रास्ता कृषि विभाग से होकर जाता है। प्रदेश के माथे से बीमारू राज्य का कलंक हटाने में बड़ी भूमिका कृषि विभाग की रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की ही टीम है जो सरकार की कृषि योजनाओं और नीतियों को फाईलों से निकालकर खेत की मेढ़ों तक पहुंचाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के पदोन्नत शासकीय सेवकों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभिनंदन और उनके आभार प्रदर्शन के लिए आयोजित कार्यक्रम को रवींद्र भवन में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक स्वरूप हल भेंटकर तथा फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर ई-विकास, डिजिटल एग्रीकल्चर, भावांतर भुगतान योजना पर कार्यशाला सह प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया।  

     राज्य सरकार हर कदम पर कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति से उन्हें स्वयं को बहुत संतोष है। यह गर्व की बात है कि पदोन्नति के लिए एक दशक की लंबी प्रतीक्षा के बाद भी विभागीय अमले ने काम के प्रति अपने समर्पण को काम नहीं होने दिया। राज्य सरकार ने एक साथ 3 हजार 357 शासकीय सेवकों को पदोन्नति का लाभ दिया है। इसमें किसान कल्याण और कृषि विभाग के 1 हजार 725, मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के 1 हजार 439, कृषि अभियांत्रिकी के 149, बीज प्रमाणीकरण के 36 और बीज निगम के 8 कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है। इसके साथ ही 44 युवाओं को सहायक वर्ग-3 के रूप में अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। राज्य सरकार हर कदम पर विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ है।

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। उन्होंने पिछले 12 वर्ष के कार्यकाल में कठिन से कठिन फैसले लेकर भारत को नए दौर में पहुंचाया है। जापान में कल ही संपन्न हुए एशियन गेम्स 2026 में पदकों की संख्या के आधार पर भारत को चौथा स्थान हासिल हुआ है। हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में दुनिया की दिग्गज टीमों और उनके खिलाड़ियों को परास्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम जियो और जीने दो के भाव पर आगे बढ़ने वाले लोग हैं। कृषि के आधार पर हमारी जीवनशैली शाकाहार को प्रोत्साहित करती है। खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने दुनिया को बताया है कि शाकाहारी रहते हुए भी शरीर को तंदुरुस्त रखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य सरकार की ओर से सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने विभागों के बीच व्यवस्थाओं के संचालन को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाया है। इस वर्ष प्रदेश पौने 14 लाख किसानों से 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन कर देश में प्रथम स्थान पर रहा है।

     अगले वर्ष में 1 लाख से अधिक पदों पर नई भर्ती की जाएगी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निकट भविष्य में अनुकंपा नियुक्ति की कोई पेंडेंसी नहीं रहेगी। सभी विभागों में पदोन्नति के लिए डीपीसी हर साल करवाई जाएगी, पदोन्नति से रिक्त पदों को समय से भरने के लिए नई भर्ती प्रक्रिया भी लगातार चल रही है। इस वर्ष कृषि विभाग के अंतर्गत मंडी बोर्ड में 600 मंडी निरीक्षक, 50 उपयंत्री, 30 सचिव, 100 डाटा एंट्री ऑपरेटर सहित कुल 1500 से अधिक पदों पर नयी भर्ती वर्ष 2026 में पूरी कर ली जाएगी। हमारी सरकार ने अब तक 85 हजार से अधिक शासकीय पदों पर युवाओं को नौकरी दी है। अगले वर्ष में 1 लाख से अधिक पदों पर नई भर्ती करने का लक्ष्य है।

    प्रदेश के अन्नदाता की भावनाओं को भलीभांति समझते हैं किसान पुत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कर्मचारियों की परेशानी को समझा और पदोन्नति देकर उसे दूर भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं किसान पुत्र हैं, वे प्रदेश के अन्नदाता की भावनाओं को भलीभांति समझते हैं। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों की आय दोगुना करने के लिए दृढ़संकल्पित है। मंत्री कंषाना ने कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों से किसान कल्याण के लिए लागू की गईं योजनाओं को शत-प्रतिशत जमीन पर उतारने का आहवान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अडिगता और स्पष्ट निर्णयों से पदोन्नतियों का रास्ता हुआ साफ

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत वरवड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अडिगता और स्पष्ट निर्णयों के फलस्वरूप 10 वर्ष से अधिक समय से बंद पदोन्नतियों का रास्ता साफ हुआ। कृषि विभाग में पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया जारी है। कृषक कल्याण वर्ष में अन्नदाता की समृद्धि के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारी-कर्मचारियों को भी बड़ी सौगात दी है। कृषि विभाग के सभी कर्मचारी कृषक कल्याण वर्ष को सफल बनाने के लिए संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। कृषि संचालक उमाशंकर भार्गव ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित सभी अथितियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

     

  • मिसरोद के सरकारी स्कूल में बवाल, शिक्षिका पर छात्रों से घर का काम कराने और मारपीट के आरोप

    मिसरोद के सरकारी स्कूल में बवाल, शिक्षिका पर छात्रों से घर का काम कराने और मारपीट के आरोप

    भोपाल

    राजधानी भोपाल के मिसरोद स्थित शासकीय विद्यालय में Z Alpha के छात्र-छात्राओं ने शिक्षिका को हटाने और निलंबित करने की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन शुरू कर दिया। विद्यार्थी स्कूल परिसर में धरने पर बैठ गए हैं और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
    बच्चों से घर का काम करवाने का आरोप

    प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का आरोप है कि शिक्षिका बबिता कुशवाहा कथित रूप से अपने घर से संबंधित काम स्कूल में लेकर आती हैं और बच्चों से वह काम करवाती हैं। विद्यार्थियों का यह भी आरोप है कि काम करने से इनकार करने पर बच्चों के साथ कथित रूप से मारपीट की जाती है।

    मामला भोपाल के मिसरोद सरकारी स्कूल का है जहां Gen Alpha छात्रों ने अपनी ही शिक्षिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और शिक्षिका बबीता कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को प्रदर्शन पर बैठ गए हैं. छात्रों ने स्कूल प्रशासन से दो टूक कहा कि अगर निलंबन नहीं हुआ तो आंदोलन जारी रहेगा. स्टूडेंट्स का कहना है कि बबीता कुशवाह घर का काम कराती हैं काम नहीं करने पर फेल करने की धमकी देती हैं. प्रोजेक्ट के लिए पैसे मांगती हैं पैसे नहीं देने पर पाइप से पिटाई करती हैं। 

    निलंबन की मांग पर अड़े छात्र
    विद्यार्थियों ने कहा कि जब तक शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। छात्रों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।

    शिक्षिका को दूसरी जगह भेजा गया
    विद्यार्थियों के विरोध के बाद शिक्षिका को दूसरी जगह भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, छात्र इससे संतुष्ट नहीं हैं और निलंबन की मांग कर रहे हैं।

    फिलहाल विद्यार्थियों की ओर से लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में जांच और प्रशासन की रिपोर्ट के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    कार्रवाई न होने तक आंदोलन की चेतावनी
    छात्रों ने शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए स्कूल में धरना शुरू कर दिया. प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी शिकायतें स्कूल प्रशासन के सामने रखीं और कहा कि जब तक शिक्षिका के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। 

    छात्रों ने लगाए 2500 रुपए लेने के आरोप
    बताया जा रहा है कि 11वीं के छात्रों ने 3 अक्टूबर को प्राचार्य को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग भी की थी. इस आवेदन में उन्होंने लिखा था कि भर्ती परीक्षाओं के दौरान उनसे सफाई कराने, रोल नंबर लिखने और बेंच सही करने जैसे कई काम करवाए जाते हैं. काम कराने के लिए रविवार को भी स्कूल बुलाया गया था. छात्रों ने आरोप लगाए कि मैडम हर महीने प्रोजेक्ट के नाम पर 2500 रुपए मांगती हैं. वह क्लास में पढ़ाती नहीं है बल्कि अपने मोबाइल में लगी रहती है। 

    मामले के सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के सामने भी छात्रों की शिकायतों की जांच कर उचित कदम उठाने की चुनौती है. अब देखना होगा कि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। 

  • चीतों के लिए खुशखबरी! कूनो में KJP21 ने दिए 5 शावक, देश में बढ़कर 60 हुई चीतों की संख्या

    चीतों के लिए खुशखबरी! कूनो में KJP21 ने दिए 5 शावक, देश में बढ़कर 60 हुई चीतों की संख्या

    श्योपुर

    कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। यहां मादा चीता KJP21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 60 हो गई है। इनमें 41 चीते ऐसे हैं, जिनका जन्म भारत की धरती पर हुआ है। खास बात यह है कि KJP21 भारतीय धरती पर जन्म लेने के बाद शावकों को जन्म देने वाली तीसरी मादा चीता बन गई है। इससे पहले मुखी और KGP12 भी भारत में शावकों को जन्म दे चुकी हैं।  
      श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से प्रोजेक्ट चीता को लेकर एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सोमवार को यहां मादा चीता KJP21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया। इसके साथ ही देश में अब चीतों की कुल संख्या बढ़कर 60 हो गई है, जिनमें 41 चीते भारत की धरती पर जन्मे हैं।

    केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इंटरनेट मीडिया 'एक्स' पर नवजात शावकों की तस्वीरें और वीडियो साझा कर इस उपलब्धि की जानकारी दी। उन्होंने इसे प्रोजेक्ट चीता के लिए एक और ऐतिहासिक और खुशी का पल बताया।

    Kuno National Park में तीसरी भारतीय जन्मी मादा चीता बनी मां
    KJP21 भारत में जन्मी उन मादा चीतों की सूची में शामिल हो गई है, जिन्होंने भारतीय धरती पर शावकों को जन्म दिया है। वह मुखी और KGP12 के बाद तीसरी ऐसी मादा चीता है। इसका महत्व इसलिए भी है क्योंकि भारत में चीता पुनर्स्थापना का लक्ष्य केवल दूसरे देशों से चीतों को लाकर उनकी संख्या बढ़ाना नहीं है। असली सफलता तब मानी जाएगी, जब यहां पैदा हुई नई पीढ़ी आगे प्रजनन करे और एक स्थिर चीता आबादी विकसित हो। KJP21 का पांच शावकों को जन्म देना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    Botswana से आए नर चीते से पैदा हुए पांच शावक
    इन पांच शावकों का जन्म अपने साथ एक और बड़ी उपलब्धि लेकर आया है। इनके पिता बोत्सवाना से भारत लाया गया नर चीता है। यानी इन शावकों के जन्म के साथ भारत में Botswanan lineage यानी बोत्सवाना वंशावली की शुरुआत हुई है। यह प्रोजेक्ट चीता के लिए आनुवंशिक विविधता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।

    भारत में जन्मी तीसरी मादा चीता ने बढ़ाया कुनबा
    केंद्रीय मंत्री यादव ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा- प्रोजेक्ट चीता के लिए एक और ऐतिहासिक व आल्हादित कर देने वाला पल! भारत में जन्मी 32 माह की चीता KJP21 ने आज (सोमवार) को कूनो नेशनल पार्क में पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। वह भारत में जन्म लेने वाली तीसरी ऐसी मादा चीता है, जिसने यहां शावकों को जन्म दिया है। इससे पहले मुखी और KGP12 भी भारत में शावकों को जन्म दे चुकी हैं।

    वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से इसे प्रोजेक्ट चीता के लिए अहम पड़ाव माना जा रहा है, क्योंकि इससे देश में चीतों की अगली पीढ़ी तैयार होने की प्रक्रिया और मजबूत हो रही है।

    बोत्सवाना की नई जेनेटिक लाइन की शुरुआत
    इन पांच शावकों के जन्म की एक और खासियत है। इनके पिता बोत्सवाना से भारत लाए गए नर चीता हैं। ऐसे में इन शावकों के साथ भारत में बोत्सवाना की जेनेटिक लाइन की भी शुरुआत हुई है। इससे देश में विकसित हो रहे चीता कुनबे में नई आनुवंशिक विविधता जुड़ने की उम्मीद है।

    भारत में जन्मे चीतों का आंकड़ा 40 के पार
    पांच नए शावकों के जन्म के बाद अब भारत में चीतों की कुल संख्या अब 60 हो गई है। खास बात यह है कि इनमें 41 चीते भारत में जन्मे हैं। कूनो में लगातार हो रहे प्रजनन को प्रोजेक्ट चीता की बड़ी उपलब्धियों में गिना जा रहा है।

    केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस उपलब्धि के लिए प्रोजेक्ट चीता से जुड़े पशु चिकित्सकों, फील्ड स्टाफ, प्रबंधन टीम और अन्य कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत की धरती पर जन्मी चीतों की यह नई पीढ़ी देश में चीता पुनर्स्थापना की कहानी में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ रही है।

    चीता पुनर्स्थापना अभियान में एक और गौरवपूर्ण अध्याय
    भारतीय धरती पर चीतों की एक और पीढ़ी का जन्म प्रोजेक्ट चीता की उल्लेखनीय यात्रा में एक और गौरवपूर्ण अध्याय है। यह उपलब्धि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता संरक्षण के लिए निरंतर किए जा रहे वैज्ञानिक प्रबंधन, निगरानी और संरक्षण प्रयासों को भी रेखांकित करती है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रोजेक्ट चीता से जुड़े पशु चिकित्सकों, वन अधिकारियों, मैदानी अमले, प्रबंधन टीम तथा सभी सहयोगियों को बधाई दी गई है। उनके समर्पण, प्रतिबद्धता और अथक प्रयासों से भारत में चीता पुनर्स्थापना की यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है। नन्हे मेहमानों के आगमन से कूनो की धरती पर एक बार फिर प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण की नई उम्मीद ने जन्म लिया है।