Category: छत्तीसगढ़

  • अंबिकापुर-रामानुजगंज हाईवे निर्माण पर बवाल, गुणवत्ता को लेकर नाराजगी; मौके पर रुकवाया काम

    अंबिकापुर-रामानुजगंज हाईवे निर्माण पर बवाल, गुणवत्ता को लेकर नाराजगी; मौके पर रुकवाया काम

    अंबिकापुर 

     रामानुजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग पर बलरामपुर के नवीन सर्किट हाउस से कलेक्टर कार्यालय तक चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष दिलीप सोनी सहित पार्षदों ने सवाल उठाए हैं। जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और निर्माण में कथित अनियमितता तथा गुणवत्ताविहीन कार्य करने का आरोप लगाते हुए काम बंद करा दिया।

    निरीक्षण के दौरान डिवाइडर की कंक्रीट में दरारें दिखाई देने, गिट्टी बाहर निकलने तथा सरिया खुले होने की बात जनप्रतिनिधियों ने कही। वहीं नाली के ऊपर शटरिंग के काम की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा है और जल्दबाजी में काम पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

    नगर पालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी ने मौके पर कहा कि निर्माण कार्य जिस गति से किया जा रहा है, उसमें गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटिया निर्माण को लेकर मिलीभगत की स्थिति की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक निर्माण कार्य में आवश्यक सुधार नहीं किया जाता, तब तक काम नहीं चलने दिया जाएगा।

    नगर पालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का के साथ पार्षद गौतम सिंह, अमित गुप्ता मंटू, सेवक राम सहित अन्य पार्षद भी मौके पर मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से निर्माणाधीन पूरे पैच की गुणवत्ता जांच कराने तथा रोड सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की है।
    घटिया निर्माण का खुलासा

    जनप्रतिनिधियों ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। निर्माण में सामने आई कमियों की तकनीकी जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की गई है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि लंबी प्रतीक्षा के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग का नवनिर्माण तथा चौड़ीकरण किया जा रहा है।
    काम पर लगाई रोक

    यह उम्मीदों की सड़क है। इस सड़क के लिए लोगों ने कई सालों से परेशानी झेली है। केंद्र सरकार स्तर से सड़क नवनिर्माण के लिए पर्याप्त बजट का प्रविधान किया गया है, ऐसे में स्तरहीन निर्माण कार्य किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जाएगा। पूरी गुणवत्ता के साथ सड़क ,नाली का निर्माण होना चाहिए ताकि आने वाले कई वर्षों तक इसका लाभ लोगों को मिलता रहे। 

  • सेवा संकल्प अभियान : उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने तैयारियों की समीक्षा की

    सेवा संकल्प अभियान : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तैयारियों की समीक्षा की

    रायपुर

    उप मुख्यमंत्री एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री  अरुण साव ने आज सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जिला मुख्यालय बिलासपुर में आयोजित बैठक में अधिकारियों को सभी कार्यक्रमों को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफलतापूर्वक आयोजित करने के निर्देश दिए। 

     साव ने 7 अक्टूबर को मस्तूरी, बिल्हा, कोटा और तखतपुर विकासखंडों में सेवा ज्योति कलश यात्रा आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा के रूट चार्ट, सुरक्षा और जनभागीदारी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। यात्रा का समापन जिला मुख्यालय स्थित बहतराई स्टेडियम में होगा, जहां सभा आयोजित कर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के देश के नाम संबोधन को सुनने की व्यवस्था की जाएगी।

    रंगोली और आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में व्यापक सहभागिता

    उप मुख्यमंत्री ने ‘‘सेवा का रंग, राष्ट्र के संग’’ थीम पर सभी नगरीय निकायों, जनपद पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों में आकर्षक एवं संदेशपरक रंगोली बनाने के निर्देश दिए। इसमें महिला स्वसहायता समूहों, स्कूली छात्राओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित होने वाले ‘‘आंगन मिलन सेवा’’ कार्यक्रम को उत्सव के रूप में आयोजित करने तथा गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और किशोरी बालिकाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य जांच, पोषण परामर्श और शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

    1 अक्टूबर को शासकीय कार्यालयों में चलेगा व्यापक स्वच्छता अभियान

    उप मुख्यमंत्री ने ‘‘सेवा मेरा योगदान’’ के तहत 1 अक्टूबर को सभी शासकीय कार्यालयों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयों के भीतर और बाहर स्वच्छता सुनिश्चित की जाए। साथ ही अरपा नदी के प्रमुख घाटों पर भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। 

    कलेक्टर  संजय अग्रवाल ने बैठक में सेवा संकल्प अभियान के आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों की जानकारी दी। विधायक  धरमलाल कौशिक एवं  सुशांत शुक्ला, महापौर मती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी,  दीपक ठाकुर,  मोहित जायसवाल, एसएसपी  रजनेश सिंह, निगम आयुक्त  प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ  संदीप अग्रवाल और विभिन्न कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

  • पहले सीजन के लिए हॉकी खिलाड़ियों की प्रतिभा परखी जाएगी, दो दिवसीय चयन ट्रायल का आगाज

    पहले सीजन के लिए हॉकी खिलाड़ियों की प्रतिभा परखी जाएगी, दो दिवसीय चयन ट्रायल का आगाज

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (सीएचएल) के पहले सीजन के लिए खिलाड़ियों का चयन ट्रायल आज रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के पिच-1 पर शुरू हुआ। ट्रायल के लिए पंजीकृत 373 खिलाड़ियों में से 223 खिलाड़ियों ने पहले दिन उपस्थित होकर ट्रायल में भाग लिया।

    उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने ट्रायल स्थल पहुंचकर खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की। उन्होंने मैदान पर खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हॉकी की जड़ें बहुत गहरी हैं। इस ट्रायल में खिलाड़ियों का उत्साह इसका प्रमाण है। आज मैंने मैदान पर स्वयं उनके जुनून को देखा। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का उद्देश्य ऐसे ही युवा खिलाड़ियों को एक बड़ा मंच देना है, जहाँ वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ मैदान साझा करेंगे। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ की हर खेल प्रतिभा को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ने का अवसर मिले। उन्होंने ट्रायल में भाग ले रहे खिलाड़ियों शुभकामनाएं दीं।

    छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में खेलने वाली छह टीमों के खिलाड़ियों के चयन के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा इस चयन ट्रायल का आयोजन किया गया है। ट्रायल की सम्पूर्ण प्रक्रिया छत्तीसगढ़ हॉकी संघ द्वारा निर्धारित नियमों एवं मापदंडों के अनुसार संचालित की जा रही है।

    ट्रायल का संचालन खेल अधिकारियों, विशेषज्ञों, हॉकी संघ और वरिष्ठ खिलाड़ियों के पैनल की देखरेख में किया गया। पैनल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के खेल अधिकारी  दीनू प्रसाद पटेल, रायपुर की वरिष्ठ हॉकी प्रशिक्षक मती रश्मि संध्या एक्का, बिलासपुर के वरिष्ठ हॉकी प्रशिक्षक  राकेश टोप्पो, छत्तीसगढ़ हॉकी संघ की ओर से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी  मृणाल चौबे, राजनांदगांव से  अनुराग वास्तव तथा वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी  अमिताभ मानिकपुरी शामिल हैं।

    29 सितम्बर को भी सुबह 9 बजे से चयन ट्रायल जारी रहेगा। ट्रायल पूर्ण होने के बाद चयनित खिलाड़ियों की सूची और चयन प्रक्रिया का प्रतिवेदन खेल संचालनालय को सौंपा जाएगा, जिसके आधार पर लीग की छह टीमों का गठन किया जाएगा।

    छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के बारे में

    छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (CHL) छत्तीसगढ़ की पहली आधिकारिक राज्य स्तरीय हॉकी लीग है, जिसका आयोजन खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया जा रहा है। इस लीग की परिकल्पना राज्य के हॉकी खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, प्रतिस्पर्धी अनुभव हासिल करने तथा राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर प्राप्त करने के लिए एक सुव्यवस्थित और प्रतिस्पर्धात्मक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।

    छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का पहला सीजन 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर 2026 तक सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, रायपुर में आयोजित किया जाएगा। इसमें राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह फ्रेंचाइज़ी आधारित टीमें – राजधानी रॉयल्स, चित्रकोट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। प्रत्येक टीम में 22 खिलाड़ियों का दल होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के 18 खिलाड़ी और राज्य के बाहर से चार राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल होंगे।

    इस लीग का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में हॉकी के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना, उभरते खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसर तैयार करना और राज्य में राष्ट्रीय खेल के निरंतर विकास में योगदान देना है। “चलो रे संगी, हॉकी खेलबो” टैगलाइन के साथ यह लीग छत्तीसगढ़ की खेल पहचान, क्षेत्रीय गौरव और हॉकी के क्षेत्र में राज्य की बढ़ती आकांक्षाओं को सामने लाती है।

  • बलरामपुर में गाय की हत्या कर मांस खाने का आरोप, 4 कटे पैर मिलने से खुला मामला; 9 गिरफ्तार

    बलरामपुर में गाय की हत्या कर मांस खाने का आरोप, 4 कटे पैर मिलने से खुला मामला; 9 गिरफ्तार

    बलरामपुर

    रनहत: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के चौकी रनहत अंतर्गत ग्राम चंदौरा में गोवंश (गाय) की हत्या कर उसका मांस पकाने और खाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए महिलाओं सहित कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

    मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थी सुदन हड्डे निवासी चंदौरा ने चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी गाय 23 सितंबर को चरने के दौरान पास के जंगल में खो गई थी। तलाश के दौरान 24 सितंबर को गांव के ही धर्मजीत अगरिया के घर के पास बने सोख्ता गड्ढे में गाय के चार कटे हुए पैर बरामद हुए। घटना के बाद गांव में बुलाई गई पंचायत की बैठक में जब संदेहियों से पूछताछ की गई, तो आरोपियों ने गाय को मारकर पकाने और खाने का अपराध स्वीकार कर लिया।

    प्रार्थी की शिकायत और पंचायती निर्णय के बाद रनहत पुलिस ने दबिश देकर मामले में शामिल राजेश कुम्हरिया, प्रदीप चरगट, धर्मजीत अगरिया, रविशंकर, अमरसाय, नधुराम, कोमला, फुलबसिया और रेशमा उर्फ हुगली (सभी निवासी चंदौरा) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325, 3(5) और छत्तीसगढ़ पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की है।

  • प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए हरसंभव अवसर और प्रोत्साहन देगी राज्य सरकार

    प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए हरसंभव अवसर और प्रोत्साहन देगी राज्य सरकार

    रायपुर

    एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य और छत्तीसगढ़ की बेटी सु संजू देवी ने आज मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सु संजू देवी को बधाई देते हुए उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सु संजू देवी को 51 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सु संजू देवी ने अपने उत्कृष्ट खेल, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ और पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं में अपार सामर्थ्य है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और प्रोत्साहन मिले, ताकि वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।

    मुख्यमंत्री ने सु संजू देवी से एशियन गेम्स के अपने अनुभवों और भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन के संबंध में आत्मीय बातचीत की। उन्होंने संजू देवी की मेहनत और खेल के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक खिलाड़ी की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं होती, बल्कि वह अपने साथ हजारों युवाओं के सपनों को भी नई उड़ान देती है। संजू देवी की सफलता प्रदेश के गांवों और छोटे शहरों में खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देख रहे बच्चों और युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाएगी।

    उल्लेखनीय है कि जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 की महिला कबड्डी स्पर्धा में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में ईरान को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की सु संजू देवी ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल और खिलाड़ियों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों से निकलने वाली प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता निखारने और देश-दुनिया के खेल मंचों तक पहुंचने के पर्याप्त अवसर मिलें। सु संजू देवी जैसी प्रतिभाओं की उपलब्धियां इस संकल्प को और मजबूत करती हैं।

    सु संजू देवी ने सम्मान और प्रोत्साहन के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से मिला यह प्रोत्साहन उन्हें आगे और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।

  • पीएम किसान सम्मान निधि बनी मददगार, खेती की जरूरतें पूरी कर आत्मनिर्भर हुए दशरथ राठौर

    पीएम किसान सम्मान निधि बनी मददगार, खेती की जरूरतें पूरी कर आत्मनिर्भर हुए दशरथ राठौर

    पीएम किसान सम्मान निधि से खेती को मिला सहारा, किसान दशरथ राठौर हुए आत्मनिर्भर

    तीन एकड़ में धान की खेती कर रहे किसान को कृषि कार्यों की जरूरतें पूरी करने में मिल रही आर्थिक मदद

    रायपुर
     प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए खेती-किसानी की आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक संबल का माध्यम बन रही है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत आन्दुल निवासी किसान दशरथ राठौर भी इस योजना से लाभान्वित होकर अपनी खेती को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।

    दशरथ राठौर लगभग 3 एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। खेती से होने वाली आय के साथ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता से उन्हें कृषि कार्यों से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहूलियत मिल रही है। योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है।

    दशरथ राठौर बताते हैं कि खेती के दौरान बीज, खाद, कृषि सामग्री सहित अन्य आवश्यकताओं के लिए समय-समय पर धनराशि की जरूरत होती है। ऐसे समय में पीएम किसान सम्मान निधि से मिलने वाली राशि उनके लिए उपयोगी साबित होती है। इससे खेती से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद मिलती है और कृषि कार्यों को बिना रुकावट जारी रखने में सहूलियत होती है।

    उन्होंने बताया कि योजना से मिलने वाली सहायता भले ही खेती की कुल लागत का एक हिस्सा है, लेकिन जरूरत के समय यह राशि उनके लिए काफी उपयोगी होती है। इससे उन्हें कृषि कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री जुटाने में आर्थिक सहयोग मिलता है और खेती को बेहतर ढंग से जारी रखने का भरोसा भी मिलता है।

    प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से मिले आर्थिक सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए दशरथ राठौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर खेती-किसानी को निरंतर आगे बढ़ाने में सहयोग प्रदान कर रही है।

  • जांजगीर-चांपा में बाढ़ का खतरा, महानदी के उफान के बीच कलेक्टर-SP ने संभाला मोर्चा

    जांजगीर-चांपा में बाढ़ का खतरा, महानदी के उफान के बीच कलेक्टर-SP ने संभाला मोर्चा

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार महानदी के बढ़ते जलस्तर और जांजगीर-चांपा जिले के तटीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे एवं पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने शिवरीनारायण पहुंचकर बैराज, पुल और महानदी के तटीय क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

    उन्होंने नदी के जलस्तर एवं बहाव की स्थिति के साथ सुरक्षा, राहत और बचाव की तैयारियों का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को सतत निगरानी और आवश्यकतानुसार तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

    राज्य प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व
    कलेक्टर-एसपी ने शिवरीनारायण बैराज और पुल के साथ तटीय क्षेत्रों तथा महंत लालदास महाविद्यालय में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण किया। राहत शिविर में प्रभावित लोगों के ठहरने के साथ भोजन, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश, स्वच्छता और शौचालय सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। अधिकारियों को प्रभावित नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    महानदी पुल पर आवागमन बंद, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
    महानदी के पुल पर पानी का बहाव बढ़ने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से आवागमन बंद कर दिया गया है। कलेक्टर-एसपी ने पुल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा लोगों को तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से रोकने के निर्देश दिए हैं। नदी के जलस्तर एवं बहाव को देखते हुए अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

    प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमें सक्रिय, नियमित स्वास्थ्य जांच
    प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात हैं और नागरिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ जलभराव के कारण होने वाली संभावित बीमारियों और संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं।
    कलेक्टर-एसपी ने राजस्व, पुलिस, नगर सेना, जल संसाधन और स्वास्थ्य सहित संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। तटीय एवं जलभराव संभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत-बचाव कार्य शुरू करने आवश्यक मानव संसाधन एवं अन्य संसाधनों को तैयार रखा गया है।

    तटीय क्षेत्रों में मुनादी, लोगों को सतर्क रहने की समझाइश
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। तटीय और पूर्व में जलभराव से प्रभावित आबादी वाले क्षेत्रों में मुनादी के माध्यम से नागरिकों को संभावित जलभराव तथा सुरक्षा संबंधी सावधानियों की जानकारी दी जा रही है। नदी के जलस्तर, पुल-पुलियों और आवागमन वाले मार्गों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि स्थिति में बदलाव होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें। कलेक्टर-एसपी ने नागरिकों से नदी, पुल, घाट और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि तेज बहाव वाले पानी के पास सेल्फी या वीडियो बनाने का जोखिम न उठाएं तथा प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से बंद किए गए मार्गों और स्थानों पर जाने का प्रयास न करें। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय पर राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।

    जिला प्रशासन द्वारा महानदी के तटीय क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा, राहत और आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। राहत शिविर में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्वास्थ्य जांच में जुटी हैं, वहीं पुलिस, राजस्व, नगर सेना और जल संसाधन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका शिवरीनारायण के अध्यक्ष राहुल थवाईत, एसडीएम जांजगीर सुब्रत प्रधान, एसडीएम शिवरीनारायण सुभावना साहू, कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • राहत शिविरों में सेवा और समर्पण जारी, बाढ़ प्रभावितों की मदद में जुटा जिला प्रशासन

    राहत शिविरों में सेवा और समर्पण जारी, बाढ़ प्रभावितों की मदद में जुटा जिला प्रशासन

    बाढ़ आपदा के बीच जिला प्रशासन की तत्परता और टीमवर्क से सुरक्षित किया गया रेस्क्यू अभियान

    राहत शिविरों में सेवा एवं समपर्ण से किए जा रहे कार्य

        रायपुर
     धमतरी जिले में लगातार हो रही बारिश और जलभराव के बीच जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीणों के समन्वित प्रयासों से संकट में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का सिलसिला लगातार जारी है।
        कुरुद क्षेत्र के लोमश ऋषि आश्रम में बाढ़ के पानी के बीच फंसे 9 लोगों को पुलिस प्रशासन एवं स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन एवं पुलिस की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों के सहयोग से रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी 9 लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर राहत दल, पुलिस एवं एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं।

    सलोनी राहत शिविर में बेहतर व्यवस्थाएं, राजस्व अमले ने सेवा और समर्पण से किया कार्य

        सलोनी स्थित बाढ़ राहत शिविर में साफ-सफाई, स्वच्छता एवं भोजन व्यवस्था संतोषजनक और व्यवस्थित रही। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जयंत नाहटा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरंतर जायजा ले रहे हैं। राहत शिविर में प्रभावित परिवारों के लिए सुबह नाश्ते के साथ नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। शिविर परिसर में स्वच्छता एवं हाईजीन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सके।

  • यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव शुरू, राज्यपाल ने किया बायोटेक इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण

    यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव शुरू, राज्यपाल ने किया बायोटेक इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण

    विचारों को उद्यम में बदलने का साहस रखें युवा-  रमेन  डेका

    तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव का शुभारंभ,

    सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण किया राज्यपाल ने

    रायपुर, 
    राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि युवाओ को सिर्फ नौकरी पाने के बारे में नहीं सोचना चाहिए, बल्कि  अपने विचारों को उद्यम में बदलने का साहस भी रखना चाहिए। एक अच्छा विचार, सही मार्गदर्शन और उपयुक्त तकनीक के साथ आगे बढ़े तो वही नवाचार सफल स्टार्टअप का रूप ले सकता है और आगे चलकर अनेक लोगों के लिए रोजगार का माध्यम बन सकता है।

    राज्यपाल डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर रायपुर में छत्तीसगढ़ के युवाओं में नवाचार, उद्यमिता विकास और प्रौद्योगिकी के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय ‘यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026’ के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर उन्होंने  विश्वविद्यालय में स्थापित  सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण भी किया।

    राज्यपाल ने कहा कि हर क्षेत्र में नवाचार की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ में कृषि के क्षेत्र में नवाचार की व्यापक संभावनाएं हैं। देश की बढ़ती आबादी की खाद्यान्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ नई तकनीकों और नए प्रयोगों को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य के लिए आवश्यक मूलभूत खाद्य पदार्थों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता महत्वपूर्ण है। जब हमारी खाद्य आवश्यकताएं सुरक्षित होंगी, तभी हम विकास के अन्य क्षेत्रों पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नवाचार की सबसे बड़ी संभावनाएं हमारे अपने संसाधनों में हैं। कृषि, वनोपज, खाद्य प्रसंस्करण, मिलेट, जैविक खेती, पशुपालन और जनजातीय उत्पादों जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए अपार अवसर हैं। कृषि और जैव-प्रौद्योगिकी राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    राज्यपाल ने कहा कि आज ऐसे नवाचारों की आवश्यकता है, जो किसानों की लागत कम करें, उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाएं, फसल के नुकसान को कम करें तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य और बाजार उपलब्ध कराने में मदद करें। ऐसे नवाचार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं।

    उन्होंने किचन गार्डन और बाड़ी की अवधारणा को फिर से बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक हो सकती है।

    राज्यपाल ने युवाओं से कहा कि स्टार्टअप शुरू करने से पहले बाजार का सर्वेक्षण करें और उत्पाद या सेवा की मांग तथा बाजार की संभावनाओं को समझें। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले उसकी स्पष्ट योजना और रोडमैप तैयार करना चाहिए। योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने पर सफलता की संभावनाएं बढ़ती हैं।

    उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के लिए परिश्रम और प्रशिक्षण के साथ बाजार का सर्वेक्षण, प्रबंधन क्षमता और वित्तीय समझ भी महत्वपूर्ण है। शिक्षा के साथ युवाओं को कौशल प्रदान करना आवश्यक है, ताकि वे अपनी पारिवारिक आय बढ़ाने के साथ आर्थिक विकास में योगदान दे सकें और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें। उन्होंने कहा कि देश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है और नई शिक्षा नीति में भी कौशल एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का प्रावधान किया गया है।
    इस अवसर पर डेका ने युवा नवाचारी उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन  भी किया।

    इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल, आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर डॉक्टर राजीव प्रकाश, एनआईटी के डायरेक्टर डॉ समीर बाजपेई, नाबार्ड के अधिकारी, सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता, उद्यमी और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

  • शासन से मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹10 हजार की मदद की घोषणा

    शासन से मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹10 हजार की मदद की घोषणा

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज बस्तर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री  साय जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र के डोंगाघाट पहुंचे और बाढ़ से प्रभावित परिवारों से आत्मीयतापूर्वक मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रभावित लोगों को आश्वस्त किया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से खड़ी है तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    मुख्यमंत्री  साय ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत देते हुए शासन के प्रावधानों के तहत मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त प्रत्येक प्रभावित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹10-10 हजार की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से हुई क्षति का सर्वे और आकलन तेजी से पूरा कर पात्र परिवारों तक शासन की सहायता शीघ्र पहुंचाई जाए।

    मुख्यमंत्री  साय ने डोंगाघाट में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावितों से बाढ़ के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों, मकानों एवं घरेलू सामान को हुए नुकसान तथा वर्तमान में उपलब्ध कराई जा रही राहत के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराएगी।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न हो। भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री प्रभावित लोगों तक समय पर पहुंचाई जाए। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं तथा जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए राहत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

    इंद्रावती के जलस्तर और प्रभावित इलाकों का किया अवलोकन

    मुख्यमंत्री  साय ने इंद्रावती पुल पहुंचकर नदी के जलस्तर तथा आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से जिले में बारिश एवं बाढ़ की स्थिति, प्रभावित गांवों और शहरी क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रभावित परिवारों के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जलस्तर में बदलाव और मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए। निचले एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी आपात स्थिति में सहायता पहुंचाने की व्यवस्था पूरी तरह तैयार रहनी चाहिए।

    बाढ़ का पानी उतरने के बाद स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान

    मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। जलस्रोतों की सफाई एवं आवश्यक उपचार के साथ जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय रखा जाए।

    उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविर लगाने, दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता रखने और बीमारी के किसी भी संभावित प्रकोप पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत कार्य केवल बाढ़ का पानी उतरने तक सीमित न रहें, बल्कि प्रभावित परिवारों के जीवन को सामान्य बनाने तक आवश्यक व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से जारी रहें।

    मकान, फसल और पशुधन की क्षति का शीघ्र हो आकलन

    मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों को बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों, फसलों, पशुधन और अन्य संपत्तियों का संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नुकसान का वास्तविक आकलन कर संबंधित परिवारों को शासन के प्रावधानों के अनुसार सहायता शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। कोई भी पात्र प्रभावित परिवार सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत शिविरों और प्रभावित बस्तियों में नियमित रूप से पहुंचकर लोगों की जरूरतों की जानकारी लेने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि राहत कार्यों में मानवीय संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक आवश्यक मदद समय पर पहुंचे।

    हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री  साय

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़ी है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत और उनके जीवन को जल्द से जल्द सामान्य बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आवश्यक संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और प्रभावित परिवारों को शासन की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं के अनुरूप भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। स्थिति की लगातार निगरानी करते हुए आवश्यकता के अनुरूप त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं।

    इस अवसर पर महापौर  संजय पाण्डेय, नगर निगम सभापति  खेमसिंह देवांगन,   कमलचंद्र भंजदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह, आईजी  बी.एन. मीणा, कलेक्टर  आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।