Category: छत्तीसगढ़

  • CG कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में जुटे वरिष्ठ नेता, प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत भी शामिल

    CG कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में जुटे वरिष्ठ नेता, प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत भी शामिल

    रायपुर.

    राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यकारणी की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत कर रहे हैं। बैठक में PCC अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए हैं।

    राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक के बाद कनेक्ट सेंटर की टीम के साथ भी बैठक प्रस्तावित है। नए प्रदेश प्रभारी के तौर पर सुखदेव भगत का यह पहला छत्तीसगढ़ दौरा है, ऐसे में उनकी वरिष्ठ नेताओं और संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों के साथ हो रही बैठकों पर राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं। मुलाकात के दौरान नेताओं के बीच छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं में नयी ऊर्जा का संचार करने, जिला एवं ब्लॉक इकाइयों को सक्रिय करने व आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ. चर्चा में संगठनात्मक एकजुटता, युवाओं व महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, अनुसूचित जाति-जनजाति एवं पिछड़े वर्गों को संगठन में समुचित प्रतिनिधित्व देने तथा जनता के ज्वलंत मुद्दों महंगाई, बेरोजगारी, जल-जंगल-जमीन, किसानों-मजदूरों के हक को सड़क से सदन तक प्रभावी ढंग से उठाने पर विशेष जोर दिया गया.

    इस अवसर पर प्रभारी सुखदेव भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी कांग्रेसी एक परिवार की तरह हैं. हम सब मिलकर संगठन को गांव-गांव, बूथ-बूथ तक मजबूत करेंगे. कार्यकर्ता ही हमारी असली पूंजी हैं, उनका सम्मान और मनोबल बढ़ाना मेरी पहली प्राथमिकता होगी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ में संगठन को नयी धार दी जायेगी और भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सशक्त जनआंदोलन खड़ा किया जायेगा.

  • पर्यटन को रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और महिला-जनजातीय सशक्तिकरण से जोड़ने पर जोर, उत्कृष्ट पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से किया गया सम्मानित

    पर्यटन को रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और महिला-जनजातीय सशक्तिकरण से जोड़ने पर जोर, उत्कृष्ट पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से किया गया सम्मानित

    ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ में देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स और हॉस्पिटैलिटी विशेषज्ञों का संगम

    बीटूबी बैठकों से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल, नए टूर पैकेज, व्यावसायिक साझेदारी और निवेश की संभावनाओं को मिला मंच

    पर्यटन को रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और महिला-जनजातीय सशक्तिकरण से जोड़ने पर जोर, उत्कृष्ट पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से किया गया सम्मानित

    विश्व पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है छत्तीसगढ़- राजेश अग्रवाल

    रायपुर,
     विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ ने अपने समृद्ध प्राकृतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में मेफेयर लेक व्यू रिसॉर्ट, नवा रायपुर में ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन किया गया। आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों के साथ पड़ोसी राज्यों के प्रमुख टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटलियर्स, होम-स्टे संचालक, पर्यटन संस्थाओं तथा विदेशी टूर एजेंसियों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही।

    इस आयोजन ने छत्तीसगढ़ को केवल एक पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय उसे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कारोबार के संभावनाशील बाजार के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। बीटूबी बैठकों के माध्यम से पर्यटन कारोबारियों के बीच सीधे व्यावसायिक संवाद, नए टूर पैकेज तैयार करने, पर्यटक समूहों को छत्तीसगढ़ लाने, निवेश की संभावनाओं को तलाशने तथा प्रदेश के पर्यटन उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रहे मुख्य अतिथि

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने की। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, एलियांज इंडिया एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीप भगत, छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष जसप्रीत भाटिया, कपिल जैन, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही कलेक्टर विजय दयाराम के., होटल मेफेयर के जीएम नीलेश, जिला पंचायत जीपीएम के सीईओ मुकेश रावटे सहित पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि एवं पर्यटन मंडल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

    छत्तीसगढ़ को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की प्रतिबद्धता

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है। छत्तीसगढ़ के पास बस्तर की जीवंत जनजातीय संस्कृति, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, सिरपुर की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत, राजिम की धार्मिक आस्था, भोरमदेव की स्थापत्य कला और बारनवापारा का वन्यजीवन जैसी विविध पर्यटन संपदाएं हैं।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, कारीगरों एवं कलाकारों के लिए बाजार तथा ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार करना भी है।

    अग्रवाल ने कहा कि ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस’ देश-विदेश के पर्यटन कारोबारियों को छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण बिजनेस प्लेटफॉर्म है। इस प्रकार के आयोजन से व्यावसायिक साझेदारी बढ़ाने, नए पर्यटन बाजारों से जुड़ने, नए टूर पैकेज विकसित करने और छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अधिक से अधिक पर्यटकों तक पहुंचाने के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन फिल्म सिटी, भोरमदेव कॉरिडोर और जशपुर के मयाली क्षेत्र में पर्यटन विकास जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।

    400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ीं

    छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव या औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। देश-विदेश के पर्यटन कारोबारियों और विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने तथा छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि दिल्ली, भुवनेश्वर, पुणे और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में रोड शो एवं विभिन्न राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में सहभागिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन सुविधाओं का प्रचार-प्रसार किया गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ चुकी हैं। आने वाले समय में इस नेटवर्क को और विस्तारित किया जाएगा।

    पर्यटन को स्थानीय रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाने पर जोर

    पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि पर्यटन को केवल भ्रमण का विषय न मानकर विकास, रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाना होगा। स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़कर रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संपदा को बेहतर पर्यटन उत्पादों और पैकेज में परिवर्तित करते हुए अन्य राज्यों एवं देशों के साथ पर्यटन साझेदारी विकसित करनी होगी। उन्होंने आयोजन में बने नए संपर्कों और साझेदारियों को वास्तविक पर्यटन विकास में परिवर्तित करने तथा डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया।

    डिजिटल तकनीक और एआई से वैश्विक पर्यटन बाजार में नई पहुंच

    छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम ‘डिजिटल एजेन्डा एन्ड आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स टू रिडिजाइन टूरिज्म’ के संदर्भ में छत्तीसगढ़ पर्यटन की संभावनाओं को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। पर्यटन संबंधी जानकारी, डिजिटल प्रचार-प्रसार, पर्यटक अनुभव, कंटेंट निर्माण और पर्यटन स्थलों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने में इन तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है।

    प्रस्तुतीकरण में चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर, मैनपाट, जशपुर, बस्तर दशहरा, सिरपुर, भोरमदेव, ढोलकल गणेश, नारायणपाल और मल्हार सहित छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक, जनजातीय, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक पर्यटन स्थलों की संभावनाओं को रेखांकित किया गया।

    चौबे ने बताया कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के साथ आधारभूत संरचना को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। होम-स्टे के लिए 82 लाभार्थियों के 280 से अधिक कमरों की पहचान, डिजिटल रिजर्वेशन के लिए पर्यटन मंडल की वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप तथा निवेशक बैठकों और रोड शो के माध्यम से बाजार पहुंच बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सिरपुर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान, शक्तिपीठ कॉरिडोर, डेस्टिनेशन साइनेज एवं पर्यटक सुविधाओं सहित विभिन्न पहलें प्रगति पर हैं।

    पर्यटन उद्योग का दर्जा मिलने से विकास को नई दिशा

    छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष जसप्रीत भाटिया ने कहा कि लगभग तीन वर्षों के अंतराल के बाद इस प्रकार का महत्वपूर्ण आयोजन पुनः होना प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को पर्यटन का उद्योग का दर्जा मिलने से इस क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली है। पर्यटन के क्षेत्र में गतिशीलता, समयबद्धता और बेहतर क्रियान्वयन आवश्यक है तथा शासन, पर्यटन विभाग और सभी हितधारकों को मिलकर कार्य करना होगा।

    राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कारोबारियों की सहभागिता से बढ़ा आयोजन का दायरा

    आयोजन स्थल पर विभिन्न टूर ऑपरेटर्स, होटलियर्स एवं पर्यटन संस्थाओं द्वारा प्रमोशनल स्टॉल लगाए गए। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही एवं धमतरी जिला प्रशासन ने भी अपने पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार के लिए स्टॉल लगाए। देश के विभिन्न राज्यों एवं पड़ोसी राज्यों के पर्यटन कारोबारियों के साथ विदेशी टूर एजेंसियों की सहभागिता ने आयोजन को व्यापक अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।

    बीटूबी बैठक में पर्यटन कारोबार को मिले नए अवसर

    ट्रैवल एजेंट्स एवं अन्य पर्यटन हितधारकों के बीच बीटूबी बैठक आयोजित हुई। इसमें पर्यटन पैकेज, व्यावसायिक साझेदारी, पर्यटक समूहों को छत्तीसगढ़ लाने तथा प्रदेश के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

    बीटूबी संवाद के माध्यम से पर्यटन कारोबारियों को सीधे एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर मिला। इससे भविष्य में छत्तीसगढ़ केंद्रित नए टूर पैकेज तैयार होने, पर्यटकों के नए समूह प्रदेश में आने, होटल-होमस्टे एवं स्थानीय पर्यटन सेवाओं की मांग बढ़ने तथा पर्यटन क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को गति मिलने की संभावनाएं बनी हैं।

    छत्तीसगढ़ के पर्यटन को मिलेगा व्यापक बाजार, बढ़ेंगे रोजगार और स्थानीय आय के अवसर

    ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव छत्तीसगढ़ के पर्यटन उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने के रूप में देखा जा सकता है। देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंट्स के साथ बने व्यावसायिक संपर्क भविष्य में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को उनके टूर पैकेज में शामिल करने का आधार बन सकते हैं।

    पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ होटल, होम-स्टे, स्थानीय परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प, स्थानीय खान-पान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अन्य पर्यटन सेवाओं की मांग बढ़ने की संभावनाएं हैं। इसका सीधा लाभ स्थानीय युवाओं, महिला समूहों, कारीगरों, कलाकारों और ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों को मिल सकता है।

    इस आयोजन से छत्तीसगढ़ के पर्यटन को ‘डेस्टिनेशन’ के साथ-साथ ‘अनुभव आधारित पर्यटन उत्पाद’ के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर भी मिला है। जनजातीय संस्कृति, वन्यजीवन, जलप्रपात, धार्मिक पर्यटन, पुरातात्विक विरासत, साहसिक पर्यटन और होम-स्टे को एकीकृत कर तैयार किए जाने वाले पैकेज प्रदेश में पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाने और स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को व्यापक बनाने में सहायक हो सकते हैं।

    पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मान

    कार्यक्रम में पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पर्यटन हितधारकों को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए।

    बेस्ट टूरिज्म डिस्ट्रिक्ट प्रमोशन अवार्ड गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को, बेस्ट इको टूरिज्म साइट अवार्ड तक्षक भोरमदेव को, बेस्ट होटल अवार्ड एम्बिशन जगदलपुर को, बेस्ट टूर ऑपरेटर अवार्ड डी. रमेश कैंप वन्स को, बेस्ट टूरिज्म स्टार्टअप अवार्ड हेरिटेज वाला के शिवम त्रिवेदी को, बेस्ट एडवेंचर टूर ऑपरेटर अवार्ड ट्रिपी हिल्स, जशपुर के सौरभ सिंह को तथा बेस्ट होम-स्टे अवार्ड धुरवा डेरा के मानसिंह को प्रदान किया गया।

    इसी क्रम में बेस्ट इन्फ्लुएंसर का पुरस्कार अनुपम सिन्हा को, बेस्ट टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर व स्टार परफॉर्मर सीटीबी का पुरस्कार डोंगरगढ़ के श्रीनिवास राव एवं टीम तथा बेस्ट स्टार परफॉर्मर रिसोर्ट सीटीबी का पुरस्कार इको हरेली रिसॉर्ट बारनवापारा के सुभाष ठाकुर एवं टीम को प्रदान किया गया। सभी पुरस्कारों के अंतर्गत ₹11,000 की राशि का चेक, मोमेंटो एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

    जीपीएम के पुरातात्विक स्थलों पर कॉफी टेबल बुक का विमोचन

    कार्यक्रम के दौरान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पुरातात्विक स्थल धनपुर पर आधारित कॉफी टेबल बुक ‘धनपुर‘ का विमोचन भी किया गया। यह प्रकाशन जिले की पुरातात्विक एवं विरासत संपदा को पर्यटन के दृष्टिकोण से व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।

    विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित यह आयोजन छत्तीसगढ़ के पर्यटन को स्थानीय से वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बिजनेस कनेक्ट के रूप में सामने आया। प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, आध्यात्मिक स्थलों और साहसिक पर्यटन की विविधता से समृद्ध छत्तीसगढ़ के लिए राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कारोबारियों के साथ बने ये संपर्क आने वाले समय में नए पर्यटन पैकेज, पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही, निवेश, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था के विस्तार के अवसर तैयार कर सकते हैं।

  • मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के दिए निर्देश

    मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के दिए निर्देश

    मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के दिए निर्देश

    धान खरीदी नीति से लेकर जल प्रबंधन और प्रशासनिक सुधारों की हुई समीक्षा

    रायपुर
    मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन राज्य शासन के सभी विभागों के भारसाधक सचिवों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिवों के साथ महत्वपूर्ण योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्धारित कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए है।

    बैठक में धान खरीफ विपणन वर्ष के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल योजनाओं और जल संसाधन विभाग को शहरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों में जल प्रबंधन और उपचार के लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। नगरीय विकास विभाग को सिटी वाटर प्लान को विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए गए। ग्राम सभा के आयोजन के लिए निर्धारित 15 से 22 अक्टूबर की अवधि में आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने को कहा गया। परिवहन विभाग को आगामी समय में ई-व्हीकल को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देने तथा खाद्य विभाग को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी तैयार करने के निर्देश दिए गए।

    जिलों की मॉनिटरिंग पर जोर

    मुख्य सचिव ने जिलों में योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रभावी निगरानी के लिए स्कोर कार्ड को अंतिम रूप देने को कहा गया, जिससे कलेक्टरों के स्तर पर प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जा सके। उन्होंने कहा कि कोर्ट मॉनिटरिंग सिस्टम को प्रभावी बनाने तथा अक्टूबर माह के लिए पारस पोर्टल से संबंधित प्रस्तावों पर आईटी विभाग के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    ई-गजट पर निर्देशों की प्रतियां अपलोड करने के निर्देश

    मुख्य सचिव ने कहा कि शासन द्वारा बनाए गए सभी विधिक, नियमो, निर्देशों की संदर्भ प्रति ई-गजट पर अपलोड की जाए, ताकि अधिकारियों और संबंधित विभागों को भविष्य में संदर्भ के लिए इनका आसानी से उपयोग किया जा सके। पेंशन से संबंधित मामलों की विभागवार समीक्षा करते हुए विभागध्यक्ष को प्रत्येक विभाग के लंबित प्रकरणों की संख्या, उनके निराकरण में लगे समय और प्रगति की रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एपीएआर को आईगॉट से लिंक करने तथा प्रत्येक विभाग को कर्मचारियों के क्षमता निर्माण की कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा गया।

    30 सितंबर तक रिक्त पदों की जानकारी देने के निर्देश

    मुख्य सचिव ने कर्मचारी चयन मंडल के लिए विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की जानकारी 30 सितंबर तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में लोक सेवा गारंटी अधिनियम, रिफॉर्म उत्सव, 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं की तैयारियों और सेवा सेतु की प्रगति पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि वर्तमान में 38 विभागों की 907 सेवाएं सेवा सेतु के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं। मुख्य सचिव ने फायर सेफ्टी अधिनियम में आवश्यक सुधार की दिशा में कार्यवाही करने के साथ ही ’माय भारत पोर्टल’ से संबंधित गतिविधियों को भी गति देने के निर्देश दिए।

    एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के माध्यम से होगी सूचनाओं की समेकित रिपोर्टिंग

    बैठक में गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत ने बताया कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के माध्यम से जानकारी एकत्रित की जाएगी और इसके बाद भारत सरकार को भेजी जाएंगी। उन्होंने बताया कि इससे विभिन्न विभागों से प्राप्त सूचनाओं की समेकित रिपोर्टिंग सुनिश्चित होगी। मुख्य सचिव ने बैठक के अंत में सभी विभागों को क्षमता निर्माण, विभागीय कार्यों की निगरानी और निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

    बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ,पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनीष कुमार ठाकुर, नगरीय प्रशासन विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, खनिज साधन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सारांश मित्तर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

  • कांकेर में ₹20 लाख गायब होने से हड़कंप, दो DSP पर रकम बांटने का आरोप

    कांकेर में ₹20 लाख गायब होने से हड़कंप, दो DSP पर रकम बांटने का आरोप

    कांकेर
     जिले में माओवादी डंप से बरामद 20 लाख रुपये गायब होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार मार्च-अप्रैल 2026 में मुरगांव क्षेत्र के जंगलों में माओवादी डंप की तलाश के दौरान करीब 20 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई थी।

    आरोप है कि बरामद रकम को सरकारी खाते में जमा कराने के बजाय तत्कालीन दो डीएसपी ने आपस में बांट लिया। मामले की जानकारी एसपी तक पहुंचने के बाद जांच कराई गई, लेकिन जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है।

    टोडेमरका और मरकाकोनारी के जंगलों में हुई थी बरामदगी
    बताया गया कि तत्कालीन डीएसपी अपनी टीम के साथ मुरगांव के आश्रित ग्राम टोडेमरका और मरकाकोनारी के जंगलों में डंप की तलाश के लिए निकले थे। सर्च ऑपरेशन के दौरान टोडेमरका जंगल से करीब 15 लाख और मरकाकोनारी से करीब पांच लाख रुपये बरामद हुए थे। कुल मिलाकर करीब 20 लाख रुपये की नकदी मिलने की बात सामने आई है।

    जांच के बाद भी रिपोर्ट नहीं आई सामने
    बरामद रकम के बंटवारे को लेकर अब तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि नियमानुसार रकम को सरकारी खाते में जमा किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इधर मामले में एसपी के संज्ञान में आने के बाद आंतरिक जांच कराई गई, मगर उसकी रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है। इससे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है।

    22 करोड़ की अफवाह से हड़कंप
    इधर डंप से 20 लाख की जगह 22 करोड़ रुपये मिलने की अफवाह भी फैली हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह चर्चा जोरों पर है कि बरामद रकम 20 लाख से कहीं ज्यादा थी। वहीं स्थानांतरण के बाद विभाग में मामले की फिर से चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर विभाग ने इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है।

  • बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे CM साय, राहत शिविरों का निरीक्षण कर ली जानकारी

    बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे CM साय, राहत शिविरों का निरीक्षण कर ली जानकारी

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बीते दिनों हुई भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सुकमा और बस्तर के कई गांवों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।

    स्थिति का जायजा लेने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सुकमा पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और राहत केंद्रों में व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और जिला प्रशासन से बाढ़ की स्थिति व राहत-बचाव कार्यों की जानकारी ली।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों की सुरक्षा के साथ भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

  • छत्तीसगढ़ में निवेश बढ़ाने की तैयारी, सिंगापुर में उद्योगपतियों से मिलेंगे CM साय

    छत्तीसगढ़ में निवेश बढ़ाने की तैयारी, सिंगापुर में उद्योगपतियों से मिलेंगे CM साय

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 2 से 7 अक्टूबर तक सिंगापुर प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे वहां होने वाले भारत-सिंगापुर विकास एवं कारोबार सम्मेलन में शामिल होंगे। यह सम्मेलन भारत और सिंगापुर के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक साझेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। हालांकि अभी इस कार्यक्रम का आधिकारिक ब्योरा जारी नहीं किया गया है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री की इस विदेश यात्रा के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 

    बताया गया है कि,  सम्मेलन में श्री साय 4 से 6 अक्टूबर के बीच शामिल होंगे। उनके साथ सीएम सचिवालय के अधिकारियों के साथ उद्योग विभाग के वरिष्ट अधिकारी भी शामिल होंगे। सिंगापुर व्यापार महासंघ की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों की आर्थिक और औद्योगिक संभावनाओं को अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के सामने रख जाएगा। सम्मेलन में निवेश के अवसर, नए कारोबार बाजार तक पहुंच, औद्योगिक साझेदारी और दोन देशों की कंपनियों के बीच सहयोग पर चर्चा होगी।

    उद्योग, परिवहन और नई तकनीक पर रहेगा जोर

    मुख्यमंत्री के सिंगापुर कार्यक्रम में उद्योग, परिवहन और नई तकनीक से जुड़े क्षेत्रों पर विशेष जोर रहेगा।संभावित निवेशकों के साथ नई परियोजनाओं की स्थापना, तकनीकी सहयोग और उद्योगों के विस्तार से संबंधित मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है। तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों और निवेशकों के प्रतिनिधियों के साथ भी संवाद होने की संभावना है।

    निवेशकों के सामने रखेंगे छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता

    सिंगापुर प्रवास के दौरान होने वाली बैठकों में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध परियोजना संभावनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।सरकार का उद्देश्य प्रदेश में नए निवेश को आकर्षित करने के साथ औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है। इसके लिए निवेशकों को राज्य में उपलब्ध संसाधनों और उद्योगों के विस्तार की संभावनाओं की जानकारी दी जाएगी।

    विदेशी निवेश आकर्षित करने पर फोकस

    मुख्यमंत्री के इस प्रस्तावित दौरे में निवेशकों के साथ सीधे संवाद को प्रमुखता दी गई है। बैठकों में उद्योग स्थापना, नई परियोजनाओं, तकनीकी सहयोग और निवेश के उपलब्ध अवसरों पर बातचीत होगी।दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता, नई तकनीक और विभिन्न क्षेत्रों में परियोजनाओं की संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय कारोबारी प्रतिनिधियों के सामने रखने की योजना है।

    हरियाणा-सिंगापुर बिजनेस फोरम और निवेश सम्मेलन
    हरियाणा के मुख्यमंत्री भी होंगे शामिल सूत्रों के अनुसार, इसी सम्मेलन में हरियाणा के मुख्यमंत्र नायब सिंह सैनी भी शामिल होंगे। सिंगापुर की ओर से वहां के मंत्री स्तर के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे सम्मेलन में भारत और सिंगापुर के कारोबारी प्रतिनिधियों के बीच निवेश और औद्योगिक साझेदार की संभावनाओं पर चर्चा होगी।

    छत्तीसगढ़ पर रहेगी नजर
    मुख्यमंत्री श्री साय के लिए यह दौरा छत्तीसगढ़ को अंतर्राष्ट्रीय निवेश के नए केंद्र के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर होगा। राज्य सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता, प्राकृतिक संसाधन, खनिज संपदा, बिजली उपलब्धता, अधोसंरचना और निवेश के लिए बनाई गई नीतियों की जानकारी निवेशकों को दी जा सकती है। राज्य की कोशिश केवल कच्चे खनिज के दोहन तक सीमित न रहकर खनिज आधारित उद्योगों में अधिक से अधिक मूल्य संवर्धन, विनिर्माण, परिवहन एवं भंडारण, निर्यात और नई तकनीक आधारित उद्योगों को आकर्षित करने की है। सिंगापुर जैसे अंतर्राष्ट्रीय कारोबारी केंद्र में मुख्यमंत्री की मौजूदगी इस दिशा में महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।

    सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की संभावनाएं रखेंगे

    भारत-सिंगापुर विकास और कारोबार सम्मेलन में व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री यहां छत्तीसगढ़ में निवेश के अवसरों और उद्योगों के लिए उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी देंगे। सरकार का उद्देश्य नए निवेश के साथ प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।

    सिंगापुर प्रवास के दौरान निवेशकों के साथ होने वाली बैठकों में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता, नई तकनीक और विभिन्न क्षेत्रों में परियोजनाओं की संभावनाओं को प्रमुखता से रखा जाएगा। दौरे के जरिए प्रदेश में विदेशी निवेश की संभावनाओं को बढ़ाने और निवेशकों को छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित करने पर जोर रहेगा।

    सीधे संवाद का अवसर
    बताया गया है कि,  सम्मेलन में निवेशकों, उद्योगपतियों और विभिन्न कारोबारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ संवाद होगा। इसके जरिए छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं और राज्य में उद्योग लगाने के लिए उपलब्ध सुविधाओं को सीधे अंतर्राष्ट्रीय कारोबार समुदाय तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

  • CG कोल घोटाले में चार्जशीट की तैयारी तेज, विधायक देवेंद्र यादव से भी हुई पूछताछ

    CG कोल घोटाले में चार्जशीट की तैयारी तेज, विधायक देवेंद्र यादव से भी हुई पूछताछ

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) अब फाइनल चार्जशीट पेश करने की तैयारी में जुट गया है। 3 अक्टूबर को विशेष कोर्ट में मामले की फाइनल चार्जशीट पेश की जाएगी। इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

    बताया जा रहा है कि कोल घोटाला मामले में करीब 35 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की जाएगी। वहीं, अग्रिम जमानत हासिल कर चुके आरोपियों से भी EOW की पूछताछ का सिलसिला तेज हो गया है। इसी कड़ी में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव से भी EOW ने पूछताछ की है। उन्हें पूछताछ के लिए EOW कार्यालय बुलाया गया था, जहां करीब दो घंटे तक उनसे सवाल-जवाब किए गए। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल घोटाला मामले की जांच EOW के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कर रहा है। अब EOW की ओर से विशेष कोर्ट में फाइनल चार्जशीट पेश किए जाने की तैयारी है। फाइनल चार्जशीट पेश होने के बाद इस मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

    ऐसे खड़ा हुआ लेवी वसूली का सिंडिकेट
    जांच एजेंसियों के मुताबिक, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों से हर टन कोयला परिवहन पर 25 रुपए की अवैध लेवी वसूली जाती थी। इसके लिए खनन विभाग के नियमों में बदलाव कर ऑनलाइन मिलने वाले कोल परमिट को ऑफलाइन किया गया। आरोप है कि इसके बाद एक सिंडिकेट ने परमिट व्यवस्था पर नियंत्रण कर अवैध वसूली का तंत्र खड़ा किया। ईडी और ईओडब्लू की जांच के अनुसार, इस व्यवस्था के जरिए करीब 540 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वसूली की गई।

  • मानदेय बढ़ोतरी के बाद भी नहीं मानी हड़ताल, रायपुर में जूनियर डॉक्टरों की OPD ठप

    मानदेय बढ़ोतरी के बाद भी नहीं मानी हड़ताल, रायपुर में जूनियर डॉक्टरों की OPD ठप

    रायपुर
     MBBS इंटर्न और पीजी डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी के बाद भी जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। पीजी डॉक्टरों का कहना है कि उनकी 17 सूत्रीय मांगों में स्टाइपेंड के अलावा कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं। इन्हीं मांगों को लेकर डॉक्टर चार दिन से आंदोलन कर रहे हैं और आज आंदोलन का पांचवा दिन है।

    आंदोलन के कारण अंबेडकर अस्पताल समेत मेडिकल कॉलेज से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है और ओपीडी में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में आधी रह गई है।

    स्टाइपेंड में 26 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी
    शासन ने एमबीबीएस इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया है। इसके बाद अब पीजी मेडिकल डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी करीब 26 प्रतिशत तक वृद्धि का आदेश जारी किया है।

    नई दरों के अनुसार पीजी प्रथम वर्ष का स्टाइपेंड 67,500 से बढ़कर 85,050 रुपये, द्वितीय वर्ष का 71,450 से 90,027 रुपये और तृतीय वर्ष का 74,600 से 93,996 रुपये किया गया है। नई दरें 1 अक्टूबर से लागू होंगी। इसके बावजूद डॉक्टरों का कहना है कि केवल स्टाइपेंड बढ़ाने से आंदोलन खत्म नहीं होगा।

    बांड की अवधि और राशि घटाना प्रमुख मांग
    जूनियर डॉक्टरों की प्रमुख मांग एमबीबीएस और पीजी के बाद लागू बांड व्यवस्था में बदलाव की है। डॉक्टरों के अनुसार एमबीबीएस और पीजी के बाद दो-दो वर्ष की बांड सेवा की व्यवस्था है। वे इसकी अवधि कम करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही बांड की राशि भी घटाने की मांग है।

    डॉक्टरों के अनुसार पीजी के लिए बांड राशि 50 लाख और एमबीबीएस के लिए 25 लाख रुपये है। एसोसिएशन बांड को खत्म करने या इसकी अवधि कम करने की मांग कर रहा है।

    सुपर स्पेशियलिटी कैडर बनाने की भी मांग
    इसके अलावा पोस्ट-पीजी स्टाइपेंड, पीजी रेजिडेंट, बांडेड जूनियर रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट के मानदेय में संशोधन, डीएम और एमसीएच सुपर स्पेशियलिटी रेजिडेंट के स्टाइपेंड में बदलाव और सुपर स्पेशियलिटी कैडर बनाने जैसी मांगें भी शामिल हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सुपर स्पेशियलिटी कैडर बनने से प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ सकती है।

    आज मंत्री से होगी चर्चा, नहीं तो इमरजेंसी भी प्रभावित
    जूनियर डॉक्टरों को 29 सितंबर को सुबह 11:30 बजे स्वास्थ्य मंत्री ने चर्चा के लिए बुलाया है। डॉक्टरों को उम्मीद है कि बैठक में लंबित मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल ओपीडी का बहिष्कार जारी है।

    यदि समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी पहले ही दी जा चुकी है। 28 सितंबर से इमरजेंसी समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के बहिष्कार की चेतावनी भी एसोसिएशन दे चुका है। ऐसे में आंदोलन लंबा खिंचने पर मरीजों को इलाज के लिए अधिक इंतजार करना पड़ सकता है और मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में नियमित सेवाओं का दबाव बढ़ सकता है।

  • छत्तीसगढ़ में भारी बारिश-बाढ़ से हालात बिगड़े, 43 राहत शिविरों में 5 हजार लोग

    छत्तीसगढ़ में भारी बारिश-बाढ़ से हालात बिगड़े, 43 राहत शिविरों में 5 हजार लोग

    रायपुरबीजापुरजीपीएमदुर्ग
    छत्तीसगढ़ में तीन दिन बारिश तबाही लेकर आई. कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए. शहरों में पुल पुलियों के ऊपर से पानी बहने लगा. दुर्ग रायपुर का संपर्क कट गया. गरियाबंद धमतरी के कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया. ग्रामीण क्षेत्रों में कई घर बाढ़ के पानी से भर गए, लोगों को सुरक्षित जगहों पर शरण लेनी पड़ी. शनिवार देर रात से बारिश की रफ्तार कुछ कम हुई. रविवार सुबह से बारिश थम गई, जिसके बाद अब हालात पटरी पर आने लगे हैं। 

    सुकमा दौरे पर सीएम विष्णुदेव साय
    सीएम विष्णुदेव साय आज बस्तर और सुकमा जिले दौरे पर पहुंच रहे हैं. सीएम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और राहत शिविरों में जाएंगे. साय प्रभावित परिवारों के घरों तक जाकर पीड़ित परिवारों से मिलेंगे और उनकी बात कर उनकी परेशानी सुनेंगे. मुख्यमंत्री अधिकारियों से नुकसान का जायजा लेंगे। 

    रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव समेत 12 जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। तापमान की बात करें तो दुर्ग 31.6 डिग्री के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा। वहीं अंबिकापुर और पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री दर्ज किया गया।

    बारिश थमने के बाद अब नदी-नालों का पानी उतर गया है। रायपुर के महादेवघाट पुल से लोगों का आना-जाना शुरू हो गया है। अमलेश्वर जाने वाला यह रास्ता पिछले दो दिन से बंद था।

    महादेवघाट में गणेश विसर्जन के लिए केवल समितियों के सदस्यों को प्रवेश दिया जा रहा है। वहीं प्रदेश में उफनते नदी-नालों में अलग-अलग घटनाओं में कुल 12 लोग बह गए। इनमें 3 लोगों की मौत हो गई।

    इन्द्रावती नदी पार फंसे कर्मचारियों का रेस्क्यू
    बीजापुर जिले मे लगातार बारिश और बाढ़ के बीच इन्द्रावती नदी पार माड़ क्षेत्र में फंसे पटवारी एवं सर्वेयर सहित 6 कर्मचारियों को जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से एयरलिफ्ट कर सुरक्षित बीजापुर लाया गया. जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद सभी कर्मचारियों का जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जिसमें सभी की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य पाई गई. बता दें कि गिरदावरी सर्वे कार्य के लिए पटवारी एवं सर्वेयर का 6 सदस्यीय दल बड़ेपल्ली और गुट्टामंगी क्षेत्र में गया था. इसी दौरान लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में जलस्तर बढ़ गया और क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति निर्मित होने से कर्मचारी वहीं फंस गए। 

    बीजापुर में बाढ़ में फंसे कर्मचारी एयरलिफ्ट
    कर्मचारियों के फंसे होने की जानकारी मिलते ही कलेक्टर विश्वदीप ने तत्काल रेस्क्यू की कार्रवाई के निर्देश दिए. प्रशासन ने बिना समय गंवाए एयरलिफ्ट की व्यवस्था कर सभी 6 कर्मचारियों को सुरक्षित जिला मुख्यालय पहुंचाया.जिला अस्पताल में कलेक्टर विश्वदीप की उपस्थिति में कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया. कलेक्टर ने सभी कर्मचारियों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली. सुरक्षित लौटे कर्मचारियों के चेहरे पर राहत और अपनों से दोबारा मिलने की खुशी साफ दिखाई दी. कलेक्टर ने कठिन परिस्थितियों में अपने दायित्व का निर्वहन करने के लिए कर्मचारियों के कार्य की सराहना की। 

    कलेक्टर विश्वदीप ने कहा कि बाढ़ और आपदा की परिस्थितियों में जिला प्रशासन पूरी सजगता और तत्परता के साथ कार्य कर रहा है. प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. राहत एवं बचाव दल लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके और जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके। 

    बीजापुर: सात दिनों से फंसे पटवारियों का हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू
    बीजापुर में इंद्रावती नदी की बाढ़ के कारण सात दिनों से फंसे दो पटवारी सहित आधा दर्जन कर्मचारियों का रेस्क्यू सफल रहा। 27 सितंबर को नईदुनिया में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने तत्परता दिखाई। कलेक्टर विश्वदीप की पहल पर रविवार शाम को हेलीकॉप्टर से इन सरकारी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बीजापुर हेलीपैड पर उतरते ही सभी को जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में भर्ती कराया गया।

    कर्मचारियों का दल एक सप्ताह पहले राजस्व सर्वे के कार्य से नाव से इंद्रावती नदी पार कर अंदरूनी गांवों में गया था। दल में दो पटवारी, दो चैनमेन और दो सर्वेयर शामिल थे। अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से वापसी का रास्ता बंद हो गया। कर्मचारियों के दो दल अलग-अलग स्थानों पर फंसे थे। SDM भैरमगढ़ विकास सर्वे ने बताया कि प्रशासन ने दो बार रेस्क्यू टीम को नदी तक भेजा, लेकिन तेज बहाव के कारण टीम लौट गई। कुछ कर्मचारियों के बीमार होने पर कलेक्टर ने वायुसेना से हेलीकॉप्टर की मांग की, जिसके बाद सभी को सुरक्षित लाया गया।

    रायगढ़: महानदी खतरे के निशान से 1.25 मीटर ऊपर, गांवों में घुसा पानी
    रायगढ़ में लगातार बारिश के चलते महानदी का जलस्तर बढ़ने से रायगढ़ और आसपास के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पुसौर क्षेत्र के कई गांवों के साथ ही सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया तहसील के रानीडीह-पोरथ मार्ग, कोर्रा और आसपास के गांवों में पानी घुस गया है। खेत, गलियां और सड़कें जलमग्न होने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित होने लगी है।

    महानदी में बढ़ते जलप्रवाह का असर कलमा बैराज में भी साफ दिखाई दे रहा है। 27 सितंबर की सुबह 11 बजे बैराज का जलस्तर 199.35 मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित खतरे के स्तर 198.50 मीटर से 0.85 मीटर अधिक है। बैराज का पूर्ण जलस्तर 197 मीटर बताया गया है। शाम तक मिली रिपोर्ट के अनुसार जलस्तर खतरे के निशान से करीब सवा मीटर ऊपर पहुंच गया था। टाटी क्षेत्र के खेतों में पानी भर गया है और कल्याण गांव की गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक पानी पहुंच गया है।

    अंबिकापुर: कनहर नदी में 14 घंटे तक फंसे रहे तीन ग्रामीण
    अंबिकापुर में बलरामपुर विकासखंड के कोटपाली-खजुरी में कनहर नदी के तेज बहाव के बीच तीन ग्रामीण करीब 14 घंटे तक फंसे रहे। जिला प्रशासन, नगर सेना के गोताखोरों और स्थानीय ग्रामीणों की संयुक्त टीम ने रात करीब 12 बजे नाव के सहारे तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। तीनों की हालत सामान्य है।

    रेस्क्यू किए गए ग्रामीणों में ग्राम कोठली निवासी सरजू राम (45), उनकी पत्नी राजकुमारी (40) और ग्राम जाबगड़ी निवासी फूलमनिया (30) शामिल हैं। तीनों शुक्रवार को रिश्तेदार के यहां मेहमानी के लिए कोटपाली आए थे। शनिवार सुबह करीब 10 बजे वे अपने गांव लौटने के लिए कनहर नदी पार कर रहे थे। जलस्तर कम होने के कारण वे पैदल नदी पार करने लगे, लेकिन बीच धार में पहुंचते ही पहाड़ी क्षेत्र में हुई बारिश से जलस्तर तेजी से बढ़ गया। दोपहर बाद ग्रामीणों ने उन्हें देखा और प्रशासन को सूचना दी। तेज बहाव और अंधेरे के कारण शुरुआती दो प्रयास विफल रहे।

    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर निकले रायपुर कलेक्टर
    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों का जायजा लेने रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने रविवार को विभिन्न इलाकों और राहत शिविरों का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। 

    श्रीलंका नगर बस्ती में हालात का लिया जायजा
    कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित अधिकारियों के साथ श्रीलंका नगर बस्ती पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और जरूरतें जानीं. कलेक्टर ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 
    कलेक्टर ने पूर्व माध्यमिक शाला चांदनीडीह और शासकीय प्राथमिक शाला घनश्याम नगर डिपरापारा में बनाए गए राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया. उन्होंने शिविरों में ठहरे लोगों से बातकर भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य आवश्यकताओं की जानकारी ली. प्रभावित परिवारों की राहत और पुनर्वास के लिए कार्ययोजना तैयार कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। 

    राशन, दवाइयों और कपड़ों की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश
    कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित किसी भी नागरिक को परेशानी नहीं होनी चाहिए. राहत शिविरों में भोजन और राशन के साथ आवश्यक दवाइयों और कपड़ों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए. कलेक्टर ने कहा कि पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाएगी। 

    प्रभावितों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता भी जांची
    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन और डीसीपी पश्चिम रॉबिंसन गुड़िया ने राहत शिविर में प्रभावित लोगों को वितरित किए जा रहे भोजन को स्वयं खाकर उसकी गुणवत्ता की जांच की. कलेक्टर ने भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के साथ प्रभावितों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.निरीक्षण के दौरान एसडीएम नंदकुमार चौबे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। 

    गौरेला पेंड्रा मरवाही में बरसाती झरने 
    बारिश के बाद ठाड़पथरा स्थित माई की मड़वा का झरना भी पूरे वेग से बह रहा है. यहां नदी में पानी का बहाव काफी तेज है. इसके बावजूद कुछ लोग जान जोखिम में डालकर रस्सी के सहारे नदी पार करते दिखाई दिए. तेज बहाव के बीच इस तरह नदी पार करना हादसे को न्योता दे सकता है.दुर्गाधारा जलप्रपात में भी बारिश के बाद पानी का प्रवाह बढ़ गया है. पहाड़ी से तेज गति से गिरते पानी का नजारा देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. जलप्रपात के आसपास हरियाली और बारिश के बाद बदला प्राकृतिक वातावरण लोगों को आकर्षित कर रहा है. मरकंटक मार्ग पर कई अन्य स्थानों पर भी बरसाती झरने सक्रिय हो गए हैं, जहां सड़क से गुजरने वाले लोग अपने वाहनों को रोककर प्राकृतिक नजारों का आनंद ले रहे हैं. पर्यटक इन झरनों के साथ तस्वीरें और वीडियो बनाकर यादगार पलों को मोबाइल कैमरे में कैद कर रहे हैं। 

    बीजापुर के दुर्गम क्षेत्र में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने बारिश के बीच मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया. ग्राम अंड्री, थाना गंगालूर क्षेत्र की चार वर्षीय बालिका के घायल होने की सूचना मिलने पर सीआरपीएफ जवानों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए उसे समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई। 

    26 सितंबर 2026 को ग्राम अंड्री की चार वर्षीय बालिका खेलते समय घायल हो गई थी. चोट के कारण बालिका को तत्काल उपचार की आवश्यकता थी. लेकिन बारिश के कारण नदी नाले उफान पर है. ऐसे समय में 199 बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट आनंद कुमार एवं 85 बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट सुनील कुमार राही के निर्देशन में जवानों ने बालिका को बाइक एंबुलेंस के माध्यम से 85 बटालियन सीआरपीएफ के मुतवंडी कैंप तक पहुंचाया. मुतवंडी कैंप से 85 बटालियन की एंबुलेंस के माध्यम से घायल बालिका को जिला अस्पताल बीजापुर लाया गया, जहां उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया गया. समय पर चिकित्सा सहायता और सीआरपीएफ जवानों के समन्वित प्रयासों के चलते बालिका का इलाज हो सका. बच्ची की स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है। 

  • Raipur झांकी चल समारोह को लेकर कड़ी सुरक्षा, 2000 पुलिसकर्मी तैनात; शराब बिक्री पर रोक

    Raipur झांकी चल समारोह को लेकर कड़ी सुरक्षा, 2000 पुलिसकर्मी तैनात; शराब बिक्री पर रोक

    रायपुर.

    राजधानी रायपुर में गणेश विसर्जन झांकी आज रात 9 बजे से निकाली जाएगी. बड़ी संख्या में लोगों के मौजूदगी का अनुमान है. झांकी रूट के साथ शहर की अन्य सड़कों पर भी पुलिस पेट्रोलिंग पार्टियां तैनात रहेंगी. झांकी देखने आने वाले लोगों की पार्किंग से लेकर सुरक्षा तक चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है. रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद यह पहली झांकी होने वाली है.

    सुबह से प्रशासन बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगने के लिए सड़क पर बैरिकेडिंग की तैयारी में जुटा हुआ है. शाम 6 बजे से पारंपरिक झांकी रूट पर खुलने वाली सड़कों को बैरिकेडिंग करके ट्रैफिक को दूसरे ओर डायवर्ट किया जाएगा. वहीं शहर में रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. झांकी के दौरान सुरक्षा के लिए तीन लेयर में सिक्योरिटी प्लान तैयार कर 2000 जवानों को तैनात किया जा रहा है. शाम 5 बजे से ट्रैफिक पुलिस की भी ड्यूटी शाम को पांच बजे से शुरू हो जाएगी. कई वॉच टॉवर बनाए गए हैं. झांकी रूट पर कई ड्रोन उड़ाए जाएंगे. इनसे वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए निगरानी भी रखी जाएगी. किसी भी आपराधिक गतिविधियों के दौरान धरपकड़ के लिए एसीसीयू क्राइम ब्रांच की 20 टीमें तैनात रहेंगी.

    शराब दुकानें बंद रहेंगी 
    रायपुर नगर निगम के अलावा बिरगांव, उरला, सिलतरा और डूंडा की देशी-विदेशी शराब दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं. आज शाम 4 बजे से सभी दुकानें को सील कर दिया जाएगा. रायपुर कमिश्नर के पत्र लिखने के बाद कलेक्टर ने यह निर्णय लिया है. आबकारी विभाग की ओर से आदेश जारी किया गया है. झांकी के दौरान नशे में हुल्लड़ और असमाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य यह कदम उठाया गया है.

    हर जोन में एडिशनल डीसीपी रहेंगे मौजूद
    रायपुर के  शारदा चौक से रात 9 बजे झांकी प्रारंभ होगी. जयस्तंभचौक, मालवीय रोड, कोतवाली चौक, सदरबाजार, कंकालीतालाब रोड से पुरानीबस्ती, लाखेनगर, सुंदरनगर होते ही रायपुरा महादेवघाट की ओर बढ़ेगी. झांकी रूट को 6 सुरक्षा जोन में बांटा गया है, जिसमें 30 सेक्टर बनाए गए हैं. हर जोन में डीसीपी के नेतृत्व में एडिशनल डीसीपी अधिकारी प्रभारी के रूप में ड्यूटी देंगे. हर सेक्टरों की जिम्मेदारी भी अधिकारियों को सौंपी गई है.

    सदरबाजार में धीमी आवाज में बजेगा साउंड सिस्टम
    निगम ने निरीक्षण कर सदरबाजार के 10 जर्जर मकानों को नोटिस देकर सील कर दिया है. झांकी देखने कोई इन घरों की छत पर न चढ़े इसलिए पुलिस भी तैनात किए जाएंगे. सदरबाजार में साउंड सिस्टम धीमी आवाज में बजेगा. वहीं साउंड सिस्टम को शोर मापने के लिए मशीन भी लगाई जाएगी. 50 डेसिबल के अधिक साउंड पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. 

    इन जगहों पर वाहनों की पार्किंग
    झांकी देखने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार पार्किंग की व्यवस्था की गई है. तेलीबांधा, पंडरी और राजातालाब क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन शहीद स्मारक भवन के पास पार्क कर सकेंगे. वहीं कटोरा तालाब और टिकरापारा क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गांधी मैदान के पास पार्किंग की व्यवस्था रहेगी. मठपारा और पुरानी बस्ती क्षेत्र के श्रद्धालु इंडोर स्टेडियम के पास वाहन पार्क कर सकेंगे. इसी तरह विवेकानंद आश्रम, लाखेनगर, समता कॉलोनी और चौबे कॉलोनी क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु ईदगाह भाठा मैदान और नवीन मार्केट में वाहन पार्क कर सकेंगे.

    झांकी के दौरान इन रास्तों से जारी रहेगा आवागमन
    झांकी वाली रात ट्रैफिक डायवर्जन के दौरान कुछ प्रमुख मार्गों से वाहनों का आवागमन जारी रहेगा. तेलीबांधा-शास्त्री चौक से जीई रोड होते हुए टाटीबंध की ओर जाने वाले वाहन शास्त्री चौक से कालीबाड़ी, पचपेढ़ी नाका और रिंग रोड-1 होकर जा सकेंगे. इसके अलावा वाहन चालक फाफाडीह चौक से स्टेशन रोड, चौबे कॉलोनी और समता कॉलोनी होते हुए भी आवागमन कर सकेंगे. खमतराई-फाफाडीह की ओर से आने-जाने वाले वाहन चालक रिंग रोड-2 का उपयोग कर सकेंगे. वहीं धमतरी रोड और पचपेढ़ी नाका से रेलवे स्टेशन या मेकाहारा की ओर जाने वाले वाहन चालक कालीबाड़ी चौक, शास्त्री चौक और मरही माता चौक होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे.