Category: छत्तीसगढ़

  • संवाद, वैज्ञानिक आकलन और आपसी सहमति से न्यायपूर्ण एवं स्थायी समाधान के लिए छत्तीसगढ़ पूरी तरह प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

    संवाद, वैज्ञानिक आकलन और आपसी सहमति से न्यायपूर्ण एवं स्थायी समाधान के लिए छत्तीसगढ़ पूरी तरह प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

    महानदी विवाद के समाधान की दिशा में बड़ी पहल

    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा की उच्चस्तरीय बैठक

    महानदी हमें बांटने वाली नहीं, दोनों राज्यों को जोड़ने वाली जीवनधारा : समाधान ऐसा हो जिसमें दोनों राज्यों की जीत हो – मुख्यमंत्री साय

    संवाद, वैज्ञानिक आकलन और आपसी सहमति से न्यायपूर्ण एवं स्थायी समाधान के लिए छत्तीसगढ़ पूरी तरह प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

    दोनों राज्यों के किसानों, आम नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने पर जोर

    रायपुर 
     छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद के सौहार्दपूर्ण और स्थायी समाधान की दिशा में आज नई दिल्ली में महत्वपूर्ण पहल हुई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में कर्तव्य भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने महानदी से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की और अपने-अपने राज्यों का पक्ष रखा।

    बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्य सचिव सहित केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, केंद्रीय जल आयोग तथा दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में छत्तीसगढ़ का पक्ष रखते हुए कहा कि महानदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि दोनों राज्यों की सभ्यता, संस्कृति, कृषि और जनजीवन से जुड़ी जीवनधारा है। महानदी छत्तीसगढ़ और ओडिशा को बांटने वाली नहीं, बल्कि दोनों राज्यों को जोड़ने वाली नदी है। इसलिए इसका समाधान भी प्रतिस्पर्धा या टकराव के बजाय सहयोग, विश्वास और सहमति की भावना से निकलना चाहिए।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा प्रयास ऐसा समाधान निकालने का होना चाहिए जिसमें दोनों राज्यों और वहां के नागरिकों के हित सुरक्षित हों। छत्तीसगढ़ न्यायपूर्ण, निष्पक्ष, वैज्ञानिक, पारदर्शी और दीर्घकालिक समाधान का पक्षधर है। ऐसा समाधान दोनों राज्यों के किसानों, आम नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार होना चाहिए।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी का उद्गम छत्तीसगढ़ में होता है और इसके जलग्रहण क्षेत्र का बड़ा हिस्सा प्रदेश में स्थित है। राज्य में कृषि, सिंचाई, पेयजल और विशेष रूप से आदिवासी एवं ग्रामीण अंचलों की विकास आवश्यकताएं महानदी से जुड़ी हुई हैं। इसलिए किसी भी स्थायी समाधान में छत्तीसगढ़ की इन वास्तविक आवश्यकताओं का समुचित ध्यान रखा जाना आवश्यक है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ अपने हितों की बात करते हुए ओडिशा की आवश्यकताओं और हितों का भी पूरा सम्मान करता है। हीराकुंड ओडिशा की जीवनरेखा है और छत्तीसगढ़ उसके महत्व को भलीभांति समझता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हीराकुंड जलाशय के हितों और उसके सुचारु संचालन के लिए आवश्यक सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल जैसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन को  साझी समृद्धि का माध्यम बनाना चाहिए। दोनों राज्यों के बीच ऐसा तंत्र विकसित हो, जिसमें जल उपलब्धता, आवश्यकता और उपयोग से संबंधित तथ्य पारदर्शी ढंग से साझा हों और वैज्ञानिक आधार पर निर्णय लिए जाएं।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल से समाधान की उम्मीद

    मुख्यमंत्री साय ने महानदी जल विवाद के समाधान के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा की गई पहल का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की मध्यस्थता में दोनों राज्यों के बीच सकारात्मक संवाद से आपसी सहमति का रास्ता निकलने की उम्मीद मजबूत हुई है।

    उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्रीय एकीकरण में योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। आज राज्यों के बीच वर्षों से लंबित विषयों को संवाद और सहमति के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास भी सहकारी संघवाद और राष्ट्रीय एकता की इसी भावना को मजबूत करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों के बीच जल संबंधी प्रश्नों का सौहार्दपूर्ण समाधान राज्यों के बीच विश्वास, सहयोग और भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारी संघवाद की भावना के अनुरूप राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय से जटिल विषयों पर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का वातावरण बना है।

    संवाद और वैज्ञानिक तथ्यों से निकलेगा टिकाऊ समाधान

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी से संबंधित विषय में भावनाओं के साथ वैज्ञानिक तथ्यों का भी उतना ही महत्व है। छत्तीसगढ़ को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की मध्यस्थता तथा केंद्रीय जल आयोग के निष्पक्ष, वैज्ञानिक और पारदर्शी तकनीकी आकलन पर पूरा भरोसा है।

    उन्होंने कहा कि जल उपलब्धता, वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं, सिंचाई, पेयजल, पर्यावरणीय जरूरतों और दोनों राज्यों की विकास संबंधी आवश्यकताओं का समग्र अध्ययन करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। तकनीकी स्तर पर तथ्य स्पष्ट होंगे और राजनीतिक स्तर पर संवाद एवं विश्वास कायम रहेगा तो निश्चित रूप से ऐसा समाधान निकल सकता है, जो दोनों राज्यों को स्वीकार्य हो और आने वाली पीढ़ियों के हित में भी हो।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों के परामर्श और केंद्र सरकार की मध्यस्थता से जो न्यायसंगत एवं व्यावहारिक समाधान सामने आएगा, छत्तीसगढ़ उसे सकारात्मक भावना से आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग करेगा।

    बस्तर की तरह दृढ़ इच्छाशक्ति और समन्वय से समाधान की दिशा में बढ़ने का विश्वास

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने केंद्र और राज्य के बीच मजबूत समन्वय के सकारात्मक परिणामों को बस्तर में करीब से देखा है। नक्सलवाद जैसी दशकों पुरानी चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा, विकास और जनविश्वास को साथ लेकर जिस समन्वित दृष्टिकोण से काम किया गया, उससे बस्तर में व्यापक बदलाव आया है।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जटिल और लंबे समय से लंबित विषयों में भी जब स्पष्ट इच्छाशक्ति, निरंतर संवाद और सभी पक्षों के बीच विश्वास हो, तो समाधान की दिशा में निर्णायक प्रगति संभव है। महानदी के विषय पर भी इसी सकारात्मक भावना से दोनों राज्य आगे बढ़ सकते हैं।

    महानदी विवाद नहीं, सहयोग की धारा बने : मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पड़ोसी राज्यों के लोगों के बीच आत्मीय संबंध सदियों पुराने हैं। दोनों प्रदेशों की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली में अनेक समानताएं हैं।

    उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ की आस्था और शिवरीनारायण से पुरी तक जुड़े सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी आस्था और संस्कृति हमें जोड़ती है। महानदी भी इसी साझा विरासत और जीवन का हिस्सा है। इसलिए महानदी को विवाद की रेखा नहीं, बल्कि सहयोग, विकास और विश्वास की धारा बनाना हमारा सामूहिक प्रयास होना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों की प्राथमिकता अपने किसानों और नागरिकों का हित है। दोनों राज्यों के नेतृत्व को जमीनी आवश्यकताओं की समझ है। इसलिए परस्पर विश्वास के साथ ऐसा रास्ता निकाला जा सकता है जिसमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों के किसानों को लाभ मिले और दोनों राज्यों के विकास की आवश्यकताएं भी पूरी हों।

    तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर संवाद रहेगा जारी

    उल्लेखनीय है कि महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच राजनीतिक एवं तकनीकी स्तर पर संवाद लगातार आगे बढ़ रहा है। इससे पूर्व भी दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र सरकार के स्तर पर चर्चा हुई है। तकनीकी विषयों के समाधान के लिए केंद्रीय जल आयोग की भूमिका को महत्वपूर्ण माना गया है।

    महानदी जल बंटवारे से संबंधित विवाद के समाधान के लिए वर्ष 2018 में महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया गया था। इसके समानांतर आपसी संवाद और तकनीकी विमर्श के माध्यम से दोनों राज्यों के लिए स्वीकार्य समाधान की संभावनाओं पर भी लगातार काम किया जा रहा है।

    आज की उच्चस्तरीय बैठक को इसी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक में सभी पक्षों ने संवाद और तकनीकी विचार-विमर्श को आगे बढ़ाने तथा महानदी से जुड़े विषयों का पारस्परिक सहमति से स्थायी समाधान तलाशने की दिशा में सकारात्मक चर्चा की।

    बैठक में छत्तीसगढ़ की ओर से मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा का जांजगीर में स्वागत, ओपी चौधरी ने बढ़ाया युवाओं का उत्साह

    वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा का जांजगीर में स्वागत, ओपी चौधरी ने बढ़ाया युवाओं का उत्साह

    सेवा संकल्प अभियान: वडनगर से वाराणसी की सेवा यात्रा पहुंची जांजगीर

    वित्त मंत्री एवं जांजगीर जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी बाइक रैली में हुए शामिल, युवाओं का बढ़ाया उत्साह

    युवा संवाद में सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान

    रायपुर
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की जनसेवा को समर्पित ‘सेवा संकल्प यात्रा’ वडनगर (गुजरात) से वाराणसी (उत्तर प्रदेश) तक जनसेवा से राष्ट्रसेवा का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत निकली इस यात्रा के जांजगीर पहुंचने पर जिले के प्रभारी मंत्री एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने बाइक यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया।

    इस अवसर पर वित्त मंत्री चौधरी स्वयं बाइक रैली में शामिल हुए और युवाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं से सीधा संवाद करते हुए उन्हें सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा कर रहे युवाओं को शाल एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया गया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक जीवन यात्रा जनसेवा और राष्ट्रसेवा को समर्पित : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    युवा संवाद को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष केवल वर्षों का आंकड़ा नहीं, बल्कि जनसेवा, राष्ट्रसेवा और भारत के विकास के संकल्प की यात्रा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत से ही राष्ट्रहित और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक उनकी सार्वजनिक जीवन की यात्रा सेवा और समर्पण की भावना से जुड़ी रही है।

    मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन में प्रतिभाशाली और समाज के लिए योगदान देने की क्षमता रखने वाले लोगों को आगे आने के अवसर प्रदान किए हैं। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। छत्तीसगढ़ को भी विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार और सकारात्मक सोच इस विकास यात्रा को नई गति दे सकती है।

    विकास के साथ संस्कृति और विरासत को आगे बढ़ाना भी हमारी जिम्मेदारी : मंत्री चौधरी

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति और विरासत को सहेजते हुए आगे बढ़ाना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे सेवा और समर्पण की भावना के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं तथा विकसित भारत के संकल्प से जुड़कर देश और प्रदेश के विकास में योगदान दें।

    सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने कहा कि 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने वडनगर से वाराणसी तक यात्रा कर रहे युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक प्रभावी रूप से पहुंचता है।

    पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने सेवा संकल्प यात्रा में शामिल युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि अभियान के माध्यम से सेवा की भावना को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से नागरिकों तक जनसेवा, विकास और सुशासन से जुड़े कार्यों की जानकारी भी पहुंच रही है। उन्होंने यात्रा में शामिल युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।

    कार्यक्रम में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

  • राज्यपाल डेका की पदयात्रा में गूंजा नशा मुक्ति का संदेश, गांधी-शास्त्री को दी श्रद्धांजलि

    राज्यपाल डेका की पदयात्रा में गूंजा नशा मुक्ति का संदेश, गांधी-शास्त्री को दी श्रद्धांजलि

    नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ राज्यपाल डेका ने की पदयात्रा

    महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित कर डॉ. अंबेडकर को किया नमन

    रायपुर,
    राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर आज राजधानी रायपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ पदयात्रा आयोजित की गई। राज्यपाल रमेन डेका पदयात्रा में शामिल हुए और नागरिकों को नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।

            राज्यपाल डेका ने टाउन हॉल परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने टाउन हॉल से शुरू हुई पदयात्रा में सहभागिता की। पदयात्रा के दौरान भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।

           टाउन हॉल रायपुर से प्रारंभ होकर पदयात्रा अंबेडकर चौक पहुंची, जहां राज्यपाल डेका ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए सामूहिक सहभागिता और जनजागरूकता को महत्वपूर्ण बताया।

             पदयात्रा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी सहित बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं, विद्यार्थी और शहर के नागरिक शामिल हुए। पदयात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।

  • स्मार्ट मीटर से पारदर्शी बिलिंग, सूर्यघर योजना से सोलर का लाभ; उपभोक्ताओं को राहत

    स्मार्ट मीटर से पारदर्शी बिलिंग, सूर्यघर योजना से सोलर का लाभ; उपभोक्ताओं को राहत

    स्मार्ट मीटर से पारदर्शी बिजली व्यवस्था, सूर्यघर योजना से उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ

    – मासिक खपत के आंकड़ों में नहीं हुई वृद्धि, 43 लाख परिसरों में लग चुके स्मार्ट मीटर
    – 1.10 लाख से अधिक सोलर प्लांट स्थापित, प्रतिदिन 500 से अधिक नए प्लांट लग रहे
    – स्मार्ट मीटर और पीएम सूर्यघर योजना से उपभोक्ता सेवा में पारदर्शिता और ऊर्जा बचत को बढ़ावा

    रायपुर 
     छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के माध्यम से आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए ऊर्जा क्षेत्र में सुधार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर से बिजली खपत की पारदर्शी निगरानी संभव हो रही है, वहीं पीएम सूर्यघर योजना के माध्यम से घरेलू उपभोक्ता सौर ऊर्जा का लाभ लेकर बिजली बिल में कमी के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

    प्रदेश में कुल 52 लाख 28 हजार घरेलू उपभोक्ता हैं, जिनमें से 47 लाख से अधिक उपभोक्ता मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ ले रहे हैं। वर्ष 2025-26 में 200 यूनिट से कम मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या 41.40 लाख, 200 से 400 यूनिट वाले उपभोक्ताओं की संख्या 6.85 लाख तथा 400 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या 2.71 लाख थी। वर्ष 2026-27 में क्रमशः इनकी संख्या 42.40 लाख, 7.34 लाख और 2.56 लाख है। इस प्रकार विगत वर्ष की तुलना में मासिक खपत में अप्रत्याशित वृद्धि नहीं हुई है, यह सामान्य वार्षिक ग्रोथ के अनुसार ही है। खपत की वृद्धि स्मार्ट मीटर और गैर स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं में एक ही अनुपात में है। 

    स्मार्ट मीटर से खपत में कोई अवांछित वृद्धि नहीं: मई 2025 से जुलाई 2026 तक के विभिन्न महीनों के आंकड़ों एवं विश्लेषण से यह निष्कर्ष सामने आया है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के कारण उपभोक्ताओं की बिजली खपत में किसी भी प्रकार की अवांछित वृद्धि नहीं हुई है। यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर लगाने के बाद अधिक विद्युत बिल आने की शिकायत है, तो उसके परिसर में चेक मीटर लगाने का भी प्रावधान है।

    स्मार्ट मीटर लगाने का प्रावधान:-

    स्मार्ट मीटर लगाने हेतु छत्तीसगढ़ में 13 जुलाई 2022 को डी.पी.आर. स्वीकृत किया गया, इसका टेंडर 11 अप्रैल 2023 को प्रकाशित किया गया। मई 2023 में कंपनियों को प्रदेश में 55 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का एल.ओ.ए. जारी किया गया। वर्तमान में लगभग 43 लाख उपभोक्ता परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से 7,780 उपभोक्ता परिसरों में स्मार्ट मीटर के साथ चेक मीटर भी लगाया गया है। इन सभी परिसरों में चेक मीटर और स्मार्ट मीटर में दर्ज खपत का अंतर निर्धारित मानक सीमा के भीतर ही पाया गया है।

    केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण विनियम 2026 के अनुसार सभी उपभोक्ता परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य किया गया है।

    उपभोक्ताओं को मिल रही ऊर्जा राहत: घरेलू क्षेत्र में जिन उपभोक्ताओं की मासिक खपत 400 यूनिट तक है, उन्हें मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना के तहत 200 यूनिट की खपत पर 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। प्रदेश में लगभग 15 लाख बीपीएल (एलपीएस) श्रेणी के उपभोक्ता हैं, जिन्हें 30 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। 31 से 100 यूनिट तक बिजली का उपयोग करने वाले बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना के तहत अतिरिक्त छूट/सहायता भी दी जा रही है।

    सूर्यघर योजना से बिजली बिल में कमी: पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ मिल रहा है। ऐसे उपभोक्ताओं का बिजली बिल लगभग शून्य अथवा अपेक्षाकृत काफी कम हुआ है। योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा 3 किलोवाट क्षमता के प्लांट पर अधिकतम 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है। सोलर प्लांट की लागत राशि की व्यवस्था के लिए राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा 6 प्रतिशत से भी कम ब्याज दर पर 2 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

    अब तक पीएम सूर्यघर योजना के तहत प्रदेश के लाभार्थी उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार द्वारा 661 करोड़ रुपये तथा राज्य सरकार द्वारा 225 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। प्रदेश में अब तक 1 लाख 11 हजार 713 सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें से 35 हजार से अधिक सोलर उपभोक्ताओं के बिल जीरो आ रहें हैं। पिछले वर्ष की तुलना में 60 हजार से अधिक लाभार्थी उपभोक्ता मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ ले रहे हैं।

    पीएम सूर्यघर योजना के प्रति बढ़ते रुझान के चलते प्रदेश में अब प्रतिदिन 500 से अधिक सोलर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। ऐसे उपभोक्ता जो 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत के कारण मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे, वे भी तेजी से सूर्यघर योजना के तहत सोलर प्लांट लगाकर योजना की सब्सिडी के साथ मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का दोहरा लाभ प्राप्त कर रहे हैं। अनेक उपभोक्ताओं के सोलर प्लांट लगने से उनके बिजली बिल में कमी आई है और वे निचले वाले स्लैब में शिफ्ट हुए हैं। इससे 200 यूनिट और 400 यूनिट खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में वृद्धि हुई है।

    इस प्रकार राज्य सरकार विद्युत उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण और ऊर्जा सुधार के लिए लगातार कार्य कर रही है। उपभोक्ता सेवा में पारदर्शिता बढ़ाने तथा सेवाओं को अधिक सुविधायुक्त बनाने की दिशा में भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

    प्रदेश में मासिक खपतवार घरेलू उपभोक्ता विवरण निम्नानुसार हैः-

    मासिक खपत यूनिट

    200 से कम

    200 – 400

    400 से अधिक

    उपभोक्ता संख्या (लाख में) वर्ष जुलाई 2025 – 26

    41.4

    6.85

    2.71

    उपभोक्ता संख्या (लाख में) वर्ष जुलाई 2026 – 27

    42.4

    7.34

    2.56

    निष्कर्षः- 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत करने वाले उपभोक्ता पी.एम. सूर्य घर योजना के तहत सोलर प्लांट लगा कर 400 यूनिट से कम खपत के दायरे में शामिल हुए हैं एवं 200 से 400 यूनिट वाले स्लैब के उपभोक्ता 200 से कम यूनिट वाले स्लैब में आ गए हैं।

     

  • महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को CM साय ने किया याद, राष्ट्रसेवा के आदर्शों को बताया प्रेरणादायक

    महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को CM साय ने किया याद, राष्ट्रसेवा के आदर्शों को बताया प्रेरणादायक

    सत्य, अहिंसा और सादगी के आदर्श हमें राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते रहेंगे : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर किया नमन

    नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और मानवता के मार्ग पर चलते हुए पूरी दुनिया को शांति और सद्भाव का संदेश दिया। उनके विचारों में समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और आत्मनिर्भर भारत की भावना निहित थी। उनका जीवन हमें सत्य के मार्ग पर अडिग रहते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।

    मुख्यमंत्री साय ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री का स्मरण करते हुए कहा कि उनका सादगीपूर्ण जीवन, दृढ़ नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका दिया ‘जय जवान-जय किसान’ का मंत्र देश की सुरक्षा और समृद्धि में हमारे जवानों तथा किसानों के अमूल्य योगदान को रेखांकित करता है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं आदर्श हमें जनकल्याण, सुशासन और राष्ट्रसेवा के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

  • महानदी को लेकर संवाद और सहयोग पर जोर, बोले CM साय- दोनों राज्य मिलकर आगे बढ़ रहे

    महानदी को लेकर संवाद और सहयोग पर जोर, बोले CM साय- दोनों राज्य मिलकर आगे बढ़ रहे

    महानदी हमारी जीवनधारा और हमारी समृद्धि का आधार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    महानदी के बेहतर जल प्रबंधन और दोनों राज्यों के हितों के अनुरूप समाधान को लेकर नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक

    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की उपस्थिति में हुई बैठक

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी हुए शामिल

    आपसी संवाद, सहयोग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही हैं दोनों राज्यों की सरकारें : मुख्यमंत्री साय

    रायपुर 
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि महानदी हमारी जीवनधारा और हमारी समृद्धि का आधार है। महानदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों के जनजीवन, कृषि और संस्कृति से जुड़ी जीवनदायिनी नदी है। उन्होंने कहा कि हम सबका प्रयास है कि महानदी के जल के बेहतर प्रबंधन से दोनों राज्यों में सिंचाई व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके तथा नई परियोजनाओं के द्वार खुल सकें।

    मुख्यमंत्री साय आज नई दिल्ली में महानदी के बेहतर जल प्रबंधन और छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के हितों के अनुरूप समाधान को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की उपस्थिति रही। बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में दोनों राज्यों की डबल इंजन सरकारें आपसी संवाद, सहयोग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

  • राज्यपाल  रमेन डेका ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धा सुमन अर्पित किए

    राज्यपाल रमेन डेका ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धा सुमन अर्पित किए

    राज्यपाल  रमेन डेका ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धा सुमन अर्पित किए

    रायपुर
    राज्यपाल  रमेन डेका ने आज लोक भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर उनके चित्रों पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया।

    इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी इन महान विभूतियों को पुष्पांजलि अर्पित की।

  • हॉकी, एथलेटिक्स और फुटबॉल अकादमी में एंट्री की जंग, 169 खिलाड़ियों ने दिया ट्रायल

    हॉकी, एथलेटिक्स और फुटबॉल अकादमी में एंट्री की जंग, 169 खिलाड़ियों ने दिया ट्रायल

    खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए 169 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम 

    तीरंदाजी, एथलेटिक्स, हॉकी और फुटबॉल अकादमी में प्रवेश के लिए दो दिवसीय ट्रायल संपन्न

    रायपुर
     खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु रायपुर स्थित विभिन्न गैर-आवासीय खेल अकादमियों में खिलाड़ियों के प्रवेश (नवीनीकरण एवं नवीन प्रवेश) के लिए दो दिवसीय चयन ट्रायल आज संपन्न हुआ। तीरंदाजी (बालक/बालिका) के लिए तीरंदाजी एरिना के सामने, फुटबॉल (बालिका) एवं एथलेटिक्स (बालक/बालिका) के लिए स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा तथा हॉकी (बालक/बालिका) के लिए हॉकी स्टेडियम पिच-2 में आयोजित चयन ट्रायल में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

    चयन ट्रायल के अंतिम दिन आज चारों खेलों में पंजीकृत कुल 169 खिलाड़ियों की कौशल दक्षता का कड़ाई से परीक्षण किया गया। वरिष्ठ प्रशिक्षकों एवं विशेषज्ञों ने हॉकी और फुटबॉल के 57-57, तीरंदाजी के 23 और एथलेटिक्स के 32 खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण किया। खिलाड़ियों के सटीक मूल्यांकन के लिए खेल के मानकों के आधार पर दक्षता परीक्षण किया गया। 

    प्रशिक्षकों और विशेषज्ञों ने फुटबॉल में पासिंग, ड्रिबलिंग, व्यक्तिगत पोजीशन, मैच सेंस और पोजिशनिंग गेम का परीक्षण किया। वहीं आर्चरी में ड्रॉ लेंथ, आई डोमिनेंस, पोस्चर, मेंटल एबिलिटी तथा 20 मीटर शूटिंग का परीक्षण किया गया। एथलेटिक्स के अंतर्गत 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर, 3000 मीटर दौड़, पैदल चाल, हाई जंप, लॉन्ग जंप, गोला फेंक, तवा फेंक, भाला फेंक इत्यादि का परीक्षण किया गया। 

    हॉकी में परफेक्शन और एक्युरेसी स्किल टेस्ट के तहत हिट, पुश, स्कूप, स्टॉपिंग, रिसीविंग, टैकलिंग, क्लीयरेंस, पेनल्टी कॉर्नर इंजेक्टर, ड्रैगर, हिटर और गोलकीपर के लिए टी-टेस्ट जैसी तकनीकी योग्यताओं का बारिकी से आकलन किया गया।

  • जनरेशन कंपनी एमडी एस.के. कटियार के कार्यकाल में पुन: वृद्धि

    जनरेशन कंपनी एमडी एस.के. कटियार के कार्यकाल में पुन: वृद्धि

    जनरेशन कंपनी एमडी एस.के. कटियार के कार्यकाल में पुन: वृद्धि

    राज्य शासन ने 31 मार्च 2027 तक कार्यकाल बढ़ाया

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक संजीव कुमार कटियार के कार्यकाल में राज्य शासन ने पुन: वृद्धि की है। वे  ऊर्जा विभाग द्वारा इस संबंध में जारी आदेश में उनके कार्यकाल में 31 मार्च 2027 तक वृद्धि की गई है। 

     कटियार के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में वित्त वर्ष 2023-24 में एबीवीटीपीएस मारवा के प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) को 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 84.4 प्रतिशत करना उल्लेखनीय है। इसके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी 33 राज्य जनित निगमों में प्रथम स्थान पर रही। इसी तरह कोरबा पश्चिम ताप विद्युत संयंत्र में जटिल स्टेशन नियंत्रण एवं इंस्ट्रूमेंटेशन सिस्टम के नवीनीकरण का कार्य महज 46 दिनों में पूरा किया गया।

    मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक श्री कटियार प्रमाणित ऊर्जा लेखा परीक्षक हैं तथा उन्होंने प्रबंधन में डिप्लोमा भी प्राप्त किया है। उनकी कार्यशैली में स्पष्ट दिशा-निर्देश, टीम को प्रेरित करना और अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए सशक्त बनाना प्रमुख है।

     

  • हादसों के ब्लैक स्पॉट पर परिवहन  विभाग की सख्ती

    हादसों के ब्लैक स्पॉट पर परिवहन  विभाग की सख्ती

    हादसों के ब्लैक स्पॉट पर परिवहन  विभाग की सख्ती

    वाहनों से वसूला 31,200 रुपए जुर्माना

    रायपुर

    जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में सड़क हादसों पर  अंकुश लगाने परिवहन विभाग ने भौतिक निरीक्षण और  प्रवर्तन कार्रवाई तेज कर दी है। हाईकोर्ट बिलासपुर के निर्देशों के पालन में परिवहन आयुक्त कार्यालय के मार्गदर्शन में  परिवहन उड़नदस्ता रायपुर की टीम ने टाटीबंध, भाटागांव,  बेमता-भूमिया, सिलतरा ओवरब्रिज-निको कंपनी गेट और  पारागांव-निस्दा मोड़ सहित  संवेदनशील क्षेत्रों में जांच  अभियान चलाया।

    टाटीबंध में घुमावदार चौक होने के कारण रॉन्ग साइड वाहन चलाने की शिकायतों के  मद्देनजर टीम ने वाहन चालकों की जांच की और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की। भाटागांव और सिलतरा  ओवरब्रिज से निको कंपनी गेट मार्ग पर भी रॉन्ग साइड वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की गई।

    बेमता से भूमिया मार्ग पर  रायपुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग के डिवाइडर को स्थानीय लोगों ने आवाजाही की सुविधा के लिए कई जगह से काटकर  रास्ता बना लिया है। इससे खासकर दोपहिया  वाहन चालकों के दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। टीम ने ऐसे रास्तों का  इस्तेमाल करने वाले वाहन  चालकों पर कार्रवाई कर उन्हें समझाइश दी। इन अवैध कटों को बंद करने के लिए लोहे की जाली लगाने की कार्रवाई भी शुरू की गई है।
    इसी तरह पारागांव से निस्दा मोड़ के बीच घुमावदार मार्ग  पर डिवाइडर काटकर बनाए  गए रास्ते को भी दुर्घटना की  दृष्टि से संवेदनशील माना गया। यहां स्कूली बच्चों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को  सड़क सुरक्षा के प्रति  जागरूक किया गया।

    परिवहन विभाग के लगातार जांच अभियान में रॉन्ग साइड ड्राइविंग और अनधिकृत  पार्किंग के मामलों में 15  वाहनों पर कार्रवाई कर  31,200 रुपए का चालान  किया गया। विभाग का कहना है कि  हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण और सख्त प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।