Category: छत्तीसगढ़

  • नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उप अभियंताओं को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र

    नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उप अभियंताओं को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मंत्रालय महानदी भवन में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास के क्षेत्र में तीन महत्वपूर्ण पहलों को आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री  साय ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में चयनित युवा उप अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। नागरिकों तक शासकीय डिजिटल सेवाओं की पहुंच को अधिक व्यापक और सुविधाजनक बनाने के लिए छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू किया गया। साथ ही नवा रायपुर में प्रस्तावित नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा गया।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर, नागरिकों को सरल और पारदर्शी शासकीय सेवाएं तथा नई पीढ़ी को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक कौशल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार रोजगार सृजन, कौशल विकास, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक अधोसंरचना को एक-दूसरे से जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ नागरिकों तक आसानी और समयबद्धता के साथ पहुंचे। तकनीक के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम की जा रही है। वहीं युवाओं को सरकारी सेवाओं के साथ उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता और कौशल आधारित रोजगार के लिए भी तैयार किया जा रहा है।

    नवा रायपुर के निर्माण में युवा अभियंताओं की होगी महत्वपूर्ण भूमिका

    मुख्यमंत्री  साय ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में उप अभियंता के पद पर चयनित युवा अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने नवनियुक्त अभियंताओं के अभिभावकों को भी बधाई दी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर भविष्य के छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं का शहर है। यहां आधुनिक अधोसंरचना, गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं और योजनाबद्ध विकास को निरंतर विस्तार दिया जा रहा है। नवनियुक्त अभियंताओं को इस आधुनिक शहर के निर्माण और विकास में योगदान देने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है।

    उन्होंने युवा अभियंताओं से कहा कि वे अपने ज्ञान और तकनीकी दक्षता का उपयोग जनहित में करते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। विभिन्न विभागों में नियमित भर्तियां की जा रही हैं और भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाया गया है। सभी युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं हो सकतीं, इसलिए राज्य सरकार उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता, स्टार्टअप और कौशल विकास के माध्यम से भी व्यापक अवसर तैयार कर रही है।

    उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति 2024-30 में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों के एमओयू हुए हैं और अनेक परियोजनाओं पर धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है। आने वाले वर्षों में लगभग पौने दो लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य है। स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्योगों के लिए औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से पारदर्शी चयन प्रक्रिया को मजबूत किया गया है। गरीब, किसान और सामान्य परिवारों के बच्चे अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर चयनित होकर आगे बढ़ रहे हैं। भर्ती प्रक्रियाओं को और गति देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का भी गठन किया गया है।

    डिजिटल गवर्नेंस को नई गति, चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। चिप्स की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी  मयंक अग्रवाल तथा कॉमन सर्विस सेंटर स्पेशल पर्पस व्हीकल की ओर से स्टेट हेड  जय नारायण पटेल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

    इस एमओयू के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल पर उपलब्ध नागरिक-केंद्रित सेवाओं को कॉमन सर्विस सेंटर के डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जाएगा। इसी तरह कॉमन सर्विस सेंटर पर उपलब्ध सेवाओं को सेवा सेतु से जोड़ने की दिशा में कार्य होगा। इससे नागरिकों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की आवश्यकता कम होगी और अधिक सेवाएं उनके नजदीकी केंद्रों पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।

    कॉमन सर्विस सेंटर और सेवा सेतु केंद्रों की पहचान को नागरिकों के लिए अधिक सरल बनाने के उद्देश्य से इन केंद्रों पर एकरूप ब्रांडिंग और साइनबोर्ड लगाए जाएंगे। केंद्रों पर उपलब्ध प्रमुख सेवाओं की जानकारी भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अंतिम छोर तक शासकीय सेवाएं पहुंचाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के ग्राम स्तरीय उद्यमी नेटवर्क और सेवा सेतु केंद्रों का समन्वित उपयोग किया जाएगा।

    16 हजार से अधिक सेवा सेतु केंद्र, 54 लाख से अधिक आवेदन

    वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं 16,619 केंद्रों के जरिए ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक सेवा सेतु पोर्टल पर 54 लाख 23 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है।

    प्रदेश में 28,450 सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी 600 से अधिक शासकीय एवं व्यावसायिक सेवाएं नागरिकों को प्रदान की जा रही हैं। एमओयू के बाद सेवा सेतु की 907 शासकीय सेवाओं की पहुंच सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटरों तक भी विस्तारित होगी। इससे विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को अपने नजदीक ही अधिक सेवाएं प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।

    एक हजार से अधिक सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सेवा सेतु को नागरिक सेवाओं के एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार की सेवाओं के साथ केंद्र सरकार की 166 सेवाओं को भी इससे जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। इससे एक हजार से अधिक सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ, पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का उद्देश्य नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर से बचाना, सेवाओं की डिलीवरी को समयबद्ध बनाना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जवाबदेही बढ़ाना है।

    उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी शुरू की गई है। इससे तहसीलदार से लेकर सचिव स्तर तक लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हैं और शिकायतों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। शासन का प्रयास है कि नागरिक को अपनी समस्या लेकर व्यवस्था के पीछे न जाना पड़े, बल्कि व्यवस्था स्वयं उसके समाधान के लिए जवाबदेह बने।

    नवा रायपुर में लगभग 250 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट

    कार्यक्रम में नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र भी सौंपा गया। प्रस्तावित संस्थान के निर्माण पर लगभग 250 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। यहां प्रतिवर्ष करीब 4 हजार युवाओं को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण देने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

    संस्थान में लगभग 20 अलग-अलग ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों और रोजगार बाजार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा, जिससे युवाओं को नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो और वे रोजगार के साथ स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों का भी लाभ उठा सकें।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए आधुनिक कौशल और रोजगार के अवसरों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। बदलती तकनीक के इस दौर में युवाओं को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप आधुनिक कौशल से लैस करना भी आवश्यक है। यह संस्थान प्रदेश के युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा और कौशल संस्थानों के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा नवा रायपुर :  ओ.पी. चौधरी

    आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने नवनियुक्त युवा अभियंताओं और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें नवा रायपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे आधुनिक शहर के निर्माण में योगदान देने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है। अधोसंरचना किसी भी राज्य के आर्थिक विकास की बुनियाद होती है और गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना के निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
     चौधरी ने कहा कि सरकारी नौकरी के प्रति युवाओं का आकर्षण स्वाभाविक है, लेकिन वर्तमान समय में रोजगार और करियर की संभावनाएं केवल सरकारी क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। निजी क्षेत्र, उद्यमिता, तकनीक और कौशल आधारित क्षेत्रों में भी व्यापक अवसर पैदा हो रहे हैं। राज्य सरकार सरकारी भर्तियों के साथ युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

    वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया युवाओं में व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत करती है। उन्होंने नवनियुक्त अभियंताओं का आह्वान किया कि जिस पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से उन्हें सेवा का अवसर मिला है, उसी भावना के साथ वे अपने पूरे सेवाकाल में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

    नागरिकों को केंद्रों पर स्पष्ट रूप से मिलेगी उपलब्ध सेवाओं की जानकारी

    सचिव  अंकित आनंद ने बताया कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देशानुसार सेवा केंद्रों पर नागरिकों से जुड़ी प्रमुख सेवाओं की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएगी। इनमें जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, बिजली कनेक्शन, भूमि उपयोग संबंधी जानकारी, व्यापार अनुज्ञप्ति, निर्माण श्रमिक पंजीयन, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सेवाएं शामिल हैं।
    इसके साथ ही केंद्र सरकार से संबंधित आधार, आयुष्मान, गैस कनेक्शन, पैन कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन, फसल बीमा, फास्टैग, उद्यम परिचय पत्र, कृषि ड्रोन सेवा तथा निजी बैंकों से जुड़ी सेवाएं भी नागरिकों को उपलब्ध होंगी। 

    इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  चंदन कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा नवनियुक्त अभियंता उपस्थित थे।

  • जनभागीदारी से रेडक्रॉस के सेवा कार्यों को दें विस्तार : चैयरमेन तोमन साहू

    जनभागीदारी से रेडक्रॉस के सेवा कार्यों को दें विस्तार : चैयरमेन तोमन साहू

    जनभागीदारी से रेडक्रॉस के सेवा कार्यों को दें विस्तार : चैयरमेन तोमन साहू

    रक्तदान, अंगदान और नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने युवाओं को जोड़ने पर जोर

    बिल्हा के विद्यालयों में मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति चलेगा जागरूकता अभियान

    बिलासपुर, 
    भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के राज्य चेयरमेन तोमन साहू की अध्यक्षता में जिला शाखा बिलासपुर की समीक्षा बैठक जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई। उन्होंने जनभागीदारी से सेवा कार्यों का विस्तार करने और युवाओं की सक्रिय सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल उपस्थित थे।
          बैठक में जूनियर रेडक्रॉस एवं यूथ रेडक्रॉस को मजबूत करने, सदस्यता अभियान को गति देने तथा रक्तदान एवं अंगदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर चर्चा हुई। सिकल सेल, टीबी एवं मलेरिया नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय से कार्य करने पर जोर दिया गया। नशामुक्ति अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं एवं यूथ रेडक्रॉस के युवाओं की सहभागिता से नुक्कड़ नाटक, लघु चलचित्र और अन्य माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जाएगा। सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के विभिन्न स्थानों पर आयोजित रक्तदान शिविरों की जानकारी बैठक में दी गई। इन शिविरों में रक्तदान के साथ रक्त शर्करा, रक्तचाप, हीमोग्लोबिन एवं सिकल सेल की निःशुल्क जांच भी की जा रही है। शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित जिला स्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता की जानकारी भी दी गई।
          बस्ता एजुकेशन एंड हेल्थ फाउंडेशन की संस्थापक सुविनीता पटेल ने ‘प्रोजेक्ट आरुग’ के अंतर्गत मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति प्रस्तावित जागरूकता अभियान की विस्तृत जानकारी दी। एसईसीएल से सामाजिक उत्तरदायित्व मद में प्राप्त 48.96 लाख रुपये की राशि से रेडक्रॉस के सहयोग से बिल्हा विकासखंड के 114 हाई स्कूल एवं कुछ माध्यमिक विद्यालयों में अभियान संचालित किया जाएगा। बैठक में रेडक्रॉस कार्यालय के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय परिसर में स्थल चयन की जानकारी दी गई। भविष्य में रक्त भंडारण केंद्र की स्थापना, अंगदान के लिए जिला स्तरीय समिति के गठन तथा युवाओं को ‘युवोदय रेडक्रॉस मितान योजना’ से जोड़ने पर भी चर्चा हुई।
          बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पांडेय, राज्य शाखा के वाइस चेयरमेन बालाराम साहू एवं सदस्य केशव साहू, प्रबंध समिति के चेयरमेन डॉ. बी.एल. गोयल, कोषाध्यक्ष अमरजीत सिंह दुआ, राज्य प्रतिनिधि ब्रजेन्द्र शुक्ला, प्रबंध समिति के सदस्य डॉ. राजीव अवस्थी, सुरेन्द्र गुम्बर एवं श्रीकांत सहारे, रेडक्रॉस सचिव डॉ. शुभा गरेवाल, नोडल अधिकारी डॉ. एम.ए. जीवानी, जिला समन्वयक सौरभ सक्सेना एवं सहायक जिला अधिकारी आदित्य पांडेय उपस्थित थे। लक्ष्मीनारायण मिश्रा, मनीष मिश्रा, रेडक्रॉस औषधि केंद्र के प्रबंधक सुशील राजपूत, सुविनीता पटेल, श्रीमती गीतेश्वरी चंद्रा, अन्नू पटेल, यश शर्मा, पूजा कैवर्त एवं प्रीति चंद्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, चिकित्सक एवं रक्त बैंक के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।

     

  • धमतरी का बेंद्रानवागांव बना ‘हर घर जल’ प्रमाणीकृत ग्राम

    धमतरी का बेंद्रानवागांव बना ‘हर घर जल’ प्रमाणीकृत ग्राम

    ​नल से जल, स्वावलंबन से कल

     धमतरी का बेंद्रानवागांव बना ‘हर घर जल’ प्रमाणीकृत ग्राम
    ​
    रायपुर

            जब पानी घर के आंगन और चौखट तक पहुँचता है, तो केवल एक जीवनदायिनी सुविधा ही नहीं बदलती, बल्कि गाँव की दिनचर्या, स्वच्छता और पूरे ग्रामीण जनजीवन की तस्वीर बदल जाती है। सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की कल्याणकारी योजनाओं को जन-भागीदारी के ज़रिए धरातल पर उतारने की एक अनुकरणीय मिसाल धमतरी विकासखंड के ग्राम बेंद्रानवागांव से सामने आई है। दूर-दराज से पानी ढोने की मजबूरी को पीछे छोड़ते हुए बेंद्रानवागांव अब आधिकारिक रूप से ‘हर घर जल’ प्रमाणीकृत ग्राम घोषित हो चुका है। इसके साथ ही यह धमतरी विकासखंड का 137वां प्रमाणीकृत गाँव बन गया है। यह उपलब्धि महज़ एक औपचारिक प्रमाण-पत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि गाँव के प्रत्येक परिवार तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की पहुँच और इस व्यवस्था को निरंतर बनाए रखने के सामूहिक संकल्प की प्रतीक है।
             ​इस सफलता की नीव प्रशासनिक दक्षता और जन-भागीदारी के बेहतरीन तालमेल से रखी गई। योजना का कार्य पूर्ण होने के बाद ग्राम पंचायत के सरपंच ने 24 सितंबर 2026 को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को इसकी आधिकारिक सूचना दी। इसके उपरांत 30 सितंबर को गाँव में एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें पंचायत के प्रतिनिधियों, सचिव, गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता ने ग्राम सभा में उपस्थित होकर योजना के उद्देश्यों, जलापूर्ति व्यवस्था, संचालन और इसके रखरखाव की बारीकियों को ग्रामीणों के साथ साझा किया। ग्रामीणों ने इस नई व्यवस्था पर पूर्ण संतोष व्यक्त किया, जिसके बाद सरपंच द्वारा विभाग को प्रमाणीकरण प्रमाण-पत्र सौंपा गया और विभाग की ओर से योजना का हस्तांतरण पत्र ग्राम पंचायत को जारी कर दिया गया।
              ​बेंद्रानवागांव की इस विकास यात्रा की सबसे खास बात सुविधा से आगे बढ़कर स्वावलंबन की ओर बढ़ना है। अब इस जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन और संधारण की पूरी कमान गाँव स्वयं संभालेगा। इसके लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (पानी समिति) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। योजना को दीर्घकालिक और आत्मनिर्भर बनाए रखने के उद्देश्य से पंचायत ने प्रति परिवार 70 रुपये प्रतिमाह जल कर निर्धारित किया है। इस राशि से बिजली बिल के भुगतान के साथ-साथ गाँव में ही कार्यरत पंप ऑपरेटर, इलेक्ट्रिशियन और प्लम्बर की सेवाओं का भुगतान किया जाएगा।
            ​शासन की पहल पर हर घर तक पहुँचा नल का जल अब बेंद्रानवागांव में सामुदायिक सहभागिता का जीवंत उदाहरण बन चुका है। बेंद्रानवागांव का यह सफर स्पष्ट करता है कि जब प्रशासनिक प्रतिबद्धता, पंचायत का मजबूत नेतृत्व और ग्रामीणों की सहभागिता एक साथ जुड़ती है, तो विकास केवल आंकड़ों में दिखाई नहीं देता—वह हर घर की चौखट पर महसूस होता है।

  • राजनीतिक प्रकरणों की वापसी को लेकर अहम बैठक, विजय शर्मा के साथ अरुण साव-लक्ष्मी राजवाड़े-राम विचार नेताम मौजूद

    राजनीतिक प्रकरणों की वापसी को लेकर अहम बैठक, विजय शर्मा के साथ अरुण साव-लक्ष्मी राजवाड़े-राम विचार नेताम मौजूद

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में राजनीतिक प्रकरण वापसी समिति की हुई अहम बैठक

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी रजवाड़े, कृषि मंत्री राम विचार नेताम बैठक में हुए शामिल

    16 प्रकरणों पर हुई प्रकरणवार समीक्षा, 9 प्रकरणों की हुई अनुशंसा

    रायपुर,
     उप मुख्यमंत्री एवं गृह तथा जेल मंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े प्रकरणों की वापसी के संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में प्रकरण वापसी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, कृषि मंत्री राम विचार नेताम सहित प्रमुख सचिव गृह सुनिहारिका बारीक, प्रमुख सचिव विधि मनीष ठाकुर, गृह सचिव श्रीमती नेहा चंपावत, डीजीपी अरूण देव गौतम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

          बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों में दर्ज राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 16 प्रकरणों की वापसी से संबंधित मामलों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिसमें 8 लंबित प्रकरण शामिल थे, सभी मामलों में से 9 प्रकरणों की अनुशंसा की गई, 02 प्रकरणों को पुनर्विचार के लिए जिलों में भेज दिया गया। इसके अतिरिक्त शेष मामलों को राजनीतिक आंदोलनों से जुड़ा हुआ ना पाते हुए उनको समिति ने विचार कर उन्हें समिति ने अस्वीकृत कर दिया। 

          समिति ने अधिकारियों से पूर्व में अनुसंशित लंबित प्रकरणों, उनकी वर्तमान स्थिति तथा नियमानुसार आगे की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली गई एवं इसकी नियमित समीक्षा करते हुए न्यायालय में लंबित प्रकरणों को भी त्वरित गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने राजनीतिक प्रकरणों की वापसी से जुड़े मामलों की प्रकरणवार समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रक्रियाओं को नियमानुसार आगे बढ़ाने के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की।

  • साय कैबिनेट के बड़े फैसले, मंत्रालय महानदी भवन में हुई बैठक; कई प्रस्तावों को मंजूरी

    साय कैबिनेट के बड़े फैसले, मंत्रालय महानदी भवन में हुई बैठक; कई प्रस्तावों को मंजूरी

    रायपुर 

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

    1. मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में लागू अतिथि व्याख्याता नीति (पॉलिसी)-2024 में प्रशासकीय अनुमोदन उपरांत जारी संशोधित नीति-2026 का कार्याेत्तर अनुमोदन किया गया। संशोधित नीति में पूर्व की व्यवस्था को और अधिक स्पष्ट करते हुए यह प्रावधान किया गया है कि मेरिट सूची में एक ही श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के अंक समान होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी। साथ ही, अनुभव के लिए निर्धारित अधिकतम 30 अंकों के अंतर्गत अब शासकीय महाविद्यालय के साथ राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम 5 माह अध्यापन कार्य पूर्ण करने पर 5 अंक दिए जाने का प्रावधान किया गया है। पूर्व नीति में राजकीय विश्वविद्यालय में किए गए अध्यापन अनुभव का यह लाभ स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं था।

    मंत्रिपरिषद द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि शासकीय महाविद्यालयों के साथ राजकीय विश्वविद्यालयों के विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं के कार्यानुभव का उपयोग करते हुए उन्हें रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर दिया जाए तथा मानदेय निर्धारण में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए कालखण्ड आधारित व्यवस्था के स्थान पर कार्य-दिवस आधारित मानदेय व्यवस्था लागू की जाए। अतिथि व्याख्याताओं एवं अन्य अतिथि शैक्षणिक अमले के कार्य-दायित्व, कार्य-अवधि एवं आकस्मिक अवकाश संबंधी प्रावधानों को भी स्पष्ट किया गया है।

    2. मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री जी द्वारा 10 सितम्बर, 2026 को फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने की घोषणा के परिपालन में, फिल्म के प्रदर्शन पर प्रवेश हेतु देय राज्य माल और सेवा कर (एस.जी.एस.टी.) के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति सिनेमाघरों को किए जाने हेतु वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी आदेश का अनुसमर्थन किया गया।

    3. मंत्रिपरिषद द्वारा पूर्व अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। इसके तहत पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ मिलेगा।

    अब इस आरक्षण को लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026 बनाया गया है, जिसका मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया है। इन नियमों में नियुक्ति एवं सेवा शर्तें, भर्ती के मापदंड, आरक्षण और चयन प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

  • आंगन मिलन सेवा में स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश

    आंगन मिलन सेवा में स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश

    सेवा संकल्प अभियान 

    आंगन मिलन सेवा में स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश

    बिलासपुर
    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत मस्तुरी ब्लॉक के ग्राम मनिकचौरी में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समुदाय के लोगों को स्वस्थ हृदय के लिए आवश्यक सावधानियों, संतुलित जीवनशैली और हृदय रोगों से बचाव के उपायों के बारे में स्वास्थ्य शिक्षा एवं जागरूकता प्रदान की गई।
          कार्यक्रम के दौरान लोगों को बताया गया कि स्वस्थ हृदय के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार का सेवन, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त आराम और तनाव से बचाव बेहद जरूरी है। साथ ही समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने तथा शरीर में दिखाई देने वाले किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करने के लिए प्रेरित किया गया। स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में लोगों को दैनिक जीवन में स्वस्थ आदतों को अपनाने, खान-पान में सावधानी बरतने और शारीरिक रूप से सक्रिय रहने का संदेश दिया गया। हृदय रोगों से बचाव के लिए जीवनशैली में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलावों के महत्व को समझाते हुए समुदाय के लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। आंगन मिलन सेवा के माध्यम से ग्रामीण समुदाय तक स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी पहुंचाने और लोगों में स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
     

  • मंगला में सेवा संकल्प अभियान के तहत जल संरक्षण और स्वच्छता गतिविधियां आयोजित

    मंगला में सेवा संकल्प अभियान के तहत जल संरक्षण और स्वच्छता गतिविधियां आयोजित

    मंगला में सेवा संकल्प अभियान के तहत जल संरक्षण और स्वच्छता गतिविधियां आयोजित

    बिलासपुर
    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत मंगला में जल संरक्षण एवं स्वच्छता को लेकर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जल स्रोत सुधार, नदी घाट स्वच्छता अभियान, जल चौपाल एवं जल संकल्प जैसी गतिविधियां मंगला (पासीद) एनीकट क्षेत्र में की गईं।
        कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत बिल्हा के अध्यक्ष श्री रामकुमार कौशिक तथा श्री सोमेश तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा नागरिकों को जल के महत्व और उसके संरक्षण के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में कुल 121 नागरिकों ने सहभागिता निभाई। जल स्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण के साथ ही लोगों ने जल की बर्बादी रोकने और भविष्य के लिए जल बचाने का संकल्प लिया। आयोजन के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने और स्वच्छ एवं सुरक्षित जल स्रोतों के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
        इस अवसर पर सेवा सहकारी समिति पासीद के अध्यक्ष नारोत्तम यादव, उपाध्यक्ष मनोज साहू, ग्राम पंचायत मंगला के सरपंच प्रतिनिधि उमेश खुसरो, पूर्व सरपंच घनश्याम यादव, जल संसाधन निर्माण उपसंभाग बिलासपुर के बी.एम. चौहान तथा उप अभियंता कुमारी श्रुति गौरहा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं नागरिक मौजूद रहे।

     

  • 24 नवंबर से 15 जनवरी तक कई ट्रेनें रद्द, टाटानगर-पुणे-नांदेड़ रूट के यात्री जरूर देखें सूची

    24 नवंबर से 15 जनवरी तक कई ट्रेनें रद्द, टाटानगर-पुणे-नांदेड़ रूट के यात्री जरूर देखें सूची

    रायपुर
     राजधानी रायपुर से महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और ओडिशा जाने वाले यात्रियों को आने वाले दिनों में परेशानी हो सकती है। रेलवे ने चक्रधरपुर मंडल में अप व डाउन लाइन पर ट्रैक नवीनीकरण का कार्य के चलते मेगा ब्लाॅक लिया है। इसके तहत 24 नवंबर से 15 जनवरी तक टाटानगर, पुणे और नांदेड़ की कई ट्रेनें रद रहेंगी।

    टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस और साउथ बिहार एक्सप्रेस इस मार्ग की प्रमुख ट्रेने है। इसके रद्द होने से दैनिक यात्रियों का आवागमन प्रभावित होगा। पुणे और नांदेड़ जाने वाले यात्रियों को भी इस दौरान सीधा साधन नहीं मिलेगा। उत्कल और साउथ बिहार एक्सप्रेस का मार्ग बदलने से रायपुर पहुंचने के समय में बदलाव होगा। मेगा ब्लाक के कारण इस रूट की अन्य ट्रेनों में भीड़ बढ़ेगी और यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने में समस्या होगी।

    रद होने वाली ट्रेनें:
    टाटानगर-इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस (18109/18110): 24 व 27 नवंबर ; 1, 4, 8, 11, 15, 18, 22, 25 व 29 दिसंबर और 1, 5, 8, 12 व 15 जनवरी को रद्द रहेगी।

    नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस (12767): 23 व 30 नवंबर ; 7, 14, 21 व 28 दिसंबर और 4 व 11 जनवरी को रद्द रहेगी।

    सांतरागाछी-नांदेड़ एक्सप्रेस (12768): 25 नवंबर ; 2, 9, 16, 23 व 30 दिसंबर और 6 व 13 जनवरी को रद्द रहेगी।

    सांतरागाछी-पुणे हमसफर (20822): 21 व 28 नवंबर ; 5, 12, 19 व 26 दिसंबर और 2 व 9 जनवरी को रद्द रहेगी।

    पुणे-सांतरागाछी हमसफर (20821): 23 व 30 नवंबर ; 7, 14, 21 व 28 दिसंबर और 4 व 11 जनवरी को रद्द रहेगी।

    परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ियां:
    ऋषिकेश-पुरी कलिंग उत्कल एक्सप्रेस (18478): 23 व 30 नवंबर ; 7, 14, 21 व 28 दिसंबर और 4 व 11 जनवरी को ईब-झारसुगुड़ा रोड-संबलपुर सिटी-कटक मार्ग से चलेगी।

    आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस (13288): 26 नवंबर ; 3, 10, 17, 24 व 31 दिसंबर और 7 व 14 जनवरी को टाटानगर-गामहारिया को छोड़कर कांद्रा-सीनी मार्ग से दुर्ग आएगी।

  • CG कृषि योजनाओं के लिए ₹181.99 करोड़ जारी, RKVY और कृषि उन्नति योजना की दूसरी किस्त

    CG कृषि योजनाओं के लिए ₹181.99 करोड़ जारी, RKVY और कृषि उन्नति योजना की दूसरी किस्त

     रायपुर
     कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने प्रदेश को 181.99 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इसमें राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 91.20 करोड़ और कृषि उन्नति योजना के तहत 90.79 करोड़ रुपये शामिल हैं।

    कृषि मंत्रियों का सम्मेलन और केंद्रीय मंत्री से मुलाकात
    नई दिल्ली में 28 और 29 सितंबर को रबी अभियान 2026 के तहत देशभर के कृषि मंत्रियों का सम्मेलन हुआ। इसी दौरान कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री ने उन्हें दोनों योजनाओं के तहत दूसरी किस्त की राशि जारी किए जाने की जानकारी दी।

    रबी फसल और अभियानों पर विशेष ध्यान 
    राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन के दौरान रबी सीजन की तैयारियों और केंद्र सरकार की कृषि योजनाओं को छत्तीसगढ़ में प्रभावी ढंग से लागू करने को लेकर विस्तृत मंथन किया गया। बैठक में किसानों तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने और कुल कृषि उत्पादन में वृद्धि दर्ज करने पर विशेष जोर दिया गया। 

    182 करोड़ रुपये के इस नए आवंटन से प्रदेश में चल रहे विकसित संकल्प अभियान और खेत बचाओ अभियान को मजबूती मिलेगी। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों तक योजनाओं का पारदर्शी लाभ पहुंचाना है। 

    दलहन और तिलहन का रकबा बढ़ाने की योजना
    सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के भीतर दलहन और तिलहन फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाने की विशेष रणनीति पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इसके साथ ही राज्य में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों को बेहतर कृषि व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। स्वीकृत की गई राशि मिलने से प्रदेश की विभिन्न कृषि योजनाओं तथा अभियानों की रफ्तार बढ़ेगी। इससे रबी सीजन के दौरान किसानों को सहायता मिलेगी और खेती से जुड़े अभियानों को जमीनी स्तर पर गति प्राप्त होगी।

    किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने पर जोर
    केंद्रीय मंत्री चौहान ने एक पत्र देते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है। दोनों योजनाओं के तहत मिली राशि से प्रदेश में कृषि से जुड़े कामों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    कृषि विकास और योजनाओं के अधिकतम लाभ के लिए राशि का उपयोग
    कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने राशि जारी करने के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के मिलकर काम करने से प्रदेश के कृषि क्षेत्र को नई गति मिल रही है। राशि का उपयोग कृषि विकास से जुड़े कामों को आगे बढ़ाने और किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने में किया जाएगा।

     

  • रायपुर में गुटखा गोदाम पर DGGI का छापा, कई राज्यों में होती थी सप्लाई; 50+ बोरे बरामद

    रायपुर में गुटखा गोदाम पर DGGI का छापा, कई राज्यों में होती थी सप्लाई; 50+ बोरे बरामद

     रायपुर
     राजधानी रायपुर में गुटखा कारोबार से जुड़े एक ठिकाने पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की टीम ने मंगलवार को छापेमारी की। महाराष्ट्र से मिले इनपुट के आधार पर अधिकारियों की टीम तीन गाड़ियों में शदाणी दरबार मार्केट स्थित एक गोदाम पर पहुंची और वहां दस्तावेजों तथा गुटखा स्टॉक की जांच शुरू की। जानकारी के मुताबिक DGGI को सूचना मिली थी कि गोदाम में बड़ी मात्रा में सितार ब्रांड का गुटखा रखा हुआ है।

    टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली तो 50 से अधिक बोरे गुटखा मिलने की बात सामने आई। अधिकारियों ने मौके पर मिले स्टॉक को जांच के दायरे में लिया है और यह पता लगाया जा रहा है कि गोदाम में रखा माल किस कारोबारी का है। कार्रवाई के दौरान गोदाम मालिक और वहां से जुड़े कुछ अन्य लोगों को भी मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने उनसे स्टॉक, खरीद-बिक्री और परिवहन से संबंधित जानकारी मांगी। टीम ने मौके पर उपलब्ध दस्तावेजों की जांच शुरू की है। पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई महाराष्ट्र से मिले इनपुट के बाद की गई। DGGI अधिकारियों को गुटखा की आपूर्ति और स्टॉक से जुड़े कुछ अहम इनपुट मिले थे, जिसके आधार पर रायपुर स्थित गोदाम को चिन्हित किया गया। इसके बाद टीम ने अचानक दबिश दी। कार्रवाई के दौरान बरामद गुटखा किस नेटवर्क से जुड़ा है, इसकी भी जांच की जा रही है। सूत्रों का दावा है कि गोदाम से मिला माल एक बड़े गुटखा कारोबारी से जुड़ा हो सकता है। 

    हालांकि इस संबंध में DGGI की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर नाम और मालिकाना संबंध की पुष्टि नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी अब सप्लाई चेन, स्टॉक रजिस्टर, बिलिंग और टैक्स भुगतान से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर रही है। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि माल वैध बिलिंग के साथ गोदाम तक पहुंचा था या नहीं और संबंधित कारोबार में GST से जुड़े नियमों का पालन किया गया है या नहीं। इस कार्रवाई को करीब नौ दिन पहले दुर्ग जिले में हुई एक अन्य रेड से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कुम्हारी के स्टेशन चौक क्षेत्र में सेंट्रल GST इंटेलिजेंस की टीम ने एक फैक्ट्री में दबिश दी थी। वहां सितार ब्रांड का गुटखा बनाए जाने की जानकारी सामने आई थी। कार्रवाई के दौरान दो मशीनें और करीब 30 बोरे गुटखा जब्त किए जाने की बात कही गई थी। अब रायपुर में 50 से अधिक बोरे मिलने के बाद एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुट गई हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है 

    कि रायपुर और दुर्ग में मिले स्टॉक के बीच कोई सीधा कारोबारी संबंध है या नहीं। फिलहाल DGGI की टीम दस्तावेजों और बरामद माल की जांच कर रही है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि टैक्स चोरी या अवैध कारोबार से जुड़ा कोई मामला बनता है या नहीं और आगे किसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    3 गाड़ियों में पहुंची थी टीम
    बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र से मिले इनपुट के बाद DGGI के अधिकारी रायपुर पहुंचे। इसके बाद 3 गाड़ियों में टीम कारोबारी के ठिकाने पर पहुंची और जांच शुरू की। मौके पर गोदाम मालिक और कुछ लोगों को भी बुलाया गया और पूछताछ की गई। पूरी कार्रवाई की DGGI की टीम ने वीडियो रिकार्डिंग भी की है।

    गुटखा किंग बंटी से जुड़ रहे तार
    DGGI सूत्रों के अनुसार जिस गोदाम में मंगलवार की दोपहर को दबिश देकर गुटखा जब्त किया गया। वो गुटखा कारोबारी बंटी का बताया जा रहा है। कारोबारी बंटी का दुर्ग में पाटर्नर है, जहां पहले भी कार्रवाई हो चुकी है।

    कारोबारी बंटी महाराष्ट्र से ऑपरेट कर रहा है। महाराष्ट्र में कल्याण के पास फैक्ट्री डाली है। वहीं से गुटखा बनवाकर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मुंबई और उत्तर प्रदेश के कई राज्यों में सप्लाई किया जा रहा है।

    9 दिन पहले सेंट्रल GST ने दुर्ग में मारा था छापा
    9 दिन पहले दुर्ग जिले में सेंट्रल GST इंटेलिजेंस की टीम ने छापा मारा था। कुम्हारी के स्टेशन चौक इलाके में एक फैक्ट्री के अंदर सितार कंपनी का गुटखा बनाया जा रहा था। इस दौरान गुटखा बनाने में इस्तेमाल होने वाली 2 मशीनें और करीब 30 बोरा गुटखा जब्त किया गया था। इसके बाद रायपुर में कार्रवाई हुई है।