Category: छत्तीसगढ़

  • सभी नवप्रवेशित बच्चों को मंत्री मती लक्ष्मी रजवाड़े जी और मंत्री  टंकराम वर्मा जी ने दी शुभकामनाएँ

    सभी नवप्रवेशित बच्चों को मंत्री मती लक्ष्मी रजवाड़े जी और मंत्री टंकराम वर्मा जी ने दी शुभकामनाएँ

    रायपुर

     बाल अधिकारों के संरक्षण, संवर्धन एवं जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से Post Graduate Diploma in Protection of Child Rights (RAKSHAK) पाठ्यक्रम की कक्षाएं प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों में प्रारंभ की गई हैं। इस महत्वपूर्ण पहल के शुभारंभ अवसर पर सभी छह विश्वविद्यालयों के साथ ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई, जिसमें विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं संबंधित पदाधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में माननीय अध्यक्ष महोदया डॉ. वर्णिका शर्मा जी ने सहभागिता की। वहीं उच्च शिक्षा मंत्री माननीय  टंकराम वर्मा जी भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए। उन्होंने सभी छह विश्वविद्यालयों में ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम के शुभारंभ पर बधाई देते हुए बाल अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता और महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। माननीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े जी ने भी ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम के शुभारंभ पर सभी छह विश्वविद्यालयों, विद्यार्थियों एवं संबंधित संस्थानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बाल अधिकारों की रक्षा, बच्चों के सुरक्षित भविष्य तथा समाज में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में इस पहल के महत्व को रेखांकित किया। बैठक में सभी छह विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने बाल अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए साथ मिलकर कार्य करने तथा बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

    कार्यक्रम में बच्चों की भी उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। बच्चों ने बाल अधिकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं व्यक्त करते हुए प्रश्न किए। आयोग की अध्यक्ष एवं सचिव ने बच्चों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्हें बाल अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम का उद्देश्य बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ इस क्षेत्र में प्रशिक्षित एवं संवेदनशील मानव संसाधन तैयार करना है। यह पहल बाल अधिकारों की समझ को व्यापक बनाने तथा बच्चों के संरक्षण के लिए संस्थागत स्तर पर प्रभावी कार्य करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

     ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम के अंतर्गत कक्षाएं निम्नलिखित छह विश्वविद्यालयों में प्रारंभ हुई हैं:-
    1. पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय
    2. कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय
    3. ⁠गहीरा गुरु विश्वविद्यालय
    4. एमिटी विश्वविद्यालय
    5. आंजनेय विश्वविद्यालय
    6. शंकराचार्य विश्वविद्यालय

    सभी छह विश्वविद्यालयों की सहभागिता से ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम बाल अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए एक साझा प्रयास के रूप में आगे बढ़ेगा। इस पहल के माध्यम से बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। बाल अधिकारों की रक्षा, सुरक्षित बचपन की दिशा में एक सशक्त पहल।

  • भिलाई निगम में पेवर ब्लॉक घोटाला मामला गरमाया, उप अभियंता ने सौंपा स्पष्टीकरण

    भिलाई निगम में पेवर ब्लॉक घोटाला मामला गरमाया, उप अभियंता ने सौंपा स्पष्टीकरण

    भिलाई.

    नगर निगम भिलाई की परियोजना शाखा द्वारा कराए गए पेवर ब्लॉक के कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत की संयुक्त जांच में पुष्टि हो गई है। लोक निर्माण विभाग दुर्ग संभाग और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की संयुक्त जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है।

    लोकसभा सांसद दुर्ग विजय बघेल के माध्यम से 06 दिसंबर 2025 को आवेदक संतोष मौर्य, भाजपा जिला महामंत्री, पूर्व पार्षद वार्ड-15 अंबेडकर नगर द्वारा शिकायत की गई थी कि निगम की परियोजना शाखा में पेवर ब्लॉक के कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। इस पर कलेक्टर ने संयुक्त जांच के आदेश दिए थे।

    जांच में क्या मिला
    कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग ने कलेक्टर दुर्ग को सौंपे गए जांच प्रतिवेदन के अनुसार निगम के 29 अनुबंधों की मौके पर जांच की गई। इसमें से 21 अनुबंधों में माप पुस्तिका में दर्ज मात्रा मौके पर कम पाई गई। एनेक्जर-1 के कॉलम 8 में दर्शाई गई कम मात्रा के अनुसार 16,85,457 रुपए का अधिक भुगतान माप पुस्तिका में दर्ज पाया गया। जांच के दौरान 9 अधिकारी उपस्थित थे, जिसमें पीडब्ल्यूडी के अनुविभागीय अधिकारी बी.एल.पीसदा, उपअभियंता मनीष तिवारी, सविता प्रसाद और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के प्रतीक मसीह, राकेश साहू तथा निगम के सहायक अभियंता श्वेता वर्मा, उपअभियंता अर्पित वंजारे, श्वेता महेश्वर, रीमा जांबुलकर शामिल थे।

    कलेक्टर ने दिए कठोर कार्रवाई के आदेश
    जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी दुर्ग अभिजीत सिंह ने भिलाई निगम के आयुक्त को आदेशित किया है। उक्त समस्त कार्यों, स्थलों पर माप दर्ज करने वाले दोषी अभियंताओं तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं आधिक्य राशि की वसूली उनसे करते हुए प्रतिवेदन 15 दिवस के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

    उप अभियंता ने दिया स्पष्टीकरण
    कारण बताओ नोटिस मिलने पर निगम के जोन 1 के उपअभियंता पुरुषोत्तम सिन्हा ने मुख्य अभियंता को लिखित स्पष्टीकरण दिया है। वार्ड 06 नेहरू नगर चौक प्रियदर्शिनी परिसर में वेंडिंग जोन में पेवर ब्लॉक लगाने का कार्य के संबंध में उनका कहना है कि माप पुस्तिका में 378.56 वर्ग मीटर और जांच में 375.20 वर्ग मीटर पाया गया, अंतर 3.36 वर्ग मीटर का है, जिसकी राशि 2123.00 रुपये है। वर्तमान में पुनः माप पर 33.35 मी. गुणा 11.35 मी. 378.52 वर्ग मी. पेवर ब्लॉक लगा पाया गया हैं, जो एमबी के अनुरूप है। माप, वास्तविक प्रगति और तत्कालीन स्थल परिस्थिति के अनुसार की गई थी। माप की विधि और वर्तमान तिथि में अंतर, कार्य के निष्पादन परिवर्तन के कारण मामूली अंतर संभव है। किसी ठेकेदार को अनुचित लाभ नहीं पहुंचाया, न निगम को क्षति पहुंचाई जांच दल ने बिना सूचना के उनकी अनुपस्थिति में मापांकन किया, वे संयुक्त पुनः सत्यापन के लिए तैयार हैं।

  • धमतरी में पेयजल सुरक्षा का बड़ा अभियान, 3,110 जल बहिनियां कर रहीं पानी की जांच

    धमतरी में पेयजल सुरक्षा का बड़ा अभियान, 3,110 जल बहिनियां कर रहीं पानी की जांच

    जल जीवन मिशन से 'सुरक्षित छत्तीसगढ़'

     धमतरी में बारिश के बाद पेयजल सुरक्षा का महाअभियान, 3,110 जल बहिनियां संभाल रहीं मोर्चा

    ​रायपुर
          मानसून के अंतिम दौर में भारी बारिश के बाद जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए धमतरी जिले में पेयजल स्रोतों की स्वच्छता और गुणवत्ता की निगरानी के लिए व्यापक अभियान शुरू किया गया है। 'स्रोत से घर तक सुरक्षित पानी और हर बूंद में भरोसा' के संकल्प के साथ जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) जल जीवन मिशन के तहत पानी की शुद्धता, क्लोरीनेशन और टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित कर रहे हैं।
           ​कलेक्टर के निर्देशानुसार संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बारिश के बाद जलभराव के कारण होने वाली बीमारियों जैसे डायरिया, हैजा, टाइफाइड और हेपेटाइटिस-ए व ई की रोकथाम करना है।

    ​ग्रामीण जल सुरक्षा का मजबूत ढांचा

           धमतरी जिले में सुरक्षित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक विशाल और सुदृढ़ अधोसंरचना निरंतर कार्यरत है। जिले में पेयजल के लिए कुल 16,024 स्रोत उपलब्ध हैं, जिनमें 9,981 हैंडपंप, 718 नल-जल योजनाएं और 2 वृहद समूह जल प्रदाय योजनाएं शामिल हैं, जो दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक पानी पहुंचा रही हैं। पानी के सुरक्षित भंडारण के लिए जिले भर में 548 जल टंकियां बनाई गई हैं। इसके साथ ही, जलापूर्ति को पूरी तरह कीटाणुरहित और सुरक्षित बनाने के लिए 529 आधुनिक क्लोरिनेटर मशीनें स्थापित की गई हैं, जो नमक और पानी के घोल से इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया द्वारा सक्रिय क्लोरीन तैयार कर पानी को सूक्ष्मजीवों और हानिकारक जीवाणुओं से मुक्त रखती हैं।

    ​3,110 'जल बहिनियां' बनीं गांव-गांव की पहरेदार

          ​पेयजल की गुणवत्ता जांच में जनभागीदारी का अनूठा मॉडल प्रस्तुत करते हुए जिले के 623 गांवों में फील्ड टेस्ट किट (FTK) वितरित की गई है। प्रत्येक गांव से 5-5 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है। इस प्रकार 3,110 प्रशिक्षित 'जल बहिनियां' प्राथमिक स्तर पर पानी की नियमित जांच कर रही हैं। यदि जांच में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो विभागीय अमला तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई करता है।

    ​हर सप्ताह 120 घरों और 15 टंकियों के पानी का लैब टेस्ट

          ​जांच व्यवस्था को केवल जलस्रोत तक सीमित न रखते हुए उपभोक्ता के घर तक विस्तारित किया गया है। जिले के चारों विकासखंडों—कुरूद, मगरलोड, धमतरी और नगरी से हर सप्ताह 30-30 यानी कुल 120 घरेलू जल नमूनों का प्रयोगशाला परीक्षण कराया जा रहा है। इसके अलावा हर हफ्ते 15 जल टंकियों की भी विशेष निगरानी की जा रही है।
    ​       ​जिला प्रशासन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने नागरिकों से पेयजल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। पानी के रंग, गंध या स्वाद में किसी भी तरह का असामान्य बदलाव दिखने पर तुरंत ग्राम पंचायत या PHE विभाग को सूचित करने का आग्रह किया गया है, ताकि समय रहते त्वरित कार्रवाई की जा सके।

  • राजनीति से संगीत तक अमित जोगी का सफर, ‘कौआ’ गाने में दिखा नया अंदाज

    राजनीति से संगीत तक अमित जोगी का सफर, ‘कौआ’ गाने में दिखा नया अंदाज

    रायपुर.

    जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी इन दिनों सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं क्योंकि जल्द ही उनका एक गाना रिलीज होने जा रहा है। उन्होंने इससे जुड़ी झलक शेयर की है, जिसमें वह कौअे की आवाज निकालते हुए नजर आ रहे हैं।

    अमित जोगी ने अपने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। उन्होने अपने फेसबुक पर लिखा कि एक शॉर्ट फिल्म लॉन्च करने गया था… और वहाँ पहुँचकर खुद एक गीत रिकॉर्ड कर बैठा! Gaurav R Music में हुई इस recording session की ये छोटी-सी झलक। कुछ बातें शब्दों में नहीं कही जातीं… उन्हें बस गा दिया जाता है। पूरा गीत आ रहा है गांधी जयंती पर। तब तक…
    ज्ञात होकि छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे और जेसीसीजे अध्यक्ष अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के सरेंडर करने और उम्र कैद के फैसले पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अमित जोगी को फिलहाल सरेंडर करने की जरूरत नहीं होगी। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 2 अप्रैल 2026 को वर्ष 2007 में दिए गए निचली अदालत का फैसला पलटते हुए जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को धारा 302 और 120-बी के तहत हत्या की साजिश का दोषी करार दिया था और उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

    हाई कोर्ट ने जोगी को तीन हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश भी दिया था, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल स्थगित कर दिया है। बता दें कि 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में 2007 में रायपुर की विशेष अदालत ने अमित जोगी को बरी कर दिया था, लेकिन रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

  • जामगांव आर में 132/33 केवी उपकेंद्र ऊर्जीकृत, पाटन-अमलेश्वर सर्किट-1 भी हुआ चार्ज

    जामगांव आर में 132/33 केवी उपकेंद्र ऊर्जीकृत, पाटन-अमलेश्वर सर्किट-1 भी हुआ चार्ज

    ट्रांसमिशन कंपनी ने एक ही दिन में हासिल की दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां

    जामगांव आर में 132/33 केवी उपकेंद्र ऊर्जीकृत, पाटन-अमलेश्वर 132 केवी सर्किट-1 का भी सफलतापूर्वक हुआ चार्जिंग एवं कमीशनिंग

    रायपुर, 
     छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने विद्युत पारेषण व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में 30 सितंबर को दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र में नवनिर्मित 132/33 केवी उपकेंद्र, जामगांव आर को सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत एवं कमीशन किया गया। इसके बाद 220/132/33 केवी उपकेंद्र, पाटन में नवनिर्मित 132 केवी लाइन बे के माध्यम से 132 केवी पाटन-अमलेश्वर सर्किट-1 का भी सफलतापूर्वक चार्जिंग एवं कमीशनिंग किया गया।

    जामगांव आर स्थित नवनिर्मित 132/33 केवी उपकेंद्र को 30 सितंबर को प्रातः 11:58 बजे छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने ऊर्जीकृत कर कमीशन किया। इस अवसर पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता, कर्मचारी तथा परियोजना से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

    132 केवी पाटन-अमलेश्वर सर्किट-1 को उसी दिन दोपहर 2:08 बजे पाटन स्थित 220/132/33 केवी उपकेंद्र में नवनिर्मित 132 केवी लाइन बे से सफलतापूर्वक चार्ज एवं कमीशन किया गया। यह कार्य 132 केवी लाइनों के पुनर्विन्यास योजना के अंतर्गत किया गया है। जामगांव आर उपकेंद्र के सफल कमीशनिंग के कुछ ही घंटे बाद इस सर्किट का कमीशन होना पारेषण व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

    जामगांव आर में नवनिर्मित 132/33 केवी उपकेंद्र की स्थापना से पाटन तथा दुर्ग जिले के आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता और गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। वहीं पाटन-अमलेश्वर 132 केवी सर्किट-1 की कमीशनिंग से क्षेत्र की पारेषण व्यवस्था को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी।

    जामगांव आर उपकेंद्र के निर्माण के लिए स्वीकृत परियोजना में 2×40 एमवीए क्षमता का 132/33 केवी उपकेंद्र शामिल है। परियोजना के अंतर्गत पाटन-जामगांव 132 केवी लाइन तथा पाटन उपकेंद्र में अतिरिक्त 132 केवी फीडर बे से संबंधित कार्य भी स्वीकृत किए गए थे।
    इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक एमएस. चौहान, केएस मनोठिया, संजय पटेल, वीके. दीक्षित,  कार्यपालक निदेशक (दुर्ग क्षेत्र) शिरीष शैलेट मुख्य अभियंता (सिविल), संजय तिवारी, अब्राहम वर्गीस,  प्रसन्ना गोस्वामी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, आई. एस. कंवर,  आर. के. तिवारी,  पी. पी. सिंह, अधीक्षण अभियंता, सुनील के. भुआर्या, करुणेश यादव,  विक्रम मंधान, पुष्पा पिल्लई तथा कंचन हिशीकर सहित परियोजना, ईएचटी निर्माण एवं संधारण, उपकेंद्र संचालन एवं संधारण, सिविल तथा सीएंडटीएम से जुड़े अधिकारी, अभियंता, कर्मचारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • छत्तीसगढ़ में जनपद अध्यक्ष की कुर्सी पर संकट, अविश्वास प्रस्ताव के लिए आवेदन

    छत्तीसगढ़ में जनपद अध्यक्ष की कुर्सी पर संकट, अविश्वास प्रस्ताव के लिए आवेदन

    अभनपुर.

    जनपद पंचायत अभनपुर की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जनपद अध्यक्ष चंद्रिका जितेंद्र बंजारे के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कवायद शुरू हो गई है। जनपद पंचायत के कुछ सदस्यों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग को लेकर आवेदन पेश किया है।

    आवेदन के साथ 9 जनपद सदस्यों के हस्ताक्षर भी संलग्न किए गए हैं। खास बात यह है कि 25 सदस्यीय जनपद पंचायत में अध्यक्ष चंद्रिका जितेंद्र बंजारे भाजपा समर्थित हैं, जबकि अविश्वास प्रस्ताव की मांग को लेकर आवेदन करने वाले सदस्य कांग्रेस समर्थित बताए जा रहे हैं। ऐसे में इस आवेदन ने अभनपुर की पंचायत राजनीति में सियासी हलचल बढ़ा दी है।

    आवेदनकर्ताओं ने लगाए गंभीर आरोप
    अविश्वास प्रस्ताव की मांग को लेकर दिए गए आवेदन में सदस्यों ने अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए हैं।आवेदनकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि जनपद पंचायत के निर्वाचित सदस्यों को महत्वपूर्ण निर्णयों में अपेक्षित रूप से विश्वास में नहीं लिया जा रहा है और कार्यप्रणाली को लेकर सदस्यों में असंतोष है। सदस्यों ने इन कारणों का हवाला देते हुए छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम के तहत विशेष सम्मेलन बुलाकर अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने की मांग की है। हालांकि आवेदन में लगाए गए आरोप संबंधित सदस्यों के हैं।

    एसडीएम कार्यालय पहुंचा आवेदन, लेकिन कलेक्टर हैं सक्षम अधिकारी
    मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि आवेदन अभनपुर एसडीएम कार्यालय में प्रस्तुत किया गया, लेकिन अभनपुर एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जनपद पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया के लिए कलेक्टर सक्षम अधिकारी हैं। ऐसे में अब पूरे मामले में जिला प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। आवेदन के आधार पर नियमानुसार क्या कार्रवाई की जाती है और अविश्वास प्रस्ताव के लिए विशेष सम्मेलन बुलाने की प्रक्रिया शुरू होती है या नहीं, यह कलेक्टर स्तर पर तय होगा।

    9 हस्ताक्षर से बढ़ी हलचल, अब प्रशासनिक प्रक्रिया पर नजर
    आवेदन के साथ 9 जनपद सदस्यों के हस्ताक्षर होने का दावा किया गया है। 25 सदस्यीय जनपद पंचायत में इतने सदस्यों के एकजुट होकर अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग करने से राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल मामला आवेदन से आगे वैधानिक प्रक्रिया के चरण में पहुंचने का इंतजार कर रहा है। कलेक्टर के स्तर पर आवेदन का परीक्षण और आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि अविश्वास प्रस्ताव पर विशेष सम्मेलन और मतदान की स्थिति बनती है या नहीं।

    प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें
    अभनपुर जनपद पंचायत में अध्यक्ष पद को लेकर सामने आए इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है। एक तरफ भाजपा समर्थित अध्यक्ष चंद्रिका जितेंद्र बंजारे हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस समर्थित बताए जा रहे जनपद सदस्यों का समूह अविश्वास प्रस्ताव की मांग लेकर सामने आया है। अब राजनीतिक चर्चा से ज्यादा निगाहें कलेक्टर कार्यालय से होने वाली अगली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो जनपद पंचायत की राजनीति में इसका असर व्यापक हो सकता है।

  • बैलेट पेपर से चुनाव की मांग पर टंकराम का जवाब, ‘EVM से कांग्रेस भी सत्ता में आई’

    बैलेट पेपर से चुनाव की मांग पर टंकराम का जवाब, ‘EVM से कांग्रेस भी सत्ता में आई’

    रायपुर.

    कांग्रेस की बैलट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग पर कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर का जमाना खत्म हो गया है. EVM के उपयोग से कांग्रेस ने भी सरकार बनाई है. कांग्रेस को कोई नहीं समझा सकता, कांग्रेस समझने को तैयार ही नहीं है.

    कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने लल्लूराम डॉट कॉम से चर्चा में कांग्रेस के आरोपों पर कहा कि EVM से निष्पक्ष चुनाव होता है, रिजल्ट भी तुरंत आ जाता है. चाहे विधानसभा चुनाव हो, या लोकसभा चुनाव हो. सभी में EVM का उपयोग होता है. EVM में सही निर्णय आता है. वहीं कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनमें आपस में ही द्वंद्व चल रहा है. उन्होंने कहा कि जब से 2023 विधानसभा चुनाव हारे हैं, तब से एक-दूसरे के ऊपर ठीकरा फोड़ रहे हैं. जब सरकार उनकी थी. मिल बांटकर भ्रष्टाचार किए है. देखे हैं छत्तीसगढ़ में किस प्रकार से भ्रष्टाचार हुआ है.

    शराब, कोयला, पीएससी… नाना प्रकार के घोटाले किए हैं, जिसमें सभी की सहभागिता रही थी. अब किसी को मिल नहीं रहा है तो आपस में लड़ रहे हैं. बाढ़ में प्रभावित लोगों को लेकर राजस्व-आपदा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है. बारिश के कारण कई जिलों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है. कई लोग प्रभावित हुए हैं. जो स्थिति हुई है, उसमें कई मकान ढह गए हैं, कई लोगों को क्षति हुई है. कुछ सड़क और पुल-पुलिया भी उसमें बहे हैं. मंत्री ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री ने बस्तर का दौरा किया. मैंने भी तीन-चार जिले का दौरा किया है. इस बाढ़ में मकान टूटे और कई फसल भी चपेट में आई है.

    बाढ़ में आए प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. इसका हमने ध्यान रखा है. जिला प्रशासन को बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए रहने-खाने की व्यवस्था कराने निर्देश दिए हैं. टंक राम वर्मा ने कहा कि मैं भी सिचुएशन की मॉनिटरिंग कर रहा हूं. बाढ़ में फंसे हुए लोगों की बात रही, तो अब पानी सामान्य हो गया है. हमारा राजस्व का अमला वहां जाएगा, और जो क्षति हुई है, उसका सर्वे करेगा. क्षति के हिसाब से प्रभावितों को मुआवजा राशि का वितरण किया जाएगा.

  • बस्तर ओलंपिक के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, तीन चरणों में होगा खेलों का आयोजन

    बस्तर ओलंपिक के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, तीन चरणों में होगा खेलों का आयोजन

    रायपुर.

    बस्तर के युवाओं को खेलों के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी खेल प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले बस्तर ओलंपिक 2026 के लिए आज से पंजीयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस वर्ष प्रतियोगिता का तीसरा आयोजन है। पंजीयन के बाद नवंबर में ब्लॉक स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

    11 खेल विधाओं में मिलेगा मौका
    बस्तर ओलंपिक 2026 में इस बार कुल 11 खेल विधाओं को शामिल किया गया है। युवा अपनी रुचि और खेल क्षमता के अनुसार इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकेंगे। ब्लॉक स्तर से प्रतियोगिता शुरू होने के कारण ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। आयोजन के जरिए स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

    आज से शुरू हुआ पंजीयन
    बस्तर ओलंपिक के लिए पंजीयन प्रक्रिया आज से शुरू कर दी गई है। आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पंजीयन के बाद नवंबर में ब्लॉक स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रशासन की कोशिश है कि अधिक से अधिक युवा इस आयोजन से जुड़ें और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करें।

    युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना उद्देश्य
    बस्तर ओलंपिक का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं है। इसके माध्यम से बस्तर के युवाओं को सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के साथ उनकी प्रतिभा को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। खेलों के जरिए युवाओं को अनुशासन, टीम भावना और प्रतिस्पर्धा का अनुभव देने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर है।

    तीसरे साल आयोजित हो रहा बस्तर ओलंपिक
    बस्तर ओलंपिक का आयोजन इस वर्ष तीसरी बार किया जा रहा है। जिला प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहयोग से प्रतियोगिता का संचालन किया जाता है। पिछले आयोजनों में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया था। इस बार भी आयोजन को व्यापक स्तर पर आयोजित करने और ज्यादा से ज्यादा प्रतिभागियों को जोड़ने की तैयारी की जा रही है।

    नक्सल हिंसा से प्रभावित प्रतिभागी भी बनेंगे आकर्षण
    बस्तर ओलंपिक में नक्सल हिंसा में दिव्यांग हुए प्रतिभागियों और पुनर्वासित सदस्यों की भागीदारी भी खास आकर्षण का केंद्र रहती है। इन प्रतिभागियों को खेल के माध्यम से अपनी क्षमता दिखाने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिलता है। इनकी भागीदारी बस्तर ओलंपिक के सामाजिक उद्देश्य को भी रेखांकित करती है। खेलों के माध्यम से प्रभावित युवाओं और पुनर्वासित सदस्यों को सम्मानजनक मंच देने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    नवंबर में होंगे ब्लॉक स्तरीय मुकाबले
    पंजीयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नवंबर में ब्लॉक स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके बाद प्रदर्शन के आधार पर प्रतिभागियों को आगे के स्तर की प्रतियोगिताओं में अवसर मिलने की उम्मीद है। आयोजन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जारी हैं।

  • जनरेशन कंपनी एमडी एस.के. कटियार के कार्यकाल में पुन: वृद्धि

    जनरेशन कंपनी एमडी एस.के. कटियार के कार्यकाल में पुन: वृद्धि

    जनरेशन कंपनी एमडी एस.के. कटियार के कार्यकाल में पुन: वृद्धि

    राज्य शासन ने 31 मार्च 2027 तक कार्यकाल बढ़ाया

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री संजीव कुमार कटियार के कार्यकाल में राज्य शासन ने पुन: वृद्धि की है। वे  ऊर्जा विभाग द्वारा इस संबंध में जारी आदेश में उनके कार्यकाल में 31 मार्च 2027 तक वृद्धि की गई है। 

    श्री कटियार के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में वित्त वर्ष 2023-24 में एबीवीटीपीएस मारवा के प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) को 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 84.4 प्रतिशत करना उल्लेखनीय है। इसके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी 33 राज्य जनित निगमों में प्रथम स्थान पर रही। इसी तरह कोरबा पश्चिम ताप विद्युत संयंत्र में जटिल स्टेशन नियंत्रण एवं इंस्ट्रूमेंटेशन सिस्टम के नवीनीकरण का कार्य महज 46 दिनों में पूरा किया गया।

    मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक श्री कटियार प्रमाणित ऊर्जा लेखा परीक्षक हैं तथा उन्होंने प्रबंधन में डिप्लोमा भी प्राप्त किया है। उनकी कार्यशैली में स्पष्ट दिशा-निर्देश, टीम को प्रेरित करना और अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए सशक्त बनाना प्रमुख है।

     

  • पाॅवर कंपनी से ईडी वी.के.दीक्षित, सीई प्रशांत बापट सहित नौ कर्मियों को भावभीनी विदाई

    पाॅवर कंपनी से ईडी वी.के.दीक्षित, सीई प्रशांत बापट सहित नौ कर्मियों को भावभीनी विदाई

     पाॅवर कंपनी से ईडी वी.के.दीक्षित, सीई प्रशांत बापट सहित नौ कर्मियों को भावभीनी विदाई 

     रायपुर
     छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी से कार्यपालक निदेशक (टी एण्ड डी) वीरेंद्र कुमार दीक्षित, मुख्य अभियंता (जनरेशन) प्रशांत बापट सहित कुल 9 अधिकारी-कर्मचारियों को भावभीनी विदाई दी गई। पॉवर कंपनीज के मुख्यालय सेवा भवन में आयोजित समारोह में प्रबंध निदेशक (जनरेशन) एस. के. कटियार एवं प्रबंध निदेशक (ट्रांसमिशन) राजेश कुमार शुक्ला ने सेवानिवृत्त ईडी दीक्षित एवं सीई बापट को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। प्रबंध निदेशकगणों ने कहा कि दीक्षित एवं बापट के समर्पण, उत्कृष्ट कार्यशैली एवं अनुभवों से पॉवर कंपनी के विकास कार्यों को नई दिशा और गति मिली हैं। इस अवसर पर सेवानिवृत ईडी दीक्षित एवं बापट ने अपने सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए अपने सेवायात्रा में मिले सहयोग के लिए प्रबंधन, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
          इसी तरह एक अन्य कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी में आयोजित समारोह में मानव संसाधन विभाग में पदस्थ सहायक प्रबंधक कमलेश कुमार गुप्ता, कार्यपालक निदेशक (ट्रांसमिशन) रायपुर कार्यालय में कार्यरत सहायक प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) मो.युसुफ खान तथा दफ्तरी बसंत कुमार विश्वकर्मा, कनिष्ठ अभियंता (सिविल) चंद्रशेखर दीवान, भिलाई संभाग में कार्यरत वरिष्ठ पर्यवेक्षक (परीक्षण) धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव एवं लाइन सहायक श्रेणी-दो घनश्याम सिंह चैहान को सम्मानित कर भावभीनी विदाई दी गई। जनरेशन कंपनी द्वारा भी सेवानिवृत्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें प्रबंध निदेशक (उत्पादन) कार्यालय में सीई प्रशांत बापट को सम्मानित किया गया।
          इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक वी के साय, एम एस चैहान, के एस मनोठिया, एम एस कंवर, सी एल नेताम, संदीप मोदी, संजय शुक्ला, रामायण नामदेव, एस आर बी खंडेलवाल, ए.एम. परियल मुख्य अभियंता देवेंद्र नाथ, संजय तिवारी, अब्राहम वर्गीज, के बी पात्रे, शशि धर द्विवेदी, प्रसन्ना गोसावी, सुभाष शर्मा, डी के चावड़ा, गिरीश गुप्ता, एच एन कोसरिया, आई अंसारी, संजीव सिंह, एम जामुलकर, श्रीमती रश्मि वर्मा, डॉ एच एल पंचारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) गोविंद पटेल एवं प्रकाशन अधिकारी श्रीमती अनामिका मंडावी ने किया। आभार प्रदर्शन अधीक्षण अभियंता पंकज चैधरी ने किया।