Category: छत्तीसगढ़

  • CG हाईकोर्ट का डिजिटल कदम, वेकेशन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से निपटेंगे केस

    CG हाईकोर्ट का डिजिटल कदम, वेकेशन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से निपटेंगे केस

    बिलासपुर.

    सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने संसाधन बचाने और अदालती कामकाज को सुचारू रखने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के निर्देश पर हाई कोर्ट प्रशासन ने समर वेकेशन के लिए एक विशेष सर्कुलर जारी किया है.

    अब छुट्टियों के दौरान मामलों की सुनवाई मुख्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी, ताकि भीषण गर्मी में अधिवक्ताओं और याचिकाकर्ताओं को बेवजह कोर्ट न आना पड़े. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के मार्गदर्शन में जारी परिपत्र के अनुसार, अवकाश अवधि में मामलों की सुनवाई सामान्यतः वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जा सकेगी. इसका उद्देश्य अनावश्यक आवागमन कम करना और संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना बताया गया है. परिपत्र में हाईकोर्ट और जिला न्यायपालिका के कर्मचारियों को सप्ताह में अधिकतम दो दिन “वर्क फ्रॉम होम” सुविधा देने का भी प्रस्ताव रखा गया है. इसके लिए यह शर्त रखी गई है कि कार्यालय में कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति बनी रहे ताकि कामकाज प्रभावित न हो. घर से कार्य करने वाले कर्मचारियों को फोन और अन्य आधिकारिक माध्यमों से उपलब्ध रहना होगा.

    ईंधन बचत और सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए न्यायिक अधिकारियों, रजिस्ट्री अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच कार-पूलिंग व्यवस्था अपनाने का सुझाव भी दिया गया है. साथ ही न्यायाधीशों को भी आवश्यकतानुसार कार-पूलिंग के लिए प्रोत्साहित किया गया है. हाईकोर्ट प्रशासन ने कहा है कि, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने के लिए संबंधित रजिस्ट्री अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे.

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 19 मई को जगदलपुर में होगी 26वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 19 मई को जगदलपुर में होगी 26वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक

    बस्तर में पहली बार आयोजित होगी मध्य क्षेत्रीय परिषद की उच्च स्तरीय बैठक

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का किया आत्मीय स्वागत

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 19 मई को जगदलपुर में होगी 26वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक

    बैठक से अंतरराज्यीय समन्वय, सुरक्षा और विकास को मिलेगी नई दिशा

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 19 मई 2026 का दिन बस्तर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दिन के रूप में दर्ज होने जा रहा है। जगदलपुर में पहली बार केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

    इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने दोनों मुख्यमंत्रियों से विभिन्न समसामयिक विषयों पर सार्थक चर्चा भी की।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर में पहली बार आयोजित हो रही यह उच्च स्तरीय बैठक क्षेत्र के लिए गौरव और विश्वास का विषय है। कभी नक्सली हिंसा की चुनौतियों से जूझने वाला बस्तर आज शांति, सुरक्षा और विकास की नई पहचान बना रहा है। ऐसे समय में देश के वरिष्ठ नेतृत्व और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति बस्तर के बदलते स्वरूप और बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बैठक अंतरराज्यीय समन्वय को नई मजबूती प्रदान करेगी तथा विकसित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बस्तर के निर्माण की दिशा में भी ऐतिहासिक भूमिका निभाएगी।

  • खराब सड़कों पर उद्योग मंत्री सख्त, बोले- डामर का वैकल्पिक रास्ता निकालें और व्यवस्था सुधारें

    खराब सड़कों पर उद्योग मंत्री सख्त, बोले- डामर का वैकल्पिक रास्ता निकालें और व्यवस्था सुधारें

    वैशविक संकट के बीच डामर का वैकल्पिक रास्ता निकाले, सुधारे सड़कों की दशा: उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन

    उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने नगर निगम के कार्यों की समीक्षा

    रायपुर 
    वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुये कहा है कि मिडिल ईस्ट एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के परिणाम स्वरूप हो रही डामर की अनुपलब्धता के कारण सड़कों के डामरीकरण का कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहे, जबकि राशि स्वीकृत कर निविदा आदि की कार्यवाही बहुत पहले की पूरी कर ली गई है, अतः उच्च स्तर पर चर्चा कर वैकल्पिक रास्ता निकाले तथा सड़कों की दशा सुधारें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बरसात से पूर्व नालों एवं नालियों का निर्माण कार्य अनिवार्य रूप से पूरा करायें, विकास कार्याे में अपेक्षित गति लायें तथा जिन निर्माण एजेंसियों द्वारा कार्याे में लापरवाही दिखाई जा रही है, उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करें, उन्हें ब्लेकलिस्ट करें। 

    उक्ताशय के निर्देश उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज कोरबा में आयोजित विकास कार्याे की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये। मंत्री देवांगन ने आज नगर पालिक निगम कोरबा के कोसाबाड़ी, पं.रविशंकर नगर एवं बालको जोन के अधिकारियों व वार्ड पार्षदों की बैठक लेकर इन तीनों जोन के 28 वार्डाे के विकास कार्याे की वार्डवार समीक्षा की। बैठक के दौरान महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन, अशोक चावलानी सहित अन्य वार्ड पार्षद उपस्थित थे। वर्षा ऋतु के आगमन एवं सड़कों का डामरीकरण कार्य न हो पाने को गंभीरता लेते हुये उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि बरसात आने में अब ज्यादा दिन नहीं है, निगम क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कों के डामरीकरण की स्वीकृति बहुत पहले प्राप्त हो चुकी है, निविदा आदि की कार्यवाही भी पूरी हो चुकी है, कार्यादेश भी दिये जा चुके हैं किन्तु मिडिल ईस्ट एशिया में युद्ध के कारण हर जगह डामर की अनुपलब्धता बनी हुई है, जिसके परिणाम स्वरूप कोरबा में भी सड़कों का डामरीकरण कार्य रूका हुआ है, उन्होंने अधिकारियों का मार्गदर्शन करते हुये कहा कि वे उच्च स्तर पर चर्चा करें तथा वैकल्पिक रास्ता निकालकर शहर की सड़कों को सुधारें ताकि आगामी बरसात में शहर वासियों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पडे़। अप्रारंभ विकास कार्याे की वार्डवार समीक्षा करते हुय उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि संबंधित निर्माण एजेंसियों को नोटिस दें तथा कार्याे को शीघ्र प्रारंभ करायें, इसी प्रकार प्रगतिरत विकास कार्येा की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुछ कार्य बीच में रूके हुये हैं, इस पर उद्योग मंत्री देवांगन ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुये अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित निर्माण एजंेसियों को कार्य प्रारंभ करने का नोटिस दें, फिर भी यदि उनके द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता तो उनकी जमा अमानत राशि राजसात करते हुये उन्हें ब्लेक लिस्टेड किये जाने की कार्यवाही करें। 

    उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों से कहा कि विकास व निर्माण कार्याे के संपादन के दौरान संबंधित अभियंतागण कार्याे की निरंतर मानीटरिंग करें, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखें तथा यह अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि विकास कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ संपादित हों तथा कार्य में उपयोग की जाने वाली सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप हों। 

    वार्डवार समीक्षा की, कार्याे में तेजी लाने दिये निर्देश

     बैठक के दौरान उद्योग मंत्री देवांगन ने कोसाबाड़ी, पं.रविशंकर शुक्ल नगर एवं बालको जोन के वार्डाे में विभिन्न मदों, जिला खनिज न्यास मद,  अधोसंरचना, वित्त आयोग मद, मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, राजस्व व आपदा प्रबंधन, प्रभारी मंत्री मद, विधायक मद, सी.एस.आर. मद, महापौर मद, पार्षद निधि, निगम मद सहित अन्य विभिन्न मदों के अंतर्गत किये जाने वाले सी.सी. रोड निर्माण, नाली निर्माण, सामुदायिक भवन, सार्वजनिक शेड मंच, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी, किचन शेड, अहाता व बाउण्ड्रीवाल, शौचालय निर्माण, उप स्वास्थ्य केन्द्र उन्नयन, अतिरिक्त क क्षों का निर्माण, चबूतरा, सांस्कृतिक मंच निर्माण, कलवर्ट, मुक्तिधाम, घाट पचरी निर्माण, तालाब गहरीकरण, कांजी हाउस जीर्णाेद्धार, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था से जुड़े कार्य तथा विद्युत विस्तार व स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की कार्य प्रगति की वार्डवार समीक्षा की तथा कार्याे की कार्यप्रगति में तेजी लाने के  निर्देश दिये। 

    पेयजल आपूर्ति व स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की समीक्षा

     बैठक के दौरान उद्योग मंत्री देवंागन ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था तथा स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की कार्यप्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि सभी वार्ड बस्तियो में पेयजल की आपूर्ति निर्वाध रूप से तथा नियत समय में की जाएं, विद्युत अवरोध, पाईप लाईनों की टूट-फूट या किसी अन्य कारणवश किसी वार्ड व बस्ती में पानी की सप्लाई बाधित होती है तो तत्काल टैंकर के माध्यम से वहॉं पानी उपलब्ध कराया जाए ताकि इस बढ़ती गर्मी में वहॉं के नागरिकों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े। उद्योग मंत्री देवांगन ने निगम द्वारा लगाई जा रही नई स्ट्रीट लाईटों के कार्य में तेजी लाने तथा जिन वार्डाे में स्ट्रीट लाईट लगाई जा रही है, उन सभी वार्डाे में एक साथ कार्य किये जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।

    साफ-सफाई कार्याे में और अधिक कसावट लायें

     उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन बैठक के दौरान उक्त तीनों जोन के 28 वार्डाे की साफ-सफाई व्यवस्था व किये जा रहे सफाई कार्याे की समीक्षा की तथा स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये कि साफ-सफाई कार्याे में और अधिक कसावट लायें। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण में हमारे कोरबा ने स्वच्छता रैंकिंग में देश में 08वॉं स्थान प्राप्त किया था, हम सबको मिलकर इस दिशा में और अधिक मेहनत करनी होगी ताकि हमारा कोरबा देश में नम्बर-01 पर आये तथा छत्तीसगढ़ राज्य व ऊर्जानगरी कोरबा का गौरव बढ़े। 

    समीक्षा बैठक में दिये गये निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें

     इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने निगम के अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि समीक्षा बैठक के दौरान जो भी निर्देश प्रदान किये जा रहे हैं, उनका कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि निगम के विकास व निर्माण कार्याे, नागरिक सेवाओं व सुविधाओं से जुड़े कार्याे की कार्यप्रगति में तेजी के साथ-साथ आमजन की समस्याओं व शिकायतों पर विशेष रूप से फोकस करें तथा प्राप्त शिकायतों का समयसीमा में निराकरण करायें। 

        इस दौरान पार्षद व एम.आई.सी.सदस्य हितानंद अग्रवाल, चन्द्रलोक सिंह, अजय गोंड़, चन्द्रकली जायसवाल, ममता यादव, पंकज देवंागन, राकेश वर्मा, प्रताप सिंह कंवर, धनकुमारी गर्ग, अब्दुल रहमान, सुनीता चौहान, वर्षा दिनेश वैष्णव, सिमरनजीत कौर, सत्येन्द्र दुबे, सीमा कंवर, चंदा देवी, चेतन सिंह मैत्री, मंगलराम बंदे, तरूण सिंह राठौर, रजत खुंटे, अपर आयुक्य विनय मिश्रा, अधीक्षण अभियंता सुरेश बरूआ, जोन कमिश्नर भूषण उरांव, पवन वर्मा, एन.के.नाथ, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी, निगम सचिव रामेश्वर सिंह कंवर आदि के साथ अन्य लोग उपस्थित थे।

  • फिजूलखर्ची पर लगाम: निगम अफसरों के वाहन कम दौड़ेंगे, ट्राइसाइकिल का बढ़ेगा इस्तेमाल

    फिजूलखर्ची पर लगाम: निगम अफसरों के वाहन कम दौड़ेंगे, ट्राइसाइकिल का बढ़ेगा इस्तेमाल

    दुर्ग.

    ईंधन की खपत कम करने नगर निगम दुर्ग ने बड़ा कदम उठाया है। आयुक्त सुमित अग्रवाल के निर्देश के तहत वार्डों में कचरा उठाने वाले वाहनों के फेरे में कटौती की गई है। ट्राइसाइकिल का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किए जाने जोर दिया जा रहा है।

    वहीं, निगम के अफसरों को भी ईंधन कम खपत करने के निर्देश दिए गए हैं। हर माह मिलने वाले ईंधन में 50% की कटौती की गई है। नगर निगम दुर्ग में तरह-तरह की वाहन हैं, सभी वाहनों की अपनी अलग उपयोगिता है। जेसीबी, ट्रक, ट्रैक्टर, डंपर, टाटा एस, पानी टैंकर, मवेशी वाहन, कार, जीप सहित अन्य गाड़ियां निगम के पास है। 60 वार्डों में कचरा उठाने के लिए 60 टाटा एस है, जो रोजाना करीब चार फेरा लगाती है। इसके फेरे में कटौती की जा रही है। इसके अलावा छोटे- छोटे वार्ड में टाटा एस वाहन की जगह ट्राई साइकिल का उपयोग किया जाएगा।

    ट्राई साइकिल के माध्यम से घरों से डोर टू डोर कचरा कलेक्ट कर एसएलआरएम सेंटर में सेग्रीगेशन के लिए डंप करेगा। वहीं अफसरों के वाहनों को प्रतिमाह 80 लीटर दिया जाता था, इसमें कटौती करते हुए अब उन वाहनों के लिए हर माह 40 लीटर डीजल दिया जाएगा। इसी तरह जोन में प्रयुक्त वाहनों की भी कटौती की गई है।

  • आत्मनिर्भरता की ओर कदम: सेवा डेरा में सिलाई, आधार और बैंकिंग प्रशिक्षण से खुलेंगे रोजगार के रास्ते

    आत्मनिर्भरता की ओर कदम: सेवा डेरा में सिलाई, आधार और बैंकिंग प्रशिक्षण से खुलेंगे रोजगार के रास्ते

    जगदलपुर.

    नेतानार का सेवा डेरा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का नया मॉडल बन रहा है. वन मंत्री, विधायक और सांसद ने कैंप का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. यहां आधार सेवा केंद्र, बैंक सखी, सिलाई प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं.

    इमली और राइस प्रोसेसिंग यूनिट से स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की कोशिश है. महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर खास फोकस किया गया है. जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को व्यवस्थाएं मजबूत रखने के निर्देश दिए. इस पहल से गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. ग्रामीणों को अब छोटे-छोटे काम के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा. सेवा डेरा एक मिनी सुविधा केंद्र की तरह काम करेगा. स्थानीय संसाधनों को स्थानीय स्तर पर ही उपयोग करने की योजना है. इससे पलायन पर भी रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है. बस्तर में विकास अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है.

    सुविधा, रोजगार और प्रशासन का नया केंद्र बनेगा
    बस्तर में सुरक्षा कैंप अब केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विकास के केंद्र बनते दिखेंगे. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के तहत नेतानार में पहला सेवा डेरा शुरू होने जा रहा है. जगदलपुर से करीब 25 किमी दूर सीआरपीएफ कैंप में इसकी शुरुआत होगी. गृहमंत्री के हाथों इसका औपचारिक शुभारंभ तय है. दो दिवसीय बस्तर दौरे के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस पहल का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास और विकास को साथ लाना है. सेवा डेरा ग्रामीणों के लिए सुविधा, रोजगार और प्रशासन का नया केंद्र बनेगा. इससे सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच दूरी कम करने की कोशिश होगी. बस्तर में नक्सलवाद के बाद अब विकास की नई कहानी लिखने की तैयारी है. कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं. स्थानीय स्तर पर भी इसे लेकर उत्साह का माहौल है. यह पहल बस्तर के सामाजिक-आर्थिक ढांचे में बदलाव का संकेत मानी जा रही है.

  • साय सरकार की संवेदनशील पहल से मरवाही के छह दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरण, चेहरे पर लौटी मुस्कान

    साय सरकार की संवेदनशील पहल से मरवाही के छह दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरण, चेहरे पर लौटी मुस्कान

    रायपुर

    प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार अब केवल प्रशासनिक शिविर नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनता जा रहा है। मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय सरकार की जन कल्याणकारी सोच और संवेदनशील कार्यशैली का असर अब गांव-गांव तक दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में पेंड्रा-गौरेला- मरवाही जिले के मरवाही विकासखण्ड के ग्राम पंचायत उषाड़ में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर दिव्यांगजनों के लिए राहत और आत्मविश्वास लेकर आया।
           
     शिविर में समाज कल्याण विभाग की सहायक उपकरण प्रदाय योजना के तहत छह दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण वितरित किए गए। वर्षों से दैनिक जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हितग्राहियों को जब व्हील चेयर, श्रवण यंत्र और छड़ी उपलब्ध कराई गई तो उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।
             
    ग्राम पंचायत कटरा निवासी 80 प्रतिशत अस्थि बाधित स्वरूप सिंह पोर्ते को व्हील चेयर प्रदान की गई। व्हील चेयर मिलने के बाद उन्होंने कहा कि अब उन्हें आने-जाने और दैनिक कार्यों में काफी सुविधा होगी। उन्होंने मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस मदद से उनका जीवन पहले की अपेक्षा आसान हो जाएगा।
             
    इसी प्रकार ग्राम उषाड़ की मंगली बाई एवं बेलझिरिया निवासी अकलू राम को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। लंबे समय से सुनने में परेशानी के कारण उन्हें सामान्य बातचीत करने और सामाजिक गतिविधियों में शामिल होने में कठिनाई होती थी, लेकिन अब उन्हें नई उम्मीद मिली है। वहीं उषाड़ की बैसाखिया बाई तथा बेलझिरिया के श्याम सुंदर और श्रीराम को सहारे के लिए छड़ी प्रदान की गई, जिससे उन्हें चलने-फिरने में सुविधा मिलेगी।
              
    सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंच रहा है। मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप प्रशासन अब आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहा है। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार शासन की योजनाओं का लाभ इतनी सहजता और पारदर्शिता के साथ गांव स्तर पर मिल रहा है।

  • सहकारिता कमिश्नर ने खाद, बीज वितरण व्यवस्था का किया औचक निरीक्षण

    सहकारिता कमिश्नर ने खाद, बीज वितरण व्यवस्था का किया औचक निरीक्षण

    रायपुर

    सहकारिता कमिश्नर ने खाद, बीज वितरण व्यवस्था का किया औचक निरीक्षण

    सहकारिता आयुक्त तथा पंजीयक सहकारी समितियांमहादेव कावरे ने आज धमतरी जिले के गाढ़ाडीह और कुहकुहा सहकारी समिति का आकस्मिक निरीक्षण किया।कांवरे ने वहां किसानों को खाद बीज वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। सहकारिता कमिश्नर ने वहां पर समिति के निर्माणाधीन गोदाम का भी निरीक्षण किया और जल्द ही गोदाम के निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।कांवरे ने समिति के प्रंबधक को समिति के अंतर्गत सभी किसानों के केसीसी बनाने के निर्देश दिए।

    समिति के अधिकारियों ने बताया कि समिति को मल्टीपरपज पैक्स के रूप में संचालित करने, कॉमन सर्विस सेंटर की सुविधाएं दी जा रही हैं। इसी तरह जन औषधि केंद्र भी पैक्स से संचालित हो रहे हैं। डेयरी, मत्यपालन और वन समितियों द्वारा लोगों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। निरीक्षण दौरान जिला पंजीयक, सहकारिता विस्तार अधिकारी और समिति प्रबंधक सहित समिति के सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

  • युवाओं के लिए सुनहरा अवसर: 22 को आयोजित रोजगार मेले में हजारों पदों पर भर्ती

    युवाओं के लिए सुनहरा अवसर: 22 को आयोजित रोजगार मेले में हजारों पदों पर भर्ती

    दुर्ग.

    जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, दुर्ग और छत्रपति शिवाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीएसआईटी) के संयुक्त तत्वावधान में 22 मई को एक विशाल जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है।

    जिला रोजगार कार्यालय के उप संचालक से मिली जानकारी के अनुसार, यह आयोजन शिवाजी नगर स्थित सीएसआईटी के परिसर में होगा। इस मेले के माध्यम से क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में करियर बनाने का एक सुनहरा अवसर मिलेगा। इस रोजगार मेले में विभिन्न क्षेत्रों के 10 नियोजकों द्वारा कुल 2347 तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर भर्तियां की जाएंगी। 10वीं, 12वीं पास से लेकर स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग स्नातक की योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी इस मेले में हिस्सा ले सकते हैं।

    इसके अतिरिक्त, मेडिकल क्षेत्र से जुड़े अभ्यर्थियों जैसे एमबीबीएस, बीएएमएस, नर्सिंग (जीएनएम / एएनएम) और पैरामेडिकल डिप्लोमा धारकों के लिए भी बड़ी संख्या में रिक्तियां उपलब्ध हैं। इच्छुक आवेदक इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए रोजगार पंजीयन होना अनिवार्य है। रिक्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी रोजगार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप पर देखी जा सकती है। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी मालवीय नगर चौक स्थित जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र में सीधे संपर्क कर सकते हैं।

  • अब सफर होगा आसान! हाइवे पर हर 25 किमी में चार्जिंग पॉइंट अनिवार्य, बाजारों-कॉलोनियों में भी बढ़ेंगी सुविधाएं

    अब सफर होगा आसान! हाइवे पर हर 25 किमी में चार्जिंग पॉइंट अनिवार्य, बाजारों-कॉलोनियों में भी बढ़ेंगी सुविधाएं

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब इलेक्ट्रिक कार और दोपहिया वाहन मालिकों को चार्जिंग के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984’ में संशोधन कर शहरों और कस्बों के भीतर भी ईवी चार्जिंग स्टेशन खोलने का रास्ता साफ कर दिया है।

    नए नियम के तहत अब कॉलोनियों, बाजारों, जिला केंद्रों, औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख सड़कों पर मोबाइल टावरों की तर्ज पर चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क विकसित किया जा सकेगा। इसके साथ ही पहली बार बैटरी स्वैपिंग और इन-बिल्डिंग मोबाइल नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नियमों में शामिल किया गया है। राज्य सरकार का मानना है कि चार्जिंग नेटवर्क मजबूत होने से ईवी खरीदने वालों का भरोसा बढ़ेगा और आने वाले वर्षों में पेट्रोल-डीजल आधारित वाहनों पर निर्भरता कम होगी।

    पार्किंग का 20% हिस्सा ईवी के लिए आरक्षित
    सरकार ने स्टैंडअलोन चार्जिंग स्टेशन के लिए अलग मानक तय किए हैं। नियमों के ! मुताबिक कुल पार्किंग क्षमता के कम से कम 20% हिस्से को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आरक्षित मानते हुए चार्जिंग पॉइंट विकसित करने होंगे। इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों के पास भी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए स्थान आरक्षित किया जाएगा। चार्जिंग सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी और बिजली की मीटरिंग का जिम्मा सर्विस प्रोवाइडर पर होगा।

    इन इलाकों में खुल सकेंगे चार्जिंग स्टेशन
    संशोधित नियमों के तहत शहरी सीमा के भीतर कई नई श्रेणियों में चार्जिंग स्टेशन खोलने की अनुमति दी गई है। इनमें रिहायशी कॉलोनियां, औद्योगिक क्षेत्र, बाजार एवं कमर्शियल जोन, जिला एवं सामुदायिक केंद्र, मुख्य और प्रस्तावित सड़कें, माल परिवहन कॉम्प्लेक्स के साथ ही होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट परिसर जैसी जगहें शामिल हैं। सरकार का तर्क है कि चार्जिंग सुविधा लोगों के घर और कार्यस्थल के करीब होगी तो ईवी का उपयोग तेजी से बढ़ेगा।

    हर 100 किमी पर लगेंगे फास्ट चार्जिंग स्टेशन
    नई नीति में दूरी के स्पष्ट मानक भी तय किए गए हैं। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर दोनों ओर हर 25 किलोमीटर में एक सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन विकसित किया जाएगा। भारी वाहनों और लंबी दूरी की इलेक्ट्रिक कारों के लिए हर 100 किलोमीटर में फास्ट चार्जिंग स्टेशन अनिवार्य होंगे। स्टेशनों पर बैटरी स्वैपिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वाहन चालक मिनटों में बैटरी बदलकर आगे बढ़ सकें।

  • छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल पर्याप्त, पैनिक न करें: CM Vishnu Deo Sai ने जनता से की अपील

    छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल पर्याप्त, पैनिक न करें: CM Vishnu Deo Sai ने जनता से की अपील

    रायपुर.

    राजधानी समेत प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल को लेकर अफरा-तफरी मची हुई है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनता से पैनिक न होने की अपील की है। दिल्ली दौरे से लौटने के बाद मीडिया से चर्चा कर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल को लेकर पैनिक की स्थिति देखने को मिल रही है, जिसके चलते कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गई हैं और कुछ पंप अस्थायी रूप से बंद भी हुए हैं।

    छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। प्रदेशवासियों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। प्रदेश के सभी ऑयल डिपो में नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति हो रही है और वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा रही है। प्रदेश सरकार एवं ऑयल कंपनियां पूर्ण समन्वय के साथ स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। सीएम साय ने कहा, वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भी भारत सरकार ने प्रभावी तैयारियां सुनिश्चित की है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वे अनावश्यक खरीदारी एवं संग्रहण से बचें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। मैं प्रदेशवासियों से भी आग्रह करता हूं कि संयम, जागरूकता और जिम्मेदारी का परिचय दें। केवल आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लें और किसी भी भ्रामक सूचना से दूर रहें। आपकी सजगता, संयम और सहयोग से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की ईंधन व्यवस्था निरंतर सुचारू बनी रहेगी। आइए हम सभी मिलकर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें। संयम, सहयोग और सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्रहित में अपना योगदान सुनिश्चित करें।

    पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक-
    छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। प्रदेशवासियों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
    प्रदेश के सभी ऑयल डिपो में नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति हो रही है और वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा रही है। प्रदेश सरकार एवं ऑयल कंपनियां…

    – Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) May 14, 2026

    अमित शाह को दी गई योजनाओं की जानकारी
    दिल्ली प्रवास को लेकर मुख्यमंत्री साय ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। गृहमंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री ने बस्तर में चलाए जा रहे मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है। जरूरतमंदों का इलाज और रेफरल भी किया जा रहा है। अब तक करीब 70 हजार लोगों तक टीम पहुंच चुकी है। लक्ष्य पूरे 36 लाख लोगों तक पहुंचने का है।

    बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक होना सौभाग्य का विषय
    उन्होंने कहा कि अग्रणी बस्तर कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायतों में शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां ग्रामीणों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। इन सभी योजनाओं की जानकारी केंद्रीय गृहमंत्री को दी गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इस बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक बस्तर में आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल होंगे। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य का विषय बताया।