Category: छत्तीसगढ़

  • दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्ची के उपचार के लिए बाल आयोग हरकत में, प्रशासन से मांगी रिपोर्ट

    दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्ची के उपचार के लिए बाल आयोग हरकत में, प्रशासन से मांगी रिपोर्ट

    पत्थर शरीर वाली बच्ची के उपचार को लेकर बाल आयोग सक्रिय

    डॉ. वर्णिका शर्मा के निर्देश पर बच्ची के बेहतर उपचार की दिशा में बड़ा कदम

    आयोग की पहल पर बच्ची को मिली उसके नाम पर जुटाई गई सहायता राशि
    रायपुर 

    छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा सोशल मीडिया में प्रसारित समाचार एवं आयोग को प्राप्त आवेदन पत्र का संज्ञान लेते हुए बीजापुर जिले के नेलसनार क्षेत्र अंतर्गत बेंगोफर पारा, कौरगांव निवासी गंभीर रूप से बीमार नाबालिग बच्ची के उपचार हेतु प्राप्त दान एवं सहायता राशि के संबंध में जांच की कार्यवाही कराई जा रही है।

    प्राप्त आवेदन में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ब्रजराज रजक एवं दीपक ध्रुवे द्वारा बच्ची के उपचार के लिए सार्वजनिक सहयोग राशि एकत्रित किए जाने तथा भुगतान संबंधी विवरणों पर प्रश्न उठाए गए थे, जिस पर डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दीपक ध्रुवे द्वारा जांच प्रारंभ होने से पूर्व बच्ची के परिवार को ₹39,000 की राशि प्रदान की गई थी तथा जांच के दौरान अतिरिक्त ₹22,400 की राशि बच्ची की माता एवं उसके भाई की उपस्थिति में तथा पुलिस के समक्ष प्रस्तुत की गई। इसके अतिरिक्त ₹5,000 की राशि संबंधित बैंक खाता होल्ड होने के कारण बच्ची के चाचा के खाते में जमा कराई गई थी, जिसे बाद में उनके चाचा द्वारा बच्ची की माता को प्रदान किया गया।

    जांच में यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ब्रजराज रजक द्वारा बच्ची के उपचार हेतु वीडियो प्रसारित कर स्वयं का क्यूआर कोड साझा किया गया था। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि ब्रजराज रजक द्वारा जांच से पूर्व भी कुछ राशि बच्ची के उपचार हेतु परिवार को प्रदान की जा चुकी थी। वहीं पूछताछ के दौरान यह जानकारी प्राप्त हुई कि ₹18,000 की शेष राशि उनके पास उपलब्ध थी, जिसे जांच उपरांत बच्ची के परिवार को प्रदान कर दिया गया। इस प्रकार अब तक कुल ₹84,400 की राशि बच्ची के उपचार हेतु उपलब्ध कराए जाने की जानकारी सामने आई है।

    डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा निर्देशित किया गया है कि प्रकरण से संबंधित सभी वित्तीय लेन-देन, प्राप्त दान राशि, बैंक खातों एवं भुगतान विवरणों की तथ्यात्मक एवं कंडिकावार जांच सुनिश्चित करते हुए संपूर्ण प्रतिवेदन आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता अथवा दोष पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक एवं दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

  • खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    युवा प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर मंच, खेल सुविधाओं के उन्नयन पर जोर : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    रायगढ़ स्पोर्ट्स क्लब में टेनिस कोर्ट का किया निरीक्षण, युवा खिलाड़ियों से की मुलाकात

    रायपुर,
    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ स्पोर्ट्स क्लब पहुंचकर टेनिस कोर्ट का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध खेल सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने खेल अधोसंरचना के बेहतर विकास एवं खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

    निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने क्लब में अभ्यास कर रहे युवा बैडमिंटन खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त साधन भी है।

    मंत्री चौधरी युवा खिलाड़ियों को पूरी लगन और समर्पण के साथ अभ्यास जारी रखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि रायगढ़ की प्रतिभाओं में अपार संभावनाएं हैं। उचित मार्गदर्शन और बेहतर सुविधाओं के माध्यम से ये खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उनका उद्देश्य है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को समान अवसर मिलें तथा वे अपनी प्रतिभा का सर्वोत्तम प्रदर्शन कर सकें।

    इस अवसर पर क्लब के पदाधिकारी, खेल प्रेमी एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे। खिलाड़ियों ने वित्त मंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और खेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर चर्चा की।

  • बेटियों के सम्मान की गारंटी बनी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, सीएम विष्णुदेव साय ने गिनाए फायदे

    बेटियों के सम्मान की गारंटी बनी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, सीएम विष्णुदेव साय ने गिनाए फायदे

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों को मिल रहा सम्मान और सुरक्षा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मुख्यमंत्री ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

    बैलगाड़ी में निकली बारात, 21 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

    बेमेतरा में नर्सिंग कॉलेज की घोषणा

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। सामाजिक परंपराओं, वैदिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक उल्लास के बीच आयोजित इस समारोह में जिले के 21 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। शुभ मुहूर्त में वर-वधुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बेमेतरा जिले को एक महत्वपूर्ण सौगात देते हुए नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की घोषणा भी की, जिससे जिले में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज के लिए वरदान

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज के आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बेटियों के विवाह को लेकर परिवारों को आर्थिक चिंताओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस योजना ने हजारों परिवारों को राहत प्रदान की है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है, जिससे पात्र परिवारों को और अधिक सहयोग प्राप्त हो सके।

    बेटियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बेटियां परिवार, समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना भी इसी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक संबल प्रदान करती है।

    विधायक दीपेश साहू ने प्रस्तुत किया सामाजिक समरसता का आदर्श

    मुख्यमंत्री साय ने बेमेतरा विधायक दीपेश साहू की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सामूहिक विवाह समारोह में स्वयं विवाह कर समाज के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह पहल युवाओं को सादगीपूर्ण विवाह, सामाजिक समरसता और अनावश्यक खर्चों में कमी लाने का सकारात्मक संदेश देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और सामाजिक समानता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    बारिश को बताया शुभ संकेत

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी शुभ कार्य के दौरान वर्षा होना इंद्रदेव के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि आज का आयोजन भी प्रकृति के आशीर्वाद से संपन्न हुआ है, जो नवदंपतियों के सुखद और समृद्ध भविष्य का शुभ संकेत है।

    बैलगाड़ी में निकली बारात बनी आकर्षण का केंद्र

    समारोह का एक प्रमुख आकर्षण पारंपरिक बैलगाड़ी में निकाली गई बारात रही। जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, लोक-सांस्कृतिक माहौल और जनसहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। इस आयोजन ने ग्रामीण संस्कृति और सामाजिक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

    मौसम परिवर्तन के बीच पुराने रेस्ट हाउस में संपन्न हुआ आशीर्वाद समारोह

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम मूल रूप से बेसिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित होना था, लेकिन शाम के समय मौसम खराब होने और तेज बारिश की संभावना को देखते हुए नवविवाहित जोड़ों एवं उनके परिजनों की सुविधा और सुरक्षा के मद्देनजर आशीर्वाद समारोह को पुराने रेस्ट हाउस परिसर में स्थानांतरित किया गया। यहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं उपस्थित होकर नवदंपतियों से आत्मीय मुलाकात की तथा उन्हें सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन के लिए शुभाशीष प्रदान किया।

    नवदंपतियों को मिला शासन की योजनाओं का लाभ

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को शासन द्वारा निर्धारित उपहार सामग्री एवं आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी नवदंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    सामूहिक विवाह सामाजिक एकता और समरसता का प्रतीक

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन सामाजिक एकता, सद्भाव और समरसता के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से अनावश्यक सामाजिक व्यय में कमी आती है तथा समाज में समानता और सहयोग की भावना मजबूत होती है। उन्होंने सभी नवदंपतियों से अपने वैवाहिक जीवन को प्रेम, विश्वास, सहयोग, संस्कार और आपसी सम्मान के आधार पर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

    जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की रही गरिमामयी उपस्थिति

    इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, मंत्री दयाल दास बघेल, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद संतोष पाण्डेय, सांसद विजय बघेल, साजा विधायक ईश्वर साहू, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, धरसींवा विधायक अनुज शर्मा, राजिम विधायक रोहित साहू, अभनपुर विधायक इन्द्र कुमार साहू, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, बसना विधायक संपत अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, नवदंपतियों के परिजन एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

  • दुर्ग-बेमेतरा दौरे पर CM साय, सुशासन तिहार के जरिए जनता को देंगे राहत

    दुर्ग-बेमेतरा दौरे पर CM साय, सुशासन तिहार के जरिए जनता को देंगे राहत

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रविवार काे दुर्ग और बेमेतरा जिले के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। वे सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री निवास में मन की बात कार्यक्रम का श्रवण करेंगे। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे दुर्ग पहुंचकर सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल होंगे।

    मुख्यमंत्री यहां आम नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं के निराकरण की दिशा में पहल करेंगे। साथ ही करोड़ों रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर क्षेत्र को नई विकास सौगात देंगे। दोपहर 3 बजे वे सुशासन तिहार के तहत अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति का जायजा भी लेंगे। शाम 6 बजे मुख्यमंत्री बेमेतरा जिला पहुंचेंगे, जहां मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के कार्यक्रम में शामिल होकर नवदंपतियों को आशीर्वाद देंगे। इसके साथ ही विभिन्न विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण कर जिले के विकास को नई गति प्रदान करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री रात 9 बजे रायपुर लौटेंगे।

  • खाद गोदाम पर चोरों का धावा, 68 बोरी DAP गायब; पुलिस ने तेज की तलाश अभियान

    खाद गोदाम पर चोरों का धावा, 68 बोरी DAP गायब; पुलिस ने तेज की तलाश अभियान

    बालोद.

    मानसून अभी पहुंचा नहीं है, लेकिन किसान अपनी तैयारी में जुट गए हैं. ऐसे में खेतों को तैयार करने के लिए जरूरी खाद की किल्लत को देखते हुए चोर गोदाम से खाद की बोरियां चोरी करने लगे हैं.

    बालोद जिला स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कुसुमकसा के ग्राम चिपरा के खाद बीज गोदाम से चोरों ने 68 बोरी नवरत्ना कम्पनी का डीएपी चोरी करके ले गए. चोरी की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुँची डौंडीलोहारा पुलिस जांच में जुटी गई है. घटना स्थल पर डॉग स्क्वायड की टीम की मदद से चोरों को खोजने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अब तक पुलिस को कोई सुराग हाथ नही लग पाए है. गौरतलब है कि इस खाद गोदाम से 15 मई 2024 में भी 35 बोरी डीएपी, 12 बोरी पोटाश, 7 बोरी यूरिया, 8 बोरी सुपरफास्फेट की चोरी हुई थी, लेकिन उस मामले में आज तक पुलिस चोरों को पकड़ नहीं पाई है. 

  • जंगल सफारी का मजा अब ज्यादा खर्चीला, नंदनवन जू की एंट्री फीस और बस किराया बढ़ा

    जंगल सफारी का मजा अब ज्यादा खर्चीला, नंदनवन जू की एंट्री फीस और बस किराया बढ़ा

    रायपुर.

    नवा रायपुर के नंदनवन जू और जंगल सफारी में घूमना पर्यटकों के लिए अब महंगा हो सकता है. वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने जू के प्रवेश शुल्क, सफारी राइड और अन्य सुविधाओं की नई दरें जारी कर दी है. कई श्रेणियों में टिकट रेट 50% तक बढ़ाई गई हैं, जबकि कुछ कैटेगरी में यह बढ़ोतरी दोगुनी से भी अधिक है.

    नई प्रस्तावित दरों के अनुसार 6 से 12 साल तक के बच्चों का टिकट 25 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये और 12 वर्ष से अधिक आयु के आगंतुकों का टिकट 50 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये किया गया है. विदेशी नागरिकों के लिए यह शुल्क 200 रुपये से बढ़कर 500 रुपये हो गया है. वहीं दिव्यांगजन और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को वैध पहचान पत्र के आधार पर फ्री एंट्री जारी रहेगी. हालांकि सुविधा यह वीकेंड, सार्वजनिक अवकाश और सरकारी छुट्टियों पर लागू नहीं होगी.

    सफारी टिकट भी महंगी
    सफारी के लिए 6 से 12 वर्ष के बच्चों का टिकट सामान्य बस में 100 रुपये, एसी बस में 150 रुपये और इलेक्ट्रिक बस में 175 रुपये लगेंगे. वयस्कों के लिए यह 150, 200 और 250 रुपये होगा. विदेशी पर्यटकों के लिए सफारी के लिए 750 रुपये से 1250 रुपये तक के रेट तय किए गए हैं.

    जिप्सी सफारी के नए रेट
    जिप्सी से सफारी घूमने के लिए प्रति व्यक्ति 700 रुपए और पूरी जिप्सी लेने पर 3,500 रुपए देना होगा. वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए यह दर 350 रुपये प्रति व्यक्ति और 2,000 रुपये प्रति जिप्सी रखी गई है. वहीं विदेशी पर्यटकों को प्रति व्यक्ति 1,500 रुपये और प्रति जिप्सी 7,000 रुपये शुल्क देना होगा.

    फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर लगेगा भी शुल्क
    अगर आपको जंगल सफारी और नंदनवन जू में फोटोग्राफी करनी है तो इसके लिए एक दिन का 5000 रुपये और कमर्शियल वीडियोग्राफी या फिल्म शूटिंग के लिए एक दिन का 15,000 रुपये शुल्क देना होगा. यह अनुमति संबंधित अधिकारियों की स्वीकृति के अधीन होगी.

    शैक्षणिक भ्रमण पर मिलेगी छूट
    सरकारी स्कूलों के कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को फ्री एंट्री दी जाएगी. वहीं कक्षा 9 से 12 तक के सरकारी स्कूलों के बच्चों को 50 प्रतिशत और निजी स्कूलों के छात्रों को 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी.

  • जहरीले तरीके से पकाए जा रहे थे फल, खाद्य विभाग की कार्रवाई में केला समेत कई फल जब्त

    जहरीले तरीके से पकाए जा रहे थे फल, खाद्य विभाग की कार्रवाई में केला समेत कई फल जब्त

    खैरागढ़.

    खैरागढ़ जिले में गर्मियों के मौसम में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाते ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। तीन दिनों तक चले विशेष जांच अभियान में सड़े-गले फल नष्ट कराए गए, गंदगी मिलने पर जूस सेंटर बंद कराया गया और केमिकल से फल पकाने वाले प्रतिष्ठान पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में केले जब्त किए गए।

    कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक धृतलहरे की टीम ने जिले के फल बाजारों, मंडियों और प्रतिष्ठानों में लगातार निरीक्षण किया। छुईखदान के नया बस स्टैंड क्षेत्र में जांच के दौरान करीब 20 किलो सड़े-गले आम, 5 दर्जन केले, पपीता और अंगूर मौके पर नष्ट कराए गए। इसी दौरान एक गन्ना जूस सेंटर में भारी गंदगी और खुले में रखी बर्फ मिलने पर खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए दुकान तत्काल बंद करा दी गई। इतवारी बाजार और पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 15 किलो खराब आम, 20 दर्जन केले और 3 तरबूज नष्ट कराए गए।

    अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई 29 मई को गंडई तहसील के वार्ड नंबर 7 स्थित खंडेलवाल फल भंडार में हुई, जहां बिना खाद्य पंजीयन के हानिकारक केमिकल से फल पकाने का मामला उजागर हुआ। टीम ने छापेमारी के दौरान गोल्डन टच एथिलीन रिपनर, टैग पूरन 3G और टैगपान लिक्विड जैसे केमिकल बरामद किए। कच्चे आम और केले के नमूने जांच के लिए भेजे गए, जबकि अस्वच्छ तरीके से रखे गए 60 कैरेट केले जब्त किए गए, जिनकी कीमत लगभग 50 से 60 हजार रुपए बताई जा रही है।

    जांच के दौरान अधिकारियों ने साफ कहा कि कृत्रिम तरीके से फल पकाने, रसायनों के इस्तेमाल और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर अब सख्त कार्रवाई होगी। अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने कहा कि आमजन की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

  • छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ का बड़ा निवेश, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मिलेगी नई पहचान

    छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ का बड़ा निवेश, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मिलेगी नई पहचान

    रायपुर 
     मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब देश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी नई पहचान गढ़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने, निवेश अनुकूल नीतियों और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण प्रदेश में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने निवास कार्यालय में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटक सुविधाओं के विकास एवं विस्तार तथा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। बैठक में देश की प्रतिष्ठित इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ उत्तर से दक्षिण तक नैसर्गिक विरासत की अमूल्य धरा है, जहां नदियां, पहाड़, घने जंगल, जलप्रपात, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और जनजातीय परंपराएं छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दुनिया को छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक विविधता से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं और पर्यटकों के लिए बेहतर ठहराव, परिवहन तथा आधुनिक सुविधाओं के विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनाया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य में लगातार निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं और इसी क्रम में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई गई है, जो प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निवेश से पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर निर्मित होंगे।

    बैठक के दौरान इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष अपने निवेश प्रस्ताव के महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए और बताया कि कंपनी छत्तीसगढ़ में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना पर कार्य कर रही है, जिसे शीघ्र आगे बढ़ाया जाएगा। कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस निवेश से प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।

    वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है तथा सभी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है।

    बैठक में यह भी बताया गया कि  पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश के रास्ते व्यापक रूप से खुले हैं। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक अधोसंरचना, उच्चस्तरीय सुविधाओं और निवेश प्रोत्साहन नीतियों के माध्यम से विकसित करने की दिशा में विशेष पहल कर रही है। प्रदेश की बेहतर मानसूनी परिस्थितियां, समृद्ध प्राकृतिक संपदा और निवेश अनुकूल नीति पर्यटन विकास के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।

    बैठक में उद्योग विभाग के अधिकारियों ने निवेश प्रोत्साहन नीति तथा उपलब्ध इंसेंटिव्स की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई निवेशक 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करता है अथवा 1000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है, तो उसे ‘बी-स्पोक पॉलिसी’ के तहत अतिरिक्त प्रोत्साहन एवं विशेष लाभ प्रदान किए जाएंगे। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत संरचना, सड़क संपर्क, आवासीय सुविधाओं तथा पर्यटक सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 

    बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, निवेश आयुक्त ऋतु सेन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार, पर्यटन विभाग सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा और संस्कार जरूरी: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा और संस्कार जरूरी: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    शिक्षा, संगठन और संस्कार से ही समाज की प्रगति संभव: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    ​जांजगीर-चांपा के कापन और बलौदा में सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए वित्त मंत्री

    ​अघरिया और स्वर्णकार समाज के सामुदायिक भवनों का लोकार्पण

    ​10वीं और 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित

    ​रायपुर
    छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री एवं जांजगीर-चांपा जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी आज जांजगीर-चाम्पा जिले के कापन और नगर पंचायत बलौदा में आयोजित सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कापन में अखिल भारतीय अघरिया समाज के क्षेत्रीय सभा सह सामुदायिक भवन का उद्घाटन किया। वहीं, बलौदा के जंगलवा डबरी में स्वर्णकार समाज के 'स्वर्ण मंडपम' सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया।

    ​शिक्षा और संस्कारों से सशक्त बनेगी नई पीढ़ी

            कापन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, "शिक्षा समाज की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है। नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा, संस्कार और अवसर उपलब्ध कराकर ही समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है।" ​उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकजुटता, सकारात्मक सोच और सामुदायिक भावना को मजबूत करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।

    एकजुटता ही समाज की वास्तविक शक्ति

             कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि अघरिया समाज शिक्षा, कृषि और सामाजिक विकास के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहा है। किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता में ही निहित होती है। वहीं, पूर्व संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े ने कहा कि यह नवनिर्मित भवन सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के संचालन के लिए एक सशक्त मंच साबित होगा।

    ​बलौदा में 'स्वर्ण मंडपम' का लोकार्पण
      
             नगर पंचायत बलौदा में आयोजित स्वर्ण मंडपम सामुदायिक भवन के लोकार्पण समारोह में वित्त मंत्री ने स्वर्णकार समाज द्वारा सामाजिक विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले, पूर्व विधायक चुन्नीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

  • छत्तीसगढ़ की लोककला की पहचान तीजन बाई अस्वस्थ, एम्स रायपुर में चल रहा उपचार

    छत्तीसगढ़ की लोककला की पहचान तीजन बाई अस्वस्थ, एम्स रायपुर में चल रहा उपचार

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक कलाकार और पंडवानी गायन की अंतरराष्ट्रीय पहचान बन चुकी तीजन बाई की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उन्हें मेडिकल आईसीयू में रखा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रही है।

    तीजन बाई के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आते ही कला जगत, उनके प्रशंसकों और अनुयायियों में चिंता की लहर दौड़ गई है।जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य खराब होने पर तीजन बाई को तत्काल एम्स रायपुर लाया गया। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल आईसीयू में भर्ती करने का निर्णय लिया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टर एहतियात के तौर पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम इलाज में जुटी हुई है और जरूरी मेडिकल जांच भी की जा रही है।

    पंडवानी कला की अंतरराष्ट्रीय पहचान
    तीजन बाई केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश की लोककला की पहचान मानी जाती हैं। उन्होंने पंडवानी शैली को देश-विदेश तक पहुंचाकर छत्तीसगढ़ की संस्कृति को नई ऊंचाई दी है। अपनी अनूठी प्रस्तुति शैली, दमदार आवाज और अभिनय से उन्होंने लोककला को वैश्विक मंच तक पहुंचाया। उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण जैसे देश के प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

    कला प्रेमियों में बढ़ी चिंता
    तीजन बाई की तबीयत खराब होने की खबर फैलते ही कला प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में चिंता का माहौल है। कई कलाकारों और जनप्रतिनिधियों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। सोशल मीडिया पर भी उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। उनके प्रशंसक और चाहने वाले उनके शीघ्र स्वस्थ होकर फिर से मंच पर लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।

    छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर
    तीजन बाई को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से महाभारत की कथाओं को पंडवानी शैली में जीवंत रूप दिया और लोकसंस्कृति को नई पहचान दिलाई। आज भी उनकी प्रस्तुतियां देशभर में लोकप्रिय हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को लेकर प्रदेशभर में भावनात्मक माहौल बना हुआ है।

    डॉक्टरों की निगरानी में जारी इलाज
    एम्स प्रशासन की ओर से फिलहाल विस्तृत मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार उनकी हालत नियंत्रण में है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए है। परिवार के सदस्य और करीबी लोग भी अस्पताल में मौजूद हैं।