Category: छत्तीसगढ़

  • डीपीएड छात्रों का इंतजार खत्म: CGBSE की वेबसाइट पर जारी हुआ 2026 परीक्षा परिणाम

    डीपीएड छात्रों का इंतजार खत्म: CGBSE की वेबसाइट पर जारी हुआ 2026 परीक्षा परिणाम

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से आयोजित D.P.Ed. परीक्षा 2026 का रिजल्ट गुरुवार 8 मई को घोषित कर दिया गया। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा डीपीएड परीक्षा के परिणाम जारी किए गए है।

    परीक्षार्थी सीजीबीएसई की वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम देख सकते है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित डी.पी.एड. (DPEd-) परीक्षा वर्ष 2026 का परीक्षा परिणाम आज 08 मई 2026 को घोषित कर दिया गया है। उक्त परीक्षा में प्रथम वर्ष के 51 तथा द्वितीय वर्ष के 52 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए थे। सभी परीक्षार्थी मण्डल की आधिकारिक वेबसाइट https://www.cgbse.nic.in/ पर अपना अनुक्रमांक प्रविष्ट कर परीक्षा परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

  • युवा कांग्रेस की गतिविधियां तेज, संगठन और चुनाव की तैयारी के लिए सदस्यता अभियान शुरू

    युवा कांग्रेस की गतिविधियां तेज, संगठन और चुनाव की तैयारी के लिए सदस्यता अभियान शुरू

     रायपुर
     छत्तीसगढ़ में भारतीय युवा कांग्रेस के बहुप्रतीक्षित संगठनात्मक चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। प्रदेश से लेकर जिला और ब्लॉक स्तर तक नई टीम के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। संगठन के भीतर नए नेतृत्व, नई रणनीति और युवा चेहरों को लेकर चर्चाओं का दौर भी तेज हो चुका है। सूत्रों के मुताबिक चुनाव प्रक्रिया से पहले बड़े स्तर पर सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। इस बार संगठन का फोकस ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जोड़कर जमीनी पकड़ मजबूत करने पर रहेगा। सदस्यता शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है, जिससे चुनावी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और संसाधनयुक्त बनाने की तैयारी मानी जा रही है।

    डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होगी संचालित
    युवा कांग्रेस इस बार पूरी चुनाव प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित करने की तैयारी में है। सदस्यता से लेकर मतदान तक अधिकांश प्रक्रियाएं ऑनलाइन माध्यम से पूरी कराई जा सकती हैं। संगठन का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्यकर्ताओं की भागीदारी पहले से ज्यादा होगी। ब्लॉक स्तर तक चुनाव कराकर संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।

    प्रमुख दावेदारों का इंटरव्यू 
    जानकारी के अनुसार चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। पहले चरण में मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में प्रमुख दावेदारों का इंटरव्यू लिया जाएगा। अंतिम चयन में संगठनात्मक सक्रियता, कार्यकर्ताओं के बीच पकड़ और उम्र जैसे पहलुओं को अहम माना जाएगा। इधर चुनावी आहट के साथ ही प्रदेशभर में युवा नेताओं की सक्रियता बढ़ गई है। जिलों में लगातार बैठकों, संपर्क अभियानों और कार्यकर्ताओं के बीच समर्थन जुटाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। 

    इन नामों पर हो रही चर्चा 
    इस बार जिन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही। है उनमें हन्नी बगा, आदित्य भगत ,निखिल कांत साहू , सत्येंद्र चेलक, प्रशांत बोकड़े, हर्षित बघेल, संदीप वोरा समेत कई युवा नेता शामिल हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि डिजिटल चुनाव प्रणाली, बढ़े हुए सदस्यता अभियान और संगठन में नई ऊर्जा की कोशिशों के चलते इस बार युवा कांग्रेस का संगठनात्मक चुनाव पहले की तुलना में ज्यादा प्रतिस्पर्धी और दिलचस्प हो सकता है। साथ ही कई नए चेहरों को भी बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।

  • जनविश्वास बढ़ाने वाला समाधान शिविर, स्वास्थ्य मंत्री के साथ सैकड़ों समस्याओं का तुरंत समाधान

    जनविश्वास बढ़ाने वाला समाधान शिविर, स्वास्थ्य मंत्री के साथ सैकड़ों समस्याओं का तुरंत समाधान

    संवाद से संपूर्ण समाधान शिविर बना जनविश्वास का केंद्र, स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल की मौजूदगी में सैकड़ों समस्याओं का त्वरित निराकरण

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत विकासखंड खड़गवां के ग्राम मझौली में आयोजित “गांव-गांव, द्वार-द्वार सुशासन तिहार जनसमस्या निवारण शिविर संवाद से संपूर्ण समाधान कार्यक्रम में जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने वाले इस विशाल शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कर शासन ने संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन की मिसाल पेश की।

    ग्राम पंचायत अखराडांड, बरमपुर, मझौली, भूकभूकी, दुबछोला, ठग्गांव, दुग्गी, सिंघत, खड़गवां और पोडीडीह सहित कुल 10 ग्राम पंचायतों को शामिल करते हुए आयोजित इस शिविर में सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं और आवेदन लेकर पहुंचे। शिविर ने “समाधान आपके द्वार” की अवधारणा को साकार करते हुए लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाई।
    कार्यक्रम का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य प्रिया मसराम, जनपद सदस्य श्यामबाई मरकाम, उपाध्यक्ष बीरेन्द्र सिंह करियाम, जनपद सदस्य इंद्रावती सिंह, धर्मपाल सिंह, सोनमती उर्रे सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। शुभारंभ के साथ ही पूरे शिविर परिसर में उत्साह, जनभागीदारी और भरोसे का वातावरण देखने को मिला।

    शिविर में एसडीएम विज्येन्द्र सारथी, जनपद सीईओ हेमंत बंजारे, तहसीलदार सिद्धि गबेल, सीपीएस दीपिका मिंज, सीएचएमओ अविनाश खरे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि शासन अब जनता की समस्याओं के समाधान के लिए गांव-गांव पहुंच रहा है।

    शिविर स्थल पर स्वास्थ्य, राजस्व, ग्रामीण यांत्रिकी, समाज कल्याण, कृषि, उद्यानिकी, वन, खाद्य, पुलिस, बिजली, लोक निर्माण, आयुष्मान कार्ड, महिला एवं बाल विकास, पशु चिकित्सा, पेयजल, बैंकिंग सेवाएं, आधार सेवा, मनरेगा और सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों के आकर्षक एवं सुव्यवस्थित स्टॉल लगाए गए थे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    कार्यक्रम के दौरान सामाजिक संवेदनशीलता की झलक भी देखने को मिली, जब जनप्रतिनिधियों द्वारा गर्भवती महिलाओं बबीता, कदम कुंवर, रजंती, रोशनी, पप्पी, ममता, मानसी, सविता और उर्मिला की गोद भराई की रस्म संपन्न कराई गई। इससे शिविर केवल प्रशासनिक आयोजन न रहकर सामाजिक सरोकार का भी केंद्र बन गया।

    जनसमस्या निवारण शिविर में कुल 392 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा छह हितग्राहियों को राशन कार्ड, आठ हितग्राहियों को वन अधिकार पट्टा, पांच लोगों को जाति प्रमाण पत्र, अठारह किसानों को किसान किताब, पांच हितग्राहियों को आवास की चाबी, पांच लोगों को आयुष्मान कार्ड तथा सात लोगों को नवीन जॉब कार्ड वितरित किए गए। इसके अलावा दो क्षय रोगियों को फूड बास्केट भी प्रदान किया गया। कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर ग्रामीणों को तत्काल राहत दी गई, जबकि शेष आवेदनों को समय-सीमा में समाधान हेतु संबंधित विभागों को सौंपा गया।

    अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन की नई संस्कृति विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि अब सरकार केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और मौके पर समाधान कर रही है। उन्होंने “सुशासन तिहार 2026” को जनहित, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल बताते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीबों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए लगातार ऐतिहासिक फैसले ले रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, राशन, आवास और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है।

    स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सरल व्यक्तित्व, संवेदनशील कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आने वाले समय में सुशासन और विकास का आदर्श राज्य बनकर उभरेगा।
    कार्यक्रम के अंत में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विज्येन्द्र सारथी ने बताया कि शिविर में प्राप्त 392 से अधिक आवेदनों में से कई का मौके पर ही निराकरण कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई है, जबकि शेष लंबित मामलों के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक आवेदन का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

    कार्यक्रम में हृदय सिंह, रमेश जायसवाल, अशोक खरे, शंकर प्रताप गुप्ता, रामलाल साहू, हरबंस साहू, सतेन्द्र साहू, मनोज साहू, अंगद, सरपंच सुश्री जया सिंह मरावी, श्रीमती तुला, कुन्ती सिंह, सोनिया सिंह, सुनीता, रामबाई, संत कुमार सिंह, सुखीत लाल अगरिया, हरि सिंह, सचिव श्रीमती सुन्दर लली, उर्मिला, यशोदा, अनुराग दुबे, अशोक पाण्डेय, सीता सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

  • वर्षों से लापता लोगों की तलाश में जुटी एमसीबी पुलिस, आमजन से मांगा सहयोग

    वर्षों से लापता लोगों की तलाश में जुटी एमसीबी पुलिस, आमजन से मांगा सहयोग

    वर्षों से लापता लोगों की तलाश में जुटी एमसीबी पुलिस, आमजन से मांगा सहयोग

    बुजुर्ग महिला से लेकर युवाओं तक के कई मामलों में अब तक नहीं मिला सुराग, पुलिस ने जारी किए संपर्क नंबर

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    जिले में वर्षों से लापता लोगों की तलाश को लेकर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि किसी भी गुमशुदा व्यक्ति के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सके।
    पुलिस के अनुसार थाना चिरमिरी क्षेत्र से वर्ष 2020 में लापता हुई 75 वर्षीय श्रीमती कुसुमनी पति संतोष कुमार राय निवासी गोदरीपारा, चालिस घोड़ा का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बताया गया कि 24 नवंबर 2020 की रात वे घर से बिना बताए कहीं चली गई थीं। परिजनों ने आसपास के क्षेत्रों एवं रिश्तेदारों के यहां काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
    इसी तरह वर्ष 2019 में थाना चिरमिरी में दर्ज एक अन्य मामले में 20 वर्षीय विक्रम पिता सची शंकर निवासी छोटी बाजार, दलगंजन दफाई भी अचानक घर से लापता हो गया था। परिवार द्वारा लगातार खोजबीन किए जाने के बावजूद युवक का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।
    वहीं तीसरे मामले में 26 वर्षीय श्रीमती जयमती सारथी पति बहादुर सारथी निवासी परसिया थाना ओड़गी जिला सूरजपुर वर्ष 2020 से लापता हैं। जानकारी के अनुसार पारिवारिक विवाद के बाद वे घर से निकल गई थीं, जिनकी तलाश लगातार जारी है।
    इसी कड़ी में थाना चिरमिरी क्षेत्र से वर्ष 2020 में लापता हुई 82 वर्षीय वृद्ध महिला खिरो नायक का मामला भी पुलिस के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। गुम इंसान क्रमांक 15/2020 के तहत दर्ज मामले में खिरो नायक, पति स्वर्गीय धनु नायक निवासी हरीनगर ईवाई हल्दीबाड़ी थाना चिरमिरी, 19 अगस्त 2020 को दोपहर करीब 12 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई थीं। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद 21 अगस्त 2020 को थाना चिरमिरी में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
    एमसीबी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश उनकी प्राथमिकता में शामिल है और सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को इन गुमशुदा लोगों के संबंध में कोई भी जानकारी प्राप्त होती है तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
    संपर्क हेतु पुलिस अधीक्षक एमसीबी – 9479194855,
    सीएसपी चिरमिरी – 9479193703,
    थाना चिरमिरी – 9479193709
    तथा कंट्रोल रूम – 9479160180 पर जानकारी दी जा सकती है।

  • बस्तर में बैंकिंग सुविधाओं का तेजी से विस्तार, शांति और विकास का संदेश– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    बस्तर में बैंकिंग सुविधाओं का तेजी से विस्तार, शांति और विकास का संदेश– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    बस्तर अंचल में बैंकिंग सुविधाओं में तेजी से विस्तार शांति और विकास का प्रतीक– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम, ग्रामीणों को मिलेगी सहज बैंकिंग सुविधा– वित्त मंत्री ओपी चौधरी

    सरकार बनने के बाद बस्तर संभाग में 31वीं बैंक शाखा का शुभारंभ, तेज़ी से मजबूत हो रहा बैंकिंग नेटवर्क

    वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तर्रेम में बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा का वर्चुअल उद्घाटन किया

    रायपुर,
     साय सरकार के गठन के बाद से  बस्तर संभाग में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिली है। इसी क्रम में बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत ग्राम तर्रेम में बैंक ऑफ बड़ौदा की नई शाखा का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम में शामिल हुए और शाखा का शुभारंभ किया। यह पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग में खुलने वाली 31वीं नई बैंक शाखा है।

    वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तर्रेम में बैंक शाखा खुलने से स्थानीय लोगों को अब बैंकिंग कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें अपने क्षेत्र में ही सभी आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा और शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे एवं पारदर्शी तरीके से हितग्राहियों तक पहुंचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर अब बदलाव की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है—जहां पहले बैंकिंग सुविधाओं का अभाव था, वहीं आज गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंच रही हैं। यह नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में बढ़ते कदमों के साथ आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार तैयार कर रहा है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग में बैंकिंग सुविधाओं के लगातार विस्तार को सुशासन और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। 

     मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता से आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलेगा, युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार एवं वित्तीय गतिविधियों से जुड़ने में आसानी होगी तथा शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर अब भय और अभाव की पहचान से निकलकर विश्वास, विकास और आत्मनिर्भरता की नई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    जहां नक्सलियों ने किया था हमला, वहीं अब विकास की नई कहानी

    इससे पूर्व भी वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तत्कालीन धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा-सुकमा जिले  के सीमावर्ती जगरगुंडा क्षेत्र में भी बैंक की नई शाखा का उद्घाटन किया था। उस दौरान वे रायपुर से सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचे थे।

    उन्होंने अपने दंतेवाड़ा में कलेक्टर कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि उस समय यह क्षेत्र अत्यधिक नक्सल प्रभावित था और अधिकारी अंदरूनी क्षेत्रों में जाने से भी कतराते थे। उन्होंने कहा कि “जिस इमारत में कभी ग्रामीण बैंक की शाखा थी और जिसे नक्सलियों ने निशाना बनाया था, उसी स्थान पर पुनः बैंक शाखा शुरू होना विकास और विश्वास का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी भाइयों एवं बहनों के आर्थिक संबल के लिए प्रतिबद्ध है और लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं। 

    ढाई वर्षों में बस्तर संभाग में खुले 31 नई बैंक शाखाएं

    पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों के दूरस्थ इलाकों में बैंकिंग नेटवर्क का व्यापक विस्तार हुआ है। बस्तर जिले में आईसीआईसीआई बैंक की शाखा बादेककलूर में, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा जगदलपुर में, इंडसइंड बैंक की शाखा धरमपुरा (जगदलपुर) में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का होम लोन सेंटर (RACPC) जगदलपुर में खोला गया है। 

    बीजापुर जिले में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाएं बीजापुर और तर्रेम में, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा पामेड़ में, आईसीआईसीआई बैंक और आईडीबीआई बैंक की शाखाएं बीजापुर में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा मड्डेड में खोली गई हैं।

    दंतेवाड़ा जिले में एचडीएफसी बैंक की शाखा चेरपाल में, आईसीआईसीआई बैंक की शाखा दंतेवाड़ा में, इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखाएं दंतेवाड़ा और समलवार में, कोटक महिंद्रा बैंक की शाखा परचेली में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा काटेकल्याण में खोली गई है।

    कांकेर जिले में एक्सिस बैंक की शाखाएं पनडोबिर और पाखांजूर में, बैंक ऑफ इंडिया की शाखा चरामा में तथा आईसीआईसीआई बैंक की शाखा भानुप्रतापपुर में खोली गई है। कोंडागांव जिले में एक्सिस बैंक की शाखा फरसगांव में तथा बंधन बैंक की शाखा कोंडागांव में शुरू की गई हैं। नारायणपुर जिले में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा सोनपुर में तथा एचडीएफसी बैंक की शाखा कोहकामेटा में खोली गई है। इसी प्रकार सुकमा जिले में एक्सिस बैंक की शाखा चिंतलनार में, बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा सुकमा में, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा सुकमा में, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा किस्टाराम में तथा इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखाएं सुकमा और जगरगुंडा में नई शाखाएं शुरू की गई हैं। 

    स्थानीय ग्रामीणों ने तर्रेम में बैंक शाखा खुलने पर खुशी जताई और इसे अपने लिए बड़ी सुविधा बताया। इस पहल से न केवल बैंकिंग सेवाएं सुलभ होंगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी। बस्तर में हो रहे ये सकारात्मक बदलाव आने वाले समय में समग्र विकास और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव साबित होंगे।

  • महिलाओं के लिए बड़ी सौगात: छत्तीसगढ़ में अब जमीन पर आधी कीमत की रियायत

    महिलाओं के लिए बड़ी सौगात: छत्तीसगढ़ में अब जमीन पर आधी कीमत की रियायत

    महिला सशक्तिकरण की नई इबारत 

    छत्तीसगढ़ में अब महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्री पर 50 प्रतिशत की छूट

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ की आधी आबादी को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और संपत्ति का स्वामी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पहल पर एवं  वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में सरकार ने महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन (पंजीयन) शुल्क में 50 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है। इस महत्वपूर्ण फैसले की आधिकारिक अधिसूचना आज राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है।

    निर्णय का मुख्य उद्देश्य

             इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि इस छूट से अधिक से अधिक परिवार अपनी संपत्ति महिलाओं के नाम पर दर्ज कराएंगे। संपत्ति का मालिकाना हक मिलने से महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक आर्थिक सुरक्षा बढेगी। यह निर्णय महिला सशक्तिकरण औरा महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने में मदद करेगा।

    मुख्यमंत्री का विजन- सशक्त महिला, सशक्त प्रदेश

           मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि जमीन के स्वामित्व से महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी।

    सैनिकों और पूर्व सैनिकों को स्टाम्प शुल्क में 25% छूट

    छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, ₹25 लाख तक की संपत्ति खरीद पर मिलेगा लाभ

        छत्तीसगढ़ सरकार ने सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के सम्मान और कल्याण को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने ₹25 लाख तक की संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया  है। माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर विभाग द्वारा यह प्रस्ताव तैयार किया गया ।  अधिसूचना जारी होने पश्चात सैनिक एवं भूतपूर्व सैनिको को मिलने वाली यह छूट प्रभावशील हो गई है।

    अधिसूचना के अनुसार, सैनिकों एवं भूतपूर्व सैनिकों  एवं दिवंगत होने पर उनके जीवन साथी को इस छूट की पात्रता केवल एक बार के लिए होगी।  ₹25 लाख तक की सीमा तक यह छूट मिलेगी । यदि संपत्ति का मूल्य इससे अधिक होता है, तो अतिरिक्त राशि पर नियमानुसार स्टाम्प शुल्क देय होगा।

    देश की सेवा करने वाले सैनिकों के योगदान को सम्मान देने के लिए यह एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय है।
        वर्तमान में अचल संपत्ति के क्रय-विक्रय विलेखों पर  लगभग 5 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क देय होता है, अब इस नई व्यवस्था से पात्र हितग्राहियों को स्टाम्प शुल्क में राहत मिलेगी। मातृभूमि की रक्षा के लिए अपनी जन्मभूमि से दूर रहकर सेवा करने वाले सैनिकों को आवास क्रय लागत में कमी की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।

    अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि छूट का लाभ लेने के लिए छत्तीसगढ़ का मूल निवासी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही, लाभ केवल एक बार ही लिया जा सकेगा, जिसके लिए शपथ पत्र देना होगा तथा संबंधित सैनिक/पूर्व सैनिक या विधवा होने के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

    राजस्व में निवेश, भविष्य में लाभ

            वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस योजना के आर्थिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा। रजिस्ट्रेशन शुल्क में इस रियायत से राज्य सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व का भार आएगा। वित्त मंत्री के अनुसार, यह कोई राजस्व हानि नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा निवेश है, जिसके दूरगामी सामाजिक परिणाम होंगे।

    क्या कहती है अधिसूचना?

           राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, अब किसी भी अचल संपत्ति के हस्तांतरण के दस्तावेज यदि महिलाओं के पक्ष में निष्पादित किए जाते हैं, तो उन पर लागू होने वाले निर्धारित रजिस्ट्रेशन शुल्क में सीधे 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।

  • सूरजपुर में पुलिस महकमे में हलचल, 12 ASI ट्रांसफर, देखें किसे कहां मिली जिम्मेदारी

    सूरजपुर में पुलिस महकमे में हलचल, 12 ASI ट्रांसफर, देखें किसे कहां मिली जिम्मेदारी

    सूरजपुर.

    छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के पुलिस विभाग में फेरबदल हुआ है. जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सहायक उपनिरीक्षकों स्तर के 12 पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया है. इनमें से 3 को चौकी प्रभारी बनाया गया है, वहीं एक को रक्षित केंद्र भेजा गया है. इस संबंध में जिले के पुलिस कप्तान ने आदेश जारी किया है.

    किसे कहां की मिली जिम्मेदारी? 
    जारी तबादला सूची में शामिल पुलिसकर्मियों में संजय यादव को चौकी प्रभारी सलका से थाना झिलमिली भेजा गया है, जबकि गुड्डू कुमार को थाना विश्रामपुर से चौकी प्रभारी सलका  की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसी तरह संतोष सिंह को चौकी प्रभारी करंजी से चौकी प्रभारी खेड़ी बनाया गया है. विशाल मिश्रा को थाना विश्रामपुर से चौकी करंजी स्थानांतरित किया गया है.

    कृष्ण कुमार सिंह को चौकी प्रभारी खेड़ी से रक्षित केंद्र सूरजपुर भेजा गया है, जबकि अशोक साहू  को रक्षित केंद्र से थाना विश्रामपुर पदस्थ किया गया है. विवेकानंद सिंह को रक्षित केंद्र से थाना भटगांव स्थानांतरित किया गया है. हरिशंकर तिवारी को थाना प्रतापपुर  से थाना विश्रामपुर भेजा गया है. नंदलाल को थाना भटगांव  से थाना विश्रामपुर में पदस्थ किया गया है. सिप्रियन टोप्पो को रामानुजनगर से थाना प्रेमनगर स्थानांतरित किया गया है. विनोद कुमार को चौकी रेवटी  से थाना चंदौरा भेजा गया है. वहीं मानिक चंद को चौकी लोटरी से थाना भटगांव पदस्थ किया गया है.

    आदेश में यह भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि सभी संबंधित अधिकारी तत्काल प्रभाव से अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करें. पुलिस प्रशासन के इस कदम को जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है.

  • किसानों के मंच पर हाईवोल्टेज ड्रामा, सांसद की खरी-खोटी सुन निरीक्षक ने छोड़ा माइक और चले गए

    किसानों के मंच पर हाईवोल्टेज ड्रामा, सांसद की खरी-खोटी सुन निरीक्षक ने छोड़ा माइक और चले गए

    कांकेर.

    सांसद भोजराज नाग का गुस्सा एक बार फिर चर्चा में है. गुस्से का शिकार बने मत्स्य विभाग के निरीक्षक ने किसानों के सामने जलील किए जाने पर बिना कोई जवाब दिए माइक छोड़कर निकल लिए, लेकिन इससे सांसद का पारा और चढ़ गया.

    अब जनप्रतिनिधि और सरकारी कर्मचारी के बीच का तकरार आगे चलकर क्या रुख लेता है, इस पर लोगों की निगाहें टिकी हुई है. दरअसल, कांकेर जिले के ग्राम दसपुर में आयोजित विकसित कृषि संकल्प अभियान कार्यक्रम के दौरान सांसद भोजराज नाग किसानों से बातचीत कर रहे थे, और उन्होंने सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने मत्स्य विभाग के निरीक्षक से पूछा कि क्या किसानों को विभागीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है. निरीक्षक इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए, जिस पर सांसद नाराज़ हो गए.

    सांसद ने मंच से ही माइक के माध्यम से निरीक्षक को फटकार लगाते हुए कहा कि “किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है, और आपको इसकी जानकारी तक नहीं है, यह गंभीर लापरवाही है. किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं”. सांसद की फटकार के बाद मत्स्य विभाग के निरीक्षक कार्यक्रम स्थल से माइक छोड़कर बिना जवाब दिए चले गए, जिससे सांसद और अधिक नाराज़ हो गए.

    गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अन्य अधिकारी भी अनुपस्थित रहे, जिसे लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. विकसित कृषि संकल्प अभियान जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति और जानकारी का अभाव किसानों के हितों पर असर डाल सकता है. इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर विभागीय कार्यप्रणाली और किसानों को मिलने वाले लाभों को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

  • सुखबासुपारा में बदली तस्वीर: नलकूप से दूर हुआ पेयजल संकट, ग्रामीणों ने जताई खुशी और आभार

    सुखबासुपारा में बदली तस्वीर: नलकूप से दूर हुआ पेयजल संकट, ग्रामीणों ने जताई खुशी और आभार

    रायपुर.

    प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी के बीच आमजन को राहत देने के लिए प्रशासन द्वारा त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड अंतर्गत ग्राम सपघरा के सुखबासुपारा में नलकूप खनन कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।

    उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के ग्रामीणों ने सीएम कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन देकर पेयजल समस्या के समाधान की मांग की थी। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने नलकूप खनन कराया, जिससे अब ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल गई है। नलकूप शुरू होने के साथ ही गांव में खुशी का माहौल है। अब लोगों को पानी के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने इस त्वरित पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं प्रशासन का आभार जताते हुए इसे भीषण गर्मी के बीच बड़ी सौगात बताया है।

  • बिलासपुर में पुलिस की बड़ी सफलता: ऑपरेशन तलाश से 579 गुमशुदा ट्रेस, 69 नाबालिगों की सुरक्षित बरामदगी

    बिलासपुर में पुलिस की बड़ी सफलता: ऑपरेशन तलाश से 579 गुमशुदा ट्रेस, 69 नाबालिगों की सुरक्षित बरामदगी

    बिलासपुर.

    बिलासपुर पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान और तलाश के तहत एक महीने के भीतर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन के अभियान के तहत 648 को ढूंढ निकाला गया है.

    बारमद किए गए व्यक्तियों में 69 अपहृत बच्चें (11 लड़के और 58 लड़कियां) और 579 वयस्क (430 महिला और149 पुरूष) शामिल हैं. पुलिस टीमों ने न केवल राज्य भीतर, बल्कि देश के महाराष्ट्र और ओडिशा से भी 3 बच्चों को किडनैप किया है.  1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलाए गए अभियान में तकनीकी सहयोग और मुखबिर तंत्र को स्ट्रांग किया गया, जिससे कई अपहृत बच्चों के विभिन्न राज्यों में होने की जानकारी प्राप्त हुई. टीम तैयार करके देश के विभिन्न राज्यों और राज्य के विभिन्न जिलों में टीम रवाना की गई, जिस पर राज्य के बाहर महाराष्ट्र से 2 बालिका और ओडिशा से 1 बालिका की दस्तायाबी की गई.

    गौरतलब है कि इस अभियान में बिलासपुर जिला ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत 69 बच्चों की दस्तयाबी कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. इसी प्रकार ऑपरेशन तलाश के तहत 579 महिला और पुरूष की दस्तयाबी कर राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है.