Category: छत्तीसगढ़

  • बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने साड़ी और मिठाई भेंट कर दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं

    बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने साड़ी और मिठाई भेंट कर दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं

    जशपुर

    रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज बगिया कैम्प कार्यालय में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले की 50 महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान कर उन्हें आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह से जोड़ा।

    रक्षाबंधन के आत्मीय वातावरण में स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने मुख्यमंत्री  साय की कलाई पर राखी बांधी और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने भी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें साड़ी और मिठाई उपहार स्वरूप भेंट की। बहनों के बीच मुख्यमंत्री का आत्मीय अंदाज कार्यक्रम को विशेष बना गया।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना सशक्त परिवार और समृद्ध समाज की बुनियाद है। हमारी बहनें आज स्व-सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर स्वावलंबन की नई इबारत लिख रही हैं। ई-रिक्शा उनके लिए केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि नियमित आय और सम्मानजनक स्वरोजगार का माध्यम बनेगा।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि उन्हें ऐसी आजीविका गतिविधियों से भी जोड़ा जाए, जिनसे वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें और परिवार की आर्थिक प्रगति में अपनी भूमिका को और मजबूत कर सकें।

    पिछले रक्षाबंधन पर 14, इस बार 50 बहनों को ई-रिक्शा की सौगात

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बहनों को स्वरोजगार से जोड़ने की यह पहल लगातार आगे बढ़ रही है। पिछले रक्षाबंधन पर्व पर भी स्व-सहायता समूहों की 14 महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए गए थे। इस वर्ष ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना के माध्यम से 50 और बहनों को ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं।

    उन्होंने बताया कि राजधानी रायपुर में भी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से 92 ई-रिक्शा प्रदान किए गए हैं। ई-रिक्शा चला रही महिलाएं आज प्रतिमाह लगभग 15 हजार रुपए तक की आमदनी अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आय बढ़ने के साथ उनमें आत्मविश्वास और आर्थिक स्वतंत्रता भी बढ़ी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी बहन के हाथ में स्वयं की कमाई आती है तो उसका लाभ पूरे परिवार को मिलता है। बच्चों की पढ़ाई, परिवार की आवश्यकताओं और भविष्य के लिए बचत जैसे अनेक कार्यों में यह आय सहारा बनती है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश की अधिक से अधिक महिलाओं को इसी तरह आयमूलक गतिविधियों से जोड़ना है।

    किराना, सब्जी व्यवसाय से लेकर ई-रिक्शा तक, हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं दीदियां

    मुख्यमंत्री  साय ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज हमारी दीदियां किराना दुकान, सब्जी व्यवसाय और विभिन्न छोटे उद्यमों सहित अनेक आजीविका गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं। अब ई-रिक्शा जैसी सेवाओं में भी महिलाएं आगे आ रही हैं।

    उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की दिशा में भी लगातार कार्य कर रही है, ताकि उनके उद्यम टिकाऊ हों और उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार प्रारंभ करने और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए मुद्रा ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है। महिलाओं को इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेकर अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप उद्यम शुरू करना चाहिए।

    ‘जशपुर एक्सप्रेस’ से स्वावलंबन की राह होगी आसान

    ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना के माध्यम से महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराकर उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया गया है। इससे एक ओर महिलाओं को नियमित आमदनी का माध्यम मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर आवागमन की सुविधा भी बेहतर होगी।

    मुख्यमंत्री  साय ने ई-रिक्शा प्राप्त करने वाली बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपने परिश्रम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम करें। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। शासन की योजनाओं और अपनी मेहनत के बल पर वे परिवार की आर्थिक शक्ति बनने के साथ प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

    बगिया में विकास कार्यों का भी भूमिपूजन

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने बगिया क्षेत्र को विकास कार्यों की सौगात भी दी। उन्होंने लगभग 3 करोड़ रुपए की लागत से बगिया में बनने वाले विश्राम गृह का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही बगिया में यादव मोहल्ला तक बनने वाली सीसी सड़क के निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्राथमिकता है। गांवों में सड़क, भवन एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास से लोगों के जीवन में सहूलियत बढ़ने के साथ स्थानीय विकास को भी गति मिलती है।

    राखी के स्नेह के साथ आत्मनिर्भरता का संकल्प

    रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बहनों और मुख्यमंत्री के बीच आत्मीय संवाद भी हुआ। स्व-सहायता समूह की दीदियों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधकर अपना स्नेह व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने बहनों को साड़ी और मिठाई भेंट करते हुए उनके सुखद, समृद्ध और आत्मनिर्भर भविष्य की कामना की।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें प्रदेश के विकास और जनसेवा के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता है। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश की प्रत्येक बहन को आगे बढ़ने का अवसर मिले, वह आर्थिक रूप से सशक्त बने और अपने परिवार के साथ छत्तीसगढ़ की समृद्धि में सहभागी बने।

    इस अवसर पर कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  अभिषेक कुमार सहित अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित थीं।

  • CG की रेल सुरंग में दिखा तेंदुआ, ट्रैक पर टहलते देख कर्मचारियों में हड़कंप

    CG की रेल सुरंग में दिखा तेंदुआ, ट्रैक पर टहलते देख कर्मचारियों में हड़कंप

    गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही.

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर रेल मंडल अंतर्गत खोंगसरा-भनवारटंक रेलखंड की एक सुरंग में तेंदुए की मौजूदगी से दहशत फैल गई। सुरंग के भीतर रेलवे ट्रैक पर आराम से टहलते तेंदुए का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

    लोको पायलट ने बनाया वीडियो
    जानकारी के मुताबिक, सुरंग के भीतर घूम रहे तेंदुए पर सबसे पहले एक रेलवे ड्राइवर की नजर पड़ी। इसके बाद सूचना मिलने पर वहां से गुजर रही ट्रेन के लोको पायलट ने अपने मोबाइल से तेंदुए का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में तेंदुआ रेलवे ट्रैक के ठीक बीचो बीच चलता हुआ साफ दिखाई दे रहा है।

    ​रेल कर्मचारियों में दहशत, सुरक्षा पर सवाल
    सुरंग में तेंदुए की एंट्री के बाद से ट्रैक मेंटेनेंस और गश्त में तैनात रेलवे कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है। कर्मचारियों का कहना है कि घने जंगलों और पहाड़ी ढलानों से घिरे इस कठिन भूगोल में उन्हें पैदल गश्त और मरम्मत का काम करना पड़ता है। ऐसे में हिंसक वन्यजीवों की मौजूदगी उनकी जान के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। ​

    ​वन विभाग की बढ़ी सक्रियता
    मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ा दी है। विभाग की ओर से रेलवे कर्मचारियों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। ​रेलवे और वन विभाग के समन्वय से संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग उठ रही है।

  • लोक भवन में गूंजा अपनत्व का संदेश, दिव्यांग बच्चों ने राज्यपाल  रमेन डेका को बांधा रक्षा सूत्र

    लोक भवन में गूंजा अपनत्व का संदेश, दिव्यांग बच्चों ने राज्यपाल रमेन डेका को बांधा रक्षा सूत्र

    रायपुर

    रक्षाबंधन के पावन अवसर पर कोपल वाणी के श्रवण बाधित दिव्यांग बच्चों तथा मिनी मार्वेल्स स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने आज लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल  रमेन डेका को अपने हाथों से बनाई गई राखियां बांधीं। बच्चों ने रक्षा सूत्र बांधकर राज्यपाल के स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना की और उन्हें अपने हाथों से तैयार की गई राखियों की विशेषता भी बताई। इसके बाद बच्चों ने राज्यपाल का मुंह मीठा कराया।

    मासूम हाथों से बनाई गई राखियां जब राज्यपाल  डेका की कलाई पर सजीं तो रक्षाबंधन का यह अवसर आत्मीयता और भावनाओं से भर उठा। राज्यपाल ने बच्चों के स्नेह को सहर्ष स्वीकार करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया तथा उपहार भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया।

    लोक भवन पहुंचकर बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था। विशेष रूप से कोपल वाणी के दिव्यांग बच्चों के लिए यह अवसर सम्मान, आत्मविश्वास और गौरव से भरा रहा। अपने हाथों से राखियां तैयार कर उन्हें राज्यपाल की कलाई पर बांधना बच्चों की रचनात्मकता, कौशल और आत्मनिर्भरता का सुंदर उदाहरण रहा। इस अवसर ने यह संदेश भी दिया कि दिव्यांग बच्चे समाज की मुख्यधारा का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें समान अवसर एवं प्रोत्साहन मिलना चाहिए।

    राज्यपाल  डेका ने बच्चों की प्रतिभा और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि रक्षाबंधन प्रेम, स्नेह और पारस्परिक विश्वास का पर्व है। बच्चों का यह आत्मीय स्नेह मन को छू लेने वाला है। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि समाज को दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।

    इस अवसर पर कोपल वाणी की संस्थापिका  पदमा शर्मा, श्रद्धा साहू एवं सोनिया दामनी उपस्थित रहीं। मिनी मार्वेल्स स्कूल की डायरेक्टर  अनुभूति वास्तव सहित शिक्षकगण भी उपस्थित थे।

  • इंद्रावती नदी के उफान ने बढ़ाई चित्रकोट की खूबसूरती, दिखा मनमोहक दृश्य

    इंद्रावती नदी के उफान ने बढ़ाई चित्रकोट की खूबसूरती, दिखा मनमोहक दृश्य

    जगदलपुर.

    चारों तरफ हरियाली, आसमान में बादल और बीच में पूरे वेग से बहती बस्तर की इंद्रावती नदी। ड्रोन कैमरे के जरिए जरा आप भी देखिए देश के मिनी नियाग्रा चित्रकोट जलप्रपात का ये अद्भुत नजारा। इंद्रावती में पानी बढ़ने के बाद चित्रकोट की तस्वीर ही बदल गई है।

    दूर तक फैला नदी का पानी और फिर एक साथ कई धाराओं में नीचे गिरता विशाल जलप्रवाह बरसात में प्रकृति ने मानो चित्रकोट को एक नया रूप दे दिया है। आमतौर पर अपनी ऊंचाई और चौड़ाई के लिए पहचाना जाने वाला चित्रकोट जलप्रपात इन दिनों पानी बढ़ने की वजह से बिल्कुल अलग दिखाई दे रहा है। जलप्रवाह इतना बढ़ गया है कि अब पानी करीब 5 फीट की ऊंचाई से ही नीचे गिरता नजर आ रहा है, लेकिन खास बात ये है कि कम होती ऊंचाई के बावजूद पानी की चौड़ाई और उसका रौद्र वेग इस नजारे को और भी भव्य बना रहा है।

    ओडिशा में इंद्रावती परियोजना के गेट खोले जाने की चर्चा
    दरअसल इंद्रावती नदी का उद्गम ओडिशा के कालाहांडी क्षेत्र से होता है। वहां और नदी के कैचमेंट वाले इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर अब बस्तर में साफ दिखाई दे रहा है। ऊपरी इलाकों से लगातार पानी आने के कारण इंद्रावती का जलस्तर बढ़ा हुआ है। इधर ओडिशा में जलाशयों और इंद्रावती परियोजना के गेट खोले जाने को लेकर भी चर्चा है, जिस वजह से इंद्रावती का जलस्तर बढ़ा हुआ है। हालांकि वर्तमान में कौन-कौन से गेट खोले गए हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है, लेकिन इंद्रावती के बढ़े जलस्तर के बीच तस्वीर ऐसी भी है, जिसने पर्यटकों को खींच लिया है।

    मिनी नियाग्रा शबाब पर, पर्यटकों की उमड़ी भीड़
    देश का मिनी नियाग्रा इन दिनों अपने पूरे शबाब पर है। इंद्रावती की उफनती धार को देखने और चित्रकोट के बदले हुए नजारे को कैमरे में कैद करने के लिए पर्यटकों की संख्या भी काफी बढ़ गई है। लोग दूर-दूर से पहुंच रहे हैं और इस विशाल जलप्रवाह को देखकर रोमांचित हो रहे हैं। एक तरफ इंद्रावती का बढ़ता जलस्तर नदी किनारे के इलाकों के लिए सतर्कता का संकेत है. लेकिन दूसरी तरफ यही उफनती इंद्रावती बस्तर के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल देश के मिनी नियाग्रा चित्रकोट जलप्रपात की खूबसूरती में चार चांद लगा रही है। ड्रोन कैमरे की इन तस्वीरों में आप खुद देख सकते हैं दूर तक फैली इंद्रावती, चारों ओर हरियाली और बीच में पूरे वेग से गिरता पानी ये नजारा सिर्फ एक जलप्रपात का नहीं, बल्कि बरसात में अपने सबसे शानदार रूप में नजर आ रहे बस्तर का है।

  • नई लेदरी में गूंजा नात-ए-पाक का पैगाम, मोहब्बत और भाईचारे से रोशन हुईं गलियां

    नई लेदरी में गूंजा नात-ए-पाक का पैगाम, मोहब्बत और भाईचारे से रोशन हुईं गलियां

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    कभी-कभी कोई दिन केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं होता, बल्कि वह दिन दिलों में उतरकर इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे और रहमत का पैगाम बन जाता है। नई लेदरी में आज कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की याद और उनकी शिक्षाओं को समर्पित ईद मिलादुन्नबी का पर्व बड़े ही उत्साह, अकीदत और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूरा नई लेदरी मानो मोहब्बत और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया।

    ईद मिलादुन्नबी के मौके पर बच्चे हों या बुजुर्ग, नौजवान हों या महिलाएं, हर चेहरे पर उत्साह और हर दिल में अपने प्यारे नबी की मोहब्बत नजर आई। बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम और रैली में शामिल होकर अपनी अकीदत का इजहार किया। गलियों और चौक-चौराहों से गुजरती रैली ने पूरे क्षेत्र में एक ऐसा आध्यात्मिक वातावरण बना दिया, जिसमें नात-ए-पाक की मधुर आवाजें दिलों को छूती रहीं।

    इस भव्य रैली का शुभारंभ मौलाना असलम नूरी एवं रिजवियां अंजुमन कमेटी के सदर शमशाद कादरी के नेतृत्व में रजा मस्जिद प्रांगण से हुआ। रैली जैसे-जैसे आगे बढ़ी, लोगों का उत्साह और उमंग भी बढ़ता गया। नात-ए-पाक की सुरीली आवाजों के बीच श्रद्धालु पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की याद में अपनी भावनाएं व्यक्त करते नजर आए।

    रैली एसईसीएल मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय होते हुए अटल चौक, झरझरा चौक, गांधी चौक तथा नई लेदरी की विभिन्न गलियों और चौक-चौराहों से होकर गुजरी। रास्ते भर अकीदतमंदों की मौजूदगी और नात-ए-पाक की गूंज ने माहौल को पूरी तरह खुशनुमा और भावुक बना दिया।

    इस दौरान ऐसा लग रहा था मानो नई लेदरी की हर गली अपने रहमत के पैगाम को महसूस कर रही हो। बच्चों के चेहरों पर मासूम खुशी, बुजुर्गों की आंखों में अकीदत और युवाओं के उत्साह ने इस आयोजन को और भी यादगार बना दिया। रैली में शामिल लोगों ने अपने आचरण और अनुशासन के माध्यम से मोहब्बत, शांति और भाईचारे का खूबसूरत संदेश भी दिया।

    ईद मिलादुन्नबी केवल जश्न मनाने का अवसर नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगी और उनकी शिक्षाओं को याद करने का पवित्र अवसर है। उन्होंने इंसान को इंसान से मोहब्बत करना, जरूरतमंदों की मदद करना, कमजोरों का सहारा बनना, सच्चाई का साथ देना और समाज में अमन व भाईचारा कायम रखना सिखाया। यही वजह है कि उनकी याद में आयोजित होने वाला यह पर्व लोगों के दिलों को जोड़ने और इंसानियत की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है।

    रैली का समापन पुनः रजा मस्जिद प्रांगण में हुआ। यहां पहुंचने के बाद भी लोगों में उत्साह और श्रद्धा का भाव बना रहा। आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब दिलों में मोहब्बत हो और जुबां पर नात-ए-पाक हो, तो पूरा वातावरण इबादत और भाईचारे की खुशबू से महक उठता है।

    नई लेदरी में आयोजित यह ईद मिलादुन्नबी समारोह निश्चित रूप से लंबे समय तक लोगों की यादों में बसा रहेगा। यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मोहब्बत, इंसानियत, रहमत और आपसी भाईचारे की खूबसूरत तस्वीर बनकर सामने आया। आज नई लेदरी की गलियों में गूंजती नात-ए-पाक की आवाजों ने मानो यही संदेश दिया कि दुनिया में सबसे खूबसूरत रिश्ता वही है, जो इंसान को इंसान से जोड़ता है और दिलों में मोहब्बत पैदा करता है।

  • स्नेह, विश्वास और अपनत्व की डोर से मजबूत होते हैं भाई-बहन के रिश्ते :  राजेश अग्रवाल

    स्नेह, विश्वास और अपनत्व की डोर से मजबूत होते हैं भाई-बहन के रिश्ते : राजेश अग्रवाल

    रायपुर

    रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास, अपनत्व और आत्मीयता का पावन पर्व है। यह पर्व परिवार और समाज में प्रेम, सम्मान तथा आपसी विश्वास के रिश्तों को और अधिक मजबूत करने का संदेश देता है। पद्म से सम्मानित प्रसिद्ध पंडवानी एवं पंथी गायिका डॉ. उषा बारले ने पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री  राजेश अग्रवाल को राखी बांधी और भाई-बहन के स्नेह के इस पवित्र रिश्ते को आत्मीयता के साथ मनाया।

    इस अवसर पर पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि रक्षाबंधन केवल कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि यह भाई-बहन के बीच अटूट स्नेह, विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है। राखी का यह पवित्र धागा हमें अपने रिश्तों की गरिमा बनाए रखने और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने की प्रेरणा देता है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत में भी भाई-बहन के प्रेम और पारिवारिक रिश्तों को विशेष स्थान प्राप्त है। हमारी संस्कृति पर्व-त्योहारों के माध्यम से समाज को जोड़ने और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का संदेश देती है। रक्षाबंधन भी इसी आत्मीय परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है।

    मंत्री  अग्रवाल ने पद्म डॉ. उषा बारले द्वारा राखी बांधे जाने को आत्मीय क्षण बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और लोक परंपराओं को अपनी प्रतिभा से देश-दुनिया में पहचान दिलाने वाली डॉ. उषा बारले का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए विशेष सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि यह राखी उनके लिए केवल एक पर्व की रस्म नहीं, बल्कि स्नेह, सम्मान और विश्वास की खूबसूरत डोर है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, लोककला, परंपराओं और आपसी भाईचारे से है। हमारी सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने और देश-दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

    पर्यटन मंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की माताओं, बहनों और भाइयों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में प्रेम, सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। भाई-बहन का स्नेह सदैव बना रहे और परिवारों में खुशियों का संचार हो।

    उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर हम सभी अपने रिश्तों को और मजबूत करने, परिवार एवं समाज में प्रेम और सद्भाव बढ़ाने तथा छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लें।

  • ‘विष्णु भैया’ ने बहनों के बीच केरसई को दी विकास की नई सौगातें

    ‘विष्णु भैया’ ने बहनों के बीच केरसई को दी विकास की नई सौगातें

    रायपुर 

     रक्षाबंधन के पावन अवसर पर जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम केरसई में आज भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। यहां आयोजित ‘रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पहुंचने पर क्षेत्र की बहनों ने बड़े उत्साह और आत्मीयता के साथ उनका स्वागत किया और उनकी कलाई पर राखी बांधी। बहनों के स्नेह से अभिभूत मुख्यमंत्री ने उनसे आत्मीय संवाद किया, उनकी बातें सुनीं और सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के स्नेह का पर्व नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और सुरक्षा के संकल्प का भी पर्व है। जब बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है तो वह धागा जीवन भर उसके सम्मान और सुख-दुःख में साथ खड़े रहने की जिम्मेदारी से जोड़ देता है। प्रदेश की माताओं और बहनों का स्नेह तथा आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

    मुख्यमंत्री ने बहनों से कहा कि “आपने मुझे जो स्नेह और विश्वास दिया है, उसे बनाए रखना मेरा दायित्व है। मेरा फर्ज है कि आपका और क्षेत्र की जनता का सिर हमेशा ऊंचा रहे तथा विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।” उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों के सम्मान, सशक्तिकरण और खुशहाली से ही परिवार मजबूत होगा और मजबूत परिवारों से विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।

    केरसई को मिली विकास की अनेक सौगातें

    रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्रवासियों की मांगों को आत्मीयता से स्वीकार करते हुए अनेक विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने घासीमुंडा में जर्जर प्राथमिक शाला के स्थान पर नया शाला भवन, केरसई तालाब का सौंदर्यीकरण, केरसई में मिनी स्टेडियम, केरसई एवं घासीमुंडा के बजरंग बली मंदिरों का जीर्णोद्धार, मुख्य मार्ग से अरुण के घर तक सीसी सड़क, ग्राम पंचायत कोहपानी के गढ़वामुड़ा यादव बस्ती में सामुदायिक भवन, घासीमुंडा में सामुदायिक भवन तथा ग्राम ऊपरकछार में महतारी सदन बनाने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने केरसई में लगभग 84.69 लाख रुपए के विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार गांवों में सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल, सामुदायिक भवन सहित सभी आवश्यक अधोसंरचनाओं का तेजी से विस्तार कर रही है। विकास कार्यों में ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है और आने वाले समय में भी क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य निरंतर स्वीकृत किए जाएंगे।

    महिला सशक्तिकरण से बदल रही छत्तीसगढ़ की तस्वीर

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार की नीतियों के केंद्र में माताओं और बहनों का सम्मान, आर्थिक स्वावलंबन और खुशहाली है। आज प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था को भी नई शक्ति दे रही हैं।

    उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख बहनों को हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। बहनें इस राशि का उपयोग अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई तथा सिलाई-कढ़ाई और अन्य आजीविका गतिविधियों के लिए कर रही हैं। यह आर्थिक संबल महिलाओं के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत कर रहा है।

    मुख्यमंत्री ने ड्रोन दीदियों का उदाहरण देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं अब आधुनिक तकनीक से भी जुड़ रही हैं और इसके माध्यम से आय के नए अवसर प्राप्त कर रही हैं। जशपुर जिले की बहनों को 50 ई-रिक्शा प्रदान किए जाने से उनके लिए स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह खुलेगी।

    उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि गांव की प्रत्येक महिला को उसकी रुचि और क्षमता के अनुरूप आजीविका का अवसर मिले। महिलाओं के हाथों में आर्थिक शक्ति आने से परिवार और समाज दोनों मजबूत होते हैं।

    किसान, गरीब और हर जरूरतमंद परिवार के साथ सरकार

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए भी प्रतिबद्ध है। प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

    उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब परिवारों के लिए बड़ी संख्या में पक्के मकानों का निर्माण किया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि कोई भी पात्र परिवार आवास जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे। गरीब परिवार का अपना पक्का घर केवल एक भवन नहीं, बल्कि उसके सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार है।

    मुख्यमंत्री ने श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार प्रदेशवासियों को धार्मिक एवं तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर भी उपलब्ध करा रही है। समाज के ऐसे लोग, जो आर्थिक या अन्य कारणों से तीर्थयात्रा नहीं कर पाते थे, वे इन योजनाओं के माध्यम से अपनी आस्था से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों के दर्शन कर पा रहे हैं।

    नक्सलवाद के समाप्त होने से विकास को मिली नई गति

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई से प्रदेश के दूरस्थ और प्रभावित क्षेत्रों में विकास का नया वातावरण बना है। जिन इलाकों में पहले विकास कार्यों में बाधा आती थी, वहां अब तेजी से बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी, सड़क, राशन और दूरसंचार जैसी आवश्यक सुविधाएं पहुंच रही हैं। सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर सरकार लगातार कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए गांव, गरीब, किसान, महिला और युवा – सभी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

    मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से सीधे दर्ज कराएं समस्या

    मुख्यमंत्री श्री साय ने उपस्थित ग्रामीणों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए कहा कि आम नागरिक अपनी समस्याएं और शिकायतें इसके माध्यम से सीधे दर्ज करा सकते हैं। शासन-प्रशासन को अधिक जवाबदेह और जनसमस्याओं के समाधान को अधिक सरल बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण माध्यम है।

    उन्होंने लोगों से मुख्यमंत्री बिजली बिल राहत योजना का लाभ लेने तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत अपने घरों में सौर पैनल लगवाने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा से परिवारों के बिजली खर्च में कमी आने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।

    जशपुर में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा का होगा विस्तार

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में मेडिकल कॉलेज सहित एमसीएच यूनिट, फिजियोथेरेपी, नर्सिंग और स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर न जाना पड़े और स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों।

    ‘विष्णु भैया’ के रूप में मिला बहनों का स्नेह

    पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने क्षेत्रवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज पूरे प्रदेश की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं। मुख्यमंत्री अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच बहनों के बीच पहुंचकर राखी बंधवा रहे हैं और उनसे आत्मीय संवाद कर रहे हैं। यह प्रदेश की माताओं-बहनों के साथ उनके आत्मीय रिश्ते को दर्शाता है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांगें पूरी हो रही हैं और जशपुर निरंतर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

    हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया। सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत बालिका आयुषी को पासबुक प्रदान की गई। वहीं स्वामित्व योजना के अंतर्गत कौशल्या पैंकरा, कमला बाई, लालो, ज्योति बाई और सुमेत्रा खैरवार को आवासीय पट्टे वितरित किए गए।

    मुख्यमंत्री ने सरस्वती स्व-सहायता समूह को एक लाख रुपए का चेक भी प्रदान किया। उन्होंने समूह की महिलाओं से संवाद करते हुए उन्हें आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया।

    कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

  • समान नागरिक संहिता पर छत्तीसगढ़ में महामंथन, कानून और समाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा

    समान नागरिक संहिता पर छत्तीसगढ़ में महामंथन, कानून और समाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा

    ​रायपुर

    समान नागरिक संहिता के लिए गठित समिति के सदस्य सेवानिवृत्त आईएएस द्वय  शत्रुघ्न सिंह और  एम.के.राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता  मोहन पवार, सेवानिवृत्त मती ज्योति रानी सिंह और सदस्य सचिव  श्याम धावड़े के समक्ष आज राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में धार्मिक और सामाजिक संगठनों सहित आयोग, निगम, मंडल के पदाधिकारियों  की बैठक आयोजित कर समान नागरिक संहिता के संबंध में सुझाव लिए गए।  संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों को साकार करने के उद्देश्य से गठित यूसीसी समिति के समक्ष धार्मिक और सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न वर्गों सहित आयोग, निगम, मंडल के पदाधिकारियों की सहभागिता लगातार देखने को मिल रही है।

    समान नागरिक संहिता का उद्देश्य प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए धर्म, जाति या पंथ से परे विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे पारिवारिक मामलों में एक समान नियम बनाना है। पुत्र और पुत्री दोनों को संपत्ति में समान उत्तराधिकार का अधिकार दिया गया है। इसके तहत मौखिक तलाक और कुछ अन्य धार्मिक कुप्रथाओं पर रोक लगाई जा सकेगी। इसके लिए धार्मिक और सामाजिक संगठनों, विभिन्न आयोग, निगम, मंडल के पदाधिकारियों, विभिन्न समाज के प्रमुखो, पदाधिकारियों, प्रबुद्धजनों और जनप्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर अपने बहुमूल्य सुझाव  देने के लिए उपस्थित रहे। 

    समान नागरिक संहिता के लिए विभिन्न आयोग, निगम, मंडल के पदाधिकारियों, विभिन्न समाज के प्रमुखो, पदाधिकारियों, प्रबुद्धजनों और जनप्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए। बैठक में  सुझाव देने वालों में उपाध्यक्ष मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण  प्रणव कुमार मरपच्ची, विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष  ललित माखीजा, क्रिश्चियन समाज के  जान राजेश पॉल, अध्यक्ष मुस्लिम समाज  सलाम रिजवी, अध्यक्ष गुरुद्वारा कमेटी  इंद्रजीत छाबड़ा, उपाध्यक्ष अन्य पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण  ललित चंद्राकर,  राज्य नीति आयोग के अध्यक्ष  गणेश शंकर मिश्रा शामिलथे स इसी प्रकार राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष  संदीप शर्मा, महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू और सदस्य मती सरला कोसरिया तथा दीपिका सोरी, अध्यक्ष गौ सेवा आयोग  विशेषर पटेल, अध्यक्ष राज्य अल्पसंख्यक आयोग  अमरजीत छाबड़ा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय वास्तव, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष  रूप सिंह मंडावी, मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष  लखन लाल धीवर, जैतू साव मठ के महंत  राम सुंदर दास, अग्रवाल समाज, माहेश्वरी समाज सहित कई सामाजिक संगठनों ने इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।

    एक समान विधिक ढाँचा तैयार करने की दिशा में बढ़ाया कदम 

     छत्तीसगढ़ में सभी नागरिकों को विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों जैसे व्यक्तिगत मामलों में एक समान व न्यायसंगत अधिकार देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाये जाने का सुझाव दिया। ​प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के मुख्य आयाम में​ सर्व समावेशी समानता को शामिल किया गया है। धर्म या समुदाय से परे हटकर सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक और उत्तराधिकार जैसे मामलों में एक समान विधिक ढाँचा तैयार करना के दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इसमें उत्तराधिकार और वैवाहिक अधिकारों में महिलाओं को बराबरी का अधिकार देना और असमानता पैदा करने वाले नियमों को समाप्त करना शामिल है। वर्तमान में लागू विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों की जटिलताओं और भ्रम को दूर कर एक स्पष्ट और सुव्यवस्थित संहिता का निर्माण करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाया जा रहा है।

    जनजातीय परंपराओं का संरक्षण

     राज्य की विशिष्ट जनजातीय और रूढ़िगत परंपराओं पर प्रस्तावित सुधारों के व्यावहारिक प्रभावों का संवेदनशीलता से आकलन किया जाएगा। ​प्रदेशव्यापी जन-संवाद से समावेशी प्रारूप की तैयारी के लिए गठित यह समिति राज्य के सभी जिलों में फील्ड स्टडी, ऑनलाइन पोर्टल और जन-संवाद के माध्यम से आम नागरिकों, सामाजिक- धार्मिक संगठनों और कानूनविदों की राय जुटा रही है। न्यू सर्किट हाउस में आयोजित इस विस्तृत परिचर्चा से राज्य में एक पारदर्शी, सर्वसमावेशी और जन-हितैषी समान नागरिक संहिता तैयार करने की प्रक्रिया को और मजबूती मिली है।

     

  • आदिवासी समाज को लेकर केदार कश्यप का कांग्रेस पर हमला, बोले- भड़काने में सफल नहीं होगी पार्टी

    आदिवासी समाज को लेकर केदार कश्यप का कांग्रेस पर हमला, बोले- भड़काने में सफल नहीं होगी पार्टी

    रायपुर.

    यूसीसी को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के रूख पर पर मंत्री केदार कश्यप ने निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि जहां राष्ट्रीयता और समाजहित की बात आती है, वहां कांग्रेस विरोध करने लगती है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि आदिवासी समाज को यूसीसी से दूर रखा जाएगा.

    आदिवासी समाज को भड़काने की जो कोशिश हो रही है, वह सफल नहीं होगी. मंत्री केदार कश्यप ने मीडिया से चर्चा में बस्तर से आदिवासियों के साथ आंदोलन करने की कांग्रेस की तैयारी पर कहा कि कांग्रेस को पहले आत्मावलोकन करना चाहिए. कांग्रेस के राजकुमार जब भी यहां आए, उन्होंने कुछ नहीं किया. राहुल गांधी ने 2008 और फिर 2019 में बड़ी-बड़ी बातें कीं, लेकिन पीएम आवास योजना छीन ली, और लोगों की छत छीनने का काम किया. हमारी सरकार की चरण पादुका योजना भी बंद कर दी गई. आज बस्तर नक्सलमुक्त हो रहा है तो कांग्रेस को यह रास नहीं आ रहा है.

    वहीं 29 सीटों पर कांग्रेस के फोकस को लेकर मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता ही ऐसी है. उनकी योजनाओं और राजनीति का प्रदेश के विकास से कोई सरोकार नहीं है. आदिवासियों के मन में पीड़ा पैदा करने और उन्हें भड़काने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह सफल नहीं होगी. पहले भी पीसीसी चीफ ने आदिवासियों को बुलाया था बकरा भात खाने के लिए और सुअर भात खिलाकर उन्हें भेज दिया था. महतारी वंदन योजना में डेढ़ लाख महिलाओं के नाम कटने पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के लोग पहले 500 रुपए देने की बात करते थे, जबकि हमारी सरकार ने मातृशक्ति को राखी से पहले ही राशि दी, तो कांग्रेस को तकलीफ हो रही है. यह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता है. तकनीकी समस्या है तो उसे जल्द सॉल्व कर लिया जाएगा, लेकिन कांग्रेस की मानसिकता नहीं सुधारी जा सकती.

    कंप्यूटर की खराबी सुधारी जा सकती है, लेकिन इनके दिमाग की खराबी का इलाज मुश्किल है.
    कर्नाटक में वंदेमातरम का दो अंतरा ही गाने की घोषणा पर केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता साफ दिखती है, उनके नेताओं ने तुष्टीकरण की राजनीति के कारण वंदे मातरम नहीं गाने का फैसला लिया था, और वही नीति आज भी चली आ रही है. वहीं यूथ कांग्रेस के चुनाव में खर्च को लेकर कहा कि कांग्रेस में पार्षद और विधायक के टिकट के लिए पैसों का लेन-देन होता है, उसी के आधार पर पद बांटे जाते हैं, और अब संगठन के पदों की भी बोली लग रही है. वन विभाग में वन रक्षकों की भर्ती को लेकर वन मंत्री ने कहा कि लिखित परीक्षा व्यापम के माध्यम से कराने की तैयारी चल रही है. अपडेट के अनुसार दिसंबर 2026 तक परीक्षा आयोजित होने की संभावना है, जिसमें करीब 16 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे, इसके बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

    नेपाल में फंसे लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर
    नेपाल में आई बाढ़ को लेकर राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. इस पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह बहुत बड़ी प्राकृतिक त्रासदी है. मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए हेल्पलाइन नंबर शुरू कराया है, ताकि वहां फंसे लोगों और उनके परिवारों को संबल मिल सके.

  • राखी बांधकर दीदियों ने दी डिप्टी सीएम विजय शर्मा को बधाई, गुजरात यात्रा के अनुभव भी किए साझा

    राखी बांधकर दीदियों ने दी डिप्टी सीएम विजय शर्मा को बधाई, गुजरात यात्रा के अनुभव भी किए साझा

    रायपुर : बिहान की दीदियों ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को राखी बांधकर दी बधाई, साझा किए गुजरात भ्रमण के अनुभव

    कबीरधाम जिले के 17 बिहान समूहों की दीदियों और 17 पशुपालकों को गुजरात के बनासकाठा के शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा गया था

    रायपुर

    कबीरधाम जिले के बिहान स्व-सहायता समूहों से जुड़ी दीदियों और पशुपालकों का गुजरात के बनासकाठा स्थित डेयरी कोऑपरेटिव एवं अमूल डेयरी कोऑपरेटिव का शैक्षणिक भ्रमण उपयोगी और प्रेरणादायी रहा। भ्रमण से वापस लौटने के बाद बिहान समूह की दीदियों ने कवर्धा निवास पहुंचकर उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान दीदियों ने उन्हें रक्षाबंधन की बधाई देते हुए राखी बांधी और गुजरात में मिले अनुभवों तथा सीखी गई नई तकनीकों की जानकारी साझा की।

    उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सभी दीदियों और पशुपालकों का आत्मीय स्वागत करते हुए उनके अनुभव सुने। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब वहां से मिली सीख को अपने गांव और जिले में अपनाकर आजीविका के नए अवसर तैयार किए जाएं। उन्होंने दीदियों से बनासकाठा में देखी गई उन्नत डेयरी व्यवस्था, पशुपालन तकनीक, चारा प्रबंधन, दुग्ध संकलन, गुणवत्ता नियंत्रण और सहकारी मॉडल से मिली सीख को स्थानीय स्तर पर लागू करने का आह्वान किया।

    बनासकाठा में देखा सफल डेयरी और सहकारी मॉडल

    उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से कबीरधाम जिले के 17 बिहान समूहों की दीदियों और 17 पशुपालकों को गुजरात के बनासकाठा के शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा गया था। दल ने वहां डेयरी कोऑपरेटिव और अमूल डेयरी कोऑपरेटिव की कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने उन्नत पशुपालन तकनीक, संतुलित आहार एवं चारा विकास, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपाय, दुग्ध संकलन एवं प्रसंस्करण की आधुनिक व्यवस्था, दूध की गुणवत्ता जांच, डेयरी उत्पाद निर्माण और उनके विपणन की पूरी प्रक्रिया को करीब से समझा। इसके साथ ही सहकारी मॉडल के माध्यम से छोटे पशुपालकों को संगठित कर उनकी आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की व्यवस्था की भी जानकारी प्राप्त की।

    सीख को कबीरधाम में लागू करने का संकल्प

    गुजरात से लौटीं दीदियों ने बताया कि वहां पशुपालन और डेयरी गतिविधियों को केवल व्यक्तिगत आय का साधन नहीं, बल्कि सामूहिक आर्थिक विकास के मॉडल के रूप में विकसित किया गया है। दुग्ध उत्पादकों को बाजार से जोड़ने, गुणवत्ता बनाए रखने और दूध के बेहतर मूल्य प्राप्त करने की व्यवस्थाओं ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया। दीदियों ने कहा कि बनासकाठा में मिली सीख से उन्हें अपने गांवों में पशुपालन और डेयरी गतिविधियों को और बेहतर ढंग से संचालित करने की प्रेरणा मिली है। वे वहां सीखी गई उपयोगी तकनीकों और प्रबंधन पद्धतियों को अन्य ग्रामीण महिलाओं तथा पशुपालकों के साथ साझा कर सामूहिक रूप से आजीविका के नए अवसर विकसित करने का प्रयास करेंगी।

    ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल

    उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। बिहान स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। वहीं पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने, बेहतर प्रबंधन और बाजार से जुड़ाव के माध्यम से पशुपालकों की आय में वृद्धि के लिए विभिन्न पहल की जा रही हैं।

    उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि कबीरधाम की दीदियों और पशुपालकों का बनासकाठा भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि सीख को स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसरों में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गुजरात के सफल डेयरी मॉडल से प्राप्त अनुभव आने वाले समय में कबीरधाम में दुग्ध उत्पादन, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने में उपयोगी साबित होंगे।