Author: NewseDay

  • युवाओं की प्रतिभा से बनेगा विकसित भारत, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोले राज्यपाल पटेल

    युवाओं की प्रतिभा से बनेगा विकसित भारत, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोले राज्यपाल पटेल

    ज्ञान, प्रतिभा और संकल्प से युवा विकसित भारत के निर्माण में दें योगदान : राज्यपाल पटेल

    बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह सम्पन्न

    भोपाल 

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि युवाओं को अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग व्यक्तिगत सफलता के साथ समाज, पर्यावरण और राष्ट्र के हित में करना चाहिए। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और जनसेवा की भावना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से सफलता के साथ विनम्रता बनाए रखने तथा माता-पिता, शिक्षकों और समाज के योगदान का सदैव स्मरण रखने का आह्वान किया।

    राज्यपाल पटेल ने यह बात बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। दीक्षांत कार्यक्रम का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को किया गया।

    राज्यपाल पटेल ने महान स्वतंत्रता सेनानी और शिक्षाविद् बरकतउल्लाह जी के देश प्रेम तथा अपनी माटी की सेवा के जज्बे का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और लगन का उत्सव है, जो उनके जीवन में नई जिम्मेदारियों और अवसरों के द्वार खोलता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की यात्रा अलग होती है। उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के सहयोग के लिए सदैव आभारी रहना चाहिए। वे जहाँ भी जाएँ, अपने विश्वविद्यालय और परिवार की गरिमा बढ़ाने का प्रयास करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में शिक्षा व्यवस्था का केवल सूचना और ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं रही, बल्कि सत्य की खोज, चरित्र निर्माण और लोक कल्याण का मार्ग रही है। गुरु-शिष्य परंपरा में समानता, अनुशासन और चरित्र निर्माण को महत्व दिया गया। श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा का गुरु सांदीपनि के आश्रम में समान शिक्षा प्राप्त करने का प्रसंग इसका प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को वर्तमान चुनौतियों के समाधान और भविष्य के नवाचार का माध्यम बनाना होगा।

    राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत समारोह की थीम ‘हरित ऊर्जा से विकसित भारत बनाने की पहल’ की सराहना की, कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी आवश्यक है। प्रकृति के निरंतर दोहन से जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियां सामने आई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का उल्लेख किया। विद्यार्थियों से शुद्ध प्राणवायु के लिए पौधरोपण और जल संरक्षण को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कच्छ के रण में शिक्षक दंपत्ति द्वारा बच्चों की सहभागिता से पौधरोपण के द्वारा विद्यालय की बाउंड्री वॉल बनाने के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि काम छोटा हो सकता है, लेकिन सोच बड़ी और संकल्प मजबूत हो तो उसका प्रभाव दूरगामी होता है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और जल संरक्षण के क्षेत्र में नवाचार के साथ आदर्श जीवनशैली के उदाहरण प्रस्तुत करने की अपेक्षा की है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ‘जन सेवा संकल्प’ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से विद्यार्थियों की सहभागिता से सेवा शिविर आयोजित करने तथा सिकल सेल, थैलेसीमिया और कैंसर से पीड़ित मरीजों के लिए रक्तदान जैसी समाजोपयोगी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि रक्तदान जीवनदान के समान है और युवाओं की सेवा भावना से ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगी।

    प्रदेश में उच्च शिक्षा में बेटियों का हुआ अधिक नामांकन

    उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत कार्यक्रमों के नियमित आयोजन व्यवस्था के लिए आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में बेटियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में इस वर्ष उच्च शिक्षा में बेटियों का नामांकन लड़कों की तुलना में अधिक हुआ है। उन्होंने कहा कि बेटियों की बढ़ती भागीदारी केवल शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव नहीं, बल्कि बदलते भारत की सशक्त तस्वीर है। गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश में नीति के प्रावधानों के अनुरूप व्यापक स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

    भारतीय विदेश व्यापार संस्थान के कुलपति प्रो. के. रंगराजन ने विश्वविद्यालय को नमन करते हुए बताया कि वह इसके पूर्व छात्र है। दीक्षांत समारोह में शामिल होकर गर्व का अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक होने के लिए विदेश जाने की आवश्यकता नहीं है। भारत में अपार अवसर उपलब्ध हो गए है। उन्होंने बताया कि दुनिया के सभी विकसित देशों के साथ भारत मुक्त व्यापार के समझौते के प्रयास तेजी से कर रहा है।  

    अपर मुख्य सचिव कुलगुरू बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय अनुपम राजन ने बताया कि दीक्षांत समारोह में 85 शोधार्थियों को पी.एच. डी. उपाधि और 27 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कार्यक्रम में विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ दिलाई।

     

  • नंदीग्राम में बदले चुनावी समीकरण, ममता गुट की प्रत्याशी ने छोड़ा मैदान; शुभेंदु से हुई मुलाकात

    नंदीग्राम में बदले चुनावी समीकरण, ममता गुट की प्रत्याशी ने छोड़ा मैदान; शुभेंदु से हुई मुलाकात

    कोलकाता

    ममता बनर्जी की पार्टी, ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नंदीग्राम सीट से अपना नामांकन वापस ले लिया है. ये ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. नामांकन प्रक्रिया अब खत्म हो चुकी है, ऐसे में अब ममता टीएमसी नंदीग्राम उपचुनाव नहीं लड़ पाएगी। बीजेपी के सूत्रों ने बताया कि ममता गुट की नंदीग्राम उम्मीदवार संचिता प्रधान डे नेशाम कोलकाता में सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी, जिसके बाद उम्मीदवार ने अपना नाम वापस ले लिया। 

    उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने पर ममता बनर्जी ने कहा कि ये लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है. उद्धव ठाकरे की पार्टी को भी ऐसे ही तोड़ा गया. चुनाव आयोग का फैसला असंवैधानिक है. राजनीतिक बदले की भावना से ये कार्रवाई की गई है. बीजेपी ने चुनाव को हाइजैक किया है. बीजेपी का काम संविधान को खत्म करने का है. लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन नहीं किया गया। 

    ममता ने कहा कि बीजेपी ने मेरी पार्टी को खत्म करने की बात कही थी. उन्होंने SIR के नाम पर शुरुआत की और फिर चुनावों को हाईजैक कर लिया. बीजेपी ने AI के ज़रिए वोटरों के नाम हटा दिए. बिहार, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में वोट लूटे. बीजेपी एक 'जुमला पार्टी' है. ममता ने कहा कि उन्होंने उद्धव ठाकरे की पार्टी के साथ भी ऐसा ही किया था। 

    हालांकि, संचिता ने किस वजह से अपनी उम्मीदवारी वापस ली, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. ऐसे में नंदीग्राम की सियासत में इस फैसले के मायने तलाशे जा रहे हैं। 

    टीएमसी के बंटवारे के बीच नंदीग्राम में नया मोड़
    यह पूरा घटनाक्रम टीएमसी के दोनों गुटों को नाम और सिंबल आवंटन के बीच आया है. चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को 'Mamata All India Trinamool Congress' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' चुनाव चिह्न दिया है. वहीं, अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट को 'Democratic Trinamool Congress' नाम और 'लिफाफा' चुनाव चिह्न मिला है। 

    आयोग ने दोनों गुटों को आगामी उपचुनाव के लिए पुराने 'All India Trinamool Congress' नाम और 'जोड़ा घास फूल' वाले चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया था। 

    नंदीग्राम उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया था. 13 सितंबर को उनके नाम का ऐलान किया गया था. वहीं बीजेपी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है. वह शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं. ऋतब्रत गुट की ओर से मोहम्मद एतेशामुल हक मैदान में हैं. कांग्रेस और वाम मोर्चे ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं। 

    उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को होना है मतदान
    बता दें कि राज्य की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है. नतीजे 9 अक्टूबर हो जारी होंगे. राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी. बाद में उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ने का फैसला किया, जिससे यह सीट रिक्त हुई. वहीं एजेयूपी (AJUP) नेता हुमायूं कबीर ने नौदा और रेजीनगर दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी, जिसके बाद उन्होंने रेजीनगर सीट से इस्तीफा दे दिया था. इसके चलते नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है। 

  • नंदीग्राम में बदला चुनावी समीकरण, ममता बनर्जी ने कांग्रेस के मिलन प्रधान को समर्थन देने का किया ऐलान

    नंदीग्राम में बदला चुनावी समीकरण, ममता बनर्जी ने कांग्रेस के मिलन प्रधान को समर्थन देने का किया ऐलान

    कोलकाता
    पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला है. ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात करने के बाद अपना नामांकन वापस ले लिया. इसको लेकर अब पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. साथ ही इस सीट पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन का ऐलान किया है। 

    संचिता प्रधान डे के उम्मीदवारी वापस लिए जाने के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. उन्होंने ऐलान किया कि उनका गुट नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन करेगा और अब इस सीट पर अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगा। 

    उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें गुरुवार को फोन किया था. ममता ने INDIA गठबंधन के प्रति पूरी एकजुटता जताते हुए कहा कि सभी मिलकर लड़ेंगे. उन्होंने अरविंद केजरीवाल के ट्वीट का भी जिक्र किया और कहा कि सभी मिलकर लड़ाई लड़ेंगे। 

    बता दें कि नंदीग्राम उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया था. 13 सितंबर को उनके नाम का ऐलान किया गया था. वहीं बीजेपी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है. वह शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं. ऋतब्रत गुट की ओर से मोहम्मद एतेशामुल हक मैदान में हैं. कांग्रेस ने मिलन प्रधान को टिकट दिया है. वहीं वाम मोर्चे ने भी अपना उम्मीदवार उतारा है। 

    चुनाव आयोग पर बरसीं ममता
    ममता बनर्जी ने मौजूदा घटनाक्र
    म पर चुनाव आयोग और बीजेपी पर कई आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र के इतिहास में काला दिन है. ममता ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को हराने के लिए SIR का इस्तेमाल किया गया और EVM को हाईजैक किया गया. उन्होंने चुनाव आयोग पर बीजेपी के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए काम करने का आरोप लगाया। 

    ममता ने यह भी आरोप लगाया कि बंगाल चुनाव में मतगणना का काम CRPF के जरिए कराया गया. उन्होंने कहा कि टीएमसी 29 साल पुरानी पार्टी है और इसके बावजूद पार्टी का बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया। 

    ममता ने दावा किया कि पुलिस उनके कार्यकर्ताओं पर बीजेपी में शामिल होने का दबाव बना रही है और करीब 14 हजार कार्यकर्ता जेल में हैं. उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही है और वह खुद भी हाउस अरेस्ट में हैं। 

    'इंटरिम ऑर्डर है, लड़ाई जारी रखेंगे'
    टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग के अंतरिम फैसले पर ममता ने कहा कि यह अंतिम फैसला नहीं है और उनकी पार्टी इसे कानूनी तौर पर चुनौती देगी. उन्होंने कहा कि वह सिर नहीं झुकाएंगी और पार्टी फिर वापसी करेगी। 
    वह अपनी आखिरी सांस तक ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नहीं छोड़ेंगी. उन्होंने खुद को टीएमसी की संस्थापक चेयरपर्सन बताया। 

    उन्होंने यह भी कहा कि चार महीने पहले जिन लोगों ने एक चुनाव चिह्न पर जीत हासिल की थी, वे अब उसी के खिलाफ कैसे खड़े हो सकते हैं. ममता ने बागी गुट पर निशाना साधते हुए कहा कि अब यह सामने आ गया है कि असली तृणमूल कौन है और कौन लोग पार्टी के नाम पर फायदा उठा रहे थे. ममता ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का नाम लिए बिना उन पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि वह योगी से भी बदतर हो गए हैं और सभी को धमका रहे हैं। 

    टीएमसी के नाम-सिंबल की लड़ाई के बीच नया मोड़
    यह पूरा घटनाक्रम टीएमसी के दोनों गुटों को नाम और सिंबल आवंटन के बीच आया है. चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को 'Mamata All India Trinamool Congress' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' चुनाव चिह्न दिया है. वहीं, अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट को 'Democratic Trinamool Congress' नाम और 'लिफाफा' चुनाव चिह्न मिला है. आयोग ने दोनों गुटों को आगामी उपचुनाव के लिए पुराने 'All India Trinamool Congress' नाम और 'जोड़ा घास फूल' वाले चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया था। 

    6 अक्टूबर को दो विधानसभा सीटों पर होना है उपचुनाव
    बता दें कि राज्य की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है. नतीजे 9 अक्टूबर हो जारी होंगे. राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी. बाद में उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ने का फैसला किया, जिससे यह सीट रिक्त हुई. वहीं एजेयूपी (AJUP) नेता हुमायूं कबीर ने नौदा और रेजीनगर दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी, जिसके बाद उन्होंने रेजीनगर सीट से इस्तीफा दे दिया था. इसके चलते नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है। 

  • करघे की खनक और शहद की मिठास लेकर दुनिया के बाजार में उतरेगा बागपत

    करघे की खनक और शहद की मिठास लेकर दुनिया के बाजार में उतरेगा बागपत

    बागपत

     खेकड़ा की पीढ़ियों पुरानी हथकरघा बुनाई और बागपत के शहद की मिठास अब वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाने को तैयार है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक होने वाले चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) में जिले के 20 से अधिक नवीन निर्यातक, ओडीओपी उत्पादक, एमएसएमई, महिला एवं युवा उद्यमी अपनी कारोबारी ताकत दिखाएंगे। खास आकर्षण जून 2023 में जीआई टैग प्राप्त बागपत होम फर्निशिंग उत्पाद रहेंगे। खेकड़ा स्थित मास्टर वीवर्स के माध्यम से इस पारंपरिक उत्पाद की पहचान अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचेगी। इसके साथ ही अम्ब्रोसिया नेचुरल्स शहद और होम प्रोडक्ट भी प्रदर्शित करेगा।

    जीआई टैग वाली बुनाई बनेगी बागपत की पहचान

    बागपत होम फर्निशिंग को जून 2023 में जीआई टैग मिला था। यह पहचान खेकड़ा क्षेत्र में पीढ़ियों से हथकरघा बुनाई कर रहे कारीगरों के कौशल को मिली है। जीआई टैग के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग निदेशालय और ’’मास्टर वीवर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, आदर्श नगर, खेकड़ा’’ ने संयुक्त रूप से आवेदन किया था। मास्टर वीवर्स को-ऑपरेटिव सोसाइटी में सूती धागे से बेडशीट, पर्दे, मेजपोश और रनिंग फैब्रिक तैयार किए जाते हैं। ये संस्थान बुनकर फ्रेम लूम से मजबूत और आकर्षक बुनाई के लिए अपनी पहचान बनाए हुए है।

    पांच नवीन निर्यातक, ओडीओपी में पांच स्टॉल

    यूपीआईटीएस के हॉल 14 में बागपत के चार नवीन निर्यातकों को पांच स्टॉल मिले हैं। इनमें वीवर्स प्वाइंट व शाहिद टेक्स इंडिया, बड़ागांव, वाया होम्स, खेकड़ा के दो और विनय एक्सपोर्ट, बागपत शामिल हैं। ओडीओपी श्रेणी के हॉल नौ में शमशाद टेक्सटाइल, बड़ागांव को दो स्टॉल तथा द राइजिंग सन के नितिन जैन, बंसल टेक्सटाइल्स के राजकुमार बंसल और त्रिसव टेक्सटाइल के रविस कुमार को एक-एक स्टॉल मिला है। एमएसएमई, महिला एवं युवा उद्यमियों की श्रेणी में सिधांनम इंटरनेशनल, खेकड़ा के मनोज जैन को दो स्टॉल तथा नसरीन टेक्सटाइल्स की नसरीन, चारवेदा ऑर्गेनिक्स, प्रिंस हैंडलूम के राजकुमार जैन, बागपत ब्लूम प्रोड्यूसर कंपनी के कपिल आर्या और अंबेडकर महिला केंद्र के जगदीप कुमार को एक-एक स्टॉल मिला है। उपायुक्त उद्योग राजेंद्र सिंह का कहना है कि यूपीआईटीएस से जिले के उद्यमियों को वैश्विक पहचान मिलेगी। जिले के उद्यमियों में इस आयोजन को लेकर उत्साह बना हुआ है। इसके अतिरिक्त जिले के खेती उत्पाद भी यहां दिखाई देंगे। अम्ब्रोसिया नेचुरल्स शहद तो बागपत ब्लूम मिलेट्स के जरिए जिले की आयुर्वेदिक पहचान कराएगा। 

    ओडीओसी पैवेलियन में घुलेगी घेवर और बालूशाही की मिठास

    इंटरनेशनल ट्रेड शो में पहली बार योगी सरकार की एक जिला एक व्यंजन के तहत पहली बार ओडीओसी पैवेलियन का निर्माण किया गया है। इस पैवेलियन में भी जिले के व्यंजनों की सुगंध अपना अहसास कराएगी। अमीनगर सराय से विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाला घेवर और बागपत की बालूशाही यहां विदेशियों के मुंह में मिठास घोलेंगे। इस ट्रेड शो में सिंगापुर, वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया, जापान, रूस, थाईलैंड और ऑस्ट्रिया देशों की मौजूदगी रहेगी। 

    बॉक्स – वैश्विक मंच पर बागपत

    यूपीआईटीएस 25 से 29 सितंबर
    स्थान         –       इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा
    नवीन निर्यातक      –  पांच स्टॉल
    ओडीओपी   –       पांच स्टॉल
    जीआई उत्पाद     –      बागपत होम फर्निशिंग
    -प्रमुख आकर्षण    –   खेकड़ा की हथकरघा बुनाई और अम्ब्रोसिया नेचुरल्स का शहद

  • दिवाली की तैयारी पर आग का कहर, जयपुर में 25 दुकानों का सामान जला; व्यापारी बेहाल

    दिवाली की तैयारी पर आग का कहर, जयपुर में 25 दुकानों का सामान जला; व्यापारी बेहाल

    जयपुर
    जयपुर में दिवाली से ठीक पहले लगी भीषण आग ने कई कारोबारियों की महीनों की मेहनत और त्योहार के सीजन से जुड़ी उम्मीदों को एक झटके में राख कर दिया। जिस सामान को व्यापारियों ने अच्छे कारोबार की उम्मीद में लाखों रुपए खर्च कर जुटाया था, वही माल गुरुवार सुबह उनकी आंखों के सामने आग की लपटों में जलता रहा। कोई व्यापारी अपने हाथों से आंसू पोंछता रहा तो किसी परिवार के लिए नुकसान का सदमा इतना भारी पड़ा कि तबीयत बिगड़ गई।

    बड़ी चौपड़ स्थित मणिहारों का कटला-सेठी कॉम्पलेक्स में सुबह करीब 7 बजे दूसरी मंजिल पर चूड़ियों के गोदाम में आग लगी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग शॉर्ट सर्किट से लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब 25 दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। कपड़े, प्लास्टिक का सामान, कॉस्मेटिक आइटम, चूड़ियां और दिवाली सीजन से जुड़ा सामान आग में जल गया। करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन धुआं शाम तक उठता रहा।

    दिवाली के लिए भरा था माल, आंखों के सामने राख हो गया
    व्यापारी कमल अग्रवाल के लिए यह आग सिर्फ दुकानों में लगी आग नहीं थी, बल्कि दिवाली की उन उम्मीदों पर भी भारी पड़ी थी, जिनके भरोसे उन्होंने पहले से लाखों रुपए का सामान जुटा रखा था। कमल की कॉम्पलेक्स में तीन दुकानें खुद की हैं, जबकि दो दुकानें किराये पर हैं। दिवाली सीजन को देखते हुए पांचों दुकानों में बड़ी मात्रा में सामान स्टॉक किया गया था।

    इनमें बंदरवाल, दिवाली सजावट का सामान, धागों की गट्टियां और टेलरिंग से जुड़े सीजनल आइटम शामिल थे। आग की चपेट में उनकी तीन दुकानें आ गईं। बड़ी मात्रा में माल जलकर राख हो गया।

    आग की खबर मिलते ही कमल अपनी पत्नी और बेटे प्रणव अग्रवाल के साथ मौके पर पहुंचे। दुकानें जलती देखकर कमल भावुक हो गए। कुछ देर तक वह एक कोने में बैठे रहे और लगातार आंसू पोंछते नजर आए। जिस माल को उन्होंने सीजन में बिक्री के लिए सजाकर रखा था, वह उनकी आंखों के सामने धुएं में बदल रहा था।

    नुकसान देखकर पत्नी की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल ले जाना पड़ा
    कॉम्पलेक्स के सेक्रेटरी राम कटारिया के मुताबिक दिवाली को देखते हुए कमल ने काफी मात्रा में सामान भरकर रखा था। आग से हुए नुकसान को देखकर कमल की पत्नी भी रोने लगीं। परिवार और रिश्तेदार उन्हें संभालते रहे, लेकिन कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और बीपी लो हो गया। उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।

    कमल की हालत भी खराब होने पर परिजनों ने उन्हें घर भेज दिया। बेटे प्रणव ने बताया कि परिवार सीजनल कारोबार करता है। दिवाली पर अच्छे व्यापार की उम्मीद थी, इसलिए पहले से बड़ी मात्रा में सामान खरीदा गया था। आग वाले हिस्से में जाने की अनुमति नहीं होने के कारण परिवार अपने माल की स्थिति भी ठीक से नहीं देख सका।

    व्यापारी बेबस थे, पुलिसकर्मी रास्ता बनाकर अंदर पहुंचे
    एक तरफ व्यापारी अपने कारोबार को अपनी आंखों के सामने खत्म होते देखने को मजबूर थे, वहीं दूसरी तरफ पुलिस, दमकल, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमें आग से जूझ रही थीं।

    तीन मंजिला कॉम्पलेक्स के बरामदों में लोहे की जालियां लगी थीं। रास्ता संकरा था और सामान भी भरा हुआ था। ऐसे में आग वाले हिस्से तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था। माणक चौक थाने में तैनात नरेंद्र सिंह शेखावत और विक्रम सिंह ने रास्ता बनाने के लिए दीवार और लोहे की जाली तोड़ी। इसके बाद सीढ़ियों के जरिए दूसरी मंजिल तक पहुंचकर दमकलकर्मियों के लिए रास्ता बनाया गया।

    धुआं आंखों में चुभता रहा, दम घुटता रहा, फिर भी नहीं रुकी टीम
    दूसरी मंजिल पर जमा सामान आग बुझाने की सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ था। घने धुएं के बीच दमकलकर्मी, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ जवान लगातार ऑपरेशन में जुटे रहे। कई जगह शटर और दूसरे अवरोध तोड़कर अंदर पहुंचना पड़ा।

    धुआं इतना घना था कि जवानों की आंखों में तेज जलन होने लगी। कुछ को सांस लेने में भी परेशानी हुई। तबीयत प्रभावित होने पर कुछ दमकलकर्मियों को थोड़ी देर के लिए बाहर बैठाया गया, लेकिन इसके बाद वे फिर ऑपरेशन में जुट गए। करीब सात घंटे से ज्यादा चले अभियान में टीम आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास करती रही।

    नीचे के दुकानदारों को भी सताने लगा अपना माल जलने का डर
    दूसरी मंजिल से उठती लपटों और धुएं ने नीचे की दुकानों में बैठे व्यापारियों की चिंता भी बढ़ा दी। ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल के दुकानदार अपने स्टाफ के साथ सामान बाहर निकालने में जुट गए। बड़े-बड़े कार्टून दुकानों और गोदामों से बाहर लाए जाने लगे।

    डर था कि अगर आग नीचे तक पहुंची तो दिवाली के लिए जमा किया गया उनका माल भी राख हो जाएगा। एक तरफ दमकल की गाड़ियां आग बुझा रही थीं, दूसरी तरफ व्यापारी अपनी दुकानों से बचा हुआ सामान बाहर निकाल रहे थे।

    आग बुझी, लेकिन कारोबारियों का संकट अभी बाकी
    अग्निकांड के बाद व्यापारियों में कॉम्पलेक्स प्रबंधन को लेकर आक्रोश है। व्यापारियों ने प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आग ने सिर्फ सामान नहीं जलाया, बल्कि दिवाली के पूरे सीजन की तैयारियों को भी झटका दिया है।

  • बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जेल विभाग की संवेदनशील पहल

    बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जेल विभाग की संवेदनशील पहल

    बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जेल विभाग की संवेदनशील पहल

    केंद्रीय जेल भोपाल में विशेषज्ञ ने बंदियों से संवाद कर किया मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं काउंसलिंग सत्र

    भोपाल 

    महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं डॉ. वरुण कपूर के मार्गदर्शन में प्रदेश की जेलों में निरुद्ध बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं परामर्श की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जेल विभाग एवं राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर, गुजरात के मध्य हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन (MOU) के अंतर्गत 15 सितंबर 2026 को केंद्रीय जेल भोपाल में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

    शिविर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर से आए फोरेंसिक साइकोलॉजिस्ट ओम तिवारी ने बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, मानसिक तनाव तथा उससे जुड़ी विभिन्न समस्याओं के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बंदियों से संवाद कर उनकी मानसिक एवं व्यक्तिगत समस्याओं को समझने का प्रयास किया तथा आवश्यकता के अनुसार काउंसलिंग भी की।

    शिविर के दौरान बंदियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ के समक्ष अपनी जिज्ञासाएं एवं समस्याएं साझा कीं। विशेषज्ञ द्वारा उनकी बातों को समझते हुए आवश्यक मार्गदर्शन एवं परामर्श प्रदान किया गया।

    जेल विभाग द्वारा बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहारिक सुधार एवं पुनर्वास को सुधारात्मक सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए ऐसे कार्यक्रमों को उपयोगी पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के साथ हुए MOU के माध्यम से विशेषज्ञता एवं परामर्श सेवाओं का लाभ जेलों में निरुद्ध बंदियों तक पहुंचाने की दिशा में यह प्रयास महत्वपूर्ण है।

    इस अवसर पर केंद्रीय जेल भोपाल के अधीक्षक मानेंद्र परिहार सहित जेल विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

     

  • हरियाणा में 23.50 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ, आय सीमा बढ़ी और आवेदन पोर्टल शुरू

    हरियाणा में 23.50 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ, आय सीमा बढ़ी और आवेदन पोर्टल शुरू

     चंडीगढ़
     हरियाणा सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ा दिया है। अब 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों की पात्र महिलाओं को भी हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।

    इससे योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़कर करीब 23.50 लाख हो जाएगी। अभी तक एक लाख रुपये तक सालाना आय वाले परिवारों की करीब 10 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा था।

    आय सीमा बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये वार्षिक करने के बाद इस आय वर्ग में कुल 17 लाख 13 हजार 447 महिलाएं पात्र दायरे में आती हैं। इनमें करीब साढ़े तीन लाख महिलाएं ऐसी हैं, जो पहले से किसी अन्य योजना का लाभ ले रही हैं।

    ऐसे में करीब 13.50 लाख नई महिलाओं को 2100 रुपये मासिक सहायता मिलने का रास्ता साफ हुआ है। हर महिला को सालाना 25 हजार 200 रुपये मिलेंगे।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महेंद्रगढ़ में योजना का दायरा बढ़ाते हुए आवेदन के लिए पोर्टल की शुरुआत की है। इस पर पात्र महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। सरकार 25 सितंबर को पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर नए लाभार्थियों को योजना का लाभ देना शुरू कर सकती है। तब तक आवेदन और पात्रता सत्यापन की प्रक्रिया जारी रहेगी।

    बजट में 6500 करोड़, लगातार बढ़ा सरकार का वित्तीय प्रविधान
    लाडो लक्ष्मी योजना के लिए हरियाणा सरकार ने अपने 2026-27 के बजट में 6500 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है। योजना शुरू करते समय पहले बजट में 5000 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया था। यानी एक साल में बजटीय प्रविधान में 1500 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

    राज्य के 2026-27 बजट में सामाजिक कल्याण एवं पोषण क्षेत्र के लिए कुल 20,110 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिसमें लाडो लक्ष्मी योजना अकेले 6500 करोड़ रुपये की है।

    अभी तक दस किस्तों में दिए जा चुके दो हजार करोड़
    परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण के स्टेट कार्डिनेटर डा. सतीश खोला के अनुसार 10 अगस्त 2026 तक लाडो लक्ष्मी योजना की 10 किस्तों में करीब 9.98 लाख महिलाओं को 2,042.31 करोड़ रुपये दिए जा चुके थे। उसी समय सरकार ने आय सीमा 1.80 लाख रुपये करने और चालू वित्त वर्ष में 6500 करोड़ रुपये के प्रविधान की जानकारी दी थी, जिसे अब मुख्यमंत्री ने धरातल पर लागू कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो कहते हैं, उसे हर हाल में पूरा करते हैं।

    दूसरे राज्यों में महिलाओं को कितनी आर्थिक मदद
    राज्य – योजना – सहायता
    हरियाणा – दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना – 2,100 रुपये मासिक
    पंजाब – मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना – 1,000 रुपये मासिक और एससी महिलाओं के लिए 1,500 रुपये
    हिमाचल प्रदेश – इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि – 1,500 रुपये मासिक
    कर्नाटक – गृह लक्ष्मी योजना – 2,000 रुपये मासिक
    हिमाचल प्रदेश – मुख्यमंत्री शगुन योजना – 31,000 विवाह सहायता
    हरियाणा – मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना – श्रेणी के अनुसार 31,000 से 71,000 रुपये मासिक तक

    हरियाणा में एक लाख 80 हजार रुपये वार्षिक तक आय वाले परिवारों की महिलाएं
        1 अंबाला 62612
        2 भिवानी 66014
        3 चरखी-दादरी 24159
        4 फरीदाबाद 222562
        5 फतेहाबाद 46379
        6 गुरुग्राम 92017
        7 हांसी 27809
        8 हिसार 67177
        9 झज्जर 67513
        10 जींद 73152
        11 कैथल 66518
        12 करनाल 105717
        13 कुरुक्षेत्र 47982
        14 महेंद्रगढ़ 46709
        15 नूंह 69760
        16 पलवल 101652
        17 पंचकूला 37472
        18 पानीपत 109424
        19 रेवाड़ी 52685
        20 रोहतक 60254
        21 सिरसा 69397
        22 सोनीपत 118878
        23 यमुनानगर 77605

     

  • अप्रेन्टिसशिप युवा संगम एवं रोजगार व स्वरोजगार मेला 22 सितम्बर को

    अप्रेन्टिसशिप युवा संगम एवं रोजगार व स्वरोजगार मेला 22 सितम्बर को

    अप्रेन्टिसशिप युवा संगम एवं रोजगार व स्वरोजगार मेला 22 सितम्बर को

    34 कंपनियाँ आ रही हैं भर्ती करने

    ग्वालियर
    युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप 22 सितम्बर को प्रातः 11 बजे से गदाईपुरा रेडीमेड गारमेंट पार्क परिसर में स्थित जिला रोजगार कार्यालय में एक दिवसीय रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेटिंसशिप युवा संगम का आयोजन होगा। जिला रोजगार कार्यालय, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र तथा शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण शाला के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने जा रहे इस रोजगार मेले में आकर्षक पैकेज पर निजी क्षेत्र की 34 कंपनियां भर्ती के लिये आ रही हैं।

    ये कंपनियां आ रही हैं भर्ती करने 

        उप संचालक जिला रोजगार कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार युवा संगम में भर्ती करने आ रही कंपनियों में क्विक आईटी सॉल्यूशन इन कंसल्टेंसी ग्वालियर, पेटीएम सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर, भारत- पे प्राइवेट लिमिटेड ग्वा०, आई सेक्ट ग्वालियर, टीमलीस
    प्राइवेट लिमिटेड भोपाल, इन्दौर, दिल्ली, जमुना आटो प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर, एस० आर० एफ० प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर, भारतीय एक्सा लाइफ इन्श्योरेंस ग्वालियर, सेनेटस प्राइवेट लिमिटेड ग्वा०, जॉबफेयर नाउ प्राइवेट लिमिटेड चेकमेट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड जामनगर गुजरात, ब्लिकिट वेयर हाउस प्राइवेट लिमिटेड फारूख नगर गुरूग्राम जे०बी० मंधाराम फूड प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर, कुल कवच वैश्विक सुरक्षा सर्विस अहमदाबाद, ए० एस० एम० हुन्डई प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर आर० एस० पी० एल० मेनपावर सर्विस पंजाब, ग्लोवल सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ठाठीपुर ग्वालियर, एम० आर० ए७० टायर प्राइवेट लिमिटेड हैदराबाद, धम्मा इंटरप्राइजेज नूडल मैनुफेक्चरिंग खेड़ा, गुजरात, अप्रेंटिसेज ट्रेनीज गाँव मंगार, करनाल, हरियाणा, रविया वर्कफॉर्स प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ (उ०प्र०), एल० आई० सी० ग्वालियर, स्टेन्डर्स सर्विस प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर, प्रो-कनेक्ट, जेप्टो, इनामो वेयरहाउस नोयडा गुडगांव, अग्निस्टोक टेक्नोलॉजी ग्वालियर, आरएसटी ग्रुप ऑफ सर्विस ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, सीएससी सेंटर शिवपुरी, ग्वालियर, ग्रेट ऑर्गेनिक डायमंड प्राइवेट लिमिटेड, समीक्षा इंस्टीटयूट फूलबाग ग्वालियर, वेलसंस सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, पथवेस्ता कैरियर स्किल कॉर्पोरेशन, टीवीएस इलेक्ट्रोनिक लिमिटेड भोपाल, मैडी एस इन्फिनिटी इंश्योरेंस आईएमएफ प्राइवेट लिमिटेड भोपाल एवं सुप्रीम प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर भिण्ड आदि शामिल हैं। 

    इन पदों के लिये होगी भर्ती 

        इन कंपनियों द्वारा सिक्योरिटी गार्ड, ट्रेनी वर्कर, मशीन ऑपरेटर अस्सिटेंट मैनेजर, रिलेशनशिप मैनेजर, डिप्टी मैनेजर इलेक्ट्रीशियन, अभिकर्ता, अप्रेटिंस ट्रेनी, सैल्स एग्ज्यूकेटिव, फील्ड सैल्स एग्ज्यूकेटिव, ट्रेनीज, ऑफिस मैनेजमेंट, सिक्योरिटी मैनेजमेंट, पर्यवेक्षक, स्टोर कीपर, कार्यालय सहायक, हेल्पर, सुरक्षा जवान, दूर गाइड, असिस्टेट मैनेजर, सुपरवाईजर, टेली कॉलर, ड्रायवर, प्यून, डिप्लोमा आई.टी.आई. सभी ट्रेड में, डिप्लोमा आई.टी.आई. सभी ट्रेड में, डिप्लोमा आई.टी.आई. सभी ट्रेड में सी, फिटर, टर्नर एवं मशीनिष्ट, आई.टी.आई. टेलीकॉलिंग, कम्प्यूटर ऑपरेटर सभी ट्रेड में इत्यादि पदों पर भर्ती विभिन्न क्षेत्र के सेक्टर के लिये की जायेगी। रोजगार मेले में 18 वर्ष से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवा भाग ले सकते हैं। वेतनमान 10 हजार से 45 हजार रुपए तक देय होगा।

    यह दस्तावेज साथ में लाने होंगे 

        प्लेसमेंट ड्राइव में शामिल होने के लिये युवाओं को समग्र आईडी, रोजगार पंजीयन क्रमांक, शैक्षणिक योग्यता से संबंधित प्रमाण-पत्र व बायोडाटा के साथ उपस्थित होना होगा। रोजगार मेले में उपस्थित होने वाले युवक-युवतियों के लिये कार्यालय द्वारा कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।
     

  • रक्तदान से दीप प्रज्ज्वलन तक, PM मोदी के जन्मदिन पर यूपी में चला बड़ा सेवा अभियान

    रक्तदान से दीप प्रज्ज्वलन तक, PM मोदी के जन्मदिन पर यूपी में चला बड़ा सेवा अभियान

    पीएम मोदी के जन्मदिन पर यूपी में सेवा का महाअभियान, 354 शिविरों में 8,323 लोगों ने किया रक्तदान

    आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम के तहत 75 जिलों में 5.90 करोड़ दीये प्रज्जवलित

    लखनऊ में 21.23 लाख, गोरखपुर में 14.21 लाख, आगरा में 13.32 लाख और झांसी में 11.21 लाख दीये जले

    सभी 75 जिलों में सेवा दिवस पर रक्तदान, विश्वकर्मा श्रम सम्मान टूल किट और फल वितरण के कार्यक्रम

    प्रदेशभर में 73,959 मरीजों को वितरित किए गए फल, 12,271 लाभार्थियों को मिली टूल किट

    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और एमएसएमई विभाग रहे विविध कार्यक्रमों के नोडल विभाग

    लखनऊ
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर के अवसर पर उत्तर प्रदेश में सेवा दिवस के तहत प्रदेशव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के दौरान रक्तदान शिविर, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को टूल किट और अस्पतालों में मरीजों को फल वितरित किए गए। इस मौके पर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 5.90 करोड़ दीये प्रज्ज्वलित किए गए।

    प्रदेशभर में आयोजित 354 रक्तदान शिविरों में कुल 8,323 लोगों ने रक्तदान किया। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 12,271 लाभार्थियों को टूल किट वितरित की गईं। इसके अतिरिक्त विभिन्न जिलों के अस्पतालों में भर्ती 73,959 मरीजों को फल बांटे गए। कार्यक्रमों के संचालन में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग नोडल विभाग रहे।

    75 जिलों में 5.90 करोड़ दीप प्रज्जवलित
    प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश में 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम के तहत 5 करोड़ 90 लाख दीये जलाए गए। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए लोगों ने प्रधानमंत्री के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं। प्रमुख जिलों में बड़ी संख्या में दीप प्रज्ज्वलित किए गए। लखनऊ में 21,23,900, सीतापुर में 21,43,140, वाराणसी में 3,28,204, रामपुर में 10,94,354, मथुरा में 5,59,277, प्रयागराज में 6,75,916, बरेली में 7,69,770, झांसी में 11,21,410, गौतमबुद्ध नगर में 2,32,529, गोरखपुर में 14,21,112, कानपुर देहात में 11,28,038, अयोध्या में 8,95,630, अमेठी में 1,91,490, आगरा में 13,32,200 और आजमगढ़ में 15,70,120 दीये जलाए गए।

    अंबेडकरनगर में 61 लोगों ने रक्तदान किया
    अमरोहा में रक्तदान शिविर में 20 व्यक्तियों ने रक्तदान किया। यहां विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 200 लाभार्थियों को टूल किट वितरित किया गया। साथ ही 210 मरीजों को फल वितरित किए गए। इसी तरह अमेठी में 4 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 55 लाभार्थियों को टूल किट और 320 मरीजों को फल वितरित किए गए। अंबेडकरनगर में 2 रक्तदान शिविरों में 61 लोगों ने रक्तदान किया। 725 लाभार्थियों को टूल किट और 200 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    अयोध्या में 1853 मरीजों को फल वितरण
    अयोध्या में 2 रक्तदान शिविरों में 71 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 1,853 मरीजों को फल वितरित किए गए। अलीगढ़ में 12 रक्तदान शिविरों में 360 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 1,349 मरीजों को फल वितरित किए गए। ऐसे ही आगरा में 4 रक्तदान शिविरों में 84 लोगों ने रक्तदान किया। 15 लाभार्थियों को टूल किट और 3,198 मरीजों को फल वितरित किए गए। आजमगढ़ में 2 रक्तदान शिविरों में 225 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 1,516 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    उन्नाव में 400 लाभार्थियों को टूल किट
    इटावा में 3 रक्तदान शिविरों में 45 लोगों ने रक्तदान किया। 6 लाभार्थियों को टूल किट और 1,548 मरीजों को फल वितरित किए गए। उन्नाव में 1 रक्तदान शिविर में 8 लोगों ने रक्तदान किया। 400 लाभार्थियों को टूल किट और 1,028 मरीजों को फल वितरित किए गए। एटा में 3 रक्तदान शिविरों में 38 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,603 मरीजों को फल वितरित किए गए। औरैया में 1 रक्तदान शिविर में 6 लोगों ने रक्तदान किया। 25 लाभार्थियों को टूल किट और 317 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    कानपुर शहर में 2,286 मरीजों को फल वितरण
    कन्नौज में 2 रक्तदान शिविरों में 42 लोगों ने रक्तदान किया। 12 लाभार्थियों को टूल किट और 632 मरीजों को फल वितरित किए गए। कानपुर देहात में 1 रक्तदान शिविर में 25 लोगों ने रक्तदान किया। 11 लाभार्थियों को टूल किट और 1,140 मरीजों को फल वितरित किए गए। इसी तरह कानपुर शहर में 23 रक्तदान शिविरों में 452 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 2,286 मरीजों को फल वितरित किए गए। कासगंज में 1 रक्तदान शिविर में 12 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 120 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    गाजियाबाद में 1572 लोगों ने रक्त दान किया
    इसी क्रम में कुशीनगर में 3 रक्तदान शिविरों में 73 लोगों ने रक्तदान किया। 75 लाभार्थियों को टूल किट और 482 मरीजों को फल वितरित किए गए। कौशांबी में 3 रक्तदान शिविरों में 102 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 628 मरीजों को फल वितरित किए गए। लखीमपुर खीरी में 2 रक्तदान शिविरों में 67 लोगों ने रक्तदान किया। 105 लाभार्थियों को टूल किट और 1,455 मरीजों को फल वितरित किए गए। गाजियाबाद में 39 रक्तदान शिविरों में 1,572 लोगों ने रक्तदान किया। 450 लाभार्थियों को टूल किट और 2,215 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    गोंडा में 2 हजार से ज्यादा मरीजों को फल वितरण
    गाजीपुर में 1 रक्तदान शिविर में 30 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 450 मरीजों को फल वितरित किए गए। गोंडा में 3 रक्तदान शिविरों में 72 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 2,163 मरीजों को फल वितरित किए गए। गोरखपुर में 3 रक्तदान शिविरों में 86 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,186 मरीजों को फल वितरित किए गए। गौतमबुद्ध नगर में 21 रक्तदान शिविरों में 246 लोगों ने रक्तदान किया। 340 लाभार्थियों को टूल किट और 1,560 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    जौनपुर में 13 रक्तदान शिविरों का आयोजन
    चंदौली में 4 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 405 मरीजों को फल वितरित किए गए। चित्रकूट में 1 रक्तदान शिविर में 11 लोगों ने रक्तदान किया। 128 लाभार्थियों को टूल किट और 400 मरीजों को फल वितरित किए गए। जालौन में 2 रक्तदान शिविरों में 21 लोगों ने रक्तदान किया। 40 लाभार्थियों को टूल किट और 1,060 मरीजों को फल वितरित किए गए। जौनपुर में 13 रक्तदान शिविरों में 299 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 1,450 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    देवरिया में भी रक्तदान शिविर का आयोजन
    झांसी में 2 रक्तदान शिविरों में 57 लोगों ने रक्तदान किया। 20 लाभार्थियों को टूल किट और 840 मरीजों को फल वितरित किए गए। देवरिया में 2 रक्तदान शिविरों में 192 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,172 मरीजों को फल वितरित किए गए। इसी तरह पीलीभीत में 1 रक्तदान शिविर में 20 लोगों ने रक्तदान किया। 21 लाभार्थियों को टूल किट और 1,392 मरीजों को फल वितरित किए गए। प्रतापगढ़ में 1 रक्तदान शिविर में 16 लोगों ने रक्तदान किया। 41 लाभार्थियों को टूल किट और 795 मरीजों को फल वितरित किए गए। प्रयागराज में 3 रक्तदान शिविरों में 167 लोगों ने रक्तदान किया। 155 लाभार्थियों को टूल किट और 292 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    फर्रुखाबाद में 100 लाभार्थियों को टूल किट वितरित
    फतेहपुर में 5 रक्तदान शिविरों में 16 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 799 मरीजों को फल वितरित किए गए। फर्रुखाबाद में 2 रक्तदान शिविरों में 13 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 128 मरीजों को फल वितरित किए गए। फिरोजाबाद में 7 रक्तदान शिविरों में 80 लोगों ने रक्तदान किया। 525 लाभार्थियों को टूल किट और 2,706 मरीजों को फल वितरित किए गए। बदायूं में 3 रक्तदान शिविरों में 88 लोगों ने रक्तदान किया। 165 लाभार्थियों को टूल किट और 250 मरीजों को फल वितरित किए गए। बरेली में 1 रक्तदान शिविर में 66 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,386 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    बस्ती में 200 लाभार्थियों को टूल किट
    बलरामपुर में 3 रक्तदान शिविरों में 53 लोगों ने रक्तदान किया। 41 लाभार्थियों को टूल किट और 1,084 मरीजों को फल वितरित किए गए। बलिया में 1 रक्तदान शिविर में 26 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,080 मरीजों को फल वितरित किए गए। बस्ती में 3 रक्तदान शिविरों में 55 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 3,681 मरीजों को फल वितरित किए गए। बहराइच में 1 रक्तदान शिविर में 85 लोगों ने रक्तदान किया। 37 लाभार्थियों को टूल किट और 4,740 मरीजों को फल वितरित किए गए। बांदा में 3 रक्तदान शिविरों में 22 लोगों ने रक्तदान किया। 77 लाभार्थियों को टूल किट और 473 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    बिजनौर में 359 लोगों ने किया रक्तदान
    बागपत में 2 रक्तदान शिविरों में 21 लोगों ने रक्तदान किया। 358 लाभार्थियों को टूल किट और 102 मरीजों को फल वितरित किए गए। बाराबंकी में 2 रक्तदान शिविरों में 145 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 435 मरीजों को फल वितरित किए गए। बिजनौर में 12 रक्तदान शिविरों में 359 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 365 मरीजों को फल वितरित किए गए। बुलंदशहर में 8 रक्तदान शिविरों में 78 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 852 मरीजों को फल वितरित किए गए। भदोही में 7 रक्तदान शिविरों में 38 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 543 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    मथुरा में 290 लोगों ने रक्तदान किया
    इसी तरह मऊ में 8 रक्तदान शिविरों में 76 लोगों ने रक्तदान किया। 17 लाभार्थियों को टूल किट और 406 मरीजों को फल वितरित किए गए। मथुरा में 7 रक्तदान शिविरों में 290 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 278 मरीजों को फल वितरित किए गए। महराजगंज में 2 रक्तदान शिविरों में 68 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 350 मरीजों को फल वितरित किए गए। महोबा में 3 रक्तदान शिविरों में 27 लोगों ने रक्तदान किया। 142 लाभार्थियों को टूल किट और 567 मरीजों को फल वितरित किए गए। मीरजापुर में 1 रक्तदान शिविर में 76 लोगों ने रक्तदान किया। 52 लाभार्थियों को टूल किट और 3,273 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    मुरादाबाद में 1000 मरीजों को फल वितरित किए गए
    मुजफ्फरनगर में 11 रक्तदान शिविरों में 152 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 325 मरीजों को फल वितरित किए गए। मुरादाबाद में 3 रक्तदान शिविरों में 63 लोगों ने रक्तदान किया। 400 लाभार्थियों को टूल किट और 1,000 मरीजों को फल वितरित किए गए। मेरठ में 3 रक्तदान शिविरों में 251 लोगों ने रक्तदान किया। 575 लाभार्थियों को टूल किट और 251 मरीजों को फल वितरित किए गए। मैनपुरी में 2 रक्तदान शिविरों में 27 लोगों ने रक्तदान किया। 550 लाभार्थियों को टूल किट और 554 मरीजों को फल वितरित किए गए। रामपुर में 2 रक्तदान शिविरों में 24 लोगों ने रक्तदान किया। 35 लाभार्थियों को टूल किट और 248 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    वाराणसी में 510 लोगों ने किया रक्तदान
    रायबरेली में 2 रक्तदान शिविरों में 15 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 892 मरीजों को फल वितरित किए गए। लखनऊ में 20 रक्तदान शिविरों में 263 लोगों ने रक्तदान किया। जबकि 507 मरीजों को फल वितरित किए गए। ललितपुर में 2 रक्तदान शिविरों में 18 लोगों ने रक्तदान किया। 5 लाभार्थियों को टूल किट और 200 मरीजों को फल वितरित किए गए। वाराणसी में 20 रक्तदान शिविरों में 510 लोगों ने रक्तदान किया। 542 मरीजों को फल वितरित किए गए। शामली में 2 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 450 लाभार्थियों को टूल किट और 553 मरीजों को फल वितरित किए गए। शाहजहांपुर में 3 रक्तदान शिविरों में 30 लोगों ने रक्तदान किया। 525 लाभार्थियों को टूल किट और 30 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    संतकबीरनगर में 725 लाभार्थियों को टूल किट
    श्रावस्ती में 2 रक्तदान शिविरों में 25 लोगों ने रक्तदान किया। 250 लाभार्थियों को टूल किट और 200 मरीजों को फल वितरित किए गए। संतकबीरनगर में 2 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 725 लाभार्थियों को टूल किट और 86 मरीजों को फल वितरित किए गए। संभल में 5 रक्तदान शिविरों में 72 लोगों ने रक्तदान किया। 250 लाभार्थियों को टूल किट और 1,003 मरीजों को फल वितरित किए गए। सहारनपुर में 1 रक्तदान शिविर में 20 लोगों ने रक्तदान किया। 11 लाभार्थियों को टूल किट और 50 मरीजों को फल वितरित किए गए। सिद्धार्थनगर में 3 रक्तदान शिविरों में 105 लोगों ने रक्तदान किया। 101 लाभार्थियों को टूल किट और 1,270 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    हमीरपुर में 400 लाभार्थियों को टूल किट
    सीतापुर में 3 रक्तदान शिविरों में 138 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 831 मरीजों को फल वितरित किए गए। सुल्तानपुर में 5 रक्तदान शिविरों में 91 लोगों ने रक्तदान किया। 250 लाभार्थियों को टूल किट और 2,593 मरीजों को फल वितरित किए गए। सोनभद्र में 4 रक्तदान शिविरों में 86 लोगों ने रक्तदान किया। 115 लाभार्थियों को टूल किट और 1,263 मरीजों को फल वितरित किए गए। हमीरपुर में 2 रक्तदान शिविरों में 21 लोगों ने रक्तदान किया। 400 लाभार्थियों को टूल किट और 1,390 मरीजों को फल वितरित किए गए। हरदोई में 2 रक्तदान शिविरों में 15 लोगों ने रक्तदान किया। 130 लाभार्थियों को टूल किट और 960 मरीजों को फल वितरित किए गए। हाथरस में 4 रक्तदान शिविरों में 64 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 201 मरीजों को फल वितरित किए गए। हापुड़ में 4 रक्तदान शिविरों में 31 लोगों ने रक्तदान किया। 110 लाभार्थियों को टूल किट और 247 मरीजों को फल वितरित किए गए।

  • किशाऊ योजना से शेखावाटी तक पहुंचेगा यमुना का पानी, तीन जिलों को मिलेगी बड़ी राहत

    किशाऊ योजना से शेखावाटी तक पहुंचेगा यमुना का पानी, तीन जिलों को मिलेगी बड़ी राहत

    झुंझुनूं
     शेखावाटी में पेयजल समस्या से स्थायी राहत मिलने की आस जगी है। पहले यमुना जल समझौता और अब किशाऊ योजना का एमओयू होने से सीकर, चूरू व झुंझुनूं जिले के लोगों को राहत मिल सकेगी। दरअसल, पिछले लोकसभा व विधानसभा चुनाव भाजपा सरकार की ओर से शेखावाटी पानी की समस्या को मुद्दा बनाया था।

    इस दौरान भाजपा सरकार ने यहां के लोगों को यमुना से जल लाने की गारंटी दी थी। इसके बाद सरकार की ओर से पहले चरण में यमुना जल के लिए समझौता किया। पिछले दिनों सरकार ने कार्यालय खोलते हुए डीपीआर बनाने का ऐलान किया।

    इसके बीच अब सरकार ने किशाऊ योजना के तहत एमओयू किया है। गौरतलब है कि इस परियोजना के तहत केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हाल ही में नई दिल्ली में किशाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना के लिए एमओयू हुआ। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमालच प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

    किशाऊ परियोजना कहां है?
    किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर यमुना की एक प्रमुख सहायक नदी टोंस नदी पर प्रस्तावित है। लगभग 15 हजार करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना 660 मेगावाट जल विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करेगी और इससे राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा।

    यह हुआ समझौता
    संशोधित व्यवस्था के तहत, हिमाचल प्रदेश को आवंटित जल हिस्से का एक भाग राजस्थान और दिल्ली को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बदले में, संबंधित राज्य हिमाचल प्रदेश से जुड़े बिजली घटक की लागत में योगदान देंगे। केंद्र सरकार जल घटक की लागत का 90 प्रतिशत सहायता के रूप में प्रदान करेगी, जबकि भागीदार राज्य शेष 10 प्रतिशत का योगदान देंगे। परियोजना का संचालन किशाऊ कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से किया जाएगा और इसकी निगरानी ऊपरी यमुना बेसिन के लिए स्थापित ढांचे के तहत की जाएगी।

    ऐसे शेखावाटी में आएगा पानी
    इस परियोजना के तहत, किशाऊ बांध से राजस्थान को आवंटित 124 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी को तीन भूमिगत पाइपलाइन प्रणालियों का उपयोग करके हरियाणा की हांसी-बुटाना प्रणाली के माध्यम से चूरू तक पहुंचाने का प्रस्ताव है। यह पानी सीकर, चूरू, झुंझुनू और आसपास के क्षेत्रों की पेयजल और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा।

    यमुना जल का दो साल पहले हुआ समझौता
    सीकर, झुंझुनू व चूरू जिलों में यमुना का पानी लाने के लिए 17 फरवरी 2024 को राजस्थान, हरियाणा के मुख्यमंत्री और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री की उपस्थिति में समझौता हुआ था। समझौते के तहत प्रथम चरण में ताजेवाला हैड (हथिनीकुण्ड बैराज) से पेयजल के लिए जल को राजस्थान लाने के लिए प्रवाह प्रणाली की संयुक्त रूप से रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने पर सहमति बनी थी।

    यमुना जल परियोजनाः फैक्ट फाइल
        17 फरवरी, 2024 को हुआ था राजस्थान और हरियाणा के बीच एमओयू
        हथिनी कुंड बैराज से चूरू के हासियावास तक 265 किलोमीटर तीन पैरेलल पाइप लाइन डलेगी।
        चूरू, सीकर, झुंझुनूं को 577 एमसीएम पानी मिलेगा
        ऊपरी यमुना बेसिन के रेणुकाजी, लखवार और किशाऊ से इसी पाइपलाइन से आएगा पानी

    32 साल पहले हुआ था एमओयू
    राजस्थान, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं नई दिल्ली के बीच 12 मई, 1994 को हुए यमुना जल समझौते के तहत हथिनी कुंड से मानसून अवधि में 1,917 क्यूसेक जल राजस्थान को आवंटित किया था। कुल पानी का 40.6% हरियाणा, 35.1% यूपी, 10.4% राजस्थान, 6.3% दिल्ली और 1.7% हिमाचल प्रदेश के बीच बंटवारा होना था। तीन दशक से लागू नहीं हो सका यह समझौता अब साकार होने की ओर बढ़ रहा है।