Author: NewseDay

  • श्री चरणी का शानदार प्रदर्शन जारी, 43 विकेट के साथ साल में सबसे ज्यादा विकेट की रेस में शामिल

    श्री चरणी का शानदार प्रदर्शन जारी, 43 विकेट के साथ साल में सबसे ज्यादा विकेट की रेस में शामिल

    निशिन (जापान)
    एशियन गेम्स 2026 में भारत की महिला क्रिकेट टीम ने 8 विकेट की जीत के साथ शुरुआत की। इस मैच में स्पिन गेंदबाज श्री चरणी ने एक बार फिर कमाल की गेंदबाजी की और 4 विकेट लिए। पिछले मैच में भी उन्होंने 4 विकेट लिए थे। वह चुनिंदा गेंदबाजों की सूची में शामिल हुई हैं, जिन्होंने लगातार 2 मुकाबलों में 4 विकेट हासिल किए हैं। श्री चरणी ने इस मैच में शुरुआत बेहद साधारण की थी, लेकिन अगले 3 ओवरों में उन्होंने सब पलट दिया।

    कैसा रहा श्री चरणी का प्रदर्शन?
    श्री चरणी ने इस मैच में 4 ओवर की गेंदबाजी की और 10 रन देकर 4 विकेट हासिल किए, लेकिन आपको हैरानी तब होगी, जब आपको पता चले कि उनके पहले ओवर में ही 9 रन बन गए थे। इसके बाद अगले 3 ओवर में उन्होंने सिर्फ एक रन दिया। 2 मेडन ओवर फेंके और 4 विकेट भी हासिल किए। भारतीय क्रिकेट में बुमराह को सबसे खतरनाक गेंदबाज माना जाता है, लेकिन श्री चरणी का रिकॉर्ड उनसे भी बेहतर दिख रहा है। वह टी20 में सबसे कम मैच में 50 टी20 विकेट हासिल करने वाली भारतीय गेंदबाज हैं।

    जून से आईसीसी रैंकिंग में नंबर वन
    श्री चरणी जून के महीने से आईसीसी विमेंस टी20 रैंकिंग में टॉप पर बनी हुई हैं। अपने हालिया प्रदर्शन के दम पर उन्होंने टॉप पर अपनी बढ़त और मजबूत की है। दीप्ति शर्मा टी20 गेंदबाजों की रैंकिंग में दूसरे नंबर पर हैं, लेकिन उनके और श्री चरणी के बीच 50 रेटिंग् प्वाइंट का अंतर हैं। श्री चरणी भारत की पहली महिला क्रिकेटर हैं, जिन्होंने आईसीसी रैंकिंग में 800 या उससे ज्यादा रेटिंग प्वाइंट हासिल किए हैं। उनके पास सबसे ज्यादा रेटिंग प्वाइंट हासिल करने वाली गेंदबाज बनने का भी मौका है।

    एक साल में सबसे ज्यादा विकेट
    श्री चरणी इस साल भारत के लिए टी20 में 43 विकेट ले चुकी हैं। वह एक साल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गई हैं। इस मामले में थाईलैंड की थिपाचा पुथावॉन्ग टॉप पर हैं। उन्होंने 2025 में 56 विकेट निकाले थे। वहीं, 2024 में रवांडा के लिए 50 विकेट लेने वाली हेनिरट इशिम्वे दूसरे स्थान पर हैं। श्री चरणी इस साल 43 और रवांडा की मैरी भी 43 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर हैं। चरणी ने इस साल 43 विकेट लिए हैं। वहीं, मैरी ने 2024 में ऐसा किया था।

  • पीएमएफएमई योजना से सुजय सिंह ने साकार किया आत्मनिर्भरता का सपना

    पीएमएफएमई योजना से सुजय सिंह ने साकार किया आत्मनिर्भरता का सपना

    अनूपपुर
     सकारात्मक सोच, दृढ़ संकल्प और शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर व्यक्ति अपने सपनों को नई दिशा दे सकता है। अनूपपुर नगर के  सुजय सिंह ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना का लाभ लेकर अपने आटा चक्की इकाई व्यवसाय का सपना साकार किया है। आज वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही अन्य लोगों को रोजगार प्रदान कर रहे हैं।  सुजय सिंह की इच्छा थी कि वे स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। उनका सपना आटा मिल स्थापित करने का था, लेकिन आर्थिक संसाधनों के अभाव में वे इस दिशा में आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। इसी दौरान उन्हें उद्यानिकी विभाग की पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिली। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर योजना के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर आटा चक्की मिल इकाई की स्थापना की।

    उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत  सिंह को 6.86 लाख रुपये की परियोजना लागत वाली आटा चक्की मिल इकाई के लिए सहायता प्राप्त हुई, जिसमें 2.50 लाख रुपये की अनुदान राशि शामिल है। उन्होंने अगस्त 2025 में अपनी इकाई का संचालन प्रारंभ किया। व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासों का परिणाम रहा कि सितंबर 2026 तक उन्हें इकाई से प्रतिमाह लगभग 60 से 70 हजार रुपये की शुद्ध आय प्राप्त होने लगी।

     सिंह ने अपनी इकाई में चार लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। इस तरह वे अब स्वयं रोजगार प्राप्त करने वाले व्यक्ति से आगे बढ़कर दूसरों को रोजगार देने वाले उद्यमी बन गए हैं। उनके द्वारा ‘उर्मिका फूड’ नाम से अपने व्यवसाय का संचालन किया जा रहा है।  सुजय सिंह बताते हैं कि शासकीय योजनाएं आमजन को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनके अनुसार, यदि व्यक्ति को सही समय पर शासकीय योजना का सहयोग मिले और वह सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े, तो अपने सपनों को साकार किया जा सकता है।

    उन्होंने पीएमएफएमई योजना के माध्यम से स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने अन्य युवाओं एवं इच्छुक नागरिकों से अपील की कि वे शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रतानुसार उनका लाभ उठाएं और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएं।  सुजय सिंह की यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं।

  • जमशेदपुर से नई वंदे भारत ट्रेनों का रास्ता साफ, टाटानगर में बनेगा हाईटेक मेंटेनेंस डिपो

    जमशेदपुर से नई वंदे भारत ट्रेनों का रास्ता साफ, टाटानगर में बनेगा हाईटेक मेंटेनेंस डिपो

     जमशेदपुर
    लौहनगरी के टाटानगर रेलवे स्टेशन को देश के प्रमुख हाई-स्पीड रेल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है।

    रेलवे बोर्ड ने टाटानगर में 383.78 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक 'वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो' के निर्माण को अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के प्रोजेक्ट एंड डेवलपमेंट निदेशक सुमित कुमार ने आधिकारिक मंजूरी पत्र सांसद को प्रेषित कर दिया गया है।

    संसद सत्र के दौरान चार बार की थी रेल मंत्री से मुलाकात
    टाटानगर में वंदे भारत कोच डिपो की स्थापना के लिए सांसद बिद्युत बरण महतो लंबे समय से प्रयासरत थे। हाल ही में संपन्न संसद सत्र के दौरान उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के निदेशकों और वरीय अधिकारियों से लगभग चार बार मुलाकात कर इस मेगा प्रोजेक्ट की स्वीकृति का पुरजोर आग्रह किया था।

    दक्षिण पूर्व रेलवे (चक्रधरपुर मंडल) द्वारा भेजे गए तकनीकी प्रस्ताव की समीक्षा के बाद बोर्ड ने परियोजना पर अंतिम मुहर लगा दी।

    लोको कॉलोनी में बनेगा अत्याधुनिक हाईटेक यार्ड स्वीकृत योजना के तहत टाटानगर के पुराने कोचिंग डिपो का विस्तार करते हुए लोको कॉलोनी क्षेत्र में नया मेंटेनेंस यार्ड तैयार किया जाएगा।

    यह डिपो सेमी-हाई-स्पीड वंदे भारत चेयरकार व स्लीपर ट्रेनों के तकनीकी परीक्षण, नियमित रखरखाव और त्वरित
    वॉशिंग के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा।

    वर्तमान में टाटानगर से पटना और ब्रह्मपुर के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस संचालित हो रही है। आधुनिक मेंटेनेंस डिपो बनने से टाटानगर से नई दिल्ली, मुंबई, जयपुर और बेंगलुरु जैसे महत्वपूर्ण शहरों के लिए नई वंदे भारत ट्रेनों के परिचालन की बाधा पूरी तरह दूर हो जाएगी

    चार नए प्लेटफॉर्म और रोजगार के नए अवसर
    सांसद महतो ने बताया कि डिपो के साथ-साथ उन्होंने टाटानगर स्टेशन पर दबाव कम करने के लिए गति शक्ति योजना के तहत 482 करोड़ रुपये की लागत से चार अतिरिक्त रेलवे प्लेटफॉर्म और लूप लाइनों के निर्माण का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड के समक्ष रखा है।

    योजना की स्वीकृति पर सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक और चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम का आभार जताया है।

    उन्होंने कहा कि इस परियोजना से चक्रधरपुर रेल मंडल में औद्योगिक व तकनीकी विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे।

  • दिवाली-छठ पर घर जाना होगा आसान, दिल्ली से बिहार के लिए चलेंगी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें

    दिवाली-छठ पर घर जाना होगा आसान, दिल्ली से बिहार के लिए चलेंगी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें

    लखनऊ
    दिवाली, छठ समेत अन्य त्योहारों पर भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने देश की राजधानी दिल्ली से बिहार के अलग-अलग शहरों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान कर दिया है। नई दिल्ली से दरभंगा, आनंद विहार से जोगबनी (अररिया) के बीच फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। इसके अलावा, नई दिल्ली से दानापुर (पटना) के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन के फेरे भी बढ़ा दिए गए हैं। साथ ही, आनंद विहार से भागलपुर के बीच भी रोजाना स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है।

    नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल नवंबर में रोजाना चलेगी
    जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली और दरभंगा के बीच 10 नवंबर से रोजाना फेस्टिवल स्पेशल एक्सप्रेस चलाने का फैसला लिया गया है। ट्रेन नंबर 04098/04097 पूरी तरह आरक्षित होगी। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से यह ट्रेन सुबह 9.30 बजे खुलेगी और गाजियाबाद, गोरखपुर, नरकटियागंज, मोतिहारी होते हुए मुजफ्फरपुर सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर पहुंचेगी। इसके बाद यहां से दरभंगा आएगी। वापसी में भी यही रूट रहेगा।
    आनंद विहार से जोगबनी के लिए स्पेशल ट्रेन

    दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से जोगबनी (अररिया) के बीच विशेष ट्रेन चलाई जाएगी। ट्रेन नंबर 04008 आनंद विहार टर्मिनल से 10 अक्टूबर से 7 नवंबर तक हर शनिवार को खुलेगी। वहीं, गाड़ी संख्या 04007 जोगबनी स्टेशन से 11 अक्टूबर से 8 नवंबर तक हर रविवार को चलेगी।

    नई दिल्ली-दानापुर स्पेशल के आठ फेरे बढ़ाए गए
    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नई दिल्ली स्टेशन से पटना के दानापुर स्टेशन के बीच चलने वाली सुपरफास्ट साप्ताहिक ट्रेन की अवधि का विस्तार कर दिया गया है। ट्रेन नंबर 04090 और 04089 नई दिल्ली और दानापुर के बीच 2 अक्टूबर से 21 अक्टूबर के बीच 8 ट्रिप करेगी। त्योहार पर पटना और आसपास के इलाकों में दिल्ली एनसीआर से आने वाले यात्रियों को इसकी सुविधा मिलेगी।

    आनंद विहार से भागलपुर स्पेशल ट्रेन 10 से रोजाना चलेगी
    दिल्ली के आनंद विहार से बिहार के भागलपुर से अगले महीने एक स्पेशल ट्रेन चलाएगी। इसकी शुरुआत 10 अक्टूबर से होगी और 26 नवंबर तक दोनों दिशाओं में 47-47 फेरे लगाएगी। इस ट्रेन का संचालन रोजाना किया जाएगा। दिल्ली-एनसीआर से त्योहार पर पूर्वी बिहार आने वाले लोगों को इससे सुविधा होगी। आनंद विहार-भागलपुर स्पेशल ट्रेन (04062/04061) गया, किऊल और जमालपुर के रास्ते होकर चलाई जाएगी।

    नई दिल्ली-हावड़ा स्पेशल
    नई दिल्ली से हावड़ा (पश्चिम बंगाल) के बीच स्पेशल ट्रेन (04052/04051) 2 अक्टूबर से 29 नवंबर के बीच चलाई जाएगी। यह साप्ताहिक ट्रेन होगी। नई दिल्ली से हर शुक्रवार और हावड़ा से हर शनिवार को खुलेगी। दोनों तरफ से यह कुल 9 फेरे करेगी।

  • सूरज से रोशन होगा अलवर, 250 मेगावाट सौर बिजली उत्पादन का लक्ष्य; छतों पर भी सोलर

    सूरज से रोशन होगा अलवर, 250 मेगावाट सौर बिजली उत्पादन का लक्ष्य; छतों पर भी सोलर

    अलवर
     बिजली के लिए अब अलवर की नजर आसमान पर है। सूरज की किरणें आने वाले समय में जिले की बिजली व्यवस्था की नई ताकत बनने जा रही हैं। सौर ऊर्जा का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है और निर्माणाधीन परियोजनाएं पूरी होने के बाद अलवर में 250 मेगावाट तक सौर बिजली उत्पादन होने की उम्मीद है। यह उत्पादन क्षमता सूरतगढ़ थर्मल पावर की एक इकाई के बराबर होगी।

    बता दें कि अभी जिले में सोलर प्लांटों से करीब 67 मेगावाट और रूफटॉप सोलर से करीब 29 मेगावाट बिजली मिल रही है। कुल 36 सोलर प्लांट चालू हैं, जबकि करीब 80 प्लांटों में काम जारी है। इनके पूरा होने के साथ सौर ऊर्जा का दायरा तेजी से बढ़ेगा और अलवर की बिजली व्यवस्था में स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी मजबूत होगी।

    जमीन से छत तक बन रहे बिजली घर
    अलवर में सौर ऊर्जा का विस्तार अब सिर्फ बड़े प्लांटों तक सीमित नहीं है। खेतों और खाली जमीनों पर सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ घरों और संस्थानों की छतें भी छोटे बिजलीघरों में बदल रही हैं। जिले में अब तक करीब 6 हजार रूफटॉप सोलर लगाए जा चुके हैं। दिसंबर तक इनकी संख्या बढ़ाकर 13 हजार करने का लक्ष्य है। इससे उपभोक्ता दिन में अपनी जरूरत की बिजली का एक हिस्सा खुद पैदा कर सकेंगे। रूफटॉप सोलर का बढ़ता नेटवर्क बिजली व्यवस्था को विकेंद्रीकृत करने में भी मदद करेगा।

    दिन में सूरज संभालेगा बिजली का भार
    सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ने के साथ बिजली आपूर्ति का तरीका भी बदलने की तैयारी है। दिन में सूरज की रोशनी के साथ सौर बिजली का उत्पादन बढ़ेगा और इसी दौरान इसका अधिकतम उपयोग किया जाएगा। इससे दिन के समय बिजली की मांग का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा करने में मदद मिलेगी। सूरज ढलने के बाद सौर उत्पादन घटेगा, तो बिजली की जरूरत दूसरे स्रोतों से पूरी करनी होगी। इस तरह आने वाले समय में अलवर की बिजली व्यवस्था में दिन का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा के भरोसे हो सकता है।

    सोलर प्लांटों के प्रमुख फायदे
        बिजली उत्पादन की लागत कम करने में मदद मिलती है।
        ईंधन की जरूरत नहीं होती, इसलिए कोयला, डीजल या गैस पर निर्भरता घटती है।
        प्रदूषण कम होता है और कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है।
        नवीकरणीय ऊर्जा होने से लंबे समय तक बिजली उत्पादन किया जा सकता है।
        दिन के समय बिजली की मांग का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा किया जा सकता है।
        बिजली व्यवस्था पर दबाव कम होता है और अतिरिक्त बिजली ग्रिड को दी जा सकती है।
        बिजली आयात/खरीद पर निर्भरता घटाने में मदद मिलती है।
        बड़े प्लांटों के साथ रूफटॉप सोलर से स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ता है।
        बिजली बिल में बचत की संभावना रहती है, खासकर रूफटॉप सोलर में।
        सौर परियोजनाओं से निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।
        खाली या कम उपयोग वाली जमीन पर बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन किया जा सकता है।
        ऊर्जा के स्रोतों में विविधता आने से बिजली व्यवस्था अधिक मजबूत होती है।

    सोलर प्लांटों के प्रमुख नुकसान
        शुरुआती निवेश अधिक होता है। जमीन, सोलर पैनल, इन्वर्टर और अन्य उपकरणों पर बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती है।
        बड़े क्षेत्रफल की जरूरत होती है। बड़े सोलर प्लांट के लिए काफी जमीन चाहिए, जिससे कृषि या अन्य उपयोग वाली जमीन पर दबाव पड़ सकता है।
        मौसम पर निर्भरता रहती है। बादल, बारिश और धूल के कारण बिजली उत्पादन घट जाता है।
        रात में उत्पादन नहीं होता, इसलिए रात की बिजली के लिए अन्य स्रोतों या ऊर्जा भंडारण की जरूरत रहती है।
        बैटरी भंडारण महंगा है। सौर बिजली को बड़े स्तर पर संगृहीत करने के लिए बैटरी की लागत बढ़ जाती है।
        पैनलों की सफाई जरूरी है। धूल और मिट्टी जमने से पैनलों की क्षमता कम हो सकती है, खासकर राजस्थान जैसे धूल वाले क्षेत्रों में।
        रखरखाव की लागत रहती है। पैनल, इन्वर्टर, तार और अन्य उपकरणों की समय-समय पर देखरेख करनी पड़ती है।
        पुराने सोलर पैनलों का निस्तारण चुनौती बन सकता है। बड़ी संख्या में पैनल खराब या पुराने होने पर इनके पुनर्चक्रण की व्यवस्था जरूरी होती है।
        प्राकृतिक आवास पर असर पड़ सकता है, यदि बड़े प्लांट संवेदनशील या जैव विविधता वाले क्षेत्रों में लगाए जाएं।
        बिजली ग्रिड पर दबाव पड़ सकता है। उत्पादन अचानक बढ़ने-घटने पर ग्रिड को संतुलित रखने के लिए बेहतर व्यवस्था जरूरी होती है।

    अलवर में सोलर प्लांटों से सभी लोगों को फायदा होगा। किसानों को दिन में बिजली मिलेगी। दिसंबर तक अधिकतर सोलर चालू हो जाएंगे।
    -जेपी बैरवा, एसई, बिजली निगम, अलवर

     

  • खपरगंज में गणेशोत्सव प्रेम सद्भाव की मिसाल,57 वर्षों से चली आ रही शानदार परंपरा

    खपरगंज में गणेशोत्सव प्रेम सद्भाव की मिसाल,57 वर्षों से चली आ रही शानदार परंपरा

    बिलासपुर 
     खपरगंज गणेश उत्सव समिति का यह गणेश पंडाल खपरगंज चौक का है जहां की फिज़ा में कुछ दिन पहले नफरत का ज़हर  फैलाने की कोशिश की गई थी। पर यह अपना शहर है जहां प्रेम की अरपा धारा बहती है । खपरगंज के लोगों ने अपने चौक में पिछले 57 वर्षों से चली आ रही परंपरा बनाए रखी और पूरे जोश और एकता के साथ गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की गई । हर साल की तरह उस चौक के पूरे हिंदू, मुस्लिम और सभी समाज के भाई बहनों ने मिलकर त्यौहार की गरिमा और सौहार्द बनाए रखा । आज गणेश पंडाल के इस मंच पर नन्हे नन्हे बच्चों की प्रस्तुति हुई। रंग बिरंगी वेशभूषा में पहचान में नहीं आ रहा है कि कौन बच्चा हिंदू परिवार का है और कौन बच्चा मुस्लिम परिवार का है । यह है हमारी मजबूत एकता की मिसाल ।

    वह एकता जो हमारे बुजुर्गों ने हमारे संस्कार में दी है । इस मंच से ही पैगाम सब तरफ पहुंच गया है कि कोई कितनी भी कोशिश कर ले हमारे लहू का रंग लाल है लाल ही रहेगा हमारे अंदर किसी के उकसाने से किसी के बहकाने से नफरत नहीं आ सकती।हमारे त्यौहार एक है।हमारा साथ एक है ।हमारे पड़ोसी एक है, हमारा शहर एक है ,हमारा देश एक है । सभी दुआ करिए , प्रार्थना करिए कि पूरे देश में हमारे शहर में हमारे मोहल्ले में हमारा आपस का प्यार हमारी एकता हमेशा बनी रहे ।इसे किसी की बुरी नजर ना लगे और जो लोग भटके हुए हैं उन्हें सही राह दिखे वह भी प्यार के साथ आपस में एक दूसरे से मिलकर रहे । जय हिंद ।

  • विश्व कप से पहले खिलाड़ियों की फिटनेस बनी चिंता, गंभीर बोले- शुभमन गिल के लिए दुर्भाग्यपूर्ण

    विश्व कप से पहले खिलाड़ियों की फिटनेस बनी चिंता, गंभीर बोले- शुभमन गिल के लिए दुर्भाग्यपूर्ण

    नई दिल्ली
    भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने स्वीकार किया है कि हालिया समय में भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस एक प्रमुख समस्या बनकर उभरी है और यह भारतीय टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम नहीं मिल पा रही है, खासकर जब अगला वनडे विश्व कप सिर्फ एक साल दूर है। भारतीय टीम इस समय अपने प्रमुख खिलाड़ियों की फिटनेस की समस्याओं से जूझ रही है। टीम के प्रमुख ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या अभी रिहैब पर हैं और उन्हें वापसी करने के लिए इंडिया ए मैचों का सहारा लेना पड़ रहा है। टीम के प्रमुख गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह भी आईपीएल 2026 के दौरान से ही फिटनेस की समस्याओं से जूझ रहे हैं और टीम से लगातार अंदर-बाहर होते रहे हैं। हालांकि अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी 20 सीरीज में उन्होंने सफल वापसी की है। वहीं तीनों फॉर्मेट खेलने वाले हर्षित राणा भी लगातार टीम से बाहर चल रहे हैं।

    हार्दिक का आना टीम के लिए अच्छा
    भारतीय कोच गंभीर ने कहा, "इस समय हार्दिक पूरी तरह से 10 ओवर गेंदबाजी करने के लिए फिट नहीं हैं और आईपीएल के बाद से उन्होंने ज्यादा क्रिकेट भी नहीं खेला है। जब हार्दिक वापस आएंगे, तो यह निश्चित रूप से टीम के लिए अच्छा होगा।"

    आईपीएल के दौरान ही फिटनेस समस्या से जूझ रहे वरूण चक्रवर्ती को हालिया अफगानिस्तान सीरीज से एक मैच के बाद ही बाहर होना पड़ा। वह अब एशियाई खेलों से भी बाहर हैं। इससे पहले वह जिम्बाब्वे सीरीज का भी हिस्सा नहीं बन पाए थे और इंग्लैंड दौरे के बीच से भी बाहर हो गए थे। दिलचस्प बात यह थी कि अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के लिए जब भारतीय दल का चयन हुआ था, तो उसमें चार खिलाड़ियों का चयन उनके फिटनेस पर आधारित था और अंत में उसमें से एक खिलाड़ी पूरी सीरीज से बाहर हो गया।

    सर्वश्रेष्ठ टीम नहीं मिल पा रही
    गंभीर ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो यह आदर्श स्थिति नहीं है। आपको टेस्ट और वनडे क्रिकेट में अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चाहिए होते हैं। अगला साल भी 50 ओवर के वनडे विश्व कप का है, तो यह हमारे युवा कप्तान शुभमन गिल के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम नहीं मिल पा रही है। इससे टीम की निरंतरता प्रभावित होती है। एक कोच के रूप में मैं सारी आलोचनाओं को झेल सकता हूं, लेकिन यह जरूरी है कि शुभमन को उनकी सर्वश्रेष्ठ एकादश मिले।"

    गंभीर ने यह भी स्पष्ट किया कि क्यों नीतीश कुमार रेड्डी ने एशियाई खेलों से अपना नाम वापस लिया। उन्होंने कहा, "नीतीश का टी 20 फॉर्मेट से हटना और उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में रखना एक बेहतरीन कदम है। हम सब जानते हैं कि अगले साल दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वनडे विश्व कप में तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर कितने अहम साबित हो सकते हैं।

    उन्होंने कहा, "इस समय हार्दिक पूरी तरह से 10 ओवर गेंदबाज़ी करने के लिए फ़िट नहीं हैं और आईपीएल के बाद से उन्होंने ज्यादा क्रिकेट भी नहीं खेला है। जब हार्दिक वापस आएंगे, तो यह निश्चित रूप से टीम के लिए अच्छा होगा और हो सकता है कि हम दोनों को एक साथ प्लेइंग इलेवन में भी खिलाएं। लेकिन हम उन्हें तुरंत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में झोंकना नहीं चाहते क्योंकि यह उनके शरीर के लिए बेहद कठिन हो सकता है। इसलिए ही उन्हें इंडिया ए टीम में जगह मिली है।"

  • UPPSC-2025 में मुफ्त कोचिंग का शानदार नतीजा, योगी सरकार की योजना से 74 अभ्यर्थी सफल

    UPPSC-2025 में मुफ्त कोचिंग का शानदार नतीजा, योगी सरकार की योजना से 74 अभ्यर्थी सफल

    योगी सरकार की मुफ्त कोचिंग ने गढ़ी सफलता की नई कहानी, यूपीपीएससी-2025 में 74 अभ्यर्थी सफल

    तीन विभागीय कोचिंग केंद्रों के अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा में लहराया परचम

    भागीदारी भवन के 35, अलीगंज के 18 और हापुड़ के 21 अभ्यर्थी हुए सफल

    6 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले पात्र छात्रों को आवासीय कोचिंग के साथ कई सुविधाएं

    मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू की तैयारी के लिए भी समाज कल्याण विभाग कराएगा मॉक इंटरव्यू

    मंत्री असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को दीं शुभकामनाएं

    लखनऊ
     आर्थिक संसाधनों की कमी प्रतिभाशाली युवाओं की राह में बाधा न बने, इसके लिए योगी सरकार की ओर से संचालित निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ा सहारा बन रही है। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों और भागीदारी भवन स्थित कोचिंग से निःशुल्क प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्राप्त करने वाले 74 अभ्यर्थियों ने यूपीपीएससी-2025 की मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की है। मुख्य परीक्षा में सफल सभी अभ्यर्थी अब चयन प्रक्रिया के अगले चरण साक्षात्कार में शामिल होंगे।

    मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी की जाती है संचालित

    प्रदेश में समाज कल्याण विभाग की ओर से 8 आवासीय कोचिंग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। अधिकतम 6 लाख रुपये वार्षिक आय सीमा वाले पात्र छात्रों को यहां आवासीय कोचिंग के साथ मेस, पुस्तकालय, इंटरनेट, टेस्ट सीरीज, नोट्स, मनोरंजन, खेलकूद और जिम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए आगे मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी संचालित की जाती है, ताकि वे साक्षात्कार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।

    मंत्री ने सफल अभ्यर्थियों को दीं शुभकामनाएं

    समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रतिभावान युवाओं को उनकी आर्थिक परिस्थितियों की परवाह किए बिना गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विभागीय केंद्रों से 74 अभ्यर्थियों की सफलता इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।

    राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल

    समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि भागीदारी भवन स्थित कोचिंग के 35, अलीगंज स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र के 18 और हापुड़ स्थित राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के 21 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल हुए हैं। तीनों केंद्रों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की सफलता को विभागीय निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था के प्रभावी परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है।

  • कलेक्टर ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए अच्छी शिक्षा ग्रहण करने दी सीख

    कलेक्टर ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए अच्छी शिक्षा ग्रहण करने दी सीख

    विद्यार्थियों के शिक्षा और पोषण पर दिया जाए विशेष ध्यान-कलेक्टर 

    पौधरोपण कर विद्यार्थियों को दें देखभाल की जिम्मेदारी-कलेक्टर 

    कलेक्टर ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए अच्छी शिक्षा ग्रहण करने दी सीख 

    कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने किया शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धनगवा (पूर्वी) कानिरीक्षण

    अनूपपुर 
    कलेक्टर रत्नाकर झा एवं पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव ने आज मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत जैतहरी के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धनगवां (पूर्वी) का निरीक्षण कर विद्यालय के शैक्षणिक एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर अध्ययन-अध्यापन की स्थिति की जानकारी ली तथा उन्हें नियमित अध्ययन करते हुए बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

    कलेक्टर झा ने कक्षा 10वीं एवं कक्षा 6वीं के विद्यार्थियों से विभिन्न विषयों में अध्ययन को लेकर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी लेते हुए उनकी जिज्ञासाओं को समझा। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की प्रयोगशाला का निरीक्षण कर प्रयोगात्मक गतिविधियों की जानकारी भी प्राप्त की।

    कलेक्टर ने विद्यालय परिसर का भ्रमण करते हुए पौधरोपण की स्थिति की जानकारी प्राचार्य मनोज खर्द से ली। प्राचार्य ने विद्यालय परिसर में पांच फलदार एवं पोषणयुक्त पौधों के रोपण की जानकारी दी। इस पर कलेक्टर ने विद्यालय में पदस्थ 13 शिक्षकों से 13 फलदार एवं पोषणयुक्त पौधे रोपित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक एक पौधे के रोपण के साथ उसकी देखभाल की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को सौंपें, ताकि उनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित हो।

    कलेक्टर झा ने विद्यालय के रसोई कक्ष का निरीक्षण कर मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता का भी जायजा लिया। उन्होंने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों के बेहतर पोषण को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विद्यालय परिसर में मुनगा, अमरूद, आंवला, आम सहित अन्य फलदार एवं पोषणयुक्त पौधों के रोपण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने विद्यालय में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या की भी जानकारी ली। प्राचार्य ने बताया कि कक्षा 10वीं से 12वीं तक विद्यालय में कुल 208 विद्यार्थी नामांकित हैं। कलेक्टर ने विद्यार्थियों की शिक्षा, पोषण, पर्यावरण जागरूकता एवं विद्यालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    इस दौरान पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सुसरिता नायक सहित संबंधित अधिकारी एवं विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।

  • नेहा पच्चीसिया ने HC का खटखटाया दरवाजा, FIR निरस्त और अग्रिम जमानत की मांग; 2 बच्चों का दिया हवाला

    नेहा पच्चीसिया ने HC का खटखटाया दरवाजा, FIR निरस्त और अग्रिम जमानत की मांग; 2 बच्चों का दिया हवाला

    जबलपुर
     जमीन सौदेबाजी और पद के दुरुपयोग मामले को लेकर फरार चर्चित कटनी नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया का मामला हाईकोर्ट में है. नेहा पच्चीसिया ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त करने और अग्रिम जमानत की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. जिसमें उन्होंने दो नाबालिग बच्चों की मां होने का हवाला दिया है. सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार के जवाब का इंतजार करने की बात कही है. साथ ही अगली सुनवाई 21 सितंबर को निर्धारित की है। 

    दो नाबालिग बच्चों की मां होने का दिया हवाला
    गुरुवार यानि 17 सितंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई को लेकर नेहा पच्चीसिया के अधिवक्ता प्रियंक अग्रवाल ने बताया कि "याचिकाकर्ता नेहा पच्चीसिया की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि उन्हें झूठे प्रकरण में फंसाया गया है. कोई साक्ष्य नहीं होने के बाद भी उन्हें आरोपी बनाया गया है. याचिका की सुनवाई के दौरान उनकी तरफ से आवेदन प्रस्तुत कर एफआईआर को रद्द करने और अग्रिम जमानत मांगी गई थी. आवेदन में कहा गया था कि वह दो नाबालिग बच्चों की मां हैं और उनकी देखभाल और पालन-पोषण की पूरी ज़िम्मेदारी उन्हीं पर है। 

    सरकार की तरफ से कहा गया देश से बाहर जा सकती हैं नेहा
    वहीं मामले में सरकार की तरफ से याचिका का विरोध जताया गया. सरकार की तरफ से कहा गया कि याचिकाकर्ता जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं. नेहा पच्चीसिया देश से बाहर जा सकती हैं, इसलिए उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने की कार्रवाई की जा रही है. इस दौरान शिकायतकर्ता के अधिवक्ता के रूप मौजूद रहे अधिवक्ता ने बताया कि याचिकाकर्ता सहयोग न करने का दबाव बना रही है. उन्होंने बताया कि उनकी तरफ से हलफनामा पेश नहीं किया गया है. जिस पर एकलपीठ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में न्यायालय के सामने पेश होते समय अधिक सावधानी बरते। 

    एकलपीठ ने बुधवार को आवेदन पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. कोर्ट ने गुरुवार को आदेश जारी किया. बता दें हाईकोर्ट जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने आवेदन पर सुनवाई की. जहां उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि अंतरिम और अंतिम राहत की मांग पर विचार करने से पहले राज्य के जवाब का इंतजार करना सही होगा. एकलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 21 सितंबर को निर्धारित की है। 

    जमीन सौदेबाजी मामले में आरोपी हैं नेहा पच्चीसिया
    गौरतलब है कि कटनी सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित तीन आरोपियों के खिलाफ कुठला थाने में धोखाधडी सहित अन्य धाराओं में तहत प्रकरण दर्ज किया गया था. कटनी पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था. उन पर आरोप था कि कुठला थाना अंतर्गत हत्या के अपराध में निर्धारित समय अवधि में चालान पेश नहीं करने के कारण आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का लाभ मिल गया था। 

    1 करोड़ की जमीन को 15-20 लाख में खरीदने का आरोप
    इसके एवज में उन्होंने आरोपियों की जमीन बहुत कम दर में अपने एजेंट के नाम पर खरीदी है. जमीन मारूफ अहमद हनफी के नाम पर खरीदी गई थी. जबकि उनके बैंक खाते में जमीन खरीदने से पहले महज कुछ हजार रुपए थे. उसके बैंक खाते में क्षितिज राज पात्रे ने राशि ट्रांसफर की थी. जिसके बाद 1 करोड़ रुपए की जमीन को महज 15 से 20 लाख रुपये में खरीदी गयी थी. विभागीय स्तर पर जांच के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. जिला न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत आवेदन खारिज किए जाने के कारण उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी।