Author: NewseDay

  • हरियाणा बनेगा उद्योगों का बड़ा केंद्र, खरखौदा-बावल समेत कई क्षेत्रों में 14,300 एकड़ जमीन चिह्नित

    हरियाणा बनेगा उद्योगों का बड़ा केंद्र, खरखौदा-बावल समेत कई क्षेत्रों में 14,300 एकड़ जमीन चिह्नित

    चंडीगढ़
    हरियाणा में औद्योगिक निवेश को गति देने के लिए सरकार मौजूदा औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आइएमटी) में बड़ी कंपनियों की परियोजनाओं को बढ़ावा देने के साथ ही नए औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार की तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों से प्रदेश को देशी और वैश्विक कंपनियों के लिए प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में विकसित किया जा रहा है।

    उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल के अनुसार, चार आइएमटी के विस्तार के लिए लगभग 14,300 एकड़ अतिरिक्त भूमि चिह्नित की गई है। इससे औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना हैं।

    हरियाणा में छह प्रमुख आइएमटी विकसित की गई हैं। इनमें मानेसर लगभग 4,000 एकड़, रोहतक 3,600 एकड़, बावल 3,300 एकड़, खरखौदा 3,200 एकड़, फरीदाबाद 1,800 एकड़ और सोहना 1,500 एकड़ में फैली हैं। इन औद्योगिक क्षेत्रों में सरकार उद्योगों की स्थापना के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।

    फ्लिपकार्ट 140 एकड़ में 1300 करोड़ रुपये का किया निवेश
    प्रमुख निवेश परियोजनाओं में मारुति सुजुकी 800 एकड़ में 18,000 करोड़ रुपये, एटीएल 178 एकड़ में 7,000 करोड़ रुपये, आदित्य बिरला ग्रुप 70 एकड़ में 1,140 करोड़ रुपये और यूनो-मिंडा 94 एकड़ में 11,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही हैं

    डा. अमित अग्रवाल ने बताया कि फ्लिपकार्ट 140 एकड़ में 1,300 करोड़ रुपये, डेंसो 37 एकड़ में 570 करोड़ रुपये, टोयोटा बोशोकु 21 एकड़ में 400 करोड़ रुपये और अमूल 10 एकड़ में 300 करोड़ रुपये की परियोजना के साथ निवेश कर रहे हैं।

    फैवेली ट्रांसपोर्ट पांच एकड़ में 200 करोड़ रुपये तथा यूफ्लेक्स 14 एकड़ में 300 करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं। यामाहा, एस्कोर्ट्स, व्हर्लपूल, इंडियन आयल, एशियन पेंट्स, जेसीबी, होंडा, हीरो, टाटा, गूगल, माइक्रोसाफ्ट, सैमसंग और भारत इलेक्ट्रानिक्स सहित अनेक कंपनियां भी प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ी हैं।

    चार आइएमटी के विस्तार के लिए जमीन चिह्नित
    औद्योगिक नेटवर्क को नए क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना के तहत खरखौदा के विस्तार के लिए लगभग 5,800 एकड़, कोसली में नई आइएमटी के लिए 5,000 एकड़, बावल के विस्तार के लिए 2,000 एकड़ और सोहना के विस्तार के लिए 1,500 एकड़ अतिरिक्त भूमि चिह्नित की गई है।

    अमित अग्रवाल के अनुसार औद्योगिक क्षेत्रों में प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं, स्पष्ट भूमि स्वामित्व, पूर्व-स्वीकृत औद्योगिक भूमि उपयोग, सिंगल-विंडो सहायता और बेहतर सड़क संपर्क विकसित करने पर जोर है।

    उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करने के लिए कौशल विकास केंद्र, सामान्य सुविधा केंद्र, स्टार्टअप सहायता और इन्क्यूबेशन सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 500 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि वाला सक्षम कोष बनाया गया है।

     

  • परविंदर झोटा हत्याकांड पर बढ़ा आक्रोश, सिरसा-मानसा हाईवे पर उतरे समर्थक

    परविंदर झोटा हत्याकांड पर बढ़ा आक्रोश, सिरसा-मानसा हाईवे पर उतरे समर्थक

    मानसा.

    परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद विभिन्न संगठनों और धार्मिक संस्थाओं की ओर से सिरसा मानसा नेशनल हाईवे को जाम कर दिया गया है। प्रदर्शन में लक्खा सिधाना, भाना सिद्धू, मोहनजीत शेरों के अलावा विपक्षी पार्टियों के नेता भी पहुंचे हुए हैं।

    लक्खा सिधाना ने आरोप लगाया है कि पंजाब पुलिस परविंदर झोटा का पोस्टमार्टम के बाद जबरन संस्कार करना चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि परिवार की मर्जी के बिना कोई कार्रवाई न हो। इससे पहले शहर के 12 हट्टा चौक में प्रदर्शन के दौरान परविंदर झोटा के पिता पूर्व सैनिक भीम सिंह ने केंद्र सरकार और गृहमंत्री से अपने परिवार खासकर अपने 9 और 6 साल के छोटो दो पौतों की सुरक्षा करने की गुहार लगाई है।

    मानसा में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। परविंदर झोटा नशे के खिलाफ अभियान चलाते थे। जानकारी के मुताबिक एक मेडिकल स्टोर में नशे को लेकर बहस के दौरान मेडिकल स्टोर के संचालक ने उन्हें गोली मार दी। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई। फायरिंग की घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बहस के बीच परविंदर झोटा को गोली मारते हुए देखा जा सकता है। वहीं इस घटना के बाद से एक बार फिर नशे के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के सिलसिले में एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई है। जल्द ही सभी ज़िलों के SSP और DC के साथ बैठक होगी।
    कैमरे के सामने मारी गोली

    दरअसल, नशे के खिलाफ लगातार आवाज बुलंद करने वाले मशहूर समाजसेवी परविंदर झोटा की दिनदहाड़े हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि परविंदर झोटा नशे से जुड़े एक मामले को लेकर एक दुकान पर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान दुकान पर मौजूद एक व्यक्ति के साथ नशे को लेकर बहस हुई। इसके बाद दुकान पर मौजूद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर उन पर फायरिंग कर दी। इस घटना से जुड़ा वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। परविंदर झोटा मानसा इलाके से संबंध रखते हैं और अक्सर नशे के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते नजर आते हैं।

  • 10,000mAh बैटरी वाले 5 धांसू स्मार्टफोन, Realme से Redmi तक; जानें कीमत और फीचर्स

    10,000mAh बैटरी वाले 5 धांसू स्मार्टफोन, Realme से Redmi तक; जानें कीमत और फीचर्स

    स्मार्टफोन खरीदते समय अब सिर्फ कैमरा, प्रोसेसर और स्क्रीन ही नहीं, बैटरी भी अहम हो गई है. ऑनलाइन वीडियो देखने, गेम खेलने, नेविगेशन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल से फोन की बैटरी जल्दी खत्म हो सकती है. ऐसे में बड़ी बैटरी वाला फोन उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है, जो दिनभर फोन इस्तेमाल करते हैं और बार-बार चार्जर नहीं ढूंढना चाहते.

    अब बाजार में 10,000mAh बैटरी वाले स्मार्टफोन भी आ गए हैं. इनमें Realme P4 Power 5G, Realme Narzo Power 5G, Poco X8 Power 5G और Redmi Note 17 Pro Max 5G जैसे मॉडल शामिल हैं. Vivo S2 FE भी इसी कैटेगरी में आया है, लेकिन इसकी बिक्री 20 अक्टूबर 2026 से शुरू होने की जानकारी दी गई है. इन फोन की कीमत, फीचर्स और बैटरी क्षमता जानने के बाद आप अपनी जरूरत के हिसाब से विकल्प चुन सकते हैं.

    1. Realme P4 Power 5G
    अगर आपका बजट करीब 30 हजार रुपये है और बैटरी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, तो Realme P4 Power 5G पर विचार कर सकते हैं. इसकी कीमत करीब 29,999 रुपये से शुरू होती है. इसमें 10,001mAh की बैटरी दी गई है. कंपनी ने इसमें 80W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट भी दिया है.

    फोन में 6.8 इंच की AMOLED स्क्रीन मिलती है, जिसका रिफ्रेश रेट 144Hz है. इसमें MediaTek Dimensity 7400 Ultra प्रोसेसर, 8GB रैम और 128GB स्टोरेज वाला विकल्प मिलता है. कैमरे की बात करें तो पीछे 50 मेगापिक्सल का Sony सेंसर और 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड कैमरा दिया गया है. सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा मिलता है.

    Realme P4 Power 5G उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो फोन पर गेम खेलते हैं, वीडियो देखते हैं या दिनभर इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं.

    2. Realme Narzo Power 5G
    Realme Narzo Power 5G भी 10,001mAh बैटरी के साथ आता है. इसकी शुरुआती कीमत करीब 29,999 रुपये है. यानी बड़ी बैटरी वाले फोन की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह Realme P4 Power 5G का दूसरा विकल्प है.

    इसमें MediaTek Dimensity 7400 Ultra प्रोसेसर और 5G कनेक्टिविटी मिलती है. फोन में 50 मेगापिक्सल का मुख्य रियर कैमरा दिया गया है. इसमें Android 16 पर आधारित Realme UI 7.0 मिलता है. कंपनी ने इसे Titan Silver और Titan Blue रंगों में पेश किया है.

    Narzo Power 5G उन लोगों को पसंद आ सकता है, जो बड़ी बैटरी के साथ रोजमर्रा के काम, वीडियो स्ट्रीमिंग और गेमिंग के लिए फोन चाहते हैं. हालांकि, Realme P4 Power और Narzo Power की कीमत और फीचर्स में अंतर देखने के बाद ही फैसला करना बेहतर होगा. केवल बैटरी क्षमता समान होने का मतलब यह नहीं है कि दोनों फोन हर मामले में एक जैसे हैं.

    3. Poco X8 Power 5G
    Poco X8 Power 5G की शुरुआती कीमत करीब 30,999 रुपये है. इसमें 10,000mAh की बैटरी और 100W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है. बड़ी बैटरी के साथ तेज चार्जिंग चाहने वाले लोगों के लिए यह एक अहम विकल्प हो सकता है.

    फोन में 6.83 इंच की AMOLED स्क्रीन दी गई है. इसका रिजॉल्यूशन 1.5K है और रिफ्रेश रेट 120Hz है. इसमें Qualcomm Snapdragon 6 Gen 5 प्रोसेसर, 8GB रैम और 128GB स्टोरेज वाला मॉडल मिलता है. पीछे 50 मेगापिक्सल का मुख्य कैमरा और 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड कैमरा है. सामने की तरफ 32 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है.

    अगर आप बड़ी बैटरी के साथ अच्छी स्क्रीन और तेज चार्जिंग चाहते हैं, तो Poco X8 Power 5G पर विचार किया जा सकता है. हालांकि, खरीदने से पहले इसके अलग-अलग स्टोरेज वेरिएंट और मौजूदा कीमत की जांच जरूर करें.

    4. Vivo S2 FE
    Vivo S2 FE को अक्टूबर 2026 में पेश किया गया है. इसकी कीमत करीब 38,999 रुपये बताई गई है और बिक्री 20 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी है. इसलिए अगर आप इसे खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो उपलब्धता की तारीख जरूर ध्यान में रखें.

    इस फोन में 10,000mAh की बैटरी दी गई है. इसमें 6.83 इंच की AMOLED स्क्रीन, 120Hz रिफ्रेश रेट और MediaTek Dimensity 7300E प्रोसेसर मिलता है. इसमें 6GB रैम और 128GB स्टोरेज वाला वेरिएंट बताया गया है. कैमरे के लिए पीछे 50 मेगापिक्सल और 2 मेगापिक्सल का सेटअप मिलता है, जबकि सामने 32 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है. फोन 44W चार्जिंग को सपोर्ट करता है.

    इसकी कीमत Realme और Poco के कुछ विकल्पों से ज्यादा है. इसलिए इसे खरीदने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपको इसके फीचर्स की जरूरत है या कम कीमत में दूसरी बड़ी बैटरी वाला फोन बेहतर रहेगा.

    5. Redmi Note 17 Pro Max 5G
    Redmi Note 17 Pro Max 5G इस लिस्ट का महंगा विकल्प है. इसकी कीमत करीब 49,998 रुपये से शुरू होती है. इसमें 10,000mAh की बैटरी और 100W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट दिया गया है. एक टाइम था जब रेडमी नोट सीरीज बजट माने जाते थे.

    फोन में 6.83 इंच की 1.5K AMOLED स्क्रीन मिलती है, जिसका रिफ्रेश रेट 120Hz है. इसमें Qualcomm Snapdragon 6 Gen 5 प्रोसेसर, 8GB रैम और 256GB स्टोरेज वाला मॉडल मिलता है. कैमरे की बात करें तो पीछे 50 मेगापिक्सल का मुख्य कैमरा और 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड कैमरा दिया गया है. सेल्फी के लिए 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा मिलता है.

  • बाल सुधार गृह में हंगामा कर फरार हुए 6 अपचारी बालक, गार्ड को बंधक बनाने का आरोप

    बाल सुधार गृह में हंगामा कर फरार हुए 6 अपचारी बालक, गार्ड को बंधक बनाने का आरोप

    अंबिकापुर.

    छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक मामला सामने आया है, जहां 6 अपचारी बालक गार्ड को कमरे में बंधक बनाकर और रसोइया पर गर्म खाना फेंककर प्लेस ऑफ सेफ्टी से फरार हो गए। ऐसे में अब वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    यह पूरा मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कन्यापरिसर स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी का है। बताया जा रहा है कि बिती रात 6 अपचारी बालकों ने रसोइया पर गर्म खाना फेंक दिया और गार्ड को कमरा में बंद कर दिया, जिसके बाद सभी फरार हो गए।

    2 पकड़ाए, 4 की तलाश जारी
    घटना के बाद हड़कंप मच गया। आनन-फानन में 2 अपचारी बालकों को पकड़ लिया गया, लेकिन 4 की तलाश अब भी जारी है। इस घटना के बाद प्लेस ऑफ सेफ्टी की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही है। बालकों की फिलहाल तलाश जारी है।

    पहले भी भाग चुके हैं कई आपचारी
    प्लेस ऑफ सेफ्टी से अपचारी बालकों के फरार होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार अपचारी बालकों के भागने की घटना हो चुकी है। ऐसे में प्लेस ऑफ सेफ्टी प्रबंधन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल 4 अपचारी बालकों की तलाश जारी है।

  • छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा जागरूकता की पहल, लक्ष्मी राजवाड़े और श्याम बिहारी जायसवाल बाइक रैली में हुए शामिल

    छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा जागरूकता की पहल, लक्ष्मी राजवाड़े और श्याम बिहारी जायसवाल बाइक रैली में हुए शामिल

    सड़क सुरक्षा का संदेश लेकर सूरजपुर में दौड़े 800 प्रतिभागी

    महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बाइक रैली में हुए शामिल

    ‘अपना हेल्प क्यूआर’ लोगो का शुभारंभ, दुर्घटना की स्थिति में एक स्कैन से मिलेगी त्वरित सहायता

    रायपुर,
    सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित यातायात का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सूरजपुर में आयोजित मैराथन में करीब 800 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राजमोहनी माता चौक से मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दोनों मंत्री स्वयं बाइक रैली में शामिल हुए और नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने तथा सुरक्षित वाहन चलाने की अपील की।

    जिला प्रशासन सूरजपुर और अपना हेल्प क्यूआर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मैराथन का समापन साधुराम सेवा कुंज में हुआ। बच्चों, युवाओं और नागरिकों ने दौड़ में भाग लेकर सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में ‘रोड सेफ्टी अपना हेल्प क्यूआर’ के लोगो का भी शुभारंभ हुआ।

    महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सड़क सुरक्षा की शपथ स्वयं के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प है। सड़क दुर्घटनाओं का असर केवल घायल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक हैं और उनकी भागीदारी से सुरक्षित यातायात का संदेश अधिक लोगों तक पहुंचेगा।

    स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यातायात नियमों का पालन औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। सुरक्षित यातायात की शुरुआत हर व्यक्ति को स्वयं से करनी होगी। हेलमेट पहनना, सुरक्षित गति से वाहन चलाना और नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट का उपयोग करते रहे हैं।

    मंत्री श्री जायसवाल ने सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद के लिए नागरिकों से आगे आने की अपील की। उन्होंने बताया कि पीएम राहवीर योजना के तहत दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाकर सहायता करने वाले पात्र व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। घायलों के लिए निर्धारित प्रावधानों के तहत कैशलेस उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है। उन्होंने अटल आरोग्य मंदिरों के माध्यम से दी जा रही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी साझा की।

    एक क्यूआर कोड से कई सुविधाएं

    सूरजपुर जिले में ‘अपना हेल्प क्यूआर’ को पायलट परियोजना के रूप में शुरू किया गया है। एक क्यूआर कोड स्कैन करने पर नागरिक एम्बुलेंस और पुलिस को कॉल कर सकते हैं, परिजनों को सूचना भेज सकते हैं और गलत पार्किंग की स्थिति में वाहन मालिक को अलर्ट कर सकते हैं। पहल में उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी और पहचान की गोपनीयता का ध्यान रखा गया है। जिले के ब्लाइंड स्पॉट पर भी क्यूआर कोड लगाए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर नागरिक आसानी से सहायता प्राप्त कर सकें।

    कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने कहा कि दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने ‘अपना हेल्प क्यूआर’ को दुर्घटना की स्थिति में जरूरतमंदों तक त्वरित और निःशुल्क सहायता पहुंचाने की दिशा में उपयोगी पहल बताया। उन्होंने नागरिकों से सड़क सुरक्षा के प्रति सजग रहने और दुर्घटना में घायलों की मदद के लिए आगे आने का आग्रह किया।

    कार्यक्रम में प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मरावी वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, जनपद अध्यक्ष सूरजपुर श्रीमती स्वाति सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, वनमंडलाधिकारी श्री विपुल अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजेंद्र सिंह पाटले, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

    मैराथन के दौरान  जनसमूह ने सड़क सुरक्षा की शपथ ली। प्रतिभागियों ने यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने, तेज गति से बचने और दुर्घटना की स्थिति में घायलों की सहायता करने का संकल्प लिया। “न कोई दुर्घटना अनदेखी रहेगी, न कोई जरूरतमंद अकेला रहेगा” के संदेश के साथ सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण का आह्वान किया गया।

  • इंदौर में नए होटल का उद्घाटन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले- MP में बढ़ रही पर्यटन सुविधाएं

    इंदौर में नए होटल का उद्घाटन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले- MP में बढ़ रही पर्यटन सुविधाएं

    मध्‍यप्रदेश में पर्यटन सुविधाओं और आर्थिक गतिविधियों का तेजी से हो रहा है विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में किया एक निजी होटल का शुभारंभ
    इंदौर

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। प्रदेश में आधुनिक सुविधाओं से युक्त होटल एवं अन्य बड़ी परियोजनाओं में निवेश से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है और जनता के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए इंदौर का महत्व और अधिक बढ़ गया है। उज्जैन के निकट होने के कारण इंदौर में पर्यटकों, श्रद्धालुओं और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े लोगों की आवाजाही में वृद्धि होगी। ऐसे में कॉर्पोरेट जगत की बैठकों, व्यापारिक आयोजनों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होटल्स की महती भूमिका होती है। उन्होंने होटल के शुभारंभ पर बधाई देते हुए कहा कि नवरात्रि के पावन पर्व पर अहिल्या की नगरी इंदौर को यह नई सुविधा मिलना विशेष महत्व रखता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि होटल पर्यटन, व्यापार और कॉर्पोरेट गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के साथ ही इंदौर की आधुनिक आतिथ्य सुविधाओं को और मजबूत करेगा। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी तथा रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला तथा विधायक मधु वर्मा, सुमित मिश्रा, श्रवण सिंह चावड़ा, मयंक राज सिंह भदौरिया सहित वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर फिलहाल नहीं लगेगा MDR शुल्क, दिवाली तक बढ़ी राहत

    ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर फिलहाल नहीं लगेगा MDR शुल्क, दिवाली तक बढ़ी राहत

    नई दिल्ली

    UPI से बड़े पेमेंट करने वाले ग्राहकों और मर्चेंट्स के लिए बड़ी खबर है. 2000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर लगने वाला नया MDR चार्ज अब 15 अक्टूबर से नहीं लगेगा. NPCI ने  MDR चार्ज के फैसले को दिवाली तक के लिए टाल दिया है. व्‍यापारी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे कि MDR चार्ज के फैसले को त्‍यौहारों तक के लिए टाला जाए।  

    चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर UPI MDR अब दिवाली के बाद लागू होगा. NPCI ने फैसला किया कि त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए, चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) दीवाली के ठीक बाद लागू किया जाए। 

    फेस्टिव सीजन में बड़ी राहत 
    दुर्गा पूजा, दिवाली जैसे बड़े त्योहारों से पहले व्‍यापारियों के लिए ये राहत भरा फैसला है. कारण कि फेस्टिव सीजन में लोग जमकर खरीदारी करते हैं और कैश की बजाय UPI पेमेंट का इस्‍तेमाल भी खूब होता है. व्‍यापारी संगठनों का कहना था कि फेस्टिव सीजन के बीच नया नियम लागू करने से दिक्कत हो सकती है. ऐसे में NPCI का ये फैसला व्‍यापारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

    किन UPI ट्रांजैक्शन पर लगेगा चार्ज?
    नई व्यवस्था के तहत कुछ चुनिंदा कमर्शियल लेनदेन पर MDR लगाया जाएगा. 2,000 रुपये से ज्यादा के निर्धारित मर्चेंट पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत शुल्क का प्रावधान किया गया है. वहीं, 75,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर अधिकतम 300 रुपये MDR लगेगा. हालांकि, 2,000 रुपये तक के भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा. यह चार्ज दुकानदारों और कारोबारियों की ओर से डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर दिया जाता है, न कि ग्राहकों के बीच पैसे भेजने पर। 

    रेलवे, पेट्रोल और बिजली बिल पर कितना शुल्क?
    नई व्यवस्था में कुछ जरूरी सेवाओं के लिए अलग नियम बनाए गए हैं. रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, पेट्रोल-डीजल, बिजली-पानी जैसी यूटिलिटी सेवाओं और शिक्षा क्षेत्र में 2,000 रुपये से अधिक के निर्धारित मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 5 रुपये का फ्लैट MDR रखा गया है. इसका मतलब है कि इन श्रेणियों में आने वाले पात्र लेनदेन पर प्रतिशत के हिसाब से शुल्क लगाने के बजाय तय रकम ली जाएगी। 

    छोटे दुकानदारों को मिलेगी राहत
    NPCI के मुताबिक, मौजूदा QR कोड के जरिए हर महीने एक लाख रुपये तक UPI भुगतान लेने वाले छोटे दुकानदारों पर जीरो-MDR की व्यवस्था जारी रहेगी. वहीं, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को UPI के जरिए पैसे भेजने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा. रकम कितनी भी हो, व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाला सामान्य UPI ट्रांसफर मुफ्त रहेगा. वित्त मंत्रालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि नई व्यवस्था से करीब 96 प्रतिशत मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन प्रभावित नहीं होंगे। 

    MDR क्या है और इसे कौन वसूलता है?
    MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह शुल्क है, जो व्यापारी डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के बदले बैंक और पेमेंट प्रोसेसिंग कंपनियों को देते हैं. वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस शुल्क का इस्तेमाल UPI सिस्टम को चलाने और उसका विस्तार करने के लिए किया जाता है. यह कोई सरकारी टैक्स नहीं है और न ही इसे सरकार या NPCI सीधे वसूलते हैं. फिलहाल दिवाली तक मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी. इसके बाद चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर शुल्क लागू करने की नई तारीख घोषित की जाएगी। 

    क्‍या है UPI-MDR चार्ज का नियम? 
    अगर कोई ग्राहक किसी दुकानदार (P2M) को 2 हजार रुपये से ज्यादा का UPI पेमेंट करता है, तो उस पर 0.4% का MDR चार्ज लगेगा. यानी कि 3,000 रुपये के पेमेंट पर मर्चेंट पर 12 रुपये चार्ज लगेगा। 

    इस तरह 75,000 रुपये के पेमेंट पर 0.4% MDR चार्ज 300 रुपये पड़ता है. NPCI ने यहीं तक की कैपिंग की है. यानी अधिकतम चार्ज 300 रुपये ही लगेगा. चाहे 75,000 रुपये से ज्‍यादा कितना ही पेमेंट किया गया हो। 

    यानी ऐसा नहीं कि एक लाख रुपये के UPI पेमेंट 400 रुपये MDR चार्ज लिया जाए या फिर 2 लाख रुपये के UPI पेमेंट 800 रुपये MDR चार्ज लिया जाए। 

    राहत की बात ये भी है कि छोटे दुकानदारों और आम लोगों के बीच आपस में होने वाले पेमेंट (P2P) पर कोई चार्ज नहीं लगेगा. यह पहले की तरह जीरो MDR पर चलता रहेगा। 

  • पर्यावरण संरक्षण और अकादमिक उत्कृष्टता का संगम, उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने किया पुस्तक का विमोचन

    पर्यावरण संरक्षण और अकादमिक उत्कृष्टता का संगम, उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने किया पुस्तक का विमोचन

    शोधग्रंथ पर्यावरण संरक्षण और अकादमिक उत्कृष्टता का उत्कृष्ट संगम – उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा

    ​पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम

    राजीव लोचन कॉलेज के प्राध्यापकों द्वारा संपादित पुस्तक का विमोचन

    ​​रायपुर
    उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत शासकीय राजीव लोचन स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजिम (जिला-गरियाबंद) के प्राध्यापकों द्वारा संपादित ज्ञानवर्धक एवं शोधपरक पुस्तक एनवायर्नमेंटल मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट का आज राजस्व और उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने विमोचन किया। श्रीवर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और अकादमिक उत्कृष्टता का उत्कृष्ट संगम आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इसका सीधा मतलब एक ऐसी शिक्षा प्रणाली से है जो न केवल छात्रों को मानसिक और बौद्धिक रूप से मजबूत बनाती है, बल्कि उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक भी बनाती है।

           ​इस महत्वपूर्ण ग्रंथ का कुशल संपादन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. समीक्षा चंद्राकर, रसायन शास्त्र के सहायक प्राध्यापक डॉ. देवेन्द्र कुमार तथा वनस्पति शास्त्र के सहायक प्राध्यापक डॉ. सर्वेश कौशिक पटेल के संयुक्त मार्गदर्शन व अथक प्रयासों से किया गया है। इस अवसर पर ​उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने ​पुस्तक के सफल संपादन एवं विमोचन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संपादक मंडल को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

    ​      मंत्री वर्मा ने कहा कि ​छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में शोध, मौलिक लेखन और पर्यावरण जैसे वैश्विक विषय पर चिंतन-मनन अत्यंत सराहनीय है। एनवायर्नमेंटल मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट पुस्तक न केवल विद्यार्थियों और शोधार्थियों का मार्गदर्शन करेगी, बल्कि सतत विकास के प्रति जन- जागरूकता फैलाने में भी मील का पत्थर साबित होगी। महाविद्यालयीन प्राध्यापकों द्वारा अकादमिक क्षेत्र में किया गया यह नवोन्मेषी प्रयास पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मैं संपूर्ण संपादक मंडल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।

    ​पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

           ​वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और पर्यावरण असंतुलन की चुनौतियों के बीच यह पुस्तक सतत विकास और पर्यावरण प्रबंधन के विभिन्न वैज्ञानिक व सामाजिक आयामों को रेखांकित करती है। पुस्तक में प्रस्तुत शोध-पत्र और नीतियां शोधार्थियों, उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों एवं विषय विशेषज्ञों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होंगी।

  • झारखंड में मतदाता सूची से जुड़े 5.19 लाख फॉर्म-8 डिजिटाइज, नाम सुधारने का भी मौका

    झारखंड में मतदाता सूची से जुड़े 5.19 लाख फॉर्म-8 डिजिटाइज, नाम सुधारने का भी मौका

    रांची
     झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने, सुधार और स्थानांतरण से जुड़े आवेदनों के डिजिटाइजेशन का काम जारी है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी 13 अक्टूबर 2026 के बुलेटिन के अनुसार, अब तक नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के तहत 7,97,000 आवेदनों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है. इनमें 12 अक्टूबर को 11,415 आवेदन डिजिटाइज किये गये.

    फॉर्म-7 के तहत 18,963 आवेदन दर्ज
    मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाताओं के लिए फॉर्म-6A, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और नाम में संशोधन या स्थानांतरण के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जा रहा है. बुलेटिन के अनुसार, अब तक फॉर्म-6A के तहत 117 आवेदनों का डिजिटाइजेशन हुआ है. वहीं, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के तहत 18,963 आवेदन दर्ज किये गये हैं. इनमें 12 अक्टूबर को 762 आवेदनों का डिजिटाइजेशन किया गया.

    मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य विवरणों में सुधार और स्थानांतरण के लिए फॉर्म-8 के तहत अब तक 5,19,289 आवेदनों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है. 12 अक्टूबर को इस श्रेणी में 3,954 आवेदन डिजिटाइज किये गये.

    30 नवंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने, संशोधन या स्थानांतरण के लिए दावा-आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 है. इस अवधि में मतदाता संबंधित आवेदन और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं. दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जायेगी.

     

  • अजमेर में बढ़ते रेतीले टीलों ने बढ़ाई चिंता, अरावली की चट्टानें बचाना जरूरी; भूजल और मिट्टी पर अस

    अजमेर में बढ़ते रेतीले टीलों ने बढ़ाई चिंता, अरावली की चट्टानें बचाना जरूरी; भूजल और मिट्टी पर अस

    अजमेर
     शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अरावली पर्वतमाला की छोटी चट्टानें संकट में हैं। आवासीय और व्यावसायिक निर्माण के चलते मैदानी इलाकों में 50 प्रतिशत से अधिक चट्टानें खत्म हो चुकी हैं। इससे जैव विविधता पर असर पड़ रहा है। करीब 2.5 से 3.2 अरब वर्ष पुरानी अरावली पर्वतमाला राजस्थान और हरियाणा से होते हुए दिल्ली तक करीब 700 किलोमीटर में फैली हुई है। अजमेर, ब्यावर, उदयपुर, देवगढ़ और पाली-सिरोही के मैदानी क्षेत्रों में छोटी चट्टानें हैं। ये चट्टानें मिट्टी के कटाव को रोकने और उसकी उर्वरा क्षमता बनाए रखने में काफी सहायक रही हैं। बीते 30-35 वर्षों में हालात खराब हो गए हैं।

    चट्टानें काटकर निर्माण
    अजमेर में वैशाली नगर, हरिभाऊ उपाध्याय नगर, शास्त्री नगर, एलआईसी कॉलोनी, आंतेड़, कृष्णगंज, पंचशील और लोहागल सहित कई इलाकों में पहले 70 प्रतिशत तक चट्टानें थीं। आवासीय और व्यावसायिक निर्माण के चलते चट्टानों को ब्लास्टिंग से हटाया गया। अब इन इलाकों में केवल 30 प्रतिशत चट्टानें ही बची हैं। इसी तरह हाथीखेड़ा, बोराज, ब्यावर और किशनगढ़ सहित अन्य इलाकों में भी चट्टानों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

    पर्यावरण को पहुंचा नुकसान
    चट्टानों को काटकर आवासीय और व्यावसायिक निर्माण जारी है। इससे मिट्टी की उर्वरा क्षमता को नुकसान पहुंचा है। चट्टानी इलाकों के 40 प्रतिशत प्राकृतिक झरने बंद हो चुके हैं। गूंदा, खेजड़ी, देसी बबूल, बेर और थोर जैसे पौधे खत्म हो रहे हैं। कई जगह जमीन खोखली हो चुकी है।

    धीरे-धीरे बढ़ रहे टीले
    25-30 साल पहले तक यहां रेत के छोटे-छोटे टीले थे। अब पुष्कर-नागौर सीमा सहित अजमेर के शहरी क्षेत्रों के निकट माकड़वाली, होकरा और कायड़ में रेतीले टीलों का दायरा जिले में 20 किलोमीटर तक फैल चुका है। चाचियावास, नसीराबाद और ब्यावर-उदयपुर मार्ग पर भी कई जगह टीले बढ़ रहे हैं।

    अरावली को कर रहे छलनी
    अजमेर, ब्यावर, उदयपुर, राजसमंद, सावर, सिरोही, चित्तौड़गढ़, नागौर और पाली सहित अन्य इलाकों में अवैध खनन के कारण अरावली का 35 प्रतिशत हिस्सा बर्बाद हो चुका है। केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) की 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार, कई जगह अरावली खोखली हो चुकी है।

    यों जरूरी हैं छोटी चट्टानें
        मिट्टी का कटाव रोकने में मददगार।
        मैदानी इलाकों में तापमान संतुलित रखने में सहायक।
        मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों का संरक्षण।
        रेत, गाद और चिकनी मिट्टी का संतुलित मिश्रण बनाए रखने में सहायक।
        भूमि की उर्वरता और नमी बनाए रखने में मददगार।
        उपजाऊ मिट्टी फसल उत्पादन में सहायक।
        मिट्टी भूजल के लिए प्राकृतिक फिल्टर का कार्य करती है।

    इनका कहना है…
    छोटी चट्टानें प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली ठोस संरचनाएं हैं। इनमें कई खनिजों के अलावा मिट्टी की उर्वरा क्षमता बढ़ाने और अपरदन रोकने की जबरदस्त क्षमता होती है। चट्टानों की कमी ही प्राकृतिक असंतुलन बढ़ा रही है। इनका संरक्षण नहीं किया गया तो मिट्टी का अपरदन और मरुस्थल का फैलाव बढ़ेगा।
    प्रो. सुब्रोतो दत्ता, रिमोट सेंसिंग एवं पर्यावरण विभाग, एमडीएस विश्वविद्यालय