Author: NewseDay

  • करनाल के किसानों के लिए जरूरी सलाह, सही बीज और समय पर बुआई से बढ़ेगा आलू का उत्पादन

    करनाल के किसानों के लिए जरूरी सलाह, सही बीज और समय पर बुआई से बढ़ेगा आलू का उत्पादन

     करनाल
     धान की कटाई के बाद खेतों को अगली फसल के लिए तैयार कर रहे किसानों के लिए आलू की खेती आमदनी बढ़ाने का विकल्प बन सकती है।

    अक्टूबर का महीना आलू की बुआई के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सही किस्म का चयन, प्रमाणित बीज, खेत की तैयारी, संतुलित खाद और पानी का प्रबंधन भी फसल की सफलता तय करते हैं। किसानों को चाहिए कि वे अपने क्षेत्र की जलवायु, मिट्टी और फसल की अवधि के अनुसार किस्म चुनें तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह से बुआई करें।

    34 हजार हेक्टेयर में 8,16,000 एमटी उत्पादन का लक्ष्य
    बागवानी विभाग के मुताबिक इस बार 34 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खेती और 8,16,000 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। ये आंकड़े बताते हैं कि आलू प्रदेश की सब्जी उत्पादन व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

    मैदानी क्षेत्रों में 25 अक्टूबर तक की जा सकती है बुआई
    मैदानी क्षेत्रों में आलू की अगेती बुआई के लिए अक्टूबर का मध्य से अंतिम सप्ताह महत्वपूर्ण माना जाता है। सामान्य कृषि सलाह के अनुसार 10 से 25 अक्टूबर के बीच बुआई की जा सकती है।

    पछेती बुआई के लिए नवंबर के पहले पखवाड़े तक का समय उपयोगी हो सकता है, लेकिन किस्म, क्षेत्र और मौसम के अनुसार समय में बदलाव जरूरी है। करनाल और आसपास के किसानों को खेत में पर्याप्त नमी, मिट्टी के तापमान और मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए।

    कौन-सी किस्में चुनें
    आलू की किस्म का चयन उत्पादन व बाजार की मांग को ध्यान में रखकर करना चाहिए। प्रदेश में कुफरी ज्योति, कुफरी पुखराज, कुफरी बहार और कुफरी चंद्रमुखी जैसी किस्मों पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, किस्मों की अवधि, रोगों के प्रति संवेदनशीलता, कंद का आकार और बाजार में उपयोग अलग-अलग हो सकता है।

    ऐसे करें बुआई, तभी मिलेगा बेहतर उत्पादन
    आलू की अच्छी फसल के लिए खेत की तैयारी पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। खेत की मिट्टी भुरभुरी और जल निकासी वाली होनी चाहिए। खेत में पानी रुकने से कंद सड़ने और रोग लगने का खतरा बढ़ सकता है। बुआई के लिए स्वस्थ, रोगमुक्त और प्रमाणित बीज का इस्तेमाल करें।

    आलू का फसल में पछेती झुलसा जैसे रोग नुकसान पहुंचा सकते हैं। बिना रोग की पहचान के कीटनाशक या फफूंदनाशक का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। प्रमाणित बीज, सही बुआई समय, मिट्टी की जांच और संतुलित पोषण से बेहतर मुनाफे की संभावना बढ़ाई जा सकती है। – डा. मनोज भानुकर, डिप्टी डायरेक्टर आलू प्रौद्योगिकी संस्थान करनाल।

  • ‘ब्रेकिंग बैड’ फेम आरजे मिट्टे के निधन की खबर से हलचल, मौत से पहले का वीडियो वायरल

    ‘ब्रेकिंग बैड’ फेम आरजे मिट्टे के निधन की खबर से हलचल, मौत से पहले का वीडियो वायरल

    मशहूर अमेरिकी टीवी सीरीज ब्रेकिंग बैड में 'वॉल्टर व्हाइट जूनियर' के किरदार से पहचान बनाने वाले एक्टर आरजे मिट्टे नहीं रहे. कहा जा रहा है कि उन्होंने 34 साल की उम्र में आत्महत्या कर ली. अब उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

    इस वीडियो में आरजे मिट्टे को उनके दोस्त और ब्रेकिंग बैड में उनके को-एक्टर लुईस मोनकाडा के साथ मेक्सिको में एक हॉट एयर बैलून पर देखा जा सकता है. इस वीडियो में दोनों काफी हंसी-मजाक करते नजर आ रहे हैं. लेकिन मिट्टे को साथ ही दुखी और हताश भी देखा जा सकता है.

    यह वीडियो उनकी मौत से कुछ दिन पहले का बताया जा रहा है, जो अब चर्चा में बना हुआ है. इस वीडियो के वायरल होने पर एक बार फिर मेंटल हेल्थ चर्चा में आ गया है.

    वॉल्टर व्हाइट जूनियर के किरदार से हुए थे मशहूर
    आरजे मिट्टे ने 2008 में शुरू हुई सीरीज ब्रेकिंग बैड में वॉल्टर व्हाइट के बेटे वॉल्टर व्हाइट जूनियर की भूमिका निभाई थी. उनके किरदार को फ्लिन नाम से भी जाना जाता था. सीरीज की कहानी एक ऐसे हाई स्कूल शिक्षक वॉल्टर व्हाइट के इर्द-गिर्द घूमती है, जो गंभीर बीमारी का पता चलने के बाद अपराध की दुनिया में कदम रखता है. इस सीरीज के बाद मिट्टे को घर-घर में पहचान मिली और उन्होंने खूब शोहरत भी हासिल की. उनकी एक्टिंग को दर्शक ने खूब पसंद किया था.

    'ब्रैकिंग बैड' 2008 से 2013 तक टेलीकास्ट हुआ था. इस सीरीज ने 16 एमी अवॉर्ड अपने नाम किए थे. 'ब्रेकिंग बैड' के अलावा वह 2021 में रिलीज हुई फिल्म 'ट्रायम्फ' में भी नजर आए थे. इस फिल्म में उन्होंने सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रहे एक हाई स्कूल पहलवान का किरदार निभाया था. मिट्टे खुद सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित थे और वो जिंदगीभर दिव्यांगों के हक के लिए काम करते रहे.

  • खुद नशे से लड़े, अब दूसरों को बचाने में जुटे बॉक्सर परविंदर झोटा

    खुद नशे से लड़े, अब दूसरों को बचाने में जुटे बॉक्सर परविंदर झोटा

    मानसा.

    तकरीबन 39 साल का परविंदर सिंह झोटा एक पेशेवर बॉक्सर था, जिसने नशे की गिरफ्त से निकल इसके खिलाफ आवाज उठाई।

    तकरीबन 8 साल नशे से दूर रहने के बाद जब पंजाब के हालात बिगड़ते देखे तो अप्रैल 2023 में उसने मानसा में नशे बेचने वालों के खिलाफ मुहीम शुरू कर दी। उन्होंने इस मुहीम को शुरू करने से पहले किसान संगठनों का समर्थन व मार्ग दर्शन लिया। जिसके बाद मुहीम का नाम रखा गया- 'नशा रोको, रोजगार दो'।

    जैसे-जैसे परविंदर सिंह झोटा का विरोध आगे बढ़ा, उन्होंने गांवों में मेडिकल स्टोरों और घरों पर छापे मारने शुरू किए और लोगों को नशा न बेचने और नशा न करने की सलाह दी। वे मानसा और बठिंडा में फेमस होने लगा।जिसका असर यह हुआ कि मानसा और बठिंडा के गांवों में नागरिक 'नशा रोको समितियां' बनने लगीं।

  • पंजाब में मतदाता सूची से हटे 13.60 लाख नाम, चुनाव से पहले आंकड़ों में बड़ी गिरावट

    पंजाब में मतदाता सूची से हटे 13.60 लाख नाम, चुनाव से पहले आंकड़ों में बड़ी गिरावट

    चंडीगढ़.

    पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद फाइनल लिस्ट जारी कर दी गई है। सूची में नौ जून, 2026 को 21461043 पंजीकृत मतदाता थे। लेकिन अंतिम सूची में यह संख्या 20100727 रह गई है यानी 1360316 वोटर्स कम हो गए हैं।

    अंतिम मतदाता सूची में पंजाब विधानसभा की 117 सीटों में 10376026 पुरुष, 9724195 महिलाएं और 506 थर्ड-जेंडर वोटर शामिल हैं। सीईओ अनिंदिता मित्रा ने कहा कि इससे यह साफ हुआ है कि सूची में एलिजिबल वोटर्स को जोड़ा गया है। इनमें 18 और 19 साल के 2.93 लाख पहली बार वोट देने वाले वोटर्स शामिल हैं। पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची की फिजिकल और सॉफ्ट कॉपी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सौंप दी गई हैं। मतदाता CEO पंजाब पोर्टल (www.ceopunjab.gov.in) या नागरिक सेवा पोर्टल (www.voters.eci.gov.in) से सूची देख और डाउनलोड कर सकते हैं या फिर जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs), निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (EROs) और बूथ स्तर के अधिकारियों (BLOs) के कार्यालयों में इसकी समीक्षा कर सकते हैं।

    25 जून को हुई थी शुरुआत
    पंजाब में एसआईआर की शुरुआत 25 जून, 2026 को हुई थी। इस बीच बीएलओ ने घर-घर जाकर गणना की। 13 अगस्त को 19394435 मतदाताओं के साथ मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। इसके बाद दावों और आपत्तियों के चरण में, 19 रोल ऑब्जर्वर, DEO और CEO ने बड़े पैमाने पर फील्ड इंस्पेक्शन और सुपर-चेकिंग की। जिन वोटर्स के रिकॉर्ड में कमियां थीं या जो अनमैप्ड थे, ऐसे 3549036 वोटर्स को नोटिस भेजे गए। गांव के लेवल पर सुनवाई और वेरिफिकेशन के बाद 86038 वोटर्स को 'स्पीकिंग ऑर्डर' के जरिए अयोग्य घोषित कर दिया गया।

    एसआइआर: जालंधर में 1525450 वोटर, 124496 हुए कम
    वहीं, जालंधर जिले में आयोग द्वारा जारी की गई फाइनल वोटर सूची में जिले में 1525450 वोटर बचे हैं। एसआइआर सर्वे शुरू होने से पहले जिले में कुल 1649946 वोटर थे। इस हिसाब से सर्वे पूरा होने के बाद जिले में 124496 वोटर कम हो गए हैं। हालांकि, एसआइआर के प्रथम चरण के बाद जिले में 1464949 वोटर बचे थे। इस हिसाब से 184997 वोटर कम हुए थे। वहीं, दूसरे चरण के तहत 12 सितंबर तक दावे व आपत्तियां मांगी गई थी, जिसे दूर करने के बाद 60501 वोटरों की बढ़ोतरी के साथ 1525450 वोटर हो गए हैं। चुनाव आयोग द्वारा जिले में 25 जून को एसआइआर सर्वे की शुरू हुई थी। पहले चरण में बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा घर घर जाकर 1649946 वोटरों को इन्यूमरेशन फार्म बॉटे गए थे। इनमें से 1464949 वोटरों ने अपने इन्यूमरेशन फार्म विभाग को जमा करवा दिए, जबकि 184997 वोटरों द्वारा फार्म प्राप्त नहीं हुए। इस हिसाब से 184997 वोटर सूची से कम हो गए थे। 13 अगस्त को ड्राफ्ट सूची जारी करने तथा 12 सितंबर तक दावे च आपत्तियां लेने के बाद फिर से 50501 वोटरों की एंट्री के बाद 1525450 वोटर फाइनल सूची में शामिल हो गए हैं। हालांकि, नई वोट बनाने की प्रक्रिया जारी रहेगी।

    वेबसाइट पर देखें अपना नाम
    अमनिदर कौर ने बताया कि अंतिम अधिकारी वोटर सूची मुख्य चुनाव अधि पंजाब की आधिकारिक वेबसाइट http://www.ceopunjab.gov.in/index और जिला जालंधर की वेबसाइट http://jalandhar.nic.in पर देखी जा सकती है। इसके अलावा वोटर सूची जिला चुनाव कार्यालय, विधानसभा चुनाव हलकों के कार्यालय व संबंधिता बूथ लेवल अधिकारी पास भी उपलब्ध है।

  • CG हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, टावर लगाने वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश रद्द

    CG हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, टावर लगाने वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश रद्द

    बिलासपुर.

    संचार टावर लगाने वाली दिल्ली की कंपनी को बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए ब्लैकलिस्ट करने के आदेश को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है. हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा कि किसी कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का उचित अवसर देना जरूरी है.

    कोर्ट ने कंपनी को 30 दिन के भीतर जवाब देने का निर्देश देते हुए कहा कि इसके बाद विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है. कंपनी के प्रोपराइटर शिव कुमार शर्मा ने याचिका में बताया कि पुलिस विभाग के लिए 33 टावर लगाने का ठेका मिला था. कंपनी ने निर्धारित समय में काम पूरा कर लिया, लेकिन उसे केवल 13 टावरों का भुगतान किया गया. शेष 20 टावरों में निविदा की शर्तों के अनुरूप काम नहीं होने की बात कहकर भुगतान रोक दिया गया. बकाया राशि को लेकर दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कार्यवाही भी लंबित है.

    कंपनी को नहीं मिला पक्ष रखने का मौका 
    कंपनी के अनुसार, 26 फरवरी 2026 को जारी पत्र में 15 मार्च तक कथित कमियां दूर करने को कहा गया था. ऐसा नहीं करने पर सुरक्षा राशि जब्त करने और ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई. इसके बाद 16 जून 2026 को कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया. कंपनी ने दलील दी कि ब्लैकलिस्ट करने से पहले उसे नोटिस या अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया. 

    शर्तों के मुताबिक नहीं हुआ था टावरों का निर्माण
    राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि कंपनी को 20 टावरों में कमियां दूर करने का अवसर दिया गया था. उसे चेतावनी भी दी गई थी कि तय समय में सुधार नहीं करने पर सुरक्षा राशि जब्त करने के साथ ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने यह भी बताया कि कंपनी ने 12 अगस्त 2025 के पत्र में टावरों का निर्माण निर्धारित तकनीकी शर्तों के अनुरूप नहीं होने की बात स्वीकार की थी और कमियां दूर करने समय मांगा था. कोर्ट ने तर्क से सहमत न होते हुए सुनवाई का अवसर देना जरूरी माना.

  • शिक्षक की कमी से परेशान दिव्यांग बच्चे सड़क पर उतरे, जल्द नियुक्ति की मांग की

    शिक्षक की कमी से परेशान दिव्यांग बच्चे सड़क पर उतरे, जल्द नियुक्ति की मांग की

    जगदलपुर.

    बस्तर जिले के जगदलपुर में शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधित स्कूल के बच्चों का शिक्षक की कमी को लेकर गुस्सा फूट पड़ा है। मंगलवार को बच्चे स्कूल छोड़कर सड़क पर आ गए, जिससे स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया।

    कई महीनों से कर रहे शिक्षक की मांग
    दरअसल, यह पूरा मामला आड़ावाल में स्थित शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधित स्कूल का है। बताया जा रहा है कि बच्चे कई महीनों से शिक्षक की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर वह कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।

    बच्चों को मनाने में जुटे शिक्षक
    कलेक्टर को शिकायत के बाद भी स्कूल में शिक्षक की कमी से नाराज बच्चे आज स्कूल छोड़कर सड़क पर आ गए और स्कूल में शिक्षक की मांग करने लगे। वहीं अन्य शिक्षक उन्हें मनाने में लगे हैं।

  • शेयर बाजार में क्लोजिंग से पहले जोरदार उछाल, सेंसेक्स-निफ्टी की तेजी से निवेशकों की संपत्ति ₹4 लाख करोड़ बढ़ी

    शेयर बाजार में क्लोजिंग से पहले जोरदार उछाल, सेंसेक्स-निफ्टी की तेजी से निवेशकों की संपत्ति ₹4 लाख करोड़ बढ़ी

    मुंबई 

    भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को दिन निवेशकों के लिए मंगलमय साबित हुआ. खासतौर पर कारोबार का आखिरी घंटा, उस दौरान एक खबर आई और फिर सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स मानो रॉकेट बन गए. ताबड़तोड़ तेजी के साथ भागते हुए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1100 अंक से ज्यादा चढ़कर 73,000 के स्तर को पार कर गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स एक झटके में 22,700 के पार निकल गया। 

    Nifty 350 अंक से ज्यादा का उछाल आया. शेयर बाजार में इस जोरदार तेजी के चलते निवेशकों ने तगड़ी कमाई करते हुए 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा छाप डाले. आइए जानते हैं आखिरी कारोबार के आखिरी घंटे में हुआ क्या? 

    Sensex-Nifty अचानक बने रॉकेट
    मंगलवार को शेयर मार्केट की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 71,924 की तुलना में 71,951 पर ओपन हुआ, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा Sensex की रफ्तार तेज होती चली गई. दोपहर ढाई बजे ये इंडेक्स 72,600 के आसपास ट्रेड कर रहा था, लेकिन फिर अचानक ये रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए दिखाई दिया. अंत में सेंसेक्स 1109 अंक या 1.54% की बढ़त लेकर 73,033.78 पर क्लोज हुआ। 

    सिर्फ सेंसेक्स ही नहीं, बल्कि एनएसई का निफ्टी भी इसके कदम से कदम मिलाकर चला. अपने सोमवार के बंद 22,363 के लेवल की तुलना में फ्लैट 22,364 पर खुला. लेकिन इसकी रफ्तार भी सेंसेक्स के जैसे ही कारोबार बढ़ते हुए तेज हो गई. मार्केट क्लोज होने पर NSE Nifty 358 अंक या 1.60% की तेजी लेकर 22,721.95 पर बंद हुआ। 

    निवेशकों की दौलत में इतना इजाफा
    शेयर मार्केट में आखिरी घंटे के कारोबार के दौरान आई इस ताबड़तोड़ तेजी के चलते शेयर बाजार निवेशकों ने मोटी कमाई कर डाली. इसका अंदाजा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड कंपनियों के कंबाइंड मार्केट कैपिटलाइजेशन में आए उछाल को देखकर लगाया जा सकता है। 

    दरअसल, मार्केट क्लोजिंग के समय मंगलवार को BSE MCap 4,70,07,567.40 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो बीते कारोबारी दिन के बंद पर 4,65,91,974.21 रिकॉर्ड किया गया था. इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो शेयर बाजार में निवेश करने वालों ने 4,15,593 करोड़ रुपये की कमाई कर डाली। 

    इस खबर का दिखा बड़ा असर
    अब बताते हैं कि आखिर शेयर बाजार में कारोबार के दौरान आखिरी घंटे में ऐसी क्या खबर आई जिसने सेंसेक्स-निफ्टी को रफ्तार दे दी. दरअसल, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) और शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्स को लेकर एक कार्यक्रम के दौरान बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि एलटीसीजी फ्रेमवर्क पर निवेशकों की चिंताओं और प्रतिक्रियाओं को सुनने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। 

    दरअसल, शेयर बाजार के निवेशकों और हितधारकों के लिए वित्त मंत्री की ये टिप्पणी इस टैक्स से जुड़ा एक बड़ा संकेत माना जा रहा है. खासतौर पर ऐसे समय में जबकि बजट से पहले शेयर बाजार निवेशकों और मार्केट एक्सपर्ट्स की ओर से LTCG टैक्स को हटाने या इसकी समीक्षा करने की लगातार डिमांड की जा रही है. बजट-2024 में मोदी सरकार द्वारा इक्विटी पर LTCG टैक्स को बढ़ाकर 12.5% कर दिया गया था, जिसके बाद से शेयर बाजार के एक वर्ग में इसे लेकर चिंताएं बढ़ गईं थीं। 

  • Gandhinagar Election Result: BJP ने जीतीं 38 सीटें, कांग्रेस के खाते में 5 वार्ड; जानें पूरा चुनावी परिणाम

    Gandhinagar Election Result: BJP ने जीतीं 38 सीटें, कांग्रेस के खाते में 5 वार्ड; जानें पूरा चुनावी परिणाम

    गांधीनगर

    गुजरात के गांधीनगर नगर निगम की 11 वार्डों की 44 सीटों पर मंगलवार को मतगणना हुई. बीजेपी ने 38 सीटों पर जीत हासिल कर ली है, जबकि कांग्रेस मात्र पांच सीटों पर जीती है. वहीं, आम आदमी पार्टी का खाता भी नहीं खुला. खास बात तो ये है कि एक सीट पर एक निर्दलीय प्रत्याशी की भी जीत हुई है। 

    पिछले नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने 44 में से 41 सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं, कांग्रेस को दो और आम आदमी पार्टी को एक सीट मिली थी. इस बार बीजेपी के सामने अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती थी. बीजेपी ने इस बार 38 सीटें हासिल की हैं। 

    पिछली बार की तुलना में इस बार कांग्रेस की सीटें बढ़ी हैं. पिछली बार कांग्रेस ने सिर्फ 2 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि इस बार कांग्रेस ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं, आम आदमी पार्टी का इस बार खाता नहीं खुल सका। 

    गांधीनगर में कांग्रेस और बीजेपी में ही सीधा मुकाबला माना जा रहा था. बीजेपी और कांग्रेस के 44-44 उम्मीदवार उतारे थे. आम आदमी पार्टी ने भी 32 उम्मीदवार उतारे थे. हालांकि, इस चुनाव में आम आदमी पार्टी का खाता भी नहीं खुला। 

    चुनाव में कुल 130 उम्मीदवार मैदान में थे. जिसमें बीजेपी और कांग्रेस के 44-44 उम्मीदवार थे. आम आदमी पार्टी ने 32 उम्मीदवार उतारे थे। पिछले चुनाव में बीजेपी ने 41 सीटें जीती थीं. इस बार बीजेपी ने 38 सीटें जीतकर अपना शासन बरकरार रखा है. वहीं, कांग्रेस ने बीजेपी के शासन पर सवाल उठाए थे. पिछली बार कांग्रेस को दो सीटें मिली थी, लेकिन इस बार कांग्रेस ने पांच सीटों पर जीत हासिल की है। 

    11 वार्डों की सभी 44 सीटों पर हुए थे चुनाव
    बता दें कि गांधीनगर  नगर निगम चुनाव 11 वार्डों की सभी 44 सीटों के लिए हुए थे, जिसमें 130 उम्मीदवार मैदान में थे. इस निकाय में लगभग 2.59 लाख वोटर हैं.गांधीनगर निकाय में पिछली बार अक्टूबर 2021 में चुनाव हुए थे, तब BJP ने 44 में से 41 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को दो और AAP को एक सीट मिली थी. देवभूमि द्वारका जिले की ओखा नगर पालिका में नौ वार्डों की 32 सीटों के लिए गिनती चल रही है, जबकि चार सीटें निर्विरोध जीती गई थीं। बाकी सीटों के लिए कुल 75 उम्मीदवार मैदान में थे। 

    बनासकांठा जिले की थारा पर काउंटिंग जारी
    बनासकांठा जिले की थारा नगर पालिका में छह वार्डों की 24 सीटों के लिए वोटों की गिनती हो रही है, जहां 59 उम्मीदवार मैदान में थे.राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, गांधीनगर में वोटिंग प्रतिशत 59.25% रहा, जबकि थारा में 81.18% और ओखा में 63.27% वोटिंग हुई. राज्य चुनाव आयोग के संयुक्त आयुक्त एन के दामोर ने वोटिंग के बाद कहा कि वोटिंग शांतिपूर्ण ढंग से हुई। 

    गुजरात भर की विभिन्न जिला और तालुका पंचायतों की सीटों के अलावा खेरालु, छोटा उदेपुर और बायड नगर पालिकाओं में एक-एक सीट के लिए भी उपचुनाव हुए और उन सीटों के लिए भी गिनती चल रही है.चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) का इस्तेमाल करके कराए गए थे। 

    वार्ड नंबर 6 में कांग्रेस का क्लीन स्वीप
    गांधीनगर के वार्ड नंबर 6 में कांग्रेस ने चारों सीटें जीतकर बीजेपी को बड़ा झटका दिया. कांग्रेस उम्मीदवार हंसाबेन ललितकुमार निनामा और मेघनाबेन राजुभाई देसाई ने पहली और दूसरी सीट पर जीत दर्ज की. इसके बाद मेहुलकुमार अरविंदभाई राठौड़ और कर्मजीतसिंह वीरेंद्रसिंह वाघेला ने तीसरी और चौथी सीट भी कांग्रेस के नाम कर दी. इस तरह पूरे वार्ड में कांग्रेस का पैनल जीत गया। 

    आठ वार्डों में बीजेपी के पूरे पैनल की जीत
    बीजेपी ने वार्ड नंबर 1, 3, 4, 5, 8, 9, 10 और 11 में सभी चार सीटों पर जीत हासिल की. इससे पार्टी की मजबूत पकड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है. वार्ड नंबर 2 में बीजेपी के तीन उम्मीदवार जीते जबकि एक सीट निर्दलीय के खाते में गई. वार्ड नंबर 7 में भी बीजेपी के तीन उम्मीदवार विजयी रहे. यहां कांग्रेस को एक सीट मिली। 

    पिछले चुनाव में भी बीजेपी का दबदबा
    अक्टूबर 2021 के गांधीनगर नगर निगम चुनाव में भी बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की थी. उस चुनाव में पार्टी ने 44 में से 41 सीटें जीती थीं. कांग्रेस को दो सीटें मिली थीं जबकि आम आदमी पार्टी ने एक सीट पर जीत हासिल की थी. इस बार बीजेपी की सीटें 38 रहीं. फिर भी वह स्पष्ट बहुमत के साथ नगर निगम में सत्ता बनाए रखने की स्थिति में है. कांग्रेस ने पांच सीटों के साथ अपना प्रदर्शन बेहतर किया जबकि AAP पिछली बार मिली एक सीट भी नहीं बचा सकी। 

    गुजरात के दूसरे निकायों पर भी नजर
    गांधीनगर के साथ गुजरात के अन्य स्थानीय निकायों में भी मतगणना हो रही है. ओखा नगर निगम और थारा नगर पालिका के चुनावी नतीजों पर भी नजर है. छोटा उदेपुर नगर पालिका सहित कुछ स्थानीय निकायों और पंचायतों में उपचुनाव भी कराए गए हैं. इन नतीजों से अलग-अलग क्षेत्रों में दलों की स्थानीय पकड़ का अंदाजा मिलेगा. फिलहाल गांधीनगर में बीजेपी की बड़ी जीत और AAP का खाता नहीं खुलना चुनाव का सबसे अहम नतीजा बनकर सामने आया है। 

     

  • MP Weather Update: उज्जैन-जबलपुर में भी रहेगा मिला-जुला मौसम, रात में ठंडक और दिन में गर्मी करेगी परेशान

    MP Weather Update: उज्जैन-जबलपुर में भी रहेगा मिला-जुला मौसम, रात में ठंडक और दिन में गर्मी करेगी परेशान

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के 9 जिलों में असर देखने को मिलेगा। इससे पहले 13 और 14 अक्टूबर को मौसम साफ रहेगा।मौसम केंद्र (IMD) के मुताबिक- ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अनुमान है। भोपाल और इंदौर में रात में ठंडक बनी रहेगी, जबकि उज्जैन, जबलपुर समेत अन्य शहरों में भी ऐसा ही मौसम रहेगा।

    मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) का असर खत्म हो गया, लेकिन अब नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। उत्तरी हिस्से में एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) और नए चक्रवात की वजह से प्रदेश में असर देखने को मिलेगा।

    मानसून लौट चुका, बारिश जारी
    प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही मानसून लौट चुका है, लेकिन सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर फिर से शुरू हुआ। पिछले एक सप्ताह से पूर्वी हिस्से के जिलों में आंधी-बारिश का असर देखा गया। हालांकि, रविवार और सोमवार को कहीं भी आंधी-बारिश रिकॉर्ड नहीं की गई।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है।

    अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिल गई। वहीं, रात में ठंडक है। वहीं, कई जिलों में बारिश भी हो रही है। इस बार प्रदेश में 100 दिन तक दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिव रहा है।

    इस साल सामान्य से कम हुई बारिश
    दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी, 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है।

    वहीं, ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है।

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।

    वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है।

    इन 25 जिलों में कोटा फुल
    भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर। बाकी 30 जिलों में कम बारिश हुई।

    इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

  • यूपी में इंसानियत की मिसाल बने राहवीर, सड़क हादसों में मदद करने वाले 27 लोगों को मिलेगा सम्मान

    यूपी में इंसानियत की मिसाल बने राहवीर, सड़क हादसों में मदद करने वाले 27 लोगों को मिलेगा सम्मान

    सड़क हादसे में घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा सम्मान, यूपी में 27 राहवीरों को पुरस्कृत करने की तैयारी

    केंद्र से मिली धनराशि, सड़क हादसे में घायलों की जान बचाने वालों को 25 हजार रुपये का पुरस्कार

    गुड सेमेरिटन योजना का नया स्वरूप है राहवीर योजना, 16वें वित्तीय चक्र में भी जारी रहेगी पहल

    योगी सरकार का प्रदेश में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर है खास जोर 

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की मदद कर उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए राहवीर योजना के तहत पुरस्कार दिए जाएंगे। केंद्र सरकार ने इस योजना के अंतर्गत राहवीरों को पुरस्कृत करने के लिए यूपी परिवहन विभाग को 10 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार ने 21 सितंबर 2026 को जारी पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और जरूरत के समय घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।

    गुड सेमेरिटन से राहवीर योजना तक का सफर
    सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 3 अक्टूबर 2021 को गुड सेमेरिटन को पुरस्कृत करने की योजना शुरू की थी। इसके तहत पहले वित्तीय चक्र में 36 गुड सेमेरिटन को पांच-पांच हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई थी। इसके बाद 21 अप्रैल 2025 को मंत्रालय ने गुड सेमेरिटन योजना को नए नाम 'राहवीर योजना' के रूप में जारी किया। इसमें पुरस्कार राशि बढ़ाकर प्रति राहवीर 25 हजार रुपये कर दी गई। मंत्रालय ने योजना को 16वें वित्तीय चक्र में जारी रखने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में 21 सितंबर 2026 के पत्र के जरिए उत्तर प्रदेश को पुरस्कार वितरण के लिए 10 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।

    उत्तर प्रदेश में 27 राहवीरों को पुरस्कार देने की तैयारी
    परिवहन विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 27 राहवीरों को 25-25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देने का प्रस्ताव है। इसके लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति की अनुशंसा के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। सितंबर 2026 में इन राहवीरों को पुरस्कृत करने के लिए केंद्र सरकार से धनराशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। अब मंत्रालय की ओर से 10 लाख रुपये उपलब्ध कराए जाने से पुरस्कार वितरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वालों को मिलेगा प्रोत्साहन
    राहवीर योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने और उसकी जान बचाने में मदद करने वाले नागरिकों को सम्मानित करना है। दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में चिकित्सा सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में बिना किसी स्वार्थ के घायलों की मदद करने वाले लोगों को आर्थिक पुरस्कार देकर प्रोत्साहित करना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। योजना के तहत दुर्घटना पीड़ित को गोल्डन आवर यानी दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण शुरुआती एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में योगदान देने वाले पात्र नागरिकों को पुरस्कृत किया जाता है। इससे लोगों को सड़क हादसों के समय घायलों की मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा मिल सकती है।

    पुरस्कार राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था
    राहवीरों को पुरस्कार राशि उपलब्ध कराने के लिए परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के भारतीय रिजर्व बैंक के ई-कुबेर सीएनए खाते में 10 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से स्वीकृत लाभार्थियों को पुरस्कार राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।