Author: NewseDay

  • टेकबॉल सेमीफाइनल में क्विम्सी डिसूजा को हार, ब्रॉन्ज मेडल के लिए करेंगी मुकाबला

    टेकबॉल सेमीफाइनल में क्विम्सी डिसूजा को हार, ब्रॉन्ज मेडल के लिए करेंगी मुकाबला

    नई दिल्ली
     भारत की क्विम्सी डिसूजा एशियन गेम्स की टेकबॉल महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल में हार गईं. सेमीफाइनल में उनका सामना इंडोनेशिया की सुमाया के खिलाफ की थी. उन्होंने जुझारू प्रदर्शन से मुकाबले में अपने विरोधी को कड़ी टक्कर देने की कोशिश की, लेकिन गोल्ड मेडल की रेस से अब वह बाहर हो गई हैं. क्विम्सी ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेलेंगी। 

    क्विम्सी मैच में सुमाया पर शुरूआती बढत बनाई थी, लेकिन लय कायम नहीं रख पाई और 12-7, 9-12, 7-12 से वह हार गईं. इससे पहले प्रदेश स्तर पर फुटबॉल और 1500 मीटर दौड़ में भाग लेने वाली मुंबई की इस खिलाड़ी ने ब्राजील के महान फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो को इंस्टाग्राम पर अपना कौशल दिखाते हुए देखने के बाद टेकबॉल खेलना शुरू किया। 

    पहले गेम में क्विम्सी डिसूजा ने बनाई थी बढ़त
    पहले गेम में पूरी तरह नियंत्रण में दिखी डिसूजा ने 12-7 से बढत बना ली थी. लेकिन दूसरे गेम में सुमाया ने वापसी की और मुकाबले को निर्णायक गेम तक ले गई. इसमें लगातार नौ अंक बनाकर उन्होंने डिसूजा को मुकाबले से बाहर कर दिया। 

    डिसूजा अब रविवार को कांस्य पदक का प्लेआफ खेलेगी. टेकबॉल को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है. टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण है. इस खेल का आविष्कार 2014 में हंगरी में फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्जार ने किया था। 

    2017 में पहली बार टेकबॉल का हुआ था विश्व चैंपियनशिप
    पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित की गई थी. टेकबॉल में खिलाड़ी हाथों और बाजुओं को छोड़कर अपने शरीर के लगभग हर हिस्से का उपयोग करते हुए एक मानक आकार की फुटबॉल को एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित घुमावदार टेबल पर उछालते हैं. ऐसे में अब उम्मीद की जा रही है कि एशियन में गेम्स टेक बॉल  को अगर सफलता मिलती है तो यह विश्व पटल पर और भी ज्यादा लोकप्रिय होगी और इस खेल को बढ़ावा मिलेगा। 

  • UP PCS 2026: 500 पदों पर भर्ती के लिए रिकॉर्ड अभ्यर्थी तैयार, जानें पूरी जानकारी

    UP PCS 2026: 500 पदों पर भर्ती के लिए रिकॉर्ड अभ्यर्थी तैयार, जानें पूरी जानकारी

    प्रयागराज

    उत्तर प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (पीसीएस) परीक्षा 2026 के लिए रिकॉर्ड 8.90 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। वर्तमान में विज्ञापित 500 पद से तुलना करें तो एक पद के लिए औसतन 1,780 अभ्यर्थी मैदान में हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस 2026 के 500 पदों के लिए 25 जून से 27 जुलाई तक आवेदन मांगे थे। वैसे तो आयोग ने अभी पीसीएस में 500 पदों की सूचना दी है हालांकि प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी होने से पहले रिक्तियों की संख्या बढ़ना तय है। खास बात यह है कि पिछले एक दशक में इस बार सर्वाधिक तकरीबन नौ लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।

    इससे पहले 2021 में 691173 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। 2018 में 635844 जबकि 2025 में 626387 अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा था। इसकी प्रारंभिक परीक्षा छह दिसंबर को प्रस्तावित है। पीसीएस 2026 में पहली बार मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना से जुड़े युवाओं को आयु में छूट और भारांक दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश लोक सेवाओं (मुख्यमंत्री अध्येतावृत्ति के अनुसंधानविदों के लिए आयु सीमा एवं अधिमान का शिथिलीकरण) नियमावली 2026 के अनुसार मुख्यमंत्री अध्येतावृत्ति कार्यक्रम के अनुसंधानविद् को आयु सीमा में तीन वर्ष तक की छूट और मुख्य परीक्षा में 7.5 अंक तक का अधिमान दिया जाएगा।

    – एक दशक में सर्वाधिक अभ्यर्थी पीसीएस बनने को मैदान में

    – इससे पहले वर्ष 2021 में 691173, 2018 में थे 635844 आवेदन

    – पहली बार मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना से जुड़े युवाओं को आयु में छूट और भारांक मिलेगा

    वर्षवार आवेदकों की संख्या

    2025 6,26,387

    2024 5,76,154

    2023 5,65,459

    2022 6,02,974

    2021 6,91,173

    2020 595696

    2019 544664

    2018 635844

  • भारतीय वायुसेना को बड़ी मजबूती, तेजस विमानों का बेड़ा पूरा; बढ़ी हवाई क्षमता

    भारतीय वायुसेना को बड़ी मजबूती, तेजस विमानों का बेड़ा पूरा; बढ़ी हवाई क्षमता

    नई दिल्ली

    हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने शुक्रवार को भारतीय वायुसेना को पूरी तरह स्वदेशी 20 तेजस विमानों की डिलीवरी का अनुबंध पूरा कर लिया। अंतिम खेप में दो सीट वाले दो तेजस प्रशिक्षण विमान वायुसेना को सौंपे गए। इसके साथ ही एचएएल ने वायुसेना के लिए 70 एचटीटी-40 बेसिक प्रशिक्षण विमानों की डिलीवरी के अनुबंध की भी शुरुआत की। निजी विमानन कंपनी पवनहंस को चार ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टर भी सौंपे गए।

    बेंगलुरु में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू की मौजूदगी में विमानों और हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी की गई। अधिकारियों के अनुसार, दिसंबर 2010 में रक्षा मंत्रालय और एचएएल के बीच हुए एफओसी अनुबंध के तहत 20 तेजस विमानों की आपूर्ति होनी थी। इनमें 16 एक सीट वाले लड़ाकू विमान और चार दो सीट वाले प्रशिक्षण विमान शामिल थे।

    पहले ही दिए जा चुके हैं 16 लड़ाकू विमान
    सभी 16 लड़ाकू विमानों और दो प्रशिक्षण विमानों की आपूर्ति पहले ही की जा चुकी थी। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने कहा कि युद्ध की बदलती प्रकृति को देखते हुए स्वदेश में विकसित प्रौद्योगिकियां समय की मांग हैं। अत्याधुनिक नवाचार की आवश्यकता पर जोर देते हुए रक्षा मंत्री ने वैज्ञानिकों और इंजीनियरों से भविष्य की रक्षा जरूरतों को पूरा करने वाली प्रौद्योगिकियां विकसित करने का आग्रह किया।

    क्या है इन विमानों की खासियत
    एचटीटी-40 (हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर-40) स्वदेश में डिजाइन और विकसित किया गया प्रशिक्षक विमान है, जिसे भारतीय रक्षा सेवाओं की शुरुआती प्रशिक्षण जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। एचएएल के एक बयान के अनुसार, एलसीए एफओसी प्रिशक्षु विमान एक हल्का, हर मौसम में काम करने वाला और कई तरह की भूमिकाएं निभाने वाला 4.5-जेनरेशन का विमान है, जिसे मुख्य रूप से वायुसेना की प्रशिक्षण ज़रूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

    बयान के अनुसार, '' इन तकनीकों ने भारत को एक उन्नत दो-सीट वाला लड़ाकू विमान क्षमता विकसित करने और उसे संचालित करने में सक्षम बनाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में ऐसा तंत्र विकसित किया जाना चाहिए, जो असैन्य और सैन्य विमानन दोनों क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा कर सके। सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक संगठनों के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ''हमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों को प्रतिद्वंद्वी के रूप में नहीं देखना चाहिए।' अत्याधुनिक नवाचार की आवश्यकता पर जोर देते हुए सिंह ने वैज्ञानिकों और अभियंताओं से भविष्य की रक्षा जरूरतों को पूरा करने वाली प्रौद्योगिकियां विकसित करने का आग्रह किया।

  • पंजाब में कर्मचारियों को बड़ी सौगात, DA में 8% इजाफा; महिला कर्मचारियों के लिए भी फैस

    पंजाब में कर्मचारियों को बड़ी सौगात, DA में 8% इजाफा; महिला कर्मचारियों के लिए भी फैस

    चंडीगढ़

    त्योहारों से पहले सरकारी कर्मचारियों की नजरें केंद्र और अपने-अपने राज्य की सरकारों पर टिकी होती हैं। महंगाई भत्ता का इंतजार कर रहे पंजाब के ऐसे आठ लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खुशखबरी आई है। पंजाब सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 8% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इसके साथ ही पंजाब में DA की दर अब 50% हो जाएगी। सरकार का कहना है कि इसे 4-4% की दो किस्तों में जारी किया जाएगा। बढ़ी हुई राशि सितंबर की सैलरी में दिखेगी। इसका भुगतान एक अक्टूबर को किया जाना है।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद इसकी घोषणा की है। मान ने कहा कि सरकार हर महीने कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ अनिवार्य बैठकें करेगी ताकि नियमित बातचीत के जरिए उनकी जायज शिकायतों का समाधान किया जा सके। इस बौठक के दौरान पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, प्रोबेशन पीरियड के दौरान सैलरी से जुड़े मुद्दे, एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP), कुछ पुराने भत्तों की बहाली और आशा (ASHA) के साथ-साथ मिड-डे मील कर्मियों से जुड़ी मांगों पर भी चर्चा हुई।

    महिला कर्मचारियों को 40 किमी के दायरे में पोस्टिंग
    मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि महिला सरकारी कर्मचारियों को उनके घर से 40 किलोमीटर के दायरे में पोस्टिंग देने के लिए कदम उठाए जाएंगे। भगवंत मान ने कहा कि इसका मकसद महिला कर्मचारियों को अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच तालमेल बिठाने में मदद करना है।

    70,000 सरकारी नौकरियों का दावा
    कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने अब तक पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती प्रक्रिया के जरिए लगभग 70,000 सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि युवा मेरिट और कड़ी मेहनत के आधार पर नौकरी पाएं न कि सिफारिश, प्रभाव या पैसे के आधार पर।

  • तीसरी बार इंग्लिश चैनल पार करने का लक्ष्य, CM डॉ. यादव से लोहिया ने की सौजन्य भेंट

    तीसरी बार इंग्लिश चैनल पार करने का लक्ष्य, CM डॉ. यादव से लोहिया ने की सौजन्य भेंट

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पद्मसम्मानित लोहिया ने की सौजन्य भेंट

    तीसरी बार इंग्लिश चैनल पार करने के अभियान पर लंदन रवाना होंगे लोहिया

    भोपाल 
    अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग तैराक एवं पद्मपुरस्कार से सम्मानित सत्येंद्र सिंह लोहिया ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से नई दिल्ली स्थित मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपने तीसरी बार इंग्लिश चैनल पार करने के आगामी अभियान की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोहिया को अभियान के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल प्रयास की कामना की।

    दिव्यांग तैराक सत्येंद्र सिंह लोहिया 19 सितंबर 2026 को अपनी टीम के साथ दिल्ली से लंदन रवाना होंगे। उनकी टीम द्वारा 24 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच मौसम एवं समुद्री परिस्थितियों के अनुकूल होने पर इंग्लिश चैनल पार करने का प्रयास किया जाएगा। टीम 6 अक्टूबर को भारत वापस लौटेगी। मध्यप्रदेश की टीम में ग्वालियर के रामबरन पाल और भिंड के गजेंद्र सिंह टीम सदस्य तथा श्योपुर के मुजीब खान कोच के रूप में शामिल हैं।

    दिव्यांग तैराक लोहिया को मध्यप्रदेश सरकार के प्रतिष्ठित विक्रम पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2024 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मसे सम्मानित किया। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए प्रदेश और देश का नाम गौरवान्वित किया है। उनके नाम लगभग 40 राष्ट्रीय पदक हैं। हाल ही में 12 फरवरी 2026 को उन्होंने न्यूजीलैंड के उत्तरी द्वीप और दक्षिणी द्वीप को अलग करने वाली कुक स्ट्रेट को 9 घंटे 22 मिनट में पार कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट में लोहिया ने कहा कि इंग्लिश चैनल पार करने का यह अभियान प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय है। उनका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करने के साथ ही युवाओं एवं दिव्यांग खिलाड़ियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करना है।

     

  • देशभर में छत्तीसगढ़ की संस्कृति-पर्यटन को पहुंचाने का आह्वान, अरुण साव ने कही ये बात

    देशभर में छत्तीसगढ़ की संस्कृति-पर्यटन को पहुंचाने का आह्वान, अरुण साव ने कही ये बात

    छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने आगे आएं इवेंट मैनेजर्स : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

    'छत्तीसगढ़ में इवेंट मैनेजमेंट और पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं'

    'इकॉन-2026' में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री

    रायपुर.
    उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज रायपुर में आयोजित 'इकॉन-2026' इवेंट एंड एंटरटेनमेंट कॉन्क्लेव में शामिल हुए। उन्होंने देशभर से आए इवेंट मैनेजर्स का स्वागत करते हुए कहा कि इवेंट मैनेजमेंट आज एक बड़े उद्योग के रूप में उभर रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

    साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों में अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश की नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। छत्तीसगढ़ मैरिज डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। इवेंट इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के प्रयासों से प्रदेश को बड़ा लाभ मिल सकता है।

    साव ने देश के विभिन्न प्रदेशों से आए मेहमानों से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग स्थानों की यात्रा करें और यहां की संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, पर्यटन की संभावनाओं से परिचित हों। छत्तीसगढ़ में बहुत कुछ है, जिसे देश-दुनिया तक पहुंचाने की आवश्यकता है।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉन्क्लेव में सभी एक-दूसरे के अनुभव साझा करें और नए अवसरों पर मिलकर काम करें। इवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में नवाचार से प्रदेश में पर्यटन एवं आर्थिक विकास में मदद मिलेगी। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

  • नवा रायपुर में गोल्फ को मिल रही नई ऊंचाई, विश्वस्तरीय सुविधाएं बन रहीं आकर्षण

    नवा रायपुर में गोल्फ को मिल रही नई ऊंचाई, विश्वस्तरीय सुविधाएं बन रहीं आकर्षण

    गोल्फ के ग्लोबल मैप पर उभर रहा नवा रायपुर, विश्वस्तरीय सुविधाएं बन रहीं पहचान : अरुण साव

    डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन में खलिन एच. जोशी बने विजेता, उप मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को किया पुरस्कृत

    रायपुर
    नवा रायपुर अब केवल आधुनिक शहर के रूप में नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं और बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन गोल्फ टूर्नामेंट-2026 के पुरस्कार वितरण समारोह में उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि नवा रायपुर का वर्ल्ड क्लास फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब छत्तीसगढ़ में गोल्फ के बढ़ते आकर्षण और विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं की पहचान बन रहा है। साव ने प्रतियोगिता के विजेता खलिन एच. जोशी सहित उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए और सभी प्रतिभागियों को शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। 

    उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि प्रदेश में इस तरह के बड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंटों का आयोजन यहां की खेल संभावनाओं को नई दिशा देता है। ऐसे आयोजन छत्तीसगढ़ की गोल्फ प्रतिभाओं के लिए बड़े मंच का काम करते हैं। देश-दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों की मौजूदगी में होने वाली प्रतियोगिताओं से स्थानीय खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलता है और उन्हें अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की प्रेरणा मिलती है।

    साव ने डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन के सफल आयोजन के लिए पीजीटीआई अध्यक्ष कपिल देव और उनकी पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख खेल आयोजनों के मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर मंच देने के ऐसे प्रयास लगातार जारी रहेंगे। प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना का विस्तार कर खिलाड़ियों के लिए ऐसे अवसर तैयार किए जाएंगे, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखारकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर सकें।

  • ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में बच्चों और परिजनों ने PM मोदी के लिए मांगी लंबी उम्र

    ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में बच्चों और परिजनों ने PM मोदी के लिए मांगी लंबी उम्र

    ‘ आशीर्वाद का दीया’ से रोशन हुआ सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, बच्चों और परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु जीवन की कामना की 

    रायपुर
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस एवं सार्वजनिक जीवन में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में दीर्घ सेवा के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प’ कार्यक्रम की कड़ी में नया रायपुर स्थित सत्य साईं संजीवनी सेंटर फॉर चाइल्ड हार्ट केयर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    कार्यक्रम में अस्पताल परिसर को बड़ी संख्या में दीपों से सजाया गया। उपचाररत बच्चों, उनके परिजनों एवं उपस्थित नागरिकों ने दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की।

    सत्य साईं संजीवनी अस्पताल जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को पूर्णतः निःशुल्क बाल हृदय चिकित्सा एवं सर्जरी उपलब्ध कराने वाला प्रमुख संस्थान है। नया रायपुर में इसकी यात्रा वर्ष 2012 में प्रारंभ हुई और फरवरी 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी परिसर में ‘सौभाग्यम’ का उद्घाटन किया था। 

    ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान के अंतर्गत देश के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों के साथ-साथ नागरिकों द्वारा अपने घरों में भी दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं व्यक्त की जा रही हैं।

    नया रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में अंजय शुक्ला, उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त), मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रभारी के रूप में अभिषेक धनगर उपस्थित रहे। अस्पताल से जुड़े लोगों, बच्चों एवं उनके परिजनों की सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष भावनात्मक स्वरूप प्रदान किया।

    दीपों से जगमगाते अस्पताल परिसर में सामूहिक दीप प्रज्वलन के माध्यम से सेवा, सद्भावना और शुभकामना का संदेश दिया गया।

  • योगी सरकार ने तेज की चकबंदी प्रक्रिया, 13 गांवों को नियमों के तहत बाहर किया; मुजफ्फरनगर में 16 साल बाद काम पूरा

    योगी सरकार ने तेज की चकबंदी प्रक्रिया, 13 गांवों को नियमों के तहत बाहर किया; मुजफ्फरनगर में 16 साल बाद काम पूरा

    चकबंदी को लेकर योगी सरकार ने दिखाई तेजी, 13 गांव प्रक्रिया से नियमानुसार अलग 

    जमीन से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण होने से किसानों को मिली बड़ी राहत

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में लंबित चकबंदी प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसका उद्देश्य किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उनकी जमीन से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है।

    चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद के निर्देश पर छह जिलों के 13 गांवों को जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-6(1) के तहत चकबंदी प्रक्रिया से अलग किया गया है। इनमें मैनपुरी का भांती गांव 35 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया में था। बदायूं का सिरतौल गांव 14 वर्ष, उन्नाव के दरौली, पीखी, सर्लीद और निहालपुर व लखनऊ के शिवपुरी गांव 12 वर्ष से प्रक्रिया में थे। बरेली का कादरगंज 10 वर्ष से चकबंदी प्रक्रिया में लंबित था। इसके अलावा बिजनौर के हसनअलीपुर व बैबलवाला और बदायूं के बक्सेना व इमलिया गांवों को भी प्रक्रिया से अलग किया गया है। इन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया आगे बढ़ने में विभिन्न कारणों से दिक्कत आ रही थी। इनमें गांवों का विकास योजना में आना, नदी के कटान से प्रभावित होना, चकबंदी योग्य क्षेत्रफल 40 प्रतिशत से कम होना, औद्योगिक विकास क्षेत्र में शामिल होना जैसे अन्य कारण शामिल हैं।

    वहीं, मुजफ्फरनगर के पीपलशाह गांव में 16 वर्षों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया को काफी प्रयासों के बाद जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-52(1) के तहत पूरा कर लिया गया है। इससे लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

  • निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ बना संभावनाओं का प्रदेश, विकास को लेकर CM साय का बड़ा बयान

    निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ बना संभावनाओं का प्रदेश, विकास को लेकर CM साय का बड़ा बयान

    विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है छत्तीसगढ़, निवेश के लिए है असीम संभावनाएं – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और अनछुए पर्यटन स्थलों से दुनिया को परिचित कराने की है जरूरत

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव 2026 में हुए शामिल

    रायपुर,
     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश को 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य दिया है। एक ऐसा भारत जिसकी ओर दुनिया चुनौतियों के समाधान की उम्मीद से देख रही है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में हमारा छत्तीसगढ़ राज्य अहम भूमिका निभाने में सक्षम है। हमारे पास देश की तरक्की को गति देने वाले सभी जरूरी संसाधन हैं। उच्च गुणवत्ता के बहुमूल्य खनिज,बिजली के साथ ही हमारे पास स्किल्ड वर्क फोर्स है।  उक्त बातें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में आयोजित इकोनामिक टाइम्स द्वारा आयोजित विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव 2026 में कही।

    उन्होंने बताया विकसित भारत 2047 के अनुरूप ही हमने विकसित छत्तीसगढ़ 2047 बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे है। हमनें इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार किए है जिसके अनुरूप हमारी सरकार समयबद्ध रूप से मिशन मोड में कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा विकसित भारत की भव्य इमारत स्टील से तैयार होगी। छत्तीसगढ़ अभी देश का 20 प्रतिशत स्टील उत्पादित करता है। चिनाब नदी पर बना देश का सबसे ऊंचा पुल छत्तीसगढ़ के फौलादी स्टील से तैयार हुआ है।  माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्टील निर्यात को बढ़ावा देने के लिए लगातार नीतिगत प्रयास कर रहे हैं। हमने प्रदेश में स्टील के उत्पादन का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 45 मिलियन टन करने का रखा है। विकसित भारत के ग्रोथ इंजन को पावर चाहिए। छत्तीसगढ़ देश के 20 प्रतिशत कोयले का उत्पादन करता है। हम 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन करते हैं। हमने एनर्जी समिट किया,जिसमें साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आये, जिन पर काम हो रहा है। कुछ ही वर्षों में 60 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य पूरा हो जाएगा।

    उन्होंने आगे कहा आज छत्तीसगढ़ का कोर सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। इसके पीछे बड़ी वजह हमारी नई औद्योगिक नीति है। हमने निवेश पर आकर्षक सब्सिडी दी है। कोई अपना उद्यम लगाना चाहे तो उनके लिए अनेक तरह के प्रोत्साहन हैं। पूंजी निवेश पर सब्सिडी है, ब्याज पर सब्सिडी है, कोई टेक्नालाजी खरीदना चाहे तो उस पर सब्सिडी है। स्टांप ड्यूटी में छूट है। हमनें खासकर पावर,आईटी, स्टील, टेक्सटाइल,फार्मा, फूड प्रोसेसिंग जैसे सेक्टर को विशेष प्रोत्साहित कर रहे है।
    नई उद्योग नीति के तहत अब तक हमें 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं।

    आज हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में नक्सल मुक्त भारत का स्वप्न साकार हुआ है। छत्तीसगढ़ के बस्तर ने लंबे समय तक माओवाद का दंश झेला, लेकिन अब यह क्षेत्र इको टूरिज्म के लिए नया डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और अद्भुत जैव विविधता से भरपूर बस्तर में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की पहचान उसकी वास्तविक खूबसूरती और सांस्कृतिक समृद्धि के अनुरूप नहीं बन पाई। अब परिस्थितियां तेजी से बदली हैं और बस्तर शांति, विश्वास, विकास और पर्यटन की नई पहचान के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है। बस्तर की इस बदलती तस्वीर को देश-दुनिया तक पहुंचाने में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    उन्होंने कहा कि बीते चार दशकों में बस्तर का नाम राष्ट्रीय मीडिया में अधिकांशतः नक्सलवाद और हिंसा से जुड़ी घटनाओं के संदर्भ में सामने आता रहा। इससे बस्तर की वास्तविक पहचान कहीं पीछे छूट गई। अब नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता और क्षेत्र में स्थापित हो रहे शांति के वातावरण ने बस्तर के विकास के लिए नए द्वार खोले हैं। सड़क, संचार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ पर्यटन क्षेत्र में भी नई संभावनाएं आकार ले रही हैं।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा आप सभी बस्तर की वास्तविक खूबसूरती और वहां हो रहे बदलावों से परिचित हैं। राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के माध्यम से जब बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य, संस्कृति और पर्यटन स्थलों की सकारात्मक कहानियां देश के सामने आएंगी तो लोगों की बस्तर के प्रति धारणा भी बदलेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर को अब नक्सलवाद नहीं, बल्कि उसकी प्रकृति, संस्कृति, पर्यटन और विकास के लिए जाना जाए – यह हम सभी का प्रयास होना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यटन केवल किसी क्षेत्र की पहचान को विस्तार देने का माध्यम नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी बड़ा आधार है। बस्तर में पर्यटन बढ़ने से होटल, होम-स्टे, परिवहन, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प, गाइड सेवा सहित अनेक क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे। विशेष रूप से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। बस्तर के हस्तशिल्प, वनोपज और स्थानीय उत्पादों को भी पर्यटन के माध्यम से बड़ा बाजार मिल सकेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में शांति और विकास को स्थायी स्वरूप देने के साथ पर्यटन की संभावनाओं को भी विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि देश-दुनिया से पर्यटक निर्भय होकर बस्तर आएं, यहां की प्राकृतिक सुंदरता और विशिष्ट संस्कृति को करीब से देखें तथा एक नए और बदलते बस्तर का अनुभव लेकर लौटें।

    छत्तीसगढ़ मध्य भारत में हमारी विशिष्ट भौगोलिक स्थिति, 3500 किलोमीटर से अधिक फैले हमारे राष्ट्रीय राजमार्ग और देश के सबसे तेजी से विकसित होते रेल नेटवर्क के चलते छत्तीसगढ़ पर अब सबकी नजर है। लाजिस्टिक के लिए हमारा प्रदेश बहुत उपयुक्त है। यहां से देश के हर कोने में आपूर्ति सबसे आसान है। हमने लाजिस्टिक नीति भी तैयार की है

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 वर्षों की यात्रा सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रही है। इस अवधि में देश ने विकास और जनकल्याण के अनेक क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन देखा है। गरीबों के पक्के आवास से लेकर स्वच्छ पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता, वित्तीय समावेशन और बुनियादी अधोसंरचना तक जनकल्याणकारी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाने का कार्य किया है।

    इस अवसर पर इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर.कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल सहित गणमान्य गण उपस्थित थे।