Author: NewseDay

  • प्रसाद के घी पर उठे सवाल, तिरुपति लड्डू में पाम ऑयल की कथित मिलावट

    प्रसाद के घी पर उठे सवाल, तिरुपति लड्डू में पाम ऑयल की कथित मिलावट

    तिरुमला

    तिरुपति के मशहूर लड्डू प्रसाद को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. जिस घी को गाय का शुद्ध घी बताकर तिरुमला तिरुपति देवस्थानम यानी टीटीडी को सप्लाई किया जाता था, उसके बारे में प्रवर्तन निदेशालय ने चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं. ED के मुताबिक इस कथित घी में असली दूध की मलाई से निकले घी की जगह रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल और पामोलीन जैसी चीजों का इस्तेमाल किया गया. इतना ही नहीं, इसे घी जैसा बनाने के लिए कई रसायन भी मिलाए जाने का आरोप है. मामला 2019 से 2024 के बीच टीटीडी को कथित तौर पर मिलावटी घी की आपूर्ति से जुड़ा है. जांच एजेंसी के अनुसार इस दौरान करीब 230 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी वाली सप्लाई हुई। 

    मामला तब और गंभीर हो गया जब ED ने इस केस में सुकृति फूड्स प्राइवेट लिमिटेड केप्रमोटर कैलाश चंद मंगला को गिरफ्तार किया. एजेंसी का आरोप है कि इस पूरी अवधि में करीब 96 करोड़ रुपए मूल्य का कथित मिलावटी घी कैलाश चंद मंगला की कंपनी ने तैयार किया था. यानी मामला सिर्फ किसी छोटे स्तर की मिलावट का नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर आपूर्ति और कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है. हालांकि यहां यह समझना जरूरी है कि ये ED की जांच में सामने आए आरोप हैं. अदालत में इन आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है. जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित मिलावटी घी कैसे तैयार हुआ, किस तरह सप्लाई किया गया और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे। 

    घी में क्या-क्या मिलाने का आरोप?
    ED के मुताबिक कथित मिलावटी घी तैयार करने में रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल और पामोलीन का इस्तेमाल किया गया. ये सभी वनस्पति तेल हैं और असली गाय के घी से अलग होते हैं. एजेंसी का आरोप है कि इनका इस्तेमाल करके ऐसा पदार्थ तैयार किया गया, जिसे घी के रूप में टीटीडी तक पहुंचाया गया. यही इस मामले का सबसे अहम हिस्सा है. क्योंकि तिरुपति का लड्डू सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद है. हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु तिरुमला मंदिर पहुंचते हैं और लड्डू प्रसाद लेकर जाते हैं. ऐसे में घी की गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल सीधे श्रद्धालुओं की आस्था और खाद्य गुणवत्ता दोनों से जुड़े हैं। 

    सिर्फ तेल नहीं, केमिकल्स के इस्तेमाल का भी आरोप
    ED ने अपनी जांच में कुछ खास केमिकल्स के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया है. एजेंसी के मुताबिक कथित मिलावटी घी बनाने की प्रक्रिया में एमजी-90, मोनोग्लिसराइड्स, मायवेसिट सॉफ्ट 400 और एसीटिक एसिड एस्टर जैसे केमिकल्स का इस्तेमाल किया गया. जांच एजेंसी का दावा है कि इन चीजों की मदद से वनस्पति तेलों से ऐसा मिश्रण तैयार किया गया, जिसे घी की तरह सप्लाई किया जा सके। 

    2019 से 2024 तक की सप्लाई पर जांच
    यह पूरा मामला 2019 से 2024 के बीच तिरुमला तिरुपति देवस्थानम को कथित तौर पर की गई घी की आपूर्ति से जुड़ा है. ED के अनुसार इस अवधि में कथित फर्जी या मिलावटी घी की सप्लाई का कुल मूल्य करीब 230 करोड़ रुपए था. इनमें से लगभग 96 करोड़ रुपए का कथित मिलावटी घी सुकृति फूड्स से जुड़ा बताया गया है. अब जांच का फोकस सिर्फ एक कंपनी पर नहीं, बल्कि पूरी आपूर्ति व्यवस्था पर भी हो सकता है. किसी बड़े धार्मिक संस्थान तक इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री पहुंचने के लिए खरीद, गुणवत्ता जांच, परिवहन और भुगतान जैसी कई प्रक्रियाएं होती हैं. इसलिए जांच एजेंसी के सामने यह पता लगाना अहम होगा कि कथित मिलावट किस स्तर पर हुई और निगरानी की व्यवस्था में क्या हुआ। 

    कैलाश चंद मंगला की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी हलचल
    ED ने सुकृति फूड्स प्राइवेट लिमिटेड केप्रमोटर कैलाश चंद मंगला को इस मामले में गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के बाद जांच में कंपनी की भूमिका और कथित आपूर्ति की प्रक्रिया पर ध्यान बढ़ गया है. एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कंपनी ने कथित तौर पर किस तरह का घी तैयार किया और उसे गाय के घी के तौर पर कैसे सप्लाई किया गया. साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कथित उत्पाद की खरीद और आपूर्ति से जुड़े दस्तावेज क्या कहते हैं. फिलहाल सामने आई जानकारी के आधार पर इतना ही कहा जा सकता है कि ED ने मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं और गिरफ्तारी जांच का हिस्सा है. अंतिम जिम्मेदारी अदालत में सबूतों के आधार पर तय होगी। 

    तिरुपति लड्डू से क्यों जुड़ा है इतना बड़ा मामला?
    तिरुपति बालाजी मंदिर का लड्डू प्रसाद देश-दुनिया में प्रसिद्ध है. श्रद्धालुओं के लिए इसकी धार्मिक और भावनात्मक अहमियत बहुत ज्यादा है. इसलिए प्रसाद में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता को लेकर कोई भी सवाल सामान्य खाद्य मिलावट के मामले से कहीं बड़ा असर पैदा करता है. अगर जांच में ED के आरोप साबित होते हैं, तो यह सवाल भी उठेगा कि इतनी बड़ी मात्रा में कथित मिलावटी घी की आपूर्ति लंबे समय तक कैसे चलती रही। 

    अब जांच में किन सवालों के जवाब जरूरी?
    इस मामले में सबसे बड़े सवाल हैं कि कथित मिलावटी घी की असली मात्रा कितनी थी, इसे किस-किस स्तर पर तैयार और सप्लाई किया गया और गुणवत्ता जांच के दौरान यह सामने क्यों नहीं आया. इसके अलावा यह भी पता लगाना जरूरी होगा कि सप्लाई से जुड़े अन्य कारोबारी या संस्थान किस भूमिका में थे. ED की कार्रवाई के बाद मामले में आगे और गिरफ्तारियां या दस्तावेजी जांच हो सकती है. फिलहाल एजेंसी का दावा है कि 2019 से 2024 के बीच करीब 230 करोड़ रुपए की कथित संदिग्ध सप्लाई हुई और उसमें 96 करोड़ रुपए का कथित मिलावटी घी सुकृति फूड्स से जुड़ा था. इन आरोपों की अंतिम सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। 

  • पशुधन बीमा योजना से किसानों को सहारा, हरियाणा में 19.19 लाख पशु बीमित

    पशुधन बीमा योजना से किसानों को सहारा, हरियाणा में 19.19 लाख पशु बीमित

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार अब पशुपालन को केवल ग्रामीण परिवारों की पारंपरिक गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि नियमित और लाभकारी स्वरोजगार के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। सरकार का जोर पशुधन की उत्पादकता, स्वास्थ्य और नस्ल सुधार के साथ पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा देने पर है।

    इसी कड़ी में पशुधन बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, आधुनिक पशु चिकित्सा सुविधाओं और बेहतर नस्ल के लिए तकनीक का विस्तार किया जा रहा है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना के तहत 31 अगस्त 2026 तक 19.91 लाख पशुओं का बीमा किया गया है। वर्ष 2018-19 से 31 अगस्त 2026 तक 32,679 बीमा दावों का निपटारा कर पशुपालकों को 123.68 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। सामान्य श्रेणी के पशुपालकों को प्रीमियम में 85 प्रतिशत और अनुसूचित जाति परिवारों को 100 प्रतिशत सहायता देने का प्रविधान किया गया है।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुसार, हरियाणा सरकार ने पशुपालन को कारोबार के रूप में बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता का दायरा बढ़ाया है। मई 2026 तक 2.31 लाख पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए गए और 3,478 करोड़ रुपये वितरित किए गए। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत भेड़, बकरी, सूकर पालन और चारा इकाइयों के लिए 10 से 50 लाख रुपये तक सब्सिडी का प्रविधान है। अब तक 10 लाभार्थियों को 2.62 करोड़ रुपये की सहायता मिली है।

  • सेक्टर-17 में पार्किंग होगी सस्ती या महंगी? टू-व्हीलर ₹10, कार के ₹20 प्रस्तावित

    सेक्टर-17 में पार्किंग होगी सस्ती या महंगी? टू-व्हीलर ₹10, कार के ₹20 प्रस्तावित

    चंडीगढ़.

    सेक्टर-17 की पार्किंग व्यवस्था अब निजी हाथों में जाने की तैयारी है। नगर निगम ने सेक्टर-17 की सभी 20 पेड पार्किंग को एक साथ निजी एजेंसी को ठेके पर देने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें सेक्टर-17 की मल्टीलेवल पार्किंग भी शामिल है।

    प्रस्ताव को मंजूरी के लिए 22 सितंबर को नगर निगम हाउस की बैठक में रखा जाएगा। ठेकेदार को पार्किंग के संचालन के साथ कर्मचारियों की तैनाती, रखरखाव और निर्धारित शुल्क की वसूली की जिम्मेदारी संभालनी होगी। निगम का मानना है कि एक एजेंसी के माध्यम से सभी पार्किंग संचालित होने से व्यवस्था की निगरानी आसान होगी और राजस्व में भी सुधार हो सकता है। ठेका मिलने के बाद 50 से अधिक चारपहिया वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग में 30 दिन के भीतर स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था शुरू करनी होगी। इसके तहत बूम बैरियर, सीसीटीवी कैमरे, पीओएस मशीन, डिजिटल भुगतान, ई-टिकट और वेब आधारित डैशबोर्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। निगम अधिकारियों के निरीक्षण के बाद ही संशोधित पार्किंग शुल्क लागू किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था में टू व्हीलर के लिए आठ घंटे तक 10 रुपये और उसके बाद 15 रुपये, जबकि चारपहिया वाहन के लिए आठ घंटे तक 20 रुपये और उसके बाद 30 रुपये शुल्क रखा गया है। मिनी बस और टैक्सी के लिए 40 रुपये तथा टूरिस्ट बस के लिए 75 रुपये तक शुल्क प्रस्तावित है।

    ई-वाहनों को मार्च 2027 तक मुफ्त पार्किंग
    इलेक्ट्रिक वाहनों को 31 मार्च 2027 तक मुफ्त पार्किंग देने का प्रावधान प्रस्ताव में रखा गया है। टैक्सी, कैब और आटो समेत वैध पीली नंबर प्लेट वाले वाहनों को यात्रियों को उतारने या बैठाने के लिए 10 मिनट तक शुल्क नहीं देना होगा। दोपहिया डिलीवरी वाहनों को भी 10 मिनट तक शुल्क से राहत मिलेगी। पार्किंग का संचालन सुबह आठ से रात दस बजे तक प्रस्तावित है।

    पुराने विवादों के बीच निगम की नई कवायद
    शहर में पहले पार्किंग ठेकों को लेकर निगम और ठेकेदारों के बीच विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे में 20 पार्किंग को एक एजेंसी को देने के प्रस्ताव पर निगम हाउस में राजस्व, ठेकेदार की जवाबदेही, शुल्क वसूली और निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा होने की संभावना है। निगम यदि सेक्टर-17 में इस मॉडल को लागू करता है तो भविष्य में अन्य सेक्टरों की पेड पार्किंग को भी इसी तर्ज पर निजी एजेंसी को देने का रास्ता खुल सकता है।

  • मृत व्यापारी से ₹23 करोड़ का टैक्स रिटर्न, अगस्त्य इंटरप्राइजेस की खरीद पर उठे सवाल

    मृत व्यापारी से ₹23 करोड़ का टैक्स रिटर्न, अगस्त्य इंटरप्राइजेस की खरीद पर उठे सवाल

    रायपुर.

    राजधानी में अगस्त्य इंटरप्राइजेस के नाम पर जीएसटी फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। कंपनी ने बोगस कंपनियों से 141.74 करोड़ रुपए की खरीदी- बिक्री दिखाकर 23.43 करोड़ रुपए की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) ली। /बिलों की जांच और संबंधित कंपनियों के भौतिक सत्यापन में कई फमें फर्जी या अस्तित्वहीन मिली।

    जीएसटी अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने संचालक अमन अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, लाभांडी सिग्नेचर होम निवासी अमन अग्रवाल अगस्त्य इंटरप्राइजेस के संचालक हैं। विभाग की जांच में सामने आया कि कंपनी ने अलग-अलग फर्मों से खरीदी के बिल दिखाए और उनके आधार पर आईटीसी का दावा किया। सत्यापन के दौरान कई दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली। इनमें 16 साल पहले मृत व्यक्ति के नाम से किरायानामा बनाकर कारोबार दिखाने का मामला भी शामिल हैं।

    मृत व्यापारी के नाम किरायानामा, बैंक खाते से भी इनकार
    भिलाई की हुसैनी इंटरप्राइजेस से अगस्त्य इंटरप्राइजेस ने 16.61 करोड़ रुपए की बिक्री और 2.99 करोड़ रुपए की आईटीसी दिखाई। फर्म के पते के लिए फूल सिंह के नाम किरायानामा लगाया गया था। जीएसटी जांच में सामने आया कि फूल सिंह की वर्ष 2010 में ही मौत हो चुकी थी, जबकि किरायानामा 21 मार्च 2025 का बनाया गया था। भिलाई में चूड़ी की दुकान चलाने वाले मोहम्मद इस्लाम ने अगस्त्य इंटरप्राइजेस से कारोबार और बैंक खाते में लेन- देन से इनकार किया। इंटरप्राइजेस के नाम पर 11.61 करोड़ रुपए की विक्री और 2.08 करोड़ रुपए की आईटीसी दिखाई गई।

    इन फर्मों से दिखाया कारोबार
    अंसारी ट्रेडर्स: 30.71 करोड़ बिक्री, 5.52 करोड़, आईटीसी ललित ट्रेड लिंक: 29.72 करोड़ बिक्री, 5.17 करोड़, आईटीसी अगस्त इंटरप्राइजेस: 22.47 करोड़ बिक्री 4.04 करोड़, आईटीसी विनायक वेंचर्स: 17.95 करोड़ बिक्री, 1.36 करोड़, आईटीसी हुसैनी इंटरप्राइजेस: 16.61 करोड़ बिक्री, 2.99 करोड़ आईटीसी महावीर इंटरप्राइजेस: 12.67 करोड़ बिक्री, 2.27 करोड़ आईटीसी यूनिक इंटरप्राइजेस: 11.61 करोड़ बिक्री, 2.08 करोड़ आईटीसी (तीन अन्य कंपनियों के नाम पर भी आईटीसी का दावा किया गया।)

    फर्जी बिल से ऐसे होता है खेल
    सबसे पहले जाली दस्तावेजों, झूठे पते या फर्जी किरायानामे के जरिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया जाता है। बिना कोई असली सामान खरीदे या बेचे, सिर्फ कागजों पर जीएसटी वाले बिल बना लिए जाते हैं। खरीदार इन्हीं फर्जी बिलों को दिखाकर सरकार से टैक्स में छूट या रिफंड (इनपुट टैक्स क्रेडिट) ले लेता है। जांच से बचने के लिए एक फर्जी कंपनी दूसरी और फिर तीसरी कंपनी को बिल काटती है, ताकि कागजों पर कारोबार असली लगे। जब जीएसटी विभाग पते पर जाकर भौतिक जांच करता है या बैंक खातों और ई-वे बिल का मिलान करता है, तो वहां कोई असली दुकान या माल नहीं मिलता और चोरी पकड़ी जाती है।

  • इंदौर में UPI MDR का विरोध तेज, व्यापारियों ने लगाए पोस्टर; सरकार पर लगाए आरोप

    इंदौर में UPI MDR का विरोध तेज, व्यापारियों ने लगाए पोस्टर; सरकार पर लगाए आरोप

    इंदौर/ग्वालियर
    केंद्र सरकार द्वारा जब से यूपीआई ट्रांजेक्शन पर एमडीआर यानि मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू करने की घोषणा की गई है, तब से ही देश भर में व्यापारियों की नाराजगी जाहिर हो रही है. एक तरफ लोग इस नई व्यवस्था से परेशान हैं तो वहीं विपक्ष भी सरकार को निशाने पर लिए हुए है. ग्वालियर में कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने भी इस मुद्दे पर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. वहीं, इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन से जुड़े व्यापारियों ने दुकानों पर इस संबंध में पोस्टर लगाए हैं। 

    इंदौर में व्यापारियों ने लगाए पोस्टर, 125 संगठनों की बैठक
    इंदौर में एमडीआर के खिलाफ मैदान में उतरे व्यापारियों का कहना है कि, ''यदि ऐसे भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लागू होता है तो इससे डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों और व्यापारियों पर अतिरिक्त लागत का असर पड़ सकता है. इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि, ''अभियान के अगले चरण में सोशल मीडिया के माध्यम से इस मुद्दे को आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की तैयारी है. संगठन की ओर से चार दिनों में करीब 10 लाख उपभोक्ताओं को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इसके जरिए व्यापारियों की आपत्ति और उनकी मांग को व्यापक स्तर पर सामने रखने का प्रयास किया जाएगा। 

    इंदौर निकलने से पहले सरकार पर निशाना
    इंदौर में शनिवार को राहुल गांधी के आने से पहले ही प्रदेश भर से कांग्रेस विधायकों नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी द्वारा बुलाया गया है. ग्वालियर से कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार भी इंदौर पहुंच रहे हैं. लेकिन ग्वालियर से रवाना होने से पहले विधायक सतीश सिकरवार मीडिया से मुखातिब हुए. इस दौरान उन्होंने 15 अक्टूबर को लागू होने जा रहे यूपी ट्रांजेक्शन पर एमडीआर को लेकर सरकार पर हमला बोला। 

    अलग-अलग टैक्स लगाकर सरकार कर रही जनता को परेशान
    विधायक सतीश सिकरवार का कहना है कि, ''जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है तब से ही कोई ना कोई टैक्स लगाकर जानता को परेशान किया जा रहा है. पहले के समय में जैसे जज़िया कर लगा करता था, अंग्रेजों के जमाने में भी टैक्स लगते थे. उसी तरह सरकार हिटलरशाही चला रही है और आम आदमी को परेशान करने का काम कर रही है।

    एक तरफ ऑनलाइन पेमेंट को बढ़ावा दूसरी और टैक्स की मार
    कांग्रेस ने विधायक का कहना है कि, सरकार एक तरफ आम आदमी से ऑनलाइन पेमेंट करने की बात कह रही है. सारा काम नगद में बंद करने की बात कहती है. वहीं दूसरी तरफ इस टैक्स लगाकर जनता के साथ खिलवाड़ कर रही है. ये निंदनीय है आने वाले समय में जनता इसका जवाब जरूर देगी। 

    एमपी चेंबर ऑफ कॉमर्स ने की एमडीआर स्थगित करने की मांग
    मध्य प्रदेश चैम्बर ऑफ कॉमर्स ग्वालियर के अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल का भी कहना है कि, ''डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के चक्कर में पहले ही कई व्यापारी वर्ग कई बार यूपीआई ट्रांजेक्शन से साइबर फ्रॉड्स, उनकी वजह से अकाउंट फ्रीज और फिर रिकवरी जैसी परेशानियों से गुजर रहे हैं. ऐसे में MDR भी व्यापारियों के लिए एक नए टैक्स की तरह होगा. कई बार छोटे व्यापारी को तो एक लाख तक का माल बेचने पर बमुश्किल 500-700 रुपये का ही मुनाफा होता है. ऐसे में एमडीआर की वजह से वह मुनाफा भी एमडीआर में चला जाएगा. इन हालातों को अगर देखा जाए तो व्यापारियों के हित में सरकार को यह नया शुल्क स्थगित करना चाहिए। 

     

  • अखिलेश यादव की राजनीति पर राजभर की टिप्पणी, 20 करोड़ की गाड़ी को लेकर कही ये बात

    अखिलेश यादव की राजनीति पर राजभर की टिप्पणी, 20 करोड़ की गाड़ी को लेकर कही ये बात

    ‘वर्क फ्रॉम होम’ वाले अखिलेश अब 20 करोड़ की गाड़ी से करेंगे राजनीति: राजभर
     
    ‘वर्क फ्रॉम होम’ की राजनीति पर कसा तंज, कहा- एसी में बैठकर पीसी करने के बाद अब गाड़ी में भी चाहिए घर वाली फीलिंग
     
    दलित-अति पिछड़ों से दूरी का लगाया आरोप, बोले- जनता सब देख रही है, जवाब भी वही देगी

     

    लखनऊ
     सुभासपा अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा सियासी हमला बोला है। राजभर ने अखिलेश यादव की कथित 20 करोड़ रुपये की लग्जरी गाड़ी को लेकर तंज कसते हुए इसे उनकी ‘वर्क फ्रॉम होम’ राजनीति से जोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश गरीब, दलित और अति पिछड़े लोगों के बीच जाने से बचते हैं और इसी कारण ऐसी गाड़ी का सहारा लिया जा रहा है।
     
    सोशल मीडिया पर राजभर ने लिखा, “अखिलेश जी, ‘वर्क फ्रॉम होम’ कैसा चल रहा है? एसी में बैठकर पीसी वाला वर्क फ्रॉम होम।” इसके बाद उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव ने 20 करोड़ रुपये की “हॉलीवुड टाइप” भगवा रंग की गाड़ी मंगाई है। राजभर ने कटाक्ष किया कि चुनाव में घर से बाहर निकलना पड़े तो भी अखिलेश को गाड़ी के भीतर घर जैसा एहसास मिलता रहे।
     
    राजभर ने कहा कि अखिलेश को गरीबों के बीच जाने में डर लगता है कि कहीं जनता उनकी “पोल” न खोल दे। दलित और अति पिछड़ों को लेकर भी उन्होंने अखिलेश पर सीधा हमला किया। राजभर ने तंज किया कि शायद डर है कि कोई दलित या अति पिछड़ा हाथ मिला ले तो सैनिटाइजर इस्तेमाल करना पड़े, इसलिए बख्तरबंद गाड़ी, लिफ्ट और रूफटॉप का इंतजाम किया गया है।
     
    राजभर ने कहा कि जनता अखिलेश यादव को भी देख रही है, उनकी राजनीति और कार्यकर्ताओं को भी। उनका ‘वर्क फ्रॉम होम’ और जनता के बीच जाने का डर भी लोगों की नजर में है। इसका जवाब समय आने पर जनता ही देगी।

  • जहरीली शराब केस में आरोपी के घर बुलडोजर चलाने पर रोक, हाईकोर्ट ने दिए निर्देश

    जहरीली शराब केस में आरोपी के घर बुलडोजर चलाने पर रोक, हाईकोर्ट ने दिए निर्देश

    जबलपुर 
     सागर जिले में जहरीली शराब कांड में प्रशासन व पुलिस विभाग द्वारा आरोपियों के घरो पर बुलडोजर कार्रवाई व परिजनों को अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी. हाईकोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को राहत प्रदान की है। 

    मामले में आरोपी बनाया गया था शराब ठेकेदार
    दरअसल, जहरीली शराब कांड के आरोपी सिद्धार्थ कुशावाहा व उसकी मां की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस व प्रशासन द्वारा आरोपियों के खिलाफ अवैधानिक तरीके से कार्रवाई की जा रही है. इसी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी गई. याचिका में कहा गया था कि पुलिस द्वारा दर्ज 36 एफआईआर में से सिर्फ एक एफआईआर में याचिकाकर्ता सिद्धार्थ कुशवाहा को आरोपी बनाया गया है. उस पर आरोप है कि उसकी दुकान से शराब खरीदकर पीने के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई है। 

    बुलडोजर कार्रवाई में निर्देशों का पालन नहीं
    याचिका में आगे बताया गया कि प्रशासन द्वारा उसकी शराब दुकान का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है. इसके अलावा पत्थर के क्रशर की लीज को भी निरस्त कर दिया है. याचिका में कहा गया था कि प्रशासन द्वारा बुलडोजर एक्शन के तहत उसके घर की बाउंड्री वॉल और प्रॉपर्टी का कुछ हिस्सा भी गिराया दिया गया है. इसके अलावा पुलिस परिवार के सदस्यों को भी पूछताछ के नाम पर कभी भी थाने बुलाती है या जबरदस्ती ले जाती है. याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अंषुमान सिंह ने एकलपीठ को बताया कि प्रशासन द्वारा की जा रही बुलडोजर कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए 'डायरेक्शन ऑफ मैटर इन डिमोलिशन ऑफ स्ट्रक्चर्स' मामले में जारी निर्देशों का पालन नहीं किया गया है। 

    कोर्ट ने याचिकाकर्ता को दी राहत
    इसके अलावा पुलिस द्वारा पूछताछ के नाम पर परिजनों को अनावश्यक रूप से परिजनों को परेशान किया जाना भी अवैधानिक है. याचिका पर जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने गुरुवार व शुक्रवार को सुनवाई के बाद याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए अपने आदेश में कहा है कि नियम विरुद्ध तरीके से याचिकाकर्ता की प्रॉपर्टी को क्षतिग्रस्त नहीं किया जाए और अनावश्यक रूप से परिजनों को भी परेशान न किया जाए। 

  • पंजाब में मानसून विदाई की ओर, आज कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान

    पंजाब में मानसून विदाई की ओर, आज कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान

    अमृतसर.

    पंजाब में मानसून का सफर अब समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 15 सितंबर के बाद से राज्य में मानसून की विदाई प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। मालवा क्षेत्र के फाजिल्का और श्री मुक्तसर साहिब जिलों से मानसून के बादल पीछे हट चुके हैं।

    मौसम विभाग की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार 25 सितंबर या उससे पहले मानसून पूरे प्रदेश से पूरी तरह से विदा हो जाएगा। दो दिन बारिश के दौर के बाद अब तापमान में हल्की बढ़ौतरी देखने को मिली। हालांकि, तापमान अभी भी सामान्य के करीब बना हुआ है। आज मौसम विभाग ने कोई अलर्ट तो जारी नहीं किया, लेकिन छुटपुट बारिश के आसार बन रहे हैं। वहीं, आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। 
    मौसम केंद्र की चेतावनी व पूर्वानुमान मानचित्र के अनुसार 19 सितंबर को राज्य के कुछ चुनिंदा जिलों में हल्की या छिटपुट (25 प्रतिशत तक क्षेत्र में) बारिश होने की संभावना है।

    19 सितंबर: आज पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, होशियारपुर, शहीद भगत सिंह नगर और रूपनगर हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं जालंधर, लुधियाना, पटियाला, बठिंडा और मोहाली समेत राज्य के मध्य व दक्षिणी इलाकों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

    20-21 सितंबर: राज्य के सभी जिलों में मौसम पूरी तरह से शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।

    तापमान में 0.3 डिग्री की मामूली बढ़ोतरी
    शुक्रवार (18 सितंबर) को राज्य के औसत अधिकतम तापमान में बीते दिन के मुकाबले 0.3 डिग्री सेल्सियस की हल्की वृद्धि दर्ज की गई, हालांकि यह सामान्य तापमान के आसपास ही बना रहा। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान फरीदकोट में 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य प्रमुख शहरों के तापमान की बात करें तो अमृतसर में अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री, लुधियाना में 33.0 डिग्री, पटियाला में 34.4 डिग्री, बठिंडा में 34.0 डिग्री, फिरोजपुर में 33.4 डिग्री, जालंधर में 31.3 डिग्री, होशियारपुर में 31.6 डिग्री और संगरूर में 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

  • रायपुर से सरगुजा तक CM साय का व्यस्त कार्यक्रम, कैंसर कॉन्क्लेव से अग्र महाकुंभ तक होंगे शामिल

    रायपुर से सरगुजा तक CM साय का व्यस्त कार्यक्रम, कैंसर कॉन्क्लेव से अग्र महाकुंभ तक होंगे शामिल

    रायपुर.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 सितंबर को दोपहर साढ़े बारह बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 20वें रोजगार मेले से जुड़ेंगे. इस अवसर पर वे देशभर के विभिन्न सरकारी विभागों व संगठनों में नवनियुक्त 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे तथा चयनित अभ्यर्थियों को संबोधित करेंगे.

    रायपुर में रोजगार मेले का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार साइंस कॉलेज परिसर जीई रोड में किया जाएगा. कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे. रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से 125 अभ्यर्थी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहेंगे। रायपुर में केंद्रीय राज्यमंत्री नियुक्ति पत्र वितरण करेंगे.

    PM मोदी रोजगार मेले में युवाओं से होंगे रूबरू
    रायपुर.
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर और सरगुजा जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11:25 बजे रायपुर स्थित एक निजी रिजॉर्ट पहुंचेंगे, जहां वे 4th Annual BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव में शामिल होंगे. इसके बाद दोपहर पुलिस मुख्यालय हेलीपैड पहुंचेंगे और हेलीकॉप्टर से अंबिकापुर के लिए रवाना होंगे. मुख्यमंत्री दोपहर 1:25 बजे अंबिकापुर के राजमोहिनी देवी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय मैदान पहुंचेंगे. यहां से 1:40 बजे एक निजी होटल में आयोजित अग्र महाकुंभ 2026 कार्यक्रम में शामिल होंगे. दोपहर 3:40 बजे अंबिकापुर से रवाना होकर 3:55 बजे सूरजपुर के बिश्रामपुर स्थित अयप्पा ग्राउंड हेलीपैड पहुंचेंगे. इसके बाद शाम 4:10 बजे बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन मुख्य मार्ग पहुंचेंगे. मुख्यमंत्री शाम 5:55 बजे वापस रायपुर लौटेंगे.

  • नलखेड़ा में बड़ा हादसा, नाले में बही श्रद्धालुओं से भरी कार; 8 की मौत

    नलखेड़ा में बड़ा हादसा, नाले में बही श्रद्धालुओं से भरी कार; 8 की मौत

    आगर-मालवा 

    आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में मां बगलामुखी मंदिर के पास शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के समीप बरसाती नाले में श्रद्धालुओं से भरी कार बह गई। हादसे में कार सवार 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मृतकों में 3 बच्चे, 2 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल है। 

    जानकारी के मुताबिक, श्रद्धालु मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए नलखेड़ा पहुंचे थे। बरसाती नाले को पार करते समय उनकी कार तेज बहाव की चपेट में आकर पानी में बह गई। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। बचाव अभियान शुरू किया गया। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है।

    कार सवार श्रद्धालु नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान मंदिर के पास मौजूद बरसाती नाले को पार करते समय उनकी कार अचानक तेज पानी के बहाव की चपेट में आ गई. देखते ही देखते पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि कार नाले में बह गई। 

    तेज बहाव के आगे नहीं टिक सकी कार
    बताया जा रहा है कि बारिश के बाद बरसाती नाले में पानी का बहाव काफी तेज था. इसी दौरान कार चालक ने नाले को पार करने की कोशिश की. पानी की तेज धार में वाहन असंतुलित हो गया और बह गया. हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. जिस कार के हादसे का शिकार होने की जानकारी सामने आई है, उसका नंबर मध्य प्रदेश का ही है। 

    सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम
    हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई. नाले में बही कार और उसमें सवार लोगों की तलाश के लिए तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया. रेस्क्यू टीम ने नाले के आसपास के हिस्से में भी तलाशी अभियान चलाया. एक अधिकारी ने बताया कि शवों को बाहर निकाल लिया गया है. उनकी पहचान की जा रही है. सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा. प्रशासन ने अपील की है नाले के आसपास न आएं। 

    हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए. मौके पर लोगों की भीड़ जुटने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया. प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने और राहत-बचाव अभियान को व्यवस्थित तरीके से चलाने का प्रयास किया जा रहा है। 

    बरसाती नाले में बह गई कार
    बताया जा रहा है कि बारिश के बाद बरसाती नाले में पानी का बहाव तेज था। श्रद्धालुओं की कार नाले के पास पहुंची। तेज बहाव में संतुलन बिगड़ने के बाद बह गई। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    हादसे में कार सवार सभी 8 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अभी तक मृतकों की आधिकारिक पहचान नहीं हो पाई है। प्रशासन की टीम शवों को बाहर निकालने और पहचान की प्रक्रिया में जुटी है।

    प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर
    हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। नाले में बही कार और उसमें सवार लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस और प्रशासन की टीम ने राहत-बचाव कार्य संभाला।

    बताया जा रहा है कि कार सवार श्रद्धालु नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। मां बगलामुखी मंदिर आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में लखुंदर नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहां देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।