Author: NewseDay

  • पेट्रोल पंपों पर UPI को लेकर नया विवाद, ऑनलाइन पेमेंट से दूरी और कैश पर जोर

    पेट्रोल पंपों पर UPI को लेकर नया विवाद, ऑनलाइन पेमेंट से दूरी और कैश पर जोर

    नई दिल्ली
     देशभर में UPI पर चार्ज के खिलाफ अब विरोध तेज होता जा रहा है। दिल्ली-NCR समेत देशभर में कई जगहों पर अब "No UPI, Only Cash" के पोस्टर लगा दिए गए हैं। दिल्ली के कई पेट्रोल और सीएनजी पंप से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जहां पर ये पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं। ग्राहकों से पेमेंट कैश या कार्ड में लेने की मांग की जा रही है। आपको बता दें कि पेट्रोल पंप एसोसिएशन ट्रेड यूनियन समेत कई संगठनों ने इस चार्ज का विरोध किया है और कहा है कि चार्ज लगेगा तो धीरे-धीरे सभी जगहों पर "No UPI, Only Cash" का बोर्ड लग जाएगा।

    दिल्ली के व्यापारियों ने किया विरोध
    दिल्ली के कश्मीरी गेट मार्केट के व्यापारियों ने यूपीआई ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगाने के सरकार के फैसले का विरोध करने के लिए अपनी दुकानों पर 'नो यूपीआई' के पोस्टर लगाए हैं। व्यापारियों का ये विरोध प्रदर्शन गुरुवार को चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के अध्यक्ष बृजेश गोयल के नेतृत्व में हुआ। पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने क्लियर कर दिया है कि इस चार्ज से ग्राहकों की ही परेशानी बढ़ेगी। क्योंकि पहले से ही काफी कम मार्जिन मिलता है। एक और बोझ पेट्रोप पंप मालिक नहीं संभाल पाएंगे और यूपीआई का ट्रांजेक्शन कम करना पड़ जाएगा।

    होलसेल कारोबारी भी खिलाफ
    दिल्ली के होलसेल मार्केट के कारोबारी भी यूपीआई ट्रांजेक्शन पर चार्ज के खिलाफ हैं। दुकानदारों ने 'नो यूपीआई' के पोस्टर लगा दिए हैं। नए चार्ज के खिलाफ प्रोटेस्ट किया गया है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष ने कहा कि ये फैसला डिजिटल इंडिया की मुहिम को बड़ा झटका साबित हो सकता है। ग्रेटर नोएडा के एक सीएनजी पंप से भी नो यूपीआई ओनली कैश के पोस्टर लगा वीडियो सामने आया है। जहां यूपीआई से पेमेंट लेने पर पेट्रोल पंप की ओर मना करते हुए सिर्फ कैश देने की अपील की गई। व्यापारियों ने कहा कि सरकार को चार्ज लगाने के बजाय UPI ट्रांजैक्शन के लिए सब्सिडी देनी चाहिए और चेतावनी दी कि अगर प्रस्तावित MDR लागू किया गया तो वे आंदोलन करेंगे। 

    उत्तराखंड में भी व्यापारियों का विरोध
    दून उद्योग व्यापार मंडल और अन्य स्थानीय व्यापारी संगठनों ने कहा कि व्यापारी पहले से ही इनकम टैक्स और GST दे रहे हैं और UPI ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त लागत उठाने को तैयार नहीं होंगे। पलटन बाजार व्यापार मंडल के अध्यक्ष पारस गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों ने सरकार के डिजिटल ट्रांजैक्शन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के बाद UPI पेमेंट अपनाना शुरू किया था। उन्होंने कहा, "जैसा कि सरकार शुरू से कहती आ रही है, हम पारदर्शिता लाने के लिए UPI पेमेंट स्वीकार करेंगे, ऑनलाइन काम करेंगे और ऑनलाइन पेमेंट लेंगे। लेकिन इसके बावजूद, अगर टैक्स सिर्फ हम कारोबारियों पर लगाया जाएगा और इसका नुकसान कारोबारियों को ही उठाना पड़ेगा। मैं इसका कड़ा विरोध करता हूं।"

    UPI ट्रांजैक्शन पर लगेगा चार्ज
    बता दें कि जगह-जगह से ये प्रतिक्रियाएं तब आई हैं, जब नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने मंगलवार को एक नया मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क पेश किया, जिसके तहत 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत का MDR लगेगा, जबकि ग्राहक UPI का इस्तेमाल करके मुफ़्त में ट्रांजैक्शन करते रहेंगे। संशोधित UPI MDR फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर, 2026 से लागू होगा और यह केवल चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगा। नए फ्रेमवर्क के तहत, 2,000 रुपये से ज़्यादा के पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत का MDR लगेगा, जिसमें प्रति ट्रांजैक्शन MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी। 

  • छिंदवाड़ा कफ सिरप केस में बड़ा अपडेट, सिरप बेचने वाले दवा विक्रेता को मिली जमानत

    छिंदवाड़ा कफ सिरप केस में बड़ा अपडेट, सिरप बेचने वाले दवा विक्रेता को मिली जमानत

    छिंदवाड़ा 
     छिंदवाड़ा कप सिरप कांड के एक आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत का लाभ मिल गया है. हाईकोर्ट जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने दवा के थोक विक्रेता राजेश सोनी को जमानत का लाभ प्रदान किया है. गुरुवार को छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड के दो आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें से एक आरोपी की जमानत खारिज कर दी गई, तो वहीं राजेश सोनी को जमानत का लाभ मिला गया। 

    जहरीले कफ सिरप से हुई थी 24 बच्चों की मौत
    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप के कारण 24 बच्चों की मौत हो गई थी. पुलिस ने जांच में पाया था कि कफ सिरप में 46 प्रतिशत डीआईडी था. पुलिस ने जांच के बाद कफ सिरप बनने वाली कंपनी श्रीसन के मालिक रंगनाथन गोविंदन, केमिस्ट सहित तीन डॉक्टर सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था. पूर्व में प्रकरण में आरोपी बनाई गई ज्योति सोनी व सौरभ को जमानत का लाभ मिल गया था। 

    दवा विक्रेता को भी बनाया गया था आरोपी
    इस घटना में कई बच्चों की मौत के बाद दवा के थोक विक्रेता राजेश सोनी के खिलाफ भी पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था. राजेश सोनी को पुलिस ने आरोपी बनाते हुए अक्टूबर 2025 में गिरफ्तार किया था. दवा विक्रेता की ओर से पेश किए गए जमानत आवेदन में तर्क दिया गया कि दवा के निर्माण में उनकी कोई भूमिका नहीं थी. दवा का स्टॉक आने पर उन्होंने उसकी बिक्री की थी. वह विगत 11 माह से न्यायिक हिरासत में है. ऐसे में उन्हें जमानत का लाभ दिया जाए। 

    एकलपीठ ने सुनवाई के बाद दवा विक्रता को जमानत का लाभ प्रदान कर दिया. हालांकि, प्रकरण में एक और आरोपी डॉ. एस एस ठाकुर को जमानत का लाभ नहीं दिया, जिसके बाद डॉ. एसएस ठाकुर की ओर से जमानत आवेदन वापस लेने का आग्रह किया गया. एकलपीठ ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए आवेदन को निरस्त कर दिया। 

  • निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया मामले में बड़ा अपडेट, 3 आरोपियों के वारंट जारी; 21 को हाईकोर्ट में सुनवाई

    निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया मामले में बड़ा अपडेट, 3 आरोपियों के वारंट जारी; 21 को हाईकोर्ट में सुनवाई

    कटनी
     निलंबित फरा
    र सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित दो अन्य आरोपितों के खिलाफ जिला न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। मामले की जांच और गिरफ्तारी का प्रयास कर रही एसआईटी ने जिला न्यायालय में निलंबित सीएसपी सहित उनके सहयोगी क्षितिज राज और मारूफ अहमद के खिलाफ मियादी वारंट जारी करने को लेकर आवेदन दिया था।

    शुक्रवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मनीषा जैन तिवारी की अदालत ने तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं और  25 सितंबर तक की मियाद निर्धारित की है। निर्धारित तिथि तक न्यायालय ने पुलिस को तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए हैं।

    भ्रष्टाचार और हत्यारोपित को बचाने के गंभीर आरोप
    निलंबित सीएसपी सहित तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार, हत्या के आरोपितों को बचाने साजिश करने और करोड़ों की जमीन को दवाब बनाकर महज 18 लाख रुपये में अपने नाम करा लेने का आरोप है। तीनों ने जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत अर्जी लगाई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था।

    आरोपितों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने के साथ पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने गिरफ्तारी पर दस हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है और एक माह का समय बीतने तक पुलिस तीनों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

    हाईकोर्ट में भी चल रही सुनवाई
    इधर निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया से संबंधित मामला हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ में भी विचाराधीन है। उनकी ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने अगली सुनवाई से पहले जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

    मामले में 21 सितंबर को अगली सुनवाई प्रस्तावित है, जिसमें याचिकाकर्ता की ओर से मांगी गई अंतरिम राहत पर विचार किया जाना है। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा का कहना है कि कुठला थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध के मामले में जिला न्यायालय ने तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं।

    1 करोड़ की जमीन महज 15 से 20 लाख रुपये में खरीदी गई
    इसके एवज में उन्होंने आरोपियों की जमीन बहुत कम दर में अपने एजेंट के नाम पर खरीदी है. उक्त जमीन मारूफ अहमद हनफी के नाम पर खरीदी गई थी. जबकि उसके बैंक खाते में जमीन खरीदने से पहले महज कुछ हजार रुपये थे. मारूफ के बैंक खाते में क्षितिज राज पात्रे ने राशि ट्रांसफर की थी, जिसके बाद एक करोड़ रुपये की जमीन को महज 15 से 20 लाख रुपये में खरीदी गयी थी. विभागीय स्तर पर जांच के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। 

    निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया तथा क्षितिज राज पात्रे ने अग्रिम जमानत के लिए जिला न्यायालय में आवेदन दायर किया था. जिला न्यायालय द्वारा आवेदन खारिज किये जाने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी. याचिका की सुनवाई के दौरान उनकी तरफ से दर्ज एफआईआर पर रोक लगाये जाने की मांग करते हुए आवेदन दायर किया गया था. एकलपीठ ने आवेदन पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखने का आदेश जारी किया है।  

  • ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ से पहले सियासी घमासान, फतेहगढ़ साहिब में BJP पोस्टर फाड़े गए

    ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ से पहले सियासी घमासान, फतेहगढ़ साहिब में BJP पोस्टर फाड़े गए

    फतेहगढ़ साहिब.

    भाजपा कि पंजाब मुक्त नशा यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कुछ ही समय में फतेहगढ़ साहिब पहुंचने वाली है। उनके आगमन से पूर्व पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों यहां पहुंच चुके हैं।

    दूसरे चरण की इस यात्रा की शुरुआत से पहले गुरुद्वारा ज्योति स्वरूप साहिब मार्ग पर भाजपा के विरोध में पोस्टर्स लगा दिए गए हैं। ये पोस्टर किसने लगाए। इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं भाजपा की नशा मुक्त पंजाबी यात्रा के पोस्टर्स को जगह-जगह फाड़ा गया है। केवल सिंह ढिल्लों ने यहां बातचीत के दौरान कहा कि पंजाब में नशा होम डिलीवरी के जरिए भी लोगों पहुंच रहा है, जो एक चिंताजनक स्थिति है। जिस पर काबू पाने में राज्य सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।

    उन्होंने कहा कि पांच संकल्पों के साथ शुरू हुई इस यात्रा को एक जन आंदोलन में तब्दील किया जाएगा और नशे से पीड़ित परिवारों के दर्द को समझ कर नशा उन्मूलन के लिए सुदृढ़ रोड मैप तैयार किया जा रहा है। वहीं, भाजपा के विरोध में लगे पोस्टर्स जिन में पंजाब का पानी हरियाणा और राजस्थान को दिए जाने वह किसान आंदोलन के दौरान रद्द हुए कृषि कानून की बहाली के आरोपी को उठाया गया है उन पर केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि यह आम आदमी पार्टी की सरकार की बौखलाहट को दर्शाता है।

  • बस्तर में सिकल सेल की जांच तेज, 6 लाख से ज्यादा स्क्रीनिंग में 891 गंभीर मरीज मिले

    बस्तर में सिकल सेल की जांच तेज, 6 लाख से ज्यादा स्क्रीनिंग में 891 गंभीर मरीज मिले

    जगदलपुर.

    बस्तर में सिकल सेल बीमारी की पहचान के लिए चल रही स्क्रीनिंग में बड़ी संख्या में मरीज सामने आए हैं. 31 अगस्त तक जिले में 6 लाख 17 हजार 552 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है. यह निर्धारित 5 लाख 82 हजार 631 के लक्ष्य का 106 प्रतिशत है.

    स्क्रीनिंग में सिकल सेल के गंभीर रूप एसएस के 891 मरीज चिन्हित किए गए हैं. इनमें सबसे ज्यादा 141 मरीज बकावंड, 134 तोकापाल और 97 जगदलपुर ग्रामीण क्षेत्र में मिले हैं. कुल 891 मरीजों में 596 बस्तर जिले के हैं, जबकि 295 मरीज अन्य जिलों या राज्यों से संबंधित बताए गए हैं. स्क्रीनिंग में 8,065 एएस वाहक भी चिन्हित किए गए हैं, जिससे जागरूकता और नियमित जांच की जरूरत सामने आती है. स्वास्थ्य विभाग अब चिन्हित मरीजों का दस्तावेजीकरण कर उन्हें उपचार और सरकारी योजनाओं से जोड़ने में जुटा है.

    विशेषज्ञ परिवार में बीमारी का इतिहास होने पर जांच और विवाह से पहले दोनों पक्षों की स्क्रीनिंग की सलाह दे रहे हैं. मेकाज अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू के मुताबिक समय पर जांच और चिकित्सकीय परामर्श से बीमारी के जोखिम को समझने में मदद मिलती है. बस्तर में स्क्रीनिंग का आंकड़ा लक्ष्य से आगे निकलना अभियान की पहुंच दिखाता है, लेकिन मरीजों के नियमित फॉलोअप की चुनौती भी सामने है.

  • बस्तर में नवाखाई तिहार का शुभारंभ, इंद्रावती तट पर परंपरा के अनुसार लगी सेवा अर्जी

    बस्तर में नवाखाई तिहार का शुभारंभ, इंद्रावती तट पर परंपरा के अनुसार लगी सेवा अर्जी

    जगदलपुर.

    बस्तर में ‘नया खानी’ (नवाखाई) तिहार की शुरूआत हो गई है, नवखाई से पूर्व जगदलपुर के घाटकवाली में स्थानीय ग्रामीणों ने सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए इंद्रावती नदी के तट पर एकत्रित होकर एक विशेष सेवा अर्जी का आयोजन किया.

    इस अवसर पर ग्रामीणों ने जल की देवी, जलनी (माता) आया को श्रद्धापूर्वक सोने की नाव और चांदी का पतवार भेंट की. इस अनोखी भेंट के साथ ही ग्रामीणों ने सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और बिना किसी विघ्न-बाधा के नया खानी त्यौहार को हर्षोल्लास के साथ मनाने के लिए जलनी आया से अनुमति मांगी. आस्था और परंपरा का अनूठा संगम बस्तर के जनजातीय समाज में कृषि और प्रकृति से जुड़े त्यौहारों का विशेष महत्व है. ‘नया खानी’ तिहार नई फसल के आने की खुशी में मनाया जाता है, जिसमें खेतों से आई नई फसल (धान) का भोग सबसे पहले देवी-देवताओं और पूर्वजों को लगाया जाता है, घाटकवाली गांव की मान्यता के अनुसार, इंद्रावती नदी और उनकी देवी ‘जलनी आया’ घाटकवाली की जीवनदायिनी हैं.

    ग्रामीणों का अटूट विश्वास है कि जलनी आया की अनुमति और आशीर्वाद के बिना कोई भी शुभ कार्य पूर्ण नहीं हो सकता, यही कारण है कि पुरखों से चली आ रही परंपरा अनुसार सोने की नाव और चांदी का पतवार अर्पित कर जलनी आया को प्रसन्न किया गया, ताकि गांव पर उनका आशीर्वाद हमेशा बना रहे, पारंपरिक अनुष्ठान के दौरान गांव के बैगा, सिरहा, पुजारी और मांझी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण इंद्रावती नदी के घाट पर एकत्रित हुए, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच पूजा की रस्में पूरी की गईं.

  • मेधावी छात्रों को ई-स्कूटी की सौगात, CM मोहन यादव ने छात्रा के साथ की स्कूटी की सवारी

    मेधावी छात्रों को ई-स्कूटी की सौगात, CM मोहन यादव ने छात्रा के साथ की स्कूटी की सवारी

    भोपाल 
    MP के मेधावी छात्रों को आज बड़ी सौगात मिली है। इन छात्र छात्राओं को सरकार की ओर स्कूटी दी जा रही है। भोपाल के शिवाजी नगर के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव ने ऐसे कुछ बच्चों को सांकेतिक रूप से स्कूटी की चाबी दी। स्टूडेंट के खातों में वाहन की राशि भी ट्रांसफर की। कार्यक्रम में एक छात्रा ने सीएम मोहन यादव को पीछे बैठाकर स्कूटी दौड़ाई, उनके साथ साथ सुरक्षाकर्मी भी भागते दिखे।कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, मंत्री कृष्णा गौर और मंत्री विजय शाह भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

    स्कूटी पर बैठे सीएम
    छात्र और छात्राएं स्कूटी पाकर बेहद खुश थे। सीएम मोहन यादव भी स्कूटी पर बैठे और एक छात्रा ने स्कूटी चलाई। सीएम हेलमेट लगाकर स्कूटी पर बैठे थे। सीएम मोहन यादव ने बच्चों को स्कूटी देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। 

    मुख्यमंत्री ने स्कूटी प्राप्त करने वाली छात्रा से बातचीत की
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूटी प्राप्त करने वाली छात्रा खुशी राय से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि वह आगे की पढ़ाई के लिए किस विषय में एडमिशन ले रही हैं। खुशी ने बताया कि वह सीए की तैयारी कर रही हैं और साथ में बीकॉम कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने उसके परिवार के बारे में भी पूछा। खुशी ने बताया कि परिवार में उसके मम्मी-पापा हैं। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रा से हल्के-फुल्के अंदाज में परिवार को लेकर बातचीत की और उसे स्कूटी मिलने पर बधाई देते हुए आगे की पढ़ाई के लिए शुभकामनाएं दीं।

    पेंटिंग्स देख खुश हुए सीएम
    सीएम मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान बच्चों की ओर से बनाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इसमें बच्चों ने आकर्षक पेंटिंग्स बनाई थी। सीएम ने बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा और कल्पनाशीलता की सराहना की। सीएम ने बच्चों से पेंटिंग्स के बारे में अनेक प्रश्न किए, जिसके बारे मे बच्चों ने उन्हें इसके बारे में बताया।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, मंत्री कृष्णा गौर और मंत्री विजय शाह मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान विद्यार्थियों के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं।

    मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के पात्रता नियमों में इस साल बदलाव किया गया है। वर्ष 2026 से योजना का लाभ लेने के लिए 12वीं में कम से कम 70% अंक हासिल करना जरूरी है। इसके साथ ही विद्यार्थी का अपने स्कूल में प्रथम स्थान पर होना भी अनिवार्य किया गया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को प्रदेशभर के 7400 से ज्यादा मेधावी विद्यार्थियों को बड़ी सौगात दी। शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ये ई-स्कूटी दी जा रहीं हैं। राज्य स्तरीय स्कूटी वितरण का कार्यक्रम शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिवाजी नगर में आयोजित किया गया।

    प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में ही 70% अंक के साथ स्कूल में प्रथम स्थान आना जरूरी है। प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना का लाभ स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में नियमित विद्यार्थी के रूप में अध्ययनरत विद्यार्थी को दिया जाता है।

    योजना में सभी संकायों के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। मोटराइज्ड स्कूटी के लिए अधिकतम 90 हजार रुपए और ई-स्कूटी के लिए अधिकतम 1.20 लाख रुपए की राशि प्रदान की जाती है।

    95% अंक वाले शब्द अहिरवार से भी सीएम ने की बात मुख्यमंत्री ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय सुभाष के विद्यार्थी शब्द अहिरवार से भी संवाद किया। शब्द ने बताया कि उसने 12वीं में 95% अंक हासिल किए हैं। परिवार के बारे में पूछने पर उसने बताया कि उसके पिता और मां नहीं हैं और वह चाचा-चाची के साथ रहता है। मुख्यमंत्री ने पूछा कि उसे किसी तरह की परेशानी तो नहीं है, जिस पर शब्द ने कहा कि उसे कोई परेशानी नहीं है। शब्द ने बताया कि वह सीए की तैयारी कर रहा है। परिवार में किसी के सर्विस या बिजनेस में होने के सवाल पर उसने बताया कि ऐसा कोई नहीं है। उसने कहा कि फाइनेंस और अकाउंट्स में उसकी रुचि है, इसलिए उसने सीए बनने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने उसकी रुचि और लक्ष्य की सराहना की।

    आकाश साहू ने कहा- एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू करूंगा मुख्यमंत्री ने विद्यार्थी आकाश साहू से भी बातचीत की। आकाश ने बताया कि उसके परिवार में माता-पिता, दो भाई और एक बहन हैं और उसके पिता कार्यक्रम में आए हैं। स्कूटी मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए उसने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। मुख्यमंत्री ने उससे पूछा कि क्या यह उसकी पहली गाड़ी है। आकाश ने बताया कि घर में उसके पिता के पास पहले से वाहन है। मुख्यमंत्री ने उसे वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करने की सलाह भी दी।

    आगे के लक्ष्य के बारे में पूछने पर आकाश ने बताया कि वह अपना एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू करना चाहता है। उसने बताया कि वह एग्रीकल्चर का छात्र है और 12वीं में उसके 95.2% अंक आए हैं। उसके पिता गेहूं और सोयाबीन की खेती करते हैं और सालाना करीब 4 से 5 लाख रुपए की कमाई होती है।

    आकाश ने बताया कि वह ऑनलाइन क्विक कॉमर्स के माध्यम से फल और सब्जियों की सप्लाई का काम शुरू करना चाहता है। उसने इसके लिए ब्लिंकिट जैसी कंपनी के माध्यम से फल-सब्जी सप्लाई का काम करने की योजना बताई। मुख्यमंत्री ने उसकी जानकारी और उद्यम शुरू करने के विचार की सराहना करते हुए उसे शुभकामनाएं दीं।

    अब तक 23000 से अधिक विद्यार्थी हो चुके लाभान्वित
    प्रदेश सरकार द्वारा योजना अंतर्गत शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए प्रदेश के 7400 से अधिक पात्र विद्यार्थियों को ई-स्कूटी का वितरण किया जा रहा है। मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना से अब तक प्रदेश के 23000 से अधिक पात्र विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना पर अब तक लगभग 246 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं।

  • ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हुआ रनवे, 16 महीने बाद भी पाकिस्तान नहीं कर पाया दुरुस्त

    ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हुआ रनवे, 16 महीने बाद भी पाकिस्तान नहीं कर पाया दुरुस्त

    लाहौर

     पहलगाम हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान को ऐसा चोट दिया जिससे अब तक वह उबर नहीं सका है। भारतीय वायुसेना (IAF) के जांबाजों ने इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी वायुसेना के सरगोधा स्थित मुसहफ एयरबेस के रनवे तो तबाह कर दिया है। इस हमले के 16 महीने बीत जाने के बाद भी आज तक मरम्मत का काम पूरा नहीं हो सका है। इसका खुलासा हाई रिजॉल्यूशन वाली सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ है। तस्वीरों से पता चलता है कि रनवे और टैक्सी-ट्रैक के इंटरसेक्शन पर नए सिरे से रीसरफेसिंग और खुदाई का काम किया जा रहा है।

    आपको बता दें कि सरगोधा का मुसहफ एयरबेस लाहौर से लगभग 172 किमी उत्तर-पश्चिम और अमृतसर के पास भारत-पाक सीमा से करीब 200 किमी पश्चिम में स्थित है। भारत ने पाकिस्तान के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एयरबेस पर सीधा हमला किया था।

    एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 12 सितंबर 2026 की वेंटोर सैटेलाइट तस्वीरों में रनवे के जंक्शन पर गहरे रंग का एक असामान्य हिस्सा देखा गया है। यह डामर से बिल्कुल अलग दिखता है। यह नई खुदाई या रीसरफेसिंग कार्य की ओर इशारा करता है।

    एयरबेस के उत्तर दिशा में स्थित मिसाइल हमले के पुराने गड्ढे को फिर से सबग्रेड स्तर तक खोदा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहले की गई अस्थायी मरम्मत में सतह के असमान होने, धंसने या कमजोरी जैसी समस्याएं आ गई होंगी। इसके जिसके कारण अब वहां नए सिरे से निर्माण करना पड़ रहा है। तस्वीरों में रनवे की पूरी लंबाई में चरणबद्ध तरीके से काम होता दिख रहा है। एक हिस्सा नया और समतल नजर आ रहा है, जबकि दूसरा हिस्सा अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है।

    सटीक हमले का असर
    10 मई 2025 की उपग्रह तस्वीरों से खुलासा हुआ था कि भारतीय वायुसेना ने मुसहफ एयरबेस के मुख्य 3200 मीटर लंबे रनवे पर दो बेहद सटीक निशाने लगाए थे। इस हमले में 8-9 मीटर चौड़ा और 4-5 मीटर गहरा विशाल गड्ढा बन गया था। दूसरा हमला इससे 660 मीटर की दूरी पर किया गया था।

    आपको बता दें कि 10 मई 2025 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के दस एयरबेस, रडार और जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल यूनिट्स को निशाना बनाया था। सरगोधा के मुशफ एयरबेस पर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच हमला किया गया। वायुसेना ने कहा था कि उस दिन उसने पाकिस्तान का एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल विमान या खुफिया जानकारी इकट्ठा करने वाला विमान मार गिराया था। उसी दिन दोपहर 3:35 बजे पाकिस्तान के मिलिट्री ऑपरेशन्स के डायरेक्टर जनरल ने अपने भारतीय समकक्ष को फोन किया और सीजफायर की अपील की। ​

  • सेना-पुलिस भर्ती की तैयारी का मौका, पार्थ योजना में युवाओं को मिलेगी शारीरिक ट्रेनिंग

    सेना-पुलिस भर्ती की तैयारी का मौका, पार्थ योजना में युवाओं को मिलेगी शारीरिक ट्रेनिंग

    खेल मैदान से सुरक्षा बलों की भर्ती तक, युवाओं को तैयार करेगा खेल एवं युवा कल्याण विभाग

    पार्थ योजना के अंतर्गत युवाओं को सेना-पुलिस भर्ती की शारीरिक तैयारी का अवसर
    तात्या टोपे स्टेडियम भोपाल में शुरू होगा शारीरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम, करीब 100 सीटें प्रस्तावित; आवेदन की अंतिम तिथि 25 सितंबर

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश के युवाओं को भारतीय सेना, पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए शारीरिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा पार्थ योजना (Police-Army Recruitment Training for Humanity and Hunnar) के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। योजना के तहत युवाओं को भर्ती परीक्षाओं में निर्धारित शारीरिक मापदंडों एवं दक्षता की तैयारी के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। तात्या टोपे राज्य खेल परिसर, भोपाल में शारीरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए करीब 100 सीटें प्रस्तावित की गई हैं।

    25 सितंबर तक आवेदन, करीब 100 सीटों का प्रस्ताव

    खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित करने की अंतिम तिथि 25 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम में करीब 100 सीटें उपलब्ध होंगी, जिनकी संख्या आवश्यकता के अनुसार इससे अधिक भी हो सकती है। प्रशिक्षण की अवधि शारीरिक परीक्षा की अवधि के अनुरूप निर्धारित की जाएगी।

    सुबह और शाम दो सत्रों में होगी शारीरिक तैयारी

    प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत अभ्यर्थियों को प्रतिदिन दो सत्रों में शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। सुबह का प्रशिक्षण समय प्रातः 8 से 10:30 बजे तक तथा शाम का प्रशिक्षण समय शाम 6 से 8 बजे तक निर्धारित किया गया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में निर्धारित शारीरिक मापदंडों एवं दक्षता संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप अभ्यर्थियों को तैयार करना है।

    पुलिस मुख्यालय से संबद्ध प्रधान आरक्षक देंगे प्रशिक्षण

    पार्थ योजना के अंतर्गत तात्या टोपे स्टेडियम, भोपाल में शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश से प्रधान आरक्षक क्रमांक 972 बालेश यादव को छह माह की अवधि के लिए संबद्ध किया गया है। पुलिस विभाग के आदेश क्रमांक पुमु/विसबल/7(4)/1048/2026, दिनांक 31 अगस्त 2026 के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षण कार्य के लिए नियुक्त किया गया है। 9 सितंबर 2026 को 23वीं वाहिनी विसबल, भोपाल से कार्यमुक्त कर उन्हें टाट्या टोपे स्टेडियम में प्रशिक्षण देने के लिए रवाना किया गया।

    10 संभागीय जिला मुख्यालयों से योजना शुरू करने का प्रावधान

    पार्थ योजना के अंतर्गत प्रारंभिक चरण में विभागीय अधोसंरचना का उपयोग करते हुए 10 संभागीय जिला मुख्यालयों में योजना शुरू करने का प्रस्ताव है। जिला खेल अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दिए जाने का प्रावधान है। प्रशिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता और नियमित निगरानी पर जोर दिया गया है।

    योजना का संचालन विभागीय खिलाड़ी प्रशिक्षक कल्याण समिति के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। प्रशिक्षणार्थियों का रिकॉर्ड भी संधारित किया जाएगा, जिससे प्रशिक्षण की प्रगति एवं परिणामों का मूल्यांकन किया जा सके।

    400 मीटर ट्रैक से लेकर हाई जंप उपकरण तक की व्यवस्था

    पार्थ योजना के अंतर्गत शारीरिक प्रशिक्षण केंद्रों के लिए आवश्यक खेल अधोसंरचना की व्यवस्था का प्रावधान है। इसके अंतर्गत 400 मीटर एथलेटिक्स ट्रैक, सिंथेटिक, सिंडर एवं मड ट्रैक की उपलब्धता, लॉन्ग जंप पिट तथा आवश्यक उपकरण और उपयुक्त स्थान की व्यवस्था शामिल है। हाई जंप के लिए राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी बताई गई है।

    एक से 12 माह तक के प्रशिक्षण विकल्प का प्रावधान

    पार्थ योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण की अवधि को तीन स्तरों में विभाजित किया गया है—

    01 वर्ष का प्रशिक्षण : गहन तैयारी के लिए।

    06 माह का प्रशिक्षण : मध्यम अवधि की तैयारी के लिए।

    01 से 03 माह का प्रशिक्षण : त्वरित तैयारी के लिए।

    प्रशिक्षण शुल्क स्थानीय परिस्थितियों एवं जिला स्तरीय समिति के निर्णय के अनुसार निर्धारित किए जाने का प्रावधान है। योजना के अंतर्गत तीन माह के प्रशिक्षण के लिए 4 हजार रुपये, बालिकाओं के लिए तीन माह के प्रशिक्षण के लिए 2 हजार रुपये तथा छह माह के प्रशिक्षण के लिए 8 हजार शुल्क का उल्लेख किया गया है।

    युवाओं में अनुशासन, फिटनेस और रोजगार के अवसर बढ़ाने का उद्देश्य

    पार्थ योजना का उद्देश्य मध्यप्रदेश के युवाओं को सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए शारीरिक रूप से तैयार करना है। योजना के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया है। योजना के अपेक्षित लाभों में युवाओं की शारीरिक क्षमता में वृद्धि, सुरक्षा बलों में भर्ती की सफलता दर को बढ़ावा देना, स्थानीय अधोसंरचना का उपयोग एवं रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहन देना शामिल है।

    नियमित मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन की व्यवस्था

    पार्थ योजना के अंतर्गत योजना की प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग एवं मूल्यांकन के लिए संचालनालय स्तर पर अधिकारी नामांकित किए जाने का प्रावधान है। सभी जिलों की प्रगति रिपोर्ट संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, मध्यप्रदेश को प्रस्तुत की जाएगी। प्रशिक्षणार्थियों की भर्ती सफलता दर को प्रमुख सफलता मानदंड के रूप में मापने का प्रस्ताव है। योजना की त्रैमासिक एवं वार्षिक समीक्षा भी की जाएगी।

     

  • Sugar Price: त्योहारों से पहले बड़ी राहत, सस्ती हुई चीनी; स्टॉक रखने की सीमा दोगुनी

    Sugar Price: त्योहारों से पहले बड़ी राहत, सस्ती हुई चीनी; स्टॉक रखने की सीमा दोगुनी

    इंदौर 

     अब त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है. दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ सामने है. ऐसे में चीनी की बढ़ी कीमत ने मन खट्टा कर रखा है. चीनी की कीमत सांतवें आसमान पर है. आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ गया है. ऐसे में सरकार लगातार चीनी की मिठास लौटाने के लिए कदम उठा रही है. जी हां, त्योहारी सीजन से पहले चीनी को लेकर राहत की खबर है. पिछले तीन हफ्तों में चीनी के खुदरा दाम करीब 10% घटकर 65 रुपये से 58.5 रुपये प्रति किलो हो गए हैं. इतना ही नहीं, केंद्र सरकार ने भी बड़ी मात्रा में चीनी इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दी है. इससे त्योहारों के दौरान चीनी की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। 

    टीओआई की खबर के मुताबिक, त्योहारी सीजन से पहले केंद्र सरकार ने शुक्रवार को थोक चीनी उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक रखने की सीमा में ढील दी. अब वे मौजूदा 15 दिनों के बजाय 30 दिनों तक चीनी का स्टॉक रख सकते हैं. इसकी वजह है कि पिछले तीन हफ्तों में खुदरा कीमतों में लगभग 10% की कमी आई है। 

    क्यों अहम है यह कदम
    सरकार की ओर से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब चीनी की खुदरा कीमत लगभग 65 रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर 58.5 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई . हालांकि, त्योहारी सीजन के दौरान मांग बढ़ने की उम्मीद है. कारण कि दुर्गा पूजा से लेकर दिवाली और छठ में मिठाई और पकवानों खूब बनते हैं. इसमें चीनी का यूज होता है. ऐसे में यह तय है कि चीनी की डिमांड बढ़ेगी। 

    अब आपको भी कम कीमत में मिलेगी चीनी
    हालांकि, खाद्य विभाग ने इंडस्ट्री को बताया है कि खुदरा कीमतों में गिरावट चीनी की मिल से निकलने के बाद वाली कीमतों में हुई बड़ी कमी के मुकाबले कम है. विभाग के मुताबिक, मिल से निकलने वाली चीनी की कीमत करीब 25% घट चुकी है, लेकिन सप्लाई चेन के जरिए इसका पूरा फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंचा है. विभाग ने थोक विक्रेताओं, खुदरा दुकानदारों और कारोबार से जुड़े अन्य लोगों से तुरंत कीमतों में हुई कमी का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने को कहा है। 

    एक शर्त के साथ मिली छूट
    थोक उपभोक्ताओं में बड़ी कन्फेक्शनरी बनाने वाली कंपनियां, बिस्किट निर्माता, सॉफ्ट ड्रिंक और बेवरेज कंपनियां, मिठाई विक्रेता और हलवाई शामिल हैं. अभी कच्चे माल के तौर पर हर महीने 10 टन से अधिक चीनी का इस्तेमाल करने वाले औद्योगिक उपभोक्ताओं को 15 दिनों की खपत के बराबर स्टॉक रखने की अनुमति है. विभाग ने कहा कि अब इस सीमा को बढ़ाकर 30 दिन कर दिया गया है, लेकिन एक शर्त के साथ. पुरानी 15 दिनों की सीमा से अधिक जो भी स्टॉक रखा जाएगा, उसे टैरिफ रेट कोटा या एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत आयात की गई चीनी से ही लेना होगा। 

    सरकार ने क्या आदेश दिया
    केंद्र सरकार ने टैरिफ रेट कोटा के तहत 10 लाख टन चीनी के आयात की अनुमति दी है. इसके अलावा एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत खरीदी गई निर्यात के लिए तय चीनी को घरेलू बाजार में बेचने की भी अनुमति दी गई है. वहीं, घरेलू खुले बाजार से खरीदी गई चीनी का स्टॉक अभी भी 15 दिनों की खपत तक ही सीमित रहेगा. सरकार ने थोक उपभोक्ताओं के लिए यह अनिवार्य कर दिया है कि वे हर शुक्रवार को खाद्य विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर अपने चीनी स्टॉक की जानकारी दें।