Author: NewseDay

  • ‘शिकायत नहीं सुनी गई’ तो टावर पर चढ़ी महिला, पुलिस के आश्वासन पर उतरी नीचे

    ‘शिकायत नहीं सुनी गई’ तो टावर पर चढ़ी महिला, पुलिस के आश्वासन पर उतरी नीचे

    लखनऊ
    लखनऊ के गौतमपल्ली क्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास के पास सोमवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब आगरा से आई एक महिला पार्क रोड स्थित ऊंचे टावर पर चढ़ गई। महिला की पहचान तुलसा के रूप में हुई है। उसे टावर पर चढ़ा देखकर आसपास लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तुलसा का जमीन को लेकर पड़ोसी से विवाद चल रहा है। महिला का आरोप है कि पड़ोसी ने उसके प्लॉट पर कब्जा कर रखा है। उसने इस संबंध में स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की थी। तुलसा का कहना है कि शिकायत करने के बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।

    आगरा से आई महिला लखनऊ में टावर पर चढ़ी
    महिला अपनी शिकायत अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए आगरा से लखनऊ पहुंची थी। सोमवार को वह मुख्यमंत्री आवास के पास पार्क रोड पर स्थित टावर पर चढ़ गई। महिला के टावर पर चढ़ने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। इससे कुछ देर के लिए वहां भीड़ और अफरातफरी की स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने महिला से बातचीत शुरू की और उसे नीचे आने के लिए समझाया। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों को भी मौके से दूर कर दिया, ताकि बचाव अभियान में किसी तरह की परेशानी न हो।

    पुलिस के समझाने पर मानी, क्रेन से उतारा गया
    काफी देर तक बातचीत और समझाने के बाद महिला पुलिस के आश्वासन पर टावर से नीचे उतर आई। पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारने के बाद उसकी शिकायत और जमीन विवाद से जुड़ी जानकारी ली। अधिकारियों के मुताबिक, महिला के प्लॉट पर कब्जे के आरोपों की अभी प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है। मामले में महिला की शिकायत के आधार पर संबंधित तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • नीम करोली बाबा से मिले अमेरिकी डॉक्टर, एक मुलाकात ने बदल दी लैरी ब्रिलियंट की जिंदगी

    नीम करोली बाबा से मिले अमेरिकी डॉक्टर, एक मुलाकात ने बदल दी लैरी ब्रिलियंट की जिंदगी

    इन दिनों नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी महिमा पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रही है. इस फिल्म के जरिए बाबा के चमत्कारों ने एक बार लोगों के दिलों में जगह बना ली है. नीम करोली बाबा के प्रति ऐसी ही गहरी आस्था सिर्फ आज के लोगों में ही नहीं है, बल्कि दशकों पहले सात समंदर पार से आए एक अमेरिकी डॉक्टर की जिंदगी भी उनके एक इशारे पर हमेशा के लिए बदल गई थी. आइए जानते हैं उस अद्भुत यात्रा के बारे में, जहां उत्तराखंड के कैंची धाम में एक विदेशी डॉक्टर की भेंट नीम करोली बाबा से हुई थी.

    जब भटके हुए डॉक्टर की हुई थी बाबा से मुलाकात
    70 वह दौर था जब पश्चिमी दुनिया से ढेरों युवा आध्यात्मिक शांति की तलाश में भारत आ रहे थे. उसी समय अमेरिका के रहने वाले डॉ. लैरी ब्रिलियंट (Dr. Larry Brilliant) अपनी जिंदगी के एक ऐसे दौर से गुजर रहे थे जब उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं. इसी तलाश में वे भारत आए और उत्तराखंड में नीम करोली बाबा के आश्रम (कैंची धाम) पहुंचे. मुलाकात के बाद बाबा उन्हें प्यार से 'डॉक्टर अमेरिका' कहकर बुलाने लग गए थे.

    वहीं, ट्राइसाइकिल द बुद्धिस्ट रिव्यू को दिए एक इंटरव्यू में लैरी ने बताया था कि आगे चलकर नीम करोली बाबा ने उन्हें दिल्ली जाने और संयुक्त राष्ट्र (UN) के साथ मिलकर देश से चेचक (Smallpox) जैसी खतरनाक बीमारी को खत्म करने के काम में जुटने के लिए भी कहा था.

    जिसके बाद आगे चलकर लैरी ब्रिलियंट भारत में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के चेचक (Smallpox) मिटाने वाले प्रोग्राम से जुड़ गए थे. वे जब भी अपनी पुरानी बातें याद करते हैं, तो कैंची धाम जाना और इस बीमारी के लिए काम करना, उन्हें हमेशा याद आता है. लैरी के मुताबिक, उनकी जिंदगी को एक नई दिशा देने के पीछे सिर्फ नीम करोली बाबा का हाथ था.

    नीम करोली बाबा से हुई थी लैरी की खास बातचीत
    डॉ. लैरी ब्रिलियंट ने इंटरव्यू में बताया था कि, 'जुलाई 1973 में नीम करोली बाबा ने मुझसे कहा था कि तुरंत दिल्ली जाओ और संयुक्त राष्ट्र (UN) के साथ मिलकर काम करो. देश से चेचक की बीमारी को जड़ से मिटाओ.'

    उसी इंटरव्यू में लैरी ने बाबा के साथ पैसों को लेकर हुई एक मजेदार बातचीत भी शेयर की थी. उन्होंने बताया कि नीम करोली बाबा ने उनसे पूछा था कि, "डॉ. अमेरिका, तुम्हारे पास कितने पैसे हैं?"

    लैरी ने जवाब दिया था कि, "मेरे पास केवल 500 डॉलर हैं." इस पर बाबा ने जवाब दिया कि, "500 डॉलर? तुम झूठ बोल रहे हो, अमेरिका में तुम्हारे पास कुल कितने पैसे हैं?"

    लैरी ने तब इमरजेंसी रूम में डॉक्टर के तौर पर काम करने के दिन याद किए और कहा कि, "अमेरिका में भी मेरे पास बस 500 डॉलर ही हैं." लैरी बताते हैं कि इसके बाद वह बातचीत एक कॉमेडी शो में बदल गई. बाबा ने उस बात को हंसी-मजाक में बदल दिया था. वो हंसते बार बार एक ही बोल रहे थे कि, ''500 डॉलर यहां, 500 डॉलर वहां… तुम कोई डॉक्टर नहीं हो!"

    लैरी को यह सुनकर अपनी मां की बात याद आ गई, जो अक्सर उन्हें ताना मारती थीं कि तुम पैसे नहीं कमा सकते क्योंकि तुम कोई असली डॉक्टर नहीं हो. लेकिन, बाबा बार-बार यही दोहरा रहे थे कि, "500 डॉलर यहां और 500 डॉलर वहां… तुम डॉक्टर नहीं हो, बल्कि यू-एन-ओ (U.N.O.) डॉक्टर हो."

    इसके बाद उनकी बातचीत ने एक ऐसा मोड़ लिया, जिसे लैरी पूरी जिंदगी नहीं भूले. बाबा ने उनसे कहा था कि वह यूनाइटेड नेशन के डॉक्टर बनने जा रहे हैं, जिससे वह दुनिया से चेचक (Smallpox) जैसे खतरनाक बीमारी को मिटाने में मदद करेंगे.

    आगे लैरी ने उस समय को याद करते हुए बताया था कि बाबा ने इस खतरनाक बीमारी और उसके भविष्य के बारे में बात करते हुए कहा था, "यह भयानक बीमारी जड़ से खत्म हो जाएगी. क्योंकि भगवान इंसानों को एक ऐसा तोहफा देने जा रहे है, जिससे मानवता इस बड़े दुख और दर्द पर हमेशा के लिए जीत हासिल कर लेगी."

    कैंची धाम से लेकर चेचक के खिलाफ जंग तक
    कैंची धाम जाने और नीम करोली बाबा से मिलने के बाद लैरी ब्रिलियंट की पूरी जिंदगी ही बदल गई थी. आगे चलकर लैरी भारत में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के चेचक कार्यक्रम (Smallpox Eradication Programme) में शामिल हुए. जिसके बाद WHO का यह अभियान ग्लोबल पब्लिक हेल्थ के इतिहास की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक बना था.

    साल 1980 में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने आधिकारिक तौर पर दुनिया को चेचक से पूरी तरह मुक्त घोषित कर दिया था. इंसानों की इतिहास में यह पहली ऐसी बीमारी थी जिसे जड़ से खत्म किया गया था. लैरी ब्रिलियंट के लिए कैंची धाम की यादें हमेशा उनके सफर से जुड़ी रहीं. वे हमेशा यही मानते थे कि नीम करोली बाबा के एक-एक शब्द ने उन्हें एक नई राह दिखाई और अपनी मेडिकल की पढ़ाई का इस्तेमाल चेचक के खिलाफ जंग लड़ने में करने की प्रेरणा दी थी.

     

  • अमेरिकी की हनुमान जी पर टिप्पणी पर भड़के थरूर के बेटे, सोशल मीडिया पर दिया जवाब

    अमेरिकी की हनुमान जी पर टिप्पणी पर भड़के थरूर के बेटे, सोशल मीडिया पर दिया जवाब

    नई दिल्ली

    केरल से कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे ईशान ने हिंदू धर्म के खिलाफ टिप्पणी को लेकर अमेरिकी की जमकर क्लास लगा दी। उन्होंने इतिहास से आंकड़े पेश कर बताया है कि अमेरिका में ईसाई धर्म आने से सैकड़ों साल पहले इसकी एंट्री भारत में हो चुकी थी। दरअसल, सोशल मीडिया पर हनुमान जी की प्रतिमा साझा कर यूजर उसे गिराने की बात क रहा था।

    जैसी ह्यू नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने हनुमान जी की प्रतिमा की तस्वीर साझा की थी। सात ही लिखा, 'जब हम जीतेंगे, तो इसे गिराने वाले हैं।' इसपर ईशान थरूर ने जवाब दिया, 'पता नहीं इस बेवकूफ को यह पता है या नहीं कि भारत में ईसाई धर्म, अमेरिका में ईसाई धर्म के आने से 1500 साल से भी ज्यादा पहले आ गया था। भारत में हजारों चर्च हैं। फिर भी अमेरिका हनुमान जी की एक मूर्ति बर्दाश्त नहीं कर पा रहा? हर जगह धार्मिक राष्ट्रवादी ही दुनिया के सबसे कमजोर और कम आत्मसम्मान वाले लोग होते हैं।'

    कौन हैं ईशान थरूर
    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 1984 में जन्मे ईशान अमेरिका में पत्रकार हैं। उनका नाम सिंगापुर में हुआ था। उनके जुड़वा भाई का नाम कनिष्क है। वह केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे हैं। वह मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय मामलों और वैश्विक राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लिखते रहे हैं। हाल ही में वॉशिंगटन पोस्ट में छंटनी के बाद वह चर्चा में आ गए थे।

    न्यूयॉर्कर के अनुसार, साल 2026 में संस्था के साथ शुरुआत करने वाले ईशान ग्लोबल नोट्स नाम से एक इंटरनेशनल पॉलिटिक्स कॉलम लिखते हैं। इससे पहले वह करीब 1 दशक तक वॉशिंगटन पोस्ट में रहे और वर्ल्ड व्यू कॉलम लिखते रहे। साल 2021 में अमेरिकन एकेडमी ऑफ डिल्पोमैसी ने उन्हें आर्थर रॉस मीडिया अवॉर्ड फॉर कॉमेंट्री से नवाजा था।

    2024 में उन्हें टेड सोरेन्सन अवॉर्ड मिला। इसके साथ ही वह काउंसिल ऑन फॉरिन रिलेशन्स में 2026-27 एड्वर्ड आर मरो प्रेस फैलो हैं। इससे पहले वह 8 सालों तक टाइम में सीनियर एडिटर और संवाददाता रहे थे। उन्होंने सिंगापुर और न्यूयॉर्क में संस्था के लिए काम किया है।

    उन्होंने साल 2006 में येल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। खास बात है कि येल में पढ़ाई के दौरान उन्हें सड्लर फैलोशिप मिली थी। उन्होंने अपनी पत्रकारिता की पारी की शुरुआत साल 2006 से टाइम मैगजीन से की थी। साल 2014 में उन्होंने संस्थान को अलविदा कह दिया था। इसके बाद वह अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में द वॉशिंगटन पोस्ट पहुंचे थे।

  • OnePlus 16 की पहली झलक आई सामने, 1TB स्टोरेज और 165Hz डिस्प्ले से मचेगा तहलका

    OnePlus 16 की पहली झलक आई सामने, 1TB स्टोरेज और 165Hz डिस्प्ले से मचेगा तहलका

    OnePlus 16 को लेकर अब तक सिर्फ लीक्स और टीजर सामने आ रहे थे, लेकिन अब कंपनी ने फोन की तस्वीर और कलर ऑप्शन जारी कर दिए हैं. यानी OnePlus का अगला फ्लैगशिप फोन अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है. फोन का डिजाइन देखकर साफ है कि कंपनी ने इस बार परफॉर्मेंस के साथ लुक पर भी काफी काम किया है.

    OnePlus 16 को तीन कलर में लाया जाएगा. खास बात यह है कि स्टारलाइट वेरिएंट में पीछे की तरफ अलग तरह का स्टारलाइट इफेक्ट दिया गया है. कंपनी के मुताबिक इसमें सिल्क ग्लास फिनिश का इस्तेमाल किया गया है, जिससे फोन पर उंगलियों के निशान कम पड़ेंगे. यह फोन फिलहाल चीन में प्री-ऑर्डर के लिए सामने आया है.

    OnePlus 16 में 1TB तक स्टोरेज
    OnePlus 16 का एक बड़ा अट्रैक्शन इसका 1TB स्टोरेज वेरिएंट है. प्री-ऑर्डर लिस्टिंग के मुताबिक फोन 12GB RAM के साथ 256GB और 512GB स्टोरेज में आएगा. इसके अलावा 16GB RAM के साथ 512GB और 1TB स्टोरेज का विकल्प भी दिया जाएगा. यानी जिन लोगों के फोन में फोटो, वीडियो और गेम्स की वजह से स्टोरेज जल्दी भर जाती है, उनके लिए यह बड़ा अपग्रेड हो सकता है.

    फोन का डिजाइन पिछले OnePlus फ्लैगशिप से पूरी तरह अलग नहीं है. पीछे ऊपर बाईं तरफ चौकोर कैमरा मॉड्यूल दिया गया है, जिसमें तीन कैमरे और फ्लैश नजर आते हैं. लेकिन नए कलर और फिनिश की वजह से फोन को अलग लुक मिलता है.

    165Hz डिस्प्ले
    OnePlus 16 की सबसे ज्यादा चर्चा इसके डिस्प्ले को लेकर है. कंपनी ने 165Hz रिफ्रेश रेट कन्फर्म किया है. खास बात यह है कि यह सिर्फ गेमिंग के लिए नहीं होगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक OnePlus 16 में सिस्टम लेवल पर 165Hz रिफ्रेश रेट काम करेगा.

    पिछले OnePlus 15 में भी 165Hz डिस्प्ले दिया गया था, लेकिन इसका इस्तेमाल कई मामलों में गेमिंग तक सीमित था. OnePlus 16 में कंपनी इसे ज्यादा जगह इस्तेमाल करने की तैयारी में है. गेमिंग के दौरान रिफ्रेश रेट 185Hz तक पहुंचने की बात भी रिपोर्ट्स में कही गई है, हालांकि इसे अभी पूरी तरह आधिकारिक स्पेसिफिकेशन नहीं माना जाना चाहिए.

    इसका फायदा क्या होगा? फोन पर स्क्रॉलिंग ज्यादा स्मूद दिख सकती है और गेम में मूवमेंट ज्यादा फ्लुइड महसूस हो सकता है. हालांकि आम यूजर के लिए 120Hz और 165Hz के बीच का फर्क हर सिचुएशन में बहुत बड़ा नहीं होगा. इसका असली फायदा हाई-फ्रेम गेमिंग में ज्यादा दिखाई दे सकता है.

    9000mAh की बैटरी भी हो सकती है
    OnePlus 16 को लेकर सबसे बड़ी लीक इसकी बैटरी को लेकर है. रिपोर्ट्स में 9000mAh बैटरी की बात सामने आई है. अगर यह सही साबित होती है तो यह आज के ज्यादातर प्रीमियम फोन की तुलना में काफी बड़ी बैटरी होगी.

    फोन में 100W वायर्ड चार्जिंग और 50W वायरलेस चार्जिंग मिलने की भी रिपोर्ट है. 3C सर्टिफिकेशन में 100W चार्जिंग सपोर्ट सामने आ चुका है. यहां OnePlus 15 से तुलना भी दिलचस्प है.  OnePlus 15 में 7300mAh बैटरी थी और कंपनी ने 120W चार्जिंग और 50W वायरलेस चार्जिंग दी थी.

    कैमरा में 200MP का बड़ा दांव
    कैमरे को लेकर भी OnePlus 16 काफी बड़ा अपग्रेड कर सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक फोन में 200MP का मेन कैमरा मिल सकता है. इसके साथ 50MP अल्ट्रावाइड और 50MP पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा दिया जा सकता है.

    मेन कैमरे में 1/1.4 इंच का सेंसर मिलने की बात है. इसका मतलब सिर्फ मेगापिक्सल ज्यादा होना ही नहीं, बल्कि सेंसर का साइज भी बड़ा होगा. हालांकि कैमरे की असली क्वालिटी का पता फोन के लॉन्च और रियल लाइफ टेस्ट के बाद ही चलेगा.

    अंदर मिल सकती है नई फ्लैगशिप चिप
    परफॉर्मेंस के लिए OnePlus 16 में Qualcomm की अगली फ्लैगशिप चिप मिलने की रिपोर्ट है. अलग-अलग रिपोर्ट्स में इसे Snapdragon 8 Elite Gen 6 Pro या Snapdragon 8 Elite Extreme Gen 6 नाम से बताया गया है.

  • ‘धुरंधर’ के रहमान डकैत बनने से पहले अक्षय खन्ना ने क्यों किया था इनकार?

    ‘धुरंधर’ के रहमान डकैत बनने से पहले अक्षय खन्ना ने क्यों किया था इनकार?

    आदित्य धर की फिल्म धुरंधर बॉलीवुड की सबसे बड़ी पिक्चर रही जिसने दुनियाभर में खूब पैसा छापा. इसके दो पार्ट्स आए, जिसमें से ऑडियंस की पसंद पहला पार्ट रही. इसकी वजह अक्षय खन्ना रहे जिन्होंने फिल्म में रहमान डकैत बनकर सारी लाइमलाइट लूटी. वो एक ही झटके में सबकी पसंद बन गए. लोगो को रणवीर सिंह की जगह मेन विलेन अक्षय से प्यार हुआ, क्योंकि उनका काम तारीफ के काबिल था.

    अक्षय खन्ना के रहमान डकैत वाले किरदार की चर्चा पिछले कई महीनों से चली आ रही है. हर किसी ने उन्हें लेकर बात की, और एक्टर को खूब सराहा. हालांकि अक्षय के पास जब रहमान डकैत के रोल का ऑफर आया था, तब वो इसे करने में कंफर्टेबल नहीं थे. उन्हें पूरी कहानी सुनाई गई और उनका किरदार समझाया गया, तब जाकर एक्टर माने. इसके बारे में हाल ही में धुरंधर के कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने बात की.

    अक्षय को था एतराज
    शेखर सुमन ने शो पर उन्होंने धुरंधर में अक्षय खन्ना की कास्टिंग पर कहा- मैं अब ये बता सकता हूं कि 2-3 बहुत बड़े स्टार्स ने इस रोल को करने से मना कर दिया था. उन्हें लगा कि फिल्म में कई कलाकार हैं और डायरेक्टर ने पिछले 7 साल से कोई फिल्म नहीं बनाई है. उनकी आखिरी फिल्म उरी थी. स्टार्स बहुत सारी चीजों का हिसाब-किताब लगाते हैं. जब कोई कलाकार दिल से सोचने के बजाय दिमाग से ज्यादा सोचने लगता है, तो वहीं दिक्कत शुरू हो जाती है.

    'जब मैंने अक्षय खन्ना को कहानी सुनाई तो उन्होंने कहा कि पागल हो गया है क्या तू? मैं विलेन क्यों करूंगा? लेकिन सिर्फ 5 मिनट तक कहानी सुनने के बाद उन्होंने कहा कि फैंटास्टिक और उसी दिन फिल्म के लिए हां कर दी. मुझे पता था कि अक्षय भाई इस किरदार में कमाल कर देंगे. उन्होंने आदित्य धर की लिखी कहानी में अपना भी टच जोड़ा. उन्हें सही समय पर सही स्क्रिप्ट और सही मौका मिला.'

    रणवीर ने किया सपोर्ट
    मुकेश छाबड़ा आगे ये भी बताते हैं कि रणवीर सिंह ने अक्षय खन्ना को फिल्म में बहुत सपोर्ट किया. उनका रोल रहमान डकैत की परछाई जैसा था. मगर तब भी रणवीर ने बिना किसी परेशानी उस रोल को निभाया. मुकेश ने कहा कि अगर उनकी जगह कोई और एक्टर होता, तो वो इसे करने से पहले बहुत सोचता. लेकिन रणवीर को चूंकि फिल्म का सेकंड पार्ट मालूम था, इसलिए उन्होंने इस रोल को पूरी शिद्दत के साथ किया और खुद को डायरेक्टर के हवाले सौंप दिया.

    बात करें अक्षय खन्ना के वर्क फ्रंट की, तो वो तेलुगू फिल्म महाकाली में नजर आएंगे जिसमें उनका रोल गुरू शुक्राचार्य का होगा. इसका टीजर भी रिलीज हुआ था, जिसमें एक्टर को काफी पसंद किया गया.

  • CG में नौकरी के नाम पर ठगी का खुलासा, महिला समेत दो आरोपी पकड़े गए

    CG में नौकरी के नाम पर ठगी का खुलासा, महिला समेत दो आरोपी पकड़े गए

    धमतरी.

    मंत्रालय में नौकरी और आवास दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले दो शातिर आरोपियों को धमतरी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने गृह मंडल का पारिजात भवन दिलाने का झांसा देकर पीड़ित से 9 लाख से अधिक रुपए के अधिक की रकम ली थी.

    मामले में शिकायत के बाद कार्रवाई करते हुए आरोपी शशि प्रभा साहू और अमित देवांगन गिरफ्तार किया है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, भानपुरी, थाना गुरूर, जिला बालोद निवासी प्रार्थी मनीष साहू (27 वर्ष) ने धमतरी सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. प्रार्थी के अनुसार, फरवरी 2024 में उसकी मुलाकात रुद्री रोड स्थित एक होटल में शशि प्रभा साहू एवं अमित कुमार देवांगन से हुई थी. दोनों ने उसे अपने झांसे में लेते हुए स्वयं को मंत्रालय में कार्यरत बताया और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा पारिजात भवन (आवास) का आबंटन कराने का प्रलोभन दिया.

    आरोपियों ने प्रार्थी को विश्वास में लेने के लिए बाकायदा मंत्रालय (महानदी भवन) में ले जाकर बाहर खड़ा किया और भवन की कुल कीमत 14,12,000 रुपये बताई. प्रार्थी से विभिन्न बैंक खातों, फोन-पे, गूगल-पे और नकद माध्यमों से किश्तों में कुल 9,08,000 रुपये ऐंठ लिए. इसके अलावा प्रार्थी से बैंक ऑफ बड़ौदा और स्टेट बैंक के दो खाली हस्ताक्षरित चेक भी ले लिए गए. जब प्रार्थी को अपने साथ ठगी का अहसास हुआ और उसने रकम वापस मांगी, तो केवल 2,98,999 रुपये लौटाए गए तथा शेष रकम हड़प ली. प्रार्थी की रिपोर्ट पर धमतरी सिटी कोतवाली में धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया.

    मामले में धमतरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करते हुए तकनीकी साक्ष्यों और सूचना के आधार पर शशि प्रभा साहू पति प्रीतम साहू, (50 वर्ष) और अमित कुमार देवांगन पिता स्व. सुखराम देवांगन (38 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की. आरोपियों के जुर्म स्वीकार करने पर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया. 

  • शोध, कौशल और रोजगार पर फोकस, छत्तीसगढ़ में गढ़ा जा रहा युवाओं का भविष्य

    शोध, कौशल और रोजगार पर फोकस, छत्तीसगढ़ में गढ़ा जा रहा युवाओं का भविष्य

    "सेवा_संकल्प_अभियान"

    छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की नई भोर: हुनर, शोध और स्वावलंबन से गढ़ा जा रहा युवाओं का भविष्य

     रायपुर

     ​छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा अब केवल किताबों और कक्षाओं के पारंपरिक दायरे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के लाखों युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की मूल भावना को धरातल पर उतारते हुए राज्य सरकार युवाओं को केवल डिग्री देने के बजाय उन्हें आत्मनिर्भर, हुनरमंद और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का अभूतपूर्व कार्य कर रही है।

    ​सेवा का संकल्प: गुणवत्ता और समावेशी विकास का 'मिशन मोड'

          ​राज्य सरकार ने 'सेवा का संकल्प' निभाते हुए शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 'छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन' की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत महाविद्यालयों के ढांचागत और शैक्षणिक उन्नयन के लिए विशेष बजटीय संबल दिया जा रहा है। पारदर्शी और सख्त मॉनिटरिंग तंत्र यह सुनिश्चित कर रहा है कि सरकारी सहायता का सीधा लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचे।
          ​शैक्षणिक गुणवत्ता को शीर्ष पर ले जाने के लिए 3,000 से अधिक छात्र संख्या वाले उत्कृष्ट कॉलेजों को चिन्हित कर 36 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही, अध्यापन व्यवस्था को मजबूती देने के लिए प्राध्यापकों की सीधी भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी गई है और उद्योग जगत के व्यावहारिक विशेषज्ञों को 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' के रूप में परिसरों से जोड़ा जा रहा है।

    ​सेवा आपके द्वार: वनांचल से शहरों तक उच्च शिक्षा की आसान पहुँच

           ​'सेवा आपके द्वार' की भावना को चरितार्थ करते हुए राज्य के अंतिम छोर पर स्थित आदिवासी और दूरस्थ वनांचल अंचलों में नए महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। अब बस्तर और सरगुजा जैसे दूरदराज क्षेत्रों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ रहा है, बल्कि आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा उनके अपने अंचल में ही उपलब्ध हो रही है। चार वर्षीय बी.एड. (ITEP) और बी.पी.एड. जैसे एकीकृत व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

    ​कहानी बदलाव की: आधुनिक तकनीक और स्वावलंबन से युवाओं का सशक्तीकरण

            ​यह बदलाव केवल व्यवस्थागत नहीं, बल्कि हर उस युवा की 'कहानी बदलाव की' है जो कल तक केवल पारंपरिक विषयों तक सीमित था। स्वावित्तीय पाठ्यक्रम नीति के तहत अब स्थानीय और वैश्विक मांग के अनुसार युवाओं को तैयार किया जा रहा है।
    ​   भविष्य में उपयोगी विभिन्न तकनीकों और कौशल को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, वेब डिजाइनिंग जैसे विषयों को प्रमुखता से उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी तरह ​स्थानीय व कृषि-आधारित उद्योग के तहत रेशम कीट पालन, टसर टेक्नोलॉजी, फिशरीज, फूड प्रोसेसिंग, मशरूम कल्टीवेशन, फ्लोरीकल्चर और हर्बल कल्टीवेशन की शिक्षा युवाओ को आर्थिक रूप से मजबूत करेंगे।
           ​इन व्यावहारिक विषयों के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों और उद्योग जगत के साथ MoU किए गए हैं, जिससे युवाओं को सीधी इंटर्नशिप, व्यावहारिक अनुभव और कैंपस प्लेसमेंट की सुविधा मिल रही है।
            रिसर्च, कौशल विकास, उद्योग समन्वय और वनांचल तक शिक्षा के विस्तार के इस संगम से छत्तीसगढ़ तेजी से देश के अग्रणी 'एजुकेशन हब' के रूप में स्थापित हो रहा है।

    विष्णु प्रसाद वर्मा
    सहायक संचालक

  • सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचें प्रशासन व पुलिस के आलाधिकारीः मुख्यमंत्री

    सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचें प्रशासन व पुलिस के आलाधिकारीः मुख्यमंत्री

    जनता दर्शन 

    छोटी घटनाएं बड़ी न बनें, डीएम-एसपी रखें नजरः मुख्यमंत्री 

    छोटी-छोटी घटनाओं में उदासीनता व लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगीः सीएम योगी

    सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचें प्रशासन व पुलिस के आलाधिकारीः मुख्यमंत्री

    पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर सीएम का सख्त रुख, कहा- पीड़ितों की संतुष्टि सरकार की शीर्ष प्राथमिकता

    लखनऊ,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रार्थना पत्रों का अवलोकन करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में वैमनस्यता फैलाने वाले लोग मामूली घटनाओं को बड़ा बनाना चाहते हैं। ऐसे में जनपदों में हर छोटी से छोटी घटना पर जिलाधिकारी व एसपी स्वयं नजर रखें। तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ितों की सुनवाई करें और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई कर मामलों का पटाक्षेप कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि छोटी-छोटी घटनाओं में भी उदासीनता व लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। 

    हर पीड़ित से मिले सीएम, समयबद्ध निस्तारण का दिया निर्देश
    मुख्यमंत्री ‘जनता दर्शन’ में कुर्सियों पर बैठे हर पीड़ित से मिले। उनकी समस्याओं व शिकायतों को सुना। मुख्यमंत्री ने प्रशासन, पुलिस, राजस्व, विद्युत आदि से जुड़ी शिकायतों का प्रार्थना पत्र लेते हुए कहा कि सरकार साढ़े 9 वर्ष से बिना भेदभाव हर पीड़ित की उचित समस्या का समाधान करा रही है। अधिकारी संवेदनशील होकर जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। पात्र व्यक्ति को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाएं, मरीजों के इलाज की व्यवस्था कराएं और भूमाफिया/दबंगों पर कठोरतम कार्रवाई करें। 

    पुलिस से संबंधित शिकायतों पर हुए सख्त 
    सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष पुलिस व राजस्व से जुड़ीं शिकायतें अधिक रहीं। इस पर मुख्यमंत्री सख्त हो गए। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर, एडीजी, आईजी, डीआईजी, एसएसपी स्तर के अधिकारी नियमित रूप से जनसमस्याओं का जनपदों में निराकरण कराएं। यदि किसी मातहत द्वारा लापरवाही की शिकायत मिले तो उस पर भी कार्रवाई करें। सीएम ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। 

    बच्चे से पूछा- कैसे हो, कहां पढ़ते हो 
     ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आए नन्हे बच्चे से मुख्यमंत्री ने हालचाल पूछा। फिर पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उसकी तरफ चॉकलेट बढ़ाई तो उसने झट से चॉकलेट ले ली। फिर सीएम ने चॉकलेट वापस मांगी तो बच्चे ने मना कर दिया। इस पर पूरा हॉल खिलखिला उठा। मुख्यमंत्री ने सुखद भविष्य का आशीर्वाद देते हुए बच्चे से मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा।

  • बिहार में औषधीय खेती को बढ़ावा, किसानों को मिलेंगे नए विकल्प और आर्थिक मदद

    बिहार में औषधीय खेती को बढ़ावा, किसानों को मिलेंगे नए विकल्प और आर्थिक मदद

    पटना
     सरकार एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआइडीएच)’ के किसानों को औषधीय पौधों की खेती के लिए प्रोत्साहित करेगी। इसके तहत राज्य में 100 हेक्टेयर में एलोवेरा, अश्वगंधा, ब्राह्मी एवं शतावरी की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।

    कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार में कृषि को विविध और किसानों के लिए लाभकारी बनाने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है।

    औषधीय पौधों की खेती किसानों के लिए पारंपरिक फसलों के अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध करा सकती है। इसी उद्देश्य से चयनित क्षेत्रों में औषधीय पौधों की खेती को क्लस्टर में बढ़ावा देने की पहल होगी।

    किसानों को मिलेंगे 36000 रुपये
    इसके लिए 36.00 लाख रुपये की वित्तीय राशि का प्रविधान किया गया है। योजना के अंतर्गत किसानों को 36,000 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

    एलोवेरा, अश्वगंधा एवं ब्राह्मी की खेती के लिए पांच हेक्टेयर प्रति राजस्व ग्राम/क्लस्टर तथा शतावरी की खेती के लिए चार हेक्टेयर प्रति राजस्व ग्राम/क्लस्टर क्षेत्र चिह्नित किया जाएगा।

    किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, उत्पादन संबंधी जानकारी और विपणन गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

    औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देना किसानों को खेती के नए विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य में इस क्षेत्र की संभावनाओं को देखते हुए चयनित क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से इसका विस्तार किया जाएगा।

  • महानगरों से आगे बढ़ा प्रॉपर्टी बाजार, जयपुर समेत छोटे शहरों में तेजी से बढ़े घरों के दाम

    महानगरों से आगे बढ़ा प्रॉपर्टी बाजार, जयपुर समेत छोटे शहरों में तेजी से बढ़े घरों के दाम

    जयपुर
     देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में घर तेजी से महंगे हो रहे है। सीआइआइ और नाइट फ्रैंक इंडिया की हाल ही जारी रिपोर्ट के मुताबिक 2021 से 2026 के बीच जयपुर समेत 11 शहरों में आवासीय कीमतें 63 प्रतिशत बढ़ीं, जबकि शीर्ष आठ शहरों में यह बढ़ोतरी 42 प्रतिशत रही। जयपुर टियर-2 शहरों में दिल्ली-एनसीआर के सबसे करीब है। यहां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है और यह पर्यटन का बड़ा केंद्र है। आसपास से गुजर रहे बड़े हाईवे और एक्सप्रेसवे से शहर जुड़ चुका है या जल्द जुड़ने वाला है।

    इन फैक्टर्स ने जयपुर को आवासीय और व्यावसायिक, दोनों क्षेत्रों में रियल एस्टेट हब बना दिया है। भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़ ट्राइसिटी, गोवा, इंदौर, कोच्चि, लखनऊ, नागपुर, विशाखापत्तनम और कोयंबटूर में 2016 से 2026 के बीच आवासीय कीमतें औसतन 8% सालाना बढ़ीं, जबकि शीर्ष आठ शहरों में यह वृद्धि 4% रही।

    2047 तक रियल एस्टेट बाजार 5.8 ट्रिलियन डॉलर तक
    रिपोर्ट के अनुसार 2047 तक देश के रियल एस्टेट क्षेत्र का कारोबार 5.8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इसमें टियर-2 और टियर-3 शहरों की हिस्सेदारी 25 से 30 प्रतिशत यानी 1.4 से 1.7 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान इसके लिए रोजगार देने वाला बुनियादी ढांचा, विकसित जमीन, तेज मंजूरी और भरोसेमंद बिजली पानी जरूरी होंगे। सरकारी पूंजीगत खर्च में बुनियादी ढांचे की हिस्सेदारी है।

    वित्त वर्ष 2015 में 39 प्रतिशत थी, जो 2026 में 55 प्रतिशत हो गई। सरकार की तीन साल की सरकारी-निजी भागीदारी योजना में 17 लाख करोड़ रुपये की 852 परियोजनाएं हैं। नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि बढ़त अब महानगरों से आगे फैल रही है। निवेशकों और डेवलपर्स को हर बाजार की आर्थिक ताकत समझकर चुनिंदा तरीके से आगे बढ़ना होगा।

    गोदाम और शॉपिंग सेंटर में भी विस्तार
    2025 में प्रमुख टियर-2 शहरों में 1.12 करोड़ वर्ग फुट गोदाम किराये पर गए। जयपुर, लखनऊ, नागपुर, इंदौर, कोयंबटूर और भुवनेश्वर की हिस्सेदारी करीब आधी यानी 53 लाख वर्ग फुट रही। देश के 32 शहरों में 365 शॉपिंग सेंटर हैं। इनमें 3.6 करोड़ वर्ग फुट जगह 24 टियर-2 शहरों में है। इसमें जयपुर समेत 10 शहरों की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत है। एक्सपर्ट बताते हैं कि 2011-12 में जिस जमीन का भाव 500 रुपए गज था वह आज 50 हजार रुपए प्रति गज तक पहुंच गई है।