Author: NewseDay

  • फ्री iPhone लंगर पर पुलिस-प्रशासन सख्त, कारोबारी बोला- नहीं जुटाऊंगा भीड़

    फ्री iPhone लंगर पर पुलिस-प्रशासन सख्त, कारोबारी बोला- नहीं जुटाऊंगा भीड़

    चंडीगढ़ 

    चंडीगढ़ में पुलिस और प्रशासन की रोक के बावजूद कारोबारी राकेश त्रेहन iPhone का लंगर लगाएंगे। जिसमें 18 साल से बड़ी उम्र की महिलाओं को iPhone के 17 या उससे ऊपर के मॉडल मुफ्त में दिए जाएंगे। पिछली बार पेट्रोल के लंगर के वक्त प्रशासन ने कारोबारी त्रेहन को समझाइस दी थी। 

    सेक्टर 10 में रहने वाले कारोबारी त्रेहन ने कहा कि iPhone के लंगर में भीड़ नहीं जुटाई जा रही। इस दौरान सिर्फ मीडिया मौजूद रहेगी। उनकी मौजूदगी में ड्रॉ निकाला जाएगा। जिसका भी मोबाइल निकलेगा, वह उसके घर जाकर मोबाइल देंगे। ड्रॉ का टाइम दोपहर 12 से 2 बजे तक रखा गया है। त्रेहन ने लोगों से भी अपील की कि कोई भी उनके घर आकर भीड़ जमा न करे।

    कैसे तय होगा, किसे मिलेगा फ्री iPhone

    कारोबारी राकेश त्रेहन ने बताया कि उन्होंने चंडीगढ़ और मोहाली की 18 साल से बड़ी उम्र की महिलाओं का वॉट्सऐप ग्रुप बनाया है। इसमें जिन महिलाओं को जोड़ा गया है, उन्हें रोजाना ग्रुप में जय माता दी लिखना है। जो सदस्य ऐसा नहीं करेगा, उसे ग्रुप से रिमूव कर दिया जाएगा। अब ड्रॉ वाले दिन त्रेहन ग्रुप में जुड़े मेंबरों के नाम को स्क्रॉल करेंगे। जिस भी मेंबर के नाम पर स्क्रीन रुकेगी, उसे ही विजेता माना जाएगा।

        मोहाली में पैसों का लंगर 15 सितंबर 2026 को राजा ने मोहाली के फेज-3बी1 स्थित श्री वैष्णो माता मंदिर के बाहर पैसों का लंगर लगाया। यहां लोगों को “जय माता दी” बोलने पर नकद राशि दी गई। ज्यादातर लोगों को ₹500, जबकि कुछ लोगों को ₹1,000 और ₹1,500 तक दिए गए। आयोजन से पहले टीम ने लोगों के मोबाइल नंबर लेकर कूपन भी बांटे और बाद में लोगों को लाइन में खड़ा किया गया। राजा ने इसे माता रानी का प्रसाद बताया।

        चंडीगढ़ में पैसे, बर्गर और कोल्ड ड्रिंक का लंगर अगस्त 2026 में राजा ने चंडीगढ़ के सेक्टर-8 में अनोखा “पैसों का लंगर” लगाया। इसमें लोगों को पारंपरिक लंगर के बजाय ₹500 के नकद नोट, बर्गर और कोल्ड ड्रिंक बांटे गए। आयोजन में काफी भीड़ पहुंची थी। राजा ने इसे सेवा और माता रानी की कृपा से जोड़ा।

        चंडीगढ़ में पेट्रोल का लंगर स्थगित हुआ राजा ने चंडीगढ़ में पेट्रोल का लंगर लगाने की घोषणा की थी। शुरुआती कार्यक्रम 18 अगस्त 2026, शाम 5 बजे सेक्टर-7 और सेक्टर-10 के पेट्रोल पंपों पर रखा गया था। लोगों को ₹500 और ₹1,000 के पेट्रोल कूपन देने की योजना थी। लेकिन 18 अगस्त को भारी बारिश और जलभराव के कारण आयोजन नहीं हो सका। इसके बाद राजा किंग ने इसकी नई तारीख 21 अगस्त घोषित की। मगर, उसके बाद प्रशासन ने इसकी परमिशन नहीं दी।

    अमृतसर के राकेश त्रेहन, पिता कपड़ा कारोबारी थे

    राकेश त्रेहन को सोशल मीडिया पर ‘राजा दी किंग’ के नाम से जाना जाता है। वह मूल रूप से अमृतसर के रहने वाले हैं। उनके पिता कपड़े के कारोबारी थे और अब उनका निधन हो चुका है। राकेश के मुताबिक, पिता की संपत्ति का आधा हिस्सा उन्हें मिला है। राकेश त्रेहन की कंपनी डिजिटल करेंसी और ऑनलाइन फाइनेंस मार्केट में निवेश व ट्रेडिंग से जुड़ी है। उनका कारोबार रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी डीलिंग से भी जुड़ा है।

  • MP Weather: भोपाल-नर्मदापुरम समेत कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट

    MP Weather: भोपाल-नर्मदापुरम समेत कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में 23 सितंबर से भारी बारिश का दौर शुरू होगा। IMD (मौसम केंद्र) के मुताबिक, 24 और 25 सितंबर को सिस्टम की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी देखने को मिलेगी। 2 दिन में 17 जिलों में अति भारी या भारी बारिश हो सकती है। 

    प्रदेश में अब तक औसत 33.7 इंच पानी गिर चुका है। आगामी दिनों में तेज बारिश होने से इस आंकड़े सुधार की उम्मीद है। बता दें कि दक्षिण-पश्चिम मानसून सितंबर के आखिरी सप्ताह से विदा होना शुरू हो जाएगा, लेकिन इससे पहले तेज बरसात का अनुमान है।

    मौसम विभाग के अनुसार, लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) की वजह से प्रदेश में भारी बारिश के आसार दिखाई दे रहे हैं। 23 सितंबर से कुछ जिलों में पानी गिरेगा।

    पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में असर ज्यादा रहेगा। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में भी अलर्ट है।

    इससे पहले रविवार रात को भोपाल के कई इलाकों में तेज पानी गिरा। नर्मदापुरम में हवा चलने के बाद करीब पौन घंटे बारिश हुई। फेफरताल में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिर गया।

    बिजली गुल होने से शहर का करीब 40 फीसदी हिस्सा अंधेरे में डूबा रहा। रसूलिया, आशुतोष नगर और हरदा रोड स्थित महाराणा प्रताप मार्केट में गणेश पंडालों को नुकसान पहुंचा।

    सोमवार को भी भोपाल समेत कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। शाम को बादल छाए रहे। रात में कोलार इलाके में हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई।

    प्रदेश में अब तक 6 प्रतिशत बारिश कम IMD की मानें तो प्रदेश में अब तक 856.8 मिमी यानी, 33.7 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 36.3 इंच (922.6 मिमी) की तुलना में 2.6 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 2% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 10% बारिश कम हुई है।

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 2% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 23% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। सोमवार को आंकड़ा माइनस में 2 प्रतिशत रहा।

    वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 7% से 49% कम पानी गिरा है।

    इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

  • ‘वर्दी पहनकर न आएं’ ऑडियो पर कांग्रेस का दावा, पंजाब पुलिस ने बताया फर्जी

    ‘वर्दी पहनकर न आएं’ ऑडियो पर कांग्रेस का दावा, पंजाब पुलिस ने बताया फर्जी

    चंडीगढ़

    पंजाब में पुलिसकर्मियों के लिए एक नए निर्देश को लेकर सियासत गरमा गई है। एक वायरल ऑडियो में दावा किया गया है कि पुलिसकर्मियों को घर से वर्दी पहनकर न आने का आदेश दिया गया है। इस ऑडियो के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।

    ऑडियो में कहा गया है कि पुलिसकर्मी थाने आकर ही वर्दी पहनें। इस दावे ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि जिस वर्दी पर गर्व था, आज वही छिपानी पड़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि फिर इतनी सुरक्षा का क्या फायदा। मजीठिया ने आरोप लगाया कि पुलिस गैंगस्टरों के सामने बेबस है। उन्होंने कहा कि आम पंजाबियों में डर का माहौल है। उनके अनुसार, कानून व्यवस्था पूरी तरह से पुलिस के हाथ से निकल चुकी है। 

    कांग्रेस ने भी साधा निशाना
    कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी प्रसारित ऑडियो साझा किया। उन्होंने कहा कि पंजाब जल रहा है और भगवंत मान मंचों पर चुटकुले सुना रहे हैं। वड़िंग ने स्थिति की तुलना "रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था" से की। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

    अमृतसर देहात, बटाला, गुरदासपुर और पठानकोट के SSP को पुलिस कर्मचारियों की निजी सुरक्षा, ड्यूटी पॉइंट और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा को लेकर विशेष हिदायतें जारी की गई हैं। अधिकारियों को इन निर्देशों की सख्ती से पालन करवाने के लिए कहा गया है।

    ऑडियो में किसी महिला की आवाज है, जो अपने आप को पुलिस मुलाजिम ही बता रही है। वह कह रही है कि अधिकारियों से सभी पुलिसवालों को निर्देश मिले हैं कि वर्दी, बेल्ट, पहचान चिन्ह, पुलिस उपकरण या ऐसा कोई सामान प्रदर्शित नहीं करना है, जिससे उनकी पहचान आसानी से हो सके।

    कर्मचारियों को निजी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने और आने-जाने की दिनचर्या में संभव बदलाव रखने को कहा गया है। पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम मजीठिया ने भी ये ऑडियो पोस्ट की है।

    हालांकि, पंजाब पुलिस ने पोस्ट कर इन दावों को झूठा बताया है। पंजाब पुलिस की पोस्ट में कहा गया है कि अधिकारियों की ओर से ऐसा कोई दावा नहीं किया गया है। मंत्री हरपाल चीमा ने भी इन दावों को फर्जी बताया है।

    पंजाब पुलिस की ओर से ये बातें लिखी गईं
        ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया: पुलिस की पोस्ट में लिखा गया है- पंजाब पुलिस मुख्यालय या उसके अधीन किसी भी पंजाब पुलिस कार्यालय की ओर से पुलिस कर्मचारियों को ड्यूटी पर जाते या ड्यूटी से लौटते समय वर्दी न पहनने का कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है।

        दावे फर्जी: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे संदेश फर्जी हैं। इनमें पुलिस कर्मचारियों को ड्यूटी पर आने-जाने के दौरान सिविल कपड़े पहनने की बात कही जा रही है, लेकिन ऐसा कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।

        लोगों से अपील: नागरिकों और पुलिस कर्मचारियों से अपील है कि वे सही और प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल पंजाब पुलिस के आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करें।

    पढ़िए, वायरल ऑडियो में क्या कहा जा रहा

        इस्लामाबाद में एनकाउंटर के बाद निर्देश आए: वायरल ऑडियो में कोई महिला कह रही है- सभी मुलाजिम इस ऑडियो को ध्यान से सुन लें। अभी सीपी साहब की मीटिंग हुई है। इस्लामाबाद में, ASI हरजीत सिंह के मर्डर के बाद हुए एनकाउंटर के बाद ये निर्देश दिए गए हैं।

        कोई भी मुलाजिम वर्दी में न आए: ऑडियो में कहा जा रहा है- जांच में पता चला है कि पुलिस मुलाजिमों को आप मारेंगे तो मारने वाले को आगे काम दिया जाएगा। इसलिए, सीपी साहब की ओर से सख्त हिदायत है कि कोई भी मुलाजिम, चाहे गाड़ी में आ रहा हो या साइकिल पर, वह अपनी वर्दी में नहीं होगा। जूते से लेकर पगड़ी तक कोई भी पुलिसकर्मी वर्दी में नजर नहीं आना चाहिए। सभी सिविल ड्रेस में आएंगे। अगर किसी भी मुलाजिम को आते-जाते वर्दी में देखा गया तो एक्शन होगा।

        और मुलाजिमों को निशाना बनाया जा सकता है: वायरल ऑडियो में कहा जा रहा है- जब ड्यूटी पर आना है, थाने तक सिविल ड्रेस में ही आना है और ड्यूटी खत्म होने के बाद भी थाने में ही वर्दी बदलकर जाना है। जांच में यह भी पता चला है कि 5-6 और मुलाजिमों को निशाना बनाए जाने की आशंका है। एक एनकाउंटर होने के बाद ऐसी घटनाएं और बढ़ गई हैं। इनमें शहर के पुलिस मुलाजिम भी निशाने पर होंगे।

        महिला कर्मियों के लिए भी मैसेज: ऑडियो में सुनाई दे रहा है- महिला पुलिस मुलाजिम भी इस निर्देश को ध्यान से सुनें। जो हरविंदर या शरण आदि हैं, वे भी वर्दी पहनकर एक्टिवा पर घूम रही हैं। उन्हें भी सिविल ड्रेस में ही आना-जाना है। थाने पहुंचकर वर्दी पहननी है और ड्यूटी खत्म होने पर थाने में ही वर्दी बदलकर जाना है।

    वायरल पोस्टों में और क्या दावे किए जा रहे

    थानों-चौकियों के आसपास संदिग्धों पर नजर

    सोशल मीडिया पर राजा वड़िंग और बिक्रम मजीठिया की पोस्ट के साथ कुछ कागज भी डाले गए हैं। जिनमें भी दावा किया जा रहा है कि पुलिस अधिकारियों ने पुलिस कैंपों, थानों, चौकियों और न्यायिक स्थानों के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को देने और जरूरी कानूनी व सुरक्षा कार्रवाई करने को कहा गया है।

    रात के समय थानों, चौकियों और संवेदनशील पॉइंटों की चेकिंग के लिए गजटेड अधिकारियों और SHO को व्यक्तिगत तौर पर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। चेकिंग को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए संतरी ड्यूटी, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की सतर्कता की वास्तविक स्थिति जांचने को कहा गया है।

    नाके पर 360 डिग्री सुरक्षा के निर्देश, अकेले आने-जाने से बचें, बडी पेयर सिस्टम अपनाएं

    दावा किया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों को नाके और चेकिंग पॉइंटों पर 360 डिग्री सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। सभी कर्मचारियों को एक ही जगह पर बैठने से बचने, एक हथियारबंद और सतर्क संतरी तैनात रखने व संदिग्ध व्यक्ति या वाहन की जांच के दौरान पूरी सावधानी बरतने को कहा गया है।

    ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन के गैर-जरूरी इस्तेमाल और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की हिदायत दी गई है। कर्मचारियों को जहां तक संभव हो, अकेले आने-जाने से बचने और बडी पेयर सिस्टम के तहत आवाजाही करने को कहा गया है।

    संदिग्ध विदेशी संपर्क सामने आने पर उसकी गहन जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा गैंगस्टर और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में एजीटीएफ और नशा तस्करी से जुड़े मामलों में एएनटीएफ के साथ तुरंत सूचना शेयर करने और जरूरत के अनुसार इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    भाजपा बोली-क्या विडंबना है
    भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी हो गई है कि पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे सड़कों पर या सार्वजनिक और निजी वाहनों में यात्रा करते समय पुलिस की वर्दी न पहनें। जिस वर्दी से अधिकार का भाव झलकता है और जो सुरक्षा का एहसास कराती है, अब उसे ही ऐसा माना जा रहा है जिससे पुलिस अधिकारी किसी हमले का निशाना बन सकते हैं। यह उन लोगों की सुरक्षा का मामला है, जिन पर पंजाब के नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। सम्मान तो है, लेकिन वर्दी पहनना भी खतरे से खाली नहीं है! 

    पुलिस ने ऑडियो को बताया फर्जी
    पंजाब पुलिस ने इस प्रसारित ऑडियो को पूरी तरह फर्जी बताया है। पंजाब पुलिस के आधिकारिक माध्यम से इस मामले में स्पष्टीकरण जारी किया गया है। पुलिस ने कहा कि मुख्यालय या उसके अधीन किसी भी कार्यालय ने ऐसा कोई निर्देश या सलाह जारी नहीं की है। सोशल मीडिया पर फैल रहे ऐसे संदेशों को फर्जी बताया गया है। नागरिकों और पुलिस कर्मियों को सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।

     

  • मीनाक्षी हत्याकांड में नया खुलासा, आरोपी पवन 7 साल से भोपाल में रह रहा था

    मीनाक्षी हत्याकांड में नया खुलासा, आरोपी पवन 7 साल से भोपाल में रह रहा था

    भोपाल 
    भोपाल शहर में आरटीओ इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले मर्डर मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। बताया जा रहा है कि मीनाक्षी का ब्वॉयफ्रेंड पवन मूलतः सीधी जिले के भनवारी गांव का रहने वाला था। पवन 4 बहनों 6 भाइयों में सबसे छोटा था। पिता दीनबंधुराम द्विवेदी का निधन पिछले साल फरवरी में हो गया था जबकि मां का देहांत नवंबर में हो गया था। घरवालों ने बताया कि उसकी शादी नहीं हुई थी। लंबे समय से भोपाल में ही शादी की बात चल रही थी। बड़े भाई विनय ने बताया कि उसने 15 साल दक्षिण अफ्रीका में नौकरी की थी। बाद में वापस लौट आया। पवन बीते 7 साल से भोपाल में रह रहा था।

    पुलिस के मुताबिक- इसी समय मीनाक्षी की दोस्त कृतिका ने मीनाक्षी और पवन को मकान के आंगन में तेज आवाज में बात करते देखा था। कुछ घंटे बाद मीनाक्षी का शव घर के हॉल में खून से लथपथ मिला। वहीं, मकान से करीब 20 मीटर दूर पवन का शव पेड़ पर फंदे से लटका मिला।

    कृतिका ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि उसने मीनाक्षी की हत्या होते हुए नहीं देखा। उसका कहना है कि घर में दो कूलर चल रहे थे, इसलिए बाद में अंदर से हो रही बहस की आवाज उसे सुनाई नहीं दी। ऐसे में रात 1:30 बजे के बाद दोनों के बीच क्या हुआ, यह अभी पुलिस जांच का विषय है।

    कृतिका ने पुलिस को बताया कि सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे इंदौर के लिए निकलना पहले से तय था। सुबह अलार्म की आवाज से उसकी नींद खुली। उसे लगा कि मीनाक्षी सो रही होगी। उसने बिस्तर से ही मीनाक्षी के मोबाइल नंबर पर कॉल किया, लेकिन कॉल नहीं उठा। इसके बाद वह कमरे से बाहर आई तो हॉल में मीनाक्षी का खून से लथपथ शव देखा।

    कृतिका ने तुरंत 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के घर पहुंचने से पहले ही कॉलोनी के वॉचमैन ने पवन का शव फंदे पर लटका देखा और पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

    पवन से मिलने के बाद खुश थीं मीनाक्षी, खुद खाना बनाया; रात में साथ टहले
    कृतिका ने पुलिस को बताया कि मीनाक्षी पवन से मिलने के बाद खुश थीं। मीनाक्षी ने अपने हाथों से खाना बनाया और सभी को खिलाया। खाना खाने के बाद मीनाक्षी, पवन, कृतिका और तीन साल की बच्ची कॉलोनी में वॉक करने निकले।

    रात करीब 10:30 बजे तक टहलने के बाद कृतिका सोने चली गई। वह मीनाक्षी की बेटी को भी अपने साथ सुलाने ले गई थी। कृतिका के मुताबिक, मीनाक्षी ने ही उसे बच्ची को अपने साथ सुलाने की बात कही थी।

    कृतिका ने पुलिस को बताया कि वह सफर के कारण काफी थकी हुई थी और कुछ ही देर में उसे नींद आ गई। हालांकि, देर रात उसकी नींद खुली तो उसने मीनाक्षी और पवन को आंगन में तेज आवाज में बातचीत करते आखिरी बार देखा।

    कृतिका का कहना है कि उसने दोनों के बीच पहले भी विवाद होते देखे थे। इसलिए उसने उस समय उनकी बातचीत में हस्तक्षेप नहीं किया और बच्ची के साथ वापस सो गई।

    रिश्ता खत्म हुआ तो बढ़ा झगड़ा
    पुलिस के अनुसार, मीनाक्षी और पवन की पहचान इंदौर में पढ़ाई के दौरान हुई थी। तब पवन कोचिंग क्लास चलाता था और मीनाक्षी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन अलग जाति के कारण मीनाक्षी के परिवार की सहमति नहीं थी। बाद में मीनाक्षी ने दूसरे युवक से शादी की, लेकिन डेढ़ साल पहले उनका तलाक हो गया। इसके बाद भी पवन उससे शादी करना चाहता था। बताते हैं किराए का मकान छोड़कर इंदौर शिफ्ट होने की बात से वह नाराज था।

    सहेली और बेटी अंदर कमरे में सोई थी
    डीसीपी आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि मीनाक्षी रविवार शाम 7 बजे दतिया से सहेली कृतिका और तीन साल की बेटी के साथ भोपाल पहुंची थीं। रात में कृतिका और बच्ची घर के अंदर वाले कमरे में सो गए। मीनाक्षी बाहर वाले कमरे में थीं। सुबह 7 बजे कृतिका की नींद खुली तो मीनाक्षी को मृत हालत में देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी।

    सोशल मीडिया पर एक्टिव थी मीनाक्षी
     सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा एक्टिव थी। वो अपनी 3 साल की बेटी के साथ लगातार रील और फोटो डालती रहती थी। सोशल मीडिया पर उसने वर्दी के साथ कई रील डाल रखी है। कुछ रीलों से समझ आता है कि मीनाक्षी कई चीजों के लेकर परेशान रहती थी। पति से तलाक के बाद बेटी को पूरी तरह से वहीं देखती थी।

    इंदौर में हुई थी दोस्ती
    मीनाक्षी से आरोपी पवन की दोस्ती इंदौर में हुई थी। वह पर कोचिंग क्लास चलाता था। साथ ही उससे शादी करना चाहता था। लेकिन मीनाक्षी इसके लिए तैयार नहीं थी। आशंका व्यक्त की जा रही है। इसी विवाद में उसकी हत्या हुई होगी।

    पति से हो चुका है तलाक
    वहीं, मृतक मीनाक्षी का दो साल पहले पति से तलाक हो चुका है। उसकी तीन साल की बेटी है। घटना के बाद पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है। मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगा।

  • झारखंड के आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों को राहत, मानदेय बढ़ाने पर हर साल 8.51 करोड़ का खर्च

    झारखंड के आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों को राहत, मानदेय बढ़ाने पर हर साल 8.51 करोड़ का खर्च

    रांची
     समग्र शिक्षा अभियान के तहत संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय सहित सभी आवासीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं का मानदेय बढ़ेगा। इसके तहत संविदा पर कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं का मानदेय 10 प्रतिशत बढ़ेगा।

    वहीं, अंशकालीन शिक्षकों के मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि होगी। समग्र शिक्षा अभियान की मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य कार्यकारिणी समिति ने इस प्रस्ताव पर इस शर्त के साथ अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है कि इसपर सक्षम प्राधिकार से भी अनुमोदन लिया जाएगा। इस तरह, वित्त विभाग की मंजूरी मिलने के बाद बढ़ा हुआ मानदेय लागू होगा।

    कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में कक्षा आठ तक के लिए अनुबंध पर 1,015 शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। वर्तमान में इनके मानदेय पर प्रतिवर्ष 3,410 लाख रुपये खर्च होते हैं। 10 प्रतिशत मानदेय वृद्धि होने पर प्रतिवर्ष 341 लाख रुपये का खर्च बढ़ेगा।

    इन विद्यालयों में कक्षा नौ से 12 के लिए 1,015 अंशकालीन शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। इन्हें प्रति माह 14,400 रुपये मानदेय के रूप में दिए जाते हैं। इनके मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि होगी। इन विद्यालयों में कक्षा आठ तक के लिए अनुबंध के स्वीकृत पदों में रिक्त पदों पर अंशकालीन शिक्षिकाओं की नियुक्ति होगी। इन्हें 14 हजार रुपये मानदेय देने का प्रस्ताव है।

    चूंकि यह राशि समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्वीकृत है, इसलिए इसपर राज्य सरकार को अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। इसी तरह, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों में कार्यरत 456 अंशकालीन शिक्षिकाओं को वर्तमान में 13,200 रुपये मानदेय दिए जाते हैं।

    मानदेय बढ़ने पर इन्हें प्रतिमाह 14,200 रुपये का भुगतान होगा। वहीं, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय में कार्यरत 78 शिक्षकों को अब प्रतिमाह 12 हजार की जगह 13 हजार रुपये मानदेय दिए जाएंगे।

    851.95 लाख रुपये बढ़ेगा बोझ
    प्रस्ताव के अनुसार, मानदेय बढ़ाने से पड़नेवाले अतिरिक्त वित्तीय भार का वहन राज्य बजट से किया जाएगा। इसपर प्रतिवर्ष 851.95 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे।

     

  • ‘अभियान बसेरा’ के तहत भूमिहीन परिवारों को वासभूमि का अधिकार, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

    ‘अभियान बसेरा’ के तहत भूमिहीन परिवारों को वासभूमि का अधिकार, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

    पटना
    बिहार में प्रत्येक भूमिहीन परिवारों का भी अपना आशियाना होगा। इसी संकल्प के साथ राज्य सरकार ने "अभियान बसेरा" के तहत 22/09/2026 से सभी पंचायतों में विशेष शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि लंबे समय से सरकारी जमीन पर रहने वालों को भूमि का पर्चा दिया जाएगा। 20 से 40 सालों तक सरकारी जमीन पर घर बनाकर रहने वालों को हटाने के बजाए व्यवस्थित किया जाएगा। इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को आवश्यक निर्देश दिया गया है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि अब गृहस्थल (वासभूमि) के पर्चे के लिए किसी प्रकार की परेशानी उठाने की आवश्यकता नहीं है। अपने नजदीकी ग्राम पंचायत अथवा अंचल कार्यालय में जाकर आवेदन जमा करें। सभी संबंधित अधिकारियों को आवेदन स्वीकार करने और उसकी रसीद उपलब्ध कराने के निर्देश सरकार की ओर से दिए गए हैं।

    ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं
    सीएम ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बिहार भूमि पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था की गई है। https://biharbhumi.bihar.gov.in/Biharbhumi/ के माध्यम से लाभुक घर बैठे भी गृहस्थल (वासभूमि) के लिए आवेदन कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार का कोई भी पात्र परिवार आवासीय भूमि के अधिकार से वंचित न रहे। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया तेज करने का निर्देश जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से खुद यह जानकारी दी है।

    आवेदन करने की प्रक्रिया
    अभियान बसेरा के तहत अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग सहित अन्य पात्र भूमिहीन परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी। इसमें पात्र परिवारों को आवेदन के साथ परिवार के सभी सदस्यों का विवरण एवं मोबाइल नंबर, आवेदक,पति/पत्नी तथा वयस्क पारिवारिक सदस्यों के आधार कार्ड की स्व-अभिप्रमाणित प्रतियां, जाति प्रमाण-पत्र की प्रति तथा राशन कार्ड/मतदाता पहचान-पत्र/निवास प्रमाण-पत्र से संबंधित उपलब्ध दस्तावेज संलग्न करने होंगे। इसके साथ परिवार का सामूहिक फोटो तथा निर्धारित प्रारूप में शपथ-पत्र देना होगा,जिसमें यह उल्लेख हो कि परिवार के पास वास योग्य भूमि नहीं है तथा पूर्व में किसी सरकारी योजना के माध्यम से वासभूमि प्राप्त नहीं हुई है। यदि कोई परिवार सरकारी भूमि पर निवास कर रहा है,तो उपलब्ध होने पर संबंधित मौजा, खाता, खेसरा एवं पूर्व निवास संबंधी साक्ष्य भी आवेदन के साथ प्रस्तुत किए जा सकते हैं। आवेदक योजना से संबंधित जानकारी और आवेदन करने की प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में पूरी जानकारी संबंधित अंचल कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।

  • ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान: कानपुर-वाराणसी में छापेमारी, कई रेस्टोरेंट में मिलीं खामियां

    ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान: कानपुर-वाराणसी में छापेमारी, कई रेस्टोरेंट में मिलीं खामियां

    लखनऊ
     यूपी में शुद्ध ही शुभ है अभियान के तहत 38 टीमों ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर 52 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इसी क्रम में प्रदेश की खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की ओर से सोमवार को कानपुर समेत प्रदेश के पांच जिलों में अधिकारियों की विशेष टीम ने व्यापक छापेमारी की। इस दौरान मॉल और रेस्टोरेंट में गंदगी का अंबार मिला।

    कानपुर में खाद्य विभाग ने रेव मोती मॉल के फूड कोर्ट में छापेमारी की। जहां अत्यंत खराब हाइजीन एवं सैनिटरी कंडीशन, अत्यधिक गंदगी, क्षतिग्रस्त दीवारें और खाद्य सामग्री फर्श पर रखे जाने की स्थिति पाई गई। इसके तहत फूड कोर्ट में संचालित सभी 10 प्रतिष्ठानों को सुधार होने तक बंद रखने की कार्रवाई की गई। टीम ने ला पीनोज पिज्जा (सप्पायर मॉल) में इंसेक्ट इन्फेक्शन, एक्सपायर सॉस/ड्रेसिंग्स, वेज एवं नॉन वेज खाद्य पदार्थों के लिए एक ही बर्तनों के इस्तेमाल व खराब गुणवत्ता का पनीर पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई।

    स्क्वायर मॉल के फूड कोर्ट में भी मिली खामियां
    स्वरूप नगर स्थित वेलफेल सैम/केशव राज एंड संस में प्रोपराइटरी फूड्स पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायर डेट एवं इंग्रेडिएंट्स का विवरण अंकित नहीं पाया गया। उपभोक्ताओं को आवश्यक खाद्य संबंधी जानकारी उपलब्ध न कराने के कारण सुधार होने तक कारोबार बंद करने की संस्तुति की गई। स्क्वॉयर मॉल में नी हाउ में चोक्ड ड्रेनेज, अत्यंत खराब हाइजीन एवं सैनिटरी कंडीशन तथा वेज एवं नॉन वेज खाद्य पदार्थों के लिए एक ही बर्तनों के प्रयोग की स्थिति मिली।

    बिरयानी क्वीन के आटे में कीड़े
    इन कमियों के दृष्टिगत सुधार होने तक कारोबार बंद करने की संस्तुति की गई। बिरयानी क्वीन में आटे में कीड़े, निर्माण स्थल पर अत्यधिक गंदगी तथा खाद्य तेल के बार-बार इस्तेमाल के साथ तेल में अत्यधिक गंदगी पाई गई। किदवई नगर एम ब्लॉक स्थित स्पाइसी फास्ट फूड रेस्टोरेंट में खुले नाले के समीप प्रतिष्ठान का संचालन और किचन एरिया में दुर्गंध पाई गई। सोमवार को फूड विभाग की टीम ने छापेमारी कर सैंपल भरे।

    रेस्टोरेंटों की रसोई में नहीं मिली पर्याप्त साफ-सफाई
    उधर, वाराणसी में खाद्य विभाग की 20 टीमों ने फास्ट फूड रिटेल चेन और रेस्टोरेंट इकाइयों के खिलाफ अभियान चलाकर 40 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। टीमों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ रसोई की स्वच्छता, खाद्य भंडारण, कीट नियंत्रण और साफ-सफाई की जांच की। इस दौरान कहीं स्टोर में गंदगी मिली तो कहीं कीड़े मिले। एक रेस्टोरेंट में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों की तैयारी के लिए अलग-अलग पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।

    महमूरगंज स्थित कैफे कॉफी डे ग्लोबल लिमिटेड के निरीक्षण में प्रतिष्ठान के बुनियादी ढांचे की स्थिति खराब मिली। फॉल्स सीलिंग क्षतिग्रस्त थी। उसके हिस्से टूटकर खाद्य पदार्थों में गिरने और उनके दूषित होने की आशंका सामने आई। स्टोरेज एरिया में अत्यधिक गंदगी मिली। टॉयलेट में भी साफ-सफाई नहीं थी। अर्दली बाजार के मियां महल स्थित ला पीनोज के निरीक्षण में डस्टबिन के आसपास कीटों का संक्रमण पाया गया। वहीं, शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों की तैयारी के लिए अलग-अलग व्यवस्था नहीं थी।

    विभाग की टीमों ने केवल तैयार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता नहीं देखी, बल्कि रसोई की स्वच्छता, सेनिटेशन, पेस्ट कंट्रोल, ड्रेनेज, खाद्य भंडारण, कच्चे माल की गुणवत्ता, शाकाहारी-मांसाहारी खाद्य पदार्थों के अलगाव और खाद्य लेबलिंग की भी जांच की। अ

  • राहु-केतु की चाल बदलेगी किस्मत! 76 दिनों तक इन 6 राशियों पर बरसेगा धन

    राहु-केतु की चाल बदलेगी किस्मत! 76 दिनों तक इन 6 राशियों पर बरसेगा धन

    वैदिक ज्योतिष में राहु और केतु को छाया ग्रह और 'मायावी ग्रह' माना जाता है. नवग्रहों में ये दोनों ही ऐसे ग्रह हैं जो हमेशा उल्टी चाल यानी वक्री चलते हैं. राहु और केतु का गोचर काफी धीमी गति से होता है, इसलिए जब भी ये अपना नक्षत्र बदलते हैं, तो इसका असर सभी 12 राशियों के जीवन में दीर्घकालिक और गहरा दिखाई देता है.

    वर्तमान में राहु देव मंगल के स्वामित्व वाले धनिष्ठा नक्षत्र में विराजमान हैं, जबकि केतु देव स्वयं के नक्षत्र मघा में गोचर कर रहे हैं. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, राहु और केतु की यह चाल आने वाले 76 दिनों तक कई राशियों के लिए भाग्यशाली साबित होने वाली है. ज्योतिषविद् नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, इन दोनों छाया ग्रहों की चाल से मुख्य रूप से 6 राशियों का बैंक बैलेंस बढ़ेगा और उन्हें जबरदस्त आर्थिक मुनाफा मिलेगा. आइए जानते हैं कि राहु और केतु के नक्षत्र परिवर्तन से किन राशियों की किस्मत चमकने वाली है:

    मघा नक्षत्र में केतु का गोचर: इन 4 राशियों को मिलेगा भारी लाभ
    केतु ग्रह 5 दिसंबर 2026 तक अपने ही स्वामित्व वाले मघा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे. केतु के इस नक्षत्र गोचर से निम्नलिखित 4 राशियों के जीवन में तरक्की और धन-समृद्धि के योग बन रहे हैं.

    मेष राशि (Aries): आपके साहस और निर्णय लेने की क्षमता में निखार आएगा. निवेश से उम्मीद से ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना है.

    सिंह राशि (Leo): आपके मान-सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में भारी वृद्धि होगी. लंबे समय से अटकी हुई योजनाएं गति पकड़ेंगी और करियर में नए अवसर मिलेंगे.

    वृश्चिक राशि (Scorpio): आर्थिक स्थिति पहले से काफी मजबूत होगी. बिजनेस में बड़े सौदे फाइनल हो सकते हैं और अचानक गुप्त धन-लाभ के योग बनेंगे.

    कुंभ राशि (Aquarius): साझेदारी में किए गए कार्यों से बेहतरीन मुनाफा मिलेगा. पारिवारिक जीवन में चल रही परेशानियां कम होंगी और आय के नए स्रोत बनेंगे.

    धनिष्ठा नक्षत्र में राहु का गोचर: इन 3 राशियों की होगी बल्ले-बल्ले

    राहु देव मंगल के धनिष्ठा नक्षत्र में 2 अगस्त 2026 से प्रवेश कर चुके हैं और वे वर्ष 2027 तक इसी नक्षत्र में संचार करेंगे. राहु के इस नक्षत्र परिवर्तन से 3 राशियों को विशेष फायदा होगा.

    मेष राशि (Aries): (राहु और केतु दोनों के प्रभाव से) मेष जातकों को दोहरे लाभ के योग हैं. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन और वेतन वृद्धि की खुशखबरी मिल सकती है.

    कन्या राशि (Virgo): कोर्ट-कचहरी या किसी पुराने विवाद से राहत मिलेगी. व्यापार में प्रतिस्पर्धियों पर आपकी बढ़त बनी रहेगी और मुनाफा बढ़ेगा.

    धनु राशि (Sagittarius): विदेश यात्रा या विदेशी स्रोतों से धन लाभ के योग बनेंगे. आपकी आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी और समाज में प्रभाव मजबूत होगा.

    राहु-केतु के अशुभ प्रभावों से बचाव के अचूक उपाय
    राहु की शांति के लिए देवी दुर्गा की आराधना करें और केतु के शुभ फल पाने के लिए भगवान श्री गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें.

    – जरूरतमंद और असहाय लोगों को भोजन, जल, वस्त्र या अपनी क्षमतानुसार धन का दान करें.

    – तामसिक भोजन और शराब-सिगरेट जैसी आदतों से दूरी बनाएं.

    – किसी गरीब या असहाय व्यक्ति का अपमान न करें. अपने अंदर अहंकार (Ego) और अत्यधिक क्रोध पर नियंत्रण रखें.

  • Bank Holiday: बुधवार को बैंकों में नहीं होगा कामकाज, जानें किस वजह से छुट्टी

    Bank Holiday: बुधवार को बैंकों में नहीं होगा कामकाज, जानें किस वजह से छुट्टी

    नई दिल्ली

     कल बुधवार को बैंक बंद रहने वाले हैं। अगर आप कल 23 सितंबर को बैंक ब्रांच जाकर अपना काम निपटाने का प्लान कर रहे हैं तो पहले जान लीजिए कि आपके राज्य में बैंक खुले हैं या नहीं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के कैलेंडर के मुताबिक कल बुधवार को बैंक कुछ राज्यों में बंद रहने वाले हैं। यहां जानिये कल किस राज्य में और क्यों बैंक बंद रहने वाले हैं।

    कल बुधवार 23 सितंबर को क्यों बंद रहेंगे बैंक?
    कल बुधवार 23 सितंबर को बैंक महाराजा हरि के जन्मदिवस के कारण बंद रहेंगे। कल बैंक इसके कारण जम्मू-कश्मीर में नहीं खुलेंगे। यहां सभी सरकारी और प्राइवेट सेक्टर बैंक जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा, एक्सिस, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई जैसे तमाम बैंक बंद रहेंगे। जम्मू-कश्मीर के अलावा बैंक देश के बाकी सभी राज्यों में खुले रहेंगे।

    जम्मू-कश्मीर रियासत के अंतिम डोगरा शासक महाराजा हरि सिंह जी का जन्म 23 सितंबर 1895 को जम्मू में हुआ था। उन्हें एक दूरदर्शी और समाज सुधारक राजा के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने अपने शासनकाल के दौरान शिक्षा, बाल विवाह उन्मूलन, अस्पृश्यता विरोधी कानूनों और न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव किए। 26 अक्टूबर 1947 को उन्होंने भारत के साथ जम्मू-कश्मीर के विलय पत्र पर हस्ताक्षर कर इस राज्य को भारत का हिस्सा बनाया।

    देश के बाकी राज्यों में कल खुली रहेंगी बैंक ब्रांच?
    कल जम्मू-कश्मीर के अलावा देश के बाकि सभी राज्यों दिल्ली, यूपी, बिहार, महाराष्ट्र,कर्नाटक,ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, झारखंड, मध्यप्रदेश, तेलांगना आदि में बैंक खुले रहेंगे।

    आज 22 सितंबर को यहां बंद हैं बैंक
    आज मंगलवार 22 सितंबर को झारखंड में करमा पूजा की वजह से बैंक बंद है। झारखंड में करमा पूजा प्रकृति और कृषि से जुड़ा लोकल त्योहार है। इस दिन करम वृक्ष की डाली की पूजा की जाती है। मान्यता है कि करम देवता परिवार को सुख-समृद्धि, खुशहाली और रक्षा करते हैं।

    सितंबर में कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

    22 सितंबर – करमा पूजा के कारण रांची में बैंक बंद रहने वाले हैं।

    23 सितंबर – महाराजा हरि सिंह जी के जन्मदिन के कारण जम्मू और श्रीनगर में बैंक बंद रहेंगे।

    25 सितंबर – इंद्रजात्रा के कारण गंगटोक में बैंक बंद रहने वाले हैं।

    26 सितंबर – चौथे शनिवार के कारण बैंक बंद रहेंगे।

    27 सितंबर – रविवार

  • करम पर्व 2026: भाई की लंबी उम्र से प्रकृति संरक्षण तक, जानें इस लोकपर्व की खासियत

    करम पर्व 2026: भाई की लंबी उम्र से प्रकृति संरक्षण तक, जानें इस लोकपर्व की खासियत

    रांची
     झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं में करम पर्व का विशेष महत्व है. यह पर्व प्रकृति की पूजा, अच्छी फसल, सुख-समृद्धि और पारिवारिक खुशहाली से जुड़ा है. इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. 2026 में करम पर्व 22 सितंबर, मंगलवार को मनाया जा रहा है.

    आखिर क्या है करम पर्व
    एक हरी-भरी करम की डाल, मांदर की थाप पर झूमता गांव और पूजा में सराबोर लोग—यही करम पर्व की खूबसूरत तस्वीर है. लेकिन यह पर्व सिर्फ पूजा और उत्सव तक सीमित नहीं है. इसके पीछे प्रकृति, कृषि, मेहनत और समृद्धि से जुड़ी सदियों पुरानी मान्यताएं हैं.

    लोकविश्वास में करम वृक्ष को कर्म देवता का प्रतीक माना जाता है. इसलिए पर्व के दिन करम की डाल को विधि-विधान से स्थापित कर उसकी पूजा की जाती है. बुवाई के बाद मनाए जाने वाले इस पर्व में लोग अच्छी फसल और प्रकृति की कृपा की कामना करते हैं.

    पूजा में मिट्टी, बीज, पेड़ और फसल जीवन के प्रतीक माने जाते हैं. जावा के रूप में अंकुरित बीज नई जिंदगी और उर्वरता की उम्मीद जगाते हैं, जबकि करम की हरी डाल प्रकृति की शक्ति और समृद्धि का प्रतीक बनती है. कुछ आदिवासी परंपराओं में ‘करम रानी’ की पूजा का भी विशेष महत्व है.

    अलग-अलग क्षेत्रों में करम पर्व की मान्यताएं और पूजा की विधियां भले ही अलग हों, लेकिन इसके केंद्र में एक ही भावना है—प्रकृति का सम्मान और बेहतर जीवन की कामना.

    कैसे मनाया जाता है करम पर्व और क्या है इसकी परंपराएं ?
    इस त्योहार को कई अनुष्ठानों का पालन करके मनाया जाता है. करम पूजा की तैयारियों में एक हफ्ते का समय लगता है. नदी के किनारे से ताजा रेत लाकर गांव और हर घर में रखी जाती हैं. इसके बाद इसमें सात बीज- जौ, मक्का, गेहूं, चावल, चना, कुल्थी और मसूर बोए जाते हैं. यही नहीं करम वृक्ष के तीन शाखाओं को आंगन की मिट्टी या गांव के अखाड़े या कहे सामुदायिक केंद्र में लगाया जाता है. ये तीनों शाखाएं त्रिदेवों- ब्रह्मा, विष्णु, महेश्वर और आकाश, पृथ्वी, पाताल, भूत, वर्तमान, भविष्य का प्रतीक माना जाता है. इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और समृद्धि के लिए दुआएं मांगती हैं और करम वृक्ष की पूजा करती हैं. भेलवा की शाखाओं को धान की खेत में लगी फसलों को कीड़ों और अन्य हानिकारक तत्वों से बचाने के लिए डाला जाता है.

    करम पर्व से जुड़ी क्या है मान्यताएं ?
    आदिवासी समुदायों की मानें तो करम पूजा के बाद ही उनके लिए शुभ समय शुरू होता है. इस दौरान शादियां तय की जाती हैं. माना जाता है कि इससे मित्रता और मजबूत होती हैं. इस त्योहार से जुड़ी एक परंपरा ‘सहिया’ का लोग पालन करते हैं. सहिया का अर्थ है दोस्ती और समुदायों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करना. आदिवासियों में ऐसी मान्यता है कि इस सहिया को मनाने से पीढ़ियों तक दोस्ती कायम रहती हैं. करम पूजा की सबसे आकर्षक विशेषताओं में से एक है “करम नृत्य”. पूजा के बाद लोग पारंपरिक गीत पर सामूहिक रूप से नृत्य करते हैं और करम गीत गाते हैं. इसमें केवल मनोरंजन नहीं होता बल्कि लोकगीतों के माध्यम से समाज की परंपरा, प्रेम, प्रकृति, खेती और जीवन का अनुभव अगली पीढ़ी तक पहुंचता है. यह एक सामाजिक एकता का पर्व हैं. ये पूजा या पर्व सामूहिक रूप से मनाया जाने वाला पर्व है. इस दिन गांव के लोग एक स्थान पर इकट्ठा होते हैं और पूजा करते हैं. इस पर्व को लेकर एक लोक कथा ये है बहुत समय पहले करम और धरम नाम के दो भाई रहते थे, दोनों स्वभाव से अलग थे. धरम मेहनत और अपने कर्तव्य को महत्व देता था, जबकि करम का विश्वास था कि जीवन में सुख-समृद्धि के लिए कर्म के साथ प्रकृति और परंपराओं का सम्मान भी जरूरी है एक बार दोनों भाइयों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया. गुस्से में करम ने करम वृक्ष की डाल को अपमानित कर दिया. इसके बाद उनके परिवार पर परेशानियां आने लगीं. घर की सुख-समृद्धि चली गई और जीवन कठिनाइयों से भर गया. धरम को अपनी गलती का एहसास हुआ फिर उसने करम देवता से क्षमा मांगी और करम वृक्ष की पूजा की, परिवार के लोगों ने भी श्रद्धा से करम देवता की आराधना की, इसके बाद धीरे-धीरे उनके जीवन में सुख-समृद्धि लौटने लगी,इसी लोकविश्वास के आधार पर करमा पर्व में करम वृक्ष की डाल को पवित्र मानकर उसकी पूजा की जाती है. माना जाता है कि करम देवता की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली आती है.

    प्रकृति संरक्षण का संदेश
    करम पर्व का सबसे बड़ा संदेश प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण से जुड़ा है. यह पर्व पेड़-पौधों, जंगल, खेती और प्रकृति के प्रति आदिवासी समाज की गहरी आस्था को दर्शाता है. साथ ही यह भाई-बहन के रिश्ते, दोस्ती, सामुदायिक एकता और आपसी सहयोग को मजबूत करने का अवसर भी है. यही वजह है कि करम पर्व आज भी झारखंड की लोक संस्कृति और परंपरा में अपनी खास पहचान बनाए हुए है.