Author: NewseDay

  • MP भाजपा संगठन में बदलाव, शिवराज डाबी और अजय शर्मा को नई जिम्मेदारियां

    MP भाजपा संगठन में बदलाव, शिवराज डाबी और अजय शर्मा को नई जिम्मेदारियां

    भोपाल 
     मध्यप्रदेश भाजपा ने सोमवार को संगठन में दो महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं. प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर भोपाल के शिवराज डाबी को प्रदेश सोशल मीडिया विभाग का प्रभारी और अजय शर्मा को प्रकोष्ठ संकुल का प्रदेश सह संयोजक नियुक्त किया गया है. दोनों नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। 

    सोशल मीडिया विभाग की जिम्मेदारी डाबी को
    भाजपा प्रदेश कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार शिवराज डाबी को प्रदेश सोशल मीडिया विभाग का प्रभारी बनाया गया है. नई जिम्मेदारी के तहत वे पार्टी के डिजिटल संचार, सोशल मीडिया गतिविधियों और संगठन से जुड़े आनलाइन अभियानों के संचालन में भूमिका निभाएंगे. ऐसे में पार्टी के बढ़ते डिजिटल विस्तार को देखते हुए यह जिम्मेदारी संगठन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 

    अजय शर्मा को प्रकोष्ठों के समन्वय की जिम्मेदारी
    वहीं, एक नए आदेश के तहत अजय शर्मा को प्रकोष्ठ संकुल का प्रदेश सह संयोजक नियुक्त किया गया है. इस जिम्मेदारी में पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के बीच समन्वय और संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने से जुड़े काम शामिल होंगे। 

    मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने दी बधाई
    दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि दोनों नेता अपनी नई जिम्मेदारियों के जरिए संगठन को मजबूत करने के साथ सरकार की योजनाओं और नीतियों को जनता तक पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाएंगे। 

    बता दें कि मध्यप्रदेश भाजपा में ये नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं, जब पार्टी प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने और विभिन्न विभागों व प्रकोष्ठों के कामकाज में समन्वय मजबूत करने पर जोर दे रही है। 

  • Vastu Tips: रोटी की लोई बनाते समय न करें ये गलतियां, घर में बढ़ सकती है अशांति

    Vastu Tips: हिंदू परंपराओं में रसोई घर को केवल खाना बनाने की जगह नहीं, बल्कि देवी अन्नपूर्णा का पावन स्थान भी माना गया है. रसोई में किया जाने वाला हर छोटा-बड़ा काम, चाहे वह बर्तन रखने का तरीका हो या आटे की लोई बनाना, हमारे घर के वास्तु पर गहरा असर डालता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, जब हम रोटी बनाने के लिए आटे की लोई बनाते हैं, तो उसका सही आकार, तरीका और शुद्धता घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है. वहीं, बेढंग या गलत तरीके से बनाई गई लोई न केवल स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है, बल्कि घर में अकारण कलह और वास्तु दोष का कारण भी बन सकती है. आइए जानते हैं कि रोटी की लोई बनाने से जुड़ा वास्तु विज्ञान क्या कहता है और कैसे एक गोल लोई आपके घर में सुख, शांति और मां लक्ष्मी की कृपा ला सकती है.

    टेढ़ी-मेढ़ी लोई और रोटी का वास्तु पर असर
    वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई में टेढ़ी-मेढ़ी, कटी-फटी या अनियमित आकार की लोई बनाकर रोटी सेकना वास्तु में शुभ नहीं माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि बेढंग आकार की रोटियां घर के सदस्यों के मानसिक स्वास्थ्य और विचारों में असंतुलन पैदा करती हैं, जिससे परिजनों के बीच अकारण मतभेद बढ़ते हैं.

    गोल लोई और सुंदर रोटी का महत्व
    गोल लोई बनाकर पूर्ण रूप से गोल रोटी बेलना सकारात्मकता, संतुलन और पूर्णता का प्रतीक है. गोल रोटी बनाने से घर में शांति और अन्नपूर्णा देवी की कृपा बनी रहती है.

    बासी या फ्रिज में रखे आटे की लोई बनाने की मनाही
    वास्तु शास्त्र और ज्योतिष दोनों में बचे हुए आटे की लोई बनाकर रोटी बनाने को सख्त मना किया गया है. ऐसा माना जाता है कि फ्रिज में रखा बासी आटा 'पिंड' के समान हो जाता है. ऐसे आटे पर राहु और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बढ़ जाता है.

    स्वास्थ्य और समृद्धि पर प्रभाव
    बासी आटे की लोई बनाकर पकाई गई रोटी खाने से घर में बीमारियां पनपती हैं और आर्थिक प्रगति रुक जाती है. हमेशा ताजा आटा गूंधकर ही लोई बनाएं.

    लोई में अंगुलियों के निशान न छोड़ें
    जब भी आप आटे की लोई बनाएं, तो उस पर उंगलियों के गहरे निशान दबाकर न छोड़ें (जैसा कि श्राद्ध या पिंड दान की लोई में किया जाता है). लोई को हमेशा दोनों हथेलियों के बीच घुमाकर चिकना और गोल रूप दें.

    रसोई और रोटी से जुड़े 4 अचूक वास्तु नियम
    – आटा गूंधने के बाद पहली लोई से बनने वाली रोटी हमेशा गाय के लिए निकालें. इसमें थोड़ा सा गुड़ या घी रखकर देना घर में रिद्धि-सिद्धि और धन-धान्य बढ़ाता है.

    – भोजन बनाते समय आखिरी लोई की रोटी कुत्ते या अन्य मूक पशु-पक्षियों के लिए निकालें. इससे राहु-केतु और शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं.

    – रोटी बनाते समय आपका मुख हमेशा पूर्व दिशा (East) की ओर होना चाहिए. इससे स्वास्थ्य उत्तम रहता है और पाचन क्रिया अच्छी रहती है.

    – तवे पर रोटी बनाने से पहले उस पर चुटकी भर नमक छिड़कना या थोड़ा सा दूध छिड़कना बेहद शुभ माना जाता है. कभी भी गर्म तवे पर सीधे पानी न छिड़कें, इससे उत्पन्न छन-छन की आवाज वास्तु दोष पैदा करती है.

  • ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद अयोध्या पहुंचीं प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर, हनुमानगढ़ी में लिया आशीर्वाद

    ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद अयोध्या पहुंचीं प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर, हनुमानगढ़ी में लिया आशीर्वाद

    डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी की फिल्म हनुमान अंश बॉलीवुड की सबसे ऐतिहासिक फिल्मों में से एक बन चुकी है. नीम करोली बाबा की जिंदगी पर आधारित इस पिक्चर ने लोगों का दिल ऐसे जीता है कि ये बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर गई. दुनियाभर में फिल्म 350 करोड़ से ज्यादा कमा चुकी है. पिछले 46 दिन से फिल्म लगातार सिनेमाघरों में लगी हुई है, और अभी भी जबरदस्त कमाई कर रही है.

    फिल्म हनुमान अंश की सफलता इनके मेकर्स के लिए कितनी बड़ी है, शायद इसकी कल्पना कोई नहीं कर सकता है. मात्र 2 करोड़ रुपये लगाकर इस फिल्म ने जो रिटर्न दिया है, वो बहुत बड़ा है. ये सब हनुमान जी का आशीर्वाद और चमत्कार माना जा रहा है. इसलिए प्रोड्यूसर्स भी उन्हें धन्यवाद कहने के लिए पहुंच रहे हैं.

    हनुमानगढ़ी मंदिर में फिल्म की प्रोड्यूसर
    फिल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर नीम करोली बाबा के आश्रम कैंची धाम पहुंची थीं. फिर बीते दिन उन्हें बाबा बागेश्वर धाम में देखा गया, जहां वो गाय माता की सेवा भी कर रही थीं. अब उनका सफर राम की नगरी अयोध्या पहुंचा है, जहां अनुप्रिया हनुमान जी को समर्पित एक अत्यंत प्रसिद्ध और ऐतिहासिक प्राचीन हनुमानगढ़ी मंदिर गईं. वहां उन्होंने भगवान के दर्शन किए, और उनसे फिल्म की सफलता का आशीर्वाद मांगा.

    हनुमानगढ़ी मंदिर से अनुप्रिया के वीडियो भी सामने आए, जिसमें उन्हें हनुमान जी के दर्शन के बाद उनकी मूर्ति लेकर जाते हुए देखा गया. वो वहां अपने परिवार के साथ आई थीं. इस मंदिर में आकर उन्होंने भगवान से क्या प्रार्थना की, इसके बारे में अनुप्रिया ने एक समाचार एजेंसी को भी बताया.

    उन्होंने कहा कि वो सोमवार की रात अयोध्या पहुंची थीं. फिल्म की रिलीज से पहले वो राम मंदिर और हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन कर चुकी थीं. उनकी फिल्म नीम करोली बाबा पर आधारित है, इसलिए जब पिक्चर को सफलता मिली तो वो दोबारा अयोध्या आईं और हनुमान जी का आशीर्वाद लिया. अनुप्रिया ने भगवान को इस सफलता के लिए धन्यवाद किया.

  • भिवानी में केमिकल टैंकर हादसे के बाद फिर भड़की आग, बिजली सप्लाई बंद; इलाके में दहशत

    भिवानी में केमिकल टैंकर हादसे के बाद फिर भड़की आग, बिजली सप्लाई बंद; इलाके में दहशत

    भिवानी
     मिक्स जाइलीन केमिकल से भरा टैंकर पलटने के बाद लगी आग पर भलेही रविवार को काबू पा लिया था मगर 50घंटे बाद सुरपुरा रोड पर गंदे नाले में फैला केमिकल फिर धधक उठा।

    नाले में भयंकरआग लग गई। आग की लपट और धूएं का गुब्बार दूर तक देखा गया। सूचना के बाद दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंची और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए।

    उल्लेखनीय है कि शनिवार रात करीब 11 बजे केमिकल मिक्स जाइलीन से भरा टैंकर बहल के बस स्टैंड के पास राजगढ़ मार्ग पर पलट गया था। गनीमत रही कि वह नाले पर पलटा।

    टैंकर उठाते वक्त लगी आग
    उसके अंदर 30 क्विंटल से अधिक केमिकल था, जो नाले में बह गया। रविवार सुबह टैंकर को उठाते समय उसमें भयंकर आग लग गई। आग की लपटे आसमान में काफी ऊंचाई तक देखी गई। आग में वहां मौजूद करीब 25 रेहड़ी व खोखे भी जल गए।

    दमकल विभाग की हिसार, भिवानी,सिवानी से आई करीब छह गाड़ियों ने करीब साढे़ तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। नाले में फैले केमिकल में मंगलवार सुबह फिर से आग लग गई। जिससे क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई।

    क्यों लगी आग सामने आया कारण?
    आज लगी आग के बाद कयास लगाए जा रहे है कि टैंकर से रिसाव के बाद रसायन नालों में जमा हो गया है और अभी भी नालों में मौजूद है। जो आज आग लगने का कारण बना है।

    आग की लपटों में बिजली आपूर्ति की लाइनों को भी क्षति पहुंची है और क्षेत्र की बिजली को ऐतिहातन काट दिया गया है। प्रशासन व अधिकारी स्थिति पर नजरें रखे हुए हैं। सिवानी से दमकल गाड़ी को बुलाया गया है।

    कस्बे के लोग व खासकर बस अड्डा, अनाज मंडी, झूंपा-सुरपुरा रोड क्षेत्र की कालोनियों व दुकानदारों में भय की स्थिति है। नालों में लगी आग को लोगों ने मिट्टी डालकर बुझाने का प्रयास किया, लेकिन नालों में मौजूद केमिकल के कारण बार बार आग लगती रही।

  • पितृ पक्ष 2026: 26 सितंबर से शुरू होंगे श्राद्ध, जानें सभी तिथियां और जरूरी नियम

    पितृ पक्ष 2026: 26 सितंबर से शुरू होंगे श्राद्ध, जानें सभी तिथियां और जरूरी नियम

    हिंदू धर्म में पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है. भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि से शुरू होकर आश्विन माह की अमावस्या तक चलने वाले इन 16 दिनों में पूर्वजों (पितरों) के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की जाती है. मान्यता है कि पितृ पक्ष के दौरान हमारे पूर्वज सूक्ष्म रूप में धरती पर आते हैं और परिजनों द्वारा किए गए तर्पण, पिंड दान और श्राद्ध कर्म से तृप्त होकर सुख, समृद्धि और वंश वृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.

    वर्ष 2026 में पितृ पक्ष की शुरुआत 26 सितंबर 2026 (शनिवार) को भाद्रपद पूर्णिमा से हो रही है, जिसका समापन 10 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को सर्वपितृ अमावस्या के दिन होगा.

    पितृ पक्ष 2026 के श्राद्ध की संपूर्ण तिथि सूची
    जिस तिथि को पूर्वज का गोलोकवास (निधन) हुआ होता है, पितृ पक्ष में उसी तिथि को उनका श्राद्ध किया जाता है. यदि किसी की मृत्यु तिथि ज्ञात न हो, तो उनका श्राद्ध 'सर्वपितृ अमावस्या' के दिन करने का विधान है.

    महत्वपूर्ण तिथियां
    पूर्णिमा श्राद्धा- 26 सितंबर 2026, शनिवार
    प्रतिपदा तिथि श्राद्ध- 27 सितंबर 2026, रविवार
    द्वितीया श्राद्ध- 28 सितंबर 2026, सोमवार
    तृतीया श्राद्ध- 29 सितंबर 2026, मंगलवार
    चतुर्थी और पंचमी तिथि का श्राद्ध- 30 सितंबर 2026, बुधवार
    षष्ठी तिथि का श्राद्ध- 1 अक्टूबर 2026, गुरुवार
    सप्तमी तिथि का श्राद्ध- 2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार
    अष्टमी तिथि का श्राद्ध- 3 अक्टूबर 2026, शनिवार
    नवमी तिथि का श्राद्ध- 4 अक्टूबर 2026, रविवार
    दशमी तिथि का श्राद्ध- 5 अक्टूबर 2026, सोमवार
    एकादशी तिथि का श्राद्ध- 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार
    द्वादशी तिथि का श्राद्ध- 7 अक्टूबर 2026, बुधवार
    मघा तिथि का श्राद्ध- 7 अक्टूबर 2026, बुधवार
    त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध- 8 अक्टूबर 2026, गुरुवार
    चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध- 9 अक्टूबर 2026, शुक्रवार
    सर्वपितृ अमावस्या-10 अक्टूबर 2026, शनिवार

    श्राद्ध कर्म के मुख्य और आवश्यक नियम
    -श्राद्ध कर्म हमेशा दोपहर के समय में ही करना चाहिए. प्रातः काल या संध्या के समय श्राद्ध करना वर्जित माना गया है.

    – श्राद्ध का भोजन तैयार करने के बाद सबसे पहले पंचबलि (गाय, कुत्ता, कौआ, देव और चींटी) के लिए भोजन का अंश निकालें. कौए को पितरों का संदेशवाहक माना जाता है, इसलिए उन्हें ग्रास देना अनिवार्य है.

    – श्राद्ध पूजा में काले तिल, जौ, कुशा (घास) और जल का उपयोग अनिवार्य रूप से करें. काले तिल से तर्पण करने पर पितर प्रसन्न होते हैं.

    – श्राद्ध के दिन किसी सात्विक ब्राह्मण को घर बुलाकर श्रद्धापूर्वक भोजन कराएं और अपनी सामर्थ्य अनुसार वस्त्र, तिल या दक्षिणा देकर विदा करें.

    कैसे करें श्राद्ध?
    पितृ पक्ष के दौरान अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए सही विधि-विधान से श्राद्ध कर्म करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. दोपहर के कुतूप मुहूर्त में दक्षिण दिशा की ओर मुख करके कुशा, गंगाजल और काले तिल से तर्पण करने के बाद सात्विक भोजन से पंचबलि (गाय, कुत्ते, कौए, देव और चींटी) का अंश निकालना अनिवार्य होता है. इसके पश्चात किसी योग्य और सात्विक ब्राह्मण को आदरपूर्वक भोजन कराकर वस्त्र व दक्षिणा दी जाती है, जिससे प्रसन्न होकर पितर अपने वंशज को सुख, समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद प्रदान करते हैं.

  • बसों की छत पर सामान ढोने पर 49 स्लीपर बसों के चालान

    बसों की छत पर सामान ढोने पर 49 स्लीपर बसों के चालान

    बसों की छत पर सामान ढोने पर 49 स्लीपर बसों के चालान

    रायपुर
    यात्री बसों में छत पर सामान ढोने और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई की। परिवहन उड़नदस्ता रायपुर ने अंतरराज्यीय बस स्टैंड भाठागांव समेत प्रमुख मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया।
    जांच के दौरान छत पर सामान ले जाने वाली 49 स्लीपर बसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 2 लाख 64 हजार रुपए के चालान किए गए। अधिकारियों के मुताबिक बसों की छत पर सामान ढोना सड़क सुरक्षा मानकों के विपरीत है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
    अभियान के दौरान बसों के दस्तावेज, फिटनेस और परमिट की वैधता भी जांची गई। शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलने, किराया सूची प्रदर्शित नहीं करने और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले 111 वाहनों से 42 हजार 800 रुपए शास्ति वसूल की गई।
    इस तरह कुल 160 यात्री बसों पर 3 लाख 6 हजार 800 रुपए की चालानी कार्रवाई की गई। परिवहन विभाग के अनुसार कार्रवाई के बाद बस संचालकों को नियमों का पालन करने और वाहनों में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • जापान के खिलाफ पहली गेंद पर आउट हुए अभिषेक, भारतीय ओपनर के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड

    जापान के खिलाफ पहली गेंद पर आउट हुए अभिषेक, भारतीय ओपनर के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड

    नई दिल्ली
    जापान के साणो में टाइफून दुजुआन और तेज बारिश के खलल के बाद भारत और जापान के बीच एकमात्र ऐतिहासिक टी20 मुकाबला आखिरकार शुरू हो गया है। ओवरों की भारी कटौती के बाद यह मैच 5-5 ओवर का खेला जा रहा है। भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन पारी की शुरुआत में ही टीम इंडिया को बेहद निराशाजनक झटका लगा। भारत के युवा और आक्रामक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले पहली ही गेंद पर गोल्डन डक का शिकार होकर पवेलियन लौट गए। जापान जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम के खिलाफ फैंस को अभिषेक से आतिशी शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन वे पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए।

    अभिषेक शर्मा के नाम दर्ज हुआ अनचाहा रिकॉर्ड
    पहली ही गेंद पर आउट होने के साथ ही अभिषेक शर्मा के नाम टी20 इंटरनेशनल में भारतीय सलामी बल्लेबाज के रूप में एक बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। अभिषेक शर्मा अब भारत के लिए T20I में ओपनर के तौर पर सबसे ज्यादा बार गोल्डन डक (पहली गेंद पर शून्य) पर आउट होने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। यह उनके टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर में 5वां मौका था जब वे पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले आउट हुए हैं। 5 ओवर के इस संक्षिप्त और बेहद तेज तर्रार मैच में भारतीय टीम अब अन्य बल्लेबाजों के दम पर बड़ा स्कोर बनाने की कोशिश में जुटी है।

  • रायपुर गणेश झांकी: स्वागत मंचों को लेकर नई व्यवस्था, सड़क का एक हिस्सा रहेगा खाली

    रायपुर गणेश झांकी: स्वागत मंचों को लेकर नई व्यवस्था, सड़क का एक हिस्सा रहेगा खाली

    रायपुर.

    राजधानी रायपुर में 27 सितंबर की रात निकलने वाली गणेश झांकी के दौरान भीड़ और भगदड़ की स्थिति रोकने के लिए इस बार कई नई व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी. सड़क के केवल एक हिस्से में ही मंच लगाने की अनुमति होगी, जबकि दूसरा हिस्सा झांकियों की आवाजाही के लिए खाली रखा जाएगा.

    मंच का आकार भी निर्धारित किया जाएगा और बड़े मंच लगाने की अनुमति नहीं होगी. फिलहाल गणेश झांकी को पुराने रूट शारदा चौक, जयस्तंभ चौक, मालवीय रोड, कोतवाली और सदरबाजार से निकालने की तैयारी है. हालांकि, कुछ झांकी समितियों ने कोतवाली से सप्रे शाला रोड, बूढ़ातालाब होते हुए पुरानी बस्ती तक वैकल्पिक मार्ग का सुझाव दिया है. समितियों का कहना है कि सदरबाजार की सड़क संकरी है और दोनों ओर दुकानें व मकान होने के कारण भीड़ बढ़ने पर भगदड़ का खतरा बना रहता है. कई मकान जर्जर हालत में भी हैं.

    वहीं सप्रे शाला रोड अपेक्षाकृत चौड़ी है, लेकिन एक ओर तालाब होने के कारण वहां अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने होंगे. गणेश झांकी के रूट को लेकर पुलिस ने समितियों की बैठक बुलाई है. बैठक में दोनों मार्गों पर चर्चा और रायशुमारी के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा. विसर्जन के लिए जाने वाली गणेश प्रतिमाओं को शारदा चौक या गुरुनानक चौक से ही झांकी मार्ग में प्रवेश दिया जाएगा. पुरानी बस्ती, लाखेनगर, अश्वनी नगर और सुंदर नगर रोड से सीधे प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. झांकियों के गुजरने के बाद जरूरत के मुताबिक बीच के रास्तों से प्रवेश दिया जा सकेगा या प्रतिमाओं को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जाएगा. झांकी के दौरान निकालने और आतिशबाजी जैसे करतब पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे. स्वागत या डांस के लिए झांकी को बीच रास्ते में रोकने की अनुमति नहीं होगी. झांकी को धीमी गति से लगातार आगे बढ़ाना होगा, ताकि किसी एक स्थान पर भीड़ जमा न हो.

    झांकी में डीजे के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह रोक लगाने की तैयारी है. धुमाल, बैंड-बाजा और साउंड सिस्टम का इस्तेमाल अनुमति मिलने के बाद निर्धारित ध्वनि सीमा के भीतर ही किया जा सकेगा. गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए भी पुलिस-प्रशासन की अनुमति जरूरी होगी. फूहड़ गाने बजाने पर संबंधित झांकी समिति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. तात्यापारा चौक स्थित श्री भारतीय समाज समिति के कुशल गेड़ेकर ने कहा कि सदर बाजार से पिछले 100 वर्षों से अधिक समय से झांकी निकलती आ रही है और प्रशासन का हमेशा सहयोग मिलता रहा है. उन्होंने कहा कि किसी को नुकसान न हो, इसके लिए समिति प्रशासन के साथ है और तय गाइडलाइन के अनुसार ही झांकी निकाली जाएगी.

    गंजपारा स्थित श्रीश्री विनायक गणेशोत्सव समिति के अध्यक्ष लवी ठाकुर ने कहा कि कुछ दिन पहले सदर बाजार में एक बिल्डिंग गिर चुकी है और कई मकान जर्जर हालत में हैं. तेज डीजे साउंड से भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. ऐसे में बूढ़ापारा की ओर से झांकी निकालना उचित रहेगा. उन्होंने कहा कि जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन के साथ बैठक कर आगे की रूपरेखा तय की जाएगी. सेंट्रल जोन डीसीपी तारकेश्वर पटेल ने झांकी के रूट को लेकर बताया कि सभी समितियों की बैठक बुलाई गई है. बैठक में रूट को लेकर चर्चा और रायशुमारी के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि झांकी के दौरान नशे और डीजे को लेकर पुलिस की सख्ती रहेगी.

  • पितृ पक्ष में बनेगा लक्ष्मी नारायण राजयोग, इन 4 राशियों पर होगी धन की बारिश

    पितृ पक्ष में बनेगा लक्ष्मी नारायण राजयोग, इन 4 राशियों पर होगी धन की बारिश

    पितृ पक्ष की शुरुआत 27 सितंबर से होने जा रही है, जो कि 10 अक्टूबर को समाप्त होंगे. ज्योतिष शास्त्र की मानें तो, इस बार पितृ पक्ष बहुत ही शुभ माना जा रहा है. पितृ पक्ष की शुरुआत से ठीक पहले शुक्र ग्रह अपनी स्वराशि तुला राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं, जहां बुद्धि के कारक बुध ग्रह पहले से ही विराजमान रहेंगे. तुला राशि में शुक्र और बुध का यह महासंगम लक्ष्मी नारायण राजयोग बनाएगा.

    वैदिक ज्योतिष में शुक्र को सुख-सुविधा, वैभव, सौंदर्य व आकर्षण का कारक माना जाता है, जबकि बुध को बुद्धि, व्यापार, तर्क और संवाद का कारक माना गया है. जब भी इन दोनों शुभ ग्रहों की किसी राशि में युति (संयोग) होती है, तो अत्यंत शुभ और फलदायी 'लक्ष्मी नारायण राजयोग' का निर्माण होता है. यह राजयोग पितृ पक्ष के दौरान कई राशियों के जीवन से आर्थिक तंगी दूर कर सुख-समृद्धि लाएगा. मुख्य रूप से 4 ऐसी राशियां हैं, जिनके लिए यह शुभ योग अपार धन-लाभ और सफलता के नए अवसर लेकर आ रहा है.

    मिथुन राशि (Mithun Rashi)
    शुभ प्रभाव: आपकी राशि से पांचवें (ज्ञान, संतान व आकस्मिक धन-लाभ) भाव में यह महासंयोग बनने जा रहा है.

    मिलेगा यह फायदा: शेयर बाजार, ट्रेडिंग या किसी पुराने निवेश से उम्मीद से ज्यादा मुनाफा मिल सकता है. नौकरीपेशा जातकों को पदोन्नति (प्रमोशन) और मनचाहे इंक्रीमेंट का शुभ समाचार मिल सकता है. कला, मीडिया, लेखन और डिजाइनिंग के क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने के बड़े अवसर मिलेंगे.

    तुला राशि (Tula Rashi)
    शुभ प्रभाव: यह राजयोग आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में बनने जा रहा है, जिससे शुक्र और बुध दोनों आपको पूरा बल प्रदान करेंगे.

    मिलेगा यह फायदा: आपके आकर्षण, व्यक्तित्व और निर्णय लेने की क्षमता में जबर्दस्त सुधार आएगा. समाज और कार्यक्षेत्र में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा. यदि आप लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे, तो अचानक धन लाभ के मजबूत योग बनेंगे. नया व्यापार शुरू करने या बिजनेस डील फाइनल करने के लिए यह समय बेहद शुभ रहेगा.

    मकर राशि (Makar Rashi)
    शुभ प्रभाव: आपके दसवें (कर्म, करियर व बिजनेस) भाव में शुक्र और बुध की युति होगी.

    मिलेगा यह फायदा: कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की तारीफ होगी और बड़े अधिकारियों का पूरा समर्थन मिलेगा. यदि आप नई नौकरी की तलाश में हैं, तो कोई बड़ा पैकेज ऑफर हो सकता है. पैतृक संपत्ति या कारोबार से जुड़े किसी पुराने विवाद का हल निकलेगा, जिससे आपकी वित्तीय स्थिति काफी मजबूत होगी.

    कुंभ राशि (Kumbh Rashi)
    शुभ प्रभाव: आपकी राशि से नौवें (भाग्य व धार्मिक यात्रा) भाव में लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण हो रहा है.

    मिलेगा यह फायदा: आपके सोए हुए भाग्य का सितारा चमक उठेगा. रुके हुए काम बिना किसी अड़चन के पूरे होने लगेंगे. धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे. पितरों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा. विदेश से जुड़े व्यापार या विदेशी कंपनियों में काम करने वाले जातकों को भारी आर्थिक लाभ मिलेगा.

    लक्ष्मी नारायण राजयोग की शुभता बढ़ाने के उपाय
    – शुक्रवार के दिन घर के मंदिर में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करें तथा कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें.

    – किसी मंदिर में या जरूरतमंद को चावल, मिश्री, दूध या सफेद वस्त्र दान करें.

    – रोजाना ताजी रोटी पर थोड़ा सा गुड़ या घी लगाकर गाय को खिलाएं.

  • शेफाली वर्मा का वर्ल्ड रिकॉर्ड, 2026 में 861 रन बनाकर बनीं नंबर-1 बल्लेबाज

    शेफाली वर्मा का वर्ल्ड रिकॉर्ड, 2026 में 861 रन बनाकर बनीं नंबर-1 बल्लेबाज

    नई दिल्ली
    भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ओपनर शेफाली वर्मा ने वुमेंस टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। एशियन गेम्स 2026 के वुमेंस क्रिकेट कंप्टीशन के फाइनल के दौरान उन्होंने पावरप्ले में दमदार खेल दिखाया और एक विश्व रिकॉर्ड तोड़ डाला। गोल्ड मेडल मैच में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ ताबड़तोड़ बल्लेबाजी सेमीफाइनल की तरह जारी रखी और इस दौरान वह वुमेंस टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गईं।

    दाएं हाथ की बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने WT20I में एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में साउथ अफ्रीका की दिग्गज बल्लेबाज लॉरा वॉलवार्ट का विश्व रिकॉर्ड धराशायी किया और अपना नाम उस वर्ल्ड रिकॉर्ड पर दर्ज करा लिया। 824 रन लॉरा ने एक कैलेंडर ईयर में बनाए। शेफाली वर्मा के रनों की संख्या 2026 में उनसे ज्यादा हो चुकी है। साउथ अफ्रीकी बैटर ने भी इसी साल ये कमाल किया हुआ है। वहीं, शेफाली के रनों की संख्या 861 हो चुकी है और वे इस मामले में शीर्ष पर हैं।

    WT20I में एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में शेफाली और लॉरा टॉप 3 में हैं, जबकि हॉन्ग कॉन्ग की नताशा माइल्स तीसरे पायदान पर हैं, जिन्होंने 800 रन इसी साल बनाए हैं। पिछले साल यूएई की ईशा ओजा ने 779 रन बनाए थे। वे लिस्ट में चौथे स्थान पर हैं। टॉप 5 में हॉन्ग कॉन्ग की एक और प्लेयर हैं। यास्मीन दासवानी इस साल 779 रन बना चुकी हैं। इस साल टॉप 5 में से 4 खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा रन वुमेंस टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में बनाने का कारनामा किया है।

    WT20I में एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन
        शेफाली वर्मा – 861 रन (2026)
        लॉरा वॉलवार्ट – 824 रन (2026)
        नताशा माइल्स – 800 रन (2026)
        ईशा ओजा – 779 रन (2025)
        यास्मीन दासवानी- 779 रन (2026)

    एशियन गेम्स 2026 के वुमेंस क्रिकेट प्रतिस्पर्धा के फाइनल में शेफाली वर्मा ने 29 गेंदों में 3 चौके और 3 छक्कों की मदद से 48 रनों की पारी खेली। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 165.52 का रहा। भारतीय टीम को गोल्ड मेडल मैच में उन्होंने दमदार शुरुआत दिला दी थी। भारत का स्कोर 99 रन हो चुका था। भारत को पहला झटका 10वें ओवर की आखिरी गेंद पर लगा था। भारत इस मैच में मजबूत स्थिति में है। शेफाली वर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने उतरीं स्मृति मंधाना ने खबर लिखे जाने तक 30 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया था।