लखनऊ
प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को मंगलवार को 3,567 नए शिक्षक और संस्था प्रधान मिले। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। इनमें से 12 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने मंच पर नियुक्ति पत्र सौंपे।
नियुक्ति पाने वालों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता पीजीटी और 2,372 सहायक अध्यापक टीजीटी हैं। इन सभी का चयन आयोग की ओर से पूर्व में विज्ञापित रिक्त पदों के लिए किया गया है।
नौ वर्षों में 48 हजार से अधिक को नियुक्ति
माध्यमिक शिक्षा विभाग के मुताबिक वर्ष 2017 से 22 सितंबर 2026 तक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में संस्था प्रधान और शिक्षक के विभिन्न पदों पर 48,018 अभ्यर्थियों का चयन और नियुक्ति हुई है। कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों और माध्यमिक शिक्षा विभाग की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
इन 12 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री से मंच पर नियुक्ति पत्र पाने वालों में डीएवी इंटर कॉलेज कानपुर नगर के प्रधानाचार्य राम सिंह और इंटर कॉलेज बीरा पट्टी वाराणसी के प्रधानाध्यापक राघवेंद्र प्रताप सिंह शामिल रहे।
प्रवक्ता पद पर चयनित अग्रसेन कन्या कॉलेज वाराणसी की आंचल शुक्ला, केडीईएम इंटर कॉलेज बरेली के अनुराग श्रीवास्तव, जिला पंचायत इंटर कॉलेज उग्रसेन प्रयागराज की प्रज्ञा सिंह, वैष्णव हरिहर दास इंटर कॉलेज आजमगढ़ के गोपाल प्रजापति और दीप चंद ग्रेन चैंबर इंटर कॉलेज मुजफ्फरनगर के मोहम्मद शादाब को भी मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र दिए।
सहायक अध्यापक के पद पर चयनित पंडित दीनदयाल इंटर कॉलेज गोरखपुर की उषा सिंह, जनता राष्ट्रीय इंटर कॉलेज संभल के आकाश कुमार, लाला राम स्वरूप शिक्षण संस्थान लखनऊ की रीना यादव, नगर पालिका कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झांसी की सोनम त्रिपाठी और नेहरू इंटर कॉलेज कुशीनगर के अमन कुमार ने मुख्यमंत्री से नियुक्ति पत्र प्राप्त किए।
Author: NewseDay
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319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता और 2,372 सहायक अध्यापकों की हुई नियुक्ति
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जगदलपुर हादसा: बच्चे की मौत पर परिजनों को 28.66 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति
जगदलपुर.
सड़क हादसे में चार साल के बच्चे की मौत के मामले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने मुआवजा तय किया है. प्रथम अपर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 28 लाख 66 हजार 40 रुपये की राशि निर्धारित की है.
मामला नवंबर 2025 में डिमरापाल के नाटखोलका पारा में हुए सड़क हादसे से जुड़ा है. बताया गया कि कृष्णा बघेल बच्चों के साथ खड़ा था, तभी बाइक ने पीछे से उसे टक्कर मार दी. हादसे के बाद बकावंड के सिविल अस्पताल में बच्चे की मौत हो गई थी. मामले में मृतक के माता-पिता, भाई और बहन की ओर से मुआवजे का दावा पेश किया गया. अधिकरण ने मृत बच्चे की संभावित आय को निर्धारित करने के लिए न्यायिक मिसालों का आधार लिया. पीठासीन अधिकारी सिद्धार्थ अग्रवाल ने मृतक की मासिक संभावित आय 12 हजार 500 रुपये मानी.
बीमा कंपनी को मुआवजा राशि के साथ नौ प्रतिशत सालाना ब्याज देने का आदेश दिया गया है. आदेश के अनुसार राशि का भुगतान चारों आवेदकों के बैंक खातों में एक माह के भीतर किया जाना है. हादसे के करीब दस महीने में मामले में फैसला आने से पीड़ित परिवार को न्यायिक राहत मिली है.
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दिवाली-छठ पर टिकट की मारामारी खत्म! स्पेशल ट्रेनों के रूट-टाइमिंग चेक करें
नई दिल्ली
दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने की तैयारी कर रहे लोगों को उस वक्त निराशा हाथ लगी, जब त्योहारों के लिए ट्रेनों में टिकट बुकिंग खुलते ही सीटें तेजी से भर गईं. अब देश के विभिन्न शहरों से उत्तर प्रदेश और बिहार आने वाली नियमित ट्रेनों में टिकट स्टेटस 'रिग्रेट' दिखा रहा है, जबकि कुछ ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट इतनी लंबी है कि कंफर्म होने की उम्मीद न के बराबर समझिए. ऐसे में यात्रियों के लिए रेलवे की स्पेशल ट्रेनें एक विकल्प बन सकती हैं।इस बार दिवाली 8 नवंबर को है. छठ पूजा 13 से 16 नवंबर तक है. त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे ने फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों की 1000 से अधिक ट्रिप्स की घोषणा की है. ये सेवाएं 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 के बीच 61 दिनों के दौरान अलग-अलग रेलवे जोन द्वारा उन रूट्स पर चलाई जाएंगी, जिन पर यात्रियों का दबाव ज्यादा रहेगा. रेलवे का मकसद उन यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प देना है, जिन्हें त्योहारों में घर जाने के लिए नियमित ट्रेनों में कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है।
13 रेलवे जोन में चलेंगी स्पेशल ट्रेनें
रेलवे के मुताबिक, 43 जोड़ी ट्रेनें और 1,053 ट्रिप्स की योजना है. ये सेवाएं अलग-अलग रेलवे जोन के जरिए संचालित होंगी. कुछ ट्रेनें पूरे अवधि में सीमित संख्या में चलेंगी, जबकि कुछ ट्रेनें सप्ताह में एक या दो दिन चलेंगी. इन स्पेशल ट्रेनों से कोलकाता, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, नई दिल्ली और पलवल जैसे प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी मिलेगी. इसके अलावा आनंद विहार टर्मिनल, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन, हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, ग्वालियर और दादरी जैसे रेलवे स्टेशनों से भी कई ट्रेनें इस नेटवर्क में शामिल हैं. यात्रियों के लिए पुणे, हडपसर, खजुराहो, तिरुचनूर और आगरा कैंटोनमेंट जैसे रूट भी रेलवे की लिस्ट में हैं।
इन रूट पर सबसे ज्यादा स्पेशल ट्रेनें
वेस्टर्न रेलवे 13 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें और नॉर्दर्न रेलवे के 10 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाएंगे. नॉर्दर्न रेलवे की बात करें तो प्रयागराज जंक्शन से दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रेन नंबर 02417, 1 से 14 अक्टूबर तक रोज चलेगी. इसके बाद 15 अक्टूबर से 14 दिसंबर तक यह सोमवार, रविवार, गुरुवार और शुक्रवार को चलेगी. इसकी वापसी ट्रेन 02418 भी अलग-अलग तारीखों में इसी अवधि के दौरान चलाई जाएगी. कानपुर सेंट्रल से नई दिल्ली के बीच 02455 और वापसी में 02456 ट्रेन 2 अक्टूबर से 30 नवंबर तक सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और शनिवार को चलेगी. वहीं आगरा कैंट से पलवल के बीच 01941 और वापसी में 01942 ट्रेन 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक रोज चलेगी।ईस्टर्न रेलवे में इन रूट पर विकल्प
ईस्टर्न रेलवे की सूची में आगरा कैंट से कोलकाता के बीच 01911 और वापसी में 01912 शामिल हैं. 01911 के 9 फेरे और 01912 के 9 फेरे निर्धारित हैं. कानपुर सेंट्रल से कोलकाता के बीच 04157 और वापसी में 04158 ट्रेन दी गई है. दोनों दिशाओं में 8-8 फेरे निर्धारित हैं. वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से आसनसोल के बीच 04185 और वापसी में 04186 सप्ताह में दो दिन चलेंगी. दोनों दिशाओं में 16-16 फेरे दिए गए हैं।दूसरे रेलवे जोन में भी कई विकल्प
सदर्न रेलवे की सूची में कानपुर सेंट्रल से मदुरै के बीच 01925 के 8 फेरे और प्रयागराज जंक्शन से कन्याकुमारी के बीच 04171 के 2 फेरे शामिल हैं. साउथ वेस्टर्न रेलवे में प्रयागराज जंक्शन से हुबली, कानपुर सेंट्रल से सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु, सूबेदारगंज से यशवंतपुर और प्रयागराज जंक्शन से यशवंतपुर के बीच स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं. नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे में कानपुर सेंट्रल से गुवाहाटी के बीच 04127 और वापसी में 04128 ट्रेन के 9-9 फेरे निर्धारित किए गए हैं।भीड़ को देखते हुए बढ़ सकती हैं ट्रेनें
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों की मांग और वेटिंग लिस्ट पर लगातार नजर रखी जा रही है. टिकट बुकिंग और अलग-अलग प्लेटफॉर्म से मिलने वाले डिमांड डेटा के आधार पर जरूरत पड़ने पर और स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बनाई जा सकती है. स्टेशनों पर भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त कमर्शियल और RPF स्टाफ तैनात किया जा रहा है. सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।टिकट नहीं मिला तो देखें ये विकल्प
अगर आप दिवाली या छठ पूजा पर घर जाने की तैयारी कर रहे हैं और नियमित ट्रेन में टिकट नहीं मिल रहा, तो सिर्फ वेटिंग लिस्ट पर निर्भर रहने के बजाय इन स्पेशल ट्रेनों में सीट तलाशना एक विकल्प हो सकता है. खासकर जिन यात्रियों के रूट पर नियमित ट्रेनों में 'रिग्रेट' या बहुत लंबी वेटिंग दिख रही है, उन्हें अपने स्टेशन से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों की सूची जरूर देखनी चाहिए. यात्रियों को हमारा सुझाव है कि वे टिकट बुक करने से पहले संबंधित रेलवे जोन की अपडेटेड लिस्ट और ट्रेन का रनिंग शेड्यूल जरूर चेक करें…अलग-अलग रेलवे जोन से चलने वाली स्पेशल ट्रेनें
नॉर्दर्न रेलवे (Northern Railway)
क्र. ट्रेन नंबर रूट दिन संचालन अवधि कुल फेरे 1 02417 प्रयागराज जंक्शन → शकूरबस्ती रोजाना 1 अक्टूबर–14 अक्टूबर 2026 14 02417 प्रयागराज जंक्शन → शकूरबस्ती सोमवार, रविवार, गुरुवार, शुक्रवार 15 अक्टूबर–14 दिसंबर 2026 28 02418 शकूरबस्ती → प्रयागराज जंक्शन रोजाना 1 अक्टूबर–15 अक्टूबर 2026 15 02418 शकूरबस्ती → प्रयागराज जंक्शन बुधवार, गुरुवार, शनिवार, रविवार 17 अक्टूबर–17 दिसंबर 2026 26 2 04163 नारायणपुर बाजार → शकूरबस्ती मंगलवार, बुधवार, शनिवार 17 अक्टूबर–16 दिसंबर 2026 19 04164 शकूरबस्ती → नारायणपुर बाजार सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार 16 अक्टूबर–15 दिसंबर 2026 20 3 02455 कानपुर सेंट्रल → नई दिल्ली सोमवार, बुधवार, शुक्रवार, शनिवार 2 अक्टूबर–30 नवंबर 2026 35 02456 नई दिल्ली → कानपुर सेंट्रल सोमवार, बुधवार, शुक्रवार, शनिवार 2 अक्टूबर–30 नवंबर 2026 35 4 02457 कानपुर सेंट्रल → आनंद विहार टर्मिनल मंगलवार, गुरुवार, रविवार 1 अक्टूबर–29 नवंबर 2026 26 02458 आनंद विहार टर्मिनल → कानपुर सेंट्रल मंगलवार, गुरुवार, रविवार 1 अक्टूबर–29 नवंबर 2026 26 5 04123 प्रयागराज जंक्शन → हजरत निजामुद्दीन बुधवार, रविवार 4 अक्टूबर–29 नवंबर 2026 17 04124 हजरत निजामुद्दीन → प्रयागराज जंक्शन सोमवार, गुरुवार 1 अक्टूबर–30 नवंबर 2026 17 6 04183 प्रयागराज जंक्शन → हजरत निजामुद्दीन मंगलवार 20 अक्टूबर–1 दिसंबर 2026 7 04184 हजरत निजामुद्दीन → प्रयागराज जंक्शन बुधवार 21 अक्टूबर–2 दिसंबर 2026 7 7 02275 प्रयागराज जंक्शन → दादरी शुक्रवार 2 अक्टूबर–27 नवंबर 2026 9 02276 दादरी → प्रयागराज जंक्शन शनिवार 3 अक्टूबर–28 नवंबर 2026 9 8 04117 सूबेदारगंज → दादरी गुरुवार 1 अक्टूबर–26 नवंबर 2026 9 04118 दादरी → सूबेदारगंज शुक्रवार 2 अक्टूबर–27 नवंबर 2026 9 9 01941 आगरा कैंट → पलवल रोजाना 1 अक्टूबर–31 अक्टूबर 2026 31 01942 पलवल → आगरा कैंट रोजाना 1 अक्टूबर–31 अक्टूबर 2026 31 सेंट्रल रेलवे (Central Railway)
ट्रेन नंबर रूट दिन संचालन अवधि कुल फेरे 01921 पुणे → वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी (VGLJ) गुरुवार 22 अक्टूबर से 19 नवंबर 2026 5 01922 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी (VGLJ) → पुणे बुधवार 21 अक्टूबर से 18 नवंबर 2026 5 01923 हडपसर (HDP) → वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी (VGLJ) रविवार 18 अक्टूबर से 22 नवंबर 2026 6 वेस्टर्न रेलवे (Western Railway)
क्र. ट्रेन नंबर रूट दिन संचालन अवधि कुल फेरे 1 01905 कानपुर सेंट्रल (CNB) → असारवा (ASV) सोमवार 5 अक्टूबर–30 नवंबर 2026 9 01906 असारवा (ASV) → कानपुर सेंट्रल (CNB) मंगलवार 6 अक्टूबर–1 दिसंबर 2026 8 2 01907 आगरा कैंट (AGC) → उधना (UDN) मंगलवार 6 अक्टूबर–24 नवंबर 2026 8 01908 उधना (UDN) → आगरा कैंट (AGC) बुधवार 7 अक्टूबर–25 नवंबर 2026 8 3 01909 असारवा (ASV) → आगरा कैंट (AGC) मंगलवार 6 अक्टूबर–24 नवंबर 2026 8 01910 आगरा कैंट (AGC) → असारवा (ASV) सोमवार 5 अक्टूबर–23 नवंबर 2026 8 4 02199 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी (VGLJ) → बांद्रा टर्मिनस (BDTS) गुरुवार 1 अक्टूबर–26 नवंबर 2026 9 02200 बांद्रा टर्मिनस (BDTS) → वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी (VGLJ) शनिवार 3 अक्टूबर–28 नवंबर 2026 9 5 04105 प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) → उधना (UDN) गुरुवार, रविवार 1 अक्टूबर–29 नवंबर 2026 18 04106 उधना (UDN) → प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) शुक्रवार, सोमवार 2 अक्टूबर–30 नवंबर 2026 18 6 04179 प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) → साबरमती बीजी (SBIB) शनिवार, मंगलवार 3 अक्टूबर–28 नवंबर 2026 17 04180 साबरमती बीजी (SBIB) → प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) रविवार, बुधवार 4 अक्टूबर–29 नवंबर 2026 17 7 04119 सूबेदारगंज (SFG) → बांद्रा टर्मिनस (BL) शनिवार 3 अक्टूबर–28 नवंबर 2026 9 04120 बांद्रा टर्मिनस (BL) → सूबेदारगंज (SFG) रविवार 4 अक्टूबर–29 नवंबर 2026 9 8 04139 प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) → दादर (DDR) शुक्रवार 2 अक्टूबर–27 नवंबर 2026 9 04140 दादर (DDR) → प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) रविवार 4 अक्टूबर–29 नवंबर 2026 9 9 04155 सूबेदारगंज (SFG) → उधना (UDN) सोमवार, गुरुवार 19 अक्टूबर–26 नवंबर 2026 12 04156 उधना (UDN) → सूबेदारगंज (SFG) मंगलवार, शुक्रवार 20 अक्टूबर–27 नवंबर 2026 12 10 04169 सूबेदारगंज (SFG) → इंदौर (INDB) शुक्रवार, सोमवार 2 अक्टूबर–27 नवंबर 2026 17 04170 इंदौर (INDB) → सूबेदारगंज (SFG) शनिवार, मंगलवार 3 अक्टूबर–28 नवंबर 2026 17 11 04173 प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) → वेरावल (VRL) गुरुवार 1 अक्टूबर–26 नवंबर 2026 9 04174 वेरावल (VRL) → प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) शुक्रवार 2 अक्टूबर–27 नवंबर 2026 9 12 04175 सूबेदारगंज (SFG) → दादर (DDR) रविवार 4 अक्टूबर–22 नवंबर 2026 8 04176 दादर (DDR) → सूबेदारगंज (SFG) मंगलवार 6 अक्टूबर–24 नवंबर 2026 8 13 04177 सूबेदारगंज (SFG) → बांद्रा टर्मिनस (BL) मंगलवार 6 अक्टूबर–24 नवंबर 2026 8 04178 बांद्रा टर्मिनस (BL) → सूबेदारगंज (SFG) बुधवार 7 अक्टूबर–25 नवंबर 2026 8 ईस्टर्न रेलवे (Eastern Railway)
ट्रेन संख्या रूट दिन अवधि कुल फेरे 01911 आगरा कैंट (AGC) → कोलकाता (KOAA) गुरुवार 1 अक्टूबर–20 नवंबर 2026 9 01912 कोलकाता (KOAA) → आगरा कैंट (AGC) शुक्रवार 2 अक्टूबर–27 नवंबर 2026 9 04157 कानपुर सेंट्रल (CNB) → कोलकाता (KOAA) मंगलवार 6 अक्टूबर–24 नवंबर 2026 8 04158 कोलकाता (KOAA) → कानपुर सेंट्रल (CNB) बुधवार 7 अक्टूबर–25 नवंबर 2026 8 04185 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी (VGLJ) → आसनसोल (ASN) बुधवार और रविवार 7 अक्टूबर–29 नवंबर 2026 16 04186 आसनसोल (ASN) → वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी (VGLJ) सोमवार और गुरुवार 8 अक्टूबर–30 नवंबर 2026 16 साउथ वेस्टर्न रेलवे (South Western Railway)
ट्रेन नंबर रूट दिन संचालन अवधि कुल फेरे 04113 प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) → हुबली (UBL) शनिवार 3 अक्टूबर–12 दिसंबर 2026 9 04114 हुबली (UBL) → प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) मंगलवार 6 अक्टूबर–15 दिसंबर 2026 8 04131 कानपुर सेंट्रल (CNB) → सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु (SMVB) रविवार 4 अक्टूबर–15 नवंबर 2026 7 04132 सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु (SMVB) → कानपुर सेंट्रल (CNB) बुधवार 7 अक्टूबर–18 नवंबर 2026 7 04135 सूबेदारगंज (SFG) → यशवंतपुर (YPR) शुक्रवार 2 अक्टूबर–4 दिसंबर 2026 9 04136 यशवंतपुर (YPR) → सूबेदारगंज (SFG) सोमवार 5 अक्टूबर–7 नवंबर 2026 9 04149 प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) → यशवंतपुर (YPR) बुधवार 7 अक्टूबर–9 दिसंबर 2026 8 04150 यशवंतपुर (YPR) → प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) शनिवार 3 अक्टूबर–12 दिसंबर 2026 9 सदर्न रेलवे (Southern Railway)
ट्रेन नंबर रूट दिन संचालन अवधि कुल फेरे 01925 कानपुर सेंट्रल (CNB) → मदुरै (MDU) बुधवार 7 अक्टूबर–25 नवंबर 2026 8 01926 मदुरै (MDU) → कानपुर सेंट्रल (CNB) शनिवार 3 अक्टूबर–28 नवंबर 2026 9 04171 प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) → कन्याकुमारी (CAPE) शनिवार 3 अक्टूबर–10 अक्टूबर 2026 2 04172 कन्याकुमारी (CAPE) → प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) मंगलवार 5 अक्टूबर–12 अक्टूबर 2026 2 नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (North East Frontier Railway)
ट्रेन नंबर रूट दिन संचालन अवधि कुल फेरे 04127 कानपुर सेंट्रल (CNB) → गुवाहाटी (GHY) गुरुवार 1 अक्टूबर–10 दिसंबर 2026 9 04128 गुवाहाटी (GHY) → कानपुर सेंट्रल (CNB) शुक्रवार 2 अक्टूबर–11 दिसंबर 2026 9 नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे (North Western Railway)
ट्रेन नंबर रूट दिन संचालन अवधि कुल फेरे 04161 प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) → सीकर (SIKR) सोमवार 5 अक्टूबर–30 नवंबर 2026 9 04162 सीकर (SIKR) → प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) मंगलवार 6 अक्टूबर–1 दिसंबर 2026 8 04193 सूबेदारगंज (SFG) → भगत की कोठी (BGKT) सोमवार, गुरुवार 1 अक्टूबर–30 नवंबर 2026 18 04194 भगत की कोठी (BGKT) → सूबेदारगंज (SFG) मंगलवार, शुक्रवार 2 अक्टूबर–1 दिसंबर 2026 17 ईस्ट सेंट्रल रेलवे (East Central Railway)
ट्रेन नंबर रूट दिन संचालन अवधि कुल फेरे 04137 ग्वालियर (GWL) → बरौनी जंक्शन (BJU) शनिवार, मंगलवार 3 अक्टूबर–28 नवंबर 2026 17 04138 बरौनी जंक्शन (BJU) → ग्वालियर (GWL) रविवार, बुधवार 4 अक्टूबर–29 नवंबर 2026 17 ईस्ट कोस्ट रेलवे (East Coast Railway)
ट्रेन नंबर रूट दिन संचालन अवधि कुल फेरे 01929 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी (VGLJ) → खुर्दा रोड (KUR) शुक्रवार 2 अक्टूबर–27 नवंबर 2026 9 01930 खुर्दा रोड (KUR) → वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी (VGLJ) रविवार 4 अक्टूबर–27 नवंबर 2026 9 -

भोपाल में अवैध निर्माण पर सख्ती, 22 मकान मालिकों को 15 दिन का अल्टीमेटम
भोपाल
बावड़िया कलां स्थित शुभालय विहार में टीएंडसीपी के स्वीकृत नक्शे के विपरीत बने 22 मकानों पर नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इनमें 17 मकान मालिकों को नोटिस देकर 15 दिन में निर्माण खुद हटाने को कहा गया है। पांच अधूरे मकानों का निर्माण रोकने के नोटिस दिए गए हैं।हाईकोर्ट में याचिका के बाद शुरू हुई कार्रवाई
इस कार्रवाई के पीछे की वजह यह है कि गौरव गृह निर्माण सहकारी संस्था की 5 एकड़ जमीन पर बने ये निर्माण टीएंडसीपी के स्वीकृत नक्शे के अनुरूप नहीं हैं। हाईकोर्ट में अवमानना याचिका के बाद उपायुक्त सहकारिता ने 13 फरवरी 2026 को निगम को पत्र लिखा था। इसके बाद निगम ने कार्रवाई शुरू की।खास बात है कि जिन मकानों को अब अवैध निर्माण बताकर हटाने के नोटिस दिए गए हैं, उन्हें नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा ने ही निर्माण की अनुमति दी थी। इससे निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
48 प्लॉट अवैध तरीके से बेचे गए
याचिकाकर्ता विवेक दीक्षित के मुताबिक, संस्था के 44 संस्थापक सदस्यों की जमीन पर 48 प्लॉट अवैध तरीके से बेचे गए थे। सहकारिता विभाग इनकी रजिस्ट्रियां शून्य कराने के लिए सिविल कोर्ट भी पहुंच चुका है।38 रजिस्ट्रियों के 18.74 करोड़ रुपए गायब
फरवरी 2026 में सहकारिता विभाग की जांच में सामने आया कि 2018 से 2023 के बीच वास्तविक सदस्यों को दरकिनार कर बाहरी लोगों के नाम करीब 50 रजिस्ट्रियां की गईं। इनमें 32 अवैध पाई गई। 38 रजिस्ट्रियों के करीब 18.74 करोड़ रुपए संस्था के खाते में नहीं आए।ऑडिटर अनिल कुमार रावत की रिपोर्ट के मुताबिक फर्जी दस्तावेजों और हैंडराइटिंग में हेरफेर कर वास्तविक सदस्यों का अधिकार छीना गया। ये रजिस्ट्रियां तत्कालीन अध्यक्ष अनिता विष्ट और तत्कालीन प्रबंधक मनोज साहू के कार्यकाल में हुई थीं।
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MP पुलिस की नई सोशल मीडिया गाइडलाइन, रील से कमाई और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर सख्ती
भोपाल
मध्य प्रदेश पुलिस में सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सख्त गाइडलाइन जारी की है. डीजीपी कैलाश मकवाना के निर्देश पर जारी 24 बिंदुओं की इस गाइडलाइन में पुलिसकर्मियों के फेसबुक, वॉट्सएप, एक्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट नियम तय किए गए हैं. अब वर्दी में रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करना, सरकारी संसाधनों का निजी प्रचार के लिए इस्तेमाल करना और संवेदनशील सरकारी जानकारी को सोशल मीडिया या AI टूल्स पर साझा करना अनुशासनात्मक कार्रवाई का कारण बन सकता है।वर्दी में रील और फोटो डालना पड़ेगा भारी
नई गाइडलाइन के मुताबिक पुलिस अधिकारी या कर्मचारी ड्यूटी के दौरान या ड्यूटी के बाद वर्दी अथवा अशोभनीय वेशभूषा में रील, फोटो, वीडियो या अन्य सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं कर सकेंगे. वर्दी का इस्तेमाल व्यक्तिगत छवि बनाने या सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए करने पर कार्रवाई हो सकती है. डीजीपी के आदेश के बाद PHQ ने पुलिसकर्मियों को सरकारी वाहन, कार्यालय, आवास, वर्दी और अन्य सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल निजी प्रचार के लिए नहीं करने के निर्देश दिए हैं. पुराने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी पुलिसकर्मियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।सोशल मीडिया से कमाई पर भी नियम
गाइडलाइन में सोशल मीडिया से होने वाली कमाई को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है. बिना शासन की अनुमति के पुलिसकर्मी सोशल मीडिया के जरिए आय अर्जित नहीं कर सकेंगे. पेड प्रमोशन, स्पॉन्सरशिप या किसी कंपनी, प्रोडक्ट, सर्विस या कारोबार का पैसे लेकर प्रचार करने पर भी रोक रहेगी. जिन पुलिसकर्मियों ने पहले सोशल मीडिया के जरिए आय अर्जित की है, उन्हें निर्धारित अवधि में अपनी कमाई की जानकारी विभाग को देनी होगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए 30 दिन की समयसीमा तय की गई है।परिवार के किसी सदस्य के सोशल मीडिया अकाउंट से ऐसी आय होने की स्थिति में भी इसकी जानकारी विभाग को देने का प्रावधान है।
AI टूल्स को लेकर भी डीजीपी की गाइडलाइन
सोशल मीडिया के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स के इस्तेमाल को लेकर भी पुलिस मुख्यालय ने विशेष सावधानी बरतने को कहा है. किसी भी तरह के विभागीय डॉक्यूमेंट्स को एआई टूल्स पर अपलोड करने की मनाही है. इसी तरह सरकारी गोपनीय जानकारी को सोशल मीडिया पर शेयर करने पर भी रोक रहेगी. पुलिस से जुड़ी संवेदनशील जानकारी के लीक होने की आशंका को देखते हुए यह प्रावधान खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इसके अलावा पुलिसकर्मी संवेदनशील ड्यूटी के दौरान अपनी लोकेशन, तैनाती स्थल और ड्यूटी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सोशल मीडिया पर साझा नहीं कर सकेंगे।VIP ड्यूटी के दौरान फोटो पोस्ट, सेल्फी पर पाबंदी
नई गाइडलाइन के मुताबिक VIP-VVIP सुरक्षा, महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों या संवेदनशील स्थानों पर तैनाती के दौरान फोटो या सेल्फी पोस्ट करने पर भी रोक रहेगी. हथियारों की ट्रेनिंग, ड्रिल, छापेमारी, दबिश और पुलिस की अन्य संवेदनशील कार्रवाई से जुड़े फोटो-वीडियो या किसी अन्य तरह से प्रसारण भी सोशल मीडिया पर नहीं किया जा सकता।पीड़ित, आरोपी और गवाह की पहचान उजागर करने पर रोक
पीड़ित, गवाह और आरोपियों के नाम जाहिर नहीं होंगे
डीजीपी के आदेश में यह भी कहा गया है कि पुलिस जांच और जनसुनवाई से जुड़े मामलों में पीड़ित, गवाह, शिकायतकर्ता और आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं करने के निर्देश हैं. ऐसे मामलों पीड़ितों से संबंधित फोटो या वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी करने से पहले आवश्यक अनुमति लेनी होगी और पहचान छिपानी होगी. खासतौर पर महिला और बाल पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाली कोई भी जानकारी मीडिया से साझा नहीं की जा सकेगी।निजी अकाउंट के लिए सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल नहीं
पुलिसकर्मी अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट चलाने के लिए सरकारी CUG सिम, इंटरनेट, वाई-फाई, IP एड्रेस या सरकारी ई-मेल का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. इसके अलावा निजी मोबाइल फोन में विभाग के सरकारी सोशल मीडिया अकाउंट को लॉगिन करने को लेकर भी प्रतिबंध तय किए गए हैं. मकसद सरकारी डिजिटल संसाधनों और निजी सोशल मीडिया गतिविधियों को अलग रखना है।उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई
PHQ के आदेश के मुताबिक, '' सोशल मीडिया से जुड़े निर्देशों का उल्लंघन गंभीरता से लिया जाएगा. मामले की गंभीरता के आधार पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है और निलंबन तक की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। -

GMDA घोटाले में ED का शिकंजा, जालंधर से दिल्ली तक कई ठिकानों पर रेड
चंडीगढ़/नई दिल्ली
पंजाब के मोहाली स्थित ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण ( GMDA ) के कार्यालय में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, जालंधर, चंडीगढ़ और दिल्ली से पहुंची ईडी की टीमें तीन वाहनों में कार्यालय पहुंचीं और जांच शुरू की। अधिकारियों ने मामले से संबंधित दस्तावेजों और अभिलेखों की पड़ताल की। बताया जा रहा है कि छापे मुख्य रूप से जीएमएडीए कार्यालय और पंजाब आवास विभाग के प्रमुख सचिव आईएएस विकास गर्ग के कार्यालय में मारे गए। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीमों ने दफ्तरों में दस्तावेज खंगाला और कंप्यूटर रिकॉर्ड को भी देखा। बताया जा रहा है कि कुछ अधिकारियों के फोन भी जांच के लिए लिए लिए गए हैं।
ईडी की ओर से फिलहाल छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई जीएमएडीए में लगभग 150 करोड़ रुपये के भू-उपयोग परिवर्तन (CLU) घोटाले और शुल्क में कथित अनियमितता से जुड़े मामले की जांच के तहत की जा रही है। जांच में सनटेक सिटी (न्यू चंडीगढ़) सहित कई परियोजनाएं शामिल हैं। इससे पहले ईडी इस मामले में दो भवन निर्माताओं के ठिकानों पर भी छापेमारी कर चुकी है।
मामले में आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ से 18 और 27 अगस्त को पूछताछ की गई थी। 18 अगस्त को उनसे करीब आठ से नौ घंटे तक पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई थी। बराड़ नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की पूर्व निदेशक रह चुकी हैं। पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा 9 सितंबर को ईडी के जालंधर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में पेश हुए थे। रिपोर्टों के अनुसार, उनसे आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई थी। उस समय वह आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रमुख थे।
ईडी ने 10 सितंबर को मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी समन जारी कर मामले से संबंधित अभिलेख और जांच की जानकारी मांगी थी। मंगलवार को जीएमडीए कार्यालय में हुई कार्रवाई को इसी मामले से जोड़कर देखा जा रहा है
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प्रयागराज में धरने पर बैठे युवाओं के लिए एनसीटीई को पत्र भेजने को कहा, एक बार राहत देने की बात की
लखनऊ
प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को मंगलवार को 3,567 नए शिक्षक और संस्था प्रधान मिले। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। इनमें से 12 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने मंच पर नियुक्ति पत्र सौंपे।
नियुक्ति पाने वालों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता पीजीटी और 2,372 सहायक अध्यापक टीजीटी हैं। इन सभी का चयन आयोग की ओर से पूर्व में विज्ञापित रिक्त पदों के लिए किया गया है।
नौ वर्षों में 48 हजार से अधिक को नियुक्ति
माध्यमिक शिक्षा विभाग के मुताबिक वर्ष 2017 से 22 सितंबर 2026 तक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में संस्था प्रधान और शिक्षक के विभिन्न पदों पर 48,018 अभ्यर्थियों का चयन और नियुक्ति हुई है। कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों और माध्यमिक शिक्षा विभाग की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
इन 12 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री से मंच पर नियुक्ति पत्र पाने वालों में डीएवी इंटर कॉलेज कानपुर नगर के प्रधानाचार्य राम सिंह और इंटर कॉलेज बीरा पट्टी वाराणसी के प्रधानाध्यापक राघवेंद्र प्रताप सिंह शामिल रहे।
प्रवक्ता पद पर चयनित अग्रसेन कन्या कॉलेज वाराणसी की आंचल शुक्ला, केडीईएम इंटर कॉलेज बरेली के अनुराग श्रीवास्तव, जिला पंचायत इंटर कॉलेज उग्रसेन प्रयागराज की प्रज्ञा सिंह, वैष्णव हरिहर दास इंटर कॉलेज आजमगढ़ के गोपाल प्रजापति और दीप चंद ग्रेन चैंबर इंटर कॉलेज मुजफ्फरनगर के मोहम्मद शादाब को भी मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र दिए।
सहायक अध्यापक के पद पर चयनित पंडित दीनदयाल इंटर कॉलेज गोरखपुर की उषा सिंह, जनता राष्ट्रीय इंटर कॉलेज संभल के आकाश कुमार, लाला राम स्वरूप शिक्षण संस्थान लखनऊ की रीना यादव, नगर पालिका कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झांसी की सोनम त्रिपाठी और नेहरू इंटर कॉलेज कुशीनगर के अमन कुमार ने मुख्यमंत्री से नियुक्ति पत्र प्राप्त किए। -

पटना में तेजी से बढ़े टाइफाइड के मरीज, PMCH-IGIMS समेत अस्पतालों में बढ़ी भीड़
पटना
बारिश और बदलते मौसम के बीच राजधानी में बुखार और संक्रमण के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वाइन फ्लू के साथ टायफाइड और वायरल संक्रमण का प्रकोप भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। शहर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना 50 से अधिक मरीज टायफाइड जैसे लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं।मरीजों में तेज बुखार, खांसी, कमजोरी और चक्कर के साथ गले में दर्द, सूखी खांसी और जोड़ों में दर्द की शिकायत प्रमुख रूप से सामने आ रही है।
पिछले एक सप्ताह में 300 से अधिक मरीज
पीएमसीएच, आईजीआईएमएस , एनएमसीएच, एम्स पटना और न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल की ओपीडी में पिछले एक सप्ताह में 300 से अधिक मरीजों में टाइफाइड की पुष्टि हुई है। इनमें पीएमसीएच में 98, आईजीआईएमएस में 92, एनएमसीएच में 45, एम्स में 58 और न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल में सात मरीज शामिल हैं।अस्पतालों के अनुसार, कुछ समय पहले तक यह संख्या 100 से भी कम थी। कंकड़बाग, बुद्धा कालोनी, राजीव नगर, बोरिंग रोड, गर्दनीबाग, दानापुर, महेंद्रू और नेपाली नगर समेत कई इलाकों में जलजमाव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की शिकायत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर नियमित फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं हो रहा है। टूटी नालियां, जमा पानी, तालाबों के आसपास उगी घास और गंदगी मच्छरों के पनपने का कारण बन रही है।
वायरल व डेंगू के साथ स्वाइन फ्लू की भी जांच
पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह और आईजीआईएमएस के प्रवक्ता प्रो. डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा ने बताया कि टायफाइड और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों के लक्षणों के आधार पर आवश्यक जांच कराई जा रही है। मौसम में बदलाव को देखते हुए स्वाइन फ्लू से मिलते-जुलते लक्षण वाले मरीजों के सैंपल लेने का निर्देश दिया गया है। वायरल बुखार और डेंगू के साथ स्वाइन फ्लू की भी जांच कराई जा रही है।सैंपल पटना सिटी के अगमकुआं स्थित आरएमआरआई सेंटर भेजे जा रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों को प्री-जांच और आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार, बारिश और जलजमाव के कारण बैक्टीरिया तथा मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। ऐसे में लगातार बुखार, खांसी या शरीर में दर्द रहने पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है
टाइफाइड से बचाव के लिए रखें सावधानी
- साफ और उबला हुआ या सुरक्षित पानी ही पिएं।
- खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।
- खाना खाने और शौचालय के इस्तेमाल के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं।
- फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें।
- बुखार रहने पर खुद से एंटीबायोटिक दवा न लें।
- चिकित्सक की सलाह पर जांच और उपचार कराएं।
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें, ताकि मच्छरों का प्रजनन नहीं हो सके।
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मोबाइल स्क्रीन प्रोटेक्टर पर नए नियम, 1 अप्रैल 2027 से BIS सर्टिफिकेशन होगा जरूरी
भारत सरकार ने मोबाइल फोन पर इस्तेमाल होने वाली स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए नए नियम का ऐलान किया है. नए नियम के तहत फोन डिस्प्ले पर लगने वाले प्रोटेक्टर के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) को अनिवार्य कर दिया है. यह नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा.
इलेक्ट्रोनिक्स और सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की तरफ से दिशा-निर्देश जारी किए हैं. अधिसूचना के मुताबिक, मोबाइल फोन के डिस्प्ले पर इस्तेमाल होने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर को उन सामानों की लिस्ट में शामिल किया है, जिनके लिए BIS सर्टिफिकेशन्स की जरूरत होती है.
स्मार्टफोन के डिस्प्ले के लिए इस्तेमाल होने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर का नया नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा. स्क्रीन प्रोटेक्टर को निर्धारित भारतीय मानक IS 19348:2025 का पालन करना होगा. रजिस्ट्रेशन सिस्टम के तहत BIS की मंजूरी के बिना ऐसे स्क्रीन प्रोटेक्टर को भारत में कानूनी रूप से बेचना संभव नहीं होगा.
किन कंपनियों पर पड़ेगा सीधा असर
मोबाइल स्क्रीन प्रोटेक्टर वाले नियम का सीधा असर उन कंपनियों और ब्रांड पर पड़ेगा, जो भारत में इंपोर्ट करने वालों पर पड़ेगा. नियमों के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मार्केट में सेल होने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर क्वालिटी और सेफ्टी मानकों को पूरा करते हैं.BIS स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए नए स्टैंडर्ड को सेट करेगा
BIS के स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए नए स्टैंडर्ड तैयार किए जाएंगे, जिनको स्क्रीन प्रोटेक्टर मैन्यूफैक्चरर और सेलर को मानना होगा. इसके लिए जरूरी फीचर्स और टेस्टिंग को कंप्लीट करना होगा.इसमें स्क्रीन प्रोटेक्टर की थिकनेस और डाइमेंशन को तय किया जाएगा. साथ ही ग्लास की क्वालिटी, मजबूती का ध्यान रखा जाएगा. इसमें एंटी-शैटर फिल्म, ओलेओफोबिक कोटिंग, एंटी-ग्लेयर फिल्म, ब्लू-लाइट फिल्टर आदि के लिए नियम बनाएं जाएंगे.
स्मार्टफोन यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर
स्क्रीन प्रोटेक्टर के नए नियम आने के बाद स्मार्टफोन यूजर्स पर उसका क्या असर पड़ेगा. बिजनेस टुडे ने बताया है कि भारत में बिकने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर एक निर्धारित क्वालिटी स्टैंडर्ड को पूरा करेंगे. इसकी वजह से स्क्रीन प्रोटेक्टर की कीमत और अवेलेबिलिटी पर असर नजर आएगा. नए स्टैंडर्ड के तहत बनने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर महंगे की कीमत ज्यादा हो सकती है.भारतीय मार्केट में मौजूदा समय में ढेरों स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर ब्रांड और कंपनियां मौजूद हैं. इनमें से कुछ भारत में प्रोडक्शन करती हैं तो कई चीन और अन्य देशों से इंपोर्ट भी करते हैं.
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लखनऊ में सिर्फ 6% भवनों के पास वैध नक्शा, 30 हजार अवैध निर्माण पर कार्रवाई का इंतजार
लखनऊ
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेबी पार्डीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने सोमवार को लोकेश कुमार की याचिका की सुनवाई करते हुए मेरठ में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण पर चिंता जताने साथ ही अथॉरिटी को फटकार भी लगाई है।यह खबर राजधानी में लखनऊ विकास प्राधिकरण व आवास विकास परिषद की आंखें खोलने वाली है। साथ ही ताबड़तोड़ अवैध निर्माण करने वालों को डराने वाली भी है, क्योंकि भविष्य में यदि ऐसा आदेश लखनऊ के लिए हुआ तो क्या होगा? जवाब है 30 हजार से अधिक इमारतें और 241 आवासीय कॉलोनियां अवैध बनी हैं।
अवैध आवासीय व व्यावसायिक निर्माण रोकने के लिए मेरठ का प्रकरण सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया, जबकि लखनऊ में ही ऐसा ही कदम उठाया जा चुका है। दिसंबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के तत्कालीन मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल व न्यायमूर्ति रजनीश कुमार की खंडपीठ ने रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल अशोक कुमार की याचिका समेत चार अन्य याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए बहुमंजिला इमारतों के अवैध निर्माण के मामले में एलडीए से जवाब तलब किया था।
हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में पूरे शहर की बदतर स्थिति विस्तार से बताई गई थी। राजधानी की तमाम बहुमंजिला इमारतें अवैध तरीके से बनाई गई हैं। इनमें से कुछ में स्वीकृति से ज्यादा मंजिलें बना दी गईं तो कई में अवैध निर्माण किया गया।
एलडीए ने कुछ की पहचान तो की है, लेकिन बड़े भवनों को ध्वस्त नहीं किया गया। अवैध निर्माण में अधिकारियों की मिलीभगत है, लेकिन इनके खिलाफ अभी तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। उस समय शहर में करीब 12500 अवैध निर्माण होने का दावा किया गया था, इनमें अपार्टमेंट, कांप्लेक्स, रो हाउसेस, प्लाटिंग सोसाइटी शामिल हैं।
241 अवैध आवासीय कॉलोनियां चिन्हित
शासन-प्रशासन ने इन पर अंकुश लगाने के लिए आदेश दिए, मगर हुआ कुछ नहीं। होटल लेवाना सुइट्स अग्निकांड के बाद इनकी रफ्तार और बढ़ गई। इसके लिए प्रवर्तन के इंजीनियर व अफसर जिम्मेदार हैं। आवासीय भूखंडों पर सबसे ज्यादा होटल गोमती नगर, शहीद पथ के किनारे व गोमतीनगर विस्तार में बने हैं। एलडीए की सीलिंग के बावजूद ये इमारतें गुपचुप तरीके से बनकर तन गईं। इन पर कभी एलडीए का बुलडोजर नहीं चल सका। इस पर प्रभावी आदेश नहीं हो सका।इधर चार साल में अवैध भवन बनने की रफ्तार बढ़ गई यही वजह है कि अवैध भवनों का ग्राफ करीब 30 हजार तक पहुंच चुका है। लगभग ढाई हजार से अधिक नोटिस अवैध निर्माण करने वालों को दिए गए हैं। ऐसे ही 241 अवैध आवासीय कॉलोनियां चिन्हित हैं।
राजधानी में अवैध निर्माण का ताजा प्रकरण अलीगंज के अवैध व्यावसायिक कांप्लेक्स में आग लगने के बाद सामने आई है। घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने गूगल स्ट्रीट व्यू तकनीक का उपयोग करके सिर्फ अलीगंज क्षेत्र में 51 अवैध निर्माण खोजा था।
उसी समय एलडीए ने शहर में 101 अवैध भवनों को गिराने की कार्यवाही जल्द शुरू करने का दावा किया लेकिन, अब तक यह शुरू नहीं हो सकी है। वहीं, एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार स्वीकार कर चुके हैं कि राजधानी में सिर्फ छह प्रतिशत के पास ही वैध नक्शे हैं।