Author: NewseDay

  • रांची की रैंकिंग में बड़ा सुधार, 792वें स्थान पर पहुंची; जमशेदपुर 844वें नंबर पर

    रांची की रैंकिंग में बड़ा सुधार, 792वें स्थान पर पहुंची; जमशेदपुर 844वें नंबर पर

    जमशेदपुर
     स्टील सिटी के नाम से मशहूर जमशेदपुर ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी औद्योगिक पहचान दर्ज करायी है. वैश्विक आर्थिक थिंक टैंक ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की ग्लोबल सिटीज इंडेक्स 2026 रिपोर्ट में जमशेदपुर को दुनिया के 1,000 प्रमुख शहरों की सूची में 844वां स्थान मिला है. रिपोर्ट में जमशेदपुर को एक स्थापित इंडस्ट्रियल हब के रूप में जगह दी गयी है.

    जमशेदपुर की पहचान मुख्य रूप से स्टील, ऑटोमोबाइल और कोर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के रूप में दर्ज की गयी है. शहर की औद्योगिक ताकत के बावजूद इसकी वैश्विक रैंकिंग में बड़ा उछाल नहीं आया. रिपोर्ट में इसके पीछे शहर की अर्थव्यवस्था का पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग पर अधिक निर्भर होना बताया गया है. आधुनिक आईटी, सर्विस सेक्टर और कॉरपोरेट बेस का विस्तार सीमित रहने का असर भी रैंकिंग पर पड़ा है.

    स्टील और ऑटो सेक्टर जमशेदपुर की सबसे बड़ी ताकत
    जमशेदपुर लंबे समय से देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल रहा है. ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में भी इसकी पहचान स्टील, ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े मजबूत औद्योगिक क्लस्टर के तौर पर हुई है.

    हालांकि, वैश्विक शहरों के बीच प्रतिस्पर्धा अब केवल उद्योगों तक सीमित नहीं है. आईटी, आधुनिक सर्विस सेक्टर, कॉरपोरेट गतिविधियां, मानव पूंजी और दूसरी नयी अर्थव्यवस्थाएं भी शहरों की स्थिति को प्रभावित कर रही हैं. रिपोर्ट में जमशेदपुर की रैंकिंग के संदर्भ में इन्हीं क्षेत्रों के सीमित विस्तार को एक वजह के तौर पर बताया गया है.

    रांची ने 74 पायदान की छलांग लगायी
    इसी रिपोर्ट में झारखंड की राजधानी रांची ने जमशेदपुर की तुलना में रैंकिंग में तेज सुधार दर्ज किया है. रांची 74 पायदान ऊपर चढ़कर 792वें स्थान पर पहुंची है. रिपोर्ट के अनुसार रांची में रिंग रोड और फोर-लेन हाइवे कनेक्टिविटी, बैंकिंग, आईटी इनेबल्ड सर्विसेज, फिनटेक और सरकारी सेवाओं के विस्तार का असर दिखाई दिया है.

    आईआईएम, बीआईटी मेसरा, रिम्स और केंद्रीय संस्थानों की मौजूदगी के कारण रांची में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र का आधार भी मजबूत हुआ है. इसके अलावा रिटेल, ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट में निवेश तथा बड़े महानगरों की तुलना में जमीन, ऑफिस स्पेस और जीवनयापन की कम लागत को भी शहर की प्रगति से जोड़ा गया है.

    रैंकिंग में सुधार के मामले में प्रयागराज 70 स्थान, लखनऊ 58 स्थान और विशाखापत्तनम 54 स्थान ऊपर आये हैं. रांची ने इन शहरों से अधिक 74 पायदान की बढ़त दर्ज की है.

    देश के दूसरे शहरों की क्या स्थिति
    बिहार का पटना 783वें स्थान पर है, जबकि गयाजी को 897वीं रैंक मिली है. पटना को मजबूत जनसंख्या और कंजम्पशन ड्रिवन सेंटर के रूप में दर्ज किया गया है. वहीं, गयाजी को पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व के कारण वैश्विक सूची में जगह मिली है.

    पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता 496वें स्थान पर है. वहीं, आसनसोल 852वें स्थान पर है. आसनसोल कोयला, इस्पात और भारी इंजीनियरिंग के केंद्र के रूप में सूची में शामिल है.

    टॉप-100 विकास केंद्रों में 55 भारतीय शहर
    रिपोर्ट में भारत के शहरों की वैश्विक मौजूदगी भी मजबूत दिखी है. दुनिया के शीर्ष 100 विकास केंद्रों में 55 भारतीय शहर शामिल हैं. अमरावती को वैश्विक विकास रैंकिंग में सातवां, सूरत को 11वां और तिरुचिरापल्ली को 13वां स्थान मिला है.

    बेंगलुरु को 'सिटीज टू वॉच' सूची में रखा गया है. 2026 से 2030 के बीच यहां 9.2% सालाना जीडीपी वृद्धि का अनुमान दिया गया है. समग्र इंडेक्स में बेंगलुरु 20 पायदान ऊपर चढ़कर 311वें स्थान पर पहुंचा है.

    मुंबई कॉरपोरेट मुख्यालय के मामले में वैश्विक स्तर पर 23वें स्थान पर है, जबकि दिल्ली मानव पूंजी के मामले में दुनिया में 13वें स्थान पर है.

  • संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नागरिक आपूर्ति निगम के वार्षिक आम सभा की बैठक संपन्न

    संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नागरिक आपूर्ति निगम के वार्षिक आम सभा की बैठक संपन्न

    संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नागरिक आपूर्ति निगम के
    वार्षिक आम सभा की बैठक संपन्न
    रायपुर 

    नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में छत्तीसगढ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पाेरेशन लिमिटेड के वार्षिक आम सभा की बैठक मुख्यालय, नवा रायपुर में संपन्न हुई। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 के अंतिम लेखों को संचालक मंडल की पूर्व आयोजित बैठक में अनुमोदन किए जाने के उपरांत वार्षिक आम सभा की बैठक में अंतिम लेखो पर महालेखाकार नई दिल्ली की टिप्पणीयों पर निगम प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत प्रत्युत्तर का अनुमोदन उपरांत अंगीकार किया गया। बैठक में निगम के वित्तीय वर्ष 2023-24 के अंतिम लेखों पर महालेखकार, नई दिल्ली से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है, इसे शीघ्र ही आगामी बैठक में संचालक मंडल से अनुमोदन करा कर  सामान्य सभा में प्रस्तुत किए जाने के संबंध में निगम अध्यक्ष को अवगत कराया गया।
    वार्षिक सामान्य सभा की बैठक में निगम प्रबंध संचालक, भोसकर विलास संदिपान, श्री गजपाल सिंह सिकरवार, संयुक्त सचिव, (खाद्य) श्री सीताराम तिवारी, उप सचिव (वित्त),  श्री मनोज कुमार मिश्रा, उप सचिव, (कृषि) एवं निगम के अंशधारीगण- श्री अमितोष जान, अवर सचिव, खाद्य श्री संतोष ब्रम्हानंद खापर्डे, एजीएम (वित्त), महेन्द साहू, एजीएम (आईटी), श्री मनोज वर्मा, डिप्टी एजीएम (वित्त) एवं श्री राजेश कुमार सिसोदिया, कार्यापालन संचालक (वित्त), श्री दिनेश कुमार नाग, महाप्रबंधक (प्रशासन) विशेष रूप से उपस्थित थे।

  • हिसार गांव में प्रेम विवाह पर रोक का प्रस्ताव, निर्वाचित पंचायत ने फैसले से बनाई दूरी

    हिसार गांव में प्रेम विवाह पर रोक का प्रस्ताव, निर्वाचित पंचायत ने फैसले से बनाई दूरी

     हिसार
     हिसार के आर्य नगर गांव में बीते रविवार को हुई एक सामाजिक पंचायत में गांव के लोगों के बीच होने वाले प्रेम विवाह के सामाजिक बहिष्कार का प्रस्ताव पारित किया गया।

    पंचायत में कहा गया कि गांव में ऐसे विवाह करने वाले लोगों और इसका समर्थन करने वाले परिवार के सदस्यों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। पिछले कुछ महीनों में गांव में ऐसे तीन विवाह होने के बाद यह प्रस्ताव पारित किए जाने की बात सामने आई है।

    गांव के बुजुर्गों की मौजूदगी में हुई सभा में करीब एक हजार ग्रामीण शामिल हुए। पंचायत की अध्यक्षता गांव के बुजुर्ग कुलवंत गोसला ने की। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि ऐसे विवाह का समर्थन करने वाले परिवार के सदस्यों या अन्य लोगों के खिलाफ भी सामाजिक बहिष्कार की कार्रवाई की जाएगी।

    इसके अलावा 21 सदस्यीय एक समिति गठित कर घर-घर जाकर ग्रामीणों की राय जानने की बात कही गई है, ताकि प्रेम विवाह पर रोक लगाने के संबंध में लोगों के विचार लिए जा सकें।

    तीन विवाह के बाद लिया निर्णय
    मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में गांव में तीन ऐसे विवाह हुए हैं, जिनमें गांव के ही रहने वाले युवक-युवतियों ने विवाह किया। गांव के सरपंच रतन सिंह के अनुसार इनमें दो जोड़े अलग-अलग जातियों से थे, जबकि एक जोड़ा एक ही जाति से था।

    निर्वाचित पंचायत ने फैसले से बनाई दूरी
    गांव के सरपंच रतन सिंह ने बताया कि दो दिन पहले सभी ग्रामीणों ने एकत्रित होकर फैसला लिया है कि गांव के ही युवक-युवती आपस में प्रेम विवाह नहीं करेंगे, ऐसा करते है तो उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। गांव में पुलिस भी तैनात नहीं की गई है।

    सरपंच ने बताया कि इस निर्णय में निर्वाचित ग्राम पंचायत की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला सामाजिक पंचायत की ओर से लिया गया है।
    अधिवक्ता बोले- वयस्कों को जीवनसाथी चुनने का अधिकार

    वरिष्ठ अधिवक्ता लाल बहादूर खोवाल ने बताया कि सहमति से विवाह करने वाले वयस्कों को संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का मौलिक अधिकार है।

    उनके अनुसार सामाजिक बहिष्कार का आदेश देने वाली पंचायत के ऐसे फरमान की कानूनी वैधता नहीं है और परिस्थितियों के आधार पर आपराधिक व अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

    उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संवाद के माध्यम से स्थिति को संभालना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धमकी देने या दबाव बनाने की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक कार्रवाई हो सकती है।

    नहीं हुई कोई अप्रिय घटना
    पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गांव आर्य नगर में शांतिप्रिय माहौल है। वहां किसी तरह की कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। अगर कोई समस्या आती है तो गांव में सुरक्षा मुहैया करवा दी जाएगी।

     

  • iPhone Duo को लीड कर रहे भारतीय पीयूष प्रतीक, IIT Delhi से Apple तक का सफर

    iPhone Duo को लीड कर रहे भारतीय पीयूष प्रतीक, IIT Delhi से Apple तक का सफर

    Apple का पहला फोल्डेबल iPhone Duo इस समय टेक की दुनिया में चर्चा का सबसे बड़ा नाम है. करीब 3 लाख रुपये से शुरू होने वाला यह फोन सिर्फ इसलिए खास नहीं है कि यह फोल्ड होता है. इसके पीछे काम करने वाली टीम में एक भारतीय नाम भी अब खास तौर पर चर्चा में है. नाम है पीयूष प्रतीक. IIT Delhi से पढ़े पीयूष अब Apple में iPhone Duo के प्रोडक्ट मैनेजर हैं और उन्होंने खुद LinkedIn पर बताया है कि इस नए iPhone को लीड करना उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी रही है.

    Apple ने 9 सितंबर 2026 को अपना पहला फोल्डेबल iPhone पेश किया था. कंपनी ने इसका नाम iPhone Duo रखा. फोन खुलने पर इसमें 7.6 इंच का बड़ा डिस्प्ले मिलता है, जबकि बंद करने पर 5.4 इंच की बाहरी स्क्रीन मिलती है. भारत में इसकी शुरुआती कीमत ₹2,99,900 है और इसकी बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होगी.

    कौन हैं पीयूष प्रतीक?
    लेकिन इस फोन की चर्चा के बीच एक भारतीय प्रोफेशनल का नाम भी तेजी से सामने आया है. यह नाम है Piyush Pratik. उनकी मौजूदा लिंक्डइन प्रोफाइल पर पद प्रोडक्ट मैनेजर, iPhone Duo लिखा है. अपने हालिया पोस्ट में उन्होंने iPhone Duo को लेकर लिखा कि इस प्रोडक्ट को लीड करना उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी और सौभाग्य है. उन्होंने इस काम के पीछे ऐपल की कई टीमों की मेहनत का भी जिक्र किया है.

    यहां एक बात समझना जरूरी है. iPhone Duo किसी एक व्यक्ति ने नहीं बनाया है. ऐपल के ऐसे प्रोडक्ट में हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, डिजाइन, इंजीनियरिंग, कैमरा, ऑपरेशंस और मार्केटिंग समेत कई टीमें काम करती हैं. इसलिए पीयूष को अकेले 'iPhone Duo बनाने वाला भारतीय' कहना सही नहीं होगा. लेकिन उनकी मौजूदा भूमिका और उनके अपने बयान यह जरूर बताते हैं कि वह इस प्रोडक्ट की लीडिंग टीम का हिस्सा हैं.

    IIT Delhi से शुरू हुआ सफर
    पीयूष प्रतीक की कहानी किसी सामान्य इंजीनियरिंग जॉब से Apple तक पहुंचने वाली कहानी नहीं है. उन्होंने IIT Delhi से बायोकेमिकल इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी में B.Tech और M.Tech की डुअल डिग्री की. एवेलेबल प्रोफाइल और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने 2011 में IIT Delhi से पढ़ाई पूरी की और वहां गोल्ड मेडल भी हासिल किया.

    दिलचस्प बात यह है कि इंजीनियरिंग के बाद पीयूष सीधे Apple नहीं पहुंचे. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत Bain & Company में एसोसिएट कंसल्टेंट के तौर पर की. इसके बाद 2013 में वह InMobi से जुड़े. यहां उन्होंने प्रोडक्ट मार्केटिंग में काम किया और आगे चलकर डायरेक्टर की भूमिका तक पहुंचे.

    इसके बाद उनके करियर में एक और बड़ा मोड़ आया. 2017 में उन्होंने स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस में MBA शुरू किया. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें रिलायंस धीरूभाई स्कॉलरशिप मिली थी, जिसके जरिए उनकी स्टैनफोर्ड की पढ़ाई को पूरा समर्थन मिला. 2019 में MBA पूरा करने के बाद पीयूष ने ऐपल जॉइन किया.

    iPhone Duo के अलावा इन iPhone मॉडल्स में बड़ा रोल
    पीयूष का ऐपल के साथ काम iPhone 16 से शुरू नहीं हुआ था. ऐपल में आने के बाद उन्होंने iPhone की प्रोडक्ट मैनेजमेंट टीम में काम किया और iPhone 13 लाइनअप और दूसरी जेनेरेशन के iPhone SE से जुड़े काम में भी उनकी भूमिका रही.  2024 में उनका नाम पहली बार बड़े पैमाने पर लोगों के सामने तब आया, जब Apple के iPhone 16 लॉन्च इवेंट में उन्होंने नए कैमरा कंट्रोल के बारे में जानकारी दी. इस समय भी वो भारत में सुर्खियों में रहे थे.

    यह सिर्फ एक नॉर्मल कैमरा बटन नहीं था. ऐपल ने इसे टच और प्रेशर सेंसर के साथ डिजाइन किया था. इससे कैमरा जल्दी खोला जा सकता था, फोटो क्लिक की जा सकती थी और उंगली को स्लाइड करके कैमरा सेटिंग्स जैसे जूम को कंट्रोल किया जा सकता था. बाद में इसी Camera Control को Visual Intelligence जैसे फीचर्स दिए गए.

    पीयूष ने Apple के इस नए फीचर के पीछे की सोच को भी समझाया था. उनके मुताबिक मकसद सिर्फ iPhone में एक और बटन जोड़ना नहीं था, बल्कि कैमरा इस्तेमाल करने के पूरे अनुभव को तेज और आसान बनाना था. Apple की टीम ने कैमरा कंट्रोल को इस तरह डिजाइन किया कि इसे फोन को पोर्ट्रेट और लैंडस्केप दोनों तरह से पकड़कर इस्तेमाल किया जा सके.

    अब कहानी पहुंची iPhone Duo तक
    2026 में पीयूष की भूमिका और भी ज्यादा चर्चा में आ गई है. ऐपल ने पहली बार iPhone को फोल्डेबल डिजाइन दिया है और इसका नाम iPhone Duo रखा है. पीयूष ने अपने LinkedIn पोस्ट में इस लॉन्च को ओरिजनल आईफोन के बाद सबसे बड़े बदलावों में से एक बताया और लिखा कि वह इस प्रोडक्ट को लीड करने के लिए खुद को भाग्यशाली मानते हैं. उन्होंने खास तौर पर ऐपल की अलग-अलग टीमों की मेहनत और डिटेल पर दिए गए ध्यान को इस प्रोडक्ट की सफलता का हिस्सा बताया.

  • Japan vs India: आखिरी गेंद तक चला रोमांच, 32 रन बनाकर भारत ने जापान को 30 पर रोका

    Japan vs India: आखिरी गेंद तक चला रोमांच, 32 रन बनाकर भारत ने जापान को 30 पर रोका

    नई दिल्ली
    भारत ने जापान के खिलाफ एकमात्र टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में महज 2 रनों से जीत हासिल की. 22 सितंबर (मंगलवार) को सानो के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 ओवर में 32/4 का स्कोर बनाया. लक्ष्य का पीछा करने उतरी जापान की टीम भी 5 ओवर में 3 विकेट पर 30 रन ही बना सकी.

    जापान पर इस जीत के साथ भारत मेन्स टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 200 मैच जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गया. दोनों देशों के बीच सीनियर स्तर पर यह पहला मुकाबला था, लेकिन बारिश और गीली आउटफील्ड मैच का रोमांच और बढ़ा दिया. मुकाबला करीब तीन घंटे की देरी से शुरू हुआ और ओवरों की संख्या घटाकर 5-5 कर दी गई. इतने छोटे मैच में 33 रनों का लक्ष्य भी आसान नहीं रहा और आखिरी गेंद ने मुकाबले का नतीजा तय किया.

    टी20I में भारत की 200 जीत का सफर (सुपर ओवर जीत भी शामिल)
    पहली जीत: बनाम साउथ अफ्रीका, जोहान्सबर्ग, 2006 (6 विकेट)
    50वीं जीत: बनाम श्रीलंका, कोलंबो आरपीएस, 2017 (7 विकेट)
    100वीं जीत: बनाम वेस्ट इंडीज, कोलकाता, 2022 (8 रन)
    150वीं जीत: बनाम ऑस्ट्रेलिया, ग्रोस आइलेट, 2024 (24 रन)
    200वीं जीत: बनाम जापान, सानो, 2026 (2 रन)

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को सानो की पिच पर जापानी गेंदबाजों ने खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया. टर्न और अतिरिक्त उछाल के कारण भारतीय बल्लेबाजों को रन बनाने में परेशानी हुई. कप्तान श्रेयस अय्यर ने सबसे ज्यादा 16 रन बनाए. उन्होंने 12 गेंदों की अपनी पारी में एक चौका लगाया. संजू सैमसन ने 7 गेंदों पर 9 रन बनाए. जापान के चार्ली हारा-हिंज ने शानदार गेंदबाजी करते हुए दो विकेट लिए. उन्होंने अभिषेक शर्मा को खाता खोलने का मौका नहीं दिया, जबकि भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर को भी पवेलियन भेजा.

    जापान के सामने सिर्फ 33 रनों का लक्ष्य था और पांच ओवर में इसे हासिल करना संभव नजर आ रहा था. लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने हर रन के लिए जापानी बल्लेबाजों को तरसा दिया. अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने बेहद कसी हुई गेंदबाजी की. जापान की टीम पूरे पांच ओवर में सिर्फ दो चौके लगा सकी. वॉशिंगटन सुंदर ने 2 विकेट लेकर भारतीय जीत में अहम भूमिका निभाई. जापान को आखिरी ओवर में मुकाबला जीतने के लिए 8 रन बनाने थे, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा. आखिरकार जापान 30/3 तक ही पहुंच सका और भारत ने मैच अपने नाम कर लिया.

    आखिरी ओवर में हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा
    मुकाबले का सबसे दिलचस्प पल आखिरी ओवर में आया. एलेक्स शिराई-पैटमोर ने अक्षर पटेल की गेंद पर रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की. गेंद लेग साइड की ओर निकल गई और मैदानी अंपायर ने उसे वाइड करार दिया. इस फैसले के बाद भारतीय खिलाड़ी असहमत नजर आए. कप्तान श्रेयस अय्यर ने स्क्वायर लेग अंपायर क्रिस ब्राउन से बातचीत की.

    इसके बाद दोनों मैदानी अंपायरों ने आपस में चर्चा की और वाइड का फैसला बदल दिया गया. इस फैसले से जापानी टीम को अतिरिक्त रन नहीं मिला और भारत को फायदा हुआ.

  • पाकिस्तान में मंत्री को हथियारबंद नकाबपोश उठा ले गए! गाड़ी के टायरों पर की फायरिंग

    पाकिस्तान में मंत्री को हथियारबंद नकाबपोश उठा ले गए! गाड़ी के टायरों पर की फायरिंग

    खैबर पख्तूनख्वा 

    पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में दिनदहाड़े एक मंत्री के अपहरण से हड़कंप मच गया. पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग मंत्री फजल शकूर खान को सोमवार दोपहर हथियारबंद नकाबपोशों ने कथित तौर पर अगवा कर लिया. बताया जा रहा है कि हमलावरों ने मोटरवे पर उनकी गाड़ी को रोका और पहले उसके टायरों पर गोली चलाई. इसके बाद बंदूकधारी मंत्री को अपने साथ लेकर चले गए। 

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों के पास हथियार थे और उन्होंने नकाब पहन रखा था. सोशल मीडिया पर सामने आए कथित वीडियो में कुछ नकाबपोश लोग मुख्य सड़क पर रास्ता रोकते नजर आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि मंत्री की गाड़ी को रोकने के लिए सीधे टायरों पर गोलियां चलाई गईं. अभी तक यह साफ नहीं है कि फजल शकूर खान को किस संगठन या ग्रुप के लोगों ने अगवा किया और इसके पीछे उनकी क्या मांग या वजह है। 

    PTI नेता ने भी लगाया अपहरण की कोशिश का आरोप
    मंत्री फजल शकूर खान के अपहरण के अलावा पीटीआई के नेता और प्रांतीय विधायक शकील अहमद को भी अगवा करने की कोशिश की खबर सामने आई है. बताया गया कि मलाकंद में शकील अहमद को निशाना बनाने की कथित कोशिश के बाद पीटीआई कार्यकर्ताओं में गुस्सा फैल गया। 

    मलाकंद में बड़ी संख्या में पीटीआई कार्यकर्ताओं ने बट खैला बाईपास को जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए और नारेबाजी की. पीटीआई ने आरोप लगाया कि खैबर पख्तूनख्वा में उसके प्रांतीय नेतृत्व को निशाना बनाया जा रहा है और नेताओं को बंदूक की नोक पर अगवा करने की कोशिश की जा रही है। 

    पीटीआई ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
    खैबर पख्तूनख्वा के सूचना मंत्री शफी जान ने इन घटनाओं को संविधान, कानून और जनता के जनादेश पर सीधा हमला बताया. पीटीआई के वरिष्ठ नेताओं ने भी मंत्री और पार्टी नेताओं को निशाना बनाए जाने पर जवाबदेही की मांग की है। 

    पार्टी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर उसके मंत्रियों और नेताओं के खिलाफ कथित कार्रवाई और कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं रुकी, तो पूरे प्रांत में विरोध प्रदर्शन और तेज किए जाएंगे. फिलहाल फजल शकूर खान के अपहरण के पीछे किसका हाथ है और उनका क्या हुआ, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर स्थिति साफ नहीं हुई है। 

  • जमुई वीडियो कांड में सख्ती, 2 दर्जन से ज्यादा वीडियो हटाए गए; 120 पर केस

    जमुई वीडियो कांड में सख्ती, 2 दर्जन से ज्यादा वीडियो हटाए गए; 120 पर केस

    पटना
     जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़खानी की घटना से जुड़ा वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने सख्त कार्रवाई शुरू की है।

    अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे आपत्तिजनक वीडियो को हटाने की कार्रवाई की गई है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, घटना से जुड़े दो दर्जन से अधिक वीडियो फेसबुक और एक्स से टेकडाउन कराए गए हैं।

    नाबालिग की पहचान उजागर करने और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में पुलिस ने 120 सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

    बिहार पुल‍िस ने आमजन से की अपील
    पुलिस अब ऐसे अन्य लोगों, अकाउंट, पेज और वेबसाइट की पहचान कर रही है, जिन्होंने नाबालिग से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट या प्रसारित की है।

    बिहार पुलिस ने लोगों से ऐसे वीडियो को साझा या रीपोस्ट नहीं करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि संवेदनशील सामग्री को आगे प्रसारित करने के बजाय उसकी सूचना संबंधित एजेंसी को देनी चाहिए।

    ऐसे में सवाल है कि यदि किसी नाबालिग से जुड़ा आपत्तिजनक वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाए तो क्या करना चाहिए? ऐसी स्थिति में कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।

    वीडियो वायरल हो तो सबसे पहले क्या करें?
    किसी नाबालिग से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो सामने आने पर उसे आगे शेयर, रीपोस्ट या किसी दूसरे प्लेटफॉर्म पर अपलोड नहीं करना चाहिए। इससे वीडियो का प्रसार और बढ़ सकता है।

    यदि किसी अकाउंट से ऐसी सामग्री पोस्ट की गई है तो संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के रिपोर्ट विकल्प से उसकी शिकायत की जा सकती है। जरूरत होने पर पुलिस या साइबर सेल को भी सूचना दें।

    पीड़िता की पहचान उजागर न करें
    नाबालिग का नाम, चेहरा, पता, स्कूल, परिवार, मोहल्ला या ऐसी कोई अन्य जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए, जिससे उसकी पहचान सामने आ सके।

    POCSO की धारा 23 के तहत मीडिया में बच्चे की पहचान उजागर करने वाली जानकारी प्रकाशित करने पर रोक है। इसमें नाम, पता, फोटो, परिवार, स्कूल, पड़ोस या पहचान सामने लाने वाली अन्य जानकारी शामिल है।

    आपात स्थिति में 112 पर करें कॉल
    यदि किसी महिला या बच्चे को तत्काल खतरा है या घटना उसी समय हो रही है तो 112 पर पुलिस सहायता ली जा सकती है। बिहार पुलिस की वेबसाइट पर 112 को आपातकालीन हेल्पलाइन के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

    जरूरी हेल्पलाइन:
    112 — आपातकालीन पुलिस सहायता
    181 — महिला हेल्पलाइन
    1098 — चाइल्ड प्रोटेक्शन हेल्पलाइन
    1930 — साइबर क्राइम हेल्पलाइन

    यदि किसी नाबालिग का आपत्तिजनक वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है तो इसकी शिकायत साइबर अपराध तंत्र को की जा सकती है।

    बिहार पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग की सुविधा उपलब्ध है।

    शिकायत करते समय वीडियो को दोबारा सार्वजनिक रूप से पोस्ट करने के बजाय संबंधित अकाउंट या पोस्ट की जानकारी पुलिस को देना उचित है।

    घटना होने पर तुरंत क्या करें?

    • यदि छेड़खानी या किसी अन्य तरह की बदसलूकी की घटना हो रही है तो सबसे पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की कोशिश करें। आसपास मौजूद भरोसेमंद लोगों से मदद लें और आवश्यकता होने पर पुलिस को सूचना दें।
    • किसी तरह की बदसलूकी होने पर घटना को छिपाने के बजाय माता-पिता, अभिभावक या किसी भरोसेमंद वयस्क को तुरंत जानकारी दें। बच्चे को अकेले स्थिति संभालने के लिए मजबूर न करें।
    • घटना की सूचना जल्द देने से पुलिस को उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित डिजिटल सामग्री की जांच करने में मदद मिल सकती है। सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की जानकारी भी पुलिस को दी जा सकती है।
    • किसी संज्ञेय अपराध की स्थिति में क्षेत्राधिकार को लेकर तत्काल सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए। पीड़िता या उसके अभिभावक पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। आवश्यकता होने पर पुलिस से जीरो एफआईआर की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली जा सकती है।
    • अपने स्मार्टफोन में सुरक्षा ऐप्स (जैसे 112 India App) इंस्टॉल रखें, जिसमें पैनिक बटन (Panic Button) की सुविधा होती है।
    • देर शाम या रात के समय अपरिचित या कम रोशनी वाले रास्तों (जैसे पहाड़ियों के पास, सुनसान हाईवे या खाली मैदानों) पर अकेले जाने से बचें।
    • चलते समय हमेशा सतर्क और आत्मविश्वासी दिखें। आस-पास के माहौल पर नज़र रखें ।
    • अपने बैग में सुरक्षा के लिहाज से पेपर स्प्रे (Pepper Spray) या चाबी का गुच्छा जैसी चीजें रखें, जिनका उपयोग आत्मरक्षा में किया जा सके।

    सोशल मीडिया पर वीडियो डालने वालों पर कार्रवाई
    पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग पीड़िता का चेहरा दिखाने अथवा उसकी पहचान उजागर करने वाली सामग्री को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करना गंभीर कानूनी मामला है। पुलिस ऐसे अकाउंट संचालकों की पहचान कर कार्रवाई कर रही है।

     

  • 19 सितंबर को 818, 20 को पुलिस के 912 और 22 सितंबर को 3,567 युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

    19 सितंबर को 818, 20 को पुलिस के 912 और 22 सितंबर को 3,567 युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

    लखनऊ
     छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरियां देने के लक्ष्य के साथ योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महज चार दिन में तीन बड़े नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों के जरिए 5,297 युवाओं को सरकारी सेवा से जोड़ा है। 19 सितंबर को स्वास्थ्य, आयुष और कौशल विकास विभाग से शुरू हुआ नियुक्तियों का सिलसिला अगले दिन पुलिस और मंगलवार को शिक्षा विभाग तक पहुंचा। तीनों कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री योगी ने खुद नवचयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे।
     
    आंकड़े भी जॉब कैलेंडर की रफ्तार बता रहे हैं। 19 सितंबर को 818 नियुक्तियां हुईं। अगले ही दिन पुलिस के मिनिस्टीरियल कैडर में चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिले। एक दिन के अंतराल के बाद मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक साथ 3,567 प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इसके साथ चार दिन में नियुक्तियों का आंकड़ा 5,297 पहुंच गया।
     
    पहले 818, अगले दिन 912 को नियुक्ति
    19 सितंबर को लोकभवन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा विभाग के एक्स-रे टेक्नीशियन, आयुष विभाग के होम्योपैथिक फार्मासिस्ट, प्रोफेसर, रीडर और प्रवक्ता के अलावा एमएसएमई और व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के विभिन्न पदों पर चयनित युवा शामिल रहे।
     
    अगले ही दिन पुलिस के मिनिस्टीरियल कैडर में 912 नियुक्तियां हुईं। इनमें 259 पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, 449 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और 204 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा शामिल हैं।
     
    तीसरे कार्यक्रम में 5,297 पहुंचा आंकड़ा
    मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीसरा और चार दिनों का सबसे बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम हुआ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्ति मिली।
     
    इनमें 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता पीजीटी और 2,372 सहायक अध्यापक टीजीटी हैं। चयनित अभ्यर्थियों में 1,090 महिलाएं और 2,477 पुरुष शामिल हैं।
     
    नौकरी के साथ पारदर्शी भर्ती का संदेश
    लगातार हो रहे नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों के जरिए सरकार निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती का संदेश भी दे रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि नियुक्ति मिलने के बाद किसी शिक्षक से पैसे मांगने की शिकायत मिली तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर नौकरी मिलनी चाहिए।
     
    5,297 के बाद अब एक लाख पर नजर
    सरकार के मुताबिक पिछले नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। अब अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। पुलिस और होमगार्ड समेत विभिन्न विभागों की भर्तियां भी इसी रोजगार महाभियान का हिस्सा हैं।
     
    चार दिन में तीन बड़े कार्यक्रम और 5,297 नियुक्तियां जॉब कैलेंडर की शुरुआती तस्वीर हैं। अब अगले छह महीने में अलग-अलग विभागों की भर्तियों और नियुक्ति पत्र वितरण के जरिए एक लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जाएगा।

  • चंडीगढ़ में 56 हजार वोटरों के नाम पर सस्पेंस, आज आएगी फाइनल मतदाता सूची

    चंडीगढ़ में 56 हजार वोटरों के नाम पर सस्पेंस, आज आएगी फाइनल मतदाता सूची

    चंडीगढ़.

    विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची में हुए बड़े बदलाव को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रेरणा पुरी मंगलवार को प्रेस वार्ता करेंगी।

    दोपहर 1:15 बजे सेक्टर-18 स्थित निर्वाचन विभाग के नगर योजना भवन के सी-विंग के भूतल पर होने वाली प्रेस वार्ता में SIR की पूरी प्रक्रिया, अब तक हुए सत्यापन और मतदाता सूची में हुए बदलाव की जानकारी दी जाएगी। चंडीगढ़ में SIR के बाद मतदाताओं की संख्या में बड़ी गिरावट सामने आई है। पुनरीक्षण से पहले शहर में 5,16,427 मतदाता दर्ज थे, जबकि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब यह संख्या करीब 4,60,109 रह गई है। हालांकि, अंतिम मतदाता सूची मंगलवार को जारी होने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

    किस वार्ड में कितने नाम घटे, आज मिल सकती है जानकारी
    प्रेस वार्ता में सबसे अहम सवाल यह रहेगा कि SIR के दौरान किस वार्ड में कितने नाम हटे, कितने नाम बरकरार रहे और कितने नए मतदाता जोड़े गए। डुप्लीकेट, मृत और दूसरे स्थान पर जा चुके मतदाताओं के नामों के सत्यापन के साथ दावे और आपत्तियों पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी सामने आ सकती है।

  • सागर BMC में चार बुजुर्गों का सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण, मुफ्त हुआ इलाज

    सागर BMC में चार बुजुर्गों का सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण, मुफ्त हुआ इलाज

    सागर 
    बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय के नेत्र रोग विभाग और आई बैंक ने कॉर्निया प्रत्यारोपण में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पिछले 15 दिनों में मरणोपरांत तीन नेत्रदानों की मदद से नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे और उनकी टीम ने जटिल सर्जरी कर चार बुजुर्ग मरीजों की आंखों की रोशनी वापस लौटाई है।

    इस चिकित्सीय टीम में मुख्य रूप से डॉ. नीलम, डॉ. मानसी, डॉ. शिवानी, डॉ. अजय एवं डॉ. श्रेया शामिल रहीं। रोशनी पाने वाले सभी लाभार्थी सागर शहर व आसपास के ग्रामीण अंचलों के किसान एवं मजदूर वर्ग से ताल्लुक रखते हैं।

    इन मरीजों को मिला नया जीवन (परिवर्तित नाम):
    इमरान खान (73 वर्ष):
    पांच महीने पहले फंगल इन्फेक्शन के कारण कॉर्निया पूरी तरह खराब हो चुका था और दिखना बंद हो गया था। प्रत्यारोपण के बाद अब उनकी रोशनी लौट आई है।

    सीता बाई (70 वर्ष): दो वर्ष पूर्व चोट लगने से पुतली खराब हो गई थी। लगातार दर्द और अंधेपन से जूझ रही महिला का सफल ऑपरेशन कर पुतली बदली गई।

    अशोक (70 वर्ष): बीते पांच वर्षों से पुतली में सफेदी आने के कारण दृष्टिहीनता का शिकार थे। बीएमसी में जांच और प्रत्यारोपण के बाद अब वे देख सकते हैं।

    शिवदयाल (71 वर्ष): आठ महीने पहले मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था, लेकिन कॉर्निया में सूजन व फफोले पड़ने से रोशनी चली गई थी। नया कॉर्निया लगने से उनकी दृष्टि बहाल हो गई है।

    रिसर्च में काम आएंगी शेष दो कॉर्निया
    नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे ने बताया कि हाल ही में तीन दानदाताओं से मरणोपरांत कुल छह कॉर्निया प्राप्त हुई थीं। जांचोपरांत इनमें से चार स्वस्थ कॉर्निया को मरीजों में प्रत्यारोपित किया गया। शेष दो कॉर्निया प्रत्यारोपण के मानकों के अनुकूल नहीं थीं, इसलिए उनका उपयोग विभाग के पीजी डॉक्टर्स शोध और चिकित्सीय अध्ययन के लिए करेंगे।

    सर्जरी और नेत्रदान पूरी तरह निःशुल्क
    बीएमसी डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने बताया कि अस्पताल में कॉर्निया प्रत्यारोपण की अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध है और यह पूरी प्रक्रिया एवं सर्जरी पूरी तरह निःशुल्क की जाती है। उन्होंने कहा कि नेत्रदान एक स्वैच्छिक और पुनीत कार्य है, जिसके लिए समाज को बढ़-चढ़कर आगे आना चाहिए।

    आई बैंक की प्रभारी इंचार्ज डॉ. रोशी जैन एवं डॉ. अंजलि वीरानी ने सभी पीजी छात्रों, नर्सिंग स्टाफ (चेतना शुक्ला और रामलखन मीणा) व पैरामेडिकल स्टाफ के साथ मिलकर नेत्रदान प्राप्त करने से लेकर प्रत्यारोपण तक का कार्य बेहतर समन्वय के साथ पूरा किया।