Author: NewseDay

  • जुआ फड़ से भागे दुकानदार की संदिग्ध मौत, पुलिस पर पिटाई का आरोप

    जुआ फड़ से भागे दुकानदार की संदिग्ध मौत, पुलिस पर पिटाई का आरोप

    जुआ फड़ से भागे दुकानदार की संदिग्ध मौत, पुलिस पर पिटाई का आरोप

    मौत के बाद बाजार बंद, सैकड़ों व्यापारियों ने घेरा थाना; पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    मुरैना
    जौरा में पुलिस को देखकर जुआ फड़ से भागे 37 वर्षीय दुकानदार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान सूरज उर्फ कल्ला गुप्ता निवासी पुराना अस्पताल रोड, जौरा के रूप में हुई है। मौत के बाद परिजनों और व्यापारियों ने पुलिस पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, पुलिस ने मारपीट के आरोपों से इनकार करते हुए बताया कि युवक जेल रोड पर बेहोशी की हालत में मिला था।

    जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर जौरा पुलिस नकबजनी के एक मामले में संदेही की तलाश में पगारा रोड क्षेत्र में गई थी। पुलिस को संदेही के जेल रोड पर होने की सूचना मिली। पुलिस टीम के पहुंचते ही वहां जुआ खेल रहे लोग भागने लगे। इसी दौरान सूरज उर्फ कल्ला भी भागा और पुलिस के मुताबिक दौड़ते समय जमीन पर गिर गया।
    पुलिस उसे तत्काल सिविल अस्पताल लेकर पहुंची। डॉक्टर अनिल राजपूत ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को डेड हाउस में रखवाकर परिजनों को सूचना दी गई।

    परिजनों ने पुलिस पर लगाए मारपीट के आरोप

    सूरज की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि पुलिस ने सूरज को पकड़कर उसके साथ मारपीट की और पैरों में डंडे मारे। परिजनों ने उसके शरीर पर चोट के निशान होने का भी दावा किया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
    वहीं पुलिस का कहना है कि युवक को जेल रोड पर बेहोशी की हालत में पाया गया था और अस्पताल पहुंचाने के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित किया ।

    मौत के बाद बाजार बंद, थाने का घेराव
    घटना की जानकारी मिलते ही जौरा के व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। और देर रात ही व्यापारियों ने तहसील चौराहे पर प्रदर्शन किया और विरोध में दुकानें बंद कर दीं। इसके बाद रात बड़ी संख्या में व्यापारी जौरा थाने पहुंच गए। व्यापारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाने का घेराव किया और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।

    विधायक का कहना 
    –पंकज उपाध्याय कांग्रेस विधायक विधानसभा जौरा

    नेहरू मार्केट में पीको सिलाई की दुकान चलाता था सूरज

    सूरज उर्फ कल्ला गुप्ता नेहरू मार्केट में पीको सिलाई की दुकान चलाता था। इसी दुकान से वह अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। बुधवार को वह जेल रोड पर किस वजह से पहुंचा था और जुआ फड़ से उसका क्या संबंध था, इसे लेकर पुलिस जांच कर रही है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गुरुवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मौत की वास्तविक वजह क्या थी और शरीर पर चोट के निशान कैसे आए, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस और परिजनों के दावों के बीच मौत का कारण जांच का विषय बना हुआ है।

    उधर व्यापारी वर्ग की मांग को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक ने भविष्य देने गए पांच पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है। और तीन डॉक्टरों की टीम से वीडियोग्राफी करके पीएम करने के निर्देश दिए हैं। पीएम रिपोर्ट आने के बाद और भी स्थिति साफ हो जाएगी कि आखिर मौत की वजह क्या रही….

  • पुलिस लोगो वाली कार, फर्जी ID और मंत्रालय के पास; रांची में नकली अंडर सेक्रेटरी गिरफ्तार

    पुलिस लोगो वाली कार, फर्जी ID और मंत्रालय के पास; रांची में नकली अंडर सेक्रेटरी गिरफ्तार

    रांची
     एक ठग को खुद को झारखंड सरकार के गृह विभाग का अंडर सेक्रेटरी बताकर पुलिस अधिकारियों पर धौंस जमाने के मामले में पिठौरिया थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान अरुण कुमार अग्रवाल (52), पिता वशीधर अग्रवाल, निवासी अमरावती अपार्टमेंट, बीआईटी एक्सटेंशन के सामने, लालपुर के रूप में हुई है।

    पुलिस के अनुसार, आरोपित पिछले कई वर्षों से अजय कुमार, अंडर सेक्रेटरी होम के नाम से अपनी पहचान देता था। उसके पास से दो मोबाइल फोन, एक ब्रेजा कार, गृह विभाग और झारखंड पुलिस के नाम से बने फर्जी पहचान पत्र, राजभवन व मंत्रालय के कार पास तथा कई सरकारी दस्तावेजों की छायाप्रतियां बरामद की गई हैं।

    पिठौरिया थाना प्रभारी सतीश कुमार के बयान पर इस संबंध में पिठौरिया थाना कांड संख्या 97/2026, मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 204, 205, 338, 336(3), 340(2), 319(2), 318(4) तथा ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 की धारा 3, 5 और 6 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    एक साल से थाना प्रभारी को कर रहा था फोन
    थाना प्रभारी सतीश कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि करीब एक वर्ष से एक व्यक्ति एक नंबर से उन्हें फोन कर अपना परिचय अजय कुमार, अंडर सेक्रेटरी होम के रूप में देता था। वह कहता था कि उसने वरीय पुलिस अधिकारियों से बात कर उनकी पोस्टिंग कराई है। आरोपित कई छोटे-मोटे मामलों में गैरकानूनी काम करने के लिए दबाव बनाता था।

    वह
    पिठौरिया क्षेत्र में अपना घर होने की बात कहते हुए वहां उपहार भेजने के लिए भी कहता था। 21 सितंबर को आरोपित ने थाना प्रभारी को चंदवे स्थित अपने घर आने के लिए फोन किया। उसने बताया कि कुछ लोग घर के बाहर हंगामा कर रहे हैं।

    सूचना पर थाना प्रभारी पुलिस दल के साथ वहां पहुंचे। पुलिस के अनुसार, मौके पर आरोपित ने थाना प्रभारी से कहा कि क्या उन्हें नौकरी नहीं करनी है, उसकी बात विभाग के वरीय अधिकारियों से होती रहती है और उसकी बातों को हल्के में न लें।
    कार पर लगा था पुलिस का लोगो

    मौके पर पुलिस ने आरोपित की कार की जांच की। कार के डैशबोर्ड पर लाल-नीले रंग का पुलिस लोगो वाला बोर्ड लगा था। सह चालक सीट के सामने शीशे पर हरे रंग की पट्टी लगी थी, जिस पर झारखंड सरकार मंत्रालय कार पास, गृह विभाग, वर्ष 2024 से संबंधित विवरण अंकित था। इसके नीचे झारखंड सरकार की मुहर वाला स्टीकर और पंचम झारखंड विधानसभा कार पास भी लगा हुआ था।

    इन तथ्यों पर संदेह होने के बाद थाना प्रभारी ने वरीय अधिकारियों से विचार-विमर्श किया और आरोपित को पिठौरिया थाना आने का निर्देश दिया। मंगलवार को करीब 1:20 बजे वह थाना पहुंचा। पूछताछ के दौरान पुलिस ने गृह विभाग या किसी अन्य सरकारी विभाग का परिचय पत्र मांगा, लेकिन वह कोई सरकारी पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका।

    गृह विभाग में नहीं मिला अजय कुमार नाम का अधिकारी
    पुलिस ने गृह विभाग में पदस्थापित कर्मियों से सत्यापन कराया। इसमें पता चला कि अजय कुमार नाम का कोई व्यक्ति गृह विभाग में अंडर सेक्रेटरी के पद पर पदस्थापित नहीं है। इसके बाद सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपित ने अपना वास्तविक नाम अरुण कुमार अग्रवाल बताया। पुलिस के अनुसार उसने कई वर्षों से अजय कुमार के नाम से पहचान देने की बात स्वीकार की है।

    जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आरोपित ने वरीय पुलिस उपाधीक्षक अमर कुमार पांडेय के मोबाइल नंबर पर भी अंडर सेक्रेटरी बनकर व्हाट्सऐप और फोन के माध्यम से संपर्क किया था। पुलिस का आरोप है कि वह अपने कथित सरकारी प्रभाव का इस्तेमाल कर अवांछित लाभ लेने का प्रयास करता था।

    पार्किंग शुल्क से बचने और मंत्रालय में प्रवेश के लिए लगाता था लोगो
    पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपित ने बताया कि कार पर पुलिस का लोगो लगाने से ट्रैफिक पुलिस उसे नहीं रोकती थी और पार्किंग शुल्क भी नहीं लिया जाता था। मंत्रालय का लोगो और कार पास रहने से मंत्रालय में प्रवेश के दौरान रोक-टोक नहीं होती थी।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपित ने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों से सूचनाएं जुटाने तथा विभागीय अधिकारियों को सूचना भेजकर पोस्टिंग कराने और लंबित कार्रवाई के नाम पर ठगी करने की बात भी बताई है।

    कार से बरामद हुए फर्जी डीएसपी और सचिव के पहचान पत्र
    पुलिस ने आरोपित के दो मोबाइल फोन और वाहन को विधिवत जब्त किया है। इनमें एप्पल आईफोन 16 प्रो और सैमसंग गैलेक्सी एस-25 शामिल हैं। कार की तलाशी के दौरान अजय कुमार, अवर सचिव गृह विभाग, झारखंड सरकार के नाम से फोटोयुक्त हस्ताक्षरित दो पहचान पत्र बरामद किए गए। इसके अलावा अजय कुमार, डीएसपी (एसबी), झारखंड पुलिस के नाम से झारखंड पुलिस और झारखंड सरकार के लोगो वाले दो फोटोयुक्त पहचान पत्र भी मिले हैं।

    राजभवन में प्रवेश के लिए इस्तेमाल होने वाले पांच हरे रंग के कार पास, गृह विभाग के मंत्रालय कार पास के पांच स्टीकर तथा कार पास तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले स्टीकरयुक्त ए-4 साइज के छह कागजात भी जब्त किए गए हैं।

    नक्सली पुरस्कार राशि और पुलिस पदोन्नति से जुड़े दस्तावेज मिले
    तलाशी में पुलिस को विभिन्न व्यक्तियों और संस्थानों के लेटर पैड भी मिले। इनमें मानव संसाधन विकास विभाग के सचिव, एक विधायक, पीजीआईएमईआर, एसजीपीजीआई और सेंट जेवियर कॉलेज रांची से संबंधित लेटर पैड शामिल हैं। इसके अलावा आरोपित के आधार कार्ड की छायाप्रति भी बरामद हुई है।

    पुलिस के अनुसार विशेष शाखा, झारखंड सरकार से संबंधित वर्ष 2022 के नक्सली संगठन के पुरस्कार राशि के नवीनीकरण और घोषणा से जुड़े गोपनीय पत्रों की छायाप्रतियां, पुलिस निरीक्षक से डीएसपी कोटि में पदोन्नति से संबंधित पुलिस महानिदेशक पर्षद की बैठक की कार्यवाही और आईपीएस में पदोन्नति से संबंधित गृह विभाग के दस्तावेज भी मिले हैं।

    पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कई दस्तावेज प्रथम दृष्टया जाली और कूटरचित पाए गए हैं। जब्त मोबाइल फोन, दस्तावेज और वाहन की विस्तृत जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपित ने किन-किन पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया था और उसके पास सरकारी विभागों से संबंधित गोपनीय दस्तावेज कैसे पहुंचे। मामले में आगे की जांच जारी है।

  • SIR नोटिस से घबराने की जरूरत नहीं! नाम में छोटी गलती 10 दिन में सुधरेगी, बाकी मामलों में दस्तावेज से होगा समाधान

    SIR नोटिस से घबराने की जरूरत नहीं! नाम में छोटी गलती 10 दिन में सुधरेगी, बाकी मामलों में दस्तावेज से होगा समाधान

    नई दिल्ली
    दिल्ली में SIR प्रक्रिया के तहत 33 लाख वोटरों को थमाए गए नोटिस के मामले में अब मतदाताओं को टेंशन लेने की कोई जरूरत नहीं है। अगर वह भारत का नागरिक है, 18 साल का है और जिंदा है, तो निश्चिंत रहिए। हर सूरत में उनका नाम वोटर लिस्ट में जुड़ जाएगा। इसके लिए चुनाव आयोग ने 20 दिन का एक मास्टर प्लान बनाया है। जिसमें इस दौरान वोटरों को दिए गए सभी तरह के नोटिसों का समाधान कर दिया जाएगा।

    • चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि इस समस्या को जल्द से जल्द समाधान करने के लिए दो अलग-अलग सिस्टम बनाए गए हैं।
    • पहला, लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के नाम पर जिस भी किसी वोटर के नाम में थोड़ी-बहुत असमानता (गड़बड़ी) रह गई है।
    • उसे 10 दिनों के अंदर मामूली दस्तावेजी प्रक्रिया के तहत दूर कर दिया जाएगा। इसके लिए बीएलओ को कहा गया है कि वह इसमें बहुत अधिक गहराई में ना जाते हुए बस उसके लेटेस्ट नाम के बारे में जानकारी कन्फर्म कर लें।
    • उदाहरण के तौर पर अगर 2003 एसआईआर में उसका नाम केवल सुरेश था और अब इस नाम के पीछे सरनेम में अग्रवाल, शर्मा, कुमार, झा, चटर्जी या बनर्जी या अन्य कुछ जोड़ा गया है तो ऐसे मामलों को बहुत अधिक गंभीर ना माना जाए।
    • अगर वोटर की उम्र, डेट ऑफ बर्थ, फादर नेम और उसके भारतीय होने में कोई संदेह नहीं है तो उसे किसी भी मान्य दस्तावेज के आधार पर ओके कर दिया जाए।
    • ऐसा नहीं कि छोटी-छोटी क्लेरिकल मिस्टेक या फिर कमियों के रहते हुए वोटर को परेशान किया जाए।
    • इससे 33 लाख में से करीब 15 लाख वोटरों की समस्या का समाधान हो जाएगा। जिसमें बीएलओ और चुनाव आयोग को बहुत कुछ अलग से करने की जरूरत नहीं होगी।

    पुराने SIR से मैपिंग न होने पर भी दस्तावेज के आधार पर जुड़ सकेगा नाम
    बाकी बचे 18 लाख वोटरों में से जिस किसी के पुराने एसआईआर से मैपिंग नहीं हो रही है या फिर अन्य किसी तरह की बड़ी समस्या लग रही है। तो ऐसे मामलों में भी वोटर से डिक्लेरेशन कराते हुए कोई भी मान्य दस्तावेज के आधार पर इसे वोटर लिस्ट में ऐड कर लिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि ऐसे किसी भी मामले में अगर किसी वोटर का नाम पुराने एसआईआर में नहीं भी था तो भी अब चल रही एसआईआर प्रक्रिया में ऐसे किसी वोटर का नाम डिलीट नहीं किया जा सकता। सेंटरों पर भी जो हियरिंग चल रही हैं। उनमें भी वोटरों को बहुत अधिक उलझाने की कोई जरूरत नहीं है।

    जुड़वा बच्चों और कम उम्र के माता-पिता वाले मामलों में बीएलओ खुद करें पुष्टि
    ऐसे भी किसी मामले में जिनके दो बच्चे हैं और उनके डेट ऑफ बर्थ में सेम डेट आ रही है। ऐसे में अगर वोटर कहता है कि यह उनके जुड़वा बच्चे हैं तो उससे बीएलओ अपने स्तर पर कन्फर्म करके ऐसे मामलों को ओके कर दें। इसी तरह से किसी वोटर और उसके माता-पिता की उम्र में 15-16 साल का ही अंतर है तो भी बीएलओ और एईआरओ अपने स्तर पर कन्फर्म करके ऐसे मामलों का जल्द से जल्द निपटारा कर दें। सूत्रों का कहना है कि अब पुरानी वोटर लिस्ट और एसआईआर में दी गई फोटो के भी मिलान करने शुरू कर दिए गए हैं। इस मसले को 23 सितंबर को एनबीटी ने प्रमुखता से उठाया था।

    समस्या दूर होते ही वोटरों को मैसेज, ऑनलाइन भी अपडेट होगी जानकारी
    इसके अलावा इस अभियान में एक और काम करने की कोशिश की जा रही है। वह यह कि जिस-जिस भी वोटर की प्रॉब्लम दूर होती जाएगी। उसके पास मैसेज भेजने की भी योजना बनाई जा रही है। ताकि उस वोटर को पता लग जाए कि अब उसे सेंटर में जाने की कोई जरूरत नहीं है और उसको मिले नोटिस की समस्या दूर हो चुकी है। ऐसे वोटरों की ऑनलाइन जारी की गई लिस्ट के आगे भी समस्या समाधान लिखा जाएगा। ताकि सभी को ऑनलाइन भी यह जानकारी अपडेट हो सके।

  • अनंत चतुर्दशी 2026: गणपति विसर्जन का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि जानें

    अनंत चतुर्दशी 2026: गणपति विसर्जन का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि जानें

    ढोल-ताशों की गूंज, हवा में उड़ता गुलाल और 'अगले बरस तू जल्दी आ' का भावुक जयकारा… दस दिनों तक हमारे घरों और दिलों में खुशियां बिखेरने के बाद हमारे प्यारे बाप्पा की विदाई का समय आ गया है. गणेश उत्सव का यह पावन सफर अनंत चतुर्दशी के दिन बाप्पा के विसर्जन के साथ पूरा होता है. यह दिन केवल विघ्नहर्ता को विदाई देने का ही नहीं, बल्कि भगवान श्री हरि विष्णु के 'अनंत' रूपों की भक्ति में लीन होने का भी महापर्व है.

    इस बार अनंत चतुर्दशी पर माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की असीम कृपा बरसाने वाला बेहद दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहा है. आइए जानते हैं गणपति विसर्जन के शुभ मुहूर्त, पूजा की सही विधि और इस दिन से जुड़े खास नियम.

    विसर्जन और पूजन के सबसे सटीक शुभ मुहूर्त
    यदि आप बाप्पा का विसर्जन और अनंत भगवान की पूजा शास्त्रों के अनुसार शुभ समय पर करना चाहते हैं, तो पंचांग के अनुसार ये समय सबसे उत्तम रहेंगे.

    प्रातः काल का शुभ मुहूर्त: सुबह 06:12 बजे से सुबह 10:42 बजे तक

    अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:48 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक

    चर एवं लाभ मुहूर्त: दोपहर 12:15 बजे से दोपहर 03:18 बजे तक

    अनंत सूत्र बांधने और मुख्य पूजा संपन्न करने के लिए सुबह 06:12 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक का समय सर्वश्रेष्ठ फल देने वाला रहेगा.

    अनंत चतुर्दशी पर बन रहे हैं दुर्लभ संयोग
    इस वर्ष अनंत चतुर्दशी की तिथि शुक्रवार को पड़ रही है. धार्मिक दृष्टिकोण से शुक्रवार का दिन धन-वैभव की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित है, ऐसे में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का एक साथ पूजन भक्तों के लिए अत्यंत फलदायी माना जा रहा है.

    इसके अलावा, इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का एक साथ निर्माण हो रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन महायोगों में किया गया कोई भी धार्मिक कार्य, पूजा-अर्चना और व्रत अक्षय पुण्य प्रदान करता है और जीवन से दरिद्रता का नाश करता है.

    गणपति विसर्जन की सरल विधि
    बाप्पा को घर से विदा करते समय इस बात का ध्यान रखें कि जिस भक्ति और उत्साह से आप उन्हें लाए थे, उसी सम्मान के साथ उन्हें विदा भी करें.

    – सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें. पूजा स्थल को साफ कर बाप्पा का जल से अभिषेक करें.

    – गणेश जी को चंदन का तिलक लगाएं, लाल/पीले फूल और दुर्वा अर्पित करें. धूप-दीप जलाकर उनकी आरती करें और मोदक, लड्डू व फलों का भोग लगाएं.

    – विसर्जन से पहले हाथ जोड़कर अनजाने में हुई गलतियों के लिए बाप्पा से क्षमा मांगें और अगले साल दोबापा आने का निमंत्रण दें.

    – जयकारों के साथ बाप्पा की प्रतिमा को किसी पवित्र नदी, तालाब या घर में ही किसी स्वच्छ जल के पात्र में आदरपूर्वक विसर्जित करें.

    कैसे करें भगवान अनंत की पूजा?
    – सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और पीले वस्त्र धारण करें. इसके बाद व्रत का संकल्प लें. एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें.

    – रेशम या सूत के धागे को हल्दी या कुमकुम में रंगकर उसमें 14 गांठें लगाएं. यह 14 गांठें चौदह लोकों (जैसे भू, भुवः, स्वः, पाताल आदि) की प्रतीक मानी जाती हैं.

    पूजन व कथा
    इस रक्षा सूत्र को भगवान के चरणों में रखें. उन्हें अक्षत, पुष्प, धूप, दीप और विशेष रूप से मालपुए या पंचामृत का भोग लगाएं. इसके बाद अनंत चतुर्दशी की पौराणिक व्रत कथा सुनें और आरती करें.

    अनंत सूत्र धारण करने के जरूरी नियम
    – पुरुष इस रक्षा सूत्र को अपनी दाहिनी (Right) भुजा में बांधें.

    – महिलाएं इसे अपनी बाईं (Left) भुजा में धारण करें.

  • चाणक्य नीति: ये 5 बातें भूलकर भी किसी से शेयर न करें, वरना बढ़ सकती हैं परेशानियां

    चाणक्य नीति: ये 5 बातें भूलकर भी किसी से शेयर न करें, वरना बढ़ सकती हैं परेशानियां

    : हर बात हर किसी से साझा करना हमेशा समझदारी नहीं होती. कई बार हम भरोसे में आकर अपनी निजी बातें, परिवार की परेशानियां या अपनी योजनाएं दूसरों को बता देते हैं. बाद में यही जानकारी हमारे लिए परेशानी का कारण बन सकती है. आचार्य चाणक्य ने भी अपनी नीतियों में गोपनीयता और सही समय पर बोलने के महत्व पर जोर दिया है. चाणक्य नीति के 14वें अध्याय के 17वें श्लोक में ऐसी पांच बातों का उल्लेख मिलता है जिन्हें बुद्धिमान व्यक्ति को सार्वजनिक नहीं करना चाहिए.

    1. अपनी बनाई या कारगर औषधि की जानकारी
    चाणक्य नीति में ऐसी औषधि या उपचार के बारे में हर किसी को बताने से बचने की बात कही गई है, जिसे व्यक्ति ने स्वयं तैयार किया हो और जिससे उसे लाभ मिला हो. इसका व्यापक अर्थ अपनी उपयोगी जानकारी और अनुभव को बिना सोचे-समझे सार्वजनिक करने से भी जोड़ा जा सकता है.

    आज के समय में भी किसी व्यक्तिगत उपचार या नुस्खे को दूसरों पर आजमाने से पहले सावधानी जरूरी है. हर व्यक्ति की स्थिति अलग हो सकती है, इसलिए किसी भी स्वास्थ्य संबंधी उपाय को डॉक्टर की सलाह के बिना अपनाना उचित नहीं है.

    2. अपने धर्म-कर्म और पुण्य का दिखावा न करें
    चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को अपने धार्मिक कार्यों और पुण्य का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए. पूजा-पाठ, दान या किसी जरूरतमंद की मदद करने के बाद उसका बार-बार जिक्र करके प्रशंसा पाने की कोशिश करना उचित नहीं माना गया है.

    धार्मिक दृष्टि से भी दान और सेवा का महत्व निस्वार्थ भाव से किए जाने में माना जाता है. इसलिए अगर आपने किसी की मदद की है या कोई धार्मिक कार्य किया है, तो उसे हर जगह बताने के बजाय अपने तक रखना बेहतर माना गया है.

    3. घर के झगड़े और पारिवारिक परेशानियां
    परिवार में होने वाले मतभेद और घरेलू परेशानियां निजी विषय होते हैं. चाणक्य नीति में घर के दोष और कलह को बाहरी लोगों के सामने उजागर न करने की सलाह दी गई है.

    हर व्यक्ति आपके परिवार की स्थिति को समझे या आपकी समस्या का सही समाधान बताए, यह जरूरी नहीं है. इसलिए परिवार से जुड़ी संवेदनशील बातों को साझा करने से पहले यह देखना जरूरी है कि सामने वाला व्यक्ति कितना भरोसेमंद है और उसे यह जानकारी देना वास्तव में जरूरी है या नहीं.

    4. पति-पत्नी की निजी बातें
    चाणक्य नीति में दांपत्य जीवन की निजी बातों को भी दूसरों से साझा न करने की सीख मिलती है. पति-पत्नी के बीच होने वाली बातचीत, निजी मतभेद या व्यक्तिगत संबंधों की जानकारी बाहर बताने से रिश्ते की निजता प्रभावित हो सकती है.

    किसी रिश्ते में समस्या हो तो हर व्यक्ति से चर्चा करने के बजाय किसी भरोसेमंद और समझदार व्यक्ति या जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से सलाह लेना अधिक उचित हो सकता है.

    5. खराब भोजन और दूसरों की निंदा
    चाणक्य नीति में खराब या ठीक से न पके भोजन और किसी व्यक्ति के बारे में सुनी गई निंदात्मक बातों को आगे फैलाने से भी बचने की बात कही गई है. किसी के बारे में सिर्फ सुनी-सुनाई बात को सच मानकर दूसरों तक पहुंचाने से विवाद बढ़ सकता है और किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान हो सकता है. इसलिए किसी बात को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सच्चाई और जरूरत पर विचार करना चाहिए.

    चाणक्य की नीति में मौन का भी है महत्व
    चाणक्य ने सही समय पर बोलने को भी महत्वपूर्ण माना है. उनकी नीति में कोयल का उदाहरण दिया गया है, जो उचित समय आने तक शांत रहती है और मौसम आने पर ही अपनी आवाज से वातावरण को गुंजायमान करती है.

    इससे यह सीख ली जाती है कि हर बात तुरंत कहना जरूरी नहीं है. किसी भी बात को साझा करने से पहले यह देखना चाहिए कि सामने वाला कौन है, जानकारी कितनी निजी है और उसे बताना वास्तव में जरूरी है या नहीं.

    आज के समय में क्यों जरूरी है ये सीख?
    आज सोशल मीडिया के दौर में निजी जानकारी साझा करना पहले से कहीं आसान हो गया है. परिवार की बातें, आर्थिक स्थिति, व्यक्तिगत रिश्ते और भविष्य की योजनाएं लोग कई बार सार्वजनिक मंचों पर भी साझा कर देते हैं.

    ऐसे में चाणक्य की यह सीख गोपनीयता और सोच-समझकर बोलने के महत्व की याद दिलाती है. हालांकि, हर परिस्थिति अलग होती है. किसी गंभीर पारिवारिक, कानूनी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या में जरूरी जानकारी भरोसेमंद व्यक्ति या संबंधित विशेषज्ञ से साझा करना जरूरी हो सकता है.

  • चंडीगढ़ कोर्ट पहुंचेगा रिश्वत केस, पूर्व DIG भुल्लर की आज पेशी; पहली बार बयान

    चंडीगढ़ कोर्ट पहुंचेगा रिश्वत केस, पूर्व DIG भुल्लर की आज पेशी; पहली बार बयान

    चंडीगढ़ 

    पंजाब पुलिस के निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े रिश्वत मामले में आज चंडीगढ़ स्थित CBI की विशेष अदालत में अहम सुनवाई होगी। इस दिन मामले के शिकायतकर्ता मंडी गोबिंदगढ़ के कारोबारी आकाश बत्ता पहली बार अदालत में गवाही देंगे।

    कोर्ट ने उन्हें समन जारी किया है। रिश्वत मामले में आरोप तय होने के बाद शिकायतकर्ता की गवाही मुकदमे की अहम कड़ी मानी जा रही है। CBI के अनुसार, बत्ता ने शिकायत दी थी कि आपराधिक मामले में कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे 8 लाख रुपए रिश्वत मांगी जा रही थी।

    शिकायत के आधार पर CBI ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन DIG भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा को गिरफ्तार किया था। अब अदालत में आकाश बत्ता के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद उनके बयान और मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा आगे बढ़ेगा।

    सेक्टर-40 स्थित घर पर तलाशी ली थी भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद CBI ने उनके सेक्टर-40 स्थित घर पर तलाशी ली थी। जांच एजेंसी की कार्रवाई में बड़ी मात्रा में नकदी, सोना और अन्य कीमती सामान बरामद होने की जानकारी सामने आई थी। अलग मामले में CBI ने आय से अधिक संपत्ति की जांच भी शुरू की थी।

    आरोपमुक्त करने की अर्जी हो चुकी खारिज इस मामले में भुल्लर और कृष्णु शारदा की ओर से CBI अदालत में आरोपमुक्त किए जाने की अर्जी दाखिल की गई थी। दोनों की ओर से CBI की कार्रवाई और अधिकार क्षेत्र को लेकर सवाल उठाए गए थे। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद डिस्चार्ज एप्लीकेशन खारिज कर दी थी। इसके बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ रही है।

    रिश्वत की रकम बिचौलिए के जरिए मांगी गई थी CBI के मामले के अनुसार, कारोबारी आकाश बत्ता की शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रिश्वत की रकम बिचौलिए के जरिए मांगी गई थी। मीडिया रिपोर्टों में भी बिचौलिए कृष्णु शारदा के खिलाफ भुल्लर की ओर से रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया था।

     

  • Meta ने लॉन्च किए 100 ग्राम वाले VR Glasses, 2027 में आएंगे; कीमत ₹1.24 लाख

    Meta ने लॉन्च किए 100 ग्राम वाले VR Glasses, 2027 में आएंगे; कीमत ₹1.24 लाख

    Meta ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है. फेसबुक की पैरेंट कंपनी ने अपने नए और हल्के वर्चुअल रियलिटी (VR) ग्लासेस को लॉन्च कर दिया है. इन्हें आम चश्मों की तरह आसानी से पहना जा सकता है. ये Apple Vision Pro जैसे भारी भरकम हेडसेट नहीं है. मेटा के न्यू VR ग्लासेस के PayTM फाउंडर भी फैन हो चुके हैं.

    कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क में कंपनी के एनुअल प्रोग्राम कनेक्ट इवेंट हुआ. इस इवेंट के दौरान Meta CEO मार्क जकरबर्ग ने कई बड़े ऐलान किए हैं, जिसमें VR ग्लास एक खास अनाउंसमेंट हैं.

    कंपनी ने इसका नाम Meta VR Glasses रखा है. जकरबर्ग ने खुद बताया है कि इसका वजन 100 ग्राम से भी कम है. इसका वजन लगभग एक सामान्य चश्मे के आसपास ही है. हालांकि अन्य VR हेडसेट की तुलना में यह काफी हल्के हैं.

    Meta VR ग्लासेस की कीमत
    Meta VR ग्लासेस की कीमत 1299 अमेरिकी डॉलर (करीब 1,24,513 रुपये) है. जकरबर्ग ने बताया है कि न्यू VR ग्लासेस की सेल अगले साल के पहले क्वार्टर में शुरू होगी. इसको खासतौर से मूवी देखने, कंप्यूटिंग और गेमिंग एक्सपीरियंस के लिए तैयार किया गया है.

    इवेंट के दौरान जुकरबर्ग ने बताया है कि कंपनी ने फिलहाल मेटावर्स को लेकर अपना फोकस कम कर दिया है और VR डिवाइस लॉन्च करने का फैसला किया है.

    Paytm फाउंडर हुए फैन्स
    Paytm फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने गुरुवार की सुबह-सुबह ही मेटा के न्यू VR ग्लासेस को पोस्ट किया. उन्होंने एक वीडियो भी पोस्ट किया है, जिसमें न्यू Meta VR हेडसेट की खूबियों को दिखाया गया है.

    Apple Vision Pro से होगा मुकाबला
    Meta के न्यू VR ग्लासेस का सीधा मुकाबला Apple Vision Pro के साथ होगा. दोनों डिवाइस में सबसे बड़ी चुनौती साइज है, जहां विजन प्रो एक भारी डिवाइस है और मेटा का VR हेडसेट 100 ग्राम से भी कम है. दोनों की कीमत में भी काफी अंतर विजन प्रो की कीमत 3,700 डॉलर है.

    जुकरबर्ग ने दिखाया नया Muse Charm
    Connect इवेंट के दौरान जकरबर्ग ने एक अन्य प्रोडक्ट को पेश किया है. इसको चाबी आदि में लगाया जा सकता है, जिसमें Meta का Muse AI एजेंट मौजूद हैं. यह एक रियल टाइम वॉयस मोड का भी सपोर्ट मिलता है.

  • सितंबर में बनेंगे 2 बड़े राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत!

    सितंबर में बनेंगे 2 बड़े राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत!

    ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और उनके गोचर का मानव जीवन व सभी 12 राशियों पर गहरा प्रभाव पड़ता है. सितंबर का महीना ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है. बुद्धि, वाणी, व्यापार और संचार के कारक ग्रह बुध का गोचर कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने जा रहा है .

    वर्तमान में बुध अपनी उच्च राशि कन्या में विराजमान हैं, जहां 26 सितंबर तक भद्र महापुरुष राजयोग का निर्माण हो रहा है. इसके बाद बुध तुला राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से ही सुख-सुविधा, धन और ऐश्वर्य के दाता शुक्र विराजमान हैं. बुध और शुक्र की इस युति से तुला राशि में अत्यंत शुभ लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण होगा. इन दो बड़े राजयोगों के बनने से किन राशियों के दिन बहुरेंगे, किसे मिलेगा छप्परफाड़ लाभ, आइए जानते हैं विस्तार से .

    भद्र राजयोग और लक्ष्मी नारायण राजयोग का महत्व
    भद्र महापुरुष राजयोग: जब बुध ग्रह अपनी स्वराशि (मिथुन या कन्या) में जन्म कुंडली के केंद्र भाव (1, 4, 7 या 10वें घर) में स्थित होते हैं, तब भद्र राजयोग बनता है. यह योग व्यक्ति को तीव्र बुद्धि, उत्कृष्ट संवाद शैली, तेज निर्णय क्षमता और जबरदस्त व्यावसायिक सफलता प्रदान करता है .

    लक्ष्मी नारायण राजयोग: जब कुंडली या गोचर में बुध और शुक्र की युति होती है, तो यह योग बनता है. इसमें बुध (बुद्धि, करियर, संचार) और शुक्र (धन, सुख-सुविधा, कला और ऐशोआराम) के मिले-जुले शुभ फल प्राप्त होते हैं. यह योग आर्थिक संपन्नता और भौतिक सुखों में भारी वृद्धि करता है .

    किन राशियों पर बरसेगी इन राजयोगों की कृपा?
    1. कन्या राशि (Kanya Rashi)
    कन्या राशि वालों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है. बुध का आपकी ही राशि में रहना और भद्र राजयोग का प्रभाव आपके आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर रखेगा .
    करियर और बिजनेस: व्यापार में नए और बड़े प्रोजेक्ट सफल होंगे. अटका हुआ धन प्राप्त हो सकता है .

    लाभ: पैतृक संपत्ति से लाभ मिलने के प्रबल योग हैं. नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर मान-सम्मान मिलेगा .

    2. कर्क राशि (Kark Rashi)
    कर्क राशि के जातकों के लिए ग्रहों की यह स्थिति अचानक धन लाभ के द्वार खोलेगी .

    आर्थिक स्थिति: आय (Incomes) में अचानक वृद्धि होने के योग हैं . बैंक बैलेंस मजबूत होगा .

    जीवन शैली: पर्सनल लाइफ में खुशियां आएंगी . हालांकि, इस दौरान आपका झुकाव आध्यात्मिकता (Spiritual side) की तरफ भी बढ़ सकता है, जिससे मानसिक शांति मिलेगी .

    3. मकर राशि (Makar Rashi)
    मकर राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और कारोबार के लिहाज से बेहद गोल्डन साबित होगा .

    नौकरी व प्रमोशन: यदि आप नौकरी करते हैं, तो प्रमोशन या सैलरी में बंपर इंक्रीमेंट (Salary Increment) मिलने की पूरी संभावना है .

    व्यापार: बिजनेस का दायरा बढ़ेगा और यदि आप कहीं निवेश (Investment) करने की सोच रहे हैं, तो भविष्य में इसके शानदार रिटर्न मिलेंगे .

    4. मीन राशि (Meen Rashi)
    मीन राशि के जातकों के लिए आने वाला समय आर्थिक रूप से बेहद मजबूत रहने वाला है .
    धन लाभ: आर्थिक स्थिति में काफी सुधार देखने को मिलेगा .

    करियर: करियर में नई ऊंचाइयां छूने का अवसर मिलेगा . सहकर्मियों और उच्च अधिकारियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा .

  • ट्रंप प्रशासन के मीडिया बैन को कोर्ट ने हटाया, वाइट हाउस कवरेज का रास्ता साफ

    ट्रंप प्रशासन के मीडिया बैन को कोर्ट ने हटाया, वाइट हाउस कवरेज का रास्ता साफ

    वाशिंगटन 

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको जैसे मीडिया घरानों के पत्रकारों का राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास वाइट हाउस में प्रवेश से वर्जित कर दिया था। उन्होंने इन मीडिया हाउस पर झूठी खबरें प्रकाशित करने का आरोप लगाया था। ट्रंप प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ इन मीडिया संस्थानों ने कोर्ट का रुख किया था। कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर रोक लगाते हुए यह बैन हटा दिया है।

    आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले के खिलाफ सीएनएन, एमएस नाउ और पोलिटिको ने बीते सोमवार को मुकदमा दायर किया था। इन मीडाय संस्थानों ने आरोप लगाया कि चुनिंदा तरीके से यह प्रतिबंध लगाया जाना कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।

    इन समाचार संस्थानों ने अपनी याचिका में कहा कि संविधान राष्ट्रपति या किसी अन्य सरकारी अधिकारी को यह अधिकार नहीं देता कि वह केवल खबरें पसंद नहीं आने पर बिना बैन कर दे। उन्होंने कहा कि किसी सूचना या प्रक्रिया का पालन किए बिना प्रेस के प्रथम संशोधन से जुड़े अधिकारों, स्वतंत्रता और संपत्ति संबंधी हितों से वंचित करना गलत है।

    अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज टिम केली ने वाइट हाउस में इन मीडिया संस्थानों पर लगे बैन को गलत बताते हुए इसे हटा दिया। आपको बता दें कि अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट के वकीलों ने राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर इस प्रतिबंध को सही ठहराने की कोशिश की थी।

    CNN की पत्रकार को देख UN में भड़के ट्रंप
    संयुक्त राष्ट्र महासभा में डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को सीएनएन की प्रतिष्ठित पत्रकार कैटलिन कॉलिन्स पर निशाना साधा और उनसे कहा, ''आपको यहां नहीं होना चाहिए।'' ट्रंप मंगलवार को महासभा में अपने संबोधन से पहले संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पहुंचे और कॉलिन्स से कहा, ''मुझे हैरानी है कि सीएनएन यहां मेरी कवरेज कर रहा है। आपको यहां मेरी कवरेज के लिए नहीं होना चाहिए। आपने कहा था कि आप मेरी कवरेज नहीं करेंगे।'' हालांकि, कॉलिन्स ने बाद में प्रसारण में कहा कि सीएनएन ने ऐसा कभी नहीं कहा।

  • झारखंड हादसे में 4 की मौत, कैबिनेट मंत्री दीपिका पांडे की बेटी भी शामिल,CM ने जताया शोक

    झारखंड हादसे में 4 की मौत, कैबिनेट मंत्री दीपिका पांडे की बेटी भी शामिल,CM ने जताया शोक

    जमशेदपुर
    झारखंड के जमशेदपुर में भीषण सड़क हादसा देखने को मिला है। जिले के सोनारी थाना क्षेत्र स्थित मरीन ड्राइव पर गुरुवार तड़के हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में कार सवार चार लोगों की मौत हो गई। तेज रफ्तार कार सड़क पर खड़े एक ब्रेकडाउन ट्रक के पीछे जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार ट्रक के पिछले हिस्से में बुरी तरह फंस गई और उसके परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों में झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडे सिंह की बेटी तृषा सिंह भी शामिल हैं।

    काफी मशक्कत से बाहर निकले शव
    जमशेदपुर में मरीन ड्राइव पर हुई इस दर्दनाक घटना के बारे में सूचना मिलते ही डीएसपी सीसीआर मनोज ठाकुर, सोनारी थाना प्रभारी संजय सुमन तथा अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। दुर्घटना के बाद कार में फंसे लोगों को निकालने के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बचाव दल ने गैस कटर की मदद से कार को काटकर शवों को बाहर निकाला। हादसा इतना भयावह था कि मृतकों के शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके साथ ही गाड़ी के भी परखच्चे उड़ गए हैं।

    ट्रक से टक्कर के बाद कार के उड़ गए परखच्चे
    बताया जाता है कि जमशेदपुर के सोनारी थानाक्षेत्र अंतर्गत दोमुहानी मरीन ड्राइव पर कार और ट्रक की टक्कर में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी समेत कुल 4 लोगों की मौत हुई। मृतकों में 2 युवक और 2 युवतियां शामिल हैं।

    मरने वालों के नाम हैं- सार्थक अग्रवाल, नमन गुप्ता, वंशिका खंडेलवाल और तृषा सिंह। बताया जाता है कि सफेद रंग की स्विफ्ट कार, दोमुहानी मरीन ड्राइव सड़क पर पहले से खड़े ट्रक से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए।

    कार को कटर से काटकर निकाले शव
    जानकारी के मुताबिक, ट्रक बुधवार रात करीब 10 बजे ब्रेकडाउन होने के बाद मरीन ड्राइव की सड़क पर खड़ा था. गुरुवार तड़के तेज गति से आ रही कार अनियंत्रित होकर सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई. हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार के परखच्चे उड़ गए. कार में सवार लोगों को बाहर निकालना भी बेहद मुश्किल हो गया.  सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंची और गैस कटर की मदद से कार को काटकर शवों को बाहर निकाला गया। 

    XLRI की छात्रा थी तृषा
    कार इतनी बुरी हालत में थी कि इसको गैस कटर से काटकर मृतकों का शव निकालना पड़ा। शवों को MGM अस्पताल भेज दिया गया है। मंत्री की बेटी XLRI की छात्रा थी। घटना की सूचना मिलते ही मंत्री दीपिका पांडेय सिंह रांची से जमशेदपुर के लिए निकल गईं।

    मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी के निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुख जताया है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है। 

    गैस कटर से काटकर निकाले गए शव 
    ट्रक से टक्कर के बाद कार की हालत खराब हो गई। उसके अंदर मंत्री की बेटी समेत चारों फंस गए। कार की हालत इतनी खराब थी कि गैस कटर के काट कर शवों को बाहर निकाला गया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए MGM अस्पताल भेजा गया।

    मृतकों की हुई पहचान
    पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान सार्थक अग्रवाल, नमन गुप्ता, वंशिका खंडेलवाल और तृषा सिंह के रूप में हुई है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अर्णव मिश्रा ने बताया कि संबंधित ट्रक बुधवार रात करीब 10 बजे से खराब होकर सड़क पर खड़ा था। गुरुवार सुबह लगभग 3 बजे तेज रफ्तार कार पीछे से ट्रेलर में जा घुसी, जिससे कार सवार चारों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

    हादसे से झारखंड में शोक की लहर
    हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान तृषा सिंह, सार्थक अग्रवाल, नमन गुप्ता और वंशिका खंडेलवाल के रूप में हुई है.  सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम अस्पताल भेजे जाने की जानकारी है.  इस दर्दनाक हादसे की खबर सामने आने के बाद पूरे झारखंड में शोक की लहर है.  मुख्यमंत्री सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफानन अंसारी ने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की है।  

    हादसे का कारण क्या था?
    जमशेदपुर में हुई इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और अंधेरे के कारण ट्रक का समय पर दिखाई नहीं देना हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। वहीं, प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि सड़क पर खड़े ट्रक के पीछे आवश्यक सुरक्षा संकेतक और चेतावनी व्यवस्था मौजूद थी या नहीं। आपको बता दें कि इससे पहले झारखंड की राजधानी रांची में भी दर्दनाक हादसा हुआ था। यहां पानी की टंकी गिरने से मलबे में दबकर 2 मजदूरों की मौत हो गई थी।

    CM हेमंत सोरेन ने जताया दुख
    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जमशेदपुर में हुए इस हादसे पर शोक जताया है। उन्होंने लिखा- "जमशेदपुर में एनएच हाईवे पर हुए सड़क हादसे में राज्य सरकार में साथी मंत्री एवं बहन श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह जी की बेटी एवं अन्य लोगों के निधन की बेहद दुखद और हृदयविदारक खबर से मन अत्यंत व्यथित है। अपनी संतान को खोने का दुःख किसी भी माता-पिता और परिवार के लिए शब्दों से परे और असहनीय होता है। इस अत्यंत कठिन घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं बहन दीपिका जी एवं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं। इस अपूरणीय क्षति के लिए शब्द नहीं हैं। मरांग बुरु दिवंगत लोगों की आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।"