Author: NewseDay

  • दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश को घेरा, बोले- पीडीए मतलब ‘परमानेंटली डिवाइडेड अलायंस’

    दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश को घेरा, बोले- पीडीए मतलब ‘परमानेंटली डिवाइडेड अलायंस’

    'जाति का जहर घोलने निकले हैं अखिलेश, 100 यात्राएं भी नहीं बचा पाएंगी सपा को': अनिल राजभर

    पीडीए रथ यात्रा पूरी तरह फर्जी, दलित और मजदूर वर्ग सपा के असली चेहरे से परिचिति: अनिल राजभर

    दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश को घेरा, बोले- पीडीए मतलब 'परमानेंटली डिवाइडेड अलायंस'

    लखनऊ
     समाजवादी पार्टी की पीडीए रथ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हर मोर्चे पर विफल होने के बाद अब जाति का जहर घोलने की राजनीति कर रही है, लेकिन उसे इसमें कोई सफलता मिलने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि सपा चाहे एक यात्रा निकाले या 100 यात्राएं, जनता अब उसके बहकावे में आने वाली नहीं है।

    पीडीए रथ यात्रा पूरी तरह फर्जी

    अनिल राजभर ने कहा कि पीडीए रथ यात्रा पूरी तरह फर्जी यात्रा है। उत्तर प्रदेश का पिछड़ा, दलित, कमजोर और मजदूर वर्ग समाजवादी पार्टी के असली चेहरे से भलीभांति परिचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सपा सत्ता में रहती है तो उसे गरीबों की याद नहीं आती और पूरा सैफई परिवार प्रदेश की गाढ़ी कमाई को लूटने में लगा रहता है। आज वही लोग चोला बदलकर पिछड़ों और दलितों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जनता सब समझती है।

    पीडीए की परिभाषा तय करे सपा

    उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले पीडीए की परिभाषा ही तय कर ले। पार्टी के नेता खुद ही पीडीए को लेकर भ्रमित हैं और रोज इसकी नई परिभाषा बताते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीतिक तिकड़मों से कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। चुनाव आने पर समाजवादी पार्टी का कहीं नामोनिशान नहीं दिखाई देगा।

    इस दौरान नए वोटर फॉर्म में सर्विलांस से जुड़ी जानकारी जोड़े जाने और दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के सवाल पर अनिल राजभर ने कहा कि हाल में सामने आए घटनाक्रम से स्पष्ट है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हुई है। चुनाव आयोग किसी भी विषय पर नियमों और परंपराओं के अनुसार आपसी राय-मशविरा और विस्तृत विचार-विमर्श के बाद ही निर्णय लेता है। अलग-अलग राय लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा होती है।

    स्वर्गीय कल्याण सिंह के परिवार से कब मिलेंगे अखिलेश?

    वहीं, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने भी अखिलेश यादव और उनकी पीडीए राजनीति पर निशाना साधा। रायबरेली में सपा विधायक राहुल लोधी के आवास पर अखिलेश यादव के प्रस्तावित दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपने नेताओं के घर जरूर जाना चाहिए, लेकिन उन्हें यह भी बताना चाहिए कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय कल्याण सिंह के परिवार के पास वे आज तक क्यों नहीं गए।

    दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि एक मुख्यमंत्री को दूसरे मुख्यमंत्री के परिवार के प्रति शिष्टाचार और संवेदना दिखानी चाहिए थी। यदि अखिलेश यादव कल्याण सिंह के परिवार के पास जाकर श्रद्धांजलि और संवेदना व्यक्त करते, तो यह राजनीतिक नहीं बल्कि मानवीय और संवैधानिक मर्यादा का परिचय होता। उन्होंने कहा कि अब जब वे लोध समाज के बीच जा रहे हैं तो उन्हें अपने पुराने व्यवहार का भी जवाब देना चाहिए।

    पीडीए मतलब परमानेंटली डिवाइडेड अलायंस

    पीडीए रथ यात्रा पर हमला बोलते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पीडीए का वास्तविक अर्थ 'परमानेंटली डिवाइडेड अलायंस' है। उन्होंने दावा किया कि आज न पिछड़ा समाज, न दलित समाज और न ही अल्पसंख्यक समाज समाजवादी पार्टी के साथ है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा समाज पूरी मजबूती के साथ एनडीए के साथ खड़ा है।

    दिनेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में ऐसे पोस्टर और बैनर लगाए जा रहे हैं जिनमें अखिलेश यादव से पूछा जा रहा है कि दलितों पर अत्याचार कब रुकेंगे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहे जितना नया चोला पहन ले, उत्तर प्रदेश की जनता उसके असली चरित्र को पहचान चुकी है। जनता अब भ्रमित होने वाली नहीं है और समय आने पर अपना जवाब देगी।

  • 13 साल बाद जमीन मालिकों के हक में फैसला, पहली बार सेक्टर फ्लोट होने पर मिलेगा विकसित प्लॉट

    13 साल बाद जमीन मालिकों के हक में फैसला, पहली बार सेक्टर फ्लोट होने पर मिलेगा विकसित प्लॉट

     चंडीगढ़
     पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा की वर्ष 2012 की लैंड पूलिंग योजना के तहत जमीन मालिकों के अधिकार को बरकरार रखते हुए स्पष्ट किया है कि अधिग्रहित जमीन के मालिकों को राज्य के आश्वासन के बाद योजना का लाभ देने से इन्कार नहीं किया जा सकता।

    कोर्ट ने झज्जर के सेक्टर-6 पार्ट के लिए अनिवार्य रूप से अधिग्रहित जमीन के मालिकों को योजना के तहत पात्र मानते हुए निर्देश दिया कि सेक्टर के पहली बार विकसित होने पर उन्हें उनकी पात्रता के अनुसार विकसित प्लॉट आवंटित किए जाएं या योजना के प्रविधानों के अनुसार राशि दी जाए।

    जस्टिस विकास बहल और जस्टिस दिव्या शर्मा की खंडपीठ ने आठ याचिकाओं का निपटारा करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि भूमि पूलिंग योजना का उद्देश्य अधिग्रहण के कारण अपनी जमीन खोने वाले भू-स्वामियों को विकास प्रक्रिया में भागीदार बनाना था।

    मामले में कोर्ट ने पाया कि अधिकारियों ने पात्र जमीन मालिकों को विकसित जमीन देने का स्पष्ट आश्वासन दिया था। इसी भरोसे पर याचिकाकर्ताओं ने वर्ष 1894 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत मिलने वाला मुआवजा और अन्य वैधानिक लाभ नहीं लिए। कुछ याचिकाकर्ताओं को 23 अगस्त 2013 के अवार्ड के बाद योजना के तहत 42 लाख रुपये प्रत्येक अग्रिम राशि के रूप में भी दिए गए थे।

    कोर्ट ने कहा कि जब जमीन मालिकों ने राज्य के स्पष्ट आश्वासन पर अपनी स्थिति बदल ली और दूसरे लाभ नहीं लिए तो बाद में सरकार अपने वादे से पीछे नहीं हट सकती। अधिकारियों की ओर से यह तर्क दिया गया कि कुछ याचिकाकर्ताओं ने निर्धारित समय सीमा में आवेदन नहीं किया था। हाई कोर्ट ने मूल रिकार्ड देखने के बाद इस दलील को स्वीकार नहीं किया।

    पांच याचिकाओं के मामले में रिकार्ड से स्पष्ट हुआ कि आवेदन निर्धारित 60 दिन की अवधि के भीतर जमा किए गए थे और अधिकारियों ने उन्हें सत्यापित कर स्वीकार भी किया था।

    इसलिए आवेदन में देरी के आधार पर योजना का लाभ न देना गलत बताया गया।अन्य याचिकाओं में भी कोर्ट ने पाया कि जमीन मालिकों ने राज्य के आश्वासन पर अपनी स्थिति बदली थी। उन्होंने न तो अनिवार्य अधिग्रहण का मुआवजा लिया और न 33 वर्ष की वार्षिकी अथवा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना के लाभ प्राप्त किए। ऐसे में राज्य उन्हें भूमि पूलिंग योजना से बाहर नहीं कर सकता।

    पहली बार सेक्टर फ्लोट होने पर मिलेगा लाभ
    हाई कोर्ट ने याचिकाएं स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को 10 सितंबर 2012 की भूमि पूलिंग योजना के अनुसार विकसित सेक्टर में पहली बार फ्लोटेशन के समय उनकी पात्रता के अनुरूप प्लॉट आवंटित किए जाएं अथवा योजना के प्रावधानों के अनुसार राशि का भुगतान किया जाए।

    जिन याचिकाकर्ताओं ने पहले मिली अग्रिम राशि लौटानी है, वे 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ राशि लौटाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। सक्षम अधिकारी को ऐसा आवेदन मिलने के चार सप्ताह के भीतर उसका निपटारा करना होगा। राशि लौटाने के बाद भी उनके विकसित प्लॉट पाने के अधिकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

    13 साल बाद जल्द फ्लोटेशन के निर्देश
    खंडपीठ ने कहा कि अवार्ड की घोषणा को 13 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। इसलिए अधिकारियों को सेक्टर की फ्लोटेशन प्रक्रिया जल्द पूरी करने का प्रयास करना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि अग्रिम राशि लौटाने से जमीन मालिकों का पहली बार सेक्टर फ्लोट होने पर विकसित प्लॉट पाने का अधिकार किसी तरह प्रभावित नहीं होगा।

     

  • बारिश में 23% की कमी, हरियाणा में कमजोर मानसून का फसलों पर असर!

    बारिश में 23% की कमी, हरियाणा में कमजोर मानसून का फसलों पर असर!

    हिसार.

    औसत से 23 प्रतिशत कम वर्षा के साथ हरियाणा से मानसून की बुधवार को विदाई हो गई। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के नजदीक जिला यमुनानगर को छोड़कर लगभग पूरे प्रदेश से मानसून लौट चुका है। यमुनानगर में सुबह के समय कोहरा भी छाया रहा।

    इस मानसून में हरियाणा में 317.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। प्रदेश में सामान्य वर्षा का आंकड़ा 413 मिलीमीटर है। यानि प्रदेश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम वर्षा हुई। पलवल को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही। कमजोर मानसून का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। दूसरी तरफ तापमान में कमी न आने से बिजली की खपत भी बढ़ी हुई है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि राजस्थान में बने प्रति चक्रवातीय परिसंचरण के कारण हरियाणा-एनसीआर में पश्चिमी गर्म और शुष्क हवाएं चल रही हैं। इससे वातावरण में नमी कम हुई है और दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। बुधवार को तकरीबन सभी जिलों में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

    गुरुग्राम में 38 डिग्री तापमान
    सबसे अधिकतम तापमान गुरुग्राम का 38.2 डिग्री रहा। 37.4 डिग्री सेल्सियस के साथ फरीदाबाद दूसरे नंबर पर रहा। सभी जिलों का न्यूनतम तापमान 20 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। 25 सितंबर को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा के उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। 28 से 30 सितंबर के दौरान भी पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी की मौसम प्रणाली के प्रभाव से उत्तरी व पूर्वी जिलों में मौसम में बदलाव और हल्की वर्षा की संभावना है। मानसून की वापसी के लिए लगातार वर्षा का न होना, निचले वायुमंडल में प्रतिचक्रवात का बनना और हवा में नमी की कमी प्रमुख संकेत माने जाते हैं।

    दस साल बाद ऐसा मानसून
    दस साल पहले भी मानसून कुछ ऐसा बीता था। 2016 में सामान्य से 58 प्रतिशत कम वर्षा हुई थी। हालांकि 2015 का मानसून उससे भी कमजोर रहा था। उस वक्त सामान्य से 126 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। तब महज 287.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।

  • ‘Tenzing’ का दमदार ट्रेलर रिलीज, एवरेस्ट फतह की अनकही कहानी दिखाएगी फिल्म

    ‘Tenzing’ का दमदार ट्रेलर रिलीज, एवरेस्ट फतह की अनकही कहानी दिखाएगी फिल्म

    एवरेस्ट की चोटी पर खड़े दो इंसान दुनिया के लिए शायद एक ही तस्वीर हैं. नाम हैं एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नॉर्गे लेकिन इतिहास की उस मशहूर तस्वीर के पीछे एक कहानी ऐसी भी है, जिसमें सिर्फ बर्फ, पहाड़ और मौत का खतरा नहीं था, बल्कि पहचान, बराबरी, वर्ग और अपने सपने को अपना कहने की जिद भी थी. एप्पल ओरिजिनल फिल्मस की आने वाली फिल्म Tenzing का ट्रेलर इसी अनकही कहानी को सामने लाता है.

    पहली नजर में यह एक माउंटेनियरिंग एडवेंचर फिल्म लगती है, लेकिन कुछ ही मिनटों में साफ हो जाता है कि निर्देशक जेनिफर पीडम का मकसद सिर्फ एवरेस्ट की ऊंचाई दिखाना नहीं है. वह उस आदमी के भीतर उतरना चाहती हैं, जिसके लिए यह पहाड़ दुनिया की सबसे ऊंची चोटी भर नहीं, बल्कि आस्था और जिंदगी का हिस्सा था.

    फिल्म में तेनजिंग नॉर्गे का किरदार जेंडन फुंत्सोक ने निभाया है जबकि हॉलीवुड स्टार टॉम हिडलस्टन माउंटेनियर एडमंड हिलेरी के किरदार में हैं जबकि विलियम डफोए ब्रिटिश अभियान के लीडर कर्नल जॉन हंट के रोल में हैं. ट्रेलर की सबसे दिलचस्प बात यह है कि कहानी को सिर्फ हिलेरी और तेनजिंग के एवरेस्ट फतह तक नहीं समेटा गया है. यहां तेनजिंग एक ऐसे शख्स के तौर पर दिखाई देते हैं जो वर्षों तक ब्रिटिश अभियानों में काम करते रहे, लेकिन उनके लिए सिर्फ किसी और के अभियान का हिस्सा बनना पर्याप्त नहीं था.वह उस पहाड़ पर चढ़ना चाहते थे, जिसे बचपन से अपना मानते आए थे.

    यहीं से फिल्म का असली संघर्ष शुरू होता है. ब्रिटिश पर्वतारोही एवरेस्ट को एक ऐसी चोटी की तरह देखते हैं जिसे इंसान को जीतना है, जबकि तेनजिंग के लिए वह आस्था का सवाल है. वह उसे चोमोलुंगमा यानी पवित्र देवी के तौर पर पूजते हैं. इस तरह एक ही पहाड़ को देखने के दो बिल्कुल अलग नजरिए. ट्रेलर इस फर्क को बहुत खूबसूरती से पकड़ता है.

    तेनजिंग की नजर में यह प्रकृति के खिलाफ लड़ाई नहीं, बल्कि उसके साथ एक रिश्ता है. यही वजह है कि फिल्म का एवरेस्ट सिर्फ एक लोकेशन नहीं बल्कि कहानी का एक जीवित किरदार महसूस लगता है. इस कहानी में एक और अहम लड़ाई है, सम्मान की लड़ाई.

    1953 के ब्रिटिश अभियान में तेनजिंग को सिर्फ सामान ढोने वाले शेरपा की भूमिका तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं था. कहानी में वह चाहते हैं कि उन्हें बाकायदा क्लाइंबिंग टीम का मेंबर माना जाए. यही छोटी-सी लगने वाली मांग फिल्म के बड़े सामाजिक और ऐतिहासिक सवाल को सामने लाती है कि जिस व्यक्ति को उस पहाड़ का रास्ता सबसे ज्यादा पता है, क्या उसे सिर्फ इसलिए पीछे रखा जा सकता है क्योंकि वह ब्रिटिश नहीं है? फिल्म इसी सवाल को बिना भाषण दिए कहानी के भीतर रखने की कोशिश करती दिखती है.

    ट्रेलर में एडमंड हिलेरी की भूमिका में टॉम काफी सधे नजर आए हैं. फिल्म दोनों को प्रतिद्वंद्वी बनाने के बजाय दो अलग दुनिया से आए ऐसे लोगों के रूप में देखती है, जिनके बीच धीरे-धीरे सम्मान और भरोसा पैदा होता है. ऊंचाई पर पहुंचते-पहुंचते वर्ग और पद की सीमाएं पीछे छूट जाती हैं और दो पर्वतारोही एक-दूसरे के साथी बनते हैं. यही शायद फिल्म का सबसे मानवीय हिस्सा है कि इतिहास ने दोनों के नाम एक साथ लिखे, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए दोनों को अलग-अलग रास्तों से गुजरना पड़ा था.

    फिल्म का एक और खूबसूरत किरदार तेनजिंग का परिवार और विशेष रूप से उनकी पत्न ही. उनकी पत्नी सिर्फ उनकी निजी जिंदगी का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि उनके सपने को समझने और उसे आगे बढ़ाने वाली शख्सियत के रूप में दिखाई देती हैं. ट्रेलर में पहाड़ की तरफ बढ़ते तेनजिंग के साथ घर-परिवार और उस सपने की कीमत भी दिखाई देती है. इस वजह से एवरेस्ट की चढ़ाई सिर्फ रोमांच नहीं रह जाती. हर कदम के साथ यह सवाल भी चलता है कि एक आदमी अपने सबसे बड़े सपने के लिए कितना कुछ पीछे छोड़ सकता है.

    फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट भी ट्रेलर की बड़ी ताकत है. बर्फ से ढके पहाड़, पतली हवा में तेज होती सांसें, खामोशी को चीरती हवाएं और एवरेस्ट की खतरनाक ऊंचाइयां सब मिलकर दर्शक को उस वातावरण में ले जाने की कोशिश करते हैं. खासतौर पर पहाड़ के एरियल विजुअल और बर्फ की आवाज एक गजब अनुभव है.

    फिर भी तेनजिंग का सबसे बड़ा आकर्षण यही है कि यह एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि को दूसरे नजरिए से देखने की कोशिश करती है, जिसे दुनिया दशकों से एक ही तस्वीर में देखती आई है. एवरेस्ट पर पहुंचने की कहानी हम जानते हैं, लेकिन उस चोटी तक पहुंचने से पहले तेनजिंग को अपनी जगह बनाने के लिए कितनी बार शुरू से शुरुआत करनी पड़ी, यह कहानी कम कही गई है. फिल्म उसी खाली जगह को भरने की कोशिश करती है.

  • ‘लव एंड वॉर’ से रणबीर कपूर का फर्स्ट लुक आउट, इश्क में घायल दिखे एक्टर

    ‘लव एंड वॉर’ से रणबीर कपूर का फर्स्ट लुक आउट, इश्क में घायल दिखे एक्टर

    संजय लीला भंसाली की 'लव एंड वॉर' उन बड़ी फिल्मों में से एक है, जिसका दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है. इस फिल्म में इंडस्ट्री के तीन सबसे बड़े और बेहद टैलेंटेड स्टार्स जैसे रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, और विक्की कौशल लीड रोल में हैं.

    इस तरह से भंसाली अपनी दमदार कास्ट के साथ दर्शकों के लिए एक बेहतरीन और कभी न भूलने वाली वन-ऑफ-अ-काइंड सिनेमैटिक स्पेक्टेकल बना रहे हैं.  बेसब्री से फिल्म से जुड़ी अपडेट का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए अब मेकर्स ने फिल्म की मच अवेटेड पहली झलक पेश कर दी है. जी हां, फिल्म से रणबीर कपूर का फर्स्ट लुक पोस्टर आउट कर दिया गया है.

    इश्क में घायल दिखे रणबीर
    रणबीर कपूर जारी किए गए फर्स्ट लुक पोस्टर में बहुत अच्छे लग रहे हैं. वो एक अलग किरदार में परफेक्शन के साथ डूबे हुए नजर आ रहे हैं. संजय लीला भंसाली के हर प्रोजेक्ट की तरह इस प्रोजेक्ट में भी भव्यता और बारीकी से हर एक बात पर ध्यान दिया गया है, जिसका सबूत यह पोस्टर है. पोस्टर से ये साफ है कि फिल्म सिल्वर स्क्रीन पर अपना जादू चलाने वाली है.

    रणबीर इस तरह के अवतार में पहले कभी नहीं देखे गए हैं. दर्शकों ने भी लव एंड वॉर में उनके इस तरह के लुक की उम्मीद नहीं की थी. कहना होगा कि भंसाली ने इस बार भी अपना कमाल दिखाया है, जिससे दर्शक हैरान रह गए हैं. एक बार फिर म्यूजिक के मामले में भंसाली अपनी कमाल के परफेक्शन को दर्शकों के सामने पेश कर रहे हैं.

    मेकर्स ने सोशल मीडिया पर पोस्टर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है- वो रूतबा, वो रौब, वो जुनून! संजय लीला भंसाली की लव एंड वॉर 21 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है.

    संजय लीला भंसाली द्वारा स्क्रीन पर रोमांस लाते देखना किसी ट्रीट से कम नहीं होता, ऐसे में दर्शक लव एंड वॉर के जरिए लंबे समय के बाद फिर से प्यार का जादू देखने के साथ महसूस करने वाले हैं. ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि पोस्टर ने फिल्म की रिलीज के लिए एक्साइटमेंट को अलग लेवल पर पहुंचा दिया है.
     

  • MP बीजेपी में संगठनात्मक बदलाव, बृज गोपाल लोया को प्रदेश मीडिया की कमान

    MP बीजेपी में संगठनात्मक बदलाव, बृज गोपाल लोया को प्रदेश मीडिया की कमान

    भोपाल 

     मध्यप्रदेश भाजपा में बड़ी नियुक्ति हुई है। बृज गोपाल लोया को प्रदेश मीडिया प्रभारी बनाया गया है। मध्यप्रदेश भाजपा ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है। प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति के बाद यह नियुक्ति की गई है। इससे पहले सोमवार के सत्ता और संगठन के शीर्ष नेताओं ने प्रदेश मीडिया प्रभारी पद पर नियुक्ति के लिए गहन विचार विमर्श किया था। डिजिटल टीम के लिए केंद्रीय नेतृत्व के सख्त दिशा निर्देश हैं। इसका ध्यान रखते हुए बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सीएम मोहन यादव से विस्तार से चर्चा की और बुधवार को आखिरकार बृज गोपाल लोया को प्रदेश मीडिया प्रभारी बनाने की घो​षणा कर दी गई।

    मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल को दिल्ली बुला लिया गया था। आशीष अग्रवाल को अब मीडिया विभाग का संयोजक बना दिया गया है। तभी से प्रदेश मीडिया प्रभारी पद खाली था। बुधवार को प्रदेश भाजपा ने बृज गोपाल लोया को प्रदेश मीडिया प्रभारी बनाने की घोषणा की। प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

    राष्ट्रीय नेतृत्व की बेहद सख्त गाइडलाइन
    बीजेपी में डिजिटल टीम को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा बेहद सख्त गाइडलाइन जारी की गई है। पार्टी आलाकमान ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उनके काम में देश के युवाओं की सोच साफ नजर आनी चाहिए। ऐसे में मध्यप्रदेश भाजपा के लिए चुनौती बढ़ गई थी। राज्य में खाली पडे प्रदेश मीडिया प्रभारी की नियुक्ति को लेकर संगठन और सत्ता ने खूब मंथन किया। सोमवार को बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इस संबंध में चर्चा के लिए सीएम हाउस जाकर मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने करीब 30 मिनट तक बातचीत की। आधिकारिक तौर पर इस भेंट को सेवा संकल्प अभियान से संबंधित बताया गया लेकिन हकीकत में दोनों शीर्ष नेताओं ने प्रदेश मीडिया प्रभारी की नियुक्ति पर चर्चा की थी।

    प्रदेश सह मीडिया प्रभारी के रूप में काम कर चुके
    बृज गोपाल लोया, बीजेपी के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी के रूप में काम कर चुके हैं। वे मूलत: रायसेन जिले के हैं। उदयपुरा निवासी बृज गोपाल लोया पार्टी में पहले भी कई अहम पदों पर रहे हैं। वह नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि के साथ ही भाजपा में प्रवक्ता के रूप में भी काम कर चुके हैं। बृज गोपाल लोया की प्रदेश मीडिया प्रभारी पद पर नियुक्ति के बाद उनके पुश्तैनी नगर में खासा उत्साह दिखा। भाजपाइयों में खुशी दिखाई दे रही है।

     

  • पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव में सस्पेंस बढ़ा, काउंटिंग रुकी; कल आएगा रिजल्ट

    पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव में सस्पेंस बढ़ा, काउंटिंग रुकी; कल आएगा रिजल्ट

    चंडीगढ़.

    पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव की रजिस्टर्ड ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना लगातार 36 घंटे चलने के बाद वीरवार दोपहर एक बजे रोक दी गई। मतगणना में तैनात स्टाफ को लगातार काम के बाद आराम नहीं मिल पाने के कारण यह फैसला लिया गया।

    पीयू रजिस्ट्रार वाइपी वर्मा ने बताया कि अब शुक्रवार सुबह 9:30 बजे से दोबारा मतगणना शुरू होगी। 15 सीटों के लिए 51 प्रत्याशी मैदान में हैं। ऐसे में मतगणना पर प्रत्याशियों और समर्थकों की लगातार नजर बनी हुई है। अब तक बूथवार रिकाॅर्ड के अनुसार 60,044 बैलेट पेपर की गिनती दर्ज की गई है। पंजाब के 212 बूथों से सबसे अधिक 49,422 वोट की गिनती हुई है। चंडीगढ़ के 33 बूथों से 5,446 और हरियाणा के 19 बूथों से 4,269 वोट दर्ज हुए।

    वहीं दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू से कुल 907 बैलेट पेपर की गिनती हुई है। मतगणना दोबारा शुरू होने के बाद रुझान और स्पष्ट होने की उम्मीद है। इसके साथ ही 15 सीटों पर कौन प्रत्याशी जीत की ओर बढ़ रहा है, इसकी तस्वीर भी साफ होगी। सीनेट चुनाव के अंतिम परिणाम के लिए अब शुक्रवार की मतगणना पर सभी की नजर है।

  • इंडोनेशिया-श्रीलंका के बाद कोरिया भी पस्त, अब जापान से भिड़ेगी भारतीय हॉकी टीम

    इंडोनेशिया-श्रीलंका के बाद कोरिया भी पस्त, अब जापान से भिड़ेगी भारतीय हॉकी टीम

    काकामिगाहारा
     एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी टीम का बेहतरीन प्रदर्शन जारी है। टीम इंडिया ने दक्षिण कोरिया को भी 8-2 के अंतर से रौंद दिया है। इससे पहले भी भारतीय टीम सभी टीमों को बड़े अंतर से हराती आई है। दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच में भारत के लिए फॉरवर्ड अभिषेक (14वां और 38वां मिनट), दिलप्रीत सिंह (26वां और 32वां) ने दो दो गोल किये। शिलानंद लाकड़ा (चौथा), सुखजीत सिंह (नौवां), कप्तान हरमनप्रीत सिंह (11वां) और राजिंदर सिंह (60वां) ने एक एक गोल दागा।

    कोरिया के लिये किम जाएहो (42वां) और किम योंगबोक (52वां) ने गोल किए। भारत ने इससे पहले इंडोनेशिया को 13-1 और श्रीलंका को 16-1 से हराया था। अब भारत का सामना 26 सितंबर को जापान से होगा। इसके बाद भारत को बांग्लादेश के खिलाफ खेलना है। जापान वही टीम है, जिसने पिछले एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। इस बार जापान मेजबान भी है। ऐसे में टीम इंडिया को सतर्क रहना होगा।

    मजबूत टीम मानी जा रही थी कोरिया
    भारत ने इस टूर्नामेंट में जिस तरह की शुरुआत की थी। इसके बाद कहा जा रहा था कि दक्षिण कोरिया की टीम ही भारत को चुनौती दे सकती है। हालांकि, मैच के दौरान ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। भारत ने एकतरफा अंदाज में जीत हासिल की और अब टीम इंडिया हॉकी में गोल्ड जीतने की सबसे मजबूत दावेदार है। भारत के लिए सेमीफाइनल का सफर आसान रहेगा, लेकिन नॉकआउट मुकाबलों में टीम इंडिया फंस सकती है।

    हॉकी में 12 टीमों के बीच मुकाबला
    एशियन गेम्स 2026 में कुल 12 हॉकी टीमें शामिल हैं। इन्हें 2 ग्रुप में बांटा गया है। दोनों ग्रुप से टॉप 2 टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। इन्हीं चार टीमों के बीच मैच कराकर हर पदक के विजेता तय किए जाएंगे। भारत के लिए गोल्ड मेडल इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि स्वर्ण पदक जीतने पर भारत 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई कर जाएगा। अब भारत के लिए बड़ी चुनौती जापान की टीम होगी।

  • Hurun 2026 में इंदौर का दबदबा, विनोद अग्रवाल देश में 365वें सबसे अमीर

    Hurun 2026 में इंदौर का दबदबा, विनोद अग्रवाल देश में 365वें सबसे अमीर

    इंदौर
     इंदौर के प्रमुख कारोबारी व उद्यमी विनोद कुमार अग्रवाल हुरून रिच लिस्ट 2026 में मप्र के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में शीर्ष स्थान पर हैं। हुरून इंडिया द्वारा जारी सूची में देश के अमीरों की सूची में वे 365वें स्थान पर हैं।

    10 हजार करोड़ से ज्यादा संपत्ति के मालिक
    इस सूची के मुताबिक अग्रवाल की संपत्ति में पिछले वर्ष की तुलना में 700 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। उनकी संपत्ति 9500 करोड़ रुपये से बढ़कर 10,200 करोड़ रुपये हुई है। हुरून इंडिया की सूची में इंदौर व भोपाल के एक दर्जन उद्यमी शामिल हैं।

    ‘इंदौर में उद्यमियों के लिए लगातार बढ़ रहे अवसर’
    अग्रवाल कोल के संचालक विनोद कुमार अग्रवाल ने बताया कि मेरा विजन है कि इंदौर में ज्यादा से ज्यादा उद्यमी इस सूची में शामिल हों। इस तरह इंदौर का नाम देश-दुनिया में ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। इंदौर शहर लगातार बढ़ रहा है। यहां पर नए उद्यमियों व व्यवसाय के लिए अधिक अवसर उपलब्ध हैं।

    इंदौर के विकास में रियल एस्टेट के माध्यम से योगदान दे रहे हैं। इसके माध्यम से हम इंदौर में ऐसे प्रोजेक्ट तैयार कर रहे हैं, जिससे व्यवसायिक अवसर तैयार हों, जो इंदौर को देश के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सामने रखें।

    हुरून इंडिया की सूची में प्रदेश के कारोबारी

    इंदौर के कारोबारी व उद्यमी
    नाम — रैंक
    विनोद कुमार अग्रवाल — 365
    अनुराग मूंदड़ा — 665
    दिनेश पाटीदार — 941
    नितिन अग्रवाल — 1139
    सुनील चौरड़िया — 1276
    विमल तोड़ी — 1425

    भोपाल के कारोबारी व उद्यमी

    दिलीप सूर्यवंशी — 852
    देवेंद्र जैन — 1112
    अनिल बंसल — 1139
    सुनील बंसल  — 1139
    सुधीर कुमार अग्रवाल  — 1276
    सुधीर अग्रवाल  — 1607

     

  • राज्य स्तरीय पुरस्कार समारोह में शामिल होंगे CM साय, तैयारियां तेज

    राज्य स्तरीय पुरस्कार समारोह में शामिल होंगे CM साय, तैयारियां तेज

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। CM साय सुबह 11:45 बजे पं. दीनदयाल उपाध्याय सभागार पहुंचेंगे, जहां आयोजित राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    इसके बाद दोपहर 2 बजे से आदिम जाति कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री शामिल होंगे। शाम 4:10 बजे मुख्यमंत्री एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित Statescon 2026 – Building Viksit Chhattisgarh कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री शाम 5:40 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।

    बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बदली छत्तीसगढ़ की तस्वीर
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, पेयजल और खाद्य सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में व्यापक कार्य हुए। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को प्रभावी बनाकर जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने की मजबूत व्यवस्था विकसित की गई, जिसके कारण डॉ. रमन सिंह को प्रदेश में ‘चाउंर वाले बाबा’ के नाम से भी पहचान मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रही हैं। गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।