Author: NewseDay

  • बंदरों पर शिकंजे की तैयारी, हांसी में 12 महीने चलेगा अभियान; टेंडर के लिए 4 एजेंसियां मैदान में

    बंदरों पर शिकंजे की तैयारी, हांसी में 12 महीने चलेगा अभियान; टेंडर के लिए 4 एजेंसियां मैदान में

    हांसी.

    शहर से बंदरों को पकड़ने का टेंडर आखिरकार छठे प्रयास में सिरे चढ़ गया है। नगर निगम ने बहादुरगढ़ की एजेंसी को एक साल का ठेका दिया है। एजेंसी एक बंदर पकड़ने के लिए निगम से 1570 रुपये लेगी। विशेषज्ञ टीम बंदरों को पकड़कर नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका के जंगलों में छोड़कर आएगी।

    निगमायुक्त ने एजेंसी संचालक को बुलाकर टेंडर की दर पर चर्चा की। इसके बाद 1570 रुपये की दर तय की गई। अनुबंध के तहत एजेंसी की विशेष टीम शहर के विभिन्न हिस्सों में जाल और आधुनिक उपकरणों की मदद से बंदरों को पकड़ेगी। इसके बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से फिरोजपुर झिरका के जंगलों में छोड़ा जाएगा, ताकि वे प्राकृतिक आवास में लौट सकें। निगम को उम्मीद है कि अभियान शुरू होने से मुख्य बाजारों, कॉलोनियों और आवासीय इलाकों में बंदरों की समस्या का समाधान होगा।

    स्थानीय निवासियों को मिलेगी बड़ी राहत
    शहर के प्रमुख क्षेत्रों में पिछले कई महीनों से बंदरों का उत्पात बढ़ा हुआ था। बंदरों के काटने, सामान छीनने और छतों व बालकनियों में नुकसान पहुंचाने से नागरिकों में भय का माहौल था। लगातार टेंडर विफल होने से निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे थे। अब ठेका फाइनल होने से नागरिकों और व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। जल्द ही एजेंसी टीम तैनात कर बंदर पकड़ने का अभियान शुरू करेगी।

    एजेंसी को टेंडर जारी –
    शहर में बंदर पकड़ने के लिए बहादुरगढ़ की एजेंसी को टेंडर जारी कर दिया गया है। एजेंसी अब जल्द ही शहर में बंदर पकड़ने का अभियान चलाएगी।
    – डॉ. प्रदीप हुड्डा, अतिरिक्त निगम आयुक्त, नगर निगम।

  • इगलास से अतरौली तक बदलेगी बस स्टेशनों की पहचान, महापुरुषों के नाम पर होंगे नए नाम

    इगलास से अतरौली तक बदलेगी बस स्टेशनों की पहचान, महापुरुषों के नाम पर होंगे नए नाम

    अलीगढ़
    यूपी के अलीगढ़ के आठ प्रमुख बस स्टेशनों को अब नई पहचान मिलने जा रही है। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिले के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शहीदों और महापुरुषों के नाम पर बस स्टेशनों के नामकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। चार साल बाद एक बार फिर बस स्टेशनों के नाम बदलने की कवायद तेज हुई है। क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) रोडवेज की ओर से आठ बस स्टेशनों के नए नामों की संस्तुति शासन को भेज दी गई है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इन बस स्टेशनों की पहचान उनके नए नाम से होगी।

    इस पहल का उद्देश्य स्थानीय इतिहास के उन नायकों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है, जिनका योगदान महत्वपूर्ण होने के बावजूद समय के साथ लोगों की स्मृतियों से दूर होता गया। बस स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों के नामकरण के माध्यम से इनके संघर्ष और योगदान को आम लोगों के बीच पहुंचाने की योजना है। इससे रोजाना हजारों यात्रियों को इन महापुरुषों और शहीदों के नामों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। प्रस्ताव के मुताबिक इगलास बस स्टेशन का नाम राजा अमानी जी बस स्टेशन रखा जाएगा। इसी तरह अकराबाद बस स्टेशन का नाम अमर शहीद ठाकुर मंगल सिंह-महताब सिंह बस स्टेशन करने की संस्तुति की गई है।

    मसूदाबाद बस स्टेशन का नाम नारायण पंडित जी बस स्टेशन प्रस्तावित है। शहर के महत्वपूर्ण सैटेलाइट बस स्टेशन, सूतमील चौराहा का नाम मोहनलाल गौतम बस स्टेशन रखने का प्रस्ताव है। वहीं गभाना बस स्टेशन का नाम छोटे लाल गौतम बस स्टेशन किया जाना प्रस्तावित है। शहर के गांधीपार्क बस स्टेशन को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी बस स्टेशन के नाम से पहचान देने की संस्तुति भेजी गई है। इसी क्रम में खैर बस स्टेशन का नाम ठाकुर टोडर सिंह बस स्टेशन और अतरौली बस स्टेशन का नाम बनारसी दास बस स्टेशन किए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इन नामों के जरिए जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को सार्वजनिक पहचान देने का प्रयास किया गया है।

    चार साल बाद फिर बदलेगी पहचान
    बस स्टेशनों के नाम बदलने की प्रक्रिया जिले में करीब चार साल बाद फिर सामने आई है। प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे जाने के बाद अब निगाहें स्वीकृति पर टिकी हैं। शासन की मंजूरी मिलने के बाद रोडवेज स्तर पर नए नामों को रिकॉर्ड, साइन बोर्ड और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं में दर्ज किया जाएगा।

    यात्रियों के साथ नई पीढ़ी को भी मिलेगा संदेश
    बस स्टेशनों पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं। ऐसे में इन स्थानों का नाम महापुरुष व शहीदों के नाम पर रखने से उनके योगदान की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है। खासतौर पर स्थानीय इतिहास से जुड़े व्यक्तित्वों को सार्वजनिक स्थलों के माध्यम से पहचान मिलने से नई पीढ़ी में उनके बारे में जानने की रुचि बढ़ सकती है। शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अलीगढ़ के आठ बस स्टेशनों की पहचान उनके नए नामों के साथ इतिहास व वर्तमान को जोड़ने वाली नजर आएगी।

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘हर गरीब को पक्का आवास’ के संकल्प को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मिल रही जमीनी मजबूती

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘हर गरीब को पक्का आवास’ के संकल्प को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मिल रही जमीनी मजबूती

    मिट्टी की दीवारों से पक्के आशियाने तक: राजा राम के वर्षों पुराने सपने को प्रधानमंत्री आवास योजना ने दिया आकार

    ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर में मिली नए घर की चाबी, चेहरे पर छलकी वर्षों के इंतजार की खुशी

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘हर गरीब को पक्का आवास’ के संकल्प को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मिल रही जमीनी मजबूती

    रायपुर, 
    कभी मिट्टी की दीवारों वाला घर ही राजा राम पोर्ते और उनके परिवार की मजबूरी था। बारिश के दिनों में घर की चिंता, ठंड में मुश्किलें और मौसम की मार के बीच परिवार की सुरक्षा की फिक्र हमेशा बनी रहती थी। मन में एक सपना जरूर था कि कभी उनका भी अपना पक्का घर होगा, जिसकी मजबूत छत के नीचे परिवार सुरक्षित और सुकून से रह सकेगा। लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण यह सपना वर्षों तक सपना ही बना रहा।

    गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की ग्राम पंचायत बस्ती के निवासी राजा राम पोर्ते के जीवन में बदलाव की शुरुआत तब हुई, जब उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में शामिल हुआ। वर्षों से मन में संजोए पक्के आशियाने के सपने को पूरा करने का रास्ता खुला तो राजा राम और उनके परिवार की उम्मीदों को जैसे नए पंख मिल गए। योजना का लाभ मिलने के बाद उन्होंने बिना समय गंवाए पूरी लगन और मेहनत के साथ अपने आवास का निर्माण शुरू किया। कुछ ही महीनों में उनका पक्का मकान बनकर तैयार हो गया।

    जो कभी सपना था, आज वही परिवार की खुशियों का ठिकाना

    आज राजा राम का पक्का घर केवल ईंट, सीमेंट और छत से बना एक ढांचा नहीं है, बल्कि उनके परिवार के लिए वर्षों के संघर्ष के बाद मिली सुरक्षा, सम्मान और सुकून की नई पहचान है। मिट्टी के पुराने घर में बारिश, ठंड और बदलते मौसम के दौरान परिवार को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पक्का आवास बनने के बाद इन चिंताओं से काफी हद तक मुक्ति मिली है। अब परिवार एक सुरक्षित और बेहतर वातावरण में जीवन बिता रहा है।

    राजा राम के लिए अपने पक्के घर की सबसे बड़ी खुशी यह है कि अब परिवार को मौसम बदलने के साथ घर की मजबूती की चिंता नहीं करनी पड़ती। जिस छत का सपना उन्होंने वर्षों तक देखा था, आज उसी छत के नीचे परिवार के साथ उनका नया जीवन शुरू हो चुका है।

    हाथों में आई चाबी तो आंखों के सामने साकार हुआ वर्षों पुराना सपना

    इस खुशी को और यादगार बनाया सेवा सेतु अभियान के तहत आयोजित ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर ने। ग्राम बस्ती में आयोजित शिविर के दौरान राजा राम पोर्ते को उनके नए आवास की चाबी सौंपी गई। हाथों में नए घर की चाबी आते ही वर्षों से मन में संजोया सपना जैसे एक पल में आंखों के सामने साकार हो गया।

    वह चाबी केवल एक मकान का दरवाजा खोलने वाली चाबी नहीं थी, बल्कि राजा राम और उनके परिवार के लिए बेहतर भविष्य, सुरक्षा और सम्मान के नए जीवन का द्वार खोलने वाली चाबी बन गई।

    राजा राम कहते हैं कि कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए आसान नहीं था। परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों के बीच इतनी बड़ी राशि जुटा पाना संभव नहीं था। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने उनके इस अधूरे सपने को पूरा करने का अवसर दिया।

    गरीब परिवारों के पक्के आवास के सपने को मिल रहा आधार

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार भी पात्र परिवारों तक आवास योजना का लाभ पहुंचाने को प्राथमिकता दे रही है।

    केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से राजा राम पोर्ते जैसे जरूरतमंद परिवारों के लिए पक्का घर केवल एक आकांक्षा नहीं रह गया है, बल्कि वास्तविकता में बदल रहा है। शासन की योजना जब जरूरतमंद परिवार तक पहुंचती है तो उसका असर केवल मकान के निर्माण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह परिवार को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का भरोसा भी देती है।

    ‘सरकार आपके द्वार’ से योजनाओं को मिल रही अंतिम छोर तक पहुंच

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने और उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सेवा सेतु अभियान के तहत ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर इसी उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से शासन-प्रशासन ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं और जरूरतों से रूबरू होने के साथ पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित कर रहा है।

    ग्राम बस्ती में राजा राम को नए आवास की चाबी सौंपा जाना इसी प्रयास की एक सुखद तस्वीर है। यह उस भरोसे को मजबूत करता है कि शासन की योजनाएं जब अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो वे उसके जीवन में वास्तविक बदलाव का माध्यम बनती हैं।

    मिट्टी के घर की चिंता पीछे छूटी, अब भविष्य की नई उम्मीद

    नए घर में प्रवेश के साथ राजा राम और उनके परिवार के जीवन का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। मिट्टी की कमजोर दीवारों और मौसम की चिंताओं से जुड़ी पुरानी यादें अब पीछे छूट रही हैं। उनकी जगह पक्की दीवारों की सुरक्षा, अपने घर का सुकून और बेहतर भविष्य का विश्वास ले रहा है।

    अपने परिवार के साथ पक्के घर में खुशहाल जीवन की शुरुआत करने वाले राजा राम पोर्ते ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

    एक पक्का घर किसी गरीब परिवार के लिए केवल चार दीवारें और एक छत नहीं होता। वह उसकी वर्षों की मेहनत और उम्मीदों का ठिकाना, परिवार की सुरक्षा का भरोसा और सम्मान के साथ जीवन जीने का आधार होता है। कभी मिट्टी की दीवारों के बीच देखा गया राजा राम का सपना आज पक्के आशियाने में बदल चुका है और इस आशियाने की नई छत के नीचे अब उनका परिवार भविष्य के नए सपने देख रहा है।

     

  • किसानों के प्रदर्शन के बीच पटियाला में हंगामा, पुलिस से झड़प के बाद मिनी सचिवालय पर ताले

    किसानों के प्रदर्शन के बीच पटियाला में हंगामा, पुलिस से झड़प के बाद मिनी सचिवालय पर ताले

    पटियाला.

    मांगों को लेकर किसानों ने सोमवार को डीसी दफ्तर के बाहर लगातार धरना शुरू कर दिया। धरने के दौरान किसानों ने मिनी सचिवालय के सभी गेट बंद कर दिए। जिसके बाद पुलिस और किसानों के बीच झड़प का मामला सामने आया है।

    किसानों ने गेट बंद करने और पुलिस की तरफ से उसे खोलने को लेकर धक्का मुक्की हुई। इस दौरान सचिवालय के अंदर आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।

    लोग हो रहे परेशान
    किसानों द्वारा मिनी सचिवालय के मुख्य गेटों को बंद किए जाने के कारण न तो लोगों को अंदर जाने दिया जा रहा है और न ही अंदर मौजूद लोगों को बाहर आने दिया जा रहा है। इससे विभिन्न सरकारी विभागों में अपने काम करवाने के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कई लोग गेटों के बाहर खड़े होकर स्थिति सामान्य होने का इंतजार करते दिखाई दिए।

  • रायपुर में ढाबा हटाने पहुंची प्रशासन की टीम, संचालक ने खुद पर पेट्रोल उड़ेला; मचा हड़कंप

    रायपुर में ढाबा हटाने पहुंची प्रशासन की टीम, संचालक ने खुद पर पेट्रोल उड़ेला; मचा हड़कंप

    रायपुर.

    राजधानी रायपुर के सड्डू स्थित प्रिंस ढाबे में सोमवार को उस समय गहमागहमी की स्थिति बन गई, जब प्रशासन की टीम बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ ढाबे को अवैध बताकर तोड़ने पहुंची। इस दौरान ढाबा संचालक ने खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया, जिसके बाद प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए कार्रवाई को स्थगित कर दिया।

    ढाबा संचालक ने लगाए आरोप
    प्रशासन द्वारा ढाबे को अवैध बताते हुए तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान ढाबा संचालक और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। मुख्य विवाद ढाबे की जमीन के सीमांकन को लेकर सामने आया। ढाबा संचालक ने आरोप लगाया कि बिना सीमांकन किए ही प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा रही है। संचालक का यह भी आरोप है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। इसी मुद्दे को लेकर मौके पर अधिकारियों और ढाबा संचालक के बीच काफी देर तक बातचीत होती रही।

    ढाबा संचालक ने खुद पर उड़ेला पेट्रोल
    कार्रवाई के विरोध में ढाबा संचालक ने खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया और आग लगाने की कोशिश की, जिससे हड़कंप मच गया। स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

    कोर्ट के ऑर्डर तक कार्रवाई स्थगित
    प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई को स्थगित कर दिया है। इस मामले में तहसीलदार का कहना है कि कोर्ट का ऑर्डर आने तक कार्रवाई को स्थगित किया गया है।

  • ‘SIR में नाम काटने से नहीं रोक सकते…’, बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की मांग ठुकराई

    ‘SIR में नाम काटने से नहीं रोक सकते…’, बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की मांग ठुकराई

     मुंबई

    महाराष्ट्र में चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटाने के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से याचिकाकर्ताओं को राहत नहीं मिली है. अदालत ने वोटर लिस्ट से नाम काटने की प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। 

    वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) यूथ प्रेसिडेंट सागर रमेश गवाई की तरफ से SIR के खिलाफ ये याचिका दायर की गई थी. याचिका में घर-घर जाकर वेरिफिकेशन (डोर-टू-डोर एन्युमरेशन) के दौरान नियमों की अनदेखी करने और मनमाने तरीके से मतदाताओं के नाम हटाने के आरोप लगाए गए हैं। 

    अदालत में सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की तरफ से पेश सीनियर वकील आशुतोष कुंभकोणी ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने अंतरिम निर्देशों का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले की व्यापक सुनवाई कर रहा है और 8 अक्टूबर को इस पर आगे की सुनवाई होनी है। 

    दूसरी तरफ, याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ नेता और वकील प्रकाश अंबेडकर ने इसका विरोध किया. उन्होंने दलील दी कि पुराना आदेश सिर्फ बिहार चुनाव से जुड़ा था, जबकि उनकी ये याचिका अलग है. प्रकाश अंबेडकर ने कोर्ट से अपील की कि कम से कम महाराष्ट्र के मतदाताओं के लिए ऐसा आदेश दिया जाए कि उनके नाम न काटे जाएं. उन्होंने अदालत से इस पर रोक लगाने की मांग की। 

    सुप्रीम कोर्ट में मामला होने के कारण HC का रुख
    बॉम्बे हाईकोर्ट की बेंच ने समानांतर कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) पहले से ही इस मामले पर विचार कर रही है, तो हाईकोर्ट के लिए इस पर समानांतर सुनवाई करना और कोई आदेश देना सही नहीं होगा. बेंच ने टिप्पणी की कि जब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है, तो ऐसा कदम उठाना कैसा लगेगा?

    कोर्ट ने ये भी कहा कि 8 अक्टूबर की तारीख आने ही वाली है, इसलिए फिलहाल इस मामले में कोई जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है. हालांकि, चुनाव आयोग की अपील पर कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई को 3 हफ्ते के लिए टाल दिया है और अब इस मामले की सुनवाई 12 अक्टूबर के आसपास होगी। 

    इस बीच, याचिकाकर्ताओं की चिंता ये है कि अगर नामों के कटने का सिलसिला नहीं रुका, तो आगामी चुनावों में कई वैध मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। 

  • सस्ता और किफायती घर देने में छत्तीसगढ़ की पहल को राष्ट्रीय पहचान, ‘सबके लिए आवास’ मिशन को मिली बड़ी कामयाबी

    सस्ता और किफायती घर देने में छत्तीसगढ़ की पहल को राष्ट्रीय पहचान, ‘सबके लिए आवास’ मिशन को मिली बड़ी कामयाबी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता से कर रहा साकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    जमीन से लेकर किफायती घर तक प्रभावी व्यवस्था खड़ी करने के प्रयासों को मिला सम्मान – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

    ईडब्ल्यूएस-एलआईजी के लिए भूमि आरक्षण और किफायती आवास उपलब्ध कराने में छत्तीसगढ़ की पहल को राष्ट्रीय सम्मान

    विश्व पर्यावास दिवस पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में छत्तीसगढ़ पुरस्कृत

    प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ को मिली राष्ट्रीय पहचान

    निजी कॉलोनियों में भूमि आरक्षण से 25,413 आवासों के लिए बिना सरकारी खर्च के उपलब्ध हुई जमीन

    रायपुर 
     आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के परिवारों को किफायती एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे नवाचारों और प्रभावी कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। 

    ईडब्ल्यूएस-एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण तथा एएचपी (Affordable Housing in Partnership) के माध्यम से आवास उपलब्ध कराने की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली (Best Practice) के लिए भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया है।

    विश्व पर्यावास दिवस के अवसर पर आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार प्रदान किया। राज्य की ओर से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी-सह-राज्य मिशन संचालक, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) सुमित अग्रवाल ने सम्मान ग्रहण किया।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए आवास की उपलब्धता बढ़ाने के साथ ही उन्हें बेहतर नागरिक सुविधाओं से युक्त सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा आवासीय परियोजनाओं की स्वीकृति, भूमि की उपलब्धता, निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता तक प्रत्येक स्तर पर प्रभावी निगरानी की जा रही है।

    हर पात्र परिवार को पक्का आवास हमारा संकल्प

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस राष्ट्रीय उपलब्धि के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, SUDA तथा नगरीय निकायों की पूरी टीम को बधाई दी है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में छत्तीसगढ़ की कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए भूमि आरक्षण तथा एएचपी के माध्यम से किफायती आवास उपलब्ध कराने की हमारी पहल को मिली यह पहचान राज्य सरकार की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और परिणामोन्मुख कार्यशैली का प्रमाण है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहा है। पक्का घर केवल चार दीवारें और छत नहीं, बल्कि एक परिवार की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे और जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से युक्त बेहतर आवास उपलब्ध हो।

    25,413 आवासों के लिए बिना सरकारी खर्च के मिली जमीन

    शहरी क्षेत्रों में गरीब और निम्न आय वर्ग के लिए आवास निर्माण की सबसे बड़ी चुनौतियों में भूमि की उपलब्धता प्रमुख रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस चुनौती के समाधान के लिए निजी कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण के प्रावधान को प्रभावी ढंग से लागू किया है।

    इस व्यवस्था के परिणामस्वरूप राज्य में 25 हजार 413 आवासों के निर्माण के लिए बिना सरकारी खर्च के भूमि उपलब्ध हुई है। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अंतर्गत 17 हजार 790 और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 7 हजार 623 आवास शामिल हैं।

    इस पहल की विशेषता यह है कि कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए आवास केवल शहरों के बाहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहकर नियोजित कॉलोनियों और विकसित शहरी क्षेत्रों का हिस्सा बन रहे हैं। इससे लाभार्थी परिवारों को सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा सहित अन्य आवश्यक शहरी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

    भूमि से लेकर आवास तक छत्तीसगढ़ ने विकसित की प्रभावी व्यवस्था

    राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत एएचपी मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया है। भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही परियोजनाओं की स्वीकृति, निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता की नियमित निगरानी की जा रही है।

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा SUDA द्वारा नगरीय निकायों के साथ समन्वय कर ऐसी व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे शहरी गरीब परिवारों के लिए किफायती आवास की उपलब्धता को गति मिली है। इसी समग्र कार्यप्रणाली को भारत सरकार ने ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी है।

    उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय सम्मान के लिए विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों और नगरीय निकायों की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि शहरी गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ द्वारा किए जा रहे ठोस प्रयासों की पहचान है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने शहरी गरीबों के आवास के लिए केवल योजना बनाने तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि जमीन की उपलब्धता से लेकर किफायती घर के निर्माण तक प्रभावी व्यवस्था विकसित की है। ईडब्ल्यूएस-एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण और एएचपी मॉडल को राष्ट्रीय सम्मान मिलना इसी कार्य का परिणाम है।

    साव ने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि शहरों में जरूरतमंद परिवारों को तेजी से सम्मानजनक और किफायती आवास उपलब्ध हों। यह राष्ट्रीय सम्मान पूरी टीम को और बेहतर परिणाम देने के लिए प्रेरित करने के साथ हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ाता है।

    ‘सबके लिए आवास’ की दिशा में छत्तीसगढ़ का मजबूत कदम

    राज्य सरकार की इस पहल से 25 हजार से अधिक शहरी गरीब एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों के पक्के घर का सपना साकार होने की दिशा में आगे बढ़ा है। निजी कॉलोनियों में भूमि आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन ने एक ओर आवास निर्माण के लिए जमीन की उपलब्धता की बड़ी चुनौती का समाधान किया है, वहीं दूसरी ओर समाज के कमजोर वर्गों को विकसित शहरी क्षेत्रों और बेहतर नागरिक सुविधाओं से जोड़ने का रास्ता भी बनाया है।

    विश्व पर्यावास दिवस पर मिला यह राष्ट्रीय सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता, नवाचार और परिणामोन्मुख कार्यप्रणाली की राष्ट्रीय पहचान है।

  • त्योहारों में कंफर्म ट्रेन टिकट के लिए अपनाएं ये ट्रिक, बुकिंग शुरू होने से पहले रखें 2 चीजें तैयार

    त्योहारों में कंफर्म ट्रेन टिकट के लिए अपनाएं ये ट्रिक, बुकिंग शुरू होने से पहले रखें 2 चीजें तैयार

    पटना
    IRCTC Booking Tips: कंफर्म ट्रेन टिकट की बुकिंग कई बार रफ्तार का खेल बन जाती है। खासकर त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में सीटें तेजी से भरती हैं। ऐसे में यात्रियों के पास तेज इंटरनेट होने के बावजूद टिकट वेटिंग में चली जाती है। इसकी एक बड़ी वजह बुकिंग के दौरान जानकारी भरने और पेमेंट में लगने वाला अतिरिक्त समय भी है।

    अगर आप अक्सर IRCTC से टिकट बुक करते हैं तो बुकिंग शुरू होने से पहले थोड़ी तैयारी आपके काम को काफी आसान बना सकती है।

    IRCTC Ticket Booking यात्रियों की जानकारी पहले से सेव रखने और पेमेंट का विकल्प तैयार रखने से बुकिंग प्रक्रिया तेज हो सकती है। आइए जानते हैं वे दो काम, जिन्हें पहले कर लेना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

    पहला काम: पहले से तैयार रखें पैसेंजर की डिटेल
    IRCTC पर टिकट बुक करते समय यात्रियों की जानकारी भरने में काफी समय लग सकता है। नाम, उम्र, जेंडर, पहचान संबंधी जानकारी और बर्थ प्रेफरेंस जैसी डिटेल दर्ज करते-करते कई बार बुकिंग की रफ्तार धीमी हो जाती है। इसी दौरान उपलब्ध सीटें तेजी से कम हो सकती हैं।

    इस परेशानी से बचने के लिए यात्री पहले से Master List तैयार रख सकते हैं। IRCTC अकाउंट के प्रोफाइल सेक्शन में उपलब्ध इस सुविधा के जरिए उन यात्रियों की जानकारी सेव की जा सकती है, जिनके लिए आप अक्सर टिकट बुक करते हैं।

    Master List से बचेगा बुकिंग का समय
    IRCTC Ticket Booking एक बार यात्रियों की जानकारी सेव हो जाने के बाद टिकट बुक करते समय हर डिटेल दोबारा टाइप करने की जरूरत कम हो जाती है।

    संबंधित यात्री को सूची से चुनकर बुकिंग प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। इससे खासकर एक से अधिक यात्रियों की टिकट बुक करते समय सुविधा मिलती है।

    कंफर्म टिकट की बुकिंग में समय काफी अहम होता है। इसलिए बुकिंग खुलने से पहले Master List तैयार रखना एक छोटी लेकिन काम की तैयारी हो सकती है। इससे टिकट बुकिंग के दौरान अनावश्यक टाइपिंग में समय नहीं जाता।

    दूसरा काम: पेमेंट के लिए पहले से रहें तैयार
    टिकट बुकिंग का आखिरी और सबसे अहम चरण पेमेंट होता है। कई बार यात्री ट्रेन और सीट चुनने के बाद पेमेंट स्टेज पर पहुंचते हैं, लेकिन बैंकिंग प्रक्रिया, ओटीपी या पेमेंट विकल्प चुनने में अतिरिक्त समय लग जाता है। इस दौरान बुकिंग प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

    इसलिए टिकट बुक करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपका पसंदीदा और भरोसेमंद पेमेंट विकल्प आसानी से उपलब्ध हो।

    IRCTC पर उपलब्ध सेव किए गए पेमेंट विकल्प का इस्तेमाल करने से हर बार भुगतान संबंधी जानकारी दोबारा दर्ज करने की जरूरत कम हो सकती है।

    बुकिंग से पहले ये तैयारी रखें पूरी
    कंफर्म टिकट के लिए सिर्फ तेज इंटरनेट पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। बुकिंग शुरू होने से पहले यात्री की जानकारी, यात्रा की तारीख, ट्रेन, क्लास और बर्थ संबंधी पसंद तय रखें। साथ ही लॉगिन पहले से कर लेना भी बुकिंग प्रक्रिया को आसान बना सकता है।

    सबसे जरूरी बात यह है कि टिकट बुकिंग के समय बार-बार जानकारी खोजने या टाइप करने में समय न गंवाएं। Master List और तैयार पेमेंट विकल्प इसी तैयारी का हिस्सा हैं, जिससे बुकिंग प्रक्रिया ज्यादा तेज और व्यवस्थित हो सकती है।

    त्योहारों में और बढ़ जाती है तैयारी की जरूरत
    त्योहारों, छुट्टियों और गर्मी की छुट्टियों के दौरान ट्रेनों में टिकट की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा रहती है।

    ऐसे समय में उपलब्ध सीटें तेजी से भर सकती हैं। इसलिए बुकिंग शुरू होने से पहले पूरी तैयारी रखना और प्रक्रिया को समझ लेना यात्रियों के लिए खास तौर पर उपयोगी है।

    हालांकि कोई भी तरीका कंफर्म टिकट की गारंटी नहीं देता। सीट की उपलब्धता ट्रेन, तारीख, कोटा और मांग जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।

    लेकिन पहले से जानकारी तैयार रखने और पेमेंट प्रक्रिया को आसान बनाने से बुकिंग के दौरान होने वाली देरी को जरूर कम किया जा सकता है।

  • तीसरे वनडे में हार के बाद टीम इंडिया को एक और झटका, स्लो ओवर रेट पर ICC ने लगाया जुर्माना

    तीसरे वनडे में हार के बाद टीम इंडिया को एक और झटका, स्लो ओवर रेट पर ICC ने लगाया जुर्माना

    नई दिल्ली
    भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले में पांच विकेट से हार झेलनी पड़ी थी. 3 सितंबर (शनिवार) को मुल्लांपुर में आयोजित इस मुकाबले में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज के सामने 352 रनों का लक्ष्य दिया था, जिसे मेहमान टीम ने कप्तान शाई होप के नाबाद 162 रनों की बदौलत 10 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया. भारतीय टीम शुरुआती दो मुकाबले जीत सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी थी. हालांकि आखिरी मैच में हार के चलते भारतीय टीम वेस्टइंडीज का सूपड़ा साफ नहीं कर सकी.

    अब वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने दोनों टीमों पर तगड़ा एक्शन लिया है. भारत और वेस्टइंडीज दोनों टीमों पर धीमी ओवर गति को लेकर कार्रवाई हुई है. आईसीसी ने भारतीय टीम पर मैच फीस का 20 प्रतिशत, जबकि वेस्टइंडीज की टीम पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया है.

    भारत निर्धारित समय में चार ओवर पीछे रह गया, जबकि वेस्टइंडीज की टीम दो ओवर कम कर पाई. समय से जुड़ी रियायतों को शामिल करने के बाद दोनों टीमों को न्यूनतम ओवर रेट के नियम का दोषी पाया गया. आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी के प्रकाश भट्ट ने दोनों टीमों पर यह जुर्माना लगाया.

    भारत ने चार ओवर कम फेंके
    आईसीसी की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के मुताबिक निर्धारित समय में कम फेंके गए प्रत्येक ओवर के लिए खिलाड़ियों की मैच फीस का 5 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है. इसी नियम के तहत भारत पर चार ओवर कम होने के कारण 20 प्रतिशत और वेस्टइंडीज पर दो ओवर कम होने के चलते 10 प्रतिशत जुर्माना लगा.

    भारत और वेस्टइंडीज के कप्तानों ने धीमी ओवर गति के आरोपों को स्वीकार कर लिया और आईसीसी की ओर से प्रस्तावित सजा पर भी सहमति जताई. साथ ही दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया, इसलिए मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी.

    इस मामले में मैदानी अंपायर जयरामन मदनगोपाल और सैम नोगाज्स्की के साथ थर्ड अंपायर शरफुद्दौला इब्ने शाहिद और फोर्थ अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाए थे. इस तरह सीरीज के आखिरी वनडे के बाद दोनों टीमों को मैदान पर प्रदर्शन के अलावा धीमी ओवर गति की कीमत भी चुकानी पड़ी.

  • बाइक खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! Royal Enfield ने रोकी बुकिंग, नए मॉडल का इंतजार

    बाइक खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! Royal Enfield ने रोकी बुकिंग, नए मॉडल का इंतजार

     नई दिल्ली

    रॉयल एनफील्ड ने हाल में ही हिमालयन 440 (Royal Enfield Himalayan 440) को लॉन्च किया है. इस बाइक को लॉन्चिंग के बाद बंपर बुकिंग मिली है. यहां तक की कंपनी ने कुछ वक्त के लिए इस बाइक की बुकिंग को बंद भी किया है. अब कंपनी एक और हिमालयन लाने की तैयारी में जुटी है। 

    हाल में ही रॉयल एनफील्ड हिमालयन 750 को स्पॉट किया गया है. बाइक को टीवीसी (टीवी कमर्शियल) शूट के दौरान स्पॉट किया गया है. इससे पहले भी कार को कई बार स्पॉट किया गया है. हाल में आई फोटोज में बाइक का बॉडीवर्क, ग्राफिक्स और हार्डवेयर कई डिटेल्स सामने आई हैं। 

    चार कलर में आएगी बाइक
    पहले आई लीक्स से साफ है कि हिमालयन 750 चार कलर ऑप्शन में आएगी. ये बाइक ग्रे, ग्रीन, मरून और वॉइट कलर ऑप्शन में आ सकती है. इनके साथ कुछ-कुछ कलर्स का कॉम्बिनेशन भी देखने को मिलेगा. जैसे ग्रे के साथ इसमें ब्राउन कलर की फिनिश दिखेगी. बाइक के साइड में 750 और हिमालयन का ग्राफिक्स मिलेगा. फिलहाल इसके कलर्स की आधिकारिक जानकारी नहीं आई है।

    इस बाइक में हमें कई व्हील सेटअप देखने को मिल सकते हैं. यानी इसमें एलॉय और स्पोक व्हील दोनों का विकल्प मिलेगा. इसमें 19 इंच के फ्रंट और 17 इंच के रियर व्हील मिल सकते हैं. हालांकि, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। 

    मिलेगा दमदार इंजन
    हिमालयन 750 में राउंड हेडलैम्प मिलेगा, जो होरिजेंटल लाइटिंग एलिमेंट के साथ आएगी. इसमें बड़ी विंडस्क्रीन मिलेगी. साइड बॉडीवर्क पर इंडीकेटर मिलेंगे. इसमें बड़ा फ्यूल टैंक मिलेगा. इसके अलावा बाइक में स्टेप्ड सीट, रियर लगेज रैक, राउंड मिरर्स और लो-माउंटेड फ्रंट मडगार्ड भी मिलेंगे। 

    बात करें इंजन की तो इस बाइक में हमें 55 बीएचपी पावर और 60 एनएम टॉर्क वाला इंजन मिलेगा, जो 6 स्पीड गियरबॉक्स के साथ आएगा. इसमें क्रूज कंट्रोल जैसा फीचर मिलेगा. कंपनी इस बाइक को अगले महीने होने वाले ईआईसीएमए (EICMA) इवेंट में रिवील कर सकती है. वहीं भारत में ये बाइक मोटोवर्स में रिवील हो सकती है।