Author: NewseDay

  • केतु के नक्षत्र परिवर्तन से इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, 5 दिसंबर तक मिलेंगे शुभ संकेत

    केतु के नक्षत्र परिवर्तन से इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, 5 दिसंबर तक मिलेंगे शुभ संकेत

    केतु ने 3 अक्टूबर को मघा नक्षत्र के प्रथम पद में गोचर किया था. ज्योतिषविदों के अनुसार, मघा नक्षत्र के स्वामी केतु ग्रह हैं और इसके आधिपत्य देवता पितृगण माने जाते हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, मघा नक्षत्र में केतु 5 दिसंबर तक रहने वाले हैं. यह नक्षत्र परिवर्तन तीन राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है. ज्योतिषविदों का कहना है कि मघा नक्षत्र के प्रथम पद में बैठा केतु दिसंबर तक तीन राशियों पर अपनी शुभ दृष्टि रखेगा.

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि के जातकों के लिए केतु का मघा नक्षत्र के प्रथम पद में गोचर लाभदायक माना जा रहा है. करियर में लंबे समय से आ रही दिक्कतों के समाप्त होने के संकेत हैं. नौकरी और कामकाज से जुड़े मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं. केतु का यह नक्षत्र गोचर आपके लिए आगे बढ़ने के नए रास्ते भी खोल सकता है. धन की स्थिति बेहतर होती जाएगी. कर्ज, उधार का भार आपके सिर से कम होगा. कुल मिलाकर 5 दिसंबर तक का समय मिथुन राशि के लिए सकारात्मक रहने की संभावना बताई गई है.

    तुला राशि
    तुला राशि के जातकों के लिए भी केतु का यह गोचर शुभ माना जा रहा है. इस अवधि में घर-परिवार के सदस्यों का भरपूर साथ मिल सकता है. परिवार के साथ संबंधों में सहयोग और अपनापन देखने को मिल सकता है. इस दौरान पूजा-पाठ में आपका मन अधिक लग सकता है. धार्मिक कार्यों के प्रति रुचि बढ़ने की बात कही गई है. इसके अलावा, आपको कोई गुड न्यूज भी मिल सकती है. भवन, वाहन या कोई नई प्रॉपर्टी खरीदने का सपना पूरा हो सकता है. 5 दिसंबर तक केतु का यह गोचर तुला राशि के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है.

    धनु राशि
    धनु राशि के जातकों के लिए मघा नक्षत्र के प्रथम पद में केतु का प्रवेश पॉजिटिव माना जा रहा है. इस अवधि में धन लाभ होने की संभावना है. आर्थिक मामलों में आपके लिए यह समय अच्छे संकेत लेकर आ सकता है. केतु का यह गोचर 5 दिसंबर की शाम तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान धनु राशि के जातकों को लाभ मिलने की संभावना बताई गई है. ऐसे में केतु का नक्षत्र परिवर्तन आपके लिए खास माना जा रहा है.

  • भोपाल में सेना दिवस का खास आयोजन, राजनाथ सिंह के आगमन की संभावना; CM को दी जानकारी

    भोपाल में सेना दिवस का खास आयोजन, राजनाथ सिंह के आगमन की संभावना; CM को दी जानकारी

    भोपाल में सेना दिवस पर होंगे भव्य और आकर्षक आयोजन

    केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आगमन भी प्रस्तावित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भेंट कर दी तैयारियों की जानकारी

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुख्यमंत्री निवास (समत्व भवन) में ले. जनरल अरविंद चौहान और मेजर जनरल विकास लाल सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सेना दिवस 15 जनवरी 2027 का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर "आर्मी डे परेड- 2027 आपकी सेना आपके पास" की अवधारणा की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया गया कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इस आयोजन में आने की संभावना है। इसके अलावा अन्य विशिष्ट अतिथि भी भोपाल में हो रहे सेना दिवस कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सेना दिवस के अवसर पर होने वाले प्रस्तावित कार्यक्रमों और विविध गतिविधियों और इस संबंध में की जा रही तैयारियों के बारे में भी अवगत करवाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेना दिवस के अवसर पर आयोजनों को गरिमामय बनाने के लिए राज्य शासन द्वारा आवश्यक सहयोग किया जाएगा। विभिन्न आयोजनों में राज्य शासन के विभाग सहभागी होंगे। वर्ष 2027 प्रदेश में युवा वर्ष होगा। इसमें युवाओं की भागीदारी के समुचित प्रयास किए जाएंगे।

    कार्यक्रमों की रूपरेखा

    वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने जानकारी दी कि सेना दिवस के अंतर्गत 1 नवम्बर 2026 को संकल्प वृक्ष आयोजन में शौर्य स्मारक परिसर में पौध-रोपण किया जाएगा। माह जनवरी 2027 में सैन्य प्रदर्शनी और एकीकृत युद्ध प्रदर्शन प्रस्तावित है। भोपाल के भेल क्षेत्र में कालीबाड़ी मार्ग पर आर्मी डे मुख्य परेड का आयोजन 15 जनवरी को होगा। साथ ही तात्या टोपे नगर स्टेडियम में 15 जनवरी की शाम देशभक्ति से और ओतप्रोत शौर्य संध्या, रण हुंकार का आयोजन किया जाएगा। भेल के जंबूरी मैदान में भारतीय सेना के अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों के प्रदर्शन और भोजताल स्थित वीआईपी बोट क्लब क्षेत्र में सेना के शौर्य, सामरिक क्षमता और रणनीतिक कौशल पर आधारित इंटीग्रेटेड कॉम्बैट डिस्प्ले भी किया जाएगा। मुख्य परेड एवं उससे जुड़े कार्यक्रमों में लगभग 50 हजार प्रतिनिधियों के मौजूद रहने की संभावना है। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। युवा शक्ति और नागरिक सहभागिता के प्रयास किए जा रहे हैं।

     

  • शहरी आवास योजना में रफ्तार बढ़ाने के निर्देश, पात्र परिवारों को तय समय पर मिलेंगे घर

    शहरी आवास योजना में रफ्तार बढ़ाने के निर्देश, पात्र परिवारों को तय समय पर मिलेंगे घर

    पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 में तेजी लाने के निर्देश, पात्र परिवारों को तय समय पर मिले पक्का घर

    मंत्री ए.के. शर्मा ने अधिकारियों को दिए निर्देश, लाभार्थी चयन से आवास निर्माण तक प्रक्रिया प्रभावी बनाने पर जोर

    पात्र परिवारों को आवास सुविधा से वंचित न रहने देने का लक्ष्य, अनावश्यक विलंब पर सख्ती के निर्देश

    पीएम आवास योजना-शहरी में यूपी लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ

    नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने पीएम मोदी और सीएम योगी का जताया आभार

    लखनऊ, 
     योगी सरकार में जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 की प्रगति की समीक्षा की गई। नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों के चयन से लेकर आवास निर्माण तक की पूरी प्रक्रिया को प्रभावी और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि योजना का लाभ वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक पहुंचना सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। 

    लखनऊ स्थित राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री एके शर्मा ने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के माध्यम से अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को अपना पक्का घर उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभागीय अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता और तेजी के साथ कार्य करें, ताकि कोई भी पात्र परिवार आवास की सुविधा से वंचित न रहे।

    पीएम आवास योजना में यूपी लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित

    सोमवार को प्रदेश को लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि पर नगर विकास मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया जाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

    एके शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी ने प्रदेश के लाखों परिवारों के अपने पक्के घर के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सरकार की प्राथमिकता है कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले पात्र और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध हो तथा उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले। इसी दिशा में विभाग लगातार प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद, सचिव अनुज कुमार झा, निदेशक सूडा महेंद्र बहादुर सिंह, विशेष सचिव प्रवीण लक्ष्यकार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

  • काशी में गूंजेगा सेवा संकल्प का जयघोष, 500 बाइक यात्री करेंगे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक

    काशी में गूंजेगा सेवा संकल्प का जयघोष, 500 बाइक यात्री करेंगे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक

    सेवा संकल्प बाइक यात्रा का होगा समापन, वडनगर से काशी पहुंचे 500 बाइक यात्री करेंगे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी जनसभा को करेंगे संबोधित

    बाइक सेवा यात्रियों का संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में होगा स्वागत, जगतपुर इंटर कॉलेज मैदान होगी जनसभा 

    सीएम योगी आदित्यनाथ रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में ‘नमो बुक फेस्ट, काशी संस्करण’ का करेंगे अवलोकन

    सुबह 10 से 11 बजे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाइव उद्बोधन को एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सुना जाएगा

    वाराणसी
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर उनके जन्मस्थान वडनगर से शुरू होकर उनकी कर्मभूमि वाराणसी पहुंची बाइक यात्रा का बुधवार (7 अक्टूबर) को काशी में समापन होगा। सेवा संकल्प बाइक यात्रा में 500 कार्यकर्ता शामिल हैं। इस अवसर पर रोहनिया के जगतपुर इंटर कॉलेज मैदान में दोपहर लगभग  2:30 बजे बड़ी जनसभा को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी संबोधित करेंगे।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार दोपहर वाराणसी पहुंचेंगे। वह रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘नमो बुक फेस्ट ,काशी संस्करण’ का अवलोकन करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री जनसभा में शामिल होंगे। बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव का दर्शन-पूजन करेंगे।

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की काशी में यह पहली जनसभा होगी। जनसभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने और सेवा संकल्प बाइक यात्रा के प्रतिभागियों का काशी की गरिमा के अनुरूप भव्य स्वागत करने का आह्वान किया गया है।

     भाजपा काशी क्षेत्र अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने बताया कि 7 अक्टूबर की सुबह सभी बाइक सेवा यात्री संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के मैदान में सुबह नौ बजे बस से पहुंचेंगे। वहां सभागार में उनके स्वागत-अभिनंदन का कार्यक्रम होगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत संगठन के प्रमुख पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। बाइक यात्रियों का तिलक, अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ देकर  स्वागत किया जाएगा। इसके बाद सुबह 10 से 11 बजे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाइव उद्बोधन को एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सुना जाएगा। कार्यक्रम के बाद सभी बाइक यात्री बस से मैदागिन पहुंचेंगे। वहां से पैदल काशी विश्वनाथ मंदिर जाएंगे। 

    उन्होंने बताया कि पैदल यात्रा में आगे गुजरात की नदियों के जल से भरे 11 कलश और गंगाजल के 11 कलश, कुल 22 कलश रहेंगे। इनके साथ 51 महिलाएं चलेंगी। भाजपा के संगठन पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, विधायक, मंत्री, एमएलसी और कार्यकर्ताओं के साथ बाइक सेवा यात्री भी शामिल होंगे। कुल संख्या करीब 800 रहेगी। मंदिर में करीब एक घंटे तक पूजन-अनुष्ठान और जलाभिषेक का कार्यक्रम होगा। इसके बाद  दोपहर 2:30 बजे जगतपुर इंटर कॉलेज में होने वाली भाजपा की जनसभा में शामिल होंगे। यात्रा के अगले चरण में 8 अक्टूबर की सुबह करीब नौ बजे सभी बाइक यात्री अयोध्या के लिए रवाना होंगे। इसके बाद अयोध्या से दिल्ली पहुंचकर अपने-अपने गंतव्य की ओर जाएंगे।

  • राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर FIR, आकाशवाणी में कथित जबरन प्रवेश से बढ़ा विवाद

    राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर FIR, आकाशवाणी में कथित जबरन प्रवेश से बढ़ा विवाद

    नई दिल्ली
     राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। दोनों पर आकाशवाणी भवन में जबरन घुसने का आरोप है। एक दिन पहले ही लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाला गया था। प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ था। धरना देते हुए राहुल गांधी कई नेताओं के साथ आकाशवाणी भवन के अंदर एक पेड़ के नीचे बैठ गए थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में भी ले लिया था। अब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया गया है।

    FIR होने पर पीछे नहीं हटेंगे
    लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने के मामले में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने हैरानी जताई है। इमरान मसूद ने कहा है कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और उनके साथ सांसद भी। वे कहीं भी जबरदस्ती नहीं घुसे। हम आखिर तक लड़ेंगे। सिर्फ FIR की वजह से हम पीछे नहीं हटेंगे।

    इमरान मसूद ने जताया विरोध
    ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

    बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य सांसद आकाशवाणी भवन परिसर में जमा हुए थे। वे चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। विपक्ष का यह प्रदर्शन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में केंद्रित था, जिसमें विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की।

    काशवाणी भवन परिसर में थे घुसे
    पुलिस की ओर से आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद पहले विपक्ष के नेता सड़क पर बैठ गए और अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। बाद में राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी को पुलिस बैरिकेड पर चढ़ते हुए देखा गया। पुलिस की ओर से रोके जाने के बावजूद कांग्रेस नेता और अन्य प्रदर्शनकारी स्वागत द्वार से आकाशवाणी भवन परिसर में घुस गए।

    बिना इजाजत आकाशवाणी भवन में घुसने की मिली थी शिकायत
    दिल्ली पुलिस को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, उनके समर्थकों और उनके साथ मौजूद सांसदों के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वे कल शाम बिना इजाज़त आकाशवाणी ऑफिस में घुस गए थे. इसी शिकायत के आधार पर कांग्रेस नेताओं पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. मालूम हो कि आकाशवाणी भवन में राहुल गांधी के धरने के दौरान की तस्वीरों में पवन खेड़ा, दीपेंद्र हुड्डा, चरणजीत सिंह चन्नी सहित कई कांग्रेसी नेता नजर आए थे। 

    आकाशवाणी भवन में 8 घंटे तक धरने पर रहे थे राहुल गांधी
    मालूम हो कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस के कई नेता मंगलवार को आकाशवाणी परिसर में करीब 8 घंटे तक धरने पर रहे. बाद में पुलिस ने इन सभी को हिरासत में ले लिया. पुलिस रात करीब आठ बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस तथा कुछ सहयोगी दलों के नेताओं को हिरासत में लेकर उन्हें बस में बैठाकर ले गयी. पार्टी ने बताया कि बाद में, राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं को पुलिस हिरासत से रिहा कर दिया गया। 

    सुबह विपक्षी सांसदों ने निकाला था मार्च 
    इससे पहले मंगलवार सुबह, विपक्षी ‘इंडिया' गठबंधन के घटक दलों के सांसदों ने संसद मार्ग से निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक मार्च निकाला. हालांकि, पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया और कई सांसदों तथा नेताओं को हिरासत में ले लिया. विपक्षी दलों की मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाया जाए और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द किया जाए। 

    पेड़ के नीचे दिखे राहुल-प्रियंका
    प्रदर्शनों के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसदों को आकाशवाणी भवन और नीति आयोग कार्यालय के पास संसद स्ट्रीट पर रोक दिया गया। बाद में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा को परिसर के अंदर एक पेड़ के नीचे बैठे देखा गया।

    हिरासत में लेकर छोड़ दिया
    पुलिस ने पहले ही चेतावनी दी थी कि आकाशवाणी भवन में प्रदर्शन को रातभर जारी रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रदर्शनकारियों को परिसर छोड़ने के लिए कहा गया। पुलिस ने कहा कि इनकार करने वालों को हिरासत में लिया जाएगा। बाद में विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका और 'इंडिया ब्लॉक' के अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया था। हालांकि, कुछ घंटों बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था।

  • MP Travel Mart 2026: CM यादव बोले- मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत को मिलेगी वैश्विक पहचान

    MP Travel Mart 2026: CM यादव बोले- मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत को मिलेगी वैश्विक पहचान

    मध्यप्रदेश की विरासत है अद्भुत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (एमपीटीएम) 2026 में इन्फ्लुएंसर्स से किया सीधा संवाद
    मध्यप्रदेश की धरोहर की कहानियों को पहुंचाया जाएगा देश-दुनिया तक

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश वीरांगना रानी दुर्गावती जैसी साहसी नारियों की कर्मभूमि है जिसने राष्ट्र की स्वतंत्रता और स्वाभिमान के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मैत्री अतुलनीय है। यही नहीं आज के दौर की बात करें तो जो चीते विलुप्त प्राय: हो गए थे उनकी मध्यप्रदेश में बसाहट को सफलता मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, वन सम्पदा और सांस्कृतिक विशेषताओं को बढ़ावा देने के लिए देश के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (एमपीटीएम) 2026 को संबोधित कर रहे थे। स्थानीय सयाजी होटल में हुई राष्ट्रीय स्तर की इन्फ्लुएंसर्स मीट में देशभर से लगभग 200 से अधिक इन्फ्लुएंसर्स पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज की पीढ़ी को इतिहास के गौरवशाली पक्ष से परिचित करवाना आवश्यक है। इसमें इन्फ्लुएंसर्स की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में ही पर्यटन के क्षेत्र में स्कूल की पुरानी इमारत को सम्राट विक्रमादित्य होटल में परिवर्तित करने का सफल नवाचार हुआ है। होमस्टे लोकप्रिय हो रहे हैं। श्रीनगर की डल झील में ही नहीं अब भोपाल के भोजताल में शिकारे पर्यटकों को सैर करवाने का कार्य कर रहे हैं।

    कार्यक्रम में डॉ. इलैया राजा टी., प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि मध्यप्रदेश में फिल्म निर्माण के लिए एक समृद्ध और अनुकूल इको-सिस्टम विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर हो रहा है। मध्यप्रदेश को केवल फिल्म शूटिंग ही नहीं, बल्कि पोस्ट-प्रोडक्शन सहित संपूर्ण फिल्म निर्माण का हब बनाने के प्रयास किया जा रहे हैं। मध्यप्रदेश की विविध लोकेशन्स, समृद्ध संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य इसे फिल्म निर्माताओं के लिए एक विशिष्ट डेस्टिनेशन बनाते हैं।

    प्रसिद्ध शेफ एवं टेलीविजन पर्सनल्टी रणवीर बरार , अभिनेता अमित सियाल, कंटेंट क्रिएटर्स मारूफ कलमन ने कहा कि मध्यप्रदेश से जुड़ी वास्तविक और खूबसूरत कहानियों को समझने के लिए मध्यप्रदेश में आना होगा। यहां के लोगों से मिलकर अनुभव प्राप्त करने होंगे। हम जब किसी जगह को स्थानीय नजरिए से देखते हैं, तभी उसकी असली पहचान और उसकी अनकही कहानियां सामने आती हैं।

    9 श्रेणियों में हुए इन्फ्लुएंसर्स सम्मानित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विभिन्न गतिविधियों के दौरान उत्कृष्ट योगदान देने वाले इन्फ्लुएंसर्स को सम्मानित किया। इस इन्फ्लुएंसर्स मीट का उद्देश्य मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों, स्थानीय अनुभवों और प्रदेश की अनूठी कहानियों को सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना है। देश और प्रदेश के इन्फ्लुएंसर्स डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मध्यप्रदेश की विविध पर्यटन संभावनाओं को पर्यटकों तक पहुंचाएंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के लिए मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक फन क्विज़ का आयोजन किया गया, जिसमें मध्यप्रदेश की कला, संस्कृति, पर्यटन स्थलों और खान-पान से जुड़े रोचक प्रश्न पूछे गए। इन्फ्लुएंसर्स ने उत्साह के साथ इसमें भाग लिया और प्रदेश की विविधताओं के बारे में नई जानकारियां साझा कीं। इस गतिविधि ने कार्यक्रम को संवादात्मक बनाने के साथ-साथ प्रतिभागियों को मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत से और करीब से जोड़ा।

    हैंडलूम और आर्ट एंड क्राफ्ट को केंद्र में रखकर विशेष फैशन शो का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्राणपुर, महेश्वर, कुक्षी, धार, केरियाखेड़ी और भैरवगढ़ क्राफ्ट एवं हैंडलूम विलेज की थीम को आधुनिक फैशन के साथ प्रस्तुत किया गया। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की परियोजना का उद्देश्य प्रदेश के विशिष्ट स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक शिल्प एवं हथकरघा को पर्यटन से जोड़ते हुए इन्हें व्यापक बाजार और नए उपभोक्ता वर्ग तक पहुंचाना है। इन्फ्लुएंसर्स मीट के माध्यम से इन स्थानीय उत्पादों और शिल्प परंपराओं को देशभर से आए डिजिटल क्रिएटर्स के सामने प्रस्तुत किया गया, जिससे इन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

    संवाद के दौरान मध्यप्रदेश की कला, संस्कृति, खान-पान, वन्य-जीवन, विरासत और स्थानीय पर्यटन अनुभवों को डिजिटल माध्यमों के जरिए व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ।

     

  • स्वस्थ बचपन की ओर बढ़ा यूपी, ‘मेरी कटोरी, मेरा पोषण’ अभियान से 4.5 लाख जुड़े

    स्वस्थ बचपन की ओर बढ़ा यूपी, ‘मेरी कटोरी, मेरा पोषण’ अभियान से 4.5 लाख जुड़े

    मेरी कटोरी, मेरा पोषण से 4.5 लाख तक पहुंचा संदेश, योगी सरकार में स्वस्थ बचपन की दिशा में मजबूत पहल

    राज्य स्तरीय पोषण पाठशाला में 1,03,467 डिवाइस से जुड़े प्रतिभागी

    सही ऊपरी आहार से मजबूत होगी बच्चों के स्वस्थ विकास की नींव: अपर मुख्य सचिव

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बच्चों के बेहतर पोषण और स्वस्थ विकास को लेकर लगातार प्रभावी प्रयास कर रही है। इसी क्रम में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के तहत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, उत्तर प्रदेश की ओर से राज्य स्तरीय पोषण पाठशाला का आयोजन किया गया। मेरी कटोरी, मेरा पोषण संदेश के साथ आयोजित इस डिजिटल कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट एनआईसी के माध्यम से किया गया। प्रदेशभर में 1,03,467 डिवाइस के जरिए प्रतिभागियों ने इसमें सहभागिता की। एक डिवाइस से एक से अधिक प्रतिभागियों के जुड़ने के कारण पोषण पाठशाला के माध्यम से करीब 4.5 लाख लाभार्थियों एवं प्रतिभागियों तक पोषण संबंधी महत्वपूर्ण संदेश पहुंचा।

    छह माह बाद सही ऊपरी आहार पर फोकस

    पोषण पाठशाला का मुख्य उद्देश्य छह माह की आयु पूरी करने के बाद बच्चों को सही समय पर उचित एवं पौष्टिक ऊपरी आहार देने को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय को बताया गया कि बच्चे के स्वस्थ विकास के लिए छह माह के बाद ऊपरी आहार की शुरुआत महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही ऊपरी आहार की आवश्यकता, उसके महत्व और बाल विकास में इसकी भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी साझा की गई।

    यूट्यूब पर उपलब्ध कराए गए पोषण के वीडियो

    पोषण पाठशाला में विमोचित ऊपरी आहार एवं बाल पोषण से जुड़े सभी वीडियो विभागीय यूट्यूब चैनल पर भी अपलोड कर दिए गए हैं। इससे अभिभावक और आमजन इन महत्वपूर्ण पोषण संदेशों को आसानी से देख सकेंगे और इन्हें अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा सकेंगे। 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत हुई यह पहल बच्चों के बेहतर पोषण को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही। कार्यक्रम के माध्यम से संदेश दिया गया कि छह माह के बाद सही समय पर सही ऊपरी आहार बच्चों के स्वस्थ विकास की मजबूत नींव है।

    सही ऊपरी आहार से मजबूत होगी बच्चों के स्वस्थ विकास की नींव

    अपर मुख्य सचिव, महिला कल्याण एवं बाल विकास लीना जौहरी ने कहा कि बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए छह माह की आयु पूरी होने के बाद सही समय पर उचित एवं पौष्टिक ऊपरी आहार देना बेहद जरूरी है। मेरी कटोरी, मेरा पोषण संदेश के जरिए अभिभावकों और समुदाय को बाल पोषण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वहीं पोषण संबंधी सही जानकारी को घर-घर तक पहुंचाकर बच्चों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर उपनिदेशक आईसीडीएस अनुपमा शांडिल्य, सुरेश कुमार पाल, यूनिसेफ के पोषण विशेषज्ञ डॉ. रवि नारायण परही, यूपी टीएसयू से डॉ. वंदना नायडू एवं डॉ. आनंद और पोषण अभियान के संयुक्त परियोजना समन्वयक अभिषेक दुबे समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

  • अब बड़े गर्व के कहता हूं कि भारत की सबसे यंग वर्कफोर्स मेरे पास है और उसकी प्रतिभा मेरी सबसे बड़ी सामर्थ्य है: मुख्यमंत्री योगी

    अब बड़े गर्व के कहता हूं कि भारत की सबसे यंग वर्कफोर्स मेरे पास है और उसकी प्रतिभा मेरी सबसे बड़ी सामर्थ्य है: मुख्यमंत्री योगी

    लखनऊ को भारत की अग्रणी एआई इनोवेशन सिटीज में स्थापित करने का है लक्ष्य, इस अभियान में एचसीएल बने भागीदारः मुख्यमंत्री योगी

    एचसीएल टेक के लखनऊ कैंपस की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

    अगले पांच वर्षों में कम से कम 50 एआई स्टार्टअप्स को लखनऊ में स्थापित करने, उन्हें मजबूत बनाने और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में सरकार पूरा सहयोग देगी: मुख्यमंत्री

    लखनऊ को केवल आईटी सर्विसेज का केंद्र नहीं, बल्कि एआई, सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी, कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी और डीप टेक का प्रमुख केंद्र बनाना होगा: सीएम

    एचसीएल ने लखनऊ को चुना और लखनऊ ने एचसीएल को अपनाया, दोनों की साझा यात्रा पर हर व्यक्ति को गौरव की अनुभूति: सीएम

    अब बड़े गर्व के कहता हूं कि भारत की सबसे यंग वर्कफोर्स मेरे पास है और उसकी प्रतिभा मेरी सबसे बड़ी सामर्थ्य है: मुख्यमंत्री योगी

    बलिया से लेकर बिजनौर तक की यात्रा को अब मात्र 10 घंटे में पूरा कर सकते हैं: सीएम

    लखनऊ,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का संकल्प लखनऊ को भारत की अग्रणी एआई इनोवेशन सिटीज में स्थापित करने का है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में एक मजबूत इनोवेशन इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा, जिसमें विश्व स्तर के कम से कम 50 एआई स्टार्टअप्स को लखनऊ में स्थापित करने, उन्हें मजबूत बनाने और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए सरकार पूरा सहयोग देगी। मुख्यमंत्री ने एचसीएल टेक को भी इस अभियान में भागीदार बनने का आह्वान किया।

    एचसीएल टेक लखनऊ कैंपस की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने एचसीएल को इसके लिए ऑफर दिया है। उन्होंने कहा कि लखनऊ को केवल आईटी सर्विसेज का केंद्र नहीं, बल्कि एआई, सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी, कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी और डीप टेक का प्रमुख केंद्र बनाना होगा। इसके लिए सरकार और उद्योग जगत को मिलकर आगे बढ़ना होगा।

    एचसीएल ने लखनऊ को चुना और लखनऊ ने एचसीएल को अपनाया
    उन्होंने कहा कि एचसीएल की पांच दशक की यात्रा के संस्थापक शिव नाडर ने इसी उत्तर प्रदेश से शुरुआत की थी। आज यूपी की धरती से शुरू हुई यह यात्रा वैश्विक पहचान बना चुकी है। दस वर्ष पहले शिव नाडर के विजन के साथ लखनऊ में एचसीएल कैंपस की स्थापना ने इस यात्रा को नई पहचान दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एचसीएल ने लखनऊ को चुना और लखनऊ ने एचसीएल को अपनाया। दोनों की साझा यात्रा आज उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एससीएल कैंपस की सफलता के पीछे कर्मचारियों की मेहनत के साथ किसी मां की दुआ, किसी पिता का सपना और किसी परिवार का विश्वास भी जुड़ा है। जब लखनऊ की बेटी यहां से अपने करियर की उड़ान भरती है तो केवल उसकी जिंदगी नहीं बदलती, बल्कि पूरे परिवार का जीवन बदलता है। उसकी सफलता आने वाली अनेक बेटियों के लिए नई राह और प्रेरणा बनती है।

    युवा वर्कफोर्स यूपी की सबसे बड़ी ताकत

    उन्होंने कहा कि दस वर्ष पहले यूपी के युवाओं को बेहतर करियर के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों की ओर जाना पड़ता था। आज स्थिति बदल गई है। यूपी का युवा अपने करियर के लिए लखनऊ को चुन रहा है और दुनिया भर का युवा यूपी में आ रहा है। मुख्यमंत्री ने एचसीएल के कर्मचारियों से कहा कि वे केवल कंपनी के कर्मचारी नहीं, बल्कि अब उत्तर प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर भी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत उसकी जमीन के साथ उसकी युवा और प्रतिभाशाली वर्कफोर्स है। आज वे गर्व से कहते हैं कि भारत की सबसे युवा वर्कफोर्स यूपी में है और उसकी प्रतिभा प्रदेश की सबसे बड़ी सामर्थ्य है। उन्होंने कहा कि दस वर्ष पहले उत्तर प्रदेश की पहचान को लेकर अलग तरह की चर्चाएं होती थीं। आज प्रदेश की पहचान बदल चुकी है। एक समय वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया की चर्चा होती थी, आज वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन की चर्चा होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। बलिया से बिजनौर तक करीब 1200 किलोमीटर की दूरी अब लगभग 10 घंटे में तय की जा सकती है, जबकि एक दशक पहले यही दूरी तय करने में कई दिन लगते थे।

    आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में यूपी की नई पहचान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का करीब 55 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हो रहा है, जबकि देश में बनने वाले इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट में यूपी का योगदान करीब 60 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि एक दशक पहले आईटी और आईटीईएस के माध्यम से प्रदेश का निर्यात करीब 12 से 15 हजार करोड़ रुपये था, जो अब एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। सरकार का लक्ष्य अगले चार वर्षों में इसे 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। इसी प्रकार इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात भी एक दशक पहले करीब 3,800 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 45,000 करोड़ रुपये हो गया है। वर्ष 2030 तक इसे दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

    आईटी सेक्टर अब केवल नोएडा तक सीमित नहीं
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी सेक्टर अब केवल नोएडा तक सी
    मित नहीं है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ और आगरा में आईटी पार्क संचालित हैं। प्रदेश में सात सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क कार्यरत हैं, जबकि वाराणसी, बरेली, कानपुर और गोरखपुर में नए आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं। गौतमबुद्ध नगर में 12 आईटी और आईटीईएस स्पेशल इकोनॉमिक जोन हैं। नई स्टार्टअप नीति के तहत नोएडा और लखनऊ को यू हब यानी डीप टेक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। लखनऊ में देश की पहली एआई सिटी और व्यापक एआई इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है।

    एचसीएल का विकास केवल बिजनेस तक सीमित नहीं

    मुख्यमंत्री ने एचसीएल के सामाजिक सरोकारों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि एचसीएल टेक ने उत्तर प्रदेश में केवल बिजनेस नहीं किया, बल्कि सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सीतापुर और बुलंदशहर में आवासीय कैंपस और स्कूलों के माध्यम से बच्चों के जीवन में बदलाव लाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 10-11 वर्षों में एचसीएल के कार्यक्रम 50 लाख से अधिक लोगों और 3,000 से अधिक गांवों तक पहुंचे हैं। ग्रामीण महिलाओं और स्वयंसेवी समूहों को स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाने, बच्चों को बेहतर शिक्षा से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नए अवसर पैदा करने का कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का अर्थ केवल बड़े शहरों में बड़े कैंपस बनाना नहीं है। वास्तविक विकास तब है, जब गांव का किसान बेहतर तकनीक से जुड़े, बहन-बेटियों को आजीविका के नए अवसर मिलें, गांव के बच्चों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें तथा ग्रामीण युवा नई अर्थव्यवस्था और नए अवसरों का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि एक ओर एचसीएल का ग्लोबल टेक्नोलॉजी कैंपस और दूसरी ओर गांवों में सामुदायिक विकास के कार्यक्रम- ग्लोबल इनोवेशन और ग्रासरूट डेवलपमेंट का यह संगम ही इन्क्लूसिव ग्रोथ का वास्तविक मॉडल है।

    ‘डिजिटल इंडिया’ को लेकर भी कभी विरोधी दलों ने उड़ाई थी खिल्ली

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया का दूरदर्शी विजन देश के सामने रखा था, तब विरोधी दलों ने इसकी खिल्ली उड़ाई थी। लोग सवाल करते थे कि भारत में डिजिटल क्रांति कैसे संभव होगी। इसी तरह जब जनधन खाते खोले गए तो उनका भी मजाक उड़ाया गया और कहा गया कि गरीबों के खाते खुलवाने से क्या होगा। लेकिन आज डीबीटी के माध्यम से गरीबों तक शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने में तकनीक की निर्णायक भूमिका सामने है। मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब पांच दशक पहले जब शिव नाडर जी ने एचसीएल की नींव रखी होगी, तब भी लोगों ने सवाल उठाए होंगे कि यह प्रयास कितना आगे बढ़ पाएगा, लेकिन उनके दूरदर्शी विजन ने एचसीएल को वैश्विक कंपनी के रूप में स्थापित किया। यूपी की धरती से शुरू हुई एचसीएल की वैश्विक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि बड़े सपनों और दूरदर्शी सोच पर शुरुआत में सवाल उठ सकते हैं, लेकिन विजन और सामर्थ्य उन्हें दुनिया के सामने सफलता की कहानी बना देते हैं।

    इस अवसर पर एचसीएल ग्रुप की अध्यक्ष रोशनी नादर मल्होत्रा, शिव नादर फाउंडेशन के अध्यक्ष शिखर मल्होत्रा, उत्तर प्रदेश ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ और निवर्तमान चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार सिंह, यूपी के आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रिंसिपल सेक्रेटरी आलोक कुमार और अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित रहे। 

    उत्तर प्रदेश एचसीएल ग्रुप की कर्मभूमि, यहां की प्रतिभा और अवसरों पर हमारा अटूट विश्वास: रोशनी नादर

    एचसीएल टेक की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश एचसीएल ग्रुप की कर्मभूमि और उसका घर है। इसी धरती ने संस्थापक शिव नादर के भारत को ग्लोबल टेक्नोलॉजी मैप पर स्थापित करने के सपने को आधार दिया। उन्होंने कहा कि 2016 में लखनऊ में एचसीएल आईटी सिटी में निवेश का निर्णय केवल कारोबारी फैसला नहीं, बल्कि इस विश्वास का प्रतीक था कि सही अवसर, इंफ्रास्ट्रक्चर और वातावरण उपलब्ध होने पर ग्लोबल टेक्नोलॉजी और टैलेंट महानगरों से बाहर भी विकसित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि एचसीएल आईटी सिटी की 10वीं वर्षगांठ पर फेज-2 का शुभारंभ, 500 करोड़ रुपये का निवेश और करीब 6,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्तर प्रदेश के युवाओं और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं। रोशनी नादर ने बताया कि एचसीएल स्थानीय कॉलेजों के 1,000 छात्रों के लिए एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू कर रहा है, जिससे उन्हें भविष्य के लिए फ्यूचर-रेडी स्किल्स और नए करियर अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि एचसीएल फाउंडेशन के माध्यम से उत्तर प्रदेश में करीब 50 लाख लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और राज्य सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास और आर्थिक प्रगति की इस यात्रा का हिस्सा बनना एचसीएल ग्रुप के लिए गौरव की बात है।

    मुख्यमंत्री ने एचसीएल आईटी सिटी लखनऊ के फेज-2 का किया शुभारंभ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर एचसीएल आईटी सिटी लखनऊ के फेज-2 विस्तार का शुभारंभ किया। लगभग 500 करोड़ रुपये के निवेश से 20 एकड़ भूमि पर करीब 9.5 लाख वर्गफुट का नया क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिसमें नया आईटी भवन, करीब 5,000 सीटों की क्षमता, मल्टीलेवल कार पार्किंग और कैफेटेरिया जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। इस विस्तार से लखनऊ में करीब 6,000 नए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

    एचसीएल फाउंडेशन के पांच विशेष लाभार्थियों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

    इस अवसर पर एचसीएल फाउंडेशन के विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े पांच विशेष लाभार्थियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सम्मानित किया गया। इनमें प्रतिमा देवी को करीब 1.5 लाख रुपये मूल्य का रोटावेटर एवं हैरो, चांदनी सिंह को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल करने पर प्रमाणपत्र एवं शॉल, छित्तो देवी को जलकुंभी हस्तशिल्प के माध्यम से आजीविका सृजन के लिए 50 हजार रुपये मूल्य की रस्सी निर्माण एवं फ्लैटनिंग मशीन, मास्टर लवकुश को क्लब फुट के सफल उपचार के लिए प्रमाणपत्र एवं शॉल तथा रोशनी को डेयरी आधारित आजीविका को बढ़ावा देने के लिए पशुपालन कार्यक्रम के तहत 30 हजार रुपये की अनुदान राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।

  • IND vs WI 1st T20I: गेंदबाजों के बाद अय्यर का शतक, भारत ने 8 विकेट से जीता मुकाबला

    IND vs WI 1st T20I: गेंदबाजों के बाद अय्यर का शतक, भारत ने 8 विकेट से जीता मुकाबला

    लखनऊ
     कप्तान श्रेयस अय्यर के तूफानी शतक की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज को पहले टी-20 मुकाबले में आठ विकेट से हरा दिया। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 171 रन बनाए। जवाब में भारत ने महज 14.4 ओवर में दो विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। यह टीम इंडिया की लगातार 10वीं टी-20 जीत है।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम 19.1 ओवर में 171 रन पर सिमट गई। कप्तान शाई होप ने 52 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि शेरेफन रदरफोर्ड ने 56 रन बनाकर टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया।

    भारत की ओर से डेब्यू कर रहे नमन धीर ने प्रभावी गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट हासिल किए। कुलदीप यादव और अक्षर पटेल को दो-दो सफलताएं मिलीं। भारतीय गेंदबाजों ने आखिरी ओवरों में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों पर शिकंजा कसते हुए पूरी टीम को 20 ओवर से पहले ही पवेलियन भेज दिया।

    172 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और चौथे ओवर तक टीम ने 35 रन पर दो विकेट गंवा दिए। इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने ईशान किशन के साथ मिलकर वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की जमकर खबर ली।

    श्रेयस ने महज 42 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और 43 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। उनकी पारी में 10 चौके और छह छक्के शामिल रहे। ईशान किशन ने भी उनका शानदार साथ दिया और 27 गेंदों पर नाबाद 37 रन बनाए। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 67 गेंदों में 137 रन की अटूट साझेदारी की।

    अपने पहले शतक को लेकर अय्यर ने क्या कहा?
    पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में श्रेयस अय्यर अपने पहले T20I शतक को लेकर काफी भावुक और खुश नजर आए। उन्होंने शतक लगाने के इस अहसास को बेहद खास बताया और कहा कि वे लंबे समय से T20I में अपना पहला शतक लगाने का सपना देख रहे थे, जो आज पूरा हो गया। इस पल को याद करते हुए उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यह पारी साबित करती है कि अगर आप मेहनत करें, तो सपने सच जरूर होते हैं।

    टीम की माइंडसेट को लेकर अय्यर ने दिया बड़ा बयान
    भारतीय टीम की माइंडसेट को लेकर अय्यर ने कहा कि जीत का अहसास हमेशा खास और अलग होता है और ड्रेसिंग रूम में भी इसी बात पर चर्चा होती है। टीम का सीधा नियम है कि जिस खिलाड़ी का दिन हो, वह मैच खत्म करके ही लौटे। आज उनका दिन था, जबकि पिछले कुछ मैचों में बाकी बल्लेबाजों ने फिनिश किया था। उन्होंने कहा कि पूरी टीम ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया है और अगर भारत इसी आक्रामक सोच के साथ खेलता रहा, तो T20 क्रिकेट की सबसे खतरनाक टीमों में से एक बनेगा।

    श्रेयस अय्यर ने शतक लगाकर अपने नाम किए कई रिकॉर्ड
    श्रेयस अय्यर T20I में शतक जड़ने वाले भारत के तीसरे कप्तान बन गए हैं, उनसे पहले यह कारनामा सिर्फ रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव ही कर पाए हैं। हालांकि, लक्ष्य का पीछा करते हुए शतक बनाने वाले श्रेयस भारत के पहले कप्तान हैं। इस मामले में उन्होंने विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 94 रन बनाए थे। टी20 क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करते हुए शतक लगाने वाले श्रेयस चौथे भारतीय खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव और केएल राहुल यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।

    कप्तान के तौर पर शतक लगाने वाले तीसरे भारतीय
    श्रेयस अय्यर का यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहला शतक है। इसके साथ ही वह भारतीय 'r20I कप्तानों की उस खास सूची में शामिल हो गए, जिसमें उनसे पहले रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव का नाम है। रोहित शर्मा ने कप्तान रहते हुए टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीन शतक लगाए हैं, जबकि सूर्यकुमार यादव ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2023 में शतकीय पारी खेली थी। श्रेयस की इस ऐतिहासिक पारी ने भारत को आसान जीत दिलाने के साथ रिकॉर्ड बुक में भी उनका नाम दर्ज करा दिया।

  • भारत की समुद्री शक्ति को मिला बड़ा बूस्ट, नया फ्लीट सपोर्ट शिप हुआ नौसेना में शामिल; Rafale डील भी जल्द

    भारत की समुद्री शक्ति को मिला बड़ा बूस्ट, नया फ्लीट सपोर्ट शिप हुआ नौसेना में शामिल; Rafale डील भी जल्द

    मुंबई 

    114 राफेल फाइटर जेट की खेप भारत आने से पहले डिफेंस सेक्‍टर से बड़ी खुशखबरी सामने आई है. इससे इंडियन नेवी की ताकत बढ़ने की संभावना है. भारतीय नौसेना के बेड़े में ‘सूर्या’ शामिल किया गया है. यह भारतीय नौसेना के लिए बनाया गया फ्लीट सपोर्ट शिप-1 है.  इसका जलावतरण (यानी लॉन्‍च) किया गया. इस जहाज का नाम ‘सूर्या’ रखा गया है और इसकी मौजूदगी से नौसेना की पहुंच और क्षमता मजबूत होगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सूर्या को इंडियन नेवी में शामिल किया. इसी अवसर पर हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड में नए एडवांस स्लिपवे और 300 टन क्षमता वाले गोलियथ क्रेन का उद्घाटन किया गया. साथ ही एक और फ्लीट सपोर्ट शिप के निर्माण के लिए कील (शुरुआत) भी रखी गई. भारत इंडियन आर्मी और एयरफोर्स के साथ ही इंडियन नेवी को भी अपग्रेड कर रहा है। 

    इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि एक ही स्थान पर एक ही अवसर के दौरान ये तीनों उपलब्धियां भारत की बढ़ती समुद्री ताकत और जहाज निर्माण क्षमता को दर्शाती हैं. उन्होंने कहा, ‘यह जलावतरण हमारी उपलब्धि का प्रतीक है, कील रखना हमारे संकल्प का प्रतीक है और नया स्लिपवे हमारी बढ़ती हुई क्षमता का प्रतीक है. आज हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड में हम जहाज बनाने के साथ-साथ भारत की समुद्री शक्ति के भविष्य की नींव को और मजबूत कर रहे हैं। 

    गौरवशाली विरासत को मजबूत करने का प्रयास
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर क्षेत्र में प्रथम प्रतिक्रिया देने वाले देश और पसंदीदा सुरक्षा साझेदार के रूप में बार-बार अपनी क्षमता साबित की है. मानवीय सहायता और आपदा राहत, समुद्री डकैती रोधी अभियान, निकासी अभियान या समुद्री सुरक्षा जैसी हर परिस्थिति में नौसेना ने अपनी तत्परता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है. उन्होंने कहा कि भारत को बड़ी समुद्री शक्ति बनाने की दिशा में आगे बढ़ना कोई नया अध्याय शुरू करना नहीं है. बल्कि यह उस गौरवशाली विरासत को फिर से मजबूत करने का प्रयास है, जिसे भारत ने सदियों पहले स्थापित किया था. इस समुद्री यात्रा में हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की महत्वपूर्ण भूमिका है। 

    राष्ट्रीय समुद्री क्षमता का संरक्षक
    डिफेंस मिनिस्‍टर राजनाथ सिंह ने आगे बताया कि हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड भारत की राष्ट्रीय समुद्री क्षमता का संरक्षक है. आठ दशकों से अधिक समय से यह संस्थान देश की समुद्री और रक्षा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है. उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय के अधीन आने के बाद मंत्रालय और हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड के प्रयासों से इसकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है. वर्ष 2025 में इसे मिनीरत्न श्रेणी-1 का दर्जा मिलना इसके बदलाव और पिछले वर्षों में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों का प्रमाण है. राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की समुद्री ताकत का निर्माण अकेले नौसेना या अकेले जहाज निर्माण कारखाने नहीं कर सकते. इसके लिए एक एकीकृत राष्ट्रीय समुद्री तंत्र जरूरी है। 

    समंदर में इंडियन नेवी की पहुंच होगी मजबूत
    उन्होंने विश्वास जताया कि नौसेना, हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, शिक्षण संस्थान, उद्योग, एमएसएमई तथा नव उद्यम एक एकीकृत टीम के रूप में काम करें. उन्होंने कहा कि फ्लीट सपोर्ट शिप का जलावतरण भारतीय नौसेना की पहुंच, लंबे समय तक समुद्र में सक्रिय रहने की क्षमता और अभियान प्रभावशीलता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. पिछले एक दशक में भारत के रक्षा विनिर्माण तंत्र में बड़ा बदलाव आया है. उन्होंने कहा कि देश आयातित प्लेटफार्म पर निर्भरता से आगे बढ़कर स्वयं उन्नत प्रणालियों और प्लेटफार्म को तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. आज भारतीय जहाज निर्माण कारखाने उन्नत युद्धपोतों और पनडुब्बियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल आत्मनिर्भर बनना नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनना है। 

    ‘आत्मनिर्भरता हमारी मंजिल’
    रक्षा मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भरता हमारी मंजिल का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जबकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा हमारी अगली बड़ी छलांग है. उन्होंने कहा कि भारत को ऐसी स्थिति हासिल करनी होगी, जहां उसके जहाज निर्माण कारखाने भारतीय नौसेना के साथ-साथ मित्र देशों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए भी जहाज और समुद्री सेवाएं उपलब्ध करा सकें. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लक्ष्य स्पष्ट है कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का निर्माण किया जाए. ऐसा भारत जो आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समृद्ध हो तथा विश्व पटल पर सम्मान के साथ खड़ा हो।