Author: NewseDay

  • बांग्लादेशियों के लिए बौद्ध मठों के पते का इस्तेमाल, MP में फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क का पर्दाफाश

    बांग्लादेशियों के लिए बौद्ध मठों के पते का इस्तेमाल, MP में फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क का पर्दाफाश

    ग्वालियर
     मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में जाली दस्तावेजों के जरिये बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनवाने के मामले में राजफाश हुआ है। बंगाल और असम के रास्ते भारत में प्रवेश करने के बाद ये बांग्लादेशी बिहार के बोधगया स्थित मुख्य बौद्ध मठ पर पहुंचे थे।

    यहां से ही देशभर के बौद्ध मठों के भंते के संपर्क में आए, फिर अलग-अलग जगह स्थित बौद्ध मठ में पहुंचे। जहां-जहां ये बांग्लादेशी रहे आधार कार्ड में पते अपडेट करवाए।

    पुलिस के अनुसार, इस पासपोर्ट बनवाने वाले नेटवर्क का सरगना रियाल चौधरी असम के रास्ते भारत आया। इसके बाद बोधगया गया, वहां बौद्ध मठ में रुका। यहां का कनेक्शन बांग्लादेश के ढाका स्थित बौद्ध मठ से जुड़वाया गया। यहां के बाद वह मध्य प्रदेश के बैतूल पहुंचा।

    बैतूल में उसने आमला स्थित बौद्ध मठ में संपर्क बनाया। यही से पूरा नेटवर्क आपरेट कराया। इसके बाद उसने अपने अन्य साथियों को भी बुलाया। अपने साथियों के पासपोर्ट जाली दस्तावेज से बनवा लिए।

    बता दें कि मध्य प्रदेश में अब 56 बांग्लादेशियों द्वारा बौद्ध मठों के पते से पासपोर्ट बनवाने के मामले जांच के दायरे में हैं। ग्वालियर के अलावा भोपाल और बालाघाट जिले के बौद्ध मठों के पते पर पासपोर्ट बनाए गए थे।

    मामले में इस नेटवर्क का सरगना रियाल चौधरी समेत चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, जितने लोगों के पासपोर्ट बनवाए गए, वे दूसरे देशों में चले गए। महाराष्ट्र से भी इस नेटवर्क का कनेक्शन सामने आ चुका है।

  • पांढुर्णा में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, प्रकाश चंद्र परिहार हटे; विदिता धनगढ़ नई SP

    पांढुर्णा में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, प्रकाश चंद्र परिहार हटे; विदिता धनगढ़ नई SP

     पांढुर्णा
     मध्य प्रदेश शासन ने पांढुर्णा जिले में प्रशासनिक महकमे में एक बड़ा और चौंकाने वाला फेरबदल किया है। भोपाल से जारी हुए आधिकारिक आदेश के अनुसार, पांढुर्णा के पुलिस अधीक्षक प्रकाश चंद्र परिहार का ट्रांसफर भोपाल कर दिया गया है। वहीं, उनकी जगह अब विदिता धनगढ को पांढुर्णा की नई पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है।

    क्या है इस फेरबदल के पीछे की वजह?
    यह तबादला ऐसे समय में हुआ है जब महज दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री का पांढुर्णा दौरा हुआ था। इस दौरान स्थानीय किसानों द्वारा मुख्यमंत्री का काफिला रोके जाने की बड़ी घटना सामने आई थी। सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक मोर्चे पर हुई इस चूक के ठीक दो दिन बाद सरकार ने यह सख्त कदम उठाते हुए एसपी का ट्रांसफर कर दिया है।

     

  • 6 अक्टूबर को BCCI के धड़ाधड़ 6 फैसले, कप्तान से लेकर सिलेक्शन कमिटी तक हुए बड़े बदलाव

    6 अक्टूबर को BCCI के धड़ाधड़ 6 फैसले, कप्तान से लेकर सिलेक्शन कमिटी तक हुए बड़े बदलाव

    मुंबई 

    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने  एक के बाद एक कई बड़े फैसले लिए। धड़ाधड़ लिए गए इन फैसलों में टीम का सिलेक्शन, नए चयनकर्ता के लिए आवेदन, हरमनप्रीत कौर का कप्तानी से इस्तीफा, महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान का ऐलान और सिलेक्शन कमिटी में मीटिंग में एक अहम सदस्य की एंट्री की पुष्टि शामिल है।

    हरमनप्रीत कौर का इस्तीफा
    मंगलवार की शाम को सबसे पहला ऐलान सिलेक्शन कमिटी की मीटिंग के बाद हरमनप्रीत कौर की और से आया, जिन्होंने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से हटने का फैसला किया। जाहिर है कि यह उनका कम और मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स का फैसला ज्यादा था। भारत के लिए सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच महिला क्रिकेट में जीतने वाली हरमनप्रीत देश की इकलौती कप्तान हैं, जिन्होंने महिला वर्ल्ड कप जीता है।

    नए सिलेक्टर के लिए आवेदन
    बीसीसीआई की ओर से दिन का दूसरा फैसला सिलेक्टर के सिलेक्शन को लेकर आया। बीसीसीआई ने करीब 7 बजे इस बात का ऐलान किया है कि सीनियर सिलेक्शन कमिटी में एक सिलेक्टर की जरूरत है। अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म हो चुका है। ऐसे में उनके रिप्लेसमेंट के तौर बीसीसीआई ने सिलेक्टर्स के लिए आवेदन मांगे हैं।

    न्यूजीलैंड टूर के लिए टीम का ऐलान
    बोर्ड ने इसके बाद न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारत की टी20 टीम का ऐलान किया, जबकि इंडिया ए स्क्वॉड भी घोषित की। इस दौरान भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी देखने को मिली, जबकि श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टी20 टीम में ज्यादातर वही नाम हैं, जो काफी समय से खेलते आ रहे हैं। इंडिया ए टीम में कई टेस्ट क्रिकेटरों को जगह दी गई है।

    भारत की T20I टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव

    इंडिया A टीम: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, रविचंद्रन स्मरण, ऋषभ पंत (विकेटकीपर)*, ध्रुव जुरेल (कप्तान और विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, औकिब नबी, आकाश दीप, अंशुल कंबोज, मानव सुथार, मुकेश चौधरी, साई सुदर्शन, यश राठौड़, मुकेश कुमार

    महिला टीम की नई कप्तान की घोषणा
    बीसीसीआई की ओर से चौथा ऐलान इस बात का किया गया कि सिलेक्टर्स ने हरमनप्रीत कौर के बाद भारत की महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी स्मृति मंधाना को सौंपी, जबकि टी20 टीम की वाइस कैप्टन शेफाली वर्मा को बनाया गया और दीप्ति शर्मा को वनडे टीम की उपकप्तानी दी गई।

    भारत की T20I टीम: स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा (उपकप्तान), निकी प्रसाद, हरमनप्रीत कौर, अनुष्का शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी कमलिनी (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, श्री चरणी, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, जिंतीमानी कलिता, मिन्नू मणि

    भारत की ODI टीम: स्मृति मंधाना (कप्तान), शैफाली वर्मा, प्रतीक रावल, हरमनप्रीत कौर, हरलीन देओल, तेजल हसबनीस, दीप्ति शर्मा (उपकप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), यस्तिका भाटिया (विकेटकीपर), वैष्णवी शर्मा, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, क्रांति गौड़, सायाली सतघरे, रेणुका ठाकुर

    महिला क्रिकेट टीम का ऐलान
    इतना ही नहीं, करीब सवा 9 बजे एक और ऐलान बीसीसीआई की ओर से किया गया, जो भारत की महिला क्रिकेट टीम से जुड़ा था। बीसीसीआई ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऐलान किया। हरमनप्रीत कौर भी टीम में शामिल हैं, लेकिन वे मंधाना की कप्तानी में खेलेंगी।

    सिलेक्शन कमिटी में सीओई की एंट्री
    इसके अलावा दिन का छठा और एक और अहम फैसला बीसीसीआई ने वीवीएस लक्ष्मण को लेकर किया। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने बताया है कि अब से सीनियर सिलेक्शन कमिटी की मीटिंग में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण भी बैठेंगे, ताकि संवाद की कमी नहीं हो।

  • चंडीगढ़ में वोटर बनने का सुनहरा अवसर, आज से पांच दिन विशेष शिविर में होगा पंजीकरण

    चंडीगढ़ में वोटर बनने का सुनहरा अवसर, आज से पांच दिन विशेष शिविर में होगा पंजीकरण

    चंडीगढ़
     विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद अब मतदाता सूची में छूटे पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन विशेष अभियान चलाएगा।

    इसके तहत 7 से 11 अक्टूबर तक शहर के मतदान केंद्रों पर विशेष नामांकन शिविर लगाए जाएंगे। बीएलओ सुबह 10 से दोपहर तीन बजे तक मतदान केंद्रों पर मौजूद रहकर पात्र नागरिकों को नामांकन में मदद करेंगे।

    अभियान में युवाओं और पहली बार मतदाता बनने वालों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बीएलओ एसआईआर से पहले की मतदाता सूची का मौजूदा सूची से मिलान भी करेंगे। इसके आधार पर ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाएगी, जिनका नाम पहले सूची में था, लेकिन अब शामिल नहीं है। बीएलओ ऐसे मतदाताओं की वर्तमान स्थिति जानने के लिए घर-घर भी जाएंगे।

    एसआईआर के दौरान तैयार अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टि (एएसडीडी) वाले मतदाताओं की सूचियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी। पात्र पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरने में सहायता दी जाएगी।

    मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ स्तर एजेंटों (बीएलए) को भी बूथवार सूचियां उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान में सहयोग मिल सके। शैक्षणिक संस्थानों में निर्वाचन साक्षरता क्लबों, स्वीप गतिविधियों और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से युवाओं को भी पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा।

    प्रशासन के अनुसार, फॉर्म-6 नए मतदाता के पंजीकरण के लिए, फॉर्म-7 नाम हटाने या आपत्ति के लिए और फॉर्म-8 पता बदलने, विवरण में सुधार अथवा ईपीआईसी संबंधी बदलाव के लिए भरा जा सकता है। मतदाता सेवाएं ईसीआईनेट ऐप और पोर्टल के माध्यम से भी उपलब्ध हैं। सहायता के लिए मतदाता हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क किया जा सकता है।

     

  • स्पाउस वीजा में फर्जीवाड़ा पड़ा भारी, कनाडा में ठग दूल्हा-दुल्हन पर 5 साल का बैन

    स्पाउस वीजा में फर्जीवाड़ा पड़ा भारी, कनाडा में ठग दूल्हा-दुल्हन पर 5 साल का बैन

    जालंधर
    कनाडा जाने के लिए पंजाब से फर्जी शादियां करके आना अब आसान नहीं होगा। इसके बढ़ने चलन को रोकने के लिए कनाडा के इमिग्रेशन विभाग (IRCC) ने कहा कि झूठ पकड़े जाने पर आरोपी की 5 साल के लिए कनाडा एंट्री बैन कर दी जाएगी।

    विभाग का कहना है कि शादी के जरिए कनाडा बुलाने वाले फर्जीवाड़े लगातार बढ़ रहे हैं और पंजाब से ठग दुल्हन-दूल्हों की दर्जनों शिकायतें सामने आई हैं।

    IRCC ने सलाह दी है कि किसी से भी शादी करके उसे कनाडा लाने से पहले पूरी तरह सोच-विचार कर लें।अधिकारियों ने कुछ मुख्य रेड फ्लैग्स पर ध्यान देने को कहा है।

    कनाडा सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई कनाडाई नागरिक या परमानेंट रेजिडेंट (PR) इस तरह के फर्जी रिश्ते में शामिल पाया जाता है, तो उस पर क्रिमिनल चार्ज लगेंगे। झूठ पकड़े जाने पर 3 साल तक अपने साथी का पूरा आर्थिक खर्च उठाना पड़ेगा, चाहे शादी अगले ही दिन क्यों न टूट जाए। अगर इस दौरान स्पॉन्सर्ड व्यक्ति सरकारी सोशल असिस्टेंस का लाभ लेता है, तो सरकार वह पूरा पैसा स्पॉन्सर से ही वसूल करेगी, इसलिए पैसों के लालच में आकर ऐसी कांट्रैक्ट मैरिज में न पड़ें। पकड़े जाने पर वीजा तुरंत रिजेक्ट किया जाएगा अप्लाई करने वाले आवेदकों के लिए भी IRCC ने कड़ा रुख अपनाया है। झूठी शादी करके वीजा हासिल करना कानूनन गंभीर अपराध है, और ऐसा करने पर वीजा तुरंत रिजेक्ट करने के साथ-साथ कनाडा में एंट्री पर 5 साल का बैन लगा दिया जाएगा। यह चेतावनी पंजाब में बढ़ रहे कंट्रैक्ट मैरिज और चीटिंग ब्राइड के मामलों के बाद जारी की गई है ताकि लोग धोखेबाजों और ठगों से सतर्क रहें। सरकार ने अपील की है कि केवल सच्चे और असली रिश्ते ही बनाएं और फर्जीवाड़े में अपनी मेहनत की कमाई बर्बाद न करें।

    कनाडा सरकार को मिल रही पति-पत्नी को छोड़ने की शिकायतें कनाडा के इमिग्रेशन अधिकारियों (IRCC) और बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) को बीते कुछ सालों में स्पॉन्सरशिप फ्रॉड की हजारों शिकायतें मिली हैं। सबसे आम समस्या यह आ रही है कि विदेशी नागरिक फर्जी विवाह करके कनाडा पहुंचते ही अपने कनाडाई स्पॉन्सर (पति/पत्नी) को छोड़कर गायब हो जाते हैं। इसके अलावा कई मामलों में मोटी रकम लेकर केवल कागजों पर शादी दिखाने वाले रैकेट और बिचौलियों की सक्रियता सामने आई है। इमिग्रेशन विभाग के अनुसार, इस प्रकार के फर्जीवाड़े से जहां वास्तविक और जरूरतमंद परिवारों के केस अटक जाते हैं, वहीं कनाडाई वेलफेयर सिस्टम पर भी आर्थिक बोझ पड़ता है क्योंकि धोखा खाए स्पॉन्सर बाद में भारी कर्ज और सामाजिक सहायता के फेर में फंस जाते हैं।

    पंजाब से हर साल 35 हजार लोग शादी करवाकर जा रहे पंजाब में कंट्रैक्ट मैरिज या IELTS पास लड़की के खर्च पर लड़के के कनाडा जाने का चलन तेजी से बढ़ा है। आंकड़े बताते हैं कि हर साल पंजाब से औसतन 35 हजार युवा स्पॉन्सरशिप, स्टूडेंट स्पाउस वीजा और कंट्रैक्ट मैरिज के जरिए कनाडा जा रहे हैं। केवल डोंकी-कांट्रैक्ट में ही हर साल करोड़ों रुपए का लेन-देन होता है, जहां लड़की की पढ़ाई या फाइल का 20 से 30 लाख रुपए का खर्च लड़के का परिवार उठाता है। हालांकि, कनाडाई पीआर मिलते ही लड़की द्वारा रिश्ता तोड़ने के मामलों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी गई है, जिसके चलते केवल पंजाब में हर साल सैकड़ों पीड़ित परिवार पुलिस थानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

    पंजाबी मूल का कनाडाई PR फर्जी शादी करता है तो 3 साल खर्चा देना होगा कनाडा सरकार की इस सख्ती और नए नियमों का पंजाब के इमिग्रेशन ट्रेंड्स पर सीधा और बड़ा असर देखने को मिलेगा। अब शादी के तुरंत बाद स्पॉन्सरशिप फाइल लगाने वाले आवेदनों की बेहद बारीकी से गहन जांच की जा रही है। जांच में थोड़ा भी संदेह होने पर फाइल रिजेक्ट कर 5 साल का बैन लगाया जा रहा है। इससे पंजाब के उन परिवारों को सतर्क होना पड़ेगा जो बिना सोचे-समझे केवल विदेश भेजने के लिए लाखों रुपये खर्च कर जल्दबाजी में कांट्रैक्ट मैरिज कर लेते हैं। वहीं, जो कनाडाई पीआर/नागरिक भारतीय युवक या युवतियां पंजाब आकर शादी करते हैं, उन्हें भी 3 साल की वित्तीय जिम्मेदारी का कड़ा अहसास रहेगा, जिससे फर्जी शादियों के कारोबार में शामिल एजेंटों और धोखेबाजों पर लगाम कसेगी।

  • Repo Rate Hike: RBI ने बढ़ाई ब्याज दर, होम-कार लोन समेत सभी कर्ज होंगे महंगे

    Repo Rate Hike: RBI ने बढ़ाई ब्याज दर, होम-कार लोन समेत सभी कर्ज होंगे महंगे

    नई दिल्ली
    भारतीय रिजर्व बैंक
    (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) का ब्याज दरों पर फैसला आ गया है। आरबीआई ने इस बार 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही रेपो रेट 5.25 प्रतिशत से बढ़कर 5.50 प्रतिशत हो गया है। बता दें कई अनुमानों में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की संभावना जताई गई थी। इसका मतलब ये है कि आपकी ईएमआई अब बढ़ जाएगी और आने वाले दिनों में लोन महंगे हो सकते हैं। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मौजूदा व्यापक आर्थिक और वित्तीय परिस्थितियों के विस्तृत आकलन के बाद MPC ने सर्वसम्मति से रेपो रेट बढ़ाने का फैसला किया।

    इस बढ़ोतरी के साथ RBI ने महंगाई को लेकर बढ़ते जोखिमों के बीच नीतिगत रुख को और सख्त किया है। खासकर युद्ध के कारण ग्लोबल कमोडिटी और फूड प्राइसेज पर दबाव बढ़ने से भारतीय खुदरा महंगाई के लिए जोखिम पैदा हुआ है। रेपो रेट बढ़ने से बैंकों की फंडिंग लागत बढ़ सकती है, जिसका असर आगे चलकर होम लोन, ऑटो लोन और अन्य कर्ज की EMI पर पड़ सकता है।

    RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि को मजबूत निजी खपत और मजबूत निवेश गतिविधियों से सहारा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स से संकेत मिलता है कि दूसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार बनी हुई है, हालांकि पहली तिमाही के मुकाबले इसमें कुछ नरमी आई है।

    आगे रेपो रेट में कटौती की कोई उम्मीद नहीं
    मल्होत्रा के मुताबिक, लागत दबाव के बावजूद मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां टिकाऊ बनी हुई हैं, जबकि सर्विस सेक्टर की गतिविधियां मजबूत और व्यापक आधार वाली हैं। उन्होंने मौद्रिक नीति के अगले कदम को लेकर भी स्पष्ट संकेत दिया। RBI गवर्नर ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में निकट अवधि में ब्याज दरों में कटौती का विकल्प नहीं है। आगे की नीति कार्रवाई आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर या तो दर बढ़ाने या दरों को यथावत रखने तक सीमित रह सकती है।

    रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट क्या है?
    रेपो रेट वह दर है, जिस पर क‍िसी भी बैंक को आरबीआई की तरफ से कर्ज दिया जाता है। बैंक इसी के आधार पर ग्राहकों को कर्ज देते हैं। इसके अलावा रिवर्स रेपो रेट वह दर है, जिस पर बैंकों की ओर से जमा राशि पर आरबीआई उन्हें ब्याज देता है। आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने पर बैंकों के ऊपर बोझ बढ़ता है और इसकी भरपाई ब्‍याज दर बढ़ाकर यानी लोन महंगा कर और EMI बढ़ाकर, बैंक अपने कस्टमर से करते हैं।

    RBI क्यों बढ़ाता है रेपो रेट
    रिजर्व बैंक रेपो रेट को महंगाई को बढ़ने से रोकने के लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल करता है। जब खुदरा महंगाई तेजी से बढ़ती है तो रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाकर लोन को महंगा बनाने की कोशिश करता है। इससे अर्थव्यवस्था में मांग घटाने में मदद मिलती है।

    2026-2027 के लिए महंगाई 5.2% रहने का अनुमान

    अवधि अब पहले
    Q2 FY27 4.9% 4.7%
    Q3 FY27 6,0% 5.9%
    Q4 FY27 5.7% 5.5%
    Q1 FY28 5.6% 5.3%

    2026-2027 में GDP ग्रोथ 7.1% रहने का अनुमान

    रिजर्व बैंक ने देश की आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया है। इसमें दूसरी तिमाही (Q2) की ग्रोथ 7.2% और तीसरी तिमाही (Q3) की ग्रोथ 6.9% रहने की उम्मीद है। चौथी तिमाही का अनुमान 6.8% पर बरकरार रखा गया है

    अवधि अब पहले
    Q2 FY27 7.2% 6.4%
    Q3 FY27 6.9% 6.5%
    Q4 FY27 6.8% 6.8%
    Q1 FY28 7.1% 7.3%

     

    पहले से थी Repo Rate Hike की आशंका? 
    इस साल 2026 में यह रिजर्व बैंक की चौथी एमपीसी बैठक थी, जबकि इससे पहले अप्रैल, जून और अगस्त में हुई बैठकों में रेपो रेट 5.25% पर यथावत रखा गया था. एक्सपर्ट पहले से ही कच्चे तेल की कीमतों में उबाल और महंगाई का हवाला देते हुए रेपो रेट में 25 बीपीएस की बढ़ोतरी की आशंका जाहिर कर रहे थे. अब इसपर केंद्रीय बैंक ने भी मुहर लगा दी है। 

    RBI ने रेपो रेट में 25 बीपीएस की बढ़ोतरी के साथ ही मॉनेटरी पॉलिसी के रुख में भी बदलाव किया है और इसे पहले के न्यू्ट्रल से बदलकर कैलिब्रेटेड टाइटनिंग में तब्दील कर दिया है. मतलब केंद्रीय बैंक का पूरा फोकस महंगाई को कंट्रोल करने का है. यानी रेपो रेट में शॉर्ट टर्म में कटौती की उम्मीद कम है। 

    Repo Rate होता क्या है? 
    रेपो दर (Repo Rate) वह ब्याज दर है, जिस पर आरबीआई शॉर्ट टर्म के लिए बैंकों को कर्ज देता है. इसी दर के आधार पर बैंक अपने ग्राहकों को दिए जाने वाले लोन की ब्याज दरें तय करते हैं. RBI MPC की तीन दिवसीय बैठक हर दो महीने में की जाती है. रेपो रेट में घट-बढ़ का सीधा असर लोन लेने वालों पर पड़ता है। 

    इसके पीछे की वजह ये है कि अगर रेपो रेट बढ़ता है, तो बैंकों के लिए आरबीआई से कर्ज लेना महंगा हो जाता है. ऐसे में बैंकों की ओर से इसका बोझ ग्राहकों पर डालने की उम्मीद बढ़ जाती है या लोन महंगा कर देते हैं. वहीं, रेपो रेट घटने पर लोन सस्ते होते हैं और EMI का बोझ कम हो जाता है।  

    महंगाई का अनुमान बढ़ाया
    रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में बढ़ोतरी करने के साथ ही FY27 के लिए कोर महंगाई दर के अनुमान में भी बढ़ोतरी की है और इसे पहले के 4.3 फीसदी से बढ़ाकर 4.4 फीसदी कर दिया गया है. इसके साथ ही कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स आधारित महंगाई यानी CPI का अनुमान 5 फीसदी से बढ़ाकर 5.2 फीसदी कर दिया है. इसके पीछे आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रबी सीजन पर कमजोर मानसून और अल नीनो के असर को जिम्मेदार ठहराया।  

    तेज रहेगी इकोनॉमी की रफ्तार, GDP पर बोले गवर्नर 
    रेपो रेट और महंगाई दर के साथ ही आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देश की जीडीपी ग्रोथ (India's GDP Growth) को लेकर अनुमान जाहिर किया.  केंद्रीय बैंक ने FY27 के लिए रियल जीडीपी ग्रोख का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया है. दूसरी तिमाही के लिए 6.4% से बढ़ाकर 7.2% और तीसरी तिमाही के लिए 6.5% से 6.9% किया है, जबकि चौथी तिमाही के लिए इसे 6.8% पर यथावत रखा है। 

    अब 4 सवालों के जवाब से जानिए रेपो रेट से जुड़ी जरूरी बातें

    सवाल 1: रेपो रेट क्या होता है?

    जवाब: रेपो रेट वह ब्याज दर है, जिस पर RBI बैंकों को कम समय के लिए कर्ज देता है। इसी दर के आधार पर बैंक अपने लोन की ब्याज दर तय करते हैं। RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी, यानी MPC हर दो महीने में इसकी समीक्षा करती है।

    सवाल 2: RBI ने रेपो रेट 0.25% क्यों बढ़ाया?

    जवाब: महंगाई पर काबू पाने के लिए RBI ने रेपो रेट बढ़ाया है। रेपो रेट बढ़ने से बैंकों के लिए कर्ज महंगा हो जाता है। फिर बैंक भी ग्राहकों के लोन की दर बढ़ा दते हैं।

    महंगे लोन के कारण लोग घर, कार या कारोबार के लिए कम कर्ज लेते हैं। इससे बाजार में मांग कम होती है, जिससे महंगाई पर काबू पाने में मदद मिलती है।

    गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, वैश्विक दबाव और खराब मौसम से खाद्य महंगाई का खतरा बढ़ गया है।

    महंगाई को बेकाबू होने से रोकने के लिए RBI ने अब अपना रुख सख्त कर लिया है। इसका उद्देश्य ब्याज दरें बढ़ाकर महंगाई पर समय रहते लगाम लगाना और अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनाए रखना है।

    सवाल 3: रेपो रेट बढ़ने से आम लोगों पर क्या असर होगा?

    जवाब: होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन महंगे हो जाएंगे। EMI बढ़ जाएगी और पहले से चल रहे कुछ लोन पर भी ब्याज बढ़ने का असर पड़ेगा। दूसरी तरफ, बैंक FD और दूसरी जमा योजनाओं पर ब्याज बढ़ा सकते हैं।

    सवाल 4: आगे रेपो रेट कब घट सकता है?

    जवाब: अगर महंगाई लगातार काबू में रहती है और आर्थिक हालात इसकी इजाजत देते हैं, तो RBI आगे रेपो रेट में कटौती कर सकता है। RBI हर बैठक में महंगाई, आर्थिक विकास और घरेलू-वैश्विक हालात को देखते हुए ब्याज दर पर फैसला करता है।

     

     

     

  • IND vs WI T20 पर बारिश का साया, झारखंड में अगले 3 दिन कैसा रहेगा मौसम?

    IND vs WI T20 पर बारिश का साया, झारखंड में अगले 3 दिन कैसा रहेगा मौसम?

    रांची 
    झारखंड की राजधानी रांची के जेएससीए स्टेडियम में 9 अक्टूबर को होने वाले भारत-वेस्टइंडीज टी 20 मैच में बारिश और आंधी-तूफान से बाधा आ सकती है। मौसम विभाग ने झारखंड के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश का अनुमान लगाया है। रांची समेत आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार की शाम ओलावृष्टि के साथ कई जगहों पर झमाझम बारिश हुई। कांके में भारी बारिश हुई। यहां 40.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। राजधानी समेत राज्य में बुधवार और गुरुवार को भी बारिश होने का अनुमान है। राज्य में कहीं-कहीं तेज हवा के साथ वज्रपात होने की भी आशंका है। 9 अक्टूबर को हल्के बादल छाए रह सकते हैं। इस दिन कहीं-कहीं छिटपुट बारिश हो सकती है। इसके बाद राज्य के ऊपर से बादल हटेंगे और मौसम साफ होगा।

    राज्य के आधे हिस्से से लौट चुका है मॉनसून
    रांची में कोकर क्षेत्र और आसपास में ओलावृष्टि भी हुई। इससे राजधानी आसपास के क्षेत्रों में सब्जियों और धान की फसलों को नुकसान पहुंचा। राजधानी धुर्वा क्षेत्र में लगातार मुसलाधार बारिश हुई। राज्य के अंदर भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। राज्य में सोमवार से लेकर मंगलवार की सुबह तक सिमडेगा में 55.0 मिमी बारिश हुई। बोकारो, गुमला, देवघर आदि जिलों में हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के करीबन आधे हिस्से से मॉनसून लौट चुका है। वहीं, राज्य के आधे हिस्सों पर यह कायम है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले 24 घंटों के बाद अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की कमी आएगी। लेकिन, न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा।

    रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को रांची में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और आंधी-तूफान की संभावना के साथ-साथ राज्य के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। यह अनुमान ऐसे समय में आया है जब 6 से 9 अक्टूबर तक पूरे झारखंड में मौसम के हालात अस्थिर रहने की उम्मीद है और कुछ जगहों पर आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

    तापमान में आएगी कमी
    मौसम विभाग के मुताबिक, 7 और 8 अक्टूबर को भी झारखंड के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि ये हालात सक्रिय मौसम प्रणालियों से जुड़े हैं, जिनमें दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से बंगाल की खाड़ी तक फैले ट्रफ (कम दबाव का क्षेत्र) और रांची से होकर गुजरने वाली दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी रेखा शामिल है। अनुमान के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टी 20 मैच 9 अक्टूबर को जेएससीए स्टेडियम में खेला जाना है।

  • एयरपोर्ट जैसे इंतजाम, फिर भी प्लेटफॉर्म पर भैंसें! रानी कमलापति स्टेशन की सुरक्षा पर सवाल

    एयरपोर्ट जैसे इंतजाम, फिर भी प्लेटफॉर्म पर भैंसें! रानी कमलापति स्टेशन की सुरक्षा पर सवाल

    भोपाल
    वर्ल्ड क्लास रानी कमलापति रेलवे स्टेशन लगातार बदहाली को लेकर सुर्खियों में है। अब जो तस्वीरें सामने आएंगी, उसे देखकर आपको घिन आएगी। एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के लिए पहचान रखने वाले स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर भैंसें टहल रही हैं। यही नहीं प्लेटफॉर्म पर गोबर भी फैला हुआ है।

    प्लेटफॉर्म पर है भैंसें घूम रहीं
    दरअसल, रानी कमलापति स्टेशन मध्य प्रदेश की सबसे आधुनिक रेलवे स्टेशन है। मगर अपनी सुविधाओं से ज्यादा इस स्टेशन की चर्चा अब बदहाली को लेकर हो रही है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में स्टेशन के फ्लेटफॉर्म नंबर एक और दो पर भैंसें की दिख रही हैं। इस दौरान वहां से ट्रेनें भी गुजरती दिख रही हैं।

    गोबर भी फैला हुआ
    स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर गोबर भी फैला हुआ दिख रहा है। इसके बाद साफ-सफाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस स्टेशन के मेंटेंनेंस की जिम्मेदारी निजी हाथों में है। हर सुविधा के नाम पर यात्रियों से पैसे वसूलती है लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है।

    टॉयलेट के लिए लगता है चार्ज
    कथित आधुनिक सुविधाओं के नाम पर स्टेशन पर यात्रियों से टॉयलेट के लिए भी शुल्क वसूला जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि यात्री जब स्टेशन पर आएंगे तो टॉयलेट के लिए कहां जाएंगे। इससे पहले स्टेशन पर पेयजल की सुविधा को लेकर भी सवाल उठे थे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था उद्घाटन
    गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्टेशन का उद्घाटन किया था। पहले यह हबीबगंज के नाम से जाना जाता था। इसे निजी हाथों में देकर विकसित किया गया। इसके बाद नाम बदलकर रानी कमलापति स्टेशन कर दिया गया है।

    रेलवे बोला- मामले को दिखवा रहे हैं 
    मामले को लेकर जनसंपर्क अधिकारी शिव शंकर शाह ने कहा कि वह पूरे मामले को दिखवाएंगे. उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे और बंसल के पास है. सुरक्षा में कहीं कोई चूक सामने आती है तो रेलवे, बंसल के साथ मिलकर उसे सुधारने का काम करता है। 

    उन्होंने यह भी बताया कि कई बार आउटर की तरफ का हिस्सा खुला रह जाता है, जिसकी वजह से जानवर स्टेशन परिसर में प्रवेश कर सकते हैं. इसके अलावा रेलवे पटरी के आसपास लोग खाने-पीने का सामान भी फेंक देते हैं. खाने की तलाश में जानवर रेलवे ट्रैक और स्टेशन की तरफ आ जाते हैं। 

    यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
    हालांकि रेलवे का तर्क अपनी जगह है, लेकिन सवाल यह है कि अगर एक भैंस प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकती है तो सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है? प्लेटफॉर्म पर ट्रेनें लगातार आती-जाती हैं और बड़ी संख्या में यात्री मौजूद रहते हैं. ऐसे में किसी आवारा पशु के अचानक ट्रेन की चपेट में आने या यात्रियों से टकराने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। 

    फिलहाल रेलवे ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराने की बात कही है. अब देखना होगा कि भैंसें स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंचीं और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए रेलवे और स्टेशन प्रबंधन क्या कदम उठाता है। 

     

  • अमृतसर में BSF का एक्शन, अफीम-हेरोइन की बड़ी खेप बरामद; घरिंडा में ड्रोन मिला

    अमृतसर में BSF का एक्शन, अफीम-हेरोइन की बड़ी खेप बरामद; घरिंडा में ड्रोन मिला

    अमृतसर

    भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे अमृतसर क्षेत्र में बीएसएफ ने अलग-अलग कार्रवाई के दौरान 5.050 किलो अफीम और 5.012 किलो हेरोइन बरामद की है। दोनों मामलों में अज्ञात लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किए गए हैं। एक कार्रवाई में पैकेट के साथ पैकिंग सामग्री भी मिली, जबकि दूसरे मामले में हेरोइन के साथ ड्रोन बरामद होने की बात सामने आई है।

    पहली कार्रवाई में 100 बटालियन बीएसएफ की 'ए' कंपनी के कमांडर मॉड सिंह राठौर की ओर से थाना लोपोके में शिकायत दी गई। शिकायत के अनुसार पुलमोरां बीओपी क्षेत्र में बीएसएफ को एक संदिग्ध पैकेट मिला। पैकेट को कब्जे में लेकर सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में खोला गया तो उसमें 5.050 किलो अफीम बरामद हुई। पैकेट के साथ करीब 490 ग्राम पैकिंग सामग्री भी मिली। कुल संदिग्ध पैकेट का वजन 5.540 किलो बताया गया है।

    इस संबंध में थाना लोपोके में एनडीपीएस एक्ट की धारा 18, 61 और 85 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। 

    घरिंडा में हेरोइन के साथ ड्रोन बरामद
    दूसरी कार्रवाई घरिंडा थाना क्षेत्र में हुई। 181 बटालियन बीएसएफ के अधिकारी राकेश नेगी की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार बीएसएफ की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान एक संदिग्ध पैकेट बरामद हुआ, जिसे चौकी इंचार्ज एएसआई राजबीर सिंह के हवाले किया गया। पैकेट खोलकर जांच करने पर उसमें 5 किलो 12 ग्राम हेरोइन मिली। बरामद हेरोइन के साथ डीजे आई मैट्रिस 400 ड्रोन भी बरामद किया गया है। पुलिस ने इस संबंध में थाना घरिंडा में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं  के तहत केस दर्ज किया है।  

  • अमृतपाल को मिली राहत, दादी का हाल जानने के लिए 10 मिनट वीडियो कॉल की अनुमति

    अमृतपाल को मिली राहत, दादी का हाल जानने के लिए 10 मिनट वीडियो कॉल की अनुमति

    चंडीगढ़ 
    असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को अमृतसर की अदालत से राहत मिली है। अदालत ने उन्हें अपनी बीमार दादी से वीडियो कॉल के जरिये बातचीत करने की अनुमति दी है। 
    अमृतपाल सिंह की ओर से उनके वकीलों ने अदालत में इस संबंध में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बरिंदर सिंह ने  फैसला सुनाया।

    अदालत के आदेश के मुताबिक, अमृतपाल सिंह आज से अगले पांच दिनों के भीतर एक बार अपनी बीमार दादी से वीडियो कॉल पर बातचीत कर सकेंगे। इस दौरान उन्हें अधिकतम 10 मिनट तक दादी का हालचाल पूछने की अनुमति होगी। अमृतपाल सिंह फिलहाल असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। 

    अमृतपाल सिंह के वकीलों ने इस संबंध में कोर्ट में याचिका दायर की थी। मंगलवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बरिंदर सिंह ने यह आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, अमृतपाल सिंह 7 अक्टूबर से अगले 5 दिनों के भीतर एक बार अपनी दादी से वीडियो कॉल पर बात कर सकेंगे।

    अमृतपाल सिंह अप्रैल 2023 से असम के डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। अप्रैल 2026 में NSA की अवधि खत्म होने के बाद पंजाब पुलिस ने उन्हें अजनाला थाना हिंसा के आपराधिक मामले में जेल में ही औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से उन्हें डिब्रूगढ़ जेल में ही न्यायिक हिरासत में रखा गया है।

    क्यों जेल में बंद हैं अमृतपाल सिंह पढ़िए…

        अजनाला थाने पर हमला: अमृतपाल सिंह के जेल जाने का मुख्य कारण 23 फरवरी 2023 को अमृतसर के अजनाला पुलिस स्टेशन पर हुआ हिंसक हमला है। अमृतपाल ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर पुलिस बैरिकेड्स तोड़े और हिरासत में बंद अपने एक साथी को जबरन छुड़ा लिया, जिसमें छह पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस घटना के बाद उनके खिलाफ हत्या के प्रयास , दंगा भड़काने और आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई थी।
        गिरफ्तारी और शुरुआती NSA: पंजाब पुलिस के बड़े सर्च ऑपरेशन के बाद 23 अप्रैल 2023 को उन्हें मोगा से गिरफ्तार किया गया। देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए खतरा मानते हुए सरकार ने उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया और कानून-व्यवस्था बिगड़ने के डर से उन्हें असम की हाई-सिक्योरिटी डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
        जेल मे रहते लोकसभा चुनाव जीता: जेल में बंद रहते हुए ही जून 2024 में अमृतपाल सिंह ने पंजाब की खडूर साहिब सीट से निर्दलीय चुनाव जीता। जुलाई 2024 में उन्हें सांसद पद की शपथ लेने के लिए कोर्ट से 4 दिनों की विशेष पैरोल मिली थी, जिसके बाद वे वापस डिब्रूगढ़ जेल भेज दिए गए।
        अप्रैल 2026 में NSA की अवधि समाप्त: अमृतपाल सिंह पर लगा NSA (रासुका) अप्रैल 2026 में पूरी तरह समाप्त हो गया। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में स्पष्ट किया कि वे उनके डिटेंशन को चौथी बार आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। कानूनन किसी भी व्यक्ति को प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत बिना ट्रायल के एक निश्चित अवधि से ज्यादा नहीं रखा जा सकता, इसलिए उनका NSA हटा दिया गया।
        री-अरेस्ट और न्यायिक हिरासत: जैसे ही अप्रैल 2026 में अमृतपाल का NSA हटा, पंजाब पुलिस ने उन्हें अजनाला थाना हिंसा के मुख्य आपराधिक मामले में जेल के भीतर ही फिर से औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेशानुसार, सुरक्षा कारणों से उन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल में ही न्यायिक हिरासत में रखा गया है और मामले की आगे की कानूनी सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चल रही है।