Author: NewseDay

  • रेल यात्रियों को राहत, 12 अक्टूबर से हटिया-LTT स्पेशल ट्रेन; इन 5 स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन

    रेल यात्रियों को राहत, 12 अक्टूबर से हटिया-LTT स्पेशल ट्रेन; इन 5 स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन

    बिलासपुर.

    आगामी त्योहारों के दौरान यात्रियों को कंफर्म बर्थ के साथ सुगम, सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से रेलवे द्वारा हटिया-एलटीटी-हटिया के मध्य 12, 19 और 26 अक्टूबर तक तीन फेरों के लिए पूजा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है.

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और गोंदिया स्टेशनों में इस गाड़ी का वाणिज्यिक ठहराव दिया गया है. 08609 हटिया से प्रत्येक सोमवार 12, 19 एवं 26 अक्टूबर को 16:20 बजे रवाना होगी. इसके बाद यह ट्रेन रायगढ़ रात 23:03 बजे, बिलासपुर रात 1:15 बजे, रायपुर तड़के 2:55 बजे, दुर्ग सुबह 3:55 बजे और गोंदिया सुबह 5:48 बजे पहुंचेगी. इसके बाद मध्यवर्ती स्टेशनों से गुजरते हुए यह ट्रेन मंगलवार रात 22:10 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी.

    इसी तरह 08610 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से प्रत्येक मंगलवार 13, 20 और 27 अक्टूबर को रात 23:50 बजे रवाना होगी. दूसरे दिन यह ट्रेन गोंदिया दोपहर 13:50 बजे, दुर्ग दोपहर 15:55 बजे, रायपुर शाम 16:35 बजे, बिलासपुर शाम 19:05 बजे और रायगढ़ रात 21:35 बजे पहुंचेगी. अंत में यह ट्रेन तीसरे दिन सुबह 4:30 बजे हटिया पहुंचेगी. यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बालसिरिंग, गोविंदपुर रोड, बानो, राउरकेला, झारसुगुड़ा, रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, गोंदिया, नागपुर, वर्धा, बडनेरा, अकोला, मलकापुर, भुसावल, पचोरा, चालीसगांव, मनमाड, नासिक रोड, इगतपुरी, कल्याण और ठाणे स्टेशनों पर रुकेगी.

  • मुख्यमंत्री ने कहा- यह गलियारा बताएगा कि दूरदृष्टि रखने वाले एक नेता की मित्रता कैसे दो देशों के विश्वास में बदलती है

    मुख्यमंत्री ने कहा- यह गलियारा बताएगा कि दूरदृष्टि रखने वाले एक नेता की मित्रता कैसे दो देशों के विश्वास में बदलती है

    आबे मेमोरियल कॉरिडोर नई पीढ़ी के लिए एक जीवंत क्लासरूम : सीएम योगी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में किया आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन

    मुख्यमंत्री ने कहा- यह गलियारा बताएगा कि दूरदृष्टि रखने वाले एक नेता की मित्रता कैसे दो देशों के विश्वास में बदलती है

    मोदी-आबे की मित्रता पद से नहीं, विश्वास से बनी, पद बदलते रहे, मित्रता नहीं बदली

    "रुद्राक्ष" में शिंजो आबे सान की स्मृतियां संजोकर काशी ने दी सच्चे मित्र को श्रद्धांजलि

    भारत-जापान की साझेदारी अब सेमीकंडक्टर, एआई और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे भविष्य के क्षेत्रों तक

    2027 में राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष, स्मृति गलियारा अमृत पर्व की पहली भेंट

    जापान के पास टेक्नोलॉजी है और भारत के पास टैलेंट, जापान के पास अनुभव है और भारत के पास युवा ऊर्जा

    आज जब रिश्ते डील से तय होते हैं, ऐसे समय में बिना लाभ हानि का हिसाब लगाए साथ खड़ा रहने वाला मित्र मिलना बहुत कठिन

    भारत सौभाग्यशाली है, हमें जापान के रूप में ऐसा ही सच्चा मित्र मिला है

    काशी और क्योटो दोनों अपनी-अपनी सभ्यता की आत्मा हैं, दोनों ने सिखाया है कि विरासत को संभालकर भी विकास किया जा सकता है

    वाराणसी,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आबे मेमोरियल कॉरिडोर नई पीढ़ी के लिए एक जीवंत क्लासरूम है। यहां आने वाला हर युवा यह सीख सकेगा कि दूर की सोच रखने वाला एक नेता दो देशों के भविष्य को किस तरह नई दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शिंजो आबे सान को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि भारत-जापान की मित्रता हर वर्ष पहले से और अधिक मजबूत होती जाए। वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आबे मेमोरियल कॉरिडोर के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गलियारा केवल जापान के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय शिंजो आबे सान की स्मृतियों को संजोने वाला स्थान नहीं, बल्कि भारत और जापान की अटूट मित्रता, विश्वास और साझा विरासत का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से आबे सान को विनम्र श्रद्धांजलि बताया।

    रुद्राक्ष भारत और जापान की दोस्ती का प्रतीक
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रुद्राक्ष भारत और जापान की दोस्ती का प्रतीक है। जापान ने काशी को रुद्राक्ष दिया और आज काशी उसी रुद्राक्ष में वहां के दोस्ती के प्रतीक जापान के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय शिंजो आबे सान की स्मृति को हमेशा के लिए बसा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन हम सबके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। दोस्ती के एक नए आयाम को आगे बढ़ाने के साथ ही, 7 अक्टूबर को, ठीक 25 वर्ष पहले, आज ही के दिन 2001 में प्रधानमंत्री मोदी जी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी। हमारे प्रधानमंत्री और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच मित्रता की नींव भी उसी दौर में पड़ी थी। वर्ष 2007 में मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जापान गए। वहीं उनकी शिंजो आबे सान से पहली भेंट भी हुई थी। यह मित्रता पद से नहीं बनी थी, यह विश्वास से बनी थी। पद बदलते रहे, मित्रता नहीं बदली। जनसेवा की इस यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के दिन उसी मित्रता की स्मृति को समर्पित स्मृति गलियारे का उद्घाटन- इससे सुंदर संयोग नहीं हो सकता।

    जब दो नेताओं की मित्रता दो राष्ट्रों का विश्वास बन जाती है, तब इतिहास बदलता है
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अगस्त 2007 में प्रधानमंत्री के रूप में भारत की पहली यात्रा पर आए शिंजो आबे सान ने भारत की संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि मजबूत भारत जापान के सर्वोत्तम हित में है और मजबूत जापान भारत के सर्वोत्तम हित में है। 2014 में, क्योटो में काशी-क्योटो पार्टनर सिटी समझौता हुआ। 2015 में, काशी की गंगा आरती में भारतीय आस्था का दर्शन किया। 2017 में, अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन का शिलान्यास कर भारत को मोबिलिटी क्रांति के नए युग में ले गए। 2018 में, शिंजो आबे सान ने प्रधानमंत्री मोदी जी को यामानाशी स्थित अपने निजी आवास पर आमंत्रित कर दोनों देशों के संबंधों को एक पर्सनल टच दिया। दिल्ली मेट्रो, वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर की हर बड़ी छलांग में जापान हमेशा साथ खड़ा मिला है। आज लगभग 1400 जापानी कंपनियां भारत में कार्य कर रहीं हैं। अब भारत जापान की साझेदारी भविष्य के क्षेत्रों सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन और क्रिटिकल मिनरल्स तक पहुंच चुकी है। जापान के पास टेक्नोलॉजी है और भारत के पास टैलेंट। जापान के पास अनुभव है और भारत के पास युवा ऊर्जा। जब दो नेताओं की मित्रता दो राष्ट्रों का विश्वास बन जाती है, तब इतिहास बदलता है। पीएम मोदी और स्वर्गीय आबे शान की मित्रता ऐसी ही थी। 2021 में उन्हें भारत के प्रमुख नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। यह एक सच्चे मित्र का सम्मान था। सितंबर 22 में प्रधानमंत्री जी स्वयं अपने मित्र को अंतिम विदाई देने टोक्यो पहुंचे। पूरे भारत ने राष्ट्रीय शोक रखा। यह प्रोटोकॉल नहीं था, एक रिश्ता था।

    जापान के रूप में सच्चा मित्र मिला
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा है, निज दुख गिरि सम रज करि जाना, मित्रक दुख रज मेरु समाना, यानी अपने पहाड़ जैसे दुख को धूल समझे और मित्र के धूल जैसे दुख को पहाड़, यही मित्रता की कसौटी भी है। आज की दुनिया में जब रिश्ते डील से तय होते हैं, ऐसे समय में बिना लाभ हानि का हिसाब लगाए साथ खड़ा रहने वाला मित्र मिलना बहुत कठिन है। भारत सौभाग्यशाली है, हमें जापान के रूप में ऐसा ही सच्चा मित्र मिला है। दुनिया इंटरेस्ट देखकर रिश्ते बनाती है, भारत और जापान के रिश्ते ट्रस्ट पर आधारित हैं यानी विश्वास पर आधारित हैं।

    जापान के पास प्रिसिजन है, उत्तर प्रदेश के पास स्केल
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष फरवरी में मुझे जापान जाने का अवसर मिला। टोक्यो और यामानाशी में जापानी कंपनियों के साथ हजारों करोड़ के निवेश पर समझौते हुए। 500 किलोमीटर प्रति घंटे से तेज चलने वाली मैग्लेव ट्रेन में बैठकर मैंने जापान की प्रिसिजन इंजीनियरिंग को नजदीक से देखा। जिस यामानाशी में आबे सान ने पीएम नरेंद्र मोदी जी को अपने घर आमंत्रित किया था, वही यामानाशी अब उत्तर प्रदेश का ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी का पार्टनर है। अगस्त 2024 में यामानाशी के गवर्नर कोटोरो नागासाकी सान 200 से अधिक निवेशकों के साथ उत्तर प्रदेश आए थे। हम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, यीडा क्षेत्र में 500 एकड़ में एक जापानी सिटी विकसित कर रहे हैं। इन्वेस्ट यूपी में यामानाशी डेस्क की स्थापना की गई है। जापान के पास प्रिसिजन है, उत्तर प्रदेश के पास स्केल। 25 करोड़ लोगों का मार्केट, देश का सबसे युवा वर्कफोर्स, एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट का सबसे बड़ा नेटवर्क।

    यह गलियारा अमृत पर्व की पहली भेंट
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2027 में भारत-जापान के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यह गलियारा उस अमृत पर्व की पहली भेंट है। भारत और जापान ऐसे देश हैं, जिन्होंने अपनी विरासत और परंपराओं को अपने दैनिक जीवन और कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाए रखा है। जापान की संस्कृति हजारों वर्षों की समृद्ध परंपरा में विकसित हुई और उस पर शिंतो तथा बौद्ध परंपराओं का गहरा प्रभाव रहा है। जापान लैंड ऑफ राइजिंग सन है और उत्तर प्रदेश लैंड ऑफ सन डायनेस्टी है, यानी भगवान राम उसी सूर्यवंश में पैदा हुए हैं और इसीलिए उत्तर प्रदेश लैंड ऑफ द सन डायनेस्टी है। सारनाथ, कुशीनगर, कपिलवस्तु, श्रावस्ती, कौशाम्बी, संकिसा, भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े सभी तीर्थ उत्तर प्रदेश में हैं। जापान की आस्था का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। काशी और क्योटो दोनों अपनी-अपनी सभ्यता की आत्मा हैं। दोनों ने सिखाया है कि विरासत को संभालकर भी विकास किया जा सकता है।

    भाषा अलग-अलग, भाव एक हैं
    मुख्यमंत्री ने कहा कि भाषा अलग-अलग है, क्षेत्र अलग-अलग है, पर भाव एक हैं और मूल्य एक हैं। अभी तीन दिन पहले जापान के आइची, नागोया में एशियाई खेल संपन्न हुए हैं। भारत के खिलाड़ियों को जापान में जो आत्मीयता मिली, उसने हमारे खिलाड़ियों को बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। इस अपनेपन का अनुभव कराने के लिए मैं जापान की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि यह गलियारा नई पीढ़ी के लिए एक जीवंत क्लासरूम है। यहां आने वाला हर युवा सीखेगा कि दूर की सोच रखने वाला एक नेता दो देशों का भविष्य कैसे बदल देता है। आबे सान को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि भारत-जापान की मित्रता हर साल पहले से और अधिक मजबूत हो।

    इस अवसर पर जापान के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय शिंजो आबे की धर्मपत्नी अकी आबे, प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल, वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक सौरभ श्रीवास्तव और जापान से आए हुए प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यगण उपस्थित रहे। 

    बॉक्स

    सीएम योगी ने जापानी मेहमानों का उन्हीं की भाषा में किया स्वागत

    मुख्यमंत्री ने जापान के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय शिंजो आबे की धर्मपत्नी अकी आबे और जापान से आए प्रतिनिधिमंडल का जापानी भाषा में स्वागत किया। उन्होंने कहा, "सेकाईदे मोत्तोमो फुराइतोशी बनारस ए योकोसो।" यानी कि दुनिया के सबसे प्राचीन शहर वाराणसी में मैं आप सबका स्वागत करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि मां गंगा के पावन तट पर बसी देवाधिदेव महादेव भगवान विश्वनाथ की पावन नगरी अविनाशी काशी और भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश की भूमि सारनाथ एवं यहां की समस्त जनता जनार्दन की ओर से मैं श्रीमती अकी आबे सान एवं जापान से आए हुए सभी प्रतिनिधियों का हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन करता हूं। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने अरिगातो गोजाइमासु कहकर सभी का धन्यवाद किया।

  • रामायण थीम पर सजेगी अयोध्या, 20 सेल्फी प्वाइंट और भव्य द्वारों की श्रृंखला बढ़ाएंगे आकर्षण

    रामायण थीम पर सजेगी अयोध्या, 20 सेल्फी प्वाइंट और भव्य द्वारों की श्रृंखला बढ़ाएंगे आकर्षण

    दीपोत्सव-2026 विशेष

    दीपोत्सव-2026 में दमकेगी रामनगरी, प्रमुख मार्गों से घाट तक दिखेगी आस्था की भव्य तस्वीर

    अयोध्या में दिखेगा रामायण का भव्य संसार, पुष्पक विमान से फ्लोटर्स तक होंगे मुख्य आकर्षण

    रामायण थीम पर सजेगी अयोध्या, 20 सेल्फी प्वाइंट और भव्य द्वारों की श्रृंखला बढ़ाएंगे आकर्षण

    अयोध्या आने वाले मुख्य मार्गों से 'धर्म पथ' तक और चौराहों से सरयू तट तक होगी थीम आधारित सजावट

    दीपोत्सव-2026 में दिखेगा अयोध्या का दिव्य और भव्य स्वरूप: पर्यटन मंत्री

    लखनऊ/ अयोध्या
    दीपों की रोशनी से निखरने वाली रामनगरी इस बार कलात्मक सजावट और रचनात्मक आकृतियों से भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी। दीपोत्सव-2026 में अयोध्या के प्रमुख चौराहों से लेकर प्रवेश मार्ग, रामकथा पार्क, राम की पैड़ी और सरयू तट तक रामायण की थीम पर भव्य सज्जा नजर आएगी। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने इसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। रामनगरी में सजावटी द्वार, वे-फाइंडर, सेल्फी प्वाइंट और मंच के साथ राम रथ व पुष्पक विमान की झलक भी दिखाई देगी। वहीं, सरयू की लहरों पर आकर्षक फ्लोटर्स दीपोत्सव की भव्यता में चार चांद लगाएंगे। 

    दीपोत्सव-2026 के तहत अयोध्या में छह से आठ नवंबर तक विभिन्न आयोजन होंगे। 7 नवंबर को दीपोत्सव का मुख्य आयोजन होगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए करीब 10 प्रमुख स्थानों पर थीम आधारित वे-फाइंडर लगाए जाएंगे। ये प्रमुख प्रवेश मार्गों, चौराहों और आयोजन स्थलों के आसपास होंगे। 

    राम कथा पार्क और राम की पैड़ी पर 10-10 सेल्फी पॉइंट 
    दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए राम कथा पार्क और राम की पैड़ी पर 10-10 आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे। हर इंस्टॉलेशन की थीम, डिजाइन और निर्माण शैली अलग होगी। इनमें अयोध्या और दीपोत्सव की झलक कलात्मक अंदाज में नजर आएगी। त्रि-आयामी कलाकृतियां आयोजन स्थलों की खूबसूरती बढ़ाने के साथ आगंतुकों के अनुभव को भी खास बनाएंगी। इन्हें इस तरह तैयार किया जाएगा कि ये दीपोत्सव-2026 की सजावट का हिस्सा बनने के साथ लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनें। इसी कड़ी में लता मंगेशकर चौक से राम की पैड़ी मार्ग तक कलात्मक स्थापनाएं (आर्ट इंस्टालेशन) तैयार की जाएंगी।

    नए कलेवर में नजर आएगा राम कथा मंच
    'दीयों के उत्सव' के सांस्कृतिक आयोजनों के लिए रामकथा पार्क का स्थायी मंच नए कलेवर में नजर आएगा। यहां ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था के साथ एलईडी स्क्रीन, थीम आधारित रंगीन कपड़े आदि का इस्तेमाल होगा। दोनों ओर सीढ़ियां, पुष्प सज्जा, रंगोली, पर्दे और मंच पर बैठने की व्यवस्था भी होगी। मौजूदा ढांचे के अनुरूप ही डिजाइन तैयार किया जाएगा। वहीं, राम कथा पार्क के प्रवेश और निकास को आकर्षक बनाने के लिए सजावटी गेट का निर्माण होगा। प्रत्येक द्वार का डिजाइन भारतीय संस्कृति, पारंपरिक प्रतीकों और रामायण के प्रसंगों पर आधारित होगा। 

    अयोध्या के प्रमुख मार्गों की सजावट 
    दीपोत्सव-2026 में अयोध्या के प्रवेश मार्गों की तस्वीर इस बार नए रंग-रूप में नजर आएगी। शहर के प्रमुख हाईवे और 'धर्म पथ' पर रामायण की थीम से सजे 10 भव्य द्वार तैयार किए जाएंगे। लखनऊ, सुल्तानपुर और रायबरेली की ओर से अयोध्या आने वाले मार्गों के साथ धर्म पथ पर बनने वाले इन द्वारों की सजावट में हर गेट की अलग पहचान होगी। आकर्षक डिजाइन, थीम आधारित सज्जा और रोशनी से सजे ये प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचते ही दीपोत्सव की भव्यता का एहसास कराएंगे। 

    पुष्पक विमान, खींचेगा ध्यान 
    राम की पैड़ी के निकट पुष्पक विमान थीम पर रोडसाइड इंस्टॉलेशन आकर्षण का केंद्र बनेगा। वहीं रामायण की कथा को जीवंत करते हुए राम रथ और झांकी तैयार की जाएगी। राम की पैड़ी के पास राम दरबार की भव्य प्रस्तुति होगी, जबकि रामकथा पार्क के समीप हेलीपैड क्षेत्र में भरत मिलाप मंच और पाथवे विकसित किए जाएंगे। प्रमुख मार्गों पर फ्लैग पोल लगाकर आयोजन की भव्यता बढ़ाई जाएगी। वहीं सरयू और राम की पैड़ी पर आकर्षक फ्लोटर्स भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर खींचेंगे। इनके अतिरिक्त राम रथ, राम दरबार, भरत मिलाप मंच विशेष के आकर्षण होंगे।  

    अयोध्या की आभा होगी अविस्मरणीय 
    पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि दीपोत्सव-2026 में अयोध्या की भव्यता के साथ उसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी नए रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। रामायण की थीम पर होने वाली सजावट, कलात्मक स्थापनाएं और प्रकाश व्यवस्था श्रद्धालुओं व पर्यटकों को रामनगरी के दिव्य और भव्य स्वरूप का नया अनुभव कराएंगी। हमारा प्रयास है कि दीपोत्सव की आभा अयोध्या आने वाले हर व्यक्ति के मन में अविस्मरणीय छाप छोड़े।

    आधुनिक रचनात्मकता को नया आयामः अमृत अभिजात  
    अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि 'दीपोत्सव-2026 में अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक रचनात्मकता के साथ भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। रामायण की थीम पर तैयार सजावटी द्वार, आकर्षक सेल्फी प्वाइंट और मनमोहक प्रकाश सज्जा श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। उन्होंने बताया कि शहर के प्रमुख मार्गों के किनारे रामायण के विभिन्न कांडों और प्रसंगों पर आधारित आकर्षक स्थापनाएं तैयार की जा रही हैं। इनमें लंका कांड समेत रामायण के प्रमुख प्रसंगों को बेहद सरल भाषा में एक-एक पंक्ति के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

  • मुंबई में फार्मा-मेडिकल डिवाइस उद्योगपतियों से मिलेंगे CM मोहन यादव, निवेश पर होगी चर्चा

    मुंबई में फार्मा-मेडिकल डिवाइस उद्योगपतियों से मिलेंगे CM मोहन यादव, निवेश पर होगी चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में फार्मा, मेडिकल डिवाइस सेक्टर के उद्योगपतियों से करेंगे संवाद

    सेक्टर आधारित निवेश अवसरों को उद्योगों की जरूरत से जोड़कर रोजगार के नए अवसरों पर रहेगा फोकस

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 अक्टूबर को मुंबई में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ संवाद करेंगे। जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले होने वाले इस संवाद में मध्यप्रदेश में विकसित किए जा रहे विभिन्न सेक्टर के औद्योगिक क्षेत्रों और उनमें उपलब्ध निवेश अवसरों को संबंधित उद्योग समूहों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी करेंगे।

    मुंबई देश के प्रमुख औद्योगिक और कारोबारी केंद्रों में ही नहीं है बल्कि देश की आर्थिक राजधानी भी है। यहां ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल्स, केमिकल्स और उभरती ऊर्जा प्रौद्योगिकियों से जुड़े बड़े उद्योग समूह हैं। मध्यप्रदेश इन क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को संबंधित कंपनियों तक पहुंचा रहा है, ताकि प्रदेश में विकसित किए जा रहे औद्योगिक अवसरों को उद्योगों की जरूरत और उनकी विस्तार योजनाओं से जोड़ा जा सके।

    विशेष क्षेत्रों में निवेश के अवसर

    मुंबई संवाद में ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, नर्मदापुरम के बाबई मोहासा रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन, धार के पीएम मित्र पार्क और उज्जैन के मेडिकल डिवाइसेज पार्क को प्रमुखता से सामने रखा जाएगा। ये परियोजनाएं अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार तैयार किए जा रहे विशेष औद्योगिक क्षेत्रों का हिस्सा हैं।

    ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग, नर्मदापुरम में रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण, धार में टेक्सटाइल और गारमेंट तथा उज्जैन में मेडिकल डिवाइसेज और हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े उद्योगों के लिए अवसर उपलब्ध हैं। इन क्षेत्रों में निवेश से संबंधित उद्योगों के साथ सहायक इकाइयों और स्थानीय सप्लाई चेन के विकास की संभावनाएं भी बनेंगी।

    निवेश के साथ रोजगार पर जोर

    मध्यप्रदेश सरकार का जोर ऐसे निवेश पर है, जिससे प्रदेश में उत्पादन बढ़ने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ें। बड़ी औद्योगिक इकाइयों के साथ उनके सप्लायर, सहायक उद्योग, लॉजिस्टिक्स और दूसरी सेवाओं का काम भी बढ़ता है। इससे स्थानीय उद्यमियों के लिए नए अवसर और युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं बनती हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण होंगी। इन बैठकों में कंपनियों की निवेश और विस्तार योजनाओं के साथ उनकी जरूरतों को भी समझा जाएगा। भूमि, बिजली, लॉजिस्टिक्स, कुशल मानव संसाधन, सप्लाई चेन, अनुमतियों और नीतिगत सहयोग जैसे विषयों पर सीधे चर्चा होगी।

    उद्योगपतियों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर प्रदेश की निवेश सुविधा व्यवस्था को उनकी जरूरतों के अनुरूप और बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी। सरकार के लिए यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने वाली कंपनियों को किस तरह की सुविधाओं और सहयोग की आवश्यकता है।

    फार्मा और मेडिकल डिवाइसेज क्षेत्र पर विशेष चर्चा

    मुंबई कार्यक्रम में फार्मास्युटिकल क्षेत्र के साथ केंद्रित राउंडटेबल मीटिंग भी होगी। इसमें मध्यप्रदेश के फार्मा और हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। उज्जैन के मेडिकल डिवाइसेज पार्क से संबंधित प्रेजेंटेशन भी उद्योग प्रतिनिधियों के दिया जाएगा।

    मध्यप्रदेश में विशेष क्षेत्र के अनुरूप औद्योगिक अधोसंरचना तैयार करने का उद्देश्य संबंधित उद्योगों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे निवेशकों को अपने क्षेत्र के अनुसार औद्योगिक आधार मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर सहायक उद्योगों और रोजगार के अवसर विकसित होने की संभावना रहेगी।

    उद्योगों के साथ सीधे संपर्क का विस्तार

    मध्यप्रदेश सरकार ने जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों के साथ देश और विदेश के प्रमुख उद्योग समूहों से सीधा संपर्क बढ़ाया है। क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों के बाद अब देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में जाकर संबंधित उद्योगों से बातचीत की जा रही है।

    मुंबई में भारत स्थित विदेशी मिशनों के साथ भी संवाद होगा। इसके माध्यम से मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों को अंतर्राष्ट्रीय कारोबारी नेटवर्क तक पहुंचाने और विदेशी निवेशकों को प्रदेश के क्षेत्र विशेष के अवसरों से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा होगी।

    प्रधानमंत्री मोदी के भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश में भी नई औद्योगिक अधोसंरचना और क्षेत्र विशेष के औद्योगिक अवसर तैयार किए जा रहे हैं। निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के साथ उद्योगों की जरूरत के अनुसार सुविधाओं और निवेश सुविधा तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों और उनकी जरूरतों पर सीधे चर्चा करेंगे। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट : 2027 से पहले यह संवाद निवेश के इच्छुक उद्योग समूहों से संपर्क बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।

     

  • UP में IT-ITES सेक्टर की बड़ी छलांग, एक्सपोर्ट ₹48 हजार करोड़ से बढ़कर ₹1.02 लाख करोड़ के करीब

    UP में IT-ITES सेक्टर की बड़ी छलांग, एक्सपोर्ट ₹48 हजार करोड़ से बढ़कर ₹1.02 लाख करोड़ के करीब

    एक लाख करोड़ के पार पहुंचा यूपी का आईटी एक्सपोर्ट
     
    पांच साल में दोगुने से ज्यादा हुआ आईटी-आईटीईएस निर्यात, 48 हजार करोड़ से बढ़कर 1.02 लाख करोड़ के करीब
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आईटी सेक्टर के विस्तार पर जोर, लखनऊ में बड़ी कंपनियों ने खोले कार्यालय
     
    एसटीपीआई से 52,778 करोड़ और एसईजेड से 49,192 करोड़ रुपये का निर्यात
     
    लखनऊ

     यूपी से आईटी और आईटीईएस का निर्यात पहली बार एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश से 1,01,970 करोड़ रुपये का आईटी-आईटीईएस निर्यात हुआ। पांच साल पहले 2020-21 में यह 48,004 करोड़ रुपये था। यानी पांच साल में निर्यात दोगुने से ज्यादा हो गया। रकम के हिसाब से इस दौरान 53,966 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
     
    आईटी-आईटीईएस निर्यात में यह बढ़ोतरी सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड), दोनों में दर्ज हुई है। पांच साल के आंकड़े देखें तो एसईजेड से निर्यात बढ़ने की सालाना औसत रफ्तार एसटीपीआई से कुछ ज्यादा रही है। वहीं रकम के लिहाज से एसटीपीआई से होने वाला निर्यात एसईजेड से आगे है।
     
    एसटीपीआई से निर्यात हुआ दोगुना
    एसटीपीआई इकाइयों से वित्तीय वर्ष 2020-21 में 25,642 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 52,778 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस तरह पांच साल में एसटीपीआई से होने वाले निर्यात में 27,136 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इस अवधि में इसकी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 15.5 प्रतिशत रही। पांच साल में एसटीपीआई से होने वाला निर्यात करीब दोगुना हो गया है।
     
    एसईजेड की रफ्तार ज्यादा
    विशेष आर्थिक क्षेत्रों से आईटी-आईटीईएस निर्यात में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में एसईजेड से 22,362 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 49,192 करोड़ रुपये पहुंच गया। यानी पांच साल में एसईजेड से निर्यात में 26,830 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इस अवधि में इसकी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 17.1 प्रतिशत रही। एसटीपीआई की 15.5 प्रतिशत की दर के मुकाबले एसईजेड से निर्यात बढ़ने की रफ्तार अधिक रही।
     
    दोनों के आंकड़ों को मिलाकर देखें तो वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रदेश का आईटी-आईटीईएस निर्यात 48,004 करोड़ रुपये था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह 1,01,970 करोड़ रुपये पहुंच गया। पांच साल में इसमें करीब 112 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
     
    बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में आईटी और आईटीईएस सेक्टर के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। लखनऊ में आईबीएम, जेनपैक्ट और टेलीपरफॉर्मेंस जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने कार्यालय स्थापित किए हैं। आईटी सेक्टर का दायरा बढ़ने से प्रदेश में निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। खासतौर पर तकनीकी और आईटी क्षेत्र के युवाओं के लिए अपने ही प्रदेश में काम के अधिक विकल्प तैयार होंगे। पांच साल में आईटी-आईटीईएस निर्यात का 48 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचना इस सेक्टर के बढ़ते आकार को भी दिखाता है।

  • डिप्टी CM अरुण साव का बड़ा निर्देश, ₹145 करोड़ से सड़क चौड़ीकरण-उन्नयन और विद्युतीकरण का काम होगा तेज

    डिप्टी CM अरुण साव का बड़ा निर्देश, ₹145 करोड़ से सड़क चौड़ीकरण-उन्नयन और विद्युतीकरण का काम होगा तेज

    सड़कों के काम युद्धस्तर पर शुरू करने की तैयारी, पीडब्लूडी ने 4 कार्यों की निविदा को दी मंजूरी

    कुल 145.28 करोड़ की लागत से होंगे सड़कों के उन्नयन, चौड़ीकरण और विद्युतीकरण के काम, नई सड़क भी बनेगी

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यपालन अभियंता को कार्यादेश जारी कर तत्काल काम शुरू कराने के दिए निर्देश 

    रायपुर.
    बरसात के बाद राज्य में सड़कों के काम युद्धस्तर पर शुरू होंगे। लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए निविदा प्रक्रिया तत्परता से पूर्ण कर कई कार्यों के लिए निविदा को मंजूरी प्रदान की है। विभाग ने रायगढ़ जिले में 4 कार्यों के लिए कुल 145 करोड़ 27 लाख 56 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है। इनमें दो सड़कों के मजबूतीकरण और चौड़ीकरण, एक सड़क के उन्नयन तथा एक सड़क के निर्माण का काम शामिल है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने इन कार्यों की निविदा मंजूर करते हुए रायगढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता को चयनित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को कार्यादेश जारी कर तत्काल कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए हैं। 

    फोरलेन निर्माण के साथ सड़कों का होगा विद्युतीकरण

    लोक निर्माण विभाग ने रायगढ़ जिले के रायगढ़-लोइंग-महापल्ली मुख्य जिला मार्ग में पांच किलोमीटर हिस्से के फोरलेन चौड़ीकरण एवं विद्युतीकरण के लिए 59 करोड़ 49 लाख 4 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है। रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के पांच किलोमीटर हिस्से में फोरलेन चौड़ीकरण एवं विद्युतीकरण के लिए भी 47 करोड़ 77 लाख 76 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।

    विभाग द्वारा 3.40 किलोमीटर उर्दना-कृष्णापुर-खैरपुर मार्ग के निर्माण लिए 13 करोड़ 74 लाख 29 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी गई है। कोड़ातराई-पुसौर-सूरजगढ़ सड़क में 12.30 किलोमीटर लंबाई के फोरलेन में उन्नयन के लिए 24 करोड़ 26 लाख 47 हजार रुपए की निविदा लोक निर्माण विभाग ने स्वीकृत की है। इस राशि से सड़क के 8.30 किलोमीटर और 4 किलोमीटर के दो हिस्सों का फोरलेन में उन्नयन किया जाएगा।

    मापदंडों के अनुसार कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें, गुणवत्ता व समय-सीमा पर दें विशेष ध्यान – अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के रायगढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता को अनुबंधित कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुसार सुनिश्चित करते हुए कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ये कार्य किसी अन्य को सबलेट नहीं करने तथा कार्य संपादन के लिए पॉवर-ऑफ-अटॉर्नी को मान्य नहीं करने भी कहा है। साव ने अनुबंधित समयावधि में कार्यों को पूर्ण करने, कार्यों का संपादन अनुबंधानुसार प्रशासकीय स्वीकृति एवं आबंटन की सीमा में करने के भी निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा इन निविदाओं का अनुमोदन अनुबंध के पूर्व ठेकेदारों से संपूर्ण कार्यावधि के लिए प्रभावशील एपीएस (Additional Performance Security) की राशि की बैंक गारंटी प्राप्त करने की शर्त पर किया गया है।

  • सीएम ने साधा सपा पर निशाना, बोले-80 फीसदी पर एनडीए और 20 फीसदी पर पीडीए

    सीएम ने साधा सपा पर निशाना, बोले-80 फीसदी पर एनडीए और 20 फीसदी पर पीडीए

    राज्यसभा चुनाव ने बता दिया उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का परिणामः मुख्यमंत्री 

    मुख्यमंत्री योगी ने सेवा ज्योति यात्रा ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ कार्यक्रम को किया संबोधित

    सीएम ने साधा सपा पर निशाना, बोले-80 फीसदी पर एनडीए और 20 फीसदी पर पीडीए
     
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने वर्चुअली सभा को संबोधित किया 

    भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता ने भारत को दिलाई वैश्विक पहचानः सीएम

    पीएम मोदी ने असंभव को बनाया संभवः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    गांव से ग्लोबल तक पहुंची पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन की यात्राः सीएम योगी

    पीएम ने दिलाया ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प, सीएम ने रवाना की सेवा ज्योति यात्रा 

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर बुधवार को जीपीओ स्थित पटेल पार्क में सेवा ज्योति यात्रा ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया। सीएम ने 'जनसेवा से देशसेवा' प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम में सीएम योगी ने परोक्ष रूप से समाजवादी पार्टी पर प्रहार किया। कहाकि राज्यसभा चुनाव ने बता दिया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का परिणाम क्या होने जा रहा है। यह लड़ाई फिर 80-20 की हो गई है। 80 फीसदी एनडीए और 20 फीसदी पीडीए का हिस्सा है। पीडीए का क्या हाल होगा, यह बाद में पता चलेगा। 

    भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता ने भारत को दिलाई वैश्विक पहचान
    मुख्यमंत्री ने कहाकि नरेंद्र मोदी जी के सार्वजनिक सेवा के अहर्निश 25 वर्ष पूरे होने पर हर भारतवासी के लिए आज गौरव का दिन है। गुजरात के छोटे से गांव से निकलकर वह भारत को नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं। एक सामान्य कार्यकर्ता/ स्वयंसेवक ने वैश्विक स्तर पर देश को नई पहचान दिलाई। सीएम योगी ने बताया कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी जी ने पद व गोपनीयता की शपथ ली थी। उस समय भीषण आपदा के कारण गुजरात में हाहाकार मचा था और देश भर में चिंता का माहौल था तो दूसरी ओर समाज-राष्ट्र विरोधी तत्व अराजकता व अव्यवस्था का तांडव पैदा करना चाहते थे। उन स्थितियों में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री का पद संभाला था। उन्होंने गुजरात को मॉडल स्टेट के रूप में प्रस्तुत किया। 

    सीएम ने उत्तर प्रदेश की महत्ता पर डाला प्रकाश 
    सीएम ने कहा कि 12 वर्ष से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को दुनिया के सामने सशक्त व समर्थ देश के रूप में प्रस्तुत किया। भारत के हर नागरिक के मन में विश्वास पैदा करके एक भारत-श्रेष्ठ भारत के रूप में नए भारत के निर्माण में सफलता प्राप्त की। जब मोदी जी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब प्रधानमंत्री लखनऊ के सांसद अटल बिहारी वाजपेयी जी थे, आज प्रधानमंत्री मोदी जी उत्तर प्रदेश के वाराणसी से बतौर सांसद देश को नेतृत्व दे रहे हैं। 

    गांव से ग्लोबल की है पीएम मोदी की यात्रा
    सीएम ने इसे गांव से ग्लोबल की यात्रा बताया, कहाकि इस यात्रा ने प्रत्येक नागरिक के जीवन में परिवर्तन और युवाओं के मन में विश्वास पैदा किया है। हर बहन को सुरक्षा की गारंटी, किसान के जीवन में खुशहाली, नौजवान के सामने रोजगार की संभावनाओं को मजबूत किया है। 

    आर्थिक मोर्च पर सफल हुआ भारत, युवाओं के सामर्थ्य को मिल रही नई दिशा 
    सीएम ने कहाकि 12 वर्ष पहले भारत बॉटम-5 में गिना जाता था। भारत की गिनती सबसे खराब अर्थव्यवस्था में होती थी। प्रति व्यक्ति आय सबसे कम हुआ करती थी परंतु अब भारत ने आर्थिक मोर्चे पर टॉप-5 में स्थान बनाया है और प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाने में भी सफलता प्राप्त की है। भारत में पहले कुछ हजार ही स्टार्टअप होते थे, आज ढाई लाख से अधिक स्टार्टअप हैं। भारत दुनिया में इसकी गूंज सुना रहा है। मिशन रोजगार के तहत नौजवानों के लिए नौकरी, रोजगार व स्वरोजगार है। आत्मविश्वास से भरा युवा देश के लिए कुछ कर गुजरने का सामर्थ्य रखता है। उसकी प्रतिभा देश की ताकत और विश्वास देश का सामर्थ्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं के सामर्थ्य को नई दिशा दे रहे हैं। 

    भारत में है कनेक्टिविटी का बेहतर नेटवर्क
    सीएम ने कहा कि एक समय रेलवे की स्पीड मीटरगेज तक सीमित रह गई थी। इलेक्ट्रिफिकेशन न होने के कारण ठहराव होता था। कोलकाता से दिल्ली पहुंचने में मालगाड़ी को कई दिन लगते थे। एक ही लाइन पर मालगाड़ी व पैसेंजर ट्रेन चलती थी परंतु अब देश में कनेक्टिविटी का बेहतर नेटवर्क है। रेलवे की ब्रॉडगेज, इलेक्ट्रिफिकेशन की सुविधा के साथ ही माल ढुलाई के लिए ईस्टर्न-वेस्टर्न फ्रेट डेडिकेटेड कॉरिडोर है। वंदे भारत, अमृत भारत, नमो भारत की विश्वस्तरीय सुविधा के साथ रेलवे नित नई ऊंचाई को प्राप्त कर रहा है। सीएम ने एयर कनेक्टिविटी में भी भारत की उड़ान को इंगित किया। कहा कि 1947 के पहले से लेकर 2014 तक जितने एयरपोर्ट थे, आज उससे दोगुने हो गए हैं। हवाई चप्पल पहनने वाला भी अब हवाई जहाज की यात्रा कर रहा है। 

    हर हुनरमंद को मिल रहा सम्मान
    सीएम ने कहा कि पहले यूपी में एक जिला-एक माफिया सत्ता के समानांतर सत्ता चलाते थे, लेकिन अब एक जिला- एक मेडिकल कॉलेज, एक उत्पाद, एक व्यंजन है। हर हुनरमंद कारीगरों व हस्तशिल्पियों को सम्मान मिल रहा है। सेवा के संकल्प का कार्यक्रम भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है। 

    कांग्रेस व इंडी गठबंधन की बेईमानी पर प्रहार है डिजिटल इंडिया
    सीएम ने कहाकि पहले आवास समेत अन्य सुविधाओं का हाल किसी से छिपा नहीं है। जब जनधन अकाउंट खोले जा रहे थे तो लोग डिजिटल इंडिया का मखौल उड़ाते थे, कहते थे कि अकाउंट खोलकर गरीब का मजाक उड़ाया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस व इंडी गठबंधन की बेईमानी पर प्रहार था। अब डीबीटी के जरिए महिला, किसान, युवा, गरीब, श्रमिक आदि लाभार्थियों के खाते में सीधे पैसा जाता है। 

    पीएम मोदी ने असंभव को संभव बनाया
    सीएम ने कहा कि पीएम मोदी ने असंभव को संभव बनाया। 80 करोड़ लोगों को फ्री राशन, रसोई गैस का कनेक्शन, स्टार्टअप का इकोसिस्टम, हाईवे-एक्सप्रेसवे का बेहतरीन नेटवर्क, यूपी में इनलैंड वाटर वे की सुविधा संभव हुई है। पहले एक चिप के लिए दुनिया पर निर्भर रहना पड़ता था, यदि दुनिया ने चिप नहीं दिया तो इलेक्ट्रानिक मैन्युफैक्चरिंग बंद हो जाती थी। अब भारत में सेमीकंडक्टर के 12 से अधिक उद्योग क्रियाशील हैं या निवेश हो रहा है। अब भारत चिप निर्यात के लिए आत्मनिर्भर हो रहा है। 

    रक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में भी समृद्ध हुआ भारत 
    सीएम ने कहाकि एक समय भारत रक्षा क्षेत्र में दुनिया पर निर्भर रहता था, लेकिन आज हजारों करोड़ के डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग को दुनिया के अन्य देशों में पहुंचा रहा है। एक समय केवल दिल्ली में एम्स था, अटल जी ने इसे छह तक पहुंचाया और मोदी जी ने यह संख्या 23 कर दी। युवाओं के आकांक्षाओं की पूर्ति करने वाले आईआईटी, आईआईएम समेत इमर्जिंग टेक्नोलॉजी का प्रत्येक क्षेत्र मोदी जी के विजन के परिणाम स्वरूप प्राप्त हो रहा है। पीएम मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ को धरातल पर उतारा।  

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी, ब्रजलाल, संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, विजय बहादुर पाठक, मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, पवन सिंह चौहान, विधायक पंकज सिंह, नीरज बोरा, योगेश शुक्ला, जय देवी, राजेश्वर सिंह, ओपी श्रीवास्तव, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय मौर्य, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

    इनसेट 

    पीएम ने दिलाया ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प, सीएम ने रवाना की सेवा ज्योति यात्रा 
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन के उपरांत वर्चुअली रूप से देशवासियों को ‘विकसित भारत-2047’ का सामूहिक संकल्प दिलाया। वहीं लखनऊ में भाजपा पदाधिकारियों की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मशाल दी गई। इसके पश्चात यह  यात्रा आगे की तरफ प्रस्थान की।

  • Airtel ने बढ़ाए Postpaid Plan के दाम, ₹50 तक महंगे हुए प्लान; इंटरनेशनल यूजर्स को फायदा

    Airtel ने बढ़ाए Postpaid Plan के दाम, ₹50 तक महंगे हुए प्लान; इंटरनेशनल यूजर्स को फायदा

    मुंबई 

    Airtel ने अपने पोस्टपेड ग्राहकों के लिए बड़ा बदलाव किया है। कंपनी 8 अक्टूबर 2026 से अपने सभी पोस्टपेड प्लान को 50 रुपए महंगा करने वाली है। नई कीमत कल से लागू हो जाएगी है। कंपनी ने अपने पुराने प्लान्स को नए पोर्टफोलियो में डाल दिया है और इन सभी प्लान्स के साथ हर साल एक Free International Roaming Trip का फायदा भी जोड़ा गया है। सबसे सस्ता नया Individual Postpaid Plan अब 499 रुपए का होगा, जबकि पहले Airtel का Individual Plan 449 रुपए से शुरू होता था। यानी इस एंट्री लेवल प्लान की कीमत में सीधे 50 रुपए का इजाफा हुआ है। Airtel के पुराने और नए Family Plans की कीमतों में भी 50 रुपए की बढ़ोतरी देखने को मिलती है।

    हालांकि यहां यह समझना जरूरी है कि 50 रुपए की बढ़ोतरी सिर्फ एक ही प्लान तक सीमित नहीं है। Airtel ने अपना पूरा पोस्टपेड पोर्टफोलियो बदला है। कंपनी के नए प्लान 499 रुपए से शुरू होकर 1799 रुपए तक जाते हैं। बदले में सभी नए प्लान में हर साल एक Free International Roaming Trip शामिल की गई है। इस फ्री रोमिंग पैक में 5GB डेटा, 60 मिनट कॉलिंग Calling और 25 Outgoing SMS मिलेंगे। ध्यान दें कि यह फायदा 5 दिनों के लिए वैलिड होगा।

    499 रुपए वाले Airtel Postpaid Plan में मिलते हैं ये फायदे
    नए पोर्टफोलियो का सबसे सस्ता Individual Plan 499 रुपए का है। इसमें एक SIM कनेक्शन मिलता है। इसके साथ Unlimited Data और Calling के अलावा Spam और Fraud Protection जैसे फीचर्स मिलते हैं। प्लान में Airtel Xstream Play Premium और Google One जैसे फायदे भी शामिल हैं। सबसे बड़ा नया फायदा Free International Roaming है। इसका मतलब है कि अगर आप साल में एक बार विदेश जाते हैं तो अलग से बेसिक रोमिंग पैक लेने की जरूरत कम हो सकती है।

    Free International Roaming बेनिफिट में क्या मिलेगा?
    Airtel के नए पोस्टपेड प्लान्स में मिलने वाले इंटरनेशनल रोमिंग का फायदा 5 दिनों के लिए होगा। इसमें ग्राहक को 5GB डेटा, 60 मिनट कॉलिंग और 25 Outgoing SMS मिलेंगे। Incoming SMS के लिए कोई अलग चार्ज नहीं होगा। खास बात यह है कि ग्राहक को यह रोमिंग पैक तुरंत एक्टिवेट करने की जरूरत नहीं है। विदेश यात्रा के दौरान अपनी जरूरत के हिसाब से इसे एक्टिवेट किया जा सकेगा। यानी अगर अभी प्लान लिया है लेकिन विदेश यात्रा कुछ महीने बाद करनी है, तो रोमिंग बेनिफिट को उसी समय इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक इस Free International Roaming Benefit की कीमत करीब 2,000 रुपए तक है। ऐसे में साल में कम से कम एक बार विदेश जाने वाले ग्राहकों के लिए यह नया फायदा खास हो सकता है।

    Family Plan में हर SIM को मिलेगा Free Roaming
    Airtel के फैमिली पोस्टपेड प्लान इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को इस ऑफर का फायदा हर SIM पर मिलेगा। यानी फैमिली प्लान में जितने SIM शामिल हैं, हर SIM को साल में एक मुफ़्त इंटरनेशनल रोमिंग ट्रिप मिलेगी। अगर परिवार में चार लोग एक ही एयरटेल फैमिली पोस्टपेड प्लान के तहत जुड़े हैं तो चारों SIM को अपने-अपने लिए एक Free International Roaming Trip मिल सकती है। इस तरह परिवार के अलग-अलग सदस्य अपनी विदेश यात्रा के दौरान अपने रोमिंग बेनिफिट का इस्तेमाल कर सकते हैं।

    Airtel के नए Family Plans की कीमत Airtel का नया फैमिली पोस्टपेड पोर्टफोलियो 749 रुपए से शुरू होता है। 749 रुपए वाले प्लान में दो SIM शामिल हैं। इसके बाद 1049 रुपए वाले प्लान में तीन SIM, 1249 रुपए और 1449 रुपए वाले प्लान में चार SIM साथ ही 1799 रुपए वाले प्लान पांच SIM मिलते हैं। जैसे-जैसे प्लान की कीमत बढ़ती है, मनोरंजन और क्लाउड सेवा के फायदे भी बढ़ते जाते हैं। अलग-अलग प्लान में Amazon Prime, JioHotstar, Apple Music, Apple iCloud+ और Netflix जैसे Subscription मिलते हैं। सबसे महंगे 1799 रुपए वाले प्लान में Netflix Standard समेत कई अन्य फायदे शामिल हैं।

  • प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदला यूपी, माफिया मिट्टी में मिले: मुख्यमंत्री योगी

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदला यूपी, माफिया मिट्टी में मिले: मुख्यमंत्री योगी

    वाराणसी।

    मुख्यमंत्री योगी ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली है। माफिया मिट्टी में मिल गए और विरासत प्रदेश की नई पहचान बन गई। काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर और मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर इसके उदाहरण हैं। भव्य-दिव्य कुंभ और मथुरा-वृंदावन की चहल-पहल भी नए उत्तर प्रदेश और नए भारत की पहचान है।
     
    मुख्यमंत्री योगी संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में वडनगर से काशी पहुंची सेवा संकल्प यात्रा के समापन पर सेवा यात्रियों और युवाओं के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा, सुशासन और राष्ट्रनिर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर निकाली गई यात्रा में भाजपा युवा मोर्चा के एक हजार से अधिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
     
    गुजरात का अनुभव आज पूरा भारत देख रहा
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सात अक्टूबर 2001 को गुजरात की धरती पर एक करिश्माई नेतृत्व का आगमन हुआ। उस समय भुज के भूकंप से गुजरात त्रस्त था। कई महीनों तक भूकंप के झटके आते रहे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गुजरात फिर खड़ा हुआ और मॉडल स्टेट के रूप में सामने आया।
     
    उन्होंने कहा कि सरकार के मुखिया के रूप में प्रधानमंत्री मोदी ने 25 वर्ष पहले गुजरात से जो यात्रा शुरू की, उसका अनुभव आज पूरा भारत ले रहा है। भारत सुरक्षित और समृद्ध हुआ है तथा वैश्विक मानचित्र पर एक ताकत के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी।
     
    हर गांव और जिले को बनना होगा आत्मनिर्भर
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन विकसित और आत्मनिर्भर भारत का है। यह संकल्प तभी पूरा होगा, जब हर जिला, गांव, कस्बा और राज्य खुद को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। सेवा संकल्प यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सेवा संकल्पों के अभिनंदन के साथ ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना का भी एहसास करा रही है। युवाओं की यही ऊर्जा 2047 में विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में लगेगी।
     
    सपाई की नजर पड़ते ही जमीन उसकी हो जाती थी

    पूर्व की कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दस वर्ष पहले जिस जमीन पर माफिया खड़ा हो जाता था, वह उसकी हो जाती थी। जिस जमीन पर किसी सपाई की नजर पड़ जाती थी, मानकर चलिए वह जमीन उसकी हो गई। बेटियां सूर्यास्त के बाद बाहर नहीं निकल सकती थीं और व्यापारी भय के साये में जीने को मजबूर थे। पर्व और त्योहार से पहले उत्सव नहीं, उपद्रव शुरू हो जाते थे। प्रदेश उस समय पहचान के संकट से गुजर रहा था।

    आस्था ने वडनगर को काशी से जोड़ा
    यात्रा के जरिए वडनगर से पवित्र जल काशी विश्वनाथ धाम पहुंचा, जबकि वाराणसी का जल हाटकेश्वर महादेव मंदिर में अर्पित किया गया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह यात्रा ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के भाव को साकार कर रही है। युवाओं ने गर्मी, बारिश और अलग-अलग परिस्थितियों का सामना करते हुए यात्रा पूरी की।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अभियान नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। उन्होंने युवाओं से आगामी कार्यक्रमों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।

    35,263 किलोमीटर का सफर

    वडनगर से काशी तक सेवा संकल्प यात्रा में एक हजार से अधिक कार्यकर्ता 500 बाइक से निकले। 20 रूट पर 35,263 किलोमीटर का सफर तय करते हुए यात्रा 10 राज्यों के 193 जिलों, 773 तहसीलों और 1,159 गांवों तक पहुंची।
     
    यात्रा के दौरान 25 तरह की गतिविधियों के तहत 1,518 सेवा कार्यक्रम, 13,239 पौधरोपण, 516 स्वच्छता अभियान, 147 लाभार्थी संवाद, 143 युवा संवाद और 122 ग्राम सभाएं हुईं। युवाओं ने सफाई, पौधरोपण और नशामुक्ति अभियान चलाए। प्रधानमंत्री मोदी भी यात्रा के क्रम में युवाओं से वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
     
    मोर की रंगोली में विकास की झलक

    कार्यक्रम स्थल पर मोर के आकार की विशाल रंगोली में केंद्र और प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं, आत्मनिर्भर भारत और सामाजिक कल्याण के संदेश उकेरे गए। मुख्यमंत्री योगी ने महिलाओं और छात्राओं के साथ तस्वीर खिंचवाई और छात्राओं को टॉफी दी। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत से हुई और सेवा संकल्प यात्रा पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

    कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, मंत्री अनिल राजभर, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, रविंद्र जायसवाल, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी और जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य समेत जनप्रतिनिधि, युवा कार्यकर्ता व आमजन मौजूद रहे।

  • भोपाल में 15 जनवरी को आयोजित होगी ‘आर्मी डे परेड’, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने ली अंतर-विभागीय समन्वय बैठक

    भोपाल में 15 जनवरी को आयोजित होगी ‘आर्मी डे परेड’, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने ली अंतर-विभागीय समन्वय बैठक

    भोपाल

    राजधानी भोपाल में आगामी 15 जनवरी 2027 को आयोजित होने वाली भव्य 'आर्मी डे परेड' के सुव्यवस्थित, गरिमामय एवं समयबद्ध आयोजन के दृष्टिगत कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर  प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में अंतर-विभागीय समन्वय एवं समीक्षा बैठक की गई । बैठक में आयोजन से संबंधित समस्त दायित्वों के स्पष्ट विभाजन, अंतर-विभागीय समन्वय और समय-सीमा में कार्य निष्पादन की कार्ययोजना पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

    कलेक्टर  प्रियंक मिश्रा ने समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि आर्मी डे परेड अत्यंत प्रतिष्ठापूर्ण राष्ट्रीय आयोजन है, अतः इससे जुड़ी सभी तैयारियां उच्च मानकों के अनुरूप पूर्ण की जाएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आयोजन से संबंधित प्रत्येक कार्य की सूक्ष्म मैपिंग कर संबंधित विभागों को दायित्व सौंपे जाएं, ताकि कोई भी कार्य अनमैप्ड न रहे। इसके साथ ही, कार्यों के आवंटन में किसी भी प्रकार के दोहरेपन को रोकने के लिए विभागवार जिम्मेदारियों को पूरी स्पष्टता के साथ रेखांकित किया गया है।

    बैठक में तय कार्य-विभाजन के अनुसार परेड मार्ग एवं मुख्य व्यवस्थाओं के अंतर्गत कालीबाड़ी मार्ग के पुनरुद्धार, सीटिंग अरेंजमेंट, दर्शक व्यवस्था और सिविल वर्क्स के कार्य नगर निगम भोपाल एवं लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा आपसी समन्वय से संयुक्त रूप से संपादित किए जाएंगे। 
    सांस्कृतिक आयोजनों और झांकियों से संबंधित व्यवस्थाएं 'माध्यम' तथा संस्कृति विभाग द्वारा संयुक्त रूप से पूर्ण की जाएंगी।

     कलेक्टर  मिश्रा ने समस्त संबंधित नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि आयोजन के लिए आवश्यक सभी टेंडर समय-सीमा में अनिवार्य रूप से जारी किए जाएं। आयोजन के प्रत्येक कार्यक्रम के सुचारु संचालन हेतु विशिष्ट वर्किंग ग्रुप्स  का गठन कर दिया गया है। सभी गठित वर्किंग ग्रुप्स 7 दिनों के भीतर प्रगति रिपोर्ट के साथ पुनः समीक्षा बैठक में उपस्थित रहेंगे।
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