Author: NewseDay

  • बिहार में डेंगू को लेकर राहत भरी खबर, इस साल नहीं गई एक भी जान; मरीजों की संख्या भी घटी

    बिहार में डेंगू को लेकर राहत भरी खबर, इस साल नहीं गई एक भी जान; मरीजों की संख्या भी घटी

    पटना
    स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इस वर्ष अभी तक डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई। पिछले वर्ष की तुलना में डेंगू के मामले भी कम हैं। पांच अक्टूबर तक राज्य में डेंगू के 857 मरीज मिले। वर्ष 2025 में कुल 3902 मामले दर्ज हुए थे। पटना में भी डेंगू के मामलों में कमी हुई है।

    वर्ष 2024 और 2025 में क्रमश: 5,033 और 1,817 मामले सामने आए थे। इस वर्ष पांच अक्टूबर तक 372 मामले उजागर हुए हैं। वर्ष 2026 में पटना, गयाजी और समस्तीपुर में किसी भी क्षेत्र को डेंगू हाटस्पाट के रूप में चिह्नित नहीं किया गया है।

    जन-जागरूकता पर विशेष जोर
    विभाग के अनुसार, डेंगू एवं चिकुनगुनिया की रोकथाम के लिए समय पर जांच, नियमित सर्विलांस, प्रभावी फागिंग, लार्वा नियंत्रण, पर्याप्त जांच किट एवं प्लेटलेट्स की उपलब्धता तथा जन-जागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

    डेंगू के मामलों की आईएचआईपी पोर्टल के माध्यम से नियमित निगरानी की जा रही है। अगस्त-सितंबर में 90 चिकित्सा पदाधिकारियों को डेंगू एवं चिकुनगुनिया के क्लीनिकल मैनेजमेंट तथा 86 लैब टेक्नीशियनों को एलिजा रीडर के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया।

    सतर्कता से सुरक्षा
    घरों एवं आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टायर, छतों एवं अन्य जलजमाव वाले स्थानों की नियमित सफाई करें तथा मच्छरों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं। निर्माण स्थलों, स्कूलों, बाजारों, बस स्टैंड एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी जलजमाव न होने दें।

    उपचार-बचाव की व्यवस्था
    विभिन्न जिलों में 318 फॉगिंग मशीनें काम कर रहीं। फॉगिंग हेतु पर्याप्त मात्रा में टेक्निकल मालाथियान उपलब्ध है तथा राज्य भंडार में 172 किलोग्राम स्टाक है।

    जांच के लिए एनएस1, एलिजा एवं आइजीएमएलिजा जांच किट उपलब्ध कराई गई हैं। जिला अस्पतालों एवं मेडिकल कालेज अस्पतालों में जांच की सुविधा है।

    चिह्नित रक्त केंद्रों में प्लेटलेट्स तैयार करने की व्यवस्था है। सभी अस्पतालों को मरीजों की आवश्यकता के अनुसार प्लेटलेट्स उपलब्ध कराने का निर्देश है।

  • CNG-PNG के बढ़े दाम से बिगड़ा बजट, राजस्थान में नई कीमतें लागू; जानें किस शहर में सबसे महंगा-सस्ता ईंधन

    CNG-PNG के बढ़े दाम से बिगड़ा बजट, राजस्थान में नई कीमतें लागू; जानें किस शहर में सबसे महंगा-सस्ता ईंधन

    जयपुर
    राजस्थान के गैस उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका लगा है। टोरेंट गैस ने सीएनजी (CNG) और पीएनजी (PNG) की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ा है। कंपनी द्वारा बढ़ाई गई ये नई दरें 6 अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे यानी 7 अक्टूबर से प्रभावी हो चुकी हैं। खास बात यह है कि कंपनी ने करीब 4 महीने के अंतराल के बाद अपने दामों में यह बदलाव किया है, जिससे जयपुर के लगभग 50,000 घरेलू उपभोक्ताओं और हजारों सीएनजी वाहन चालकों को अधिक खर्च करना पड़ेगा।

    टोरेंट गैस द्वारा जारी आधिकारिक रेट लिस्ट के अनुसार, घरेलू पाइप नेचुरल गैस (PNG) और वाहन ईंधन सीएनजी दोनों के दामों में करीब-करीब दो-दो रुपए की बढ़ोतरी की गई है।

    पीएनजी (घरेलू रसोई गैस): पहले इसकी दर 51.50 रुपए प्रति SCM थी, जिसे बढ़ाकर अब टैक्स सहित 53.50 रुपए प्रति SCM कर दिया गया है। पीएनजी की बेस प्राइस 47.91 रुपए से बढ़ाकर 49.77 रुपए की गई है, जिस पर स्थानीय वैट जुड़ने के बाद उपभोक्ताओं को 53.50 रुपए का भुगतान करना पड़ रहा है।

    सीएनजी (वाहन ईंधन): वाहन चालकों के लिए सीएनजी की कीमत 97.50 रुपए प्रति किलो से बढ़ाकर 99.50 रुपए प्रति किलो कर दी गई है।

    अचानक हुए इस इजाफे से रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले कैब, ऑटो और निजी वाहन चालकों का मासिक बजट बिगड़ गया है।

    अन्य जिलों में क्या है हाल?
    राजस्थान के विभिन्न जिलों में भौगोलिक स्थिति, परिवहन लागत (लॉजिस्टिक्स) और अलग-अलग सप्लायर कंपनियों के नेटवर्क के कारण सीएनजी और पीएनजी की कीमतें अलग-अलग हैं। राज्य के मुख्य शहरों में नवीनतम दरों का परिदृश्य कुछ इस प्रकार है:

    सर्वाधिक दर वाले जिले: बीकानेर और चुरू जैसे क्षेत्रों में परिवहन दूरी अधिक होने के कारण सीएनजी की कीमतें राजस्थान में सबसे उच्चतम स्तर यानी 107.75 रुपए प्रति किलो पर बनी हुई हैं। इसके अलावा शाहपुरा, दूदू और गंगापुर सिटी में भी यही उच्च दर लागू है।

    मध्यम दर वाले जिले: जयपुर और अलवर में नई कीमतों के बाद दरें 99.50 रुपए के आसपास पहुंच चुकी हैं, जबकि अजमेर में यह लगभग 96.33 रुपए प्रति किलो है।

    सबसे कम दर वाले जिले: जयपुर के नजदीकी जिलों जैसे दौसा, टोंक और करौली में सीएनजी दरें अपेक्षाकृत कम 92.50 रुपए प्रति किलो पर स्थिर हैं। वहीं बांसवाड़ा और डूंगरपुर जैसे दूरस्थ दक्षिणी हिस्सों में विशेष सब्सिडी या स्थानीय सप्लायर नेटवर्क की वजह से यह न्यूनतम 88.94 रुपए प्रति किलो पर उपलब्ध है।

    बहरहाल, त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही ईंधन के दामों में हुई इस बढ़ोतरी ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है।

    राजस्थान में CNG के शहरवार दाम
    क्र.    शहर    CNG कीमत    कीमत में बदलाव
    1    अजमेर    ₹96.33    ₹0.00
    2    अलवर    ₹99.50    +₹2.00
    3    बांसवाड़ा    ₹88.94    ₹0.00
    4    बारां    ₹102.00    +₹2.00
    5    बाड़मेर    ₹98.50    ₹0.00
    6    भरतपुर    ₹98.00    +₹0.50
    7    भीलवाड़ा    ₹99.90    ₹0.00
    8    बीकानेर    ₹107.75    ₹0.00
    9    बूंदी    ₹99.90    ₹0.00
    10    चित्तौड़गढ़    ₹99.20    ₹0.00
    11    चूरू    ₹107.75    ₹0.00
    12    दौसा    ₹92.50    ₹0.00
    13    धौलपुर    ₹101.00    +₹2.00
    14    डूंगरपुर    ₹88.94    ₹0.00
    15    गंगानगर    ₹101.89    ₹0.00
    16    हनुमानगढ़    ₹101.89    ₹0.00
    17    जयपुर    ₹99.50    +₹2.00
    18    जैसलमेर    ₹97.00    ₹0.00
    19    जालोर    ₹88.94    ₹0.00
    20    झालावाड़    ₹102.00    +₹1.00
    21    झुंझुनूं    ₹98.90    ₹0.00
    22    जोधपुर    ₹97.00    ₹0.00
    23    करौली    ₹92.50    ₹0.00
    24    कोटा    ₹102.00    +₹2.00
    25    कोटपूतली-बहरोड़    ₹99.50    +₹2.00
    26    नागौर    ₹99.70    ₹0.00
    27    पाली    ₹96.33    ₹0.00
    28    राजसमंद    ₹96.33    ₹0.00
    29    सवाई माधोपुर    ₹92.50    ₹0.00
    30    सीकर    ₹98.90    ₹0.00
    31    सिरोही    ₹88.94    ₹0.00
    32    टोंक    ₹92.50    ₹0.00
    33    उदयपुर    ₹99.90    ₹0.00

    राजस्थान में CNG के शहरवार दाम
    क्र.    शहर    CNG कीमत    कीमत में बदलाव
    1    अजमेर    ₹96.33    ₹0.00
    2    अलवर    ₹99.50    +₹2.00
    3    बांसवाड़ा    ₹88.94    ₹0.00
    4    बारां    ₹102.00    +₹2.00
    5    बाड़मेर    ₹98.50    ₹0.00
    6    भरतपुर    ₹98.00    +₹0.50
    7    भीलवाड़ा    ₹99.90    ₹0.00
    8    बीकानेर    ₹107.75    ₹0.00
    9    बूंदी    ₹99.90    ₹0.00
    10    चित्तौड़गढ़    ₹99.20    ₹0.00
    11    चूरू    ₹107.75    ₹0.00
    12    दौसा    ₹92.50    ₹0.00
    13    धौलपुर    ₹101.00    +₹2.00
    14    डूंगरपुर    ₹88.94    ₹0.00
    15    गंगानगर    ₹101.89    ₹0.00
    16    हनुमानगढ़    ₹101.89    ₹0.00
    17    जयपुर    ₹99.50    +₹2.00
    18    जैसलमेर    ₹97.00    ₹0.00
    19    जालोर    ₹88.94    ₹0.00
    20    झालावाड़    ₹102.00    +₹1.00
    21    झुंझुनूं    ₹98.90    ₹0.00
    22    जोधपुर    ₹97.00    ₹0.00
    23    करौली    ₹92.50    ₹0.00
    24    कोटा    ₹102.00    +₹2.00
    25    कोटपूतली-बहरोड़    ₹99.50    +₹2.00
    26    नागौर    ₹99.70    ₹0.00
    27    पाली    ₹96.33    ₹0.00
    28    राजसमंद    ₹96.33    ₹0.00
    29    सवाई माधोपुर    ₹92.50    ₹0.00
    30    सीकर    ₹98.90    ₹0.00
    31    सिरोही    ₹88.94    ₹0.00
    32    टोंक    ₹92.50    ₹0.00
    33    उदयपुर    ₹99.90    ₹0.00

    सबसे महंगी CNG: बीकानेर और चूरू — ₹107.75/kg
    सबसे सस्ती CNG: बांसवाड़ा, डूंगरपुर, जालोर और सिरोही — ₹88.94/kg

  • प्रेमानंद आश्रम के बाहर बढ़े विवाद के बाद सुरक्षा की मांग, CO को पत्र भेजकर पुलिस तैनाती की अपील

    प्रेमानंद आश्रम के बाहर बढ़े विवाद के बाद सुरक्षा की मांग, CO को पत्र भेजकर पुलिस तैनाती की अपील

    लखनऊ
     यूपी के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर बीते दिनों अपने बच्चों को खोजने पहुंचे परिजनों द्वारा धरना प्रदर्शन किए जाने से आश्रम परिकर नाखुश हैं। आश्रम द्वारा पुलिस को चिट्ठी लिखकर पुलिस बल तैनात करने की मांग की है। बता दें कि एक शिष्य की मौत के बाद से बीते कुछ दिनों से प्रेमानंद आश्रम चर्चा का विषय बना हुआ है।

    श्री हित राधा केलि कुंज ट्रस्ट द्वारा क्षेत्राधिकारी वृंदावन को दिये पत्र में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से अपने बच्चों की तलाश में आने वाले लोगों द्वारा आश्रम के बाहर उपद्रव और अभद्रता की जा रही है। इसके अलावा आश्रम पर अनर्गल आरोप भी बिना किसी तथ्यों के लगाए जा रहे हैं। इससे आश्रम की शांति और गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। आश्रम के ट्रस्टी सलोनी शरण द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है कि इन घटनाओं से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह सब सुनियोजित ढंग से किया जा रहा है।

    आश्रम की छवि पर पड़ रहा विपरीत प्रभाव
    जिससे आश्रम की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। उनका कहना है कि आश्रम की शांति व्यवस्था बरकरार रखने के लिए नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाए, ताकि आश्रम के साधकों और भक्तों में असुरक्षा की भावना नहीं पैदा हो। उन्होंने सीओ वृंदावन से शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

    प्रेमानंद महाराज की किडनी की सरकारी जांच की मांग
    इससे पहले श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं माता शाकुम्भरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने वृंदावन स्थित श्री राधा केलि कुंज आश्रम से जुड़ी वर्तमान घटनाओं और साधक दीपक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष पुनः जांच कराने और प्रेमानंद महाराज की किडनी की सरकारी चिकित्सकीय जांच कराने की मांग की है।

    सार्वजनिक की जाए प्रेमानंद महाराज की रिपोर्ट
    आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि उन्होंने 3 जुलाई 2024 को ही तत्कालीन जिलाधिकारी को पत्र भेजकर प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनियों की सरकारी अस्पताल में चिकित्सकीय जांच कराने और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की थी। उनका कहना था कि यदि दोनों किडनियां खराब होने का दावा किया जा रहा है तो इसकी वास्तविकता सरकारी चिकित्सकीय जांच से सामने आनी चाहिए। आशुतोष महाराज ने कहा कि आज भी उनकी मांग वही है कि प्रेमानंद महाराज की किडनी संबंधी बीमारी के दावे की निष्पक्ष सरकारी चिकित्सकीय जांच कराई जाए।

  • OSD रेड के बाद CBI के समर्थन में उतरे नेता, टीम का फूलों से स्वागत; SHO सस्पेंड

    OSD रेड के बाद CBI के समर्थन में उतरे नेता, टीम का फूलों से स्वागत; SHO सस्पेंड

    संगरूर.

    नजदीकी गांव घराचों में मंगलवार को सीबीआई टीम के पहुंचने के दौरान विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा सीबीआई अधिकारियों की गाड़ी पर फूल बरसाने की घटना के बाद पुलिस विभाग ने थाना भवानीगढ़ के एसएचओ एसआइ यशपाल शर्मा को निलंबित कर दिया।

    एसएचओ के निलंबन की पुष्टि डीएसपी भवानीगढ़ सतनाम सिंह ने की है। निलंबन की खबर सामने आने के बाद देर शाम तक पुलिस के थाना व जिला स्तर के अधिकारी इस संबंधी कोई स्पष्ट जानकारी देने से बचते रहे। इस दौरान सीबीआई टीम की गाड़ी पर फूल बरसाने वाले नेताओं को मौके पर पुलिस द्वारा हिरासत में नहीं लिए जाने को लेकर भी आम लोगों व मीडिया में चर्चा होती रही। एसएचओ के निलंबन को लेकर भी तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। इसे घराचों में घटना से जोड़कर देखा जा रहा था।

    एसएचओ पर लगे लापरवाही के आरोप
    बाद में डीएसपी सतनाम सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि एसएचओ यशपाल शर्मा को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में उच्च पुलिस अधिकारियों के आदेश पर निलंबित किया गया है। डीएसपी ने स्पष्ट किया कि एसएचओ के खिलाफ की गई यह कार्रवाई किसी पुराने मामले से संबंधित है। इसका घराचों में सीबीआई टीम के पहुंचने के समय हुई फूल बरसाने की घटना से कोई संबंध नहीं है।

    ओएसडी के घर हुई थी छापामारी
    उधर, भवानीगढ़ के नजदीकी गांव घराचों में मंगलवार को मुख्यमंत्री के ओएसडी के घर छापामारी करने पहुंची सीबीआई टीम की गाड़ी पर फूलों की वर्षा करने वाले विपक्षी राजनीतिक दलों के नेताओं के खिलाफ पुलिस द्वारा कार्रवाई की है। बुधवार सुबह संगरूर पुलिस व सीआईए स्टाफ की संयुक्त टीम ने शिअद (पुन:सुरजीत) के हलका दिड़बा इंचार्ज विजय लंकेश तथा अकाली दल वारिस पंजाब दे… के वरिष्ठ नेता चमनदीप सिंह मिल्खी को उनके घर से हिरासत में ले लिया। जिन्हें दोपहर एक बजे बाद रिहा कर दिया गया।

  • भुवी लौटे, अब शमी की बारी? 2027 विश्व कप में बुमराह-शमी-सिराज हो सकते हैं भारत के पेस अटैक

    भुवी लौटे, अब शमी की बारी? 2027 विश्व कप में बुमराह-शमी-सिराज हो सकते हैं भारत के पेस अटैक

    नई दिल्ली
     भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज के लिए भुवनेश्वर कुमार को टीम इंडिया में चुना गया है। किसी को भी उनके वापस लौटने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन उन्होंने लगभग 4 साल बाद दमदार वापसी की। इसके बाद से कयासों का बाजार गर्म है। कई लोगों का मानना है अजीत अगरकर के कारण भुवनेश्वर और शमी जैसे गेंदबाजों को मौका नहीं मिल रहा था। अब उनके जाने के बाद ये दोनों खिलाड़ी भारतीय टीम में वापसी करेंगे। वहीं, कुछ पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि नई चयन समिति के युवा गेंदबाजों पर भरोसा नहीं है। ऐसे में 2023 विश्व कप की तरह वनडे टीम में बुमराह के साथ मोहम्मद शमी , सिराज और भुवनेश्वर जैसे खिलाड़ी नजर आएंगे।

    2027 वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका में होना है, जहां तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है। ऐसे में भारतीय टीम 3 तेज गेंदबाजों के साथ मैदान में उतरना चाहेगी। इसके साथ ही एक स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर और एक पेस बॉलिंग ऑलराउंडर जरूर टीम में होंगे। इस स्थिति में बुमराह के साथ शमी और सिराज को मौका मिल सकता है। वहीं, भुवनेश्वर बैकअप गेंदबाज हो सकते हैं।

    मौजूदा गेंदबाजों पर नहीं है भरोसा
    पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर का कहना है कि भुवनेश्वर के चयन से यह साफ हो चुका है कि मौजूदा चयन समिति को युवा गेंदबाजों पर भरोसा नहीं है। वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में भारतीय तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन भी बेहद निराशाजनक रहा था। सपाट पिच पर रन तो सभी गेंदबाजों को पड़े, लेकिन भारत के युवा गेंदबाज पूरी सीरीज में सही लाइन लेंथ नहीं पकड़ पाए। प्रसिद्ध कृष्णा ही एकमात्र ऐसे तेज गेंदबाज रहे, जो पहले मैच में कैरिबियाई बल्लेबाजों को परेशान किया।

    वसीम जाफर ने क्या कहा?
    वसीम जाफर ने भुवनेश्वर के चयन को सही ठहराते हुए उम्र को नजरअंदाज करने और अनुभव-युवा मिश्रण की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'शमी को टेस्ट टीम में चुना जाना चाहिए। वनडे टीम में गुरनूर ब्रार, प्रसिद्ध कृष्णा और नितिश रेड्डी जैसे कई खिलाड़ियों को आजमाया गया है, लेकिन मैनेजमेंट को अभी पूरा भरोसा नहीं लगता। सिराज को लगातार गेम टाइम नहीं मिल रहा। मैं समझ नहीं पा रहा कि आपके दूसरे और तीसरे सीमर कौन हैं। मेरे हिसाब से शमी को वनडे टीम में होना चाहिए क्योंकि वर्ल्ड कप करीब है। जब आपके पास क्वालिटी है तो खेलना चाहिए। मेरी पहली पसंद बुमराह, शमी और सिराज होगी। वर्ल्ड कप के बाद रीबिल्डिंग के बारे में सोचना चाहिए।'

    2027 वर्ल्ड कप के संभावित 3 तेज गेंदबाज
    जाफर के मुताबिक बुमराह, शमी और सिराज की तिकड़ी भारत के लिए बेस्ट पेस बॉलिंग अटैक बना सकती है। भुवनेश्वर की हालिया वापसी से उनकी भी दावेदारी मजबूत हुई है। सेलेक्टर्स अभी युवा विकल्पों को मौका दे रहे हैं, लेकिन अनुभव की कमी को लेकर चिंता साफ दिख रही है। ऐसे में विश्व कप से ठीक पहले इन अनुभवी खिलाड़ियों को टीम में जगह दी जा सकती है।

     

  • भुवनेश्वर कुमार की वापसी से खुश कपिल देव, बोले- जज्बा और मेहनत हो तो कभी भी कर सकते हैं कमबैक

    भुवनेश्वर कुमार की वापसी से खुश कपिल देव, बोले- जज्बा और मेहनत हो तो कभी भी कर सकते हैं कमबैक

    नई दिल्ली
    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व महान कप्तान कपिल देव ने 4 साल बाद भारत के टी20 टीम में तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी का जोरदार स्वागत किया है। कपिल देव ने बुधवार को जेपी ग्रीन्स गोल्फ एंड स्पा रिजॉर्ट में आयोजित कपिल देव इनविटेशनल टूर चैंपियनशिप के दौरान कहा कि भुवी की यह वापसी उन सभी खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो टीम से बाहर चल रहे हैं। 36 साल के भुवनेश्वर कुमार को 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू हो रही 5 मैचों की T20I सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया है।

    कपिल देव ने क्या कहा?
    भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल मुकाबला नवंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ही खेला था। लंबे समय तक टीम इंडिया से बाहर रहने के बावजूद भुवी ने हार नहीं मानी और वे लगातार घरेलू क्रिकेट के साथ-साथ आईपीएल में पसीना बहाते रहे। भुवी की इस लगन की तारीफ करते हुए कपिल देव ने कहा, 'टीम इंडिया से बाहर होने के बाद भुवी ने बहुत मेहनत की। उन्होंने अपनी फिटनेस पर काम किया और लगातार गेंदबाजी करते रहे, जिसकी बदौलत आज उनकी वापसी हुई है। उनकी यह वापसी बाकी खिलाड़ियों को भी प्रेरणा देगी कि अगर मन में जज्बा और कड़ी मेहनत करने का इरादा हो, तो खेल में कभी भी वापसी की जा सकती है।'

    यूपी टी20 लीग और आईपीएल में ढाया था कहर
    भुवनेश्वर कुमार की यह वापसी केवल उनके अनुभव के आधार पर नहीं, बल्कि मैदान पर दिखाए गए शानदार प्रदर्शन के दम पर हुई है। हाल ही में समाप्त हुई यूपी टी20 लीग में भुवी ने यूपी की तरफ से खेलते हुए 11 पारियों में महज 6.11 की किफायती इकॉनमी और 16.00 की औसत से 14 विकेट हासिल किए थे। इसके अलावा, पिछले दो आईपीएल सीजन में भी उनका प्रदर्शन कमाल का रहा था। भारत के लिए 21 टेस्ट, 121 वनडे और 87 टी20 अंतरराष्ट्रीय (90 विकेट) खेल चुके भुवी अब एक बार फिर नीली जर्सी में जलवा बिखेरने को तैयार हैं।

    न्यूजीलैंड दौरे का पूरा शेड्यूल (IND vs NZ T20I Schedule):
    अजीत अगरकर के पद छोड़ने के बाद प्रज्ञान ओझा की अगुवाई वाली चयन समिति द्वारा चुनी गई यह टीम 22 अक्टूबर से 1 नवंबर तक न्यूजीलैंड में 5 टी20 मुकाबले खेलेगी:
        पहला T20I: 22 अक्टूबर (क्राइस्टचर्च)
        दूसरा T20I: 24 अक्टूबर (क्राइस्टचर्च)
        तीसरा T20I: 27 अक्टूबर (वेलिंगटन)
        चौथा T20I: 30 अक्टूबर (ऑकलैंड)
        पांचवां T20I: 1 नवंबर (हैमिल्टन)

  • Bilaspur के स्कूलों में निरीक्षण के दौरान गड़बड़ी उजागर, मध्यान्ह भोजन पर उठे सवाल

    Bilaspur के स्कूलों में निरीक्षण के दौरान गड़बड़ी उजागर, मध्यान्ह भोजन पर उठे सवाल

    बिलासपुर.

    जिले के स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था और शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। संयुक्त संचालक शिक्षा अश्विनी भारद्वाज ने बिल्हा, चकरभाठा, हरदी और हिर्री क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया।

    इस दौरान कई स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति, निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार अध्यापन नहीं होने और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता में खामियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान चकरभाठा कन्या स्कूल में प्राचार्य समेत कई शिक्षकों की अनुपस्थिति मिली। स्कूल में कुल 17 व्याख्याताओं में से केवल 4 ने निर्धारित कालखंड में अध्यापन कराया। निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार कक्षाएं नहीं लेने पर संयुक्त संचालक ने प्राचार्य से स्पष्टीकरण मांगा है।

    आत्मानंद स्कूल में भी कार्रवाई के निर्देश
    बिल्हा स्थित आत्मानंद स्कूल के निरीक्षण के दौरान संकुल समन्वयक द्वारा नियमित रूप से अध्यापन नहीं किए जाने की बात सामने आई। इस पर संयुक्त संचालक ने संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए और स्कूल की शिक्षण व्यवस्था में सुधार करने को कहा। हरदी प्राथमिक शाला में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं मिली। इस पर भोजन तैयार करने वाले समूह और प्रधान पाठक को चेतावनी दी गई। साथ ही भोजन की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

    संलग्नीकरण को लेकर भी जताई नाराजगी
    निरीक्षण के दौरान स्कूलों में कर्मचारियों के संलग्नीकरण को लेकर भी संयुक्त संचालक ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए और शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। संयुक्त संचालक ने स्पष्ट किया कि स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, समय-सारिणी के अनुसार अध्यापन और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

  • इंडिया मोबाइल कांग्रेस में PM मोदी का विपक्ष पर तंज, DBT की बचत से डीपफेक और डिजिटल सुरक्षा तक की चर्चा

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस में PM मोदी का विपक्ष पर तंज, DBT की बचत से डीपफेक और डिजिटल सुरक्षा तक की चर्चा

      नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण में डिजिटल तकनीक और सरकारी योजनाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आज मोबाइल फोन सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं रह गया है. यह सुशासन का बड़ा माध्यम बन चुका है. इसी दौरान उन्होंने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT का भी जिक्र किया। 

    पीएम ने कहा कि DBT के जरिए 50 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंचे हैं. इससे करीब 5 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है. इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि इस वजह से जिनकी मुफ्त की कमाई बंद हो चुकी है, वो मोदी से प्यार करेंगे क्या?

     '5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे'

    पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की डिजिटल व्यवस्था से सरकारी मदद सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है. उन्होंने कहा कि मोबाइल से जुड़े बैंक खातों के जरिए लोगों तक सरकारी सहायता पहुंची है. इससे व्यवस्था में होने वाली लीकेज को रोकने में मदद मिली है। 

    उन्होंने कहा कि DBT के जरिए 50 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों के खातों में पहुंचे. इससे करीब 5 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई. पीएम ने कहा कि यह कोई छोटी रकम नहीं है. उनके मुताबिक, यह पैसा गलत हाथों में जाने से बचा है। 

    पीएम मोदी ने इसी बात को लेकर सवालिया अंदाज में कहा कि जिन लोगों की बिना मेहनत की कमाई बंद हो गई है, वे मोदी से प्यार करेंगे क्या? उन्होंने पूछा कि क्या उन्होंने सही काम किया या नहीं. पीएम ने कहा कि इस तरह की गड़बड़ियों को रोका जाना चाहिए या नहीं. उन्होंने कहा कि विरोध और आलोचना के बावजूद वह इस काम को जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि वह इसे पूरा करके रहेंगे। 

    पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10 से 12 साल में मोबाइल फोन की भूमिका काफी बदल गई है. अब यह सिर्फ बातचीत करने का साधन नहीं है. मोबाइल के जरिए सरकारी सेवाएं भी लोगों तक पहुंच रही हैं. उन्होंने कहा कि आज सैकड़ों सरकारी सेवाएं मोबाइल फोन पर उपलब्ध हैं. लोगों को कई कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते. डिजिटल व्यवस्था ने सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने का तरीका बदला है। 

     डीपफेक और साइबर सुरक्षा पर भी की बात
    प्रधानमंत्री ने डिजिटल सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने डेटा की सुरक्षा और साइबर धोखाधड़ी का मुद्दा उठाया. उन्होंने डीपफेक जैसी तकनीक से पैदा होने वाली चुनौतियों का भी जिक्र किया. पीएम ने कहा कि डिजिटल दुनिया में बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर एक मजबूत ढांचे की जरूरत है. उन्होंने डेटा और डिजिटल सुरक्षा को लेकर देशों के बीच सहयोग की जरूरत बताई। 

    पीएम मोदी ने भारत के गेमिंग इकोसिस्टम का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि देश में 50 करोड़ से ज्यादा लोग गेमिंग इकोसिस्टम का हिस्सा हैं. इसमें छोटे शहरों और कस्बों के युवाओं की भी बड़ी भूमिका है। 

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस के इस कार्यक्रम में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा देश और विदेश के कई उद्योगपति और टेक्नोलॉजी से जुड़े लोग शामिल हुए। 

     

  • जनहित के कामों को मिले प्राथमिकता, डिप्टी CM अरुण साव ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

    जनहित के कामों को मिले प्राथमिकता, डिप्टी CM अरुण साव ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा

    कार्यों में तेजी लाने और योजनाओं के प्रभावी व समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोर, जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के दिए निर्देश

    अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरता और सक्रियता से दायित्वों का करें निर्वहन – अरुण साव

    त्योहारों के पहले सड़कों की मरम्मत पूर्ण कर व्यवस्था सुधारने के निर्देश

    रायपुर. 
    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में सरगुजा और सूरजपुर जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा विभागीय स्तर पर किए जा रहे कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। सरगुजा के कलेक्टर अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल और सूरजपुर की कलेक्टर श्रीमती रेना जमील भी बैठक में मौजूद थीं।

    योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर, जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने चारों विभागों के अधिकारियों से योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने तथा कार्यों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यालय की व्यवस्था सुधारने तथा अच्छी साफ-सफाई रखने को कहा। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं और विकास कार्यों का सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरतापूर्ण ढंग से दायित्वों का निर्वहन करें। 

    निर्माणाधीन पीएम आवासों को अक्टूबर तक पूर्ण करने कहा

    उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नगरीय निकायों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग तथा जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारे शहर, हमारे प्रदेश की छवि और जिले की प्रतिष्ठा बनाते हैं। इसलिए नगरों की व्यवस्था दुरुस्त करें, स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। 

    उन्होंने अधिकारियों से कहा कि टेण्डर प्रकिया होने के बाद तुरंत कार्य शुरू हो जाएं, प्रगतिरत कार्यों को जल्द पूरा करें, गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें और अपने दायित्वों का गम्भीरता से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) प्राथमिकता का कार्य है, इसलिए सभी सीएमओ अक्टूबर माह तक प्रगतिरत निर्माण कार्यों को पूरा करें। उन्होंने राजस्व संग्रहण कार्य की हर माह समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद के कार्यों, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), 15वें वित्त आयोग, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

    ’सड़कों की मरम्मत में लाएं तेजी’

    उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बरसात के बाद सड़कों की मरम्मत के कार्यों में तेजी लाने को कहा। 

    साव ने भवनों, सड़कों, पुल-पुलियों तथा अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सड़क एवं अधोसंरचना से जुड़े कार्यों का सीधा प्रभाव आम लोगों के आवागमन पर पड़ता है, इसलिए निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। आने वाला समय त्यौहारों का समय है, इसलिए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य हो, लोगों को असुविधा न हो। 

    पेयजल अधोसंरचनाओं के रखरखाव एवं योजनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश

    साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान पेयजल एवं अन्य योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल व्यवस्था, जलापूर्ति से संबंधित कार्यों तथा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाए रखने, जल स्रोतों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पेयजल से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने को कहा। उन्होंने पेयजल से संबंधित अधोसंरचना के रखरखाव एवं योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

    ’प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियां बढ़ाएं’

    उप मुख्यमंत्री ने बैठक में खेल गतिविधियों, खेल अधोसंरचना तथा युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए संचालित कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियां बढ़ाएं। खेल अधिकारी जिला पंचायत सीईओ एवं शिक्षा विभाग के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने स्कूलों के संकुलवार एक-एक पीटीआई को खेल गतिविधियां संचालित करने के लिए चिन्हांकित करने को कहा।

    उन्होंने सरगुजा ओलंपिक के लिए किए जा रहे पंजीयन की भी जानकारी ली। उन्होंने इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने, खेल संघों, खेल से जुड़े लोगों को शामिल करने तथा अधिक से अधिक लोगों को हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल स्वास्थ्य, अनुशासन, आत्मविश्वास, मिलकर चलने का स्वभाव, रचनात्मकता की प्रेरणा देता है। इसलिए युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास करें। सरगुजा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरोमा श्रीवास्तव, सूरजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले और अंबिकापुर नगर निगम के आयुक्त विनय कुमार अग्रवाल भी बैठक में उपस्थित थे।

  • PM मोदी का बड़ा बयान- गांव से शहर तक पहुंची 5G कनेक्टिविटी, भारत बन रहा डिजिटल पावरहाउस

    PM मोदी का बड़ा बयान- गांव से शहर तक पहुंची 5G कनेक्टिविटी, भारत बन रहा डिजिटल पावरहाउस

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया. IMC 2026 देश का बड़ा टेक और टेलीकॉम इवेंट है. इसका आयोजन 7 से 10 अक्टूबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि में हो रहा है. इस बार IMC का 10वां एडिशन है.

    नरेंद्र मोदी ने IMC 2026 का उद्घाटन करते समय सबसे पहले लोगों का धन्यवाद किया. उन्होंने बताया कि आज भारत के लिए एक विशेष दिन है.  साथ ही उन्होंने बताया कि कल ही उन्हें देश की सेवा करते हुए 25 साल पूरे हुए हैं. उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिनेता नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी.

    नरेंद्र मोदी ने बताया है कि बीते 10-12 सालों में मोबाइल फोन गर्वनेंस का टूल बनकर सामने आया है. यह हमारे डिजिटल इंडिया का को रहा है. आज दूर सुदूर गांव और गरीब के बच्चे भी मोबाइल की वजब से बेहतर एजुकेशन पा रहे हैं.

    कोरोना माहामारी के दौरान भी मिला फायदा – मोदी
    मोबाइल से कोरोना महामारी के दौरान भी काम और पढ़ाई जारी रही, जो नई टेक्नोलॉजी की वजह से संभव हुआ. दूर-दराज के गांवों के बच्चे भी डिजिटल लर्निंग का फायदा उठा पा रहे हैं. उन्होंने ऑनलाइन एजुकेशन के लिए ‘दीक्षा’ प्लेटफॉर्म के बारे में भी बात की.

    प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि अब सरकारी योजना और सब्सिडी का लाभ आम लोगों तक आसानी से पहुंच रहा है. साथ ही उन्होंने बताया है कि भारत में टेलिकॉम सेक्टर का विस्तार हुआ है. रिमोट एरिया में भी टेलिकॉम का विस्तार हुआ और डेटा भी अफोर्डेबल हुआ है.

    आज भारत में 50 करोड़ लोग किसी ना किसी तरह से गेमिंग सेक्टर से जुड़ा है. लोग गेमिंग से जुड़ने के साथ ही ई स्पोर्ट्स में कॉन्ट्रीब्यूट भी कर रहा है. सस्ते डेटा की वजह से सभी को फायदा हुआ है. सिर्फ कंटेंट क्रिएशन की इंडस्ट्री भारत में हजारों करोड़ रुपये की हो चुकी है.

    फोन की सिक्योरिटी और नेटवर्क सिक्योरिटी हम सभी की प्राथमिकता है. अब लोगों को पता रहता है कि फोन कौन कर रहा है और मैसेज कौन कर रहा है. साथ ही लोगों को पता रहता है कि कॉल और मैसेज फेक हैं या नहीं. उन्होंने बताया है कि साइबर फ्रॉड और साइबर क्राइम सीमाएं नहीं मानते हैं. इसके लिए जरूरी कि साइबर फ्रॉड से मुकालबा करने के लिए एक ग्लोबल फ्रेम वर्क तैयार करना चाहिए. पीएम ने कहा कि ऐसे मैकेनिज्म तैयार करें जिससे साइबर फ्रॉड को रोका जा सके.

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस की थीम ‘Scale Without Boundaries’ है. यहां 5G, 6G, AI, IoT, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और दूसरी नई टेक्नोलॉजी देखने को मिल रही हैं. दुनियाभर की बड़ी टेक और टेलीकॉम कंपनियां, स्टार्टअप और इंडस्ट्री के बड़े नाम इस इवेंट में हिस्सा ले रहे हैं. आइए जानते हैं क्या होगा इस इवेंट में.

    फ्यूचर टेक्नोलॉजी की झलक
    IMC 2026 एशिया का बड़ा टेक्नोलॉजी शोकेस होने वाला इवेंट है. इस इवेंट में देश और दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों से लेकर नए-नए स्टार्टअप अपने प्रोडक्ट्स और भविष्य में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी की झलक दिखा रहे है. इस इवेंट में टेलीकॉम को 5G से 6G तक कैसे लेकर जाया जाए, इस पर भी बात होगी.

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को देश में ही कैसे बनाया जा सके और लोगों के भले के लिए इसका इस्तेमाल कैसे हो, इस पर भी चर्चा होगी. स्टार्टअप्स अपने AI प्रोडक्ट्स की झलक दिखा सकते हैं. इसके अलावा, इस साल कुछ नई चीजें भी जोड़ी गई हैं, जैसे स्मार्ट मोबिलिटी और इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स. आने वाले समय में बड़े स्तर पर इनका इस्तेमाल किया जा सकता है.इनका डेमोंस्ट्रेशन और एग्जिबिशन भी लगाया गया है.

    कैसे हिस्सा लें इस इवेंट में
    IMC 2026 के इवेंट में जाकर नई टेक्नोलॉजी को समझने और डेमोंस्ट्रेशन देखने के लिए आप रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. स्टूडेंट्स और विजिटर्स के लिए फ्री एंट्री दी गई है. रजिस्ट्रेशन करने के लिए IMC के ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन पोर्टल से रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है.