Author: NewseDay

  • हरियाणा में HCS को भी बड़ी राहत, 22 HPS अफसरों के होंगे प्रोमोशन

    हरियाणा में HCS को भी बड़ी राहत, 22 HPS अफसरों के होंगे प्रोमोशन

    चंडीगढ़.

    हरियाणा पुलिस सेवा (एच.पी.एस.) के अधिकारियों के लिए जल्द खुशखबरी आने वाली है। लंबे इंतजार के बाद, हरियाणा सरकार ने 22 एच.पी.एस. अधिकारियों को आई.पी.एस. रैंक पर प्रोमोट करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस बीच 2002 बैच के एच.सी.एस. अफसरों को राहत मिली है, जिन्हें प्रोवीजनल तौर पर आई.ए.एस. में प्रोमोट किया गया था।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा इन अधिकारियों को इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट जारी किए जाने के साथ ही सालों से अटका प्रोमोशन का रास्ता साफ हो गया है। अब राज्य सरकार जल्द ही इन नामों का पैनल यू.पी.एस.सी. को भेजने जा रही है। इन एच.पी.एस. अधिकारियों को मिले सर्टिफिकेटः मुख्य सचिव की ओर से जिन एच.पी.एस. अफसरों को ये सर्टिफिकेट दिए हैं, उनमें मुकेश कुमार, ध्यान सिंह पूनिया, धर्मवीर सिंह, चलजिंद्र सिंह, जयबीर सिंह, कुशाल सिंह, राज कुमार वालिया, ताहिर हुसैन, सिंह, नरेंद्र सिंह, रविंद्र कुमार, राजेश कुमार, ममता खर्च, रविंद्र विजय सिंह, सिद्धार्थ ढांडा, करण गोयल, संदीप कुमार, पूनम, भारती डवास, अमित दहिया, ऊषा देवी और जितेंद्र गहलावत शामिल हैं।

    2 वर्ष पहले प्रोमोशन पर फंसा था पेंच
    दरअसल दो साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में 13 एच. पी. एस. के प्रोमोशन की फाइल की मंजूरी मिली थी, लेकिन गृह विभाग की ओर से एच.पी.एस. अफसरों के प्रोमोशन की तैयार की गई फाइल को तत्कालीन मुख्य सचिव ने आपत्ति जताते हुए वापस भेज दिया था। उस समय कई एच.पी.एस. अफसरों की एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट (ए.सी.आर.) ही पूरी नहीं थी, इसके कारण उनके इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ था।

    2002 बैच के एच.सी.एस. अफसरों को भी राहत
    2002 बैच के एच.सी.एस. अफसरों को राहत हरियाणा सरकार के 2002 बैच के उन एच.सी. एस. अफसरों को कैट से राहत मिली है, जिन्हें प्रोवीजनल तौर पर आई.ए.एस. में प्रोमोट किया गया था। यू.पी.एस.सी. ने पिछले साल इन अफसरों के नामों पर विचार किया था और लंबित केस के कारण उनका नाम प्रोवीजनल लिस्ट में शामिल किया गया था। अब केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने हरियाणा सिविल सेवा के आठ अधिकारियों को अंतरिम राहत प्रदान की है, जिनकी भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति 2002 के भर्ती मामले में कथित संलिप्तता के कारण रुकी हुई है। कैट ने 27 जनवरी को पारित अपने नवीनतम आदेश में, न्यायाधिकरण ने निर्देश दिया कि उसकी पूर्व अंतरिम सुरक्षा 27 अप्रैल, 2026 तक जारी रहेगी, जिससे चयन सूची रद्द नहीं होगी। जिन आठ अधिकारियों को राहत मिली है, उनमें जगदीप ढांडा, सरिता मलिक, कमलेश भादू, कुलधीर सिंह, वत्सल वशिष्ठ, जग निवास, वीना हुडा और सुरेंद्र सिंह-1 का नाम शामिल हैं।

  • पंजाब में यातायात प्रभावित होने की आशंका, हल्की वर्षा के बाद बढ़ा घना कोहरा

    पंजाब में यातायात प्रभावित होने की आशंका, हल्की वर्षा के बाद बढ़ा घना कोहरा

    लुधियाना.

    पंजाब के तीन जिलों में हल्की वर्षा दर्ज की गई, जबकि अन्य सभी जिलों में धूप खिली रही। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार रविवार मध्यरात्रि से सोमवार सुबह पांच बजे के दौरान रूपनगर में चार मिलीमीटर, पठानकोट में 12 व मानसा में 0.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। विभाग के अनुसार बठिंडा में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री रहा।

    विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को पंजाब के अधिकांश जिलों में घनी धुंध पड़ सकती है। पंजाब के जीरकपुर सहित कई इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सुबह-सुबह यातायात बाधित हो सकता है।

    कहां कितना रहा तापमान
    मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि पंजाब में सबसे कम था। बठिंडा में न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं लुधियाना में 5.4 डिग्री सेल्सियस, गुरदासपुर में 6.0 डिग्री सेल्सियस, एसबीएस नगर में 6.8 डिग्री सेल्सियस, पटियाला में 5.8 डिग्री सेल्सियस, अमृतसर में 6.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

  • निकट थाने में रखी जाएगी गोपनीय सामग्री, बोर्ड परीक्षा की 12 व 13 को बटेंगी सामग्री

    निकट थाने में रखी जाएगी गोपनीय सामग्री, बोर्ड परीक्षा की 12 व 13 को बटेंगी सामग्री

    दुर्ग.

    छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा हाई स्कूल तथा हायर सेकेंडरी परीक्षा 20 फरवरी से आयोजित की जा रही है. इन परीक्षाओं के लिए गोपनीय सामग्रियों का वितरण 12 एवं 13 फरवरी को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम शासकीय बहुउद्देशीय जेआरडी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्ग से किया जाएगा.

    जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि गोपनीय सामग्री प्राप्त करने के लिए मुख्य परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष/ प्राचार्य उपस्थित होंगे. इस बार दसवीं में 16857 विद्यार्थी तथा 12वीं में 13563 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे. इस तरह बोर्ड परीक्षाओं में कुल 30420 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे. दुर्ग जिले में परीक्षा के लिए कुल 135 केंद्र बनाए गए हैं. इस बार फरीदनगर भिलाई को नया केंद्र बनाया गया है. वहीं इंदिरा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामनगर भिलाई स्थित परीक्षा केंद्र को बंद किया गया है. गोपनीय सामग्री को परीक्षा केंद्र के निकट 27 थाने में रखा जाएगा.

  • साई धनशिका ने खोला राज़: ‘योगी दा’ में बिना बॉडी डबल किए किए सभी खतरनाक स्टंट

    साई धनशिका ने खोला राज़: ‘योगी दा’ में बिना बॉडी डबल किए किए सभी खतरनाक स्टंट

    मुंबई 

     साउथ फिल्म इंडस्ट्री की सफल अभिनेत्री साई धनशिका अपनी अपकमिंग फिल्म 'योगी दा' की रिलीज को लेकर उत्साहित हैं। साई फिल्म में एक्शन करती नजर आएंगी। उन्होंने बताया कि फिल्म 'योगी दा' में सभी स्टंट खुद किए हैं। उन्होंने बताया कि बिना किसी बॉडी डबल के एक्शन सीन पूरे किए महिलाएं चाहें तो पुरुषों जितने शानदार स्टंट कर सकती हैं। एक इवेंट में साई धनशिका ने बताया, "मैंने पहली बार 'पेरानमाई' में एक्शन किया था और वह अनुभव आज भी मेरी मदद करता है।

     'योगी दा' में हर स्टंट सीन मैंने खुद किए हैं, बिना किसी बॉडी डबल के। अगर महिलाएं मन बना लें, तो वे पुरुषों की तरह ही अच्छे स्टंट कर सकती हैं।" उन्होंने फिल्म के संदेश पर जोर देते हुए कहा, "आज महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। 

    समाज अक्सर सोचता है कि एक बार अगर कोई महिला शारीरिक रूप से घायल हो जाए, तो वह फिर कभी खड़ी नहीं हो सकती। लेकिन 'योगी दा' दिखाती है कि वह इससे उबर सकती है और मजबूत होकर वापस आ सकती है। हमने यह फिल्म महिलाओं के लिए, उनकी पूरी क्षमता दिखाने के लिए बनाई है।"

    साई धनशिका ने फिल्म के टाइटल की रोचक कहानी भी साझा की। उन्होंने कहा कि 'योगी दा' का नाम सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म 'कबाली' से प्रेरित है। "मैंने 'कबाली' में रजनीकांत सर की बेटी का किरदार निभाया था, जिसका नाम 'योगी' था। इसी से 'योगी दा' की शुरुआत हुई। हमने 'कबाली' के लुक और एक्शन स्टाइल में समानताएं देखीं, इसलिए यह नाम चुना। 'कबाली' के लिए मैंने असल में अपने बाल कटवाए थे, लेकिन इस फिल्म के लिए विग का इस्तेमाल किया। 'कबाली' के बाद कई महिलाओं ने मेरे किरदार से प्रेरित होकर बाल कटवाए थे। तब मुझे एहसास हुआ कि एक फिल्म लोगों पर कितना गहरा असर डाल सकती है।"

    एक्ट्रेस ने अपनी पूरी टीम को दिल से धन्यवाद देते हुए कहा, "मेरी पूरी टीम को बहुत-बहुत शुक्रिया। यह आप सबके बिना संभव नहीं होता। मैं मानती हूं कि ज्यादा बोलने से बेहतर है कि काम बात करे, जो मेहनत फिल्मों में दिखती है।"

    'योगी दा' एक एक्शन एंटरटेनर है, जिसे गौतम कृष्णा ने लिखा और डायरेक्ट किया है। फिल्म का निर्माण श्री मोनिका सिनी फिल्म्स के बैनर तले सेंथिलकुमार ने किया है। एक्शन से भऱपूर फिल्म में साई धनशिका लीड रोल में हैं। यह फिल्म 6 फरवरी को रिलीज होने वाली है।

  • 23 फरवरी का योग: मंगल कुंभ राशि में, इन राशियों को करना होगा सतर्कता से काम

    23 फरवरी का योग: मंगल कुंभ राशि में, इन राशियों को करना होगा सतर्कता से काम

    ज्योतिष शास्त्र में मंगल को सभी ग्रहों का सेनापति कहा जाता है. इस समय मंगल शनि की राशि मकर में बैठे हुए हैं और कुछ ही दिनों में मंगल दोबारा शनि की राशि कुंभ में प्रवेश करेंगे. वैदिक ज्योतिष में मंगल को साहस, पराक्रम और ऊर्जा का कारक माना जाता है, जो किसी भी व्यक्ति को शक्तिशाली और निडर बनाता है. और शनिदेव को कर्मफल माना जाता है, जो हर व्यक्ति को कर्मों के मुताबिक फल प्रदान करते हैं. ज्योतिषियों के अनुसार, मंगल और शनि में बहुत ही गहरी शत्रुता है तो ऐसे में जब मंगल शनि की राशि में प्रवेश करेंगे तो क्या होगा. 

    मंगल करेंगे कुंभ राशि में प्रवेश 
    द्रिक पंचांग के अनुसार, 23 फरवरी को मंगल सुबह 11 बजकर 33 मिनट कुंभ राशि में प्रवेश करेगा, जिसका प्रभाव हर राशि पर नकारात्मक और सकारात्मक दोनों तरीके से पड़ेगा. तो आइए जानते हैं कि मंगल के कुंभ राशि में प्रवेश करने से किन राशियों को नुकसान होगा. 

    वृषभ: फैसलों में सावधानी जरूरी

    मंगल का यह गोचर वृषभ राशि वालों के लिए कामकाज में तनाव बढ़ा सकता है. ऑफिस में वरिष्ठ अधिकारियों से मतभेद हो सकते हैं. जल्दबाजी में लिया गया कोई फैसला नुकसान दे सकता है. गुस्से पर काबू न रखा गया तो बनी-बनाई स्थिति बिगड़ सकती है. इस समय धैर्य और संयम रखना बहुत जरूरी रहेगा.

    वृश्चिक: रिश्तों में टकराव

    मंगल के गोचर से वृश्चिक राशि वालों को सावधान रहना होगा. घर-परिवार से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं. मन में चिड़चिड़ापन रहेगा, जिससे फैसलों में गलती हो सकती है. प्रॉपर्टी या वाहन से जुड़े मामलों में सावधानी रखना बेहतर होगा. जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ मतभेद बढ़ने की आशंका है. छोटी-छोटी बातों पर बहस हो सकती है. दूसरों पर अपनी बात थोपने से बचें, वरना रिश्तों में दूरी आ सकती है.

    कुंभ: गुस्से से हो सकता है नुकसान 

    कुंभ राशि वालों को मंगल गोचर ऊर्जा तो देगा, लेकिन गुस्से और जल्दबाजी के साथ. आत्मविश्वास जरूरत से ज्यादा बढ़ सकता है, जिससे टकराव की स्थिति बन सकती है. बिना सोचे-समझे कदम उठाने से नुकसान हो सकता है. इस समय शांत रहकर काम करना आपके लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा.

  • गुरुग्राम में 32 कॉलोनियों को मिलेगी गंदे पानी से निजात, 50 करोड़ से बनेगा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट

    गुरुग्राम में 32 कॉलोनियों को मिलेगी गंदे पानी से निजात, 50 करोड़ से बनेगा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट

    चंडीगढ़.

    भोंडसी गांव की सीता राम मंदिर की भूमि पर एसटीपी लगेगा। प्लांट पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे मारुति कुंज की 32 कालोनियों को गंदे पानी की निकासी की समस्या से छुटकारा मिलेगा। कॉलोनी के लोग कई वर्षों से इस समस्या से परेशान थे। इन कॉलोनियों में करीब एक लाख प्रवासी लोग अपने घरौंदा बना कर रहते हैं। मारुति कुंज एवं भाेंडसी गांव निगम के 19 वार्ड के अंतर्गत है।

    समस्या से निजात दिलाने के लिए विधायक तेजपाल तंवर एवं गुरुग्राम नगर निगम की मेयर राजरानी मल्होत्रा ने 6 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। विधायक तेजपाल तंवर ने कहा कि मारुति कुंज की 32 कालोनी के लोगों को इस प्लांट से फायदा होगा। कॉलोनियों में करोड़ों रुपये खर्च कर बिजली व्यवस्था की जाएगी। मारुति कुंज का स्वरूप बढ़ता जा रहा है। उनका प्रयास है भोंडसी गांव में विकास कार्यों को बढ़ाना। जब पंचायत थी तब करोड़ों रुपये पंचायत के खाते में थे। उन्होंने गांव की पंचायत से अपील की थी इस पैसे का विकास कार्यों पर खर्च कर दो, नहीं तो सरकार के पास ही रह जाएंगे।

    भोंडसी पंचायत खर्च नहीं कर सकी। विकास नहीं किया। उनका करोड़ों रुपये दूसरी पंचायत और निगम में चला गया। भोंडसी के कुछ लोग एसटीपी के निर्माण से हो सकता है नाराज हों लेकिन यह जनहित में है। क्षेत्र के सब लोगों की सुविधा के लिए है। विकास के मामले में कालोनी को पीछे नहीं रहने दिया जाएगा। मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि सरकार के पास पैसे की कमी नहीं है। जनहित के कार्य बताओ, सब कार्य प्राथमिकता से होंगे। वार्ड पार्षद अमित भड़ाना ने बताया कि करीब 7 एकड़ भूमि है, जिसमें एसटीपी के अलावा लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के डिस्पेंसरी, मंदिर सहित कई जनहित कार्यों में प्रयोग में ली जाएगी।

  • पंजाब सरकार ने बताया बड़ा खतरा, बजट सत्र में शामिल नहीं हो पाएगा अमृतपाल सिंह

    पंजाब सरकार ने बताया बड़ा खतरा, बजट सत्र में शामिल नहीं हो पाएगा अमृतपाल सिंह

    चंडीगढ़.

    पंजाब सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को अस्थायी रिहाई देने से साफ इनकार कर दिया है। सरकार की ओर से कहा गया कि राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था और सार्वजनिक शांति के हित सर्वोपरि हैं। ऐसे में उसे रिहाई की अनुमति नहीं दी जा सकती।

    अमृतपाल ने बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति देने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। गृह विभाग ने सोमवार को अमृतपाल की अर्जी खारिज कर दी। सरकार ने कहा कि हिरासत में रहते संसद सत्र में भाग लेना कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है। 23 फरवरी 2023 को थाना अजनाला में खालिस्तानी समर्थक व सांसद अमृतपाल सिंह ने अपने साथी को छुड़वाने के लिए हमला कर दिया था। इस हमले में एसपी जुगराज सिंह, एएसआइ जतिंदर सिंह, पुलिस होमगार्ड का जवान सुरजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था। थाना अजनाला की पुलिस ने अमृतपाल सिंह सहित 19 लोगों का बायनेम व 250 के करीब अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद पंजाब सरकार की ओर से इन पर एनएसए लगाया गया था और इन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया था।

    खडूर साहिब सीट से बना सांसद
    पिछले साल लोकसभा चुनाव में अमृतपाल सिंह ने पंजाब की खडूर साहिब सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव में भाग लिया और यहां से वह सांसद चुना गया।

  • आज मंत्री श्यामबिहारी करेंगे समस्याओं का निराकरण, BJP मुख्यालय में ‘सहयोग केंद्र’ दोबारा शुरू

    आज मंत्री श्यामबिहारी करेंगे समस्याओं का निराकरण, BJP मुख्यालय में ‘सहयोग केंद्र’ दोबारा शुरू

    रायपुर.

    प्रदेश भाजपा एक बार फिर अपने कार्यकर्ताओं और आम जनता की समस्याएं सुनने एवं उनके त्वरित निराकरण के उद्देश्य से पार्टी मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में सहयोग केंद्र की शुरुआत करने जा रही है। यह सहयोग केंद्र करीब तीन महीने के अंतराल के बाद आज 3 फरवरी से दोबारा शुरू हो रहा है।

    भाजपा प्रदेश मीडिया विभाग के अनुसार, सहयोग केंद्र के पहले दिन प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल उपस्थित रहेंगे। मंत्री के आगमन से पूर्व दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का पंजीयन किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक मंत्री सीधे तौर पर कार्यकर्ताओं और आम जनता की समस्याएं सुनेंगे तथा उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देंगे। इस दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय भी मौजूद रहेंगे।

    4, 5 और 6 फरवरी को ये मंत्री रहेंगे मौजूद
    सहयोग केंद्र के कार्यक्रम के तहत 4 फरवरी को पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, 5 फरवरी को श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन और 6 फरवरी को खाद्य मंत्री दयालदास बघेल समस्याएं सुनेंगे। इन तीनों दिनों में क्रमशः प्रदेश भाजपा महामंत्री अखिलेश सोनी, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन और प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रंजना साहू भी सहयोग केंद्र में उपस्थित रहेंगी।

    2024 में की गई थी सहयोग केंद्र की शुरुआत
    गौरतलब है कि भाजपा सरकार के गठन के बाद वर्ष 2024 में पहली बार सहयोग केंद्र की शुरुआत की गई थी, लेकिन लोकसभा और नगरीय निकाय चुनावों के चलते यह व्यवस्था अधिक समय तक संचालित नहीं हो सकी। इसके बाद लंबे इंतजार के बाद अक्टूबर 2025 में सहयोग केंद्र दोबारा शुरू हुआ, जो करीब दो सप्ताह तक चला। इस दौरान 11 मंत्रियों ने सहयोग केंद्र में पहुंचकर कार्यकर्ताओं और आम लोगों की समस्याएं सुनीं। इन दो सप्ताह में एक हजार से अधिक आवेदन और शिकायतें सामने आईं, जिनमें से बड़ी संख्या में मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। दीपावली के बाद इसे बंद कर दिया गया था।

    अब एक बार फिर सहयोग केंद्र की शुरुआत ऐसे समय में की जा रही है, जब भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) अजय जम्वाल ने आगामी तीन महीनों में प्रदेशव्यापी दौरे का निर्णय लिया है। वहीं दूसरी ओर 23 फरवरी से विधानसभा का बजट सत्र शुरू होकर 20 मार्च तक चलने वाला है। ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि विधानसभा सत्र और मंत्रियों की व्यस्तताओं के कारण सहयोग केंद्र को निरंतर संचालित रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। बावजूद इसके, भाजपा संगठन का दावा है कि कार्यकर्ताओं और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा और यथासंभव समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

  • मेडिकल ब्रिलियंस! एम्स भोपाल ने मरीज के लिए अंजाम दी दुर्लभ और जटिल ‘होल लंग्स लैवेज’ सर्जरी

    मेडिकल ब्रिलियंस! एम्स भोपाल ने मरीज के लिए अंजाम दी दुर्लभ और जटिल ‘होल लंग्स लैवेज’ सर्जरी

     भोपाल 

    पत्थर, सीमेंट और निर्माण से जुड़ी दुनिया जितनी मजबूत दिखती है, उतनी ही कमजोर जिंदगियां उसके पीछे काम कर रही होती हैं। इन्हीं जिंदगियों को धीरे-धीरे निगल लेने वाली एक खामोश और जानलेवा बीमारी है सिलिकोसिस। यह ऐसी बीमारी है, जिसमें फेफड़े धीरे-धीरे पत्थर जम जाता है। 

    एम्स भोपाल में मध्य भारत की पहल

    एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने इस मरीज के इलाज के लिए ‘होल लंग्स लैवेज’ नाम की अत्यंत जटिल प्रक्रिया को अंजाम दिया। इस प्रक्रिया में फेफड़ों के अंदर जमा प्रोटीन और धूल को सलाइन वाटर से धोकर बाहर निकाला जाता है। एम्स प्रबंधन के अनुसार, मध्य भारत में यह पहला मौका है, जब सिलिकोसिस से प्रभावित फेफड़ों में जमे प्रोटीन को इस तकनीक से सफलतापूर्वक साफ किया गया हो।

    डॉक्टरों का कहना है कि यह सिर्फ एक मरीज का इलाज नहीं, बल्कि उन हजारों मजदूरों के लिए उम्मीद की किरण है, जो रोजाना पत्थरों और धूल के बीच काम करते हुए अपनी सांसें दांव पर लगा देते हैं।

    स्टोन क्रशर की धूल ने बिगाड़ी हालत एम्स के पल्मोनोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अल्केश खुराना और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिनव खुराना ने बताया कि मरीज लंबे समय से स्टोन क्रशर में काम कर रहा था। वहां उड़ने वाली बारीक सिलिका धूल सांस के साथ उसके फेफड़ों में पहुंचती रही और धीरे-धीरे वहां जमती चली गई।

    इस स्थिति को मेडिकल भाषा में डिफ्यूज एल्वियोलर प्रोटीनोसिस कहा जाता है। इसमें फेफड़ों की हवा वाली थैलियों में प्रोटीन भर जाता है, जिससे ऑक्सीजन का आदान-प्रदान रुकने लगता है। यही कारण था कि मरीज को सांस लेने में अत्यधिक परेशानी हो रही थी और उसका ऑक्सीजन स्तर लगातार गिरता जा रहा था।

    6 घंटे चली बेहद जोखिमभरी प्रक्रिया डॉ. खुराना के अनुसार, होल लंग्स लैवेज एक बेहद जटिल और जोखिमभरी प्रक्रिया है। इसमें फेफड़ों के अंदर 6 से 8 लीटर तक सलाइन वाटर डाला जाता है और फिर उसे बाहर निकाला जाता है, ताकि जमा प्रोटीन साफ हो सके।

    यह प्रक्रिया इसलिए भी खतरनाक होती है क्योंकि ज्यादा मात्रा में पानी फेफड़ों में जाने से मरीज की जान को सीधा खतरा हो सकता है। इसी वजह से पूरी प्रक्रिया को अत्यंत सावधानी के साथ करीब 6 घंटे में पूरा किया गया। डॉक्टरों की एक पूरी टीम लगातार मरीज के ऑक्सीजन स्तर, हृदय गति और ब्लड प्रेशर पर नजर रखे हुए थी।

    कार्डियक ओटी में हुआ ऑपरेशन इस जटिल प्रक्रिया को कार्डियक ओटी में किया गया, जिसमें कार्डियक थोरेसिक सर्जन डॉ. योगेश निवारिया भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि इस इलाज की सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि जब एक फेफड़े को साफ किया जा रहा होता है, तब मरीज को दूसरे फेफड़े के सहारे ही सांस लेनी पड़ती है।

    इस मरीज के मामले में मुश्किल और बढ़ गई थी, क्योंकि दूसरा फेफड़ा भी काफी कमजोर हो चुका था। ऐसे हालात में कई बार मरीज को हार्ट-लंग मशीन यानी आर्टिफिशियल लंग्स पर रखना पड़ता है। हालांकि, डॉक्टरों की सतर्कता और सही रणनीति के चलते इस मरीज को मशीन पर डालने की जरूरत नहीं पड़ी और प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई।

    क्या है सिलिकोसिस और क्यों है यह जानलेवा सिलिकोसिस सिलिका नामक बेहद बारीक धूल के कणों से होने वाली बीमारी है। ये कण सांस के साथ फेफड़ों में पहुंच जाते हैं और वहां जमा होकर फेफड़ों की कोमल झिल्लियों को नुकसान पहुंचाते हैं। धीरे-धीरे फेफड़े स्पंज जैसे नरम रहने के बजाय पत्थर की तरह सख्त हो जाते हैं।

    जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, मरीज को सांस लेने में तकलीफ, लगातार खांसी, थकान और ऑक्सीजन की कमी महसूस होने लगती है। अंतिम चरण में शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और मरीज की मौत तक हो सकती है।

    मजदूर सबसे ज्यादा चपेट में सिलिकोसिस का सबसे बड़ा शिकार वे मजदूर होते हैं, जो खदानों, स्टोन क्रशर, पत्थर की पाउडर मिलों, सीमेंट फैक्ट्रियों और कांच-सिरेमिक उद्योगों में काम करते हैं। इनमें से ज्यादातर मजदूर गरीब तबके से आते हैं और सुरक्षा उपकरणों की कमी या जानकारी के अभाव में इस जानलेवा धूल के संपर्क में रहते हैं।

    डॉक्टरों का कहना है कि सिलिकोसिस से बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है। इसके लिए कार्यस्थलों पर धूल नियंत्रण, मास्क और नियमित स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है।

  • शिवराज ने रायसेन के लिए सुनाई उम्मीद की खबर, भारत सरकार से मिली रोप-वे मंजूरी

    शिवराज ने रायसेन के लिए सुनाई उम्मीद की खबर, भारत सरकार से मिली रोप-वे मंजूरी

    भोपाल

    मध्य प्रदेश के विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र में पिछले 100 दिनों से जारी सांसद खेल महोत्सव का समापन हो गया। इस मौके पर स्थानीय सांसद और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए एक बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे रायसेन में स्थित किले तक रोप-वे बनाने की अनुमति लेकर आए हैं। साथ ही उन्होंने इस बारे में जारी आदेश को समारोह में मौजूद रायसेन के विधायक प्रभुराम चौधरी को सौंप दिया। इसके अलावा केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि रोप-वे बनने के साथ ही किले पर एक म्यूजियम भी बनाया जाएगा, जिसमें इलाके के गौरवशाली इतिहास को बताते हुए इससे जुड़ी धरोहरों को वहां संजोया जाएगा। साथ ही इलाके के किसानों की भलाई के लिए लगने वाले मेले की जानकारी देते हुए शिवराज ने कहा कि यहां पर अप्रैल महीने में तीन दिनों के लिए किसान कुंभ और किसानों का मेला लगेगा। जिसमें उन्हें खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    अप्रैल महीने में तीन दिन लगेगा किसान कुंभ और मेला

    कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए शिवराज ने कहा, 'रायसेन वालों, अभी डॉ प्रभुराम चौधरी जी कह रहे थे कि किला बहुत ऊपर है, तो प्रभुरामजी आज आप ये आदेश ले लीजिए, जो हमारा रायसेन के किले में रोपवे की अनुमति भारत सरकार से मैं लेकर आया हूं रायसेन वालों। मैं आपको आदेश की कॉपी दे रहा हूं, अब रायसेन रोप-वे जाएगा और किले के ऊपर एक शानदार म्यूजियम भी बनाया जाएगा। ऊपर वाले किले को भी शानदार बनाया जाएगा। रायसेन में मेडिकल कॉलेज तो खुलेगा ही, उसकी घोषणा माननीय मुख्यमंत्री कर चुके हैं और किसानों के लिए 12, 13 और 14 अप्रैल को किसान कुंभ और किसानों का मेला लगेगा। जिसमें खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षण देने का काम किया जाएगा। रायसेन अब हिंदुस्तान में आइडियल बनेगा।' इसके आगे शिवराज ने कहा, 'मैं फिर आपको वचन देता हूं कि आपकी मुस्कुराहत ही मेरी जिंदगी है, आपके चेहरे पर खुशी लाने के लिए मामा कोई कसर नहीं छोड़ेगा।'
    MLA बोले- नई ऊंचाई तक ले जाना हमारा संकल्प

    वहीं कार्यक्रम में मौजूद रायसेन के विधायक व पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी ने इस बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, ‘रायसेन के मेरे प्रिय भाई-बहनों, आज हमारे लिए ऐतिहासिक क्षण है। माननीय केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान जी के प्रयासों से रायसेन किले में रोप-वे निर्माण की अनुमति भारत सरकार से प्राप्त हुई है। यह आदेश पत्र प्राप्त कर मैं आप सभी के साथ इस सुखद समाचार को साझा कर रहा हूं। अब श्रद्धालु और पर्यटक रोप-वे के माध्यम से किले तक सहज और सुरक्षित रूप से पहुंच सकेंगे। साथ ही, किले में एक भव्य संग्रहालय (म्यूजियम) का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे रायसेन की गौरवशाली विरासत को नई पहचान मिलेगी। रायसेन के विकास और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का हमारा संकल्प निरंतर जारी रहेगा।’
    बहुत ऊंची पहाड़ी पर बना है 11वीं शताब्दी का किला

    रायसेन के जिस किले तक पहुंचने के लिए शिवराज ने रोपवे बनाने की अनुमति मिलने की जानकारी दी है, वह किला राजधानी भोपाल से लगभग 40 किलोमीटर दूर है और एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। साथ ही मध्यप्रदेश के प्रमुख किलों में से एक है। इसका निर्माण 11वीं शताब्दी में किया गया था और यह पहले हिंदू राजाओं का गढ़ था। बाद में यह किला अफगान और मुग़ल शासकों के अधीन रहा। इस किले में हिंदू और मुगल वास्तुकला का मिश्रण दिखा देता है। इस किले के अंदर बादल और रानी महल, जलाशय, मंदिर, और हजरत पीर फतेह उल्लाह शाह बाबा की दरगाह स्थित हैं, जहां प्रतिवर्ष उर्स के मौके पर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जिसमें सभी धर्मों के लोग शामिल होते हैं।

    बता दें कि पिछले सौ दिनों से विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र में सांसद खेल महोत्सव चल रहा था। जिसका समापन सोमवार को हो गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में यहां पर भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर रविंद्र जडेजा पहुंचे थे और उन्होंने रोड शो में हिस्सा लेते हुए खेल महोत्सव में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को संबोधित भी किया।