Author: NewseDay

  • चांदी का कड़ा: किन राशियों को पहनना चाहिए और किन्हें बचना चाहिए? पूरी जानकारी यहाँ

    चांदी का कड़ा: किन राशियों को पहनना चाहिए और किन्हें बचना चाहिए? पूरी जानकारी यहाँ

    ज्योतिष शास्त्र में चांदी बहुत महत्वपूर्ण और विशेष मानी जाती है. चांदी का संबंध चंद्र और शुक्र ग्रह से माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिस व्यक्ति की कुंडली में चंद्र मजबूत होता है, तो उसकी सेहत हमेशा अच्छी रहती है. साथ ही व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है. वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्र ग्रह सुख, वैभव और संपन्नता प्रदान करता है.

    यही कारण है कि लोग चांदी की अंगूठी या कड़ा अपने हाथों में पहनते हैं, तो आइए आज हम आपको बातते हैं कि चांदी का कड़ा किन रशि के जातकों के लिए शुभ माना जाता है? साथ ही जानते हैं कि किन राशि के जातकों को चांदी का कड़ा बिल्कुल भी नहीं पहनना चाहिए?

    इन तीन राशि वालों के लिए चांदी का कड़ा है बहुत शुभ

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को चांदी का कड़ा जरूर पहनना चाहिए. माना जाता है कि इन तीन राशि के जातकों को चांदी का कड़ा विशेष लाभ प्रदान करता है. ये तीनों ही राशियां जल तत्व की मानी जाती हैं. चांदी का संबंध भी जल तत्व से ही है. इसी वजह से तीनों राशि के जातकों के लिए चांदी का कड़ा पहनना शुभ और फलदायी होता है.

    चांदी का संबंध चंद्रमा और शुक्र ग्रह से बताया गया है. चंद्रमा मन, सोच और मानसिक शांति का कारक माना जाता है. वहीं शुक्र सुख, सुंदरता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. कहते हैं कि व्यक्ति की कुंडली में अगर ये दो ग्रह मजबूत होते हैं, तो जीवन में शांति और संतुलन बना रहता है.

    किन राशि वालों को चांदी का कड़ा नहीं पहनना चाहिए?

    ज्योतिष के अनुसार, मेष, सिंह और धनु राशि वालों को चांदी या इसका कड़ा नहीं पहनना चाहिए. इन राशि वालों को चांदी पहनने से मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए इन तीन राशि के जातकों को चांदी का कड़ा या अन्य चांदी का आभूषण पहनने से परहेज करना चाहिए.

    किस दिन और किस हाथ में पहनें?

    चांदी का कड़ा पहनने के लिए सबसे शुभ दिन सोमवार और शुक्रवार माना गया है. पुरुषों को चांदी का कड़ा दाहिने हाथ में पहनना चाहिए. जबकि महिलाओं को बाएं हाथ में पहनना चाहिए.

  • साध्वी प्रेम बाईसा केस में बड़ा कदम: SIT ने पिता से की गहन पूछताछ

    साध्वी प्रेम बाईसा केस में बड़ा कदम: SIT ने पिता से की गहन पूछताछ

    जोधपुर

    जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच तेज कर दी गई है। सोमवार को डीसीपी वेस्ट विनीत बंसल सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एसीपी कार्यालय पहुंचे, जहां साध्वी के पिता को बुलाकर पूछताछ की गई।

    मीडिया से बातचीत करते हुए डीसीपी वेस्ट विनीत बंसल ने बताया कि घटना के बाद से पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर पूरी टीम गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मृतका के बैकग्राउंड, उनके पिता के बैकग्राउंड, किसी से रंजिश या दुश्मनी, मेडिकल लापरवाही सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

    डीसीपी ने बताया कि रविवार को एफएसएल टीम द्वारा दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया है और वहां से मिले अहम तथ्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। इसके साथ ही साध्वी के पिता के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की जा रही है, ताकि मामले से जुड़े हर संभावित सुराग की पड़ताल की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में फिलहाल कोई भी व्यक्ति शक के दायरे से बाहर नहीं है और किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी गई है। पूछताछ के लिए किसी व्यक्ति को दोबारा बुलाया जाना जांच प्रक्रिया का हिस्सा है।

    डीसीपी विनीत बंसल ने भरोसा दिलाया कि गठित एसआईटी द्वारा किसी के साथ अनावश्यक दबाव या दुर्व्यवहार नहीं किया जाएगा। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी प्रकार की बाहरी या आंतरिक चोट के स्पष्ट निशान सामने नहीं आए हैं, हालांकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

    वहीं पूछताछ के बाद साध्वी के पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें केवल बातचीत के लिए बुलाया गया था और उन पर किसी तरह का पुलिस दबाव नहीं बनाया गया। मोबाइल फोन का पासवर्ड मांगे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनसे अब तक कोई पासवर्ड नहीं मांगा गया है। उन्होंने बताया कि वे साध्वी के समाधि स्थल जा रहे थे, इसी दौरान पुलिस ने उनसे एक बार कार्यालय आने को कहा था। बातचीत के बाद वे समाधि स्थल के लिए रवाना हो गए।

  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की नियमित जनसुनवाई का असर: समस्याओं के समाधान से आमजन हुए संतुष्ट

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की नियमित जनसुनवाई का असर: समस्याओं के समाधान से आमजन हुए संतुष्ट

    जयपुर,

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनता की समस्याओं का सर्वोच्च प्राथमिकता से निस्तारण करने, फॉलोअप सुनिश्चित करने तथा समाधान में कोताही नहीं बरतने के लिए निर्देशित किया।

    श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का संचालन कर रही है, ताकि अंतिम छोर के व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण राहत दी जा सके। हमारी नीतियों और नीयत के केन्द्र में लोककल्याण ही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसेवा की भावना के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने इस दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, श्रम, कृषि, गृह, राजस्व, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया। जनसुनवाई के दौरान महिलाएं, युवा, दिव्यांगजन, वृद्धजन सहित सभी परिवादी अपनी समस्याओं के मौके पर ही समाधान से संतुष्ट नजर आए।
     
    इस दौरान शर्मा ने विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के पोस्टर विमोचन भी किए। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में संबंधित जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।

     

  • बैन के बाद भी पाकिस्तान में ‘धुरंधर’ की धूम, Netflix ट्रेंड ने दी बड़ी गवाही

    बैन के बाद भी पाकिस्तान में ‘धुरंधर’ की धूम, Netflix ट्रेंड ने दी बड़ी गवाही

    मुंबई 
       
    आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' बॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी फिल्म साबित हो रही है. क्योंकि इस फिल्म का क्रेज थमने का नाम नहीं ले रहा है. थिएटर में सक्सेसफुली चलने के बाद, अब फिल्म ओटीटी पर भी धमाल मचा रही है. इंडिया में तो इसे पसंद किया ही जा रहा है. लेकिन साथ ही में जहां ये फिल्म बैन थी, वहां भी लोग इसे खूब देख रहे हैं. 

    पाकिस्तान में भी 'धुरंधर' ने उड़ाया गर्दा

    'धुरंधर' जब रिलीज हुई थी, तब इसे पाकिस्तान समेत सभी गल्फ देशों में बैन किया गया था. ऐसे में फिल्म के मेकर्स को काफी भारी नुकसान चुकाना पड़ा था. हालांकि वहां के लोग इस फिल्म के गानों को बेहद पसंद कर रहे थे. पाकिस्तान से कई सारे वीडियोज सामने आए थे, जहां शादियों में 'धुरंधर' के ही गाने बज रहे थे. 

    अब चूंकि 'धुरंधर' नेटफ्लिक्स पर ग्लोबली रिलीज हो गई है, ऐसे में पाकिस्तानी लोग भी इसे देख रहे हैं. इंडिया समेत वहां के नेटफ्लिक्स पर भी फिल्म नंबर 1 पर ट्रेंड कर रही है. इसका एक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें 'टॉप 10 मूवीज ट्रेडिंग इन नेटफ्लिक्स पाकिस्तान' की लिस्ट में नंबर 1 पर 'धुरंधर' दिखी है. इस न्यूज को कई लोगों ने भी कंफर्म किया है. 

    पाकिस्तान की आवाम हुई 'धुरंधर' की कायल

    'धुरंधर' की कहानी पाकिस्तान के शहर ल्यारी और वहां की गैंग वॉर को दर्शाती है. जहां इंडिया की तरफ से एक एजेंट हमजा अली मजारी बनकर पहुंचता है. वो वहां मौजूद सभी गैंग और आतंकवादी अड्डों में घुसकर उसे अंदर ही अंदर खत्म करने के मिशन पर होता है. ये कहानी वहां के लोगों के लिए काफी कॉन्ट्रोवर्शियल थी, इसलिए इसे पाकिस्तान के थिएटर्स में बैन किया गया था. 

    लेकिन जब ये फिल्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई, तो किसी से रहा नहीं गया. पाकिस्तान के लोगों ने ये फिल्म देखी भी और अब सोशल मीडिया पर इसकी जमकर तारीफ भी कर रहे हैं. रेडिट, X जैसे प्लेटफॉर्म्स पर पाकिस्तान की आवाम सिर्फ 'धुरंधर' की सराहना कर रही है. वो हैरान हैं कि आदित्य धर, जो इंडियन फिल्ममेकर हैं, उन्होंने ल्यारी जैसे शहर को हूबहू कैसे बड़े पर्दे पर दिखा दिया. अब वो यही सोच रहे हैं कि जब पार्ट 1 ने इस तरह का धमाका किया है, तो पार्ट 2 में और क्या-क्या होने वाला है.  

    फिल्म 'धुरंधर' पाकिस्तान के साथ-साथ और भी कई देशों में ट्रेंड कर रही है. अब इसका पार्ट 2 19 मार्च, 2026 को ईद के मौके पर रिलीज होगा, जिसके लिए सभी बेहद एक्साइटेड हैं. उनके मन में फिल्म को लेकर कई सवाल हैं, जिसके जवाब उन्हें अभी से लगभग 50 दिनों के बाद मिलेंगे. 

  • सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका, बिक्रम मजीठिया को दी जमानत

    सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका, बिक्रम मजीठिया को दी जमानत

    चंडीगढ़ 

     इस समय सबसे बड़ी खबर सामने आई है।  सुप्रीम कोर्ट ने आज बिक्रम मजीठिया को जमानत दे दी है। मजीठिया को 25 जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह नाभा जेल में बंद थे। बता दें कि बिक्रम मजीठिया की आमदन से ज्यादा संपत्ति मामले में  गिरफ्तारी हुई थी  जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है।  

    सूत्रों के अनुसार, जमानत मिलने के बाद थोड़ी देर पहले डेरा ब्यास प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने नाभा जेल जाकर बिक्रम मजीठिया से मुलाकात की। इस दौरान डेरा प्रमुख ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मजीठिया पर लगे सभी आरोप झूठे हैं। बिक्रम मजीठिया को जमानत मिलने के बाद अब उनके पक्ष में राजनीतिक और सामाजिक हलचल भी तेज हो गई है। इसी बीच ये भी चर्चाएं तेज हो गई हैं आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। 

    सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का समय देते हुए मामले को स्थगित करते हुए कहा था कि मजीठिया की अंतरिम जमानत पर अगली सुनवाई पर विचार किया जाएगा। गौरतलब है कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इसी प्राथमिकी से राहत के लिए श्री मजीठिया ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। फिर मजीठिया ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया था।

    प्राथमिकी सात जून, 2025 को मजीठिया के खिलाफ पिछले एनडीपीएस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई थी। एसआईटी ने आरोप लगाया कि मजीठिया और उनकी पत्नी ने घरेलू और विदेशी संस्थाओं के नेटवर्क के माध्यम से अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से 540 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जमा की थी। ये आरोप 2007 और 2017 के बीच की अवधि से संबंधित हैं, जब मजीठिया पंजाब में विधानसभा सदस्य और बाद में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्यरत थे।

    आरोप लगाया है कि मजीठिया दंपति ने सराया इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों सहित कई कंपनियों पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नियंत्रण रखा। उन्होंने इन कंपनियों का उपयोग बेनामी संपत्ति हासिल करने के लिए किया। इसके साथ ही, उन्होंने साइप्रस और सिंगापुर स्थित संस्थाओं के माध्यम से विदेशी निवेश और विभिन्न कंपनियों के बीच लेनदेन का उपयोग किया गया। यह भी आरोप लगाया गया कि श्री मजीठिया ने अपने परिवार के सदस्यों और नकली संस्थाओं के माध्यम से शराब, परिवहन और विमानन क्षेत्रों में व्यावसायिक फायदे के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया।

    मजीठिया ने सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया था कि भ्रष्टाचार का मामला उसी एनडीपीएस मामले का परिणाम है जिसमें उन्हें अगस्त 2022 में जमानत दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2025 में उस जमानत को रद्द करने की राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी थी।

  • कृति सेनन का मनीष मल्होत्रा को खास पोस्ट, खूबसूरत आउटफिट्स के लिए जताया आभार

    कृति सेनन का मनीष मल्होत्रा को खास पोस्ट, खूबसूरत आउटफिट्स के लिए जताया आभार

    मुंबई 
     बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन ने बीते महीने अपनी बहन और एक्ट्रेस नुपूर सेनन की शादी धूम-धाम से सेलिब्रेट की थी। शादी के बाद अभिनेत्री लगातार अलग-अलग फंक्शन से जुड़ी फोटोज सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रही हैं। उन्होंने अपनी बहन की विदाई को लेकर भी एक भावुक पोस्ट किया था, लेकिन अब उन्होंने इंडस्ट्री के मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के लिए एक थैंक्यू पोस्ट किया है। कृति सेनन और उनके पूरे परिवार ने नुपूर की शादी में जितनी भी इंडियन ड्रेसेज पहनी थीं, उन्हें मनीष मल्होत्रा ने डिजाइन किया था। नुपूर की शादी का लहंगा और उनके माता-पिता समेत कृति की ड्रेस भी मनीष ने खास तौर पर डिजाइन किए थे। अब कृति ने इतनी खूबसूरत इंडियन ड्रेसेज और शादी को यादगार बनाने के लिए डिजाइनर का धन्यवाद किया है।

    उन्होंने परिवार के साथ फोटोज पोस्ट कर लिखा, "मेरे खास दोस्त मनीष मल्होत्रा के लिए खास पोस्ट। शादी के लिए मेरे पूरे परिवार को इतने खूबसूरत ढंग से सजाने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।"

    उन्होंने लिखा, "आपने सभी के लुक को इतने प्यार, स्नेह और आशीर्वाद से कस्टमाइज किया कि दुल्हन से लेकर मेरे माता-पिता तक, जो पहली बार मनीष मल्होत्रा ​​की ड्रेस पहनकर बेहद खुश थे, सभी खुश और सहज महसूस कर रहे थे। सबके चेहरों पर दिख रही खुशी सब कुछ बयां कर रही है। हमारे खास दिन को और भी खूबसूरत बनाने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।"
    बहन नुपूर की शादी के दिन कृति ने ऑफ व्हाइट और गोल्डन कलर का लहंगा पहना था, जिस पर पैच वर्क से लेकर बारीक कढ़ाई की गई थी, जबकि अभिनेत्री की मां ने पिंक और गोल्डन कलर की हैवी एम्ब्रॉयडरी वाली साड़ी पहनी थी। वहीं, दुल्हन नुपूर का लहंगा पिंक और रेड दोनों शेड्स के साथ था। सभी इंडियन ड्रेसेस एक से बढ़कर एक थीं।

    नुपूर सेनन से पहले मनीष मल्होत्रा परिणीति चोपड़ा, आलिया भट्ट, करीना कपूर, ऐश्वर्या राय बच्चन, कियारा आडवाणी और कैटरीना कैफ तक के लिए आउटफिट डिजाइन कर चुके हैं। उन्होंने कियारा आडवाणी, कैटरीना कैफ और आलिया भट्ट के लिए शादी का आउटफिट डिजाइन किया था।

  • सीएम सैनी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, हरियाणा के विकास कार्यों समेत कई मुद्दों पर हुई चर्चा

    सीएम सैनी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, हरियाणा के विकास कार्यों समेत कई मुद्दों पर हुई चर्चा

    चंडीगढ़ 

     हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर की। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के विकास कार्यों तथा भविष्य की प्राथमिकताओं के साथ कई समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। 

    इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय बजट को आत्मनिर्भर, सशक्त और समावेशी विकास की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया। इस दौरान उन्होंने आदमपुर एयरपोर्ट का नाम गुरु रविदास महाराज के नाम पर रखने पर भी पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया।

    हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा, "आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्नेहिल शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों तथा भविष्य की प्राथमिकताओं के साथ कई समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।''

    उन्होंने आगे लिखा, ''प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत बजट’ देश को आत्मनिर्भर, सशक्त और समावेशी विकास की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम है। यह बजट अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की प्रधानमंत्री जी की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।''

    सीएम नायब सैनी ने एक्स पोस्ट में लिखा, ''पंजाब के 'आदमपुर एयरपोर्ट' का नाम 'श्री गुरु रविदास महाराज जी' एयरपोर्ट किया जाना सामाजिक समरसता, सम्मान और समावेशी राष्ट्र निर्माण का सशक्त संदेश है। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।''

    हरियाणा के मुख्यमंत्री ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात की। उन्होंने एक्स पोस्ट में मुलाकात के बाद लिखा, ''नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से शिष्टाचार भेंट हुई। इस अवसर पर संगठन की मजबूती, आगामी राजनीतिक गतिविधियों तथा केंद्र-राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।''

  • U19 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल: भारत का मुकाबला किस से होगा, जानिए सही डेट और टाइम

    U19 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल: भारत का मुकाबला किस से होगा, जानिए सही डेट और टाइम

     नई दिल्ली

    U19 World Cup Semi Final Schedule: पाकिस्तान को धूल चटाकर भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान और इंग्लैंड के साथ अपनी जगह बना ली है। इस टूर्नामेंट में भारत के अलावा इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीम भी अजेय रहीं है, उन्हें भी अभी तक एक भी मैच में हार का सामना नहीं करना पड़ा है। वहीं अफगानिस्तान को सुपर-6 में एकमात्र हार का सामना श्रीलंका के हाथों करना पड़ा था। अंडर-19 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल के मैच काफी रोमांचक होने वाले हैं। आईए एक नजर शेड्यूल समेत मुकाबलों से जुड़ी तमाम अहम जानकारियों पर डालते हैं-

    आईसीसी U19 वर्ल्ड कप 2026 सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करने वाली टीमें

    भारत

    इंग्लैंड

    ऑस्ट्रेलिया

    अफगानिस्तान
    ICC U19 वर्ल्ड कप 2026 सेमीफाइनल कब?

    आईसीसी U19 वर्ल्ड कप का पहला सेमीफाइनल 3 फरवरी को तो दूसरा 4 फरवरी को खेला जाएगा। दोनों नॉकआउट मुकाबले क्वींस स्पोर्ट्स क्लब, बुलावेयो में होंगे।

    U19 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल शेड्यूल-

    पहला सेमीफाइनल 3 फरवरी– ऑस्ट्रेलिया वर्सेस इंग्लैंड, क्वींस स्पोर्ट्स क्लब, बुलावेयो में दोपहर 1 बजे से

    दूसरा सेमीफाइनल 4 फरवरी- भारत बनाम अफगानिस्तान, क्वींस स्पोर्ट्स क्लब, बुलावेयो में दोपहर 1 बजे से

    ICC U19 वर्ल्ड कप 2026 सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों के स्क्वॉड

    भारतीय टीम: आयुष म्हात्रे (कप्तान), आर.एस. अंबरीश, कनिष्क चौहान, डी. दीपेश, मोहम्मद एनान, एरोन जॉर्ज, अभिज्ञान कुंडू, किशन कुमार सिंह, विहान मल्होत्रा, उधव मोहन, हेनिल पटेल, खिलान ए. पटेल, हरवंश सिंह, वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदी

    ऑस्ट्रेलिया टीम: ओलिवर पीक (कप्तान), केसी बार्टन, नाडेन कूरे, जेडन ड्रेपर, बेन गॉर्डन, स्टीवन होगन, थॉमस होगन, जॉन जेम्स, चार्ल्स लैचमुंड, विल मलाजजुक, नितेश सैमुअल, हेडन शिलर, आर्यन शर्मा, विलियम बायरोम, एलेक्स ली यंग

    इंग्लैंड टीम: थॉमस रीव (कप्तान), फरहान अहमद, राल्फी अल्बर्ट, विल बेनिसन, बेन डॉकिन्स, कालेब फाल्कनर, अली फारूक, एलेक्स फ्रेंच, एलेक्स ग्रीन, ल्यूक हैंड्स, मैनी लम्सडेन, बेन मेयस, जेम्स मिंटो, जो मूरेस, सेबेस्टियन मॉर्गन

    अफगानिस्तान टीम:महबूब खान (कप्तान), खालिद अहमदजई, उस्मान सादात, फैसल खान, उजैरुल्लाह नियाजई, अजीज मिया खिल, नाजीफ अमीरी, खातिर स्टानिकजई, नूरिस्तानी, अब्दुल अजीज, सलाम खान, वाहिद जादरान, जैतुल्लाह शाहीन, रोहुल्लाह अरब, अकील खान ओबैद। रिजर्व: अकील खान, फहीम कासेमी, इज्जत नूर

    U19 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल लाइव स्ट्रीमिंग और लाइव टेलिकास्ट डिटेल

    अंडर-19 वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया वर्सेस इंग्लैंड और इंडिया वर्सेस अफगानिस्तान सेमीफाइनल मुकाबलों का लुत्फ आप ऑनलाइन जियोहॉटस्टार पर उठा सकते हैं, वहीं टीवी पर इन नॉक आउट मुकाबलों का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स पर होगा।

  • लोकसभा में चीन को लेकर सियासी संग्राम, राहुल गांधी के आरोपों पर रक्षा मंत्री का पलटवार

    लोकसभा में चीन को लेकर सियासी संग्राम, राहुल गांधी के आरोपों पर रक्षा मंत्री का पलटवार

    नई दिल्ली
    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयानपर लोकसभा में हंगामा मच गया है। उन्होंने सोमवार को पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे के नाम पर दावा करते हुए कहा कि डोकलाम में चीनी सेना के टैंक भारतीय सीमा के पास हैं। इसके लिए उन्होंने एक पुस्तक का हवाला देने की बात कही, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें चैलेंज कर दिया। रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी को चुनौती दी और कहा कि आप बताएं कि आखिर यह पुस्तक प्रकाशित हुई भी है या नहीं। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी पुस्तक के आधार पर यहां बात नहीं की जा सकती, जो प्रकाशित ही नहीं हुई है। मैं राहुल गांधी को चुनौती देता हूं कि यह पुस्तक पब्लिश हुई थी या नहीं। अमित शाह ने भी राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई।
     
    राहुल गांधी ने दावा किया था कि वह मनोज नरवणे की पुस्तक के आधार पर यह बात कह रहे हैं। इस पर डिफेंस मिनिस्टर ने कहा कि मैं चुनौती देता हूं कि वह पुस्तक को प्रस्तुत कर दें। यदि कोई पुस्तक प्रकाशित ही नहीं हुई है तो फिर उसके आधार पर ऐसे दावे कैसे किए जा सकते हैं। वहीं राहुल गांधी ने कहा कि मैंने पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे के संस्मरणों का हवाला दिया है, जो प्रकाशित ही नहीं हुए हैं। इस पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या की स्पीच का जिक्र किया और कहा कि उन्होंने भी इस सदन से बाहर के संदर्भों की बात की थी।

    इस पर होम मिनिस्टर अमित शाह ने स्पष्ट किया कि तेजस्वी सूर्या ने किसी मीडिया रिपोर्ट या फिर विषय से हटकर किसी पुस्तक का जिक्र नहीं किया था। गृह मंत्री ने कहा कि उनकी स्पीच में 2004 से 2014 तक राष्ट्रपति के अभिभाषणों पर बात की थी। उसमें ऐसा कुछ भी नहीं था, जो आपत्तिजनक था। राजनाथ सिंह और अमित शाह के ऐतराज के बाद भी राहुल गांधी ने अपना आक्रामक रुख बनाए रखा। उन्होंने कहा कि ये लोग तो आतंकवाद से लड़ने का दावा करते हैं, लेकिन एक कोट का जिक्र करने से डरते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि आखिर इसमें ऐसा क्या लिखा है कि यह सरकार उसका जिक्र तक नहीं करने देना चाहती।

    अखिलेश यादव ने भी दिया दखल- बोलने देने से परेशानी क्या है?
    राहुल गांधी की स्पीच को लेकर बवाल बढ़ा तो अखिलेश यादव भी खड़े हुए। उन्होंने कहा कि चीन का मसला संवेदनशील है और उससे सावधान रहने की जरूरत है। डॉ. लोहिया भी ऐसा कहते थे और मुलायम सिंह यादव भी उसे लेकर चिंतित थे। ऐसे में नेता विपक्ष यदि चीन को लेकर कुछ कहना चाहते हैं तो उन्हें रोकना नहीं चाहिए। वहीं राजनाथ सिंह ने कहा कि यदि किसी पुस्तक के प्रकाशन पर ही रोक लगी है तो फिर उसका जिक्र सदन में नहीं होना चाहिए। ऐसा करना गलत है और सदन की गरिमा के खिलाफ है। राहुल गांधी बार-बार इसी मसले पर बोलना चाहते थे, लेकिन सदन में लगातार हंगामा होता रहा और राजनाथ सिंह ने कई बार खड़े होकर ऐसी पुस्तक के जिक्र पर आपत्ति जताई, जो प्रकाशित ही नहीं हुई।

    मैं आपका सलाहकार नहीं हूं, राहुल गांधी को स्पीकर की नसीहत
    अंत में बवाल इतना बढ़ा कि राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला से कहा कि आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या कहना है। इस पर स्पीकर ने उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि मैं आपका सलाहकार नहीं हूं। लेकिन आपको उसी मुद्दे पर बात करनी चाहिए, जिस पर यहां चर्चा हो रही है।