Author: NewseDay

  • भीड़ प्रबंधन फेल! छत्रपति शिवाजी जयंती पर पुणे में भगदड़, लोगों में डर का माहौल

    भीड़ प्रबंधन फेल! छत्रपति शिवाजी जयंती पर पुणे में भगदड़, लोगों में डर का माहौल

    मुंबई 

    महाराष्ट्र में शिवाजी उत्सव के दौरान बड़ा हादसा हो गया है। यहां छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाने के लिए जुटी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। पुलिस ने बताया कि गुरुवार सुबह पुणे के शिवनेरी किले में ज्यादा भीड़ होने के कारण कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं। घटना तब हुई जब यहां हजारों की तादाद में भीड़ जुटी थी।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना सुबह करीब साढ़े 3 बजे हुई जब मशाल लेकर एक समूह मीना दरवाजा के पास किले से नीचे उतर रहा था। पुणे ग्रामीण के पुलिस सुपरिटेंडेंट संदीप सिंह गिल ने मीडिया को बताया, "भारी भीड़ के बीच एक ग्रुप मशाल लेकर तेजी से किले से नीचे आ रहा था। वहां मौजूद हमारी पुलिस टीम ने उन्हें धीरे चलने की सलाह दी।" लेकिन तभी वहां धक्का मुक्की होने लगी।

    उन्होंने बताया, "इस बीच, ऊपर से किसी ने एक शख्स को धक्का दिया, जिसके बाद समूह के कुछ लोग नीचे गिर गए। तीन लोगों के पैर में चोटें आईं हैं।" अधिकारी ने कहा कि मौके पर मौजूद पुलिसवालों ने तुरंत घायलों की मदद की और यह सुनिश्चित किया कि लोगों की सुविधाजनक आवाजाही बने रहे।

    गौरतलब है कि छत्रपति शिवाजी महाराज का 19 फरवरी, 1630 को पुणे जिले के शिवनेरी किले में हुआ था। गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि देने के लिए किले का दौरा करेंगे।

  • महाराष्ट्र नगर राजनीति में बड़ा उलटफेर, 9 पार्षदों ने बदला खेल, कांग्रेस को फायदा

    महाराष्ट्र नगर राजनीति में बड़ा उलटफेर, 9 पार्षदों ने बदला खेल, कांग्रेस को फायदा

    मुंबई 

    महाराष्ट्र के भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका में मेयर चुनाव से पहले सियासी उलटफेर की बड़ी खबर सामने आई है. यहां मेयर के चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. उसके 22 पार्षदों में से 9 ने अलग गुट बनाकर कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को समर्थन दिया है. इसके बाद अब कांग्रेस पार्टी के लिए यहां अपना मेयर चुनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है. इस महानगरपालिका के चुनाव में कांग्रेस को सबसे अधिक 30 सीटें मिली थीं. हालांकि किसी पार्टी को यहां बहुमत नहीं मिला है. भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका में कुल 90 सीटें हैं.

    कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बुधवार (18) को जानकारी देते हुए बताया कि अलग हुए पार्षदों की ओर से गठित भिवंडी सेक्युलर फ्रंट (बीएसएफ) के समर्थन से कांग्रेस-एनसीपी (एसपी) गठबंधन ने 90 सदस्यीय निकाय में 46 सीटों के बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है.
    भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका में कांग्रेस का मेयर बनना तय?

    उन्होंने दावा करते हुए कहा कि 9 पार्षदों ने हमारा समर्थन करने का फैसला किया है और बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं. गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी ने शिवसेना का समर्थन किया था. पिछले महीने हुए भिवंडी-निज़ामपुर नगर निगम चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस अब अपना मेयर और डिप्टी मेयर नियुक्त करने के लिए तैयार दिख रही है.
    भिवंडी-निजामपुर में किस पार्टी के पास कितनी सीटें?

    महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिका के चुनाव 15 जनवरी को हुए थे, जबकि नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए गए थे. भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका के चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था. कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और इस पार्टी को सबसे अधिक 30 सीटें मिलीं थीं, उसके बाद बीजेपी को 22 सीटें मिली. 

    वहीं, एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 12, शरद पवार गुट की एनसीपी-एसपी 12, समाजवादी पार्टी को 6, कोनार्क विकास अघाड़ी 4 और भिवंडी विकास अघाड़ी को 3 सीटों पर जीत मिली थी. यहां एक निर्दलीय उम्मीदवार को जीत हासिल हुई.

  • आईसेक्ट समूह के डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने मध्य प्रदेश के बजट पर जताई प्रतिक्रिया, बताए अवसर और चुनौतियां

    आईसेक्ट समूह के डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने मध्य प्रदेश के बजट पर जताई प्रतिक्रिया, बताए अवसर और चुनौतियां

    सीआईआई मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष और आईसेक्ट समूह के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी द्वारा मध्य प्रदेश बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया… 

     भोपाल 
    प्रस्तुत सीआईआई मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष और आईसेक्ट समूह के कार्यकारी उपाध्यक्ष मध्य प्रदेश 2026-27 का बजट रोजगार, उद्योग और शिक्षा-कौशल विकास  पर संतुलित फोकस करता है। बजट में 48 नए औद्योगिक पार्कों की घोषणा राज्य में विनिर्माण और निवेश को प्रोत्साहित करेगी, जिससे स्थानीय रोजगार सृजन और MSME वृद्धि को बल मिलेगा। पूंजीगत व्यय को 1 लाख करोड़ से अधिक रखने का निर्णय आधारभूत ढांचे तथा औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा। शिक्षा और कौशल विकास में वृद्धि पर जोर देते हुए बजट ने शिक्षा क्षेत्र के लिए वृद्धि की घोषणा की है, जिससे स्कूलों, उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण संसाधनों का विस्तार संभव होगा। स्वास्थ्य, सड़क और शहरी विकास के साथ-साथ नौकरी-सृजन प्रावधान भी रखा गया है, जिससे युवा रोजगार अवसरों में वृद्धि होगी।
    मेरा मानना है कि यह बजट उद्योग, नवाचार एवं कुशल कार्यबल के विकास के लिए प्रोत्साहन देता है और राज्य को एक मजबूत आर्थिक तथा औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।

    डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी
    उपाध्यक्ष, सीआईआई मध्य प्रदेश
    कार्यकारी उपाध्यक्ष, आईसेक्ट समूह
    कुलाधिपति, स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी

  • विवाद के माहौल में ब्रजेश पाठक का धर्मसम्मान कार्यक्रम, 101 बटुकों को बुलाकर किया अभिनंदन

    विवाद के माहौल में ब्रजेश पाठक का धर्मसम्मान कार्यक्रम, 101 बटुकों को बुलाकर किया अभिनंदन

    लखनऊ
    प्रयागराज में माघ मेला के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पवित्र स्नान से रोके जाने का मामला चर्चा में रहा. इस दौरान शंकराचार्य के साथ जा रहे बटुकों की शिखा खींचे जाने की कथित घटना को लेकर यूपी सरकार पर सवाल उठ रहे थे. विपक्षी दल हमलावर थे. इसे लेकर यूपी सरकार अब डैमेज कंट्रोल के मोड में नजर आ रही है.

    हाल ही में यूपी सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शिखा पकड़ने को बड़ा पाप बताया था. अब ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों को अपने आवास पर बुलाकर उनका सम्मान कर आशीर्वाद लिया है. ब्रजेश पाठक ने गुरुवार की सुबह लखनऊ के अपने सरकारी आवास पर 101 बटुकों को बुलाया.

    डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने आवास पर बटुकों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया. उन्होंने बटुकों को तिलक लगाया और उनकी शिखा का सम्मान कर उनसे आशीर्वाद लिया. गौरतलब है कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक प्रोग्राम में यह कहा था कि शिखा का सम्मान होना चाहिए.

    उन्होंने यह भी कहा था कि परंपराओं का आदर समाज की जिम्मेदारी है. 101 बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान करना सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक है. बता दें कि प्रयागराज की घटना के बाद सरकार की किरकिरी हो रही थी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाल ही में यह कहा था कि सभी को मर्यादा में रहना चाहिए.

    ब्रजेश पाठक ने क्या कहा था

    यूपी सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किसी ब्राह्मण की शिखा छूने को बेहद गंभीर अपराध बताया था. उन्होंने कहा था कि यह सनातन संस्कृति और परंपराओं का अपमान है. ब्रजेश पाठक ने इस तरह की घटना को बड़ा पाप बताते हुए कहा था कि इसमें शामिल लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए.

  • वर्ल्ड कप में भारत का दमदार प्रदर्शन, नीदरलैंड्स चारों खाने चित

    वर्ल्ड कप में भारत का दमदार प्रदर्शन, नीदरलैंड्स चारों खाने चित

     अहमदाबाद

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बुधवार को नीदरलैंड्स और टीम इंडिया के बीच मैच खेला गया. इस मैच में टीम इंडिया ने 17रनों से जीत हासिल की और इस वर्ल्ड कप में लगातार चौथा मैच जीता. ये मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेड‍ियम में खेला गया. जहां टॉस भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. सूर्या ब्रिगेड ने पहले खेलते हुए श‍िवम दुबे के 31 गेंदों पर 66 रनों की बदौलत 193/5 का स्कोर बनाया.

    इसके जवाब में उतरी नीदरलैंड्स की टीम 176 रन ही बना सकी. भारतीय टीम ने ये मैच 17 रन से जीत लिया. भारत इस वर्ल्ड कप में अपने चारों मैच जीत चुकी है. वहीं नीदरलैंड्स की टीम का टी20 वर्ल्ड कप से सफर खत्म हो गया है, उसको इस वर्ल्ड कप में एकमात्र जीत नामीब‍िया के ख‍िलाफ मिली थी.

    ऐसी रही नीदरलैंड्स की पारी

    194 रनों के जवाब में उतरी नीदरलैंड्स की शुरुआत ठीक ठाक रही. पहला झटका उसे छठे ओवर में लगा जब मैक्स 35 के स्कोर पर आउट हुए. इसके बाद 51 के स्कोर पर उसे दूसरा झटका लगा जब माइकल लेविट आउट हुए. बास डी लीडे और कॉलिन के बीच अच्छी साझेदारी पनपी. लेकिन फिर भारतीय गेंदबाजों ने शिकंजा कस लिया. नीदरलैंड्स की टीम 176 रन ही बना सकी. भारत की ओर से सबसे सफल गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती रहे जिन्होंने 3 ओवर में 14 रन देकर 3 विकेट झटके. वहीं, शिवम दुबे को 2 और बुमराह को एक विकेट मिला. 

    भारतीय टीम की पारी की हाइलाइट्स 

    इस मुकाबले में भारतीय टीम की ओर से ओपन‍िंंग करने के लिए अभ‍िषेक शर्मा और ईशान किशन आए. अभ‍िषेक शर्मा एक बार फ‍िर अनलकी साबित हुए और पहले ही ओवर में नीदरलैंड्स के आर्यन दत्त की गेंद पर 0 पर आउट हो गए. अभ‍िषेक शर्मा महज 3 गेंद ही फेज कर पाए. यह उनका इस वर्ल्ड कप में 0 की हैट्र‍िक रही. इसके बाद ईशान किशन भी 7 गेंदों पर 18 गेंदों पर जड़कर बोल्ड हो गए. ईशान के आउट होते ही टीम इंड‍िया का स्कोर 39/2 हो गया.

    एक समय तिलक वर्मा (31) और कप्तान सूर्या टीम को संभाले हुए लग रहे, लेकिन फ‍िर रोएलोफ वैन डेर मर्व ने शानदार डाइव‍िंंग कैच लोगान वैन बीक की गेंद पर पकड़कर उनको पवेल‍ियन की द‍िशा द‍िखा दी. इसके बाद आउट होने वाले अगले बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव रहे जो 28 गेंदों पर 34 रन बनाकर काइल क्लेन की गेंद पर आउट हुए. सूर्या के आउट होते ही भारतीय टीम का स्कोर 110/4 हो गया. इसके बाद श‍िवम दुबे और हार्द‍िक पंड्या ने अंत‍िम ओवर्स में अच्छी बल्लेबाजी की, एक समय लग रहा था कि भारत आसानी से 200 रन क्रॉस कर लेगा. लेकिन अंत‍िम ओवर श‍िवम दुबे (31 बॉल, 4 चौके, 6 छक्के, 66 रन) और हार्द‍िक (30 रन, 21 गेंद) के आउट होने से ऐसा नहीं हो पाया. दुबे और पंड्या दोनों  ही लोगन वैन बीक की गेंदों पर आउट हुए. लोगन नीदरलैंड्स की टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे, ज‍िन्होंने 3 विकेट झटके. 

    टीम इंड‍िया की प्लेइंग 11 में दो बदलाव 
    इस मुकाबले में भारतीय टीम की प्लेइंग 11 में दो बदलाव हुए थे. कुलदीप यादव की जगह अर्शदीप सिंह टीम में आए थे. वहीं अक्षर पटेल आराम द‍िया गया, और उनकी जगह टीम में वॉश‍िंंगटन सुंदर को  शाम‍िल किया गया था. सुंदर का यह टी20 वर्ल्ड कप में डेब्यू मैच भी था.  

    नीदरलैंड्स की भारत के ख‍िलाफ प्लेइंग इलेवन: माइकल लेविट, मैक्स ओ'डॉड, बास डी लीडे, कॉलिन एकरमैन, स्कॉट एडवर्ड्स (कप्तान और विकेटकीपर), जैक लायन-कैशेट, लोगन वैन बीक, नोआ क्रोस, आर्यन दत्त, रोएलोफ वैन डेर मर्व, काइल क्लेन

    भारत की नीदरलैंड्स के ख‍िलाफ प्लेइंग इलेवन: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती

  • किराना हिल्स में युद्धाभ्यास का धमाका, SU-30, राफेल और ब्रह्मोस के तांडव का ऑपरेशन सिंदूर हुआ लीक

    किराना हिल्स में युद्धाभ्यास का धमाका, SU-30, राफेल और ब्रह्मोस के तांडव का ऑपरेशन सिंदूर हुआ लीक

    नई दिल्ली

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान को किस तरह रणनीतिक रूप से झटका दिया, इस पर लंबे समय से बहस होती रही है. अब जाने-माने एरियल वॉरफेयर विश्लेषक और इतिहासकार टॉम कूपर ने दावा किया है कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के किराना हिल्स पर सटीक हमला कर उसकी कमर तोड़ दी थी. टॉम कूपर के मुताबिक यही वह निर्णायक वार था, जिसके बाद पाकिस्तान घुटनों पर आ गया था और सीजफायर की भीख मांगने लगा. हालांकि भारतीय वायुसेना ने आधिकारिक तौर पर किराना हिल्स को निशाना बनाने से इनकार किया है, लेकिन टॉम कूपर का कहना है कि सबूत साफ हैं.

    टॉम कूपर ने NDTV को दिए इंटरव्यू में बताया कि पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए, जिनमें मिसाइलों के धुएं के निशान पहाड़ियों की ओर जाते और टकराते दिखाई देते हैं. इसके अलावा एक अन्य वीडियो में पाकिस्तानी वायुसेना के 4091वें स्क्वाड्रन के रडार स्टेशन से धुआं उठता दिखा. कूपर के मुताबिक भारत ने पहले इन रडार स्टेशनों को निशाना बनाकर पाकिस्तान की जवाबी क्षमता को निष्क्रिय किया और फिर अंडरग्राउंड स्टोरेज सुविधाओं के कम से कम दो प्रवेश द्वारों पर हमला किया.

    पाकिस्तानी लड़ाकू विमान भी मारे गए?

    •     टॉम कूपर ने दावा किया कि उस समय पाकिस्तान का ऑपरेशन ‘बुनियान-उन-मार्सूस’ फेल हो चुका था. भारत की एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों को बड़े पैमाने पर नाकाम कर दिया.
    •     कई पाकिस्तानी लड़ाकू विमान मार गिराए गए. इसके बाद भारतीय वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई में 12-13 एयरबेस पर हमला किया. अंत में किराना हिल्स पर स्ट्राइक ने पाकिस्तान को रणनीतिक रूप से घेर लिया.
    •     हमले के समय कूटनीतिक स्तर पर भी हलचल तेज थी. पाकिस्तान, अमेरिका और भारत से संपर्क कर युद्धविराम के रास्ते तलाश रहा था. कूपर के शब्दों में यह साफ संकेत था कि पाकिस्तान अब आगे बढ़ने की स्थिति में नहीं था.

    क्यों पाकिस्तान की कमजोर नस है किराना हिल्स?

    किराना हिल्स को पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का अहम केंद्र माना जाता है. यहां 20 से ज्यादा परमाणु परीक्षण किए जा चुके हैं और बड़ी संख्या में हार्डन शेल्टर व भूमिगत सुरंगें मौजूद हैं. टॉम कूपर का तर्क है कि ऐसी जगह पर हमला तभी किया जाता है जब स्पष्ट संदेश देना हो- ‘हम जब चाहें, जहां चाहें, जितनी ताकत से चाहें, वार कर सकते हैं.’ कूपर ने यह भी सवाल उठाया कि जब सबूत इतने स्पष्ट हैं तो भारत आधिकारिक तौर पर हमले से इनकार क्यों करता है. वो इसे लेकर इतने आश्वस्त हैं कि बोलते हैं कि इससे इनकार करना वैसा ही जैसे कोई कहे कि सूरज पूरब से नहीं उगता.

    रूसी फाइटर जेट और ब्रह्मोस ने किया तांडव

    हथियारों की बात करें तो कूपर के अनुसार भारत को किसी विशेष गुप्त तकनीक की जरूरत नहीं पड़ी. सुखोई-30 विमानों से ब्रह्मोस और रैम्पेज मिसाइलें दागी गईं, जगुआर ने रैम्पेज लॉन्च किए और राफेल ने स्कैल्प मिसाइलों का इस्तेमाल किया. इतना पाकिस्तान के लिए काफी था. उन्होंने भारत की इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम की खास तारीफ की, जिसने रक्षात्मक और आक्रामक दोनों मोर्चों पर अहम भूमिका निभाई. कुल मिलाकर टॉम कूपर का आकलन है कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की स्पष्ट रणनीतिक जीत थी. किराना हिल्स पर कथित हमले ने पाकिस्तान को यह संदेश दिया कि भारत की सैन्य क्षमता और एडवांस तकनीक के सामने उसकी जवाबी ताकत सीमित है.

  • ‘जाणता राजा’ कार्यक्रम में होंगे शामिल, CM साय आज लेंगे विभागीय बैठक

    ‘जाणता राजा’ कार्यक्रम में होंगे शामिल, CM साय आज लेंगे विभागीय बैठक

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का गुरुवार का दौरा कार्यक्रम तय किया गया है। मुख्यमंत्री आज सिविल लाइन स्थित अपने निवास में विभागीय बैठक लेंगे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री शाम 6.30 बजे आयोजित महानाट्य ‘जाणता राजा’ कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    किसानों की अहम बैठक आज
    रायपुर में आज किसानों की एक बैठक आयोजित होने वाली है। यह बैठक दोपहर 1 बजे कलेक्टर गार्डन रायपुर में होगी, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के घटक संगठनों के पदाधिकारी और प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में भारतीय किसान यूनियन छत्तीसगढ़ की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी। इस दौरान भारत–अमेरिका ट्रेड डील का किसानों पर पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा होगी। साथ ही छत्तीसगढ़ में धान का ₹3286 प्रति क्विंटल अंतर राशि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। बैठक में किसानों के हितों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श कर आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना है।

    सहयोग केंद्र में आज मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सुनेंगी समस्याएं
    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित सहयोग केंद्र में आज मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित रहेंगी। इस दौरान वे आम जनता व पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनकर उनके निराकरण करेंगी। सहयोग केंद्र के माध्यम से लोग अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर आवेदन कर सकेंगे।

    असम के चुनावी दौरे से लौटेंगे डिप्टी सीएम अरुण साव
    उप मुख्यमंत्री अरुण साव असम के तीन दिवसीय चुनावी दौरे के बाद आज रायपुर लौटेंगे। अपने दौरे के दौरान उन्होंने असम में भाजपा संगठन के साथ मिलकर चुनावी रणनीति तैयार की। अरुण साव को लखीमपुर लोकसभा क्षेत्र की 9 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दौरे के दौरान उन्होंने ढकुआखाना, लखीमपुर, तिनसुकिया और धेमाजी में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों पर चर्चा की।

  • कर चोरी पर शिकंजा: आईटी विभाग ने कान्हा फूड चेन के 33 ठिकानों पर की छापेमारी, 26 लोकेशन जयपुर में

    कर चोरी पर शिकंजा: आईटी विभाग ने कान्हा फूड चेन के 33 ठिकानों पर की छापेमारी, 26 लोकेशन जयपुर में

    जयपुर

    राजस्थान की प्रसिद्ध फूड चेन कान्हा रेस्टोरेंट पर आयकर विभाग ने बुधवार सुबह व्यापक कार्रवाई करते हुए एक साथ 33 ठिकानों पर छापामारी की। यह कार्रवाई सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई और देर शाम तक विभाग की टीमें विभिन्न स्थानों पर जांच में जुटी रहीं। अधिकारियों ने बैंक खातों, डिजिटल दस्तावेजों, नकदी लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की।

    जयपुर में सर्वाधिक स्थानों पर जांच
    कार्रवाई के तहत सबसे ज्यादा 26 स्थानों पर सर्च जयपुर में किया गया। इसके अलावा श्रीगंगानगर, करौली, कोटा, हिंडौन और मुंबई स्थित कार्यालयों व अन्य परिसरों में भी विभाग की टीमों ने जांच की। छापामारी के दौरान कई अहम फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक डेटा जब्त किया गया तथा संबंधित लोगों से पूछताछ की गई।
     
    आयकर चोरी की आशंका के चलते कदम
    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े बड़े स्तर पर आयकर चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका के चलते यह कार्रवाई की गई है। विभाग का कहना है कि विभिन्न खातों और लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

    उदयपुर में भी टीमें सक्रिय
    उदयपुर में भी आयकर विभाग की टीमें सक्रिय रहीं। यहां सिएरा होटल तथा सन एंड मून रेस्टोरेंट सहित अन्य ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। 29 कमरों वाले सिएरा होटल में टीमों ने दस्तावेजों की जांच की और परिसर के बाहर विभाग के वाहन तैनात रहे। जगदीश मंदिर क्षेत्र और हरिदास जी मगरी स्थित रेस्टोरेंट परिसरों में भी तलाशी ली गई।
     
    जुड़े खातों और लेन-देन की पड़ताल
    बताया जा रहा है कि इन प्रतिष्ठानों का मालिक एक ही है और उससे जुड़े खातों व वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही कर चोरी और अनियमितताओं के वास्तविक आंकड़े सामने आएंगे।

  • किसान प्रदर्शन के दौरान पुलिस से भिड़ंत, डीसी दफ्तर के पास तनावपूर्ण स्थिति

    किसान प्रदर्शन के दौरान पुलिस से भिड़ंत, डीसी दफ्तर के पास तनावपूर्ण स्थिति

    बठिंडा (पंजाब)

    बठिंडा में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के घेराव के लिए बढ़ रहे किसानों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इसके बाद किसानों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने बड़ी संख्या में आंसू गैस के गोले छोड़े।

    जानकारी के अनुसार, भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता और नेता जिउंद गांव में एकत्र हो रहे थे, ताकि बठिंडा स्थित डिप्टी कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया जा सके। जब पुलिस को इसकी जानकारी मिली, तो बड़ी संख्या में पुलिस बल ने गांव को घेर लिया।

    इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच झड़प हो गई, जिसमें कुछ किसानों को मामूली चोटें भी आईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भारी संख्या में आंसू गैस के गोले दागे।

    पुलिस किसी भी हालत में किसानों को बठिंडा पहुंचने से रोकने पर अड़ी हुई है, जबकि दूसरी ओर किसान हर हाल में बठिंडा पहुंचने की जिद पर हैं। किसानों को बठिंडा आने से रोकने के लिए पुलिस ने कड़ी नाकाबंदी कर रखी है।

    पुलिस ने की है कड़ी नाकाबंदी
    किसानों के धरने को रोकने के लिए एक हजार से अधिक पुलिस कर्मी नाकों पर तैनात हैं। सिपाही से लेकर डीआईजी तक के पुलिस कर्मी एवं अधिकारी मैदान पर डटे हुए है।

    किसान नेता शिंगारा सिंह मान ने बीती रात एक वीडियो जारी करके कहा कि किसान हर हालत में धरना देने पहुंचेगें।

    भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के जिला अध्यक्ष शिंगारा सिंह मान ने बताया कि पिछले 11 माह से उनके किसान साथी जेल में बंद है। जिनकी रिहाई को लेकर वो समय समय पर प्रशासन को मिलकर मांग पत्र भी दे चुके हैं, लेकिन आज तक किसानों को रिहा नहीं किया गया।

    उन्होंने बताया कि छह फरवरी को जब किसान धरना देने बठिंडा के डिप्टी कमिशनर कार्यालय समीप पहुंच रहे थे तो भारी पुलिस फोर्स ने उन्हें रामपुरा के गांव जेठूके पास रोक लिया और किसानों को भगाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले और लाठियां तक किसानों पर चला दी थी।

    किसान नेता मान ने कहा कि अब 18 फरवरी बुधवार को जब किसानों ने धरने का एलान किया तो पुलिस प्रशासन ने किसान नेताओं के साथ बैठक करनी शुरू कर दी और धरने को रोकने का प्रयास किया।

    जब किसानों को लगा कि राज्य सरकार एवं पुलिस प्रशासन लोकतंत्र की हत्या करते हुए धरना प्रदर्शन करने वाले किसानों को रोकना चाह रहा है, तो किसानों ने अब डिप्टी कमिशनर कार्यालय के समीप धरना देने का निर्णय लिया है।

    दूसरी तरफ जिला पुलिस के अलावा पंजाब के अलग अलग जिलों से एक हजार से अधिक पुलिस कर्मी बठिंडा की हदों पर नाकाबंदी करके तैनात किए गए हैं।

    पुलिस फोर्स का मकसद किसानों को शहर में ना घुसने देना है। जिस के चलते हर चाैराहे पर पुलिस द्वारा नाकाबंदी की गई है। वहीं एसएसपी एवं डीआईजी लगातार मैदान में डटे हुए है। इसके अलावा बठिंडा चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर रामपुरा के समीप भारी पुलिस फोर्स तैनात करके बेरिकेड लगाए गए हैं, ताकि किसानों को आगे बढ़ने से रोका जाए।
    उगराहां के जिला प्रधान चरण सिंह नूरपुरा चकमा देकर बठिंडा रवाना
    कई महीनों से जेल में बंद किसान नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) द्वारा बठिंडा के डीसी दफ्तर के सामने धरने का आह्वान था। जिला लुधियाना ग्रामीण पुलिस ने बुधवार तड़के किसान नेताओं को नजरबंद करने के लिए कई टीम बनाकर उनके घरों पर एक साथ दबिश दी है।

    थाना सुधार के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह ने बताया कि बीकेयू उगराहां किसान नेता मनजीत सिंह बुढेल के घर पर दबिश देकर उन्हें थाने बुलाया गया था, लेकिन उनकी बेटी की अमृतसर से फ्लाइट होने के कारण किसान नेता को जाने दिया गया। उधर रायकोट सदर पुलिस ने यूनियन के जिला अध्यक्ष चरण सिंह नूरपुरा के घर पर दबिश दी लेकिन वो चकमा देकर बठिंडा रवाना हो गए। चरण सिंह नूरपुरा ने फोन पर बताया कि पुलिस ने उनकी तलाश में गांव और अन्य कई जगहों में दबिश दी लेकिन वे अपने साथियों के साथ बठिंडा जाने में सफल रहे हैं। उन्होंने किसान नेताओं के घरों पर की गई छापेमारी की निंदा की है।

     

  • राजनीति का उलझा गणित: बिहार में एनडीए के लिए क्लीन स्वीप आसान नहीं, राज्यसभा चुनाव में टकराव

    राजनीति का उलझा गणित: बिहार में एनडीए के लिए क्लीन स्वीप आसान नहीं, राज्यसभा चुनाव में टकराव

    पटना
    बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर चुनाव की घोषणा हो गई है. भारत निर्वाचन आय़ोग की तरफ से जारी शेड्यूल के अनुसार 10 राज्यों में होने वाले चुनाव के तहत बिहार की इन सीटों के लिए 26 फरवरी 2026 को अधिसूचना जारी होगी. मतदान 16 मार्च को कराया जाएगा. बता दें कि बिहार में जिन पांच सीटों पर चुनाव होना है, वे फिलहाल अमरेंद्र धारी सिंह (Amarendra Dhari Singh), प्रेम चंद गुप्ता (Prem Gupta), उपेन्द्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha), हरिवंश नारायण सिंह, (Harivansh Narayan Singh) और रामनाथ ठाकुर ( Ram Nath Thakur) के पास हैं . इन सदस्यों का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है . चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 5 मार्च तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे, 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 मार्च तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे .
    राज्यसभा चुनाव में संख्याबल की सियासत

    राजनीति के जानकारों की नजर में बिहार की इन पांच सीटों के लिए होने वाला चुनाव बिहार की सियासत में नई गणित और नई रणनीतियों को जन्म देगा. बता दें कि  आगामी 9 अप्रैल को मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, ऐसे में सभी दलों की नजर टिकट वितरण और संख्याबल की स्थिति पर टिकी है.  ऐसे देखना दिलचस्प होगा कि कौन दल अपने प्रत्याशियों को राज्यसभा भेजने में सफल रहता है. इसके सियासी गुणा-गणित पर हम बात करेंगे, लेकिन पहले आइए जानते हैं कि चुनाव के लिए महत्वपूर्ण तारीखें कौन -कौन सी हैं.
    चुनाव कार्यक्रम की प्रमुख तिथियां

        अधिसूचना जारी होगी- 26 फरवरी 2026
        नामांकन की अंतिम तिथि- 5 मार्च 2026
        नामांकन पत्रों की जांच- 6 मार्च 2026
        नाम वापस लेने की अंतिम तिथि-9 मार्च 2026
        मतदान-16 मार्च 2026 सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक
        मतगणना-16 मार्च 2026 शाम 5 बजे से
        चुनाव प्रक्रिया पूर्ण- 20 मार्च 2026

    एनडीए के भीतर फंसा सीट बंटवारे में पेच!

    बता दें कि बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए करीब 42 वोट की जरूरत है. 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए को 202 सीटें मिली थीं. इसमें बीजेपी 89, जदयू 85, लोजपा रामविलास 19, हम 5 और आरएलएम 4 सीटों के साथ शामिल हैं . इस आंकड़े के आधार पर एनडीए आराम से चार सीटें जीत सकता है और पांचवीं पर भी मजबूत दावेदारी रखता है. लेकिन पेच यहीं से शुरू होता है. बीजेपी अब विधानसभा की सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के पास भी बड़ी ताकत है. दोनों दल दो दो सीटों की मांग कर सकते हैं. जदयू से हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है.
    संख्या एनडीए के पास, बीजेपी बड़ी पार्टी

    दूसरी ओर बीजेपी अपनी बढ़ती ताकत के आधार पर ज्यादा हिस्सेदारी चाह सकती है. वहीं, छोटे दल भी दबाव में हैं. उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के पास सीमित विधायक हैं, लेकिन वे अपनी सीट बचाना चाहेंगे. लोजपा रामविलास भी अपने 19 विधायकों के आधार पर एक सीट की मांग कर सकती है. ऐसे में सीट बंटवारा ही सबसे बड़ा राजनीतिक गणित बन गया है.
    क्या एक सीट भी बचा पाएगा विपक्ष?

    वहीं महागठबंधन की स्थिति कमजोर है. आरजेडी, कांग्रेस और वाम दल मिलाकर कुल 35 विधायक ही हैं. यह आंकड़ा एक सीट के लिए जरूरी कोटा से कम है. ऐसे में विपक्ष को या तो अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा या फिर क्रॉस वोटिंग की उम्मीद करनी होगी. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सामने राज्यसभा में अपनी मौजूदगी बचाने की चुनौती है .
    राज्यसभा चुनाव में कौन जीतेगा बाजी?

    कुल मिलाकर बिहार में राज्यसभा चुनाव का गणित एनडीए के पक्ष में है, लेकिन राजनीति का असली इम्तिहान गठबंधन के भीतर है . कौन कितनी सीट पाएगा, किसे दोबारा मौका मिलेगा और किसे इंतजार करना होगा, यह तय करेगा कि बहुमत की यह ताकत एकजुट रहती है या भीतर से खींचतान शुरू होती है. विपक्ष के लिए यह चुनाव अस्तित्व बचाने जैसा है, जबकि एनडीए के लिए संतुलन साधने की परीक्षा .