Author: NewseDay

  • बीजापुर में कई हथियार बरामद, सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में दो वर्दीधारी नक्सली ढेर

    बीजापुर में कई हथियार बरामद, सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में दो वर्दीधारी नक्सली ढेर

    बीजापुर.

    छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां इंद्रावती नदी क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को ढेर किया है। वहीं घटनास्थल से हथियार, विस्फोटक और अन्य नक्सली सामग्री भी जब्त की गई है। इलाके में फिलहाल सर्च अभियान जारी है।

    जानकारी के अनुसार, थाना जांगला क्षेत्र अंतर्गत इंद्रावती नदी इलाके में माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने पर सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम माओवादी विरोधी अभियान पर रवाना हुई थी। इसी दौरान आज सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। दोनों ओर से फायरिंग हुई, जिसके बाद माओवादी जंगल की ओर भाग निकले।

    मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च अभियान में सुरक्षाबलों को दो वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद हुए हैं। साथ ही घटनास्थल से एक एसएलआर राइफल, एक इंसास राइफल, एक 12 बोर राइफल, विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सली सामान भी जब्त किया गया है। इस मुठभेड़ की पुष्टि पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव ने की है। वहीं बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि क्षेत्र में सर्च अभियान जारी है और मुठभेड़ से जुड़ी विस्तृत जानकारी अलग से साझा की जाएगी।

    6 फरवरी को 7 नक्सली मारे

    इससे पहले 6 फरवरी को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में 7 नक्सली ढेर हुए थे। इनमें 3 महिला नक्सली शामिल थे। वहीं महाराष्ट्र का एक जवान शहीद हो गया था, 1 अन्य जवान घायल था।

    नक्सलियों की ओर से फायरिंग में गोली कॉन्स्टेबल दीपक चिन्ना मदावी (38 साल) को जा लगी। उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट कर भामरागड़ के अस्पताल लाया गया था। जहां ऑपरेशन के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था।

    माओवादियों का पूरा सामान बरामद
    बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने बताया है कि इंद्रावती नदी इलाके में माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर एक जॉइंट टीम ने माओवादियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन के दौरान आज सुबह इंद्रावती नदी इलाके में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद सर्च के दौरान, 2 वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद किए गए और मुठभेड़ वाली जगह से एक SLR राइफल, एक INSAS राइफल और एक 12-बोर राइफल जैसे हथियार, विस्फोटक और माओवादियों का दूसरा सामान बरामद किया गया।

    बीजापुर में रहा है नक्सलियों का दबदबा
    दरअससल, बीजापुर कभी छत्तीसगढ़ में लाल आतंक का गढ़ रहा है। बीजापुर के अधिकांश इलाकों से नक्सलियों का खात्मा हो गया है। वहीं, कुछ खूंखार नक्सलियों ने सरेंडर भी कर दिया है। नक्सलियों के जमा होने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों के जवान कार्रवाई करते हैं। मुठभेड़ के बाद इंद्रावती नदी के किनारे सर्च ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है।

    गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के कुछ बड़े कमांडर ढेर हो गए हैं तो कुछ ने हथियार डाल दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 की तारीख तय कर दी है कि हम नक्सलवाद को खत्म कर देंगे। पिछले दिनों उन्होंने इस मोर्च पर चल रही लड़ाई का छत्तीसगढ़ पहुंचकर रिव्यू भी किया था।

  • 3716 करोड़ के ‘अबोड’ पर ईडी का एक्शन, अनिल अंबानी केस में अब तक कितनी अटैचमेंट?

    3716 करोड़ के ‘अबोड’ पर ईडी का एक्शन, अनिल अंबानी केस में अब तक कितनी अटैचमेंट?

    मुंबई 

    अनिल अंबानी को प्रतर्वतन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा झटका दिया है। ईडी ने एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अनिल अंबानी के घर ‘अबोड’ को कुर्क किया है। इसका मूल्‍य 3,716 करोड़ रुपये है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

    ऑफिशियल सूत्रों ने बुधवार को बताया कि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के मुंबई वाले घर 'अबोड' को एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अटैच कर लिया है। इसकी कीमत 3,716 करोड़ रुपये है।

    जारी हुए हैं अस्‍थायी ऑर्डर
    यह शानदार घर 66 मीटर ऊंचा है। इसमें 17 मंजिलें हैं। यह मुंबई के पाली हिल इलाके में स्थित है। सूत्रों के मुताबिक, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत एक प्रोविजनल ऑर्डर जारी किया गया है ताकि उनकी ग्रुप कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) की ओर से बैंक फ्रॉड से जुड़े मामले में मल्टी-स्टोरी घर को अटैच किया जा सके।

    अब तक 15700 करोड़ अटैच

    ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून (PMLA) के तहत की है। एजेंसी का कहना है कि अनिल अंबानी और उनके ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ अब तक 15,700 करोड़ रुपए (Anil Ambani total attachment 15700 crore) से ज्यादा की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। 'अबोड' पर कब्जा इसी बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है।
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    23 फरवरी को सामने आया बड़ा मामला

    मामले में एक और बड़ा घटनाक्रम 23 फरवरी को सामने आया, जब बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनिल अंबानी को राहत देने वाला पुराना अंतरिम आदेश रद्द कर दिया। इससे पहले एकल न्यायाधीश पीठ ने उनके और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के बैंक खातों को धोखाधड़ी घोषित करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।

    अंबानी की रोक लगाने की मांग खारिज

    मुख्य न्यायाधीश आलोक चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम ए अंखड की खंडपीठ ने बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और ऑडिटर बीडीओ इंडिया एलएलपी की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उस अंतरिम आदेश को गैर-कानूनी और प्रक्रिया में गड़बड़ी वाला बताया।

    कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसे आदेश पर रोक जारी रखना गैर-कानूनी स्थिति को जारी रखने जैसा होगा। इसलिए अंबानी की रोक लगाने की मांग खारिज कर दी गई।

    दिसंबर 2025 में एकल पीठ ने बैंकों को कारण बताओ नोटिस और धोखाधड़ी वर्गीकरण की कार्रवाई से रोका था। लेकिन अब खंडपीठ के फैसले के बाद बैंकों को आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

    आरबीआई के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, वाणिज्यिक बैंक किसी खाते को धोखाधड़ी की श्रेणी में वर्गीकृत कर सकते हैं। ऐसे में अनिल अंबानी और 'अबोड' पर ED की कार्रवाई ने कारोबारी और कानूनी हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

    कुल 15700 करोड़ की हो चुकी है कुर्की
    सूत्रों ने बताया क‍ि अटैच की गई संपत्ति की कीमत 3,716.83 करोड़ रुपये है। 66 साल के अंबानी के दूसरे राउंड की पूछताछ के लिए यहां फेडरल जांच एजेंसी के सामने पेश होने की उम्मीद है। उन्होंने पहली बार अगस्त 2025 में ईडी के सामने गवाही दी थी। प्रि‍वेंशन ऑफ मनी लॉन्‍ड्र‍िंंग एक्‍ट (PMLA) के तहत उनका बयान दर्ज किया गया था। नए ऑर्डर के साथ इस मामले में अटैच की कुल कीमत लगभग 15,700 करोड़ रुपये हो गई है।

    अन‍िल अंबानी के ल‍िए यह बहुत बड़ा झटका है। पिछले कई सालों से वह कारोबार में संघर्ष करते रहे हैं। ईडी का यह एक्‍शन आगे उनकी मुसीबत को और बढ़ा सकता है। 

  • आतंकियों पर कहर बरपाने को तैयार CRPF के K9 वॉरियर्स, टॉयसन बना मिसाल

    आतंकियों पर कहर बरपाने को तैयार CRPF के K9 वॉरियर्स, टॉयसन बना मिसाल

    नई दिल्ली
    भारत की सुरक्षा में तैनात जवानों की बहादुरी की कहानियां अक्सर सुर्खियों में रहती हैं, लेकिन कई बार असली हीरो वो होते हैं जो बोल नहीं सकते, फिर भी देश के लिए जान जोखिम में डाल देते हैं. ऐसी ही एक इंस्‍पायरिंग स्‍टोरी है टायसन की, जो भारतीय सेना की एलीट यूनिट 2 पैरा स्‍पेशल फोर्सेस का हाईली ट्रेंड के9 सोल्‍जर है. जम्‍मू-कश्‍मीर के हॉस्‍टाइल टेरेन में हुए एक हाई-रिस्‍क काउंटर-टेरर ऑपरेशन के दौरान टायसन ने जो साहस दिखाया, उसने साबित कर दिया कि बैटलफील्‍ड में करेज किसी इंसान या जानवर की पहचान से नहीं, बल्कि उसकी ट्रेनिंग और डेडिकेशन से तय होता है.

    क्‍यों मिसाल बनी ऑपरेशन में टायसन की बहादुरी?

        जम्‍मू-कश्‍मीर में इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर 2 पैरा एसएफ को एक टेररिस्‍ट हाइडआउट की जानकारी मिली थी. इलाके का टेरेन बेहद चैलेंजिंग था. ऊंचे पहाड़, घने जंगल और खराब मौसम ने इस ऑपरेशन को बेहद मुश्किल बना दिया था. .

        आतंकियों के पास मॉर्डन वैपेंस की मौजूदगी ने इस ऑपरेशन को बेहद हाई-रिस्‍क ऑपरेशन बना दिया था. स्‍पेशल फोर्सेस ने हाइडआउट को कॉर्डन किया और टायगर को आगे बढ़ने का इशारा दिया गया. मिलिट्री के9 को अक्सर फर्स्‍ट कॉन्‍टैक्‍ट रोल में डिप्‍लॉय किया जाता है क्योंकि उनकी सेंसिंग एबिलिटी इंसानों से कई गुना तेज होती है.

        टायसन बिना किसी हेजिटेशन के हाइडआउट की ओर चार्ज कर गया. उसी दौरान आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी. गोलियों की आवाज और एक्‍सप्‍लोजन के बीच भी टायसन पीछे नहीं हटा. ऑपरेशन के दौरान टायसन को गोली लग गई, बावजूद इसके उसने मिशन नहीं छोड़ा.

        उसकी मौजूदगी और ट्रैकिंग कैपेबिलिटी ने कमांडोज को आतंकियों की एक्‍जैक्‍ट पोजिशन पहचानने में मदद की. इसके बाद 2 पैरा एसएफ ने डिसाइसिव असॉल्‍ट किया और तीन आतंकियों को मार गिराया, जिनमें आतंकी सैफुल्‍लाह भी शामिल था.
        ऑपरेशन पूरा होने के बाद टायसन को तुरंत एयरलिफ्ट किया गया और एडवांस्‍ड मेडिकल केयर दी गई. अब उसकी कंडीशन स्‍टेबल है.

    तरालु से शुरू हुई थी टायसन की ट्रेनिंग जर्नी

        टायसन की जांबाजी के पीछे कई महीनों की इंटेंस ट्रेनिंग है, जो उसने सीआरपीएफ के डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग स्‍कूल में हासिल की थी.
        कर्नाटक के तरालु में स्थित इस प्रीमियर इंस्‍टीट्यूशन में टायसन ने 7 फरवरी 2022 से 22 दिसंबर 2022 तक ट्रेनिंग ली. यहां डॉग्स को सिर्फ कमांड्स ही नहीं, बल्कि कॉम्‍बैट बिहेवियर भी सिखाया जाता है.

        यहां के9 टीम्स को मल्‍टी-टास्किंग रोल्‍स के लिए तैयार किया जाता है, जिसमें इन्‍फैंट्री पेट्रोल, एक्‍सप्‍लोसिव डिटेक्‍शन, असॉल्‍ट ऑपरेशंस, ट्रैकिंग एंड सर्च मिशन शामिल हैं.

        सीआरपीएफ के इस डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग स्‍कूल की शुरूआत 27 अगस्‍त 2011 को सिर्फ 15 पप्‍स और 6 ब्रीडिंग डॉग्स से हुई थी. बेंगलुरु सिटी सेंटर से लगभग 25 किलोमीटर दूर यह कैंपस मॉडर्न फैसिलिटीज से लैस है.

        यहां बेल्जियन शेफर्ड मलिनोइस और डच शेफर्ड जैसी एलीट ब्रीड्स को पुलिस सर्विस के9 के तौर पर प्र‍िशिक्षत किया जाता है. आरपीएफ अब तक अपने इस सेंटर में 1377 से अधिक के9 टीम्स ट्रेंड कर ऑपरेशन एरिया में डिप्‍लॉय कर चुकी है.

    सीआरपीएफ ने खड़ी की K9 सोल्‍जर्स और हैंडलर्स की फौज

        सीआरपीएफ के अनुसार, दिसंबर 2025 तक डीबीटीएस ने 1377 K9 सोल्‍जर्स की फौज खड़ी कर ऑपरेशन एरिया में तैनात कर दिया है. साथ ही, 824 डॉग हैंडलर्स और 183 मास्‍टर ट्रेनर्स को भी प्रशिक्षित किया गया है.

        बेंगलुरु स्थित इस डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग स्‍कूल में अब तक 1431 पप्‍स ब्रीड किए गए हैं. इन के9 सोल्‍जर्स ने देशभर में ऑपरेशंस (Operations) के दौरान 6207 किलो से अधिक एक्‍सप्‍लोसिव्स रिकवर करने में मदद की है.

        ऑल इंडिया पुलिस कंपटीशन (AIPDM) 2018 के दौरान सीआरपीएफ के डीबीटीएस में ट्रेंड के9 बैशा डॉग ने नारकोटिक डिटेक्‍शन ब्रॉन्‍ज मेडल मेडल जीता था.

        के9 जुबान डॉग ने नेशनल काउंटर-IED एक्‍सरसाइज में फर्स्‍ट पोजिशन हासिल किया था. इसके अलावा, के9 रेमो डॉग ने एक्‍सप्‍लोसिव डिटेक्‍शन में ब्रॉन्‍ज मेडल हासिल किया था.

        सीआरपीएफ के9 डैनबी और के9 वास्‍ट डॉग को पेरिस ओलंपिक्‍स 2024 सिक्‍योरिटी फ्रेमवर्क में शामिल किया गया था. वहीं, के9 बैशा ने ऑल इंडिया पुलिस कंपटीशन (AIPDM) 2025 में गोल्‍ड मेडल जीता था.

    क्या डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर में भारतीय ब्रीड के डॉग्‍स को भी ट्रेंड किया जाता है?
    डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर में फॉरेन ब्रीड्स के साथ-साथ अब इंडिजिनस यानी भारतीय डॉग ब्रीड्स को भी ऑपरेशनल रोल्स के लिए तैयार किया जा रहा है. पायलट प्रोजेक्ट्स के तहत मुधोल हाउंड, कोंबाई, मोंग्रेल और पंडिकोना जैसी भारतीय नस्लों के डॉग्‍स को ट्रेन किया जा रहा है. इन डॉग्स की खासियत यह है कि ये भारतीय मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों में आसानी से एडॉप्ट हो जाते हैं. इन्हें ट्रैकिंग, सर्विलांस और सिक्योरिटी ऑपरेशन्स जैसे ऑपरेशंस के लिए तैयार किया जा रहा है, जिससे ये फोर्स मल्टिप्लायर्स के रूप में उभर रहे हैं.

    सेना या फोर्स से रिटायर होने वाले डॉग्‍स का क्‍या होता है?
    ओपेरा — सीनियर के9 केयर सेंटर एक विशेष फैसिलिटी है, जिसे नवंबर 2024 में शुरू किया गया ताकि सर्विस डॉग्स को रिटायरमेंट के बाद सम्मानजनक जीवन मिल सके. ये डॉग्स अपने करियर के दौरान कई हाई-रिस्क मिशंस और ऑपरेशन्स का हिस्सा रहते हैं, इसलिए उनकी रिटायरमेंट लाइफ की देखभाल बेहद जरूरी होती है. इस सेंटर में उन्हें सुरक्षित शेल्टर, नियमित मेडिकल केयर और वेटरनरी सपोर्ट दिया जाता है.

  • शुभ संयोगों वाली आमलकी एकादशी! पूजा विधि, महत्व और आंवले की पूजा का कारण जानें

    शुभ संयोगों वाली आमलकी एकादशी! पूजा विधि, महत्व और आंवले की पूजा का कारण जानें

    रंगभरी एकादशी को आमलकी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। फाल्गुन मास की शुक्ल एकादशी को आमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी भी कहा जाता है। इस साल पुण्य नक्षत्र में व्रत रखा जाएगा। इस बार 27 फरवरी को रंगभरी एकादशी है। मान्यता है कि इस एकादशी पर जो व्रत करते हैं, उन्हें साल में पड़ने वाले 24 एकादशी के बराबर लाभ मिलता है। आमलकी एकादशी का महत्व अक्षय नवमी के समान है। इस एकादशी व्रत पर अमला के पेड़ की पूजा के साथ ही अन्नपूर्णा के दर्शन से विशेष लाभ मिलता है।
    आमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी पर बनेंगे कई शुभ योग

    इस साल की रंगभरी एकादशी पर चार शुभ योगों का संयोग बन रहा है। आमलकी एकादशी के दिन रवि योग, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। इन योग में किए गए पूजन, दान और जप-तप का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। इस शुभ संयोग में विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा और आंवला वृक्ष की आराधना अत्यंत शुभ मानी जाती है।

    कब है रंगभरी या आमलकी एकादशी?
    हिन्दू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी का आरंभ 26 फरवरी की रात 08:03 बजे से होगा और 27 फरवरी की शाम 06:02 बजे पर समापन होगा।

    रंगभरी एकादशी का महत्व: पुराणों के अनुसार, भगवान विष्णु ने कहा है कि जो प्राणी स्वर्ग और मोक्ष प्राप्ति की कामना रखते हैं, उनके लिए आमलकी एकादशी का व्रत अत्यंत श्रेष्ठ है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव, माता पार्वती से विवाह के बाद पहली बार अपनी प्रिय काशी नगरी आए थे। वहां आकर शिव ने देवी पार्वती के साथ होली खेली थी।

    जानें क्यों होती है इस दिन आंवले की पूजा
    आमलकी एकादशी का महत्व अक्षय नवमी के समान है। पुरोहित अरुण त्रिपाठी के अनुसार, इस दिन आंवला वृक्ष की पूजा का खास विधान है, क्योंकि इसी दिन सृष्टि के आरंभ में सबसे पहले आंवला वृक्ष की उत्पति हुई थी। आंवला वृक्ष भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। इसके स्मरण मात्र से गौ दान का फल मिलता है, स्पर्श करने से दोगुना और फल भक्षण करने से तिगुना फल प्राप्त होता है। इसके मूल में विष्णु, उसके ऊपर ब्रह्मा, तने में रुद्र, शाखाओं में मुनिगण, टहनियों में देवता, पत्तों में वसु, फूलों में मरुदगण और फलों में समस्त प्रजापति वास करते हैं।

  • सोना-चांदी धड़ाम, शेयर बाजार में सुस्ती… निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

    सोना-चांदी धड़ाम, शेयर बाजार में सुस्ती… निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

    मुंबई 
    सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) से लेकर शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी (Sensex-Nifty) में गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही सुस्ती देखने को मिल रही है. बीते कारोबारी दिन तक तेज रफ्तार से भागती नजर आ रही चांदी, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर खुलने के साथ ही अचानक 5000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती (Silver Price Fall) हो गई, तो वहीं सोने का भाव भी धड़ाम (Gold Rate Fall) नजर आया. दूसरी ओर सेंसेक्स-निफ्टी की चाल बदली-बदली नजर आई, दोनों जोरदार तेजी के साथ खुले, लेकिन मिनटों में ये रफ्तार धीमी पड़ गई और रेड जोन में आ गए. 

    चांदी खुलते ही हुई इतनी सस्ती 
    कमोडिटी मार्केट में गुरुवार को सुस्ती देखने को मिल रही है. चांदी की अगर बात करें, तो MCX Silver Price अपने पिछले बंद भाव 2,78,364 रुपये प्रति किलोग्राम की तुलना में ओपनिंग के साथ ही टूटकर 2,72,560 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. इस हिसाब से 1 Kg Silver Price झटके में 5,804 रुपये कम हो गया. वहीं इस गिरावट के बाद अपने 29 जनवरी के हाई 4,20,048 रुपये से चांदी अभी भी 1,47,488 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती मिल रही है. 

    Gold Rate में भी आई नरमी
    चांदी के साथ ही सोना भी फिसला है. एमसीएक्स पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला वायदा सोना बीते कारोबारी दिन बुधवार को बंद 1,61,145 रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने स्तर से फिसलकर 1,60,516 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ओपन हुआ. मतलब अचानक 10 Gram 24 Karat Gold 629 रुपये सस्ता हो गया. अगर हाई से सोने की कीमत में आई गिरावट पर गौर करें, तो चांदी की तरह सोना भी बीते 29 जनवरी को ही 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के लाइफ टाइम हाई पर पहुंचा था और वहां से अब तक ये कीमती पीली धातु 32,580 रुपये टूट चुकी है. 

    शेयर बाजार की बदली-बदली चाल
    सोना-चांदी की कीमतों में गुरुवार को जहां नरमी देखने को मिली है, तो वहीं शेयर बाजार की चाल भी बदली-बदली नजर आ रही है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स अपने पिछले बंद के मुकाबले जोरदार तेजी के साथ खुले और अगले ही पल रेड जोन में आ गए, इसके कुछ देर बाद फिर से ग्रीन जोन में ट्रेड करते दिखने लगे.

    BSE Sensex पिछले बंद 82,276 की तुलना में तेजी लेकर 82,418 के स्तर पर ओपन हुआ और फिर मिनटों में ही ये फिसलकर 82,244 के लेवल पर आ गया. इसके कुछ मिनटों बाद ही सेंसेक्स की चाल ने फिर कन्फ्यूज किया और 200 अंक चढ़ गया. ऐसा ही हाल NSE Nifty का भी दिखा. ये इंडेक्स पिछले बंद 25,482 के मुकाबले बढ़त लेकर 25,556 पर खुला और फिर 25,487 तक टूट गया. खबर लिखे जाने तक ये भी 50 अंक की बढ़त लेकर कारोबार कर रहा था. 

  • फर्जी लिंक से लेकर साइबर ठगी तक: ChatGPT को सिक्योरिटी गार्ड बनाकर ऐसे पाएं पूरी सुरक्षा

    फर्जी लिंक से लेकर साइबर ठगी तक: ChatGPT को सिक्योरिटी गार्ड बनाकर ऐसे पाएं पूरी सुरक्षा

    नई दिल्ली

    तमाम उपलब्ध AI चैटबॉट्स में ChatGPT का इस्तेमाल भारतीय सबसे ज्यादा करते हैं। हालांकि कम ही जानते हैं कि वे ChatGPT का इस्तेमाल अपने और फोन के सिक्योरिटी गार्ड के रूप में भी कर सकते हैं। बशर्ते इसके लिए जरूरी सेटअप करना आता हो। दरअसल आप ChatGPT में ही Malwarebytes के फीचर्स का फायदा उठा सकते हैं। ऐसे में यह बिना किसी एक्स्ट्रा ऐप के आपके फोन में मौजूद फर्जी लिंक और स्कैम मैसेज को खुद पहचानकर निकाल सकता है।

    दरअसल कुछ समय पहले ही ChatGPT ने कुछ ऐप्स का खुद में इंटीग्रेशन किया था। ऐसे में उन ऐप्स के फीचर्स का लाभ आप ChatGPT से ही उठा सकते थे। इसी की वजह से अब आप ChatGPT के जरिए किसी भी संदिग्ध मैसेज या स्पैम गतिविधि का पता लगा सकते हैं।

    क्या है Malwarebytes?
    Malwarebytes एक डिवाइस प्रोटेक्शन सॉफ्टवेयर है, जो कि 20 साल से पुराना ऐप है और इंफेक्टेड डिवाइसेज को क्लीन करने और यूजर्स को संभावित स्पैम से अलर्ट करने के मामले में सबसे भरोसेमंद समझा जाता है। इसका इस्तेमाल अब आप अलग से इसके ऐप या सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल किए बिना ही, सीधा ChatGPT के जरिए कर सकते हैं।

    ChatGPT में Malwarebytes को कैसे सेटअप करें?
    ChatGPT में इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए आपको:

        पहले ChatGPT अकाउंट में लॉग इन करें।
        अब सेटिंग्स में ऐप्स पर टैप करें।
        यहां ऐप स्टोर पर Malwarebytes को सर्च करें।
        ऐप मिल जाए, तो Connect पर क्लिक करें।
        इंटीग्रेट होने पर आप स्कैम और लिंक चेक रन कर सकते हैं।

    ChatGPT से कैसे स्कैन करवाएं फोन?
    ChatGPT से अपना फोन या कोई और डिवाइस स्कैन करवाने के लिए तीन तरीके अपना सकते हैं।

        पहला तरीका: @malwarebytes लिखें और उसे निर्देश दें, जैसे कि @malwarebytes, is this email a scam?
        दूसरा तरीका: ChatGPT में लिखें कि Malwarebytes, is this a scam? और इसके बाद उस टेक्स्ट, लिंक या फोन नंबर को पेस्ट कर दें, जिस पर आपको शक हो।
        तीसरा तरीका: आप + बटन पर क्लिक करके ड्रॉप-डाउन मेन्यू से Malwarebytes को चुनकर स्कैन रन करें।

  • राजधानी का नाम बदलेगा? बीजेपी सांसद की मांग से छिड़ी नई बहस

    राजधानी का नाम बदलेगा? बीजेपी सांसद की मांग से छिड़ी नई बहस

    नई दिल्ली
    केरल का नाम बदलकर केरलम किए जाने के फैसले पर केंद्र सरकार की मुहर लगने के बाद अब दिल्ली की नई पहचान की मांग भी उठ गई है। भाजपा के सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने दिल्ली का नाम बदलकर 'इंद्रप्रस्थ' करने की मांग की है। उन्होंने इसके लिए गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को लेटर लिखकर अपनी दलीलें पेश की हैं।

    दिल्ली के चांदनी चौक से भाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने पर विचार करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि ऐसा कदम भारत की राजधानी की ऐतिहासिक और सभ्यतागत पहचान को पुनर्स्थापित करेगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि दिल्ली में किसी स्थान पर,संभवतः पुराना किला में पांडवों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएं, जिससे दिल्ली की प्राचीन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित किया जा सके।

    विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने का सुझाव
    खंडेलवाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी लेटर लिखा है और उनसे अनुरोध किया है कि दिल्ली विधानसभा में दिल्ली का नाम 'इंद्रप्रस्थ' करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया जाए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे एक लेटर में खंडेलवाल ने कहा कि भारत विश्व की सबसे प्राचीन जीवित सभ्यताओं में से एक है और उसकी राष्ट्रीय राजधानी का नाम भी उसके गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करना चाहिए।

    और क्या दलीलें
    खंडेलवाल ने कहा कि ऐतिहासिक साहित्य, पुरातात्विक साक्ष्य और दीर्घकालिक सभ्यतागत परंपराएं यह स्थापित करती हैं कि वर्तमान दिल्ली ही प्राचीन इंद्रप्रस्थ का स्थल है, जो पांडवों द्वारा स्थापित भव्य राजधानी थी, जैसा कि महाकाव्य महाभारत में वर्णित है। महाभारत में इंद्रप्रस्थ को यमुना नदी के तट पर बसा एक समृद्ध और भव्य नगर बताया गया है, जो आज की दिल्ली के भौगोलिक स्वरूप से पूरी तरह मेल खाता है।

    उन्होंने आगे बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा पुराना किला में की गई खुदाई में लगभग 1000 ईसा पूर्व के प्राचीन बसावट के प्रमाण मिले हैं, जिनमें पेंटेड ग्रे वेयर (PGW) संस्कृति के अवशेष भी शामिल हैं, जिन्हें महाभारत काल से जोड़ा जाता है। उनके अनुसार ये खोजें इस ऐतिहासिक धारणा को मजबूत करती हैं कि प्राचीन इंद्रप्रस्थ इसी स्थान पर स्थित था जहां आज दिल्ली है। खंडेलवाल ने कहा कि 'दिल्ली' नाम अपेक्षाकृत बाद के मध्यकालीन दौर में प्रचलन में आया, जिसे इतिहासकार ढिल्लिका या देहली जैसे नामों से जोड़ते हैं। लेकिन यह इसकी मूल और प्राचीन सभ्यतागत पहचान का प्रतिनिधित्व नहीं करता।

    सांसद ने बताया क्या होगा फायदा
    खंडेलवाल ने कहा, 'इंद्रप्रस्थ राजधानी की मूल सभ्यतागत पहचान का प्रतीक है, जबकि दिल्ली इतिहास के एक बाद के चरण को दर्शाता है। राजधानी का नाम इंद्रप्रस्थ करना भारत की प्राचीन विरासत से उसके संबंध को पुनर्स्थापित करेगा और भारत की सांस्कृतिक निरंतरता को मजबूत करेगा।' खंडेलवाल ने यह भी कहा कि भारत में कई शहरों के ऐतिहासिक नाम पुनर्स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और प्रयागराज प्रमुख उदाहरण हैं।

    उन्होंने कहा कि इंद्रप्रस्थ नाम पहले से ही दिल्ली के कई प्रमुख संस्थानों और स्थानों में प्रचलित है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस ऐतिहासिक नाम को समाज में स्वाभाविक स्वीकृति प्राप्त है। खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली का नाम इंद्रप्रस्थ करना भारत की राजधानी की सभ्यतागत पहचान को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा, जिससे राष्ट्रीय गौरव मजबूत होगा और विश्व के सामने भारत की प्राचीन विरासत और भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत होगी।

    औपचारिक प्रक्रिया शुरू करने की मांग
    उन्होंने गृह मंत्री श्री अमित शाह से आग्रह किया कि इतिहासकारों, पुरातत्वविदों और अन्य विशेषज्ञों से परामर्श कर इस प्रस्ताव पर औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाए। खंडेलवाल ने कहा, 'यह कदम न केवल एक ऐतिहासिक विसंगति को दूर करेगा, बल्कि भारत की महान सभ्यता की विरासत को सम्मान देने और उसे संरक्षित रखने की हमारी प्रतिबद्धता को भी सशक्त करेगा।'

     

  • दिल्ली सरकार की नई पहल, मददगारों को 25 हजार का कैश रिवार्ड

    दिल्ली सरकार की नई पहल, मददगारों को 25 हजार का कैश रिवार्ड

    नई दिल्ली

    दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार की ‘राहवीर’ योजना को दिल्ली में लागू करने का फैसला लिया है। जल्द ही योजना को लागू किया जा सकता है। योजना के तहत सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को 25 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। आप सरकार में यह योजना मात्र दो हजार रुपये की थी। साथ ही, कुछ समय से यह योजना बंद भी थी।
    मानवता का परिचय दे सकें

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस मानवीय पहल को प्रोत्साहन देने के लिए आर्थिक पुरस्कार की व्यवस्था की है ताकि आम नागरिक बिना किसी भय के दुर्घटना पीड़ितों की सहायता कर सकें और मानवता का परिचय दे सकें।

    लोगों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित करेगी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य आम जनता को सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को गोल्डन आवर के भीतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करना है।

    केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का मानना है कि अगर ज्यादा लोग आगे आकर मदद करेंगे तो सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर लोग कानूनी झंझट या पुलिस कार्रवाई के भय से मदद करने से बचते हैं, लेकिन यह योजना उस भय को दूर कर लोगों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

    तत्काल अस्पताल पहुंचाने का साहस करेंगे

    उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे महानगर में प्रतिदिन हजारों वाहन सड़कों पर चलते हैं, गोल्डन आवर के भीतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध होना जीवन और मृत्यु के बीच निर्णायक साबित हो सकता है। यह योजना कई परिवारों को असमय शोक से बचाने में सहायक हो सकती है। मदद करने वाले को प्रोत्साहन राशि और कानूनी संरक्षण मिलने से ज्यादा लोग दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने का साहस करेंगे, जिससे अनमोल जीवन बचाए जा सकेंगे।

    संकटग्रस्त व्यक्ति की स्वेच्छा से सहायता

    मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि दिल्ली सरकार इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू कर सड़क सुरक्षा और मानवीय संवेदनशीलता दोनों को मजबूत करेगी। इन नियमों के तहत ऐसे नागरिकों को कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया है जो किसी घायल, असहाय या संकटग्रस्त व्यक्ति की स्वेच्छा से सहायता करते हैं।

    गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने पर पुरस्कार के पात्र होंगे

    मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत कोई भी व्यक्ति, जिसने किसी गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल सहायता दी हो और उसे गोल्डन आवर के भीतर अस्पताल या ट्रामा सेंटर पहुंचाया हो, वह पुरस्कार के लिए पात्र होगा।

    ऐसे प्रत्येक मामले में राह-वीर को 25 हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति एक ही दुर्घटना में एक से अधिक पीड़ितों की जान बचाता है, तो भी उसे अधिकतम 25 हजार रुपये ही प्रदान किए जाएंगे।

    इस योजना के तहत वर्ष भर में चयनित 10 सर्वश्रेष्ठ राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर एक-एक लाख रुपये का विशेष पुरस्कार भी दिया जाएगा। प्रत्येक पुरस्कार के साथ प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।

    यहां बता दें इससे पहले दिल्ली में केजरीवाल सरकार के समय सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के ही उद्देश्य से फरिश्ते योजना लागू की गई थी। इसमें केवल 2000 की सम्मान राशि दिए जाने का प्रविधान था। मगर यह योजना कुछ सालों बाद बंद हो गई थी।

    योजना के क्रियान्वयन को जिलास्तर पर मूल्यांकन समिति बनेगी

    योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर मूल्यांकन समिति गठित की जाएगी। इस समिति में जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शामिल होंगे। चयनित राह-वीरों को पुरस्कार राशि सीधे उनके बैंक खाते में आनलाइन ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए अलग बैंक खाता रखा जाएगा और पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर दर्ज किया जाएगा। केंद्र राज्यों को प्रारंभिक अनुदान भी प्रदान करेगा।

     

  • आदिवी शेष ने दो अलग-अलग किरदारों को साथ निभाने पर की बात

    आदिवी शेष ने दो अलग-अलग किरदारों को साथ निभाने पर की बात

    मुंबई,

    अभिनेता आदिवी शेष इस समय दो बिल्कुल अलग दुनिया वाली फिल्मों ‘डकैत और जी 2’ में काम कर रहे हैं। इन दोनों प्रोजेक्ट्स के ज़रिए आदिवी शेष अपने अभिनय की अलग-अलग झलक दिखा रहे हैं।डकैत में वह एक देसी, ग्रामीण और भावनाओं से भरे किरदार में नज़र आएंगे। यह फिल्म कच्ची, धूल-भरी और कठोर दुनिया को दिखाती है, जहां उनका किरदार हालात और जज़्बात के बीच जीने की लड़ाई लड़ता है। यह कहानी भावनाओं और इंसानी संघर्ष पर आधारित है।वहीं जी 2 में उनका अंदाज़ बिल्कुल अलग है। इसमें वह एक स्मार्ट, स्टाइलिश और ग्लोबल इंटेलिजेंस स्पाई के रूप में नज़र आएंगे। यह किरदार दिमाग, रणनीति और बड़े स्तर की कहानी पर आधारित है।

    आदिवी शेष ने इन दोनों अलग किरदारों को एक साथ निभाने पर कहा, “मुझे सबसे ज़्यादा जो चीज़ उत्साहित करती है, वह है इन दोनों दुनियाओं का अलग होना। डकैत में सब कुछ भावनात्मक, सहज और पूरी तरह देसी है।यह जीने की जंग, दर्द और इंसानी फैसलों की कहानी है। वहीं जी2 में तरीका बिल्कुल अलग है। यह ज़्यादा रणनीतिक, नियंत्रित और इंटेलिजेंस पर आधारित है, जो एक स्टाइलिश और ग्लोबल दुनिया में सेट है। इन दोनों मानसिकताओं के बीच बदलाव करना रचनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण है, लेकिन यही मेरे लिए इस दौर को खास और संतोषजनक बनाता है।”
    एक तरफ मिट्टी और संघर्ष से जुड़ी कहानी, तो दूसरी तरफ इंटेलिजेंस और रणनीति की तेज दुनिया। आदिवी शेष एक बार फिर साबित कर रहे हैं कि वह अपनी पीढ़ी के सबसे बहुमुखी और दमदार कलाकारों में से एक हैं।

     

  • महंगाई की मार: Samsung के A और F सीरीज फोन हुए महंगे, OnePlus 15R की कीमत बढ़ने की अटकलें

    महंगाई की मार: Samsung के A और F सीरीज फोन हुए महंगे, OnePlus 15R की कीमत बढ़ने की अटकलें

    नई दिल्ली

    स्‍मार्टफोन ब्रैंड सैमसंग ने अपनी A और F सीरीज की डिवाइसेज को महंगा कर दिया है। टिप्‍सटर अभिषेक यादव ने यह जानकारी शेयर की है। बताया है कि आने वाले दिनों में OnePlus 15R के दाम भी करीब 4 हजार रुपये तक बढ़ाए जा सकते हैं। हालांकि वनप्‍लस की तरफ से आध‍िकारिक जानकारी इस बारे में नहीं आई है। बताया जा रहा है कि Samsung Galaxy A56, A36 और Galaxy F17 5G के मॉडलों की कीमत बढ़ाई गई है। बढ़े हुए दाम 25 फरवरी से लागू हो गए हैं। आइए जानते हैं कौन सा मॉडल कितना महंगा हुआ है।

    Smartphones A और F सीरीज की कीमतों में बढ़ोतरी
    टिप्‍सटर पर भरोसा किया जाए तो Galaxy A56 (8/256) की कीमत अब 44,999 रुपये हो गई है। इसमें 1 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। Galaxy A56 (12/256) के दाम अब 48,999 रुपये हो गए हैं। इसमें 2 हजार रुपये की बढ़ाेतरी हुई है। Galaxy A36 (8/256) मॉडल की कीमत 36,499 रुपये हो गई है जो पहले से 1 हजार रुपये अधिक है। Galaxy A36 (12/256) के दाम अब 40,499 रुपये हो गए हैं जो 2 हजार रुपये पहले से ज्‍यादा हैं।

    वहीं, Galaxy F17 5G (4/128) मॉडल के दाम अब 16,499 रुपये हैं। इन्‍हें 1 हजार रुपये बढ़ाया गया है। Galaxy F17 5G (6/128) के दाम अब 17,999 रुपये हैं। इन्‍हें 1 हजार रुपये बढ़ाया गया है। Galaxy F17 5G (8/128) के दाम अब 19,999 रुपये हो गए हैं। इन्‍हें 1,500 रुपये बढ़ाया गया है।

    OnePlus 15R भी होगा महंगा?
    टिप्‍सटर के दावों पर भरोसा किया जाए तो OnePlus 15R को भी महंगा किया जा सकता है। यह स्‍मार्टफोन वनप्‍लस की सबसे लेटेस्‍ट लॉन्‍च ड‍िवाइस है। भारत में इसे 47,999 की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था। अब कहा जा रहा है कि कंपनी 1 मार्च के इसके दाम बढ़ा सकती है। अभिषेक यादव ने अपडेटेड MOPs शेयर किए हैं। दावा है कि वनप्‍लस 15R को 4 हजार रुपये महंगा किया जा सकता है, जिसके बाद फाेन के दाम 51999 रुपये हो जाएंगे। यह 256 जीबी मॉडल की कीमत होगी। वहीं, 512 जीबी मॉडल के दाम बढ़ाकर 56999 रुपये किए जा सकते हैं।

    क्‍यों बढ़ रहे स्‍मार्टफोन्‍स के दाम?
    स्‍मार्टफोन्‍स की कीमतें बढ़ने की प्रमुख वजह रैम और स्‍टोरेज है। इनके दाम में बढ़ोतरी हो रही है। एआई के कारण दुन‍ियाभर की कंपनियां धड़ाधड़ रैम और स्‍टोरेज के लिए ऑर्डर दे रही हैं। हाल ही में WD यानी वेस्‍टर्न डिजिटल ने बताया था कि उसके पास स्‍टोरेज के अगले 1 साल के ऑर्डर आ गए हैं। इसका असर स्‍मार्टफोन की कीमतों में भी दिखाई दे रहा है।